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- रायपुर। राजधानी रायपुर के कालीबाड़ी चौक से सिद्धार्थ चौक तक सड़क का नामकरण आज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं रायपुर नगर पालिका के पूर्व पार्षद स्व. हनुमान प्रसाद दुबे के नाम पर हुआ। नामकरण समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त एवं जाने-माने साहित्यकार सुशील त्रिवेदी थे एवं अध्यक्षता नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे ने की। विशेष अतिथि पूर्व विधायक विरेन्द्र पांडे एवं वरिष्ठ नेता राजेन्द्र तिवारी थे।छत्तीसगढ़ सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा व्दारा सिद्धार्थ चौक में आयोजित नामकरण समारोह में अतिथियों ने स्व. हनुमान प्रसाद दुबे की अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में भूमिका को याद किया। साथ ही टिकरापारा वार्ड के पार्षद के रूप में उनके योगदान का भी स्मरण किया। मंच पर सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला, नगर निगम की मेयर इन कौंसिल के सदस्य आकाश तिवारी, वरिष्ठ पार्षद मृत्यूंजय दुबे, जैतूसाव मठ के संचालक अजय तिवारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष मुरली मनोहर खंडेलवाल, सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के पूर्व अध्यक्ष रमाकांत शुक्ला, रामकृष्ण पाठक एवं सेनानी स्व. हनुमान प्रसाद दुबे के सुपुत्र अरुण दुबे मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के सह सचिव राजेश त्रिपाठी ने किया।अतिथियों के उद्बोधन के बाद सिद्धार्थ चौक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित हनुमान प्रसाद दुबे मार्ग के नाम पर बने बोर्ड का लोकार्पण मंत्रोच्चारण के बीच अतिथियों ने किया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ पत्रकार सनत चतुर्वेदी, बाबूलाल शर्मा, आशीष ठाकुर, ओ.पी. मिश्रा, प्रभात मिश्रा, वरिष्ठ नेता संजय पाठक, अनिल गुप्ता, अशोक बानी, रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष शिव सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, सरयूपारीण ब्राम्हण सभा के कोषाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र दुबे, दुर्गाशंकर परौहा, हरगोविंद जोशी, कृष्णकांत पाठक अशोक मिश्रा ऋषभ चंद्राकर, सोशल एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला, प्रीति शुक्ला, हेमंत तिवारी, छत्तीसगढ़ी फ़िल्मों के निर्देशक सतीश जैन, अनुमोद राजवैद्य एवं अनुपम वर्मा, तेजपाल सिंह हंसपाल, नरेन्द्र पाठक, सुरेन्द्र पाठक, मिलिन्द खेर, कमल पाठक, सतीश गुप्ता, अजीत पाठक, सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के महासचिव सुनील बाजारी, अनिल पाठक, अवनीश पाठक, अशोक तिवारी, गोविन्द तिवारी समेत बड़ी संख्या में सेनानी परिवार एवं सरयूपारीण ब्रामह्ण सभा से जुड़े लोग मौजूद थे।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के नवागत अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने कार्यभार संभालने के दूसरे दिन 5 अक्टूबर को स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर का अवलोकन किया । साथ ही उन्होंने उत्पादन, पारेषण,वितरण तीनों कंपनियों की पृथक-पृथक परिचयात्मक बैठक ली ।
- रायपुर । निकटस्थ ग्राम टेकारी ( कुंडा ) में शारदीय नवरात्रि पर्व पर शीतला मंदिर में 149 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किया गया है । सोमवार 7 अक्टूबर को पंचमी है । सेवा समिति द्वारा सेवा कार्य किया जा रहा है । इसके साथ ग्राम में 4 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित कर दुर्गोत्सव मनाया जा रहा है ।
- -एमआई हेलीकाफ्टर और डेयर डेविल्स का होगा अंतिम बार प्रदर्शन-साइंस काॅलेज मैदान में आयोजित सैन्य प्रदर्शनी का समापन 7 अक्टूबर कोरायपुर । साइंस काॅलेज मैदान में आयोेजित सैन्य प्रदर्शनी समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल श्री रमेन डेका शामिल होंगे। समापन समारोह का आयोजन 7 अक्टूबर को सुबह 8 बजे होगा। समापन समारोह के कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव करेंगे। इस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री इंद्रकुमार साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा शामिल होंगे। 7 अक्टूबर को आयोजित समापन समारोह में भारतीय सेना के एमआई हेलीकाफ्टर और डेयर डेविल्स का अंतिम बार प्रदर्शन किया जाएगा।
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-आर्टिलरी एवं सैन्य उपकरणों को देखने के लिए पहुंचे बड़ी संख्या में लोग
-सैन्य बैंड एवं देशभक्ति धुन ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध-डेयर डेविल्स के जवान की बाइक आग के लपटों के बीच से निकलीरायपुर । साइंस काॅलेज मैदान में आयोजित सैन्य प्रदर्शनी के दूसरे दिन रविवार को प्रदर्शनी एवं भारतीय सैनिकों के पराक्रम को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। भारतीय सेना के भीष्म टी-90 टैंक लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। भीष्म टी-90 टैंक के साथ लोगों ने खूब फोटो खिंचवाए और आर्टिलरी समेत अन्य उपकरणों को करीब से देखकर काफी रोमांचित हुए। सुबह से ही हर वर्ग के नागरिक डेयर डेविल्स के हैरत अंगेज करतब को देखने के लिए पहुंचे और डेयर विल्स के जवानों बाइक जैसे ही आग के पलटों के बीच से छलांग लगाई, वैसे ही दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शकों ने जवानों को अभिवादन किया और खूब तालियां बजाई। जवानों के सैन्य बैंड और देशभक्ति गीत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा डेयर डेविल्स ने पेरेलर और डबल क्रांसिंग को देखकर लोग का रोमांच बढ़ गया। डेयर डेविल्स के हैरत अंगेज करतब को लोगों ने खूब पसंद किया और सराहा। - -77 की उम्र में लगाई 10 किलोमीटर दौड़धमतरी । जिले में जल जगार महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसके तहत लोगो क़ो जल और पर्यावरण क़ो संरक्षित रखने का संदेश देने प्रदेश और जिले के नागरिकों ने गंगरेल हाफ मैराथन, एन्डुरन्स रन और वॉकेथॉन में अपनी सहभागिता निभायी।मैराथन में 10 किलोमीटर के एन्डुरन्स रन में धमतरी निवासी सुकलाल अवड़े का बहेतरीन जज्बा दिखाई दिया। सुकलाल अवड़े ने बताया कि उनकी उम्र 77 वर्ष कि है और वे धमतरी के रहने वाले है। उन्होंने पहली बार मेराथन में हिस्सा लिया और इस दौड़ क़ो समय पर पूरा करके बहुत ख़ुश है। उन्होंने बताया कि वे बेडमिंटन के खिलाडी है और वे 47 साल से बेडमिंटन खेल रहे है। अपनी फिटनेस के श्रेय उन्होंने संयमित खानपान, व्यायम, नशे से दूरी और कड़ी मेहनत क़ो दिया। श्री सुकलाल अवड़े ने बताया कि इस वर्ष बेस्ट मोटिवेशनल प्लेयर 2024 का अवार्ड रेलवे द्वारा चारोदा में दिया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार के कुशल नेतृत्व में धमतरी जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के लिये किए जा रहे प्रयासों को सराहा।
- रायपुर / अपने घर की परछी में मक्के का बीज निकालती रामबाई खुश है कि इस बार दशहरा-दीपावली के त्यौहार के समय बहुत ज्यादा आर्थिक समस्याओं से नहीं जूझना पड़ेगा। कोरबा शहर से लगभग सौ किलोमीटर दूर जंगल और पहाड़ी इलाकों में रहने वाली रामबाई के लिए जीवनयापन किसी जद्दोजहद से कम नहीं है। वह बताती है कि जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना शुरू की है तब से उन्हें अपने खाते में हर माह एक हजार रुपए आने की गारण्टी मिल गई है। उनका कहना है कि वह आने वाले दशहरा-दीपावली को बीते बरसो की तुलना में बहुत बेहतर तरीके से मनाएगी।कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक में दूरस्थ क्षेत्र ग्राम जजगी में रहने वाली रामबाई आयाम बताती है कि इस बार बरसात ठीक-ठाक हुई है लेकिन पहाड़ी इलाकों में पानी का ठहराव कुछ देर तक नहीं रहता। इन इलाकों में मक्के की फसल लेनी होती है। उन्होंने अपनी बाड़ी में मक्के की फसल ली थी, अब मौसम के साथ ही मक्के को तोड़कर बीज अलग कर रही है। रामबाई ने बताया कि उनके क्षेत्र में धान का फसल लेना बहुत बड़ी चुनौती है। कई बार मौसम दगा दे जाता है। बारिश नहीं होने पर भी खेत में ही फसल सूख जाते हैं। ऐसे में ज्यादातर ग्रामीण मक्के सहित कम पानी में पैदा होने वाले फसलों पर ध्यान देते हैं और जीविकोपार्जन के लिए बकरी सहित अन्य पशुओं का पालन करते हैं। रामबाई ने बताया कि उनके गाँव में अधिकांश गरीब परिवार निवास करते हैं। गांव की ज्यादातर महिलाएं जीवकोपार्जन के लिए बहुत जद्दोजहद करती हुई घर चलाती है, उन्हें दिन भर कुछ न कुछ परिश्रम करना पड़ता है। ऐसे में जब महतारी वंदन योजना की शुरूआत हुई तो कुछ महिलाओं को भरोसा नहीं था कि हर माह उनके खाते में एक हजार आएगा। अब जबकि 7 महीने हो गए हैं और एक हजार रुपये निरंतर खाते में आ रहा है तो उनका भरोसा और विश्वास छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति बढ़ता ही जा रहा है। रामबाई ने बताया कि आने वाले समय में दशहरा-दीपावली है। इस दौरान माह में मिलने वाली एक हजार की राशि उनके जैसी अनेक जरूरतमंद महिलाओं के लिए खुशियों के साथ त्यौहार मनाने में मददगार साबित होगी। इस राशि से वे कुछ कपड़े, मिठाई सहित अन्य जरूरी सामग्री अवश्य खरीद पाएंगी।
- रायपुर / धमतरी के रविशंकर जलाशय गंगरेल में आयोजित दो दिवसीय जल जगार महा उत्सव के दूसरे दिन रायपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों से प्रतिभागी और लोग पहुँचे। इस दौरान सबमें जल ओलंपिक को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। यहाँ पहुँचे लोगों ने कयाकिंग, स्वींमिंग, बनाना राईड, फ्री स्टाईल स्वीमिंग, फ्लैग् रैन, थ्रो रो, रिवर क्रॉसिंग आदि का भरपूर आनंद लिया।इस अवसर पर रायपुर के श्री संजय बच्चानी, श्री अमित गोयल, श्री राकेश ने धमतरी में जल संरक्षण के लिए की गयी पहल विशेषकर सामुदायिक सहभागिता से किए गए प्रयास और उसके परिणाम को खूब सराहा। प्रतिभागियों का मानना है कि यह केवल शासन-प्रशासन की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की ज़िम्मेदारी है कि जल संरक्षण के लिए जागरूक हों और पानी की हर बूँद को बचाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि गिरते भूजल स्तर, पेड़ों की कटाई, सॉइल इरोशन सब विषयों पर चिंता करते हुये भविष्य के लिए जल और पर्यावरण संरक्षण हेतु वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनायें, पौधारोपण की दिशा में काम करना चाहिए। यहाँ जल ओलंपिक में बिलासपुर से आए श्री वेदांत वर्मा ने बताया कि तैराकी उनका शौक़ है, इसलिए जल ओलंपिक में वे हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए, क्योंकि जल है तो कल है। गौरतलब है कि ज़िला प्रशासन ने जल जगार महा उत्सव में जल ओलंपिक के लिए गंगरेल बांध में प्रतिभागियों के लिए लाइफ जैकेट, मेडिकल किट सहित सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं।
- -वनमंत्री श्री कश्यप वन्य जीव सप्ताह कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज नया रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी के सभागार में आयोजित वन्य जीव सप्ताह कार्यक्रम में शामिल हुए। वन विभाग 2-8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे ‘‘सह अस्तित्व से वन्य जीव संरक्षण सप्ताह’’ थीम पर आधारित वन्य जीव सप्ताह के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में जन जागरूकता को लेकर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य स्तर पर आयोजित विविध गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित करने का कार्यक्रम आज वन विभाग द्वारा ट्रिपल आईटी रायपुर के सभागार में आयोजित हुआ।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस मौके पर विजयी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान करने के साथ ही उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री कश्यप ने इस मौके पर वन्य जीव सप्ताह अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छत्तीसगढ़ की सुश्री रागिनी धु्रव को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह और पुरस्कार राशि का चेक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने इस मौके पर उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। सुश्री रागिनी धु्रव अचानक मार्ग टायगर रिजर्व वन क्षेत्र के गांव शिवतराई की रहने वाली हैं।मंत्री श्री कश्यप ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु और भौगोलिक स्थिति अन्य स्थानों की तुलना में बेहतर है। हमारा राज्य बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से सुरक्षित है। यहां के वन क्षेत्र वन्य जीवों के रहवास के लिए बेहद उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल से ही हमारे वनवासियों भाईयों का वन्य जीवों से मित्रवत व्यवहार रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में इसमें बदलाव आया है, जिसके चलते यदा-कदा द्वन्द की स्थिति देखने और सुनने को मिलती है। उन्होंने वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन क्षेत्रों को संरक्षित और संवर्धित करने का आव्हान किया। मंत्री श्री कश्यप ने राज्य में वन एवं पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए वन विभाग एवं छत्तीसगढ़वासियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी में सालभर पूर्व जन्मे 6 शावकों का क्रमशः ज्वाला, पृथ्वी, पंचमुख, मृजराज, केशरी और इन्द्रावती जैसे पौराणिक नाम रखे और कहा कि जंगल सफारी में शेर की संख्या में वृद्धि होना, खुशी की बात है।इस मौके पर मंत्री श्री कश्यप ने अचानकमार टायगर रिजर्व का लोगो तथा कानन पेंडारी और जंगल सफारी की वार्षिक प्रतिवेदन पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री धम्मशील गनवीर ने वन्य जीव सप्ताह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्य जीवों के संरक्षण की स्थिति में सुधार होने के कारण इनकी संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि वन विभाग द्वारा बर्ड काउंट इंडिया, कलिंगा यूनिवर्सिटी और पक्षी मित्रों के सहयोग से बर्ड एटलस तैयार किया जा रहा है। 2 अक्टूबर से चल रहे वन्य प्राणी सप्ताह के तहत राजधानी से लेकर जिला मुख्यालयों में जन जागरूकता के लिए निबंध, प्रश्नोत्तरी, भाषण, रंगोली, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, वन्य प्राणी प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री सुधीर अग्रवाल, प्रबंध संचालक लघु वनोपज संघ श्री अनिल कुमार साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक राज्य वन अनुसंधान केन्द्र श्री आनंद बाबू, सरपंच ग्राम भेलवाडीह श्री सहदेव कोसरिया, उपरवारा सरपंच श्री गिरधर पटेल, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
- -जवानों के साहस को सराहा और उनकी हौसला अफजाईरायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि एवं आदि विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं वनमंत्री श्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा पहुंचे। दंतेवाड़ा के कारली स्थित रक्षित केन्द्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा एवं मंत्रीद्वय ने सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों से मुलाकात की और उनके साहसिक और सफल ऑपरेशन की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया।गौरतलब है कि बीते 04 अक्टूबर को दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नेन्दूर व थुलथुली में माओवादियों के विरूद्व सुरक्षा बलों के जवानों ने माओवादियों से हुई मुठभेड़ में अपने अदम्य साहस से 31 माओवादियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में पुलिस बलों द्वारा डीकेएसजेडसी, डीवीसी, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 के कई कैडर सहित 18 पुरुष एवं 13 महिला कुल 31 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादी को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों के घायल होने की सूचना है। मारे गए माओवादियों में 25 लाख का इनामी डीकेएसजेडसी एवं पूर्वी बस्तर इंचार्ज नीति उर्फ उर्मिला भी शामिल थी।मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में से अब तक हुई 15 शिनाख्तगी में डीकेएसजेडसी के अलावा दो कैडर 8 लाख इनामी डीबीसीएम एवं 9 कैडर पीएलजीए कंपनी 6 माओवादियों भी शामिल है। इस घटना में 01 नग एलएमजी, 04 नग एके 47, 06 नग एसएलआर, 03 नग इन्सास, 2 नग थ्री नॉट थ्री सहित अन्य हथियार बरामद हुए।पुलिस बल के जवानों की टीम दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती इलाके में पूर्वी बस्तर डिवीजन, पीएलजीए कंपनी 6, इंद्रावती एरिया कमेटी, प्लाटून 16 इत्यादि के शीर्ष नक्सलियों के आने की सूचना के आधार पर सर्चिग ऑपरेशन के लिए निकले थे। इस संयुक्त टीम में दंतेवाड़ा डीआरजी, नारायणपुर डीआरजी और एसटीएफ शामिल थे। भारी बरसात में उफनते नदी नालों और माड़ की पहाड़ियों को पार कर पुलिस जवानों की टीम नक्सलियों के जमा होने वाले इलाके में पहुंची, और यहां हुई जबरदस्त मुठभेड़ में 31 माओवादियों को मार गिराया। यह सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी सफलता है। इस बड़े ऑपरेशन में एक मात्र जवान घायल जवान के अलावा अन्य सभी जवान सुरक्षित रहे। इस अवसर पर पुलिस बल नेतृत्व कर रहे एडिशनल एसपी श्री स्मृतिक राजनाला पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि मैं केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर सभी जवानों के लिए शुभकामना संदेश लेकर आया हूूॅ, आपके अदभूत पराक्रम और शौर्य से बस्तर में सुख-शांति फिर से लौटेगी। इस अभियान से आपने देश और दुनिया की सोच बदली है, और मॉ दंतेश्वरी की कृपा इस भीषण मुठभेड़ में किसी भी जवान को कोई हानि नहीं हुई। बस्तर शांति का टापू रहा है, परन्तु कुछ दिग्भ्रमित लोगों के कारण यह की शांति भंग हुई है। हमारे सुरक्षा बल और पुलिस के जवान ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करके ही रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ सबसे बड़ा ऑपरेशन रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम मिले है।कृषि एवं आदिवासी विकास विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम इस सफल ऑपरेशन को विजय दिवस की संज्ञा देते हुए कहा कि इस सफलता से पूरा देश गौरवान्वित है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस सफल ऑपरेशन की चर्चा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलों में है। इससे माओवाद मुक्त बस्तर अभियान को एक नयी गति मिली है। इसके लिए सुरक्षा बलों सहित आईजी, डीआईजी तथा कलेक्टर, एसपी सभी बधाई के पात्र है।इस अवसर पर विधायक दंतेवाड़ा श्री चौतराम अटामी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री सुनीता भास्कर सहित बस्तर आईजी सुंदरराज पी,डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, डीएफओ श्री सागर जाधव, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार विश्वरंजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके.बर्मन सहित अन्य पुलिस बल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाया जा रहा है। इस इस शिविर के माध्यम से वार्ड में बचे हुए नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। वार्ड में बचे हुए लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाकर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा। इसके लिए निगम आयुक्त हितेश पिस्दा ने आयुष्मान कार्ड के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए ड्यूटी लगाई है। जो इस प्रकार है सभी जोन आयुक्त को नोडल अधिकारी बनाया है उनका दायित्व है शिविर के लिए बैठक व्यवस्था बनवाना प्रतिदिन शिविर की मॉनिटरिंग करना। स्वास्थ्य अधिकारी वार्डों शिविर से पहले मुनादी व प्रचार प्रसार करवाएंगे। मिशन मैनेजर तालमेल के साथ कार्य करवाएंगे प्रत्येक दिन 5:00 बजे पंजीयन की जानकारी अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। शिविर में बनाए गए कार्ड की जानकारी एवं कर्मचारियों की उपस्थिति अनुपस्थिति की जानकारी देंगे। शिविर अधिकारी प्रतिदिन आए हुए लोगों का नाम रजिस्टर में दर्ज करवाएंगे। शिविर कर्मचारी शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाने आने वाले का नाम मोबाइल नंबर अलग से दर्ज करेंगे। सामुदायिक संगठन अपने संगठिकाओं को निर्देशित करते हुए अपने क्षेत्र में समुचित योजनाओं का प्रचार प्रसार करेंगे। कंप्यूटर ऑपरेटर आयुष्मान कार्ड का ऑनलाइन एंट्री करेंगे । वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यह शासन की बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है। इसके माध्यम से सामान्य परिवार के लोग प्रतिवर्ष 50000 तक एवं बीपीएल कार्ड धारी 5 लख रुपए तक का इलाज फ्री में करवा सकते हैं। अभी केंद्र सरकार ने 70 साल के ऊपर के सभी वर्ग के लोगों के लिए ₹500000 तक का इलाज फ्री में करवाने की सुविधा दे दी। शहर के सभी बड़े महत्वपूर्ण अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। विधायक सेन ने बताया कलेक्टर, कमिश्नर, कर्मचारी, मजदूर, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, उद्योगपति, हम सभी लोग अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। कब किसको क्या जरूरत पड़ जाए कोई नहीं जानता । इसलिए अपने व अपने परिवार के सुरक्षा लिए आयुष्मान कार्ड बनवाना आवश्यक है। कोई भी व्यक्ति नियमानुसार अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है। इस बार नगर निगम भिलाई ने पूरे 100% आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है सबके सहयोग से ही संभव होगा।
- -मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिली रू. दस लाख रूपए की मदद-योजना से मिली मदद से संभव हो पाया उपचाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुशल स्वास्थ्य प्रबंधन और त्वरित उपचार को प्राथमिकता देने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की मदद से जरूरतमंद लोगों को लगातार मदद मिल रही है। पांच जुलाई को कोण्डागांव से रायपुर आ रहे 25 वर्षीय युवक शिराज हुसैन की मोटरसायकिल, ट्रक से दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में शिराज के दोनो पांव ट्रक के नीचे आ गए थे। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नही थी कि एक निजी अस्पताल में भर्ती उसके उपचार का खर्च वह उठा सकें। गंभीर रूप से घायल शिराज को राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से उपचार के लिए 10 लाख रू. की मदद दी गई।इस आर्थिक मदद से शिराज हुसैन का बेहतर इलाज संभव हो पाया और उसकी जान बच सकी। हालांकि दुर्घटना के बाद 90 फीसदी इन्फेक्शन से ग्रसित शिराज की जान बचाने के लिए डाक्टरों को उसके दोनों पैर काटने पड़े। शिराज का विवाह छः माह पूर्व ही हुआ था। उसका ससुराल रायपुर में है। दुर्घटना के दिन युवक कोण्डागांव से रायपुर अपने ससुराल ही आ रहा था। इसी दौरान अभनपुर के पास वह दुर्घटनाग्रस्त हुआ। शिराज हुसैन की ईलाज के दौरान दो बार इन्पुटेशन ग्राफ्टिंग डिब्राइटमेंट फ्लेप सर्जरी की गई। इसकी वजह से उसकी जान बचाई जा सकी है। शिराज हुसैन की कुछ दिनों बाद ही अस्पताल से छुट्टी हो जायेगी।स्वास्थ्य मंत्री के माध्यम से मिली मददस्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल से दुर्घटनाग्रस्त युवक शिराज हुसैन के परिजनों ने बेहतर इलाज की मांग की थी। श्री जायसवाल के द्वारा मरीज के परिजनों को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी देते हुये आवेदन करने को कहा। जिसके बाद इलाज के लिए 10 लाख रूपए की सहायता प्राप्त हुई। शिराज हुसैन के परिजनों ने दुर्घटना के बाद उसके बचने की आस छोड ही दी थी, लेकिन मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की मदद के माध्यम से वो अब पूरी तरह स्वस्थ है और कुछ दिनों में अपने घर पहुंच जायेगा।
- धमतरी। ज़िले में जल जगार महा उत्सव के दौरान रविवार दूसरे दिन अल सुबह हाफ मैराथन में सैकड़ों की तादाद में लोग पहुँच गये और जल जागरूकता के लिए आयोजित इस विराट आयोजन का हिस्सा बने । रविशंकर जलाशय गंगरेल डैम के मुहाने से शुरू हुई इस हाफ मैराथन को तीन श्रेणियों में आयोजित किया गया । इसमें गंगरेल हाफ मैराथन, एन्डुरन्स रन और वॉकेथॉन शामिल है।गौरतलब है कि गंगरेल हाफ मैराथन के तहत 21.1 किलोमीटर का मैराथन रन एन्डुरन्स रन के तहत 10 किलोमीटर का मैराथन और इसके साथ ही पारिवारिक मनोरंजन के लिए वॉकेथॉन के तहत 5 किलोमीटर का मैराथन में पुरुष और महिला दोनों श्रेणी में लोग हिस्सा लेते नज़र आये । ज्ञात हो यह पूरा आयोजन गंगरेल डैम के गेट से लेकर कुकरेल तक आयोजित किया गया और इससे पहले स्वस्थ तन मन के लिए ज़ुंबा करते विभिन्न धुनों पर लोग थिरकते भी नज़र आये।
- -जल ओलंपिक में प्रदेश के विभिन्न जगहों से पहुंचे प्रतिभागी और लोग-जल एवं पर्यावरण संरक्षण में सबकी सहभागिता ज़रूरी-उत्साह से लोगों ने लिया जल ओलंपिक का आनन्दधमतरी । रविशंकर जलाशय गंगरेल में आयोजित दो दिवसीय जल जगार महा उत्सव के दूसरे दिन आज रायपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों से प्रतिभागी और लोग पहुँचे। इस दौरान जल ओलंपिक को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। यहाँ पहुँचे लोगों ने कयाकिंग, स्वींमिंग, बनाना राईड, फ्री स्टाईल स्वीमिंग, फ्लैग् रैन, थ्रो रो, रिवर क्रॉसिंग आदि का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर रायपुर के श्री संजय बच्चानी, श्री अमित गोयल, श्री राकेश ने धमतरी में जल संरक्षण के लिए की गयी पहल विशेषकर सामुदायिक सहभागिता से किए गए प्रयास और उसके परिणाम को खूब सराहा। प्रतिभागियों का मानना है कि यह केवल शासन-प्रशासन की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की ज़िम्मेदारी है कि जल संरक्षण के लिए जागरूक हों और पानी की हर बूँद को बचाने की कोशिश करें। जल ओलंपिक में पहुँचे अन्य लोगों का भी मानना है कि गिरते भूजल स्तर, पेड़ों की कटाई, सॉइल इरोशन सब विषयों पर चिंता करते हुये भविष्य के लिए जल और पर्यावरण संरक्षण हेतु वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनायें, पौधारोपण की दिशा में सबको जागरूक होकर काम करना चाहिए। यहाँ जल ओलंपिक में बिलासपुर से आए श्री वेदांत वर्मा ने बताया कि तैराकी उनका शौक़ है, इसलिए जल ओलंपिक में वे हिस्सा ले रहे साथ ही यह भी जानते और मानते हैं कि जल संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए, क्योंकि जल है तो कल है। गौरतलब है कि ज़िला प्रशासन ने जल जगार महा उत्सव में जल ओलंपिक के लिए गंगरेल बांध में प्रतिभागियों के लिए लाइफ जैकेट, मेडिकल किट सहित सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहाँ नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित निवास में रायपुर रास 2024 के आयोजकों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को 08 एवं 09 अक्टूबर को बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय रास गरबा के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजकों को आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया एवं आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर श्री सार्थक शर्मा, श्री भावेश शर्मा एवं आयोजकगण भी उपस्थित रहे।
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-त्योहार के मौके पर खुशियां हुई दोगुनी
-कहीं गृह प्रवेश तो कहीं भूमि पूजन कर ग्रामीण बांट रहे अपनी खुशियांरायपुर । रोटी कपड़ा और मकान जीवन की मूलभूत जरूरत है, जिसे व्यक्ति लगातार परिश्रम करके अपने परिवार के लिए इन जरूरतों को पूरा करता है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े ग्रामीणों को रोजमर्रा की चीजों के लिए लगातार मेहनत करना पड़ता है, जिससे घर की जरूरत पूरी हो सके। यदि मूलभूत जरूरत को पूरा करने के लिए सहारा मिल जाए तो जीवन के बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं। कठिन परिस्थितियों में मिली आर्थिक सहायता ग्रामीणों के लिए बहुत मददगार सिद्ध होता है। ग्रामीणों का अपना पक्का घर बनाने का सपना अब प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से पूरा हो रहा है। योजना से मिली आर्थिक सहयोग की वजह से ग्रामीणो के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।कबीरधाम जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत में इस त्यौहार के सीजन में अपना पक्का आवास बन जाने के साथ ही ग्रामीण पूजा एवं अनुष्ठान करते हुए गृह प्रवेश कर रहे हैं और जिनको नए आवास की स्वीकृति मिली है वे परिवार भूमि पूजन कर अपनी खुशियां बांट रहे हैं। घर के मुखिया, अपने सपने को सच होते देख रहे है, खुशियां उनकी दोगुनी होती दिख रही है।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से मिले लाभ की कहानी ग्रामीणों की जुबानी!श्री शिव कुमार बघेल पिता श्री नंदकुमार बघेल निवासी ग्राम पंचायत चचेडी जनपद पंचायत कवर्धा ने अपने नए प्रधानमंत्री आवास को पूरा करते हुए गृह प्रवेश किया है। शिवकुमार कहते हैं कि अपना पक्का घर बन जाना सुखद एहसास है सरकार से मिले सहायता के कारण यह काम पूरा हो पाया।श्री अंतराम पिता समारू ग्राम पंचायत गांगपुर जनपद पंचायत पंडरिया बताते हैं कि मेरा अपना पक्का घर बन गया।इसके साथ मुझे रोजगार गारंटी से 95 दिवस का रोजगार भी मिला।अब मैं शान से अपने पक्के घर में परिवार के साथ रहूंगा। श्री अंतराम ने आगे बताया कि दो दिन पहले ही मैंने पूजा अर्चना कर गृह प्रवेश किया है और इस वर्ष माता की नवरात्रि मेरे लिए बहुत खास है। श्रीमती रजनी चंद्रवंशी पति श्री राजेश चंद्रवंशी ग्राम पंचायत झलमला बताती है कि मुझे अपने पंचायत से पता चला कि सरकार द्वारा मेरा आवास अभी स्वीकृत किया गया है। इस नवरात्रि के त्यौहार में मेरे परिवार ने भूमि पूजन कर अपने प्रधानमंत्री आवास बनाने का काम शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से आवास स्वीकृत हो जाने के कारण हमारी बहुत सी परेशानियां अब दूर हो गई है।जनपद पंचायत लोहारा के ग्राम पंचायत नवघटा में रहने वाले श्री समेलाल पिता प्रदुम ने बताया कि अपने घर को सजाकर मेरे परिवार ने दो दिन पहले ही गृह प्रवेश किया है। अपने पक्के मकान में रहने का बरसों पुराना सपना पूरा हो गया।ग्राम लधान में रहने वाली श्रीमती मंटोरा बाई राव पति श्री राम नारायण अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताती है कि हमने अपना घर बनाने के लिए कल ही भूमि पूजन किया है।बैंक खाते में पैसा पहले किस्त की राशि 40 हजार रुपए भी आ गया है।इसी तरह श्री बीसेलाल पटेल पिता श्री जीवनरखा ग्राम पंचायत तालपुर श्री भरत यादव पिता जगतु ग्राम पंचायत सारी श्री रामजस धुर्वे ग्राम पंचायत कुटकीपारा सहित बहुत से ग्रामीणों द्वारा अपने नए प्रधानमंत्री आवास में गृह प्रवेश किए हैं। तो वही श्री अशोक पिता प्रभु ग्राम भेदली श्री पंचराम पिता भागीरथी ग्राम पंचायत वीरेंद्रनगर जैसे अनेक गांवों में नए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो जाने पर भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। सभी हितग्राही अपने परिवारों के साथ नए घर की खुशियां बांट रहे हैं।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए नए आवास की बधाई दे रहे हैं।कबीरधाम जिले के ग्रामीणों को मिल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ पर एक नज़र .....!छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्रामीणों को उनका पक्का आवास का हक दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत रहे। उनके विशेष प्रयासों से ही पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 8 लाख 40 आवास की स्वकृति राज्य सरकार द्वारा की गई। कबीरधाम जिले में सामान्य श्रेणी के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत स्थाई प्रतीक्षा सूची के 24055 हितग्राही एवं आवास प्लस के 6889 हितग्राही सहित कुल 30944 हितग्राहियों का आवास स्वीकृत होना है। इनमें से अभी तक 18848 परिवारों के लिए आवास स्वीकृत हो चुकी है। बचे शेष हितग्राहियों का पंजीयन और स्वीकृति की कार्यवाही कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा। योजना में आवास के लिए 226 करोड़ 17 लाख 60 हजार रूपए स्वकृत किया गया है, जिसमे से 91 करोड़ 75 लाख रूपए हितग्राहियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जारी हो गया है।उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2016 से 2023 तक कुल 9 सालो में अलग-अलग समय पर जिले में 48657 आवास स्वीकृत किया गया था, लेकिन यह पहला अवसर है जब महज एक ही वित्तीय वर्ष के कुछ ही समय में सीधे 30944 आवास स्वीकृति हो रही है।प्रधानमंत्री जनमन योजना से भी आवास का हो रहा निर्माण।इसी तरह से प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महा अभियान योजना पीएम जनमन योजना अंतर्गत जिले के वनांचल क्षेत्र में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लिए 8597 परिवारों का सर्वे किया गया था, जिसमें से 8439 परिवार पात्र पाए गए। इनमें से 7402 परिवारों का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत पहले ही हो चुका है। पीएम जनमन आवास योजना में निर्माण के लिए 6678 हितग्राहियों को प्रथम क़िस्त की राशि 3169 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त की राशि 1206 हितग्राहियों को तृतीय किस्त की राशि और 06 हितग्राहियों को चौथी किस्त की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया है। वर्तमान में पीएम जनमन योजना से आवास का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा 194 आवास का निर्माण कार्य हितग्राहियों द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। - रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1166.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 06 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2379.7 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 606.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 634.5 मिमी, सूरजपुर में 1160.8 मिमी, बलरामपुर में 1733.8 मिमी, जशपुर में 1064.1 मिमी, कोरिया में 1127.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1088.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 957.6 मिमी, बलौदाबाजार में 1188.3 मिमी, गरियाबंद में 1100.8 मिमी, महासमुंद में 969.8 मिमी, धमतरी में 1035.5 मिमी, बिलासपुर में 996.9 मिमी, मुंगेली में 1115.5 मिमी, रायगढ़ में 1111.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.4 मिमी, सक्ती 1063.1 मिमी, कोरबा में 1419.1 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1207.5 मिमी, दुर्ग में 655.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 922.6 मिमी, राजनांदगांव में 1128.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1239.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 856.6 मिमी, बालोद में 1199.6 मिमी, बस्तर में 1272.5 मिमी, कोण्डागांव में 1207.0 मिमी, कांकेर में 1422.5 मिमी, नारायणपुर में 1465.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 1522.4 मिमी और सुकमा जिले में 1676.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- - कॉलेज के स्टूडेंट्स बने नेता, विधानसभा अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री, मंत्री ,नेता प्रतिपक्ष की निभाई भूमिका-सदन में मानवीय सभ्यता और संस्कृति में जल की भूमिका, संकट और भविष्य की दिशा पर गहन चर्चा के बाद बनी आपसी सहमतिधमतरी लोगों को जल से जोड़ने एवं सामुदायिक सहभागिता के उद्देश्य गंगरेल जहां दो दिवसीय जल जगार महा उत्सव मनाया जा रहा है । वहाँ समुदाय का हर वर्ग इसका अंग बने यह भी कोशिश है । इसी कोशिश का एक हिस्सा है जल सभा । धमतरी शहर से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर गंगरेल में स्थित रविशंकर जलाशय गंगरेल में जल(डैम) के निकट जल सभा का भी आयोजन हो रहा है ।कल भी जल सभा का आयोजन गंगरेल रेस्ट हाउस के परिसर में किया गया ।इसमें स्कूली बच्चों ने बढ़चढ़कर सहभागिता निभाई थी । जब शाम के वक़्त प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय पहुँचे तब बच्चों ने जीवंत ग्राम सभा का प्रदर्शन किया । बच्चों ने ग्राम सभा में आयोजित होने वाली विभिन्न कार्रवाही के साथ विभिन्न मुद्दों एवं जल संरक्षण के लिए पारित संकल्पों से अवगत कराया । यह भी बताया कि ग्राम सभा में गाँव में पेयजल और स्वच्छता समिति गठित की गई है और जल वाहिनी दीदियाँ नियुक्त की गयी हैं , जो जल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और सुझावों से अवगत कराती हैं । उनके गाँव में गंदे पानी के उपचार के लिए भी कार्रवाही होती है । फ्लोराइडयुक्त पानी वाले हैंडपंप को लाल और आयरन अधिकता वाले हैंडपंप को काले रंग से चिह्नित किया गया है । ग्राम सभा अध्यक्ष जोकि कक्षा बारहवीं की छात्रा फाल्गुनी साहू बनी थीं , उन्होंने बताया ग्राम सभा में नल मरम्मत का कार्य , स्वच्छता गाड़ी की व्यवस्था , तालाब गहरीकरण एवं वर्षा जल संचयन के लिए संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। स्कूली बच्चों द्वारा आयोजित ग्राम सभा की कार्रवाही देख मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संरक्षण और साफ़ सफ़ाई के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना भी की ।आज दूसरे दिन जल सभा में छत्तीसगढ़ के कॉलेज के स्टूडेंट्स ने जल असेंबली में शामिल होकर अपनी-अपनी भूमिका निभाई।जिसमें जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण ,सदन में मानवीय सभ्यता और संस्कृति में जल की भूमिका, संकट और भविष्य की दिशा पर चर्चा की। पक्ष विपक्ष से चर्चा कर निष्कर्ष निकालने का प्रयास किया गया कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता लायी जाये । जल सभा में पचास महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने नेताओं की भूमिका अदा करते हुये जल असेंबली का संचालन किया और अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, सिंचाई एवं जल मंत्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, आदिवासी मामले का मंत्री, खनन एवं उद्योग मंत्री, कृषि मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा सचिव की भूमिका निभायी । सदन में मानवीय सभ्यता और संस्कृति में जल की भूमिका, संकट और भविष्य की दिशा पर चर्चा कर जल संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया गया।विपक्ष के सदस्यों से गरमा गरमा बहस के बाद जल संरक्षण के लिए सबकी सहमति भी बनी।यह सदन की सफल कार्रवाही रही भावी पीढ़ी को हरा भरा वन , साफ़ पानी और सुंदर भविष्य देने के लिए ।
- -विदेशी मेहमानों को खूब पसंद आया जल सुधार की ई-बाल तकनीकधमतरी। धमतरी में जल-जगार महा उत्सव के दौरान आयोजित अंतरास्ट्रीय जल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में बने जल शुद्धिकरण की जैविक तकनीक ई-बाल को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सराहा। उन्होंने जल शुद्धिकरण की इस अभिनव तकनीक को आज की आवश्यकता बताया। साथ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में आये विदेशी जल विशेषज्ञों को खूब पसंद आया, उन्होंने इस तकनीक को बारीकी से समझा और इस पर काम करने में दिलचस्पी दिखाई। जल जगार महोत्सव में पानी शुद्धिकरण की इस तकनीक का जीवंत प्रदर्शन महोत्सव स्थल पर किया गया था जहां पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं अतिथियों ने भी इस तकनीक को समझा और सराहा।क्या है ई-बाल तकनीकई-बाल बैक्टीरिया और फंगस का मिश्रण है जिसे लाभदायक सूक्ष्मजीवों के द्वारा कैलिशयम कार्बोनेट के कैरियर के माध्यम से जैव-प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक डॉ प्रशान्त कुमार शर्मा के द्वारा 13 वर्षो के अनुसंधान के बाद बनाया गया है। ई-बाल 4.0 से 9.5 पीएच और 10 से 45 डिग्री सेल्शियस तापमान पर सक्रिय होकर काम करता है। ई-बाल में मौजूद लाभदायक सूक्ष्मजीव नाली या तालाब के प्रदूषित पानी में जाते ही वहां उपलब्ध ऑर्गेनिक अवशिष्ट से पोषण लेना चालू कर अपनी संख्या में तेजी से वृद्धि करते है तथा पानी को साफ करने लगते है। एक ई-बाल करीब 100 से 150 मीटर लंबी नाली को साफ कर देती है औसतन एक एकड़ तालाब के जल सुधार के लिए 800 ई-बाल की आवश्यकता होती है। खास बात यह है कि ई-बाल के प्रयोग से पानी मे रह रहे जलीय जीवों पर इसका कोई भी साइड इफ़ेक्ट नही होता है, इसके प्रयोग से पानी के पीएच मान, टीडीएस और बीओडी स्तर में तेजी से सुधार होता है।वर्तमान में छत्तीसगढ़ समेत मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली के कई तालाबों में इसका सफल प्रयोग चल रहा है।
- -108 जल संरचनाओं से एकत्र जल का किया अर्पण-प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जल जगार महोत्सव में गंगरेल बांध की विशाल जलराशि के बीच भगवान शिव की प्रतिमा में जल अभिषेक किया। उन्होंने 108 चयनित जल संरचनाओं से लाए गए पानी को शिव जी की प्रतिमा पर अर्पण किया। इसके माध्यम से 108 जल संरचनाओं के पानी को महानदी में मिलाया गया। इससे जल बचाव एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। जल अभिषेक संकेत के रूप में वर्षा जल जो जहाँ भी गिरे और जब भी गिरे, उसे इकट्ठा करने और भूमिगत जल तालिकाओं और नदियों को फिर से भरने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जिले में पिछले कुछ वर्षों में, सामूहिक रूप से कई संरक्षण संरचनाएँ बनाई गई हैं। जल जगार महोत्सव में रूद्राभिषेक कार्यक्रम अंतर्गत जिले में चारों विकासखंडों में जल संरक्षण हेतु निर्मित किये गये 108 जल संरचनाओं, जिसमें अमृत सरोवर, जलाशय, पारम्परिक एवं ऐतिहासिक तालाब, परकोलेशन टैंकों से जल लाकर गंगरेल बांध में भगवान शिवजी की प्रतिमा में अभिषेक किया गया। ताकि जल को धार्मिकता से जोड़ते हुए लोगों को जल संरक्षण हेतु जागरूक व प्रोत्साहित किया जा सके। इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने महानदी की महाआरती भी की। पंडितो ने विधि विधान से महानदी की आरती करने में सहयोग किया। जीवन देने वाली महानदी की वंदना एवं अनुष्ठान प्रकृति को जीवित रखने वाली नदियों की रक्षा और उनका संवर्धन करने की सामूहिक प्रतिज्ञा का प्रतीक है।
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-भगवान शिव की आकृति सहित जल-जगार शब्द और प्राकृतिक दृश्य दिखा आसमान में
-रंग बिरंगी रोशनी से बने भारत के नक्शे को देखकर लोग हुए आश्चर्यचकितरायपुर, / धमतरी में शुरू हुए जल-जगार महोत्सव के पहले दिन आज आसमान से कहानी इवेंट के माध्यम से डेढ़ सौ से अधिक ड्रोन कैमरा ने आसमान में रंग बिरंगी छटा बिखेर कर लोगों का मन मोह लिया। ड्रोन कैमरा ने आसमान में जल-जगार शब्द, प्राकृतिक दृश्य एवं भारत का नक्शा रंग बिरंगी रोशनियों से उकेरकर लोगों को आश्चर्यचकित होने पर मजबूर कर दिया। जल-जगार महोत्सव में आयोजित सभी गतिविधियां लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गई है। जल-जगार के प्रत्येक इंवेट को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले के पंडित रविशंकर जलाशय गंगरेल में 5 अक्टूबर को जल जगार महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर 87 करोड़ 25 लाख 77 हजार रूपये के कुल 49 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 65 करोड़ 84 लाख 91 हजार रूपये के 33 कार्यों का लोकार्पण और 21 करोड़ 40 लाख 86 हजार रूपये के 16कार्यों का शिलान्यास शामिल है।लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में नगरपालिक निगम धमतरी के तहत 30 करोड़ 94 लाख 49 हजार रूपये के 4 कार्य, लोक निर्माण विभाग के तहत 26 करोड़ 39 लाख 33 हजार रूपये के 4 कार्य, विद्युत विभाग के 4 करोड़ 20 लाख 8 हजार रूपये के 2 कार्य, स्वास्थ्य विभाग के तहत एक करोड़ 52 लाख 73 हजार रूपये के 6 कार्य, जनपद पंचायत नगरी के तहत एक करोड़ 39 लाख 88 हजार रूपये के 9 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के तहत एक करोड़ 13 लाख 40 हजार रूपये के 5 कार्य और जनपद पंचायत धमतरी के तहत 25 लाख रूपये की लागत के 3 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा 21 करोड़ 40 लाख 86 हजार रूपये के 16 कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इनमें लोक निर्माण विभाग के तहत 7 करोड़ 41 लाख 96 हजार रूपये के 2 कार्य, नगरपालिक निगम धमतरी के तहत 6 करोड़ 37 लाख 14 हजार रूपये के 3 कार्य, जल संसाधन संभाग धमतरी कोड 90 के तहत 4 करोड़ 40 लाख 62 हजार रूपये के 2 कार्य, हाउसिंग बोर्ड के तहत एक करोड़ 86 लाख 53 हजार रूपये के एक कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के तहत 93 लाख 48 हजार रूपये के 4 कार्य, जनपद पंचायत धमतरी के 25 लाख रूपये के 3 कार्य और क्रेडा के तहत 16 लाख 13 हजार रूपये के एक कार्य का शिलान्यास किया गया।
- -जल-जगार से आया सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन-प्रधानमंत्री जी के हर घर नल से जल के संकल्प को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकाररायपुर / धमतरी जिले के रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में आयोजित जल जगार महोत्सव के शुभारंभ समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन धमतरी द्वारा जल जगार महोत्सव मनाया जा रहा है, जो अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि पानी का अधिक दोहन हो रहा है, लेकिन जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया जाता। धमतरी जिले में भी जल स्तर काफी नीचे जा रहा था, किन्तु जल जगार से सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन आया है, जिसके लिए जिला प्रशासन बधाई का पात्र है।मुख्यमंत्री श्री साय ने रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए लोगों नवरात्रि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर बड़ा करने की ठान ले तो यह कोई बड़ी बात नहीं है। हर घर नल से जल पहंुचाने प्रधानमंत्री जी के संकल्प को जलजीवन मिशन के तहत गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का कार्य हमारा है। उन्होंने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्र के आदिवासियों के लिए नियद नेल्ला नार योजना चलाई जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। नक्सलवाद का खात्मा करने सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के 2047 के विकसित भारत के संकल्प को साकार करना है, मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को मां के नाम पेड़ लगाने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जल बचाने की दिशा में जिला प्रशासन बेहतर और इनिशिएटिव कार्य कर रहा है, जिसे धमतरी ही नहीं, पूरे प्रदेश और देश के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जल जगार के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को एक बड़ी सौगात दे सकते हैं।विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि आज के परिवेश में जल संरक्षण बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने जलजीवन मिशन के तहत घर घर पानी देकर संदेश दिया है। पानी का मूल्य और महत्व को सभी को समझना होगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ी गीत के माध्यम से जल की महत्ता को बताया। पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री और कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह अपने आप मे एक नवाचारी कार्यक्रम है। धमतरी जिले में 04 बड़े जलाशय होने के बाद भी यहां का भूजल स्तर गिरना चिता का विषय है। सामुदायिक भागीदारी से जल संरक्षण किया जाना प्रशंसनीय है और इसे जन-जन का आंदोलन बनाना होगा। इसके अलावा महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, ने भी जिले में चल रहे जल जगार महोत्सव की सराहना करने हुए अनुकरणीय बताया। इस अवसर कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, श्री श्रवण मरकाम, श्रीमती पिंकी शाह, श्री इंदर चोपड़ा सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ नागरिक मंच पर मौजूद थे।
- - ग्रामीण अंधविश्वास में न पड़ेंरायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा शनिवार को धरसीवा के पास निनवा ग्राम में एक व्यक्ति के द्वारा अपने घर के पूजाघर में स्वयं की बलि देने की खबर आई है।. पिछले दिनों बलरामपुर जिले के एक व्यक्ति ने अपने 4 वर्ष के बच्चे की बलि दे दी। उसके कुछ दिनों पहले नवरात्रि में भी कोरिया जिले में एक धनेश्वर नामक बालक की बलि का मामला सामने आया था। पिछले सप्ताह ही सरगुजा के शंकरगढ़ में एक व्यक्ति ने एक झाड़ फूंक करने वाले बैगा की यह मानकर हत्या कर दी, कि वह झाड़ फूंक से उसको ठीक नहीं कर पा रहा है ।.अंधविश्वास के कारण यह हत्या की घटनाएं अत्यंत दुखद है । ग्रामीणों को अंधविश्वास भरोसा नहीं करना चाहिए एवं कानून को हाथ में नहीं देना चाहिए।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि अंधविश्वास में पड़ कर व्यक्ति मानसिक रुप में असंतुलित हो जाता है और वह मिथकों पर पूरी तरह भरोसा करने लगता है। कही सुनी किस्से कहानियां , भ्रामक खबरें अफवाहें उसे और भी भ्रमित कर देती हैं और वह अपराध कर बैठता है .।डॉक्टर दिनेश मिश्र ने कहा कि लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने की आवश्यकता है जिससे लोग सुनी सुनाई घटनाओं अफवाहें और भ्रामक खबरों पर भरोसा ना करें और अंधविश्वास में ना पड़े ।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि कुछ मामलों में व्यक्ति किसी इष्ट देवी, देवता ,का सपना आने और सपने में बलि मांगने की बात भी कहते हैं और कहते हैं कि उन्होंने उनके आदेश पर किसी की बलि /कुर्बानी दे दी है जबकि लोगों को यह सोचने की आवश्यकता है कि किसी की जान लेकर कर कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता और उसे अपराध करने के करण अंततः जेल जाना पड़ता है.।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि अंधविश्वास के करण जो व्यक्ति मानसिक उद्वेग में चला जाता है । तब वह कई बार स्वयं के अंदर किसी अदृश्य शक्ति में प्रवेश होने की बात भी करता है तथा वह किसी के सपने में आने या किसी के आदेश देने या कानों में आवाज सुनाई पढ़ने ऐसी बातें भी करता है जबकि यह एक प्रकार का मानसिक विचलन का ही कारण है ।,यह एक प्रकार का मासिक संतुलन का प्रतीक है और बहुत सारे लोग बहुत संवेदनशील होते हैं और वह भावावेश में आकर कानून हाथ में लेते हैं,। इनमें से कुछ लोग सार्वजनिक रुप से भी असंतुलित व्यवहार भी प्रकट करते हैं जैसे झूमना ,बड़बड़ाना मारना पीटना आदि .। ऐसे में किसी चिकित्सक को किसी को दिखाया जाए उसका उपचार हो ,उसकी सभी तरह से काउंसलिंग की जाए तो व्यक्ति ठीक हो जाता है. और समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।डॉ. दिनेश मिश्रअध्यक्ष अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति.
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रायपुर। मुख्य मंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनियों के अध्यक्ष डाॅ. रोहित यादव के मार्गदर्शन में आज जशपुर क्षेत्र में 3 अतिमहत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुये । एक पारेषण लाइन तथा दो फीडर बे ऊर्जीकृत किये गए । छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर टांसमिशन कंपनी के एम डी श्री राजेश कुमार शुक्ला की सतत मानीटरिंग के कारण यह कार्य शीघ्रता से पूर्ण किये गए। पत्थलगांव तथा जशपुर के दो नग 132 /33केवी उपकेंद्रों के बीच सेकंड सर्किट लाइन 106.5 किलोमीटर को ऊर्जीकृत किया गया , जिसकी परियोजना लागत 13.58 करोड़ रु. है । 132/33 के.वी.उपकेंद्र जशपुर में फीडर- बे तथा 132/33 केवी उपकेंद्र पत्थलगांव में फीडर-बे भी ऊर्जीकृत किया गया । इनकी लागत 2. 13 करोड़ रु. है । इस अवसर पर गौतम केनार, जी आर जायसवाल, जेपी सिदार, नवीन मिश्रा,बसंत टोप्पो ,एच. वारे, भूपेश पैकरा आदि अधिकारीगण उपस्थित थे ।इन विकास कार्यों से 423 गांवों , 1083 टोलों को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है ।














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