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- भाजपा ने काला दिवस दिवस के रूप में मनायी आपातकाल की 49 वीं बरसीमीसा बंदियों के परिजनों को समारोह पूर्वक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने किया सम्मानितजगदलपुर । भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस द्वारा देश में जबरिया थोपे गये आपातकाल की 49 बरसी मंगलवार को कालादिवस के रुप में मनाया और आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सर्वाधिक काला अध्याय निरूपित किया। भाजपा जिला कार्यालय में आपातकाल कालादिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव शामिल हुये। जहाँ आपातकाल के समय जेलों में डाल दिये गये मीसा बंदियों के परिजनों का आत्मीय सम्मान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने किया। किरण देव ने कहा कि आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का कलंक है, जिसे कांग्रेस के अत्याचारी शासन में देश व देशवासियों ने भोगा है। आपातकाल के संबंध में आज हिन्दुस्तान के प्रत्येक युवा व नागरिकों को जानना चाहिये।आपातकाल कालादिवस संगोष्ठी को संबोधित करते हुये भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि कांग्रेस की तात्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को अपनी सत्ता बचाने के लिये समूचे देश को आपातकाल की कैद में डाल दिया था। लगातार 19 महीने चले आपातकाल में नागरिकों को बोलने की स्वतंत्रता नहीं थी, समाचारपत्रों में निष्पक्ष लिखने की स्पष्ट मनाही थी, लाखों लोगों को रातोंरात जेलों में बंद कर दिया गया था। जिसने भी सरकार के विरुद्ध आवाज उठायी, उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाता था। एक तानाशाही शासन कैसे होता है, यह कांग्रेस ने अपनी सरकार चलाने के लिये किया। किरण देव ने कहा कि देश के उन कठिनतम समय की कल्पना तक हम नहीं कर सकते कि देश के एक-एक नागरिक के मौलिक अधिकार तक कांग्रेस ने छीन लिये थे। आज उसी कांग्रेस के नुमाइंदे देश के लोकतंत्र को बचाने की दुहाई देकर ओछी राजनीति करने से बाज नही आ रहे। किरण देव ने कहा कि कांग्रेस के आपातकाल के कलंक को भारतीय जनता पार्टी कालादिवस कहती है। देश व समग्र देशवासियों को कांग्रेस की ऐसी काली और जघन्य करतूत की जानकारी होनी चाहिये।भाजपा जिला अध्यक्ष रुप सिंह मण्डावी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या करने की दोषी कांग्रेस है, देश में आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने इसे स्वयं साबित किया था। देश में आपातकाल का वह भयावह दौर और कांग्रेस की ऐसी सच्चाई से समूचे देश को बारंबार अवगत होना चाहिये। महज सत्ता में बने रहने के स्वार्थ में कांग्रेस ने देश को आपातकाल की बेडिय़ों से जकड़ दिया था।भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित संगोष्ठी समारोह पूर्वक सम्मानित किये गये मीसा बंदियों के परिजनों में दिनेश भारती, सतीश अवस्थी, ज्ञानेंद्र कुशवाहा, ऋषि हेमाणी व अरूण शर्मा शामिल रहे। जिनका भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान आपातकाल के दौर के पुराने चलचित्र भी टीवी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम में दिखाये गये।
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-नक्सल सहयोगियों मे एक ग्राम पंचायत सचिव भी शामिल
मोहला। मोहला-मानपुर जिला पुलिस ने चार नक्सल सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किये गए नक्सल सहयोगियों मे एक ग्राम पंचायत सचिव भी शामिल है। यही नही गिरफ्तार नक्सल सहयोगियों मे एक ग्रामिण युवक के साथ एक पीेएमजीएसवाय का काम करने वाला ठेकेदार तथा ट्रैक्टर सेल्स मैंन हैं। गिरफ्तार लोगों के पास से नक्सलियों की बेनामी संपत्ति एक ट्रैक्टर समेत मेमोरी कार्ड, पेन ड्राईव, बैंक पास बुक व अन्य दस्तावेज तथा सामान भी जप्त की गई है।राजनांदगांव रेंज के आई जी दीपक झा ने मोहला स्थित एस पी दफ्तर मे प्रेस वार्ता लेकर उक्त जानकारी दी। मिली जानकारी के मुताबिक सड़क निर्माण ठेकेदार राम किशन यादव ने सड़क निर्माण मे नक्सलियों से कोई दिक्कत न आए इसके एवज मे नक्सलियों के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर की खरीदी हेतु पैसा इंतजाम किया। तथा पंचायत सचिव महेश मेश्राम के साथ अरुण एग्रीकल्चर कंपनी से सेल्समैंन सुशील साहू की मदद से ट्रैक्टर खरीदा गया। तथा कारेकट्टा गाँव निवासी ग्रामिंन युवक अरविंद तुलावी के साथ सचिव महेश मेश्राम ने उक्त ट्रैक्टर को अबूझ माड लेजाकर बड़े नक्सल कैडर बलदेव रेड्डी, विजय रेड्डी व लोकेश सलाम के सुपुर्द किया था। नक्सली अपने ग्रामिंन सहयोगियों के जरिये माड मे उक्त ट्रैक्टर को किराए से चलवा कर आय अर्जित करते थे। तथा अर्जित आय से नक्सल संगठन के दैनिक जरूरतों की पूर्ति करते थे।पुलिस के मुताबिक कुछ समय पूर्व उक्त ट्रैक्टर को नक्सलियों के कहने पर युवक अरविंद तुलावी अपने गांव कारेकट्टा लाकर चला रहा था। तथा हाल ही मे उक्त ट्रैक्टर को मानपुर ब्लॉक के ही ग्राम गत्तामेटा केकड़ेहूर मे छुपा कर रखा था। पुलिस ने सूचना जुटाकर ट्रैक्टर को जप्त किया। वहीं उक्त अपराध मे शामिल चारों लोगों को गिरफ्तार कर बहरहाल जेल दाखिल करा दिया है। - -समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश-26 जून से प्रारंभ हो रहे शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा कीबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने स्वास्थ्य एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को वर्षा ऋतु के मद्देनजर जिले में डायरिया एवं अन्य जल जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिले में डायरिया उन्मूलन एवं सिकलसेल की रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बुधवार 26 जून से प्रारंभ हो रहे शाला प्रवेश उत्सव के तैयारियों के संबंध में जानकारी ली एवं इसके लिए सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एवं जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने जिले में डायरिया की रोकथाम की प्रभावी उपाय सुनिश्चित हो सके इसके लिए उन्होंने आम जनता को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के अलावा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिले के अस्पतालों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों के पास समुचित मात्रा में दवाइयां एवं ओआरएस का पैकेट आदि की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जिले में डायरिया उन्मूलन हेतु किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने 01 जुलाई से 31 अगस्त तक चलाए जा रहे डायरिया उन्मूलन अभियान के अंतर्गत किए जाने वाले विभिन्न क्रियाकलापों के संबंध में भी जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को डायरिया के नियंत्रण हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। इसके अंतर्गत उन्होंने आम जनता को वर्षा ऋतु के दौरान उबला पानी पीने एवं भोजन के पहले हाथों की साफ-सफाई करने आदि के संबंध में जानकारी देने को कहा। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जिले में डायरिया उन्मूलन अभियान 04 चरणों में संपन्न होगा। इस अभियान में उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बुधवार 26 जून से प्रारंभ हो रहे शाला प्रवेश उत्सव के तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिले के सभी शालाओं में शाला प्रवेश उत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने 20 जून को दल्लीराजहरा शहर के व्यवस्थाओं के अवलोकन के दौरान दिए गए निर्देशों पर की गई कार्यवाही के संबंध में एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जानकारी ली। इसके अंतर्गत उन्होंने बस स्टैण्ड में स्ट्रीट लाईट की रोशनी समुचित रूप से पहुँच सके इसके लिए बस स्टैण्ड के घने पेड़ों की छटाई तथा शौचालय निर्माण के कार्य की प्रगति के संबंध मंे जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने पुराना बाजार में संचालित पुरानी सब्जी मण्डी को पुनः प्रारंभ करने तथा वीर नारायण सिंह चौक से शहीद अस्पताल मार्ग के डामरीकरण के अपूर्ण कार्य को पूरा कराने हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने समय-सीमा की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने जिले में नीट एवं शिक्षक पात्रता परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन की सराहना करते हुए इसके लिए परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
- -जन प्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं सहित सभी वर्गों के लिए किया जा रहा है कार्यशाला का आयोजन-26 जुलाई को जिला पंचायत सभाकक्ष में कार्यशाला आयोजितबालोद । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के आम नागरिकों को 01 जुलाई 2024 से देश में लागू हो रहे तीन महत्वपूर्ण कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के संबंध में विभिन्न माध्यमों से निरंतर जानकारी दी जा रही है। जिससे कि जिले के आम नागरिकों को तीनों नए कानूनों के संबंध में भली-भाँति जानकारी हो सके। इसके अंतर्गत जिला मुख्यालय के अलावा जिले के सभी थाने आदि निर्धारित स्थानों में बैनर पोस्टर, पाम्प्लेट, रैली, जागरूकता अभियान तथा कार्यशाला आयोजित कर इन तीनों नवीन कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं एवं व्यापारियों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों को नए कानूनों के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु अलग-अलग तिथियों मंे कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।इसके अंतर्गत बुधवार 26 जून को जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 12 बजे से 01.30 बजे तक जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधियों, अधिवक्ता एवं व्यापारी संघ के सदस्यों को इस नए कानूनों के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में जिले के विधायक, पूर्व विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, नगर पालिका अध्यक्ष एवं पार्षदगण उपस्थित रहेंगे। इस तरह 29 जून को जिले के सभी जनपद पंचायतों के सभाकक्ष में दोपहर 12 बजे से 01.30 बजे तक कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में सभी विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों के अलावा जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं जनपद सदस्यों सहित सरपंच एवं पंचगण उपस्थित रहेंगे। इसी तरह 01 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 01.30 बजे तक जिले के सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के सभाकक्ष, टाउन हाॅल एवं सामुदायिक भवनों में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में संबंधित नगरीय निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के अलावा नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारी एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
- -देवकुंवर को अब पानी लाने नही जाना पड़ता है घर से दूर, घर में ही मिल रहा है पर्याप्त पानी-छोटे-छोटे खर्च अब स्वयं से वहन कर लेती है देवकुंवरबालोद, । यह है नंदलाल का परिवार उनके घर में शासन की योजनाओं से आई है खुशियां अपार। बालोद जिले के ग्राम जुंगेरा में निवास करने वाले श्री नंदलाल ने बताया कि वह रोजी-मजदूरी कर जीवन बसर कर रहा है। वह अपनी पत्नी और अपने बेटे के साथ अपने सपनों के आशियाने में रहता है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत बना यह आवास उसके जीवन में खुशियों का पिटारा लेकर आया है। उसने बताया कि पहले वह कच्चे मकान में काफी लंबे समय से रहता था, पक्का मकान बनाना उसके लिए एक सपने जैसा था, उस सपने को पूरा प्रधानमंत्री आवास योजना ने किया है। योजना के तहत मिली राशि और स्वयं के द्वारा बचत किए हुए पैसे को मिलाकर उसने अपने सपनों का आशियाना बनाया है, जिसमे में वह अब अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी रहता है। नंदलाल ने बताया कि आवास बनते ही उसके घर में उसकी बेटी के लिए रिश्ता आया और इसी वर्ष उसने अपनी बेटी की पारंपरिक रितिरिवाज से विवाह कराकर, उसे खुशी-खुशी अपने घर से विदा किया है। आवास बनने से उसके घर में आए मेहमानों के रुकने के लिए अच्छी व्यवस्था हो गई है ।नंदलाल के पत्नी श्रीमती देवकुंवर ने खुशी-खुशी बताया कि उनके घर में जल जीवन मिशन के तहत् नल कनेक्शन लगाया गया है। जिससे प्रतिदिन सुबह और शाम भरपूर मात्रा में पानी आता है, इससे अब उन्हें पेयजल और निस्तारी के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है। पहले वह सिर्फ पेयजल के लिए ही घर से दूर कुंए से पानी लाती थी, जिससे उसे शारीरिक रूप से थकान व समस्याएं होती थी। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत अब घर में ही पानी की सुविधा मिलने से वह काफी खुश है। श्रीमती देवकुंवर ने बताया कि उसे शासन की महतारी वंदन योजना का लाभ भी प्रतिमाह मिल रहा है, जिससे वह घर के छोटेदृछोटे खर्च स्वयं वहन कर लेती है। उसने कहा की शासन की यह योजना महिलाओं के लिए बहुत अच्छी है, जो प्रतिमाह उन्हें 01 हजार रूपये उनके बैंक खाते में सीधे दिया जा रहा है। घरेलु महिलाओं के लिए यह योजना बहुत बहुत ही मददगार साबित हो रहा है।नंदलाल का बेटा ललेश्वर कुमार अभी महाविद्यालय में अध्यनरत है, उसने बताया कि शासन की योजनाओं से उनका परिवार काफी खुश है। उन्हें शासन की योजनाएं बहुत अच्छी लगती है, उसका क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर अच्छे से हो रहा है, जिसका परिणाम है कि हमारे जैसे परिवार में अब खुशियां आई हुई है। नंदलाल के इस छोटे से परिवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन की जमकर सराहना करते हुए उनका धन्यवाद करते हुए कहा की शासन की योजनाओं के बेहतर संचालन से हमारे घर में अपार खुशियां आई है।
- -वर्षा जल संचयन हेतु करें बेहतर प्रबंध-शहरों के पुराने कुओं की कराएं सफाई-शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही बारिश से पहले पूर्ण करें-शाला प्रवेशोत्सव में अधिकारी भी करें शिरकत-मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना अंतर्गत कृषकों को पौधरोपण हेतु करें प्रोत्साहित-अनुमति लिए बगैर मुख्यालय न छोड़े अधिकारीदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में समय-सीमा प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण में विभागीय प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। वहीं अनुमति लिए बगैर मुख्यालय से बाहर रहने वाले व बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बिना अनुमति लिए कोई भी अधिकारी मुख्यालय न छोड़े।कलेक्टर ने नगरीय निकायों में मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए क्रियान्वित फाइट द बाइट की नगरीय निकायवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया जैसी बीमारियां मच्छरों से फैलती है। मच्छरों के लार्वा को पनपने के पहले ही इसकी रोकथाम की पहल होनी चाहिए। इसके लिए सभी नगरीय निकायों में कार्ययोजना प्रस्तावित कर कार्य संपादित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि फाइट द बाइट के सफल क्रियान्वयन हेतु जनसहयोग अथवा एनसीसी, एनएसएस, दुर्ग युवोदय के युवाओं की भी सहभागिता ली जाए। इसी प्रकार जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन हेतु कैच द रेन की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि बारिश के पानी को व्यर्थ बहने से रोक कर इसका संचयन जरूरी है। उन्होंने नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल, रिचार्ज पिट, तालाबों की सफाई, हैंडपंप के समीप सोख्ता गड्ढा निर्माण, शासकीय भवनों के साथ-साथ निजि भवनों में भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जानकारी ली। उन्होंने जल स्त्रोत के समीप स्वच्छता बनाए रखने कैना प्लांट लगाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने जल संचयन हेतु शहरों के पुराने कुओं की सफाई कर सुरक्षा की दृष्टि से जाली से कव्हर करने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने पीएचई विभाग के अधिकारियों को जिले में निर्मित सभी जल स्त्रोतों के पास रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने के निर्देश दिए। अतिक्रमण की कार्यवाही की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही बारिश से पहले पूर्ण कर लिया जाए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले में आयुष्मान कार्ड निर्माण एवं पीवीसी कार्ड वितरण की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों को चिकित्सा सुविधा महैया कराने प्रत्येक परिवार के सभी सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। उन्होंने बनाए गए आयुष्मान कार्ड के वितरण हेतु आवश्यक पहल करने सीएमएचओ को निर्देशित किया।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने 26 जून से प्रारंभ शिक्षा सत्र के दौरान अधिकारियों को भी संबंधित क्षेत्र के शालाओं के प्रवेशोत्सव में शामिल होने तथा निर्धारित समयावधि में स्कूल खुलने आदि के निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत सूखा एवं गीला कचरा प्रबंधन पर अधिकारी विशेष ध्यान दे। साथ ही उन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट कार्य योजना तैयार करने सीएमएचओ को निर्देशित किया। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने मानसून के दौरान जिले में वृहद पैमाने पर पौधरोपण पर जोर देते हुए अधिकारियों को जगह चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के मुताबिक वन विभाग द्वारा पौधे उपलब्ध कराए जाए। पौधे लगाने के साथ आगामी तीन वर्ष तक इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। कलेक्टर ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना अंतर्गत कृषकों को पौधरोपण हेतु प्रोत्साहित कर लाभान्वित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु भर्ती की प्रकिया शीघ्र पूर्ण कराई जाए।बैठक में एडीएम श्री अरविंद एक्का, भिलाई नगर निगम आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, सीईओ जिला पंचायत श्री अश्विनी देवांगन, अपर कलेक्टर श्री बजरंग दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सभी जनपद सीईओ, नगर पालिका/नगर पंचायत के सीएमओ और समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- बालोद,। भारत शासन के निर्देशानुसार जिले में सिकलसेल उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन 19 जून 2024 से 15 नवंबर 2024 तक सतत् रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले के आम नागरिकों का सिकलसेल की स्क्रीनिंग एवं जन-जागरूकता शिविरों का आयोजन कर प्रचार-प्रसार तथा काउंसलिंग किया जा रहा है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मेनका चन्द्राकर ने बताया कि जिले 19 जून से अब तक 234 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अन्य स्थानों में जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया जा चुका है। जिसके अंतर्गत शिविरों में कुल 7971 नागरिकों का सिकल सेल की जाँच करने के साथ 4299 नागरिकों का स्क्रीनिंग एवं काउंसलिंग किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में 15 नवंबर 2024 तक आदिवासी विकास विभाग के अधीनस्थ 70 छात्रावास एवं 17 आश्रमों तथा आदिवासी विकासखंड मुख्यालय में संचालित संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौंडी में प्रवेशित शत् प्रतिशत बच्चों का सिकलसेल जाँच किया जाएगा। इसके साथ ही समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं शिक्षा विभाग द्वारा संचालित समस्त शालाओं में भी सिकलसेल जनजागरूकता, प्रचार-प्रसार तथा काउंसलिंग का कार्यक्रम किया जाएगा। जिले में निवासरत समस्त नागरिक अपने निकटस्थ आयोजित शिविर बालोद जिले के 06 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र क्रमशः डौंडी, डौंडीलोहारा, देवरी, गुण्डरदेही, अर्जुन्दा एवं गुरूर तथा 30 उपस्वास्थ्य केन्द्रों जगनाथपुर सांकरा, करहीभदर, लाटाबोड, पीपरछेडी, आमाडुला, दल्लीराजहरा चिखलाकसा, घोटिया, सुरडोंगर, अरजपुरी, भवरमरा, दुप्चेरा, मंगचुवा, नांहदा, पिनकापार, संजारी, सुरेगांव, बेलौदी, भरदाकला, गुरेवा, कलंगपुर, खुरसुनी, कुरदी, माहुद बी, रंनचिरई, सांकरी, सिरसिदा, अरमरीकला, बोरदा, पलारी एवं पुरूर में उपस्थित होकर सिकलसेल का निःशुल्क जांच करा कर स्वास्थ्य लाभ ले सकते है।
- -30.14 लाख मानव दिवस सृजन, रायपुर जिले ने बनाया नया कीर्तिमान-कार्यस्थल पर मेडिकल किट, पेयजल और छाया की व्यवस्थारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मनरेगा से ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक रोजगार का सृजन हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत सर्वाधिक मानव दिवस सृजन के मामले में प्रदेश में रायपुर जिले ने द्वितीय स्थान हासिल किया है। मनरेगा श्रमिकों के जिंदगी में व्यापक बदलाव आ रहा है। रायपुर जिले ने वर्ष 2024-25 में जून माह तक आबंटित लक्ष्य के विरूद्ध 159 प्रतिशत मानव दिवस सृजन किया है। रायपुर जिले ने वर्ष 2024-25 में जून माह तक 19.01 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य रखा था, जिसके विरूद्ध जिले में 30.14 लाख मानव दिवस सृजन कर राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में मनरेगा के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग हो रही है। इसी का परिणाम है कि मनरेगा के कार्यों को गति मिल रही है। मनरेगा कार्यस्थलों में सभी आवश्यक सुविधाओं के इंतजाम भी किए जा रहे है। श्रमिकों के लिए मेडिकल किट, पेयजल और गर्मी से बचाव के लिए छाया की व्यवस्था की जा रही है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल माह से 10 जून तक प्रतिदिन औसतन 1 लाख श्रमिक जिले में कार्यरत रहे है।
- -छत्तीसगढ़ सस्टनेबिलिटी एंड रिजनरेटिव डेव्हलपमेंट विषय पर आधारित वर्किंग समिति ने लघु, मध्यम और दीर्घकालिक लक्ष्य पर विस्तार से की चर्चा-सतत और पुनर्याेजी विकास के मामले में पूरे देश में अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़रायपुर / सतत और पुनर्याेजी विकास के मामले में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने आज राज्य नीति आयोग में गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार करने के लिए वर्किंग ग्रुप के सदस्यों ने अपने विचार रखे। अटल नगर, नया रायपुर स्थित राज्य नीति आयोग के सभाकक्ष में समिति के सदस्यों ने इस विषय पर लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक लक्ष्यों पर सुझाव दिए।बैठक में सदस्यों ने विचार-विमर्श करते हुए कहा कि अपशिष्ट से धन बनाने, राज्य को हरित राज्य बनाने, नवीकरण ऊर्जा पर निर्भरता, स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी, अनुसंधान और विकास, समुदाय भागीदारी, स्थिरता और पुनर्योजी विकास के लिए छत्तीसगढ़ को एक मॉडल के रूप में स्थापित करना है। हरा-भरा छत्तीसगढ़-समृद्धि छत्तीसगढ़ बनाने, हरित ऊर्जा राज्य बनाने, अवशिष्ट चक्र में चक्रीय अर्थव्यवस्था, उन्नत प्रौद्योगिकी को लागू करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, वाटरशेड प्रबंधन क्षेत्र में सुधार सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की।गौरतलब है कि विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का उत्तरदायित्व राज्य नीति आयोग को सौंपा गया है। सितंबर 2024 तक विजन डॉक्यूमेंट का अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की अपेक्षा की गई है इसके लिए अलग-अलग विषयों पर आठ वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं। बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव एवं सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम, आवास एवं पर्यावरण सचिव सुश्री आर. संगीता, वर्चुअली रूप से सूरजपुर और कबीरधाम जिले के कलेक्टर सहित अन्य सदस्यों ने विभागों द्वारा बनाए गए लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक विजन एवं रणनीतियों पर सुझाव दिए।बैठक में जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीले टिकाऊ सोसायटी, विभिन्न सूचकांकों, एसडीजी सूचकांक, ऊर्जा और जलवायु सूचकांक, कार्बन फुटप्रिंट, कृषि, वानिकी, राज्य में स्थापित उद्योगों, भूमि, वायु, जल, अपशिष्ट और ऊर्जा पर प्रभाव का आंकलन, प्रौद्योगिकी संचालित अनुसंधान एवं विकास, सरकारी वित्त पोषण और निजी पूंजी निवेश, जागरूकता और संवेदनशीलता, पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना, सामाजिक समानता को बढ़ावा देना, लोक कल्याण में वृद्धि सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।वर्किंग गु्रप के सदस्यों ने वनों के संरक्षण के लिए स्पष्ट रोड मैप बनाने की जरूरत, जैव विविधता के संरक्षण, ईको सिस्टम में सुधार लाने, ग्रास लैंड को बचाने, नवीकरण ऊर्जा पर ध्यान देने, वेस्ट मैनेजमेंट, लैंड फील साइट, रीसाइक्लिंग, सामाजिक भागीदारी, सिवरेज डिस्पोजमेंट विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की।बैठक में सुशासन अभिसरण विभाग, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, खनिज संसाधन विभाग, ऊर्जा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आवास एवं पर्यावरण विभाग, वन संरक्षक भू प्रबंधन, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ नवीकरण ऊर्जा विकास एजेंसी, मनरेगा, पंचायत, छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी संघ, कृषि किसान कल्याण एवं जैविक प्रौद्योगिकी विभाग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी इनक्यूबेशन सेंटर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, सदस्य सचिव छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल तथा संचालक नगर एवं ग्राम निवेश के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -नियद नेल्लानार और स्कूल वेंडे वर्राट पंडूम से माओवादी इलाकों में फैलेगा शिक्षा का उजियारारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बस्तर अंचल के बीजापुर जिले में 20 सालों से शिक्षा के प्रकाश से वंचित मुदवेंडी गांव में नए शिक्षा सत्र में स्कूल की घंटी बजनी शुरु हो जाएगी। सड़क और सुरक्षा के विस्तार के बाद अब मुदवेंडी के बच्चों को शिक्षा के अधिकार का लाभ मिलेगा और अशिक्षा के अंधकार से मुक्ति मिलेगी। नए शिक्षा सत्र में बीजापुर जिले में 24 बंद स्कूल और 32 नए स्कूल खोले जा रहे हैं। डुमरीपालनार, तोड़का, सावनार, कोरचोली, कावड़गांव जैसे गांव में 20 साल बाद स्कूल खुल रहे हैं।20 सालों से अशिक्षा का दंश झेल रहे मुदवेंडी को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से और जिला प्रशासन के प्रयासों से सुनहरे भविष्य की किरणे दिखने लगी है और अब यहाँ के नौनिहाल तालीम से वंचित नही रहेंगे। बदलाव की यह शुरुआत स्कूल वेंडे वर्राट पंडूम के घर-घर दस्तक अभियान से संभव हुआ, जब शासन की टीम शालात्यागी और अप्रवेशी बच्चों की शाला में वापसी के लिए ग्रामीणों के बीच पहुंची। शिक्षा के फायदे और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ की जानकारी देकर ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि भविष्य को संवारने में शिक्षा ही महत्वपूर्ण माध्यम है।सड़क सुरक्षा के विस्तार के बीच ग्रामीण अब आश्वास्त है कि उनके बच्चों का भविष्य विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। विश्वास बहाली के मुहीम के बीच अब माओवाद प्रभावित इलाकों का माहौल तेजी से बदलता दिख रहा है। ग्रामीण स्कूल के लिए स्वयं झोपड़ी तैयार कर रहे हैं ताकि शिक्षा के मंदिर में उनके बच्चों का भविष्य संवर सके। यहाँ शासन आवश्यक बुनियादी जरूरतों के अलावा गाँव के ही शिक्षित बेरोजगारों को शिक्षादूत की जिम्मेदारी देकर निश्चित मानदेय मुहैया करा रहा है ।गौरतलब है कि मुदवेंडी गांव नियद नेल्लानार से फिर से आबाद हो रहा है तथा बुनियादि सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ सुरक्षा का उजियारा गांव को रोशन करने में कारगर हो रहा है। नियद नेल्लानार (आपका अच्छा गांव) के जरिये विकास की पहूँच और स्कूल वेंडे वर्राट पंडूम से शिक्षा की मुख्यधारा में लौटने की अपील का असर अब माओवाद प्रभावित इलाकों में दिखने लगा है।
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रायपुर /छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ की षष्ठम् विधानसभा का तृतीय सत्र 22 जुलाई 2024 से प्रारंभ होगी और 26 जुलाई 2024 तक चलेगा। वर्षाकालीन इस सत्र में कुल 05 बैठकें होंगी। इस सत्र में वित्तीय कार्य के साथ अन्य शासकीय कार्य सम्पादित किये जायेंगे।
- -राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन टीम ने भी बलौदाबाजार जिला अस्पताल के कार्य को सराहारायपुर। , बलौदाबाजार जिला अस्पताल परिसर में स्थित नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए बना एस एन सी यू (स्पेशल न्यू बोर्न केअर यूनिट) अर्थात विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई निरंतर गुणवत्ता पूर्ण सेवा प्रदान करता आ रहा है। यूनिट के कारण नवजात शिशुओं को जिले के भीतर ही देखभाल प्रदान की जाती है जिससे बाहर रेफरल कम हुआ तथा शिशु मृत्यु में भी कमी दर्ज की गई है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलौदाबाजार ने बताया की नवजात शिशुओं की मृत्यु के प्रमुख कारणों में समय पूर्व प्रसव,प्रसव के दौरान दम घुटना,नवजात का संक्रमित होना जन्मजात विकृतियां है तथा इसके अलावा,कम उम्र में शादी, एएनसी जांच में अनदेखी,सही पोषण का अभाव,या अन्य कारणों से भी शिशु की जान को खतरा हो सकता है। एसएनसीयू इन्हीं स्थितियों में शिशु की देखभाल हेतु कार्य करता है।जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने एसएनसीयू के संबंध में बताया कि यहां नवजात शिशु से लेकर 28 दिन तक के बच्चों को भर्ती किया जाता है। 6 वेंटिलेटर,12 वार्मर,27 मल्टी पैरा मॉनिटर ,02 सी पैप और 06 फोटोथेरेपी (पीलिया से सम्बंधित)मशीनों से एस एन सी यू सुसज्जित है। बच्चे की देखभाल हेतु 24 घण्टे शिशु रोग विशेषज्ञ और नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहते हैं। दवाई उपचार निःशुल्क है। साथ ही माता के अलग से रहने की व्यवस्था की जाती है और उनके लिए नाश्ते और भोजन की भी व्यवस्था रहती है। एसएनसीयू की स्थापना के बाद जिले से शिशुओं के ऐसे प्रकरणों में रेफेरल में काफी कमी आई है तथा उपचार यही हो जाता है। जैसे मई में कुल 53 भर्ती बच्चों में से केवल 3 को ही रेफर करना पड़ा। जिला अस्पताल में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के निरीक्षण के लिए आई टीम भी अस्पताल के एसएनसीयू की व्यवस्था से प्रभावित रही और दी जा रही सेवाओं की प्रशंसा की।ग्राम दतरेंगी के पीलाराज दास के शिशु को कम वजन (1 कि ग्रा ) के कारण 40 दिनों तक देखभाल केंद्र में रखा गया जिससे बाद में वजन 1.3 किग्रा है। इसी प्रकार भाटापारा के एक प्रकरण में जुड़वां बच्चों की भी इसी केंद्र में भर्ती कर जान की रक्षा की गई। शिशु में रेटिनोपैथी की जांच के लिए रायपुर के निजी अस्पताल से भी डॉक्टर प्रति सप्ताह आते हैं। एसएनसीयू शुरू होने से लेकर अब तक करीब 12 सौ शिशुओं का यहाँ उपचार हो चुका है।
- -दूरस्थ अंचलों में फैल रही विकास की रोशनीरायपुर, / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गठित नई सरकार आम जनता के जीवन को आसान बनाने और उन्हें एक बेहतर सामाजिक जीवन देने के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाने के लिए भी विशेष कदम उठा रही है, यही कारण है कि नियद नेल्लानार जैसी योजनाएं आज बड़ा परिवर्तन ला रही है।आम नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक कसावट लाकर तेजी से काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में किसानों की बड़ी आबादी है, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले इस राज्य में खेती-किसानी के लिए किसानों को अनुकूल माहौल और आर्थिक मजबूती मिल सके इसका भी सरकार ध्यान रख रही है। कृषक उन्नति योजना में किसानों की समृद्धि का उद्देश्य लेकर साय सरकार 3100 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान की खरीदी कर रही है। किसानों को दो वर्ष का 3716 करोड़ रूपए का बकाया बोनस भुगतान भी कर दिया है।गरीबों को आवास देना साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, जिसे पूरा करते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख से अधिक परिवारों को आवास प्रदान करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2023-24 के अनुपूरक बजट में 3799 करोड़ रूपए तथा वर्ष 2024-25 के बजट में 8369 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। हितग्राहियों को योजनांतर्गत आवास निर्माण के लिए निःशुल्क रेत की सुविधा दी जा रही है। गरीबों के हित में कदम उठाते हुए एक करोड़ से अधिक परिवारों को 5 वर्ष तक निशुल्क राशन की भी व्यवस्था की है।परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए अपने सपनों को ख़ुशी-ख़ुशी न्यौछावर करने वाली गृहणियों का साय सरकार ने विशेष ध्यान रखा है। महतारी वंदन योजना आज पूरे देश में एक मिसाल के तौर पर उभरी है, जिसमें 70 लाख से अधिक महिला हितग्राहियों को हर माह 1000 रूपए के मान से साल में 12000 रूपए की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। युवाओं के साथ न्याय हो और सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आ सके इस दिशा में भी साय सरकार विशेष प्रयास कर रही है। युवाओं को शासकीय भर्ती में बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है। माओवाद प्रभावित इलाकों में छत्तीसगढ़ सरकार के त्वरित और सख्त निर्णय से विगत 6 माह में 136 माओवादी ढेर, 526 गिरफ्तार और 442 का आत्मसमर्पण जैसी उपलब्धियां माओवाद समस्या के पूर्ण निदान की ओर बड़ी सफलता है।
- -पूजा-पद्धति और संस्कृति के नाम पर दिगभ्रमित करने वालों सेे समाज को बचना चाहिए: मंत्री केदार कश्यप-कृषि मंत्री और वन मंत्री वीरांगना दुर्गावती के बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में हुए शामिलरायपुर / कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि वीरांगना महारानी दुर्गावती का देश प्रेम और समाज के प्रति समर्पण हमें प्रेरणा से भर देता है। हमें जनजातीय गौरव के प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती से प्रेरणा लेकर समाज को आगे बढ़ाने में सहभागी बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि वीरांगना दुर्गावती ने तब के समय जब यहां मुगलों का हुकुमत चलता था। तब के समय में अपने साहस, संघर्ष, धैर्य और वीरता से मुगलों को अपना लोहा मनवा दिया था।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि समाज को विखंडित करने वाले लोगों से बचते हुए मैं और मेरा समाज की भावना से ऊपर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुगल सुल्तान के समय में भी रानी दुर्गावती का व्यापक साम्राज्य था। इस साम्राज्य में अनेक जाति, समुदाय और धर्म के लोग निवासरत थे। रानी दुर्गावती ने राजधर्म निभाते हुए अपनी साहस और वीरता के साथ सभी लोगों का सुरक्षा और सेवा की है। हमें उनके मार्ग में चलकर समरसता के साथ समाज को आगे बढ़ाना चाहिए। श्री नेताम आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राजनीतिक और आर्थिक रूप से हम कितना भी संपन्न हो जाए। लेकिन हमें अपने समाज को नहीं छोड़ना चाहिए। हम उस समाज के ऋणी है जिसने हमें जन्म दिया। हमें जीवन का कुछ हिस्सा समाज सेवा में व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने संस्कृति, अपने देश-धर्म को बचाने के लिए काम करना चाहिए। समाज में गलत व्याख्या करके लड़ाने वालों से बचना चाहिए। वीरांगना रानी दुर्गावती जिन विषम परिस्थितियों में रहकर समाज और देश के लिए अनुकरणीय कार्य किए, उससे हमें प्ररेणा लेनी चाहिए।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वीरांगना महारानी दुर्गावती के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जनजातीय गौरव की भावना को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ में जनजाति समाज के श्री विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बना कर समाज का गौरव बढ़ाया है। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जनजातीय समाज से हैं। उनका इस सर्वाेच्च पद में आसीन होना जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है।मंत्री श्री कश्यप कहा कि ऐसी बलिदानी महारानी जिन्होंने हमारे पुरखों और समाज को नई दिशा देने का काम किया है, आगे बढ़ाने काम किया है, उन्हें मैं नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि समाज को पूजा-पद्धति, संस्कृति, परंपरा के नाम पर दिगभ्रमित करने वाले लोगों से बचना चाहिए। हमें महारानी दुर्गावती से प्रेरणा लेकर देश की एकता और अखंडता के लिए आगे आना चाहिए। नई पीढ़ियों को भी बताना चाहिए कि ऐसे साहसिक बलिदानी रानी से प्रेरणा लेकर समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।कार्यक्रम को पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने संबोधित किया। इस मौके पर समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। कार्यक्रम जनजातीय गौरव समाज के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस मौके पर जनजातीय गौरव समाज के अध्यक्ष श्री एम.डी. ठाकुर, पूर्व विधायक श्री वीरेन्द्र राय, समाज सेवी श्री विकास मरकाम, पद्मश्री श्री अजय मंडावी, फूलसिंह नेताम, श्रीमती सत्यभामा नाग, रामलखन पैकरा सहित बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग उपस्थित थे।
- -अब तक 4325 करोड़ रूपए का ब्याज मुक्त ऋण वितरित-चालू खरीफ सीजन में किसानों को 7300 करोड़ रूपए ऋण देने का लक्ष्य-किसानों को 3.17 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरितरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने गत दिनों कृषि विभाग की बैठक लेकर किसानों को उनके मांग के अनुरूप खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उनकेे निर्देश के परिपालन में किसानों के सहूलियत के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में प्रदेश में किसानों को केसीसी के तहत चालू खरीफ सीजन के लिए 7300 करोड़ रूपए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है इसके विरूद्ध में 9 लाख 52 हजार 70 किसानों को 4324.98 करोड़ रूपए का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा चुका है।इसी प्रकार किसानों को सुगमता के साथ खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। किसानों की मांग पर 8.60 लाख टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है जिसके विरूद्ध किसानों को 4.90 लाख टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 4.27 लाख टन खाद का वितरण किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को प्रमाणित बीज भी उपलब्ध कराने का सिलसिला जारी है। इस खरीफ सीजन में 4.40 लाख क्विंटल का भण्डारण किया गया है। अब तक 3.17 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किसानों को किया गया है।
- -नियद नेल्लानार योजना की राज्य स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्नरायपुर, / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा है कि नियद नेल्लानार योजना में शामिल बस्तर संभाग के कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जिले के गांवों में लोगों को उनकी आवश्यकतानुसार सभी बुनियादी सुविधाएं एवं कल्याणकारी योजनाओं का फायदा मिले यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव श्री जैन आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्लानार योजना की राज्य स्तरीय समिति की बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। योजना क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, शिक्षा, खाद्यान्न, पोषण आहार, खेल सुविधा, पेयजल सहित वहां के किसानों को किसान सम्मान निधि और खाद-बीज समय पर मिले यह सुनिश्चित करने कहा गया है। मुख्य सचिव ने इन गांवों में शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जाने वाली सेवा और सुविधा सुचारू रूप से मिलती रहे यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बस्तर संभाग के कमिश्नर, आईजी और कलेक्टर्स शामिल हुए।मुख्य सचिव ने पांचों जिलों के कलेक्टरों से नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जिलावार विस्तार से समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा और प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को नियद नेल्लानार योजना में शामिल गांवों में स्वास्थ्य कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाए जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। मुख्य सचिव ने योजना क्षेत्र के सभी गांवों के लोगों को राशनकार्ड उपलब्ध कराने एवं प्रत्येक राशनकार्ड धारक को निशुल्क खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि उज्जवला योजना के सभी हितग्राहियों गैस कनेक्शन उपलब्ध कराएं जाए। इसी प्रकार से सभी ग्रामों में विद्युतीकरण हो, वहां के गांव, स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पंचायतों और स्वास्थ्य केन्द्रों में अनिवार्य रूप से बिजली की सुविधा हो यह सुनिश्चित की जाए। क्षेत्र के लोगों द्वारा संग्रहित वनोपजों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर क्रय किया जाए। इसी तरह से वनाधिकार पट्टा के हितग्राहियों को सभी जरूरी सुविधा उपलब्ध करायी जाए। योजना क्षेत्र के युवाओं को खेल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए खेल मैदानों का निर्माण और खेल सामग्री भी उपलब्ध करायी जाए। ग्रामीण युवाओं को सभी जरूरी टेªडों में कौशल विकास के अंतर्गत वहां के विभिन्न विकासखण्डों में मौजूद आईटीआई में प्रशिक्षण दिया जाए। क्षेत्र में स्वीकृत सभी शाला भवनों का निर्माण हो इसकी लगातार मॉनिटरिंग हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां के गांवों के बच्चें शिक्षा से वंचित नहीं हो।इसी तरह से योजना क्षेत्र के गांवों प्रधानमंत्री सड़क योजना से बारहमासी सड़कों का निर्माण किया जाए। इसी तरह से लोगों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत पेंशन, दिव्यांगों को सहायक यंत्र प्रदान किए जाए। योजना के अंतर्गत सभी गांवों में आंगनबाड़ी संचालित हो। मुख्य सचिव ने नियद नेल्लानार योजना हेतु निर्मित बस्तर डेसबोर्ड के आंकड़ों की निरंतर समीक्षा करने के लिए सभी विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नामांकित करने के निर्देश दिए है। नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभाग की योजना की प्रगति की निगरानी डेसबोर्ड के माध्यम से प्रतिदिन करने के भी निर्देश दिए है।
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-मुख्यमंत्री की मंशानुसार स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतर सुधार के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और विभिन्न बैठकों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुसार राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के लिए श्री जायसवाल ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तार पूर्वक चर्चा की। आज की बैठक में सबसे पहले राज्य के 03 नवीन चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर, कोरबा एवं महासमुंद के सुविधाओं की जानकारी ली गई और उनकी प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए । स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष की अधिशासी समिति ( CMPHTFC) की बैठक में भी जरूरी निर्देश दिए। इसके साथ ही सीजीएमएससी लिमिटेड के संचालक मंडल की 46वीं बैठक में भी शामिल होकर स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के कार्य और योजनाओं की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में HSCC द्वारा पैथोलॉजी लैब स्ट्रेंथनिंग के संबंध में आवश्यक कार्य योजना के निर्देश भी दिए हैं। - रायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार बलौदाबाजार जिले में आज उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा बैठक का आयोजन संयुक्त जिला कार्यालय के सभागार में किया गया। जिसके तहत बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के 25 हजार लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी एवं सदस्य सचिव जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण हिमांशु भारती ने अंतर्विभागीय अधिकारियों की बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि आज की स्थिति में शिक्षार्थियों का 69.7 प्रतिशत एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का 59.9 प्रतिशत सर्वे एवं उल्लास एप में उनकी प्रविष्टि की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानपाठकों, शक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सचिव, मितानीन एवं स्व सहायता महिला समूह के संयुक्त प्रयास से यह कार्य किया जा रहा है तथा 30 जून तक सर्वे व प्रविष्टि का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। सर्वे कार्य पूर्ण होने के उपरांत स्वयंसेवी शिक्षकों को विकासखण्डवार कुशल प्रशिक्षक द्वारा अध्ययन अध्यापन के सम्बंध में प्रशिक्षित किया जायेगा। इसके बाद ही स्वयंसेवी शिक्षक विद्यालय,आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन तथा रंगमंच में शिक्षार्थी के सुविधाजनक स्थान व समय के अनुसार 200 घंटे का अध्यापन कार्य करके, शिक्षार्थी को प्रांरभिक बुनियादी शिक्षा तथा सरल अंकगणितीय ज्ञान प्रदान करेंगे। उन्हें इस योग्य बनायेंगे कि वे माह सितम्बर 2024 की बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आंकलन परीक्षा में सम्मिलित होकर सफलता प्राप्त कर सके।उन्होंने बताया कि राज्य से शिक्षण सामग्री प्राप्त होगी एवं यह सामग्री उल्लास एप में भी उपलब्ध होगी। इस हेतु कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने साक्षरता समिति के विभिन्न अधिकारियों के मध्य कार्य विभाजन किया है। अंतर्विभागीय अधिकारियों में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अध्यक्ष विकासखण्ड साक्षरता मिशन समिति विभाग के साक्षरता समिति के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की बैठक कर वातावरण निर्माण करने में सहयोग प्रदान करेंगे। इसके साथ ही जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा, बीईओ, एबीईओ,बीआरसीसी संकुल शैक्षिक समन्वयकों को आपसी सहयोग एवं जिम्मेदारी से साक्षरता के सम्पूर्ण कार्य को सम्पन्न करने हेतु निर्देशित करेंगे।लीड बैंक मैनेजर कुशल प्रशिक्षकों के द्वारा वित्तीय साक्षरता का प्रशिक्षण देंगे जिसका उपयोग शिक्षार्थियों के लिए किया जायेगा। इसी तरह उपसंचालक समाज एवं कल्याण विभाग द्वारा विकासखण्डवार असाक्षर,दिव्यांगों की जानकारी प्रदान करने के निर्देष दिए है ताकि उन्हें साक्षर कर समाज के मुख्य धारा में शामिल किया जा सके। समस्त सीएमओ चिन्हांकित वार्डों में वातावरण निर्माण के अंतर्गत नारा लेखन का कार्य एवं समस्त सीईओ जनपद पंचायत प्रत्येक चिन्हांकित ग्रामों मे नारा लेखन,नुक्कड़ नाटक तथा स्थानीय कलाकारों के माध्यम से साक्षरता के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिए है।
- -अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय के 13वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री-पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन-विश्वविद्यालय की पत्रिका कन्हार, अटल दृष्टि सहित विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन-उत्कृष्ट शिक्षकों और बच्चों को बांटे पुरस्कारबिलासपुर /उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज यहां अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय के 13वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए l उन्होंनेे विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हे सादर नमन किया। उन्होेंने यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटर लैब का भी उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा विश्वविद्यालय आज अपना 13वां स्थापना दिवस मना रहा है। अपने उद्बोधन की शुरूआत अटल जी की कविता से करते हुए उन्हे श्रद्धांजलि दी। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि जीवन में पूरी ताकत और मनोयोग से परिश्रम करें तो आपको जरूर सफलता मिलेगी। युवाओं को सच्चाई के मार्ग से कभी विचलित नहीं होने की सीख दी। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शिक्षकों और बच्चों को पुरस्कार बांटे। विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार और मासिक पत्रिका अटल दृष्टि सहित अन्य प्रकाशनों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति श्री एडीएन बाजपेई ने की। इसके अलावा कुलसचिव श्री शैलेन्द्र दुबे, अधिष्ठाता श्री एच एस होता, श्री भूपेन्द्र सवन्नी, श्री रामदेव कुमावत भी मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मां सरस्वती की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय की कुलगीत का सम्मानपूर्वक गायन हुआ। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष है। अल्पसमय में ही यूनिवर्सिटी ने सफलता के नये आयाम स्थापित किए है। मुझे यहां आकर बड़ी प्रसन्नता हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूनिवर्सिटी को नये सोपान तय करने के लिए जो भी आवश्यकता होगी उसके लिए छत्तीसगढ़ शासन हर संभव मदद करेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जीवन में सफल होने के लिए शॉर्टकट न अपनाएं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि अल्पसमय में ही यूनिवर्सिटी ने शिक्षा जगत मेें अपनी विशेष पहचान बनाई है। किसी भी संस्थान के विकास में तेरह वर्ष का समय ज्यादा नहीं होता है लेकिन बावजूद इसके यूनिवर्सिटी ने नई उंचाईयों को छूआ है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री से बिलासपुर में फायर स्टेशन सहित कोनी में बेरोजगार युवाओं के लिए सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण केन्द्र की मांग की जिसमें युवाओं को सेना में भर्ती के लिए मार्गदर्शन मिल सके। कुलपति एडीएन बाजपेई ने स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा यूनिवर्सिटी में आयोजित की गई। इसके अलावा सतत नवाचार हेतु आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एवं आई.ओ.टी. पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की जा रही है। उन्होंने तुलसी का पौधा भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियों की जानकारी से समारोह को अवगत कराया। कुलसचिव श्री शैलेन्द्र दुबे ने आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम में नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एल पी पटेल, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति श्रीमती अरूणा पलटा, डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री रविप्रकाश दुबे सहित बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, विभिन्न कॉलेजो के प्राचार्य, छात्र-छात्राएं एवं नागरिकगण मौजूद थे।
- बिलासपुर /नशे के विरूद्ध लोगों को जागरूक करने 26 जून को नशा निवारण दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर भारत माता वाहिनी तथा विभागीय कलाकारों के सहयोग से नशे के दुष्परिणाम पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए रैली, बैनर पोस्टर, दीवार लेखन आदि गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर शहर के स्लम क्षेत्रों में नशा मुक्ति के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए नशा मुक्ति पाम्पलेट का भी वितरण किया जाएगा।
- भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम के आयुक्त ने कहा है कि तेज बारिश की संभावना को देखते हुए अधिकारी/कर्मचारी अलर्ट रहे।मौसम विभाग द्वारा जारी अनुमानो के अनुसार भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। आगामी तीन दिवस में भारी वर्षा के अनुमान को देखते हुए जल जमाव एवं बाड़ संभावित क्षेत्रो में कर्मचारियो की तैनाती 24 घंटे एवं स्वयं भी अलर्ट रहकर तत्काल राहत की व्यवस्था सुनिश्चित करेगे। सभी अधीक्षण अभियंता, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उपअभियंता एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी अपने अधिनस्थ कर्मचारियो के साथ अलर्ट रहेगे। अगर किसी भी क्षेत्र में अति वर्षा के समय जल जमाव या बाड़ आने की संभावना हो जिससे तत्काल राहत मिल सके।पूर्व में हुए बरसात के कारण एम.जे. स्कूल के पास बड़े नाले में बहकर जलकुम्भी इत्यादि का जमावड़ा हो गया था, जिसे निकालने का काम युद्व स्तर पर किया जा रहा है। यह एक प्रमख नाला है जिसमें सभी क्षेत्रो से बरसात का पानी आकर एकत्रित होता है। वहीं पर जलकुम्भी एवं अन्य खरपतवार लकड़ी आदि आकर फस जाता है, उसे साफ किया जा रहा है। सफाई हो जाने से अधिक बरसात के समय पानी सुगमता से आगे निकल सके।
- भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियो की डयूटी लगी है। वार्ड, मोहल्ले अनुसार घर-घर जाकर टेमिफास, क्लोरिन दवा वितरीत की जावे। कर्मचारी घर-घर जा रहे है, कुलर, गमले, पानी की टंकी, पुराने टायर की जांच कर रहे है। किसी भी प्रकार की लार्वा मिलने पर उसे नष्ट कर रहे है। इस कार्य में निगम भिलाई का पुरा अमला लगा हुआ है। यही उददेश्य है की बरसात के दिनो में कहीं भी जल जमा न हो। फाईट द बाईट अभियान जहां पर भी मच्छर के अंडे, लार्वा मिले उसे नष्ट किया जावे।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार प्रत्येक घरो, बस्तीयों में टेमिफास, क्लोरिन की दवा वितरीत की जा रही है। जोन स्वास्थ्य कर्मचारी सुदामा परगनिया ने बताया कि यह देखकर बहुत दुखः लगता है। कुछ घरो में पिछले वर्ष का दिया हुआ टेमिफास की दवा 2 से 3 बोतल रखा है। फिर भी नई दवा ले रहे है बताने के बाद भी अपने घरो के कुलर में नहीं डालतें है। छटवीं में पढ़ने वाला बच्चा लोकेश ने दिखाया पिछले साल की दवा घर में पड़ी है, मम्मी नहीं डालती है, फ्री के दवा का महत्व नहीं समझती है।निगम भिलाई के सभी क्षेत्रो में संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है जिसमें नाली/नालो की सफाई, डेंगू, मलेरिया, डायरिया, पीलिया इत्यादि बिमारियां न हो। इस हेतु संयुक्त रूप से जिला प्रशासन की टीम, मितानीन, शहरी अजीविका मिशन के सदस्यो को सामुहिक रूप से ट्रेनिंग भी दी जा रही है। कितने पानी में कितने मात्रा में दवा का मिश्रण बनाना है, छिड़काव किस प्रकार करना है, कहीं पे लार्वा दिखे तो उसका निष्पादन किस प्रकार से किया जाना है। वही दल वार्डो, मोहल्लो, बस्तीयों में घुमकर प्रचार-प्रसार करते हुए लोगो को जागरूक भी कर रहा है। औद्योगिक क्षेत्र छावनी, मदर टेरेसा नगर, आशा दीप कालोनी, शारदा पारा, श्रीराम होटल के पीछे, बैकुण्ठधाम गौरव पथ, श्रवण किराना स्टोर्स के पीछे, दीनदयाल कालोनी, इंदिरा नगर, शहीद वीर नारायण सिंह नगर, शंकर पारा, नकम्मा मोहल्ला आदि जगहो पर टेमिफास, क्लोरिन टेबलेट का वितरण किया गया।
- -राजस्व संबंधी मूल रिकार्डो को किया जाए दुरूस्थ-त्रुटि सुधार के कार्यो को विशेष अभियान चलाकर शीघ्र पूर्ण करें-कलेक्टर सुश्री चौधरी-कलेक्टर ने की राजस्व प्रकरणों की समीक्षादुर्ग / कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अविवादित नामांतरण, अविवादित बटवारा, विवादित नामांतरण, विवादित बटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई की अनुमति, ई-कोर्ट पोर्टल में दर्ज प्रकरणों की स्थिति संबधी न्यायालयीन प्रकरणों के साथ-साथ ऑनलाईन नामांतरण पंजी, डिजिटल हस्ताक्षर, आधार प्रविष्टि, अभिलेख शुद्धता, नक्शा बटांकन, आर.बी.सी.-6-4, भू-बंटन, भू-अर्जन, वसूली, अवैध उत्खनन, अतिक्रमण एवं महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की गई।कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती माताओं का स्वास्थ्य जांच, गर्म भोजन एवं राशन दिया जाए। साथ ही उन्होंने उचित मूल्य की दुकानों का भी निरीक्षण करने को कहा। उचित मूल्य की दुकानों में खाद्य वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करवाने एवं राशन कार्ड नवीनीकरण का कार्य सुनिश्चित कराने को कहा। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदारों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त दवाईयांे की उपलब्धता एवं जिन दवाई की अवधि समाप्त हो गई उसे वहां से हटाना सुनिश्चित करने को कहा।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने अविवादित नामांतरण, राजस्व संबंधी त्रुटि सुधार, बटवारा एवं विवादित नामांतरण बटवारा के समय सीमा के बाहर लंबित प्रकरणों पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देशित किया कि उक्त मामलों के समय-सीमा के बाहर एवं समय-सीमा के भीतर लंबित सभी प्रकरणों का शत्-प्रतिशत निराकरण विशेष अभियान चलाकर शीघ्र पूर्ण करें। साथ ही उन्होंने पांच वर्ष से लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकरण करने के निर्देश दिए। राजस्व संबंधी प्रकरणों के आदेश पारित होने के पश्चात रिकार्ड प्राथमिकता से अपडेट करने को कहा।उन्होंने डिजिटल हस्ताक्षर, अभिलेख शुद्धता, आधार प्रविष्टि, किसान-किताब प्रविष्टि, नक्शा बटांकन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देशित किया कि उक्त मामलों के निराकरण हेतु राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों द्वारा विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि ज़मीन/सम्पत्ति किसी ऋण के विरुद्ध बैंक के पक्ष में बंधक दर्ज है और ज़मीन का मालिक बैंक की अनुमति के बिना धोखाधड़ी पूर्वक ज़मीन/संपत्ति की रजिस्ट्री कर देता है तो जांच उपरांत ही रजिस्ट्री किया जाना सुनिश्चित करें। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि रजिस्ट्री के संबंध में पक्षकार को किसी प्रकार की परेशानी न हो।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने भू-राजस्व के वसूली की कार्यवाही में गति लाने विशेष अभियान चलाकर वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। अवैध उत्खनन रोकने, जनचौपाल में प्राप्त हुए राजस्व संबंधी प्रकरणों शत्-प्रतिशत पूर्ण करने एवं अतिक्रमण के मामलों में आदेश पारित करने के उपरांत आदेश के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये गये। बैठक में आर.बी.सी.-6-4 के मामलों में संबंधित प्रकरणों को तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ शीघ्रातिशीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए।बैठक में ए.डी.एम. श्री अरविंद एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम.भार्गव, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी एवं श्री विरेन्द्र सिंह, एसडीएम पाटन श्री दीपक निकंुज, एसडीएम भिलाई श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम दुर्ग श्री मुकेश रावटे, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, एसडीएम भिलाई-3 श्री महेश राजपूत सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, एलएलआर उपस्थित थे।
- बिलासपुर / आचार संहिता की समाप्ति के बाद अब जनसमस्या निवारण शिविर के कार्यक्रम भी तय होने लगे हैं। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आगामी छह महीने के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर की तिथियां तय कर दी हैं। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर संवेदनशीलता के साथ मामलों का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जिला कार्यालय से इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 जुलाई को ग्राम मगरउछला विकासखण्ड बिल्हा, 25 जुलाई को घुटकू ब्लॉक तखतपुर, 29 अगस्त को लखराम उत्तर बिल्हा, 21 अगस्त को चपोरा ब्लॉक कोटा, 12 सितम्ब्र को मस्तुरी, 19 सितम्बर को खरकेना तखतपुर, 24 अक्टूबर को नेवसा उत्तर बिल्हा, 18 अक्टूबर को करगीकला कोटा, 6 नवम्बर को बरतोरी बिल्हा ब्लॉक, 27 नवम्बर को जूनापारा तखतपुर, 19 दिसम्बर को सीपत मंगलभवन तथा 12 दिसम्बर को मिठ्ठू नवागांव कोटा में आयोजित किया गया है। शिविर निर्धारित स्थलों पर सवेरे साढ़े 10 बजे से शुरू होगी। यथासंभव मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया जायेगा।
- -गांव में निकाली गई जल जागरूकता रैली, जल संरक्षण के बताए उपायरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने निर्देश पर ‘नारी शक्ति से जल शक्ति’ अभियान के दूसरे दिन जनपद पंचायत तिल्दा में ग्रामीण महिलाओं द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल जागरूकता रैली निकाली गई। उल्लेखनीय है कि जल शक्ति अभियान “नारी शक्ति से जल शक्ति” के क्रियान्वयन हेतु प्रथम चरण में जिले की 101 जल की समस्या वाली ग्राम पंचायतों का चिन्हांकन कर अभियान के प्रभावी कियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों के तकनीकी अमलों को प्रभारी नियुक्त किये किए है। उक्त पंचायतों में 24 जून 2024 से जल शक्ति अभियान “नारी शक्ति से जल शक्ति” के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य मे आज दूसरे दिन तिल्दा जनपद अंतर्गत महिलाओं द्वारा रैली के अतिरिक्त बैनर और दीवार लेखन से जल संरक्षण हेतु प्रचार प्रसार किया गया। साथ ही ग्राम पंचायत के युवाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों के बीच जाकर वर्षा जल के संरक्षण हेतु वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सोक पिट, रिचार्ज स्ट्रक्चर के संबंध में जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणजनों को जल के महत्व के संबंध में अवगत कराते हुए जल का उचित उपयोग करने के संबंध में जागरूकता फैलाने तथा जल को सरंक्षित करने हेतु प्रेरित करने का प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।







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