- Home
- छत्तीसगढ़
- -शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए शस्त्र जमा करने के आदेश जारीदंतेवाड़ा, । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के निर्देशानुसार जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आयोग द्वारा जारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं पंच पदों के रिक्त पदों हेतु उप निर्वाचन कराया जाएगा। मतदान 01 जून 2026, सोमवार को संपन्न होगा। निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के ग्राम पंचायत फूलनार, केशापुर एवं मेटापाल-1, जनपद पंचायत गीदम के तुमरीगुण्डा, चेरपाल, झोडियाबाडम एवं सियानार, जनपद पंचायत कटेकल्याण के टेटम एवं मारजूम तथा जनपद पंचायत कुआकोंडा के अरनपुर, मदाड़ी, कडमपाल, जबेली एवं पालनार ग्राम पंचायतों में उप निर्वाचन कराया जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया 11 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है।जिला प्रशासन ने बताया कि निर्वाचन कार्यवाही को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित पंचायत क्षेत्रों के शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को आदेश जारी किए गए हैं। आयुध अधिनियम 1959 की धारा 17 (2) एवं 17 (4) के तहत जारी आदेशानुसार सभी लाइसेंसधारियों को आदेश जारी होने के 48 घंटे के भीतर अपने शस्त्र एवं अनुज्ञप्ति संबंधित थाने में जमा करना होगा। हालांकि ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों, बैंक सुरक्षा गार्डों एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों, जिनके लिए पदीय दायित्वों के निर्वहन हेतु शस्त्र रखना आवश्यक है, उन्हें इस आदेश से मुक्त रखा गया है।
- -केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिया एनक्यूएएस सर्टिफिकेट, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को मिली नई पहचानदंतेवाड़ा । जिले के लिए गौरव का विषय है कि जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, बेहतर प्रबंधन और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की उत्कृष्टता का प्रमाण मानी जा रही है।कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। जिला चिकित्सालय द्वारा बताया गया कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा अस्पताल का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ, संसाधन, दवाइयों की उपलब्धता, उपचार की गुणवत्ता, कार्यकुशलता, स्वच्छता एवं मरीजों की संतुष्टि जैसे विभिन्न बिंदुओं पर गहन निरीक्षण और सर्वे किया गया। सभी मानकों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जिला चिकित्सालय को यह प्रमाणन प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि (एनक्यूएएस) स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुधार के लिए तैयार किया गया एक राष्ट्रीय फ्रेमवर्क है, जिसके माध्यम से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाती हैं। इस प्रमाणन के बाद जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं उन्नत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि जिले में (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेशन के लिए विशेष तैयारी के साथ कार्य किया जा रहा है। आने वाले समय में जिले के 40 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी (एनक्यूएएस) मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रतीक सोनी एवं जिला क्वालिटी सलाहकार अंकित सिंह द्वारा लगातार तकनीकी एवं प्रबंधन स्तर पर तैयारी की जा रही है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अभय प्रताप तोमर ने कहा कि (एनक्यूएएस) प्रमाणन मिलना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सकेगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिला चिकित्सालय के समस्त चिकित्सकों, वार्ड प्रभारियों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ एवं हाउसकीपिंग टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही तकनीकी सहयोग के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेषन एवं यूनिसेफ का आभार व्यक्त किया।
-
- किसी भी प्रकार के भ्रम अथवा अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील
- कलेक्टर ने उपभोक्ता की मांग व खपत अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति बनाये रखने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । जिले में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं पेट्रोल व डीजल पम्पों को यथाशीघ्र स्टॉक की आपूर्ति ऑयल कम्पनियों के डिपो से लगातार की जा रही है। जिले में पेट्रोल व डीजल पम्प की कुल संख्या 130 है। जिले में पेट्रोल का 651 किलोलीटर एवं डीजल का 655 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही वर्तमान में जिले में 5 दिवस की आवश्यकता से अधिक का स्टॉक उपलब्ध है। विगत 2 दिवस में प्रदेश के पेट्रोल व डीजल पम्प के ड्राईआउट होने की अफवाह एवं घबराहट के कारण नागरिकों द्वारा पेट्रोल व डीजल की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है एवं मांग में हुई इस वृद्धि के कारण कृत्रिम अभाव उत्पन्न हुआ है। आम उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वह किसी भ्रम अथवा अफवाह से प्रभावित होकर पैनिक खरीदी अथवा इसका संग्रहण करना प्रारंभ नहीं करें एवं केवल आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल व डीजल वाहनों में रखें।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा तीनों ऑयल कम्पनियों के सेल्स ऑफिसर एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों से पेट्रोल व डीजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति की समीक्षा की गई है। ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता व मांग अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति की जा रही है। कलेक्टर ने ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों को उपभोक्ता की मांग खपत अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति बनाये रखने निर्देशित किया है। पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति से संबंधित शिकायत हेतु कॉल सेन्टर नम्बर 1800-233-3663 या 1967 है। कलेक्टर ने मांग सामान्य होने तक जिले के सभी पेट्रोल पम्पों को 24 घण्टे आपूर्ति के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर के निर्देश पर ऑयल कम्पनियों एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले के पेट्रोल व डीजल पम्पों का निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। जिले के पेट्रोल पम्पों हेतु पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। -
-बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और आस्था का दिखा भव्य संगम
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप शुक्रवार को नारायणपुर जिले के गारंजी में आयोजित पारंपरिक कानाहर्राल पेन करसाद जातरा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोक आस्था छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान है और इसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।त्रिवार्षिक रूप से आयोजित होने वाला यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बस्तर की समृद्ध परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। जातरा में बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से भी 300 से अधिक देवी-देवताओं की उपस्थिति रही। हजारों श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की सहभागिता से पूरा क्षेत्र भक्ति, आस्था और उत्साह से सराबोर नजर आया।वन मंत्री श्री कश्यप ने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। जनजातीय समाज की संस्कृति, रीति- रिवाज और परंपराएं प्रकृति से जुड़ी हुई हैं, जो पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आयोजनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों को भी संरक्षित किया जा रहा है।दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर सामाजिक समरसता, भाईचारा और सांस्कृतिक एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। कानाहर्राल पेन करसाद जातरा ने एक बार फिर यह साबित किया कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत केवल परंपरा नहीं, बल्कि समाज की आत्मा है, जिसे सहेजकर रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद आवश्यक है। -
शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारी पूर्ण, हितग्राहियों को किया जाएगा शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित
बालोद/राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत डौण्डी विकासखण्ड के प्राथमिक शाला मैदान भैंसबोड़ में 18 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्राथमिक शाला मैदान भैसबोड़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम भर्रीटोला, रजही, चिपरा, धुर्वाटोला, सुवरबोड, गिधाली, भैसबोड, दानीटोला, गुजरा, खलारी, अड़जाल, कुसुमकसा, अरमुरकसा, पथरटोला, खम्हारटोला, बिटाल, धोबेदण्ड और धोबनी अ के ग्रामीण शामिल होंगे। प्राथमिक शाला मैदान भैसबोड़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के सफल आयोजन हेतु सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री विजय कुमार कंवर (मो. 7879114866) नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत डौण्डी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले और एसडीओ आरईएस श्री जेपी चंद्राकर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम भैंसबोड़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। जिसके अंतर्गत तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम (मो. 9407704570) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। -
बालोद/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार जिला जेल बालोद में बंदियों के परिजनों को विधिक जानकारी एवं प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु विधिक सहायता हेल्प डेस्क का शुभारंभ आज 15 मई 2026 को प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद श्री एस.एल. नवरत्न द्वारा किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश श्री नवरत्न ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद द्वारा जिला जेल बालोद में विधिक सहायता हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों के साथ-साथ उनके परिवारजनों को भी निःशुल्क विधिक सहायता एवं आवश्यक कानूनी परामर्श उपलब्ध कराना है। हेल्प डेस्क के माध्यम से बंदियों के परिजनों को बंदियों के प्रकरणों की जानकारी, जमानत प्रक्रिया, अपील, कानूनी अधिकारों जानकारी दी जाएगी। जानकारी एवं संसाधनों के अभाव में बंदियों के परिवारजन को उचित कानूनी सहायता नहीं मिल पाती। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर न्यायिक सहायता पहुंचाई जा सके। हेल्प डेस्क में लीगल एड डिफेंस कौंसिल एवं पैरा लीगल वालिंटियर्स नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, जो बंदियोे परिवारजनों की समस्याएं सुनकर उन्हें आवश्यक कानूनी सलाह एवं सहयोग प्रदान करेंगे। प्रत्येक नागरिक को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद द्वारा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इस अवसर पर जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री ताजुद्दीन आसिफ, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संजय सोनी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद भारती कुलदीप, व्यवहार न्यायाधीश बालोद श्रीमती हीरा सिन्हा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, लीगल एड डिफेंस कौसिल व कौंसिलगण श्री श्रीनिवास पाण्डेय चीफ, जेल अधीक्षक बालोद श्री एस.पी.कुर्रे एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के पैरालीगल वालिटिंयर्स उपस्थित रहें।
-
*-जिला प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य रखने और अफवाहों से बचने की अपील की*
दुर्ग/ जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। वर्तमान में जिले के 189 पेट्रोल और डीजल पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा निरंतर आपूर्ति जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में पेट्रोल का 1421 किलोलीटर और डीजल का 1678 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है, जो अगले 5 दिनों से अधिक की आवश्यकता के लिए पर्याप्त है। जिले में पेट्रोल की दैनिक औसत खपत 293 किलोलीटर और डीजल की 374 किलोलीटर है। अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं द्वारा सामान्य से दोगुना ईंधन खरीदने से कुछ पंपों पर अस्थायी दबाव की स्थिति बन रही है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ईंधन की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक संग्रहण न करें और केवल आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदें। तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर सभी पंपों पर सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। - -’जलग्रहण प्रबंधन, पीएम सिंचाई योजना, डिजिटल राजस्व सुधार और ई-पंजीयन की प्रगति पर हुई चर्चा’रायपुर ।भारत सरकार, भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेन्द्र भूषण ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में सुशासन के अंतर्गत जलग्रहण प्रबंधन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भुईयां पोर्टल, ई-कोर्ट और पंजीयन एवं स्टाम्प विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री भूषण ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) और राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागीय प्रगति का जायजा लिया।बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण पर प्रस्तुतीकरण दिया। डिजिटल रिकॉड्स। के रूप में राज्य में भू-अभिलेखों का पूर्ण कंप्यूटरीकरण कर मॉडर्न रिकॉर्ड रूम स्थापित किए गए हैं। भू-नक्शा डिजिटलीकरण के तहत सभी भू-नक्शों को डिजिटल स्वरूप दिया गया है। भुईयां पोर्टल के माध्यम से डिजिटल किसान किताब अपडेट की गई है, जिसे भूमि स्वामी कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए रेवेन्यू ई-कोर्ट का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, भूमि का ऑटो डायवर्सन ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हो रहा है।वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग द्वारा तकनीक के समावेश से रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। ई-पंजीयन के तहत दस्तावेजों की रजिस्ट्री अब पूर्णतः ऑनलाइन और पेपरलेस मोड में की जा रही है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से अपॉइंटमेंट से लेकर रजिस्ट्री पूर्ण होने तक के अपडेट्स क्रेता-विक्रेता को भेजे जा रहे हैं। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है।छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी (REWARD) के अधिकारियों ने पीएमकेएसवाई (WDC 2-0) की प्रगति साझा की। वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 45 परियोजनाओं के तहत 27 जिलों के 387 माइक्रो वाटरशेड में कार्य जारी है। 2.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के उपचार हेतु कुल 613.66 करोड़ रुपये की लागत तय है (केंद्र-राज्य अनुपात 60-40 प्रतिशत है)। भारत सरकार द्वारा हाल ही में (28 अप्रैल 2026) 30.14 करोड़ रुपये की केंद्रांश राशि जारी करते हुए परियोजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संयुक्त सचिव भारत सरकार भूमि संसाधन विभाग श्री नितिन खाडे, संचालक भूमि संसाधन भारत सरकार श्री श्याम कुमार सहित छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पंजीयन एवं स्टाम्प, छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेन्सी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुये।
- रायपुर। मई की झुलसाती गर्मी में जहां लोग पेड़ों की छांव और ठंडी हवा की तलाश में भटकते नजर आते हैं, वहीं राजनांदगांव शहर के पेण्ड्री स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में कदम रखते ही मौसम का मिजाज बदला-बदला सा महसूस होता है। रंग-बिरंगे फूलों से सजी क्यारियां, फलों से लदे वृक्ष और हरियाली से आच्छादित परिसर यहां आने वाले हर व्यक्ति को सुकून और ताजगी का एहसास कराते हैं।ग्रीष्म ऋतु के बावजूद पेण्ड्री की यह बगिया इन दिनों पूरी तरह खिली हुई है। गुलाब, गंधराज, हरसिंगार, चंपा और बोगनविलिया की महक से वातावरण सुवासित है। वहीं आम्रपाली, लंगड़ा, दशहरी, चौसा और बाम्बेग्रीन जैसी आम की प्रजातियों से लदे पेड़ उद्यान की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं।पेण्ड्री की यह रोपणी केवल सुंदरता का केंद्र नहीं है, बल्कि आधुनिक उद्यानिकी और उन्नत कृषि तकनीक का भी महत्वपूर्ण केन्द्र बन चुकी है। यहां स्थापित प्लग टाइप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। जापानी पद्धति पर आधारित इस यूनिट में तापमान, नमी और प्रकाश को नियंत्रित कर पौध तैयार किए जाते हैं, जिससे कम समय में बेहतर गुणवत्ता वाले अंकुरित पौधे मिलते हैं। इन दिनों यूनिट में योगी नामधारी मिर्च की पौध तैयार की जा रही है। किसान स्वयं अपने बीज यहां देकर थरहा तैयार करवा रहे हैं। डीएमएफ मद से यूनिट के जीर्णाेद्धार के बाद यहां फिर से बड़े पैमाने पर किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।इस आधुनिक तकनीक की खासियत यह है कि इसमें मिट्टी का उपयोग नहीं होता। नारियल बुरादा, परलाईड और वर्मी कोलाईट जैसे माध्यमों से पौध तैयार किए जाते हैं। मशीनरी स्वींग मेथड से बीजों का अंकुरण किया जाता है, जिससे पौधे रोगमुक्त और एक समान वृद्धि वाले बनते हैं। टमाटर, बैंगन, पत्ता गोभी, फूलगोभी, खीरा, करेला, लौकी और कद्दू जैसी सब्जियों की पौध यहां तैयार की जा रही है।विशेषज्ञ बताते हैं कि इस पद्धति से तैयार पौधों की खेत में जीवित रहने की क्षमता अधिक होती है और फसल जल्दी तैयार होती है। यही कारण है कि अब किसान आधुनिक सीडलिंग तकनीक की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। पेण्ड्री की समृद्ध नर्सरी में फलदार, छायादार और सजावटी पौधों की बड़ी श्रृंखला उपलब्ध है। यहां आम, अमरूद, संतरा, आंवला, लीची, अनार, पपीता, नारियल, चीकू और मुनगा जैसे पौधों के साथ अशोक, सिल्वर ओक, कदम और पीपल जैसे वृक्ष भी मिलते हैं। वहीं जरबेरा, रजनीगंधा, कनेर, यूफोर्बिया, एक्जोरा और मनीप्लांट जैसे सजावटी पौधे लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। पेण्ड्री की यह बगिया केवल हरियाली का ठिकाना नहीं, बल्कि किसानों के लिए आधुनिक खेती की प्रयोगशाला बन गई है।
- -दो माह में भारत सरकार के अधिकारियों का तीसरा दौरा, सचिव ने की सराहना-राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की नीति पर होगा विचाररायपुर / छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल अब देशभर के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है। भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग (Department of Land Resources) के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने राज्य के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा किए गए तकनीकी नवाचारों और नागरिक-केंद्रित सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी है।भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा पिछले दो माह में यह तीसरा दौरा है, जो राज्य में लागू स्मार्ट रजिस्ट्री प्रणाली, ऑटो म्यूटेशन और डिजिटल सेवाओं के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाता है।दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने मंत्रालय महानदी भवन में पंजीयन विभाग की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव श्री नितिन खाडे तथा निदेशक श्री श्याम कुमार भी उपस्थित थे।समीक्षा बैठक में सचिव पंजीयन भुवनेश यादव तथा महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए प्रमुख सुधारों और नवाचारों का प्रस्तुतीकरण दिया।प्रस्तुतीकरण में नागरिक सुविधाओं के विस्तार, पंजीयन प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार से संबंधित पहलों की जानकारी दी गई। साथ ही विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे “नेक्स्ट जनरेशन रजिस्ट्री प्लेटफॉर्म” की रूपरेखा और भावी कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा राज्य के नागरिकों को सर्वोत्तम सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की विशेष सराहना की।इसके पश्चात उन्होंने सीबीडी, नवा रायपुर अटल नगर स्थित स्मार्ट उप पंजीयक कार्यालय का निरीक्षण किया और ऑटो म्यूटेशन से एकीकृत एंड-टू-एंड डिजिटल रजिस्ट्री प्रक्रिया का अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें संपूर्ण पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।निरीक्षण के दौरान सचिव श्री भूषण ने कहा कि पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ की यह पहल अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने कहा कि राज्य का स्मार्ट ऑफिस मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की नीति पर विचार किया जाएगा।उन्होंने कार्यालय में नागरिकों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, पारदर्शी कार्यप्रणाली और नागरिक-अनुकूल वातावरण की भी विशेष सराहना की। भारत सरकार के सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीक आधारित रजिस्ट्री सेवाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश का मार्गदर्शन करेगा।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 18 से 25 मई 2026 तक “जन भागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के 1544 तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के 6691 गांवों में संचालित होगा।मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पोषण और पेयजल जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारी गांवों में पहुंचकर जन सुनवाई करेंगे तथा “आदि सेवा केन्द्रों” में शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।अभियान में सिकल सेल और टीबी जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत प्रतिदिन फोटो, वीडियो और लाभार्थियों के बयान “आदि प्रसारण” पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। शासन ने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, एनएसएस, एनसीसी और स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान का समन्वय “सुशासन तिहार” और “जनजातीय गरिमा उत्सव” से भी किया जाएगा।
-
*- लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की*
दुर्ग / लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज संभागीय मुख्यालय दुर्ग में लोक निर्माण विभाग के दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर भवनों, सड़कों और पुलों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दुर्ग और पाटन में तीन कार्यस्थलों पर जाकर कार्यों का निरीक्षण भी किया।श्री बंसल ने बैठक में अधिकारियों को भविष्य की जरुरतों के अनुरूप सभी सड़क खंडों पर फ्लाई-ओवर्स की समग्र योजनाओं के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्ग परिक्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के सभी संभागों में प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर चयनित एजेंसी से अनुबंध की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा में काम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय अधिकारी अपने सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यों से नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच विभाग की अच्छी छवि बनाएं। सभी कार्यों को पूरी जवाबदेही, सक्रियता और गंभीरता से अंजाम दें।सचिव श्री बंसल ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय में रहकर निर्माणाधीन कार्यों की पुख्ता और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र के सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी रखते हुए परफार्मेंस गारंटी वाली सड़कों में सुधार की जरूरत पर संबंधित ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने मैदानी स्तर पर भू-अर्जन में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से निर्माण की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने भवनों के निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री से लेकर टाइल्स, पुट्टी और पेंट अच्छी गुणवत्ता का उपयोग करने को कहा। उन्होंने भूजल स्तर को रिचार्ज करने सभी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की भी व्यवस्था के निर्देश दिए।*कार्यस्थलों का दौरा कर कार्यों की देखी प्रगति*लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने दुर्ग के साइंस कॉलेज में बन रहे 750 सीटर आडिटोरियम के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए जल्द इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेल तिराहा से मिनीमाता चौक पुलगांव तक के सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने पाटन शासकीय कॉलेज के निर्माणाधीन भवन के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां नए भवन में क्लास-रुम, लैब, शौचालय इत्यादि का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कॉलेज प्रबंधन से मिलकर विद्यार्थियों की जरूरतों और उपयोगिता के मुताबिक सभी कार्यों को संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे कॉलेज परिसर को हरा-भरा, सुंदर और सुव्यवस्थित करने को कहा। - रायपुर / सुशासन तिहार अंतर्गत आज शुक्रवार को कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम अड़ेंगा में आयोजित शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य आबकारी व श्रम विभाग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रभारी मंत्री ने शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत विभिन्न हितग्राहियों को सामग्री वितरित किए और लगभग 01 करोड़ 06 लाख रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम सहित कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना और स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।शिविर में विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर कुल 210 आवेदन प्राप्त हुए। प्रभारी मंत्री ने 31 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किया और दसवीं बारहवीं के 05 मेधावी विद्यार्थियों क़ो सम्मानित किया। साथ ही 12 श्रम पंजीयन कार्ड, 30 आधार कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 हितग्राहियों को चाबी, 15 जॉब कार्ड, 17 जाति प्रमाण पत्र, 30 लखपति दीदी प्रमाण पत्र, 06 किसान क्रेडिट कार्ड, 24 आयुष्मान कार्ड, 10 जन्म प्रमाण पत्र, 20 डिजिटल किसान कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 15 जाति प्रमाण पत्र और 10 निवासी प्रमाण पत्र, 11 राशन कार्ड, उद्यानिकी विभाग द्वारा 200 पौधों का वितरण, समाज कल्याण विभाग द्वारा 04 मोटराईज्ड सायकल, मत्स्य पालन विभाग द्वारा 01 मत्स्य जाल, 04 जन्म प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय परिवार सहायता पेंशन 03 को और क्रेडा विभाग द्वारा 01 हितग्राही को सौर सुजला योजना से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 128 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इन दो वर्षों में जन समस्याओं के समाधान हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी को अल्प समय में पूरा किया। महतारी वंदन योजना, कृषि उन्नति योजना जैसे जनमानस के कल्याण हेतु कई योजनाएं संचालित की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं शिविर के माध्यम से आपके द्वार तक पहुंच रही है। नागरिकों के समस्याओं का त्वरित निराकरण का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार ने बस्तर क्षेत्र में शांति बहाल कर विकास के मार्ग में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार अंतर्गत गांव गांव में आयोजित शिविर में जाकर जनता से संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगो को सुन रहे हैं और त्वरित निराकरण भी की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत की और मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना की है इसमें सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिविर में ज़रूरतमंद हितग्राही को अधिक से अधिक लाभ उठाएं।विधायक श्री नीलकंठ टेकाम ने कहा कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गांव, महिला, किसान और गरीब परिवार के हित की चिंता करती है और उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा क्षेत्र के सुदूर गांवों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे यहां विकास के साथ साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से गांव गांव तक स्वास्थ्य सेवा पहुंच रही है। सुशासन तिहार के माध्यम योजना गांव गांव तक पहुंच रहा है और शिविर में आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नंदनी पोटाई, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री बिहारी लाल शोरी, श्री धीरेन्द्र बघेल, श्री राजकिशोर राठी, श्री लंबोदर सलाम सहित सरपंच श्री भूपेन्द्र ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एसडीएम सुश्री आकांक्षा नायक, तहसीलदार श्री गणेश सिदार उपस्थित रहे।
- -ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेशरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग संबंधी आह्वान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास ,तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने शासकीय भ्रमण एवं आवागमन के दौरान पायलट एवं फॉलो गाड़ियों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि देशहित की बात स्वयं से शुरुआत करने पर ही सार्थक होती है तथा जनप्रतिनिधियों को समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।उन्होंने कहा कि ईंधन बचत, प्रदूषण में कमी एवं शासकीय संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में यह छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे आमजन में भी जागरूकता बढ़ेगी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रदेशवासियों से भी पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और “देशहित पहले” की भावना को अपनाने की अपील की। उनके इस निर्णय की विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है।
- -यूएवी ड्रोन सर्वेक्षण कार्य का हुआ शुभारंभ-जिला प्रशासन बालोद एवं आईआईटी भिलाई की साझेदारी से तैयार होगी वैज्ञानिक कार्ययोजनारायपुर। बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी के पुनर्जीवन एवं संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल प्रारंभ की गई है। शीघ्र ही तांदुला नदी का पुनरुद्धार कर उसे नए एवं आकर्षक स्वरूप में जिला प्रशासन द्वारा विकसित किया जाएगा। इसी कड़ी में आज तांदुला जलाशय के समीप स्थित जिला मुख्यालय बालोद के पास ग्राम देउरतराई मैदान में तांदुला नदी पुनर्जीवन एवं इको-रिवरफ्रंट विकास परियोजना के अंतर्गत यूएवी ड्रोन सर्वेक्षण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया।जिला प्रशासन बालोद एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई की साझेदारी से प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नदी क्षेत्र का वैज्ञानिक एवं तकनीकी अध्ययन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम बालोद श्री नूतन कंवर, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन सहित ग्राम पंचायत देउरतराई, झलमला एवं हीरापुर के सरपंच, जनप्रतिनिधि, आईआईटी भिलाई के विषय विशेषज्ञ तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।इस अवसर पर अतिथियों द्वारा यूएवी ड्रोन की विधिवत पूजा-अर्चना कर ड्रोन सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया गया। आईआईटी भिलाई के विशेषज्ञों द्वारा ड्रोन सर्वे कार्य पूर्ण करने के बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट एवं कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर तांदुला नदी से हीरापुर तक के क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन एवं जैव विविधता संरक्षण के कार्य किए जाएंगे।ज्ञात हो कि जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग बालोद के सहयोग से संचालित इस परियोजना में आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन द्वारा वैज्ञानिक योजना, तकनीकी विश्लेषण, फील्ड आधारित अध्ययन एवं वैज्ञानिक सत्यापन के आधार पर व्यवहारिक एवं आधुनिक मॉडल तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत ड्रोन तकनीक के माध्यम से नदी क्षेत्र का हाई-रिजोल्यूशन सर्वे कर विस्तृत डेटा संकलित किया जाएगा तथा तकनीकी समाधान एवं क्रियान्वयन की कार्ययोजना विकसित की जाएगी।परियोजना के तहत तांदुला नदी के चयनित लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में रिवर इकोसिस्टम संरक्षण एवं रिवरफ्रंट डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत नदी की जलधारा, तट संरचना, जल गुणवत्ता, मौसमी परिवर्तन एवं जैव विविधता का गहन अध्ययन कर नदी को स्वच्छ, संतुलित एवं सतत स्वरूप प्रदान करने की दिशा में कार्य किए जाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया जा रहा यह मॉडल भविष्य में राज्य में वैज्ञानिक एवं सतत नदी पुनर्जीवन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने तांदुला नदी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तांदुला नदी शीघ्र ही नए स्वरूप में दिखाई देगी। इस अवसर पर तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा सहित आईआईटी भिलाई के विशेषज्ञ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- -बंजर होती उम्मीदों में घुली खुशहाली की हरियाली-मगरलोड के बेलौदी गांव में दिखा बदलाव का मॉडल; केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव ने खेत पहुंचकर थपथपाई किसान की पीठरायपुर। ग्रामीण विकास की योजनाओं ने यदि सही मार्गदर्शन और किसान की मेहनत का साथ पा लिया, तो परिणाम कितने सुखद हो सकते हैं, इसकी जीवंत मिसाल धमतरी जिले के किसान श्री छबी लाल बन गए हैं। कभी वर्षा आधारित खेती और सीमित संसाधनों के कारण आर्थिक तंगी से जूझने वाले छबी लाल आज अपनी 1.5 एकड़ भूमि पर ‘सब्जी उत्पादन का सफल मॉडल’ खड़ा कर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। विकासखंड मगरलोड के ग्राम बेलौदी निवासी छबी लाल के पास खेती के लिए भूमि तो थी, लेकिन पानी की कमी और तकनीकी जानकारी के अभाव में वे केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित थे। वाटरशेड विकास योजना ने उनके जीवन में टर्निंग पॉइंट का काम किया। योजना के अंतर्गत आजीविका मद से मिले सहयोग और कृषि विशेषज्ञों के तकनीकी परामर्श ने उनकी सोच और खेती के तरीके को बदल दिया।आज छबी लाल ने अपनी जमीन के छोटे से टुकड़े पर विविधता का ऐसा रंग बिखेरा है कि वहां हर मौसम में आय सुनिश्चित रहती है। उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए खेत में बरबट्टी, भिंडी और करेला,भाटा (बैंगन) एवं डोड़का (तोरई) जैसे उन्नत किस्म की सब्जियों का उत्पादन शुरू किया है। जल संरक्षण कार्यों के कारण खेत में नमी बनी रहती है, जिससे उत्पादन लागत कम हुई और मुनाफा बढ़ गया।छबी लाल की यह उपलब्धि केवल कागजों तक सीमित नहीं रही। हाल ही में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव श्री नरेन्द्र भूषण स्वयं धमतरी प्रवास के दौरान छबी लाल के खेत पहुंचे। उन्होंने वहां लहलहाती फसलों को देखा और किसान के नवाचार की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि वाटरशेड योजना केवल जल एवं भूमि संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों की आजीविका सशक्त करने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। वर्तमान में श्री छबी लाल स्थानीय बाजारों में ताजी सब्जियों की आपूर्ति कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में कई गुना वृद्धि हुई है, बल्कि उनका आत्मविश्वास और जीवन स्तर भी ऊंचा हुआ है। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और किसान का अटूट श्रम मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई तस्वीर गढ़ सकते हैं।
- -पीएचडी की डिग्री मिलने पर माता के पैर छूकर लिया आर्शीवादरायपुर।, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह के दौरान एक सुखद तस्वीर दिखाई दी जब दंतेवाड़ा जिले के एक आदिवासी छात्र डॉ. विक्की कुमार नेताम को अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग (जेनेटिक्स एवं प्लान्ट ब्रीडिंग) में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। डॉ. विक्की कुमार नेताम दंतेवाड़ा जिले के पहले कृषि शोध उपाधि धारक विद्यार्थी हैं। उनको यंग साइंटिस्ट अवार्ड भी प्राप्त हो चुका है। डॉ. विक्की कुमार नेताम आज यहां अपनी पीएचडी की डिग्री लेने के लिए अपनी माता जी एवं बहन के साथ दीक्षांत समारोह में पहुंचे थे। डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर उन्होंने अपनी माता जी श्रीमती मालामती नेताम के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। डॉ. विक्की कुमार नेताम वर्तमान में शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, जगदलपुर में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
- -लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा कीरायपुर । लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज संभागीय मुख्यालय दुर्ग में लोक निर्माण विभाग के दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर भवनों, सड़कों और पुलों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दुर्ग और पाटन में तीन कार्यस्थलों पर जाकर कार्यों का निरीक्षण भी किया।श्री बंसल ने बैठक में अधिकारियों को भविष्य की जरुरतों के अनुरूप सभी सड़क खंडों पर फ्लाई-ओवर्स की समग्र योजनाओं के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्ग परिक्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के सभी संभागों में प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर चयनित एजेंसी से अनुबंध की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा में काम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय अधिकारी अपने सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यों से नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच विभाग की अच्छी छवि बनाएं। सभी कार्यों को पूरी जवाबदेही, सक्रियता और गंभीरता से अंजाम दें।सचिव श्री बंसल ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय में रहकर निर्माणाधीन कार्यों की पुख्ता और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र के सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी रखते हुए परफार्मेंस गारंटी वाली सड़कों में सुधार की जरूरत पर संबंधित ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने मैदानी स्तर पर भू-अर्जन में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से निर्माण की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने भवनों के निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री से लेकर टाइल्स, पुट्टी और पेंट अच्छी गुणवत्ता का उपयोग करने को कहा। उन्होंने भूजल स्तर को रिचार्ज करने सभी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की भी व्यवस्था के निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने दुर्ग के साइंस कॉलेज में बन रहे 750 सीटर आडिटोरियम के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए जल्द इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेल तिराहा से मिनीमाता चौक पुलगांव तक के सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने पाटन शासकीय कॉलेज के निर्माणाधीन भवन के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां नए भवन में क्लास-रुम, लैब, शौचालय इत्यादि का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कॉलेज प्रबंधन से मिलकर विद्यार्थियों की जरूरतों और उपयोगिता के मुताबिक सभी कार्यों को संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे कॉलेज परिसर को हरा-भरा, सुंदर और सुव्यवस्थित करने को कहा।
- -जून 2026 तक 259 मकानों का निर्माण चरणबद्ध रूप से होगा पूर्ण-32 मकान तैयार, 30 जून तक शेष मकानों का निर्माण पूर्ण करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम जारीरायपुर । रायपुर विकास प्राधिकरण (आर.डी.ए.) द्वारा कमल विहार स्थित कौशल्या माता विहार योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन 259 रो-हाऊस मकानों के कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्षों से लंबित इस परियोजना को पूर्ण कराने के लिए आर.डी.ए. ने विशेष प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य को पुनः व्यवस्थित किया है और अब लाभार्थियों को शीघ्र ही उनके आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में लगभग 18.26 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया था। प्रारंभिक ठेकेदार द्वारा कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण नवंबर 2023 में अनुबंध निरस्त किया गया। इसके पश्चात नियमानुसार पुनः निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर 1 जनवरी 2025 को नया कार्यादेश जारी किया गया, जिसके बाद निर्माण कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई है।वर्तमान में 32 रो-हाऊस मकानों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। आर.डी.ए. की कार्ययोजना के अनुसार 31 मई 2026 तक 59 अतिरिक्त मकान, 15 जून 2026 तक 82 मकान तथा 30 जून 2026 तक 86 मकानों का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा। इस प्रकार कुल 259 रो-हाऊस मकानों को चरणबद्ध तरीके से तैयार कर हितग्राहियों को सौंपने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्य 8 विभिन्न सेक्टरों में फैला हुआ है, जिसके कारण तकनीकी एवं कार्यगत जटिलताओं के बावजूद आर.डी.ए. द्वारा सतत मॉनिटरिंग और समन्वय के माध्यम से कार्य को गति प्रदान की जा रही है।आर.डी.ए. के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से जुड़े हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। कमल विहार की यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण आवासीय पहल है। परियोजना के पूर्ण होने से बड़ी संख्या में परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।
- -विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों के लिए 1.82 करोड़ से बनेगा छात्रावास, शिक्षा और विकास को मिली नई रफ्ताररायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के बैगा बाहुल्य ग्राम सिंघारी में विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित 50 सीटर छात्रावास भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से बनने वाला यह छात्रावास क्षेत्र के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों तक शिक्षा की सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और क्षेत्र की प्रगति का आधार भी है। ऐसे क्षेत्रों में छात्रावासों की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित होगी और उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।उन्होंने कहा कि बैगा समाज प्रदेश की सांस्कृतिक परंपरा और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार की कोशिश है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को भी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आधारभूत सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि कई बार दूरस्थ गांवों के बच्चों को स्कूल और आवास की कठिनाइयों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है, लेकिन छात्रावास बनने से विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित युवा ही आने वाले समय में समाज और क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय अंचलों में अधोसंरचना विकास, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष प्राथमिकता के साथ काम कर रही है। कार्यक्रम में कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रूपा राजकुमार धुर्वे, श्री लोकचंद साहू, श्री मनीराम साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -’वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को मिल रहा है लाभ - मुख्यमंत्री श्री साय’-’इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह मे शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री’-’1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 13 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिले’रायपुर । छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। आज भूमि लगातार संकुचित होती जा रही है। अतएव हमें कम जमीन में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन के लिए कार्य करना होगा। अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए वैल्यू एडिशन उत्पादन आज की महती आवश्यकता है।राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं कुलाधिपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में यह बात कही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह उपस्थित थे ।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आयोजित भव्य एवं गरिमामय दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां वितरित की गई। विभिन्न संकायों में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत एवं 2 कांस्य पदक सहित 128 शोधार्थियों को पी.एच.डी, 518 विधार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विधार्थियों को स्नातक उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इन उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र जीवन का एक बहुत बड़ा अवसर होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का दिन नही बल्कि भविष्य की शुरूआत का प्रतीक है। जब यह विश्वविद्यालय स्थापित हुआ था तब यहां केवल दो या तीन स्ट्रीम ही उपलब्ध थी। लेकिन समय के साथ शिक्षा और अवसरों का विस्तार हुआ है।श्री डेका ने कहा कि आज कृषि परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। अब यह विज्ञान तकनीकी, नवाचार और उद्यमिता से संचालित हो रही है। विश्वभर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, उपग्रह मानचित्र, सटीक कृषि जलवायु अनुकूल तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण का उपयोग बढ़ रहा है। भारत भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ड्रोन द्वारा उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव, डिजिटल उपकरणों से मृदा स्वास्थ्य निगरानी, मोबाइल ऐप द्वारा किसान परामर्श और ई-नाम बाजार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं। किसानों और युवाओं को भी आधुनिक और उन्नत खेती की ओर बढ़ना चाहिए। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। लेकिन अब हमें बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान के उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे कार्पाेरेट कंपनियों द्वारा खरीद आसान होगी और किसानों को बेहतर लाभ मिल सकेगा। हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती के लिए भी भविष्य में बड़ी संभावनाएं है। विद्यार्थियों को भी कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि और जल संरचना कृषि के लिए अनुकूल है। यहां पानी आसानी से नीचे नहीं जाता जिससे उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलती है। सही तकनीक और सोच के साथ कृषि को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है तथा वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन,फल-सब्जी और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार, कृषि उपकरणों की उपलब्धता तथा मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों को खेती से जोड़कर किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सेतु बनने का आव्हान किया।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे ज्यादा प्रजातियां है। सुगन्धित धान के लिए हमारा राज्य जाना जाता है। फल, फूल और मसाले की भी अपार संभावनाएं यहां है। उन्होंने विद्यार्थियों से शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे आने का आग्रह करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के ज्ञान का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। समारोह में दीक्षांत भाषण डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। साथ ही उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षा उपदेश दिया। आभार प्रदर्शन कुलसचिव द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह में क्षेत्र के विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल, विद्या परिषद तथा प्रशासनिक परिषद के सदस्यगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी, उपाधि तथा पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा उनके पालकगण उपस्थित थे।
- -वनांचल क्षेत्र का चंहुमुखी विकास हमारी प्राथमिकता - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर । कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल एवं बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेगांव जंगल में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए। उन्होंने शिविर में ग्रामीणों के साथ अपने सहज और चिर-परिचित अंदाज में सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का माध्यम है। राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रूपा राजकुमार धुर्वे, श्री लोकचंद साहू, श्री मनीराम साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का समुचित विकास और मूलभूत सुविधाओं की सहज पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत वाली कुसुमघटा - बैजलपुर - राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे बड़ौदाखुर्द, बड़ौदाकला, भलपहारी, अचानकपुर, गंडईकला, गंडईखुर्द, कुसुमघटा, बोइरकछारा, खरहट्टा, भरेली, खड़ोदाकला, कारेसरा, सारंगपुर कला, राम्हेपुर, लोहझरी, सुकवापारा, जैताटोला, खैरबनाखुर्द, घोंघा, दियाबार, छपरी, खुर्सीपार, मंडलाटोला, मुड़ियापारा, मरियाटोला, बैहरसरी, सिल्हाटी, प्रभाटोला, बुधवारा, रहंगी, चंडालपुर, हरिनछपरा, मिनमिनिया मैदान, मोतिमपुर, रघुपारा, बद्दो, खिरसाली, लाटा, बाघुटोला, राजानवागांव, तिलाईभाट, बिसनपुरा, भलुचुवा, भीरा, खरिया, मुड़घुसरी मैदान, खड़ोदाखुर्द, कांदापारा, कामाडबरी, सिंघारी, बैजलपुर, अंधरीकछार, सिल्ली, बोदा 03, लबदा, अमेरा, सोंनतरा, मगरवाड़ा, बोरिया, कनपा, सिरमी, खंडसरा, छांटा, मड़मड़ा, कबराटोला, महली ग्राम शामिल है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। इस परियोजना से 19 गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद सबसे पहले गरीब परिवारों के पक्के मकान के सपने को पूरा करने की दिशा में कार्य किया गया। लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति दी गई है। तरेगांव जंगल क्लस्टर जहां यह शिविर आयोजित है इसके 26 गांवों में ही 5000 से अधिक आवास स्वीकृत एवं निर्माणाधीन हैं।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार विशेष रूप से पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों तक बारहमासी सड़कें पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि तरेगांव जंगल क्षेत्र में 35.80 करोड़ रुपए की लागत से 14 सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 51.4 किलोमीटर होगी। वहीं फेस-04 अंतर्गत 11.53 करोड़ रुपए की लागत से 5 नई सड़कों को मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से वनांचल क्षेत्रों में आवागमन और संपर्क सुविधाएं बेहतर होंगी।उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर देते हुए कहा कि यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया गया है। इसके लिए 2.5 करोड़ रुपए की लागत से भवन स्वीकृत किया गया है। इससे चिकित्सकीय सेवाओं और स्टाफ में वृद्धि होगी तथा आसपास के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तें जारी की जा चुकी हैं और हितग्राही महिलाओं को 27-27 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हर पंचायत में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोलने का कार्य किया जा रहा है, ताकि महिलाओं को राशि निकालने दूर न जाना पड़े। तरेगांव जंगल में महिला समूहों के लिए महतारी सदन भी स्वीकृत किया गया है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने महिला स्व सहायता समूहों से स्व-रोजगार गतिविधियों को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश व जिले के अन्य हिस्सों में समूह शटरिंग प्लेट किराए पर देकर और निर्माण सामग्री की सप्लाई कर आय अर्जित कर रहे हैं। इस मॉडल को वनांचल क्षेत्रों में भी बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे न केवल महिलाओं के आए वृद्धि होगी बल्कि आवासों का निर्माण भी जल्द पूरा होगा।
- -जनप्रतिनिधियों ने नवदंपत्तियों को सुखद वैवाहिक जीवन की दी शुभकामनाएं-योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को दी गई निर्धारित आर्थिक सहायतारायपुर ।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत जांजगीर-चांपा जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना पामगढ़ द्वारा सद्भावना भवन में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 15 जोड़े विधि-विधान के साथ विवाह बंधन में बंधे।समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। शासन की योजना के अनुरूप प्रत्येक नवदंपत्ति के बैंक खाते में निर्धारित राशि अंतरित की गई, ताकि वे अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत आत्मविश्वास के साथ कर सकें। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक रहने और समाज में वैधानिक एवं गरिमामय विवाह को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया।इस अवसर पर पामगढ़ विधायक श्रीमती शेषराज हरबंश, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रीति अजय दिव्य, श्रीमती प्रमिला अजय साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री रूपचंद साहू तथा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गौरी छोटू जांगड़े उपस्थित रहीं और नवदंपत्तियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
- -ग्राम पंचायत जर्वे-च एवं नगर पालिका चांपा में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित-कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने किया शिविर का निरीक्षण, नागरिकों से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील-पात्र हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, राशन कार्ड, रोजगार कार्ड, किसान किताब सहित विभिन्न सामग्रियों का वितरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज जांजगीर-चांपा जिले के नगर पालिका चांपा के वार्ड क्रमांक 20 स्थित छत्रपति शिवाजी खेल सभागृह (इंडोर हॉल) तथा जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम पंचायत जर्वे-च के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी, राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, आधार अभिलेख, श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसान किताब, मछुआरों को जाल तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्री एवं चेक वितरित किए गए।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही विशेष स्वास्थ्य शिविर में ईसीजी सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।ग्राम पंचायत जर्वे-च में आयोजित शिविर में कुल 903 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 856 मांग एवं 47 शिकायतें शामिल हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उमा राजेंद्र राठौर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवांगन, श्री अमर सुल्तानिया, इंजी. रवि पांडेय, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोकुल रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही इस अभियान का उद्देश्य है। उन्होंने महिलाओं से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा कि गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का मौके पर समाधान करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा की जा रही है और उनका निराकरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से महतारी वंदन योजना के लिए ई-केवाईसी कराने तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने की अपील की।मनरेगा के क्यूआर कोड और सेल्फी पॉइंट बने आकर्षण का केंद्रशिविर में मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार को प्रदर्शित करते हुए सभी ग्राम पंचायतों के क्यूआर कोड लगाए गए थे। क्यूआर कोड स्कैन कर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पंचायतों में संचालित कार्यों और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। शिविर में बनाया गया सेल्फी पॉइंट भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।19 मई को शिवरीनारायण एवं बंसुला में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविरसुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 19 मई को नगर पंचायत शिवरीनारायण के सत्संग भवन तथा जनपद पंचायत बम्हनीडीह के ग्राम पंचायत बंसुला के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रस्तुत करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।
- रायपुर । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के जनपद पंचायत मानपुर के सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत कोराचा में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कोराचा क्लस्टर अंतर्गत कोराचा, मानपुर, ख्वासफड़की, तोलूम, पानाबरस, ढब्बा, तेरेगांव, कनेली, बसेली, कंदाडी, कोहका, हलोरा, ईरागांव एवं तुमडीकसा सहित कुल 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सीधे उनके गांव में उपलब्ध कराया गया। शिविर में मांग एवं शिकायत से संबंधित कुल 1476 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित निराकरण की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों की समस्याएं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए तथा कई प्रकरणों का मौके पर निराकरण भी किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण सहित अन्य विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई ।कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिविर में ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए जागरूक भी किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचे और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समाधान सुनिश्चित कर रहा है। श्रीमती सिंह ने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने एवं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की अपील की।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता को अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिल रहा है तथा संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से गांव के विकास कार्यों में सहभागिता निभाने एवं शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करने का आह्वान किया। शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधिका अंधारे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पुष्पबाई मांडवी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुशील भंडारी, सदस्य श्रीमती रेणु टांडिया, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राही लाभान्वित, शिविर में सामग्री एवं प्रमाण पत्रों का वितरणशिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को नैनो यूरिया प्रदान, राजस्व विभाग द्वारा 19 हितग्राहियों को आबादी पट्टा एवं 4 हितग्राहियों को डिजिटल ऋण पुस्तिका वितरित की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को पोषण आहार, 2 हितग्राहियों को वय वंदन कार्ड तथा 2 हितग्राहियों को नई पहल किट प्रदान की गई। मत्स्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स वितरित किए गए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को आवास पूर्णता उपरांत गृह प्रवेश हेतु चाबी प्रदान की गई तथा 6 हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा 4 हितग्राहियों को तालाब निर्माण स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। इस प्रकार विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने विभागीय योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

.jpg)









.jpg)
.jpg)













.jpg)
