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- -विधायक अनुज शर्मा ने हितग्राहियों को योजनाओं से संबंधित सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए-- जिले में हुआ प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का आगाजरायपुर / ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत आज धरसीवां ब्लॉक के नगर पंचायत कूंरा के सांस्कृतिक भवन में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभागों को शिकायत एवं मांग से संबंधित कुल 196 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 136 हितग्राहियों के आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। इनमें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, सिलाई प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, खातों की नकल, ऋण पुस्तिका सुधार, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर, कृषि दवाई, सिंचाई हेतु स्प्रेयर, श्रमिक कार्ड, धान बीज आदि शामिल हैं।विधायक श्री शर्मा ने शेष प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री नंदकुमार चौबे, जनपद सीईओ श्री आशीष केशरवानी, तहसीलदार श्री बाबूलाल कुर्रे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री दीपक शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया शुभारंभ, 7 लाख की लागत से सतनाम भवन सहित अन्य घोषणाएं*-शिविर में कुल 779 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 588 आवेदनों का मौके पर हुआ निराकरण*रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अभनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कठिया के हाई स्कूल प्रांगण में सुशासन तिहार 2026 के तहत पहले जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभागों को शिकायत एवं मांग से संबंधित कुल 779 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 588 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन कर शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में सुन्दरकेरा, तोरला, तामासिवनी, डोमा, उगेतरा, भुरका, चम्पारण, जौंदा, जौंदी, मंग्लोर, गिरोला, थनौद, टीला, डंगनिया, कठिया, नवागांव, पोंड़, जामगांव सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां अधिकारियों ने आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, 5 लोगों को आयुष्मान कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 5 राशन कार्ड, कृषि विभाग द्वारा 7 किसानों को बीज, समाज कल्याण विभाग द्वारा 5 ट्राइसाइकिल, 16 पेंशन प्रमाण पत्र, 1 श्रवण यंत्र और 1 व्हीलचेयर, तथा मनरेगा विभाग द्वारा 10 नए जॉब कार्ड वितरित किए गए।शिविर के दौरान अतिथियों द्वारा अभनपुर ब्लॉक के 28 विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। जिन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित दसवीं एवं 12वीं की परीक्षा में 90% से अधिक अंक प्राप्त किए थे उन्होंने श्रीफल एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 हफ्ते के अंदर आज प्राप्त सभी आवेदनों का समुचित निराकरण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई आवेदनकर्ता किसी वजह से योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नही है तो उसे सूचित किया जाए और कारण उसके आवेदन के निराकरण में स्पष्ट रूप से लिखा जाए।उन्होंने आमजन की मांग पर सतनाम भवन निर्माण हेतु 7 लाख रुपये, 3 नई पीडीएस दुकानें और तालाब सौंदर्यीकरण की घोषणा की।अभनपुर विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू ने कहा कि ऐसे शिविरों से लोगों को अपने क्षेत्र में ही समाधान मिल रहा है, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल ने बताया कि समाधान शिविरों के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस, जॉब कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरंजन, एसडीएम अभनपुर श्री रवि सिंह, महिला एवं बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, जिला खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा, संयुक्त संचालक समाज कल्याण श्री अरविंद गेडाम, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा डॉ. शंकरलाल उइके, सीईओ जनपद श्री दीपक ठाकुर सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- रायपुर / राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एन.टी.ए.) द्वारा आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा का आयोजन 03 मई 2026, रविवार को देशभर के साथ रायपुर जिले में भी किया जाएगा। परीक्षा के सुचारू एवं सफल संचालन हेतु नीट जिला समन्वयक एवं जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।बैठक में परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। परीक्षा के सफल संचालन हेतु सभी केंद्राध्यक्षों एवं पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें।जिला नोडल अधिकारी (एन.टी.ए.) ने जानकारी दी कि रायपुर जिले में कुल 26 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक रहेगा। परीक्षार्थियों को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके पश्चात किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। परीक्षा केंद्रों में नकल प्रकरणों की रोकथाम हेतु तकनीकी संसाधन भी स्थापित किए गए हैं, जिससे परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से हो सके। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षार्थियों से अपील की गई है कि वे समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचें तथा प्रवेश पत्र में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।बैठक में अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री राहुल देव शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती नंदनी ठाकुर, जिला नोडल अधिकारी (एन.टी.ए.) श्रीमती लक्ष्मी सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल, एन.आई.सी. के श्री पी.सी. वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामलों का होगा सरल समाधानरायपुर / न्याय को आमजन के लिए सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में भारत का सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 की अभिनव पहल शुरू की गई है। यह राष्ट्रीय स्तर का अभियान 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुका है, जिसका समापन 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगा।इस विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वाेच्च न्यायालय परिसर में किया जाएगा, जिसमें सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निराकरण किया जाएगा। यह पहल न्यायिक प्रक्रिया को अधिक मानवीय, समयबद्ध और कम खर्चीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।छत्तीसगढ़ में इस अभियान के अंतर्गत निर्देशानुसार सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला एवं जनपद स्तर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित मध्यस्थता केंद्रों में किया जा रहा है। इन केंद्रों में प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।समाधान समारोह के तहत सुलह-वार्ताएं 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारंभ हो चुकी हैं, जिनमें पक्षकार व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअल माध्यम से भी भाग ले सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या को कम करना तथा विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए वैकल्पिक और सरल मंच उपलब्ध कराना है। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं संबंधित सभी पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया है। छत्तीसगढ़ के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने मामलों का समाधान आपसी सहमति से कराने का प्रयास करें।समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) में अपने सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामलों को शामिल करने के लिए सर्वाेच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट https://www.sci.gov.in पर उपलब्ध गूगल फॉर्म को 31 मई 2026 तक भरना होगा। यह प्रक्रिया सरल एवं सहज है, जिससे कोई भी इच्छुक पक्षकार अपने मामले को इस विशेष पहल में शामिल कर सकता है। इस संबंध में किसी सहायता एवं जानकारी हेतु वन स्टाप सेंटर (वार रूम) इन-चार्ज समाधान समारोह (स्पेशल लोक अदालत) के दूरभाष नं. 011-23115662, 011-23116464 अथवा सीआरपी निदेशक के दूरभाष नं. 011- 23115652, 011- 23116465 पर अथवा वन स्टॉप सेंटर कक्ष क्रमांक 806 एवं 808, बी ब्लॉक, अतिरिक्त भवन परिसर, सर्वोच्च न्यायालय दूरभाष नं. 011- 23116464 पर सम्पर्क किया जा सकता है। मेल आईडी - [email protected] पर मेल भी कर सकते हैं।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई-शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में जनभागीदारी से मिली ऐतिहासिक उपलब्धिरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है।इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता “सबका साथ, सबका विकास” की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है।ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है।प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया।ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
- -बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हेतु एकजुट होकर काम करने की जरूरत: कृषि मंत्री रामविचार नेतामरायपुर /कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 3556 बीज उत्पादक किसानों को वित्तीय वर्ष 2024-25 का 8 करोड़ 01 लाख 97 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में ऑनलाईन अंतरित किया। यह राशि मंडी निधि के तहत हितग्राहियों को प्रदाय किया गया। इस मौके पर प्रदेश के सैकड़ों किसान प्रक्रिया केंद्रों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। मंत्री श्री नेताम ने बीज उत्पादक किसानों से चर्चा कर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए उनका हौसला बढ़ाया साथ ही निगम के एक वर्ष के उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार विशेष रूप से उपस्थित थीं।कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों ने अथक मेहनत एवं परिश्रम से बीज उत्पादन किया है। उनके इस मेहनत का फल उन्हें मिले इस उद्देश्य से प्रोत्साहन की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित किया गया। उन्होंने किसानों को धान के अलावा दलहन-तिलहन एवं मिलेट्स और सब्जी-भाजी व अन्य आय मूलक फसलें लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरमी के दिनों में धान की खेती से बचना चाहिए। क्योंकि इसमें पानी अधिक लगता है। हमें पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के प्रति भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धान की जगह किसानों को दलहन-तिलहन की खेती करनी चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। वहीं पानी की खपत भी कम होती है।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि बीज की गुणवत्ता पर सरकार की साख जुड़ी होती है। उन्होंने बीज उत्पादक किसानों को ईमानदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन बीज उत्पादन करने की अपील की। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रदेश किसानों के लगन और मेहनत से बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। सरकार की प्रतिबद्धता किसानों के लिए प्राथमिकता पर है। उन्होंने मिल-जुलकर छत्तीसगढ़ को कृषि उत्पादक राज्यों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और मंत्री श्री नेताम के मार्गदर्शन में निगम द्वारा समय पर बीज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जा रहा है। आगे भी प्रयास रहेगा कि समय पर किसानों के मेहनत का सम्मान हो। उन्होंनें कहा कि हमारी सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीद कर देश में किसानों का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस मौके पर किसानों की ओर से कुछ मांगे भी रखी, जिसका मंत्री श्री नेताम ने गंभीरता के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अजय अग्रवाल ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर कवर्धा, अंबिकापुर और रायपुर जिले के किसानों से चर्चा कर हालचाल जाना। किसानों ने वर्ष 2024-25 प्रोत्साहन राशि प्रदान करने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्री श्री रामविचार नेताम और निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -जिले में 2 हजार से अधिक कर्मी जनगणना में जुटे, डिजिटल मोड में हो रही जनगणनाबलौदाबाजार / राष्ट्रीय जनगणना कार्य क़ी शुरुआत कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में आज से बलौदाबाजार -भाटापारा जिला में हो गया। जनगणना के प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग का कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रगणक घर-घर पहुंचकर परिवारों से निर्धारित जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। यह कार्य पूरे मई माह तक संचालित किया जाएगा।जनगणना कार्य के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा।जनगणना कार्यक्रम के तहत प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल एप का उपयोग कर डिजिटल डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा पोर्टल पर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे। दोनों तरह से प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी। पहले यह कार्य पर्यवेक्षकों द्वारा किया जायेगा। साथ ही चार्ज अधिकारी भी मैदान में जाकर पुन: सत्यापन कर त्रुटियां ठीक करायेंगे। मकान सूचीकरण व गणना के लिये जिले में 1861 प्रगणक व मॉनिटरिंग के लिए 309 सुपरवाइजर क़ी ड्यूटी लगाई गई हैं।तहसीलदार व मुख्य नगर पालिका अधिकारी को चार्ज अधिकारी बनाया गया है।जिले में 9 तहसील व 8 नगरीय निकाय हैं।इस तरह जिले में कुल 17 चार्ज बनाए गए हैं।मकान सूचीकरण व गणना के लिये प्रत्येक चार्ज को हाउसलिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) में विभाजित किया गया हैं जिसमें एक एचएलबी में 150 से 180 मकान संख्या रखा गया है। 17 चार्ज में कुल 1978 एचएलबी बनाए गए हैं। प्रत्येक प्रगणक को एक या 2 एचएलबी गणणा हेतु आवंटित किया गया है।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार "सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ का आधार" अभियान के तहत् खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा गुरुवार को बलौदाबाजार शहर के 12 विभिन्न होटलों का जांच किया गया।इस दौरान जलेबी, बेसन लड्डू का नमूना संकलन कर विश्लेषण हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला प्रेषित् किया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार मानिकपुरी होटल, रास्थानी भोजनालय एवं स्वीट्स, दुर्गा कैंटीन एवं होटल, बीकानेर स्वीट्स, रूपड़ा मिष्ठान भंडार, भगवती भंडार एवं राजेश होटल सहित कुल 12 होटल व रेस्टॉरेंट का गहन निरीक्षण कर, जलेबी, बेसन लड्डू का नमूना संकलन कर विश्लेषण हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला प्रेषित् किया गया है, जांच रिपोर्ट प्राप्त होने उपरान्त आगे की कार्यवाही की जाएगी।खाद्य कारोबारकर्ताओं को दृश्यमान स्थान पर लायसेंस प्रदर्शित करने, साफ सफाई रखने, खाद्य पदार्थ को ढककर रखने व परोसने के लिए अखबारी पेपर का उपयोग नहीं करने, फर्मों में साफ पेयजल की व्यवस्थ्य करने, फूड हैंडलर्स का स्वास्थ्य परीक्षण कराने, हँड ग्लव्स एवं हेड कवर पहनने के निर्देश खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा दिये गये
- -कमियों को दूर करने व सुरक्षा उपाय का कड़ाई से पालन करने पर जोरबलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर जिले में स्थित सभी सीमेंट प्लांट एवं अन्य बड़े उद्योगो में को सेफ्टी ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान कोई दुर्घटना न हो इसके लिये कमियों को दूर करने व सुरक्षा उपाय का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया गया।सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा दिशा शुक्ला ने बताया कि सयंत्रो में सेफ्टी ड्रिल25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक किया गया।इस दौरान समस्त कारखाने के अधिकारी और कर्मचारियों कि समिति द्वारा सम्पूर्ण कार्यस्थलों का सुरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण कर जानकारी में आई कमियों को दूर किया गया।कारखानें में असुरक्षित स्थिति से बचाव हेतु कारखाने के फायर टीम, बचाव टीम, मेडिकल टीम व अन्य द्वारा भागीदारी करते हुये सुरक्षा अभ्यास किया गया।इसमें दुर्घटना को रोकने हेतु दल द्वारा सुरक्षा उपकरणों, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करते हुये सुरक्षित कार्यपद्धति के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला गया। श्रमिकों को श्रमिक दिवस पर बधाई एवं शुभकामना के साथ सेफ्टी ड्रिल कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
- -जिले में सुशासन तिहार का हुआ शुभारंभ,ग्राम रिसदा में पहला शिविर आयोजित-ग्रामीणों ने अपनी समस्या और शिकायत को लेकर दिये 573 आवेदन,मौक़े पर 270 निराकृत-विभिन्न योजना के तहत हितग्राहियों को किया गया लाभान्वितबलौदाबाजार / प्रदेश व्यापी सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जिले में शुक्रवार को जनसमस्या निवारण शिविर प्रारम्भ हुआ। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर कुलदीप शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने ग्राम रिसदा के हाई स्कूल प्रांगण में आयोजित शिविर में भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी क़ी छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पहला शिविर का शुभारम्भ किया। उन्होंने इस अवसर पर जल संरक्षण का शपथ भी दिलाया।इस शिविर में ग्राम रिसदा सहित 18 गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।शिविर में समस्या, मांग और शिकायत के कुल 573 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 270 का मौक़े पर ही निराकरण किया गया। जिन आवेदनों का निराकरण नहीं हो पाया उसे समय पर निराकृत कर आवेदक को सूचित करने के निर्देश दिये गए। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारियो ने अपने विभाग के कार्यों और संचालित योजनाओं क़ी जानकारी बारी -बारी से दी।मौक़े पर ही हितग्राहियों को विभिन्न योजना के तहत सामग्री, चेक और सम्मान पत्र दिया गया। इसमें खाद्य विभाग द्वारा 5 हितग्राहियो को राशन कार्ड, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 हितग्राहियो को आयुष्मान कार्ड व चश्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को मनरेगा जॉब कार्ड, पीएम आवास योजना के 5 हितग्राहियों को आवास क़ी चाबी, मछली पालन विभाग द्वारा 2- 2 हितग्राहियों को महाजाल व आइस बॉक्स, उद्यानिक़ी विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को फलदार पौधे,पुलिस विभाग द्वारा हेलमेट,भारत माता वाहिनी को सीटी व छड़ी, कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा 10 युवाओं को सम्मान पत्र, 5 टीबी मुक्त गांव के सरपंच को महात्मा गांधी क़ी प्रतिमा, समाज कल्याण विभाग द्वारा एक मोटराइज्ड ट्राईसिक,खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बच्चों को स्पोर्ट्स किट शामिल हैं।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है। यह वह अवसर है जब शासन और प्रशासन गांव में जाकर लोगों क़ी समस्या सुनते हैं और निराकरण करते हैं। शिविर में सभी विभाग के जिला अधिकारी मौजूद हैं किसी भी प्रकार क़ी समस्या होगी तों उसका समाधान यहीं हो जाएगा, जिला और लॉक कार्यालय जाने क़ी जरुरत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में विभागीय स्टॉल लगा हैं वहां जाकर अधिकारियो से मिलकर योजना क़ी जानकारी ले सकते हैं। आज इस शिविर में स्टॉल अवलोकन के दौरान अनेक हितग्राहियो को सामग्री, चेक का भी वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन क़ी सरकार लगातर विकास के कार्य कर रही है जिससे प्रदेश में चारों तरफ़ खुशहाली व समृद्धि है।कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय क़ी मंशानुरूप लोगों क़ी समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करने यह शिविर आयोजित क़ी गई है। उन्होंने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य समस्याओं का तत्काल निराकरण करना तथा जो शेष होग़ा उसका समय पर निराकरण कर सम्बंधित को सूचना देना है।उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार अंतर्गत जिले में 1 मई से 10 जून तक ग्रामीण क्षेत्रों में 30 एवं नगरीय निकायों में 19 स्थानों पर शिविर आयोजित होंगे।कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल,जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव ने भी सम्बोधित किया।हेल्थ कैम्प क़ी सुविधा - शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैम्प भी लगाया गया था जिसमें चिकित्सक सहित नर्स, फार्मासिस्ट एवं लैब टेक्निशियन क़ी टीम मौजूद थे। इसके साथ ही डिजिटल एक्सरे क़ी भी सुविधा थी। लोगों ने हेल्थ कैम्प में मुफ्त इलाज का लाभ लिया।इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, भारत स्काउट गाइड के उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, जनपद सदय पवन वर्मा,डीएफओ गणवीर धम्मशील, सुनीता वर्मा, रवि वर्मा,सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर दीप्ति गौते सहित सरपंच, अधिकारी -कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार / अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान वी -बी ज़ी राम जी के अंतर्गत अधिनियम के मुख्य बिंदुओं का श्रमिकों द्वारा सामूहिक वाचन किया गया, जिससे उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा सके।इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा मनरेगा श्रमिकों का सम्मान कर उनके श्रम, समर्पण एवं ग्रामीण विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की गई।साथ ही, “मोर गांव मोर पानी” अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने हेतु श्रमिकों द्वारा जल शपथ ली गई। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल के समुचित उपयोग एवं जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।यह कार्यक्रम श्रमिकों के सम्मान, अधिकारों की जानकारी एवं जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
- दुर्ग / सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर पंचायत धमधा के वार्ड क्र. 01 के डॉ. भीमराव आंबेडकर मांगलिक भवन में 02 मई 2026 शनिवार को जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया है। इस शिविर के अंतर्गत वार्ड क्र. 01 से 05 तक के लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
- दुर्ग / भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिले में भी दो चरणों में जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने शुक्रवार 1 मई को कलेक्टोरेट परिसर से जनगणना प्रचार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार रथ जिले के नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगा। इस अवसर पर एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी, नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव, तहसीलदार एवं जार्ज अधिकारी दुर्ग ग्रामीण श्री प्रफुल्ल कुमार गुप्ता, जनगणना सुपरवाईजर एवं प्रगणक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। कलेक्टर श्री सिंह ने जनगणना प्रचार रथ रवानगी के पश्चात तहसील दुर्ग ग्रामीण चार्ज अंर्तगत आने वाले ग्राम डूमरडीह जहां सीआईएसएफ आरटीसी कैम्प है, में भ्रमण कर जनगणना कार्य का अवलोकन किया। साथ ही सुपरवाईजर और प्रगणकों से कार्य प्रगति की जानकारी ली।उल्लेखनीय है कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत प्रगणकों द्वारा जनगणना संबंधित आवश्यक जानकारी ली जाएगी। इस दौरान मकान सूचीकरण के दौरान भवन संख्या, मकान के फर्श, दीवारों और छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री के साथ-साथ मकान के उपयोग और उसकी वर्तमान स्थिति का विवरण दर्ज किया जाएगा। परिवार संबंधी जानकारी के अंतर्गत परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, मुखिया की जाति श्रेणी (अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य), मकान के स्वामित्व की स्थिति, उपलब्ध कमरों की संख्या और परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या की जानकारी ली जाएगी। इसी प्रकार मूलभूत सुविधाओं के तहत पेयजल का मुख्य स्रोत व उसकी उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता व प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानघर की सुविधा, रसोईघर की स्थिति, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता और खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन के संबंध में प्रश्न पूछे जाएंगे। परिसंपत्तियों के विवरण में रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड और कार/जीप/वैन की उपलब्धता की जानकारी संकलित की जाएगी। इसके अतिरिक्त अन्य जानकारियों में परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज और जनगणना संबंधी संचार के लिए मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। ज्ञात हो कि यह चरण जनसंख्या गणना का आधार तैयार करता है, जिसमें नागरिकों की सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहेगी।
- दुर्ग / अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर दुर्ग स्थित सेवा सदन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने कर कमलों से हितग्राहियों को इलेक्ट्रिक चाक और अनुदान राशि का चेक वितरित किया। छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड (ग्रामोद्योग विभाग) के माध्यम से दुर्ग जिले के 21 पंजीकृत कुम्हारों को निःशुल्क इलेक्ट्रिक चाक वितरित किए गए। इस योजना से प्रत्येक परिवार के तीन सदस्य लाभान्वित होंगे, जिससे कुल 63 लोगों को स्वरोजगार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।इसके साथ ही कार्यक्रम में 200 ई-रिक्शा चालकों को पांच-पांच हजार रुपये की स्वेच्छानुदान राशि भी प्रदान की गई। इस सहायता से चालकों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार श्रमिकों और छोटे व्यवसायियों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि हर हाथ को रोजगार मिल सके। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के प्रबंधक श्री साकेत, श्री सुरेन्द्र कौशिक, श्री शिवेन्द्र परिहार, श्री कमलेश फेकर, श्री बंटी हरीश चौहान, श्री कौशल साहू, श्री महेन्द्र लोढ़ा, कुंभकार समाज के अध्यक्ष श्री इंद्र कंुभकार, पार्षद श्री मनीष साहू एवं श्री गोविंद देवांगन उपस्थित थे।
- दुर्ग। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर दुर्ग स्थित सेवा सदन में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहाँ प्रदेश के केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने श्रमिक साथियों के साथ सादगीपूर्ण वातावरण में बैठकर भोजन किये और उनके दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किये।कार्यक्रम के दौरान मंत्री गजेन्द्र यादव ने श्रमिकों के साथ जमीन से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर चर्चा किये। उन्होंने श्रमिकों से रोजगार की स्थिरता, दैनिक आय, श्रम परिस्थितियों, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, आवास, शिक्षा और जरूरतों से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी लिए। श्रमिकों ने भी अपने अनुभव, परेशानी और अपेक्षाएं साझा कर उन्हें जानकारी दिए, जिसे मंत्री ने गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के माध्यम से समाधान सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।कार्यक्रम में शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि श्रमिक हमारे समाज की रीढ़ हैं। उनके परिश्रम और समर्पण से ही विकास की मजबूत नींव तैयार होती है। श्रमिकों का सम्मान केवल एक दिवस तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रतिदिन सम्मान होना चाहिए।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार, श्रमिकों के कौशल विकास, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।इस अवसर पर मंत्री श्री यादव ने प्रदेश में आज से प्रारंभ हो रहे सुशासन तिहार की भी जानकारी दिए। उन्होंने बताया कि यह अभियान आम नागरिकों, विशेषकर श्रमिक वर्ग की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से शुरू किया गया है। शिविरों के माध्यम से लोगों की शिकायतें सीधे दर्ज की जाएंगी और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।कार्यक्रम में उपस्थित श्रमिकों ने मंत्री के साथ बैठकर भोजन करने के इस सादगीपूर्ण और आत्मीय पहल की सराहना किये। उन्होंने कहा कि इस तरह का संवाद उन्हें शासन से सीधे जुड़ने का अवसर देता है और उनकी आवाज को मजबूती मिलती है।मंत्री गजेन्द्र यादव ने सभी श्रमिकों को श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किये।
- कोंडागांव। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने आज जिला कार्यालय में जिले के सभी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर बोर्ड परीक्षा परिणाम की विस्तृत समीक्षा की। जिले के निराशाजनक परीक्षा परिणाम पर उन्होंने नाराज़गी व्यक्त करते हुए संबंधित प्राचार्यों को प्रदर्शन में सुधार के लिए सख्त निर्देश दिए।कलेक्टर द्वारा कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा खराब परिणाम के कारणों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही संबंधित प्राचार्यों की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिन विद्यालयों के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें तमरावंड, केरावाही, रांधना, भीरागांव, शामपुर, मालगांव, गोलावंड, मडानार, घोड़ागांव, माकड़ी, बड़े बंजोड़ा, बयानार, सेजेस तहसीलपारा कोंडागांव, नवागांव, बनियागांव, पल्ली, बफना, खड़पड़ी, काँगा, हसलनार, कन्या कोंडागांव, मसोरा, बाखरा, कीबाईबलेगा, मालाकोट, बांसगांव, मोहलाई, दाहिकोंगा, मडानार, सेजेस जामकोटपारा, करंजी, चिपावंड, डोंगरीगुड़ा, मटवाल, हासेल बाजार पारा, पीएमश्री महात्मा गांधी वार्ड तथा मुलमुला के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उक्त विद्यालयों के परीक्षा परिणामों की पुनः गहन समीक्षा की जाएगी और खराब प्रदर्शन के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने की स्थिति में संबंधित प्राचार्यों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रकार विकासखंड बड़े राजपुर एवं केशकाल के खराब प्रदर्शन वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। बैठक के दौरान एसडीएम श्री अजय उरांव, डिप्टी कलेक्टर सुश्री रश्मि पोया, डीएमसी श्री ईमल बघेल सहित सभी बीईओ एवं प्राचार्य उपस्थित रहे।
- -शिविर में 8 खेलों का दिया जाएगा प्रशिक्षणजशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में खेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। इसी क्रम में खेलों में रुचि रखने वाले तथा इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग जशपुर द्वारा एक सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 04 मई से जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन जिला मुख्यालय में किया जाएगा। इस शिविर में क्रिकेट, बास्केटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, वॉल क्लाइंबिंग, ताइक्वांडो, तीरंदाजी एवं कबड्डी जैसे विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।प्रशिक्षण शिविर 04 मई से प्रतिदिन प्रातः 07रू00 बजे से 09रू00 बजे तक आयोजित होगा। इसके अंतर्गत स्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम जशपुर, ताइक्वांडो हॉल, जय स्तम्भ चौक स्थित वॉल क्लाइम्बिंग हॉल तथा बैडमिंटन हॉल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी निर्धारित प्रपत्र में अपनी जानकारी भरकर पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन फार्म कार्यालय कलेक्टर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, जिला जशपुर कक्ष क्रमांक-108 से प्राप्त किए जा सकते हैं। file photo
- -फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना-फाइलेरिया उन्मूलन में BIHAN मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ पहल को नवाचार व जनभागीदारी के लिए सराहनारायपुर। जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित “National Summit on Innovation and Inclusivity – Best Practices Shaping India’s Future” में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है।फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में BIHAN (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। Mission Steering Group–Human Resource (MSG–HR) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें PCI India का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा।मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान के दौरान महिलाओं ने घर-घर पहुंचकर न केवल दवा सेवन सुनिश्चित कराया, बल्कि समुदाय में व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर किया। सामुदायिक बैठकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि दवा सेवन से इनकार करने वाले लगभग 74% लोगों को सहमति के लिए तैयार किया गया-जो इस मॉडल की सबसे बड़ी सफलता के रूप में उभरकर सामने आया।सम्मेलन में ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को भी एक प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल के रूप में विशेष सराहना मिली। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में संचालित इस अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) से समय पर जांच, त्वरित उपचार और Day-7 व Day-14 फॉलो-अप के माध्यम से पूर्ण इलाज सुनिश्चित किया गया।इस अभियान की खास उपलब्धि लक्षणहीन (Asymptomatic) मरीजों की पहचान रही, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में निर्णायक मदद मिली। इसके सकारात्मक परिणाम भी स्पष्ट रूप से सामने आए हैं-राज्य का API वर्ष 2019 में 1.97 से घटकर 2025 में 0.90 हो गया, जबकि बस्तर संभाग में यह 13.12 से घटकर 6.98 तक पहुंच गया।राष्ट्रीय मंच पर उपस्थित विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने छत्तीसगढ़ के BIHAN आधारित सामुदायिक मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली ये पहलें यह साबित करती हैं कि जनभागीदारी और स्थानीय रणनीतियों के माध्यम से जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान संभव है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी समुदाय आधारित, नवाचारयुक्त और क्षेत्र विशेष रणनीतियों को प्राथमिकता देते हुए जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा
- रायपुर ।लखनपुर में बिलासपुर नेशनल हाईवे- 130, राजपुरीकला स्थित ‘सदर साहू पेट्रोलियम’ का शुक्रवार को छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात मंत्री श्री अग्रवाल ने सबसे पहले अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाकर पेट्रोल पंप की सेवाओं का शुभारंभ किया।मंत्री श्री अग्रवाल ने पेट्रोल पंप के संचालक श्री सुरेश साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे 130 पर इस तरह की सुविधाओं के शुरू होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने क्षेत्र के विकास में निजी निवेश की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे प्रयासों को सराहनीय बताया। मंत्री श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। पेट्रोल पंप जैसे प्रतिष्ठान न केवल सुविधा प्रदान करते हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति देते हैं।कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री कमल भान सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं साहू समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस नई सुविधा के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
- -बलौदाबाजार जिले में जनसमस्या निवारण का महाभियान शुरू-10 जून तक चलेंगे शिविर,ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में कुल 49 स्थानों पर पहुंचेंगी 'समाधान की चौपाल-पहले शिविर में उमड़ा जनसैलाब, राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश- 'समय सीमा में हो हर आवेदन का निराकरण'रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार की 'सुशासन' को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 'सुशासन तिहार' के जरिए प्रशासन सीधे ग्रामीणों के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। शुक्रवार को ग्राम रिसदा से शुरू हुए इस अभियान ने पहले ही दिन सफलता के नए मानक स्थापित किए हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुस्कुराते हुए देखना है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर के बाद भी आवेदकों से फीडबैक लिया जाए कि वे समाधान से संतुष्ट हैं या नहीं।रिसदा के हाई स्कूल प्रांगण में लगे शिविर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी संवेदनशीलता रही। शिविर में आए 573 आवेदनों में से लगभग आधे का निराकरण राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में अधिकारियों ने तुरंत किया। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी मशीनरी अब फाइलों को अटकाने के बजाय सुलझाने पर ध्यान दे रही है। जिन आवेदनों में तकनीकी पेच हैं, उनके लिए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने समय-सीमा (Timeline) निर्धारित कर दी है।शिविर में केवल शिकायतें ही नहीं सुनी गईं, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का 'डिलीवरी सेंटर' भी बनाया गया। पुलिस विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा हेतु हेलमेट वितरण और भारत माता वाहिनी को संसाधन भेंट किए गए। इसी तरह युवाओं को कौशल विकास का सम्मान पत्र और टीबी मुक्त गांव के सरपंचों को महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट कर सामाजिक सहभागिता को सराहा गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर डिजिटल एक्स-रे और तत्काल आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा ने बुजुर्गों और मरीजों को बड़ी राहत दी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिवसीय आयोजन नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित अभियान है। जिले के 30 ग्रामीण केंद्रों और 19 नगरीय निकायों में सुशासन तिहार के जरिए प्रत्येक नागरिक की पहुंच प्रशासन तक सुनिश्चित की जाएगी। बलौदाबाजार से शुरू हुआ यह 'सुशासन का रथ' अब जिले के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। रिसदा शिविर की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन जन-प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बिठाकर गांव की चौपाल तक पहुंचे, तो बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान चुटकियों में संभव है।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में जिला दुर्ग के 6 वर्षीय 'गूगल बॉय ' रुद्र शर्मा ने अपने पालकों के साथ मुलाकात की।अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति से उसने हैरान कर दिया। राज्यपाल श्री डेका से मुलाकात के दौरान रुद्र ने सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।कक्षा पहली के छात्र रुद्र को यूपीएससी और पीएससी स्तर के प्रश्नों के उत्तर भी याद हैं। मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने उससे छत्तीसगढ़ के गठन, राज्य की विशेषताओं और भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका रुद्र ने बिना झिझक तुरंत सही जवाब दिया। रुद्र की तेज स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर राज्यपाल ने उसकी सराहना की। उन्होंने लोक भवन की ओर से रुद्र को प्रमाण पत्र प्रदान किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर रुद्र के माता श्रीमती पायल शर्मा के साथ उसके नाना श्री विनोद शर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने उसकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।
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-घर-घर पहुंच रहे प्रगणक, जिले में 4 हजार से अधिक कर्मी जनगणना में जुटे
-डिजिटल मोड में हो रही जनगणना, कलेक्टर ने लिया कार्य का जायजा
बिलासपुर / राष्ट्रीय जनगणना कार्य का शुभारंभ आज से बिलासपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में हो गया। जनगणना के प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग का कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रगणक घर-घर पहुंचकर परिवारों से निर्धारित जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। यह कार्य पूरे मई माह तक संचालित किया जाएगा।
कलेक्टर एवं जिले के प्रमुख जनगणना अधिकारी संजय अग्रवाल ने आज बिल्हा तहसील के ग्राम हिर्री पहुंचकर जनगणना कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर प्रगणक श्रीमती अंजुबाला जायसवाल से घर के मुखिया की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कराई। लगभग 5 मिनट में 33 बिंदुओं पर आधारित जानकारी ऑनलाइन पोर्टल में सफलतापूर्वक दर्ज की गई। जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने पर कलेक्टर ने घर के मुखिया श्री रामकृष्णा राजपूत को बधाई देते हुए कहा कि जनगणना देश के विकास और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जनगणना कर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर सहयोग करें।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जनगणना में दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। व्यक्तिगत आंकड़ों को किसी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जा सकता तथा यह सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी उपलब्ध नहीं कराई जाती। इन आंकड़ों का उपयोग केवल शासन की नीतियों एवं योजनाओं के निर्माण में किया जाता है। उल्लेखनीय है कि बिलासपुर जिले में जनगणना कार्य के लिए 4 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जिनमें लगभग 3500 प्रगणक एवं 500 सुपरवाइजर शामिल हैं। इसके पहले पिछले 15 दिन तक लोगों ने स्वगणना कर जानकारी पोर्टल में दर्ज की। जिले में 6 हजार से कुछ ज्यादा लोगों ने स्व गणना का लाभ उठाया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री शिवकुमार बनर्जी, तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी श्री राजेंद्र भारत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे - महासमुंद । अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आज महासमुंद के श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री रवि साहू सहित श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक साथी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सफाई कर्मी, मिशन क्लीन सिटी से जुड़े श्रमिक, भूमिहीन किसान मजदूर सहित विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं श्रम न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी द्वारा अपने उद्बोधन में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाने की शुरूवात एक मई 1886 से मानी जाती है जब अमेरिका की मजदूर युनियनों ने काम का समय 8 घंटे से अधिक ना रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। भारत में एक मई का दिवस सबसे पहले चेन्नई में 1923 को मनाना शुरू किया गया था। उस समय इसको मद्रास दिवस के तौर पर प्रमाणित कर लिया गया था। इसकी शुरूवात भारती मजदूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरावेलू चेटयार ने शुरू की थी। भारत में मद्रास के हाईकोर्ट सामने एक बड़ा प्रदर्शन किया गया और एक संकल्प पास करके यह सहमति बनाई गई कि इस दिवस को भारत में भी कामगार दिवस के तौर पर मनाया जाए और इस दिन छुट्टी का ऐलान किया जाए। इसके अलावा वेतन संहिता 2019 के संबंध में विस्तापूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि यह संगठित और असंगठित दोनों सेक्टर के सभी कर्मचारियों पर लागू नियमांे, न्यूनतम वेतन नियम, समय पर वेतन, बोनस, समान काम समान वेतन, ओवर समय का वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा एवं व्यवसायिक सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिए जाने वाले विधिक सलाह एवं सहायता के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवी चंद राठी, श्री महेंद्र सिक्का,अपर कलेक्टर श्री रवि साहू , श्रम पदाधिकारी श्री डी एन पात्र, टास्क फोर्स समिति सदस्य श्रीमती प्रेमशीला बघेल, विधायक प्रतिनिधि रेखा बेहरा सहित श्रम विभाग के कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक साथी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में सफाई कर्मी, मिशन क्लीन सिटी से जुड़े श्रमिक, भूमिहीन किसान मजदूर सहित विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवी चंद राठी ने श्रमिकों के योगदान को समाज और विकास की आधारशिला बताते हुए उनके कल्याण हेतु शासन द्वारा संचालित योजनाओं की सराहना की।टास्क फोर्स समिति सदस्य श्रीमती प्रेमशीला बघेल ने अपने संबोधन में श्रमिकों के सशक्तिकरण एवं उनके सामाजिक सुरक्षा अधिकारों पर बल दिया। वहीं श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने श्रम विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए श्रमिकों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।इस अवसर पर श्रमिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें रक्तचाप, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण सहित अन्य जांचें की गईं तथा आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों ने श्रमिकों के साथ बैठकर सामूहिक भोजन किया। कार्यक्रम में श्रमिकों के योगदान को सम्मानित करते हुए उनके अधिकारों एवं कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खनिज विभाग द्वारा गस्त के दौरान ग्राम चारभाठा, घुमका, पटेवा, बीजेतला में खनिजों के अवैध परिवहन एवं भण्डारण पर कार्रवाई की गई। इसके तहत घुमका में देवेन्द्र साहू के स्वामित्व की हाईवा सीजी 07 सीएक्स 9116 से ग्राम नंदनी निवासी वाहन चालक हीरा पटेल द्वारा रेत का अवैध परिवहन करने तथा फागू वर्मा के स्वामित्व की हाइवा सीजी 08 एई 2553 द्वारा रेत का अवैध भण्डारण से परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए थाना घुमका को सुपुर्द किया गया। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।
- -विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा हुए शामिल, हितग्राहियों को विभिन्न योजना अंतर्गत लाभ वितरित-मुख्यमंत्री के सुशासन में एक एक गांव का विकास होगा - विधायक श्री सिन्हामहासमुंद, / प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत आज महासमुंद विकासखंड के ग्राम बम्हनी में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवी चंद राठी ने की।इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती विजय लक्ष्मी जांगड़े, श्री माखन पटेल, श्री रूपरेला, श्री अरविंद प्रहरे, श्री शरद मराठा, श्री राजू चंद्राकर सहित अंचल के सरपंचगण, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री अक्षा गुप्ता एवं जनपद पंचायत सीईओ श्री मंडावी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।शिविर में 16 ग्राम पंचायतों—बिरकोनी, अछरीडीह, घोडारी, मुढेना, बेलसोडा, नांदगांव, बड़गांव, बरबसपुर, चिंगरौद, बम्हनी, बरोंडाबाजार, भलेसर, लाफिनखुर्द, लाफिनकला, खरोरा एवं साराडीह से प्राप्त कुल 1166 आवेदनों के निराकरण हेतु समाधान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में प्राप्त आवेदनों में से 548 का मौके पर निराकरण किया गया तथा शेष 618 आवेदनों के निराकरण की कार्यवाही समय सीमा में की जाएगी।कार्यक्रम के प्रारंभ में विधायक एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी ली गई। विधायक श्री सिन्हा ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।शिविर को संबोधित करते हुए विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप शासन-प्रशासन द्वारा गांव के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन के माध्यम से एक एक गांव का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा तथा विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है।उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, वात्सल्य योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से आमजन सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने श्रम विभाग की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील की।विधायक श्री सिन्हा ने क्षेत्र के विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि एनएच-353 से साराडीह तक 5.025 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु 9.26 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सभी के सहयोग की आवश्यकता बताई।उन्होंने कहा कि प्रत्येक 10 से 15 पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित कर समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। संवाद के माध्यम से ही समग्र समाधान संभव है। उन्होंने पेयजल, शिक्षा एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि बहमनी क्षेत्र में किसानों को रबी सीजन में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है तथा भविष्य में सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से प्रत्येक गांव तक पानी पहुंचाया जाएगा।नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवी चंद राठी ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की मंशा है कि जनता की समस्याओं का सरल एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने बताया कि वर्तमान बजट में क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।इस अवसर पर विधायक एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा हितग्राहियों को बैंक लोन का चेक , आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड, श्रमिक कार्ड, पेंशन स्वीकृति पत्र तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अभिनंदन पत्र एवं सुपोषण टोकरी वितरित किए गए। उद्यानिकी विभाग द्वारा छायादार एवं फलदार पौधों का वितरण भी किया गया।शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों का रक्त परीक्षण, ब्लड प्रेशर एवं मधुमेह की जांच की गई तथा आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति अभियान की शपथ भी दिलाई गई तथा पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।



























