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- - भव्य समारोह में रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 95 लाख रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी, पीएमएवाय व उज्जवला के हितग्राहियों को भी सौगात- महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारिणी ने विधायक राजेश मूणत को सौंपा अभिनंदन पत्ररायपुर। हम आज यहां अच्छी सोच को धरातल पर लाने के लिए एकत्रित हुए हैं। अगर अपने नेक इरादों से विकास कार्यों को करें, तो निश्चित ही वे पूरे होते हैं और काम ही नहीं करना है, तो भी हजार बहाने तैयार हैं। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह में अतिरिक्त कमरों के शिलान्यास समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर चिरहुलडीह वार्ड क्रमांक- 37 में 95 लाख रुपये की लागत से होने वाले अन्य विकास कार्यों का भी मूणत ने विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे के साथ लोकार्पण व भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में मंच पर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, पीडब्ल्यूडी प्रभारी दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य भोलाराम साहू, पार्षद आनंद अग्रवाल और महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र और उज्जवला योजना के आवेदनकर्ताओं को गैस कनेक्शन दिया।मूणत ने कहा कि हर कोई चाहता है कि उसके घर का आंगन साफ- सुथरा हो, लेकिन वहीं अपने आंगन का कचरा सामने नाली में डाल देता है। ऐसे में हमारा रायपुर स्वच्छ शहर कैसे बनेगा। अपने शहर के लिए हमें भी जागरूक रहना होगा, बाकी अफसरों से काम करवाना हमें आता है। 15 अगस्त से शासकीय भूमि पर बने आपके झोपड़ों के नियमितीकरण में भी कहीं कोई परेशानी आएगी तो हम पटवारियों से भी काम निकलवाना जानते हैं। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि जनता की सेवा ही जन प्रतिनिधियों का काम है। हम शासन से पैसा लाने का काम करते हैं, इसे किस कार्य में लगाना है कि यह जनता के माध्यम से ही तय होता है। आज 95 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास हो रहा है। इसके लिए मैं वार्ड पार्षदों के साथ जनता को बधाई देती हूं।मंडल के अध्यक्ष काले ने कहा कि सात माह पूर्व 31 दिसंबर 2025 को मूणत ने सियान गुड़ी का शुभारंभ करते हुए कहा था कि आज तक यहां दिव्यांग बच्चियों की सेवा हो रही थी, अब बुजुर्गों की भी सेवा होगी। इस मौके पर मूणत ने दिव्यांग बालिका विकास गृह के विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से 20 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। आज सात माह बाद यहां अतिरिक्त कक्ष के निर्माण कार्य का उन्होंने ही भूमिपूजन किया। इस मौके पर महाराष्ट्र मंडल ने विधायक राजेश मूणत को अभिनंदन पत्र भी सौंपा। कार्यक्रम को नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, एमआईसी सदस्य दीपक जायसवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने किया।
- -खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने की कार्रवाई, औषधियों के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगेबिलासपुर । नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार जिले में अवैध औषधि कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में तखतपुर विकासखंड के ग्राम खमरिया में बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के औषधियों के भंडारण के मामले में कार्रवाई की गई।औषधि प्रशासन विभाग को प्राप्त सूचना के आधार पर सोमू मेडिकल स्टोर्स, खमरिया के पीछे स्थित क्लीनिक की जांच की गई। जांच के दौरान बीरेन्द्र मलिक द्वारा बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के 36 प्रकार की औषधियों का भंडारण किया जाना पाया गया। यह औषधि अधिनियम, 1940 के प्रावधानों का उल्लंघन है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर औषधियों की जांच की और बिना अनुज्ञप्ति के रखी गई औषधियों को विधिवत जब्त किया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत औषधियों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। प्रकरण में नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जा रही है।यह कार्रवाई सीएमएचओ डॉक्टर शुभा गरेवाल के मार्गदर्शन एवं सहायक औषधि नियंत्रक श्री भीष्म देव सिंह के नेतृत्व में औषधि निरीक्षक श्री सुनील पंडा द्वारा की गई।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के औषधियों का क्रय-विक्रय अथवा भंडारण नियमों का उल्लंघन है। ऐसी गतिविधियों पर विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिले के औषधि व्यवसायियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल वैध अनुज्ञप्तिधारी औषधि विक्रेताओं से ही दवाइयां खरीदें। बिना अनुज्ञप्ति औषधियों के भंडारण अथवा विक्रय से संबंधित जानकारी मिलने पर इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
- बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में अमरूद का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वृक्ष हमारे पर्यावरण की अनमोल धरोहर हैं। पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और उनका संरक्षण भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर पर्यावरण तैयार कर सकते हैं। हरियाली बढ़ेगी, तो हमारा पर्यावरण भी स्वस्थ और सुंदर बनेगा।उन्होंने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों और युवाओं की पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में भागीदारी से इस अभियान को और व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है।कार्यक्रम में विधायक श्री सुशांत शुक्ला, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री ललित प्रकाश पटैरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल सहित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1400 से अधिक महिला कर्मचारियों का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य एवं कैंसर जांच-जिला प्रशासन के नवाचारों से आमजनों को मिल रहा लाभ - श्री राजेंद्र कटारा-शासकीय कार्य के साथ स्वास्थ्य भी ज़रूरी, समय पर जांच से संभव है कैंसर का ईलाज - कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत ‘प्रोजेक्ट अभया’ का शुभारंभ किया गया। इसके तहत आज सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विभिन्न विभागों की महिला कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों का स्वास्थ्य एवं कैंसर जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 1400 से अधिक महिलाओं ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुष संचालनालय के डायरेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार कटारा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न वर्गों तक लाभ पहुंचाने के लिए नवाचार किए जा रहे हैं। ‘प्रोजेक्ट अभया’ उसी का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें घर एवं कार्यालय के काम में व्यस्त रहने के कारण अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पातीं। इसी को ध्यान में रखकर 40 वर्ष से अधिक की शासकीय महिला कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए ब्रेस्ट कैंसर, ओरल और सर्वाइकल कैंसर की निःशुल्क जांच की व्यवस्था की गई है।उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी का समय पर पता चलना बहुत जरूरी है। कैंसर जैसी बीमारी का जितना जल्दी पता चलेगा, उतना ही इलाज आसान होगा। महिलाओं से अपील की कि वे बढ़-चढ़कर जांच कराएं और स्वस्थ रहें।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट अभया’ के माध्यम से 40 वर्ष से अधिक की महिलाओं का ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर की निःशुल्क स्क्रीनिंग की जा रही है। यह शिविर आगामी दिनों में जिले के सभी ब्लॉकों में भी लगाया जाएगा, ताकि सभी शासकीय महिला कर्मचारियों की जांच हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाएं अन्य कार्यों में व्यस्त रहने के कारण अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। समय से पहले बीमारी का पता चलने पर उसका इलाज कराना आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘प्रोजेक्ट सहारा’ कार्यक्रम में जिला प्रशासन के नवाचारों की सराहना की थी।कलेक्टर ने सभी को स्वस्थ रहने और शासकीय कार्यों में बेहतर योगदान देने की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई भी दी।नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की निःशुल्क जांच एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सराहनीय पहल है।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि शासकीय कर्मचारी हमेशा कार्य को प्राथमिकता देते हैं। इसी को देखते हुए ‘प्रोजेक्ट छांव’ के बाद अब "प्रोजेक्ट अभया" शुरू किया गया है। आने वाले समय में इसका विस्तार ब्लॉक स्तर तक किया जाएगा। शिविर में मैमोग्राफी, पैप स्मीयर, सोनोग्राफी, टीबी जांच, बोन डेंसिटी, ईसीजी, इको, ब्लड टेस्ट, RFT, LFT, Vitamin D3, B12, HbA1c, शुगर सहित अन्य जांचें की गईं।ओपीडी में शिशु रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, कैंसर रोग, मेडिसिन, किडनी, न्यूरोलॉजी, मेंटल हेल्थ, गैस्ट्रो, स्त्री रोग, कान, नाक, गला, कार्डियोलॉजी, जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, BMD टेस्ट, अस्थि रोग, प्रधानमंत्री डायलिसिस योजना आदि के विशेषज्ञों ने परामर्श दिया। निजी अस्पतालों एवं जिला अस्पताल के डॉक्टरों एवं स्टाफ ने सेवाएं दीं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा उपस्थितजनों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -1190 से अधिक लोगों ने लिया निःशुल्क जांच एवं उपचार का लाभरायपुर । आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की योजनानुसार जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन सांस्कृतिक भवन, डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड, रायपुर में किया गया। शिविर का आयोजन कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी एवं विशिष्ट अतिथि पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।शिविर प्रभारी डॉ. भूपेन्द्र जांगड़े ने बताया कि शिविर में कुल 1190 मरीजों को निःशुल्क जांच एवं दवाइयों का वितरण किया गया। जिनमें आयुर्वेद से 752, होमियोपैथी से 63 एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से 52 मरीजों की जाँच एवं उपचार किया गया। शिविर में 207 लोगों के बीपी की जाँच, 105 लोगों का शुगर जाँच, सीताराम दंत चिकित्सालय टीम द्वारा 65 लोगो का दंत रोग जांच, सहित एमजीएम नेत्र संस्थान टीम द्वारा 184 लोगों का नेत्र जाँच किया गया जिसमें 156 को निःशुल्क चश्मा वितरण एवं 8 लोगो का मोतियाबंद के लिए पंजीकृत किया गया। बालकों संस्थान टीम द्वारा 74 का कैंसर हेतु परीक्षण किया गया। साथ ही 450 लोगों को आयुष काढ़ा का वितरण किया गया। शिविर में बालकों कैंसर हॉस्पिटल, एमजीएम नेत्र संस्थान एवं सीता मेमोरियल दंत चिकित्सालय की टीमों ने अपनी सेवाएं दीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विभिन्न रक्त जांच एवं चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की गईं।शिविर में औषधीय पौधों की पहचान एवं घरेलू उपचार विषय पर प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी ब्रोशर एवं पाम्पलेट भी वितरित किए गए।शिविर को सफल बनाने में जिला आयुष अधिकारी डॉ. स्वाती रावत, शिविर सह प्रभारी डॉ. शगुफ्ता कुरैशी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रशांत रावत सहित जिले के आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं योग चिकित्सकों, फार्मासिस्ट, औषधालय सेवकों एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- -वल्लभ नगर केंद्र की पहल पर संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शुरू हुए संस्कार केंद्र का प्राचार्य गोवर्धन ने किया शुभारंभरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के वल्लभ नगर केंद्र की ओर से शनिवार को बाल संस्कार केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रियदर्शिनी नगर स्थित संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शुरू हुए केंद्र का शुभारंभ प्राचार्य मनीष गोवर्धन व उप प्राचार्य राहुल वोड़ितलवार ने मां सरस्वती की फोटो पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्कार केंद्र के पहले दिन ही बच्चों ने अपना परिचय देते हुए अपने भविष्य की योजना के बारे में भी बताया।महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि रोचक सवाल- जवाब के दौरान किसी बच्चे ने कहा कि वो डॉक्टर बनाना चाहता हैं, तो कोई पुलिस अफसर, वकील और इंजीनियर। छोटे- छोटे बच्चों की सोच और उनका लक्ष्य बहुत बड़ा था, जो सुनने में भी सभी को अच्छा लगा। हमारे साथ शोभा मोहता भी बाल संस्कार केंद्र की विशेषता की तरह साथ रहीं, जिन्होंने बस्तर में उन बच्चों को पढ़ाया, जिन्हें नक्सलियों के दहशतभरे वातावरण में बिल्कुल भी लिखना- पढ़ना नहीं आता था।वल्लभ नगर केंद्र की कांचन पुसदकर, प्रीति केसकर, अपर्णा देशमुख, प्राजक्ता पुसदकर सहित कई महिला सभासद भी इस अवसर पर मौजूद रहीं। सभी ने नौनिहालों को बेहतर संस्कार देने का संकल्प एक बार फिर दोहराया। बच्चों की रुचि केंद्र में बनी रहे, इसके लिए उन्हें खेल खिलाकर पुरस्कृत किया गया। उन्हें टॉफी देकर लगातार संस्कार केंद्र में आने के लिए लुभाया भी गया।
- -प्रदेश के 1.10 करोड़ बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर कृमि संक्रमण से बचाने का अभियान-राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर राज्यभर में चलेगा विशेष अभियान, अभिभावकों से बच्चों को दवा अवश्य खिलाने की अपीलरायपुर। बच्चों की सेहत, पढ़ाई और बेहतर भविष्य के रास्ते में सबसे बड़ी लेकिन अक्सर अनदेखी समस्या है पेट में होने वाला कृमि संक्रमण। यही संक्रमण कई बार बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, भूख न लगना, बार-बार बीमार पड़ना तथा पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का कारण बनता है। इन चुनौतियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्यभर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई जाएगी।स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य केवल कृमि संक्रमण का उपचार करना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर पोषण, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना भी है। अभियान के तहत प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ बच्चों एवं किशोर किशोरियों तक पहुंच उन्हें कृमि मुक्ति हेतु एल्बेंडाजोल खिलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर दवा सेवन करवाने की व्यवस्था की गई है।कृमि संक्रमण मुख्य रूप से अस्वच्छ वातावरण के कारण फैलता है। ये संक्रमण आमतौर पर खुले में शौच और खराब स्वच्छता के कारण मिट्टी के संक्रमित होने, संक्रमित मिट्टी के संपर्क के बाद बिना हाथ धोए भोजन करने, दूषित पानी पीने या दूषित भोजन खाने, मानव मल से दूषित मिट्टी पर नंगे पैर चलने तथा शौच के बाद हाथ नहीं धोने जैसी परिस्थितियों में फैलते हैं। संक्रमण होने पर बच्चों के शरीर को भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाएं नियमित दवा सेवन को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी उपाय मानती हैं।अभियान के अंतर्गत 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को पूरी गोली निर्धारित मानकों के अनुसार खिलाई जाएगी। दवा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगरानी में खिलाई जाएगी, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम न मानें, बल्कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखें। यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं खा पाता है, तो उसे मॉप-अप दिवस 17 अगस्त को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। इस दवा सेवन से बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उनकी शैक्षणिक क्षमता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसलिए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं मॉप-अप दिवस पर कृमिनाशक दवा अवश्य खिलाने का आग्रह किया गया है।
- -अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथनरायपुर । प्रदेश के शिक्षकों के लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानांतरण को लेकर आखिरकार शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। स्थानांतरण के लिए तैयार की गई सूची में व्यापक स्तर पर छंटनी और परीक्षण के बाद अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।विभागीय स्तर पर तैयार की गई प्रारंभिक सूची में करीब 1,600 शिक्षकों के नाम शामिल थे। इसके बाद सूची की समीक्षा करते हुए समन्वय से संख्या कम करने के निर्देश दिए गए और करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई। अंतिम परीक्षण में भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब 400 नामों को सूची से बाहर कर दिया गया। इसके बाद शेष शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।इन मामलों में नहीं हुआ स्थानांतरण-शिक्षा विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता दी गई। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक, ऐसे शिक्षक जिनके स्थानांतरण से विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरण तथा अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों का परीक्षण करते हुए उन्हें अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया।विभाग का स्पष्ट मानना रहा कि किसी शिक्षक के स्थानांतरण के कारण विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।अनुशंसा और प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार हुई थी सूची। सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों एवं विभिन्न स्तरों से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक सूची से लेकर अंतिम सूची तक कई स्तरों पर जांच के बाद करीब 400 नामों को हटाया गया।अब अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर चल रहा इंतजार समाप्त हो गया है।अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथनशिक्षक स्थानांतरण की वर्तमान प्रक्रिया के बाद शिक्षा विभाग अब भविष्य की स्थानांतरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं तकनीक आधारित बनाने पर भी विचार कर रहा है। विभागीय स्तर पर शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की व्यवस्था लागू करने को लेकर मंथन जारी है।यदि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होती है तो शिक्षक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन, आवेदन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में अन्य राज्यों में लागू ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणालियों का भी अध्ययन किया जा रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं के परीक्षण के बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अंतिम सूची में शामिल शिक्षकों के आदेश जारी हो चुके हैं, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों की नजरें अब नए पदस्थापना स्थल पर टिक गई हैं।
- -3.91 करोड़ रुपए का स्टॉपडेम बना नारायणपुर में किसानों की समृद्धि का आधाररायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में गढ़बेंगाल में स्टॉपडेम का निर्माण जल संरक्षण और कृषि विकास के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे भूजल स्तर में सुधार होता है और किसानों को सालभर सिंचाई के लिए पानी मिलता है। नारायणपुर जिले के गढ़बेंगाल और कुम्हली गांव के खेतों में अब हर मौसम में हरियाली लहलहाएगी। जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में लगभग 3.91 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किए गए गढ़बेंगाल स्टॉपडेम ने क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि विकास की एक नई इबारत लिख दी है। वर्षा जल के संचयन और बेहतर प्रबंधन का यह प्रयास अब नारायणपुर के वनांचल में टिकाऊ खेती और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन चुका है।जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित बारिश के कारण उपजे जल संकट से निपटने के लिए निर्मित यह स्टॉपडेम अब क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इसके बनने से गढ़बेंगाल और कुम्हली गांव की लगभग 105 हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधी सिंचाई सुविधा मिलने लगी है। सिंचाई की सुनिश्चित व्यवस्था होने से किसान अब केवल खरीफ फसल के भरोसे रहने के बजाय रबी सीजन में भी गेहूं, तिलहन और सब्जियों का बेहतर उत्पादन लेने के लिए उत्साहित हैं। पानी की निरंतर उपलब्धता से प्रति एकड़ फसल उत्पादकता बढ़ने के साथ ही किसानों की आय और खेती के प्रति उनका विश्वास दोनों मजबूत हो रहे हैं।यह स्टॉपडेम न केवल खेतों को सींच रहा है, बल्कि क्षेत्र के पारिस्थितिकी संतुलन और दैनिक जीवन को भी संबल दे रहा है। बहते हुए वर्षा जल के रुकने से आसपास के क्षेत्र में रीचार्जिंग तेजी से बढ़ी है, जिससे भू-जल स्तर में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, तेज बारिश के दौरान पानी के अनियंत्रित बहाव को नियंत्रित कर मिट्टी के कटाव को रोका जा सका है, जिससे भूमि की उपजाऊ क्षमता बनी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों और मवेशियों के लिए वर्षभर निस्तारी जल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होने से दैनिक जीवन की पानी संबंधी जरूरतें भी आसानी से पूरी हो रही हैं।गढ़बेंगाल स्टॉपडेम की सफलता के पीछे स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी और सजगता भी एक महत्वपूर्ण कड़ी रही। निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीणों के सतत सहयोग से ही यह परियोजना समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो सकी। जल संरक्षण के इस सामूहिक प्रयास ने स्थानीय लोगों में जल संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का नया संचार किया है।गढ़बेंगाल स्टॉपडेम ने यह साबित कर दिया है कि यदि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर सही संचयन किया जाए, तो वह न केवल भू-जल स्तर और कृषि उत्पादकता को बढ़ा सकता है, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। जल संसाधन विभाग का यह प्रयास नारायणपुर जिले के सतत एवं समग्र विकास का एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
- -ऑयल पाम से लेकर आम-लीची, स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी की खेती से बढ़ी आय-राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिला 14.20 लाख रुपए का अनुदान, एकीकृत कृषि प्रणाली बनी समृद्धि का आधाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ उद्यानिकी, संरक्षित खेती और फसल विविधीकरण को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए अपनी आय के नए स्रोत तैयार कर रहे हैं। जशपुर जिले के ग्राम पतराटोली के किसान श्री अनारथ साय ऐसे ही प्रगतिशील कृषक हैं, जिन्होंने उद्यानिकी आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाकर खेती को आर्थिक मजबूती का आधार बनाया है।किसान श्री अनारथ साय ने उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ लेते हुए राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत एक एकड़ क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित कर संरक्षित खेती की शुरुआत की है। इसमें वे ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक तकनीक से खेती कर रहे हैं। संरक्षित वातावरण में फसल उत्पादन से बेहतर गुणवत्ता, मौसम के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षा और उत्पादन प्रबंधन में सुविधा मिल रही है।शेडनेट हाउस की स्थापना में कुल 28 लाख 40 हजार रुपए की लागत आई, जिसमें उद्यानिकी विभाग की ओर से 14 लाख 20 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया गया। विभागीय सहयोग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसान ने खेती को नई दिशा दी है।श्री अनारथ साय उद्यानिकी विभाग से लाभ लेकर ऑयल पाम की खेती भी कर रहे हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन सहित विभिन्न उद्यानिकी योजनाओं से मिले प्रोत्साहन ने उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर लाभकारी एवं दीर्घकालिक फसलों को अपनाने का अवसर दिया है। ऑयल पाम जैसी फसल को अपनाकर किसान अपनी कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर रहे हैं और भविष्य के लिए स्थायी आय का आधार तैयार कर रहे हैं। किसान श्री अनारथ साय ने समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत 2 हेक्टेयर क्षेत्र में आम एवं लीची का बगीचा भी विकसित किया है। फलदार पौधों की यह बागवानी उन्हें आने वाले वर्षों में निरंतर उत्पादन और आय का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने मुख्य उद्यानिकी फसलों के बीच उपलब्ध खाली भूमि का भी बेहतर उपयोग किया है। यही सोच उनकी खेती को एकीकृत एवं बहुआयामी बनाती है।श्री अनारथ साय ने बागवानी फसलों के बीच खाली स्थान का सदुपयोग करते हुए अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) को अपनाया है। वे स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी जैसी फसलों का उत्पादन भी कर रहे हैं।इससे एक ओर भूमि का अधिकतम उपयोग हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग फसलों से अलग-अलग समय पर आय प्राप्त हो रही है। किसान का यह प्रयोग जशपुर के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है। किसान श्री अनारथ साय का मानना है कि एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न फसलों को एकीकृत रूप से अपनाने से खेती में जोखिम कम किया जा सकता है और आय के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। उनके अनुसार कम लागत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए वर्षभर आय प्राप्त करने की दिशा में एकीकृत कृषि प्रणाली बेहद उपयोगी है।श्री अनारथ साय की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान आधुनिक तकनीक, संरक्षित खेती, उद्यानिकी और फसल विविधीकरण को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। जशपुर जैसे कृषि प्रधान जिले में ऐसे प्रगतिशील किसान न केवल स्वयं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि आसपास के किसानों को भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई तकनीकों और लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जशपुर में उद्यानिकी और संरक्षित खेती का बढ़ता दायरा किसानों की आय में वृद्धि के साथ जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई पहचान दे रहा है।
- - एचपीवी टीकाकरण अभियान को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन-कोरिया और बलरामपुर ने किया लक्ष्य के विरुद्ध किया 100 प्रतिशत टीकाकरण-सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ छत्तीसगढ़ की मजबूत ढाल, अब तक 1.66 लाख से अधिक को लगे टीकेरायपुर । प्रदेश में 14 वर्षीय बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। राज्य में अब तक 1.66लाख से अधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों, समुदायों और अभिभावकों के साथ किए जा रहे सतत संवाद तथा व्यापक जनजागरूकता प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगे हैं।अभियान के दौरान प्रदेश के कोरिया और बलरामपुर जिले लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत टीकाकरण उपलब्धि हासिल कर राज्य के लिए मिसाल बनकर उभरे हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से सभी पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण का लाभ पहुंचाया गया है। इन उपलब्धियों ने अन्य जिलों के लिए भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हालांकि किसी भी नए टीकाकरण अभियान की तरह प्रारंभिक चरण में यहां भी कई अभिभावकों ने टीके की सुरक्षा, आवश्यकता और प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद अपनी सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार किए गए संवाद और जागरूकता प्रयासों के बाद अब टीकाकरण की गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालिकाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष संपर्क अभियान, अभिभावक बैठकें, स्कूल स्तरीय संवाद कार्यक्रम तथा घर-घर पहुंचकर परामर्श गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार नए लाभार्थी अभियान से जुड़ रहे हैं और टीकाकरण का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है।एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव का प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता को मान्यता प्रदान की गई है। यही कारण है कि दुनिया के अनेक देशों में यह टीकाकरण नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाना है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेशभर में टीकाकरण और जनजागरूकता गतिविधियों को समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शेष पात्र बालिकाओं तक भी टीकाकरण का लाभ पहुंचाते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।कोरिया और बलरामपुर जैसे जिलों की शत-प्रतिशत उपलब्धि तथा अन्य जिलों में लगातार बढ़ती प्रगति इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ की जनता अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित भविष्य देने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही है।
- - रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का शुभारंभ-राशन की कतार से मिलेगी मुक्ति, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए 24×7 घंटे खाद्यान्न- मंत्री दयालदास बघेलरायपुर / छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज प्रदेश के पहले तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस नवाचार के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पीडएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल है। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर राशनकार्डधारी को अपना आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इस सुविधा से उचित मूल्य की दुकानों में राशन लेने के लिए लगने वाली कतार और समय की बाध्यता से हितग्राहियों को राहत मिलेगी।अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की खासियत यह है कि छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ.साथ अन्य राज्यों के राशनकार्डधारी भी ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड‘ योजना के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों के लिए भी राशन प्राप्त करना आसान होगा।अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम वर्तमान में उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी ग्रेन एटीएम संचालित करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। प्रदेश में तीन ग्रेन एटीएम की शुरुआत पीडीएस व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग पूर्णतः स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी। इससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा।खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब हितग्राही अपने अन्य कार्यों के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के उपयोग से समय की बचत होगी और उचित मूल्य दुकानों में भीड़ तथा कतार की समस्या कम होगी। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। तकनीक आधारित यह पहल हितग्राहियों को समय की बचत के साथ सम्मानजनक तरीके से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा देगी और पीडीएस में पारदर्शिता को नई मजबूती प्रदान करेगी।वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नजी़नो हॉसीमोनी ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस नवाचार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य सरकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने इसे पारदर्शी एवं प्रभावी पीडीएस प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक श्री मोती लाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी श्रीमती इफ्फत आरा, अपर संचालक श्री नीलिमा एल्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित थे।
- रायपुर/ ग्लोबल ट्रैवल एसोसिएशन (जीटीए) के अध्यक्ष श्री मनीष जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने, राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने तथा पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हुए राज्य की एयर कनेक्टिविटी, सड़क संपर्क, पर्यटन अवसंरचना के विकास, प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। जीटीए प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न सुझाव मंत्री श्री अग्रवाल के समक्ष रखे।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर संपर्क व्यवस्था तथा पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पर्यटन के समग्र विकास के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।मुलाकात के दौरान जीटीए के महासचिव श्री शुभम अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष श्री राहुल वासवानी ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को 22 अगस्त को आयोजित होने वाले जीटीए कान्क्लेव में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया। मंत्री श्री अग्रवाल ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति के लिए सहर्ष सहमति प्रदान की। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य शासन के सहयोग एवं पर्यटन विभाग के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की दिशा में निजी क्षेत्र और पर्यटन उद्योग के बीच समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी। बैठक में जीटीए के सदस्य श्री आकाश दुधानी, श्री आकाश अग्रवाल, श्री अंशुल खरे, श्री सनी बंसल, श्री प्रणय एवं श्री आयुष बजाज उपस्थित रहे।
- -एस. सत्यम ने घर पर लगवाया 3 किलोवाट का सोलर पैनल-सौर ऊर्जा से घरेलू बिजली जरूरतें पूरी होने के साथ स्वच्छ और हरित ऊर्जा को मिल रहा बढ़ावारायपुर । प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आम नागरिकों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के साथ-साथ बिजली खर्च में राहत देने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना का लाभ उठाकर दुर्ग जिले के प्रगति नगर, रिसाली निवासी श्री एस. सत्यम ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया है। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके घर की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा हो रहा है, जिससे बिजली खर्च में कमी आई है और हर महीने आने वाले बिजली बिल की चिंता भी काफी हद तक दूर हुई है।श्री एस. सत्यम बताते हैं कि पहले हर महीने बिजली बिल को लेकर चिंता बनी रहती थी। घर की बिजली जरूरतों के अनुसार बिल में होने वाले उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाना मुश्किल होता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित होने के बाद अब बिजली की जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा हो रहा है। इससे उन्हें बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। श्री सत्यम का कहना है कि सोलर पैनल लगवाना उनके लिए आर्थिक रूप से लाभकारी निर्णय साबित हुआ है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि घर की छत पर उपलब्ध स्थान का उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकता है, जिससे परिवार के बिजली खर्च को कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है। श्री एस. सत्यम ने अन्य नागरिकों से भी प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाना केवल बिजली खर्च में बचत का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ पर्यावरण और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
- -ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर गांधीनगर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागिता-देशभर से पहुंचे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने राज्य के पर्यटन वैभव को सराहारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्यटन विकास, अधोसंरचना विस्तार और व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राज्य के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं रोमांचक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुजरात के गांधीनगर में 6 से 8 अगस्त तक आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागिता राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देशभर के पर्यटन बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनी है।देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन प्रचार आयोजनों के माध्यम से पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने वाली संस्था फेयर फेस्ट मीडिया द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण पर्यटन मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पर्यटन विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, जलप्रपातों, वन क्षेत्रों और रोमांचक पर्यटन स्थलों की जानकारी देशभर से पहुंचे पर्यटन व्यवसायियों एवं प्रतिनिधियों तक पहुंचाई जा रही है।ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 ट्रैवल एजेंट एवं होटल व्यवसायियों ने भी सहभागिता की है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को पर्यटन उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे यात्रा संचालकों, ट्रैवल एजेंटों, होटल व्यवसायियों तथा पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ पवेलियन का निरंतर भ्रमण किया जा रहा है। आगंतुकों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सुविधाओं, भ्रमण की संभावनाओं तथा विभिन्न पर्यटन गंतव्यों की विशेषताओं की जानकारी दी जा रही है।छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को प्रभावी और आकर्षक तरीके से प्रदर्शित करने के साथ ही राज्य के साथ गए पर्यटन व्यवसायियों के लिए बेहतर बैठक एवं व्यावसायिक संवाद की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियन तैयार कराया गया है।पवेलियन में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, प्रमुख पर्यटन स्थलों और पर्यटन की विविध संभावनाओं को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया है। पवेलियन में पहुंच रहे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी के साथ यहां उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं और भ्रमण की संभावनाओं से भी अवगत कराया जा रहा है।टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की सहभागिता के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन में बड़ी संख्या में नए ट्रैवल एजेंट, यात्रा संचालक एवं पर्यटन व्यवसायी पहुंच रहे हैं और राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रति विशेष रुचि व्यक्त कर रहे हैं।छत्तीसगढ़ के पर्यटन प्रचार-प्रसार और पवेलियन की आकर्षक प्रस्तुति की सराहना करते हुए अनेक नए पर्यटन व्यवसायियों द्वारा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीयन कराने में रुचि दिखाई जा रही है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए पर्यटन पैकेज एवं यात्रा सुविधाओं के विस्तार के साथ राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की विशिष्ट प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन विकास की बड़ी ताकत के रूप में आगे बढ़ा रही है। राज्य की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएं, ऐतिहासिक धरोहरें, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनें, इसके लिए पर्यटन क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ व्यापक प्रचार-प्रसार और पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।टीटीएफ जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में छत्तीसगढ़ की सहभागिता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छत्तीसगढ़ की पहचान एक समृद्ध और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में और अधिक मजबूत हो रही है।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों, ट्रैवल एजेंटों, होटल व्यवसायियों एवं यात्रा संचालकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास से जोड़ने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 पर्यटन व्यवसायियों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पर्यटन गतिविधियों के विस्तार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की व्यापक संभावनाएं हैं।गांधीनगर में आयोजित इस भव्य पर्यटन मेले में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और गुजरात पर्यटन के साथ मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली सहित देश के अनेक राज्यों ने सहभागिता की है।एक ही मंच पर देश के विभिन्न राज्यों के पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों के प्रदर्शन से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को नए पर्यटन गंतव्यों की जानकारी प्राप्त करने तथा व्यावसायिक संभावनाओं को विस्तार देने का अवसर मिल रहा है।छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को देशभर में पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन आयोजनों में सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की प्रभावी मौजूदगी से राज्य के पर्यटन स्थलों को देशभर के पर्यटन व्यवसायियों और संभावित पर्यटकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा पर्यटन व्यवसायियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार को व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में किए जा रहे इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश, रोजगार, स्थानीय व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता इसी व्यापक पर्यटन दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो राज्य की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि को देश के पर्यटन बाजार से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक, सुरक्षित और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।
- -सड़क पर बिजली खंभे लगाने के मामले में श्री साव सख्त, जांच के दिए निर्देश-बैठक से नदारद चार अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने कहा-मल्हार-रतनपुर के समन्वित विकास का बनेगा मास्टर प्लान-जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और सड़कों की मरम्मत की अभी से तैयारी के निर्देशरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने कहा है कि समय की मांग बदल रही है, इसलिए अधिकारी वर्तमान के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर दूरदर्शी कार्ययोजना बनाएं। विकास कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में विलंब को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करने की बात कही। श्री साव आज बिलासपुर में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला और श्री दिलीप लहरिया भी बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में बिल्हा के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली के खंभे खड़े किए जाने के मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिला पंचायत के सीईओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बैठक से अनुपस्थित रहने वाले चार अधिकारियों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगर पालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करते रहने और मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।श्री साव ने कहा कि बिलासपुर शहर में पहली ही बारिश में जलभराव की स्थिति सामने आई है। इससे निपटने के लिए अभी से ऐसी बेहतर और स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे आने वाले वर्षों में शहरवासियों को इस समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सड़कों पर गड्ढे और क्षति की स्थिति बनती है। विभागीय अधिकारी इसकी तैयारी अभी से रखें, ताकि बारिश समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने निर्माण विभागों की अलग से बैठक लेकर कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं।श्री साव ने मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने गांव स्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा मितानिन स्तर तक आवश्यक एवं मूलभूत दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के 48 मरीज मिले हैं। इनमें 6 मरीज उपचाररत हैं, जबकि अन्य मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। रोटरी क्लब के सहयोग से प्रभावित क्षेत्र में 1500 मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है।कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में पर्याप्त बारिश होने से फसलों की स्थिति अच्छी है। बांधों में भी पर्याप्त जलभराव है। जिले में खाद-बीज की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में समितियों में लगभग 300 क्विंटल बीज तथा 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध हैं। श्री साव ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन जरूरी है। उन्होंने किसानों को इसकी जानकारी देने और गांव-गांव शिविर लगाकर पंजीयन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीयन के अभाव में एक भी किसान धान बेचने से वंचित नहीं होना चाहिए।जिला पंचायत की योजनाओं की समीक्षा के दौरान श्री साव ने वीबी-जी रामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत फील्ड की वास्तविक जरूरतों के आधार पर कार्य स्वीकृत किए जाएं। मुक्तिधाम, शौचालय, स्कूलों की मरम्मत, जल संरक्षण, छोटे बांध सहित स्थानीय आवश्यकता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने गांवों में जल संरक्षण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने और पानी बचाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जिले में 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें से 219 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। प्रभारी मंत्री श्री साव ने योजनाओं के निरंतर संचालन एवं रखरखाव के लिए जनभागीदारी से जल अर्पण अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने वाटर रिचार्जिंग के लिए जिले में जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयासों की सराहना की।श्री साव ने ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित एवं सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों ऐतिहासिक स्थलों की विरासत, पर्यटन संभावनाओं और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार की जाए। नगर विकास की समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास और साफ-सफाई के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिलासपुर में आईएसडीपी योजना के तहत निर्मित आवासों की आवश्यक मरम्मत कराकर पात्र गरीब परिवारों को शीघ्र आबंटित करने को कहा। बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे और जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित सभी जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।समीक्षा बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री श्री साव की अध्यक्षता में बिलासपुर जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति तथा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की आयुष समिति की बैठक हुई। इन बैठकों में अस्पताल एवं महाविद्यालय की आवश्यक सुविधाओं और विकास कार्यों से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री साव द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
- -महतारी वंदन की राशि से जगन्नाथ मंदिर निर्माण में सहयोग, महिलाओं ने पेश की सामाजिक सहभागिता की मिसाल-स्वेच्छा से राशि एकत्रित कर मंदिर के प्रारंभिक निर्माण के लिए किया समर्पितरायपुर, / वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमापाली में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की।जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत आमापाली की माताओं-बहनों की एक प्रेरणादायी पहल भी सामने आई। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्राप्त राशि में से अपनी इच्छा से धनराशि एकत्रित कर भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए समर्पित की। महिलाओं की इस पहल की वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सराहना की।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की बहनों ने स्वेच्छा और संकल्प के साथ राशि एकत्रित कर मंदिर निर्माण में सहयोग दिया है। यह महिलाओं के आर्थिक योगदान के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और नेतृत्व की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज और सामुदायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि महिलाओं का यह स्वैच्छिक योगदान समाज में आपसी सहयोग, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। आमापाली की बहनों की यह पहल अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने इस सराहनीय पहल के लिए ग्राम पंचायत आमापाली की सभी माताओं-बहनों और सहभागी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी बात सुनना और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करना राज्य सरकार की जनकल्याण एवं सुशासन की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
- रायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर के सरकंडा में अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का शुभारंभ किया। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ कार्यक्रम से जुड़े। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के सहयोग से राज्य शासन के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा इसकी स्थापना की गई है। इसकी शुरुआत सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक एवं हितग्राही-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस अवसर पर विधायक श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी भी मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस अभिनव पहल को आम जनता को समर्पित करते हुए इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीकी नवाचार, पारदर्शिता एवं सुगम सेवा वितरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राशन कार्डधारी हितग्राही, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।शुभारंभ के दौरान अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के प्रति लोगों में विशेष उत्साह एवं जिज्ञासा देखने को मिली। मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया, जिसे देखकर उपस्थित नागरिकों ने इस आधुनिक व्यवस्था की सराहना की। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया अत्यंत सरल, सुरक्षित एवं पारदर्शी है। हितग्राही मशीन के समक्ष निर्धारित स्थान पर खड़ा होकर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (फिंगरप्रिंट) करता है। इसके पश्चात स्क्रीन पर उपलब्ध राशन एवं उसकी मात्रा प्रदर्शित होती है, जिसकी पुष्टि हितग्राही द्वारा की जाती है। हितग्राही अपने खाली बैग अथवा थैले को डिस्पेंसर के नीचे रखकर डिस्पेंस बटन दबाता है। कुछ ही सेकंड में निर्धारित मात्रा का खाद्यान्न स्वतः मशीन से निकलकर बैग में भर जाता है। इसके बाद हितग्राही राशन प्राप्त कर स्क्रीन पर प्रदर्शित संदेश की पुष्टि करता है। यह प्रणाली राशन वितरण में मानवीय त्रुटियों को कम करने, समय की बचत करने तथा हितग्राहियों को त्वरित, सटीक एवं पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुभारंभ से आम जनता एवं राशन कार्डधारी हितग्राहियों में विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला। हितग्राहियों ने मशीन की सरल कार्यप्रणाली, सटीक तौल एवं त्वरित वितरण व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक सकारात्मक परिवर्तन बताया। नागरिकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तकनीक आधारित व्यवस्था से राशन वितरण अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनेगा।अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के प्रारंभ होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित सुधारों को नई गति मिलेगी तथा हितग्राहियों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुभारंभ कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, खाद्य नियंत्रक श्री अमृत कुजूर, नान जिला प्रबंधक श्री नितिन दीवान, विश्व खाद्य कार्यक्रम की सुश्री नताशा कुमारी पनवार सहित जनप्रतिनिधि और खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में अमरूद का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वृक्ष हमारे पर्यावरण की अनमोल धरोहर हैं। पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और उनका संरक्षण भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर पर्यावरण तैयार कर सकते हैं। हरियाली बढ़ेगी, तो हमारा पर्यावरण भी स्वस्थ और सुंदर बनेगा।उन्होंने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों और युवाओं की पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में भागीदारी से इस अभियान को और व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। कार्यक्रम में विधायक श्री सुशांत शुक्ला, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री ललित प्रकाश पटैरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल सहित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
- -समय पर पहचान और निःशुल्क उपचार से हुआ सफल हृदय ऑपरेशनरायपुर / कई बार समय पर हुई एक छोटी-सी पहल किसी की पूरी जिंदगी बदल देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित जिला प्रशासन के नवाचार 'प्रोजेक्ट धड़कन' ने एक बार फिर ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम सरोरा की महज डेढ़ माह की बालिका रूचिता पटेल के हृदय में छेद की समय पर पहचान कर उसका पूरी तरह निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराया गया। आज रूचिता स्वस्थ है और उसके परिवार के चेहरे पर लौट आई मुस्कान, प्रोजेक्ट धड़कन की संवेदनशील और प्रभावी पहल की बड़ी सफलता है।रूचिता को डेढ़ माह की आयु में सर्दी-जुकाम की शिकायत होने पर परिजन उसे चिकित्सक के पास लेकर गए। प्रारंभिक जांच के दौरान चिकित्सक ने उसकी हृदय गति सामान्य से अधिक पाई और विस्तृत जांच की सलाह दी। इसी दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में परिजनों ने बालिका की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने तत्काल प्रोजेक्ट धड़कन की टीम से संपर्क किया।प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने परिवार को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए तत्काल चिकित्सकीय प्रक्रिया प्रारंभ कराई। तिल्दा स्थित निजी अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि रूचिता के हृदय में 8 एमएम का छेद है। इसके बाद प्रोजेक्ट धड़कन के समन्वय से रायपुर के अस्पताल में उसका पूरी तरह निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया गया। सफल शल्य चिकित्सा के बाद लगभग 15 दिनों के उपचार उपरांत रूचिता को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।रूचिता के पिता श्री युगल पटेल मिस्त्री का कार्य करते हैं तथा माता श्रीमती विश्वासा पटेल गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति महंगे उपचार का खर्च वहन करने की नहीं थी। ऐसे समय में प्रोजेक्ट धड़कन के माध्यम से निःशुल्क उपचार उपलब्ध होने से परिवार को बड़ी राहत मिली।आज रूचिता पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन व्यतीत कर रही है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, प्रोजेक्ट धड़कन की टीम एवं उपचार में सहयोग करने वाले चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता और उपचार से उनकी बेटी को नया जीवन मिला है। जिले में संचालित प्रोजेक्ट धड़कन के तहत अब तक 1,69,353 से अधिक बच्चों की हृदय संबंधी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग के दौरान 165 संदिग्ध मामलों की पहचान हुई, जिनमें से 40 बच्चों में हृदय रोग की पुष्टि हुई। इनमें 24 बच्चों का सफल हृदय ऑपरेशन कराया गया, जबकि 15 बच्चों का उपचार एवं नियमित फॉलो-अप जारी है।
- दुर्ग / आदर्श शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, जी.ई. रोड पावर हाउस भिलाई में 10 अगस्त 2026, दिन सोमवार को प्रातः 09:30 बजे से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में भिलाई इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इकोसिस्टम मटेरियल्स प्राइवेट लिमिटेड, सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड, वैष्णवास एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और भिलाई वोस्लो बीके कास्टिंग्स लिमिटेड जैसी प्रमुख औद्योगिक कंपनियां शामिल हो रही हैं। इन कंपनियों द्वारा विभिन्न तकनीकी और गैर-तकनीकी ट्रेडों में कुल 122 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत फिटर के 28 पद, वेल्डर के 21 पद, मकेनिस्ट एवं कम्प्यूटर न्यूमेरिकली कन्ट्रोल मशीनिस्ट (सीएनसी) के 12 पद, इलेक्ट्रिशियन के 11 पद, मोल्डर के 10 पद, कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट के 8 पद, टर्नर के 8 पद, फाउंड्रीमेन के 4 पद, तकनीशियन के 3 पद, मैसन (राजमिस्त्री) के 2 पद और इलेक्ट्रॉनिक्स मेकेनिक के 2 पद शामिल हैं। इसके अलावा ड्राफ्ट्समैन, मेकेनिक डीजल, मैन्युफैक्चरिंग एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट एवं मैन्युफैक्चरिंग/प्रोग्रामिंग प्रोसेस असिस्टेंट के पदों पर भी भर्ती की जाएगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी अपनी 10वीं, 12वीं, आईटीआई उत्तीर्ण अंकसूची, मूल प्रमाण पत्र, रिज्यूमे (बायोडाटा) और आधार कार्ड सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
- - ग्राम पंचायतों में लंबित प्रकरणों के निराकरण, आवास, रोजगार एवं आजीविका योजनाओं की हुई व्यापक समीक्षादुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे के मार्गदर्शन में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव के साथ रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का सफल आयोजन किया गया। आयोजन के दौरान ग्राम पंचायत, विकासखंड एवं जिला स्तर पर आवास एवं रोजगार योजनाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण करते हुए हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं अन्य आवास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने, हितग्राहियों को समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करने, लंबित जियो-टैगिंग कार्य पूर्ण करने तथा प्रत्येक आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही स्व-सहायता समूहों की दीदियों को निर्माण सामग्री की आपूर्ति एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने, ग्राम सभा के प्रस्तावों के अनुसार प्राथमिकता वाले कार्यों को स्वीकृत कर दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने की कार्ययोजना तैयार की गई। ’मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार बालिका शौचालय निर्माण को प्राथमिकता देने पर भी चर्चा की गई।इसके अलावा निर्मित आजीविका डबरियों एवं नवा तरिया के माध्यम से आजीविका संवर्धन, जल संरक्षण कार्यों के विस्तार तथा कार्यों के प्रत्येक चरण में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।इसी क्रम में ग्राम पंचायत मड़ियापार, राखी, बठेना, अचानकपुर एवं छांटा (जनपद पंचायत पाटन), ग्राम पंचायत कटरो, कोनारी एवं धनोरा (जनपद पंचायत दुर्ग) तथा ग्राम पंचायत मोहलई (जनपद पंचायत धमधा) सहित जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इन ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, रोजगार सहायकों एवं स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने भाग लेकर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया।
- -खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा लिए गए पनीर के 3 नमूनों में से 2 अवमानकरायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन रायपुर द्वारा पनीर एनालॉग प्रतिषेध आदेश अधिसूचित होने के बाद जिले में पनीर के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय से जुड़े कारोबारियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है।इसी क्रम में 03 अगस्त 2026 को रेलवे स्टेशन तेलघानी नाका चौक, रायपुर के पास श्री प्रांशु राय से जब्त 100 किलोग्राम खुला पनीर एवं तिल्दा क्षेत्र में मंडी रोड स्थित कृष्णा डेयरी के संचालक श्री अशोक यदु के प्रतिष्ठान से खुले पनीर का नमूना लिया गया था। खाद्य विश्लेषक द्वारा जारी जांच प्रतिवेदन में यह नमूना अवमानक स्तर का पाया गया है।वहीं, प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान अमरकंटक एक्सप्रेस ट्रेन से उतारकर अंतर्राज्यीय बस स्टैंड, रायपुर की ओर ले जाए जा रहे सुधा अमृत पनीर का नमूना लिया गया था। खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट में यह नमूना मानक मानदंडों के भीतर पाया गया है।विभाग द्वारा पनीर के विक्रेताओं एवं प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006, नियम 2011 एवं विनियम 2011 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। file photo
- - 2 सितंबर को होगा दीक्षांत समारोह, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में होंगी शामिल-एम्स रायपुर की चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और जनस्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों से उपराष्ट्रपति को कराया अवगतरायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के तृतीय दीक्षांत समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह 2 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने अपनी धर्मपत्नी उषा जिंदल के साथ नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उपराष्ट्रपति ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की सहमति प्रदान की।इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल जिंदल ने उपराष्ट्रपति को एम्स रायपुर द्वारा पिछले वर्षों में रोगी सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने संस्थान में रोबोटिक सर्जरी, किडनी प्रत्यारोपण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वास्थ्य अनुसंधान, जैव-चिकित्सकीय नवाचार तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों में हुई प्रगति से भी अवगत कराया।उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में एम्स रायपुर की भूमिका की सराहना की। उन्होंने आयुष्मान भारत तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में संस्थान के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।तृतीय दीक्षांत समारोह एम्स रायपुर की शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर, सुपर स्पेशियलिटी, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) तथा संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में उपाधियां प्रदान की जाएंगी। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगी। 2 सितंबर को आयोजित होने वाले इस दीक्षांत समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों, उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों तथा आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति रहेगी। समारोह एम्स रायपुर की स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में जारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय होगा।
- -प्री-2014 स्तर की तुलना में औसत वार्षिक रेल बजट आवंटन में 24 गुना वृद्धि, 36 परियोजनाओं पर चल रहा कामरायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे के बुनियादी ढांचे और रेल नेटवर्क के विस्तार को पिछले एक दशक में बड़ी गति मिली है। रेल मंत्रालय के अनुसार, राज्य में रेलवे से जुड़ी आधारभूत संरचना और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए वार्षिक बजट आवंटन प्री-2014 स्तर की तुलना में 24 गुना बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ को रेलवे परियोजनाओं के लिए ₹7,470 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जबकि वर्ष 2009-14 के दौरान औसत वार्षिक आवंटन केवल ₹311 करोड़ था।राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने छत्तीसगढ़ में चल रहे रेल विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे विस्तार का विशेष जोर यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ आदिवासी, पिछड़े और खनिज बहुल क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि पर है।नई रेल पटरियों के निर्माण में 17 गुना तेजीछत्तीसगढ़ में नई रेल लाइन के निर्माण और कमीशनिंग की गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2009-14 के दौरान जहां औसतन 6.4 किलोमीटर प्रति वर्ष नई रेल लाइन शुरू की जा रही थी, वहीं वर्ष 2014 से 2026 के बीच यह औसत बढ़कर 109.29 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गया। इस अवधि में कुल 1,311 किलोमीटर नई रेल पटरियों को कमीशन किया गया है।2,398 किलोमीटर की 36 परियोजनाएं सक्रिय1 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ में कुल 36 रेल परियोजनाएं सक्रिय हैं। इनमें 8 नई रेल लाइन और 28 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 2,398 किलोमीटर है और इनके लिए कुल ₹48,202 करोड़ की लागत स्वीकृत की गई है। इनमें से 1,151 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा कर कमीशन किया जा चुका है।पूरी हो चुकी प्रमुख रेल परियोजनाएंछत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को पूरा किया जा चुका है। इनमें प्रमुख रूप से -* दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल लाइन: 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ₹1,628 करोड़ खर्च किए गए। यह स्टील संयंत्रों को आवश्यक कच्चे माल के स्रोतों से जोड़ने में महत्वपूर्ण है।* चांपा–झारसुगुड़ा तीसरी लाइन: 152 किलोमीटर लंबी परियोजना पर ₹1,227 करोड़ खर्च किए गए। इससे भारी माल ढुलाई वाले रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ी है।* रायपुर–टिटलागढ़ दोहरीकरण: 203 किलोमीटर लंबी परियोजना ₹1,171 करोड़ की लागत से पूरी की गई।* खरसिया–कोरिछापार नई रेल लाइन: 43 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ₹851 करोड़ खर्च किए गए। इससे प्रमुख खनन क्षेत्रों को रेल कनेक्टिविटी मिली है।इन बड़ी परियोजनाओं पर चल रहा कामराज्य में कई महत्वपूर्ण नई रेल लाइन और दोहरीकरण परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें -* खरसिया–परमलकसा नई डबल लाइन: 278 किलोमीटर, लागत ₹7,854 करोड़।* गेवरा रोड–पेंड्रा रोड नई रेल लाइन: 135 किलोमीटर, लागत ₹3,724 करोड़।* रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन: 140 किलोमीटर, लागत ₹3,513 करोड़। यह परियोजना बस्तर क्षेत्र में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण है।* खरसिया–धरमजयगढ़ नई रेल लाइन: 122 किलोमीटर, लागत ₹3,407 करोड़।आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगी रेलछत्तीसगढ़ के ऐसे क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए भी प्रयास तेज किए गए हैं, जहां अभी तक रेल कनेक्टिविटी नहीं है। हाल के वर्षों में 2,455 किलोमीटर लंबाई के 14 फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) स्वीकृत किए गए हैं।महत्वपूर्ण रेल मार्गों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार की जा चुकी है। इनमें -* अंबिकापुर–रामानुजगंज–गढ़वा रोड/बरवाडीह: 262 किलोमीटर* सरडेगा–पत्थलगांव–अंबिकापुर: 218 किलोमीटर* धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा: 292 किलोमीटरइसके अलावा आदिवासी और खनिज क्षेत्रों को जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों का फील्ड सर्वे भी जारी है। इनमें गढ़चिरौली–बीजापुर–बचेली (490 किमी), कोठागुडेम–किरंदुल (180 किमी) और धमतरी–बांसकोट–अमरावती–कोंडागांव (183 किमी) शामिल हैं।यात्री सुविधाओं में भी विस्तारबढ़ती यात्री मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ में 18 प्रमुख नई ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं। राज्य को आधुनिक और तेज रेल सेवाओं से जोड़ने के लिए वर्तमान में 2 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हैं। इनमें दुर्ग–विशाखापट्टनम और बिलासपुर–नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा उधना–ब्रह्मपुर अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी भी राज्य से होकर संचालित होती है। स्थानीय और क्षेत्रीय यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर–अंतागढ़ डेमू सहित कई मेमू और डेमू सेवाएं भी शुरू की गई हैं। रायपुर, राजिम और अभनपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है।वन मंजूरी और भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियांरेल मंत्रालय के अनुसार, रेल परियोजनाओं को मंजूरी देने और उन्हें जमीन पर उतारने की प्रक्रिया में वन मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, उपयोगिताओं के स्थानांतरण और भौगोलिक एवं भूगर्भीय परिस्थितियों जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखना पड़ता है। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय रेलवे परिचालन संबंधी बाधाओं को व्यवस्थित तरीके से दूर करने और छत्तीसगढ़ के लोगों को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय रेल बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।







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