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- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारीरायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 11 कार्यों के लिए दो करोड़ 34 लाख 44 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रावधानित अधोसंरचना मद से ये कार्य स्वीकृत किए गए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-8 महात्मा गांधी वार्ड में दो सी.सी. रोड के लिए क्रमशः साढ़े नौ लाख रुपए और नौ लाख 98 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग द्वारा महात्मा गांधी वार्ड में ही सी.सी. रोड और नाली निर्माण के लिए 16 लाख 70 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वार्ड क्रमांक-3 संत कबीर दास वार्ड में तीन सी.सी. रोड व नालियों के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए तथा 19-19 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की गई है।नगरीय प्रशासन विभाग ने वार्ड क्रमांक-5 बंजारी माता वार्ड में पांच कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की है। इनमें 35 लाख रुपए तथा 18 लाख 44 हजार रुपए लागत के दो सी.सी. रोड व पुलिया निर्माण के कार्य शामिल हैं। बंजारी माता वार्ड में दो सी.सी. रोड के लिए 17 लाख 69 हजार रुपए एवं 19 लाख 13 हजार रुपए के साथ ही विभाग द्वारा सड़क व नाली निर्माण के लिए 40 लाख 44 रुपए की भी मंजूरी प्रदान की गई है।
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-रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पेयजल आपूर्ति में प्रेशर सम्बन्धी समस्याओं से समय पर निराकरण के लिए 40 स्थानों पर प्रेशर ट्रांसमीटर स्थापित
रायपुर -राजधानी शहर रायपुर के ब्राम्हणपारा क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचने की शिकायत प्राप्त हुई है। स्थल निरीक्षण में पाया गया है कि उक्त क्षेत्र में स्मार्ट सिटी की पाईप लाईन के अतिरिक्त बैरन बाजार टंकी से पुरानी पाईप लाईन में भी पेयजल आपूर्ति हो रही है, जिसके कारण नागरिकों द्वारा नए कनेक्शन का उपयोग नहीं किया जा रहा है एवं कई नागरिकों ने अभी तक नए कनेक्शन नहीं लिए हैँ। नए कनेक्शन लेने हेतु पूर्व में भी विभाग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सूचना प्रकाशन किया गया है तथापि जिन नागरिकों द्वारा अभी तक कनेक्शन नहीं लिए है, उन्हे निरन्तरता में नए नल कनेक्शन दिए जा रहे हैँ।स्मार्ट सिटी पाईप लाईन से 5 एल.पी.एम. की दर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है तथा जिन हितग्राहियों द्वारा प्रेशर कम होने की शिकायत प्राप्त हो रही है उनका निराकरण समय पर किया जा रहा है। प्रेशर संबंधी समस्याओं का निराकरण समय पर किए जाने हेतु 40 स्थानों पर प्रेशर ट्रांसमीटर भी स्थापित किये गये हैँ। - रायपुर- बुधवार को नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री आशीष शुक्ला सहायक अभियंता श्री योगेश यदु उपअभियंता श्री अजय श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित नगर निवेश विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत रानी दुर्गावती वार्ड कमांक 49 अंतर्गत पुरैना क्षेत्र में 3 विभिन्न स्थानो पर नगर निवेश विभाग से बिना अनुमति निर्माणाधीन अवैध निर्माणो को जेसीबी मशीन की सहायता से अभियान पूर्वक तोडने की कार्यवाही स्थल पर की गई।
- रायपुर - बुधवार को नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपडा, सहायक अभियंता श्री अमन चंद्राकर, उपअभियंता श्री अबरार खान, श्री लोचन प्रसाद चौहान की उपस्थिति में नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत वीर सावरकर नगर वार्ड क्रमांक 1 अंतर्गत हीरापुर क्षेत्र में व्यवसायिक गोडाउन में सागने की ओर अतिरिक्त अवैध निर्माण किये जाने पर नियमानुसार संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी कर अभियान पूर्वक गैस कटर और श्रमिको की सहायता से अतिरिक्त अवैध निर्माण तोडकर हटाने की कार्यवाही स्थल पर की गई।
- रायपुर - रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरूण ध्रुव के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर की उपस्थिति में नगर निगम जोन 4 नगर निवेश विभाग की टीम ने बुधवार को जनशिकायत सही मिलने एवं शास्त्री बाजार मुख्य मार्ग में सड़क पर कब्जा करने से यातायात बाधित होने पर जनहित में जनसुविधा हेतु नागरिको को सुगम यातायात देने अभियान चलाकर सडक पर कब्जा जमाकर व्यवसायरत 8 नागरिक ठेलो और 2 फल ठेलो को व्यवस्था सुधारने कडाई के साथ स्थल से जप्त करने की कार्यवाही की और नागरिको को मुख्य मार्ग में सुगम आवागमन उपलब्ध करवाते हुए प्राप्त जनशिकायतो का जोन स्तर पर त्वरित निदान किया ।
- -अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों को मिल रही स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचानरायपुर /भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहचान को सुदृढ़ करने हेतु लागू की गई APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) व्यवस्था के अंतर्गत राज्य में अपार-आईडी निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।दिनांक 7 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, राज्य के 57,045 विद्यालयों में अध्ययनरत 57,10,207 विद्यार्थियों में से 50,60,941 विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट की जा चुकी है, जो कि 88.63 प्रतिशत है तथा बड़े राज्यों में प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक है। यह डिजिटल शैक्षणिक संरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।छत्तीसगढ़ में बेमेतरा (96.40 प्रतिशत) तथा राजनांदगांव (96.38 प्रतिशत) जिले में सर्वाधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी तैयार किए गए हैं, जबकि रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग तथा बलौदाबाजार जिलों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी तैयार किए जा चुके हैं। 5 जिले—नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर तथा दंतेवाड़ा—को छोड़कर शेष जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी तैयार किए जा चुके हैं। सभी जिलों में शेष विद्यार्थियों के अपार-आईडी निर्माण का कार्य प्रगति पर है।भारत सरकार ने 31 जनवरी 2026 तक सभी विद्यार्थियों के अपार-आईडी तैयार करने के लिए निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि अपार-आईडी प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रमाण-पत्रों एवं क्रेडिट्स का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। यह व्यवस्था विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता, पारदर्शिता तथा राष्ट्रीय स्तर पर मोबिलिटी को सशक्त बनाएगी। राज्य शासन के निर्देश पर शिक्षकों के द्वारा शेष विद्यार्थियों की अपार-आईडी निर्माण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सभी छात्रों को इस राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षणिक पहल का लाभ मिल सके। file photo
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई वार्ड क्रमांक 33 संतोषी पारा के एस.एल.आर.एम. सेंटर में स्कूली बच्चों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया। बच्चों को स्वच्छता का संदेश देते हुए बताया गया कि सूखा कचरा नीला एवं गीला कचरा हरा डस्टबिन में अलग-अलग रखा जाना चाहिए। निगम का सफाई मित्र घरो से निकले कचरे को एकत्र कर एस.एल.आर.एम. सेंटर तक पहुंचाने का काम करते है। यह भी बताया गया कि स्वच्छता दीदीयां किस प्रकार कचरे से पॉलीथिन, प्लास्टिक, धातु और अन्य सामग्रियों को अलग करते हैं । गीला कचरे को मशीन में डालकर खाद बनाने तक की प्रक्रिया को समझाया गया। वही खाद बागवानी में भी उपयोग में लाया जाता है। बच्चों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के साथ अपने घरो एवं आस-पास सफाई रखने शपथ दिलाई गई प्रशिक्षण के दौरान स्वच्छता निरीक्षक चूड़ामणि यादव सहित स्कूल के शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 8 जनवरी गुरुवार को दोपहर 12 बजे से जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत नेताजी सुभाषचन्द्र बोस वार्ड क्षेत्र अंतर्गत रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सरोवर गायत्री नगर श्री जगन्नाथ मन्दिर के समीपस्थ और नगर निगम जोन 4 अंतर्गत स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड अंतर्गत स्वामी विवेकानंद सरोवर बूढ़ातालाब के नवीन उद्यान के समीप लगभग 30-30 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से 10-10 सीटर 2 नवीन आकांक्षीय शौचालयों का शीघ्र निर्माण और विकास करने रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, एमआईसी सदस्य श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, श्रीमती संजना संतोष हियाल, श्री अमर गिदवानी, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस वार्ड पार्षद श्रीमती पुष्पा रोहित साहू, ब्राम्हणपारा वार्ड पार्षद श्री अजय साहू, नगर निगम के सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता श्री रघुमणि प्रधान, जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन नगर निगम जोन 3 सहायक अभियंता श्री नरेश साहू उप अभियंता श्री जयनंदन डहरिया, सुश्री कृष्णा राठी सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, आमजनों की उपस्थिति में भूमि भूमिपूजन श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर किया।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम जोन 3 व 4 के संबंधित अधिकारियों को स्वीकृति अनुसार शीघ्र नवीन आकांक्षीय शौचालय का निर्माण और विकास कार्य श्री जगन्नाथ मंदिर गायत्री नगर के समीप और स्वामी विवेकानंद सरोवर बूढ़ातालाब नवीन उद्यान के समीप नागरिकों को जीवन में स्वस्थ परिवेश देने प्रारम्भ करवाकर सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करवाना प्राथमिकता के साथ जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से सुनिश्चित करवाने निर्देशित किया।
- -कोई नारी डायन/टोनही नहींरायपुर / डायन या टोनही की धारणा हमारे देश में प्रमुख अंधविश्वासों में से एक है जिसमें किसी महिला को डायन (टोनही) घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बीमारी फैलाने, गाँव में विपत्तियाँ लाने का आरोप लगाकर उसे लांछित किया जाता है। डायन (टोनही) के रूप में आरोपित इन महिलाओं को न केवल सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया जाता है, बल्कि उन्हें शारीरिक प्रताडऩा दी जाती है तथा समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है। ऐसे मामलों में शारीरिक प्रताडऩा इतनी अधिक होती है कि वे महिनों शारीरिक जख्मों का दर्द लिये कराहती रहती है तथा गाँव में उन्हें उपचार मिलना भी संभव नहीं होता। सार्वजनिक रूप से बेइज्जती व अपमान के जख्म तो आजीवन दुख देते हैं। इन स्थानों पर प्रभावशाली समूह का दबाव इतना अधिक रहता है कि प्रताडऩा की घटनाओं की जानकारी गाँव के बाहर नहीं जा पाती तथा प्रताडि़त महिला व उसका परिवार नारकीय जीवन जीता रहता है, ऐसे मामलों में कई बार महिलाएँ आत्महत्या तक कर लेती है।डायन (टोनही) के संदेह में प्रताडऩा के मामले में गाँवों के जनप्रतिनिधि व शासकीय कर्मचारी भी सामने आने का साहस नहीं कर पाते, ऐसे अधिकांश मामलों में जो जानकारी ही गाँवों से बाहर नहीं आ पाती, जिससे कथित बैगाओं का राज कायम हो जाता है। जो गाँव में सभी विपदाओं का कारण जादू-टोना व डायन (टोनही) बताकर, टोनही पकड़वाने, चिन्हित करने, गाँव बाँधने के नाम पर न केवल मनमानी राशि वसूलते हैं बल्कि किसी भी गरीब बेकसूर महिला को डायन (टोनही) घोषित कर हमेशा अभिशप्त जीवन जीने व प्रताडऩा सहने के लिये छोड़ देते हैं, इन बैगाओं द्वारा महिला को डायन (टोनही) न होने का प्रमाण देने के लिये ऐसी परीक्षाएँ ली जाती है जो किसी भी महिलाओं के लिये संभव नहीं है। ऐसे मामलों में खुद को निर्दोष साबित करना बहुत मुश्किल हो जाता है वह भी जब पूरा गाँव ही अंधविश्वास के कारण विरोध में खड़ा हो, जबकि वास्तविकता यह है कि डायन (टोनही) के रूप में घोषित की जाने वाली महिला में इतनी ताकत नहीं होती है कि आत्मरक्षा ही कर सके, दूसरों के नुकसान करना तो संभव ही नहीं है।हम पिछले 30 वर्षों से समाज में फैले अंधविश्वासों एवं सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए अभियान चला रहे हैं जिसका एक प्रमुख हिस्सा डायन (टोनही) की धारणा का निर्मूलन भी है, इसलिये व्याख्यान, चमत्कारिक घटनाओं की वैज्ञानिक धारणा, विभिन्न ग्रामों में दौरा कर समझाना, अंधविश्वास का पर्याय बनने वाले मामलों की जाँच व सत्य की जानकारी, गोष्ठियाँ, बैठकें की जाती है। वहीं सामाजिक बहिष्कार जैसी कुरीति के भी अनेक मामले लगातार सामने आते रहते हैं,जिससे हजारों परिवार परेशान है उन्हें समाज में वापस लौटाने के लिए भी निरंतर प्रयास किया जाता है.हमें कई बार विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न स्थानों के बुद्धिजीवी साथियों, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समाज-सुधार के संबंध में विचार पढऩे को मिलते हैं, मेरा यह मानना है कि अंधविश्वासों एवं सामाजिक कुरीतियों का समूल निर्मूलन किसी एक व्यक्ति, एक संगठन या प्रशासन के लिये संभव नहीं है। अलग-अलग स्थानों पर निवास व कार्य कर रहे सभी व्यक्ति यदि इस कार्य के लिये अपना थोड़ा समय व बहुमूल्य विचार हमें प्रदान करें, व सहयोग से कार्य करें तो ऐसा कोई भी कारण नहीं है कि इन कुरीतियों व अंधविश्वासों का निर्मूलन न किया जा सके, नये वर्ष में सर्व सहयोग से यह काम बेहतर ढंग से किया जा सकता है। इच्छुक स्वयंसेवी व्यक्ति व उत्साही कार्यकर्ता मुझसे इस पते पर सम्पर्क कर सकते हैं।डॉ. दिनेश मिश्रवरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञअध्यक्षअंधश्रद्धा निर्मूलन समिति
मोबाईल नं. 98274-00859 - -रायपुर शहर में स्थापित उच्च स्तरीय जलागार एवं सम्पवेल की सिल्ट सफाई एवं डिसइंफेक्शन का कार्य अनिवार्य रूप से किया जाना सुनिश्चित करें - आयुक्तरायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों और कार्यपालन अभियंता जल को जलजनित रोगो की कारगर रोकथाम करने आवश्यक निर्देश दिये है। आयुक्त ने निर्देशित किया है कि रायपुर शहर में स्थापित उच्चस्तरीय जलागार एवं सम्पवेल की सिल्ट सफाई एवं डिसइंफेक्शन का कार्य अनिवार्य रूप से किया जाना सुनिश्चित करें । साथ ही की गई सफाई के दिनांक का उल्लेख जल टंकियों, सम्पवेल में अनिवार्य रूप से करवाया जाये ।आयुक्त द्वारा जोन में स्थापित हैण्डपंप, पावर पंपों को सोडियम हाइपोक्लोराइड एवं ब्लीचिंग पावडर का उपयोग कर चरणबद्ध डिसइन्फेक्शन करने के निर्देश दिये गए है। वर्तमान में जल जनित रोगों की संभावना को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध डिसइन्फेक्शन किया जाये। डिसइन्फेक्शन किया जाकर प्रयोगशाला से परीक्षण कराकर मानक अनुरूप जल प्रदाय सुनिश्चित करे। साथ ही किये गए डिसइन्फेक्शन का चरणबद्ध प्रमाणित प्रति मुख्यालय जल विभाग को आवश्यक रूप से प्रेषित करेंगे।नालियों से होकर गुजरने वाले मेन राईजिंग लाईन, डिस्ट्रीब्यूशन पाईप लाईनों को शिफ्टिंग करवाया जाये। कार्य हेतु प्रस्ताव मुख्यालय में प्रेषित कर अविलंब शिफ्टिंग कार्य किया जाना सुनिश्चित करे। समस्त जोन प्रतिदिन अलग अलग टेल एण्ड प्वाइंट से 10 से 15 जल सेम्पल एकत्रित कर फिल्टरप्लांट की प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा जाना सुनिश्चित करें। किसी भी जल सेम्पल का परीक्षण संदिग्ध पाये जाने की स्थिति में तत्काल जोन को अवगत करावें।जोन अंतर्गत जल वितरण पाइप लाईन का लाइनमेन के माध्यम से नियमित रूप से निरीक्षण कराना सुनिश्चित करे, पाइप लाईन में लिकेज, डैमेज होने पर तत्काल संधारण कार्य कराये तथा सुनिश्चित करे कि किया जा रहा जलप्रदाय मानक अनुरूप है।टंकियों के टेल एण्ड में रेसीड्यूल क्लोरिन की मात्रा मानक के अनुरूप हो, निर्धारित मात्रा से कम पाये जाने की स्थिति में जोनों के माध्यम से जल टकियों में एवं आवश्यकतानुसार रिक्लोरिनेशन (सोडियम हाइपोक्लोराइड, ब्लीचिंग पावडर) का डोजिम किया जायें। टेल एण्ड में किये गये टेस्टिंग का रिकार्ड मुख्यालय स्तर पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।जल वितरण पाइप लाईन के अंतर्गत आने वाले सभी वाल्व चेम्बरों का निरीक्षण कर वाल्व चेम्बरो में जल भराव, गंदगी न होवे इस हेतु वाल्व चेम्बरों का भी डिसइन्फेक्शन, सफाई किया जाना सुनिश्चित करावे।फिल्टरप्लांट की प्रयोगशाला में CPHEEO के मापदण्डों के अनुरूप जल सेम्पलो (पावरपंप, हैण्डपंप, सार्वजनिक नल) का अधिकतम परीक्षण किया जाये तथा नियमित रूप से राज्य स्तरीय प्रयोगशाला (NABL) से भी जल सेम्पल (सभी प्लांट, जल टंकी, टेल एण्ड) का परीक्षण कराकर जल की शुद्धता सुनिश्चित करे।जलजनित रोगों की रोकथाम हेतु जोन के उप अभियंता, सहायक अभियंता (जल), कार्यरत फील्ड अधिकारी, कर्मचारियों से समन्वय स्थापित कर सूचना तंत्र को मजबूत रखा जाये। जोन स्तर पर निदान 1100 में दर्ज जल संबंधी शिकायतों का पंजी संधारण कर इसका तत्काल निराकरण कराया जावे।
- रायपुर - महापौर श्रीमती मीनल चौबे के आदेशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम की मेयर इन काउंसिल की बैठक अब रायपुर नगर पालिक निगम के सचिवालय द्वारा दिनांक 8 जनवरी 2026 गुरुवार को संशोधित समय संध्या 5 बजे रायपुर नगर पालिक निगम के मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष के कक्ष क्रमांक 405 में आहुत की गयी है. उक्त जानकारी रायपुर नगर पालिक निगम की सचिव श्रीमती संगीता साहू ने दी है.
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-साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल — मुख्यमंत्री श्री साय
-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में हुए शामिलरायपुर,। राजिम भक्तिन माता एवं माता कर्मा के बताए संदेश मानव समाज के लिए कल्याणकारी है, हमें उनके संदेशों का अनुसरण करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजिम के त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन एवं भक्त माता राजिम की पूजा अर्चना कर प्रदेश और समाज की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहू सृजन पत्रिका का विमोचन किया। साहू समाज द्वारा मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने राजिम माता भक्ति जयंती की बधाई देते हुए कहा कि साहू समाज समृद्ध और शिक्षित समाज है जो हर दृष्टिकोण से समृद्ध रहा है। साहू समाज का इतिहास भी समृद्ध रहा है। हम सबको दानवीर भामाशाह,बाबा सत्यनारायण जी का आशीर्वाद मिल रहा है। यह समाज निरंतर विकास करें। यही कामना है। जब समाज एक जुट होगा तो केवल समाज ही नहीं प्रदेश और देश भी शक्तिशाली और समृद्ध बनता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज के सामूहिक विवाह को अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि राजिम माता ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया, आज वह समाज शिक्षा, कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राजिम माता के आशीर्वाद से हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उर्वरा से भरपूर है। अब नक्सलवाद से जवान पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। हम सबका संकल्प है कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त कर देंगे। राज्य के विकास में बाधक नक्सलवाद अब खत्मा की ओर है। राज्य को हम सब समृद्धि की दिशा में लेकर जाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज सिरकट्टी आश्रम में भव्य राम जानकी मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। इस पुण्य अवसर पर हमें शामिल होने का सौभाग्य मिला। जैसे अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा स्थापना किए हैं, उसी तर्ज पर यहां कुटेना में भी धर्म ध्वजा स्थापित किया गया है। मेरा सौभाग्य है कि एक साल पहले भी इस अवसर पर शामिल होने का अवसर मिला था।उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि साहू समाज एक संगठित समाज के रूप में जाना जाता है। आज हम सभी राजिम माता की जयंती मनाने आये हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के इस पावन धरती से प्रेरणा लेकर जाएंगे और मिलकर समाज के विकास के लिए काम करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि माता राजिम भक्तीन की महिमा का बखान करते हुए कहा कि राजिम त्याग, भूमि तपस्या, साधना और श्रम की भूमि है। भगवान को खिचड़ी खिलाने वाले समाज से हमारा समाज का नाता है। हम अपने पुरखों के योगदान को याद करके समाज को आगे ले जा सकते हैं। शिक्षा और संस्कार भी जरूरी है।इस अवसर पर साहू समाज के प्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। -
बिलासपुर को मिली शासकीय सैनिक स्कूल खोलने की मंजूरी
बिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक टीएल बैठक में राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं और लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों में जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तेजी से काम करने को कहा हे। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले के लिये एक नये शासकीय सैनिक स्कूल खोलने की स्वीकृति मिली है। इसके लिए 10 एकड़ शासकीय भूमि चिन्हांकन के निर्देश एसडीएम को दिए। उन्होंने मिशन कर्मयोगी पोर्टल में सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पंजीयन कराने के निर्देश दिए। क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण के लिए इस पोर्टल का निर्माण किया गया है। उन्होंने इस संबंध में एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित करने को भी कहा है। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर ने बिलासपुर शहर के विकास को लेकर मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले 20-25 साल में बिलासपुर शहर की जरूरतों का आकलन कर इस दिशा में हमें काम करना है। रायपुर के बाद बिलासपुर राज्य का दूसरा बड़ा शहर है। जनसुविधाएं और अन्य विकास कार्यों में हमें अच्छा से अच्छा काम करना है। उन्होंने बैठक में ठेकेदारों की सुविधा के अनुसार नहीं बल्कि जनसुविधाओं को ध्यान में रखकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए सरकारी भूमि सीमित है। भविष्य में भी योजनाअेां के विस्तार के लिए भूमि की निरंतर जरूरत पड़ती रहेगी। इसलिए अधिकारी वर्तमान भवन निर्माण कार्यों की बुनियाद इतनी मजबूत रखें कि भविष्य में उसके ऊपर दो-तीन मंजिला भवन बनाया जा सके। कलेक्टर ने बैठक में पीएम सूर्यघर योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि 5226 आवेदन मिले हैं। इनमें 1588 आवेदकों के घरों में सोलर पैनल लगाकर विद्युत उत्पादन का काम शुरू हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को भी अपने घरों में सोलर प्लाण्ट स्थापित कर योजना का लाभ लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी को दिशा समिति के बैठक की जानकारी जिला पंचायत में कल तक जमा करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएम पोर्टल,मुख्यमंत्री जनदर्शन, मुख्यमंत्री की घोषणा, राज्यपाल एवं विभिन्न आयोगों से प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की जानकारी ली और समय-सीमा में समाधान करने के निर्देश दिए। विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय के विभिन्न विषयों का निराकरण भी टीएल बैठक में किया गया। - राजनांदगांव । शासन के निर्देशानुसार ग्रामीणों को रोजगार, आवास एवं आजीविका से संबंधित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रत्येक माह की 7 तारीख को ग्राम पंचायतों में रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत जिले के सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में आज राजनांदगांव जनपद पंचायत के सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत चावल महोत्सव एवं रोजगार दिवस के साथ-साथ आवास दिवस का सफल एवं व्यापक आयोजन किया गया।विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए आवास दिवस के अवसर पर ग्रामीणों को महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को क्यूआर कोड के माध्यम से शासकीय योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। जिससे ग्रामीण सरलता से योजनाओं की जानकारी प्राप्त किया। आवास दिवस के संबंध में स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं पूर्ण आवासों के हितग्राहियों की सूची का वाचन किया गया। मनरेगा अंतर्गत 90 दिवस की अकुशल मजदूरी के संबंध में हितग्राहीवार चर्चा की गई। आवासों में सामग्री, राजमिस्त्री, सेंट्रिंग प्लेट की उपलब्धता की समस्या हेतु स्वसहायता समूह के सदस्यों से सामूहिक चर्चा कर निराकरण किया गया। मनरेगा रोजगार दिवस के अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । शासन के निर्देशानुसार ग्रामीणों को रोजगार, आवास एवं आजीविका से संबंधित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए प्रत्येक माह की 7 तारीख को ग्राम पंचायतों में रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत जिले के सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम हरनसिंघी में रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत स्वीकृत आवासों के हितग्राहियों के नामों का वाचन कर उन्हें अवगत कराया गया। हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु प्राप्त किश्तों, मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता तथा अन्य विभागों के साथ अभिसरण (कन्वर्जेन्स) के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान अधिकारियों ने हितग्राहियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूर्ण करने हेतु आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया। रोजगार दिवस के अवसर पर ग्रामीणों को विकसित भारत-जी राम गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में बताया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, सिंचाई, भू-जल पुनर्भरण तथा वाटरशेड विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ लिया जाएगा। जिससे एक ओर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो दूसरी ओर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को सुदृढ़ करने के लिए अपनाई जाने वाली आधुनिक तकनीक बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली तथा नागरिक सहभागिता प्लेटफॉर्म के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इन तकनीकों के माध्यम से कार्यों की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत हरानसिंधि में आजीविका डबरी निर्माण कार्य के संबंध में ग्रामीणों को अवगत कराया गया। डबरी निर्माण से मत्स्य पालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ग्रामीणों से प्रत्येक माह की 7 तारीख को आयोजित होने वाले रोजगार एवं आवास दिवस में सक्रिय रूप से भाग लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों में सहभागिता बनने की अपील की गई।
- -उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नियद नेल्ला नार के अन्तर्गत सम्मिलित पंचायतों के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ की चर्चा-उपमुख्यमंत्री ने बीजापुर के संवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंच कर इलवद पंचायत बनाने समाज प्रमुखों को किया प्रेरित-केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोली, अंबेली और दरभा ग्राम हुए नक्सल मुक्ति के कगार पररायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा आज बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचे, जहां उन्होंने नियद नेल्ला नार के अन्तर्गत सम्मिलित पंचायतों के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ बैठक की। इस बैठक में बीजापुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये ग्रामीण जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा आदि शामिल हुए।इस दौरान उप उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया। उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हिंसा के साथ विकास करना कभी भी संभव नहीं रहा है। आज बस्तर अंचल के कोने कोने में हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बस्तर में शांति के लिए आवश्यक है कि माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर भटके युवा वापस आये और पुनर्वास का रास्ता अपना कर ग्राम और देश के विकास में अपना योगदान दें।उन्होंने आगे कहा कि शासन द्वारा बस्तर अंचल के सभी ग्रामों के विकास के लिए ग्राम स्तर पर विकास के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जिसके तहत ग्राम की महिला समूहों और युवाओं को सक्षम बनाकर स्थानीय वनोपजों के प्रसंस्करण का कार्य गांव में किया जाएगा, जिससे ग्रामीण वनोपज संग्राहक से उत्पादक और उत्पादक से व्यवसायी बनेंगे और अपने उत्पादों का स्वयं प्रसंस्करण कर वनोपजों का उचित मूल्य भी प्राप्त करेंगे। गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना शुरू की गई है, जहां स्थानीय कैम्प विकास का केंद्र बन गए हैं और गांव में विकास कार्यों को संचालित कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव गांव में शासकीय योजनाओं की संतृप्तता का कार्य करते हुए हर योजना का लाभ प्रत्येक ग्रामीण को दिलाया जा रहा है।उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में माओवादी गतिविधियों में सम्मिलित अपने ग्राम के युवाओं को समझाएं और पुनर्वास कराएं। ऐसे ग्राम जो अपने सभी सदस्यों को मुख्यधारा में लाकर ग्राम को सशस्त्र नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित करेंगे, उन ग्रामों में इलवद पंचायत योजना के तहत 1 करोड़ रुपए की राशि अतिरिक्त विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर ग्राम पंचायत केतुलनार पेठा, मंगापेठा रानी बोली, अंबेली और दरभा जो नक्सल मुक्त होने के कगार पर है उन्हें नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया। ताकि इलवंद गांव के रूप में उनका विकास किया जा सके।बैठक में उपमुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों स्व उनके ग्रामों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, रोजगार एवं आजीविका संवर्धन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की, जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि आज तक उनके ग्रामों में नक्सल गतिविधियों के कारण विकास नहीं पहुंच पाया था पर अब उनके ग्रामों तक सड़क, बिजली जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे वे बहुत खुश हैं।कार्यक्रम में बीजापुर की ग्रामीण महिला स्व सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई थी। जिसका अवलोकन करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने उनके खाद्य उत्पादों का भी स्वाद लिया और वनोपजों के बेहतर प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता पर चर्चा की। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह एवं संचालक अश्विनी देवांगन, एडीजी नक्सल आपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, ग्रामों के समाज प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- सक्ती // शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई.टी.आई.) जैजैपुर में 12 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह 10:30 बजे से अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस अप्रेंटिसशिप मेला में जिला सक्ती के अंतर्गत संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के सभी व्यवसायों के उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ सम्मिलित हो सकते हैं। यह मेला प्रशिक्षणार्थियों को अप्रेंटिसशिप के अवसर प्रदान करने हेतु आयोजित किया जा रहा है। उक्त के सम्बन्ध में अन्य किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी के लिए इच्छुक प्रशिक्षणार्थी कार्यालयीन समय में शासकीय आई.टी.आई. जैजैपुर से संपर्क कर सकते हैं।
- -बस्तर में अब डर नहीं, बल्कि भरोसे की आवाज़ गूंज रही है : मुख्यमंत्री-सुकमा में 64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए किया आत्मसमर्पणरायपुर /बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले में ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 7 महिलाएँ भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल सुरक्षा मोर्चे पर उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवीय विश्वास और संवाद की जीत है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के स्पष्ट संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लागू संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष परिणाम अब दिखाई दे रहा है। “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान ने उन युवाओं के जीवन में नई आशा जगाई है, जो कभी नक्सलवाद के भ्रम जाल में भटक गए थे।लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदूर अंचलों तक शासन की सीधी पहुँच ने बस्तर की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज बस्तर में डर नहीं, बल्कि विश्वास की आवाज़ गूंज रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग त्यागने वालों के लिए सरकार के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि नक्सल समस्या का स्थायी समाधान सुरक्षा, विकास और विश्वास की त्रयी में निहित है। मुख्यमंत्री ने शेष माओवादी साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि वे शांति, परिवार और प्रगति का रास्ता चुनें। राज्य सरकार उनकी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति की दिशा में निर्णायक क़दम बढ़ा चुका है और हर आत्मसमर्पण के साथ नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और अधिक मज़बूत हो रहा है।
- -उच्च शिक्षा विभाग ने आपत्तियों के निराकरण के बाद सूची का किया प्रकाशनरायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत पदोन्नत प्राध्यापकों की अंतिम संशोधित वरिष्ठता सूची जारी कर दी है। यह सूची उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णय एवं शासन द्वारा जारी पदोन्नति आदेशों के परिपालन में प्रकाशित की गई है।उच्च शिक्षा संचालनालय, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार पदोन्नत प्राध्यापकों की वरिष्ठता का निर्धारण 01 अप्रैल 2017 एवं 01 अप्रैल 2023 की स्थिति के आधार पर किया गया है। वरिष्ठता निर्धारण में लोक सेवा आयोग से चयन, विषयवार नियुक्ति, कार्यभार ग्रहण की तिथि, संविलियन एवं नियमितीकरण की तिथि जैसे मापदंडों को शामिल किया गया है।विभाग ने स्पष्ट किया है कि समान आदेश तिथि होने की स्थिति में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि को वरिष्ठता का आधार माना गया है। वहीं संविलियन अथवा नियमित नियुक्ति वाले प्राध्यापकों के लिए शासन के नियमानुसार तिथि को मान्य किया गया है।जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी पदोन्नत प्राध्यापक को अंतिम वरिष्ठता सूची पर आपत्ति हो, तो वे 20 जनवरी 2026 तक निर्धारित प्रारूप में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे वर्ष 2017 एवं 2023 की अंतिम वरिष्ठता सूची का विधिवत प्रकाशन कर संबंधित प्राध्यापकों को अवगत कराएं।
- रायपुर, / सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत प्रतिदिन जन-जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप की ओर से लीड एजेंसी द्वारा जन जागरूकता संबंधी तैयार पोस्टर एवं फ्लैक्स जारी किया गया। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं पंचगणों को पंचायत अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आवश्यक पहल करने के लिए एक अपील जारी किया गया। सड़क सुरक्षा माह के प्रथम दिवस 01 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे, माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी की अध्यक्षता में बेमेतरा में हेलमेट रैली को हरी झण्डी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। इसी कड़ी में 03 जनवरी को दुर्ग में संभाग स्तरीय अधिकारियों, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, परिवहन, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, आबकारी, स्वास्थ्य निर्माण एजेंसियों की बैठक तथा 05 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की उपस्थिति में संबंधित विभागीय सचिवों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही विशेष रूप से सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले जिले रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग के लिए समन्वित प्रयास से कार्ययोजना बनाया जाकर वर्ष 2026 के दौरान दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिये गये।प्रदेश में वर्ष 2025 में गत वर्ष की तुलना में मृत्यु दर में यद्यपि कमी आई है। गत वर्ष की तुलना में यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही में लगभग 45 प्रतिशत अधिक (लगभग 9 लाख प्रकरणों) की जाकर लगभग 39 करोड़ रूपये परिशमन शुल्क संकलित किये गये। साथ ही जन जागरुकता के कार्यों के फलस्वरूप अर्थात् लगभग 3 प्रतिशत मृत्यु दर में कमी परिलक्षित हुई है। प्रदेश के 20 जिलों में मृत्युदर में कमी हुई है। रायपुर सहित अन्य 13 जिलों में मृत्यु दर को कम करने कार्य किए जा रहे हैं। इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में न्यूनतम 10 प्रतिशत की कमी सहित दुर्घटना जन्य सड़क खण्डों में यथाशीघ्र सुधारात्मक उपायों एवं आकस्मिक उपचार हेतु त्वरित प्रतिक्रिया हेतु समुचित उपाय का लक्ष्य रखा गया है।प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान जन-जागरुकता के लिये यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन पृथक-पृथक गतिविधियों के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में वाहन चालकों एवं यात्रीगणों को बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल में बात करते हुए या नशे का सेवन कर तथा तेज गति से वाहन चलाने वालों को समझाईश देकर यातायात के नियमों का पालन करने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही यातायात नियमों के पालन करने वालों को सम्मानित करने का कार्य भी किया जा रहा है।
- -पारदर्शिता और कार्यकुशलता को मिला नया आयाम : उत्कृष्ट अधिकारियों को प्रशंसा पत्र-ई-ऑफिस में श्रेष्ठ प्रदर्शन: मुख्य सचिव विकास शील ने अधिकारियों को किया सम्मानितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन सुशासन, दक्षता और नागरिक केंद्रित प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नवंबर 2025 माह के लिए मंत्रालय महनदी भवन के अधिकारियों का ई-ऑफिस प्रदर्शन मूल्यांकन किया गया। डिजिटल गवर्नेंस को नई गति देने वाली इस महत्वपूर्ण पहल के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ई-ऑफिस में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मुख्य सचिव श्री विकास शील ने चयनित अधिकारियों को सम्मानित करते हुए उन्हें शासन-प्रशासन में गति, पारदर्शिता और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति को और सुदृढ़ करने के लिए प्रोत्साहित किया।सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय स्थित महानदी भवन, नवा रायपुर के अधिकारियों के लिए नवंबर 2025 माह का ई-ऑफिस प्रदर्शन मूल्यांकन पूर्ण कर लिया गया है। यह पहल शासन-प्रशासन में डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और कार्यकुशलता को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रणाली का उद्देश्य अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन का अवसर, रचनात्मक प्रतिस्पर्धा का परिवेश, बेहतर कार्य-प्रबंधन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के लिए प्रेरित करना है, जिससे समग्र रूप से शासन तंत्र अधिक प्रभावी और सेवा-केंद्रित बन सके। इस मूल्यांकन तंत्र का प्रमुख उद्देश्य शासन स्तर पर डिजिटल प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाना, कार्यभार प्रबंधन और समयबद्ध फाइल निस्तारण को प्रोत्साहित करना, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को औपचारिक रूप से मान्यता देना तथा विभागों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से समग्र प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है।मूल्यांकन विभिन्न संवर्गों–संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव एवं अनुभाग अधिकारी–के लिए पृथक-पृथक किया गया। मूल्यांकन पूर्णतः ई-ऑफिस प्रणाली से प्राप्त आधिकारिक डेटा पर आधारित रहा। मासिक अवधि के दौरान अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यभार तथा फाइल निस्तारण की गति और दक्षता को प्राथमिक आधार बनाया गया।मुख्य सचिव श्री विकास शील ने 6 जनवरी 2026 को मंत्रालय, महानदी भवन के पंचम तल सभागार में समस्त अधिकारी/कर्मचारियों की उपस्थिति में ई-ऑफिस के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर माह नवंबर 2025 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ताओं को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित अधिकारियों में श्रीमती जयश्री जैन, संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग; श्री गजपाल सिंह सिकरवार, संयुक्त सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग; श्री भुपेन्द्र सिंह राजपूत, संयुक्त सचिव, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग; श्री विजय कुमार चौधरी, उप सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग; श्री राहुल कुमार, उप सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग; डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, उप सचिव, जल संसाधन विभाग; श्री रनबहादुर ज्ञवाली, अवर सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग; श्री अरूण कुमार मिश्रा, अवर सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग; श्री पूरन लाल साहू, अवर सचिव, गृह विभाग; श्री मनीराम रात्रे, अनुभाग अधिकारी, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग; श्री महेश कुमार, अनुभाग अधिकारी, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग तथा श्री नागराजन, अनुभाग अधिकारी, गृह विभाग शामिल है।मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि यह मूल्यांकन तंत्र अधिकारियों के बीच सकारात्मक प्रेरणा, कार्य संतुष्टि, जवाबदेही और अनुशासन को सुदृढ़ करेगा। विभाग द्वारा इस प्रक्रिया को नियमित रूप से आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रत्येक माह ई-ऑफिस प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।उन्होंने कहा कि समयपालन और कार्यालय उपस्थिति को प्रोत्साहित करने के लिए उपस्थिति आधारित पुरस्कार प्रणाली प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है। उत्कृष्ट अधिकारियों को प्रेरित करने हेतु “वॉल ऑफ फेम” सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट तथा मंत्रालय परिसर की डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा। उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन सुशासन, दक्षता और नागरिक केंद्रित प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। ई-ऑफिस जैसी डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से शासन व्यवस्था को तेज़, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
- -प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना बनी आत्मनिर्भरता की राहरायपुर /धुन के पक्के लोग अपने संकल्प और परिश्रम से न केवल स्वयं का जीवन संवारते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। वैशाली नगर, राजनांदगांव निवासी श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपने दृढ़ इरादों से यह सिद्ध कर दिखाया है कि सही योजना और मेहनत के सहारे आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी जा सकती है।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों (सूक्ष्म उद्यमों) को सशक्त बनाने, उन्हें औपचारिक बनाने और बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिसके तहत नए और मौजूदा उद्यमों को ऋण-आधारित सब्सिडी (35 प्रतिशत तक, अधिकतम 10 लाख रुपये), ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता, सामान्य बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण जैसी मदद मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के तहत प्रतिस्पर्धा कर सकें और आय बढ़ा सकें।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने अपना उद्योग प्रारंभ कर स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया।प्रदेश में उपलब्ध लघुवनोपज की व्यापक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की। इस उद्योग के लिए मशीन एवं शेड निर्माण हेतु कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 2 लाख 13 हजार 500 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।उद्योग की स्थापना के साथ ही श्री देशपांडे ने कौरिनभाठा स्थित संस्कारधानी महिला कृषक अभिरुचि स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ा। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुईं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आया।योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्होंने आईटीआई मुंबई से चिरौंजी डिकॉल्डीकेटर मशीन क्रय की। इस मशीन के माध्यम से चिरौंजी का छिलका अलग कर गिरी निकाली जाती है, वहीं छिलकों से चारकोल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही चिरौंजी, हर्रा एवं बहेरा की गिरी से तेल निष्कर्षण तथा हर्रा-बहेरा डिकॉल्डीकेटर मशीन द्वारा छाल पृथक्करण का कार्य भी किया जा रहा है।ग्रामीण एवं वनीय क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की असुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री देशपांडे ने अपने प्रोसेसिंग यूनिट को सोलर प्लांट से संचालित किया है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल शून्य हो गया है और उत्पादन कार्य में निरंतरता बनी हुई है, जिससे लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।चिरौंजी, हर्रा और बहेरा उत्पादों की बाजार में निरंतर मांग के चलते उनका व्यवसाय अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा तक विस्तारित हो चुका है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।इस पहल से वनीय क्षेत्रों में लघुवनोपज के संग्रहण, पौध संरक्षण एवं सतत आजीविका के प्रति जागरूकता बढ़ी है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।श्री प्रदीप कुमार रामराव देशपांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना स्वरोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- रायपुर । खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रजत जयंती सप्ताह में 02 से 09 जनवरी, 2026 तक प्रदेश के सभी जिले की शासकीय उचित मूल्य दुकान में रजत जयंती चावल उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रजत जयंती चावल उत्सव के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में माह जनवरी का खाद्यान्न वितरण के साथ ही विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके साथ-साथ राशनकार्डधारियों एवं आम नागरिकों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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-राशन कार्डों का 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण
-राज्य के सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध
-‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से घर बैठे कर सकते हैं केवायसी
रायपुर । छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है । अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारों को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।

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