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*- एडऑन कवर लेने वाले किसान 72 घंटे के भीतर दें सूचना*
दुर्ग/ विगत कुछ दिनों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही ओलावृष्टि एवं तेज चक्रवाती हवाओं के चलते उद्यानिकी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत ओलावृष्टि एवं चक्रवाती हवाओं से उद्यानिकी फसलों को होने वाले क्षति के लिए एडऑन कवर के रूप में बीमा कराया जाता है।उप संचालक उद्यान से प्राप्त जानकारी अनुसार योजनांतर्गत जिन कृषकों द्वारा एडऑन कवर के लिए बीमा कराया गया है, उन्हें ओलावृष्टि एवं चक्रवाती हवाओं से फसल क्षति के 72 घंटे के भीतर स्थानीय उद्यानिकी अधिकारी या बीमा कंपनी को सूचित करना अनिवार्य है। इसके बाद बीमा कंपनी, विभागीय अधिकारी और किसान की संयुक्त समिति द्वारा फसल क्षति का आंकलन किया जाएगा और नियमों के अनुसार दावा राशि का भुगतान किया जाएगा।जिले के जिन कृषकों द्वारा एडऑन कवर के लिए बीमा कराया गया है वे क्षति के प्रारंभिक जानकारी बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इन्श्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के टोल-फ्री नंबर 1800-419-0344 पर अथवा विभागीय अधिकारियों को दे सकते हैं। -
दुर्ग/ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के सभी 25 जिला अस्पतालों की विभिन्न पैरामीटर के आधार पर उसकी रैकिंग की गई। इस रिपोर्ट में जिला अस्पताल दुर्ग को प्रदेश में सबसे अच्छा पाया गया। सिविल सर्जन डॉ. हेमंत साहू के अनुसार जरूरी सुविधाओं के आधार पर पैरामीटर निर्धारित किए गए 10 अंक में से दुर्ग जिला चिकित्सालय को 07 अंक प्राप्त कर सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में सर्वाेच्च स्थान पर रहा। जिला अस्पताल दुर्ग को एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड), कायाकल्प, लक्ष्य एवं मुस्कान का सर्टिफिकेट प्राप्त है।
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दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय दुर्ग में लू प्रंबधन वार्ड बनाया गया है। जिसमें 06 बेड का ए.सी. वार्ड एवं 05 बाथ टब और 01 बर्फ बनाने की मशीन की व्यवस्था किया गया है। जिसमें लू लगने के कारण बुखार आने वाले मरीजों का ईलाज किया जाता है। साथ ही जिनको बहुत ज्यादा फीवर होता है उनको ठण्डें पानी से नहलाकर भी ईलाज किया जाता है। सिविल सर्जन डॉ. हेमन्त साहू ने बताया कि इस प्रकार की व्यवस्था छत्तीसगढ़ में मात्र 02 जिला चिकित्सालय (रायपुर एवं दुर्ग) में है।
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भिलाईनगर। कल शाम को तेल गति से चले आंधी-पानी के कारण बहुत से क्षेत्रों में पेड़ एवं डांलिया टूटकर सड़को पर गिर गई थी। आंधी-पानी शांत होते ही लोगो के फोन आने लगे, नगर निगम की टीम मौके पर जाकर रास्तो को व्यवस्थित करवाए। महापौर नीरज पाल स्वयं जाकर एम जे कालेज के बगल में नाले के उपर लगे वर्टिकल गार्डन जो हवा से गिर गया था, उसे व्यवस्थित करवाए। निगम की टीम एवं यातायात विभाग द्वारा रास्ते को क्लीयर करवाया गया। आज सुबह आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय सभी क्षेत्रों में दौरे पर निकले, तेज आंधी में वर्टिकल गार्डन के साथ-साथ एक तरफ का रेलिंग भी गिर गया था। जिससे दुर्धटना होने की संभावना बन रही थी, वहां पर तत्कालीक रूप से बैरिकेट लगाया गया। आने जाने वाले लोगो से भी अपील की जाती है कि ध्यान पूर्वक वहां से आवागमन करें। जल्द ही समुचित व्यवस्था की जावेगी।
नगर निगम भिलाई के सभी पांचो जोन में जोन आयुक्त सुबह से ही भ्रमण कर रहे थे। जहां-जहां से पेड़ गिरने की शिकायते मिल रही थी, वहां जाकर ठीक करवाया गया। इसमें यातायात विभाग, स्थानीय लोगो द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया है। लगभग सभी जगहो पर आवागमन व्यवस्थित कर दिया गया है। अगर कहीं पर अभी भी समस्या है तो जोन कार्यालय में संपर्क कर सकते है। नगर निगम की टीम व्यवस्थित कर देगी। आज सुबह 7ः30 बजे से जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, येशा लहरे, सतीश यादव, अमरनाथ दुबे, कुलदीप गुप्ता, जोन के स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक राजस्व अधिकारी, सुपरवाईजर, राजस्व विभाग, उद्यान विभाग के सभी लोगो ने तत्परता से कार्य करते हुए आवागमन को व्यवस्थित किया। -
दुर्ग/ मोटर सायकल दुर्घटना के मरीज को चेहरे की हड्डियों में गंभीर और जटिल चोट आयी थी, जिसके कारण मरीज का जबड़ा पूरी तरह से बिगड़ चुका था और गाल की हड्डी के कई टुकड़ा हो गए थे। ऐसे में सांस की नली में छेद करके मरीज की सांसे बचायी जा सकती थी। एनेस्थेटिक डॉ. संजय वालवेन्द्रें विभागाध्यक्ष व डेंटल सर्जन डॉ. कामिनी डड़सेना द्वारा आपसी निष्कर्षण से सबमेन्टल रेपलेसमेंट का निर्णय लिया गया, इसके बाद सांस की नली को मुंह में डालकर, हड्डी के नीचले गर्दन में छोटा छेद कर स्वांस की नली को निकाला गया और पूरे चेहरे को आसानी से ऑपरेशन किया गया तथा मरीज को सुरक्षित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. हेमन्त साहू ने बताया कि इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को सफल बनाने में मेक्सोफेशियल सर्जन डॉ. कामिनी डड़सेना एवं ओ.टी. टीम में एनेस्थिसया विभागध्यक्ष डॉ. संजय वालवेन्द्रे, डॉ. हरी, शायनी चेरियन, शिबेन दानी, नसरीन बेगम, मयुरी वर्मा, दुर्गेश एवं युगल किशोर की अहम भूमिका रही। मरीज का सफल ऑपरेशन के बाद आई.सी.यू. में शिफ्ट किया गया, जिसमें स्थिति सामान्य है।
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- दुर्ग अनुविभाग में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा बैठक*
दुर्ग/ जिले में सुशासन तिहार कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की प्रगति की समीक्षा आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अपर कलेक्टर एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री विरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में की गई। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग, तहसीलदार दुर्ग, जनपद पंचायत दुर्ग एवं नगर पंचायत उतई के अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों की जानकारी दी।अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह ने राशन कार्ड के मामलों में पृथक एवं संयुक्त परिवारों के संबंध में ग्राम सभा, ग्राम पंचायत और सचिव के प्रतिवेदन के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जॉब कार्ड को भी ऑनलाइन प्रणाली में अपलोड करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में ऑनलाईन निराकरण प्रक्रिया की समीक्षा भी की गई, जिसमें कुछ कमियाँ पाई गईं। श्री सिंह ने इन कमियों को शीघ्र दूर कर आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता है।समीक्षा बैठक में सभी विभागों द्वारा प्राप्त मांग एवं शिकायतों की स्थिति और उनके निराकरण की जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों से आवेदनों की संख्या, निराकृत और लंबित आवेदनों की स्थिति पर चर्चा की गई। अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग में कुल 785 आवेदन प्राप्त हुए (721 मांग व 64 शिकायत), जिनमें से 670 का निराकरण हो चुका है और 115 अभी लंबित हैं। तहसीलदार दुर्ग में 2144 आवेदन प्राप्त हुए (1936 मांग व 208 शिकायत), जिनमें से 1058 आवेदनों का निराकरण किया गया है और 1086 अभी लंबित हैं। जनपद पंचायत दुर्ग को कुल 29336 आवेदन प्राप्त हुए (29054 मांग व 282 शिकायत), जिनमें से 27727 का समाधान किया गया और 1609 आवेदन लंबित हैं। नगर पंचायत उतई में 2340 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2278 का निराकरण हुआ और 62 अभी लंबित हैं। -
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा राज्य शासन द्वारा संचालित अकादमियों में प्रवेश हेतु चयन ट्रायल का आयोजन 29 एवं 30 अप्रैल 2025 को स्व. बी. आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई जिला बिलासपुर में किया गया था। इस चयन ट्रायल में खेलो इंडिया लघु केंद्र मर्रा-पाटन की 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग की बालिका कबड्डी खिलाड़ियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री विलियम लकड़ा से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रतिभागी बालिकाओं कु. जान्हवी, प्रियंका, दिप्ती, पूर्वी, दिव्या ठाकुर, सृष्टि गोस्वामी, योगेश्वरी, किंजल एवं पुर्वी भुवाल तथा दल को खेलो इंडिया प्रशिक्षक श्री भरत लाल ताम्रकार एवं श्री प्रदीप भुवाल के मार्गदर्शन में ट्रायल हेतु सम्मिलित कराया गया। इस अवसर पर सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री लकड़ा, श्री भूपेन्द्र हिरवानी, श्री संतोष यादव (पी.टी.आई.) तथा श्री ईश्वरी लाल देशमुख द्वारा खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रोत्साहित किया गया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।
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कोरबा। जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शराब के लिए पैसे नहीं देने पर एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह दिल दहला देने वाली वारदात श्याग थाना अंतर्गत छिरकुट गांव की है।
जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय इतवारी बाई गांव में अकेली रहती थीं। पड़ोस में रहने वाला युवक आराेपी धोबी राम मंझवार उनके घर पहुंचा और शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगा। जब बुजुर्ग महिला ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी ने आपा खो दिया और डंडे से बुरी तरह पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।महिला की चीख-पुकार सुनकर पड़ोस में रहने वाले उनके रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि इतवारी बाई खून से लथपथ हालत में पड़ी थीं। तत्काल 112 एम्बुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्याग थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक धोबी राम मंझवार को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में हत्या की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और आगे की जांच की जा रही है। -
सक्ती। सक्ती जिले के कैथा गांव में आज एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। . कैथा गांव के निवासी रामशरण कश्यप की शिकायत पर ACB ने तहसील कार्यालय में पदस्थ आराेपी पटवारी पवन सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है.।
पीड़ित रामशरण कश्यप ने ACB कार्यालय, बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर कैथा गांव में स्थित जमीन के बी-1 ऑनलाइन रिकॉर्ड में उनके पिता का नाम दर्ज नहीं हो रहा है. इस त्रुटि को सुधारने के लिए रामशरण ने एसडीएम कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था. एसडीएम कार्यालय ने इस मामले में तहसीलदार को रिकॉर्ड दुरुस्त करने का निर्देश जारी किया.इसके बाद तहसीलदार ने मामले की जिम्मेदारी पटवारी पवन सिंह को सौंपी. जब रामशरण कश्यप ने पटवारी से संपर्क किया, तो आराेपी पवन सिंह ने रिकॉर्ड सुधारने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की. फिर पीड़ित ने ACB से संपर्क किया और इसकी शिकायत कर दी. इसके बाद आज ACB ने ट्रैप की योजना बनाई और रामशरण कश्यप से पटवारी को रिश्वत की राशि देने को कहा. जैसे ही आराेपी पटवारी पवन सिंह ने रिश्वत की राशि ली तो ACB की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया. फिलहाल आराेपी पटवारी पवन सिंह को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. -
रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्वक निराकरण कराने 2-2 जोन के लिए अपर आयुक्तों की ड्यूटी लगाई है. आयुक्त श्री विश्वदीप ने अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता की जोन 1 एवं 2 के लिए, अपर आयुक्त श्री यू. एस.अग्रवाल की जोन 3 एवं 4 के लिए, अपर आयुक्त श्री पंकज के. शर्मा की जोन 5 एवं 6 के लिए, प्रभारी अपर आयुक्त श्रीमती कृष्णा खटीक की जोन 7 एवं 8 के लिए और प्रभारी अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय की जोन 9 एवं 10 के लिए सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्वक निराकरण कराने ड्यूटी लगायी है. अपर आयुक्त जोन में सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का रजिस्टर बनवायेंगे.रजिस्टर के हर पृष्ठ पर 1-1 आवेदन लगवाकर उसको संधारित करवाएंगे. शिकायतों का निराकरण गुणवत्तापूर्वक करवाएंगे और सुशासन तिहार में प्राप्त मांगों से सम्बंधित आवेदनों पर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने पत्र आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे. सुशासन तिहार के कार्यों में जोन के किसी भी अधिकारी / कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरते जाने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु प्रकरण प्रस्तुत करवाएंगे. अपर आयुक्तगण अपने - अपने जोन का निरीक्षण कर आवेदनों का निराकरण कर उसे अपलोड करवाकर कार्य समयसीमा में पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करेंगे.
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*मनुदास को अब मिलेंगे रोजगार के रास्ते*
बिलासपुर,//सुशासन तिहार में जिले के बिल्हा विकासखंड के ग्रामीण मनुदास मानिकपुरी को अब रोजगार की तलाश में अपना गांव छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। सुशासन तिहार मनुदास के लिए नई उम्मीद लेकर आया है जहां त्वरित रूप से उनकी समस्या का निदान करते हुए जॉब कार्ड प्रदान किया गया। जॉब कार्ड मिलने से अब उन्हें अपने गांव में ही रहकर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जो उनके परिवार की अतिरिक्त आय का स्रोत बनेगा।बिल्हा विकासखंड के ग्राम हरदी में रहने वाले मनुदास मानिकपुरी द्वारा 8 से 11 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए गए सुशासन तिहार में रोजगार के लिए जॉब कार्ड बनाने की मांग की गई थी। मनुदास ने बताया कि उनकी गांव में छोटी सी खेती है,इसके अलावा बाकी समय में रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में भी जाकर मजदूरी करते थे,लेकिन अब वे अपने गांव में ही रहकर काम करना चाहते हैं ऐसे में जॉब कार्ड होना जरूरी था। काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें जॉब कार्ड बनने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन सुशासन तिहार के विषय में जानकारी मिलने पर उन्होंने ग्राम पंचायत में लगाए गए शिकायत पेटी में इसके लिए आवेदन किया, कुछ ही दिनों में विभाग द्वारा त्वरित रूप से उनकी समस्या का समाधान किया गया और उनसे सभी दस्तावेज लेकर उनका जॉब कार्ड बनाकर उन्हें दिया गया। जॉब कार्ड मिलने से अब उन्हें मनरेगा के तहत 100 दिन की रोजगार गारंटी मिलेगी साथ ही प्रतिदिन मजदूरी के 261/ मिलेंगे जो उनके परिवार के लिए अतिरिक्त आय का साधन होगा। अब उन्हें अपने गांव में ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे ,उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा साथ ही उन्हें अब घर छोड़कर अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा और वे अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर पाएंगे।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करना और विकास कार्यो में गति लाने के साथ ही आम जनता, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार 3 चरणों में किया गया है जिसमें 8 से 11 अप्रैल तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किया गया। इसके पश्चात दूसरे चरण में लगभग 1 माह के भीतर प्राप्त आवेदनों को निराकृत करने की प्रक्रिया की गई। तीसरे और अंतिम चरण में 5 से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। - -कृत्रिम गर्भाधान के नवाचार से ग्रामीणों को मिलेगी अतिरिक्त आमदनीअम्बिकापुर/ / जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गरीब किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से बकरी पालन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन ने अभिनव पहल की है। अब जिले में जल्द ही अफ्रीकन नस्ल 'बोयर' के बकरा-बकरी नजर आएंगे, जिनका वजन स्थानीय नस्ल की तुलना में तीन से चार गुना अधिक होगा है। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम मिलेगा।बकरी पालन आर्थिक रूप से कमजोर और छोटे किसानों के लिए 'एटीएम' की तरह कार्य करता है। इसे पालना आसान होता है और जरूरत पड़ने पर बेचकर तत्काल नकद आय अर्जित की जा सकती है। स्थानीय नस्ल के बकरों का अधिकतम वजन 20 से 25 किलोग्राम तक होता है, लेकिन अब कृत्रिम गर्भाधान से अफ्रीकन बोयर जैसे भारी भरकम नस्ल के बकरा-बकरी पालने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिनका वजन 80 से 100 किलो तक होता है।प्रशासनिक पहल से नवाचार को मिला बलकलेक्टर श्री विलास भोसकर के निर्देश पर पशुपालन विभाग द्वारा 7800 सीमेन डोज मंगवाए गए हैं, जिनमें भारतीय नस्ल जमुनापारी, सिरोही, बारबरी के साथ पहली बार अफ्रीकन बोयर नस्ल के सीमेन भी शामिल हैं। ये सीमेन उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड, ऋषिकेश के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना में जिला पशु रोगी कल्याण समिति से भी आर्थिक सहयोग मिला है।वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि, यह पहली बार है जब अफ्रीकन बोयर नस्ल का सीमेन सरगुजा में उपलब्ध कराया गया है। सफेद रंग की इस नस्ल का गला और सिंग तक का भाग कत्थई रंग का होता है। वजन अधिक होने के कारण बकरी पालन से ग्रामीणों को लाभ भी अधिक मिलेगा।अफ्रीकन बोयर नस्ल का बकरा अधिक वजन, अधिक दामबाजार में बकरा मीट 500 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। ऐसे में अगर एक बकरा 100 किलो का होता है तो उसकी बिक्री से किसान को 50 हजार रुपये तक की आय हो सकती है। पहले स्थानीय नस्ल से अधिकतम 10-15 हजार रुपये की ही आय होती थी।सफल नवाचार से जिले के हर ब्लॉक में विस्तारछत्तीसगढ़ राज्य में सबसे पहले सूरजपुर और सरगुजा जिले में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की शुरुआत की गई थी। अब इस नवाचार को मिली सफलता के बाद सरगुजा जिले के सभी विकासखंडों में इसे लागू कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को बेहतर नस्ल की बकरी पालने और उससे अधिक आय प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।बकरी पालन से अब आत्मनिर्भरता की ओर कदमयह पहल न केवल ग्रामीणों को अतिरिक्त आय प्रदान कर रही है, जिससे बकरी पालक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहे है। प्रशासन और पशुपालन विभाग के संयुक्त प्रयास से अब बकरी पालन सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि समृद्धि का जरिया बनता जा रहा है।
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बालोद/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वाधान एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार 10 मई 2025 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस नेशनल लोक अदालत की तैयारी के संबंध में सुश्री भारती कुलदीप व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के द्वारा तालुक विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय दल्लीराजहरा में अधिवक्ताओं के साथ मीटिंग आयोजित कर अधिवक्ताओं को लोक अदालत में राजीनामा योग्य समस्त प्रकार के प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में निराकृत कराये जाने हेतु सहयोग की अपील की गई। बैठक में व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी श्रीमती सोनी तिवारी सहित अधिवक्तागण उपस्थित थे।
- -राज्यपाल ने कृषि विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों की जानकारी लीरायपुर । छत्तीसगढ़ के राज्यपाल तथा कुलाधिपति श्री रामेन डेका से आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने राजभवन में सौजन्य मुलाकात कर उन्हें कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 6 से 8 जून 2025 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय आम महोत्सव के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का न्यौता दिया। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान डॉ. चंदेल ने उन्हें कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय को देश के सर्वश्रेष्ठ धान अनुसंधान केन्द्र के रूप में सम्मानित किया गया है। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय अन्तर्राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों के साथ समझौते कर वैश्विक स्तर पर परस्पर छात्र विनिमय कार्यक्रम भी संचालित कर रहा है और इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।राज्यपाल श्री डेका ने डॉ. चंदेल को कृषि विश्वविद्यालय को सर्वश्रेष्ठ धान अनुसंधान केन्द्र का सम्मान मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने डॉ. चंदेल से कृषि विश्वविद्यालय में ब्लैक राईस की खेती के लिए किए जा रहे अनुसंधान कार्यां की जानकारी प्राप्त की। श्री डेका ने छत्तीसगढ़ में ब्लैक राईस के उत्पादन को बढ़ावा देने और इसकी खेती करने वाले किसानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा राज्य के किसानों के हित में संचालित अन्य गतिविधियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की तथा विश्वविद्यालय द्वारा राज्य के किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यां को भी बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया।
- -छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए स्वीकृत किए हैं 15 हजार आवास-कुल दस करोड़ रुपए आज हितग्राहियों के खातों में अंतरित, प्रथम किस्त के रूप में 2500 परिवारों को जारी किए गए 40-40 हजार रुपए-मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से वर्चुअली जुड़े हितग्राहियों से बात भी की, आवास निर्माण के लिए पहली किस्त मिलने पर दी बधाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित 2500 परिवारों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पहली किस्त की राशि अंतरित की। उन्होंने मंत्रालय में वर्चुअली आयोजित कार्यक्रम में आवास निर्माण की पहली किस्त प्रति परिवार 40-40 हजार रुपए के मान से कुल दस करोड़ रुपए हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए। छत्तीसगढ़ के विशेष आग्रह पर केंद्र सरकार द्वारा राज्य के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न जिलों से मंत्रालय से वर्चुअली बड़ी संख्या में जुड़े हितग्राहियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने संवेदनशीलता और गंभीरता से हमारे निवेदन को मंजूरी दी और वंचित परिवारों के लिए भी आवास की व्यवस्था की।श्री साय ने नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के लिए स्वीकृत इस विशेष परियोजना के हितग्राहियों की हौसला अफजाई करते हुए अच्छा मकान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इसमें सरकार हर तरह की मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा के शिकार परिवारों से आत्मीयता से बातकर उनका हाल-चाल पूछा। उन्होंने घर-परिवार और उनके व्यवसाय की जानकारी ली। बातचीत के दौरान विभिन्न जिला मुख्यालयों से जुड़े हितग्राहियों ने पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने भी हितग्राहियों को ऑनलाइन संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। आज 2500 ऐसे परिवारों को जो नक्सलवाद छोड़कर मुख्य धारा में लौट आए हैं या नक्सल हिंसा से पीड़ित हैं, उनके पक्के आवासों के निर्माण के लिए 40-40 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में नहीं आ पा रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विभाग ने विशेष प्रयास कर भारत सरकार से ये आवास मंजूर कराए हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद को समाप्त करने का अभियान अब अंतिम चरण में है। बस्तर के लोगों के मन से अब आतंक का डर हट जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मुख्य धारा में आएं। बस्तर की शांति और विकास के लिए यह जरूरी है। उन्होंने विशेष परियोजना के तहत हितग्राहियों के चिन्हांकन और इसे अमलीजामा पहनाने के लिए विभागीय अधिकारियों की पीठ थपथपाई और उन्हें धन्यवाद दिया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कार्यक्रम में राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण के लक्ष्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। योजना के अगले चरण के लिए हितग्राहियों के सर्वेक्षण का काम भी तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री पी. दयानंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी राशि अंतरण कार्यक्रम में मौजूद थे।सुकमा के सर्वाधिक 809 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को मिली आवास की पहली किस्त, बीजापुर के 594 और नारायणपुर के 316 परिवार शामिलप्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत आज जिन 2500 आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के खातों में आवास निर्माण के लिए राशि अंतरित की गई, उनमें सर्वाधिक 809 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले के ऐसे 594, नारायणपुर के 316, बस्तर के 202, दंतेवाड़ा के 180, कोंडागांव के 166 और कांकेर के 138 परिवारों को आवास निर्माण के लिए राशि जारी की गई है।
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कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
बालोद/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं को राज्य के जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचाने शुरू की गई ’सुशासन तिहार 2025’ के अंतर्गत तृतीय एवं अंतिम चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बालोद विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल मैदान लाटाबोड़ में 05 मई 2025 को ’समाधान शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि शासकीय हाई स्कूल मैदान लाटाबोड़ में बालोद विकासखण्ड के ग्राम टेकापार, नेवारीकला, देवीनवागांव, अरौद, भोईनापार, खपरी, लोण्डी, बेलमाण्ड, पड़कीभाट, उमरादाह, हीरापुर, झलमला, सिवनी एवं बोरी के हितग्राही समाधान शिविर में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि शिविर के सफल संचाल हेतु वरिष्ठ कृषि विकास विस्तार अधिकारी श्री के आर पिस्दा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिनका मोबाईल नंबर 9669814668 है। -
*नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को नलकूप स्रोतों में क्लोरीन या सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर शुद्धिकरण करने कहा, साल में कम से कम दो बार साफ करें पानी टंकी*
*डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए पानी का जमाव हटाकर साफ-सुथरा रखने के निर्देश*बिलासपुर/. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इसके लिए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। विभाग ने मौसमी बीमारियों एवं दूषित पेयजल से होने वाले रोगों के प्रति सचेत रहते हुए इनके रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संचालनालय से सभी निकायों को जारी परिपत्र में 15 जून के पहले नलकूप स्त्रोतों को क्लोरीन या सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर शुद्धिकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नगरीय निकायों में स्थापित एवं संचालित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के फिल्टर बेड का संधारण तथा शहरों की उच्च स्तरीय पानी टंकियों की सफाई का काम 10 जून तक पूर्ण करने को कहा है। विभाग ने जल प्रदाय वाली पानी टंकियों की साल में कम से कम दो बार सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। टंकी सफाई की तिथि टंकी के कालम में अंकित करने भी कहा है।नगरीय प्रशासन विभाग ने जल प्रदाय के लिए बिछाई गई पाइपलाइन में लीकेज या टूट-फूट को तत्काल सुधारने को कहा है। विभाग ने सार्वजनिक नलों और हैण्डपम्पों के आसपास पर्याप्त सफाई रखने तथा जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। निकाय में स्थापित होने वाले नवीन हैण्डपम्पों को भविष्य में संधारण के लिए सूचीबद्ध करने भी कहा गया है। डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए खाली जगहों में जमा पानी, कूलर, पानी की टंकी, बर्तन, फ्रिज के ट्रे, टॉयर तथा अन्य वस्तुओं में पानी के जमाव को खाली कर साफ-सुथरा रखने के भी निर्देश विभाग ने नगरीय निकायों को दिए हैं।*सतही स्रोतों पर आधारित जलापूर्ति वाले क्षेत्रों में पेयजल में क्लोरीन की मात्रा की करें जांच*सतही स्त्रोत पर आधारित पेयजल योजनाओं में जल उपचार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में करने के बाद क्लोरीनयुक्त जल शहरों में प्रदाय किया जाता है। सामान्यतः इस प्रकार की व्यवस्था में पानी के दूषित रहने की संभावना नहीं रहती है जब तक कि वितरण प्रणाली में बाहर से गंदा पानी न मिल रहा हो। विभाग ने अभियान चलाकर वितरण प्रणाली के अंतिम छोरों के सभी जल नमूनों की पुनः जांचकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पम्पिंग मेन एवं वितरण प्रणाली के लीकेजों की तत्काल मरम्मत करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।*नलकूप से आने वाला पानी दूषित मिलने पर ब्लीचिंग पाउडर या लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर करें जीवाणुरहित*नगरीय प्रशासन विभाग ने नलकूपों पर आधारित पेयजल योजनाओं में नलकूप स्त्रोत, सम्पवेल, उच्च स्तरीय टंकी एवं वितरण प्रणाली के अंतिम छोरों से पेयजल नमूना एकत्र कर हाइड्रोजन सल्फाइड किट के माध्यम से जाँच करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर जल का नमूना दूषित पाए जाने पर ब्लीचिंग पाउडर के घोल या लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर जीवाणुरहित करें। जीवाणुरहित करने के एक सप्ताह बाद पुनः उसका परीक्षण करें। जल के नमूने के पुनः दूषित पाये जाने पर विस्तृत जाँच के लिए प्रयोगशाला में भेजें तथा आवश्यक मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर का घोल उच्च स्तरीय टंकी में डालने के बाद ही जलप्रदाय करें। विभाग ने स्थल पर नलकूपों या हैण्डपम्पों के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए भी इस प्रक्रिया का पालन करने को कहा है।*कोलीफार्म बैक्टीरिया की जांच के लिए तीन स्थानों से लें सैंपल*कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी वाला जल पीने योग्य नहीं होता। इसलिए पेयजल में कोलीफार्म बैक्टीरिया की नियमित जांच जरूरी है। इसके लिए तीन स्थानों से सैंपल लेकर जांच करना चाहिए। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीटमेंट के बाद प्राप्त होने वाले जल का प्रत्येक घंटे में, स्टोरेज टंकियों से प्रतिदिन दो बार और प्रत्येक बस्ती के कम से कम दो-तीन घरों से प्रतिदिन पानी का सैम्पल लेकर कोलीफार्म बैक्टीरिया की जांच की जाना चाहिए। जल के नमूने में कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने पर उस जल स्रोत से पेयजल का प्रदाय तत्काल रोक देना चाहिए। जल सैम्पल की जाँच में कोलीफार्म अनुपस्थित होने पर ही पेयजल का दोबारा प्रदाय प्रारंभ किया जाये। जलापूर्ति प्रभावित होने पर संबंधित क्षेत्र में किसी अन्य प्रकार से जैसे टैंकर इत्यादि से पेयजल पहुँचाये।नगरीय प्रशासन विभाग ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश सभी निकायों को दिए हैं। इसके लिए हर ट्रीटमेंट प्लांट, हर स्टोरेज टंकी तथा हर मलिन बस्ती में रजिस्टर संधारित करने और उसमें पानी का सैम्पल लेने का दिनांक एवं समय, सैम्पल लेने वाले का नाम और सैम्पल में रेसीड्यूवलक्लोरीन की मात्रा तथा कोलीफार्म बैक्टीरिया की उपस्थिति की जाँच का परिणाम अंकित करने को कहा गया है। विभाग ने पेयजल में रेसीड्यूवलक्लोरीन न मिलने या कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने पर तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके निराकरण के लिए अवगत कराने को कहा है। नगरीय निकाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी जगहों पर संधारित रजिस्टरों का निरीक्षण कर हस्ताक्षर भी करना है। -
*आमजनों से पूछी समस्याएं फिर मौके से ही अधिकारियों को निराकृत करने दिए निर्देश*
*बाधित बिजली क्षेत्रों का त्वरित मेंटेनेंस करने करने को कहा, हटवाए सड़कों पर टूटकर गिरे पेड़ों की डाली*रायपुर । राजधानी में भीषण आंधी-तूफान से कई इलाके प्रभावित होने पर मौके का जायजा लेने के लिए कलेक्टर एवं एसएसपी निकले। प्रत्येक स्थानों पर पहुंचकर समस्याओं को निराकृत किया और मोहल्लों में पहुंचकर आमजनों से समस्याएं पूछी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मौके से फोन कर समस्या को त्वरित निराकृत करने के निर्देश दिए।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह एवं एसएसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह ने देर रात को शहर के विभिन्न प्रभावित स्थलों का जायजा लेने निकले। गौरव पथ में पेडों की डाली टूटकर गिरे होने से सड़कों में आवाजाही प्रभावित होने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद वहां पेड़ों की डाली को हटाया गया। साथ ही लाखेनगर इलाके में राहत कार्याें का जायजा लिया। वहीं खोखो पारा में आमजनों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनी। इसके तुरंत बाद ही समस्याओं का निराकरण कराया गया। स्थानीय निवासियों ने कलेक्टर को बताया कि वार्ड में कई स्थानों पर पेड़ की डाली टूटकर गिरी हुई थी, जिस पर कलेक्टर के निर्देश पर हटाया गया ।इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, सीएसईबी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। -
बिलासपुर/बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम लिम्हा में स्थित मेसर्स तिवार्ता कोल बेनिफिसिऐशन लिमिटेड में कोल वॉशरी वेट टाईप के पर्यावरण स्वीकृति हेतु 13 जून 2025 को लोक सुनवाई का आयोजन किया गया है। ये लोक सुनवाई लिम्हा के शासकीय हाई स्कूल मैदान में सवेरे 11 बजे से शुरू होगी।
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रायपुर। भारतमाला परियोजना सहित दिनांक 01.01.2019 के पश्चात रायपुर संभाग के अंतर्गत जिला रायपुर, महासमुन्द, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदाबाजार-भाटापारा में शासकीय व गैर-शासकीय परियोजनाओं हेतु भूमि अधिग्रहण में हुई अनियमितताओं की संभागायुक्त द्वारा जांच की जा रही है। इस संबंध में अधिग्रहित भूमि की सूची का प्रकाशन आयुक्त कार्यालय रायपुर संभाग, रायपुर की सूचना पटल पर एवं वेबसाइट www.raipur.gov.in एवं संबंधित जिलों के वेबसाइट, कलेक्टर कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत एवं पंजीयक कार्यालयों के सूचना पटल पर किया गया है।
यदि किसी व्यक्ति को उक्त अधिग्रहण प्रकरणों में की गई प्रक्रिया, मुआवजा निर्धारण या वितरण में किसी प्रकार की आपत्ति या शिकायत हो, तो वे अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा प्रमाणिक दस्तावेजों सहित दिनांक 15.05.2025 को संध्या 5ः30 बजे तक संबंधित जिला कार्यालय या संभागीय आयुक्त कार्यालय, रायपुर में प्रस्तुत कर सकते हैं।जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैंः1. अधिक मुआवजा प्राप्त करने की दृष्टि से मूल खसरे को छोटे-छोटे भूखंडों में कृत्रिम रूप से विभाजित कर मुआवजा प्रकरण तैयार किया जाना।2. भूमि अधिग्रहण अधिसूचना जारी होने के बाद किए गए हस्तांतरण, बंटवारा, व्यपवर्तन, नवीन निर्माण आदि को मुआवजा में शामिल किया जाना।3. पूर्व तिथि से फर्जी नामांतरण या बंटवारा प्रकरण बनाकर मुआवजा प्राप्त करना।4. मुआवजा पत्रक बनाते समय भूमि पर स्थित सम्पत्तियों का सही विवरण प्रस्तुत न करना। -
जनजीवन सुरक्षा हेतु निगम ने ढाचे को काटकर हटाया और सड़क यातायात को किया पुनः बहाल
रायपुर/ विगत दिवस देर रात्रि नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने विगत दिवस तेज आंधी - तूफान में देवेन्द्र नगर में अचानक टूटकर सड़क मार्ग पर गिर पड़े विशाल ढाचे का वहाँ पहुंचकर प्रत्यक्ष अवलोकन वार्ड पार्षद श्रीमती कृतिका जैन, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर,जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया. महापौर ने अधिकारियों को जनहित में जनसुरक्षा को दृष्टिगत रखकर नमस्ते चौक के ढाचे को सड़क मार्ग से हटवाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया. नगर निगम जोन 2 की टीम द्वारा टूटकर सड़क मार्ग पर तेज आंधी - तूफान के दौरान अचानक टूटकर गिरे विशाल ढाचे को काटकर सड़क मार्ग से देर रात्रि तक सतत अभियान जनजीवन सुरक्षा के दृष्टिगत चलाकर हटाया जाना स्थल पर सुनिश्चित करते हुए देवेन्द्र नगर मुख्य मार्ग का सड़क यातायात पुनः बहाल करवाया. -
सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप अधिकारियों सहित फील्ड में निकले,घूमकर व्यवस्था यथासंभव बहाल करवाते रहे
रायपुर / राजधानी शहर रायपुर में अचानक आये तेज आंधी - तूफान से मुख्य मार्गो, व्हीआईपी मार्ग, विभिन्न मार्गो पर अचानक सैकड़ों पेड़ उखड़कर सड़क मार्गो में गिर गए और अनेक मार्गो पर सड़क यातायात इस कारण से बाधित हो गया. नगर निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ और आयुक्त श्री विश्वदीप तत्काल राजधानी शहर के विभिन्न मार्गो में अपर आयुक्तगणों, उपायुक्तगणों, जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं, स्वास्थ्य विभाग, लोक कर्म विभाग, जल कार्य विभाग, नगर निवेश विभाग, राजस्व विभाग की 10 जोनों की टीमों के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ निकले और जेसीबी मशीनों, क्रेन मशीन, श्रमवीरों की सहायता से विभिन्न प्रमुख मार्गो, बाजार क्षेत्रों, वार्डों के भिन्न मार्गो में सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाकर सड़क यातायात को पुनः बहाल करने की यथासंभव कार्यवाही तत्काल अभियान चलाकर की. सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने देवेन्द्र नगर के नमस्ते चौक के सड़क पर अचानक गिरे बड़े आकार के टूटे हुए ढाचे को तत्काल सड़क से हटवाकर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए, आयुक्त श्री विश्वदीप ने राजधानी शहर के व्हीआईपी माना एयरपोर्ट मुख्य मार्ग में अचानक तेज आंधी - तूफान के दौरान सड़क पर गिरे पेड़ों को शीघ्र सड़क यातायात पुनः बहाल किये जाने तत्काल प्राथमिकता से अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए. नगर निगम रायपुर के सभी फील्ड अधिकारी और कर्मचारी फील्ड पर लगातार निकलकर सैकड़ों की संख्या में उखड़कर सड़क पर गिरे पेड़ों को सड़क से हटवाकर सड़क यातायात पुनः बहाल करने अभियान चलाकर यथासम्भव कार्यवाही करते रहे, ताकि शीघ्र यातायात प्रबंध शहर में पुनः बहाल हो सके और नागरिकों को सड़क यातायात की पुनः बहाली से त्वरित राहत सड़क मार्गो में दिलवाई जा सके. नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा विभिन्न प्रमुख चौक - चौराहों में लगाए गए अस्थाई पंडालों को जनहिा में जनजीवन सुरक्षा को दृष्टिगत रखकर विभिन्न मार्गो के चौराहों पर लगाए गए अस्थाई पंडालों को तत्काल हटवाने की कार्यवाही की गयी. इंटेकवेल में आंधी - तूफान से गिरे अनेक पेड़ों को हटाने त्वरित कार्यवाही करते हुए क्षेत्र को क्लीयर किया गया. -
*आतंकी हमले में हुई हत्या को बताया अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति*
रायपुर 1 मई 2025/ मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि राज्य सरकार दिवंगत श्री मिरानिया जी के शोकाकुल परिजनों को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में रायपुर के श्री दिनेश मिरानिया जी की हत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए इसे प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति कहा। उन्होंने कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ इस दुःखद घड़ी में मिरानिया परिवार के साथ है। यह केवल एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की क्षति है। श्री साय ने कहा कि जो आतंकवादी इस जघन्य कृत्य के दोषी हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा अवश्य मिलेगी। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि देश की सुरक्षा एजेंसियाँ इस मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करेंगी। -
*नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को नलकूप स्रोतों में क्लोरीन या सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर शुद्धिकरण करने कहा, साल में कम से कम दो बार साफ करें पानी टंकी*
*डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए पानी का जमाव हटाकर साफ-सुथरा रखने के निर्देश*रायपुर./. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इसके लिए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। विभाग ने मौसमी बीमारियों एवं दूषित पेयजल से होने वाले रोगों के प्रति सचेत रहते हुए इनके रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संचालनालय से सभी निकायों को जारी परिपत्र में 15 जून के पहले नलकूप स्त्रोतों को क्लोरीन या सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर शुद्धिकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नगरीय निकायों में स्थापित एवं संचालित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के फिल्टर बेड का संधारण तथा शहरों की उच्च स्तरीय पानी टंकियों की सफाई का काम 10 जून तक पूर्ण करने को कहा है। विभाग ने जल प्रदाय वाली पानी टंकियों की साल में कम से कम दो बार सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। टंकी सफाई की तिथि टंकी के कालम में अंकित करने भी कहा है।नगरीय प्रशासन विभाग ने जल प्रदाय के लिए बिछाई गई पाइपलाइन में लीकेज या टूट-फूट को तत्काल सुधारने को कहा है। विभाग ने सार्वजनिक नलों और हैण्डपम्पों के आसपास पर्याप्त सफाई रखने तथा जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। निकाय में स्थापित होने वाले नवीन हैण्डपम्पों को भविष्य में संधारण के लिए सूचीबद्ध करने भी कहा गया है। डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए खाली जगहों में जमा पानी, कूलर, पानी की टंकी, बर्तन, फ्रिज के ट्रे, टॉयर तथा अन्य वस्तुओं में पानी के जमाव को खाली कर साफ-सुथरा रखने के भी निर्देश विभाग ने नगरीय निकायों को दिए हैं।*सतही स्रोतों पर आधारित जलापूर्ति वाले क्षेत्रों में पेयजल में क्लोरीन की मात्रा की करें जांच*सतही स्त्रोत पर आधारित पेयजल योजनाओं में जल उपचार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में करने के बाद क्लोरीनयुक्त जल शहरों में प्रदाय किया जाता है। सामान्यतः इस प्रकार की व्यवस्था में पानी के दूषित रहने की संभावना नहीं रहती है जब तक कि वितरण प्रणाली में बाहर से गंदा पानी न मिल रहा हो। विभाग ने अभियान चलाकर वितरण प्रणाली के अंतिम छोरों के सभी जल नमूनों की पुनः जांचकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पम्पिंग मेन एवं वितरण प्रणाली के लीकेजों की तत्काल मरम्मत करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।*नलकूप से आने वाला पानी दूषित मिलने पर ब्लीचिंग पाउडर या लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर करें जीवाणुरहित*नगरीय प्रशासन विभाग ने नलकूपों पर आधारित पेयजल योजनाओं में नलकूप स्त्रोत, सम्पवेल, उच्च स्तरीय टंकी एवं वितरण प्रणाली के अंतिम छोरों से पेयजल नमूना एकत्र कर हाइड्रोजन सल्फाइड किट के माध्यम से जाँच करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर जल का नमूना दूषित पाए जाने पर ब्लीचिंग पाउडर के घोल या लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर जीवाणुरहित करें। जीवाणुरहित करने के एक सप्ताह बाद पुनः उसका परीक्षण करें। जल के नमूने के पुनः दूषित पाये जाने पर विस्तृत जाँच के लिए प्रयोगशाला में भेजें तथा आवश्यक मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर का घोल उच्च स्तरीय टंकी में डालने के बाद ही जलप्रदाय करें। विभाग ने स्थल पर नलकूपों या हैण्डपम्पों के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए भी इस प्रक्रिया का पालन करने को कहा है।*कोलीफार्म बैक्टीरिया की जांच के लिए तीन स्थानों से लें सैंपल*कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी वाला जल पीने योग्य नहीं होता। इसलिए पेयजल में कोलीफार्म बैक्टीरिया की नियमित जांच जरूरी है। इसके लिए तीन स्थानों से सैंपल लेकर जांच करना चाहिए। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीटमेंट के बाद प्राप्त होने वाले जल का प्रत्येक घंटे में, स्टोरेज टंकियों से प्रतिदिन दो बार और प्रत्येक बस्ती के कम से कम दो-तीन घरों से प्रतिदिन पानी का सैम्पल लेकर कोलीफार्म बैक्टीरिया की जांच की जाना चाहिए। जल के नमूने में कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने पर उस जल स्रोत से पेयजल का प्रदाय तत्काल रोक देना चाहिए। जल सैम्पल की जाँच में कोलीफार्म अनुपस्थित होने पर ही पेयजल का दोबारा प्रदाय प्रारंभ किया जाये। जलापूर्ति प्रभावित होने पर संबंधित क्षेत्र में किसी अन्य प्रकार से जैसे टैंकर इत्यादि से पेयजल पहुँचाये।नगरीय प्रशासन विभाग ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश सभी निकायों को दिए हैं। इसके लिए हर ट्रीटमेंट प्लांट, हर स्टोरेज टंकी तथा हर मलिन बस्ती में रजिस्टर संधारित करने और उसमें पानी का सैम्पल लेने का दिनांक एवं समय, सैम्पल लेने वाले का नाम और सैम्पल में रेसीड्यूवलक्लोरीन की मात्रा तथा कोलीफार्म बैक्टीरिया की उपस्थिति की जाँच का परिणाम अंकित करने को कहा गया है। विभाग ने पेयजल में रेसीड्यूवलक्लोरीन न मिलने या कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने पर तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके निराकरण के लिए अवगत कराने को कहा है। नगरीय निकाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी जगहों पर संधारित रजिस्टरों का निरीक्षण कर हस्ताक्षर भी करना है। -
*शासन, सामाजिक विकास और अर्थव्यवस्था में जबरदस्त सुधार*
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा यह टीम छत्तीसगढ़ की सफलता*रायपुर/ केयरएज स्टेट रैंकिंग 2025 में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश के बड़े राज्यों की सूची में अपनी रैंकिंग को तीन स्थान तक बेहतर किया है। वर्ष 2023 की तुलना में राज्य का समग्र स्कोर 6.1 अंकों की वृद्धि के साथ 34.8 से बढ़कर 40.9 हो गया है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ देश के 17 बड़े राज्यों के गु्रप में 14वें स्थान से 11वें स्थान पर पहुंच गया है। यह प्रदर्शन शासन, सामाजिक संकेतकों और आर्थिक मजबूती में व्यापक सुधार का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह ‘टीम छत्तीसगढ़’ की एकजुट मेहनत और जन-सेवा की भावना का परिणाम है। हमने शासन में पारदर्शिता, सेवा की गति, और नागरिकों की भागीदारी को प्राथमिकता दी है। सामाजिक क्षेत्र में हमारा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण पर रहा है। आर्थिक क्षेत्र में निवेश और रोजगार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केयरएज की यह रिपोर्ट हमारे कार्याें का आंकड़ों के रूप में मान्यता है। हमने हर क्षेत्र में सुधार की नीति अपनाई है, चाहे वह आर्थिक सशक्तिकरण हो, शिक्षा हो या स्वास्थ्य सेवाएं। यह उपलब्धि सभी के प्रयास और जनता के सहयोग का परिणाम है। छत्तीसगढ़ राज्य अब राष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निकट भविष्य में हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।केयरएज की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में आर्थिक प्रदर्शन के मापदण्ड पर उल्लेखनीय 9.9 अंकों की वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2023 में जहां राज्य 12वें स्थान पर था, वहीं 2025 में यह 7वें स्थान पर आ गया है। यह राज्य की आकर्षक औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करते हुए राजस्व संग्रहण की दक्षता बढ़ाई है। जीएसटी संग्रहण में वृद्धि और बजट प्रबंधन में पारदर्शिता के कारण राज्य की राजकोषीय स्थिति अधिक मजबूत हुई है।रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने शासन-प्रशासन के क्षेत्र में 14.2 अंकों की छलांग लगाई है, सार्वजनिक सेवा, कानून व्यवस्था और डिजिटल गवर्नेंस में किए गए सुधार इसके मुख्य कारण रहे। वहीं सामाजिक क्षेत्र में 17.8 अंकों की वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य ने साक्षरता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आय-समानता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।छत्तीसगढ़ राज्य ने आर्थिक क्षेत्र में भी लगभग 10 अंकों की बढ़त दर्ज की है, जो राज्य की स्थिर विकास दर में वृद्धि और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का शुभ संकेत है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 2025 की कार्यप्रणाली में 50 संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया, जबकि 2023 में यह संख्या 46 थी। 2023 और 2025 के बीच छत्तीसगढ़ ने शासन, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किया है।

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