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- रायपुर /छत्तीसगढ़ की महिलाओं में महतारी वंदन योजना को लेकर अपार उत्साह देखा जा रहा है। खास कर गरीब, मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग की महिलाओं को इस योजना से मिलने वाली राशि से काफी राहत मिली है। महिलाओं का कहना है कि इस योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ गया है।प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का ही प्रतिफल है कि उन्हें समय पर महतारी वंदन योजना की राशि माह दर माह मिल रही है। महतारी वंदन योजना में इस माह 5वीं किश्त के रूप में एक-एक हजार रूपए की राशि मिली है। राशि के उपयोग से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। यह राशि महिलाओं के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंच रही है। महिलाओं के खाते में राशि आने से परिवार में भी उनकी पूछ परख बढ़ गई है।धमतरी के कलेक्टोरेट परिसर में कैंटिन का संचालन करने वाली सहेली संघ स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती हेमा साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को काफी फायदा हो रहा है। समूह की महिलाओं द्वारा अब नियमित रूप से आर्थिक गतिविधियों के लिए अपना योगदान दे पा रही हैं।श्रीमती हेमा ने यह भी कहा कि महतारी वंदन योजना से मिल रही राशि से महिलाएं अपने बच्चों के लिए आवश्यकतानुसार बेहतर प्रबंध कर पा रही हैं। महिलाएं निजी जरूरतों, घरेलू आवश्यकताओं व दैनिक उपयोग की चीजों की खरीदी एवं अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम हुई है। साथ ही भविष्य के लिए बचत भी कर रही है। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है।
- बालोद। अनुसूचित जाति अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं अनुसूचित जनजाति स्वरोजगार योजना में जिला बालोद को वर्ष 2024-25 हेतु अंत्योदय स्वरोजगार योजना के लक्ष्य 209 इकाई एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना में लक्ष्य 66 इकाई का कुल 275 इकाई का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित बालोद ने बताया कि जिले में निवास करने वाले शिक्षित बेरोजगार युवक, युवतियों से स्वयं व्यवसाय चयन कर रोजगार स्थापित करने हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। ऐसे पात्र आवेदक जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित कक्ष क्र. 91 संयुक्त जिला कार्यालय बालोद एवं जनपद पंचायत बालोद, गुण्डरदेही, गुरूर, डौण्डी, डौण्डीलोहारा में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हंै। इसके साथ ही नगर पालिका बालोद एवं दल्लीराजहरा, नगर पंचायत गुण्डरदेही, अर्जुंदा मंे कार्यालयीन समय में आवेदन पत्र प्राप्त कर आवश्यक समस्त दस्तावेेजों के साथ जमा भी कर सकते हैं।
- - निराकरण हेतु रखे गये कुल 8000 से अधिक मामलेंदुर्ग, / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार वर्ष 2024 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत जिला न्यायालय दुर्ग, परिवार न्यायालय दुर्ग, श्रम न्यायालय दुर्ग, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाए) दुर्ग तथा किशोर न्याय बोर्ड, व तहसील व्यवहार न्यायालय भिलाई-3 पाट व धमधा में आयोजित की जाएगी। उक्त तिथि को आयोजित नेशनल लोक अदालत की तैयारी अपने अंतिम चरण में है जिसके तहत आपसी राजीनामा योग्य आपराधिक मामलें, सिविल मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से संबंधित मामलें, परिवार न्यायालय में पारिवारिक विवाद के प्रकरण, श्रम न्यायालय के प्रकरण, स्थायी लोक अदालत में जनोपयोगी सेवा से संबंधित लगभग कुल 8078 मामले एवं बैंक वित्तीय संस्था/विद्युत/दूरसंचार के बकाया राशि के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किये जाने के पूर्व प्री-लिटिगेशन प्रकरण एवं राजस्व के प्रकरण सहित लगभग 11088 मामलें सुनवाई हेतु रखे गये है। वहीं संबंधित चिन्हांकित व रखे गये मामलों के नेशनल लोक अदालत की तिथि में अधिकाधिक संख्या में निराकरण किये जाने न्यायालय के पीठासीन अधिकारीगण द्वारा नियमित रूप से पक्षकारों के मध्य प्री-सीटिंग/बैठक का आयोजन अधिक संख्या में किये जा रहे है। जिससे 13 जुलाई 2024 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में अधिकाधिक संख्या में प्रकरण निराकृत होने की संभावना है।13 जुलाई 2024 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में चिन्हांकित कर रखे गये मामलों की सुनवाई हेतु जिला न्यायालय दुर्ग परिवार न्यायालय दुर्ग व्यवहार न्यायालय तहसील मिलाई-3, पाटन, धमधा एवं किशोर न्याय बोर्ड, जनोपयोगी सेवा से संबंधित स्थायी लोक अदालत (जनो.से.) तथा श्रम न्यायालय के लगभग कुल 38 खण्डपीठ का गठन माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के निर्देशानुसार गठित की जावेगी है। संबंधित गठित खण्डपीठ में नेशनल लोक अदालत की तिथि में प्रकरणों की सुनवाई/निराकरण पक्षकारों के मध्य सौहाद्रपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति /राजीनामा के आधार पर किये जायेंगे। नेशनल लोक अदालत में आपसी राजीनामा के आधार पर अपने मामलों के निराकरण हेतु पक्षकार अधिक से अधिक संख्या में संबंधित गठित खण्डपीठ / न्यायालय में उपस्थित रहें और लोक अदालत के माध्यम से अपने मामलों का निराकरण कर समय एवं अन्य कठिनाइयों से बचे क्योंकि नेशनल लोक अदालत में प्रकरण के सौहाद्रपूर्ण वातावरण में पक्षकारों के मध्य विवाद का निपटारा आपसी सहमति / राजीनामा से होने के कारण उक्त निराकृत मामलों की अपील नहीं होती है।
- प्रदेश स्तरीय कृषि सहकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का किया शुभारंभरायपुर ।सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारी समितियों के सशक्तिकरण से किसानों सहित गांव, प्रदेश और देश की समृद्धि जु़ड़ी हुई है। सबकी सहभागिता से सबका विकास ही सहकारिता का मूल उद्देश्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के गांव, गरीब और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘‘सहकार से समृद्धि‘‘ को साकार करने का आव्हान किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली हमारी सरकार का ध्येय वाक्य भी ‘‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास‘‘ है और इसी ध्येय वाक्य को लेकर हमारी सरकार लोगों के हित में काम कर रही है। उन्होंने सहकारी समिति से जुड़े लोगों से कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में हमारा काम जमीनी स्तर पर दिखनी चाहिए। सबकी सहभागिता और सहयोग से ही हम आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेंगे।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि धरती मां को हम वसुंधरा के नाम से भी जानते हैं। इस वसुंधरा की हम पूजा करने वाले लोग हैं। जहां भी हल चलाकर हम बीज बो देते हैं। वसुंधरा हमें जीवकोपार्जन के लिए कई गुना अनाज देती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति केवल धान, बीज खरीदी और बिक्री का केन्द्र नहीं, बल्कि इसे मल्टी एक्टिविटिज तथा कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने प्रदेश के किसानों से एक-एक दाना धान खरीदने का वादा किया था। हमारी सरकार ने इन वादों के मुताबिक 3100 सौ रूपए प्रति क्विंटल के मान से राज्य के लगभग 25 लाख किसानों से 145 लाख मेट्रिक टन धान खरीदने का काम किया।उन्होंने कहा कि किसानों की प्रगति हमारी प्राथमिकता में है। किसानों के प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक साढ़े 5 हजार करोड़ रूपए ऋण वितरण किए जा चुके हैं। इस खरीफ सीजन में 7 हजार 300 करोड़ रूपए का ऋण वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है।सहकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से आमजनों को अधिक से अधिक लाभ मिल रहा है। लोगों में आपसी समन्वय और सहयोग की भावना विकसित होने से विकास का नया रास्ता खुला है। सहकारी समिति किसानों को आर्थिक मदद करने का एक नया जरिया बना है। उन्होंने संस्कर से सहकार और सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने लोगों से अपील की।कार्यक्रम को विधायक श्री अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल सहित सहकार भारती के पदाधिकारियों ने भी सम्बोधित किया। अंतर्राष्ट्रीय सहकार दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन सहकार भारती संगठन के तत्वाधान में राजधानी रायपुर स्थित कृषि महाविद्यालय जोरा के कृषि मंडपम् सभा हॉल में किया गया। इस अवसर पर सहकारी समितियों से जुड़े किसान, समितियों के पदाधिकारी-कर्मचारी और ड्रोन दीदी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस मौके पर किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण का भी आयोजन किया गया।
- -फौती, नामांतरण एवं बटवारा, जैसे प्रकरणों के निराकरण के लिए गांवों में लगेंगे शिविर-अब तक 7 लाख दर्ज राजस्व प्रकरणों में से लगभग 6 लाख प्रकरणों का हुआ निराकरण-सभी जिलों के गांवों में 6 से 20 जुलाई तक आयोजित होगा राजस्व पखवाड़ारायपुर, / राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने शनिवार को प्रेसवार्ता लेकर राज्य में चलाए जा रहे राजस्व पखवाड़ा, राजस्व प्रकरणों एवं अन्य राजस्व विषयों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राज्य में सुशासन स्थापित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आमजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राजस्व पखवाड़ा में राजस्व विभाग से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 6 से 20 जुलाई तक सभी जिलों के ग्रामों में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से बी-1, खसरा के नकल एवं किसान किताबों के आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निराकरण किया जाएगा। इसी तरह आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र संबंधी समस्त आवेदनों को लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाईन प्रविष्टि एवं शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। शिविर में प्राप्त होने वाले फौती नामांतरण, बटवारा, त्रुटि सुधार के प्रकरणों का मौके पर ही ऑनलाईन अपलोड कर हल्का पटवारी द्वारा प्रतिवेदन, पंचनामा आदि की प्रविष्टि एवं मौके पर ईश्तहार जारी कर पक्षकारों को तामिल कराया जाकर प्रकरणो का निराकरण किया जाएगा। राज्य में अभी 7 लाख 4 हजार 154 दर्ज प्रकरणों में से 5 लाख 90 हजार 490 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। लंबित प्रकरणों को समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश संबंधित राजस्व अधिकारियों को दिए गए।राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए नहीं भटकना पड़ेगा : राजस्व पखवाड़ा में होगा त्वरित निराकरणलोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल राजस्व प्रकरणों की समय-सीमा में होगी कार्यवाहीलोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत् राजस्व विभाग के 25 सेवाओं को अधिसूचित किया गया है। इसमें नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, ऋण पुस्तिका, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, अपील, पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन के मामले, त्रुटि सुधार, राजस्य पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से हुए क्षति पर आर्थिक सहायता के प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा अंदर निराकरण किया जाएगा। विवादित प्रकरणों के निराकरण हेतु सभी राजस्व अधिकारी नियमित रूप से न्यायालय में आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन कर गुणवत्ता युक्त निर्णय यथाशीघ्र सुनिश्चित करेंगे।प्राकृतिक आपदा से निपटने 143 करोड़ 54 लाख रूपए की राशि जारीबैंक खाते, यूपीआई आईडी और नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा कर सकेंगे भू-राजस्वराजस्व मंत्री ने कहा कि राजस्व न्यायालय के सभी पीठासीन अधिकारियों को सभी राजस्व प्रकरणों को पंजीकृत करने, शून्य आदेश पत्र वाले प्रकरणों एवं ऐसे प्रकरण जिसमें पेशी तारीख की तिथि अद्यतन नहीं किये है, उन्हें शीघ्र ही पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया जा रहा है, अन्यथा अनुशानात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 अंतर्गत प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, आकाशीय बिजली गिरने, अग्नि दुर्घटना से होने वाले फसल क्षति, मकान क्षति और पशु एवं जनहानि हेतु आर्थिक सहायता हेतु समी 33 जिलों को 143 करोड़ 54 लाख रूपये की राशि जारी की जा रही है। भू-अभिलेख संबंधी समस्याओं जैसे भुईयां सॉफ्टवेयर, भू-नक्शा एवं ई-कोर्ट में तकनीकी कारणों से होने वाले समस्या से निपटने के लिए सभी जिलों में एक-एक सहायक प्रोग्रामरों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। क्लाउड में स्पेस बढ़ाया जा रहा है। भुईयां और ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में व्हाट्स एप का इंटीग्रेशन किया जा रहा है। जिससे जन सामान्य को सभी तरह की सूचनाएं व्हाटस-एप से मिल सकें। सभी प्रकार के भू-राजस्व प्राप्तियों के लिए पेमेंट गेट-वे की शुरूआत की जा रही है। अभी तक ट्रेजरी चालान के माध्यम से भू-राजस्व जमा होता था। अब बैंक खाते, यूपीआई आईडी और नेट बैंकिंग के माध्यम से भू-राजस्व जमा किया जा सकता है। भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाईल नंबर और किसान किताब नंबर की प्रविष्टि यथाशीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण जावेगा।स्वामित्व योजना अतर्गत राज्य के सभी ग्रामों की आबादी भूमि का ड्रोन के माध्यम से सर्वे का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिसमें से 10375 ग्रामों का मैप-1 प्राप्त हो गया है। अक्टूबर 2024 तक सभी ग्रामों के आबादी भूमि धारकों को अधिकार अभिलेख वितरण का लक्ष्य रखा गया है।जियो रिफ्रेसिंग डाटा निर्माण के लिए चिप्स तकनीकी एजेंसी नियुक्तकोटवारों द्वारा विक्रय की गई सेवाभूमि और कोटवारी भूमि के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही शीघ्र ही करने निर्देशित किया गया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे हर मौसम में उगाये फसल का रिकार्ड रखने हेतु जियो टैगिंग के माध्यम से फील्ड में जाकर ही फसल सर्वेक्षण (गिरदावरी) मोबाईल एप के माध्यम से किया जा रहा है। इससे राज्य, जिला, तहसील एवं ग्राम में उगाई जाने वाली फसलों की जानकारी आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा। जिससे फसलों के आयात-निर्यात, प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतु आवश्यक डाटा उपलब्ध होगी। जियो-रिफ्रेंसिंग प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजनांतर्गत राज्य के सभी राजस्व ग्रामों के पटवारी नक्शा का जियो रिफ्रेसिंग कर डाटा निर्माण किये जाने की कार्यवाही राज्य में प्रारंभ हो गई है, जिसके लिए चिप्स को तकनीकी एजेंसी नियुक्त किया गया है।
- रायपुर /खाघ मंत्री श्री दयालदास बघेल ने शनिवार को बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकास खंड के ग्राम बाघुल में 18 लाख 63 हजार की लागत से नवीन ग्राम पंचायत भवन का शुभारंभ किया। खाघ मंत्री श्री बघेल ने शुभारंभ अवसर पर सभी को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पंचायत को मजबूत करने के लिए बाघुल गांव को नया पंचायत भवन दिया गया है। इसका उपयोग गांव के सरपंच, पंच और आम लोग बैठक, प्रशिक्षण देने के लिए कर सकेंगे। इस अवसर पर सरपंच बाघुल श्रीमती उर्वशी अर्जुन सिंग लसेल, मीना रामनाथ, श्री टार्जन साहू, श्री चंद्रपाल साहू, श्री अजय साहू, श्री परस वर्मा, श्री खोरबाहरा साहू और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से शनिवार को शाम यहां उनके निवास कार्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महाप्रबंधक सुश्री नीनू इटियेरा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री इटियेरा से छत्तीसगढ़ राज्य में रेल सुविधाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर रायपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री संजीव कुमार भी उपस्थित रहे।
- -उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बच्चों को शिक्षा हासिल कर बेहतर नागरिक बनने दी सीख-बिलासपुर में जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव, न्योता भोज से बच्चों के खिले चेहरे-एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत रोपे पौधे-छात्राओं को मिली निःशुल्क साईकिलरायपुर, / आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री तोखन साहू शनिवार को बिलासपुर स्थित बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दयालबंद में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने की। इस अवसर पर नवप्रवेशी बच्चों को माला पहनाकर, तिलक लगाकर गणवेश और पाठ्यपुस्तक का वितरण किया।केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा दिया हैै। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा स्कूली बच्चों को गणवेश और पाठ्यपुस्तक का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्य के प्रति जागरूक होता है और बेहतर नागरिक बन पाता है।उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक परिवर्तन की धुरी है। सामाजिक बदलाव और तरक्की के लिए शिक्षा जरूरी है। हम सब चाहते हैं कि आगे बढ़े और हमारा समाज भी आगे बढ़े। यह शिक्षा के जरिए ही संभव है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को बच्चों को पूरे मनोयोग से शिक्षा हासिल करने और देश का योग्य नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने सभी बच्चों को शाला प्रवेशोत्सव पर शुभकामनाएं दी और बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने कहा। श्री साव ने कहा कि शासन की मंशा है कि सभी विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर बेहतर नागरिक और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। हम सबको मिलकर प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा दिलाने मंे अपना अमूल्य योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा हासिल कर हम सबके बच्चे इतने काबिल और होनहार बनें, कि छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करें।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, श्री रामदेव कुमावत, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान एवं बाल अतिथि के रूप में नन्हीं सुमन बैगा और अंशिका लालवानी मौजूद थे। प्रवेशोत्सव के इस रोचक कार्यक्रम में बच्चों की खुशी देखते ही बनती थी।न्योता भोज कार्यक्रम -शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर बच्चों के लिए न्योता भोज कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। समग्र शिक्षा की डीएमसी श्रीमती अनुपमा राजवाड़े ने अपनी शादी की 25वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में बच्चों को न्योता भोज दिया। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव सहित मौजूद अतिथियों ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा। अतिथियों ने भी बच्चों के साथ पंगत में बैठकर भोजन किया। भोजन में बच्चों को खीर, पूरी, पुलाव, मिठाई और फल परोसा गया। पसंदीदा भोजन और चॉकलेट मिलने से बच्चों के चेहरे खिल उठे।छात्राओं को मिली सायकिल -शाला प्रवेशोत्सव छात्राओं के लिए खुशियों भरा रहा। अतिथियों ने नवमीं कक्षा में प्रवेशित 21 छात्राओं को निःशुल्क सायकिलें प्रदान की। केन्द्रीय राज्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री ने छात्राओं को अच्छे से पढ़ाई कर अपने माता-पिता और जिले सहित पूरे प्रदेश का नाम रोशन करने की बात कहते हुए उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। सायकिल मिलने पर छात्राओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होेंने कहा कि अब उन्हें अपने स्कूल तक आने जाने में सहूलियत होगी और वे जल्दी स्कूल पहुंच सकेंगी।एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत पौधरोपण -केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत मां केे सम्मान में क्रमशः नीम और कटहल का पौधा रोपा। उन्होंने सभी लोगों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की।मिशन 90 ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ -कार्यक्रम में अतिथियों ने जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए मिशन 90 पोर्टल का शुभारंभ किया। वर्ष 2024-25 में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए यह पोर्टल तैयार किया गया है। इसके जरिए स्कूली बच्चों की प्रगति की प्रत्येक माह समीक्षा की जाएगी। स्कूलों की लाइव जीआईएस निगरानी होगी। जिले के सभी स्कूलों और बच्चों का डेटाबेस तैयार किया गया है। सभी के लिए अलग-अलग लॉगिन आईडी तैयार की गई।कार्यक्रम में श्रीकांत सहारे, श्री राजेश सिंह, श्री छेदी लाल कश्यप, पूर्व महापौर श्री किशोर राय, श्री राजेश सिंह, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक श्री आरपी आदित्य, जिला शिक्षा अधिकारी श्री टीआर साहू सहित अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और शिक्षक मौजूद थे।
- -महतारी वंदन योजना से महिलाएं हो रही है आर्थिक रूप से सशक्त-घर की छोटी छोटी जरूरतें हो रही है समय पर पूरीरायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गांरटी को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य में महतारी वंदन योजना शुरू की है। इस योजना से महिलाओं का आत्मनिर्भर और स्वावलंबन बनने का सपना साकार हो रहा है। पिछले मार्च महीने से शुरू की गई इस योजना में विवाहित महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए की राशि हर माह दी जा रही है। अब तक कुल पांच किस्ते जारी की जा चुकी है।राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने लाभ मिल रहा है। महिलाओं का कहना है कि इस योजना से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। घर में उनकी पूछ परख बढ़ी है। घर की छोटी मोटी जरूरतों के लिए अब किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नही पड़ती। घर के अपनों के छोटे-छोटे सपनें इस राशि से वे पूरा कर रही है। कई महिलाओं ने इस राशि से छोटी-छोटी आर्थिक गतिविधियां भी शुरू कर दी हैं। स्व-सहायता समूह में शामिल महिलाएं बचत का भी काम कर रही है।गौरतलब है कि जुलाई माह में छत्तीसगढ़ की कुल 69 लाख 96 हजार 556 हितग्राहियों को 653 करोड़ 85 लाख रूपए की सहायता राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित कर दिया गया है। इनमें से 66 लाख 16 हजार 618 हितग्राहियों को आधार लिंक खातों के आधार पर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया गया तथा 3 लाख 79 हजार 938 हितग्राहियों जिनके खाते आधार से लिंक नहीं है, उन्हें एनईएफटी के माध्यम से उनके खाते में भुगतान किया जा रहा है। मार्च से जून तक 04 माह की सहायता राशि 2612 करोड़ 18 लाख रूपए की राशि का भुगतान महिलाओं के खाते में किया जा चुका है।महतारी वंदन योजना से रायपुर जिले में सर्वाधिक 5.33 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में राशि अंतरित हुई है। इसी प्रकार राज्य के अन्य जिलो में बिलासपुर जिले के 4.25 लाख, बालौदाबाजार-भाटापारा में 3.30 लाख, महासमुंद में 3.25 लाख, रायगढ़ में 3.5 लाख, जांजगीर-चांपा में 2.90 लाख, कोरबा में 2.94 लाख राजनांदगांव में 2.58 लाख, बेमेतरा में 2.54 लाख, कबीरधाम में 2.54 लाख, बालोद में 2.52 लाख, धमतरी में 2.35 लाख, जशपुर में 2.32 लाख, बलरामपुर में 2.14 लाख, बस्तर में 1.93 लाख, बीजापुर में 38 हजार, दंतेवाड़ा में 54 हजार, दुर्ग में 4 लाख, गरियाबंद में 1.83 लाख, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 95 हजार, कांकेर में 1.84 लाख, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1.17 लाख, कोंडागांव में 1.40 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में राशि अंतरित कर दी गई है।इसी प्रकार मुंगेली में 2.13 लाख, कोरिया में 59 हजार, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1.14 लाख, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 82 हजार, नारायणपुर में 27 हजार, सक्ती जिले की 1.99 लाख, सांरगढ़-बिलाईगढ़ में 1.90 लाख, सुकमा में 52 हजार, सूरजपुर में 2.16 लाख तथा सरगुजा में 2.32 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में राशि अंतरित कर दी गई है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से शनिवार को यहां उनके निवास कार्यालय में सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने कबीर संस्थान एवं यथार्थ फाउंडेशन के तत्त्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर आयोजित किये जा रहे सन्त सम्मेलन व स्नेह मिलन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया।मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस समारोह में छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों से भी संतगण हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुपूर्णिमा कार्यक्रम के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आमन्त्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार जताया।इस अवसर पर सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के अध्यक्ष संत श्री रविकर साहेब, सचिव श्री घनश्याम साहेब, श्री बलवान साहेब, श्री विजय साहेब, श्री क्षेमेंद्र साहेब, श्री रतन साहेब, श्री भूमेश्वर साहेब, श्री रेमन दास जी , श्री गणराज जी, श्री रमाकांत जी, श्री हेमप्रकाश जी, श्री पुष्कर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
- -स्कूलों का निरीक्षण और शाला भवनों की मरम्मत के निर्देशरायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि जर्जर शाला भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाओं का संचालन न किया जाएं। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टरों को प्रेषित अपने पत्र में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि ऐसे शाला भवन जो जर्जर है, उन स्कूलों की कक्षाओं के संचालन के लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सामुदायिक भवन, अन्य शासकीय भवन का उपयोग किया जाए। शालेय बच्चों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को समस्त शाला भवनों की अद्यतन स्थिति का तीन दिवस के भीतर निरीक्षण करने और आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं सुधार कराने के निर्देश दिए हैं।स्कूल शिक्षा सचिव ने कहा है कि राज्य में 26 जून से नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ हो गया है और शालाओं में अध्ययन-अध्यापन शुरू हो चुका है। शाला प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। शालाएं स्वच्छ एवं सुरक्षित हों यह सुनिश्चित करने जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा है कि विभिन्न माध्यमों से यह बात शासन के संज्ञान में आ रही है कि कुछ शालाएं अभी भी जर्जर भवनों में संचालित की जा रही है, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को इस बात कि सख्त हिदायत दी है कि जो शाला भवन जर्जर है, उनमें अध्ययन-अध्यापन कार्य न कराया जाए। ऐसे शाला भवन जो मरम्मत के लायक है, उनका जिला स्तर पर उपलब्ध डीएमएफ, सीएसआर या अन्य किसी निधि से मरम्मत कराएं। स्कूल शिक्षा सचिव श्री परदेशी ने स्कूल जतन योजना अंतर्गत चिन्हित शाला भवनों की मरम्मत एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए जिलो को जारी की गई राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें।
- -पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-शिक्षा का मूल उद्देश्य ‘‘सर्वे भवंतु सुखिनः‘‘ के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शुरू कर सकेगा संयुक्त डिग्री कार्यक्रम-विश्वविद्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा में पाठ्यक्रम की शुरूआत सराहनीय कदम-मुख्यमंत्री ने ‘‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘‘ से जुड़ने की अपील की-विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक एवं उपाधियांरायपुर । राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शनिवार को पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पत्रोपाधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर श्री राम प्रताप सिंह एवं सुश्री सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने का संदेश दिया गया। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शुरू कर सकेगा संयुक्त डिग्री कार्यक्रमराज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के परिवारजनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सहयोग, त्याग एवं मार्गदर्शन में आपने ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शुरू कर सकेगा संयुक्त डिग्री कार्यक्रमराज्यपाल श्री हरिचंदन ने छात्रों से कहा कि आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां आपके कठिन परिश्रम, समर्पण, आपकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 21 मार्च 2005 को स्थापित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति लाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के सपनों को गढ़ने एवं साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड दिए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि विकसित भारत, समृद्ध भारत की संकल्पना पर आधारित है। विकसित भारत संकल्पना के जरिए क्षेत्र के सभी नागरिकों को अपनी क्षमता के अनुसार विकास करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजाति क्षेत्र में रहने वाले अति पिछड़े समुदायों तथा कॉविड-19 से प्रभावित लोगों को शिक्षा का अवसर प्रदान कर अपने सामाजिक सरोकारों के उद्देश्य को भी पूरा कर रहा है।पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर शुरू कर सकेगा संयुक्त डिग्री कार्यक्रममुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक एवं उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। श्री साय ने कहा मुझे प्रसन्नता है कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र यह मुक्त विश्वविद्यालय अपने अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूरस्थ अंचलों में बसे ऐसे शिक्षार्थियों के लिए जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं या नौकरी पेशा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो अपने भावी सपनों को साकार करना चाहते हैं, उनके लिए यह विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रमुख केंद्र बन गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं स्वयं राज्य के दूरस्थ क्षेत्र जशपुर का हूं इसलिए मैंने हमारे छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों के लोगों की कठिनाईयों को बहुत नजदीक से देखा है मैं दूरस्थ अंचलों में बसे हमारे राज्य के लोगों की कठिनाईयों को महसूस कर सकता हूं। मुझे खुशी है कि विश्वविद्यालय अपने ध्येय वाक्य ‘‘उच्च शिक्षा आपके द्वार‘‘ के अनुरूप अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा का मूल उद्देश्य सर्वे भवंतु सुखिनः के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना है। हमारे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय को यूजीसी के 235 विश्वविद्यालयों की उस सूची में शामिल किया गया है, जो संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री दे सकता है। अब यह विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री के लिए कार्यक्रम शुरू कर सकता है, यह खुशी की बात है कि हमारे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा मेरा सुझाव है कि विश्व के लोगों का छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति से परिचय कराया जाए, इस दिशा में छत्तीसगढ़ी भाषा में पाठ्यक्रम की शुरुआत इस विश्वविद्यालय ने की है यह सराहनीय कदम है। इस विश्वविद्यालय का अध्ययन-अध्यापन के साथ यह भी दायित्व बनता है कि छत्तीसगढ़ अंचल के भाषा, संस्कृति को समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में उपस्थित जनों से ‘‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘‘ से जुड़ने की अपील की और कहा कि अपने आसपास सुलभ स्थान देखकर आप सभी एक पेड़ माँ के नाम जरुर लगाएं और उसकी देखरेख करें।कार्यक्रम में दीक्षांत उद्बोधन देते हुए श्री सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा आज हमारा देश सफल नेतृत्व के संचालन के साथ आगे बढ़ रहा है। पूरे विश्व में हमारा गौरव एवं सम्मान बढ़ा है। शिक्षा से हमें सामर्थ्य प्राप्त होता है और मनुष्य के रूप में प्राप्त ऋणों से मुक्त होने तथा श्रेष्ठ जीवन के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि हमें शिक्षा और ज्ञान के विकास के साथ-साथ संस्कारों को भी पोषित करना चाहिए। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन देते हुए स्वर्ण पदक, उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा व्यक्ति के लिए शिक्षा एवं संस्कार महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। शिक्षा मनुष्य को अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित कौशल प्रदान करता है, वहीं संस्कार मनुष्य को समाज में श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मानव जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखता है शिक्षित व्यक्ति अपना समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। रामचरितमानस के पाठ्यक्रम संचालित कर यहां पर आध्यात्म से जुड़ी शिक्षा दी जा रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए पाठ्यक्रम में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है और विषयों के बंधन से मुक्त किया गया है। योग्यता, गुणवत्ता एवं आवश्यकता पर आधारित विषयों को समाहित कर पाठ्यक्रम को वर्तमान उद्देश्यों के अनुरूप बनाया गया है।कुलपति प्रोफेसर बंशगोपाल सिंह ने इस गरिमामय अवसर पर सभी विद्याार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह विश्वविद्यालय पूरे छत्तीसगढ़ में 105 से अधिक अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक उच्च शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत है।इस अवसर पर बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, मस्तुरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत बिलासपुर अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान, प्रबुद्ध नागरिक, विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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उपमुख्यमंत्री शर्मा ने गांधीनगर में स्वर्णिम संकुल-2 में टेक्नोलॉजी के प्रयोग का किया अध्ययन
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने गुजरात प्रवास के दौरान आज गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से सीएम सचिवालय में मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से शुभकामनांए और उन्हें छत्तीसगढ़ आने का न्योता दिया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को करने के लिए छत्तीसगढ़ में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण एवं कल्याण के लिए तैयार जा रही महतारी सदन योजना की भी जानकारी दी। गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस योजना की सराहना की और इसे एक आदर्श पहल बताया। उन्होंने अपने अधिकारियों को इस योजना को गुजरात राज्य में लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से पूर्व में हुई मुलाकात में सीएम डैशबोर्ड के सबंध में हुई चर्चा एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार गुजरात राज्य के सीएम डैशबोर्ड का अवलोकन किया। स्वर्णिम संकुल 2, जनसंपर्क इकाई, मुख्यमंत्री सचिवालय में उन्होंने टेक्नोलॉजी के प्रयोग से विभिन्न आवेदनों के निगरानी व निराकरण प्रयोगों का अध्ययन किया। स्वर्णिम संकुल 2 में उपमुख्यमंत्री ने टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी प्रणाली का निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली को समझा। इस अवसर पर चिप्स (छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी) के सीईओ रितेश अग्रवाल और चिप्स की टेक्निकल टीम भी मौजूद थी। गुजरात की टीम ने उपमुख्यमंत्री को टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी की कार्यप्रणाली और इसके प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने टेक्नोलॉजी के प्रयोग से आवेदनों के त्वरित और प्रभावी निराकरण की सराहना की। उन्होंने कहा, टेक्नोलॉजी का सही उपयोग प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रणाली नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान में सहायक साबित होगी।
गुजरात की टेक्नोलॉजी टीम ने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से आवेदनों की निगरानी और निराकरण की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। यह प्रणाली नागरिकों को अपनी शिकायतों और आवेदनों की स्थिति का ऑनलाइन ट्रैकिंग करने की सुविधा भी प्रदान करती है। -
देवांगन ने आमजनों को पौधों वितरित कर अभियान को सफल बनाने हेतु किया आग्रह
रायपुर/ वाणिज्य, उद्योग, व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज एक पेड़ मां के नाम अभियान रथ को आज कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान रथ के माध्यम से वन मंडल कोरबा अंतर्गत आमजनों को निःशुल्क पौधों प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वनमण्डलाधिकारी कोरबा श्री अरविंद पीएम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संबित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
एक पेड़ मां के नाम अभियान रथ को रवाना करने के पूर्व कलेक्टोरेट परिसर में मंत्री श्री देवांगन ने आम नागरिकों, कर्मचारियों को फलदार एवं छायादार पौधे वितरित कर पौधा रोपण करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में सभी की सहयोग अपेक्षित है। हम सभी को एक पेड़-पौधा मां के नाम पर अनिवार्य रूप से लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी मां को सबसे ज्यादा प्यार करते हैं इसलिए उसके नाम पर लगाए गए पौधे के प्रति सजग रहेंगे और उसके विकसित होने तक देखभाल भी करेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नगरी कोरबा में विभिन्न औद्योगिक संस्थान हैं जिससे निकलने वाले धुंएं से पर्यावरण प्रभावित होता है। प्रदूषण से पेड़ पौधे ही बचा सकते है। इस दृष्टि से कोरबा नगर मे वृक्षारोपण का महत्व और भी बढ़ जाता है। -
लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील
रायपुर/ राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अपने निवास में ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान‘‘ के तहत अपनी मां स्वर्गीय श्रीमती गैंदी बाई वर्मा की स्मृति में नीम का पौधा लगाया।
इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण सरंक्षण और संवर्धन के लिए देशवासियों से पौधा लगाने की अपील की है। पर्यावरण का संतुलन बनाये रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। मानव जीवन को स्वास्थ्यवर्धक बनाने में पेड़ों की भूमिका को नकारा नही जा सकता। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात के 111वें एपिसोड में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान‘‘ शुरू करने आह्वान किया था। इसी तारतम्य में देश भर में लोग अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि माँ की ममता का कोई मोल नही है। एक माँ से ज्यादा कोई और अपने बच्चों को प्यार नही कर सकती। सभी लोग एक पेड़ अपनी मां के नाम पर जरुर लगाएं, क्योंकि दुनिया का सबसे बड़ा रिश्ता मां का होता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी मां के नाम पर एक पेड़ जरूर लगाएं। इस अवसर पर उनके साथ कार्यालय के अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों की शांति ,सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। श्री साय ने रथयात्रा की पूर्वसंध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि भारत में महाप्रभु जगन्नाथ के धाम पुरी सहित सभी स्थानों में रथयात्रा निकाली जाती हैं। यह भारत की मजबूत सांस्कृतिक एकता और सौहार्द्र का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था रही है। उत्कल समाज के साथ सभी छत्तीसगढ़वासी प्रतिवर्ष भक्ति भाव और श्रद्धा के साथ भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकालते हैं।
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प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चे होंगे लाभान्वित
कोरबा और पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड से होगी शुरुआत
रायपुर/ उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की पहल पर नई शिक्षा नीति के तहत कोरबा जिले में प्राथमिक और मीडिल स्कूल के बच्चों को स्कूलों में मध्यान्ह भोजन से पूर्व पौष्टिक नाश्ता भी मिलेगा। मंत्री श्री देवांगन के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा स्कूली बच्चों को नश्ता उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसकी शुरूआत जिले के कोरबा और पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के स्कूलों से होगी, जिसका विस्तार निकट भविष्य में जिले के शेष विकासखंडों में होगा।
मंत्री श्री देवांगन आज कोरबा जिले में संपूर्णता अभियान का विधिवत शुभारंभ किया और कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। मंत्री श्री देवांगन ने बैठक में कोरबा जिले के स्कूली बच्चों को शीघ्र ही सुबह के वक्त नाश्ता प्रदाय किए जाने की योजना पर प्रसन्नता जतायी और कहा कि कोरबा इस अभिनव योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ का अग्रणी जिला होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में विद्यार्थियों को अध्ययन-अध्यापन की प्रभावी व्यवस्था के साथ ही उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य सभी सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाना है। स्कूली बच्चों के नश्ता दिए जाने की यह व्यवस्था इसी प्रयास की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि स्कूल पहुंचते ही बच्चों को नाश्ता मिलेगा, इससे बच्चों का मन पढ़ाई में और ज्यादा लगेगा।
मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि कोरबा श्रम नगरी है, परिजन काम के लिए सुबह से निकल जाते हैं। जिसके चलते श्रमिक परिवार के बच्चे भूखे पेट स्कूल जाते हैं, दोपहर में मध्यान्ह भोजन का समय 1.30 बजे तक खाली पेट पढ़ाई करते हैं। इस वजह से बच्चे अध्ययन में रुचि नहीं ले पाते हैं। यह स्थिति कमोबेश जिले के सभी विकासखंडों में हैं। गौरतलब है नई शिक्षा नीति में स्कूलों में बच्चों को सुबह नाश्ता भी अनिवार्य किया गया है। मंत्री श्री देवांगन ने इस संबंध में स्कूली बच्चों को नाश्ता प्रदाय किए जाने की व्यवस्था के लिए कलेक्टर को पत्र भी लिखा था। - 0 ग्राम पंचायत में 20 जुलाई तक लगेंगे राजस्व शिविर0 तर्रा शिविर में शामिल हुए सांसद बघेल
दुर्ग। जिले में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सभी तहसीलों में 6 जुलाई से राजस्व पखवाड़ा प्रारम्भ हो गया है। 20 जुलाई 2024 तक ग्रामों में राजस्व अमला शिविर आयोजित कर राजस्व संबंधी समस्याओं का निराकरण करेंगे। आज पाटन तहसील अंतर्गत ग्राम तर्रा में आयोजित शिविर में सांसद श्री विजय बघेल सम्मिलित हुए। उन्होंने अपने करकमलों से 29 हितग्राही कृषकों को 5.27 करोड़ मुआवजा राशि का चेक वितरण किया। अन्य तहसीलों के ग्राम खुरसुल, उमरपोटी, भानपुरी, जामुल, मलपुरीकला, खपरी, अमलेश्वर में भी फौती नामांतरण, राजस्व रिकार्ड दुरुस्त, ऋण पुस्तिका वितरित की गई। शिविर में राजस्व विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामवासी उपस्थित थे। - 0 पानी का बचाव हमारे और आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्णः कलेक्टर सुश्री चौधरी0 जिले में जल मड़ई सप्ताह 05 से 13 जुलाई तक
दुर्ग। जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के लिए जिले में 05 से 13 जुलाई तक जल मड़ई सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज धमधा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हसदा के शासकीय प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक शाला में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में जल मड़ई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जल मड़ई के अंतर्गत पौधरोपण के साथ ही जल संरक्षण के प्रति जनसामान्य में जागरूकता लाने के लिए कार्य किया जा रहा है। जल है तो कल है, क्योंकि पानी के बिना पृथ्वी पर किसी का भी जीवित रहना असंभव है। पानी व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि इसके बिना कई गतिविधियाँ पूरी नहीं की जा सकतीं। फिर भी व्यक्ति इसे बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। जल हम बना नही सकते, लेकिन बचा तो सकते हैं। जल और वृक्ष जीवन का अमूल्य आधार है।जल मड़ई कार्यक्रम में महिलाएं एवं स्कूल के नन्हे-मुन्हे बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। जल प्रहरी श्री नीरज वानखेड़े द्वारा जल सरंक्षण की दिशा में जल को सहेजने हेतु सोकपीट रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि को मॉडल का उपयोग कर एवं खेल के जरिए बताया कि जल संरक्षण का भविष्य सिर्फ़ हमारे हाथों में ही है। वीडियो के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि जल मड़ई का उद्देश्य पानी की बर्बादी को कम करना और उसके कुशल उपयोग को बढ़ावा देना है। जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ऐसे में हमें पानी का जरूरत अनुसार उपयोग करना चाहिए। पानी का पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग से हम पानी की बचत कर सकते है। घरेलू उपयोग के बाद बचे हुए पानी को बागवानी या अन्य कार्यों में पुनः उपयोग किया जा सकता है। सामुदायिक स्तर का अभियान है, लोगों को जागरूक होना होगा और जल संरक्षण के महत्व को समझना होगा। हमें यह समझना होगा कि पानी का बचाव हमारे और आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बारिश के पानी को जमा करने का एक तरीका होता है, यह किसी भी सतह पर गिरने वाला बारिश का पानी हो सकता है। इस पानी को बाद में फिल्टर किया जाता है और फिर इस्तेमाल करने के लिए जमा कर दिया जाता है। इस तरह पानी की हार्वेस्टिंग करने से पानी का लेवल दोबारा पहले जैसा नॉर्मल हो जाता है, जिससे यह पानी बर्बाद होने से बच जाता है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शासकीय प्राथ./पूर्व माध्यमिक शाला हसदा के प्रांगण में पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए आम का पौधा लगाया एवं बच्चों को इसकी देखभाल करने को कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा यादव, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, जनपद सदस्य श्री जितेन्द्र साहू उपस्थित थे। - 0 श्रम विभाग के मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अंतर्गत मिला 02-02 लाख रुपये का चेक0 मेधावी विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा पैसे का उपयोग आगे की पढ़ाई के लिए करेंगेबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले के श्रमवीरों के 04 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर अपनी शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने विगत दिनों रायपुर निवास में आयोजित कार्यक्रम में 10वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में आने वाले बालोद जिले के 04 मेधावी विद्यार्थियों को श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 02-02 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना संचालित है। जिसके अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के मेधावी बच्चों के प्रावीण्य सूची में आने पर उन्हें 01-01 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही सभी मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी क्रय करने हेतु 01-01 लाख रूपये के मान से कुल 02-02 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया है। सम्मानित होने वाले मेधावी विद्यार्थियों में जिले के ग्राम अर्जुनी के छात्र तोषण कुमार, ग्राम भानपुरी के छात्र खोमेन्द्र कुमार, ग्राम उसरवारा की छात्रा कु. पद्मनी शांडिल्य एवं ग्राम धनेली की छात्रा कु. जिज्ञासा शामिल हैं। छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे प्राप्त राशि से ई-स्कूटी खरीदेंगे। जिससे वे आगे की पढ़ाई हेतु कही आने-जाने में उपयोग करेंगे। इसके साथ ही आगे की पढ़ाई के लिए भी वे राशि का उपयोग करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद देेते हुए उनके प्रति आभार ज्ञापित किया है।
- 0 मौके पर 192 आवेदन निराकृत, प्राथमिक शाला के0 अतिरिक्त कक्ष का किया गया लोकार्पण
बालोद। राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रशासनिक अमले का आम जनता के बीच पहुँचकर उनके माँगों एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने हेतु गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी में आज आयोजित इस वर्ष का पहला जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर ग्राम कुरदी एवं क्षेत्रवासियों के लिए सौगातों भरा रहा। शिविर में विभिन्न विभागों के कुल 748 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे, जिसमें से कुल 192 आवेदनों का मौके पर ही निराकृत किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम मंे उपस्थित अतिथियों के द्वारा ग्राम कुरदी मंे प्राथमिक शाला के नवनिर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। इस जनसमस्या निवारण शिविर में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, पूर्व विधायक श्री बिरेन्द्र साहू, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, जिला पंचायत के मुुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक के अलावा जिला पंचायत सदस्य श्रीमती संध्या भारद्वाज, पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रमोद जैन, श्री सौरव लुनिया, श्री नरेश यदु, श्री ठाकुर राम चन्द्राकर, डाॅ. नारायण यदु सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा एसडीएम श्री सुरेश साहू, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रतिमा ठाकरे, श्रीमती तरूणा साहू तथा अधिकारी-कर्मचारियों और बड़ी संख्या मेें ग्राम कुरदी एवं अंचल के ग्रामीण उपस्थित थे।इस अवसर पर विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, जिला पंचायत के मुुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने अपने माँगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जन समस्या निवारण शिविर में पहुँचे ग्रामीणों से चर्चा कर उनके समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर ग्रामीणों के माँगों और समस्याओं के निराकरण के उपायों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर ग्रामीणों के माँगों और समस्याओं को त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। शिविर में उपस्थित अतिथियों के द्वारा राज्य आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जिले के स्व सहायता समूह को विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों के संचालन हेतु अनुदान राशि के रूप में जय माँ शाकम्भरी स्व सहायता समूह, जय माँ तुलसी स्व सहायता समूह, जय सतनाम स्व सहायता समूह, राधे कृष्णा महिला यादव समाज स्व सहायता समूह, उज्ज्वल स्व सहायता समूह को 15-15 हजार रुपये तथा आशा स्व सहायता समूह, शारदा स्व सहायता समूह, कलश स्व सहायता समूह, अष्ट लक्ष्मी स्व सहायता समूह, जय हिन्द स्व सहायता समूह को 60-60 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत 04 हितग्राहियों को रसोई गैस कनेक्शन एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा 05 हितग्राहियों को पोषण बाड़ी योजना अंतर्गत बीज एवं पौधे वितरण, समाज कल्याण विभाग के योजना के अंतर्गत 03-03 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, छड़ी एवं 01 हितग्राही को बैसाखी प्रदान किया गया। इसके अलावा 18 किसानों को किसान किताब के वितरण के अलावा 25 विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र, 30 विद्यार्थियों को निवास प्रमाण पत्र जारी किया गया है। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हंे बच्चों को खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया गया। इसके अलावा 05 मध्यम कुपोषित बच्चों को सुपोषण किट भी प्रदान किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आम नागरिक अपने माँगों एवं समस्याओं के निराकरण के प्रति बड़ी आशा और विश्वास के साथ जन समस्या निवारण शिविर में पहुँचते हैं। इसलिए हमारे अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदनों तथा आम लोगों के माँगों की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा ने जन समस्या निवारण शिविर को आम जनता के माँगों और समस्याओं के निराकरण का कारगर एवं सुलभ माध्यम बताया। उन्होंने आम नागरिकों से जन समस्या निवारण में उपस्थिति प्रदान करने तथा शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। पूर्व विधायक श्री विरेन्द्र साहू ने जन समस्या निवारण शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा किसान, ग्रामीण तथा आम जनता के कल्याण हेतु चलाए जा रहे विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में प्रकाश डाला। इस अवसर पर कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने राज्य शासन के निर्देशानुसार ग्राम कुरदी मंे आयोजित इस वर्ष के पहले जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या मंे ग्रामीणों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री चन्द्रवाल ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जन समस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जन समस्या निवारण शिविर प्रशासन के आला अधिकारियों तथा मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा आम जनता केे बीच पहुँचकर उनके माँगों एवं समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने का बहुत ही कारगर माध्यम है। श्री चन्द्रवाल ने ग्रामीणों एवं आम नागरिकों से जन समस्या निवारण शिविर में अनिवार्य रूप से शिविर मंे उपस्थित होने तथा शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की। इस अवसर पर उन्होंने शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों के समुचित निराकरण हेतु उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा प्रशासन को आम जनता के बीच पहुँचकर उनके माँगों और समस्याओं के समुचित निराकरण सुनिश्चित कराने का बहुत ही सराहनीय एवं कारगर प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।जन समस्या निवारण शिविर में ग्रामीण एवं पंचायत विकास विभाग से 370 आवेदन में से 84 आवेदन, परिवहन विभाग से प्राप्त 25 आवेदनों में से 25 आवेदन, सहकारिता विभाग से प्राप्त 04 आवेदनों में से 02 आवेदन, खाद्य विभाग से प्राप्त 22 आवेदनों में से 01 आवेदन, वन विभाग से प्राप्त 01 आवेदन, कृषि विभाग से प्राप्त 15 आवेदनों में से 15 आवेदन, लोक निर्माण विभाग में से प्राप्त 09 आवेदनों में 09 आवेदन, स्वास्थय विभाग से प्राप्त 07 आवेदनों में से 01 आवेदन, जल संसाधन विभाग से प्राप्त 05 आवेदन में से 05 आवेदन, क्रेडा विभाग से 08 आवेदनों में से 08 आवेदन, शिक्षा विभाग से प्राप्त 14 आवेदनों में से 03, महिला एवं बाल विभाग से प्राप्त 37 आवेदनों में से 01, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राप्त 22 में से 19 आवेदनों को मौके पर ही निराकृत किया गया। इसके अलावा शिविर में समाज कल्याण विभाग से 73, राजस्व विभाग से 86, विद्युत विभाग से 28, पशु चिकित्सा विभाग से 01 तथा लोक सेवा केन्द्र से संबंधित कुल 08 आवेदन प्राप्त हुए थे। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने सभी विभाग के अधिकारियों से अपने-अपने विभागों में प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने शिविर स्थल में विभिन्न विभागों के द्वारा लगाए गए स्टाॅलों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर एनडीआरएफ की टीम के द्वारा विभिन्न प्रकार के आपदाओं से बचाव के उपायों के संबंध में जानकारी देने हेतु डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया। - 0 लोक निर्माण अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया समापन0 उत्कृष्ट अधिकारियों का किया सम्मानबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री अरूण साव ने आज न्यू सर्किट हाउस स्थित अरपा सभाकक्ष में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया। उन्होंने इस अवसर पर विभाग के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में लोक निर्माण विभाग की अहम भूमिका है। विकसित भारत में छत्तीसगढ़ राज्य की अग्रणी भूमिका होगी। यह आप लोगों के मेहनत और लगन से संभव होगा। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि डॉक्टर, वकील के पेशे में जो भी व्यक्ति हैं वो अंतिम सांस तक सीखते ही रहते हैं क्योकि रोज-रोज नए शोध एवं कानूनों में बदलाव होते रहते हैं। उसी तरह आप लोगों के भी कार्यो में हमेशा नये-नये शोध हो रहे हैं जिससे पुल-पुलियों की मजबूत निर्माण में सहायक हो रहे है। प्रशिक्षण में विषय-विशेषज्ञों ने पुल-पुलियों के निर्माण, डिजाईन सहित अन्य बिन्दुओं पर बारीकी से जानकारी दी। उन्होंने इंजीनियरों की जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का भी समाधान किया।
- 0 ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करें कि लोगों का काम आसानी से हो जाए: अरूण साव0 मौसमी बीमारियों से निपटने दवा-पानी का हो पर्याप्त इंतजाम0 सोसायटियों में खाद-बीज की सतत आपूर्ति की जाएबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं केन्द्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने आज अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करें कि ग्रामीणों और किसानों का काम आसानी से हो जाये। उन्हें अपना काम कराने के लिए बेवजह अफसरों के आगे-पीछे घुमने की नौबत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने मौसमी बीमारियों से निपटने की कार्य-योजना पर सख्ती से अमल करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के नीचे से लेकर ऊपर तक पूरा अमल अलर्ट मोड पर रहे और अस्पतालों और मितानिनों के पास पर्याप्त मात्रा में सभी तरह की दवाईओं की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाये। बैठक में विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान एवं महापौर श्री रामशरण यादव उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से अपने कामों की समीक्षा स्वयं करें। देखें कि क्या काम करना था और कितना कर पाए हैं। लोगों की अपेक्षा क्या है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी का मौसम शुरू हो चुका है। सभी सोसायटियों में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने को कहा है। श्री साव ने कहा कि गरमी में बिजली के संबंध में जो अनुभव मिला है। उसे दूर करने की कार्य-योजना बनाएं ताकि अगले साल इस तरह की दिक्क्तों का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार छह से 20 तारीख तक राजस्व पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। पखवाड़े में इस तरह काम करें कि किसानों की सभी लंबित मामले निपट जाये।नगरीय क्षेत्रों में ठीक से नाली की सफाई किया जाए। अभी भी शिकायते मिल रही हैं। जलभराव के हालात किसी भी स्कूल अथवा आबादी क्षेत्र में नहीं होने चाहिए। पीएचई विभाग में और तेजी से काम करने की जरूरत है। एक-एक गांव में लक्ष्य बनाकर साफ पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। जल जीवन मिशन सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाना है। उन्हांेने लोक निर्माण विभाग से लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने को कहा है। खराब सड़कों की मरम्मत भी तत्काल किया जाये। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान से लोगों को जोड़कर जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा जतन करें कि ग्रामीण क्षेत्र के सभी तालाब बरसात में लबालब हो जायें। कच्चा नाला बनाकर उसका बहाव तालाब की ओर मोड़ा जाये। विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का गंभीरता से प्रयास किया जाये। बैठक में विधायकों ने भी अपने क्षेत्र के कामों एवं प्रगति के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। कलेक्टर अवनीश शरण ने बैठक की कार्यवाही का संचालन करते हुए प्रमुख योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। एसपी ने भी कानून एवं व्यवस्था तथा यातायात सुविधाजनक बनाये रखने के लिए किये गये उपायों से अवगत कराया। नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार ने आभार ज्ञापन किया।
- 0 ग्राम कामानार में शाला उन्नयन एवं विकास कार्य हेतु किया भूमिपूजन
जगदलपुर। जगदलपुर विधायक श्री किरण देव ने शनिवार की शाम दरभा मंडल में लाखों के विकास कार्यों का विधिवत भूमि पूजन कर विकास की गति को आगे बढ़ाया । दरभा मंडल के कामानार में भूमि पूजन पर पहुंचे विधायक किरण देव का ग्रामीण जनों ने पारंपरिक रूप से उनका तिलक लगाकर स्वागत किया गया। दरभा मंडल में मुख्यमंत्री अधोसंरचना संसाधन एवं उन्नयन प्राधिकरण मद से प्राथमिक शाला टोपर में अतिरिक्त कक्ष भवन का उन्नयन कार्य का भूमि पूजन लागत 7 लाख ,प्राथमिक शाला भाटागुडा अतिरिक्त कक्ष लागत 7 लाख ,माध्यमिक शाला छिंदबहार अतिरिक्त कक्ष लागत 7 लाख ,प्राथमिक शाला चिंगपाल अतिरिक्त कक्ष उन्नयन लागत 7 लाख ,माध्यमिक शाला धुडमारास अतिरिक्त कक्ष का उन्नयन लागत 7 लाख ,माध्यमिक शाला नेगानर अतिरिक्त कक्ष का उन्नयन लागत 7 लाख,प्राथमिक शाला धुडमारास अतिरिक्त कक्ष का उन्नयन लागत 7 लाख ,प्राथमिक शाला कपकाकपारा अतिरिक्त कक्ष का उन्नयन लागत 7 लाख ,एवं डाढल तरई मे 15वें वित से तराई का जीणोॅद्दार लागत 9.70 लाख ,एनएमडीसी सीएसआर मद से सीसी रोड़ लागत 10 लाख रुपए,प्राथमिक शाला काण्डकीपारा मे शाला मरम्मत कार्य लागत 02 लाख , कुल लगभग 70 लाख रुपए का विकास कार्यों का भूमिपूजन विधिवत किया गया ।विधायक श्री किरण देव ने भूमिपूजन कार्यक्रम में आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण जनों के बीच पहुंचकर बस्तर के पारंपरिक स्वागत व प्रेम स्नेह से मन आल्हादित है । श्री देव ने कहा आप सभी की मांग के अनुरूप गांव में निरंतर विकास कार्य किये जा रहे हैं विकास अनवरत जारी रहेगा ,मूलभूत सुविधा देना हमारा कर्तव्य है ,सड़क, पुल पुलिया पानी ,शाला भवनों का उन्नयन ,व अन्य सभी विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे ।विधायक श्री देव ने बताया कि दरभा मंडल में कुल 130 बोर की स्वीकृति दी गई है जो की क्षेत्र में अनवरत चालू है । क्षेत्रवासियों को पेयजल की समस्या ना हो उसे पर लगातार कार्य किये जा रहे हैं । विकास अग्रसर रूप से कार्य करेगा और पूरे क्षेत्र में चौमुखी विकास होगा । कार्यक्रम के पश्चात एक पेड़ मां के नाम के तहत विधायक श्री किरण देव ने पंचायत भवन में पौध रोपण भी किया ।इस दौरान पूर्व विधायक श्री बैदूराम कश्यप ,जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सीता नाग ,जनपद सदस्य श्रीमती शांति ,सरपंच ललिता कश्यप ,दरभा मंडल अध्यक्ष फूल सिंह सेठिया ,प्रभारी नीटू भदोरिया ,पूर्व मंडल अध्यक्ष भोला श्रीवास्तव ,महामंत्री श्री हरिप्रसाद ,संतोष बघेल ,गागरा राम ,विष्णु प्रताप एवं खंड शिक्षा अधिकारी श्री पात्रे ,एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। - 0 विद्यार्थियों को मिले स्वर्ण पदक एवं उपाधियां0 आपकी उपलब्धियां, कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन0 शिक्षा का मूल उद्देश्य ‘‘सर्वे भवंतु सुखिन‘‘ के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना : मुख्यमंत्री विष्णु देव सायबिलासपुर। राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पात्रोपधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर श्री राम प्रताप सिंह एवं सुश्री सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने के संदेश दिए गए। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को अग्रिम भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के परिवारजनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सहयोग त्याग एवं मार्गदर्शन में आपने ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां आपके कठिन परिश्रम, समर्पण, आपकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 21 मार्च 2005 को स्थापित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति लाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के सपनों को गढ़ने एवं साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड दिए जाने के लिए भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि विकसित भारत, समृद्ध भारत की संकल्पना पर आधारित है। विकसित भारत संकल्पना के जरिए क्षेत्र के सभी नागरिकों को अपनी क्षमता के अनुसार विकास करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजाति क्षेत्र में रहने वाले अति पिछड़े समुदायों तथा कोविड-19 से प्रभावित लोगों को शिक्षा का अवसर प्रदान कर अपने सामाजिक सरोकारों के उद्देश्य को भी पूरा कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए स्वर्ण पदक एवं उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। श्री साय ने कहा, मुझे प्रसन्नता है कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र यह मुक्त विश्वविद्यालय अपने अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूरस्थ अंचलों में बसे ऐसे शिक्षार्थियों के लिए जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं या नौकरी पेशा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो अपने भावी सपनों को साकार करना चाहते हैं उनके लिए यह विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रमुख केंद्र बन गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि, मैं स्वयं राज्य के दूरस्थ क्षेत्र जशपुर का हूं इसलिए मैंने हमारे छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों के लोगों की कठिनाइयों को बहुत नजदीक से देखा है मैं दूरस्थ अंचलों में बसे हमारे राज्य के लोगों की कठिनाइयों को महसूस कर सकता हूं। मुझे खुशी है कि यह विश्वविद्यालय अपने ध्येय वाक्य ‘‘उच्च शिक्षा आपके द्वार‘‘ के अनुरूप अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा का मूल उद्देश्य सर्वे भवंतु सुखिनः के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना है। हमारे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होगा। इस विश्वविद्यालय को यूजीसी के 235 विश्वविद्यालय की उस सूची में शामिल किया गया है जो संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री दे सकता है। अब यह विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री के लिए कार्यक्रम शुरू कर सकता है यह खुशी की बात है कि हमारे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।विश्वविद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा सुझाव है कि विश्व के लोगों का छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति से परिचय कराया जाए, इस दिशा में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम की शुरुआत इस विश्वविद्यालय ने की है यह सराहनीय कदम है। इस विश्वविद्यालय का अध्ययन-अध्यापन के साथ यह भी दायित्व बनता है कि छत्तीसगढ़ अंचल के भाषा संस्कृति को समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में उपस्थित जनों से एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ने की अपील की और कहा कि अपने आसपास सुलभ जगह देखकर आप सभी एक पेड़ माँ के नाम जरुर लगाएं और उसकी देखरेख करें।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। श्री साव ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। रामचरितमानस के पाठ्यक्रम संचालित कर यहां पर आध्यात्म से जुड़ी शिक्षा दी जा रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए पाठ्यक्रम में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है और विषयों के बंधन से मुक्त किया गया है। योग्यता, गुणवत्ता एवं आवश्यकता पर आधारित विषयों को समाहित कर पाठ्यक्रम को वर्तमान उद्देश्यों के अनुरूप बनाया गया है।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन देते हुए स्वर्ण पदक, उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, व्यक्ति के लिए शिक्षा एवं संस्कार महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है, शिक्षा जहां मनुष्य को अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित कौशल प्रदान करता है वहीं संस्कार मनुष्य को समाज में श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मानव जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखता है शिक्षित व्यक्ति अपना समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।कुलपति श्री बंशगोपाल सिंह ने इस गरिमामय अवसर पर सभी विद्याार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह विश्वविद्यालय पूरे छत्तीसगढ़ मे 105 से अधिक महाविद्यालयों में स्थापित अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों तक उच्च शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत है।इस अवसर पर बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, मस्तुरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान, विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


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