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- - छत्तीसगढ़ सरकार की अपील: "देखो अपना देश" अभियान में हिस्सा लें और राज्य के पर्यटन गंतव्यों को बनाएं देश का गौरवरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे "देखो अपना देश" अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। इस अभियान के तहत देशभर के नागरिकों को अपने राज्य के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के लिए वोट करने का मौका मिल रहा है, और छत्तीसगढ़ के अद्वितीय और खूबसूरत गंतव्यों को इस राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का यह एक सुनहरा अवसर है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, "छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक स्थलों को पूरे देश में पहचान दिलाने का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे अपने राज्य के गंतव्यों के लिए वोट करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।"वोट कैसे करेंवोटिंग के लिए नागरिकों को वेबसाइट https://forms.gle/ANvrFcQqxg55EkSw7 का उपयोग करना होगा। इस फॉर्म के माध्यम से लोग छत्तीसगढ़ के उन स्थलों के लिए वोट कर सकते हैं, जिन्हें वे राज्य और देश का गौरव मानते हैं। राज्य सरकार ने भी सभी से आग्रह किया है कि वे इस लिंक को अपने सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में भाग ले सकें।अंतिम तिथिइस अभियान में वोट करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2024 है। इसके बाद, चुने गए गंतव्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, जिससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे। छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और यह अवसर हमें अपनी धरोहर, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को देशभर में फैलाने का मौका देता है। श्री साय ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और छत्तीसगढ़ को भारत का गौरव बनाने में मदद करें।
- बिलासपुर/बिलासपुर के नये संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज कार्यभार ग्रहण कर लिया। श्री कावरे वर्ष 2008 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। राज्य शासन ने श्री कावरे को रायपुर के साथ-साथ बिलासपुर संभाग के संभागायुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद श्री कावरे ने कार्यालय का निरीक्षण किया।श्री कावरे ने कार्यायल की विभिन्न शाखाओं में पहुंचकर कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया एवं उनके काम-काज की जानकारी ली। उन्होंने सभी कर्मचारियों की टेबल पर नाम पट्टिका रखने के निर्देश दिए ताकि काम के सिलसिले में आने वाले लोग आसानी से उन्हें पहचान सकें। उन्होंने कोर्ट के सभी प्रकरणों को ऑनलाईन करने को कहा है। एनआईसी के सहयोग से इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण किया जाये। उन्होंने अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरण, शिकायत एवं उनकी जांच सहित राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कबाड़ सामग्रियों के नियमानुसार निष्पादन करने को कहा है। उन्होंने संभाग स्तरीय अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक लेकर संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। इसके पहले श्री कावरे के कार्यालय पहंुचने पर कलेक्टर अवनीश शरण, निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान, उपायुक्त श्रीमती अर्चना मिश्रा सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 01 नेहरू नगर अंतर्गत सिंगल यूज प्लास्टिक रखने वाले, फल विक्रेताओ एवं होटल संचालकों दुकानदारो पर निगम की टीम ने की कार्यवाही। निगम क्षेत्र के वार्ड क्रं. 10 एवं 17 में जोन 01 की टीम द्वारा दुकानो का निरीक्षण करने पहुंची। वहां पर फल ठेला, मिठाई खादय पदार्थ बेचने वालो दुकानो पर जाॅच किया गया। दुकानदारो द्वारा नगर निगम की टीम को देखते ही अपनी झिल्ली, पन्नी को छिपाने लगते है और इधर-उधर फेंक देते है। पूछने पे कहते है कि यह आखरी है, अब नहीं रखूगाॅ। निगम की टीम जाते ही फिर से झिल्ली में रखके बेचने लगते है। जाॅच में सिगल यूज प्लास्टिक रखने वाले दुकानदारो पर कार्यवाही करते हुए, सड़े गले फल विक्रेता एवं बासी खादय पदार्थ विक्रेताओ से 12800 रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। आयुक्त देवेश कुमार धु्रव के निर्देश पर सभी जोन क्षेत्र में सिंगलयूज प्लास्टिक विक्रताओ पर कार्यवाही की जा रही है।महापौर नीरज पाल ने सभी विक्रेताओ से अपील की है कि सिंगलयूज प्लास्टिक का उपयोग मत करें। सिंगलयूज प्लास्टिक पर्यावरण एवं जानवरो को काफी नुक्सान पहुंचता है। हमारी नालियो को जाम कर देता है, जिससे पानी अवरूद्व हो जाने से मच्छर पनपते है और बिमारियो को बढ़ावा मिलता है। साथ ही आम नगारिको से भी निवेदन किये है, सामग्री लेते समय अपने घरो से झोला या थैला लेकर निकले। अक्सर देखने में आता है, सिंगलयूज प्लास्टिक में गरम गरम सामग्री, चाय इत्यादि लोग पैक कराके ले जाते है। अपने घरो में स्वयं या अपने परिवार के साथ खाते है। वैज्ञानिको के अनुसार सिंगलयूज प्लास्टिक में खादय पदार्थ रखने से प्लास्टिक के कण सामग्री में मिल जाते है जिससे कैंसर एवं अन्य प्रकार के गंभीर बिमारियो को बढ़ावा मिलता है। उपयोग से बचे, सब के सहयोग से ही हम सब अपने स्वास्थ्य को एवं नगर निगम को स्वच्छ साफ-सुथरा रख सकते है। कार्यवाही के दौरान जोन के स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, प्रभारी लिपिक संतोष हरमुख, सहायक राजस्व निरीक्षक शशांक सिंह अपने दल के साथ उपस्थित रहे।
- -प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने की समीक्षारायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 हजार घरों को रोशन करने का लक्ष्य रखा गया है। इन घरों में एक से तीन किलोवाट तक क्षमता के सोलर संयंत्र स्थापित किये जाएंगे, जिससे लोग अपने घर की छतों पर तीन किलोवाट के संयंत्र से हर महीने 300 यूनिट बिजली का उत्पादन कर पाएंगे। इस योजना में 50 हजार से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के खाते में आएगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने मुख्यालय स्थित सेवाभवन में पीएम सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सभी 18 वृत्तों के अधीक्षण अभियंताओं को निर्देशित किया कि इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करें।भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरआई) ने पीएम सूर्यघर योजना की शुरुआत 13 फरवरी को की थी। उक्त योजना में 1 किलोवाट के संयंत्र पर 30 हजार रुपए, 2 किलोवाट के संयंत्र पर 60 हजार और 3 किलोवाट पर 78 हजार रूपए का केंद्रीय अनुदान प्रदान किया जाएगा।एक किलोवाट सौर संयंत्र से प्रतिदिन 4 यूनिट तक औसत बिजली उत्पादन होगा। तीन किलोवाट में प्रतिदिन 12 यूनिट बिजली पैदा होगी। यदि उपभोक्ता इतनी बिजली खपत नहीं करता तो इसका क्रेडिट से बिल में तय सौलर टैरिफ के अनुसार एडवांस जमा कर दिया जाएगा। उपभोक्ता अपने घर के बिजली मीटर में संबद्ध भार (लोड) के आधार पर उतने ही भार का संयंत्र लगाने के लिए पात्र होगा। इसके लिए पीएमसूर्यघर योजना के पोर्टल या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप में जाकर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन पूरा होने पर विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद सौर प्लांट को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। सोलर प्लांट लगने के बाद अनुदान राशि उपभोक्ता के खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस वित्तीय वर्ष में 25 हजार उपभोक्ताओं को लाभ देने का लक्ष्य है। पूरे प्रदेश में इस योजना के लिए अभी तक 6368 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 6216 उपभोक्ताओं के स्थल संयंत्र लगाने के लिए उपयुक्त हैं। अभी तक 312 घरों में संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है। प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने इस योजना की मुख्यालय स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिये हैं। बैठक में मुख्य अभियंतागण सर्वश्री राजेंद्र प्रसाद, केएस भारती, एमडी बड़गईया, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एएम परियल तथा अधीक्षण अभियंता श्री एन बिंबीसार उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह की पहल-जिले के विभिन्न ब्लाॅकों के 20 स्कूलों में प्रतिदिन लगने लगी क्लासेस-कलेक्टर ने ऑनलाइन क्लास से जुड़कर छात्रों का किया उत्साहवर्धन-शिक्षकों को किया शिक्षा के माध्यम से समाज को जागरूक करने का आव्हानरायपुर । युवाओं का भविष्य संवारने की दिशा में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह की पहल पर निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा शुरू की है। इस ऑनलाइन कोचिंग सेंटर के माध्यम से जेईई एवं नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है और जिले के प्रत्येक ब्लाॅक के विभिन्न स्कूलों के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। यह सुविधा शुरू होने से युवाओं में भी उत्साह है और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं।जिला प्रशासन ने गणित व जीव विज्ञान संकाय में अध्ययनरत सरकारी व गैर सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आॅनलाइन कोचिंग की सुविधा शुरू की है। इसमें प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयन किया गया है। टू वे कम्यूनिकेशन के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों को नियुक्त किया गया है यह शासकीय स्कूल के ही शिक्षक हैं जो अपना नियमित कक्षाओं के बाद यहां बच्चों को पढ़ा रहे हैं यही नहीं इनमें कुछ अधिकारी और इंजीनियरिंग काॅलेज के विद्यार्थी शिक्षक के बतौर शामिल हैं।यह कोचिंग कलेक्टोरेट के मल्टीलेवल पार्किंग में स्थित स्टूडियो से संचालित किया जाता है। ब्लाॅकों के विभिन्न स्कूलों में छात्र-छात्राएं जुड़कर ऑनलाइन कोचिंग सेंटर का लाभ ले रहे है। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने इन्हीं शिक्षकों की बैठक ली और कहा कि इस आॅनलाइन कोचिंग सेंटर का उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना नहीं है, बल्कि पूरे समाज को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना भी है। इस पहल से न केवल छात्रों की सफलता में वृद्धि होगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की शिक्षा प्रणाली में भी सुधार आएगा।गौरतलब है कि ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ होने के बाद कलेक्टोरेट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के स्टूडियो का कलेक्टर ने निरीक्षण किया और ऑनलाइन कोचिंग से जुड़कर छात्रों से फीडबैक लेने के साथ-साथ उनका उत्साहवर्धन भी किया। साथ ही छात्रों को अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी। कलेक्टर ने इस पहल से अधिक से अधिक छात्रों को जुड़ने का आग्रह किया है और पालकों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित करने को कहा है।लगभग 1500 बच्चे कर रहे आॅनलाइन पढ़ाईकोचिंग के लिए कलेक्टोरेट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में स्टूडियो का निर्माण किया गया है। जहां से विशेषज्ञ शिक्षक आॅनलाइन क्लास से जुड़कर बच्चों को पढ़ाते है। जिले के 20 स्कूलों में जिला प्रशासन द्वारा विशेष क्लास की व्यवस्था की गई है। जहां प्रतिदिन शाम 3 बजे से जुड़ते हैं और शाम 5 बजे तक पढ़ाई कराई जाती है। वर्तमान में लगभग 1500 से अधिक बच्चे आॅनलाइन कक्षा से जुड़कर पढ़ाई कर रहे हैं। कलेक्टर सहित जिला स्तरीय अफसर इन बच्चों से स्वयं जाकर मुलाकात करेंगे और मोटिवेट भी करेंगे।20 स्कूलों में हो रहा संचालनजिले के 20 स्कूलों में कोचिंग सेंटर को संचालित किया जा रहा हैं। इनमें जेआर दानी कन्या विद्यालय रायपुर, स्वामी आत्मानंद स्कूल लालपुर, शासकीय उमा विद्यालय माढर,स्वामी आत्मानंद स्कूल कूरा,शासकीय उमा विद्यालय चांपाझार चंपारण,शाकीय उमा विद्यालय राखी, शासकीय उमा विद्यालय कनकी तिल्दा,शासकीय उमा विद्यालय रायखेडा,पं आरडी तिवारी विद्यालय आमापारा,स्वामी आत्मानंद स्कूल माना, बिन्नीबाई सोनकर स्कूल भाठागांव,स्वामी आत्मानंद स्कूल मोवा,प्रियदर्शनी स्कूल नेवरा,भरत देंवागन स्कूल खरोरा, अरूद्वती देवी विद्यालय आंरग,मातृसदन स्कूल मंदिर हसौद, स्वामी आत्मानंद स्कूल समोदा,हरिहर स्कूल गोबरा नवापारा,स्वामी आत्मानंद स्कूल खोरपा अभनपुर,स्वामी आत्मानंद स्कूल अभनपुर शामिल हैं।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत शासन की बहुत ही महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) किफायती आवास का आबंटन किया जाना है। इसके लिए नगर निगम भिलाई के अच्छे लोकेशन पर सर्व सुविधा युक्त फ्लैट बन रहा है। चयनित स्थान जैसे सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया भिलाई (3.06 लाख), अविनाश मेट्रोपाॅलिश जुनवानी कोहका (3.06 लाख), कृष्णा इंजी. कालेज के पीछे खम्हरिया (3.20 लाख), एनार स्टेट खम्हरिया (3.29 लाख), ग्रीनवेली खम्हरिया, माइल स्टोन जुनवानी में निर्मित/निर्माणाधीन आवासों में मोर मकान मोर आस घटक अंतर्गत वर्ष 2022-23 में जो आवेदक विधिवत आवेदन प्रस्तुत किये है। उनका पात्र सूची में नाम स्वीकृत किया गया है, जिसे निगम के नोटिस बोर्ड में चस्पा किया गया है।पात्र हितग्राही जिनको सूचित किया गया वे निगम मुख्य कार्यालय के आवास योजना के काउंटर नं. 16 में उपस्थित होकर 10 प्रतिशत अंशदान की राशि जमा अनिवार्य रूप से करें। साथ ही राशि जमा करने पश्चात सूचना पत्र की रसीद भी दी जायेगी। जिसे लेकर लाॅटरी में उपस्थित होकर आवास आबंटन में शामिल होकर अपना मकान प्राप्त कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभारी अधिकारी विद्याधर देवांगन से कक्ष क्रमांक 16 मुख्य कार्यालय नगर पालिक निगम भिलाई में आकर संपर्क कर सकते है।
- बिलासपुर /ग्रामोद्योग हाथकरघा विभाग द्वारा तीजा-पोला के अवसर में कोसा एवं कॉटन ऑफ छत्तीसगढ़ हाथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी आयोजन आज से राघवेन्द्र राव सभा भवन में शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शिल्पि संघ रायपुर के अध्यक्ष श्री विशालराम देवांगन नेे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण करते हुये दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभांरभ किया गया। मुख्य अतिथि ने प्रत्येक स्टाल पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के हाथकरघा, हस्तशिल्प एवं खादी की कलाकृति का अवलोकन किया। उनके द्वारा प्रदर्शनी में प्रदर्शित उक्त कलाकृति की सराहना की गयी।प्रदर्शनी के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हाथकरघा बुनकरों, हस्तशिल्प कारीगर एवं खादी उत्पाद को विपणन हेतु उचित माध्यम उपलब्ध कराना, बुनकरों के बुनाई एवं हस्तशिल्प कला को आम नागरिक तक सीधे पहुचाना है तथा उपभोक्ता के माध्यम से नित नवीन डिजाईनों के विकास हेतु सुझाव प्राप्त करना। प्रदर्शनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय हाथकरघा वस्त्र उत्पाद, हस्तशिल्प कलाकृति तथा खादी वस्त्र को एक ही छत के नीचे आम उपभोक्ता तक सीधे पहुचना, बुनकरों, हस्तकला के कारीगीर, खादी वस्त्र उत्पादक के लिए नियमित रोजगार के अवसर में वृद्धि करना। छत्तीसगढ़ में हाथकरघा पर वस्त्र उत्पादन महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। और कई हूरनमंद महिलाये बुनकरी के माध्यम से अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो रही है।उक्त प्रदर्शनी में कोसा एवं सूती उत्पादक क्षेत्र जैसे रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, चन्द्रपुर, छुरी, सिवनी, रामाटोला, लोफन्दी, भिलाईगढ़ एवं सोमाझिटिया के 28 बुनकर समिति के 30 प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ बिलासा हैण्डलूम रायपुर, 04 हस्तशिल्प के प्रतिनिधि एवं खादी ग्रामोद्योग द्वारा भाग लिया गया है। उनके द्वारा आकर्षक कोसा एवं कॉटन वस्त्र जैसे उत्कृष्ट कलात्मक कोसा साडियॉ, कोसा मलमल, कोसा ड्रेस मटेरियल, कोसा सलवार सूट, कोसा बाफ्ता, सूती साडियॉ, कॉटन शुटिंग, शर्टिग, दुपट्टा, बेड-शीट, बेड-कव्हर, पिलो-कव्हर, टॉवेल, नेपकीन, गमछा आदि का प्रदर्शन किया गया है। शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित प्रदर्शनी के नोडल अधिकरी, उपसंचालक हाथरकघा श्री डोमूदास धकाते द्वारा अवगत कराया गया की उक्त प्रदर्शनी दिनांक 29 अगस्त से 05 सितम्बर 2024 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक खूली रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि प्रदर्शनी में उपस्थित होकर छत्तीसगढ़ प्रदेश की बुनाई कला, हस्तशिल्प एवं खादी वस्त्र उत्पाद का अवलोकन कर प्रोत्साहित करें।
- बिलासपुर।, जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 30 अगस्त दोपहर 12.30 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।बैठक में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जानकारी एवं समीक्षा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग क्रं. 01 एवं 02 ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत निर्माण कार्याें की जानकारी एवं समीक्षा, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, क्रेडा विभाग, बीज निगम के अंतर्गत सभी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी एवं समीक्षा, शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, समग्र शिक्षा विभाग अंतर्गत योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, जिला व्यापान उद्योग एवं खादीग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत लक्ष्य एवं योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, वन विभाग, वन विकास निगम एवं सामाजिक वानिकी द्वारा चल रहे कार्यो की जानकारी एवं समीक्षा, समाज कल्याण एवं जिला पुनर्वास विभाग की जानकारी एवं समीक्षा, रीपा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना तहत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, स्वच्छ भारत योजना की जानकारी एवं समीक्षा एवं अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषय पर चर्चा की जाएगी।
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-आवक बढ़ने से किसान रोहित के जीवन में आई खुशहाली
बिलासपुर /शासन द्वारा मनरेगा योजना के तहत कराये जा रहे कार्याें से ग्रामीण अंचलों में विकास की बयार बहने लगी है। इन कामों को होने से ग्रामीणों का जीवन तेजी से बदल रहा है। उनके जीवन में खुशहाली आ गई है। इन्ही में किसान श्री रोहित भी शामिल है। उनका अपने बंजर भूमि में फिर से खेती करने का सपरा पूरा हुआ है। वे मनरेगा योजना से लाभान्वित होकर भूमि सुधार कर अपने खेती-किसानी बिना किसी परेशानी के कर रहे है।तखतपुर ब्लॉक के ग्राम काठाकोनी निवासी श्री रोहित बताते है कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नही थी। रोहित के पास एक भूमि थी जो पूरे तरीके से समतल नहीं थी जिसके कारण वे जमीन पर खेती किसानी का काम नहीं कर पा रहे थे और धीरे-धीरे भूमि बंजर हो गई। बंजर भूमि होने से उनके खेती किसानी के कार्याे में काफी कठिनाईयां आने लगी। फसलों की पैदावार नहीं होने से उनके आमदनी में भी गिरावट आना शुरू हो गया। आमदनी अच्छी नहीं होने के चलते रोहित को अपने परिवार चलाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। श्री रोहित को ग्राम पंचायत से जानकारी मिली की मनरेगा योजना के तहत भूमि सुधार कार्य हेतु शासन से सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने बिना देरी किये अपने बंजर भूमि के सुधार कार्य का प्रस्ताव ग्राम सभा में रखा। ग्राम सभा मंे प्रस्ताव अनुमोदित होने के बाद बंजर भूमि का तकनीकी सहायक द्वारा निरीक्षण कर प्राक्लन तैयार किया गया और आगे की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए जिला कार्यालय भेजा गया। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बंजर भूमि में सुधार कार्य हुआ।रोहित बताते है कि अब उनकी बंजर भूमि में अब हरियाली दिखाई देने लगी है। फसल लगाने में सुविधा हो रही है और उनके आय के साधन भी बढ़ने लगें है। अब उनकी भूमि का उपयोग अच्छे से हो रहा है। श्री रोहित ने शासन को धन्यवाद देते हुए आभार जताया। -
बिलासपुर /मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम मल्हार में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के लिए एक दिन का कृषक प्रशिक्षण एवं खेतों में भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषकों को मधुमक्खी पालन एवं जैविक खेती की बारीकियों से सभी जानकारी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरूण कुमार त्रिपाठी द्वारा विस्तार से दी गई। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला ने उद्यानिकी फसलों की जैविक कास्त तकनीकी पर चर्चा किया। किसानों से मशरूम उत्पादन एवं उसके प्रसंस्करण और पोषक तत्वों के महत्व के बारे में वैज्ञानिक डॉ. निवेदिता त्रिपाठी ने विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कीट वैज्ञानिक स्वाति शर्मा द्वारा कृषकों से मधुमक्खी पालन की संभावनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए खरीफ फसलों पर लगने वाले कीटों की पहचान एवं नियंत्रण के बारे में, जैविक विधियों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कृषक मित्र अशोक जायसवाल, कृषक यदुनदन प्रसाद वर्मा सहित आसपास के गांवों के जैविक खेती करने वाले किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में आकाशवाणी से श्री महेन्द्र साहू एवं हरीश मांडवा भी उपस्थित थे।
- -केन्द्र सरकार की पहल से न केवल किसानों की आय में होगी वृद्धि, बल्कि कृषि उत्पादन में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूतीरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के विस्तार को मंजूरी दी गई है। इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हाल ही में केन्द्रीय मंत्री मंडल द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के विस्तार को मंजूरी दी है, जिससे कृषि परियोजनाओं को सुदृढ़ करने और कृषि उत्पादकता में वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा सकेगा। यह निर्णय किसानों के हित में लिया गया है, जो देश और प्रदेश दोनों में कृषि क्षेत्र के व्यापक विकास में सहायक होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस पहल से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि उत्पादन में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम मोदी सरकार की कृषि अवसंरचना के विकास के माध्यम से किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। file photo
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-स्थानीय भाषा में कंटेंट को प्रोत्साहित करने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी होेंगे सृजित
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख शहरों अंबिकापुर, जगदलपुर और कोरबा में निजी एफएम रेडियो स्टेशन शुरू करने की मंजूरी के महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल न केवल स्थानीय भाषा में कंटेंट को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस नए एफएम रेडियो स्टेशन के आगमन से स्थानीय कलाकारों, संगीतकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी मातृभाषा में अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच मिलेगा। यह कदम न केवल सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देगा, बल्कि आर्थिक रूप से भी लोगों को सशक्त करेगा।
- -लैब के संचालन हेतु नोडल शिक्षकों का 02 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्नबालोद,। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने शासकीय स्कूलों में संचालित अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में प्रकाश डालते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में बालोद जिले में अटल टिंकरिंग लैब की संख्या सर्वाधिक है। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जिले में सभी अटल टिंकरिंग लैब को क्रियाशील रखना अत्यंत आवश्यक है। श्री चन्द्रवाल आज बालोद जिले के शासकीय शालाओं में अटल टिंकरिंग लैब के संचालन हेतु नियुक्त किए गए नोडल शिक्षकों की 02 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि यूनिसेफ और समग्र शिक्षा के सहयोग से 27 एवं 28 अगस्त को शासकीय कन्या शाला बालोद में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार 28 अगस्त को समापन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने आशा व्यक्त किया कि इस 02 दिवसीय प्रशिक्षण के उपरांत जिले में अटल टिंकरिंग लैब का समुचित संचालन सुनिश्चित हो सकेगा। श्री चन्द्रवाल ने प्रशिक्षण के दौरान नोडल शिक्षकों से मिले फीडबैक की भी सराहना की। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री पूजा बंसल ने अटल टिंकरिंग लैब के कुशल संचालन के संबंध में 02 दिवसीय प्रशिक्षण की सराहना की। समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी श्री पीसी मरकले ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।इस अवसर पर प्रशिक्षकों ने अटल टिंकरिंग लैब के कार्यों एवं उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से एटीएल प्रभारी शिक्षकों की समस्या-समाधान, डिजाइन थिंकिंग और 21वीं सदी के कौशल में क्षमता निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को स्कूल इनोवेशन मैराथन, इंस्पायर मैराथन और इग्नाइट जैसी आगामी प्रतियोगिताओं के लिए रचनात्मक परियोजनाएँ बनाने में सहायता करना है। इस प्रशिक्षण में कुल 38 शिक्षकों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें समस्या-समाधान, कोडिंग और फिजिकल कंप्यूटिंग में महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई।
- दुर्ग / राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 2024 अंतर्गत जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम 29 अगस्त 2024 को बीआरजे शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन दुर्ग द्वारा आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा छात्राओं एवं शिक्षकों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाते हुए स्वयं भी टैबलेट का सेवन किया। आयोजक डॉ. मनोज दानी सीएमएचओ, डॉ. दिव्या श्रीवास्तव डीएलओ, डॉ. राजेंद्र खंडेलवाल एनसीडी नोडल, संदीप ताम्रकार जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डॉ. रश्मि भोसले, संजीव दुबे मैनेजर अर्बन हेल्थ एवं घनश्याम जोशी व श्रीमती सुमन जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में हुई।कार्यक्रम का शुरुआत सरस्वती पूजन एवं स्वागत के पश्चात प्राचार्य डॉ. श्रीमती कृष्णा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन में स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क के निवास की जानकारी देते हुए बच्चों को राष्ट्रीय कृमि दिवस का महत्व बताया। तत्पश्चात जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने बताया कि 1 से 19 वर्ष की आयु के छात्र-छात्राएं जो स्कूलों और आंगनबाड़ी में है। इनकोे क्रिमी मुक्त करते हुए उनके स्वास्थ्य पोषण स्तर शिक्षा की पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं। जिससे बच्चे अधिक से अधिक लाभान्वित हो सके। इसलिए जनजागरूकता कार्यक्रम के तहत अभियान चलाया जा रहा है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने बच्चों के बीच जाकर बेटी सुरक्षा, तिरंगा भोजन, एनीमिया, नशा मुक्ति, गुड टच बेड टच एवं स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा की। बेटियों के आत्म सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। एक छात्रा के सवाल आप आईएएस कैसे बने, कलेक्टर ने अनुशासन और समर्पण के साथ निरंतर विद्या अर्जित करते रहने और हर क्षेत्र में अपना बेहतर प्रदर्शन करने, दूरदर्शन पर समाचार और सामान्य ज्ञान का अवलोकन करने हेतु प्रेरित किया। साथ ही कलेक्टर द्वारा पर्यावरण सुरक्षा हेतु एक पेड़ मां के नाम में विद्या का पौधा शाला में रोपित किया। इस प्रकार कार्यक्रम काफी सफल एवं सार्थक रहा साथ ही बच्चों में काफी उत्साह भी रहा।
- दुर्ग / प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं सामग्री की उपलब्धता में सहायता के दृष्टिकोण से प्रत्येक कलस्टर में ’आवास मित्र/समर्पित मानव संसाधन’ के चयन हेतु जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्यालय में 13 सितम्बर 2024 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है।कार्यालय जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी अनुसार आवेदन पत्र स्पीड पोस्ट/पंजीकृत डाक के माध्यम से 13 सितम्बर 2024 तक प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित तिथि उपरांत प्राप्त आवेदन पत्र स्वीकार नही होगा। योजनांतर्गत ’आवास मित्र/समर्पित मानव संसाधन’ के चयन हेतु निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य जानकारी तथा आवेदन पत्र प्रारूप जिला दुर्ग के वेबसाईट https://durg.nic.in से प्राप्त की जा सकती है। अन्य जानकारी जिला पंचायत जनपद पंचायत के सूचना पटल पर चस्पा की गई है।
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दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले में पदस्थ वर्ष 2023 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी श्री एम. भार्गव (भा.प्र.से.) सहायक कलेक्टर दुर्ग को जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु सहायक कलेक्टर श्री भार्गव (भा.प्र.से.) को 02 सितम्बर से 15 सितम्बर 2024 तक दो सप्ताह की अवधि के लिए प्रशिक्षण अभ्यास हेतु जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी में संलग्न किया गया है। इसी प्रकार 23 सितम्बर 2024 से 29 सितम्बर 2024 तक एक सप्ताह की अवधि के लिए तहसील कार्यालय धमधा में संलग्न किया गया है। प्रशिक्षण अवधि में श्री तारसिंह खरे तहसीलदार धमधा द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
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दुर्ग / कलेक्टर एवं दावा निपटान आयुक्त सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर 3 लाख 75 हजार रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तेलगुपारा म.न. 120, टंकी मरोदा भिलाई जिला दुर्ग निवासी अरशदीप की विगत 12 दिसम्बर 2022 को एवं ग्राम बोरीगारका थाना उतई जिला दुर्ग निवासी चंदन कुमार की विगत 12 मई 2022 को ’’टक्कर मारो और भाग जाओ’’ वाहन दुर्घटना के चलते मृत्यु हो गई थी।
उक्त घटना में मृतक अरशदीप के विधिक प्रतिनिधि श्री परमजीत सिंग को प्रतिकर राशि एक लाख 75 हजार रूपए एवं मृतक चंदन कुमार के विधिक प्रतिनिधि श्री धनेश कुमार को कलेक्टर द्वारा दो लाख रूपए प्रतिकर के रूप में आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। - -छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर हुई चर्चारायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत को पहला वन-डे क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलाने वाले कप्तान तथा प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कपिल देव से सौजन्य मुलाकात की। नई दिल्ली के छत्तीसगढ़ सदन में हुई मुलाकात के दौरान दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव इन दिनों नई दिल्ली के प्रवास पर हैं। उन्होंने विगत 27 अगस्त को नई दिल्ली के द्वारका स्थित राज्य के ट्राइबल यूथ हॉस्टल का निरीक्षण कर वहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से मुलाकात की थी। श्री साव ने इस दौरान उनसे चर्चा कर उनकी पढ़ाई-लिखाई और हॉस्टल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली थी। उन्होंने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ निवास का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया था। उप मुख्यमंत्री श्री साव अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य से जुड़े विषयों पर लगातार चर्चा कर रहे हैं।
- रायपुर ।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय तथा डीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति के सामान्य परिषद की बैठक हुई। चिकित्सा महाविद्यालय के कॉलेज काउंसिल हाल में आयोजित इस बैठक में उन्होंने मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल में मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक उपकरण एवं मानव संसाधन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश उच्च अधिकारियों को दिए।सामान्य परिषद की बैठक में एन. एम. सी. के मापदण्ड के अनुसार महाविद्यालय के लेक्चर हाल के उन्नयन, एनाटॉमी विभाग में मृत शरीर में एम्बाल्मिंग कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रति शव एक निश्चित राशि मानदेय स्वरूप दिये जाने एवं अम्बेडकर अस्पताल के पेइंग वार्ड हेतु आवश्यकतानुसार ए. सी. क्रय करने की मंजूरी प्रदान की। रायपुर लोकसभा के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू और श्री पुरेन्दर मिश्रा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती किरण कौशल, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. यू. एस. पैंकरा, सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू और रायपुर संभागायुक्त आयुक्त श्री महादेव कावरे भी इस बैठक में शामिल हुए।स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय और अम्बेडकर अस्पताल के प्रबंध कार्यकारिणी समिति की विगत मीटिंग एवं वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रावधानित बजट के विरुद्ध किये गये वास्तविक व्यय की जानकारी तथा 2024-25 हेतु प्रस्तावित बजट प्रावधानों का मदवार अनुमोदन किया। उन्होंने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने एवं स्वास्थ्य सुविधा के उन्नयन की दिशा में जहां-जहां आवश्यक हो वहां स्वशासी समिति की बजट का, बजट प्रावधानों के अनुसार उपयोग करने के निर्देश दिए।बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय में वर्तमान में स्थित लाईब्रेरी को अपग्रेड करने, सोलर पैनल लगाने, चिकित्सा छात्रों के हॉस्टल में जिम, इंडोर खेलों की सुविधा बढ़ाने, फायर फाइटिंग के समय-समय पर स्थानीय स्तर पर ऑडिट कराने, लगभग 200 लोगों के बैठने के लिए सर्वसुविधायुक्त हाल, छात्रों के सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बजट बढ़ाने एवं सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के विभिन्न विभागों के मशीनों से होने वाली जांच हेतु जांच शुल्क निर्धारण, उच्च दर के इम्प्लांट के देयकों के भुगतान, स्वशासी बजट के अंतर्गत कलेक्टर दर पर डेªसर थियेटर, डायलिसिस टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट एवं अन्य आवश्यक तकनीकी कर्मचारी रखने की अनुमति प्रदान की। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम हेतु अतिशीघ्र नवीन वर्चुअल पोस्टमार्टम मशीन क्रय करने तथा सी.टी. स्कैन एवं एम. आर. आई. जांच हेतु प्रतीक्षा सूची वाले मरीजों की जांच डी. के. एस. हॉस्पिटल में कराने हेतु रूपरेखा बनाने के संबंध में चर्चा की।स्वास्थ्य मंत्री ने कार्डियक सर्जरी विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी के लिए आवश्यक मानव संसाधन की भर्ती, रीएजेंट एवं अन्य सुविधा अविलंब प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साथ उन्होंने चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए भोजन प्रदाय करने के इच्छुक संस्थाओं के लिए स्थान चिंहित कर आवश्यक व्यवस्था बनाने की बात कही है।सामान्य परिषद की बैठक में लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अम्बेडकर अस्पताल के लिए स्वशासी मद से दो नग एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस क्रय करने तथा कैंसर विभाग में स्थापित पेट स्कैन एवं गामा कैमरा से कैंसर जांच की सुविधा मरीजों के लिए अति शीघ्र प्रारंभ करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में डीकेएस अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन गैस प्लांट, मॉडर्न हेल्थ केयर की टेन्डर अवधि बढ़ाने के संबंध में तथा वित्तीय वर्ष 2023 से 2024 में स्वशासी मद से किये गये व्यय की कार्योत्तर स्वीकृति के संबंध में चर्चा की गई।
- -06 जनवरी 2025 को किया जाएगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशनरायपुर /भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के नागरिकों का मतदाता सूची में नाम पंजीयन, विलोपन, स्थानातंरण एवं प्रविष्टि में किसी भी प्रकार के आवश्यक संशोधन हेतु फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम अर्हता तिथि 01 जनवरी 2025 जारी कर दिया गया है।आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 29 अक्टूबर, 2024 (मंगलवार) को प्रदेश के सभी मतदान केन्द्रों में मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जावेगा और इसी के साथ दावा/आपत्ति प्राप्त करने की कार्यवाही प्रारंभ हो जावेगी। सभी नागरिक दिनांक 28 नवम्बर, 2024 (गुरुवार) तक दावा/आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इस दौरान दिनांक 09 नवम्बर 2024 (शनिवार), 10 नवम्बर 2024 (रविवार) एवं 16 नवम्बर 2024 (शनिवार), 17 नवम्बर 2024 (रविवार) को समस्त मतदान केन्द्रों में विशेष शिविर का भी आयोजन किया जावेगा।इस अवधि में प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों का निराकरण पूर्ण कर दिनाँक 06 जनवरी, 2025 (सोमवार) को निर्वाचक नामावली का अन्तिम प्रकाशन किया जायेगा। आयोग के निर्देशानुसार प्रारंभिक प्रकाशन दिनांक 29 अक्टूबर, 2024 (मंगलवार) एवं अंतिम प्रकाशन दिनांक 06 जनवरी, 2025 (सोमवार) को सभी मतदान केन्द्रों की मतदाता सूची का प्रकाशन कार्यालय के वेबसाईट https://ceochhattisgarh.nic.in पर भी किया जावेगा ।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य अंतर्गत सभी बूथ लेवल अधिकारियों के द्वारा दिनांक 20 अगस्त, 2024 से 18 अक्टूबर, 2024 तक H2H Survey (घर-घर सत्यापन) की कार्यवाही पूर्ण की जावेगी तथा Shiffed/मृत मतदाताओं हेतु आवश्यकतानुसार फार्म-8/ फार्म-7 भरने की कार्यवाही पूर्ण की जावेगी ।इसके अलावा DSE (Demographically Similar Entries) के माध्यम से डुप्लीकेट मतदाताओं के लिये फार्म-7 भरने की कार्यवाही भी घर-घर सर्वे के दौरान की जावेगी ।ऐसे युवा नागरिक, जो दिनाँक 01 जनवरी 2025 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे है, वे प्ररूप-6 में आवेदन प्रस्तुत कर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते है। इस दौरान मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपन हेतु प्ररूप-7 में आवेदन प्राप्त किया जावेगा तथा त्रुटिपूर्ण नामों के सुधार, अन्य आवश्यक संशोधन एवं किसी भी प्रकार के स्थानातंरण हेतु प्ररूप 8 में आवेदन प्राप्त किया जावेगा। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार दिनांक 01 जनवरी के अतिरिक्त दिनांक 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर, 2025 की स्थिति में भी 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा नागरिक निर्धारित प्ररूप 6 में अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने हेतु अग्रिम आवेदन कर सकेंगे ।आवेदन करने हेतु आम नागरिक अपने मतदान केन्द्र में बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से निर्धारित फार्म प्राप्त कर सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा नागरिकों के लिये ‘वोटर हेल्पलाइन एप के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा प्रदान की गई है। यह एप्लीकेशन एन्ड्रायड एवं iOS दोनों प्लेटफार्म्स पर डाउनलोड हेतु उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त मतदाता अपना नाम जोडने, संशोधन हेतु वेबसाइट ttps://voters-eci.gov.in के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।निर्वाचक नामावली में पंजीयन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा शिकायत हेतु राज्य स्तर पर स्थापित कॉल सेन्टर 180023311950 से संपर्क स्थापित किया जा सकता है।प्रदेश की मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाये जाने हेतु मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ द्वारा इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में सभी नागरिकों से सहयोग एवं अधिक से अधिक ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है।
- -अभियान के रूप में चलाने का किया आव्हानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के जे. आर. दानी गर्ल्स स्कूल में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं को एलबेंडाजोल की गोली खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इसे इस दिवस को अभियान के रूप में चलाने का आव्हान करते हुए कहा कि इससे हमारे बच्चे स्वस्थ्य रहेंगे और देश की प्रगति में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्हें इस स्कूल में बेटियों के मध्य आकर बड़ी खुशी हो रही है। आज की बेटियां हर क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन कर रही हैं। यह हमारा भविष्य हैं। राष्ट्रीय कृमि दिवस का महत्व बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृमि संक्रमण एक आम समस्या है जो अनुमानित रूप से 1-19 वर्ष की आयु के बच्चों को प्रभावित करती है। इस संक्रमण के कारण अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी होती है। अतः इस इस नेशनल डीवार्मिंग डे के अवसर पर बच्चों को अवश्य कृमि की दवा खिलाएं और इस अभियान को जिम्मेदार नागरिक और अभिभावक के तौर पर सफल बनाए।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज के बच्चे कल राष्ट्र के भविष्य है। इसलिए प्रदेश में 1 से 19 साल का कोई भी बच्चा दवा खाने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ्य भारत के सपने को लेकर यह अभियान प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। इसमें कोई भी बच्चा दवा खाने से वंचित न रहे इसके लिए सभी प्रकार की तैयारी कर ली गई है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि जिले में 9 लाख 70 हजार 687 बच्चों को दवा खिलाना तय किया गया है, हम सभी मिलकर एक अभियान चलाते हुए इसे प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे निःशुल्क कृमि की दवा को 1-19 वर्ष के बच्चों को अवश्य खिलाये और कृमि संक्रमण से बचाये। कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
- -बकरीपालन कर कुलदीप बना लखपतिरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार, गांव, गरीब और किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं के तहत मुंगेली जिला के ग्राम सोढ़ार के पशुपालक श्री कुलदीप सिंह ठाकुर ने पशुधन मिशन योजना का लाभ उठाते हुए अपनी समृद्धि की राह तय की।कुलदीप, जो पहले सिर्फ खेती-किसानी कर अपना गुजारा कर रहे थे, को पशु चिकित्सा विभाग की योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत अनुदान प्राप्त कर 10 देशी बकरी और 1 बीटल बकरा खरीदा और बकरीपालन का कार्य शुरू किया। आज उनके पास 50 बकरी और 10 उन्नत नस्ल की बकरियां हैं, जिनमें बीटल, बारबेरी, जमुनापारी, तोताफरी, और ब्लैक बेंगाल जैसी नस्लें शामिल हैं।किसान कुलदीप ने बताया कि डेयरी में बकरी से 10 लीटर दूध निकाला जाता है, जिसे 150 रूपए प्रतिलीटर की दर से बाजार में बेचकर वे प्रतिदिन 1500 रूपए कमा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बकरियों को घर में हरी पत्ती, हरा बरसीम, चना, तिवरा, मसूर व अरहर का भूसा खिलाकर पाला जा सकता है, यह रबी के मौसम में आसानी से प्राप्त हो जाता है। कुलदीप ने बताया कि प्रतिवर्ष चारा के लिए लगभग 03 लाख रूपए खर्च होता है। वहीं लगभग 07 से 08 लाख रूपए की आमदनी हो जाती है। उन्होंने बताया कि बकरा के विक्रय के लिए बाजार में जाने की आवश्यकता नहीं होती। लोग यहीं से आकर बकरा खरीदते हैं।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री राहुल देव ने ग्राम सोढ़ार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसान श्री कुलदीप सिंह ठाकुर के डेयरी का अवलोकन किया था और उनकी इस प्रगति की सराहना की तथा उनका हौंसला बढ़ाते हुए व्यवसाय को आगे भी मदद देने की बात कही। किसान कुलदीप ने शासन की इस पहल एवं योजना की तारीफ की और खुशी व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि शासन के विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प का सीधा लाभ हम जैसे गांव, गरीब, आम किसानों को मिल रहा है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माणाधीन म्युजियम का किया निरीक्षण-छत्तीसगढ़ के वीर आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित है यह संग्रहालय-नवा रायपुर में 45 करोड़ रूपए की लागत से लगभग 10 एकड़ भूमि पर बना रहा है ‘शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय‘-आदिवासी संस्कृति और सभ्यता का जीवंत केन्द्र बनकर उभरेगा संग्रहालयरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप बन रहे ‘शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय‘ का निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ के आदिवासी वीर स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित इस संग्रहालय का निर्माण 45 करोड़ रूपए की लागत से लगभग 10 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के साथ आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम भी कार्य की प्रगति देखने पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने संग्रहालय में मूर्तियों, अन्य कलाकृतियों तथा विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया। उन्होंने मूर्तियों का निर्माण कर रहे शिल्पकारों से चर्चा कर उनकी कला के बारे में जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि ट्रायबल म्युजियम छत्तीसगढ़ के जनजातीय गौरव का एक प्रमुख केन्द्र बनेगा। छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के देश प्रेम की भावना, उनके शौर्य पराक्रम और बलिदानों पर केन्द्रित यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को सहेजने का अनुपम प्रयास है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को संग्रहालय के कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास को जानने का मौका मिलेगा। यह संग्रहालय आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को जानने मे रूचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र होगा। यहां छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह सहित राज्य के सभी जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों को और अधिक करीब से जानने का मौका मिलेगा।आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि इस संग्रहालय में 15 गैलरियां निर्मित की जारी हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपाल-पट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी-चो-रिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह आदि को जीवंत मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ राज्य में रहने वाली जनजातीयों की जीवनशैली, पहनावें, आभूषण, संगीत, वाद्ययंत्र, आखेट में उपयोग किए जाने वाले हथियारों सहित दैनिक जनजीवन में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं को उनके वास्तविक परिवेश में प्रदर्शित किया जाएगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, आयुक्त आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्री पी.एस.एल्मा भी उपस्थित थे।शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी राज्य संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह की फाइबर प्रतिमा, उनका स्मारक, फांसी स्थल, एक छोटी झील और लैंडस्कैप का निर्माण किया जाएगा। संग्रहालय में वीर आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियां स्थापित की जाएगी। रिसेप्शन, सोविनियर शॉप, फूड कोर्ट, मल्टीमीडिया रूम, शौचालय, पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परिसर की छत पर सोलर सिस्टम लगाया जाएगा तथा संग्रहालय के मुख्य प्रवेश द्वार को सुन्दर जनजातीय आर्ट वर्क से अलंकृत किया जाएगा। इस संग्रहालय में मूर्तियां और कलात्मक जनजातीय कलाकृतियां तैयार करने के लिए क्यूरेटर श्री प्रबल घोष के नेतृत्व में बड़ोदरा, कोलकाता, ओड़िसा, हैदराबाद, दिल्ली, झारखण्ड और बिहार से आये शिल्पकार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में लाईब्रेरी, छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं के मॉडलों का अवलोकन भी किया। लाईब्रेरी के अवलोकन के दौरान आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने छत्तीसगढ़ जनजातीय लोक वा़द्य संस्कृति पर केन्द्रित पुस्तक ‘आदि नाद‘ में छपे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन किया। स्कैन करने पर वाद्ययंत्र की धुन सुनाई देती है।[20:10, 29/08/2024] +91 98266 55536: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन
- -मनेंद्रगढ़ वनमण्डल में शुरू हुआ “महुआ बचाओ अभियान”-महुआ बचाओ अभियान अंतर्गत मनेन्द्रगढ़ में लगाए गए 30,000 पौधेरायपुर /बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में आदिवासी अंचल के लिए महुआ का पेड़ विशेष महत्व है। महुआ के मौसम में गाँव की गलियाँ खाली होती है। सभी ग्रामीण महुआ के फूल बीनने में व्यस्त रहते हैं। महुआ का पेड़ प्रकृति का बहुमूल्य उपहार है। भारत में इसे कल्पवृक्ष के नाम से भी जाना जाता है। यह पेड़ आदिवासियों के लिए आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक रूप से महत्व रखता है। महुआ का पेड़ भारत के उत्तर, दक्षिण और मध्य के 13 राज्यो में पाया जाता है। महुआ के फूल, फल, बीज, छाल और पत्ती सभी उपयोगी हैं। यह आदिवासियों की आय का एक प्रमुख स्त्रोत है। पिछले कुछ समय से महुआ के उत्पादन में गिरावट आयी है और महुआ के नए पेड़ नहीं उग रहे हैं। जिस कारण महुआ पेड़ों की संख्या घट रही है।पुनरुत्पादन न होने से घटी महुआ पेड़ों की संख्यामहुआ पेड़ो की घटती संख्या चिंता का विषय है। सबसे बड़ी समस्या इनके पुनरुत्पादन की है। जंगल में तो महुआ पर्याप्त है पर आदिवासियो के द्वारा अधिकतर महुआ का संग्रहण गांव की ख़ाली पड़ी ज़मीन और खेत की मेड़ो पर लगे महुआ से होती है। अगर आप बस्तर और सरगुज़ा के किसी गाँव में जाएं तो उनके खेतों के पार और ख़ाली ज़मीन में सिर्फ़ बड़े महुआ के पेड़ ही बचे दिखते हैं। छोटे और मध्यम आयु के पेड़ों की संख्या लगभग नगण्य होती है। ग्रामीणों के द्वारा महुआ संग्रहण से पहले ज़मीन साफ़ करने हेतु आग लगाई जाती है इस कारण महुआ के पौधे जीवित नहीं रह पाते। ग्रामीण महुआ के सभी बीज संग्रहीत कर लेते हैं। महुआ पेड़ की औसत आयु 60 वर्ष है। अगर जंगल के बाहर इनके पुनरुत्पादन पर ध्यान नहीं दिया गया तो ये जल्द ही ख़त्म हो जाएँगे। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर महुआ बचाओ अभियान की शुरुआत की गई है।प्रधानमंत्री मोदी एवं सीएम विष्णुदेव साय की मुहीम लाई रंगप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गए विशेष अभियान “एक पेड़ मां के नाम” ने राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा दी है। यह अभियान छत्तीसगढ़ राज्य में एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी क्रम में वन मंडल मनेन्द्रगढ़ में वृहद स्तर पर महुआ बचाओ अभियान की शुरुआत की है। राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर महुआ पेड़ों की संख्या को बढ़ाने एवं संरक्षण की कवायद शुरू की गई है।विधायक रेणुका सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ महुआ बचाओ अभियान कार्यक्रममहुआ बचाओ अभियान एवं वन महोत्सव वर्ष 2024 के अंतर्गत ग्राम-कछौड़ तुर्रा रोड पर भारत भवन के पास सफल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भरतपुर-सोनहत विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासी महुआ वृक्षों के बारे में जागरूक हुए एवं महुआ के नए पौधों को लगाने एवं उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित हुए।30,000 से अधिक महुआ पौधे लगाए जा चुके हैंमनेन्द्रगढ़ वन क्षेत्र में गांव के बाहर खाली पड़ी जमीन और खेतों में महुआ के पौधे लगाए जा रहे हैं। जिनकी सुरक्षा ट्री गार्ड द्वारा की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत अभी तक 30,000 महुआ के पौधे लगाए जा चुके हैं। पौधों को लगाए जाने के साथ ही पौधे की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को ट्री गार्ड भी प्रदान किये जा रहा है। महुआ के पौधे लगने से ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है। ग्रामीण आगे आकर महुआ पौधरोपण में अपना योगदान दे रहे हैं।
- - जिला बालोद में देवांगन समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मंत्री श्री देवांगनरायपुर / प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विकास में अन्य समाज की भांति देवांगन समाज भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। देवांगन समाज व्यापार-व्यवसाय में आगे आकर प्रदेश के विकास में सहभागी बन रहा है। बालोद स्थित टाऊन हॉल में जिला देवांगन समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन शामिल हुए। मंत्री श्री देवांगन के आगमन पर समाज के पदाधिकारियों ने गर्म जोशी के साथ स्वागत किया। तत्पश्चात माता परमेश्वरी की पूजा अर्चना कर मंत्री श्री देवांगन ने जय देवांगन-जय महाजन का उद्घोष किया।मंत्री श्री देवांगन ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी, उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा की आप समाज के प्रमुख है, मंत्री श्री देवांगन ने समाज को पूरे प्रदेश में एकजुट करने का संदेश दिया। साथ ही कहा कि हम सभी अलग अलग जगहों पर काम करते हैं। समाज को और भी बेहतर दिशा देते काम करें। समाज को प्रगतिपथ से प्रगतिशील बनाने के लिए प्रयास करें।कार्यक्रम के दौरान देवांगन समाज के जिला बालोद के अध्यक्ष श्री केदार देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि ये समूचे देवांगन समाज की गर्व की बात है कि पहली बार हमारे समाज से श्री लखन लाल देवांगन को मुख्यमंत्री ने मंत्रीमंडल में प्रमुख दायित्व दिया है, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। समाज के अध्यक्ष दीपक देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज सभी हम पदाधिकारियों ने शपथ ली है उसके अनुरूप कार्य करेंगे। समाज की संस्कृति को आगे बढ़ाने के साथ साथ समाज को नई दिशा देने का प्रयास करेंगे।इस अवसर पर जिला अध्यक्ष पवन साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, देवांगन नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश यादव, देवांगन कल्याण समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देवांगन पोषणलाल देवांगन, वेदलाल देवांगन, युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मनोहरलाल देवांगन समेत अधिक संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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