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- -छत्तीसगढ़ वन निगम की पहलरायपुर ।छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाइड्रोपोनिक्स पद्धति पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन नया रायपुर आवासीय परिसर, सेक्टर-26 में विगत दिनों किया गया। इस कार्यशाला में मिट्टी के बिना फल एवं सलाद सब्जियों के उत्पादन तथा टेरेस गार्डन की स्थापना पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।कार्यशाला का उद्घाटन निगम के प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें सीमित स्थान में अधिक उत्पादन का अवसर देती हैं और पर्यावरण संरक्षण के साथ आय बढ़ाने में भी सहायक हैं। यह पहल शासकीय योजनाओं के अनुरूप आधुनिक कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यशाला में हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक श्री जावेद आलम ने प्रतिभागियों को इस पद्धति के मूल सिद्धांत, टेरेस गार्डन की स्थापना, मृदा-रहित खेती की तकनीक तथा न्यूट्रिशन फ्लो टेक्नीक (एनएफटी) विधि के बारे में सरल तरीके से जानकारी दी। साथ ही व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। इसके अलावा हाइड्रोपोनिक्स नर्सरी की स्थापना और प्रबंधन पर भी प्रशिक्षण दिया गया, जिससे प्रतिभागी इस तकनीक को आसानी से अपनाने के लिए प्रेरित हुए। कार्यशाला में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस पहल की सराहना की।छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की यह पहल आधुनिक, कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे भविष्य में उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ नए आय के अवसर भी सृजित होने की संभावना है।
- रायपुर। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय बस्तर पण्डूम 2026 कार्यक्रम की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज निरीक्षण कर जायजा लिया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कार्यक्रम स्थल का भ्रमण कर आयोजन की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित बस्तर की पारंपरिक कला, संस्कृति एवं स्थानीय उत्पादों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित और जनसहभागिता से परिपूर्ण हो।निरीक्षण के दौरान स्कूली छात्रों द्वारा की जा रही सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों का अभ्यास देखकर उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बस्तर पण्डूम जैसे आयोजन बस्तर की लोकसंस्कृति, परंपरा और प्रतिभाओं को व्यापक पहचान दिलाने का सशक्त मंच हैं।इस अवसर पर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। बस्तर की फिजा में अब बारूद की गंध नहीं, बल्कि विकास और आत्मनिर्भरता की खुशबू महसूस की जा रही है। हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं के लिए आज का दिन एक नई सुबह लेकर आया, जब प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उन्हें स्वावलंबन की राह दिखाई। फूड एंड बेवरेज का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त बीजापुर जिले के 30 पुनर्वासित युवाओं को आज जिंदगी की शुरुआत के संसाधन प्राप्त हुए।इस गरिमामय समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को पासिंग आउट सर्टिफिकेट प्रदान किए। साथ ही उन्हें अपना रोजगार शुरू करने के लिए टूलकिट और संपर्क साधन के रूप में मोबाइल फोन वितरित किए। उप मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के मुख्यधारा में लौटने के साहस की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वे अब समाज निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से संवाद कर प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी प्राप्त की और कहा कि बीजापुर जिला बहुत ही सुन्दर जिला है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा होम स्टे पहल की शुरुआत की गई है, जिसके तहत कोई परिवार खेती किसानी के कामों के साथ ही एक कमरा बनाकर होम स्टे शुरू कर सकता है। आप लोगों को अभी होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे आप होम स्टे का कार्य बेहतर ढंग से कर सकते हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यहां से अपने गांव जाकर अच्छे से जीवन यापन करें। साथ ही गांव के ऐसे युवाओं जो मुख्य धारा से भटक गए हैं उन्हें भी समझाएं। इस मौके पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शांति से जीवन यापन करने और जीवन के नई शुरुआत की शुभकामनाएं दी।इस दौरान अवगत कराया गया कि बस्तर जिले में अब तक कुल 343 पुनर्वासितों को राजमिस्त्री, बकरीपालन, मुर्गीपालन और हॉस्पिटैलिटी जैसे विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित किया जा चुका है। इनमें से 161 युवाओं को विशेष रूप से नुवा बाट आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में निखारा गया है। कौशल विकास का यह क्रम निरंतर जारी है, और वर्तमान में 28 अन्य युवा इसी केंद्र में वेल्डिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के संकल्प को सिद्ध करने में नुवा बाट केंद्र की महती भूमिका को रेखांकित करती है।इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव सहित बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस बदलाव के साक्षी बनकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
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रायपुर। भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR से 3C-All Weather Operations (IFR) श्रेणी में अपग्रेड किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस स्वीकृति के साथ अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हवाई सेवाएँ उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑल वेदर ऑपरेशन की सुविधा मिलने से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। यह निर्णय औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधुनिक बुनियादी ढाँचे का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है, जो राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि बिलासपुर एयरपोर्ट सहित पूरे छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगी तथा प्रदेश को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाएगी। -
-मुख्यमंत्री साय ने अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की
-स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देशरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन, प्रावधानित बजट तथा नवीन स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना तथा भावी विकास रणनीतियों का निर्धारण करना था, ताकि विकास का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समय पर एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के हित को प्राथमिकता में रखते हुए सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण किया जाए।बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्य जो अब तक अप्रारंभ हैं अथवा प्रगतिरत हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए दो माह की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन, शैक्षणिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा एवं छात्रावासों के विकास पर प्रमुख रूप से जोर दिया गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री ललित चंद्राकर सहित अन्य विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजू एस, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। -
-भारत सरकार के जल शक्ति और पर्यटन मंत्रालय द्वारा दिया गया है यह अवार्ड
-पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को दी बधाईरायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जशपुर स्थित सरना एथनिक रिसॉर्ट को रिसॉर्ट एवं परिसर में स्वच्छता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों पर पूर्णतः उपयुक्त पाए जाने पर वर्ष 2025-26 हेतु प्रतिष्ठित ग्रीन लीफ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य को प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की अथक मेहनत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।ग्रीन लीफ अवॉर्ड पर्यटन क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग का हिस्सा है। यह अवॉर्ड होटलों, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों को प्रदान किया जाता है जो उच्च स्वच्छता मानकों, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का पालन करते हैं। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हाल के वर्षों में पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। बोर्ड ने इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स, होमस्टे और ट्रेकिंग रूट्स विकसित कर पर्यटन राजस्व में वृद्धि दर्ज की। जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला यह सम्मान बोर्ड की स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदाय सशक्तिकरण की नीतियों का जीवंत प्रमाण है। इससे राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी। -
-40 आईटी कंपनियों से हुआ एमओयू
-चिट फंड कंपनी के 4601 निवेशकों को वापस दिलाए गए 7.38 करोड़ रूपएरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (जीरामजी) को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के लिए क्रांतिकारी योजना बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना एक नई ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देना है। यह योजना मनरेगा की जगह पर शुरू की गई है और इसमें कई नए प्रावधान किए गए हैं।इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा, जो पूर्व में केवल 100 दिवस का था। काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता, एक सप्ताह में मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। अगर मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर नहीं किया जाता है, तो 0.05 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। इसके तहत ग्राम पंचायतों को योजना बनाने और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है।भारत सरकार द्वारा इस योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 95,692.31 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है। उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती बजट 88,000 करोड़ रुपये (मनरेगा के लिए) निर्धारित था। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा है कि इससे व्यापक पैमाने पर जरूरतमंदों को उनके गांवों में रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की मौजूदगी में आज 40 आईटी कंपनियों और आईटी के निदेशकों के बीच एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने यस चिट फंड कंपनी के निवेशकों को उनके द्वारा निवेश किए गए राशि का चेक प्रदान किया। इसके अंतर्गत कुल 4601 निवेशकों को 7 करोड़ 38 लाख 24 हजार 100 की राशि का चेक प्रदाय किया गया। - -वन मंत्री-केदार कश्यप एवं विधायक श्री किरण सिंह देव भी रहे उपस्थित-रायपुर । स्थानीय सर्किट हाऊस में शुक्रवार की शाम उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित एक गरिमामय समारोह में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जब जमीनी स्तर पर उतरा, तो हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं विधायक श्री किरण सिंह देव ने विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लोगों को सामग्री और सहायता राशि वितरित कर सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को चरितार्थ किया।कार्यक्रम के दौरान सबसे भावुक और उत्साहजनक क्षण तब देखने को मिले जब समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की पहल की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा, वनमंत्री श्री कश्यप एवं विधायक श्री देव ने करण नाग, संजय सांतरा और विजय मौर्य को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल सौंपी, जिससे अब उनकी जिंदगी की रफ्तार नहीं थमेगी। इसी क्रम में राकेश कुमार मिश्रा को कृत्रिम पैर और विपिन सिंह को श्रवण यंत्र प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मान के साथ जीने का संबल दिया गया। शिक्षा और तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, विवेक कुमार और सुभद्रा को मोबाइल किट तथा जयबती और गायत्री को टैबलेट वितरित किए गए, ताकि ये बच्चे डिजिटल युग के साथ कदमताल कर सकें।महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिला समूहों को बड़े संसाधन सौंपे गए। जागृति, तिरंगा, इंद्रावती और झांसी की रानी महिला क्लस्टर संगठनों को ईंट-सीमेंट निर्माण इकाई के संचालन हेतु चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही कंकालीन और दुर्गा स्व-सहायता समूहों जैसी संस्थाओं को भी प्रोत्साहित किया गया।बरसों से अपने पक्के मकान का सपना देख रहे परिवारों के लिए भी यह शाम यादगार बन गई। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत लक्ष्मी बाई राव, बबिता कश्यप, अलाबती, गजमती और सेवती नायक समेत कई गृहणियों को उनके सपनों के घर की चाबी सौंपी। वहीं छोटे व्यापारियों को मदद पहुंचाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत ममता यादव और नासिर खान को चेक प्रदान किए गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुजुर्ग हितग्राहियों को प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ देकर सरकार ने हर वर्ग के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
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*- बिटिया तनिशी के 14 वां जन्मदिन पर 202 यूनिट रक्तदान कर यादगार बनाया*
दुर्ग/ एक पिता का अपनी बेटी को लेकर प्यार ऐसा कि हर साल बिटिया परी के जन्मदिवस को यादगार बनाने और सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने के उद्ेश्य से पिता के द्वारा रक्तदान शिविर लगवाया जाता है। सिकलिंग, थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों को रक्त की नियमित आवश्यकता एवं ईलाज के दौरान रक्त की कमी होने से रक्त का अभाव न हो इसी उद्ेश्य से सेवाभावी श्री तृपेश शर्मा की इकलौती पुत्री तृपेश शर्मा’’परी’’ के 14वां जन्मदिवस 25 जनवरी 2026 को दुर्ग जिला ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।आयोजित विशेष रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं का रक्तदान करने ब्लड बैंक पर बैच व टुकड़ो-टुकड़ो में रक्तदान होता रहा तृपेश शर्मा के परिवार जनों ने भी रक्तदान किया। मित्रगण, व्यपारी वर्ग, विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों को भी रक्तदान के लिये प्रेरत कर रक्तदान करवाया। रक्तदान शिविर में रूंगटा डेटल कॉलेज, पुलिस लाईन, रक्षित निरीक्षक केन्द्र, परिश्रमी सामाजिक समिति दिशा, छ.ग. प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ दुर्ग, चेम्बर ऑफ कार्मस, श्री जलाराम रिसायकलस दुर्ग, सेव इंडियन फैमली, नव दृष्टि फाउंडेशन, दुर्ग-भिलाई मोबाईल एशोसिएशन एवं दुर्ग भिलाई के रक्तदाताओं ने रक्तदान कर कुल 202 यूनिट रक्तदान किया।श्री तृपेश शर्मा अपनी पुत्री ’’परी’’ के जन्मदिवस 25 जनवरी 2026 को रक्तदान शिविर का आयोजन करते आ रहे है विगत वर्ष 2021 को 110 यूनिट, वर्ष 2022 को 101 यूनिट, वर्ष 2023 को 147 यूनिट, वर्ष 2024 को 213 यूनिट, वर्ष 2025 को 202 यूनिट एवं वर्ष 2026 को 202 यूनिट रक्तदान किया गया शिविर में कुल 269 लोगों ने रक्तदान हेतु पंजीयन करवाया जिसमें 67 अनफिट पाये गये। रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं का हीमोग्लोबिन व ब्लड ग्रुपिंग की सुविधा उपलब्ध करायी गयी थी संग्रहित किये गये रक्तयूनिट ब्लड ग्रुप के अनुसार 202 रक्त यूनिट दान किया गया।शिविर में 15 रक्तदाताओं ने अपने जीवन का प्रथम रक्तदान 02 जोड़े पति-पत्नी, 02 जोड़े पिता-पुत्र ने रक्तदान किया। आयोजित शिविर में जिला आयुर्वेद अधिकारी दुर्ग डॉ. दिनेश चंद्रवशी ने स्वयं अपना रक्तदान किया। श्री उमेश कुमार भागवतकर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा कहा गया कि प्रत्येक व्यक्ति रक्तदान को अपना कर्तव्य एवं समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें रक्तदान के दौरान ब्लड बैंक में जमा की गई रक्त यूनिट मरीजों के जान बचाने के काम आयेगी। उनकी दुवायें सभी रक्तदाताओं और तनीषी नई उर्जा और ताकत देती रहेगी।दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, श्री श्याम शर्मा सभापति नगर निगम दुर्ग, श्री सुरेन्द्र कौशिक, श्री इंद्रजीत सिंह, डॉ. मनोज दानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग, डॉ. आशीषन कुमार मिंज सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय दुर्ग, डॉ. जय प्रकाश मेश्राम नोडल अधिकारी ब्लड बैंक जिला दुर्ग (पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग), श्री राजेश यादव पूर्व सभापति नगर निगम, श्री रोशन सिंह एवं समस्त ब्लड बैंक कर्मचारी, श्री प्रमोद वाघ, कोषाध्यक्ष जिला प्रबंध समिति रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग, श्री जीवन लाल ताम्रकार, सदस्य जिला प्रबंध समिति रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग उपस्थित रहे, रक्तदाताओं को उत्साहित कर प्रमाण पत्र वितरित किये एवं पुत्री तनीषी को जन्मदिवस पर दीर्घायू की कामना से शुभ-आशीष दिये।श्री तृपेश शर्मा परिवार, डॉ. अतुल अग्रवाल परिवार, धीरज राव इंगले, तरूण आड़तिया, नितिन शर्मा, अभिनव शर्मा, केतन पठारिया, विकास यादव, रवि देशमुख रूपेश सर्पे, गणेश, राकेश गोलछा, शेखर ताल्लूरी, खिलावन चंद्राकर, भूपेश उपाध्याय, श्याम शर्मा, संजीव दुग्गड़, अमित बड़जात्या, अधिवक्ता राजकुमार तिवारी, अधिवक्ता जितेन्द्र देशमुख, प्रवीण नायक, अजय रेड्डी, आशित मंडल, संजय मैत्री, अकरम गौरी सपरिवार, दीनबंधु मेश्राम ‘‘किण्डोदादा‘‘ नितेश ताम्रकार व अन्य रक्तदाताओं ने रक्तदान किया।शिविर आयोजन से रक्तदान हेतु आमजन में उत्साह एवं संकारात्मक संदेश का प्रसार हुआ। स्वास्थ्य विभाग व ब्लड बैंक ने समस्त रक्तदाताओं को शुभकामनायें एवं आभार प्रेषित कर भविष्य में भी सहयोग की अपेक्षा चाही गई है। -
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के 13 विकास कार्यों के लिए 55 लाख 98 हजार 536 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विधायक श्री देवेन्द्र यादव द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा किया जाएगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्र. 43 बापूनगर, खुर्सीपार में शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के समीप सार्वजनिक उद्यान का सौंदर्यीकरण एवं प्रकाश व्यवस्था कार्य हेतु 15 लाख रूपए, वार्ड क्र. 39 चन्द्रशेखर आजाद नगर खुर्सीपार (पूर्व में शासकीय मद से निर्मित) सावर्जनिक मंच में टाईल्स एवं रंगरोगन कार्य हेतु 99 हजार 835 रूपए, वार्ड क्र. 47 न्यू खुर्सीपार भिलाई काली बाड़ी में सार्वजनिक भवन का संधारण कार्य हेतु 04 लाख रूपए, वार्ड क्र. 50 शास्त्री नगर खुर्सीपार यादव पारा पानी टंकी के पास (20 इनटू 30) सार्वजनिक मंच एवं डोमशेड निर्माण कार्य हेतु 5 लाख रूपए, वार्ड क्र. 50 सड़क 28 शास्त्री नगर खुर्सीपार में सार्वजनिक गणेश मंच के ऊपर शेड निर्माण कार्य हेतु 02 लाख 50 हजार रूपए, वार्ड क्र. 44 श्रीराम परिसर स्ट्रीट नं. 50 जोन क्र. 2 खुर्सीपार भिलाई में 01 नग सार्वजनिक कमरा निर्माण कार्य हेतु 04 लाख 49 हजार 653 रूपए, वार्ड क्र. 46 दुर्गा मंदिर खुर्सीपार में नहर किनारे स्थित सामुदायिक भवन के समीप सार्वजनिक चबूतरा का सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 49 हजार 705 रूपए, वार्ड क्र. 49 खुर्सीपार में मस्जिद के समीप सार्वजनिक सामुदायिक भवन सह शौचालय एवं स्नानागाह निर्माण कार्य हेतु 9 लाख 49 हजार 553 रूपए, वार्ड क्र. 43 खुर्सीपार में विभिन्न स्थानों पर लगे पोल का संधारण एवं लाईट व्यवस्था कार्य हेतु 01 लाख 99 हजार 790 रूपए, वार्ड क्र. 46 मिनीमाता नगर खुर्सीपार में सार्वजनिक सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 04 लाख रूपए, वार्ड क्र. 50 शास्त्री नगर खुर्सीपार पानी टंकी के पास सार्वजनिक सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 06 लाख रूपए, वार्ड क्र. 49 सुभाष मार्केट खुर्सीपार में 01 नग बोर खनन कार्य हेतु 01 लाख रूपए और वार्ड क्र. 49 खुर्सीपार के शिव मोहल्ला में 01 नग बोर खनन कार्य हेतु 01 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है/
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दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के दो विकास कार्य के लिए 05 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा द्वारा किया जाएगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सुरजीडीह में मंच निर्माण कार्य हेतु 02 लाख रूपए और ग्राम पंचायत परसदा में (शा.प्राथ.मा.) बाउण्ड्रीवॉल निर्माण कार्य हेतु 03 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
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दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए पाटन विधानसभा क्षेत्र के दो तकनीकी कार्य के लिए 09 लाख 99 हजार 94 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी कार्यपालन अभियंता सीएसपीडीसीएल अहिवारा द्वारा किया जाएगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद कुम्हारी में वार्ड क्र. 07 में विद्युत पोल कार्य के लिए 04 लाख 99 हजार 94 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
इसी तरह विधानसभा क्षेत्र पाटन विधायक श्री भूपेश बघेल द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी कार्यपालन अभियंता सीएसपीडीसीएल अहिवारा द्वारा किया जाएगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार नया विद्युत ट्रांसफार्मर वार्ड क्र. 13 परसदा धरसा रोड कुम्हारी में 05 लाख 99 हजार 94 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। -
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा सांसद स्थानीय निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के दो निर्माण कार्य के लिए 15 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दुर्ग द्वारा किया जाएगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आमटी के कोसरिया पारा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 12 लाख रूपए और सिरसाखुर्द के श्री साजा रावत मंदिर प्रांगण में शौचालय निर्माण कार्य हेतु 03 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
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*सहयोग केंद्र में 36 आवेदन प्राप्त हुए
रायपुर।भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में गुरुवार को सहयोग केंद्र में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्यकर्ताओं से भेंट मुलाकात कर उनके आवेदनों का निराकरण किया। इस दौरान सहयोग केंद्र में लगभग 100 लोग पहुंचे और विभिन्न विषयों से जुड़े 36 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश आवेदनों का तत्काल निराकरण भी किया गया। इस दौरान सहयोग केंद्र में प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन एवं सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने मौजूद रहे। -
- उपभोक्ता अपना बिल डाउनलोड करके रख सकेंगे हमेशा सुरक्षित
- एक क्लिक से बिल का तुरंत भुगतानरायपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को अब उनके व्हाट्स एप नंबर पर बिल भेजा जाएगा। वे इस बिल का पीडीएफ डाउनलोड करके सुरक्षित रख सकेंगे, उसका प्रिंट भी निकाल सकेंगे। इसमें उन्हें एक क्लिक करके बिल भुगतान की सुविधा भी मिलेगी। यह व्हाट्स एप मैसेज छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के आफिसियल वेरीफाइड आईडी से भेजी जाएगी, जिसमें अधिकृत ब्लूटिक लगी रहेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं ऊर्जा सचिव व डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव के निर्देशन में पॉवर कंपनी ,उपभोक्ताओं की सुविधाओं में लगातार वृद्धि कर रही है। इसी कड़ी में व्हाट्सएप सुविधा शुरु कर दी गई है।प्रदेश में 65 लाख उपभोक्ता हैं, जिसमें से 40 लाख उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर कंपनी में रजिस्टर्ड हैं। उनमें से 30 लाख उपभोक्ता व्हाट्सएप उपयोग कर रहे हैं। पॉवर कंपनी इस सुविधा का लाभ लेते हुए उपभोक्ताओं तक व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली बिल भेजेगी।वर्तमान में मीटर रीडिंग के समय उपभोक्ता को घर पर बिल की प्रति प्रदान की जाती है साथ ही एसएमएस से भी बिल की सूचना भेजी जा रही है। अब इसमें एक और बड़ी सुविधा प्रदान की जा रही है। उपभोक्ताओं को रीडिंग दर्ज होने के बाद व्हाट्सएप पर मैसेज पहुंच जाएगा। इसका सीधा फायदा उपभोक्ता को यह होगा कि उन्हें मोबाइल पर पूरा डिटेल बिल पीडीएफ के रूप में प्राप्त हो जाएगा। साथ ही उन्हें एक क्लिक पर भुगतान की सुविधा भी प्राप्त हो जाएगी। यह सूचना उन्हें हिन्दी के अलावा छत्तीसगढ़ी व अंग्रेजी में प्राप्त होगी, इसके लिए वे मनपसंद भाषा का चयन मोर बिजली एप में भाषा चयन (लैंग्वेज प्रिफरेंस) के विकल्प से कर सकते हैं। यह व्हाट्सएप संदेश उन्हें आफिसियल आईडी छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) से भेजा जाएगा, जिसमें भीतर आफिसियली वेरीफाइड मोबाइल नंबर 942555-1912 दर्ज रहेगा।जिन उपभोक्ताओं के व्हाट्सएप नंबर रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अपना नंबर रजिस्टर्ड कराना होगा। मोबाइल नंबर रजिस्टर कराने के लिए बिजली उपभोक्ता मोर बिजली एप या टोल फ्री नंबर 1912 पर फोन करके या अपने बिजली ऑफिस से संपर्क कर सकते है।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने उपभोक्ताओं से इसका अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है।*कैसे रजिस्टर्ड कराएं मोबाइल नंबर*उपभोक्ताओं को अपने व्हाट्स एप नंबर रजिस्टर्ड कराने के लिए टोलफ्री नंबर 1912 में डायल करना होगा या फिर मोर बिजली एप के जरिए नंबर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना उपभोक्ता क्रमांक (10 अंकों वाला बीपी नंबर) के साथ आखरी बिल भुगतान की तारीख व राशि बतानी होती है। इस वेरीफिकेशन के पश्चात् उनका नंबर रजिस्टर्ड कर लिया जाएगा, जिसके बाद उन्हें भी व्हाट्सएप से बिजली बिल मिलने लगेगा। -
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा संगठन की वैचारिक और कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा केन्द्रीय मुख्यालय में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान–2026’ का आयोजन रखा गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य रूप से सम्मिलित हुए।
*प्रशिक्षण से राष्ट्र निर्माण का संकल्प*भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नवीन ने संगठनात्मक ढांचे में प्रशिक्षण की अनिवार्य भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। श्री नवीन ने कहा कि यह महाअभियान ‘व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और संगठन निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ के मूल मंत्र पर आधारित है। प्रशिक्षण ही वह माध्यम है जो कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा और कार्यपद्धति से गहराई से जोड़ता है। श्री नवीन ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए संगठन को और अधिक ऊर्जावान व सशक्त बनाएगा।*छत्तीसगढ़ की सक्रिय सहभागिता*इस महाअभियान में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए भाजपा के प्रमुख पदाधिकारियों भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, प्रदेश प्रवक्ता द्वय श्रीमती शताब्दी पांडे व टेकेश्वर जैन तथा प्रशिक्षण विभाग के प्रदेश संयोजक डॉ. अवधेश जैन ने हिस्सा लिया। -
*राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह जी के आगमन पर बस्तर पण्डुम-2026 में झलकेगी जनजातीय संस्कृति की वैश्विक छटा*
* बस्तर पण्डुम-2026: 55 हजार से अधिक कलाकारों की भागीदारी, जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगेगा बस्तर**नक्सल हिंसा से संस्कृति के शिखर तक: बस्तर पण्डुम-2026 बना नए बस्तर के उदय का प्रतीक** जहाँ कभी गोलियों की गूंज थी, आज वहां ढोल-नगाड़े: बस्तर पण्डुम में दिखा बदलता बस्तर**राष्ट्रपति के आगमन से लेकर 55 हजार कलाकारों तक: बस्तर पण्डुम ने दिया शांति और विकास का संदेश*रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर में चल रहे 'बस्तर पण्डुम-2026' कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में 7 फरवरी को बस्तर में आगमन हो रहा है। श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। आगामी 7 से 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले संभागस्तरीय बस्तर पण्डुम 2026 को लेकर अंचल के निवासियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे।प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर पण्डुम में 12 पारंपरिक विधाओं (नृत्य, संगीत, शिल्प) के माध्यम से आदिवासी विरासत का प्रदर्शन हो रहा है। जनपद, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित इस कार्यक्रम में 12 प्रमुख विधाओं में बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन, और वन-औषधि शामिल हैं। श्री कश्यप ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की आत्मा और सामुदायिक जीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित करता है। बस्तर पंडुम का उद्देश्य स्थानीय लोक संस्कृति को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। बस्तर पण्डुम का यह साफ संदेश है कि बस्तर की संस्कृति आज भी जीवित है और गर्व के साथ खड़ी है। यह आयोजन जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर है। श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को दुनिया में वैश्विक पहचान मिली है। बस्तर पण्डुम में लोगों की स्वस्फूर्त भागीदारी इस बात का साफ संकेत है कि बस्तर की तरुणाई अब नक्सली आतंक की अंधेरी सुरंगों से बाहर निकलकर विकास, शांति और सुरक्षा के निर्भीक वातावरण में नए सूर्योदय के आलोक में अपना भविष्य गढ़ने के लिए तत्पर है।प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि आँकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में जहाँ विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, वहीं इस वर्ष यह आँकड़ा सातों जिलों में तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुँच गया है। प्रतिभागियों की संख्या में वृद्धि से स्पष्ट है कि बस्तर के लोग अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक कलाओं को सहेजने के लिए कितने उत्साहित हैं! दन्तेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ पूरे संभाग में सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों से भी हजारों की संख्या में प्रतिभागी हैं। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला का जादू बिखरेंगे। श्री कश्यप ने कहा कि इन तीन दिनों में बस्तर की फिजाँ में जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज, स्थानीय व्यंजन पेय पदार्थ और नाटकों का मंचन आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा। इसमें 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक सहित अन्य विधा में हुनर दिखाएंगे। एक ओर 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर 56 प्रतिभागी लजीज जनजातीय व्यंजनों की खुशबू से माहौल को सराबोर करेंगे।प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि इस आयोजन की एक और सबसे खूबसूरत तस्वीर मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी है। संभाग स्तर पर पहुँचने वाले 705 प्रतिभागियों में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या में गजब का संतुलन देखने को मिल रहा है। इनमें 340 महिलाएँ और 365 पुरुष प्रतिभागी शामिल हैं। श्री कश्यप ने कहा कि यह भागीदारी बताती है कि बस्तर की संस्कृति को आगे ले जाने और उसे संरक्षित करने में यहां की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कुल मिलाकर, बस्तर पण्डुम 2026 अपनी भव्यता ओर जन भागीदारी के साथ एक अविस्मरणीय आयोजन बनने की ओर अग्रसर है। - -कांकेर जिले के 12 परीक्षा केन्द्रों में 3333 परीक्षार्थी होंगे शामिलकांकेर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली पूर्वान्ह 10 बजे से मध्यान्ह 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 03 बजे से शाम 05 बजे तक आयोजित की जाएगी, जिसमें जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में 3333 परीक्षार्थी शामिल होंगे।कलेक्टर श्री निलेशकुमार महोदव क्षीरसागर द्वारा परीक्षा के सफल संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर सुश्री आस्था बोरकर को नोडल अधिकारी तथा सहायक संचालक शिक्षा श्री लक्ष्मण कावड़े को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए जिले में स्थापित शासकीय भानुप्रतापदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर में 500, शासकीय इंदरू केंवट कन्या कॉलेज भीरावाही अलबेलापारा कांकेर में 400, शासकीय नरहरदेव हायर सेकेंडरी स्कूल कांकेर 313, कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल लट्टीपारा कांकेर 400, शासकीय पंडित विष्णुप्रसाद शर्मा हायर सेकेण्डरी स्कूल गोविन्दपुर कांकेर में 200, डाईट कांकेर में 180, शासकीय महिला आईटीआई कांकेर में 180, शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल सिंगारभाट में 180, शासकीय कन्या हॉस्टल हाई स्कूल सिंगारभाट में 180, शासकीय कन्या हाई स्कूल मांझापारा कांकेर 200, शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल सिदेसर में 300 तथा शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल बागोडार में 300 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
- -बनेगा भव्य कन्वेंशन सेंटर : ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग रूम, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट की रहेगी सुविधारायपुर।, नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 निर्माण के लिए जल्द ही कार्य प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान स्थित सभाकक्ष में आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, आर्टिस्ट एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले जनजातीय जीवन शैली एवं परम्पराओं पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया था। इन संग्रहालयों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा एवं अन्य दुकानें भी खोली जानी हैं इस संबंध में अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई। उन्होंने संग्रहालय फेस-2 के अंतर्गत ही आकर्षक बागवानी, परिसर के भीतर स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन एवं पार्किंग की बेहतर व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की।बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित छात्रावास के पास ही निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर की रूपरेखा पर भी चर्चा की। इसके डिजाइन एवं लेआउट पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। इस कन्वेंशन सेंटर में एक ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग रूम, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट आदि की व्यवस्था रहेगी।बैठक में संचालक, टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, उपसचिव श्री बी.के.राजपूत, अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्री आर.एस.भोई, उपायुक्त श्री विश्वनाथ रेडडी, कार्यपालन यंत्री श्री त्रिदीप चक्रवर्ती, उपयंत्री श्री गुप्ता एवं श्री यशवंत राव सहित आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, आर्टिस्ट एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -लोकभवन में मनाया गया 6 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवसरायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पहचान भले ही अलग-अलग हो लेकिन इन सब की आत्मा एक भारत में है।केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, झारखंड और नागालैण्ड राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान का आदान-प्रदान करना है जो आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ावा देगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी। इस परिप्रेक्ष्य में आज का कार्यक्रम एक गौरवपूर्ण क्षण है।उन्होंने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस, उस राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है। इन राज्यों का स्थापना दिवस, केवल उनके विकास की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि भारत की विविधता और एकता का प्रतीक है।उन्होंने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में आंध्रप्रदेश का शानदार योगदान है। यह राज्य मछली के लिए प्रसिद्ध है। यह तिरूपति बालाजी की देव भूमि है। इसी तरह पंजाब वीरों की भूमि है। गुरूतेग बहादुर के बलिदान को सब जानते है। भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व समुदाय में पंजाबियों का बहुत योगदान है। हरियाणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य प्राचीन परंपरा का मूलभूत केंद्र है। यह वही भूमि जहां से महाभारत का संदेश पूरी मानवता तक पहुंचा। झारखण्ड राज्य खनिज का हब है। चंडीगढ़ बहुत सुंदर और नियोजित प्रदेश है। नागालैण्ड बहुत खूबसुरत राज्य है। यहां की जनजातीय संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। इस राज्य के लोगों की बहादुरी की कहानियां दुसरों को प्रेरित करती हैं।श्री डेका ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम हमारे बीच संवाद, सहयोग और सद्भाव को और मजबूत करता है।समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संस्कृति कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी, वनवासी आश्रम की छात्राएं, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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-शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की अहम भूमिका
-मुख्यमंत्री श्री साय प्रेस क्लब रायपुर के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दी बधाईरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी सहित समस्त कार्यकारिणी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। यह देश के पुराने एवं प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी प्रेस क्लब की गरिमा और प्रतिष्ठा को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं। पत्रकार समाज के प्रति सजग रहते हुए साहस के साथ गरीबों, वंचितों और आमजन की आवाज को बुलंद करते हैं। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र की डबल इंजन सरकार ने सुदृढ़ रणनीति के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लगातार निर्णायक सफलता हासिल की है। बीते दो वर्षों में हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और पराक्रम के कारण नक्सलवाद आज समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा किया जाएगा, जो निश्चित रूप से शीघ्र साकार होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार पत्रकार कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं। हमारी बहन-बेटियाँ भी पत्रकारिता के क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी और साहस के साथ अपनी भूमिका निभा रही हैं, जो समाज के लिए गर्व का विषय है।उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सदैव चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और अधिकारों की पक्षधर रही है। गत वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पत्रकारों के विभिन्न समूहों को अध्ययन एवं भ्रमण के लिए देश के अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया, जिसमें महिला पत्रकार भी शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों द्वारा लौटकर साझा किए गए अनुभव अत्यंत सकारात्मक और प्रेरणादायक रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने फेक न्यूज़ के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर विषय है, जिस पर विचार और समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस दिशा में पत्रकार समुदाय द्वारा सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि पत्रकारों के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है तथा प्रेस क्लब अध्यक्ष द्वारा रखी गई मांगों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार समाज के अभिन्न अंग हैं। पत्रकारों द्वारा उठाए गए विषय सदैव समाजहित से जुड़े होते हैं और उनसे शासन-प्रशासन को समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर पत्रकारों के साथ है और रायपुर प्रेस क्लब के सुदृढ़ विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने भी सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री हिमांशु द्विवेदी एवं प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।कार्यक्रम के दौरान श्री बसंत वीर उपाध्याय की पुस्तक “आईएएस की तैयारी और श्रीरामचरितमानस” का विमोचन भी किया गया।इस मौके पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास सहित श्री प्रशांत शर्मा, श्री मोहित साहू, श्री संदीप पौराणिक, श्री अंशुमान शर्मा तथा रायपुर के अनेक वरिष्ठ पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे। - -भखारा, लवन, सकरी और राजकिशोर नगर में उप पंजीयक कार्यालयों को मिली प्रशासकीय स्वीकृतिरायपुर।, प्रदेश में आम नागरिकों को रजिस्ट्री एवं पंजीयन से जुड़ी सेवाएं सहज, सुलभ और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम–1908 के प्रावधानों के तहत भखारा (जिला धमतरी), लवन (तहसील मुख्यालय, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा), सकरी एवं राजकिशोर नगर (बिलासपुर) में चार नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार धमतरी जिला के भखारा में नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने हेतु प्रशासकीय स्वीकृत दी गई है। इसी प्रकार जिला पंजीयक बलौदाबाजार-भाटापारा के अंतर्गत तहसील मुख्यालय लवन और बिलासपुर जिले के राजकिशोर नगर एवं सकरी में उप पंजीयक कार्यालय खोलने प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया है।इन नए उप पंजीयक कार्यालयों के खुलने से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को रजिस्ट्री कार्य के लिए दूरस्थ जिला मुख्यालयों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन की बचत होगी, भीड़ कम होगी तथा पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में गति आने की भी संभावना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक उनके निकटतम स्तर पर उपलब्ध हों। नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति से लोगों को पंजीयन संबंधी कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय सुशासन की दिशा में एक और सशक्त कदम है, जिससे नागरिकों का समय बचेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य हमारी सरकार नागरिक सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।चार नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति इसी सोच का परिणाम है। नए उप पंजीयक कार्यालय खुलने से पंजीयन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को उनके क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और त्वरित होगी। उन्होंने बताया कि पंजीयन विभाग द्वारा 10 नए क्रांतिकारी सुधार लागू किए गए हैं, जिनका लाभ इन क्षेत्रों के नागरिकों को भी मिलेगा। इनमें ऑटो डीड जनरेशन, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, घर बैठे रजिस्ट्री, स्वतः नामांतरण, ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाणपत्र, एकीकृत कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप आधारित सेवाएं, डिजीलॉकर एकीकरण, डिजी-डॉक सेवा तथा खसरा नंबर के माध्यम से ऑनलाइन सर्च एवं रजिस्ट्री डाउनलोड की सुविधा शामिल है।राज्य सरकार के इस निर्णय को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पंजीयन व्यवस्था अधिक विकेंद्रीकृत और प्रभावी बन सकेगी।
- -पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रमोटरों पर 10 लाख रुपये का जुर्मानारायपुर ।छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के गंभीर उल्लंघन के एक महत्वपूर्ण मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 10 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। यह दंड अधिनियम की धारा 3 के उल्लंघन पर धारा 59 के अंतर्गत लगाया गया है।यह आदेश छत्तीसगढ़ रेरा बनाम पंचम कॉलोनी प्रकरण में पारित किया गया है। प्रकरण में ग्राम पेंड्रा, जिला जीपीएम स्थित पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रवर्तक श्री पंचम केशरी, श्री मनीष केशरी, श्रीमती रजनी केशरी एवं श्री निधिश केशरी द्वारा जानबूझकर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर RERA अधिनियम से छूट प्राप्त करने का प्रयास किया गया।जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित परियोजना वास्तविक रूप से आवासीय (हाउसिंग) श्रेणी की थी, किंतु प्रवर्तकों द्वारा इसे गलत रूप से प्लॉटेड परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया। पूर्व में दर्ज प्रकरण में प्रमोटरों द्वारा वर्ष 2016 का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर परियोजना को रेरा पंजीकरण से छूट दिलवाई गई थी।हालांकि, आबंटिती द्वारा प्राधिकरण में प्रस्तुत शिकायत के आधार पर दर्ज प्रकरण की सुनवाई के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि उसी विकास क्षेत्र में प्रवर्तकों ने सक्षम प्राधिकारी से विधिवत भवन अनुज्ञा प्राप्त कर आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया तथा उनका विक्रय भी किया गया। इस प्रकार, प्रवर्तकों द्वारा प्राधिकरण को गुमराह कर गलत कथन प्रस्तुत करते हुए अनुचित लाभ प्राप्त किया गया।सीजी रेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि गलत जानकारी देकर अधिनियम से छूट प्राप्त करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर छल भी है।प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, सत्य जानकारी का प्रकटीकरण और कानून का पालन अनिवार्य है। अधिनियम से बचने के किसी भी प्रयास पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि घर खरीदारों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता की भावना के साथ संचालित योजनाओं से वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, विधवाओं, निराश्रितों एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।सूरजपुर जिले में सामाजिक सहायता पेंशन योजना के अंतर्गत 70,014 हितग्राहियों को नियमित रूप से पेंशन का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पेंशन वितरण में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है।दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जिले में अब तक 5,230 विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 546 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। विशेष विद्यालयों एवं पुनर्वास केंद्रों के विस्तार से शिक्षा एवं पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं सियान हेल्पलाइन केंद्र के माध्यम से बुजुर्गों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। वृद्धाश्रम एवं नशामुक्ति देखभाल गृहों के माध्यम से निराश्रित एवं उपेक्षित व्यक्तियों को आश्रय, पहचान और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
- -मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंदरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।




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