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- बालोद/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार हेतु तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी एक्शन प्लान के अनुसार प्रधान जिला न्यायाधीश बालोद एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री श्यामलाल नवरत्न बालोद के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद भारती कुलदीप द्वारा आज डौंडी लोहारा में आयोजित स्वच्छ पंचायत सम्मेलन में विधिक जागरूकता शिविर का कार्यक्रम आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में आए मितानीन को सचिव ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित योजनाएं जागृति योजना 2025, डॉन योजना 2025, आशा योजना 2025, संवाद योजना 2025, सखी वन स्टाॅप सेंटर, घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005, एफआइआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, मानसिक रोगी के उपचार हेतु, सखी वन स्टॉप सेंटर, निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा एवं नालसा का टोलफ्री नंबर 15100 के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
- सामाग्रियों के क्रय-विक्रय के संबंध में दी गई विस्तारपूर्वक जानकारीबालोद/जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज बालोद जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य कार्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम, 2002 एवं जेम पोर्टल से सामाग्रियों के क्रय के संबंध में आॅनलाईन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान अधिकारी-कर्मचारियों को भण्डार क्रय नियम, 2002 एवं जेम पोर्टल से सामाग्रियों के क्रय किये जाने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही जेम पोर्टल से क्रय किए जाने के संबंध में आ रही समस्यों के निराकरण की भी जानकारी दी गई। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं लेखा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- स्कूली बच्चों द्वारा ग्रामीणों को दिया गया स्वच्छता का संदेशबालोद/ जिला पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत जिले के ग्राम पंचायतों, स्कूलों आंगनबाड़ियों में स्वछता के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों, छोटे बच्चों, आम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिसमें स्वच्छता शपथ, रैली, हाथ धुलाई, मानव श्रृंखला, घर-घर कचरा कलेक्शन, सार्वजनिक स्थल, सड़क किनारे की साफ सफाई के माध्यम से विभिन्न गतिविधियो के माध्यम से स्वच्छता के संबंध में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत डौंडी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मंडले के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत ठेमाबुजुर्ग के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में ’सूखा कचरा’, गीला कचरा’ के बारे मे छात्र, छात्राओं को गतिविधि के माध्यम से स्वच्छता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छ भारत मिशन का प्रतीक चिन्ह का मानव श्रृंखला के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का प्रचार-प्रसार किया गया। इस अवसर पर खंड समन्वयक श्री डी एस यादव, स्कूली शिक्षक-शिक्षिका एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने विभिन्न कार्यो का समीक्षा किये। बैठक में आनलाईन पोर्टल पर दर्ज शिकायत, जमीन का दस्तावेजीकरण, अवैध अतिक्रमण, आयुष्मान कार्ड, मोर संगवारी योजना, बकाया करो की वसूली सहित सिंगलयूज प्लास्टिक पर लगाम लगाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।आयुक्त ने नागरिको द्वारा किये गये शासकीय पोर्टल पर दर्ज आनलाईन शिकायत एवं मांग को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द समस्या का निराकरण कराने निर्देशित किये है। नवीन कार्य की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को सैद्वांतिक स्वीकृति हेतु प्रेषित करने कहा गया है। निगम क्षेत्र के जमीन का दस्तावेजीकरण करना है, जिससे अवैध कब्जा न हो सके। जमीन की ब्रिकी में रूकाव हेतु विज्ञप्ति जारी करना है, जिससे अवैध प्लाटिंक पर लगाम लगाया जा सके। निगम क्षेत्र के रोड किनारे, नाली के उपर, चैंक-चैराहो में किये गये अवैध अतिक्रमण को कब्जामुक्त कराना है, जिससे नागरिको को सुगम यातायात का लाभ मिल सके। 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिको को निःशुल्क ईलाज की सुविधा दिलाने आयुष्मान कार्ड बनाने अनुरोध करना है। ज्यादा से ज्यादा वरिष्ठ नागरिको का आयुष्मान कार्ड बनाना है, जिससे उनको शासकीय योजना का लाभ मिल सकें।मोर संगवारी योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना है। जिससे नागरिको को घर बैठे आवश्यक दस्तावेज बनाने का लाभ मिल सकें। बकाया करों की वसूली को प्राथमिकता देते हुए धारा 173, 174 एवं 175 के तहत नोटिस तामिल करना है। डोर-टू-डोर बकाया कर वसूली को बढ़ाना है। स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सिंगलयूज प्लास्टिक को पूर्ण रूप से बंद करना है, इसके लिए कार्यवाही के साथ-साथ अभियान चलाने कहा गया है। समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी के कोसरिया, मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा, अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, लेखाधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, उप अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
- सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण पर दिया जोरभिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आज जोन-3 मदर टेरेसा नगर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पावर हाउस सब्जी मार्केट, निर्माणाधीन डोम शेड और यातायात सुगमता के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता सहित निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने पावर हाउस सब्जी मार्केट में साफ-सफाई की व्यवस्था देखी और इसे और अधिक व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस ग्राउंड लाल मैदान में बन रहे डोम शेड के कार्य स्थल का अवलोकन कर आवश्यक सुझाव दिए। पावर हाउस चौक पर अस्थायी दुकानों और गुमटियों के कारण बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए संचालकों को तत्काल अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी गई।डॉ. भीमराव अंबेडकर मूर्ति के समीप नेशनल हाईवे से सटी सड़क के संकरे होने के कारण, यातायात को सुगम बनाने हेतु डिवाइडर को 1 मीटर पीछे करने पर चर्चा की गई। अंबेडकर मूर्ति के पीछे रिक्त स्थान पर 'ट्रिपल आर सेंटर' (रिड्यूस, रियूस, रीसाइकिल) का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य पुरानी सामग्रियों का पुन: उपयोग और रीसायकल कर शहर को प्रदूषण मुक्त बनाना है। पावर हाउस चौक के सौंदर्यीकरण के लिए 'कबाड़ से जुगाड़' मॉडल को अपनाने पर जोर दिया गया है, ताकि कम लागत में चौक को आकर्षक बनाया जा सके। निरीक्षण के दौरान उप अभियंता दीपक देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे, हेमंत मांझी, स्वच्छता निरीक्षक चुड़ामणी यादव सहित अन्य निगम कर्मी मौजूद रहे।
- भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के परिपेक्ष्य में नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के 31 अगस्त 2024 के पूर्व आबादी भूमि पर काबिज हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के बीएलसी घटक योजनांतर्गत सम्मिलित किया जाना है। बीएलसी घटक के नवीन डी.पी.आर. में शामिल करने के पूर्व दिशा-निर्देश के अनुरूप निर्धारित प्रारूप में आवेदकों से आवेदन पत्र लेकर निरीक्षण प्रतिवेदन वार्डवार प्रस्तुत किया जाना है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा शासन से प्राप्त आदेश के परिपालन में आबादी भूमि के सर्वेक्षण कार्य अधिकारी/कर्मचारियों का सर्वेक्षण दल गठित किया गया है। जोन-1 नेहरू नगर अंतर्गत खम्हरिया विनोभा नगर जुनवानी, पुरानी बस्ती कोहका एवं सुपेला क्षेत्र के सर्वेक्षण कार्य हेतु उप अभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा, रीमा जामुलकर, बसंत साहू एवं सहायक राजस्व अधिकारी सुनील जोशी तथा वरिष्ठ कर्मचारी संजीव तिवारी, भाईजी बघेल, निरंजन असाटी, विनोद शुक्ला को कार्य सौंपा गया है। जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत कुरूद बस्ती क्षेत्र के सर्वेक्षण कार्य हेतु उप अभियंता चंदन निर्मल, सहायक राजस्व अधिकारी प्रसन्न कुमार तिवारी, वरिष्ठ कर्मचारी मदन मोहन तिवारी, सुरेश कुलदीप की डयूटी लगाई गई है। ये सभी अधिकारी/कर्मचारी वार्डवार सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर निरीक्षण प्रतिवेदन निकाय के परीक्षण समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगें।
- प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने लिखा पत्ररायपुर। छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा प्रस्तावित Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations–2026 को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। इस संबंध में संस्था के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन पत्र भेजा है।ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2026 के ये नियम उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता बढ़ाने के उद्देश्य से लाए जाने का दावा करते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से यह अपने घोषित लक्ष्य से भटके हुए प्रतीत होते हैं। संस्था का आरोप है कि यह व्यवस्था शिक्षा में गुणवत्ता और निष्पक्षता को बढ़ाने के बजाय राजनीतिक लाभ का साधन बन सकती है।75 साल से लागू जाति आधारित आरक्षण समानता लाने में विफल रहा है अतः इसे निरस्त करना चाहिए।छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने स्पष्ट किया है कि यदि उच्च शिक्षा में वास्तविक समानता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है, तो विश्वविद्यालयों को जाति और धर्म से निरपेक्ष रखते हुए चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जाना चाहिए।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले 75 वर्षों से लागू जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के कारण उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रतिभा का क्षरण, ब्रेन ड्रेन और शोध व नवाचार के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति न होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं।संस्था ने सरकार से यह भी अनुरोध किया है कि यदि उच्च शिक्षा में किसी प्रकार के आरक्षण की आवश्यकता हो, तो उसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर नए और संतुलित मापदंड तय किए जाएं।ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि इस मुद्दे को लेकर जन असंतोष बढ़ रहा है, जिससे सामाजिक असंतुलन और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।अंत में छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने केंद्र सरकार से UGC के 2026 के इन नियमों को तत्काल रद्द करने की मांग दोहराई है।
- बस्तियों के नुक्कड़ों से लेकर शराब भट्ठियों तक पुलिस का सख्त अभियानगुंडा-बदमाशों पर कसा शिकंजा, दो फरार वारंटी गिरफ्तार, 23 संदिग्धों पर कार्यवाही, चाकू तलवार भी बरामदरायपुर/रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शहर में अपराध नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु लगातार सघन अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में डीसीपी सेंट्रल ज़ोन उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देश पर 28 जनवरी 2026 की शाम से विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष चेकिंग एवं कॉम्बिंग अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) श्री तारकेश्वर पटेल के नेतृत्व में थाना गंज एवं थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत शराब भट्ठियों, अहातों, प्रमुख बस्तियों के सुनसान मैदानों एवं संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थलों पर घेराबंदी कर सघन चेकिंग की गई।थाना गंज क्षेत्र में चुना भट्टी रेलवे स्टेशन, प्रभात टॉकीज के पीछे गंजपारा क्षेत्र, शराब ठेकों के आसपास एवं अड्डेबाजी के संभावित स्थानों पर कार्यवाही की गई। इसी प्रकार थाना कोतवाली क्षेत्र के नेहरू नगर, चारनाला चौक, टैगोर नगर चौक एवं कोचिंग संस्थानों के आसपास विशेष अभियान चलाया गया।इस दौरान दो फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें –हरीश टांडी, निवासी कोतवाली थाना क्षेत्र, जो आर्म्स एक्ट के प्रकरण में स्थायी वारंटी था एवं थाना कोतवाली का पुराना निगरानीशुदा बदमाश है। इसके विरुद्ध पूर्व में मारपीट, बलवा, आम्र्स एक्ट एवं हत्या के प्रयास जैसे गंभीर प्रकरण दर्ज हैं।करण साहू, जो आर्म्स एक्ट के एक अन्य प्रकरण में फरार वारंटी था। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।वहीं थाना गंज क्षेत्र के चुना भट्टी, शीतला मंदिर के पीछे एवं अंडरब्रिज के आसपास के क्षेत्रों में रेड कर सुनसान इलाकों एवं अंधेरी गलियों का फायदा उठाकर नशा करने वाले तत्वों को खदेड़ा गया तथा उनके निवास क्षेत्रों के प्रमुख नुक्कड़ों एवं चौकों पर ले जाकर कड़ी समझाइश दी गई। मोहल्लों में दबदबा बनाने वाले बदमाशों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।रात्रि गश्त के दौरान विशेष चेकिंग अभियानपुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रात्रि गश्त को और अधिक मुस्तैदी से करने तथा अपराधों को घटित होने से पूर्व रोकने हेतु सख्त निर्देश दिए गए हैं।इसी क्रम में दिनांक 28-29.01.2026 की दरम्यानी रात्रि डीसीपी सेंट्रल ज़ोन के अंतर्गत एसीपी और थाना प्रभारियों एवं उनकी पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन रात्रि गश्त की गई।थाना सिविल लाइन क्षेत्र के राजा तालाब श्याम नगर और ताज नगर इलाकों में अड्डेबाजी करते हुए एवं संदिग्ध रूप से घूम रहे कुल 23 व्यक्तियों को पकड़ा गया। इनमें से कुछ व्यक्ति दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों में सवार थे। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 03 चाकू एवं 01 तलवार बरामद की गई। उक्त सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।रायपुर पुलिस कमिश्नरेट आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। असामाजिक तत्वों, नशेड़ियों एवं अपराधियों के विरुद्ध इस प्रकार के अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।=
- - पॉवर कंपनी 10 अंकों के मोबाइल नंबर से कोई लिंक / एपीके फाइल नहीं भेजती- बिजली कनेक्शन के डिमांड के भुगतान के नाम पर साइबर ठगीरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में नए बिजली कनेक्शन देने के नाम पर व्हाट्सएप के माध्यम से साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए पावर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नए कनेक्शन के लिए पावर कंपनी किसी भी प्रकार की एपीके फाइल व्हाट्सएप पर नहीं भेजती है और न ही कभी इसे डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। इस प्रकार के संदेश प्राप्त होने पर उन्हें क्लिक न करें।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (ऊर्जा एवं सूचना प्रौद्योगिकी) श्री वी. के. साय ने बताया कि कुछ जिलों में उपभोक्ताओं द्वारा इस प्रकार की शिकायतें पुलिस में दर्ज कराई गई हैं। इन मामलों में उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पर नए बिजली कनेक्शन के डिमांड के भुगतान के लिए व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी गई।साइबर ठगी करने वालों ने इसे डाउनलोड कर कुछ प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा, जिसके बाद उपभोक्ताओं का मोबाइल हैक हो गया और उनके खाते से धनराशि निकल गई।श्री साय ने उपभोक्ताओं को सतर्क करते हुए कहा कि बिजली से संबंधित भुगतान केवल निर्धारित माध्यमों से ही करें। साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं। वे कभी बिजली कनेक्शन काटने के नाम पर तो कभी नए कनेक्शन देने के नाम पर ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं।पावर कंपनी कभी भी 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से न तो संदेश भेजती है और न ही किसी प्रकार का भुगतान लेती है। भुगतान की सुविधा केवल संबंधित बिजली कार्यालय, एटीपी केंद्र, मोर बिजली एप या कंपनी की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही उपलब्ध है।उन्होंने बताया कि बिजली से संबंधित संदेश भेजने के लिए कंपनी सीएसपीडीसीएल-एस (CSPDCL-S) सेंडर आईडी (ID) का उपयोग करती है। मितान बॉट की व्हाट्सएप सुविधा में भी केवल सत्यापित आधिकारिक पहचान का ही उपयोग किया जाता है।इसके अतिरिक्त किसी अन्य नंबर से प्राप्त संदेश पर किसी भी प्रकार का भुगतान न करें। अधिक जानकारी के लिए केंद्रीकृत कॉल सेंटर 1912 अथवा अपने नजदीकी वितरण केंद्र से संपर्क करें।
- -जेम पोर्टल से खरीदी और नवीन भंडार क्रय नियमों से बढ़ेगी प्रशासनिक पारदर्शितादुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम, 2002 एवं जेम (गर्वनरमेंट-ई-मार्केटप्लेस) से संबंधित एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्रशिक्षण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों में खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए भंडार क्रय नियमों और जेम पोर्टल के उपयोग की तकनीकी जानकारी प्रदान करना था।बैठक में अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ शासन के भंडार क्रय नियम (एसपीआर 2002-संशोधन 2025) पर आधारित है, जिसका मुख्य लक्ष्य सरकारी विभागों के लिए सही समय पर उचित दरों पर उच्च गुणवत्ता वाला सामान और सेवाएँ प्राप्त करना है। अधिकारियों को बताया गया कि यह नियम राज्य के सभी सरकारी विभागों पर लागू होते हैं और इनका एक बड़ा उद्देश्य स्थानीय सूक्ष्म और लघु उद्योगों (एमएसई) के साथ-साथ अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उद्यमियों को प्राथमिकता देना है।प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि अब जेम (गर्वनरमेंट-ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल से खरीदारी करना अनिवार्य कर दिया गया है। वित्तीय नियमों के तहत बताया गया कि 1 लाख रूपए तक की सीधी खरीद की जा सकती है, जबकि 1 लाख रूपए से 3 लाख रूपए तक के लिए सीमित निविदा अपनानी होगी, जिसमें कम से कम 3 निर्माताओं से संपर्क करना ज़रूरी है। 3 लाख रूपए से अधिक की किसी भी खरीद के लिए खुली निविदा और विज्ञापन प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। यह भी स्पष्ट किया गया कि ’’एमएसई और स्टार्टअप्स’’ को विशेष लाभ देते हुए उन्हें धरोहर राशि (ईएमडी) और टेंडर फीस से छूट दी गई है। साथ ही, नियम 4.12 के तहत निर्देश दिए गए कि 50,000 रूपए से अधिक की वार्षिक खरीद वाले हर कार्यालय में एक क्रय समिति का गठन अनिवार्य है, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हों। इसके अतिरिक्त, नियम 4.14 के तहत 6 महीने के भीतर 25 प्रतिशत तक की अतिरिक्त मात्रा के लिए रिपीट ऑर्डर के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह एवं श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा तथा जिले के सर्व कार्यालय प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत भिलाई नगर, पाटन और अहिवारा विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न जनहित कार्यों के लिए कुल 34 लाख 38 हजार 94 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित इन कार्यों के तहत भिलाई नगर विधानसभा में वार्ड 63 होसन्ना चौक के पास सार्वजनिक टीन शेड निर्माण एवं कांक्रीटीकरण हेतु 4 लाख 99 हजार 698 रूपए, बुद्ध विहार के पास सार्वजनिक शौचालय निर्माण हेतु 2 लाख 49 हजार 517 रूपए, सेक्टर 06 की सड़क 60-61 के मध्य सार्वजनिक डोम शेड निर्माण हेतु 5 लाख 99 हजार 684 रूपए तथा सेक्टर 07 सड़क 35 के डोम शेड में फेंसिंग कार्य हेतु 1 लाख 49 हजार 739 रूपए स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर निगम भिलाई हैं। इसी प्रकार पाटन विधानसभा के अंतर्गत नगर पालिका परिषद कुम्हारी के वार्ड 16 लोटस सिटी में शेड निर्माण हेतु 4 लाख 99 हजार 456 रूपए की स्वीकृति दी गई है, वहीं अहिवारा विधानसभा के ग्राम पंचायत हवेलीडीह में सी.सी. रोड निर्माण हेतु 2.40 लाख और ग्राम कुटेलाभाटा में सरस्वती शिशु मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 12 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, सभी कार्यों के संपादन हेतु संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।
- दुर्ग, / छत्तीसगढ़ शासन के राज्य कर विभाग द्वारा 29 जनवरी 2026 को दुर्ग संभाग के अधिकारियों और विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के साथ एक महत्वपूर्ण विभागीय समन्वय बैठक का आयोजन किया जा रहा है। उक्त बैठक भिलाई के सेक्टर-5 स्थित आईसीएआई भवन (सिविक सेंटर) में आयोजित की जाएगी। जिसकी अध्यक्षता राज्य कर आयुक्त श्री पुष्पेंद्र कुमार मीणा (आईएएस) और विशेष आयुक्त श्रीमती तरन्नुम वर्मा करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार बैठक सत्रों का विभाजन तीन चरणों में किया जाएगा। सुबह 11.00 बजे से 12.00 बजे तक ’बार एवं सीए एसोसिएशन’ के साथ चर्चा होगी, जिसके बाद दोपहर 12.00 बजे से 1.00 बजे तक ’चेबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन’ के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया जाएगा। अंतिम सत्र दोपहर 2.00 बजे से 3.00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें ’सेंट्रल जीएसटी एवं डीजीजीआई के अधिकारी शामिल होंगे। इस समन्वय बैठक में दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारी, निरीक्षक और संबंधित संगठनों के अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करना और कर संबंधी विषयों पर चर्चा करना है।
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-कलेक्टर ने किया सहकारिता विस्तार अधिकारी को निलंबित
दुर्ग, / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के अंतर्गत श्री प्रजय सोनी सहकारिता विस्तार अधिकारी धमधा कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुर्ग को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में श्री सोनी का मुख्यालय कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुर्ग निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री सोनी को नियमानुसार जीवन निर्वह भत्ता देय होगा। ज्ञात हो कि सेवा सहकारी समिति मर्यादित ठेंगाभांट पंजीयन क्रमांक 613 के उपार्जन केन्द्र ठेंगाभांट में धान खरीदी के दौरान अनियमितता की जांच तहसीलदार धमधा द्वारा किया गया। जांच प्रतिवेदन अनुसार श्री प्रजय सोनी सहकारिता विस्तार अधिकारी धमधा के द्वारा शासन के महत्वपूर्ण कार्य समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन विपणन वर्ष 2025-26 उपार्जन केन्द्रों के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण का कार्य संपादित किया जाना था। सेवा सहकारी समिति मर्यादित ठेंगाभांट पंजीयन क्रमांक 613 उपार्जन केन्द्र ठेंगाभांट के जांच में 682 बैग अनाधिकृत रूप से भंडारित पाया गया। उक्त प्रकरण में किसानों ने अपने शपथपूर्वक लिखित कथनों में बताया है कि उक्त धान को किसानों के द्वारा प्रदान किये गये धान के बाद शेष लिमिट में श्री प्रजय सोनी एवं समिति के कर्मचारियों/पदाधिकारियों के साथ मिलकर समायोजन कराया जा रहा था। इस प्रकार सेवा सहकारी समिति मर्यादित ठेंगाभांट के उपार्जन केन्द्र ठेंगाभांट में धान खरीदी के दौरान घोर अनियमितता के प्रकरण में श्री प्रजय सोनी का समिति के कर्मचारियों/पदाधिकारियों के साथ संलिप्तता स्पष्ट रूप से परिलक्षित होना पाया गया। श्री सोनी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल संहिता आचरण नियम 1965 के नियम 03 का स्पष्ट उल्लंघन है।प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह ने बुधवार 28 जनवरी को श्री प्रयज सोनी सहकारिता विस्तार अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। -
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम में प्राप्त स्वच्छता सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही और जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 10 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत लालपुर फल बाजार क्षेत्र के सामने मार्ग का जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा और स्वच्छता निरीक्षक श्री यशवंत बेरिहा द्वारा प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया. वहाँ नाले पर अवैध बड़े पाटे बनाये जाने और ठेला लगाए जाने सहित नाला सफाई अवरुद्ध होने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही मिली. इस पर स्वास्थ्य अधिकारी एवं जोन 10 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन 10 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जेसीबी मशीन की सहायता से अभियान चलाकर नाले पर कब्जा कर बनाये गए लगभग 12 बड़े आकार के अवैध पाटों को तोड़ा और नाले को कब्जामुक्त कर सफाई करवाकर प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान अवैध फल ठेलों का कब्जा नाले से हटाकर किया.
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम 2025 को छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में 17 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित कर राज्यभर में लागू कर दिया गया है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती दरों पर व्यवस्थित, सुरक्षित और कानूनी रूप से स्वीकृत कॉलोनियों में आवास उपलब्ध कराना है।इस नियम के लागू होने से राज्य में अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और अवैध कॉलोनियों को वैध बनाने की प्रक्रिया को सरल किया गया है। इससे न केवल आम लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी बल्कि शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को भी रोका जा सकेगा। शासन द्वारा कॉलोनी विकास से जुड़े नियमों में व्यावहारिक ढील दी गई है, जिससे किफायती आवास परियोजनाओं को बढ़ावा मिल सके।नए प्रावधानों के तहत कॉलोनी विकास के लिए न्यूनतम भूमि सीमा, सड़कों की चौड़ाई तथा सामुदायिक उपयोग के लिए निर्धारित भूमि में छूट प्रदान की गई है। इससे डेवलपर्स को आसानी से परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा और नागरिकों को नियोजित कॉलोनियों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नियमों में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए डेवलपर्स को नक्शा स्वीकृति के समय घोषित सुविधाओं जैसे उद्यान, क्लब आदि का निर्माण अनिवार्य किया गया है, जिससे आम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके।इस नियम के अंतर्गत कृषि भूमि पर भी कॉलोनी विकास की अनुमति दी गई है, जिससे भूमि की उपलब्धता बढ़ेगी और भू-स्वामियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सुनियोजित कॉलोनियों के विकास के माध्यम से शहरी विकास को गति मिलेगी और राज्य सरकार के “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को साकार करने में सहायता मिलेगी।किफायती जन आवास योजना के तहत अनुमोदन हेतु इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन जिला दुर्ग एवं बेमेतरा क्षेत्र के लिए कार्यालय, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, दुर्ग जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) में प्रस्तुत किया जाना है। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी कार्यालयीन दिवस एवं समय पर संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर प्राप्त की जा सकती है।
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- स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने पुलिस सहायता केन्द्र बोरसी के प्रवेश द्वार में फीता काटकर किया शुभारंभ
दुर्ग/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पाेरेशन के माध्यम से निर्मित विभिन्न पुलिस भवनों एवं आवासों का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत नई पुलिस लाइन दुर्ग में 36 अराजपत्रित अधिकारियों एवं 48 प्रधान आरक्षक/आरक्षकों के नवनिर्मित आवास गृह, दुर्ग में नवनिर्मित ट्रांजिट हॉस्टल, थाना पद्मनाभपुर एवं थाना पुलगांव के नवनिर्मित भवन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय धमधा का उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन समारोह के दौरान दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने बोरसी स्थित पुलिस सहायता केन्द्र के प्रवेश द्वार में फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल एवं उनके परिवारों की सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पुलिस परिवारों की मांग पर सर्व-सुविधायुक्त सामुदायिक भवन निर्माण, हाईमास्ट लाइट की स्थापना तथा पुलिस आवासों के मरम्मत कार्य कराए जाने का आश्वासन दिया।
जिला दण्डाधिकारी दुर्ग श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि जब आम नागरिक रात्रि में विश्राम करते हैं, तब पुलिस बल समाज की सुरक्षा के लिए निरंतर ड्यूटी पर तैनात रहता है। नवनिर्मित आवासों एवं भवनों से पुलिस कर्मियों की कार्यक्षमता के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार होगा।
कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) दुर्ग श्री सुखनंदन राठौर, पुलिस हाउसिंग कॉर्पाेरेशन के एसडीओ श्री नवीन वर्मा तथा श्री सुरेन्द्र कौशिक, पार्षद श्रीमती लोकेश्वरी ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। -
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका 29 जनवरी 2026 को अंजोरा (दुर्ग) प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल श्री डेका 29 जनवरी 2026 को पूर्वान्ह 10.15 बजे लोक भवन रायपुर से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11.30 बजे अंजोरा (दुर्ग) पहुंचेंगे। वे यहां पर वासुदेव चन्द्राकर कामधेनू विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगे। राज्यपाल श्री डेका अपरान्ह 2.45 बजे सड़क मार्ग द्वारा लोक भवन रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
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- किसानों को 1,06,651.63 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान
- उपज का वाजिब दाम मिलने से किसान हुए खुश
दुर्ग/ दुर्ग जिले में पंजीकृत 113623 किसानों में से अब तक 100705 किसान धान बेच चुके हैं। जिले में 5,10,341.72 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों को 1,06,651.63 लाख रूपए भुगतान किया जा चुका है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार पहुंच रहे हैं। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 100705 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,94,997.14 मे. टन धान का डीओ/टीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,83,531.42 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 61219 कृषकों ने 2,880.49 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 14,67,750 बारदाने उपलब्ध है। - -छत्तीसगढ़ में साई का रीजनल सेंटर, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस तथा रायपुर में टेनिस की खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर स्वीकृत करने का किया अनुरोध-लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के क्षेत्रीय केन्द्र एवं खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर बिलासपुर में 2 अतिरिक्त खेलों की स्वीकृति का भी किया आग्रहबिलासपुर. । उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर राज्य में खेलों के प्रशिक्षण तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने राज्य शासन के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मांडविया को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खेलो इंडिया योजनांतर्गत कुल 23 अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। उन्होंने इनकी स्वीकृति का आग्रह किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने डॉ. मांडविया से राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय केन्द्र, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (NCOE) प्रारंभ करने, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान ग्वालियर के क्षेत्रीय केन्द्र, खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर बिलासपुर में दो अतिरिक्त खेलों की स्वीकृति तथा रायपुर में टेनिस की खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर भी स्वीकृत करने का अनुरोध किया।श्री साव ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. मांडविया को बताया कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रतिभा विद्यमान है। राज्य में वर्तमान कोचिंग और खेल विज्ञान अधोसंरचना राष्ट्रीय मानकों से नीचे है, जिनकी वजह से खिलाड़ियों के व्यवस्थित विकास के अवसर सीमित हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य एवं जिला स्तर के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती है।राज्य शासन ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स इत्यादि के लिए भी उच्च स्तरीय एथलीट तैयार करने के लिए प्रयासरत है। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थाओं से राज्य के खिलाड़ी एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बैडमिन्टन, वेटलिफ्टिंग, क्याकिंग कैनाईंग, बास्केटबॉल, वालीबॉल जैसे खेलों का सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे।
- -65 खदानों मे थी स्पर्धा, 7 श्रेणियों में अग्रणीरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गारे पेलमा खदान तीन को सर्वश्रेष्ठ खदान संचालन के क्षेत्र मे विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत 7 पुरस्कारों से नवाजा गया है।जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एस. के. कटियार एवं उनकी टीम ने छत्तीसगढ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डाॅ रोहित यादव(आईएएस) को यह ट्रौफियां सौंपा। डाॅ रोहित यादव ने उत्पादन कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि “विद्युत कर्मियों की प्रतिबद्धता और कौशल के बूते इस मुकाम तक पहुंचा गया है। आगे भी उत्कृष्टता बनाने हेतु सभी संकल्पित रहे।उल्लेखनीय है कि सीएसपीजीसीएल बिजली उत्पादन के अतिरिक्त कोयला खदान संचालन का कार्य भी उत्कृष्टता के साथ कर रही है।यह कार्य परंपरा से हटकर है। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीनस्थ महानिदेशालय खान सुरक्षा द्वारा वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 में गारे पेलमा खदान तीन को इन मापदंडों पर उत्कृष्ट कार्यनिष्पादन के लिए 7 पुरस्कार प्राप्त हुए। ओवरआल ग्रुप ई (उत्पादन क्षमता 3 मिलियन टन से 5 मिलियन टन तक) की क्षेणी में गारे पेलमा खदान तीन पिछले पांच वर्षों से खदान संचालन में सुरक्षा संबंधी मापदण्डों के पालन मे उम्दा प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर रहा हैं।बैकुंठपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 65 खानों के कामकाज का मूल्यांकन किया गया जिसमें स्टेट पाॅवर जनरेशन कंपनी के खदान को ओवरआल ग्रुप ई (उत्पादन क्षमता 3 मिलियन टन से 5 मिलियन टन तक) की क्षेणी में प्रथम साथ ही सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान,एक्सप्लोसिव (विस्फोटक) , इलुमिनेशन(मांइस में लाइट व्यवस्था) मे भी प्रथम पुरस्कार एवं माईन वर्किंग,डंप मैनेजमेंट,रिक्लेमेशन एवं अफाॅरेस्टेशन , सर्वेक्षण श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला है । समग्र प्रदर्शन साथ गारे पेलमा खदान द्वारा कुल 7 पुरस्कार हासिल किए गए। कार्यक्रम में सक्रिय भागिता के साथ प्रदर्शन स्थल पर स्टाॅल भी लगाए गए।प्रबंध निदेशक जनरेशन श्री एस. के. कटियार द्वारा अध्यक्ष डाॅ रोहित यादव को खदान संबंधी एवं पुरस्कार विवरण की जानकारियां दी गई। श्री कटियार ने कहा कि यह हमारी कंपनी के लिए बहुत ही गर्व का विषय है। हमारी खदान सुरक्षा नियमों के सभी मापदंडों पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है तथा 500-500 मेगावाट एबीवीटीपीएस मड़वा परियोजना का कोयले की आपूर्ति निर्बाध रूप से कर प्रदेश को सतत् विद्युत आपूर्ति किया जाने का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है। हमारी टीम सुरक्षित ,कुशल एवं सटीक संचालन के लिए तत्पर है।मुख्य अभियंता सिविल परियोजना एक श्री देवेन्द्र नाथ ने समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में कंपनी की ओर से प्रतिनिधि करते हुए पुरस्कार ग्रहण किया।
- दुर्ग /एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग-ग्रामीण दुर्ग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र ननकठ्ठी-04 के एक रिक्त सहायिका पद हेतु नियुक्ति किया जाना है। पात्र इच्छुक आवेदिका 12 फरवरी 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल https://aww.e-bharti.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग-ग्रामीण जिला दुर्ग में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
- -प्रत्येक विधानसभा में ढाई ढाई करोड़ से होंगे कार्य-महापौर मीनल चौबे ने पार्षदों की बैठक ले कर अधिकारियों को पार्षदों की अनुशंसा से कार्य करने के निर्देश दिए.रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के वार्डों के अंदर सड़क मार्गो में आवश्यकता अनुसार कार्य होगा .आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र और रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वार्ड पार्षदों से चर्चा कर वार्डों की व्यवहारिक मांग और आवश्यकता के अनुसार वार्डों में नए सड़क डामरीकरण विकास कार्य शीघ्र करवाए जाने जनहित को प्राथमिकता बनाकर प्रस्ताव देने कहा है. 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के वार्डो हेतु सड़क डामरीकरण कार्य हेतु 2 करोड़ 50 लाख रूपये और रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्डो हेतु 2 करोड़ 50 लाख रूपये स्वीकृत किये गए हैं. महापौर ने वार्ड पार्षदों को जनहित में वार्डों के ऐसे सड़क मार्गो पर सड़क डामरीकरण के नए विकास कार्य करवाने का सुझाव दिया है, जिसका वांछित लाभ वार्डवासी नागरिकों को लम्बे समय तक प्राप्त हो सके. महापौर ने अधिकारियों को सड़क डामरीकरण के नए विकास कार्य तय समयसीमा के भीतर उच्च स्तरीय गुणवत्ता बनाये रखकर किया जाना सुनिश्चित करवाने निर्देशित किया है, ताकि इससे वार्डों के सड़क मार्गो की दशा सुधर सके और इसका पूर्ण लाभ रहवासी आमजनों को आवागमन सुगम बनने से प्राप्त हो सके.महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा ली गयी बैठक में नगर निगम लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, डॉ. अनामिका सिंह, श्री नंदकिशोर साहू, श्री खेम कुमार सेन, श्री भोलाराम साहू, जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र और रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड पार्षदगण, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, श्री इमरान खान, कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा जूनियर एवं अन्य सम्बंधित अभियंतागण की उपस्थिति रही.
- - अरपा पैरी के धार की भावपूर्ण प्रस्तुति ने मोहा मनदुर्ग / छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (संचार एवं टेलिमेटरी) कार्यालय परिसर, भिलाई-3 में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े ही हर्षाेल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। अधीक्षण अभियंता श्रीमती पुष्पा पिल्लई द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर श्रीमती पदमाशा तिवारी ने शायराना अंदाज में प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने अपने संबोधन में “राष्ट्रप्रथम” की भावना पर बल देते हुए सभी को देश के प्रति अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक निर्वहन का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कार्यालयीन कर्मियों द्वारा छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” की मधुर और भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। इस प्रस्तुति में श्रीमती रमया, बबीता, केसरी ओमीन एवं रानी ने सहभागिता निभाई। राजकीय गीत की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन कार्यालय सहायक श्रेणी-01 श्री भूपेंद्र सिन्हा द्वारा किया गया।
- - महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर बाल वाचनालय में देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रमों से सराबोर रहा गणतंत्र पर्वरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के बाल वाचनालय व उद्यान में रानी पद्मावती स्कूल के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां गणतंत्र दिवस पर्व को देशभक्तिपूर्ण बना दिया। मासूमों की ‘फिर भी दिल हैं हिंदुस्तानी...’ की शानदार प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरी। वहीं ‘संकल्प बोल के, हम तो निकल पड़े, हर द्वार खोल के, गगन कहे, विजय भव...’ गीत के साथ बच्चों ने गणतंत्र पर्व के उत्साह को दोगुना कर दिया।इससे पूर्व शंकर नगर वार्ड के पार्षद राजेश गुप्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रकल्प प्रबुद्ध परिषद प्रज्ञा प्रवाह के प्रांत सह संयोजक आदित्य तामस्कर ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। तत्पश्चात राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत गाया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आदित्य तामस्कर ने बच्चों से पूछा कि घर पहुंचने पर जूते कहा उतारते हो, बैग कहा रखते हो, ड्रेस कहा रखते हो। बच्चों ने सभी के लिए एक निश्चित स्थान होने की बात एक साथ कही। उन्होंने कहा कि यह नियम घर के बड़ों ने इसलिए बनाए हैं कि आपके अंदर अनुशासन आए। यही अनुशासन हमें आगे चलकर बहुत काम आता है।पार्षद राजेश गुप्ता ने कहा कि आज हम संविधान के लागू होने का दिवस मना रहे हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि घर से गाड़ी में अपने परिजनों के साथ निकलते समय उन्हें हेलमेट पहनने और यातायात नियमों के पालन करने के लिए टोकना शुरू करें। यह नियम हमारी सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं है।इस अवसर पर शुभदा गिजरे और शंकर नगर बाल वाचनालय प्रभारी रेणुका पुराणिक ने गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पहुंची मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी कार्यों के साथ मंडल के नए प्रकल्प सियान गुड़ी की जानकारी दी। इस अवसर पर युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, श्याम दलाल, मधुरा भागवत, शुभम् पुराणिक समेत मंडल के अनेक सभासद, रानी पद्मावती स्कूल का स्टाफ व आमजन उपस्थित रहे।
- -पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत कीरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व श्री विवेक आचार्य ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं का विस्तृत विवरण दिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और विरासत संवर्धन तीनों क्षेत्रों में समन्वित प्रगति का मॉडल स्थापित किया है।पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जापर्यटन विभाग- निवेश, रोजगार और वैश्विक पहचान की ओर तेज़ कदमछत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से निजी निवेश के नए द्वार खुले। राज्य और देश के प्रमुख शहरों में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक निजी निवेश सुनिश्चित किया गया। इससे पर्यटन अधोसंरचना, होटल, रिसॉर्ट और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रामलला दर्शन योजना के तहत आईआरसीटीसी के साथ हुए समझौते के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में लगभग 42 हजार 500 श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों से अयोध्या दर्शन कराया गया। यह योजना धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। राज्य में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई होम-स्टे नीति लागू की गई। 500 नए होम-स्टे विकसित करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने 24 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति 2025-30 को अधिसूचित किया है। यह नीति राज्य भर में नए होम-स्टे के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पंूजी निवेश सब्सिडी और ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जो ग्रामीण और समुदाय आधारित पर्यटन का समर्थन करती है, इसके लिए राज्य सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है।फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर- 350 करोड़ की परियोजनाडॉ. रोहित यादव ने बताया कि भारत सरकार की राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत एकीकृत फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर के विकास की मंजूरी मिली है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 350 करोड़ रूपए है। भूमि पूजन 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से हुई है। यह छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी।भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर परियोजनासंचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व श्री विवेक आचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। एक जनवरी 2026 को भारत के पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना का भूमिपूजन किया। भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है।मयाली-बगीचा विकास, सिरपुर एकीकृत विकास का मास्टर प्लान तैयारभारत सरकार ने जशपुर में मयाली-बगीचा सर्किट अंर्तगत तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रूपए मंजूर किए हैं। इस परियोजना का भूमिपूजन 25 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा किया गया था। सिरपुर एकीकृत विकास सिरपुर को एक विश्व विरासत स्थल में बदलने के लिए एक मास्टर प्लान विकसित किया जा रहा है।चित्रकोट ग्लोबल डेस्टिनेशन डेवलपमेंटचित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर पर पुनर्विकसित करना है। इस परियोजना हेतु पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार से 250 करोड़ रूपए की फंडिंग अपेक्षित है।छत्तीसगढ़ पर्यटन का राष्ट्रव्यापी प्रचारपर्यटन सचिव ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने स्पेन, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों में आयोजित वैश्विक यात्रा कार्यक्रमों में भाग लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन का देश-विदेश मे भी प्रचार-प्रसार किया, जिससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर भी जगह मिली। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने फिक्की जैसी संस्थाओं के साथ भी भागीदारी की है, जिससे देश के प्रमुख प्रचार मंचों और कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। यूनिवर्सल ट्रैवल कॉन्क्लेव जैसी प्रसिद्ध यात्रा प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लिया।राज्य में पर्यटन से संबंधित व्यवसायों के पंजीकरण में तेजी से वृद्धिछत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 तक टूर ऑपरेटर व ट्रेवल ऑपरेटरों की संख्या मात्र 30 थी, वर्तमान में यह संख्या 300 से अधिक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त 15 होटल छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत है, जिसकी और अधिक बढ़ने की संभावना है। रिसॉर्टस और मोटल की परिचालन दक्षता और रणनीतिक प्रबंधन के कारण छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का वित्तीय लाभ वित्त वर्ष 2024-25 में जहां 2 करोड़ रूपए था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लाभ पांच गुना बढ़कर 10 करोड़ रूपए हो गया है।छत्तीसगढ़ पर्यटन से स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार, 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्यसचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति 2026 के तहत अगले पांच वर्षों में 350 करोड़ रूपए. से अधिक के निवेश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल लीजकम डेवलपमेंट मॉडल के तहत 17 पर्यटन संपत्तियों को निजी भागीदारी से आउटसोर्स कर 200 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित करने की योजना बना रही है, जिससे सैकड़ों स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। राज्यभर में 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य है। इसी तरह चित्रकोट में टेंट सिटी के विकास की योजना है, जिसके तहत चित्रकोट फॉल्स के पास साहसिक गतिविधियों के साथ कम से कम 50 लक्जरी टेंट लगाए जाएंगे। फिक्की के सहयोग से छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट नामक एक वार्षिक फ्लैगशिप कार्यक्रम स्थापित किया जाएगा। यह आयोजन बीटूबी पर्यटन को बढ़ावा देने पर केन्द्रित होगा, जिसके तहत भारतीय राज्यों के 200 से अधिक टूर ऑपरेटरों को आकर्षित करने योजना है।संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की उपलब्धियांसंस्कृति एवं पुरातत्त्व के संचालक श्री विवके आचार्य ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के कलाकारों, साहित्यकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन किया जा रहा है, जिससे विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। उन्होंने बताया कि चिन्हारी पोर्टल मंे पंजीकृत 141 कलाकारों एवं साहित्यकारों को वित्तीय वर्ष-2024-25 में लगभग 34 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 130 कलाकारों को लगभग 31 लाख रूपए की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई। इसी तरह कलाकार कल्याण कोष योजना के अंर्तगत कलाकारों और साहित्यकारों अथवा उनके परिवार के सदस्यों की बीमारी, दुर्घटना एवं मृत्यु की स्थिति में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 08 अर्थाभाव ग्रस्त साहित्यकारों/कलाकारों को 2 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 44 प्रकरणों हेतु 14 लाख रूपए स्वीकृत किया गया है। राज्य शासन छत्तीसगढ़ के कलाकारों एवं साहित्यकारों के प्रत्येक सुख-दुख मेें साथी है, तथा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ राज्य के कलाकारों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।बस्तर पंडुमछत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए किया जा रहा है। यह उत्सव तीन चरणों में 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक चलेगा। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्य यंत्र, वेश-भूषा-आभूषण, पूजा पद्धति, हस्तशिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय, पारंपरिक व्यंजन, क्षेत्रीय साहित्य, वन-आधारित औषधीय ज्ञान, पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी।पुरातत्व क्षेत्र की उपलब्धियांछत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 25 किलोमीटर पूर्व स्थित ग्राम रीवां (रीवांगढ़) में चल रहे पुरातात्विक उत्खनन ने प्रदेश के प्राचीन इतिहास को लेकर नई और महत्वपूर्ण जानकारी सामने रखी है। संस्कृति विभाग के पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा कराए जा रहे इस उत्खनन में वैज्ञानिक ए.एम.एस. रेडियोकार्बन (कार्बन-14) डेटिंग के माध्यम से यह प्रमाणित हुआ है कि इस क्षेत्र में मानव सभ्यता उत्तर वैदिक काल यानी 800 ईसा पूर्व से भी पहले विकसित हो चुकी थी।भारत भवन विविध कला एवं सांस्कृतिक केन्द्र, राज्य अभिलेखागार, राजकीय मानव संग्रहालय एवं स्वामी विवेकानंद स्मारक संग्रहालय की स्थापना की योजना है।






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