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- -तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ-आम की 325 से अधिक किस्में एवं 56 व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया-बीजापुर का हाथीझूल एवं जापान का मियाजाकी आम बने आकर्षण का केन्द्ररायपुर, । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 12 से 14 जून तक कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव का बुधवार को शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अनुज शर्मा, विधायक, धरसींवा, श्री मोतीलाल साहू, विधायक, रायपुर ग्रामीण एवं संचालक उद्यानिकी श्री एस. जगदीशन उपस्थित थे।आम महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी और जलवायु सभी प्रकार की फसलों के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। यहां अनाज, दलहन, तिलहन, फल, फूल, मसाले तथा औषधीय फसलों की खेती आसानी से की जा सकती है। आज प्रदेश में बहुत से किसान परंपरागत फसलों की बजाय उद्यानिकी, औषधीय एवं मसाला फसलों की खेती के आगे आ रहे हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में किसान आम की खेती कर रहे हैं। आम महोत्सव में आकर पता चला कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में विविध प्रकार के आमों का उत्पादन हो रहा है, जिनमें दशहरी, लंगड़ा, हापुस, केशर, नीलम, चौसा, नूरजहां, हिमसागर जैसी उन्नत किस्मों के साथ ही आम की बहुत सी देशी किस्में तथा मियाजाकी, थाई बनाना, रैड पामर जैसी विदेशी किस्में भी आसानी से उगाई जा रहीं है। श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जापान से आयातित मियाजाकी किस्म का उत्पादन भी हो रहा है जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत ढ़ाई लाख रूपये प्रति किलो है। उन्होंने विशेष रूप से बीजापुर की मूल किस्म हाथीझूल की तारीफ करते हुए कहा कि आम की इस किस्म का एक फल तीन से चार किलो वजन का होता है। उन्होंने संचालक उद्यानिकी को निर्देश दिये कि हाथीझूल किस्म को बीजापुर के अलावा अन्य जिलों में विस्तारित करें तथा इसके उत्पादन को बढ़ावा दें। समारोह को श्री अनुज शर्मा विधायक धरसींवा तथा श्री मोतीलाल साहू विधायक रायपुर ग्रामीण ने भी संबोधित किया।समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों की 327 किस्मों के आमों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों तथा छात्रों द्वारा निर्मित आम के 56 व्यंजनों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव के दौरान आम के उत्पादन की उन्नत तकनीक तथा आम उत्पादन में आने वाली समस्याओं के निराकरण हेतु कृषक पाठशाला का आयोजन भी किया जा रहा है। समारोह में छत्तीगसढ़ के विभिन्न जिलों में आम का उत्पादन करने वाले प्रगतिशील कृषकों - श्री बजरंग केडिया बिलासपुर, श्री दीपक पाण्डेय बागबाहरा, श्री आत्मबोध अग्रवाल रायपुर, डॉ. नारायण भाई चावड़ा दुर्ग, श्री गुप्ता अम्बिकापुर और अखिल जैन खैरागढ़ को सम्मानित किया गया। समारोह में लखनऊ प्रशिद्ध आम उत्पादक कृषक श्री राजकुमार गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित आम उत्पादन एवं परिरक्षण नामक पुस्तिका तथा विश्वविद्यालय न्यूज लेटर ‘‘आई.जी.के.वी. वार्ता’’ का विमोचन भी किया।राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 325 से अधिक किस्मों एवं आम से बने 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया जा रही है। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल हुए हैं। अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है। इसके अतिरिक्त आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है इस प्रतियोगिता में प्रवेश पूर्णतया निःशुल्क है। सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी दोपहर 12 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी सामान्यजनों हेतु विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। आयोजन के द्वितीय दिवस आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 13 जून को 12 बजे से 4 बजे तक तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर बढ़ सके। आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा।
- -विष्णु सरकार के 6 महीने पूरे होने पर भाजपा ने सोशल मीडिया में चलाया अभियान, मिल रहा अपार जनसमर्थनरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के आज 6 महीने पूरे हुए। इस पर भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ का सोशल मीडिया में हैशटैग अभियान #संवर_रहा_छत्तीसगढ़ टॉप ट्रेंडिंग कर रहा है। समूचे छत्तीसगढ़ से आम लोगों का इसे भरपूर समर्थन मिल रहा है। लोग उत्सुकतापूर्वक विष्णु सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की फोटो, वीडियो, ग्राफिक्स को सोशल मीडिया के सारे प्लेटफॉर्म में पोस्ट और शेयर कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक इस हैशटैग पर X में अब तक मात्र दो घंटे में 30 हजार से ज्यादा पोस्ट हो चुके हैं।गौरतलब है कि इस ट्रेंड के जरिये भाजपा कार्यकर्ता विष्णु सरकार के 6 महीने के कामकाज का जमकर प्रचार-प्रसार कर कर रहे हैं। सरकार की योजनाओं पर आधारित फोटो, वीडियो और ग्राफिक्स को जम कर शेयर कर कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मात्र 6 महीने की विष्णु सरकार में मोदी की गारंटी के सभी प्रमुख वादों को सरकार ने प्राथमिकता से पूरा किया है। इससे प्रदेश के हर वर्ग में खुशहाली आई है। सरकार की महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, तेंदूपत्ता के दाम बढ़ाए जाने, 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति पर आधारित फोटो, वीडियो और ग्राफिक्स को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सुशासन की सरकार में छत्तीसगढ़ संवर रहा है, आगे बढ़ रहा है।
- रायपुर /शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) में सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर नवा रायपुर से आदेश जारी कर दिया गया है। मंडल में मान्यता प्राप्त संस्थाओं के प्राचार्यों, प्राध्यापकों और निजी संस्थाओं के सदस्यों के साथ ही पांच विधायकों को शामिल किया गया है। सदस्यों की नियुक्ति अवधि 3 वर्ष की है।नई सरकार के गठन के साथ ही पूर्व मंडल सदस्यों की नियुक्ति स्वमेव समाप्त हो गई थी। बिना सदस्यों के माशिमं के निर्णय लेने में परेशानी हो रही है। मंडल सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया तो फरवरी से ही शुरू हो गई थी, किन्तु आचार संहिता की वजह से नियुक्ति आदेश जारी नहीं हो पाया था। स्कूल शिक्षा विभाग ने 20 मंडल सदस्यों की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। सदस्यों में विधानसभा के प्रतिनिधित्व के रूप में पांच विधायक शामिल किए गए हैं, इनमें अहिवारा विधायक श्री डोमन सिंह कोर्सेवाड़ा, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो और कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम शामिल हैं। इसके अलावा मान्यता प्राप्त संस्थाओं से प्राचार्य वर्ग में श्री प्रकाश यादव राजनांदगांव, श्री प्रफुल्ल शर्मा जांजगीर-चांपा और श्रीमती इंदु अग्रवाल कोरबा को माध्यमिक शिक्षा मण्डल में सदस्य बनाया गया है।प्रशिक्षण महाविद्यालयों से श्रीमती श्रद्धा मिश्रा अंबिकापुर को शामिल किया गया है। मान्यता प्राप्त संस्थाओं से 6 प्राध्यापक माशिमं के सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है। जिसमें मान्यता प्राप्त संस्थाओं से 6 प्राध्यापकों की भी नियुक्ति की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्राध्यापकों में श्री संजय ठाकुर दंतेवाड़ा, श्री ऋषि कश्यप बिलासपुर, श्री जितेन्द्र कुमार सिंह कबीरधाम, श्री ओंकार सिंह ठाकुर बलरामपुर, डॉ. हितेश कुमार दीवान रायपुर, श्रीमती दीक्षा गंगराड़े रायपुर शामिल हैं। इसी तरह तीन स्थानीय निकायों द्वारा संचालित संस्थाओं के प्रतिनिधि के रूप में श्री अनिल दास गुप्ता कबीरधाम, श्री चंद्रकांत तिवारी पामगढ़, श्री कीर्ति व्यास रायपुर के अलावा श्री एल. डी. दुबे और श्री सुनील पंडया को माध्यमिक शिक्षा मण्डल का सदस्य बनाया गया है।
- रायपुर / सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, मंत्रालय महानदी भवन द्वारा रायपुर एवं नवा रायपुर अटल नगर के लिए स्थानीय अवकाश 09 अगस्त 2024 के स्थान पर 12 नवंबर 2024 को घोषित की गई है। इस आशय का संशोधन आदेश 10 जून 2024 को जारी कर दिया गया है। कलैण्डर वर्ष में 03 स्थानीय अवकाश की घोषणा सामान्य पुस्तक परिपत्र के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के तहत् जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा की जाती है। किन्तु नवा रायपुर अटल नगर तथा रायपुर शहर के संबंध में यह घोषणा सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, मंत्रालय महानदी भवन द्वारा की जाती है।सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 09 अगस्त 2024 को प्रदेश में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पूर्व से ही सामान्य अवकाश घोषित है। उल्लेखनीय है कि दिनांक 09 अगस्त 2024 को पूरे प्रदेश में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अवकाश रहेगा।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य कर (जीएसटी) विभाग द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग कर नई पहल करते हुए “ई-संवीक्षा” पोर्टल लाँच किया गया है। यह पोर्टल श्री रजत बंसल, आयुक्त, राज्य कर, छत्तीसगढ़ की पहल पर राज्य कर मुख्यालय, नवा रायपुर के डायरी कक्ष एवं कम्प्यूटर कक्ष द्वारा तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत मैदानी कार्यालयों के समुचित अधिकारियों द्वारा जीएसटी अधिनियम की धारा 61 एवं धारा 73 और/ अथवा धारा 74 के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाहियों की रिपोर्टिंग आनलाईन की जानी है। प्रारंभिक चरण में “ई-संवीक्षा” के अंतर्गत “स्क्रूटनी माड्यूल” बनकर तैयार है एवं लाईव किया जा चुका है तथा “एड्जुडिकेशन माड्यूल” तैयार किया जा रहा है। इससे न केवल विभागीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की मानिटरिंग की जा सकेगी बल्कि ऐसे अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली मासिक डायरी भी आनलाईन होगी और एनालीटिक्स में इससे प्राप्त होने वाले आँकड़ों का राजस्व हित में उपयोग किया जाएगा।इसके अलावा राज्य के व्यापारियों को होने वाली व्यवहारिक परेशानियों का निराकरण करने मे भी “ई-संवीक्षा” माड्यूल कारगर साबित होगा।गौरतलब है कि, राज्य कर आयुक्त के ध्यान में कुछ ऐसे प्रकरण आये थे जिनमें एक ही व्यवसायी की एक ही अवधि के प्रकरण में एक से अधिक अधिकारियों द्वारा अलग-अलग समय पर नोटिस जारी किए गये थे, जिसके बाद आयुक्त द्वारा “ई-संवीक्षा” माड्यूल की आवश्यकता को ध्यान मे रखते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करवाया गया है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर राजस्व प्रशासन में नवाचार के लिए तैयार की जा रही रणनीतिरायपुर / छत्तीसगढ़ में आगामी कुछ दिनों में राजस्व प्रशासन काफी चुस्त-दुरूस्त नजर आएगा। राजस्व प्रशासन में नई-नई तकनीकों के माध्यम से नवाचार करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। छत्तीसगढ़ में भूमि संबंधी विवादों को दूर करने के मद्देनजर राजस्व प्रशासन में नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस नई तकनीक का नाम जिओ रिफ्रेंसिंग है। इस तकनीक के माध्यम से भूमि के नक्शों के लिए खसरा के स्थान पर यू.एल.पिन नंबर दिया जाएगा। साथ ही भूमिधारक को भू-आधार कार्ड मिलेगा। राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए बजट में 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस नई तकनीक के इस्तेमाल को अपनी मंजूरी दे दी है, इसके लिए बजट में प्रावधान भी कर दिया गया है। जिओ रिफ्रेंसिंग तकनीक के उपयोग के लिए राजस्व से जुड़े अमलों की व्यवस्था के साथ ही इनके प्रशिक्षण के लिए रणनीति बनाई जा रही है। जिओ रिफ्रेंसिंग के काम को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के नवीन पदों का सृजन किया जा रहा है।जिओ रिफ्रेंसिंग तकनीक में छोटी से छोटी भूमि का लॉन्गीट्यूड और एटीट्यूड के माध्यम से वास्तविक भूमि चिन्हांकित करना आसान हो जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में भूमि संबंधी आने वाली दिक्कतों के मद्देनजर भूमि का नवीन सर्वेक्षण किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में भूमि स्केल का पैमाना 1ः500 रखा जाएगा। इससे नगरीय क्षेत्रों में घनी आबादी होने पर ही छोटे से छोटे भूखण्ड को भू नक्शे में आसानी से दर्ज किया जा सकता है। राजस्व प्रशासन में सुधार की दृष्टि से भूमि के डायवर्सन कराने की प्रक्रिया को भी ऑनलाईन करने की योजना है।राजस्व संबंधी दिक्कतें लोगों को उनके क्षेत्र में ही सुलझाने के लिए नये स्थानों परं उप तहसील कार्यालय शुरू करने के भी पहल की जा रही है। इसी प्रकार नवगठित अनुविभागों में भी तहसील कार्यालय शुरू होंगे। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मुंगेली जिले के चकरभाठा और बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के सकर्रा में उप तहसील कार्यालय शुरू करने की घोषणा की गई है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना शुरू करने के भी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
- -60 वर्ष पूर्ण कर चुके आठ और श्रमिकों के पेंशन पर श्रम मंत्री सह छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष लखन लाल देवांगन के निर्देश पर पेंशन जारी-प्रतिमाह 1500 रूपए पेंशन हुआ जारीरायपुर / प्रदेश में मुख्यमंत्री श्रमिक पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष पूर्ण कर चुके आठ और श्रमिकों के पेंशन को श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने निर्देश पर जारी किए गए। श्रमिकों के हित और उनके बेहतर जीवन यापन के लिए छत्तीसगढ़ में निर्माण श्रमिकों के पेंशन योजना की शुरूआत 29 मार्च को की गई थी। इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों को पेंशन राशि सीधे उनके खाते में भेजी जा रही है। इसके अलावा भी कई सारे लाभ मिलेंगे। बुधवार को श्रम मंत्री और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष लखन लाल देवांगन ने आठ और श्रमिकों का पेंशन जारी किया।श्रमिक हितैषी विष्णुदेव सरकारइस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार श्रमिकों की हितेषी है। सरकार की पूरी मंशा है की श्रमिकों को योजना का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। श्रमिकों के हित एवं उनके बेहतर जीवन यापन के लिए निर्माण श्रमिकों के पेंशन योजना का लाभ श्रमिको को दिया जा रहा है। जिसमें पात्र निर्माण श्रमिकों को पेंशन राशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। इस योजना के तहत् ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिनकी आयु 60 साल पूरी चुकी है, उन श्रमिकों को हर महीने 1500 रुपये पेंशन के रूप में दिए जाएंगे। अगर पेंशनधारी निर्माण श्रमिक की मृत्यु हो जाती है तो निर्माण श्रमिक के आश्रित (पति/पत्नी) को 750 रूपए मासिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान है। इन जिलों के श्रमिकों को राशि हुई जारी महासमुंद के 2 श्रमिक, बेमेतरा के 4 श्रमिकों को, राजनांदगांव और दुर्ग के एक-एक श्रमिक को पेंशन जारी किया गया है।
- -अरण्य भवन रायपुर में कंट्रोल रूम: टॉल फ्री नम्बर 18002337000 स्थापितरायपुर / वनों का अग्नि से बचाव अत्यंत आवश्यक है। इसके मद्देनजर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेश के वन क्षेत्रों में आग से बचाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत 15 जून 2024 तक वनों को अग्नि से बचाव वन विभाग की प्राथमिकता में है।वन विभाग द्वारा इसके अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय अरण्य भवन रायपुर में कन्ट्रोल रूम में टॉल फ्री नम्बर 18002337000 स्थापित किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति अग्नि घटनाओं की सूचना दे सकते हैं। इसी तरह समस्त वनमंडलों में भी वनमंडल कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा हेतु कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से अग्नि घटनाओं की सतत् निगरानी की जा रही है।वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्नि सीजन 15 फरवरी से प्रारंभ हो गया है तथा 15 जून 2024 तक वनों को अग्नि से बचाना विभाग की प्राथमिकता में है। अग्नि से जहां एक ओर प्राकृतिक पुनरूत्पादन के पौधे नष्ट हो जाते हैं वहीं दूसरी ओर वृक्षों की काष्ठ की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। अतएव वनों को अग्नि से बचाव अत्यंत आवश्यक है। अग्नि सुरक्षा हेतु समस्त वनमंडलों में अग्नि रेखाओं की कटाई, सफाई, जलाई की जा चुकी है। वन क्षेत्रों में अग्नि से सुरक्षा हेतु कैम्पा मद से समस्त बीटो में एक-एक अग्नि रक्षक की नियुक्ति की गई है। वनों में लगने वाली आग को बुझाने हेतु कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण फायर ब्लोअर उपलब्ध कराया गया है।इसी तरह फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफसीआई) से फायर एलर्ट रजिस्टर कराए गए हैं। कर्मचारियों के मोबाइल नम्बरों पर एसएमएस के माध्यम से अग्नि घटना स्थल का जीपीएस निर्देशांक सीधे प्राप्त होता है। इस सूचना का उपयोग अग्नि नियंत्रण में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। एफएमआईएस अरण्य भवन रायपुर द्वारा भी प्रतिदिन समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों को एसएमस के माध्यम से अग्नि घटना स्थल का जीपीएस निर्देशांक सूचित किया जा रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव द्वारा विभाग के समस्त अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।इसके तहत उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं वन सुरक्षा समितियां, वन सुरक्षा श्रमिक, लगाये गये अग्नि प्रहरी वनों की अग्नि से सुरक्षा हेतु सतत् रूप से निरंतर सक्रिय रहेंगे। सुरक्षा में लगे अग्नि प्रहरियों तथा सुरक्षा श्रमिको को वनक्षेत्रों में जहां कहीं भी अग्नि या धुंआ दृष्टिगोचर हो तत्परता से वहां पहुंच कर सुलग रही अग्नि को तत्काल बुझाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। वन प्रबंधन समितियों को वनों की अग्नि सुरक्षा में सक्रिय जवाबदारी दी जाये। (फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (एफसीआई) देहरादून एवं एफएमआईएस अरण्य भवन रायपुर से प्राप्त अग्नि स्थलो की सूचना के आधार पर तत्काल अग्नि स्थल का निरीक्षण कर आग को बुझाया जाये। आमजनों के बीच वनों की अग्नि से सुरक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। यह ध्यान में रखें कि लोगों की जागरूकता अग्नि सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।उन्होंने निर्देशित किया है यदि कतिपय प्रकरणों में ऐसा पाया जाता है कि वन क्षेत्रों में आग जानबूझकर अथवा शिकार करने के उद्देश्य से लगाई गई है तो अपराधी का पता लगाकर सम्यक विधिक कार्यवाही कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाये। तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2024 में शाखाकर्तन तथा तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान फड़ो के वनक्षेत्रो में अग्नि घटनाऐं होने पर क्रेता करारनामा की शर्तों के तहत कार्यवाही की जाये। इस वर्ष अग्नि प्रकरणों की संख्या एवं अग्नि से प्रभावित रकबे को न्यूनतम रखने का पूर्ण प्रयास किया जाये।
- =महिलाओं को पात्रतानुसार शासन की योजनाओं का शत प्रतिशत मिले लाभ=श्रीमती शम्मी आबिदी ने नियद नेल्लानार के तहत किए जा रहे विभागीय कार्यों की समीक्षा कीरायपुर, / महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बुधवार को इंद्रावती भवन में नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन वाले जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर धरातल पर हो रही प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड पर कार्य करके क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि माताओं बहनों को शासन की सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित करें।श्रीमती आबिदी ने नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन के बारे में कहा कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार बस्तर संभाग के कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाना है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना,रेडी टू ईट, नोनी सुरक्षा योजना का लाभ सभी हितग्राहियों को मिले। गर्भवती, शिशुवती माताओं, बच्चों, किशोरी बालिकाओं का समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण करने और वजन लेने कहा।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा बस्तर अंचल के सुदूर वनांचल विशेषकर नक्सल प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाएं और वनवासियों को सरकार की योजनाओं का बिना किसी व्यवधान के लाभ पहुंचाने के प्रयास सफल होने लगे हैं। शासन की नियद नेल्लानार से सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांवों में अब यह सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी है।बैठक में महिला बाल विकास विभाग की संचालक सुश्री तुलिका प्रजापति और महिला बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय महानदी भवन में बुधवार को मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव तथा अवर सचिव की निजी स्थापना में पदस्थ स्टेनो संवर्ग, स्टाफ ऑफिसर, निज सचिव, निज सहायक, शीघ्रलेखक, स्टेनो टायपिस्ट सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 विषय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज सूचना क्रांति के दौर में नित नई-नई सूचनाएं हमें मिलती रहती है। उन्होंने कहा कि शासन के नियमों और अधिनियमों की जानकारी सभी शासकीय सेवकों को मिलनी चाहिए। निजी स्टाफ को शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण जानकारी के रूप में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 से परिचित होना जरूरी है। उन्हें जन सूचना अधिकारी व अपीलीय अधिकारी के नाम व विभाग में किस पद पर कार्यरत है, उसकी जानकारी होना चाहिए ताकि वह सीधे संबंधित अधिकारी से पत्राचार कर सके। निजी स्टाफ जितना जानकार होगा, शासन-प्रशासन के कार्यों में और अधिक पारदर्शी व तेजी से कार्य का संचालन संभव होगा। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 शासन-प्रशासन की पारदर्शिता एवं जवाबदेही हेतु मुख्यालय से लेकर हर स्तर पर शासकीय कार्यालय में लागू किया गया है, जिसे जानना हर एक शासकीय सेवक का दायित्व एवं कर्तव्य है।छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग से प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित डॉ. गीता दीवान, श्री अतुल वर्मा, श्री जे. अग्रवाल व श्री लोकेश के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत् प्राप्त होने वाले पत्रों की जानकारी, उस पर कार्यवाही तथा जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी के दायित्वों व कर्तव्यों से संबंधित विषय पर विभिन्न विभागों के उदाहरण के साथ विस्तार से जानकारी दी गयी। सामान्य प्रशासन विभाग की अवर सचिव श्रीमती अंशिका ऋषि पाण्डेय के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की विभिन्न धाराओं की जानकारी के बारे में प्रशिक्षणाथियों से सवाल-जवाब किया गया। साथ ही प्रशिक्षण के बारे में फीडबैक भी प्रदान करने कहा गया ताकि आने वाले समय में और अधिक प्रभावी रूप से अधिकारियों-कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।प्रशिक्षण सत्र के अंत में श्री देवलाल भारती, अवर सचिव इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा राज्य सूचना आयोग के प्रशिक्षकों के साथ ही सभी उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण में भाग लेने तथा सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा अधिक सजग एवं जागरूक करने के उद्देश्य से सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 विषय पर प्रशिक्षण कार्यकम आयोजन करने के लिए आभार व्यक्त किया गया। साथ ही ऐसे प्रशिक्षण हर एक स्तर पर शासकीय सेवकों को दिए जाने के लिए कहा गया।
- -राजस्व अधिकारी नामांतरण सीमांकन के प्रकरणों की समीक्षा कर बरसात के पहले निराकरण की करें कार्यवाही-लोगों के छोटे-छोटे कार्यों को अधिकारी दें प्राथमिकता : श्री जायसवालरायपुर। , लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं बीस सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि जिला कलेक्टर प्रत्येक साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा करें। राजस्व अधिकारी नामांतरण सीमांकन के प्रकरणों की समीक्षा कर बरसात के पहले निराकरण की कार्यवाही करें। लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं, जिससे आमजन को लाभ हो। आमाखेरवा में जो भी कार्यालय बनने वाले हैं उनका जिला अधिकारी संयुक्त सर्वे कर जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजे।उन्होंने विभिन्न विभागों को अनुपूरक बजट में कार्य जोड़ने के लिए प्रस्ताव जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने राजस्व अमला से कहा कि जिले में जहां भी सामुदायिक उपयोग के जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है। उसको पहले सख्ती से रोके। उन्होंने जिले में जितने भी वन अधिकार पत्र के पट्टे बटने है। उनका निराकरण यथाशीघ्र करने के निर्देश दिये।स्वास्थ्य मंत्री ने चिरमिरी नगर निगम आयुक्त को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर पंचायत लेदरी, खोंगापानी, मनेंद्रगढ़ तथा झगराखाड़ में पानी एवं बरसात से पहले छोटे मोटे नालों की साफ-सफाई करने के लिए पीएचई, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग तथा एसईसीएल के अधिकारियों की संयुक्त बैठक कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने सहकारिता एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने किसानों कम मात्रा में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में मिलेट बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मिलेट्स के तहत कोदो- कुटकी, रागी, ज्वार, दलहन, तिलहन आदि फसलों के रकबा को बढ़ाने के निर्देश दिए तथा किसानों को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को समय पर मानक बीज, खाद, कीटनाशक दवाई आदि वितरण सुनिश्चित हो।श्री जायसवाल ने जल संसाधन विभाग को साजाखाड़, सलका, अंजनी जलाशय, सिंघत, बरदर जलाशय के नहर लाइन को ठीक करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिले में आय, जाति, निवास, आधार, आयुष्मान कार्ड के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में माह में एक-एक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की दीर्घकालीन रूप से आप जो भी कार्य करें उसे अच्छे से करें। लोगों के छोटे-छोटे कार्यों को प्राथमिकता से करें। जिलाधिकारी ऐसे लोगों के लिए प्रत्येक ब्लॉक में कैम्प लगाकर उनके कार्यों को कराना सुनिश्चित करें। इसी तरह उन्होंने लोक निर्माण विभाग, खनिज, श्रम, उद्योग, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायत सहित विभिन्न शासकीय विभागों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- -आम जनता से जुड़ी योजनाओं की प्राथमिकता के साथ की जाएगी समीक्षा-कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास, मत्स्य पालन और दुग्ध महासंघ की समीक्षा 13 जून-स्वास्थ्य सेवाएं तथा चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा 14 जून को-लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा गृह एवं जेल विभाग की समीक्षा 15 जून कोरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रशासनिक काम-काज में कसावट लाने के लिए विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकों का सिलसिला 13 जून से शुरू कर रहे हैं। इन बैठकों में आम जनता से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण पिछले तीन माह से प्रशासनिक काम-काज की गति कुछ धीमी हो गई थी। मुख्यमंत्री श्री साय विभागों की समीक्षा कर काम-काज में गति लाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विभागीय सचिवों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे।मुख्यमंत्री श्री साय 13 जून को अपने निवास कार्यालय में दोपहर 01 बजे से कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा अपरान्ह 03 बजे से पशुधन विकास, मत्स्य पालन और दुग्ध महासंघ के काम-काज की समीक्षा करेंगे। संबंधित विभागों के सचिवों को विभागीय गतिविधियों और संचालित योजनाओं की अद्यतन जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री खरीफ फसलों की तैयारी, खाद-बीज के भण्डारण, वितरण, विभागीय योजनाओं की समीक्षा करेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय 14 जून को मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर में पूर्वान्ह 11.30 बजे स्वास्थ्य सेवाएं तथा अपरान्ह 03 बजे चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की बैठक में आयुष्मान भारत सहित आम जनता को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा होगी। समीक्षा बैठक में इसी क्रम में मुख्यमंत्री 15 जून को अपने निवास कार्यालय में पूर्वान्ह 11.30 बजे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा अपरान्ह 02 बजे गृह एवं जेल विभाग की समीक्षा करेंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी।
- - रोज लगातार विभागों की समीक्षा बैठकें-शुरूआत होगी खेती-किसानी की तैयारियों से-स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता पर भी होगी बात-राज्य की कानून व्यवस्था का भी जानेंगे हालरायपुर // छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में विकास कार्यों की रफ्तार और तेज करने के लिए विभिन्न विभागों में चल रहे कामकाज की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। कल 13 जून से वे लगातार एक के बाद एक महत्वपूर्ण विभागों की बैठकें लेंगे और शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यों के संबंध में दिशा-निर्देश देंगे।मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा बैठकों की शुरूआत 13 जून को कृषि एवं उद्यानिकी तथा पशुधन विकास, मत्स्य पालन, दुग्ध महासंघ जैसे विभागों एवं संगठनों की समीक्षा के साथ की जाएगी। राज्य में शीघ्र ही मानसून के सक्रिय होने की संभावना है, इसे देखते हुए खेती-किसानी के काम में तेजी आ चुकी है। श्री साय किसानों को पहले ही आश्वस्त कर चुके हैं कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण खाद एवं बीजों की अबाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा उद्यानिकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तरह पशुधन विकास और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की पहचान देश के प्रमुख मछली उत्पादक राज्य के रूप में होती है। राज्य सरकार मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर चुकी है।14 जून को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि प्रशासन की समीक्षा बैठकें लेंगे। इन बैठकों में वर्षा काल में होने वाली बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों एवं दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में वे जानकारी देंगे एवं आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।15 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, गृह एवं जेल विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। वर्षा काल में दूरदराज के क्षेत्रों में भी पीने के साफ पानी की उपलब्धता के संबंध में वे तैयारियों की समीक्षा करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इसी तरह गृह एवं जेल विभाग की बैठक में वे राज्य की कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
- -प्रदेश भर के 180 खिलाड़ी आजमाएंगे अपना भाग्य-आशीष शर्मा स्मृति राज्य स्तरीय शतरंज स्पर्धारायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़ी इनामी राशि वाले स्विस लीग शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ आज 13 जून को शाम 4 बजे विप्र महाविद्यालय (पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर) रायपुर में होगा।शतरंज के त्यौहार के रूप में होने वाली इस स्पर्धा का उद्घाटन नगर निगम रायपुर लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा , नगर निगम रायपुर के सभापति श्री प्रमोद दुबे एवम भूतपूर्व विश्वविद्यालय शिक्षण संघ के अध्यक्ष श्री अविनाश शुक्ला करेंगे।रायपुर जिला शतरंज संघ के सचिव नवीन शुक्ला ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रायपुर जिला शतरंज द्वारा मितान ,ग्रीन आर्मी एवम विप्र महाविद्यालय के सहयोग स आयोजित इस स्पर्धा में कुल 70300/- कैश प्राइज तथा 8 मोमेंटो एवं 36 ट्रॉफी तथा 135 मेडल को मिलाकर लगभग एक लाख पच्चीस हजार रुपये इनाम के रूप में दिए जाएंगे।इस स्पर्धा में अभी तक कुल 180 प्रतिभागियों की एंट्री आ गई हंै और देर रात तक कुल 200 प्रतिभागियों के आने की संभावना है। स्पर्धा में रायपुर के अलावा बस्तर, कवर्धा,कबीरधाम, महासमुंद, दुर्ग,भिलाई, राजनांदगांव ,धमतरी,शक्ति, रायगढ़ ,बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के सुदूर हिस्सों से खिलाड़ी भाग ले रहे है।मुख्य ओपन वर्ग एवम बालिका वर्ग के अलावा रायपुर जिले के अंडर 7 अंडर 9 अंडर 11 अंडर 13 वर्ग बी के प्रतियोगियों को प्रोत्साहन देने के लिए अलग से पुरुस्कार प्रदान किये जायेंगे।प्रतियोगिता 7 चक्रों में खेली जाएगी। इस स्पर्धा के प्रतियोगिता निर्देशक जिला शतरंज संघ के सचिव श्री नवीन शुक्ला एवम अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्री आनंद अवधिया हंै । मुख्य निर्णायक फिडे ऑर्बिटर एवं फिडे इंस्ट्रक्टर श्री रोहित यादव हंै और सहायक निर्णायक के रूप में सीनियर नेशनल ऑर्बिटर श्री दिव्यांशु उपाध्याय,श्रीमती राजेश्वरी ध्रुववंशी,श्रीमती हेमा नागेश्वर तथा श्री अनूप झा होंगे ।आयोजन समिति में आशुतोष शर्मा(अध्यक्ष मितान),मेघेश तिवारी(प्राचार्य विप्र महाविद्यालय), अमिताभ दुबे (संस्थापक ग्रीन आर्मी) नवीन शुक्ला(सचिव रायपुर जिला शतरंज संघ) एम चन्द्रशेखर, संदीप दीवान , गौरव दीवान , अजय पांडे, विवेक शर्मा, विकास शर्मा, तुषार तिवारी, शिवांश शुक्ला, सुयश शर्मा, संजय परमार, सौरभ शर्मा , नीतीश शुक्ला, कैलाश शर्मा समेत ग्रीन आर्मी , मितान ,विप्र महाविद्यालय और रायपुर जिला शतरंज संघ के सभी सदस्य शामिल है।
- -209 गांवों, सहित 80,000 उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभरायपुर, । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा विद्युत अधोसंरचना विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनियों के कार्यों में तेजी दिखाई पड़ने लगी है, जिसके तहत आज पाटन जिला दुर्ग में 220/132 के.वी. विद्युत उपकेंद्र तथा 160 एम.वी.ए. का ट्रांसफार्मर प्रबंध निदेशक, पारेषण कंपनी श्री राजेश कुमार शुक्ला द्वारा ऊर्जीकृत किया गया। प्रदेश के ऊर्जा सचिव तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनियों के अध्यक्ष श्री पी. दयानंद ने इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए अन्य कार्यों को भी अतिशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए है।पाटन में इस अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र के ऊर्जीकृत होने से धमतरी, दुर्ग तथा रायपुर जिलों के विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इस उपकेंद्र से नवनिर्मित 132/33 के.वी. उपकेंद्र अमलेश्वर को विद्युत सप्लाई दी जाएगी एवं भविष्य में 132/33 के.वी. उपकेंद्र अंडा, जामगांव, अर्जुनी, भखारा, भिलाई, रूआबांधा एवं 220/132 के.वी. उपकेंद्र डोमा को भी विद्युत प्रदाय किया जाएगा। इस उपकेंद्र के बनने से इस क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ होगी एवं विद्युत व्यवधान में कमी आएगी। यह अत्यंत महत्वपूर्ण उपकेंद्र होगा। यहाँ से 12 नग फीडर निकलेंगे जो कि रायपुर, भिलाई, दुर्ग, धमतरी जिलों को सुविधा प्रदान करेंगे। इस विद्युत उपकेंद्र के ऊर्जीकृत होने से 209 गांवों, 2 नगर पंचायतों, 2 नगरपालिका निगमों के लगभग 80,000 विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इस कार्य की लागत 58 करोड़ रुपये से अधिक है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के कार्यपालक निदेशकगण श्री के.एस. मनोटिया, श्री राजेश चंद्र अग्रवाल, श्री एम.एस. चौहान, मुख्य अभियंतागण श्री डी.के. तुली, श्री जी. आनंदराव, श्री अविनाश सोनेकर, श्री ए.के. अंबस्थ, श्री आर.एम. जामुलकर, अतिरिक्त मुख्य अभियंतागण श्रीमती चंद्रकला गिडवानी, श्री वी.के. दीक्षित, अधीक्षण अभियंतागण श्री पी पी सिंह एस.के. लखेरा, श्री मनोज राय तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्रा की सोशलमीडिया फोटो का इस्तेमाल कर उनके मित्रों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे जा रहे हैं। अज्ञात व्यक्ति व्दारा सोशल मीडिया में श्री मिश्रा की प्रोफाइल फोटो (डीपी) लगाकर धोखाधड़ी की आशंका है। श्री मिश्रा ने इससे सावधान रहने और भ्रमित नहीं होने की अपील की है। श्री मिश्रा ने कहा कि ऐसे किसी तरह के मैसेज प्राप्त हो तो उसमें प्रतिक्रिया ना दें। ऐसे फर्जी व्यक्तियों से सावधान रहे धोखाधड़ी हो सकती है। इस संबंध में साइबर पुलिस को भी समुचित कार्रवाई करने के लिए सूचित किया गया है।
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रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और रायपुर संसदीय क्षेत्र से नव निर्वाचित सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री साय आज ओडिशा के नए मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर पहुंचे थे।
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रायपुर /छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी की मुख्य/ अवसर परीक्षाएं वर्ष में तीन बार आयोजित होगी। प्रथम परीक्षा माह अप्रैल में, द्वितीय परीक्षा माह अगस्त में एवं तृतीय परीक्षा माह नवम्बर में आयोजित की जाएगी। वर्ष 2024 प्रथम परीक्षा माह अप्रैल की भांति द्वितीय परीक्षा एवं तृतीय परीक्षा में सामान्य, क्रेडिट, आर.टी.डी एवं अवसर के परीक्षार्थी नियमानुसार सम्मिलित हो सकते है।
राज्य ओपन स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि अगस्त 2024 में आयोजित होने वाली द्वितीय परीक्षा हेतु सामान्य शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून 2024 तक तथा 01 जुलाई से 05 जुलाई 2024 तक विलंब शुल्क के साथ अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसी प्रकार नवम्बर 2024 में आयोजित होने वाली तृतीय परीक्षा हेतु सामान्य शुल्क के साथ 01 सितम्बर 2024 से 05 अक्टूबर 2024 तक तथा 06 अक्टूबर 2024 से 10 अक्टूबर 2024 तक विलंब शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। - -ओडिशा के नए मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी को दी शुभकामनाएं-उप मुख्यमंत्री द्वय सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी दी बधाईरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम भुवनेश्वर के जनता मैदान में आयोजित ओडिशा के नये मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री माझी को पुष्प गुच्छ भेंटकर अपनी शुभकामनाएं दीं। साथ ही ओडिशा के नए उप मुख्यमंत्री द्वय के रूप में शपथ लेने वाले श्री के. वी. सिंहदेव और श्रीमती प्रवती परिदा सहित मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सभी मंत्रिगणों को भी अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी के कुशल नेतृत्व में ओडिशा राज्य निश्चित ही विकास के हर मानकों पर खरा उतरेगा। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी से कामना करता हूँ कि वन संपदा, खनिज संपदा और मेहनतकश लोगों से परिपूर्ण यह राज्य उत्तरोत्तर प्रगति करे, तरक्की के नए आयाम गढ़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकसित भारत बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने में ओडिशा राज्य भी अपनी महत्वपूर्ण और प्रभावी भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य होने के नाते ओडिशा से हमारे आत्मीय संबंध हैं। हम ओडिशा और छत्तीसगढ़ के साझा हित और परस्पर विकास की दिशा में समर्पित होकर कार्य करेंगे।
- -कहा- जीत में मुख्यमंत्री के चुनाव प्रचार का बड़ा योगदान-ओडिशा में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बुधवार को ओडिशा राज्य के नए मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी एवं उनके मंत्रिगणों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय से ओडिशा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए अनेक नवनिर्वाचित विधायकों ने भुवनेश्वर में सौजन्य मुलाकात कर उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी का अभिवादन स्वीकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन पर शुभकामनाएं दी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सघन चुनाव प्रचार किया था और इन इलाकों में भाजपा प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की है। इसी आशय के साथ ही ओडिशा के नव निर्वाचित विधायक मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करने उनसे मिलने पहुंचे थे।मुख्यमंत्री श्री साय से विधायकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल ओडिशा का पड़ोसी राज्य है, बल्कि प्रदेश का बड़ा इलाका छत्तीसगढ़ से अपनी सीमा साझा करता हैं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच मजबूत सांस्कृतिक, सामाजिक संबंध है। बड़े पैमाने पर व्यापारिक गतिविधियां भी दोनों राज्यों के बीच संचालित होती हैं। दोनों राज्यों के हित परस्पर जुड़े हुए हैं, जिसका प्रभाव चुनाव पर भी पड़ता है। विधायकों ने मुख्यमंत्री श्री साय से कहा कि ओडिशा से आपका स्नेह सहज ही दिखता है। छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आपने ओडिशा सहित अन्य राज्यों में लगातार चुनाव प्रचार किया। ओडिशा राज्य में आपके द्वारा किए गए चुनाव प्रचार के परिणाम स्वरूप 24 सालों से सत्ता पर काबिज नवीन पटनायक की सरकार को दर किनारे कर विधानसभा चुनाव में पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल करने में कामयाब रही। लोक सभा चुनाव में भी पार्टी ने ओडिशा में 20 सीटें हासिल की है। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि मुझे आप सभी से और ओडिशा की जनता से उतना ही स्नेह मिलता है, जितना मेरे छत्तीसगढ़ के नागरिकों से मुझे मिलता रहा है। ओडिशा में डबल इंजन की सरकार बन गई है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ की कृपा से निश्चय ही ओडिशा तेजी से विकसित राज्य की श्रेणी में खड़ा होगा और प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के विकसित भारत के विजन को पूरा करने में महत्वपूर्ण साझेदारी करेगा।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बुधवार को यहाँ उनके निवास कार्यालय में बस्तर लोकसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद श्री महेश कश्यप ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को उपहार स्वरूप काष्ठ शिल्प से निर्मित भगवान श्री राम की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्री कश्यप को लोकसभा सांसद निर्वाचित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।
- -श्री डोमार अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनाने में हुआ सक्षमदुर्ग, /प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) पूरे छत्तीसगढ़ में लाखों लोगों को किफायती दरों में आवास प्रदान करने में सहायक रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना लागू होने से लोगों को बुनियादी सुविधाओं के साथ घरों के निर्माण के लिए पात्र ग्रामीण और शहरी परिवारों को सहायता प्रदान करती है। ऐसी ही एक लाभार्थी की विशिष्ट सफलता की कहानी बताई जा रही है।जनपद पंचायत दुर्ग के एक छोटे से गांव कोड़िया के हितग्राही श्री डोमार साहू पिता श्री प्रेम साहू और उनके परिवार का आवास कुछ साल पहले तक एक जीर्ण-शीर्ण मिट्टी के घर में रहते थे, बरसात के दिनो में छत से पानी रिसाव होता था, जिससे परिवार को बहुत संर्घष का सामना पड़ता था। श्री डोमार जीवन यापन के लिए दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करता था और अपने परिवार के लिए उचित घर जुटाने के लिए संघर्ष करता था। जब श्री डोमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में सुना तो उन्होंने आवेदन करने का फैसला किया। उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्र किए और अपना आवेदन जमा करने के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय (ग्राम पंचायत) में आवेदन जमा किया। कुछ महीनों तक उत्सुकतापूर्वक प्रतीक्षा करने के बाद डोमार को वह समाचार मिला जिसकी वह आशा कर रहा था। उसका आवेदन स्वीकृत हो गया।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता से श्री डोमार अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनाने में सक्षम हुआ। नए घर में उचित दीवारें थीं, एक छत थी जो टपकती नहीं थी, और बिजली और पानी के कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं थीं। इससे न केवल उनकी जीवन स्थितियों में सुधार हुआ बल्कि उन्हें सुरक्षा और सम्मान की भावना भी मिली। आज श्री डोमार को अब मानसून के मौसम या कठोर सर्दियों के दौरान अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता नहीं है। उनके बच्चों के पास पढ़ने के लिए एक आरामदायक जगह है, और वह अपर्याप्त आवास के निरंतर बोझ के बिना उनके भविष्य को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। श्री डोमार की कहानी इस बात के कई उदाहरणों में से एक है कि कैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) पूरे छत्तीसगढ़ में लोगों के जीवन को बदल रही है, उन्हें एक अच्छा घर का निर्माण करने और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने का अवसर प्रदान कर रही है।
- दुर्ग / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग द्वारा जिले में नियोजक द्वारा उपलब्ध 30 रिक्त पदों को भरने के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 14 जून 2024 को सुबह 10.30 बजे से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में नियोजक गलोबल बायो साइंस बोरसी दुर्ग द्वारा सर्विस इंजीनियर के 3, अकाउंटेंट के 1 एवं क्षेत्रीय ग्रामीण फाइनेंस सर्विस प्रा.लि. द्वारा सेल्स एक्जीक्यूटिव केे कुल 60 पदों पर भर्ती की जाएगी।जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उपसंचालक श्री आर.के. कुर्रे के अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण एवं अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, राशन कार्ड) रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग. निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित हो सकते है। पदों, योग्यता, आयु एवं अनुभव से संबंधित जानकारी आवेदक प्लेसमेंट केम्प स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं।
- -संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंर्तराष्ट्रीय खेल दिवस में बच्चों, पालकों एवं समुदाय के लोगों ने ली हिस्सेदारीदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अंर्तराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विभिन्न पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। युवोदय स्वयंसेवकों के द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से ’परवरिश के चैंपियन (पालन पोषण चैंपियन) के तहत खेल के महत्व पर सभी आँगनबाड़ी केंद्रों में सत्र आयोजित किया गया। यनिसेफ इकाई दुर्ग के द्वारा आज जिला प्रशासन, समुदाय एवं पालकों के साथ संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित पहले अंर्तराष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया। यह वैश्विक अभियान बच्चों के समग्र विकास में खेल के महत्व को बताता है। इस आयोजन में आँगनबाड़ी केंद्र के बच्चों, पालकों एवं समुदाय के सहयोग से युवोदय स्वयं सेवकों के द्वारा विभिन्न खेल का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से चिड़िया उड़, गोटा, बिल्लस, नदी पहाड़, नौ गोटिया, भौरा, कुढ़ील, बाघ-बकरी, पंजा लडाई, रेसटीप, भोटकुल, तिरी पासा, इंकी पिंकी व्हाट कलर, रस्सी कूद आदि खेलो का आयोजन किया गया। खेल में बच्चों के साथ पालकों के द्वारा भी विभिन्न खेलों में हिस्सेदारी ली गई।यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की शिक्षा विशेषज्ञ छाया कुवर ने कहा कि, “खेल हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। यह उनके संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक, और भावनात्मक कल्याण में योगदान देता है। खेल बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक क्षेत्रों में सीखने के अवसर पैदा करता है। खेल के माध्यम से बच्चे दूसरों से संबंध बनाते हैं, नेतृत्व कौशल में विकसित करते हैं, चुनौतियों का सामना करते हैं और अपने डरों को जीतते हैं।” यूनिसेफ छत्तीसगढ़ ने इस दिन को मनाने के लिए राज्य के चयनित जिलों में कई गतिविधियों का आयोजन किया है। स्कूल, ए.डब्ल्यू.सी. और सार्वजनिक स्थानों पर हंसी और आनंद का केंद्र बनाया जाएगा, जहां बच्चे विभिन्न स्थानीय खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ यूनिसेफ छत्तीसगढ़ श्री अभिषेक सिंह ने कहा “खेल बच्चों के जीवन में सृजनात्मकता, नवाचार, और नेतृत्व को बढ़ावा देता है। जब बच्चे खेलते हैं, तो वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हैं। इन उद्देश्यों के साथ, चलिए 11 जून को अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस का जश्न मनाते हैं, हमारे स्कूलों, घरों, और पड़ोस में बच्चों के साथ खेल की गतिविधि में शामिल होकर और उनके शारीरिक और मानसिक विकास का समर्थन करते हैं,”संग्या टंडन अरपा सामुदायिक रेडियो बिलासपुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशन आज इस अभियान का हिस्सा हैं और समुदाय के साथ माता-पिता की भूमिका और खेल के महत्व पर संवाद कर रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम कोलिहापूरी युवोदय ब्लॉक समन्वयक प्रगति मोहबे एवं युवोदय स्वयं सेवको के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित खेल का आयोजन किया गया जिसमे लगभग 150 समुदाय के प्रतिभागियों ने हिस्सेदारी ली। कार्यक्रम के आयोजन में युवोदय स्वयं सेवक दुर्ग की विशेष भूमिका रही।
- - धान के उठाव के साथ आगामी खरीदी हेतु बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें अधिकारी- वर्षा जल संचयन हेतु जिले में हो बेहतर कार्य- प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत हो वृक्षारोपण- नये शिक्षा सत्र में शाला प्रवेश से कोई भी बच्चा न रहे वंचितदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा है कि समय-सीमा के प्रकरण निर्धारित समय अवधि में निराकरण किया जाए। लंबित प्रकरण शीघ्र निपटायें अधिकारी। उन्होंने आज समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारियों की बैठक में विभागवार समय-सीमा प्रकरण, जनचौपाल, पीजीएन और सार्थ-ई पोर्टल में लंबित आवेदनों की विभागवार गहन समीक्षा की। उन्होंने पीजीएन के एक वर्ष तक लंबित प्रकरण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरण शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले के सहकारी समितियों में खाद एवं खरीफ धान बीज की भंडारण एवं वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों के आवश्यकता के मुताबिक खाद एवं बीज उपलब्ध करायी जाए। इसी प्रकार समितियों में शेष बचे धान का उठाव हेतु मिलर्स को प्रेरित करें। उन्हांेने आगामी धान खरीदी हेतु अभी से बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने डीएमओ को निर्देशित किया। कलेक्टर ने जिले में वर्षा जल संचयन के संबंध में फाईट द बाईट और कैच द रैन की जानकारी ली। उन्होंने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कहा कि जिले में वर्षा जल संचयन हेतु बेहतर कार्य होना चाहिए। नगरीय निकायों में नालों की सफाई एवं रैनवॉटरहैस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा तथा ग्राम पंचायतों में जनजागरूकता के साथ तालाबों एवं सोखपिट की सफाई पर विशेष जोर दिया जाए। लोगों को जल संरक्षण के महत्व बतायी जाए। कलेक्टर ने मानसून सत्र में वृक्षारोपण हेतु अधिकारियों को विभागवार प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत पौधरोपण हेतु स्थान चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधे वन विभाग एवं जनसहयोग से उपलब्ध कराए जाएंगे। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने शाला प्रवेशोत्सव की जानकारी ली। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के साथ 18 जून से शाला प्रवेशोत्सव सभी शालाओं में प्रारंभ हो जाएगा। 22 एवं 23 जून को विकासखण्ड स्तरीय उत्सव तथा 25 जून को जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर ने शाला प्रवेशोत्सव में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने एवं व्यवस्था हेतु संबंधित जनपद सीईओ और एसडीएम को निर्देशित किया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि नये शिक्षा सत्र में शाला प्रवेश से कोई भी बच्चा वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को स्वीकृत निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के साथ जो निर्माण कार्य पूर्ण हो गये है, उन्हें संबंधित विभाग को हैण्डओवर करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार डीएमएफ के कार्यों का यूसी/सीसी उपलब्ध कराने विभागों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि केन्द्र सरकार की महिला लखपति योजना अंतर्गत विभागीय योजनाओं के हितग्राही महिला/समूहों को अधिक से अधिक लाभान्वित कराने आवश्यक पहल किया जाए। बैठक में सीएसपीडीसीएल द्वारा विद्युत सबस्टेशन निर्माण हेतु जमीन की उपलब्धता एवं विभागों में लंबित विद्युत देयक बिल भुगतान पर भी चर्चा की गई। बैठक में डीएफओ श्री चन्द्रशेखर परदेशी, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी सहित सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।



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