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- -LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना छत्तीसगढ़, आमजन और उद्योगों दोनों को मिलेगा लाभ-सुशासन, मजबूत कनेक्टिविटी और जनहितकारी योजनाओं का दिख रहा सकारात्मक असर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर /छत्तीसगढ़ ने विकास और सुशासन की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी LEADS 2025 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य का दर्जा मिला है। यह उपलब्धि राज्य में बेहतर सड़क, परिवहन, व्यापार सुविधा और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण मिली है, जिसका सीधा लाभ आम जनता, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल उद्योगों का विकास नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, व्यापार को गति मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के कारण निवेश बढ़ रहा है। राज्य सरकार गांव से शहर तक कनेक्टिविटी मजबूत करने, वेयरहाउसिंग सुविधाएं बढ़ाने और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे उद्योगों को सुविधा मिलने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय उद्यमियों को भी लाभ मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के तहत परिवहन लागत कम करने, माल परिवहन को तेज़ बनाने और निवेश आकर्षित करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने से रोजगार और निवेश की नईसंभावनाएं तैयार हो रही हैं।रायपुर के लिए तैयार किए गए सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और माल परिवहन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। वहीं OneClick Single Window Portal के माध्यम से उद्योगों को अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है, जिससे निवेशकों को तेजी से सुविधाएं मिल रही हैं।वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक और तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित कर रहा है। इससे प्रदेश में व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के उभरते औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में नई पहचान दिला रही है।कुल मिलाकर LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य के रूप में मिली यह पहचान केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में तेज़ी से विकसित हो रही अधोसंरचना, सुशासन और जनहितकारी विकास मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति है। बेहतर सड़क, मजबूत परिवहन व्यवस्था, बढ़ते निवेश और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब आमजन की सुविधाओं और आर्थिक समृद्धि को केंद्र में रखकर विकास की नई दिशा तय कर रहा है।
- 3 किलोवाट के सोलर प्लांट ने बदली राजपुर निवासी अरूना की जिंदगी, बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेशरायपुर / प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उठाकर कोई भी अपने घर में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित कर सकता है। बढ़ती महंगाई के दौर में बिजली का भारी-भरकम बिल किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के लिए चिंता का विषय हो सकता है। लेकिन बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड की श्रीमती अरूना कश्यप ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को अपनाकर अरूना न केवल अपना बिजली बिल शून्य करने की ओर बढ़ रही हैं, बल्कि वे क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी एक मिसाल बन गई हैं।अरूनाकश्यप साझा करती हैं कि बढ़ती जरूरतों के साथ हर महीने आने वाला भारी बिजली बिल उनके घरेलू बजट को बिगाड़ देता था। वे कहती हैं, पहले बिजली का खर्च लगातार बढ़ रहा था, जिससे घर का तालमेल बिठाना मुश्किल हो रहा था। लेकिन जब मुझे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और उस पर मिलने वाली केंद्र व राज्य सरकार की सब्सिडी के बारे में पता चला, तो लगा कि यह हमारे लिए सबसे अच्छा समाधान है।अरूना ने विभागीय सहयोग से अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगवाया है। शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह प्रक्रिया जटिल होगी, लेकिन शासन की सहायता और मार्गदर्शन से यह काम आसान हो गया। लगने के बाद बिजली बिल में भारी गिरावट आई है। अब घर के सभी जरूरी उपकरण बिना किसी तनाव के सौर ऊर्जा से चल रहे हैं। अरूना का मानना है कि सौर ऊर्जा न केवल पैसों की बचत है, बल्कि यह पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक बड़ा योगदान है।श्रीमती अरूना ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम परिवारों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम है। सब्सिडी के प्रावधान ने इस तकनीक को आम आदमी की पहुँच में ला दिया है। श्रीमती अरूना कश्यप कहती हैं कि अगर हर घर सौर ऊर्जा अपनाए, तो न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि हमारा पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त रहेगा।प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को सोलर प्लांट की स्थापना पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। इससे आम नागरिक अपनी छत का उपयोग कर स्वयं बिजली पैदा कर सकते हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।
- -प्रशासन की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई से हितग्राही ने जताया आभाररायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। नगर पालिका भाटापारा के इतवारी राम यादव शासकीय विद्यालय में आयोजित शिविर में उस समय प्रशासन का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया, जब राशन कार्ड की समस्या लेकर पहुंची स्थानीय निवासी सुनीता जायसवाल का कार्य मिनटों में पूरा हो गया।सुनीता जायसवाल लंबे समय से राशन कार्ड की समस्या से जूझ रही थीं। शिविर में उनके आवेदन पर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और पात्रता की जांच कर मौके पर ही नया राशन कार्ड बनाकर सौंपा। हाथों-हाथ राशन कार्ड पाकर सुनीता भावुक हो गईं और उन्होंने त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया।सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है। इस शिविर की प्रमुख विशेषताएं रहीं। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से आवेदनों का मिलान और सत्यापन आसान हुआ। प्राप्त आवेदनों पर बिना किसी विलंब के पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की गई। सुनीता जायसवाल की तरह अन्य दर्जनों लोगों ने भी अपनी पेंशन, राजस्व और अन्य नागरिक सेवाओं का तत्काल लाभ प्राप्त किया।सरकार की यह पहल सचमुच सुशासन का प्रतीक है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा राशन कार्ड इतनी जल्दी बन जाएगा। अब मुझे दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।हितग्राही सुनीता जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प को पूरा कर रही है। प्रशासन का यह समस्याओं को स्थल पर ही समाधान मॉडल जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।
- -17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण हुए लाभान्वित, जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को बांटे चेक और जरूरी सामग्रीरायपुर ।राज्य शासन के सुशासन तिहार अभियान के तहत बुधवार को बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचिरदा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शासन की जनता के द्वार पर दस्तक पहल के तहत आयोजित इस शिविर में चिचिरदा सहित आसपास की 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर के दौरान कुल 1145 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 450 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई।शिविर में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री, चेक और प्रशस्ति पत्र सौंपे। वितरण की मुख्य झलकियां इस प्रकार रहीं। नए राशन कार्ड और आयुष्मान कार्डों का वितरण, मनरेगा जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को नए घर की चाबियां सौंपी गईं। कृषि एवं संबद्ध विभाग के द्वारा मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स और उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्थानीय बच्चों और खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई।शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। मंच के माध्यम से अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।सुशासन की यह लहर केवल चिचिरदा तक सीमित नहीं रही। सिमगा विकासखंड के ग्राम जांगड़ा में भी समाधान शिविर का सफल आयोजन हुआ। जिले के 7 नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया। इस पहल से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ
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-मकान सूचीकरण कार्य के दौरान हादसे का शिकार हुईं माधुरी, प्रशासन ने तत्काल कराया उपचार
रायपुर / जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचिकरण कार्य के दौरान रायपुर की एक शिक्षिका हादसे का शिकार हो गईं। शासकीय स्कूल माना में पदस्थ शिक्षिका एवं जनगणना प्रगणक श्रीमती माधुरी विश्वास ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गईं।घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद श्रीमती विश्वास को एमएमआई नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया।कलेक्टर डॉ. सिंह आज स्वयं अस्पताल पहुंचे और श्रीमती विश्वास से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली तथा बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में श्रीमती विश्वास की स्थिति स्थिर और सामान्य है। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा भी उपस्थित रहे। - -दुर्ग शहर में दो स्थानों पर किया भूमिपूजन, PM मोदी की अपील का एक वर्ष तक पालन करने लिया संकल्पदुर्ग । गजेंद्र यादव इन दिनों अपने अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील का समर्थन करते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने सरकारी गाड़ियों और एसी वाहन छोड़कर ई-रिक्शा की सवारी शुरू कर दी है।दुर्ग जिले में मंत्री का यह नया अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बुधवार को वे केवल एक PSO के साथ सामान्य नागरिक की तरह ई-रिक्शा में शहर का दौरा करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग स्थानों पर भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बाद में जनदर्शन के माध्यम से आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं।मंत्री के इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है। खास बात यह रही कि आमतौर पर सुरक्षा और काफिले के बीच रहने वाले मंत्री बेहद सहज व साधारण तरीके से ई-रिक्शा में सफर करते दिखाई दिए।मीडिया द्वारा जब उनसे भीषण गर्मी में एसी गाड़ियों को छोड़कर ई-रिक्शा में सफर करने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “आप खुद बैठकर देखिए, मुझे इसमें और फॉर्च्यूनर में कोई अंतर नहीं दिख रहा है। इसमें तो गर्मी का अहसास भी नहीं हो रहा। यह बिना पेट्रोल के बैटरी से चल रहा है, जो अपने आप में बड़ी बात है।”गजेंद्र यादव के इस कदम को लोगों द्वारा सकारात्मक पहल बताया जा रहा है। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और सादगी का संदेश देने वाला प्रयास माना है।
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रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में कुछ पेट्रोल पंप ड्राई हो गई हैं। कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पिछले दो दिनों में बिलासपुर के करीब 13 पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं। इस कारण दूसरी जगहों पर लंबी कतारें लग गई हैं और लोग पेट्रोल के लिए भटक रहे हैं। इस बीच इस कमी के कारण कहीं तो वाहन सड़क पर धक्का देते भी दिखाई दे रहे हैं तो लोग निराश होकर लौट रहे हैं। इस बीच पेट्रोलियम एसोसिएशन और जिला प्रशासन ने लोगों से पैनिक नहीं करने और जरूरत भर ही पेट्रोल लेने की अपील की है। हालांकि प्रशासन और पेट्रोलियम दोनों का मानना है कि इन दिनों पेट्रोल की खरीदी बढ़ी है। इसी वजह से स्थिति बदलती नजर आ रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन दिनों डिमांड के अनुसार पेट्रोल डीजल की सप्लाई नहीं हो रही। साथ ही लगातार होते पावर कट की वजह से भी डीजल की खपत बढ़ी है। हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही जा रही है। पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष नवदीप सिंह अरोरा के मुताबिक फिलहाल कुछ कमी हो सकती है, लेकिन दो अगले दिनों में स्थिति पूरी तरह ठीक हो जाएगी क्योंकि टैंकर निकल चुके हैं। पेट्रोलियम कंपनियों से बात भी हो गई है। इधर, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि यह संकट अस्थायी और कुछ दिनों का ही है। स्थिति को गंभीर नहीं मानना चाहिए। लोगों से भी अपील है कि सुविधा और जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल डीजल खरीदें। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
- -"जनता की बुनियादी सुविधाओं में देरी बर्दाश्त नहीं": दिसंबर 2026 तक कार्य पूर्ण करने का 'अल्टीमेटम', अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारीरायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को विकास के मॉडल के रूप में स्थापित करने के अपने संकल्प के साथ विधायक राजेश मूणत ने आज ठक्कर बाबा वार्ड का सघन दौरा किया।विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने निकले विधायक ने यहाँ निर्माणाधीन पानी टंकी एवं महतारी सदन के प्रोजेक्ट का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद नगर निगम और संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि ये दोनों परियोजनाएं आगामी दिसंबर माह तक हर हाल में पूर्ण होकर जनता की सेवा में समर्पित हो जानी चाहिए।तकनीकी ब्लूप्रिंट और वितरण चार्ट पेश करने के निर्देशपानी टंकी के निरीक्षण के दौरान विधायक का मुख्य जोर तकनीकी दक्षता और भविष्य की जरूरतों पर रहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल ढांचा खड़ा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिएप्रोग्राम चार्ट का प्रस्तुतीकरण अधिकारियों को पानी भरने की प्रक्रिया, समय और जल स्रोतों की उपलब्धता का एक विस्तृत 'प्रोग्राम चार्ट' प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।समान वितरण प्रणाली: टंकी भरने के बाद वार्ड के प्रत्येक घर में समान दबाव (Equal Pressure) के साथ पानी पहुँचे, इसके लिए वितरण पाइपलाइन की पूर्ण जानकारी और मैपिंग प्रस्तुत करने को कहा गया।विधायक ने स्पष्ट किया कि जल आपूर्ति शुरू होने के बाद स्थानीय निवासियों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए एक 'फुल-प्रूफ' कार्ययोजना तैयार की जाए।महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदमवार्ड में निर्माणाधीन 'महतारी सदन' का अवलोकन करते हुए विधायक राजेश मूणत ने कहा कि यह भवन केवल एक ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र की माताओं-बहनों के सामाजिक जुड़ाव और सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा। उन्होंने फिनिशिंग कार्य में तेजी लाने और भवन को सर्वसुविधायुक्त बनाने के निर्देश दिए ताकि दिसंबर तक वार्ड की महिलाओं को अपनी बैठकों और कार्यक्रमों के लिए एक सुरक्षित व भव्य स्थान मिल सके।गुणवत्ता पर 'जीरो टॉलरेंस' नीतिनिरीक्षण के दौरान विधायक ने सख्त लहजे में कहा, "विकास कार्यों की गुणवत्ता मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि निर्माण सामग्री या कार्य की तकनीक में कोई भी त्रुटि पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सप्ताह में कम से कम दो बार निर्माण स्थल का दौरा करें और कार्य की प्रगति की मॉनिटरिंग करें।भविष्य की कार्ययोजनाविधायक जी ने उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को आश्वस्त किया कि रायपुर पश्चिम के हर वार्ड में इसी तरह विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। ठक्कर बाबा वार्ड में पानी की समस्या का स्थायी समाधान और महतारी सदन की सौगात, क्षेत्र के सुनियोजित विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।निरीक्षण के दौरान, नगर निगम रायपुर की सभापति श्री सूर्यकांत राठौर,नगर निगम के जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और वार्ड के पार्षदगण उपस्थित थे। विधायक ने सभी पार्षदों से अपील की कि वे अपने वार्ड के विकास कार्यों की स्वयं मॉनिटरिंग करें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत अवगत कराएं।इस अवसर पर वार्ड के प्रबुद्ध नागरिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
- -बैठक में ग्राम खौली , टेकारी , कठिया , सोनभट्ठा , फरफौद , भानसोज , लिंगाडीह , संडी , खम्हरिया , संकरी , डिघारी , करहीडीह , मालीडीह , जुगेसर , खमतराई , नरदहा , बरछा , नारा आदि के पंचायत प्रतिनिधि व ग्राम प्रमुख मौजूद थे]रायपुर । कृषि विश्वविद्यालय की सलाह पर एकड़ पीछे रासायनिक खाद की मात्रा में शासन द्वारा कटौती किये जाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त हो रहा । इसका संकेत बीते बुधवार को ग्राम खौली में आहूत किसानों की बैठक में मिला । अल्प सूचना पर आहूत इस बैठक में मौजूद किसानों ने इसकी वजह से उत्पादन में गिरावट आने व खेती को घाटे की सौदा बन जाने की बात कह शासन - प्रशासन का इस ओर ध्यानाकृष्ट कराने का और अनदेखा करने पर आंदोलनात्मक रुख अपनाने का निर्णय लिया । ध्यानाकर्षण कराने हरेक सोसायटी स्तर पर सोसायटी मुख्यालयों के सामने एक दिनी धरना आयोजित कर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया ।ज्ञातव्य हो कि आसन्न कृषि वर्ष में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये गये अनुशंसित उर्वरक मात्रा प्रति एकड़ किसानों को उसके द्वारा धारित कृषि भूमि के आधार पर देने का आदेश कृषि विभाग द्वारा दिया गया है । अनुशंसित मात्रा को कम ठहराते हुये किसान इससे पैदावार में गिरावट की आंशका से आशंकित हैं । इसी वजह से उनमें आक्रोश व्याप्त हो रहा है । बैठक ग्राम खौली के कृषक हिरेश चंद्राकर व कमल चंद्राकर की पहल पर आयोजित की गयी थी । आमंत्रित किसान नेता पारसनाथ साहू ने किसानों को आंदोलनात्मक रुख अपनाने का आव्हान किया । आमंत्रित क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने भी इस निर्णय को किसान विरोधी ठहराते हुये निर्णय को निरस्त कराने आंदोलन को ही एकमात्र रास्ता बतलाया ।आमंत्रित किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि पूर्व में देशी खाद का उपयोग कर खेती करने वाले किसानों को अधिक अन्न उपजाओ का नारा दे सत्ताधीशों ने अधिक से अधिक रासायनिक खाद के उपयोग के लिये प्रोत्साहित किया और अब अचानक रासायनिक खाद की मात्रा में कटौती से उत्पादन में गिरावट आएगी, जो कि किसानों के लिये घाटे का सौदा साबित होगा । वर्तमान में देशी / जैविक खाद की पर्याप्त उपलब्धता न होने और इसका प्रयोग करने पर भी कम से कम तीन साल तक उत्पादन पर असर पड़ने की बात कहते हुये शासन - प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराने प्रथम चरण में सोसायटी स्तर पर शांतिपूर्ण धरना कर ज्ञापन सौंपने का सुझाव दिया ।किसान नेता श्रवण चंद्राकर ने शासन द्वारा जारी आदेश की जानकारी देते हुये इसे किसान हित में नहीं ठहराते हुये पूरे प्रदेश में एकसाथ आंदोलन की आवश्यकता प्रतिपादित की । किसान नेता गोविंद चंद्राकर ने आरंग क्षेत्र में पूर्व में हुये तीन सफल आंदोलनों का जिक्र करते हुये राजनीतिक भेदभाव से परे आंदोलन का आग्रह किया और सफलता के लिये खौली से शुरू हुई इस मुहिम को पूरे प्रदेश में फैलाने की बात रखी । दिनेश ठाकुर ने आंदोलन की रुपरेखा तैयार कर आंदोलन की शुरुआत करने का आग्रह किया । बैठक में आरंग क्षेत्र के सोसायटियों से इस धरना की शुरुआत करने का निर्णय लेते हुये सोसायटियों के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के किसानों को स्वत: स्फूर्त धरना आयोजित करने का आग्रह किया गया । बैठक में ग्राम खौली , टेकारी , कठिया , सोनभट्ठा , फरफौद , भानसोज , लिंगाडीह , संडी , खम्हरिया , संकरी , डिघारी , करहीडीह , मालीडीह , जुगेसर , खमतराई , नरदहा , बरछा , नारा आदि के पंचायत प्रतिनिधि व ग्राम प्रमुख मौजूद थे । इधर भानसोज के जागरूक युवा किसान द्रोण चंद्राकर ने कल शुक्रवार को भानसोज सोसायटी के सामने धरना आयोजित करने के लिये बैठक किये जाने की जानकारी दी है ।
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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चौंपियनशिप में 53 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर एवं कांस्य पदक जीतकर प्रदेश एवं देश का नाम गौरवान्वित किया है। ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में 88 किलोग्राम एवं क्लीन एण्ड जर्क में 106 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 194 किलोग्राम का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस शानदार उपलब्धि पर जिला प्रशासन, कोच श्री अजय लोहार विश्वकर्मा, स्टेडियम समिति, जिला भारोत्तोलन संघ के संरक्षक श्री अजय श्रीवास्तव, अध्यक्ष श्री अमित आजमानी, संघ के समस्त पदाधिकारियों, जय भवानी व्यायाम शाला एवं समस्त खेल प्रेमियों ने हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
- - महाराष्ट्र मंडल के साथ रंगभूमि ने अपनी 10वीं सालगिरह पर आयोजित किया 'रंग यानिकी'रायपुर। सीता सा है मेरा चरित्र और उर्मिला सा है मेरा समर्पण। मेरा प्रेम, त्याग, किसी भी तरह कम नहीं। मैं मन दो धरी, इसलिए कहलाई मंदोदरी। इस बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी के साथ रंजना ध्रुव ने मंदोदरी की व्यथा को इतनी संवेदनशीलता से मंच पर प्रस्तुत किया कि रंगप्रेमी दर्शक बस देखते ही रह गए। बात हो रही है सिविल लाइंस स्थित वृंदावन हाॅल में रंगभूमि की 10वीं सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम रंग यानिकी की। इस मौके पर वरिष्ठ रंगसाधक आचार्य रंजन मोड़क के निर्देशन में हिंदी और छत्तीसगढ़ी में अपनी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्म से जुड़ी कविताओं व लघु नाटिकाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां हुईं।‘मैं हूं शकुनि, क्योंकि जब मेरे स्वजनों को कुचला गया, तब मैंने धर्म की किताब पहनकर अपने बदलों की चालों में निपटा दिया। मेरी सबसे बड़ी जीत क्या थी? कौरवों की हार? पांडवों का विनाश? नहीं मेरी सबसे बड़ी जीत थी धर्म की भाषा बोलकर अधर्म करना।‘ चैतन्य मोड़क ने शकुनि के किरदार को इतनी जीवंतता से मंच पर उतारा कि लगा हमारे आसपास, समाज में ऐसे शकुनियों की कमी नहीं है। बिल्कुल इसी तीखे और आक्रामक अंदाज में सुषमा गायकवाड़ ने ‘मैं हूं और मैं ही रहूंगी’ की जानदार प्रस्तुति दी। सुषमा ने कहा कि लोग कहते है कि तुम राधा बनो, सीता बनो, मीरा बनो, तुम उर्मिला बनो, यशोधरा बनो, पर मैं हूं... मैं कोई और क्यों बनूं।इधर प्रभात साहू ने छत्तीसगढ़ी कविता 'सुरता', ट्विंकल परमार ने 'तन्हाई', दीप्ति त्यागी ने 'ईस्कूल', रिया परमार ने 'कजरी', भारती पलसोदकर ने 'बचपन', क्षितिज महोबिया ने 'दादाजी', आकाश वरठी ने 'पापी पेट' और जयप्रकाश साहू ने कविता 'गाय' पर सुंदर प्रस्तुति दी। इस बीच अनुष्का टेंबे, प्रार्थना दंडवते और नन्हीं सी मानवी साहू की रवींद्र नृत्य से सधी हुई प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को और ऊंचाई मिली। इस मौके पर वरिष्ठ लोक कलाकार नरेंद्र यादव को लोकरंग पुरोधा सम्मान से नवाजा गया। डॉ. सीमा श्रीवास्तव वरिष्ठ कवयित्री को निरंतर साहित्य साधना के लिए सम्मानित किया गया। बजरंगी भाई के नाम से प्रसिद्ध गौ सेवक लितेश साहू को गौ सेवा के लिए सम्मानित किया गया। इनके अलावा 25 वर्षों से निर्धन विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा देकर उनका भविष्य संवार रहे एम. राजीव को शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।वहीं नरेंद्र यादव ने अपने लोक रंग के सफर में महाराष्ट्र मंडल की यादों को साझा किया और कहा कि इतनी पुरानी संस्था आज भी कला की सेवा के लिए समर्पित है, यह अपने आप में बड़ी बात है। इस मौके पर महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने लोकरंग की 10 वर्षों की रंगभूमि की यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि रंजन मोड़क की इस संस्था की स्थापना से लेकर आज तक महाराष्ट्र मंडल खड़ा रहा और आगे भी इसी तरह रंगभूमि का साथ निभा रहेगा। कार्यक्रम का संचालन अक्षदा मातुरकर ने किया।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आयोजित 'सुशासन तिहार' अभियान धरातल पर सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग निगम अंतर्गत विवेकानंद सभागार में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें राशनकार्ड बनवाने पहुंची वार्ड क्रमांक 17 की निवासी रीना देवांगन की कहानी शासन की सजगता का एक प्रत्यक्ष उदाहरण बनी है। रीना देवांगन अपने परिवार के लिए राशन कार्ड बनवाने को लेकर प्रयासरत थीं। जब उन्हें ’सुशासन तिहार’ (1 मई से 10 जून) के अंतर्गत आयोजित होने वाले शिविरों की जानकारी मिली, उन्होंने पूरे विश्वास के साथ अपना आवेदन प्रस्तुत किया। रीना बताती हैं कि सुशासन तिहार शिविर में उनकी समस्या को न केवल गंभीरता से सुना गया, बल्कि प्रशासनिक तत्परता के साथ तुरंत कार्यवाही भी की गई। उन्हें शिविर स्थल पर ही बीपीएल राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। रीना बताती है ’’मैं राशन कार्ड बनवाने के लिए सोच ही रही थी, सुशासन तिहार के शिविर में आवेदन दिया और शिविर में ही तुरंत मेरा बीपीएल राशन कार्ड मिल गया। इसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री जी और प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देती हूँ।’’ शासन अब जनता के द्वार तक पहुँच रहा है। ’संवाद से समाधान तक’ के मंत्र के साथ आयोजित ये शिविर सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकारों से जोड़ रहे हैं।
- दुर्ग। दुर्ग जिले के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। कचांदूर स्थित चंदूलाल चंद्राकर शासकीय मेडिकल कॉलेज के पास नवीन फिजियोथेरेपी कॉलेज निर्माण हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किये।केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि फिजियोथेरेपी चिकित्सा पद्धति आज स्वास्थ्य सेवाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, दुर्घटनाओं, खेल संबंधी चोटों, लकवा, कमर एवं जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं के उपचार में फिजियोथेरेपी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। दुर्ग जिले में इस कॉलेज की स्थापना से आम नागरिकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि यह संस्थान केवल उपचार केंद्र ही नहीं बल्कि दुर्ग जिले के चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण का भी प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण तथा बेहतर करियर अवसर प्राप्त होंगे। इससे जिले सहित पूरे संभाग के युवाओं को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।केबिनेट मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के विभिन्न जिले में फिजियोथेरेपी कॉलेज बनाने बजट में स्वीकृति प्रदान किये थे जिसका आज भूमिपूजन किया गया। स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा मरीजों को बिना ऑपरेशन और कम दवाइयों के माध्यम से उपचार की प्रभावी सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह संस्थान दुर्ग जिले की पहचान बनेगा और बड़ी संख्या में मरीजों को लाभान्वित करेगा।कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं मेडिकल कॉलेज स्टॉफ ने भी इस पहल को जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। भूमिपूजन अवसर पर विधायक श्री डोमनलाल कोर्सवाड़ा, जिला पंचायत सदस्य श्री जीतेन्द्र यादव, मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकगण, स्टॉफ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण लेने राज्य के सभी जिलों से एडल्ट लीडर्स का हुए शामिलबिलासपुर /मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के अंतर्गत “तारुण्य वार्ता एवं पीरियड्स पर खुलकर” अभियान के साथ ही दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में इसका आयोजन श्री बालाजी विद्या मंदिर देवेंद्र नगर, रायपुर में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा के निर्देशन में 11 से 12 मई 2026 तक होगा। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्राप्त करने राज्य के सभी जिलों से तीन-तीन संस्था से भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला संगठन आयुक्त एवं लीडर्स जुटे हैं।कार्यकम में जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला आयुक्त स्काउट विजय कुमार टांडे, डॉ पूनम सिंह, व्याख्याता एवं जिला संगठन आयुक्त (गाइड), गाइडर- श्रीमती रश्मि तिवारी एवं श्रीमती मिंदू सांडे सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि की आसंदी से छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि मासिक धर्म पर चुप्पी नहीं, जागरूकता और संवाद की आवश्यकता है। हर बेटी को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहवारी प्रबंधन का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा प्रारंभ किए गए अभियान की प्रशंसा की।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने कहा कि यूनिसेफ के साथ शुरू की गई मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन की इस मुहिम को पूरे छत्तीसगढ़ में हर वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 28 मई को अभियान का समापन मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होगा। यूनिसेफ छत्तीसगढ़ हेड सीमा कुमार ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज हम लड़कियों को गरिमा, सम्मान और स्वास्थ्य सुरक्षा का अभियान शुरू कर रहे हैं। यह बालिकाओं के सशक्तिकरण का भी अभियान है। उन्होंने कहा कि यह अभियान माहवारी के मिथकों और अनावश्यक पाबंदियों को तोड़ने का कार्य करेगा।यह अभियान लड़कियों तक ही सीमित नहीं रहेगा, यह लड़कों को भी माहवारी के प्रति जागरूक करेगा और उनकी समझ को बढ़ाएगा तथा झिझक को दूर करेगा। सीमा कुमार ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन जैसे विषय को स्कूलों के पाठ्यक्रम के माध्यम से अभियान तक पहुंचाने की मांग रखी। यूनिसेफ के व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अभियान से माहवारी को लेकर किशोरों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता में वृद्धि होगी। मासिक धर्म स्वच्छता व्यवहार में सुधार आएगा और इस विषय पर बात करने की झिझक दूर होगी तथा भ्रांतियों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान बालिकाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर देगा। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ की बाल संरक्षण विशेषज्ञ चेतना देसाई, तथा सोशलिस्टर बीना पटेल, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय आयुक्त जी स्वामी, रेड क्रॉस सोसायटी के उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही, राज्य मुख्यालय आयुक्त रविश गुप्ता, स्टेट कोऑर्डिनेटर मंथरिश गोरेगो माहवारी सार्थक समूह भी मंचासीन रहे।कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) पूनम साहू ने किया तथा आभार राज्य संयुक्त सचिव बीना यादव द्वारा जताया गया। पहले दिवस का प्रशिक्षण यूनिसेफ के एमवीसी कंसल्टेंट अभिषेक त्रिपाठी द्वारा पॉवर विजन की सहभागिता से प्रारंभ किया गया। दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का संयोजन दिलीप पटेल द्वारा किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड्स) श्रीमती सरिता पाण्डेय, राज्य संगठन आयुक्त द्वय अमित क्षत्रिय एवं जलवती साहू सहित अन्य की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन का संकल्प भी दिलाया। अतिथियों द्वारा पोस्टर का विमोचन भी किया गया।--00--
- -मकान सूचीकरण एवं मकान गणना में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को मिले प्रशस्ति पत्ररायपुर । भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों को आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह में कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में कर्मचारियों की निष्ठा और मेहनत सराहनीय है। उनके योगदान से ही प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।कलेक्टर के समक्ष अपना अनुभव साझा करते हुए धरसीवां ब्लाक के ग्राम तिवरैया निवासी सहायक शिक्षक श्री संजय कुमार बंजारे ने बताया कि मुझे मेरे ही गांव में कार्य करने का अवसर मिला एवं ग्रामीणों द्वारा मुझे सम्मान भी मिला।जोन 6 में कार्य करने वाले श्री पुरुषोत्तम सिंह श्याम ने बताया कि मैं 2011 में जनगणना का कार्य किया था उसे वक्त सारा चीज कागज में करना पड़ता था लेकिन अब सब डिजिटल होने से हम सभी को आसानी हो रही है। डिजिटल तरीके से कार्य करना हम सभी के लिए एक अच्छा अनुभव हाथ और हमें बहुत कुछ सीखने मिला।अभनपुर ब्लॉक की शिक्षिका श्रीमती श्वेता ठाकुर ने बताया कि खेतों में एक घर होता था उसके बाद दूसरा घर 15 एकड़ के बाद होता था जहां टू व्हीलर से पहुंचना संभव नहीं था तो मैं पैदल जाकर जनगणना का कार्य पूरा की ग्राम रावली ब्लॉक 25 एवं 26 में 200 से अधिक मकान का सूचीकरण किया ।तिल्दा ब्लॉक के ग्राम सर्पोंगा के शिक्षक श्री बिपिन प्रबल तिर्की ने बताया कि मैं खुद के गांव में जनगणना कर रहा था जहां मुझे आदर सत्कार मिला एवं लोगों ने भोजन करने का भी आग्रह किया। मुझे जनगणना कार्य करने में बहुत कुछ सीखने को भी मिला।सम्मानित होने वालों में तहसील रायपुर के 4, तहसील धरसीवां के 8, तहसील तिल्दा के 11, तहसील मंदिर हसौद के 7, तहसील खरोरा के 1, तहसील अभनपुर के 4 तथा तहसील गोबरा नवापारा के 15, सीएमओ तिल्दा-नेवरा के 2, सीएमओ गोबरा नवापारा के 1, सीएमओ अभनपुर के 1, सीईओ एनआरडीए के 08, रायपुर नगर निगम के 6 तथा नगर निगम बीरगांव के 26 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी से उपस्थित रहे।
- -ब्रिटिश कालीन राजस्व दस्तावेजों का सुशासन तिहार में हुआ अवलोकन-पूर्व मालगुजार के वंशज राकेश सिंह ठाकुर ने संभाल रखी है धरोहर, ज्ञान भारतम ऐप में दर्जरायपुर । ज्ञानभारतम मिशन के तहत रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड की ग्राम पंचायत ख़ौना में ऐतिहासिक महत्व की 5 पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं। ये सभी पांडुलिपियां 100 वर्ष से अधिक पुरानी हैं और ब्रिटिश काल की हैं।गांव के निवासी श्री राकेश सिंह ठाकुर के घर पर ये दस्तावेज संरक्षित हैं। उनके पूर्वज गांव के मालगुजार थे। इन पांडुलिपियों में तत्कालीन राजस्व प्रकरण, राजस्व वसूली एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण ब्यौरे दर्ज हैं।ग्राम खौना में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इन पांडुलिपियों का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर श्री राकेश सिंह ठाकुर को इस अमूल्य धरोहर को पीढ़ियों से संरक्षित रखने के लिए सम्मानित किया गया और बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। इन सभी पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम ऐप में अपलोड कर दर्ज किया गया है, जिससे यह राष्ट्रीय डिजिटल संग्रह का हिस्सा बन गई हैं।
- रायपुर / कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित Constable (GD) in Central Armed Police Forces (CAPFS) एवं SSF तथा Rifleman (GD) in Assam Rifles Examination-2026 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा 31 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी।यह परीक्षा जिले में स्थित Professional Institute of Engineering and Technology State highway 7, Vidhansabha road Mura Bangoli, Raipur परीक्षा केंद्र में संपन्न होगी। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु श्री सूर्यकांत कुम्भकार, अतिरिक्त तहसीलदार, खरोरा रायपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। तिल्दा विकासखंड के ग्राम खौना में आयोजित सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम खौना निवासी श्रीमती कल्याणी कुर्रे के आवेदन पर तत्काल राशन कार्ड बनाया गया। धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा द्वारा श्रीमती कुर्रे को राशन कार्ड दिया गया|श्रीमती कुर्रे ने कहा कि मैं आज सुशासन तिहार में अपने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था जिसके बाद तत्काल मुझे राशन कार्ड प्रदान किया गया अब मुझे और मेरे परिवार को राशन से संबंधित कोई समस्या नहीं होगी।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- -सभी आवेदनों का अधिकारी एक महीने में गुणवत्तापूर्ण तरीके से करें निराकरण :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह-खौना शिविर में 186 आवेदनों का मौके पर निराकरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत खौना ग्राम पंचायत में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं।शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह उपस्थित रहें।विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि सभी विभाग आपके गांव में आए हैं जिससे आप लोगों को भड़काने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी आपको किसी कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है सभी एक स्थान पर उपलब्ध है आप सभी अपना राजस्व से संबंधित या स्वास्थ्य विभाग का जांच हो सभी चीज आसानी से करवा सकते हैं। पात्र हितग्राहियों को ही योजनाओं का लाभ मिलेगा। धरसीवां विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो सालों में हमारी सरकार 400 करोड़ से अधिक का विकासकार्य हुआ है। हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान एवं श्रमिकों के लिए कार्य कर रही है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के मंशानुरूप आप सभी को कार्यालय न जाना पड़े इसके लिए आपके गांव में सभी विभाग आ रहें आप सभी अपना ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। 1 महीने के अंदर आप सभी के समस्याओं का निवारण किया जाएगा। सभी विभागीय अधिकारी 1 महीने में पर्याप्त समय लेकर समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निवारण करें ।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर के माध्यम से आप सभी ग्राम वासियों की समस्या का निवारण किया जा रहा है। सभी अधिकारी आवेदनों के निराकरण के पश्चात आवेदक को सूचित करें कि आपका संबंधित आवेदन का निराकरण कर दिया गया है ताकि आवेदक कार्यालय के चक्कर न लगाएं। एवं सभी प्राप्त आवेदनों का एक माह के अंदर निराकरण किया जाना सुनिश्चित करें।शिविर के दौरान विधायक श्री अनुज शर्मा एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टाल में 4 बच्चे हिमांशी कोसरिया, सुशांत वर्मा, काव्या वर्मा एवं देवीशा टंडन का अन्नप्राशन करवाया ।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में कुल 1010 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 186 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। शिविर में मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं समाज कल्याण विभाग द्वारा हितग्राहियों को साइकिल एवं ट्राइसाइकिल वितरित की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आवास की चाबियां भी सौंपी गईं। कार्यक्रम में एसडीएम अभनपुर श्री आशुतोष देवांगन, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ श्री रवि कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -150 से अधिक आवेदनों का किया गया निराकरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में रायपुर जिले के नगर पालिका निगम बीरगांव अंतर्गत आडवाणी ऑरलिकॉन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में महापौर श्री नंदलाल देवांगन उपस्थित रहे।शिविर में मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान निधि योजना के अंतर्गत समयपूर्व प्रधानमंत्री आवास निर्माण पूर्ण करने वाले पांच हितग्राहियों को कुल 32 हजार 850 रुपए की सम्मान निधि प्रदान की गई एवं 7 हितग्राहियों को आय प्रमाण पत्र, 2 हितग्राहियों को निवास प्रमाण पत्र तथा 74 हितग्राहियों का लर्निंग लाइसेंस तत्काल प्रदान किया गया।साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं।इस शिविर में कुल 386 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 150 से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया| शिविर में मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं।कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, नगर निगम कमिश्नर युगल किशोर उर्वशा, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -अब रात 8 बजे तक मिलेगी डाक सेवाएंबिलासपुर /भारतीय डाक विभाग द्वारा बिलासपुर प्रधान डाकघर को 10 मई 2026 से “नाइट पोस्ट ऑफिस (NPO)” के रूप में संचालित किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य नागरिकों को विस्तारित समयावधि में डाक सेवाएं उपलब्ध कराना तथा ग्राहक सुविधाओं का विस्तार करना है, जिससे आम नागरिक कार्यालयीन समय के अतिरिक्त भी आवश्यक डाक सेवाओं का लाभ ले सकें। सामान्य काउंटर समय प्रातः 9.30 बजे से सायं 4.30 बजे तक रहेगा, जिसमें डाक बुकिंग, बचत बैंक सेवाएं, बीमा सेवाएं, कैश रेमिटेंस, आधार एवं जन केन्द्रित सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। वहीं विस्तारित एवं नाइट पोस्ट ऑफिस सवेरे 8 बजे से 10 बजे तक तथा सायं 4.30 बजे से रात्रि 8 बजे तक संचालित किया जाएगा। जिसमें डाक बुकिंग, स्पीड पोस्ट, स्पीड पोस्ट पार्सल, इंडिया पोस्ट पार्सल, अन्य अकाउंटेबल आर्टिकल बुकिंग, आईपीओ बिक्री एवं सीमित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त रविवार एवं अवकाश के दिनों में भी सवेरे 10 बजे से सायं 5 बजे तक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।डाक विभाग ने नागरिकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं ग्राहकों से विस्तारित समयावधि में उपलब्ध डाक सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने तथा इंडिया पोस्ट की जनोपयोगी सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
- फेफड़े में पस भरने की जटिल समस्या का ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने बचाई जानबिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के जनरल सर्जरी विभाग ने गंभीर रूप से घायल एक मरीज का सफल उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। तखतपुर निवासी 45 वर्षीय उषा दिवाकर पति मोहनी दिवाकर पर 06 अप्रैल 2026 को चापड़ से जानलेवा हमला किया गया था। हमले में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।घटना के बाद मरीज को गंभीर अवस्था में सिम्स अस्पताल लाया गया, जहां जांच में पाया गया कि चोट और संक्रमण के कारण मरीज के दाएं फेफड़े के बाहर पस जमा हो गया है। लगातार संक्रमण बढ़ने से मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी तथा स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी। चिकित्सकों के अनुसार मरीज का दायां फेफड़ा लगभग पूरी तरह संक्रमित हो चुका था और लगातार पस का स्राव हो रहा था।मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए सिम्स के जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओ. पी. राय के नेतृत्व में डॉ. विनोद ताम्रकार, डॉ. कमलेश प्रसाद देवांगन एवं डॉ. सुनील पात्रे की टीम ने जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। वहीं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ मधुमिता मूर्ति के मार्गदर्शन मे डॉ. मुनीता जायसवाल, डॉ. नेहा दुबे एवं डॉ. शीतल दास ताम्रकार ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने फेफड़े के बाहर जमा पस को निकाला तथा संक्रमित हिस्से का उपचार किया। लंबे समय तक चले इस जटिल ऑपरेशन के बाद मरीज को पोस्ट ऑफ़ आईसीयू में डॉ मधुमिता मूर्ति एवं डॉक्टर के टीम के द्वारा भर्ती कर इलाज किया गया, जहां करीब 15 दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर उसका उपचार किया गया। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की लगातार निगरानी एवं देखभाल से मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और अब वह स्वस्थ होकर घर लौट गया है। मरीज के परिजनों ने सिम्स अस्पताल के चिकित्सकों एवं पूरे स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया है।सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ओ. पी. राय ने बताया कि मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर थी और संक्रमण तेजी से फैल रहा था। समय पर सर्जरी एवं सतत निगरानी के कारण मरीज को बचाया जा सका। उन्होंने कहा कि सिम्स में अब जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान में गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार हेतु विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुभवी टीम निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि समय पर सही निर्णय, आधुनिक उपचार पद्धति और चिकित्सकों की सतर्कता के कारण मरीज को नया जीवन मिल सका। उन्होंने पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि सिम्स आमजन को बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि यह सफलता सिम्स के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीज का सफल उपचार यह दर्शाता है कि सिम्स में अब जटिल सर्जरी और आपातकालीन उपचार की सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूरी चिकित्सा टीम की सराहना की।
- - बुजुर्ग ने कहा- रावण ज्ञानी पर अहंकार में किया माता सीता का अपहरण- रोचक पहेलियों के दिए बुजुर्गों ने जवाब, जीवन में हो राम जैसा व्यवहाररायपुर। वरिष्ठ नागरिकों के सियान गुड़ी में आध्यात्म और वर्तमान परिदृश्य को लेकर जोरदार चर्चा हुई। चर्चा में भगवान राम, रावण, कृष्ण, महर्षि वाल्मिकी और वर्तमान पर बुजुर्गों ने खुलकर विचार रखे। वहीं रोचक पहेलियों का जवाब भी बुजुर्गों ने उत्सुकता के साथ दिया।समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी के प्रभारी और महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया परिचय के दौरान लखनलाल साहू ने बताया कि वे घर पर अकेले रहते हैं। वहीं अन्य बुजुर्गों ने बताया कि वे परिवार के साथ रहते हैं, पर दोपहर में अकेले होने के कारण वे यहां आते हैं। खंगन ने बुजुर्गों से कहा कि यह सिर्फ पुरुषों के लिए नहीं, अपितु महिलाओं के लिए भी है। उन्होंने सभी से अपनी पत्नियों को भी लाने की आग्रह किया।आध्यात्मिक चर्चा के दौरान कैलाश अग्रवाल ने कहा कि रावण के आगे विद्वान जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या वह वाकई में ज्ञानी थे, अगर थे तो आखिर क्यों उन्होंने माता सीता का अपहरण किया। दरअसल उन्होंने अहंकार में आकर सीता माता का अपहरण किया था।महर्षि वाल्मिकी के बारे में कहते हुए अग्रवाल ने कहा कि राम नाम की महिमा कितनी अपार है कि मरा-मरा कहते हुए डाकू रत्नाकर महर्षि वाल्मिकी बन गया और रामायण जैसे महाग्रंथ की रचना कर डाली। उन्होंने कहा कि जीवन में हमारा व्यवहार राम की तरह होना चाहिए।सियान गुड़ी आने वाले लखनलाल साहू ने बताया कि वह अकेले रहते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे आजकल किसी की बात नहीं सुनते। बच्चे ही क्या, कोई किसी का कहना मानता नहीं है। बच्चों ने किसी भी चीज की मांग की और वह नहीं पूरी हुई, तो वह मारपीट पर उतर आते हैं। मां-बाप के ऊपर हाथ उठाते है। हमें समाज को इस दिशा में जाने से रोकने का प्रयास करना होगा।बुजुर्ग केके पाठक ने एक बहस के दौरान भावनाओं में बहकरर कहा कि प्रधानमंत्री गो हत्या बंद करने को लेकर संसद में बिल क्यों नहीं लाते। दूसरे वरिष्ठ नागरिक ने कहा कि भाषणों में कहना, वादा करना आसान होता है। परंतु जब किसी पद पर हम बैठते हैं, तब योजना और कार्य को धरातल में उतारना उतना ही मुश्किल होता है। सामने बैठकर किसी को भी बोल सकते हैं कि ऐसा नहीं किया, वैसा नहीं किया। यह करना चाहिए था, वह नहीं। लेकिन इसमें कितनी परेशानी होती है, यह वही जान सकते हैं, जो उससे जूझ रहे होते हैं। इस अवसर पर आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले, सह समिति मालती मिश्रा और सभासद अभय काले उपस्थित रहे।
- दुर्ग/ पीएम गति शक्ति पोर्टल के संबंध में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, वनमण्डलाधिकारी श्री दीपेश कपिल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।कार्यशाला में उद्योग संचालनालय की मास्टर ट्रेनर श्रीमती मौसमी राहा, उप संचालक कुमुद मिश्रा, सहायक संचालक अनुभूति श्रेया एवं सलाहकार प्रिया ने अधिकारियों को पोर्टल की उपयोगिता और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि पीएम गति शक्ति एक राष्ट्रीय डिजिटल मास्टर प्लान है जिसे उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार के मार्गदर्शन में भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लीकेशन एंड जिओ इन्फॉर्मेटिक्स (BISAG-N) द्वारा तैयार एवं विकसित किया गया है तथा छत्तीसगढ़ में इसके नोडल विभाग के रूप में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग कार्यरत है। सरल शब्दों में कहें तो यह एक स्मार्ट इंटरेक्टिव मानचित्र (Map) है जिसमें सड़कें, रेलवे, नदियाँ, जंगल, गाँव, अस्पताल, स्कूल, खदाने, बिजली लाइनें इत्यादि सरकारी डेटा लेयर जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ एक ही स्क्रीन पर देखी जा सकती हैं। इससे जिला स्तर के अधिकारी पोर्टल के माध्यम से सीधे यह पता लगा सकते हैं कि किसी गाँव से निकटतम अस्पताल कितनी दूर है, किसी खदान के 10 किलोमीटर के दायरे में कौन-कौन से गाँव आते हैं, या किसी आदिवासी बस्ती को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए क्या योजना बनाई जाए। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जो विश्लेषण (Analysis) पहले हफ्तों के क्षेत्र सर्वेक्षण में होता था, वह अब कुछ ही घंटों में डेटा-आधारित और सटीक निर्णय के रूप में सामने आ जाता है।
- - जिलेभर से 394 आवेदन प्राप्त, 217 आवेदनों का त्वरित निराकरण- लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण हेतु विभागों को दिया गया निर्देशमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से कुल 394 मांग एवं शिकायतें संबंधी आवेदन प्राप्त हुईं, जिनमें से 217 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। साथ ही 39 शिकायतों पर आवश्यक कार्यवाही की गई।ग्रामीण सचिवालयों में प्राप्त आवेदनों में प्रमुख रूप से राशन कार्ड, व्यक्तिगत शौचालय, पेंशन, नवीन जॉब कार्ड, गैस कनेक्शन, आवास, पेयजल, बोर खनन, नाम जोड़ने एवं प्रमाण पत्र संबंधी मांगें शामिल रहीं। अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम पंचायतरेंगाकठेरा में सर्वाधिक 42 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि ग्राम पंचायत बिटाल में 20 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में व्यक्तिगत शौचालय, राशन कार्ड, गैस कनेक्शन एवं पेंशन संबंधी मांगें प्रमुख रहीं। इसी प्रकार विकासखंड मानपुर के विभिन्न ग्राम पंचायतों में राशन कार्ड में नाम जोड़ने, पेंशन स्वीकृति एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। वहीं विकासखंड मोहला के कुंजामटोला एवं धोबेदंड ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पेंशन, उज्ज्वला योजना एवं शौचालय निर्माण से संबंधित मांगें प्रमुख रहीं।प्रशासन द्वारा ग्रामीण सचिवालय आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। संबंधित विभागों को लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं आमजन को त्वरित सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।


























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