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- -लगभग 400 प्रतिभागी होंगे शामिलबिलासपुर, /खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता एवं युवा उत्सव का आयोजन 22 से 23 दिसंबर तक किया जा रहा है। प्रतियोगिता में प्रतिभागी 10 प्रकार के खेलों एवं सांस्कृतिक विधाओं में भाग ले सकेंगे। खेल दो आयुवर्ग में होंगे जिसमें 9 से 18 वर्ष तक एवं 18 से 35 वर्ष तक की बालिका एवं महिला खिलाड़ी एवं युवा उत्सव के लिए 15 से 29 वर्ष तक भाग लेने पात्र होंगे। प्रतियोगिता में विकासखण्ड स्तरीय खेल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले लगभग 400 प्रतिभागी शामिल होगी।जिला स्तरीय बालिका एवं महिला खेलकूद प्रतियोगिता 22 से 23 दिसंबर तक सवेरे 10 बजे से आयोजित किया जा रहा है। जिसमें हॉकी, वेटलिफ्टिंग, व्हॉलीबाल, एथलेटिक, कुश्ती, खो-खो एवं रस्साकसी खेल स्व. बी. आर. यादव खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में होगा। इसी प्रकार फुटबॉल और बैडमिंटन जिला खेल परिसर बिलासपुर में तथा बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता ई राघवेन्द्र राव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संपन्न होगा। जिला स्तरीय युवा उत्सव में सामूहिक लोकनृत्य, सामूहिक लोक गीत, व्यक्तिगत लोक नृत्य, व्यक्तिगत लोक गीत, काहानी लेखन, चित्रकला, तात्कालिक भाषण, कविता, विज्ञान मेला, हस्तशिल्प, टेक्सटाईल, कृषि उत्पाद एवं रॉकबैंड का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने विकासखण्ड स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किये 15 से 29 वर्ष तक के प्रतिभागी ही शामिल हो पाएंगे।
- -वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर अगले 25 वर्षों के पेयजल सप्लाई की बनी योजना-कोड़ापार से थनौद टीला एनीकट तक नई पाईप लाईन का प्रस्ताव-109 करोड़ रूपए की लागत से बिछाई जाएगी 16 किमी लंबी पाइपलाइनरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से नवा रायपुर अटल नगर अत्याधुनिक सुविधाओं वाला शहर बनने की तरफ अग्रसर है। राज्य के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर अटल नगर को देश के आधुनिक शहरों में शुमार करने के लिए इसे भविष्य के शहर के रूप मे तैयार करने हेतु प्रयासरत हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक है आने वाले 25 वर्षों तक नवा रायपुर अटल नगर के लोगों को लिए निर्बाध पेयजल की सप्लाई। भविष्य में भूमिगत जल में कमी और बढ़ती जनसंख्या की मांग के अनुसार पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नवा रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।इसके लिए अभनपुर के पास कोड़ापार से थनौद टीला एनीकट तक एक नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह पाइप लाइन 16 किमी लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत लगभग 109 करोड़ रूपए होगी। नवा रायपुर अटल नगर में टीला एनीकट से पानी की सप्लाई होती है। लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की कमी होने से एक प्राकृतिक खुली नहर के द्वारा कोड़ापार से थनौद तक पानी की आपूर्ति की जाती है। कोड़ापार तक पानी रविशंकर जलाशय से आता है। कोड़ापार से थनौद तक खुली नहर की दूरी लगभग 25 किमी है। इतनी लंबी दूरी तक खुली नहर के माध्यम से छोड़ने पर काफी मात्रा में पानी का नुकसान हो जाता है। खुली नहर की वजह से पानी की वास्तविक क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता है।नवा रायपुर के लोगों को पानी की दिक्कत न हो और साथ ही पानी का नुकसान भी न हो इसके लिए प्राकृतिक नहर के स्थान पर पाईपलाइन के माध्यम से नहर का पानी नया रायपुर अटल नगर तक पहुंचाया जायेगा। पाइप लाइन बिछाने से कोड़ापार से थनौद तक की दूरी भी कम होगी और बिना किसी नुकसान से अपनी वास्तविक क्षमता में पानी थनौद तक पहुंचेगा। इस परियोजना के अमल में आने और पूर्ण हो जाने से भविष्य में शहर के नागरिकों को पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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-छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के बीच ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ योजना के तहत हुआ एम ओ यू
-दोनो राज्यों के कलाकार होंगे लाभान्वितमहत्वपूर्ण अवसरों पर दोनों राज्यों के कलाकार एक-दूसरे के राज्यों में दे सकेंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियांरायपुर /छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के बीच ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ योजना के तहत एम ओ यू संपादित किया गया है। इस समझौते के तहत भारतीय एकता की भावना को मजबूत करने, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने, नवाचारों और अनुभवों को साझा करने के लिए दोनों राज्य परस्पर सहयोग करेंगे। इस परस्पर समझौते से उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंधों के एक नए दौर की शुरुआत होगी, जिससे दोनों राज्यों के कलाकार लाभान्वित होंगे। दोनों राज्यों के स्थापना दिवस सहित राष्ट्रीय पर्वाें के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर दोनों राज्यों के सांस्कृतिक कलाकार एक-दूसरे के राज्यों में प्रस्तुतियां देंगे। दोनों राज्यों के विविध सांस्कृतिक विधाओं के क्षेत्र में परस्पर विनिमय से दोनों राज्यों के कलाकार और सांस्कृतिक कर्मियों को लाभ होगा। प्राचीन काल से दोनों राज्यों के मध्य स्थापित संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय इस अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यकम में उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग की ओर से उप संचालक डॉ. पी०सी० पारख उपस्थित थे।मान्यता है कि छत्तीसगढ़ रामायण कालीन अयोध्या की महारानी और श्रीराम की माता कौशल्या का मायका था। श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी क्षेत्र में व्यतीत किया था। यहाँ माता कौशल्या की जन्मस्थली चंदखुरी, लवकुश की जन्मस्थली तुरतुरिया और शबरी का आश्रम शिवरीनारायण होने की मान्यता जन-जन में आज भी जीवंत है।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2015 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 140वीं जयंती के अवसर पर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल की घोषणा की थी। इस अभिनव उपाय के माध्यम से, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान से राज्यों के बीच बेहतर समझ और जुड़ाव पैदा होगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी। - -राज्यपाल ने ली निजी विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठकरायपुर /राज्यपाल और कुलाध्यक्ष श्री रमेन डेका ने आज सभी निजी विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेकर उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन व अन्य कार्यों की समीक्षा की। राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया कि नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने विश्वविद्यालयों को विष्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों एवं नियमों के अनुरूप कार्य संचालन के निर्देश दिये।बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री आर. प्रसन्ना, राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमेन श्री बृजेश मिश्र, राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम और सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।बैठक में राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों की शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका है। इन विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के गाईडलाइन और शासन के नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। विश्वविद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें, उनको व्यवसाय का संस्थान न बनाये। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों के लिए लागू विनियमन को उन्हें मानना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निजी विश्वविद्यालयों के लिए विनियामक आयोग का गठन बहुत अच्छी पहल है। राज्यपाल ने कहा कि रायपुर एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो सकता है जिसके लिए सभी का प्रयास जरूरी है। श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों के हित में अकादमिक कैलेण्डर का पालन करें। उन्होंने नियमित शिक्षकों की नियुक्ति और विष्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों के अनुरूप पात्र शिक्षकों को ही पी.एच.डी. के लिए गाइड नियुक्त करने संबंधी निर्देष दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मापदंडों का पालन नहीं करने वाले, विश्वविद्यालय पीएचडी नहीं करा पायंेगे। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से अब तक जितनी पी.एच.डी. डिग्री दी गई है उसकी जानकारी देने कहा।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, स्थानीय व लघु उद्योगों से समन्वय कर विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए कार्य करें। विद्यार्थी, विनिमय कार्यक्रम के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शिक्षकों का रिफ्रेेशर कोर्स एवं प्रशिक्षण कराये, जिससे वे अपने विषयों में अपडेट रहें ताकि विद्यार्थी भी अध्ययन के प्रति आकर्षित हो और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। साथ ही उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए अन्य विश्वविद्यालयों के साथ एम.ओ.यू. करें। लाइवलीहुड के लिए भी विश्वविद्यालय नवाचार करें। राज्यपाल ने कहा कि बैठक में जो निर्णय होते हैं उनका पालन अनिवार्य रूप से करें और अगली बैठक में प्रतिवेदन लेकर आये। उन्होंने हर तीन माह में समीक्षा करने की बात कहीं।उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री आर. प्रसन्ना ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सही तरीके से लागू करने की जरूरत है। विद्यार्थियों को दिये जाने वाली डिग्री एवं अन्य दस्तावेजों को डिजिटल रूप से भी अपलोड करें। अनुसंधान में नये विषयों में शामिल करें जिससे विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ की कल्पना को साकार किया जा सकें। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अनुसंधान और नवाचार में निजी विश्वविद्यालयों की मदद् के लिये योजना बनाई है। बैठक में उपस्थित छत्तीसगढ़ विनियामक आयोग के चेयरमेन श्री मिश्रा ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के निरिक्षण के दौरान पाई गई कमियों एवं अन्य मुद्दों पर ध्यान आकर्षित कराया।बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन एवं विश्वविद्यालयों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किये गये नवाचार एवं अन्य बिन्दुओं पर जानकारी दी।बैठक में कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर, मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर, आई.सी.एफ.ए.आई विश्वविद्यालय दुर्ग, सीवी रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर, आई.टी.एम. विश्वविद्यालय रायपुर, ओ.पी. जिदंल विश्वविद्यालय रायगढ़, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर, आई.एस.बी.एम. विश्वविद्यालय गरियाबंद, श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय रायपुर, मर्हिषी विश्वविद्यालय बिलासपुर, ए.ए.एफ.टी. विश्वविद्यालय रायपुर, देव संस्कृति विश्वविद्यालय दुर्ग, के. के. मोदी विश्वविद्यालय दुर्ग, श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी दुर्ग, भारती विश्वविद्यालय दुर्ग, आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर, श्री दावड़ा विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपतिगण उपस्थित थे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कक्ष में पद्मश्री अनुराधा पौडवाल ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ आगमन पर शॉल और बेल मेटल की नन्दी भेंट कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री साय और पद्मश्री अनुराधा पौडवाल के मध्य छत्तीसगढ़ की लोककला, गीत-संगीत और संस्कृति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर विधायक और पद्म श्री अनुज शर्मा उपस्थित थे।
- रिसाली सेक्टर भिलाई में 11 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखलाभिलाई। जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवीजी द्वारा बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर भिलाई, में चल रही 11 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के दसवें दिन बताया कि किसी महापुरुष को पहचानने में एक बात का प्रमुख दृष्टिकोण रखना चाहिए कि किसी से सुनकर किसी को महापुरुष न मान स्वयं देखभाल कर लें, अपितु एवं समझकर उसे स्वीकार करना चाहिए।महापुरुष के पहिचानने में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिएकिसी महापुरुष को पहिचानने में उसकी बहिरंग वेशभूषा को न देखना चाहिये। कोट पतलून में भी महापुरुष हो सकते हैं एवं रंगीन वस्त्रों में भी कालनेमि मिल सकते हैं। पुनः हमारे इतिहास से भी स्पष्ट है कि 90 प्रतिशत महापुरुष गृहस्थों में हुए हैं जिनके कपड़े रँगे नहीं थे।एक बात का और दृष्टिकोण रखना चाहिये कि महापुरुष संसारी वस्तु नहीं दिया करता, यह गम्भीरतया विचारणीय है। महापुरुष क्या, भगवान् भी कर्म विधान के विपरीत किसी को संसार नहीं देते। उनके भी नियम हैं।महापुरुष सिद्धियों का चमत्कार नहीं दिखाया करता। चमत्कार को नमस्कार करना ठीक नहीं, अपितु चमत्कारियों को दूर से नमस्कार करना ठीक है, अन्यथा अपना लक्ष्य खो बैठोगे।महापुरुष मिथ्या आशीर्वाद नहीं देता एवं शाप भी नहीं देता। हाँ, इतना अवश्य है कि मंगलकामना सम्पूर्ण विश्व के लिये रहती है क्योंकि वह पूर्ण-काम हो चुका है। हरिदास सरीखे सन्त को गुण्डों ने इतना मारा कि वे खून से लथपथ हो गये, पुनः मरा हुआ समझ कर नदी में फेंक दिया किन्तु हरिदास ने भगवान् से यही प्रार्थना की कि ये बेचारे अज्ञानी हैं, इनका कोई अपराध नहीं अगर आप मेरी प्रार्थना स्वीकार कर सकें एवं मुझसे प्यार करते हों तो इन सब की बुद्धि शुद्ध कर दें। सोचिये, इतने आततायी के प्रति भी महापुरुष के ऐसे उद्गार हैं।महापुरुषों को पहिचानने का प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि महापुरुष के दर्शन, सत्संगादि से ईश्वर में स्वाभाविक रूप से मन लगने लगता है। किन्तु, वह मन लगना सबका पृथक् पृथक् दर्जे का होता है। जैसे, चुम्बक लोहे को अवश्य खाँचता है किन्तु यदि लोहे में अन्य धातुओं का मिश्रण होता है तो देर में खींचता है। इसमें चुम्बक का दोष नहीं है अपितु लोहे में मिश्रण का दोष है। इसी प्रकार साधक का मन जितना निर्मल होगा, उतनी ही मात्रा में खिंच जायगा। यही कारण है कि इतिहास में महापुरुषों को देखकर एक व्यक्ति का मन तुरन्त खिंच गया, एक का देर से खिंचा, एवं एक व्यक्ति तो उन महापुरुषों को गाली ही देता रहा। किन्तु, यह ध्यान रहे कि गाली देने वाले का भी लाभ होता ही है क्योंकि जो उसने ईश्वरीय तत्त्व की बातें सुन ली हैं वह उसके पास जमा रहती हैं, समय आने पर अर्थात् वैराग्य होने पर वह सुना हुआ तत्त्व काम में आ जावेगा।दूसरा प्रत्यक्ष लाभ यह होता है कि साधक की जो साधना-पथ की -- क्रियात्मक गुत्थियाँ अर्थात् उलझनें होती हैं उन्हें वह सुलझा कर बोधगम्य करा देता है। अतएव संशयों को समाप्त करके सही साधना पथ पर चलाने का कार्य श्रोत्रिय-ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष ही कर सकता है।प्रवचन का अंत श्री राधा कृष्ण भगवान की आरती के साथ हुआ। प्रवचन श्रृंखला का आयोजन 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।

- -मनोरंजन के साथ साथ छत्तीसगढ़ की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी युवाओं को कर रही आकर्षित-महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, छत्तीसगढ़ के विकास की संभावनाओं पर युवाओं ने साझा किए विचार- छत्तीसगढ़ी में सब्जी-भाजी, फलों और सामानों के नाम, टंग ट्विस्टर गेम्स, ग्रुप गेम्स में युवाओं ने दिखाई रुचि- आज शाम साइंस कॉलेज की चौपाटी में होगा चौथा इवेंटरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार की टैगलाइन , उनका गृह ग्राम और विधानसभा क्षेत्र ,महतारी वंदन योजना की पात्रता और मिलने वाली राशि , छत्तीसगढ़ी में सब्जी - भाजी , फलों के नाम , यहाँ बोले जाने वाली बोली और भाषा , विमान सेवाओं की रीजनल कनेक्टिविटी, यह ऐसे सवाल थे जो युवाओं के बीच खुशहाल एक साल इवेंट आयोजन के दौरान चर्चा का विषय रहे । छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा खुशहाल एक साल नामक इवेंट का तीसरा सफल आयोजन कटोरा तालाब के उद्यान में किया गया । यहाँ उद्यान में भ्रमण करने आए युवा और बच्चों ने जब खुशहाल एक साल इवेंट में भाग लिया तो सरकार की उपलब्धियों को तो जाना ही, उससे जुड़े प्रश्नों का उत्तर भी उत्साहपूर्वक दिया । इसके एवज में उन्हें उद्यान के ही रेस्टोरेंट्स के गिफ्ट वाउचर और बिहान के आकर्षक सामान उपहार स्वरूप मिले । खुशहाल एक साल इवेंट के ज़रिए छत्तीसगढ़ सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों और योजनाओं को युवाओं के मध्य पहुंचाया जा रहा है।मनोरंजन ,खेल , क्विज के माध्यम से लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। सही उत्तर देने पर उन्हें आकर्षक गिफ्ट वाउचर्स , उपहार भी दिए जा रहे हैं ।खुशहाल एक साल इवेंट के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जनसंपर्क विभाग द्वारा आज 19 दिसंबर गुरुवार की शाम साढ़े छह बजे से साइंस कॉलेज के सामने स्थित चौपाटी में चौथा आयोजन किया जाएगा ।
- रायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कवि सम्मेलन 5.0 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, कैबिनेट मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित विधायकगण और श्रोतागण मौजूद रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के जयंती पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने सभी मूर्धन्य कवियों का छत्तीसगढ़ की माटी में स्वागत और अभिनंदन किया। श्री साय ने कहा कि बड़े ही शुभ दिन पर यह आयोजन हो रहा है। बाबा गुरु घासीदास का आशीर्वाद प्रदेश वासियों को मिले, उन्होंने यह कामना की।मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि और गीतकार श्री केदार परिहार को छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित किया। कवि सम्मेलन में पद्म श्री डॉ. सुरेंद्र दुबे, पद्म श्री डॉ. सुनील जोगी, डॉ. हरिओम पवार, सुश्री अनामिका जैन अंबर, डॉ. अनिल चौबे, श्री स्वयं श्रीवास्तव और श्री रमेश विश्वहार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर 19 दिसम्बर से राज्य को हवाई सेवा के क्षेत्र में एक नई सौगात मिलने जा रही है। केन्द्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में रायपुर-अम्बिकापुर-बिलासपुर विमान सेवा शुरू होगी। किफायती विमान सेवा से व्यापार, पर्यटन और विकास को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 19 दिसम्बर को पूर्वान्ह 10.45 बजे से 11.10 बजे तक स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर-अम्बिकापुर-बिलासपुर विमान सेवा का शुभारंभ करेंगे।
- -भारत सरकार से मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र सम्मान-चिंतागुफा इलाके का ताड़मेटला गांव, जहां देश के सबसे बड़े नक्सल हमले में शहीद हुए थे 76 जवान, भी इसी सेक्टर मेंरायपुर / छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र स्वास्थ्य केन्द्र चिंतागुफा ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में वह कर दिखाया है, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी। वर्षों तक दहशत और चुनौतियों का पर्याय रहे, इस क्षेत्र ने अब अपनी सेवा भावना, मेहनत और प्रतिबद्धता से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को 28 नवंबर 2024 को भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया, जिसमें इसे 89.69 प्रतिशत का उत्कृष्ट स्कोर प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि सुकमा जिले में प्रथम स्थान पर आने के साथ ही पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई है।गौरतलब है कि चिंतागुफा स्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत पांच उप-स्वास्थ्य केन्द्र हैं, जिसमें 45 घोर नक्सल प्रभावित गांव आते हैं। भारत के सबसे बड़ी नक्सल घटना, जहां 76 जवान शहीद हुए थे, वह ताड़मेटला गांव भी इसी सेक्टर में आता है। सुकमा कलेक्टर के अपहरण के बाद रिहाई का क्षेत्र हो या बुरकापाल में शहीदों की याद, सब इसी इलाके की घटना है। कोंटा विकासखण्ड अंतर्गत स्थित यह क्षेत्र घोर नक्सल प्रभावित है, जिसके अंदरूनी गांवों में आज भी माओवादियों की दहशत है।चिंतागुफा का सफर: संघर्ष से सफलता तकचिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र, वर्ष 2009 में आरएमए मुकेश बख्शी की पदस्थापना से अस्तित्व में आया। उस समय यह क्षेत्र भवन विहीन, नेटवर्क विहीन, रोड विहीन था। स्टॉफ में सिर्फ एक आरएमए और एक वार्ड व्वाय के साथ स्कूल के एक कमरे में इसका संचालन होता था। जिसक कमरे में इलाज होता था, उसी कमरे ही प्रभारी सोते थे। नक्सलियों के खौफ और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने हर कदम पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चुनौती थी। वर्ष 2011 में 11 अप्रैल को एक घटना के दौरान नक्सलियों ने एंबुलेंस पर हमला किया, जिसमें आरएमए मुकेश बख्शी और कई बच्चे मौजूद थे। श्री बख्शी बच्चों को बेहतर इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र दोरनापाल एम्बुलेंस में ले जा रहे थे, तभी नक्सलियों ने एम्बुस लगाकर गोलीबारी की। एम्बुलेंस में 8 गोलियां लगी। किस्मत से किसी को गोली नहीं लगी। नक्सलियों ने सबको नीचे उतार कर जमीन में पेट के बल लेटाकर हाथ पीछे कर बंदूक टिका दिया था। आरएमए मुकेश बख्शी के बार-बार निवेदन और सेवाभाव को देखकर नक्सलियों ने सभी को छोड़ दिया। इसके बावजूद, बख्शी ने अपनी सेवा भावना से लोगों का दिल जीतकर इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की नींव मजबूत की। वर्ष 2017 में स्वास्थ्य केन्द्र चिंतागुफा के प्रभारी आरएमए मुकेश बख्शी को चिकित्सा सेवाभाव के लिए स्वास्थ्य मंत्री द्वारा धन्वंतरी सम्मान दिया गया। वर्ष 2017 में ही राज्य टीम के साथ मलेरिया अनुसंधान हेतु श्री बख्शी, श्रीलंका जाने हेतु चयनित हुए। वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री द्वारा हेल्थ आइकॉन सम्मान से नवाजा गया।यह क्षेत्र आज भी बुनियादी संसाधनों से दूर है। सड़कें, नेटवर्क और बाजार जैसी सुविधाएं सीमित हैं। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव ने विकास कार्यों और भवन निर्माण को रोके रखा था। बारिश के मौसम में क्षेत्र टापू में बदल जाता है, जिससे पहुंचना कठिन हो जाता है। वर्ष 2020 में स्वास्थ्य भवन और आवासीय सुविधाओं का निर्माण हुआ, जिससे सेवाओं का विस्तार हुआ। राज्य और जिला अधिकारियों, डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट्स, और स्थानीय लोगों के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर के मानकों को पूरा करने की तैयारी हुई। 15-16 नवंबर 2024 को भारत सरकार की एनक्वॉस टीम ने चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र का मूल्यांकन किया। ओपीडी,आईपीडी लैब, लेबर रूम और प्रशासनिक कार्य जैसे सभी विभागों की समीक्षा में उच्च रैंक हासिल किया।आज चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र प्रतिमाह औसतन 20 संस्थागत प्रसव, 1000 से अधिक ओपीडी, और 100 से अधिक भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। यह उपलब्धि केवल एक स्वास्थ्य केंद्र की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की दृढ़ता, संघर्ष और सेवा भावना की कहानी है। डॉ. अनिल पटेल, महेंद्र काको, सीमा किसपोट्टा, रीना कुमारी, पार्वती कुहरम, अनिता सोढ़ी सहित पूरी टीम ने एकजुट होकर इस सफलता को संभव बनाया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर चिंतागुफा अब इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतीक बन चुका है, और अपने स्वास्थ्य मानकों और गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहा है। यह सफलता अन्य घोर प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक उदाहरण है कि कैसे समर्पण और टीम वर्क से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।
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रायपुर। चौबे कालोनी निवासी वरिष्ठ पत्रकार जगदीश वाढेर (उम्र 58 वर्ष) का बुधवार 18 दिसंबर को आकस्मिक निधन हो गया है। उन्होने देशबंधु व अमृत संदेश समाचार पत्र में काफी लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी । अंतिम संस्कार 19 दिसंबर, गुरुवार को दोपहर 2 बजे मरवाड़ी शमशानघाट में किया जाएगा।
- नई दिल्ली। रायपुर-दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित कुम्हारी टोल प्लाजा को बंद करने समेत विभिन्न कार्यों को लेकर रायपुर के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।श्री अग्रवाल ने बताया कि कुम्हारी टोल प्लाजा वर्षों से संचालित है, अवधि पूर्ण हो जाने के बाद भी यह टोल प्लाजा अवैध रूप से संचालित हो रहा है, जिससे स्थानीय जनता को भारी असुविधा और जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है,। इस कारण क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने टोल प्लाजा को तत्काल बंद करने की मांग की।श्री बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर शहर की यातायात की समस्या और परिवहन के बुनियादी ढांचे की समस्याओं के समाधान के लिए माननीय गडकरी जी के सामने निम्नलिखित मांगे रखी, जिनमे1. *रिंग रोड नं. 01 (एनएच-53) के सर्विस रोड को 5 मीटर से बढ़ाकर 11 मीटर करना।*2. *रायपुर रेलवे स्टेशन से नेशनल हाइवे 30 के जंक्शन तक बने एक्सप्रेस हाईवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपना।*3. *एक्सप्रेस हाईवे पर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (शदाणी दरबार) के जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण।*4. *भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे में अभनपुर-राजिम-गरियाबंद राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130C के क्रॉसिंग पॉइंट पर इंटरचेंज सुविधा का निर्माण।*5. *राष्ट्रीय राजमार्ग 30 (कमल विहार चौक) के जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण।*सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद से रायपुर को राजधानी की तर्ज पर विकसित करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता रही है। बढ़ती जनसंख्या और यातायात समस्याओं के चलते रायपुर में रोजाना तेलीबांधा रिंग रोड चौक जैसे स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। रिंग रोड के बाहर बन चुकी बड़ी कॉलोनियां, बाजार और व्यावसायिक परिसरों के कारण शहर की यातायात समस्या गंभीर हो गई है।उन्होंने कहा कि विशाखापट्टनम और उड़ीसा की ओर जाने वाले मालवाहक और यात्री वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे का निर्माण शहर के बाहर प्रवेश और निकासी की सुविधाएं प्रदान करेगा। इससे न केवल जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय निवासियों को राहत भी मिलेगी। श्री अग्रवाल ने नितिन गडकरी से आग्रह किया कि रायपुर को एक आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए इन मांगों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।
- -बालोद जिले में अभियान की प्रगति के संबंध में अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देशबालोद,। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने जिले में ’जल जतन अभियान’ के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की समीक्षा बैठक सोमवार 16 दिसंबर को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने ’जल जतन अभियान’ के प्रगति के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से बारी-बारी से चर्चा कर ’जल जतन अभियान’ अंतर्गत जल प्रबंधन द्वारा जल संरक्षण हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने गुरूर विकासखण्ड में ’जल जतन अभियान’ अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गुरूर विकासखण्ड में ग्राउण्ड लेवल वाटर को बढ़ाने के लिए समुचित उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेमी एवं क्रिटिकल जोन चिह्नित क्षेत्रों में जल संकट को दूर करने हेतु वाटर शेड प्रबंधन एवं जल संचयन के कार्य को गंभीरता से करने के निर्देश दिए। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने गुरूर विकासखण्ड के प्रभावित ग्रामों में कृषक चैपाल के आयोजन के संबंध में जानकारी ली। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने कृषकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने जिले के विभिन्न स्थानों में लगाए गए कृषक जन चैपालोें की भी समीक्षा की। उन्होंने गुरूर विकासखण्ड के चिह्नित स्थानों पर जन चैपाल लगाकर किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले गन्ना, गेंहूँ, मक्का, चना, दलहन, तिलहन एवं शाक-सब्जी का उत्पादन के लिए प्रेरित करने को कहा। उल्लेखनीय है कि जल प्रबंधन द्वारा जल संरक्षण के प्रति आम जनता में जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से जिले में चलाए जा रहे ’जल जतन अभियान’ का संचालन किया जा रहा है। जिससे कि भविष्य में जिले में जल संकट की स्थिति निर्मित न हो सके एवं घटते जल स्तर को रोकने हेतु प्रभावी उपाय सुनिश्चित की जा सके। बैठक में सभी संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर । सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. संगीता एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आबकारी विभाग जिला रायपुर द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध कार्यवाहियाँ जारी हैं । इसी अनुक्रम में गुरु घासीदास जयंती पर घोषित शुष्क दिवस के दिन कंपोजिट देशी मदिरा दुकान गंज थाना गंजपारा के पास आरोपी गिरधर साहू के आधिपत्य के न्यू कांकेर केशकाल गुड्स ट्रांसपोर्ट गैरेज से 480 नग पाव (86.4 बल्क लीटर) देसी मदिरा मसाला , वार्ड क्रमांक 69, साईं नगर थाना डीडी नगर निवासी रेशमा महानंद सागर से 168 नग पाव (30.24 बल्क लीटर) देसी मदिरा मसाला मदिरा एवं कंपोजिट देशी मदिरा दुकान गंजपारा थाना गंजपारा के पास लावारिस हालत में 55 नग पाव (9.9 बल्क लीटर) देशी मदिरा मसाला जप्त की गई । छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) 59(क) के प्रकरण कायम किए गए एवं आरोपियों को जेल दाखिल किया गया। उल्लेखनीय है कि लगातार शिकायत प्राप्त हो रही थी कि शुष्क दिवस में कुछ लोगों द्वारा अवैध मदिरा विक्रय किया जा रहा है। उपरोक्त कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारीगण अल्ताफ खान, डीडी पटेल,वैभव मित्तल, टेक बहादुर कुर्रे एवं उपनिरीक्षक गण प्रकाश देशमुख, कौशलकिशोर सोनी, अनुला झाड़े का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- -औद्योगिक क्षेत्रों के मुख्य मार्गाें और स्लम बस्तियों में लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे, 24 घंटे कंट्रोल रूम से होगी माॅनीटरिंग-आईजी श्री अमरेश मिश्रा ने ली औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक-कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह एवं एसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह भी रहे उपस्थितरायपुर । राजधानी रायपुर में अपराधियों पर शिकंजा कसने और दुर्घटना कर फरार होने वाले वाहन चालकों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी कैमरे से मदद ली जाएगी। जिले के औद्योगिक क्षेत्र के मुख्य मार्गाें और स्लम बस्तियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिसकी माॅनीटरिंग कंट्रोल रूम में 24 घंटे की जाएगी। आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्राॅस सभाकक्ष में आईजी श्री अमरेश मिश्रा ने औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। इस अवसर पर कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह, एसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद समेत एडीएम, एएसपी, एसडीएम समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।आईजी श्री अमरेश मिश्रा ने कहा कि राजधानी के आसपास के क्षेत्रों जैसे औद्योगिक क्षेत्र एवं स्लम बस्तियों में सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से माॅनीटरिंग बहुत ही आवश्यक है। प्रत्येक एंगल में सीसीटीवी कैमरे के लिए स्थान चिंहाकित किया जाएं और सर्वे के बाद उन स्थानों में कैमरे लगाए जाएं। श्री मिश्रा ने कहा कि हर क्षेत्र सीसीटीवी कैमरे से लैस हो, ताकि अपराध होने पर तत्काल कार्रवाई में मदद मिल सके। साथ ही दुर्घटना होने पर वाहन की पहचान हो सके। सीसीटीवी कैमरे सभी स्थानों पर होने से अपराध होने पर तत्काल पुलिस को कार्रवाई में मदद भी मिलेगी। इससे शहर की सुरक्षा भी बढ़ेगी। श्री मिश्रा ने कहा कि उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों की जानकारी भी रखी जाए।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कहा कि अपराध में कमी लाने के लिए सीसीटीवी कैमरे की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में स्लम बस्तियों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे जल्द से जल्द लगाने की तैयारी की जाए। साथ ही सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से माॅनीटरिंग के लिए छोटे-छोटे कंट्रोल रूम बनाए जाएं। औद्योगिक क्षेत्रों में कई बार दुर्घटना होने के बाद संबंधित वाहनों को ढूंढना बड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उन वाहनों को पकड़ने में आसानी भी होगी। डाॅ. सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर शहर पहुंचने वाले वाहन कैमरे की जद में रहें। ऐसा रूट मैप तैयार कर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।एसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह ने कहा कि शहर को सुरक्षित करने के लिए और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे की आवश्यकता है। इसमें सभी की सहभागिता बहुत ही जरूरी है। सीसीटीवी कैमरे हर एंगल में लगाने की जरूरत है, ताकि अपराध होने पर तत्काल सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से अपराधियों को पकड़ा जा सकता है।
- -घूमंतु लोगों को किया जाएगा रेशक्यू, तेज होगा जनजागरूकता अभियान-सचिव श्री भुवनेश यादव एवं आईजी श्री अमरेश मिश्रा ने ली बैठक-कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह एवं एसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह की रहीं उपस्थितिरायपुर । रायपुर जिले में नशे के खिलाफ एक युद्ध-नशे के विरूद्ध अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत लोगों को नशे से रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा और घंुमतू लोगों को रेशक्यू भी किया जाएगा। साथ ही जिले में 50-50 बिस्तरों के नशा मुक्ति केंद्र भी जल्द ही खुलेंगे। जहां पर नशा करने वालों को नशे से रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। आज समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव एवं आईजी श्री अमरेश मिश्रा ने स्वयं सेवी संगठन की कलेक्टोरेट स्थित रेडक्राॅस सभाकक्ष में बैठक ली। इस अवसर पर कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह, एसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद, एडीएम, एएसपी, एसडीएम समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।सचिव श्री भुवनेश यादव ने कहा कि नशे से रोकने के लिए जनसहयोग के माध्यम से जनजागरूकता चलाया जाएं। साथ ही नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को नशे से मुक्ति किया जाएं। चैक-चैराहों में घूमने वाले घुमंतू लोगों को रेशक्यू किया जाएं। नशा मुक्ति केंद्र में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएं, जिससे अधिक से अधिक लोगों को केंद्र में लाकर नशे के विरूद्ध जागरूक किया जा सके।आईजी श्री अमरेश मिश्रा ने कहा कि विभिन्न मार्गाें से घूमंतु लोगों का रेशक्यू किया जाएं और नशे से रोकने के लिए अभियान चलाया जाएं। जनजागरूकता अभियान करने की कार्रवाई तेज की जाएं।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र में अनुभवी डाॅक्टर और काउंसर तैयार किया जाएं। उन्हें बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएं, जिससे नशे करने वालों को जल्द से जल्द नशे से मुक्ति दिलाई जा सके।एसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह ने कहा कि प्रत्येक चैक-चैराहों का चिंहाकन किया गया है। जहां घुमंतू लोग मिलेंगे, उन्हें रेशक्यू किया जाएगा। यह अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही नशे से मुक्ति दिलाने के लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
- - किसानों को अब तक 59.40 करोड़ रूपए का भुगतान-खरीदी केंद्रों में लगातार बढ़ रही आवकबिलासपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में धान खरीदी का सिलसिला अनवरत जारी है। दिनों दिन केंद्रों में आवक बढ़ रही है। 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी अभियान में अब तक 2.50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। जिल में अब तक 57 हजार से ज्यादा किसानों ने अपना धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत अब तक 59 करोड़ 40 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा।धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था से किसान खुश*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा के सारे इंतजाम किए गए हैं। मोपका धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे चिलहाटी के किसान सुकूल राम कुर्रे ने बताया कि केंद्रों में धान बेचने में किसी तरह की समस्या नहीं आ रही है साथ ही केंद्रों में माइक्रो एटीएम की सुविधा मिलने से अब छोटे छोटे खर्चों के लिए त्वरित रूप से पैसे मिल जाते है। जिससे किसानों को बड़ी सुविधा हो रही है। वो केंद्र में 300 क्विंटल धान बेचने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक तौल से अब गड़बड़ी के सारे रस्ते बंद हो गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हम किसानों की सुध ली है।इसी तरह सेंदरी केंद्र में धान बेचने पहुंचे रमतला के किसान भुवन कुमार नेताम ने बताया कि धान बेचने में उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई,टोकन भी आसानी से मिल गया और साथ ही केंद्रों में भी सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, जिससे वो आसानी से अपना 250 क्विंटल धान बेच सके। श्री नेताम ने कहा कि सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए में लेने से किसानों को राहत मिली है, साथ ही किसान सम्मान निधि से भी किसानों को लाभ मिल रहा है, जिसके लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को वे धन्यवाद देते हैं।
- -2702 बच्चों को कराया गया स्वर्णप्राशन, 350 बच्चों को पांच दवाओं से निर्मित बाल रक्षा किट भी दिए गए-432 अभिभावकों का किया गया प्रकृति परीक्षणरायपुर। . बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्तिवर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय, रायपुर में आज 2702 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। विभिन्न रोगों से रोकथाम एवं इम्युनिटी बढ़ाने के लिए 350 बच्चों को पांच दवाईयों से बने बाल रक्षा किट भी वितरित किए गए। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। स्वर्णप्राशन के साथ ही डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आज स्वर्णप्राशन के साथ ही बच्चों को लेकर आए 432 अभिभावकों का भारत सरकार के ‘देश का प्रकृति परीक्षण’ अभियान के तहत प्रकृति परीक्षण भी किया गया।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष विभाग की संचालक सुश्री इफ्फत आरा, प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। महाविद्यालय के कौमारभृत्य विभाग की व्याख्याता डॉ. सत्यवती राठिया तथा स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 25 जनवरी को 1235, 21 फरवरी को 1420, 18 मार्च को 1720, 16 अप्रैल को 1410, 13 मई को 1256, 10 जून को 1802, 8 जुलाई को 1342, 3 अगस्त को 1370, 30 अगस्त को 1660, 26 सितम्बर को 2046, 24 अक्टूबर को 2216 और 20 नवम्बर को 2211 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था।
- -लालपुरधाम के गुरू घासीदास मंदिर के जीर्णाेद्धार के लिए 50 लाख रूपए की घोषणा-लोरमी में नालंदा परिसर का होगा निर्माण-मुख्यमंत्री लालपुर धाम में 268वें गुरू घासीदास जयंती समारोह में हुए शामिल-जैतखाम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बाबा गुरु घासीदास के संदेशों को अपनाकर हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री साय आज मुंगेली जिले के तहसील मुख्यालय लालपुर धाम में आयोजित बाबा गुरू घासीदास के 268वें जयंती समारोह एवं तीन दिवसीय मेला कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने यहां बाबा गुरू घासीदास मंदिर एवं जैतखाम में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लालपुर में बाबा गुरू घासीदास मंदिर के जीर्णाेद्धार के लिए 50 लाख रूपए की स्वीकृति तथा लोरमी में नालंदा परिसर के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय सहित अतिथियों का कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर सतनामी कल्याण समिति के सदस्यों ने गजमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने ऊंच-नीच, भेद-भाव, छूआछूत का प्रबल विरोध किया, मनखे-मनखे एक समान का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 70 लाख से ज्यादा महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के विकास पर ध्यान देते हुए प्राधिकरण का गठन किया गया है। यूपीएससी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को पढ़ाई और बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सके।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इस अवसर पर कहा कि सब को साथ लेकर चलना बाबा का संदेश था और इसी संदेश का संकल्प लेकर हमारी सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का सांय-सांय विकास हो रहा है। उन्होंने सभी को बाबा गुरु घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि लालपुर में उपस्थित होकर बाबा गुरु घासीदास जी की पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य मिला। बाबा ने सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। आप सभी उनके संदेशों का अनुकरण करते हुए जीवन में आगे बढ़ें।केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लालपुर धाम में हर समाज के लोग आते हैं और श्रद्धा के साथ सिर झुकाते हैं। आज बाबा की 268वीं जयंती मना रहे हैं, ताकि बाबा के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प ले सकें। उन्होंने कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने अपनी साधना और तपस्या के बल पर पूरे मानव समाज को एकता के सूत्र में बांधा। छूआछूत की भावना को दूर करते हुए सर्व समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने संत समाज को नमन करते हुए सांसद निधि से लालपुर के विकास के लिए 10 लाख रूपए की घोषणा की।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री राहुल देव, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, गणमान्य नागरिक श्री कोमल गिरी गोस्वामी, श्री फणीश्वर पाटले सहित बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी मौजूद रहे।
- भिलाई। भिलाई नगर निगम के भेलवा तालाब में विगत 18 वर्षों से तलैया वॉलीबॉल लगातार चल रहा है। वहां पर रेत डालकर खिलाड़ी लोग वॉलीबॉल खेलते हैं। एक तरफ सुंदर सा तालाब है। दूसरे तरफ अंदर में वॉलीबॉल का ग्राउंड है। उसमें रेत डाल करके वॉलीबॉल ग्राउंड बनाया गया है। लोग वहां सुबह 7:00 से वॉलीबॉल खेलना शुरू कर देते हैं। यह लगातार 10:00 तक चलता रहता है। खिलाड़ी आते हैं शामिल होते हैं फिर अपने समय के हिसाब से चले जाते है। 18 साल से लेकर के 65 साल के खिलाड़ी खेलते हैं। जो भी वहां पर एक्सरसाइज करने आता है सब उत्साह देखकर के वह भी खेलने लगता है। वहां पर शर्त लगता है, जो जो हारती है वह टीम नाश्ता कराती है। नगर निगम भिलाई द्वारा समय-समय पर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके बारे में यतींद्र चंद्राकर ने बताया समुद्र के किनारे बालू में वॉलीबॉल खेलना देखकर के हम लोगों को भी लगा की ज्यादा प्रेक्टिस ताकत बालू में खेलने से लगेगा। हम सब बिजनेसमैन, निगम के ठेकेदार, नौकरी करने वाले, पढ़ने वाले सभी तरह के लोग हैं। कम समय में खेल करके अपने आप को फिट रखना चाहते हैं। इसीलिए भेलवा तालाब के किनारे बालू डाल करके खेलना शुरू दिया गया। जो ठंड, गर्मी, बरसात मे विगत 18 साल से चल रहा है। अब तलैया वॉलीबॉल हो गया है। सभी खिलाड़ियों में एक पारिवारिक माहौल है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय तालाब का निरीक्षण करने के लिए आए थे। उन्हें भी यह देखकर अच्छा लगा कि यहां पर चारों तरफ हरियाली है। बीच में सरोवर है। कुछ लोग एक तरफ पर योग कर रहे हैं, हैप्पी ग्रुप के तरफ से कहीं लाफिंग हो रहा है। एक तरफ जिम चल रहा है। एक तरफ लोग व्यायाम कर रहे हैं। तो एक तरफ लोग वॉलीबॉल खेल रहे हैं। कुछ लोग बत्तखों को दाना, रोटी खिलाने आते हैं। बहुत ही खुशनुमा माहौल रहता है। बोले मैं शाम के समय में फिर देखने, टहलने आऊंगा। इसको और डेवलप करेंगे। खिलाड़ियों में प्रमुख रूप से जय कुमार शर्मा, दयाल भमभवानी, भूषण, राज किशोर विश्वकर्मा, सी विजू, राहुल कोठारी नीलेश कोठारी, वीरेंद्र सिंह, श्रीनिवास अग्रवाल, आर पी भुसावल, सूरज राय, मनीष, मनेश्वर, कुणाल डोंगरे , महावीर चंद्राकर, जितेंद्र सिंह आदि रोज खेलते हैं। जिम्मेदारी के साथ अपने टीम को चला रहे हैं।
- -पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई से मिलने पहुंचे मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल-चिकित्सकों की टीम के साथ श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य की ली जानकारी-स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने श्रीमती तीजन बाई को 5 लाख रुपये की दी आर्थिक सहायता-स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल विधायकों के साथ श्रीमती तीजन बाई से मिलने पहुंचे गनियारीरायपुर / प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, पंडवानी की लोक गायिका पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई की हालत जानने आज उनके निवास गांव गनियारी (विकासखंड पाटन, जिला दुर्ग) पहुंचे। उन्होंने पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई और उनके परिजनों से मुलाकात कर हाल-चाल पूछा और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मंत्री श्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के तरफ से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई को प्रदान किया। श्री जायसवाल ने परिवार में नौकरी की माँग को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करने का भी आश्वासन दिया। साथ ही शासन स्तर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बाते कही।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिया है कि छत्तीसगढ़ की पहचान पद्म विभूषण श्रीमती तीजन बाई के इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। तीजन बाई के इलाज के लिए चिकित्सकों की एक टीम भी तैनात की गई है जो लगातार उनका मेडिकल बुलेटिन भी जारी करते रहते हैं। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने श्रीमती तीजन बाई को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, श्री ललित चंद्राकर और श्री गजेंद्र यादव,संचालक स्वास्थ्य सेवाये, कलेक्टर, सीएमएचओ और स्वास्थ्य कर्मचारी भी मौजूद थे।
- - प्रवचन श्रृंखला का आयोजन 20 दिसम्बर तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।भिलाई, ।बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर में चल रही दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के नवमें दिन, जगदगुरुत्तम स्वामी श्री कृपालु जी महाराज की प्रमुख सुश्री प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी ने बताया कि वेदों में कहा गया है कि भगवान की प्राप्ति वास्तविक गुरु की शरणागति से ही हो सकती है। वेदों में कहा गया है-तब्दिध्दि प्रणिपातेन, परिप्रश्नेन सेवया।उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्वदर्शिनः।।अर्थात् ईश्वरीय विषय के तत्व ज्ञान के लिए श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष की आवश्यकता है।रामायण कहती है- ‘गुरू बिनु भव निधि तरइ न कोई’ गुरु शास्त्र वेद का पूर्ण ज्ञाता भी हो और जिसने ईश्वर साक्षात्कार भी किया हो। वेदों-शास्त्रों में तो यहां तक कहा गया है कि गुरु और भगवान अलग न होकर एक ही तत्व है।भागवत में कहा गया है- ‘‘आचार्यं मां विजानयान‘‘।भगवान अर्जुन से कहते हैं कि हे अर्जुन! तू मुझे ही गुरु मान। अतः हरि और गुरु की शरणागति उनके प्रति पूर्ण समर्पण से ही हमारा काम बनेगा।ज्ञानमार्गी से भक्तिमार्गी श्रेष्ठ है क्योंकि ज्ञानमार्गी का पतन हो जाता है क्योंकि ज्ञानी को अपने ज्ञान का मिथ्या अभिमान होता है बल्कि भक्त अपने आप को दीन हीन, पतित मानता है तो उस पर दीनानाथ भगवान की कृपा जल्दी हो जाती है। ज्ञानी अपने बल पर चलता है जबकि भक्त भगवान के बल पर आश्रित होता है। इसलिए भक्त का पतन नहीं होता क्योंकि वहाँ पर गुरु उसका योगक्षेम वहन करता है। भगवान ने गीता में कहा है कि ‘मामेव ये प्रपद्यन्ते, मायामेतां तरन्ति ते’ अर्थात् भगवान के पूर्ण शरणागत होने पर ही माया से पार हो सकते हैं। इस प्रकार ज्ञान मार्ग को बहुत कठिन और भक्ति मार्ग को अत्यंत सरल बताया गया है।प्रवचन का अंत श्री राधा कृष्ण भगवान की आरती के साथ हुआ। प्रवचन श्रृंखला का आयोजन 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।
- -रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रायपुर रेल मंडल के हरीश कुमार बंजारे सीनियर सेक्शन इंजीनियर (टीआरडी) को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से करेंगे समानित-छत्तीसगढ़ राज्य के आरंग, ग्राम बैहार के हरीश कुमार बंजारे होंगे अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित-दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 02 कर्मवीर हरीश कुमार बंजारे सीनियर सेक्शन इंजीनियर (टीआरडी)एवं श्री राजेश कुमार तिवारी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (ट्रैक मशीन) अतिविशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के लिए चयनितरायपुर । भारतीय रेल द्वारा 101 कर्मचारियों और अधिकारियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार देने का फैसला लिया गया है। चयनित कर्मचारी एवं अधिकारियों को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 21 दिसंबर, 2024 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।"दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 02 कर्मवीर हरीश कुमार बंजारे सीनियर सेक्शन इंजीनियर (टीआरडी) एवं श्री राजेश कुमार तिवारी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (ट्रैक मशीन) अतिविशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है ।छत्तीसगढ़ राज्य के आरंग, ग्राम बैहार के हरीश कुमार बंजारे सीनियर सेक्शन इंजीनियर (टीआरडी) रायपुर रेल मंडल में कर्षण वितरण विभाग (टीआरडी) में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (ओ एच ई) भिलाई में कार्यरत है, इन्होने निर्माण विभाग में रायपुर एक नागपुर मंडल में तीसरी लाइन रेलवे विद्युतीकरण हेतु मेहनत और लगन से कार्य करते हुए कम समयावधि में निम्नानुसार परियोजनाओं को पूर्ण किया ।(1) पनियाजोब-बोरतलाव (कुल 8.198 किमी) के बीच तीसरी लाइन परियोजना का कार्य शुरू किया गया, जो लक्षित अवधि के भीतर पूरा हुआ, साथ ही 420 मीटर लंबी नई सुरंग के लिए विद्युतीकरण का विशेष कार्य सुरंग में विशेष ब्रैकेट व्यवस्था के साथ बहुत ही कम समय में पूरा किया गया ।(2) आमगांव, गुदमा और धनोली यार्ड के बड़े संशोधन के साथ गुदमा-धनोली (27.450 टीकेएम) के बीच तीसरी लाइन का रेलवे विद्युतीकरण, जिसमें 10 नए क्रॉस ओवर की कमीशनिंग शामिल है, लक्षित अवधि के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया गया ।(3) भिलाई इलैक्ट्रिकल कंस्ट्रक्शन स्टोर प्रभारी के रूप में, डिपो में यूडीएम को पूरी तरह से सफलतापूर्वक लागू किया।(4) अभनपुर-धमतरी लाइन कार्य के गेज परिवर्तन में केंद्री-अभनपुर (9 टीकेएम) खंड के कमीशनिंग में सहायता की।मंडल रेल प्रबंधक श्री संजीव कुमार सहित रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने उनकी इस उपलब्धि के लिए हर्ष व्यक्त किया ।
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सक्ती । जिले में अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पतेरापाली गांव के पास दो माजदा वाहन और 250 बोरी अवैध धान को जब्त किया गया है.। सक्ती से कोरबा जिला में धान का अवैध परिवहन किया जा रहा था, तभी खाद्य विभाग और SDM ने यह कार्रवाई की है.।
मिली जानकारी के अनुसार, सक्ती से कोरबा जिले में धान का अवैध परिवहन होने की सूचना खाद्य विभाग को मिली थी। . सूचना के बाद खाद्य विभाग की टीम और SDM अरुण सोम सक्ती के दमाऊधारा मार्ग में पतेरापाली के पास मौके पर पहुंचे.। इसके बाद दो माजदा वाहन को रुकवाया गया, जिसमें 250 बोरी धान पाया गया, जिसका कोई वैध दस्तावेज वाहन चालक उमेन्दराम और जीवन साहू के पास नहीं था.। इस तरह 250 बोरी धान और वाहन को जब्त किया गया है.। -
-"नोनी जोहार" राज्य स्तरीय कार्यक्रम में युवोदय दुर्ग स्वयं सेवकों की सहभागिता
दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन, यूनिसेफ, एबीस (पहल), एग्रीकॉन कमेटी, एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज, एकम फाउंडेशन और अन्य साझेदार संगठनों के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय "नोनी जोहार" कार्यक्रम में युवोदय दुर्ग जिला समन्वयक शशांक शर्मा, ब्लॉक समन्वयक मुकेश कुमार, प्रगति मोहबे, रामशरण सेन एवं पांच बालिका स्वयंसेविकाओं पूनम सरकार, फाल्गुनी रामटेके, नम्रता साहू, डिंपल देशमुख, प्रियंका निषाद ने भाग लिया। यह आयोजन बालिकाओं को सशक्त बनाने और उनकी नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। युवोदय की बालिका स्वयंसेविकाओं ने इस आयोजन में न केवल सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने लिंग समानता, मानसिक, स्वास्थ्य, नेतृत्व और मासिक धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित सत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिला समन्वयक और युवोदय कार्यक्रम के स्वयंसेवकों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान जिले में उनके सतत् प्रयासों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए दिए गए योगदान को मान्यता प्रदान करता है। कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियां एवं एजेंडा बालिकाओं के संपूर्ण विकास और सशक्तिकरण पर केंद्रित था। पहले दिन परिचय सत्र श्री अभिषेक सिंह और सुश्री चेतना देसाई (यूनिसेफ इंडिया) द्वारा कराया गया। उम्मीदों भरी खत अभिनेता आकाश सोनी ने प्रेरक वक्तव्य प्रस्तुत किया। डि-स्ट्रेस विद ईज़ सुश्री विभूति दुग्गर ने तनाव प्रबंधन पर सत्र लिया। लिंग समानता सभी की जिम्मेदारी यूनिसेफ इंडिया की यूथ एडवोकेट सुश्री नाहिद आफरीन द्वारा, मानसिक स्वास्थ्य पर कहानियों की कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। क्रिकेट, समानता और मानसिक स्वास्थ्य क्रिकेटर श्री अजय जादव मंडल द्वारा सत्र लिया गया। माइंड मंत्रा चले मन की गलियों में श्री नितिन श्रीवास्तव द्वारा मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा।"पीरियड्स पर बात करें" सुश्री विनीता पटेल ने मासिक धर्म के प्रति जागरूकता पर प्रकाश डाला। परिवर्तन की धुन गायिका सुश्री आरू साहू द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति। कार्यक्रम के दूसरे दिवस में आज "फ्लाई हाई फ्रिस्बी फॉर इक्वैलिटी" कार्यक्रम में जलवायु और समानता पर केंद्रित संवादों और गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, पोषण, और स्थायी जीवनशैली पर ध्यान केंद्रित किया गया। टीम मंकी स्पोर्ट्स ने इस सत्र का नेतृत्व किया और खेल के माध्यम से समानता और सहयोग का संदेश दिया। सीजी एग्रीकॉन समिति की परियोजना समन्वयक, सुश्री मनीषा मोटवानी ने परिदृश्य योजना के माध्यम से सतत विकास के पहलुओं पर चर्चा की। पर्यावरणविद् श्री नितिन सिंघवी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के व्यावहारिक कदम साझा किए।आईआईटी भिलाई के सीटीओ श्री विष्णु वैभव द्विवेदी ने सतत विकास के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इक्वल अर्थ एक सितारे की जलवायु और समानता के लिए अपील मॉडल और अभिनेत्री सुश्री अनुरिटा झा ने जलवायु परिवर्तन और समानता पर अपने विचार साझा किए। यूनिसेफ इंडिया की पोषण विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा देशपांडे और एबीआईएस एक्सपोर्ट्स की उपाध्यक्ष डॉ. पौलोमी बनर्जी ने पोषण की महत्वपूर्ण भूमिकाओं पर चर्चा की।ब्रश फॉर चेंज एक स्वस्थ ग्रह के लिए कला चित्रकार सुश्री तमन्ना जैन ने अपनी कला के माध्यम से पर्यावरण संदेश प्रस्तुत किए। आईबी ग्रुप की निदेशक सुश्री तनाज़ अज़ीज़ ने स्थायी भोजन आदतों पर विचार साझा किए।यूनिसेफ इंडिया के एसबीसी सलाहकार श्री अभिषेक त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम की उपलब्धियां "नोनी जोहार" कार्यक्रम ने बालिकाओं को न केवल सशक्त बनाने का अवसर प्रदान किया, बल्कि उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक विषयों पर जागरूकता को भी प्रोत्साहित किया। युवोदय दुर्ग की स्वयंसेविकाओं ने इस आयोजन में भाग लेकर जिले का गौरव बढ़ाया। यह कार्यक्रम बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य और समाज में उनके नेतृत्व की भूमिका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।























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