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- -, 1,487 आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया शुरू-बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़: जिला और प्रदेश को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों ने ली सामूहिक शपथ-हितग्राही मूलक लाभ: विधायक प्रणव कुमार मरपची के मुख्य आतिथ्य में लगभग 300 हितग्राहियों को सामग्री और सहायता राशि का वितरणरायपुर '। सुशासन तिहार' अब आम जनता के लिए भरोसे, त्वरित समाधान और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। गाँव-गाँव तक पहुँच रही शासन की योजनाओं और समस्याओं के ऑन-स्पॉट निराकरण से ग्रामीणों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले के गौरेला जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवसा में एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।शिविर में लालपुर, गिरवर, दौजरा, हर्राटोला, साल्हेघोरी, डाहीबहरा, पंडरीपानी, अंधियारखोह, हर्री, गांगपुर, धनौली, गोरखपुर, झगराखांड, कोरजा, अंजनी, तेंदूमूड़ा, चुकतीपानी, नेवसा, सारबहरा एवं सेमरा पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी मांगों व शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए और विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प और वृत्तचित्र का प्रदर्शनशिविर में विभिन्न मांगों एवं शिकायतों से संबंधित कुल 1,487 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दी गई है।विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस शिविर में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लगभग 300 हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित की गई। राजस्व विभाग: 66 हितग्राहियों को फौती नामांतरण, 42 को किसान किताब, 17 को बंटवारा (बी-वन खसरा) तथा 12 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र एवं किसान किताब प्रदान किए गए।अन्य विभाग: श्रम, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायत, मत्स्य पालन, महिला एवं बाल विकास, कृषि, परिवहन तथा शिक्षा विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड, सहायक उपकरण, आवास की चाबी, मछली पकड़ने के जाल व कैरेट, नियुक्ति पत्र, उन्नत बीज, शिक्षार्थी अनुज्ञा पत्र (लर्निंग लाइसेंस) तथा पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं।शिविर में 12 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा 11 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी हर्षोल्लास के साथ संपन्न कराया गया।अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: विधायकशिविर को संबोधित करते हुए विधायक श्री मरपची ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अपनी घोषणाओं के अनुरूप लगातार कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना तथा मौके पर ही उनकी शिकायतों का समाधान करना है।कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के निर्देशानुसार सभी विभागों के अधिकारियों ने मंच के समक्ष उपस्थित होकर प्राप्त आवेदनों तथा उनके निराकरण की अद्यतन स्थिति से आवेदकों को सीधे अवगत कराया।शिविर के दौरान ग्राम पंचायत कोरजा में ग्रामीणों द्वारा बनाए जा रहे आवासों को 'अतिक्रमण' बताकर हटाए जाने संबंधी एक संवेदनशील शिकायत सामने आई। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने वन विभाग और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम गठित कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वास्तविक तथ्यों के आधार पर न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।इस अवसर पर जिला और पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए एक विशेष शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपस्थित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के युवक का विवाह न करने और समाज में बाल विवाह को पूरी तरह रोकने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 'महतारी वंदन योजना' से लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों तथा 'आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र' की गतिविधियों पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र (Documentary) का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे ग्रामीणों ने काफी रुचि के साथ देखा।शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा तथा पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथियों ने शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागीय प्रदर्शनी केंद्रों का अवलोकन कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा की। इस कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -भू-अभिलेख रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के दिए निर्देश-अनाधिकृत व्यक्तियों के रिकॉर्ड रूम में घुसने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी-शौचालय की नियमित सफाई करने एवं स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर का औचक निरीक्षण कर विभिन्न शाखाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से भू-अभिलेख रिकॉर्ड रूम की स्थिति का अवलोकन किया एवं रिकॉर्ड को व्यवस्थित, सुरक्षित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने स्पष्ट रूप से कहा कि भू-अभिलेख शाखा में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः निषेध है। किसी प्रकार की अतिरिक्त राशि या अवैध वसूली की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनाधिकृत व्यक्ति किसी भी तरह भू अभिलेख संबंधी कार्य को अंजाम न दे, वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ऐसे लोगों पर कड़ी निगरानी रखने तथा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री लंगेह ने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनाधिकृत अथवा बिचौलिये के झांसे में न आएं और सीधे संबंधित कार्यालय से संपर्क कर शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्य कराएं। इस दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया। शौचालय की नियमित साफ सफाई करने के निर्देश दिए। गंदगी पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी टॉयलेट्स की प्रतिदिन कम से कम दो बार फिनाइल से सफाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक एक घंटे में टॉयलेट फ्रेशनर का उपयोग कर स्वच्छ वातावरण बनाए रखा जाए।कलेक्टर ने कहा कि शासकीय कार्यालयों में पारदर्शिता, अनुशासन एवं स्वच्छता प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान अपर कलेक्टर द्व्य श्री सचिन भूतड़ा एवं रवि साहू, डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष कर्मा एवं मनोज खांडे मौजूद थे।
- -अनियमित रूप से अधिक मात्रा में यूरिया वितरण करने मिली थी शिकायतमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के दो वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को अनियमित रूप से अधिक मात्रा में यूरिया खाद के अधिक मात्रा में वितरण करने के कारण निलंबित कर दिया है। जारी आदेश के तहत कार्यालय उप संचालक कृषि महासमुंद, के अधीन कार्यरत श्री सुंदरलाल मिर्धा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड सरायपाली को मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली एवं मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली द्वारा अक्रियाशील फसल अवधि में अनियमित रूप से अधिक मात्रा में यूरिया उर्वरक का वितरण करने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही करने एवं कार्यालय के द्वारा दिये गये निर्देशो का पालन नहीं करने एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बागबाहरा श्री गंगा प्रसाद शरणागत को मेसर्स आर.एस. ट्रेडर्स बागबाहरा एवं जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया द्वारा अक्रियाशील फसल अवधि में अनियमित रूप से अधिक मात्रा में यूरिया उर्वरक का वितरण करने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही करने एवं कार्यालय के द्वारा दिये गये निर्देशो का पालन नही करने के कारण निलंबित कर दिया गया है।श्री गंगा प्रसाद शरणागत प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बागबाहरा को छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की कंडिका-3 (क) (ख) एवं (ग) के प्रावधानुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री शरणागत का कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी, सरायपाली में नियत किया गया है। निलंबन की अवधि में संबंधित को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। इसी तरह श्री बुंदरलाल मिर्धा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सरायपाली को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री मिर्धा का कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी, महासमुंद में नियत किया गया है। निलंबन की अवधि में संबंधित को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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- सरकार द्वारा अधिसूचित नियम 01 अप्रैल 2026 से प्रभावशील
मोहला । ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत द्वारा “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विशेष जन-जागरूकता एवं जनसहभागिता अभियान प्रारंभ किया गया है। भारत सरकार द्वारा अधिसूचित यह नियम 01 अप्रैल 2026 से प्रभावशील हो चुके हैं, जिनके अंतर्गत वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सुरक्षित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रावधान किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण को नागरिकों का मौलिक अधिकार माना गया है तथा स्थानीय निकायों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं। इसी के तहत जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026” का वाचन-पाठन किया जाएगा तथा नागरिकों को स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही रैली, दीवार लेखन, स्कूल जागरूकता कार्यक्रम, श्रमदान, घर-घर संपर्क अभियान, सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप प्रचार जैसे विभिन्न सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब प्रत्येक परिवार एवं संस्थान के लिए कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण अनिवार्य होगा। नागरिकों को गीला अपशिष्ट, सूखा अपशिष्ट, सैनेटरी अपशिष्ट एवं विशेष देखभाल अपशिष्ट को अलग-अलग रखना होगा। खुले में कचरा फेंकना, कचरा जलाना तथा नालियों, तालाबों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अपशिष्ट डालना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ग्राम पंचायतों को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कम्पोस्ट पिट निर्माण, ड्राई वेस्ट कलेक्शन सेंटर की स्थापना एवं नियमित स्वच्छता गतिविधियों के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जनपद पंचायतों को ग्राम पंचायतों की निगरानी, प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि नियमों के उल्लंघन पर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। खुले में कचरा फेंकने, कचरा जलाने, मिश्रित अपशिष्ट देने अथवा सार्वजनिक स्थलों को प्रदूषित करने पर स्पॉट फाइन, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकेगी। गंभीर मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत अभियोजन, आर्थिक दण्ड एवं कारावास तक का प्रावधान है।
जिला प्रशासन ने समस्त जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं एवं आम नागरिकों से स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्राम निर्माण के लिए सक्रिय सहभागिता की अपील की है। - महासमुंद। जिले के पांचों विकासखण्डों के अतर्गत 10 ग्रामों में कमशः विकासखण्ड महासमुंद अतर्गत ग्राम मुढ़ेना, परसदा ब विकासखण्ड बागबाहरा अतंर्गत पटपरपाली, मोहबा विकासखण्ड पिथौरा के ग्राम मेमरा, बगारदरहा विकासखण्ड बसना अतर्गत नौगड़ी, जीराडबरी तथा विकासखण्ड सरायपाली के ग्राम रिसीकेला एवं नूनपानी में विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं सुशासन तिहारं कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि तथा अन्य समवर्गीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रर कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष किया गया सभी शिविरों में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरूष किसान तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड में फसलवार अनुशंसित मात्रा अनुसार संतुलित उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया गया एवं किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग प्रोत्साहन हेतु वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ई-उर्वरक (टोकन प्रणाली) आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया गया। तथा डी.ए.पी. के विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे नैनो डीएपी. नैनो यूरिया 12:32:16, 20:20:13 एवं एसएसपी के उपयोग के संबंध में कृषकों को बताया गया। हरी खाद, जैव उर्वरक नील हरित काई, केचुआ खाद आदि के उपयोग से न केवल भूमि की दशा में सुधार होता है अपितु उत्पादकता वृद्धि भी होती है। शिविर में उपस्थित अधिकारियो / कर्मचारियों द्वारा किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, केसीसी, एग्रीस्टैक से संबंधित आवेदन प्राप्त किये जिनमें से कुछ आवेदन का निराकरण शिविर स्थल में ही आवेदनों का निराकरण किया गया कुछ आवेदनों को शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया गया । इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन की जानकारी दी एवं अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कृषि स्टाल का भी अवलोकन किया।
- रायपुर.। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव कोण्डागांव जिले के केशकाल में साहू संघ बस्तर संभाग द्वारा आयोजित प्रथम तेलीन सत्ती माता महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप और श्री भोजराज, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम और श्री आशाराम नेताम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज के प्रमुखजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तेलीन सत्ती माता को नमन करते हुए महोत्सव के प्रथम आयोजन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केशकाल घाटी से गुजरने वाले यात्री तेलीन सत्ती माता का आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा प्रारंभ करते हैं, जिससे उनकी यात्रा सफल और मंगलमय होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित होगा तथा सभी के सहयोग से इसका गौरव लगातार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के गौरव हैं और उनके नेतृत्व में गांव, गरीब एवं किसानों के कल्याण के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि साहू समाज अन्य समाजों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ महतारी के गौरव को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। यहां मां दंतेश्वरी की आराधना के लिए देशभर से लोग एकत्रित होते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग को विकसित संभाग बनाने का संकल्प लिया है, जिसमें जनसहयोग आवश्यक है।बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने समाज को विभाजित करने वाली ताकतों से सतर्क रहने और सभी समाजों को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम ने भी महोत्सव के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, श्री ताम्रध्वज साहू, श्री कमलचंद भंजदेव, पूर्व सांसद श्री दीपक बैज, साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू और महोत्सव समिति के संयोजक श्री राजेश मायाराम साहू सहित साहू समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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- विभिन्न शासकीय योजनाओं से हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित
राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम तुमड़ीबोड़ में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम तुमड़ीबोड़ क्लस्टर अंतर्गत ग्राम पंचायत नाथूनवागांव, बोदेला, कोहका, ढाबा, ओड़ारबांध, जारवाही, बीजाभांठा, दीवानभेड़ी, पेण्डरवानी, मचानपार, धौराभांठा, बनभेड़ी, किरगी (ब), आरगांव, बांकल, खपरीकला, हरदी, कन्हारडबरी एवं तुमड़ीबोड़ सहित 19 ग्राम पंचायतों के लिए संयुक्त रूप से शिविर आयोजित किया गया। शिविर में आमजनों की समस्याओं के निराकरण के साथ विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। शिविर में कुल 1292 आवेदन प्राप्त हुए। विभागीय अधिकारियों द्वारा तत्काल निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया गया। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, खाद्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, वन, श्रम तथा पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर शासकीय योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई कर पोषण किट प्रदान की गई। अतिथियों ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। शिविर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले ग्राम तुमड़ीबोड़, बीजाभांठा, धौराभांठा एवं कोहका के 25 मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 04 स्वच्छताग्राही दीदियों को भी सम्मानित किया गया। सामाजिक सहायता पेंशन योजना के अंतर्गत 13 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के 5 हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबी सौंपते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार 18 हितग्राहियों को राशन कार्ड तथा 3 हितग्राहियों को जॉब कार्ड वितरित किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बैंक लिंकेज योजना के तहत सत्य कबीर स्वयं सहायता समूह कोहका, मां कर्मा समूह नाथूनवागांव एवं चंचल स्वयं सहायता समूह कोपेडीह को 4-4 लाख रूपए, मां गायत्री स्वयं सहायता समूह मचानपार को 1 लाख 50 हजार रूपए तथा किरण स्वयं सहायता समूह बांकल को 2 लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया। साथ ही 5 लखपति दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कृषि विभाग द्वारा 5 कृषकों को मूंग बीज वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 3 गर्भवती माताओं की गोदभराई संस्कार संपन्न कराया गया तथा 3 बच्चों को सुपोषण किट प्रदान की गई। वहीं 3 दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल वितरित किए गए। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के 2 हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने आमजनों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए विभिन्न योजनाओं से जुड़कर शासन की सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव के उपाध्यक्ष श्री भरत वर्मा, जिला पंचायत राजनांदगांव की उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जनपद पंचायत डोंगरगांव की अध्यक्ष श्रीमती रंजीता पडौती, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती जागृति चुन्नी यदु, सभापति सदस्य जनपद पंचायत श्रीमती जया साहू एवं श्रीमती ममता पटेल, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती सरिता साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी, ग्राम पंचायत तुमड़ीबोड़ की सरपंच श्रीमती भुनेश्वरी साहू, श्री जागेश्वर यादव, श्री तिमेश साहू, श्री यश पारख, श्री वेदराम ताम्रकार, श्री कमल साहू, श्री रामकुमार गुप्ता, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम श्रीकांत कोराम, सीईओ जनपद पंचायत डोंगरगांव श्रीमती रोशनी भगत टोप्पो, तहसीलदार श्री कमलकिशोर साहू सहित 19 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं पंचायत प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। - - रायपुर जिले की समितियों में 9102 मी.टन यूरिया, 3092 मी.टन डीएपी उपलब्ध, नैनो उर्वरक पूर्णतः वैकल्पिकरायपुर । छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में खरीफ सीजन हेतु सहकारी समितियों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों पर प्रति एकड़ एक-एक बोरी डी.ए.पी. या यूरिया लेने का कोई बंधन नहीं है।छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के संग्रहण केंद्रों से समितियों में 10732 मे.टन यूरिया एवं 3927 मे.टन डी.ए.पी. भंडारित किया गया था। वर्तमान में जिले की समितियों में 9102 मे.टन यूरिया तथा 3092 मे.टन डी.ए.पी. खाद उपलब्ध है। उर्वरक भंडारण एवं वितरण का कार्य निरंतर जारी है।कृषि विभाग ने किसानों से अपनी तत्काल आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का उठाव करने एवं यूरिया तथा डी.ए.पी. के वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग करने की अपील की है। विभाग ने कतिपय माध्यमों से उर्वरकों की कमी संबंधी फैलाई जा रही भ्रामक खबरों का खंडन किया है। विभाग ने कहा कि उर्वरकों का भंडारण एवं वितरण सतत प्रक्रिया है। जिले की सभी समितियों में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है और उठाव के अनुसार पुनः भंडारण किया जाएगा।शासन के निर्देशानुसार समितियों के माध्यम से कृषकों को गतवर्ष वितरित यूरिया का 80 प्रतिशत प्रदान किया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारम्परिक यूरिया की आपूर्ति होने पर दी जाएगी, अन्यथा नैनो यूरिया के रूप में प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार डी.ए.पी. की 60 प्रतिशत मात्रा दी जाएगी तथा शेष 40 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक एन.पी.के. उर्वरकों अथवा नैनो डी.ए.पी. के माध्यम से दी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों को लेने के लिए किसी भी किसान को बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूर्णतः वैकल्पिक होगा। 2.50 एकड़ तक भूमि वाले सीमांत कृषकों को निर्धारित यूरिया एकमुश्त, 2.50 से 5 एकड़ तक भूमि वाले लघु कृषकों को 02 किस्तों में एवं 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े कृषकों को 03 किस्तों में उपलब्ध कराया जाएगा।
- -उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा- संकट में आमजन का सबसे बड़ा सहारा बन रही 112 सेवा-वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवानाबिलासपुर /आम नागरिकों को त्वरित सुरक्षा एवं आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में बिलासपुर जिले को 24 नई अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों की बड़ी सौगात मिली है। बिलासागुड़ी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने वर्चुअली जुड़कर कहा कि संकट में 112 वाहन सेवा लोगों का सबसे बड़ा सहारा बन रही है। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई वाहनों के शामिल होने से जिले में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम और अधिक मजबूत एवं प्रभावी होगा।कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि डायल-112 सेवा आज आम जनता के भरोसे का मजबूत माध्यम बन चुकी है। नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं से लैस ये वाहन आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों तक और तेजी से पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने लगातार कार्य कर रही है, ताकि हर नागरिक को सुरक्षित वातावरण मिल सके। कार्यक्रम में तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि डायल-112 सेवा जनता के भरोसे का प्रतीक बन चुकी है। संकट के समय यह सेवा लोगों को त्वरित राहत और सुरक्षा का एहसास कराती है। बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने वर्चुअली जुड़कर कहा कि डायल-112 सेवा की विशेषता यह है कि सूचना मिलते ही टीम लोकेशन ट्रेस कर तत्काल सहायता पहुंचाती है। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि किसी भी दुर्घटना, अपराध या आपदा में सबसे पहले पुलिस ही मौके पर पहुंचती है। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर कानून व्यवस्था को मजबूत करना होगा। पुलिस जवान दिन-रात जनता की सुरक्षा में लगे रहते हैं और उनका सम्मान हर नागरिक का दायित्व है। विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने कहा कि डायल-112 सेवा ने आम नागरिकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। पुलिस की संवेदनशील कार्यप्रणाली से लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है। विधायक श्री दिलीप लहरिया ने कहा कि पुलिस विभाग की सक्रियता से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि पुलिस विभाग जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है, वह सराहनीय है। अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाने में डायल-112 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि पहले यह सुविधा सीमित क्षेत्रों तक थी, लेकिन अब इसके विस्तार से जिले के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि डायल-112 सेवा को अब प्रदेश के सभी 33 जिलों में विस्तारित किया गया है। इसमें पुलिस के साथ-साथ फायर एवं एम्बुलेंस सेवाओं को भी जोड़ा गया है, जिससे लोगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर त्वरित सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि कई बार प्रसव जैसी आपात स्थितियों में भी डायल-112 टीम ने समय पर पहुंचकर मदद की है। व्हाट्सएप सुविधा शुरू होने से आमजन के लिए सहायता प्राप्त करना और आसान होगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि नई डायल-112 वाहन सेवा से जिले में आपातकालीन सेवाओं की कार्यक्षमता और बेहतर होगी। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी त्वरित सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित यह व्यवस्था नागरिकों के बीच सुरक्षा और भरोसे की भावना को और मजबूत करेगी। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि डायल-112 सेवा पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रणाली की पहचान बन चुकी है। महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, फायर एवं एम्बुलेंस सेवाओं के समन्वय से लोगों को तत्काल सहायता मिल रही है। नई वाहनों के जुड़ने से रिस्पॉन्स टाइम में और सुधार आएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी।कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, एडिशनल एसपी श्री पंकज पटेल, श्रीमती मधुलिका सिंह, एडिशनल एसपी ट्रैफिक श्री रामगोपाल करियारे सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -गोबरानवापारा में रेत के अवैध उत्खनन-भण्डारण पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 पोकलेन जब्त-सीलरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रेत के अवैध उत्खनन एवं भंडारण के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश बीते दिनों दिये थे। इसके पालन में जिला प्रशासन का खनिज अमला सजगता से लगा हुआ है और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में रायपुर जिले के गोबरानवापारा में रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भंडारण पर कार्रवाई करते हुए दो पोकलेन को मौके पर ही जब्त कर लिया गयाखनिज विभाग के उप संचालक श्री राजेश मालवे ने बताया कि जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन की सूचना मिलते पर विभाग के अमला द्वारा निरंतर गश्त कर कार्यवाही की गई।इसी क्रम में तहसील गोबरानवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी तथा डगनिया में महानदी से रेत लाकर श्री अनिल कुमार साहू, श्री गोविंद साहू, श्री ईश्वर पटेल, श्री प्रताप सेन, श्री त्रिलोकी साहू, श्री अजय साहू तथा श्री मनीष ठाकुर द्वारा बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध भण्डारण किया जाना पाया गया। खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के तहत संपूर्ण अवैध रेत को जब्त कर लिया गया है एवं संबंधित अवैध भण्डारणकर्ताओं को जवाब-तलब हेतु नोटिस जारी किया गया है।साथ ही सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक एवं खनिज अमले द्वारा की गई जांच में ग्राम लखना रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर तथा पर्यावरणीय शर्तों का उल्लंघन कर 02 चेन माउंटेड पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। कार्रवाई करते हुए दोनों पोकलेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद किया गया तथा अवैध उत्खनन कार्य तत्काल बंद कराया गया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि सभी एसडीएम एवं खनिज अधिकारी अवैध खनन पर नजर रखें एवं सूचना मिलने पर कड़ी कार्रवाई करें।
- -कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब हुए शामिल कहा आवेदनों का जल्द करें निराकरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आरंग विकासखंड के नगर पंचायत चंद्रखुरी में सुशासन तिहार 2026 के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण का आयोजन किया गया। डॉ आंबेडकर सामुदायिक भवन परिसर में आयोजित इस शिविर में आसपास के वार्ड क्रमांक 1 से 15 से ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 250 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 28 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब शामिल हुए।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान कर उनके चेहरे पर खुशियां लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार विकास, सुशासन एवं जनकल्याण के कार्यों को गति दे रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार को लेकर प्रदेशभर में जनता के बीच विशेष उत्साह है और सरकार गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रही है। साथ ही सभी आवेदनों का जल्द करें निराकरण।शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनका मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। इस अवसर पर नगर पंचायत चंद्रखुरी के अध्यक्ष श्री प्रतीक बैस, उपाध्यक्ष श्री रवि सोनी, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आइ. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में विकासखंड सरायपाली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंघोड़ा में एचपीवी टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुणाल नायक एवं खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी टी.आर. धृतलहरे की उपस्थिति में 14 वर्ष आयु वर्ग की 22 बालिकाओं को कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी का टीका लगाया गया। भीषण गर्मी के बावजूद बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक शिविर में पहुंचकर टीकाकरण कराया। साथ ही ग्राम रूढ़ा निवासी कु. प्रीति पटेल ने अपने सहपाठियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया, जिसके लिए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया तथा सभी टीकाकृत बालिकाओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम में प्रगति शर्मा, डी. मालाकार, भरत नायक, पुरुषोत्तम पटेल, निर्मला नागेश, डोलचंद नायक, जितेंद्र बरिहा, नरसिंह सिन्हा एवं स्थानीय मितानिनों का विशेष सहयोग रहा।
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भ्रामक वीडियो एवं समाचारों के बहकावे में न आएं। विभाग ने बताया कि कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीका पूर्णतः सुरक्षित है तथा इसका लाभ अवश्य लेवें। यह टीका 14 वर्ष की बालिकाओं को ही लगाया जा रहा है। - रायपुर। विधायक श्री किरण सिंह देव और आईजी श्री सुंदरराज पी ने बस्तर जिले के लिए ग्यारह ‘अत्याधुनिक डायल 112’ और फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर कर रवाना किया। लालबाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री देव, महापौर श्री संजय पांडे, नगर निगम के सभापति श्री खेम सिंह देवांगन, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित जवान उपस्थित रहे। विधायक श्री किरण सिंह देव ने डायल 112 के मोबाइल वैन का विधिवत पूजा-अर्चना कर वैन में लगे आधुनिक संसाधनों के बारे जानकारी ली।ज्ञात हो कि 18 मई को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजधानी रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में छत्तीसगढ़ की ‘अत्याधुनिक डायल 112’ आपातकालीन सेवा तथा आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य की आपातकालीन सहायता प्रणाली का विस्तार करना और नए आपराधिक कानूनों के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमता को मजबूत करना है। प्रदेश में वर्ष 2018 से संचालित डायल 112 आपात सेवा का दायरा बढ़ाते हुए इसे अब राज्य के सभी 33 जिलों में पूरी तरह लागू कर दिया गया है, जो पहले केवल 16 जिलों तक सीमित थी। इस नए और उन्नत चरण के तहत संपूर्ण व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और त्वरित बनाया गया है। सुरक्षा मानकों और सहायता क्षमता को मजबूत करने के लिए डायल 112 सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्थान पहचान तकनीक को जोड़ा गया है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का सटीक पता लगाया जा सकेगा।इसके साथ ही आपातकालीन कॉल और आंकड़ों का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए सिविल लाइंस स्थित प्राथमिक नियंत्रण केंद्र के अतिरिक्त नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में वैकल्पिक बैकअप प्रणाली पर आधारित दूसरा नियंत्रण केंद्र भी सक्रिय किया गया है। यह केंद्र किसी भी तकनीकी समस्या या आपदा की स्थिति में स्वतः बैकअप के रूप में कार्य करेगा। अब राज्य के नागरिक पारंपरिक दूरभाष कॉल के अलावा ‘112 इंडिया अनुप्रयोग’, संकट संकेत सेवा, लघु संदेश सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद प्रणाली, ईमेल, वेब अनुरोध तथा सामाजिक माध्यमों के जरिए भी आपातकालीन सहायता प्राप्त कर सकेंगे। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा महिला सहायता हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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-राजनांदगांव जिले में 3 परीक्षा केंद्र बनाए गए
- सुबह 9.30 बजे बंद हो जाएंगे परीक्षा केंद्रों के गेट
- समय से पहले पहुंचने की गई अपील
राजनांदगांव । जिले में 21 मई 2026 को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा पीपीएचटी (Pre Pharmacy Test) प्रवेश परीक्षा 2026 का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा के लिए जिले में कुल 3 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा का समय प्रात: 10 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक निर्धारित है। परीक्षा केंद्रों के गेट सुबह 9.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। व्यापम द्वारा जारी पूर्व निर्धारित दिशा-निर्देश यथावत लागू रहेंगे। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए प्रवेश पत्र के साथ मान्य पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, बैग, घड़ी सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। प्रवेश प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन एवं बैठने की व्यवस्था पूर्व परीक्षाओं की भांति सुव्यवस्थित तरीके से की जाएगी।
परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षक दल एवं एफएसटी टीम द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जाएगी, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं अनुशासनपूर्वक संपन्न हो सके। जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दायित्वों के निर्वहन हेतु निर्देशित किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचे तथा व्यापम के सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें, ताकि परीक्षा का संचालन सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। - -जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना-आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 04 नई आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन जिले को प्राप्तरायपुर। शासन द्वारा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की पुलिस को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित 04 नई आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (ईआरवी) प्रदान की गई हैं। डायल-112 वाहन (फेज-2 नेक्स्ट जेन) सेवा को आज जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री वाय. पी. सिंह ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि डायल-112 राज्य शासन की एकीकृत एवं अत्याधुनिक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिकों को पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, प्राकृतिक आपदा सहायता, नेशनल हाईवे सहायता एवं रेल मदद जैसी सेवाएं एक ही नंबर “112” पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई ईआरवी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी), जीआईएस आधारित निगरानी प्रणाली, लोकेशन बेस्ड सर्विस (एलबीएस) एवं इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ईएलएस) जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसी भी आपातकालीन घटना की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, श्री मदन साहू, श्री रमेश हिडामे, अनिल गुप्ता, सहित अधिकारी, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं सभी स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।अधिकारियों ने बताया कि डायल-112 सेवा के माध्यम से आमजन को चौबीसों घंटे त्वरित सहायता उपलब्ध कराना शासन एवं पुलिस विभाग की प्राथमिकता है। जिला पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी दुर्घटना, अपराध, आगजनी, चिकित्सा आपातकाल अथवा अन्य संकट की स्थिति में तत्काल डायल-112 पर संपर्क करें एवं इस महत्वपूर्ण सेवा का अधिकाधिक लाभ उठाएं।
- रायपुर ।सुकमा जिले का मिनपा क्षेत्र कभी नक्सलवाद, घने जंगलों और कठिन रास्तों के कारण विकास से दूर माना जाता था। यहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती थी। एक समय ऐसा था जब एक छोटी सी झोपड़ी में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई थीं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और गांव-गांव पहुंचकर लोगों का इलाज किया। लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के चलते मिनपा क्षेत्र में अब बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। वर्ष 2024 में यहां नया उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तैयार किया गया, जिसमें आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रयोगशाला कक्ष और आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की गई।आज यह उप स्वास्थ्य केंद्र मिनपा सहित दुलेड़, एलमागुंडा, भटपाड़, पोट्टेमडगू, टोंडामरका और गुंडराजपाड़ जैसे दूरस्थ गांवों के लगभग 3,593 ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सुविधा बन चुका है।इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत स्वास्थ्य कर्मचारियों का समर्पण है। पोट्टेमडगू, दुलेड़, गुंडराजपाड़ और भाटपाड़ जैसे पहुंचविहीन गांवों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को कठिन जंगल रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार एक दिन में लौटना संभव नहीं हो पाता, तब कर्मचारी गांवों में रुककर ‘नाईट कैंप’ लगाते हैं और रात में भी मरीजों का उपचार करते हैं।इसी मेहनत और सेवाभाव का परिणाम है कि आज मिनपा उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। हर महीने यहां लगभग 4 सुरक्षित प्रसव कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का संस्थागत प्रसव के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है।मिनपा स्वास्थ्य केंद्र की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 15 मई 2026 को इस केंद्र ने ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक’ (NQAS) कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि मितानिन, एएनएम, सीएचओ, सुपरवाइजर, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर और जिला प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।एक छोटी झोपड़ी से शुरू हुआ यह सफर आज राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंच चुका है। मिनपा की यह कहानी बताती है कि मजबूत संकल्प, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और कर्मचारियों की निष्ठा से सबसे दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचाई जा सकती है।
- -फॉरेंसिक और हाई-वे पेट्रोलिंग वैन समेत 15 आधुनिक वाहनों का बेड़ा तैयार-अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिनटों में मिलेगी आपातकालीन मददरायपुर । प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम जनता को त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बुधवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) परिसर से अत्याधुनिक तकनीकों से लैस 'नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112' वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस नए बेड़े में डायल-112 के 12 सामान्य वाहनों के साथ-साथ गंभीर सड़क हादसों से निपटने के लिए 2 हाई-वे पेट्रोलिंग वैन और त्वरित जांच के लिए 1 मोबाइल फॉरेंसिक वैन शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।वाहनों को रवाना करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। इस आपातकालीन सेवा के विस्तार से जिले के सभी 12 थानों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे किसी भी दुर्घटना, अपराध या आपात स्थिति में केवल एक कॉल पर मिनटों के भीतर मदद पहुंचेगी।अधिकारियों ने बताया कि ये नए वाहन पूरी तरह 'हाईटेक' हैं। इन अत्याधुनिक वाहनों में सुरक्षा और त्वरित एक्शन के लिए जीपीएस (GPS), वायरलेस रेडियो, पीटीजेड (PTZ) कैमरा डैश कैम आदि से लाइव मॉनिटरिंग किया जा सकता है। कंट्रोल रूम से गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक कर पीड़ित के सबसे नजदीकी वाहन को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। नागरिक अब केवल वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि एसएमएस, व्हाट्सएप, चैटबॉट, ईमेल और 'SOS-112 इंडिया ऐप' के माध्यम से भी सीधे मदद मांग सकेंगे।इस आधुनिक फ्लीट के आने से बलौदाबाजार जिले में अपराध नियंत्रण और सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में घायलों को अस्पताल पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा राज्य में सुशासन की नई परिभाषा लिखी जा रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण 'सुशासन तिहार 2026' के रूप में सामने आ रहा है, जो ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक बड़ा राहत का माध्यम बन चुका है। जिले के दूरस्थ अंचलों में आयोजित समाधान शिविरों के जरिए प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँच रहा है, जिससे वर्षों से लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा हो रहा है। इसी कड़ी में नारायणपुर के ग्राम भाटपाल से एक सुखद तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्रामीण संताय पोटाई के लिए यह सुशासन तिहार उनके जीवन में एक नई सुबह लेकर आया, जब उन्हें शिविर में ही उनका नया राशन कार्ड तैयार कर सौंप दिया गया।संताय पोटाई ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण उनका परिवार जनवितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले रियायती खाद्यान्न से वंचित था। उन्होंने पहले भी कई प्रयास किए, लेकिन भौगोलिक दूरी और प्रक्रियाओं के चलते बात नहीं बन पा रही थी। इस पर उन्होंने कहा कि मैं थक चुका था, लेकिन सुशासन तिहार के शिविर ने मेरी चिंता दूर कर दी। मैंने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और देखते ही देखते त्वरित कार्रवाई करते हुए मेरा नया राशन कार्ड मेरे हाथों में सौंप दिया गया। अब हमारे घर में भी नियमित रूप से सरकारी राशन आएगा।नया राशन कार्ड मिलने से संताय पोटाई और उनके परिवार के चेहरे खिल उठे हैं। अब उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती दर पर चावल, शक्कर और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री नियमित रूप से मिल सकेगी। इस त्वरित न्याय के लिए संताय ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सचमुच ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जहाँ दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय सरकार खुद गांव आकर काम कर रही है। जिला प्रशासन नारायणपुर के मार्गदर्शन में इन शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को सरल बनाकर अंतिम व्यक्ति तक लोकतंत्र और विकास का लाभ पहुँचाना है। प्रशासन के इस रुख से न केवल आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासकीय योजनाओं की पहुँच भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो रही है।
- - ग्राम बघेरा एवं झुराडबरी में लगभग 150 एकड़ भूमि पर अवैध निर्माण ध्वस्त- जेसीबी चलाकर हटाया गया अतिक्रमण- संबंधित हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (आरआई) को कारण बताओ नोटिस जारीराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर जिले में अवैध कॉलोनाइजरों एवं अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल तथा तहसीलदार श्री प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम बघेरा एवं झुराडबरी में लगभग 150 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित भूमिस्वामियों को पूर्व में अवैध प्लाटिंग के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समयावधि के बाद भी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण एवं संरचनाओं को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवॉल, मुख्य प्रवेश द्वार (गेट), रिसॉर्ट, मैरिज हॉल, तार-जाली फेंसिंग तथा बनाई गई सड़कों को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। साथ ही अवैध रूप से विकसित सड़कों को खोदकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में लाया गया।प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि क्षेत्र में आगे भी यदि किसी के द्वारा सक्षम अधिकारी के बिना अनुमति अवैध प्लाटिंग या शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण किया जाता है, तो उनके खिलाफ इसी तरह बिना किसी रियायत के सीधे बुलडोजर चलाने और कानूनी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाते हुए न केवल भूमिस्वामियों पर कार्रवाई की है, बल्कि संबंधित हल्का पटवारी और राजस्व निरीक्षक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को बढ़ावा देने या समय पर इसकी जानकारी न देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।ग्राम बघेरा में पंकज जैन पिता अमृत लाल के स्वामित्व वाले खसरा नंबर 129/1, 137/1, 137/2, 130/1, 131/1, 147/1 एवं 157/1 पर निर्मित अवैध संरचनाओं को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया। इसके अलावा रूक्मणी पति छेरकू के खसरा नंबर 565/1, नेहा महाजन पिता अंकुश महाजन के खसरा नंबर 570/1, प्रमोद चौधरी पिता रामायण चौधरी के खसरा नंबर 569/1, शालिनी साहू पति मुरलीधर साहू के खसरा नंबर 386/1 तथा हिमांशु कुमार पिता रामइकबाल ठाकुर के खसरा नंबर 628/1 में की गई अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई की गई। इसी प्रकार ग्राम झुराडबरी (सुरडबरी) में सीमा मौर्य पति राजनाथ मौर्य के खसरा नंबर 713/2, नेहा महाजन पिता अंकुश महाजन के खसरा नंबर 722/2, राघवेन्द्र सिंह पिता हंसध्वज के खसरा नंबर 648/3 तथा चंद्रशेखर पिता मंगनूराम के खसरा नंबर 648/9 एवं 648/10 में अवैध प्लाटिंग एवं कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई।कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार सुश्री सुरेखा वर्मा, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने कहा कि बिना सक्षम अनुमति के अवैध प्लाटिंग, अवैध कॉलोनी निर्माण अथवा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही पाए जाने पर उनके विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों एवं 1 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन को दिखाई हरी झंडी-“एक्के नंबर – सब्बो बर” के तहत नागरिकों को त्वरित एवं तकनीक आधारित आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलरायपुर। कबीरधाम जिले में नागरिक सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी, त्वरित एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आज थाना कोतवाली परिसर, कवर्धा में “डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन” सेवा का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर गृह मंत्री द्वारा डायल-112 के 16 नवीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों (ईआरवी) एवं एक हाईवे पेट्रोलिंग वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिले में सेवा हेतु रवाना किया गया। कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग अध्यक्ष श्री बिशेसर पटेल, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम ध्रुवे, श्री नंदलाल चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा राज्य सरकार की नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को आधुनिक तकनीक एवं त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली से जोड़ने का उद्देश्य आम नागरिकों को संकट की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि डायल-112 सेवा “एक्के नंबर – सब्बो बर” की अवधारणा पर आधारित है, जिसके अंतर्गत अब नागरिकों को अलग-अलग सेवाओं के लिए भिन्न-भिन्न नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल ‘112’ डायल कर पुलिस सहायता, फायर ब्रिगेड, मेडिकल इमरजेंसी, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं का लाभ एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नवीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन अत्याधुनिक जीपीएस तकनीक, रियल टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम से सुसज्जित हैं, जिससे सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थितियों में शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने हेतु हाईवे पेट्रोलिंग वाहन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कबीरधाम पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आकस्मिक, आपातकालीन अथवा संकट की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल डायल-112 सेवा का उपयोग करें। कबीरधाम पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, सहायता एवं त्वरित सेवा हेतु चौबीसों घंटे प्रतिबद्ध एवं तत्पर है।
- रायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रथम तेलीन सत्ती माता महोत्सव में शामिल होने से पहले कोण्डागांव जिले के केशकाल घाटी में स्थित तेलीन सत्ती माता मंदिर में माता दर्शन किया और पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान सांसद श्री भोजराज नाग और विधायक श्री आशाराम नेताम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण भी मौजूद थे।
- -लोक निर्माण विभाग के सचिव ने विधानसभा भवन का किया निरीक्षण-पर्याप्त पार्किंग के साथ सर्वसुविधायुक्त ड्राइवर-रूम बनाने के दिए निर्देश-निर्माणाधीन नए ‘लोकभवन’ के कार्यों को भी देखा, अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने कहारायपुर । लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन) के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर ले-आउट और फ्लोर-प्लान जाना। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए तकनीकी कार्यों औऱ व्यवस्थाओं में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग और चिप्स को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. नेताम और कार्यपालन अभियंता श्री अभिनव श्रीवास्तव भी इस दौरान मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ‘लोकभवन’ का निर्माण राज्यपाल की गरिमा के अनुरूप उत्कृष्टता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे परिसर के सौंदर्य, सूरज की रोशनी और पूर्ण उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने भवन की सभी बारीकियों पर पुख्ता काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रमों के आयोजन के लिए यहां बन रहे सभा-भवनों और कार्यालयीन कक्षों की बैठक व्यवस्था पहले से ही निर्धारित कर उनके अनुरूप कार्यों को अंजाम देने को कहा। उन्होंने भवन के निर्माण कार्य में लगे अलग-अलग एजेंसियों से कार्य प्रगति की जानकारी लेकर यथाशीघ्र सभी कार्य पूर्ण कर इसे लोक निर्माण विभाग को हैंड-ओवर करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने नए विधानसभा भवन में प्रवेश द्वार, सदन, अधिकारी दीर्घा, लॉबी, डाइनिंग एरिया, मीडिया ब्रीफिंग एरिया, समिति कक्ष, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, उप मुख्यमंत्रियों तथा मंत्रियों के कार्यालयों, ऑफिसर लाउंज और मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के कार्यालयों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी कार्यालयीन कक्षों में समुचित फर्नीचर और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए भवन में वर्तमान व्यवस्था की कमियों और खामियों को आगामी मानसून सत्र के पहले दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।विभागीय सचिव ने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने तकनीकी व्यवस्थाओं को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और चिप्स के अधिकारियों के साथ इसके लिए जरूरी इंतजामों, उपकरणों, हार्डवेयर्स और सॉफ्टवेयर्स की भी समीक्षा की। उन्होंने बेहतर समन्वय और तेजी से काम करते हुए इस साल के शीतकालीन सत्र तक सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर पखवाड़े इसकी प्रगति की समीक्षा करने भी कहा।श्री बंसल ने विधानसभा परिसर में गाड़ियों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था के साथ वाहन चालकों के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-3 में पास-काउंटर के पास आगंतुकों के लिए बनने वाले प्रतीक्षालय कक्ष के साथ ही विधानसभा ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैन्टीन बनाने का भी सुझाव दिया।
- -भुवनेश्वर जोनल कॉन्फ्रेंस में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने रखी राज्य की उपलब्धियां, केंद्र ने की सराहनारायपुर / कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 19 मई को आयोजित राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ को कृषि नवाचार, किसान कल्याण और टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय वृद्धि, कृषि विविधीकरण और ग्रामीण समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने तिलहन मिशन के तहत पूर्वोत्तर पांच राज्यों में छत्तीसगढ़ द्वारा लक्ष्य पूरा करने में पहले स्थान प्राप्त करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जो देश में धान के लिए सबसे पारदर्शी और ऐतिहासिक समर्थन व्यवस्था मानी जा रही है। पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार ने 437 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों के खातों में लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया है।सम्मेलन में मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत 5 लाख से अधिक परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ तेजी से बागवानी और वैकल्पिक खेती के केंद्र के रूप में उभर रहा है। बस्तर में कॉफी, अनासपाती और जशपुर में चाय की खेती आदिवासी क्षेत्रों में नई आर्थिक संभावनाएं खोल रही हैं।कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने जोनल कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में कृषि के क्षेत्र में 128 हाईटेक नर्सरी, 71 कोल्ड स्टोरेज, 63 पैकहाउस और 428 सोलर ड्रायर विकसित किए गए हैं। ऑयल पाम, बांस मिशन, प्राकृतिक खेती, दलहन-तिलहन विस्तार तथा कृषि वानिकी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 4.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपये से अधिक की दावा राशि वितरित की गई है। श्री परदेशी ने कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में एआई, ड्रोन तकनीक और एकीकृत किसान पोर्टलों के माध्यम से कृषि व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।राष्ट्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एग्रीस्टेक पोर्टल, दलहन-तिलहन विस्तार, पीएम आशा योजना, प्राकृतिक खेती और तिलहन मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना की। उन्होंने पूर्वाेत्तर एवं पूर्वी भारत के 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के बीच तिलहन मिशन में लक्ष्य प्राप्ति पर छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान हासिल करने के लिए बधाई दी। इस अवसर पर 5 राज्यों के कृषि मंत्री सहित छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं विभागीय सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश चन्द्राकर और संयुक्त संचालक कृषि श्री गयाराम उपस्थित थे।
- -आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में फिटनेस और वेलनेस को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक — वित्त मंत्री ओपी चौधरी-पुलिसकर्मियों, उनके परिवारों और स्थानीय युवाओं को मिलेगा आधुनिक जिम सुविधा का लाभरायपुर / वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज पुलिस लाइन उर्दना, रायगढ़ में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुलिस जिम का लोकार्पण किया। उन्होंने रिबन काटकर जिम का शुभारंभ किया और जिम कक्ष में स्थापित भगवान हनुमान जी के चित्र पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जिम में स्थापित आधुनिक फिटनेस उपकरणों का अवलोकन किया और कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त जीवनशैली में शारीरिक फिटनेस और मानसिक वेलनेस दोनों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने सभी को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम के लिए समय निकालने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे जनसेवा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। यह आधुनिक जिम न केवल पुलिसकर्मियों बल्कि उनके परिवारजनों और स्थानीय युवाओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा तथा स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देगा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त रखने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा योग, खेल और फिटनेस गतिविधियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से पुलिस जिम का उन्नयन कर इसमें अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से पुलिसकर्मी नियमित व्यायाम कर अपनी फिटनेस बनाए रख सकेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनके स्वास्थ्य और कार्य प्रदर्शन दोनों पर पड़ेगा। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत रायगढ़ जिले को मिली बड़ी सौगात-अब पुलिस, मेडिकल, फायर, आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा सहित सभी आपात सेवाएं एक ही नंबर 112 पर उपलब्ध-आधुनिक तकनीक से लैस वाहनों से आपात स्थितियों में और तेज होगी पुलिस की प्रतिक्रियारायगढ़ / सुरक्षा, सेवा और सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले को छत्तीसगढ़ डायल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन) के तहत 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) की सौगात मिली है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में इन आधुनिक आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटना, चिकित्सा आपातकाल, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सहित किसी भी संकट की स्थिति में अब रायगढ़वासियों को तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि “डायल-112 एक्के नम्बर, सब्बो बर” की अवधारणा के साथ यह सेवा पूरे छत्तीसगढ़ में संचालित की जा रही है। राज्यभर में 400 से अधिक आधुनिक वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 वाहन प्रदान किए गए हैं।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय कम होगा और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि यह योजना शासन के बड़े निर्णयों का धरातल पर दिखाई देने वाला परिणाम है, जिससे पुलिस को कार्य करने में सुविधा होगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि डायल-112 योजना वर्ष 2018 से संचालित है, जिसे अब फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए ईआरवी वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS सिस्टम, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) और स्मार्ट मोबाइल फोन जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध है, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।नई डायल-112 प्रणाली के तहत पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सहायता सेवाओं को एकीकृत किया गया है। रायपुर स्थित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (C4) के माध्यम से इन सेवाओं का संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


























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