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- 0- विभिन्न जनहितैषी योजनाओं के संचालन के लिए शासन का जताया आभारबालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। इसी कड़ी में आज जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर खुशियों की सौगात लेकर आया। शिविर में पहुॅची ग्राम गुरेदा की श्रीमती उर्मिला कंुभकार ने बताया कि आज उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूर्ण हुए उनके आवास का पूर्णता प्रमाण पत्र मिल गया है। उन्होंने बताया कि यह उनके लिए खुशी का वो पल है, जिसके सपने वो अपने कच्चे मकान में वर्षों से देख रही थी। जो कि अब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में साकार हुआ है, उन्हें वर्ष 2024 -25 में प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति मिली थी, जिसके पश्चात् उन्होंने आवास निर्माण शुरू किया और समय समय पर किश्त मिलने के साथ ही अपने आवास का कार्य पूर्ण कर लिया और अब उन्हें आवास के पूर्ण होने का प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है।श्रीमती उर्मिला ने बताया कि उन्हें शासन की अन्य योजनाओं का लाभ भी मिला है, जिससे वे अपनी आजीविका बेहतर रूप से चला पा रही है। उसे पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सिलाई मशीन भी मिला है, जिससे वे घर पर ही सिलाई का कार्य करते हुए अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर पा रही है। इसके साथ ही प्रतिमाह महतारी वंदन योजना का भी लाभ उसे प्राप्त हो रहा है। उर्मिला ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। शिविर में आज संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी की उपस्थिति में ग्राम गुरेदा की उर्मिला सहित चंदुलाल और घसिया बाई को भी आवास पूर्णता का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, जिसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- 0- जल संकट से निपटने और जल संरक्षण हेतु नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया गया जागरूकबालोद. जल संचयन जनभागीदारी 2.0 अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में नीर चेतना अभियान के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों के साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी है। आज गुण्डरदेही विकासख्ंाड के ग्राम गुरेदा में आयोजित सुशासन तिहार के तहत जनसमस्या निवारण शिविर में संभायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने उपस्थित जनसमूह को नीर चेतना अभियान के तहत जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल संरक्षण में अपनी सहभागिता निभाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर आई.जी. श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी सहित जनप्रतिधियों और बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने सहभागिता निभाने की शपथ ली।शिविर में नवा सवेरा स्व-सहायता समूह की टेमेश्वरी साहू, यशोदा पटेल, डाली सिन्हा, कुसुमलता साहू, गोमती यादव, के द्वारा जल संरक्षण, जल संचयन के संबंध में नुक्कड़ नाटक कर नागरिकों को जागरूक किया गया, साथ ही नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नलों को खुला न छोड़ने, वर्षा जल संचयन अपनाने, घरो एवं खेतों में सिमित उपयोग, जल स्रोतो को प्रदूषित होने से बचाने, जिले के सभी नागरिकों को ‘‘जल है तो कल है‘‘ के संदेश को अपनाते हुए जल संरक्षण के कार्य में सहभागिता निभाने का संदेश दिया गया। साथ ही प्रत्येक नागरिक को अपने घर में सोखता गढ्ढे के निर्माण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि नीर चेतना अभियान के तहत जिले मे वृहद स्तर पर अधोसंरचना का निर्माण कराया जा रहा हैं। जिसमें सोखपीट, स्ट्रेगर ट्रैंच, रिचार्ज पीट, रूफ टाप, वाटर हार्वेस्टिंग आदि सम्मिलित है। साथ ही जिला प्रशासन की पहल से जन जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम यथा रैली, सभा, मानव श्रृंखला, शपथ आदि कराया जा रहा है।
- 0- राकेश को मिला विवाह प्रमाण पत्र ग्रामीण का लाभ, मिला डिजीटल विवाह प्रमाण पत्रबालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में शासकीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में ’सेवा सेतु’ एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा है। राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, त्वरित और डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी सोच का परिणाम है कि अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-नकल सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं, एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम गुरेदा में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में सेवा सेतु की सेवाओं का लाभ राकेश कुमार को मिला है। उन्हें शिविर में विवाह प्रमाण पत्र ग्रामीण के तहत डिजीटल विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। राकेश कुमार ने प्रसन्नतापूर्वक बताया कि पहले ग्रामीण स्तर पर विवाह प्रमाण पत्र बनाने के लिए काफी समस्याएं होती थी, लेकिन अब सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से उन्हें अपने विवाह का प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो गया है। उन्होंने इसके लिए शासन की इस नवीनतम व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।पहले अलग-अलग विभागों की सेवाओं के लिए नागरिकों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। प्रमाण-पत्र बनवाने जैसी मूलभूत सेवाओं में समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बड़ी खपत होती थी। सेवा सेतु ने इस पारंपरिक व्यवस्था को बदलते हुए नागरिकों को ’वन स्टॉप सॉल्यूशन’ उपलब्ध कराया है। अब लोग ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर रहे हैं और निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। राज्य शासन की यह पहल केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव का भी संकेत है। यह व्यवस्था नागरिकों को यह भरोसा दिला रही है कि शासन उनकी सुविधा और अधिकारों को प्राथमिकता दे रहा है।पहले ई-डिस्ट्रिक्ट माध्यम से केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं। समय की आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया, जिसमें अब 441 सेवाएं जोड़ी जा चुकी हैं। इनमें 54 नई सेवाएं शामिल हैं, जबकि विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का भी सफल एकीकरण किया गया है। वर्तमान में ’30 से अधिक विभाग’ इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल या कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी हैं। बालोद जिले में वर्तमान में 250 से अधिक सेवा सेतु केन्द्रों का संचालन तहसील स्तर, नगरीय निकाय एवं ग्रामीण स्तर पर किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया गया है। सेवा सेतु इसी अधिकार को व्यावहारिक रूप से मजबूत कर रहा है।
- बालोद. जनजातीय गरिमा उत्सव के दूसरे दिन आज संतृप्ति शिविर एवं वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत आज आदि सेवा केंद्रों पर संतृप्ति शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। इस दौरान हितग्राहियों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मातृ वंदन योजना के आवेदन एवं नए जनधन खाता, जाति प्रमाण पत्र एवं किसान क्रेडिट कार्ड आदि से लाभान्वित किया गया। इसके साथ ही सेवा केंद्रों और ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। स्थानीय नागरिकों ने पौधे रोपण कर पर्यावरण को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया।
- 0- समय-सीमा की बैठक में आज वर्चुअली रूप से शामिल हुए एसडीएम, सीईओ, सीएमओ एवं अन्य अधिकारी0- सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन का क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। कलेक्टर के निर्देशानुसार आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में एसडीएम, सीईओ, सीएमओ एवं अन्य अधिकारियों ने वर्चुअली रूप से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विभागवार प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत अपने-अपने विभागों को प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह की अवधि में अनिवार्य रूप से गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने पश्चिम एशियाई संकट के मद्देनजर बालोद जिले में पेट्रोल, डीजल आदि ईंधन पदार्थों के भण्डारण एवं आम नागरिकों को इसकी आपूर्ति की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने जिला खाद्य अधिकारी से जिले के पेट्रोल पंपों में पेट्रोल, डीजल आदि ईंधन पदार्थों के भण्डारण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को पूरे समय स्थिति पर नजर रखते हुए इसकी निरंतर माॅनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आम जनता से प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति पर सराहना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में विभिन्न विभागों को प्राप्त कुल 68 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया है जो कि सराहनीय है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 30 दिनों में निराकरण सुनिश्चित कर आवेदक को अनिवार्य रूप से इसकी जानकारी भी देने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार के पोर्टल के माध्यम से विभागों द्वारा निराकृत किए गए आवेदनों का अवलोकन कर संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
- 0- जिले में 18 से 25 मई तक आयोजित कार्यक्रम के दौरान चयनित ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का किया जाएगा आयोजनबालोद. जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सोमवार 18 मई को जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमसया निवारण शिविर के अवसर पर जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को इस उत्सव के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर सभी विभाग प्रमुखों को कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देने के अलावा कार्ययोजना के संबंध में उन्मुखीकरण भी किया गया।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर ने बताया कि बालोद जिले में 18 से 25 मई तक आयोजित इस जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान धरती आबा अंतर्गत जिले के चयनित आदिवासी बहुल ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जनजातीय गरिमा उत्सव के इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समुदायों की गरिमा, विरासत, योगदान एवं उपलब्धियों का सम्मान सुनिश्चित करने के अलावा जनजातीय कार्य मंत्रालय की समग्र जनजातीय विकास और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न उपक्रमों और योजनाओं के परिवर्तनकारी प्रभाव को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि यह उत्सव एक जनभागीदारी अभियान है जिसकी थीम ‘‘सबसे दूर, सबसे पहले’’ है। इस दौरान उन्होंने इसके अंतर्गत प्रत्येक दिवसों में आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत इसका समुचित प्रचार-प्रसार, लाभार्थी संतृप्ति, स्वास्थ्य शिविर, ट्रांसेक्ट वॉक, वृक्षारोपण सेवा केंद्र में जनसुनवाई आदि गतिविधियां शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री मनीष झा, जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी एवं सुश्री नीलिमा श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- 0- संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों एवं आला अधिकारियों ने हितग्राहियों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं से किया लाभान्वित0- शिविर में 1210 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम पंचायत गुरेदा सहित गुरेदा कलस्टर में शामिल आसपास के 17 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों एवं ग्रामीणों के लिए सौगातों भरा रहा। इस दौरान दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक के अलावा जनपद अध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम चंद्राकर, जनपद उपाध्यक्ष श्री नीतिश मोंटी यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड, किसानों को डिजिटल किसान कार्ड, स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख के वितरण के अलावा दिव्यांग हितग्राहियों को बैटरी चलित ट्राय सायकल तथा छड़ी एवं श्रवण यंत्र भी प्रदान किया गया। इसके अलावा किसानों को उन्नत कृषि बीज तथा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र के वितरण के अलावा अतिथियों के द्वारा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी परीक्षा में उत्कृष्ट अंक अर्जित कर प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। इसके अलावा शिविर में अतिथियों के द्वारा मछली पालक कृषक को मछली जाल एवं आईस बाक्स, स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के अलावा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस मौके पर संभाग आयुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों ने नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया।इस दौरान संभाग आयुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों ने शिविर में स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाॅलों का निरीक्षण कर मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को उनके विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली। संभाग आयुक्त श्री राठौर एवं आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य के सुशासन तिहार में शामिल होने के लिए ग्राम गुरेदा पहुँचने पर ग्रामीणों एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया। इस अवसर पर संभाग आयुक्त श्री राठौर ने बालोद जिले में जल संरक्षण हेतु चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान की सराहना की। इस मौके पर उन्होंने पानी को एक अनमोल संपदा बताते हुए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को पानी के एक-एक बूंद का सदुपयोग करते हुए इसका संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा जल संरक्षण के कार्य में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई। श्री राठौर ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई के साथ-साथ सामाजिक अपराध बताते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के रोकथाम के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की भी शपथ दिलाई। गुरेदा शिविर में आज विभिन्न विभागों से कुल 1386 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 1210 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया।इस अवसर पर शिविर को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम चंद्राकर ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। सुशासन तिहार के दौरान शासन-प्रशासन के प्रतिनिधि आम जनता के बीच पहुँचकर उनके वास्तवित समस्याओं के पड़ताल करने के अलावा उनके मांगों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। श्री चंद्राकर ने ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की भी अपील की। शिविर को संबोधित करते हुए जनपद उपाध्यक्ष श्री नीतिश मोंटी यादव ने भी संबोधित करते हुए ग्राम गुरेदा में जनसमस्या निवारण शिविर की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। शिविर को जनपद सदस्य श्रीमती हेमपुष्पा साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित करते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में प्रकाश डाला।उल्लेखनीय है कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुरेदा में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम गुरेदा, भरदाखुर्द, डंगनिया, नाहंदा, ओटेबंद, डौकीडीह, खप्परवाड़ा, सिरसिदा, परसदा डंग, देवरी (क), अर्जुनी, गोरकापार, पांगरी, सुखरी, तमोरा, कचांदुर और खर्रा सहित 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 833 आवेदन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 104, खाद्य विभाग को 99, ऊर्जा विभाग को 70, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 53, समाज कल्याण विभाग को 44, जल संसाधन विभाग को 25 सहित विभिन्न विभागों से कुल 1386 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 1210 आवेदनों का निराकरण किया गया।
- बिलासपुर. बिलासपुर संभाग में अपर आयुक्त का पद रिक्त होने के कारण कार्यालयीन कार्यों एवं विभिन्न प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आयुक्त बिलासपुर संभाग द्वारा कार्य विभाजन संबंधी आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार पूर्व में जारी कार्य विभाजन आदेश को निरस्त करते हुए नवीन व्यवस्था लागू की गई है।आदेश के तहत आयुक्त श्री सुनील जैन को बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, मुंगेली, सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं सक्ती जिलों से संबंधित कलेक्टरों के आदेशों के विरुद्ध अपील प्रकरणों की सुनवाई का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा जिला स्तरीय ओवर साइट कमेटी, राष्ट्रीय राजमार्गों के पुनर्वास एवं उन्नयन हेतु भूमि अधिग्रहण से जुड़े मध्यस्थता प्रकरण, खाद्य औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1985 के प्रकरण तथा पंचायत राज अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई भी उनके जिम्मे रहेगी।प्रशासनिक कार्यों के अंतर्गत इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, सीएसआर, स्वच्छ भारत अभियान, नगरीय निकाय एवं पंचायत निर्वाचन संबंधी प्रकरण, धान खरीदी निरीक्षण एवं परीक्षण, कौशल विकास, नजूल प्रकरणों के नवीनीकरण, विभागीय जांच तथा स्थायी सामाजिक प्रमाण-पत्रों से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई का दायित्व निर्धारित किया गया है।आदेशानुसार आयुक्त द्वारा प्रकरणों की सुनवाई सामान्यतः प्रत्येक सोमवार, मंगलवार एवं बुधवार को की जाएगी। वहीं रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के प्रकरणों की सुनवाई माह के द्वितीय शुक्रवार को कैंप कोर्ट रायगढ़ में संपादित होगी। आयुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में प्रकरणों की सुनवाई एवं क्षेत्राधिकार के संबंध में आवश्यकतानुसार पृथक निर्णय लिया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- बिलासपुर. जिला चिकित्सालय में स्पेशलिस्ट मेडिसिन (भेषज विशेषज्ञ) पद पर अस्थायी नियुक्ति हेतु वॉक-इन-इंटरव्यू 25 मई 2026 को रखा गया है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, नूतन चौक, सरकंडा में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सीधे साक्षात्कार में शामिल हो सकते है। अभ्यर्थियों का पंजीयन सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक किया जाएगा। विस्तृत विज्ञापन एवं आवेदन पत्र का प्रारूप जिला बिलासपुर की आधिकारिक वेबसाइट www.bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है।
- 0- अपर्णा और ज्योति ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदमबिलासपुर. सुशासन तिहार के तहत तालापारा में आयोजित समाधान शिविर कई जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब सीधे लोगों तक पहुंचा, तब अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी।तालापारा की अपर्णा डे और ज्योति मिरी को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत आर्थिक सहायता मिली है। इस सहायता ने न केवल उनके छोटे व्यवसाय को नई दिशा दी है , बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी मिला है।ज्योति मिरी पिछले कई वर्षों से सब्ज़ी व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। वे प्रतिदिन सुबह बाजार से सब्ज़ियां खरीदकर मोहल्लों और आसपास के क्षेत्रों में बेचती थीं। सीमित पूंजी होने के कारण उन्हें कम मात्रा में ही सामान खरीदना पड़ता था, जिससे आमदनी भी सीमित रहती थी। कई बार आर्थिक परेशानियों के चलते व्यवसाय को जारी रखना भी मुश्किल हो जाता था। इसके बावजूद ज्योति ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं।सुशासन तिहार के दौरान आयोजित समाधान शिविर में उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। अब ज्योति इस राशि से अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रही हैं। वे अधिक मात्रा में सब्ज़ियां खरीद सकेंगी, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकेगी। ज्योति कहती हैं कि यह सहायता उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का एक नया अवसर है।वहीं अपर्णा डे सिलाई कार्य में कुशल हैं और लंबे समय से घर से छोटा सिलाई सेंटर संचालित कर रही थीं। वे महिलाओं और बच्चों के कपड़ों की सिलाई कर अपने परिवार की मदद करती थीं। लेकिन संसाधनों की कमी और सीमित आय के कारण वे अपने काम को बड़े स्तर पर शुरू नहीं कर पा रही थीं। कई बार उन्हें ऑर्डर मिलने के बावजूद पर्याप्त मशीन और सामग्री नहीं होने के कारण काम छोड़ना पड़ता था।समाधान शिविर में स्वनिधि योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता ने अपर्णा के सपनों को नई उड़ान दी है। अब वे सिलाई मशीन, आवश्यक सामग्री और अन्य संसाधन खरीदकर अपने सिलाई सेंटर को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की तैयारी कर रही हैं। अपर्णा का सपना है कि भविष्य में वे अपने सेंटर में अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर दें, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें।
- 0- सुशासन तिहार के आवेदनों का त्वरित निराकरण करने कलेक्टर के निर्देशबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक में कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित बैगा आवासों को अब पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसके तहत बैगा परिवारों के घर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे तथा हितग्राही अंश की राशि जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से वहन की जाएगी। बैठक में उन्होंने सुशासन तिहार के तहत प्राप्त साढ़े 9 हजार आवेदनों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।कलेक्टर ने बैठक में ई-डिस्ट्रिक्ट योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अब आम नागरिकों के लिए सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 441 कर दी गई है। कलेक्टर ने कहा कि इन सेवाओं का समय-सीमा में निराकरण जिले की प्रशासनिक रैंकिंग से भी जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। जनगणना कार्य की समीक्षा में जानकारी दी गई कि ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगरीय निकायों में कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। नगर निगम क्षेत्र में भी एक-दो दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बरसात पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नगर निगम को 10 जून तक नाली सफाई कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव और मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए सफाई व्यवस्था में तेजी लाई जाए।डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्यों के संबंध में कलेक्टर ने शासी परिषद से अनुमोदित कार्यों के तकनीकी स्वीकृति प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला पचरी घाटों के दोनों ओर सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु चारों विकासखंडों से 25-25 प्रस्ताव मंगाए गए हैं। साथ ही तालाबों में गंदे पानी की आवक रोकने के लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पेट्रोल-डीजल उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ईंधन की कमी का हवाला देकर कोई भी शासकीय कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। विभाग अपनी पूर्व खपत और आवश्यकता के आधार पर औचित्यपूर्ण मांग प्रस्तुत करें, आवश्यकतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने ज्ञान भारतम योजना अंतर्गत पांडुलिपि खोज अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के संभावित आगमन एवं समीक्षा बैठक को लेकर सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
- 0- अधिकारियों को दिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देशबिलासपुर. जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने लोगों की समस्याएं सुनी। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने कलेक्टर से मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल एवं एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में ग्राम पंचायत उड़ेला के किसानों ने जनदर्शन में सामूहिक आवेदन देते हुए बताया कि ग्राम के जनक राम कौशिक व जगत कौशिक द्वारा आम निस्तारी रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया गया है जिस कारण से लगभग 25 किसानों को किसानी के लिए आने जाने में परेशानी हो रही है। ग्राम चकरभाठा निवासी श्रीमती प्रभा मानिकपुरी ने अपने दिव्यांग पुत्र का जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं होने की शिकायत करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। आवेदन में बताया गया कि अस्पताल एवं संबंधित विभाग में आवश्यक जानकारी दर्ज नहीं होने के कारण जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायत कपसियाखुर्द के पूर्व सरपंच कमल बाई राजपूत द्वारा पंचायत क्षेत्र में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों की भुगतान राशि लंबित होने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया गया।आवेदक ने कार्यों के सत्यापन एवं भुगतान की मांग की है। विजयपुर निवासी बहोरिक पाल ने राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज भूमि संबंधी त्रुटि सुधार कराने हेतु आवेदन दिया। आवेदन में अधिग्रहित भूमि के रिकॉर्ड से नाम विलोपित कर सिंचाई विभाग का नाम दर्ज कराने की मांग की गई। जनदर्शन में आई वृद्ध महिला ढयाना बाई ने बताया कि वह एक गरीब महिला है। निराश्रित पेंशन राशि से वह अपना जीवन यापन करती है। कुछ दिनों पूर्व उनके मकान में अज्ञात चोरों द्वारा उनका सब सामान चोरी कर लिया गया है और इस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शहर के दिव्यांग मुकेश सिंह ठाकुर ने कलेक्टर ने मुलाकात कर ट्राइ सायकल की मांग की एवं स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता के लिए गुहार लगाई। ग्राम पंचायत ओखर की सरपंच श्रीमती ललीता लक्ष्मीप्रसाद यादव द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की गई। कलेक्टर ने आज जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर जल्द कार्यवाही के निर्देश दिए।
- बिलासपुर. शासकीय महिला आईटीआई कोनी द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए रोजगार एवं स्वरोजगारमुखी शुल्क आधारित लघु अवधि प्रशिक्षण कोर्स में प्रवेश हेतु 30 मई 2026 तक आवेदन मंगाये गये है। इच्छुक आवेदिका जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, ब्यूटी पार्लर एवं फैशन डिजाइनिंग एवं सिलाई कोर्स हेतु आवेदन कर सकती है। प्रवेश हेतु आवदेन फार्म एवं विस्तृत जानकारी हेतु संस्था कार्यालय में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते है।
- बिलासपुर. कार्यालय परियोजना संचालक (आत्मा) सह उप संचालक कृषि द्वारा डीएईएसआई अंतर्गत कृषि आदान विक्रेताओं को कृषि प्रसार में डिप्लोमा कोर्स का प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु प्रशिक्षक (फेसीलिटेटर) की नियुक्ति की जानी है। इच्छुक उम्मीदवार 26 मई 2026 शाम 5 बजे तक कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर सकते हैं। यह भर्ती 1 वर्ष की अवधि के लिए की जाएगी। आवेदन पत्र के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के सूचना पटल का अवलोकन किया जा सकता है।उम्मीदवार के लिए कृषि या उद्यानिकी में स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्री एवं संबंद्ध क्षेत्रों में न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव अनिवार्य रखा गया है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, कृषि एवं महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्र जैसे संस्थानों में लगभग 20 वर्ष का अनुभव रखने वाले और पर्याप्त क्षेत्र अनुभव वाले कृषि स्नातकों को प्राथमिकता दी जा सकती है। कृषि विभाग के नियमित शासकीय कर्मचारी को डीएईएसआई कार्यक्रम में फेसिलिटेटर के रूप में भर्ती के पात्र नहीं होंगे। साथ ही उम्मीदवार को कृषि गतिविधियों का पर्याप्त ज्ञान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन का अनुभव होना चाहिए। उम्मीदवारों में अच्छे संचार कौशल होने चाहिए और वे डीएईएसआई कार्यक्रम के लिए इनपुट डीलरों को जुटाने में सक्षम होने चाहिए। उम्मीदवार को कम्प्यूटर और स्मार्टफोन चलाने में कुशल होना चाहिए तथा डीएईएसआई कार्यक्रम के दस्तावेजीकरण और डेटाबेस प्रबंधन को स्वतंत्र रूप से संभालने में सक्षम होना चाहिए।
- बिलासपुर. सुशासन तिहार के अंतर्गत कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन में राजस्व पुस्तक परिपत्र में उल्लेखित प्रावधानों के तहत अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित 61 आदिवासी परिवारों को राहत सहायता राशि उनके गांव मझगवां पहुंचकर वितरित की गई।अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोटा के मार्गदर्शन में तहसील बेलगहना अंतर्गत ग्राम पंचायत मझगवां के मोहल्ला सरार टिकरा में पूर्व वर्षों के लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए 61 प्रभावित हितग्राहियों को आंशिक मकान क्षति के लिए सहायता राशि प्रदान की गई। राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुसार आंशिक मकान क्षति की स्थिति में प्रति हितग्राही अधिकतम 4 हजार रुपए की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसी के तहत सभी 61 हितग्राहियों को 4-4 हजार रुपए के मान से कुल 2 लाख 44 हजार रुपए की सहायता राशि वितरित की गई। सभी लाभार्थी आदिवासी समाज से संबंधित हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार रोशन साहू और नायब तहसीलदार राहुल साहू स्वयं गांव पहुंचकर हितग्राहियों को मुआवजा राशि के चेक वितरित किए। इस दौरान ग्रामीणों ने लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं गांव में पहुंचकर सहायता राशि वितरण के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- 0- 27 सप्ताह के गर्भ के बराबर विशाल गांठ निकाल मरीज को मिला नया जीवनबिलासपुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सिम्स अस्पताल बिलासपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में चिकित्सकों की टीम ने एक अत्यंत दुर्लभ, जटिल एवं जोखिमपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मरीज को नया जीवन प्रदान किया है। यह उपलब्धि सिम्स अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं एवं चिकित्सकों की दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है।जानकारी के अनुसार, दुजी बाई (45 वर्ष) को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल जीपीएम से सिम्स अस्पताल रेफर किया गया था। मरीज पिछले लगभग दो वर्षों से लगातार पेट दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, कमजोरी एवं शारीरिक असहजता की समस्या से पीड़ित थीं। प्रारंभिक जांच एवं अंदरूनी परीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि गर्भाशय के मुंह में लगभग 15×14 सेंटीमीटर आकार का विशाल सर्वाइकल फाइब्रॉइड पॉलीप विकसित हो चुका था।चिकित्सकों के अनुसार यह गांठ अत्यधिक संक्रमित थी तथा आकार में लगभग 27 सप्ताह के गर्भ के बराबर हो चुकी थी। गांठ दो भागों में विभाजित होकर पेट के निचले हिस्से, पेशाब की नली एवं किडनी पर लगातार दबाव बना रही थी, जिससे मरीज की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही थी। संक्रमण और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण यह मामला चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण एवं जानलेवा स्थिति में पहुंच चुका था।मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. संगीता रमन जोगी के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई। कई घंटों तक चली इस जटिल एवं उच्च जोखिम वाली सर्जरी को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी, सह प्राध्यापक डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. सोमा वेंकट एवं वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. आकृति यादव ने सफलतापूर्वक संपन्न किया।सर्जरी के दौरान गांठ को दो अलग-अलग हिस्सों में अत्यंत सावधानीपूर्वक निकाला गया। ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव एवं संक्रमण का लगातार खतरा बना हुआ था, वहीं पेशाब की नली एवं आसपास के महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षित रखना भी चिकित्सकों के लिए बड़ी चुनौती थी। बावजूद इसके डॉक्टरों की टीम ने कुशलता, अनुभव एवं धैर्य का परिचय देते हुए ऑपरेशन को सफल बनाया और मरीज की जान बचाई।इस जटिल सर्जरी में बेहोशी विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. श्वेता एवं डॉ. मिल्टन ने पूरी सर्जरी के दौरान मरीज की स्थिति को नियंत्रित रखते हुए महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।वर्तमान में मरीज सिम्स अस्पताल के स्त्री रोग वार्ड में भर्ती हैं तथा उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की रिकवरी संतोषजनक है और जल्द ही उन्हें स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया जा सकेगा।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स अस्पताल में लगातार जटिल एवं दुर्लभ सर्जरियों का सफल उपचार किया जा रहा है। यह उपलब्धि चिकित्सकों की टीमवर्क, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं एवं मरीजों के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सिम्स अब गंभीर एवं चुनौतीपूर्ण मामलों के उपचार का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर थी, लेकिन डॉक्टरों की अनुभवी टीम ने समय पर निर्णय लेकर इस कठिन सर्जरी को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि सिम्स में मरीजों को बेहतर एवं उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी ने बताया कि इस प्रकार का मामला अत्यंत दुर्लभ होता है और इसमें मरीज की जान को गंभीर खतरा रहता है। सर्जरी के दौरान हर कदम बेहद सावधानी और विशेषज्ञता के साथ उठाया गया। उन्होंने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास और अनुभव के कारण ही यह कठिन ऑपरेशन सफल हो सका।
- 0- धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के एसओपी अनुसार विभागीय गतिविधियां संपन्न करें अधिकारी0- कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षादुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में समय-सीमा प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने सुशासन तिहार-2026 अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभागों को प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्वक निराकरण करने अधिकारियों को निर्देशित किया। शिकायत संबंधी आवेदनों का गंभीरतापूर्वक शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए। आवेदन निराकरण पश्चात् आवेदक को अवगत करायी जाए साथ ही गुगलशीट में भी अपडेट किया जाए। कलेक्टर ने जिले में संचालित जनगणना संबंधी कार्य की जानकारी ली और निर्धारित अवधि तक प्रथम चरण के कार्य को पूर्ण करा लेने की निर्देश दिये। कलेक्टर ने पंडित दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत अलग-अलग हितग्राहियों के एक ही बैंक खाते में राशि अंतरित होने को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को जनपद पंचायत एवं नगर पंचायत अंतर्गत संबंधित बैंकों के खाते फ्रीज कराकर जांच कराने के कड़े निर्देश दिये है।कलेक्टर श्री सिंह ने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत चयनित ग्रामों क्रमशः नवागांव(स), डगनियां, सेमरिया (बागडुमर) विकासखण्ड धमधा एवं ग्राम अकतई विकासखण्ड पाटन में आईईसी कैम्पेन के अंतर्गत विभागीय गतिविधियों के तहत हितग्राहियों को संतृप्त कर 18 से 25 मई 2026 तक प्रत्येक ग्राम के प्रति दिन के क्रियाकलाप फोटो-विडियों हितग्राहियों के कथन/बयान आदि का मीडिया में प्रसार-प्रचार व पोर्टल अपलोड कर की गई कार्यवाही से अवगत कराने संबंधित जनपद सीईओ को निर्देशित किया। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों से सहकारी समितियों के लेखा मिलान की जानकारी ली। संतोषप्रद जवाब नही मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगायी और एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण कराने के कड़े निर्देश दिये। उन्होंने ग्राम पंचायतों के माध्यम से राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा की और अविवादित, नामांतरण, बंटवारा, पंजीयन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिये। संबंधित एसडीएम और जनपद सीईओ को नियमित समीक्षा कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने रेलवे लाईन मुआवजा राशि वितरण के संबंध में कहा कि जिन गांवों का प्रकरण तैयार है संबंधित एसडीएम प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि वितरण कराना सुनिश्चित करें।कलेक्टर ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण कार्य एजेंसी विभाग अप्रारंभ कार्य शीघ्र प्रारंभ करायें तथा पूर्ण कार्यों का यु.सी./सी.सी. सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को भेजने के निर्देश दिये। उन्हांेने जिला खनिज अधिकारी को बिना अनुमति अवैध उत्खनन और ईंट भट्ठों पर कड़ी कार्यवाही के साथ पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिये। इसी प्रकार कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को ग्रामीणों की मंशानुसार खेल मैदान मर्रा को ग्राम पंचायत को हैण्डओवर करने के निर्देश दिये।बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री दशरथ सिंह राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती सिल्ली थॉमस सहित सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ और समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. जनपद पंचायत दुर्ग क्षेत्र की पाउवारा गांव की निवासी श्रीमती ईश्वरी साहू लंबे समय से रोजगार की समस्या से जूझ रही थी। पति के बीमार पड़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी कठिन हो रहा था। बच्चे के स्कूल का फीस पटाने में परेशानी हो रही थी। ऐसे समय में शासन की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना के तहत उन्हें जॉब कार्ड प्राप्त हुआ, जिसने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई।पुरई जनसमस्या निवारण शिविर में श्रीमती साहू को जॉब कार्ड मिलने के बाद अब उन्हें गांव में ही रोजगार उपलब्ध होगा। नियमित मजदूरी मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा तथा बच्चों की पढ़ाई और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करना आसान होगा। अब उन्हें रोजगार की तलाश में बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा।हितग्राही ने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जॉब कार्ड उनके परिवार के लिए सहारा साबित हुआ है। उन्होंने अन्य ग्रामीणों से भी शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।--
- 0- प्रगणक वैधानिक सीमा में करेंगे कार्य, अनावश्यक पूछताछ पर होगी सख्त कार्रवाई0- गलत जानकारी देने या नंबर मिटाने पर लगेगा जुर्मानादुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की अधिसूचना के परिपालन में जिला प्रशासन ने आगामी जनगणना के सुचारू संचालन के लिए प्रगणकों और नागरिकों के लिए अनिवार्य गाइडलाइंस जारी की हैं। जिसके अनुसार सभी नागरिक प्रगणक द्वारा पूछे गए वैधानिक प्रश्नों का सही उत्तर देने के लिए बाध्य हैं। हालांकि, स्थानीय सामाजिक परंपराओं का सम्मान करते हुए किसी भी महिला को उसके पति/मृत पति का नाम या किसी भी नागरिक को अपने परिवार के सदस्यों का नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। नागरिकों को अपने घरों में प्रगणकों को युक्तियुक्त प्रवेश देने और मकानों पर जनगणना के लिए आवश्यक नंबर या चिन्ह लगाने की अनुमति देनी होगी। प्रगणकों को भी नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार करने और घरेलू रूढ़ियों का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए है। प्रगणकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे वैधानिक सीमा में रहकर केवल केंद्र सरकार द्वारा राजपत्र में निर्दिष्ट और निर्धारित प्रश्नों को ही पूछें तथा नागरिकों से अनावश्यक या अतिरिक्त पूछताछ न करें। साथ ही, अपने कर्तव्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या इंकार करने पर प्रगणकों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है, उत्तर देने से इनकार करता है, या मकानों पर लिखे गए नंबरों को मिटाता/नुकसान पहुंचाता है, तो उस पर ₹1,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जनगणना कार्य में बाधा डालने या कार्यालय में अनधिकृत प्रवेश करने पर ₹1,000 जुर्माने के साथ अधिकतम 3 वर्ष तक की जेल का भी प्रावधान है। जनता के भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया गया है कि जनगणना में प्राप्त किये गए आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहेंगे। इन्हें किसी भी दीवानी या आपराधिक मामले में कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता। ज्ञात हो कि जनगणना के आंकड़ों का प्राथमिक उपयोग केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सटीक नीति निर्धारण, लोक प्रशासन और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन व आरक्षण के लिए किया जाता है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में सही जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की है।
- 0– उल्लंघन करने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाईदुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग के दिशा-निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले के भीतर विदेशी ’थाई मांगुर’ (क्लेरियस गैरीपिनस) और ’बिग हेड’ (हाइपोफ्थेलमिचिथिस नोबिलिस) प्रजाति की मछलियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अब जिले में इन प्रतिबंधित मछलियों के बीज उत्पादन, पालन, संवर्धन, क्रय-विक्रय तथा परिवहन जैसी गतिविधियों को पूरी तरह से रोक दिया गया है, और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मत्स्य पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये विदेशी मांसाहारी प्रजातियां स्थानीय जलीय पर्यावरण और पारंपरिक मत्स्य पालन के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी हैं। ये आक्रामक मछलियां हमारे स्थानीय तालाबों और नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर देती हैं और स्वदेशी मछलियों को खा जाती हैं, जिससे स्थानीय जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचता है।साथ ही, दूषित जल और हानिकारक अपशिष्टों को खाकर तेजी से बढ़ने वाली इन मछलियों के सेवन से मानव स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ता है और नागरिकों में कैंसर व त्वचा रोग जैसी घातक बीमारियों की आशंका बनी रहती है। इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए मछली पालन विभाग द्वारा एक विशेष उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार औचक निरीक्षण करेगा। यदि जिले के किसी भी निजी या शासकीय तालाब, बाजार अथवा परिवहन वाहन में प्रतिबंधित थाई मांगुर या बिग हेड मछली पाई जाती है, तो मत्स्य विभाग द्वारा उस पूरे स्टॉक को तत्काल ज़ब्त कर नियमानुसार नष्ट कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले मत्स्य पालकों, व्यवसायियों और बिचौलियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ मत्स्य पालन अधिनियम के कड़े दंडात्मक प्रावधानों के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। इसके अंतर्गत दोषी पाए जाने पर न्यूनतम 1 वर्ष का कठोर कारावास अथवा 10 हजार रुपये के नगद आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है।मत्स्य विभाग ने जिले के सभी मछुआरों, मत्स्य सहकारी समितियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वीकृत व उन्नत स्वदेशी प्रजातियों का ही संवर्धन करें। किसी भी नागरिक को जिले में इन प्रतिबंधित मछलियों के अवैध पालन या क्रय-विक्रय की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना तुरंत मछली पालन विभाग के कार्यालय या जिला प्रशासन को दे सकते है।
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वित्त मंत्री ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
सामुदायिक भवन, बाल उद्यान और नाली निर्माण से बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं
रायपुर/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि रायगढ़ शहर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और जनसुविधाओं से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में अधोसंरचना विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सुविधाओं और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
साहू समाज सामुदायिक भवन का लोकार्पण
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर निगम के वार्ड क्रमांक 28 में विधायक निधि से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित साहू समाज सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक गतिविधियों, बैठकों, सांस्कृतिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। ऐसे भवन समाज के लोगों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराते हैं और सामाजिक समन्वय को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर श्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले साहू समाज के छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
*श्रीराम कॉलोनी में बाल उद्यान का जीर्णोद्धार*
वार्ड क्रमांक 21, श्रीराम कॉलोनी में अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से लगभग 46 लाख रुपये की लागत से बाल उद्यान जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना के अंतर्गत लैंडस्केपिंग, पौधरोपण, मुख्य द्वार, बाउंड्रीवाल, विद्युतीकरण, बच्चों के खेल उपकरण, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस उद्यान के विकसित होने से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा तथा शहर के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी।
*नाली निर्माण से सुदृढ़ होगी जल निकासी व्यवस्था*
रायगढ़ स्टेडियम के पीछे से श्रीराम कॉलोनी मोड़ तक लगभग 37.88 लाख रुपये की लागत से 580 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। इस निर्माण से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा और बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं में कमी आएगी।
श्री चौधरी ने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।
रायगढ़ में तेजी से आगे बढ़ रहे विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में सड़क, पुल, केलो नदी तट विकास, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान निर्माण और ऑक्सीजन जोन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इतवारी बाजार क्षेत्र को ऑक्सीजन जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिलेगा।
उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन नालंदा परिसर युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आधुनिक अध्ययन केंद्र बनेगा, जहां पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष और मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
*बिजली बिल समाधान एवं सौर ऊर्जा योजनाओं की जानकारी*
कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में राहत मिल रही है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।
उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही सब्सिडी की जानकारी भी दी और नागरिकों से योजना से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। -
रायगढ़ के क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स से संवाद कर साझा किए बदलते दौर के अवसरों पर विचार
रायपुर/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ में जिले के युवा कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया से जुड़े रचनात्मक युवाओं से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने 21वीं सदी में तकनीक, नवाचार और डिजिटल माध्यमों से उभर रही नई संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आज का दौर ज्ञान, रचनात्मकता और तकनीक का दौर है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने युवाओं को अपनी प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का अभूतपूर्व अवसर दिया है। कंटेंट क्रिएशन अब केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावशाली साधन बन चुका है।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ सहित छत्तीसगढ़ के युवा अपनी रचनात्मकता, स्थानीय संस्कृति और सकारात्मक सोच के माध्यम से राज्य की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने कंटेंट के जरिए प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन, लोककला, सफलता की कहानियों और विकास कार्यों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करें।
श्री चौधरी ने कहा कि 21वीं सदी में वही समाज और राज्य आगे बढ़ेंगे जो नई तकनीकों को अपनाते हुए नवाचार को प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि रचनात्मकता को अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जोड़ा जाए, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म सफलता के अनगिनत द्वार खोल सकते हैं।
संवाद के दौरान क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा डिजिटल मीडिया, कंटेंट निर्माण और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की। सभी प्रतिभागियों ने वित्त मंत्री के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया। -
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
- अपर्णा और ज्योति ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदमबिलासपुर/ सुशासन तिहार के तहत तालापारा में आयोजित समाधान शिविर कई जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब सीधे लोगों तक पहुंचा, तब अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी।तालापारा की अपर्णा डे और ज्योति मिरी को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत आर्थिक सहायता मिली है। इस सहायता ने न केवल उनके छोटे व्यवसाय को नई दिशा दी है , बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी मिला है।ज्योति मिरी पिछले कई वर्षों से सब्ज़ी व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। वे प्रतिदिन सुबह बाजार से सब्ज़ियां खरीदकर मोहल्लों और आसपास के क्षेत्रों में बेचती थीं। सीमित पूंजी होने के कारण उन्हें कम मात्रा में ही सामान खरीदना पड़ता था, जिससे आमदनी भी सीमित रहती थी। कई बार आर्थिक परेशानियों के चलते व्यवसाय को जारी रखना भी मुश्किल हो जाता था। इसके बावजूद ज्योति ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं।सुशासन तिहार के दौरान आयोजित समाधान शिविर में उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। अब ज्योति इस राशि से अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रही हैं। वे अधिक मात्रा में सब्ज़ियां खरीद सकेंगी, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकेगी। ज्योति कहती हैं कि यह सहायता उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का एक नया अवसर है।वहीं अपर्णा डे सिलाई कार्य में कुशल हैं और लंबे समय से घर से छोटा सिलाई सेंटर संचालित कर रही थीं। वे महिलाओं और बच्चों के कपड़ों की सिलाई कर अपने परिवार की मदद करती थीं। लेकिन संसाधनों की कमी और सीमित आय के कारण वे अपने काम को बड़े स्तर पर शुरू नहीं कर पा रही थीं। कई बार उन्हें ऑर्डर मिलने के बावजूद पर्याप्त मशीन और सामग्री नहीं होने के कारण काम छोड़ना पड़ता था।समाधान शिविर में स्वनिधि योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता ने अपर्णा के सपनों को नई उड़ान दी है। अब वे सिलाई मशीन, आवश्यक सामग्री और अन्य संसाधन खरीदकर अपने सिलाई सेंटर को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की तैयारी कर रही हैं। अपर्णा का सपना है कि भविष्य में वे अपने सेंटर में अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर दें, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें।
- सुशासन तिहार के आवेदनों का त्वरित निराकरण करने कलेक्टर के निर्देशबिलासपुर/ कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक में कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित बैगा आवासों को अब पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसके तहत बैगा परिवारों के घर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे तथा हितग्राही अंश की राशि जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से वहन की जाएगी। बैठक में उन्होंने सुशासन तिहार के तहत प्राप्त साढ़े 9 हजार आवेदनों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।कलेक्टर ने बैठक में ई-डिस्ट्रिक्ट योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अब आम नागरिकों के लिए सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 441 कर दी गई है। कलेक्टर ने कहा कि इन सेवाओं का समय-सीमा में निराकरण जिले की प्रशासनिक रैंकिंग से भी जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। जनगणना कार्य की समीक्षा में जानकारी दी गई कि ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगरीय निकायों में कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। नगर निगम क्षेत्र में भी एक-दो दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बरसात पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नगर निगम को 10 जून तक नाली सफाई कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव और मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए सफाई व्यवस्था में तेजी लाई जाए।डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्यों के संबंध में कलेक्टर ने शासी परिषद से अनुमोदित कार्यों के तकनीकी स्वीकृति प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला पचरी घाटों के दोनों ओर सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु चारों विकासखंडों से 25-25 प्रस्ताव मंगाए गए हैं। साथ ही तालाबों में गंदे पानी की आवक रोकने के लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पेट्रोल-डीजल उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ईंधन की कमी का हवाला देकर कोई भी शासकीय कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। विभाग अपनी पूर्व खपत और आवश्यकता के आधार पर औचित्यपूर्ण मांग प्रस्तुत करें, आवश्यकतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने ज्ञान भारतम योजना अंतर्गत पांडुलिपि खोज अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के संभावित आगमन एवं समीक्षा बैठक को लेकर सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।


























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