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- -विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार करने जिला स्तरीय अभिसरण की बैठक सम्पन्नदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने हेतु जिला स्तरीय अभिसरण की बैठक आज पीडब्ल्यूडी सभागार में आयोजित की गई। जिले में विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने, वर्तमान कमियों एवं सहयोग की संभावनाओं की पहचान करने, बच्चों एवं उनके परिवारों को समयबद्ध, समग्र एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।बैठक में जेजेबी के प्रधान मजिस्ट्रेट भगवान दास पनिका ने कहा कि बच्चों के समग्र संरक्षण और पुरर्वास के लिए सभी विभागों एवं संस्थाओं के बीच निरंतर सहयोग, समन्वय और साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से बाल-अनुकूल, संवेदनशील और सशक्त संरक्षण तंत्र विकसित करने के लिए मिलकर कार्य करने का आव्हान किया। उन्होंने बच्चों के लिए बनाए गए कानूनी अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधि से संघर्षरत बच्चों का पुनर्वास केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व भी है।विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश कुमार भगवतकार ने कहा कि विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास, संरक्षण एवं उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ऐसे बच्चों के साथ दंडात्मक नहीं, बल्कि सुधारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाए, ताकि वे शिक्षा, परामर्श और कौशल विकास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।सीएसजी सीनियर डायरेक्टर उर्वशी तिलक ने बैठक में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, मानसिक एवं सामाजिक परामर्श, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने प्रत्येक बच्चे की परिस्थितियों के अनुरूप पुनर्वास की कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध तरीके से लागू करने की बात कही। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा बच्चों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। सीएसजी सीनियर डायरेक्टर उर्वशी तिलक ने बताया कि यह पहल वर्तमान में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों—रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में प्रारंभ की गई है। इन जिलों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहां बाल अपराध के मामले अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बैठक के दौरान तीनों जिलों में दर्ज बाल अपराध के आंकड़ों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर पुनर्वास और संरक्षण की कार्ययोजना को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।बैठक में पुलिस विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, सामाजिक संस्थाएं एवं सीएसआर के प्रतिनिधि, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन कार्यक्रम शुरू-10 संवेदनशील जिलों में होगा पहले चरण का क्रियान्वयनरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आज रायपुर में डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप थे।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन एवं आईआईटी मद्रास CoERS के बीच कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में वैज्ञानिक एवं डेटा-आधारित दृष्टिकोण से कमी लाना है। कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना डेटा का विश्लेषण कर ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान की जाएगी हाइपरलोकल सड़क सुरक्षा उपाय और कम लागत वाले अभियांत्रिकी हस्तक्षेप किए जाएंगे। ‘संजय’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ब्लैक स्पॉट की समय पर पहचान कर साक्ष्य-आधारित निर्णय लिए जाएंगे।प्रथम चरण में राज्य के सड़क दुर्घटना की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील 10 जिलों को चिन्हित किया गया है। इन जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप डेटा-आधारित सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार की जाएगी।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना किसी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि ऐसी सुरक्षित सड़क व्यवस्था विकसित करना है, जिससे प्रत्येक नागरिक सुरक्षित अपने घर पहुँच सके। यह पहल सुरक्षित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश ने कहा कि संजय प्लेटफॉर्म से दुर्घटना संभावित स्थलों की वैज्ञानिक पहचान कर समयबद्ध हस्तक्षेप संभव होगा। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास कर दुर्घटनामुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान किया।कार्यशाला में चयनित 10 जिलों के कलेक्टर, एसपी, आरटीओ, डीटीओ, एनआईसीसी के जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेटा-आधारित योजना एवं त्वरित हस्तक्षेप से सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में प्रभावी कमी आएगी।
- -सभी संत गुरु रविदास के संकल्पों से प्रेरणा लें और समाज में एकता और समरसता का संदेश दें-राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के लिए सामाजिक न्याय मात्र शब्द ही हैं जबकि हमारे लिए प्रतिबद्धता हैरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरुप्रकाश पासवान ने भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि इस वर्ष संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती का कार्यक्रम है। भाजपा का ध्येय और विचार है राष्ट्र प्रथम व सांस्कृतिक विरासत। सांस्कृतिक विरासत में समरसता के संत प्रतिनिधि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज उनके जीवन का दर्शन उनके विचार और उनका संदेश है कि समाज में जो भेदभाव है वह दूर कैसे हो? आज उनके जीवन से हम क्या प्रेरणा ले सकते हैं? श्री पासवान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एकमात्र पॉलीटिकल पार्टी है जो एक वैचारिक आंदोलन भी है और यह वैचारिक आंदोलन हमें प्रेरित करता है कि समाज को जोड़ने का काम कैसे करें।भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री पासवान ने कहा कि एक तरफ ऐसी शक्तियां है जो भारत विरोधी ताकतों के साथ मिलकर भारत को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं, समाज में जाति, भेदभाव के नाम से राजनीति करती है लेकिन भाजपा की प्रतिबद्धता है समाज में एकता सामाजिक समानता, सामाजिक न्याय और समावेशिता। इसी प्रतिबद्धता के निमित्त हमारी पार्टी देशव्यापी अभियान शुरू कर रही है 650वीं जन्म जयंती से पूरे देश में यात्रा होगी, पूरे देश में संपर्क होगा और गुरु रविदास के जीवन से जुड़े दर्शन उनके विचारों को हम पूरे देश में लेकर जाने वाले हैं। श्री पासवान ने कहा कि सरल बातों में महत्वपूर्ण बातें कैसे कही जाती है, यह हमें गुरु रविदास महाराज बताते हैं। मीरा बाई उनकी शिष्या रही, रामानंद के वे शिष्य रहे, कबीर, रविदास, गुरु नानक हमारे इतिहास के प्रहरी हैं। आज हमें उनसे सीखने की आवश्यकता है। हमारा विचार परिवार है, हमारा दर्शन है, हमारा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद है, हमारा सिविलाइजेशन है और उस सिविलाइजेशन कॉन्शसनेस के माध्यम से भाजपा ने बड़ा ही पावन पवित्र काम हाथ में लिया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पासवान ने बताया कि इस अभियान के तहत पूरे देश में कलश यात्रा निकलेगी, छात्रावास में हम संपर्क करेंगे। हम यह बात पूरी संवेदनशीलता के साथ कहना चाहते हैं संत रविदास हमारे लिए प्रेरणापुंज है, प्रेरणा पुरुष हैं। सामाजिक एकता का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर से जुड़े सभी स्थानों को तीर्थ का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जो टीम है, वह प्रदेश की सभी 36 संगठन जिलों में जाएगी, संपर्क करेगी और समाज में एकता, संवेदनशीलतख व समावेशिता का एक संकल्प लेने का काम भी करेगी। आज पूरे देश में भारत विरोधी ताकतें सक्रिय हो जाती हैं, ऐसे में एक सक्रिय नागरिक होने के नाते सामाजिक समरसता हम सबका दायित्व है और विशेष रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं का। पिछले 11 -12 वर्षों में हमने देखा है, सामाजिक न्याय हो समानता हो, पहली बार संविधान के सर्वाेच्च स्थान पर आदिवासी की बेटी बैठी है। राहुल गांधी और विपक्ष के जितने नेता हैं, उनके लिए सामाजिक न्याय मात्र शब्द ही हैं जबकि हमारे लिए प्रतिबद्धता है। भाजपा में दलित समाज का मुख्यमंत्री बनता है छत्तीसगढ़ व ओड़िशा में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनता है यह एक कमिटमेंट का विषय है प्रतिबद्धता का विषय है वैचारिक मजबूती का विषय है। श्री पासवान ने कहा कि अगले वर्ष की माघ पूर्णिमा तक संत गुरु रविदास जी के जन्म जयंती तक हमारा यह अभियान सक्रियता से चलेगा और पूरी पार्टी समाज के हर वर्ग में जाएगी और हर वर्ग में जाकर सुनिश्चित करने का काम करेगी कि कैसे हम आज भी संत गुरु रविदास के संदेश से उनके संकल्पों से उनकी सीख से प्रेरणा लें और समाज में एकता और समानता का संदेश दें।इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, जिला अध्यक्ष रायपुर ग्रामीण श्याम नारंग, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े, ध्रुव कुमार मिर्धा मौजूद रहे।
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- ग्राम झुराडबरी में अवैध प्लॉटिंग के लिए पहाड़ काटकर बनाया गया रास्ता ध्वस्त
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम झुराडबरी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहाड़ काटकर अवैध प्लॉटिंग की नीयत से बनाए गए कच्चे रास्ते को बुलडोजर से ध्वस्त कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम झुराडबरी स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 672, रकबा 32.9723 एकड़ पर स्थित पहाड़ को काटकर अवैध रूप से कच्चा रास्ता तैयार किया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री गौतम पाटिल के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से अवैध रास्ते को हटाते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इसी कार्रवाई के दौरान खसरा क्रमांक 563/1, 563/2 एवं 563/3 के सामने शासकीय नाले को पाटकर बनाए गए अवैध रास्ते को भी हटाया गया। जिला प्रशासन ने नाले को उसके मूल स्वरूप में बहाल करते हुए जल निकासी व्यवस्था को पुन: सुचारू किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि, नाला, पहाड़, चरनोई तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण अथवा प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार श्रीमती सुरेखा वर्मा, राजस्व निरीक्षक, पटवारी तथा राजस्व विभाग का अमला उपस्थित थे।
- ग्राम झुराडबरी में अवैध प्लॉटिंग के लिए पहाड़ काटकर बनाया गया रास्ता ध्वस्त
राजनांदगांव 23 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम झुराडबरी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहाड़ काटकर अवैध प्लॉटिंग की नीयत से बनाए गए कच्चे रास्ते को बुलडोजर से ध्वस्त कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम झुराडबरी स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 672, रकबा 32.9723 एकड़ पर स्थित पहाड़ को काटकर अवैध रूप से कच्चा रास्ता तैयार किया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री गौतम पाटिल के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से अवैध रास्ते को हटाते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इसी कार्रवाई के दौरान खसरा क्रमांक 563/1, 563/2 एवं 563/3 के सामने शासकीय नाले को पाटकर बनाए गए अवैध रास्ते को भी हटाया गया। जिला प्रशासन ने नाले को उसके मूल स्वरूप में बहाल करते हुए जल निकासी व्यवस्था को पुन: सुचारू किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि, नाला, पहाड़, चरनोई तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण अथवा प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार श्रीमती सुरेखा वर्मा, राजस्व निरीक्षक, पटवारी तथा राजस्व विभाग का अमला उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ छात्र सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला गांधीनगर में अध्ययनरत दो छात्रों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को एक-एक लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दोनों दिवंगत छात्रों के परिजन श्री राकेश मंडावी को उनके निवास ग्राम बोरतलाव पहुंचकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ छात्र सुरक्षा बीमा योजना के तहत एक-एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया।
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राजनांदगांव । राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मनकी एवं मोखला में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए 7 अगस्त 2026 तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनांदगांव में आवेदन आमंत्रित की गई है। ग्राम मोखला में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए पूर्व में आमंत्रित आवेदन की अंतिम तिथि में वृद्धि की गई है। शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए इच्छुक जिले में स्थित वृहत्ताकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहाकारी समिति (लेम्पस), प्राथमिक कृषि शाख समिति, वन सुरक्षा समिति, महिला स्वसहायता समूह, अन्य उपभोक्ता सहकारी समिति विहित प्रारूप एक में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि तक कार्यालयीन अवधि में आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। शासकीय उचित मूल्य दुकान आबंटन की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत की जाएगी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार, 23 जुलाई को संत शिरोमणि रविदास महाराज जी की आगामी 650वीं जयंती के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा तैयार करने हेतु एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में संत रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता के संदेश और उनके जीवन दर्शन को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया गया।संत रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता और बंधुत्व का प्रतीक - किरण देवभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने अपने विचारों और शिक्षा के माध्यम से समाज से भेदभाव को मिटाकर समरसता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वाराणसी में संत रविदास जी का भव्य स्मारक आकार ले रहा है, जो उनकी विरासत को सहेजने का ऐतिहासिक कार्य है। इस उपलक्ष्य में भाजपा की एक विशेष टीम 27 तारीख को वाराणसी जाकर वहाँ से कलश में पवित्र माटी एवं जल लेकर छत्तीसगढ़ आएगी। इस पवित्र जल और माटी को प्रदेश के सभी प्रमुख देव स्थलों और मंदिरों में ले जाया जाएगा, जहाँ विशेष सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायी - गुरु प्रकाश पासवानभाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि संत रविदास एक ऐसे महान संत थे जिन्होंने श्रम की प्रतिष्ठा, समानता और मानवीय मूल्यों को सर्वाेपरि रखा। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए केंद्र सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वाराणसी स्थित संत रविदास जी के भव्य स्मारक स्थल से 27 तारीख को कलश में लाई जाने वाली पवित्र माटी और जल को छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में पहुँचेगा। मंदिरों और देव स्थलों पर होने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक संत रविदास जी के विचारों और संदेशों को पहुँचाया जाएगा। राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री पासवान ने बताया कि जयंती वर्ष के दौरान प्रदेशभर में सामाजिक समरसता यात्राओं, विचार गोष्ठियों और संत रविदास जी की शिक्षाओं पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया गया, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक संत रविदास जी का संदेश पहुँच सके। इसी तरह विद्यालयों, महाविद्यालयों और बस्तियों में निबंध, चित्रकला एवं विचार-विमर्श प्रतियोगिताओं के जरिए नई पीढ़ी को संत रविदास जी के विचारों से अवगत कराया जाएगा। संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में विशेष स्वच्छता अभियान और सेवा कार्यों का संचालन किया जाएगा।निष्ठा और सेवा भाव से मनाएंगे संत रविदास जयंती - अजय जम्वालभाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि पार्टी का यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संत रविदास जी के विचारों को हर घर तक पहुँचाने का संकल्प है। प्रदेशभर में आयोजित होने वाली कार्यशालाओं के माध्यम से कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 27 तारीख को वाराणसी से कलश में पवित्र जल और माटी लाने वाली टीम के स्वागत से लेकर प्रदेश के सभी प्रमुख देव स्थलों तक उसे पहुँचाने की व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जाएगा, ताकि आयोजन भव्य और सर्वसमावेशी बने।अभियान को लेकर बूथ स्तर तक तैयारियों में जुटी भाजपा - पवन सायभाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी इस अवसर पर प्रदेशभर में विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाएगी। वाराणसी में बन रहे भव्य स्मारक स्थल से 27 तारीख को कलश में पवित्र माटी व जल लाने के लिए विशेष टीम रवाना होगी। इसके बाद इस पवित्र माटी व जल को राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों और देव स्थलों तक पहुँचाने का कार्य योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में 25, 26, 27 जुलाई तक कार्यशाला होगी। सभी ज़िलों और मंडलों में कार्यकर्ताओं की सहभागिता से इन विशेष कार्यक्रमों को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।छत्तीसगढ़ में आयोजित होंगे भव्य कार्यक्रम - अखिलेश सोनीभाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर भाजपा द्वारा प्रदेशभर में विविध आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है। संत रविदास जी का कर्तृत्व और उनके विचार भारतीय संस्कृति के अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने विस्तार से कार्यक्रम की रूपरेखा रखी एवं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर वाराणसी में बन रहे भव्य स्मारक स्थल की पवित्र माटी एवं जल को कलश में रख कर राज्य के सभी मंदिरों और देव स्थलों तक पहुँचाने की अपील की।इस कार्यशाला में प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, शंकर अग्रवाल, श्रीमती रंजना साहू, डॉ. सनम जांगड़े, हरिनाथ खुटे, संतोष दास, ध्रुव कुमार मिर्धा, खेमराज बाकरे सहित समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
- -'केन्द्र सरकार सदन में चर्चा के लिए तैयार है लेकिन कांग्रेस और उसके नेता चर्चा करने से भाग रहे हैं'-'कांग्रेस के नेता देश की एकता, अखंडता, समरसता को खण्डित करने का काम कर रहे हैं'रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए छात्रों का हित सबसे महत्वपूर्ण है और वे इसे सर्वोच्च प्राथिमिकता देते हुए निर्णय ले रहे हैं। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री देव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में गुरुवार को आहूत पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने छात्रों के इस आंदोलन में अपने कार्यकर्ताओं की घुसपैठ करा कर छात्रों के आंदोलन का स्वरूप ही बदल दिया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस विषय को पहले दिन से ही गंभीरता से लेकर यह निर्णय किया है कि छात्रों का हित सर्वाेपरि है व उनके नुकसान की भरपाई भी होगी। श्री देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं का भाषण हमेशा प्रधानमंत्री श्री मोदी के विरोध में होता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए कांग्रेसी नेताओं ने भाषणों में अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है। यह लोकतांत्रिक पद्धति नहीं है। प्रजातंत्र में यह स्वीकार्य नहीं है। संवैधानिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री के लिए गालियों का प्रयोग करना यह हमारे देश के संस्कार नहीं हैं। यह हमारी संस्कृति और सभ्यता नहीं है। श्री देव ने कहा कि केन्द्र सरकार सदन में छात्रों के हितों को लेकर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सदन में चर्चा करने से भाग रहे हैं। सदन की कार्यवाही को बार-बार बाधित करने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी सदन में चर्चा नहीं करना चाहती और इन्हीं के घटक दल समाजवादी पार्टी के नेता कहते हैं कि उनकी वह जानें, हमको तो चर्चा करनी है। यह समझ से परे हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि राहुल गांधी हाथ में संविधान की किताब लेकर घूमते हुए लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। 'संविधान खतरे में है' कहकर संविधान को खतरे में डालने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया है। प्रधानमंत्री आवास के सामने बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी आन्तरिक योजना के आधार पर अपने कांग्रेसी साथियों के साथ वहाँ पर धरने पर बैठ गए, जबकि वह पूरा क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र है। वहाँ पर किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित है। श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों का मान-सम्मान बढ़ाया है। इन 12 वर्षों में बहुत-सी योजनाएँ एवं कार्यक्रम जनहित में क्रियान्वित किए गए हैं। आज प्रधानमंत्री श्री मोदी का अनुसरण विश्व के दूसरे देश कर रहे हैं। 16 से ज्यादा देशों ने अपने देश का सर्वाेच्च सम्मान प्रधानमंत्री श्री मोदी को प्रदान किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को भेजकर आंदोलन कर रहे लोगों को भड़काने का काम कर रही है। बिलो दि बेल्ट की राजनीति करना राहुल गांधी और कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र हो गया है। कांग्रेस पार्टी एवं उसके नेताओं ने छात्रों के इस आंदोलन को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बलि चढ़ा दिया। अगर छात्रों का हित चाहते तो छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रूप नहीं देते। केन्द्र सरकार ने इस विषय में कार्यवाही करके इसकी जांच के निर्देश दिए है, तथा पेपर निरस्त करके तुरंत उसकी परीक्षा भी हुई है और बच्चे पास भी हुए हैं और खुशी मना रहे हैं। श्री देव ने कहा कि संसद का समय जनता के हित के लिए देश के हित के लिए होता है जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते है। लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सदन के अंदर चर्चा करने नहीं देते हैं। सदन की गरिमा तार-तार करते हैं। संविधान की हत्या का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है? इससे बड़ा उदाहरण कांग्रेस पार्टी ने आपातकाल लगा कर दिया था।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता हमारे देश की एकता, अखंडता, समरसता को खंडित करने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया, ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस और उसके समर्थित दलों के नेता अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। देश यह पसंद नहीं करता है। कांग्रेस पार्टी को इन्हीं कारणों से आज देश में कांग्रेस पार्टी सिमटती जा रही है। श्री देव ने कहा कि यह पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की घिनौनी साजिश का हिस्सा है। नेपाल और बांग्लादेश में पहले ही अराजकता का माहौल है। लेकिन भारत देश ऋषि मुनियों का देश है, परंपराओं और समरसता से ओतप्रोत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना के साथ अपनी योजनाओं के साथ चल रहे हैं जबकि राहुल गांधी दूसरे देशों में जाकर देश की बुराई करने और कमी निकालने का काम करते हैं। आजादी के बाद कांग्रेस की सरकार लंबे समय तक थी। पूरी दुनिया ने उन सरकारों को भी देखा है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि 12 वर्षों से देश में प्रधानमंत्री श्री मोदी की नेतृत्व वाली एक पारदर्शी सरकार है जिनके ऊपर एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है। कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पूरे देश में अराजकता का माहौल पैदा कर सरकार के खिलाफ झूठे नैरेटिव सेट करने का काम कर रहे हैऔ। लेकिन देश की जनता कांग्रेस पार्टी की इन बातों को अच्छी तरह से समझने लगी है। उन्होंने शिक्षा के विषय पर आँकड़ा रखते हुए कहा कि कांग्रेस शासन काल में शिक्षा का बजट 8,225 करोड रुपए होता था जो आज बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसका लाभ एम्स, आईआईटी, कॉलेज की सीटों में वृध्दि हुई रही है। उन्होंने कहा कि एक नया दल कॉकरोच पार्टी और उनके साथ एक बड़ा दल कांग्रेस पार्टी आने वाले भविष्य का ख्वाब देख रहे हैं।इस दौरान पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर, प्रदेश मंत्री अमित साहू मौजूद थे।
- -उर्वरक खर्च हुआ आधा, मिट्टी बनी अधिक उपजाऊरायपुर । खेती की बढ़ती लागत और मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति आज किसानों के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में कृषि विभाग के मार्गदर्शन में कांकेर के चारामा विकासखंड के ग्राम गोलकुमड़ा के प्रगतिशील किसान श्री परशुराम साहू ने हरी खाद (ढैंचा) को अपनाकर यह साबित किया है कि प्राकृतिक तरीकों से भी कम लागत में बेहतर खेती की जा सकती है। उनका यह अनुभव क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है। कृषक श्री साहू ने करीब तीन वर्ष पहले कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव पर धान की खेती में ढैंचा का उपयोग शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने प्रयोग के तौर पर इसे अपनाया, लेकिन सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब वे नियमित रूप से अपनी लगभग 3 एकड़ कृषि भूमि में धान की रोपाई से 40 से 45 दिन पहले ढैंचा की बुवाई करते हैं।श्री साहू बताते हैं कि ढैंचा की फसल लगभग 35 से 40 दिन में तैयार हो जाती है। इसके बाद ट्रैक्टर या हल की सहायता से इसे खेत में पलटकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। कुछ दिनों में यह पूरी तरह विघटित होकर उत्कृष्ट हरी खाद का रूप ले लेती है, जिससे भूमि को प्राकृतिक रूप से आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। वे बताते हैं कि ढैंचा अपनाने के बाद उनके खेत में रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। पहले जहां अधिक मात्रा में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का उपयोग करना पड़ता था, वहीं अब कम उर्वरक में भी अच्छी फसल मिल रही है। साथ ही उनकी भूमि पहले की तुलना में अधिक भुरभुरी, उपजाऊ और नमी बनाए रखने में सक्षम हो गई है।विकासखंड चारामा के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री महेश कुमार सोनकर ने बताया कि ढैंचा दलहनी वर्ग की महत्वपूर्ण हरी खाद फसल है। इसकी जड़ों में विकसित होने वाली राइजोबियम जीवाणु ग्रंथियां वायुमंडल से नाइट्रोजन को स्थिर कर मिट्टी में उपलब्ध कराती हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार ढैंचा की हरी खाद से भूमि को लगभग 40 से 60 किलोग्राम नाइट्रोजन प्राकृतिक रूप से प्राप्त हो सकती है। इसके साथ ही यह मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाती है, सूक्ष्मजीवों की सक्रियता को प्रोत्साहित करती है, जलधारण क्षमता में सुधार लाती है तथा मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाती है। लगातार उपयोग से भूमि की उर्वराशक्ति लंबे समय तक बनी रहती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को ढैंचा बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती की इस वैज्ञानिक तकनीक को अपनाकर लाभान्वित हो सकें। खरीफ मौसम में धान की रोपाई से पहले ढैंचा की बुवाई कर उसे खेत में पलटने से मिट्टी में पर्याप्त जैविक पदार्थ एवं पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं, जिससे धान की प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है और उत्पादन क्षमता में भी सकारात्मक वृद्धि होती है।प्रगतिशील कृषक श्री परशुराम साहू का कहना है कि यदि किसान धीरे-धीरे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर हरी खाद, जैविक खाद तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन को अपनाएं, तो खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ-साथ मिट्टी का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रखा जा सकता है। उनका मानना है कि प्राकृतिक खेती केवल लागत कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखने का भी प्रभावी उपाय है।
- -आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर क्षेत्र के किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोतरायपुर। कृषि में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान न केवल उत्पादन बढ़ा रहे हैं, बल्कि लागत भी कम कर रहे हैं। जिला सक्ती के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम डोड़की निवासी किसान श्री दिगपाल सिंह चौहान नैनो यूरिया का उपयोग कर क्षेत्र के किसानों के लिए मिसाल बन गए हैँ l श्री चौहान पिछले वर्ष से अपनी लगभग 10 एकड़ धान की फसल में कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं।श्री दिगपाल ने बताया कि शुरू में नैनो यूरिया को लेकर जिज्ञासा थी, लेकिन परिणाम सकारात्मक रहे। इसके उपयोग से धान की फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधे अधिक हरे-भरे और स्वस्थ रहे तथा उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम हो गया। इससे खेती की लागत घटी और आर्थिक लाभ बढ़ा। श्री दिगपाल सिंह का कहना है कि वैज्ञानिक सलाह और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। नैनो यूरिया के सकारात्मक अनुभव के बाद वे अब अपने गांव और आसपास के किसानों को भी इसके उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।उनका मानना है कि नैनो यूरिया जैसी तकनीक किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में प्रभावी सिद्ध हो सकती है। श्री दिगपाल सिंह चौहान ने नैनो यूरिया से मिले लाभ के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- -‘मूल मंथन’ में छत्तीसगढ़ मॉडल पर विमर्शसंस्कृति और समुदाय आधारित विकास रणनीति तैयार करने दो दिवसीय कार्यशालारायपुर। प्रदेश के आदिवासी अंचलों के बच्चों और किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सुरक्षित भविष्य के लिए समुदाय, संस्कृति और व्यवहार विज्ञान पर आधारित योजनाएं तैयार की जाएंगी। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आज राजधानी रायपुर में ‘मूल मंथन आदिवासी ज्ञान से किशोरावस्था की पुनर्कल्पना’ विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस पर सहमति जताई कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा बनाए रखते हुए सामुदायिक नेतृत्व को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर ही स्थायी परिवर्तन संभव है।शुभारंभ सत्र में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि जनजातीय समुदायों के साथ सम्मान, संवेदनशीलता और विश्वास के आधार पर जुड़ना ही किसी भी प्रभावी नीति की सफलता का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि योजनाएं तभी सफल होंगी, जब उनका निर्माण समुदायों की वास्तविक आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर किया जाएगा।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर सहित जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सेवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय भाषाओं को व्यवहार परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि विकास का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति को बदलना नहीं, बल्कि उसकी अंतर्निहित शक्ति को पहचानकर उसे समाज के हित में उपयोग करना है।उन्होंने प्रदेश के जनजातियों को विकास की मूलधारा में लाने के लिए केंद्र और राज्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय इस मूलमंथन में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी रिपोर्ट के आधार पर जनजातियों के विकास के लिए योजनाओं का संचालन तथा क्रियान्वयन की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार जनजातियों के विकास के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने सभी लोगों से जनजातियों के संरक्षण-संवर्धन के साथ विकास में सहभागी बनने की अपील की। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 43 प्रकार के जनजातीय है इनकी विभिन्न उप जातियां भी हैं। राज्य की आबादी के 31 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या जनजातीय समुदाय की है। वहीं यदि हम भारतवर्ष की बात करे तो लगभग 10 करोड़ के आबादी जनजातियों की है। छत्तीसगढ़ शासन जनजातियों की समृद्ध विरासत कला, संस्कृति, परंपरा को सहेजते हुए उनके विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। श्री बोरा बताया कि जनजातीय समाज मुख्य रूप से जल-जंगल, जमीन की बात करते हैं उनकी पूजा अराधना करते हैं, प्रकृति में ही लौकिक-और-अलौकिक शक्ति मानकर अपनी संस्कृति और परंपरा में उसे शामिल भी करते है। हालांकि आधुनिकता के दौर में संस्कृति और परंपराओं को बचाये रखना चुनौती है।उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य विद्यालय के माध्यम से जनजातियों के मूलभूत सुविधाओं सहित उन क्षेत्रों का भी विकास किया जा रहा है। वहीं विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, नीट, प्रोफेसनल कोर्सेज सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सहयोग प्रदान कर विकास की गाथा भी लिखी जा रही है। इसके बाद भी इनके संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर अखरा विकास योजना का शुभारंभ हुआ है। वहीं बैगा, गुनिया, मांझी चालकी और सिरहा को संस्कृति को बचाए रखने में उनके योगदान के लिए प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है।राजधानी रायपुर में आयोजित इस परामर्श में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों, विकास भागीदारों तथा युवा नेतृत्व ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के बच्चों और किशोरों के समग्र विकास के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यवहार परिवर्तन आधारित रणनीति तैयार करना है।दिनभर चले तकनीकी सत्रों में एनीमिया, कुपोषण, किशोर स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षित किशोरावस्था, मानसिक स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि स्थानीय नेतृत्व, सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त संवाद, व्यवहार विज्ञान आधारित हस्तक्षेप और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से ही दीर्घकालिक बदलाव संभव होगा।विशेष पैनल चर्चा में जनजातीय युवाओं, सामुदायिक प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब समुदाय स्वयं परिवर्तन की प्रक्रिया का नेतृत्व करता है, तब स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रम अधिक प्रभावी और टिकाऊ साबित होते हैं।परामर्श में यह भी रेखांकित किया गया कि जनजातीय समाज की परंपराएं, सामाजिक मान्यताएं और पारंपरिक ज्ञान केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन के प्रभावी साधन भी हैं। ’’ह्यूमन-सेंटर्ड डिजाइन’’ और ’’बिहेवियरल इनसाइट्स’’ के माध्यम से समुदायों की सोच, जरूरतों और निर्णय प्रक्रिया को समझते हुए ऐसे समाधान विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें लोग सहजता से अपनाएं और जिनका दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे।दो दिवसीय परामर्श के दूसरे दिन विषयगत समूहों की विस्तृत चर्चाओं के आधार पर राज्य के लिए व्यवहार परिवर्तन एवं सामुदायिक सहभागिता का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही आदिवासी किशोर कल्याण के लिए प्राथमिक व्यवहारों की पहचान, कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर आधारित महत्वपूर्ण अनुशंसाएं भी तैयार की जाएंगी।
- -राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरतरायपुर / इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री अंकित आनंद एवं सीईओ चिप्स श्री मयंक अग्रवाल ने विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित विकास में छत्तीसगढ़ बन रहा है, अग्रणी राज्य सेवा सेतु, भारतनेट, एआई और डिजिटल कनेक्टिविटी से नागरिकों को अधिक सुगम सेवाएं मिल रही है।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है । नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार, डिजिटल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, ए.आई. (AI), साइबर सुरक्षा एवं नवाचार आधारित शासन व्यवस्था के माध्यम से राज्य में तकनीक-संचालित प्रशासन को नई गति मिली है ।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने प्रेस को बताया कि सेवा सेतु बना नागरिक सेवाओं का सबसे बड़ा डिजिटल मंच सेवा सेतु राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा पहल के रूप में स्थापित हुआ है। 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा इसका उन्नत संस्करण प्रारम्भ किया गया। वर्तमान में नागरिकों के लिए इस पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा विगत ढ़ाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 78 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन आदि सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से नागरिकों को घर के निकट ही सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं । सेवा सेतु में ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस एवं व्हाट्सएप सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं । इन तकनीकी नवाचारों से नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं ।श्री अंकित आनंद ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देते हुए राज्य के दूरस्थ, वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है । भारत सरकार से वित्त पोषित डिजिटल भारत निधि DBN) के अंतर्गत आकांक्षी जिला, एल डब्लू ई फेज़ II तथा 4G सैचुरेशन योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ गांवों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है । जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं । इसी क्रम में भारतनेट फेज-III के माध्यम से ग्राम पंचायतों को उच्च गुणवत्ता वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा । इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारत सरकार से ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है । इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और फाइबर टू द होम (FTTH) कनेक्टिविटी का विस्तार होगा ।युवाओं के लिए नई संभावनाएं राज्य में भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य के मूल निवासियों के लिए सी.एम. आईटी फेलोशिप प्रारंभ की गई है । अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत आरक्षण नियमों के तहत 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण के साथ विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है, जिससे राज्य के लिए दक्ष आईटी विशेषज्ञों का एक मजबूत समूह तैयार हो सके ।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि तकनीक आधारित शासन को मिल रही नई मजबूती विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के लिए विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं । खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ । एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS) के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट के परिवहन एवं निस्तारण की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की गई है । वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण कर निवेशकों को एकीकृत एवं समयबद्ध ऑनलाइन अनुमोदन उपलब्ध कराया जा रहा है । पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य की बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है । बस्तर मुन्ने पोर्टल के माध्यम से नक्सल मुक्त जिलों (बस्तर संभाग के 07 जिले एवं अन्य 3 जिले) में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाने हेतु मॉनिटरिंग की जा रही है । वहीं डिजिटल द्वार के माध्यम से सभी विभागों के बीच सुरक्षित एवं मानकीकृत डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित की जा रही है ।भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ए.आई. को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है । छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप एवं शासकीय अधिकारियों के लिए ए.आई. आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा । राज्य में ए.आई. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ए.आई. डेटा लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे ।साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार की संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य राशि रूपये 105.3 करोड़ की लागत से राज्य में चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना के लिए एमओयू किया गया है, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन दोनों के द्वारा बराबर राशि रुपये व्यय किये जायेंगे । प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन दिया जायेगा।डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिसके माध्यम से सुरक्षित क्लाउड आधारित सेवाओं, डेटा सुरक्षा तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली उल्लेखनीय पहचान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की इन पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है। आधार सेवाएं, जीआईएस परियोजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-प्रगति पोर्टल, एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली, वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 तथा कोर्ट केस मॉनिटरिंग सिस्टम को विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है । हमारी सरकार ए.आई., डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम बनाना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, समावेशी विकास और नागरिक सशक्तिकरण का आधार बनाना है । इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसी संकल्प के साथ डिजिटल नवाचार को जनहित से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है ।
- भिलाई।भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपने निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुदृढ़ करने की दिशा में दुर्ग जिला चिकित्सालय के सहयोग से दुर्ग जिले के गोढ़ी और खोपली गांवों में निःशुल्क चिकित्सा जांच एवं स्वास्थ्य परामर्श शिविर आयोजित किए। शिविरों में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया।20 जुलाई 2026 को धमधा विकासखंड के ग्राम गोढ़ी में आयोजित शिविर में जिला चिकित्सालय, दुर्ग की चिकित्सा अधिकारी डॉ. गायत्री श्याम, फार्मासिस्ट जान्हवी, नर्सिंग स्टाफ तृप्ति कुमारी, पंजीयन सहयोगी राकेश कुमार तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर-सीएचओ) गुलेश्वरी साहू ने सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में 40 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 12 पुरुष और 28 महिलाएं शामिल थीं। सभी हितग्राहियों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के साथ निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।इसी क्रम में 21 जुलाई 2026 को निकुम विकासखंड के ग्राम खोपली में आयोजित चिकित्सा शिविर में चिकित्सा अधिकारी डॉ. गायत्री श्याम, फार्मासिस्ट मनीष देशमुख, नर्सिंग स्टाफ रेणुका वर्मा तथा पंजीयन सहयोगी विवेक ध्रुव ने सेवाएं दीं। इस शिविर में 50 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 28 पुरुष और 22 महिलाएं शामिल थीं। परीक्षण के उपरांत सभी ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श तथा निःशुल्क औषधियां वितरित की गईं।भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा आयोजित इन दोनों चिकित्सा शिविरों का सफल संचालन दुर्ग जिला चिकित्सालय के सक्रिय सहयोग से किया गया। संयंत्र द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने तथा लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके गांवों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।
- भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र के छत्तीसगढ़ समूह की खदानों में सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित पाँच दिवसीय "माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान (एमएसएमपी) – इम्प्लीमेंटेशन एवं रिव्यू" प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का शुभारंभ 21 जुलाई को राजहरा स्थित माइन वेस्टिब्यूल ट्रेनिंग सेंटर (एमवीटीसी) में हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य खदानों में सुरक्षा संस्कृति को सशक्त बनाना, वैधानिक प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना तथा सुरक्षित एवं उत्तरदायी कार्य प्रणाली को बढ़ावा देना है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कार्यपालक निदेशक (खदान) कमल भास्कर तथा मुख्य महाप्रबंधक (खदान) आर. बी. गहरवार उपस्थित रहे। इस अवसर पर कमल भास्कर ने कहा कि माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन सुरक्षित, दुर्घटनामुक्त और सतत खनन संचालन की आधारशिला है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभवों को अपने-अपने कार्यस्थलों पर व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया।कार्यशाला के पहले दो दिनों में दत्ता माइनिंग कंसल्टेंसी के सुरक्षा विशेषज्ञ एवं पूर्व उप महानिदेशक (खदान सुरक्षा) एस. के. दत्ता ने राजहरा मैकेनाइज्ड माइंस, दल्ली मैकेनाइज्ड माइंस, झरनदल्ली, महामाया, हिर्री, कलवर, रावघाट तथा नंदिनी चूना पत्थर खदान के अधिकारियों एवं वरिष्ठ पर्यवेक्षकों को विस्तृत सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान की तैयारी, क्रियान्वयन, समीक्षा तथा सतत सुधार की प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। व्यावहारिक उदाहरणों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की जमीनी स्तर की शंकाओं का समाधान भी किया गया, जिससे वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन योजना को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार हो सकें।कार्यशाला के दूसरे दिन हाल ही में ओडिशा एवं झारखंड समूह की खदानों में हुई विद्युत दुर्घटनाओं के संदर्भ में "खदानों में विद्युत सुरक्षा" विषय पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों को विद्युत सुरक्षा के छह स्वर्णिम नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा विद्युत कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षित कार्य प्रणालियों पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने इस तकनीकी सत्र और एस. के. दत्ता की अनुभव-आधारित प्रशिक्षण शैली को अत्यंत उपयोगी बताया।यह कार्यशाला माइन वेस्टिब्यूल ट्रेनिंग सेंटर, राजहरा द्वारा प्रभारी बिरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में तथा सेल सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (एसएसओ), रांची के सहयोग से कार्यपालक निदेशक (खदान) कमल भास्कर और मुख्य महाप्रबंधक (खदान) आर. बी. गहरवार के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है।कार्यशाला के अगले चरण में 23 से 25 जुलाई तक दल्ली मैकेनाइज्ड माइंस, राजहरा मैकेनाइज्ड माइंस तथा नंदिनी चूना पत्थर खदान में स्थल-आधारित हैंडहोल्डिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में प्रत्येक खदान के वर्तमान माइन सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान की समीक्षा कर कमियों की पहचान की जाएगी तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए जाएंगे। इससे भिलाई इस्पात संयंत्र की खदानों में सुरक्षा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा दुर्घटनारहित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में भाजपा प्रदेश प्रकोष्ठ के संयोजक एवं सह-संयोजकों की बैठक बुधवार को संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, समस्त प्रकोष्ठ प्रभारी अवधेश चंदेल, सह प्रभारी चुन्नीलाल साहू मौजूद रहे।समस्त प्रकोष्ठों की बैठक को सम्बोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने सभी प्रकोष्ठ के संयोजक एवं सह-संयोजकों को नवीन दायित्व के लिए बधाई दी और कहा कि हमें संगठन के कार्यों को नीचे तक लेकर जाना है। साथ ही पार्टी द्वारा दिए गए दायित्वों को समय पर पूरा करना है और प्रकोष्ठ की मजबूती के लिए सभी प्रकोष्ठों का विस्तार भी करना है।इस दौरान बैठक में सभी प्रकोष्ठ के संयोजक एवं सह-संयोजक मौजूद रहे।
- -राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर देश में अराजकता एवं हिंसा फैलाने के विरोध में भाजपा रायपुर जिला इकाई द्वारा कांग्रेस कार्यालय घेरावरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा है कि कांग्रेस ने पूरे देश में अराजकता का वातावरण पैदा करने की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में गलत बयानबाजी, अपशब्दों का प्रयोग और उनके आवास पर आंदोलन करके राहुल गांधी और कांग्रेस ने देश का माहौल खराब करने की कोशिश की है। श्री देव बुधवार को यहाँ लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर देश में अराजकता एवं हिंसा फैलाने के विरोध में भाजपा रायपुर जिला इकाई द्वारा आहूत कांग्रेस कार्यालय घेराव करने एकत्रित कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने राहुल गांधी से सवाल किया कि आखिर वह चाहते क्या हैं? जिस तरीके से बांग्लादेश में अराजकता का माहौल बना हुआ था, हमारे देश में भी राहुल गांधी अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं । कांग्रेस के नेता अभद्र भाषा व अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। संविधान की हत्या खुद करते हैं और संविधान की किताब लेकर दिखाते घूमते हैं। प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने की अमर्यादित राजनीति देखने को कहीं नहीं मिलेगी। श्री देव ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने का काम कांग्रेस कर रही है, उनके आंदोलन को गलत तरीके से राजनीतिक रंग दे रही है। छत्तीसगढ़ में भूपेश शासनकाल में पीएससी घोटाला कर अपने भाई-भातिजों को पोषित करने का काम तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने किया था और लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को भेजकर आंदोलन कर रहे लोगों को भड़काने का काम कांग्रेसी कर रहे हैं, 'बिलो दि बेल्ट' की राजनीति करना राहुल गांधी और कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र हो गया है। कांग्रेस सोचती है कि वह जितनी नकारात्मक राजनीति करेगी, भाजपा नेताओं को गालियाँ देगी, उनके खिलाफ साजिश रचेगी, उतना ही जनता उनके साथ आएगी; परंतु ऐसा कभी नहीं होगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि भाजपा और देश की जनता राहुल गांधी के इन कृत्यों का विरोध करती रहेगी। आज सिर्फ रायपुर में ही नहीं, पूरे देश में कांग्रेस के कृत्य को लेकर विरोध हो रहा है। भाजपा हमेशा मर्यादित राजनीति करती है। प्रधानमंत्री बनने के लिए देश में अराजकता का माहौल पैदा करके राहुल गांधी राजनीति कर रहे हैं। आने वाले समय में कांग्रेस इतिहास बनकर रह जाएगी। यहाँ ओछी राजनीति करने वालों की कोई जगह नहीं है। राहुल गांधी के इस कृत्य के लिए देश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। इस तरीके से सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए राहुल गांधी ने यह किया है।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस मौके पर कहा कि राहुल गांधी बिना किसी को कोई सूचना दिए प्रधानमंत्री निवास के बाहर जाकर आंदोलन करने लगे। यह राहुल गांधी की राजनीतिक उच्छृंखलता को दर्शाता है। राहुल गांधी खुद को देश और यहाँ के संविधान से बड़ा मानते हैं। न उन्हें देश के संविधान पर आस्था है, न ही संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा है। श्री साव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी ने देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की है, लेकिन हिंदुस्तान यह नहीं सहेगा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा से पराजित हो रहे हैं, जनता भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ खड़ी है। श्री साव ने कहा कि राहुल गांधी का यह कृत्य अत्यन्त निन्दनीय है। कांग्रेस शून्य पर आ चुकी है और आने वाले समय में जनता इन्हें एक बार फिर सबक सिखाएगी। राहुल गांधी किसी मुगालते में न रहें। यह नया भारत है और इसमें देश व संविधान का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही कई वक्ताओं ने भी संबोधित किया।घेराव के दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रय यशवन्त जैन, अखिलेश सोनी व डॉ. नवीन मार्कंडेय, कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, श्यामबिहारी जायसवाल, लखनलाल देवांगन, दयालदास बघेल, गुरु खुशवंत साहेब, टंकराम वर्मा, राजेश अग्रवाल, लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू , रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, जिला प्रभारी राजेंद्र शर्मा, सुरेंद्र पटनी, महापौर मीनल चौबे, जिला मंत्री अमित साहू, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, जिला महामंत्री गुंजन प्रजापति, सहित भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, सभी पार्षद एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- -विभिन्न राज्यों में जैव प्रौद्योगिकी पार्कों की स्थापना को मंजूरी देगी समितिरायपुर । भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा देश में जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए संचालित “राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना” के तहत विभिन्न राज्यों में जैव प्रौद्योगिकी पार्कों की स्थापना की जा रही है। इन जैव प्राद्योगिकी पार्कों की स्थापना राज्यों के सहयोग से की जा रही है। इन जैव प्रौद्योगिकी पार्कों की स्थापना के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने हेतु भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर गठित “स्टीयरिंग सह प्रोजेक्टर माॅनीटरिंग समिति” में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल को सदस्य बनाया गया है। यह समिति विभिन्न बायोटेक पार्कों के परियोजना प्रतिवेदन को मंजूरी देने के साथ ही उनके क्रियान्वयन की माॅनीटरिंग भी करेगी।
- -मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूकरायपुर। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षा बलों के जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा तनाव एवं आत्महत्या की रोकथाम के उद्देश्य से सूरजपुर जिले में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य जवानों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, कार्यस्थल पर तनाव का प्रभावी प्रबंधन सिखाना तथा समय रहते परामर्श एवं उपचार लेने के लिए प्रेरित करना था।कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के. डी. पैकरा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में जिला चिकित्सालय की मानसिक स्वास्थ्य टीम के क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट श्री सचिन मातुरकर एवं साइकेट्रिक सोशल वर्कर श्रीमती प्रियंका मंडल ने मानसिक तनाव के कारण, लक्षण, उसके शारीरिक एवं मानसिक प्रभावों तथा तनाव प्रबंधन की व्यावहारिक तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन, प्रभावी संवाद और समस्या-समाधान कौशल को मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम में आत्महत्या के चेतावनी संकेतों, जोखिम कारकों तथा समय पर परामर्श और उपचार के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला को अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहरी श्वास, रिलैक्सेशन एक्सरसाइज, माइंडफुलनेस तथा समूह गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे जवानों को ड्यूटी के दौरान तनाव नियंत्रित करने के व्यावहारिक उपाय सीखने का अवसर मिला।अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों का मानसिक रूप से स्वस्थ एवं सशक्त होना उनकी कार्यक्षमता, अनुशासन तथा व्यक्तिगत जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।कार्यक्रम के अंत में जवानों ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यशाला में 10वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सूरजपुर के असिस्टेंट कमांडेंट श्री सुधीर कुजूर, श्री बी. पी. सिंह, श्रीमती कविता ठाकुर, हेड कांस्टेबल श्री अशोक साहू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -बिहान योजना बनी आत्मनिर्भरता का आधार, माँ रामेश्वरी स्व-सहायता समूह ने अर्जित की एक लाख रुपये की आय-स्थानीय वनोपज को बनाया आजीविका का माध्यम, वनांचल की महिलाएं बन रहीं सफल उद्यमीरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से प्रदेशभर में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास लगातार सफल हो रहे हैं। इसका प्रेरक उदाहरण मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मोहला विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम रामगढ़ में देखने को मिला है, जहां माँ रामेश्वरी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने महुआ के अचार और शहद निर्माण को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनाई है।जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से समय पर मिली वित्तीय एवं तकनीकी सहायता के बल पर समूह की महिलाएं आज सफल उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि स्थानीय वनोपज का वैज्ञानिक उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार और आय के स्थायी अवसर विकसित किए जा सकते हैं।कभी आर्थिक तंगी और घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली समूह की 10 महिलाओं ने सामूहिक प्रयासों से अपनी आजीविका को नई दिशा दी। पिछले एक वर्ष से वे महुआ का अचार और शहद तैयार कर बाजार में विक्रय कर रही हैं। इस दौरान समूह ने अपने उत्पादों से लगभग एक लाख रुपये की आय अर्जित की है। इस अतिरिक्त आय ने न केवल उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और उद्यमिता की भावना को भी बढ़ावा दिया है।समूह की सदस्य श्रीमती सुशीला कुरेटी बताती हैं कि पहले घरेलू आवश्यकताओं और छोटे-छोटे खर्चों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज वे आत्मनिर्भर हैं। अब वे अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा, परिवार की जरूरतों की पूर्ति और घर के महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनका कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और समाज में नई पहचान भी दी है। रामगढ़ गांव की यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन और स्वरोजगार का सफल मॉडल बनकर उभरी है। जिला प्रशासन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रभावी समन्वय से वनांचल की महिलाओं को अपने क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आय अर्जित करने का अवसर मिला है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ पलायन पर भी अंकुश लगाने में मदद मिल रही है। माँ रामेश्वरी स्व-सहायता समूह की सफलता से प्रेरित होकर अब आसपास के गांवों की महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार आधारित गतिविधियां अपनाने के लिए आगे आ रही हैं।
- -प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी का तीखा हमला : सड़क से संसद तक अराजकता फैलाना ही कांग्रेस की नीति बन चुकी है-'प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देना देश में संवैधानिक संस्थाओं को नीचा दिखाने और अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश है'रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा और केंद्र सरकार पर लगाए गए अनर्गल आरोपों का कड़ा प्रतिवाद करते हुए इसे कांग्रेस का ‘अराजकतावादी और अवसरवादी राजनीतिक नाटक’ करार दिया है। श्री सोनी ने कहा कि बघेल जिस लोकतंत्र और संवाद की दुहाई दे रहे हैं, असल में कांग्रेस खुद उस लोकतंत्र की सबसे बड़ी हत्यारी रही है। सदन से लेकर सड़क तक हंगामा खड़ा करना और देश के युवाओं को गुमराह कर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकना कांग्रेस का पुराना चरित्र रहा है।भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री सोनी ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका वाड्रा द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के समक्ष धरना देना कोई लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि देश में संवैधानिक संस्थाओं को नीचा दिखाने और अराजकता फैलाने की सुनियोजित साजिश है। बघेल द्वारा केंद्र सरकार को 'अलोकतांत्रिक' बताने वाले बयान का करारा जवाब देते हुए श्री सोनी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में युवाओं और छात्रों के साथ क्या हुआ, यह पूरा देश और छत्तीसगढ़ जानता है। जब कांग्रेस सत्ता में रहती है, तब युवाओं की आवाज दबाती है और जब विपक्ष में आती है, तो झूठी हमदर्दी का नकाब पहनकर राजनीति करती है। छात्रों के आंदोलन और आत्महत्या के आँकड़ों पर राजनीति करने के बघेल के आरोपों को खारिज करते हुए श्री सोनी ने कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर लाशों की राजनीति करना कांग्रेस की पुरानी फितरत है। केंद्र की भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य, शिक्षा और रोजगार की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नियम-कानून के तहत हर मुद्दे का समाधान निकाल रही है। देश और प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस ‘नौटंकी चक्रव्यूह’ को भली-भाँति समझ चुकी है। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से लेकर बघेल तक को नसीहत दी कि वे देश में संवैधानिक व्यवस्थाओं को चुनौती देना और अराजकता का माहौल बनाना बंद करें, क्योंकि जनता अब उनके इस अराजक राजनीतिक चेहरे को पूरी तरह खारिज कर चुकी है।
- दुर्ग / जिले में 1 जून 2026 से 23 जुलाई 2026 तक 409.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 508.6 मिमी तहसील बोरी में तथा न्यूनतम 269.6 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 463.7 मिमी, तहसील पाटन में 501.2 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 388.3 मिमी और तहसील अहिवारा में 325.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 23 जुलाई 2026 को तहसील दुर्ग में 16.1 मिमी, तहसील धमधा में 5.5 मिमी, तहसील पाटन में 32.7 मिमी, तहसील बोरी में 7.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 11.5 मिमी और तहसील अहिवारा में 5.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- -मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में हर घर नल-जल जीवन मिशन की प्रगति पर कलेक्टर कॉन्फ्रेंस सम्पन्नरायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हर घर नल (जल जीवन मिशन) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में भारत सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना से महिलाओं का समय बचेगा और जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में मिशन मोड में कार्य करते हुए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे प्रत्येक माह जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करें। बैठक में मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी और हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन योजनाओं का कार्य अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर समयबद्ध तरीके से रनिंग बिलों के भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करें, जिससे निर्माण कार्य बाधित नही हो। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वीबी-जी राम जी एवं स्थानीय संसाधनों, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर एवं अन्य उपलब्ध स्रोतों से आवश्यक वित्तीय व्यवस्था कर योजनाओं को पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले को जलस्रोतों का आकलन कर नए स्रोतों की पहचान करने, जलस्रोत संरक्षण एवं रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने तथा प्रत्येक स्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में वर्तमान स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक स्रोतों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ पेयजल से वंचित नहीं रखा जा सकता। बैठक में सोलर आधारित नल जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजना-वार विश्लेषण कर स्वीकृत राशि एवं व्यय का समुचित मिलान किया जाए।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने प्रत्येक जिले को हर घर जल के लिए नया लक्ष्य निर्धारित करने एवं गांवों को इकाई मानकर शत-प्रतिशत नल जल कवरेज सुनिश्चित करने तथा जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए तथा जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सभी जिलों के कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
- - कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने भी अतिथि शिक्षक संघ से धरना समाप्त कर स्थल मुक्त करने की अपील कीदुर्ग / स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने 21 जुलाई को छत्तीसगढ़ अतिथि शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी विभिन्न मांगों पर चर्चा की।अतिथि शिक्षक संघ प्रतिनिधि मंडल द्वारा अतिथि शिक्षकों के संविलियन/समायोजन और ग्रीष्म अवधि का मानदेय प्रदान करने ’समान कार्य- समान वेतन’ के तहत व्याख्याता पद के मूल वेतनमान का लाभ देने तथा शासकीय कर्मचारियों के समान अवकाश की पात्रता के तहत विभिन्न मांगे रखी गई।प्रतिनिधिमंडल के साथ सभी विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।अतिथि शिक्षकों की समस्त मांगो एवं समस्याओं पर गंभीरता पूर्वक और संवेदनशीलता के साथ विचार किए जाने के संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव दवारा आश्वासन दिया गया। साथ ही प्रतिनिधि मंडल को अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों के प्रति सदैव संवेदनशील है और उनके जायज अधिकारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा छत्तीसगढ़ अतिथि शिक्षक संघ द्वारा विगत कुछ दिनों से संचालित धरना प्रदर्शन को समाप्त किए जाने प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया।स्कूल शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षक संघ से चल रहे धरना-प्रदर्शन को समाप्त करने का आग्रह किया। वहीं, जेआरडी शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग के प्राचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी ने धरने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का हवाला देते हुए कलेक्टर से प्रदर्शन स्थल खाली कराने का अनुरोध किया। इसके बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने भी अतिथि शिक्षक संघ से धरना समाप्त कर स्थल मुक्त करने की अपील की।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आवास के बाहर उनका आचरण लोकतांत्रिक मर्यादा के प्रतिकूल और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इस प्रकार के राजनीतिक स्टंट की अपेक्षा नहीं की जा सकती।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामले को केंद्र सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वयं पेपर लीक को पाप बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परीक्षा दोबारा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई और उसका परिणाम भी घोषित हो चुका है।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे की आड़ लेकर युवाओं को भ्रमित करने और देश में अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष द्वारा किया गया प्रदर्शन लोकतंत्र की गरिमा के अनुरूप नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश की जनता इस प्रकार की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और लोकतांत्रिक संस्थाओं एवं संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान सर्वोपरि है।
- -व्हाट्सएप पर मिला प्रमाण पत्र, डिजिटल व्यवस्था से समाप्त हुई भागदौड़ और बढ़ा नागरिकों का भरोसारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की डिजिटल सुशासन पहल सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना रही है। अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा निवासी श्री राजेन्द्र कुमार सारथी इसका सजीव उदाहरण हैं, जिन्हें सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार के सदस्य रोजल सारथी का स्थायी जाति प्रमाण पत्र आसानी से प्राप्त हुआ।श्री सारथी ने बताया कि पहले स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली थी। मिसल उपलब्ध नहीं होने, वंशावली के सत्यापन तथा अन्य अभिलेखों के मिलान में कठिनाई के कारण आवेदन लंबे समय तक लंबित रहता था। सेवा सेतु पोर्टल लागू होने के बाद पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और सरल हो गई। शासन के प्रावधानों के अनुसार परिवार के सदस्य का वर्ष 2006 के बाद जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र आधार बनने से उनका आवेदन शीघ्र स्वीकृत हो गया।प्रमाण पत्र जारी होते ही उसकी पीडीएफ सीधे उनके व्हाट्सएप नंबर पर उपलब्ध हो गई। साथ ही आवेदन की प्रत्येक चरण की जानकारी भी व्हाट्सएप के माध्यम से समय-समय पर मिलती रही, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रही। इससे उन्हें बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी और समय तथा अनावश्यक खर्च दोनों की बचत हुई।श्री सारथी ने बताया कि अब लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से निर्धारित शुल्क पर आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने राज्य शासन की इस जनहितकारी पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु पोर्टल ने वास्तव में शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों के द्वार तक पहुंचा दिया है।सेवा सेतु पोर्टल डिजिटल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है, जो नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराते हुए शासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत कर रहा है।


























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