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- दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने नगरीय निकाय/त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 की संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष बनाने तथा निर्वाचन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से दिशा-निर्देश प्रसारित किए गए हैं।निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने तक दुर्ग जिले के निर्वाचन होने वाले नगरीय निकायों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त अधिकारों के तहत अस्त्र शस्त्र, लाठी, बल्लम, धारदार हथियार, ज्वलनशील पदार्थ एवं अन्य विस्फोटक सामग्री लेकर चलने, रखने एवं उन्हें प्रदर्शित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उक्त आदेश का प्रसारण अपने अपने थाना क्षेत्र एवं संबंधित नगरीय निकाय के संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार करें। लायसेंसशुदा अस्त्र शस्त्र को लेकर चलने, अपने पास रखने एवं प्रदर्शित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। किसी अन्य प्रदेश या अन्य जिले का व्यक्ति भी उपरोक्त अवधि में अपना लायसेंस शुदा शस्त्र लेकर चुनाव होने वाले नगरीय निकाय के संबंधित क्षेत्र में नहीं चल सकता। यह आदेश केवल वर्दीधारी पुलिस तथा सेना के जवानों पर लागू नहीं होगा।*लायसेंस शुदा अस्त्र शस्त्रों को थाने में सुरक्षित जमा कराना होगा*चुनाव होने वाले नगरीय निकाय के क्षेत्र के लायसेंस धारकों के अस्त्र शस्त्र माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिप्रेक्ष्य में तत्काल थाने में जमा कराएं, प्रत्येक लायसेंसधारी को निर्धारित फार्म में पावती दी जाएगी। चुनाव संपन्न होने तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त अधिकारों के तहत जारी प्रतिबंधात्मक अवधि की समाप्ति के बाद जमा अस्त्र शस्त्र संबंधित लायसेंस धारकों को वापस किए जा सकते हैं।*आपराधिक तत्वों की धरपकड़*गड़बड़ी फैलाने वाले आपराधिक तत्वों की धरपकड़ प्रारंभ कर दी जाए, ताकि निर्वाचन कार्य शांतिपूर्वक एवं निर्विघ्न संपन्न हो सके। आदतन अपराधी गुण्डा एवं सांप्रदायिक दंगा फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही तत्काल प्रभाव से अमल में लाया जाये। विभिन्न न्यायालयों से प्राप्त वारंट्स की तामिली अभियान चलाकर पूर्ण की जाए एवं अपराधियों को हिरासत में लिया जाए, चूंकि इस प्रकार गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की जानकारी छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर को प्रतिदिन दी जानी होगी। जिन व्यक्तियों की धरपकड की जाती है तो उनकी जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय को अनिवार्य रूप से देना होगा ताकि उसकी सूचना छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, रायपुर को दी जा सके।*शराब बिक्री पर प्रतिबंध*मतदान की तिथि से दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन तक मदिरा के विक्रय पर प्रतिबंध रहेगा। आपको यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिबंध अवधि में किसी भी दशा में मदिरा का विक्रय न हो। यदि मदिरा विक्रय होता हुआ पाया जाता है तो मदिरा को तत्काल जब्त कर संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।*शराब दुकान*चुनाव अवधि के दौरान यह सुनिश्चित करें कि जिले के निर्वाचन क्षेत्र के भीतर शराब दुकान, बीयर बार तथा एफ.एल.-2 एवं एफ. एल-3 दुकाने एवं होटल रात्रि में निर्धारित समय पर बंद हो जाए। इस कार्य हेतु स्थानीय आबकारी अधिकारी/कर्मचारी आवश्यक कार्यवाही करेंगे।*कानून व्यवस्था का दैनिक प्रतिवेदन*निर्वाचन प्रकिया प्रारंभ होने से लेकर मतगणना की समाप्ति तक प्रतिदिन कानून व्यवस्था संबंधित प्रतिवेदन जिला कार्यालय से छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर को नियमित रूप से भेजना होगा। इस हेतु अपराधिक तत्वों के विरूद्ध की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का विवरण, वाहनों की जांच, अवैध शराब बिकी को रोकने के लिए की गई कार्यवाही, अवैधानिक हथियार एवं अन्य आग्नेय शस्त्रों की जब्ती, कार्यवाही का विवरण, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त अधिकारों के उल्लंघन प्रकरणों का विवरण, सीमावर्ती चौकी पर हुई जांचों में जब्त किए गए हथियार, शराब, विस्फोटक पदार्थों का विवरण तथा वाहनों में जा रहे असामाजिक तत्वों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण, संपत्ति विरूपण की घटनाओं का विवरण, चुनाव से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण या हिंसक घटनाएं, अन्य महत्वपूर्ण विश्लेषण जिससे कि यह पता चल सके कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए कानून व्यवस्था की स्थिति अनुकूल है, बिन्दुओं पर दैनिक रिपोर्ट जिला दण्डाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक को भेजी जाए तथा उनकी अनुपस्थिति में तहसीलदार एवं थाना प्रभारी के संयुक्त हस्ताक्षर से भेजा जाना होगा। कई स्थानों के कार्यपालन दण्डाधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की ओर से जो दैनिक प्रतिवेदन भेजे जाते हैं, उसमें केवल (क्षेत्र में शांति) का उल्लेख रहता है। यह सर्वथा अनुचित है। उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर स्पष्ट जानकारी देकर रोज शाम 6 बजे के पूर्व वायरलेस मैसेज जिला दण्डाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को भेजना होगा।*संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर सतर्कता*जिले के संवेदनशील केन्द्रों की सूची बनाई जा चुकी है। चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची अंतिम होने के बाद इस बात का पुनः परीक्षण कर लिया जाए कि किसी क्षेत्र में चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की स्थिति को देखते हुए कोई नया मतदान केन्द्र पहले की अपेक्षा ज्यादा संवेदनशील तो नहीं बन गया हो, यदि ऐसा पाया जाता है तो ऐसे केन्द्रों का विवरण भी आप तत्काल जिला दण्डाधिकारी, उपजिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को लिखित में दें ताकि उन केन्द्रों पर समय रहते उचित सुरक्षा का प्रबंध किया जा सके।जिन संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर आपको गडबडी की आशंका हो वहां पर मतदान केन्द्रों के चारों तरफ बेरीकेटिंग आवश्यक रूप से की जाए ताकि मतदाताओं की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। बेरीकेटिंग करने के लिए आप स्थानीय लोक निर्माण एवं वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों की सहायता ले। ऐसे मतदान केन्द्र जिनके भवन बहुत ही छोटे हैं, पर भी मतदान के लिए बेरीकेटिंग की जा सकती है। आपको ऐसे मतदान केन्द्रों पर बेरीकेटिंग लोक निर्माण विभाग एवं वनविभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय करके करनी होगी।*जुलूस तथा आम सभा का विनिमयन तथा नियंत्रण*निर्वाचन अवधि में विभिन्न प्रत्याशियों अथवा राजनैतिक दलों द्वारा कई स्थानों पर राजनैतिक दलों द्वारा जुलूसों और आम सभा का आयोजन किया जाता है। आदर्शआचरण सहिंता का पालन करते हुए आयोजकों को ऐसे जुलूस तथा आमसभा के आयोजन के पूर्व सक्षम प्राधिकारी जो कि अनुविभागीय दण्डाधिकारी/उप पुलिस अधीक्षक है से पूर्व अनुमति लेनी होगी। जूलूस तथा आम सभा के लिए अनुमति देते समय इस बात का ध्यान रखा जाये कि उसे अनुमति देने से उस क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति में बाधा तो उत्पन्न नहीं होगी। अनुमति देने हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों के लिए निर्धारित फार्म में एक पंजी का संधारण किया जावें। यदि एक दिन, एक ही समय एक तथा एक ही स्थान पर एक से अधिक प्रत्याशी या राजनैतिक दलो के द्वारा सभा करने या जुलूस निकालने की अनुमति चाही जाती है ऐसे आवेदन एक ही समय प्रस्तुत होते हैं तो प्राधिकृत प्राधिकारी को चाहिए कि संबंधित आवेदकों को समक्ष में बुलाकर समझाईश देकर समय एवं स्थान को पृथक कराएं। किसी भी स्थिति में ऐसे प्रत्याशी /पार्टी आवेदक को अनुमति दी जाए जिसने आम सभा या जुलूस के लिए पहले आवेदन पत्र प्रस्तुत किया हो, किसी का आवेदन पत्र पहले प्राप्त हुआ है उसका निराकरण करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी को कोई शंका नहीं रह जायेगी। ऐसे हर अनुमति पत्र की प्रतिलिपि क्षेत्र के तहसीलदारों एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एवं थाना प्रभारी को भेजनी होगी। धार्मिक संस्थानों सरकारी मुलाजिमों के निवास एवं दफतरों के खुले स्थान में चुनाव सभा के लिए अनुमति देना वर्जित है। सभा का समय सामान्यतः सुबह 6.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक रहेगा।*निर्वाचन अभियान के लिए लाउडस्पीकर के उपयोग पर नियंत्रण*छ.ग. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के अनुसार सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त किए बिना कोई भी राजनैतिक दल का व्यक्ति अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता या कार्यकर्ता लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं कर सकता है। लाउडस्पीकर के उपयोग के अनुमति देने हेतु संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकरी/उप पुलिस अधीक्षक को उनके क्षेत्र के लिए प्राधिकृत किया जा रहा है। लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति वाहनों के चुनाव प्रचार हेतु एवं चुनाव सभाओं हेतु दी जायेगी। वाहनों पर लाउडस्पीकर उपयोग करने की अनुमति देते समय प्राधिकृत अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिस वाहन द्वारा निर्वाचन प्रचार प्रसार के लिए अनुमति दी गई है उस वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और वाहन का स्वरूप (जैसे जीप, टैम्पो, कार 704) की जानकारी अनुज्ञा पत्र में भरा जाए। अनुज्ञा पत्र की एक प्रतिलिपि संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार/थाना प्रभारी को भी दी जाए। लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति केवल प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक की ही दी जायेगी। यदि किसी राजनैतिक दल द्वारा बिना अनुमति प्राप्त किए या निर्धारित समय से बाहर लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है तो उस लाउडस्पीकर को तत्काल जब्त किया जाएगा।*चुनाव प्रचार में सरकारी वाहनों के प्रयोग पर प्रतिबंध*इस संबंध मे राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश चुनाव के प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट है। चुनाव घोषणा से लेकर चुनाव समाप्ति होने तक केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार के वाहन, केन्द्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम के वाहन, केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त क्षेत्र के उपक्रम के वाहन, स्थानीय निकायों के वाहन, नगर निगम, नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों के वाहन, विपणन बोर्ड (चाहे किसी भी नाम से) के वाहन, सहकारी समितियों के वाहन, जिला परिषद्, जनपरिषद्, या अन्य किसी निकायों जिसमें सार्वजनिक दलों का विनियोग किया गया हो, के शासकीय/अर्द्धशासकीय वाहनों के माध्यम से चुनाव प्रचार करना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा।वाहनों का तात्पर्य परिवहन के प्रयोजन के लिए आने वाले कोई भी वाहन चाहे वे यांत्रिक शक्ति से चलित हो या किसी अन्य शक्ति से, और इसमें जीप, कार, ट्रक, लारी, टेम्पो, आटोरिक्शा एवं बस आदि शामिल है। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह निर्देश भी दिये हैं कि चुनाव प्रचार के लिए ऊपर लिखित शासन और संगठनों के स्वामित्व के किसी भी प्रकार के वाहनों यथा हेलीकाप्टर, वायुयान, कार, जीप, आटोवाहन, नाव और एयरक्राफ्ट आदि के प्रयोग पूर्णतः निषेध हैं, यदि इन श्रेणी के वाहनों के दुरूपयोग का कोई भी प्रकरण आपके सामने आता हैं, तो तत्काल संबंधित वाहनों को जप्त करें और इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला दण्डाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दें।राज्य निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय भी लिया है कि ऊँचे दर्जे की सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की सुरक्षा के लिये एजेन्सी के द्वारा बताये गए अनुसार शासकीय वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन जब तक सुरक्षा एजेन्सी या पुलिस अधीक्षक लिखित में इसे न बताएं तब तक कोई अतिरिक्त वाहन सिक्यूरिटी के लिये नहीं लगाया जायेगा।*अभ्यर्थियों या उनसे संबंधित राजनैतिक दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा निर्वाचन प्रचार में लगाये गये वाहनों की सूची*अभ्यर्थी को चुनाव प्रचार के लिये उनके स्वयं के द्वारा, पार्टी के द्वारा तथा उनके सहयोगी एवं शुभचिन्तकों के द्वारा लगाये गये समस्त वाहनों का विवरण रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। विवरण में वाहन का पंजीयन क्रमांक वाहन का स्वरूप जिन नगरीय निकाय में प्रचार के लिये उपयोग किया जा रहा है, उसका नाम तथा ड्रायवर का नाम तथा वाहन के मालिक के नाम का ब्यौरा रहेगा। यदि एक बार वाहनों की सूची प्रस्तुत कर देने के बाद अभ्यर्थी या राजनैतिक दल को अतिरिक्त वाहनों के इस्तेमाल करने की आवश्यकता महसूस होती है तो वे अतिरिक्त वाहनों को वास्तविक रूप से उपयोग करने के 24 घंटे पहले रिटर्निंग अधिकारी को कार्यालयीन समय में सूची प्रस्तुत कर सकते है। ऐसे समस्त वाहनों का विवरण संदेश के द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) /थाना प्रभारी/तहसीलदारों को जिला कार्यालय से भेज दी जायेगी। इस सूची में सम्मिलित वाहनों के अलावा प्रचार-प्रसार करता हुआ अन्य समस्त वाहनों को तत्काल ही चुनाव के उपयोग के लिये अधिग्रहण किया जा सकता है नियम के विपरीत’ वाहनों का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध वाहन को जप्त करते हुए भारतीय दंड संहिता के अध्याय 9 ए के तहत दंडात्मक कार्यवाही भी की जा सकती है एवं उनके विरूद्ध मोटर यान अधिनियम 1988 तथा छ.ग. स्थानीय प्राधिकरण (निर्वाचन अपराध) अधिनियम 1964 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।*वाहनों की सघन जांच*निर्वाचन प्रक्रिया के प्रारंभ होने से लेकर के समाप्ति तक वाहनों की सघन जांच की जाएगी। वाहनों की जांच के समय विशेष ध्यान दिया जाए- वाहन के अन्दर अवैध रूप से शराब तो नहीं ले जाई जा रही हैं, विशेष रूप से मतदान के दो दिन पूर्व शराब के विक्रय पर प्रतिबंध लग जाता है और मतदाताओं के प्रलोभन देने के लिये राजनैतिक दलों द्वारा शराब लाने का प्रयास किया जाता है। अवैध रूप से जा रही शराब को जप्त कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही किया जाए। इसके साथ-साथ यह भी देखना होगा कि वाहनों में आग्नेय अशस्त्र-शस्त्र, लाठी, ज्वलनशील पदार्थ, धारधार शस्त्र, बल्लम, फटाका आदि का तो परिवहन नहीं किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो उसे तत्काल जप्त किया जाकर संबंधितों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।*मतदान के दिन मतदाताओं को वाहन पर लाने ले जाने पर प्रतिबंध*मतदान के दिन निर्वाचन कार्य के अतिरिक्त अन्य प्रयोजनों के लिये निजी वाहनों जो मालिक स्वयं के लिये या अपने परिवार के लिये मतदान केन्द्र में वोट डालने के लिये मतदान केन्द्र से 200 मीटर घेरे के बाहर केवल एक बार प्रयोग करता है। आवश्यक सेवाओं के लिये प्रयुक्त वाहन जैसे हास्पिटल वैन, टेलीफोन, एम्बुलेन्स, चुनाव वाहन, पानी के टेंकरों, विद्युत सेवा की वाहन। निर्धारित टर्मिनल से और नियत समय पर चलने वाली बसें जैसे सार्वजनिक परिवहन, हवाई अड्डों, रेल्वे स्टेशनों, अन्तर्राष्ट्रीय बस/अड्डों, अस्पतालों के लिये टैक्सी, तिपहिया स्कूटर, रिक्शे आदि। बीमार या अपंग व्यक्तियों के लिये प्रयोग किया गया प्रायवेट वाहनों को चलाने की अनुमति दी जा सकती है। मतदाताओं को मतदान के दिन ढोने के लिये वाहनों का उपयोग न हो, इसके लिये आपकों मतदान के दिन मतदान क्षेत्रों का नियमित रूप से भ्रमण करते रहना होगा और सभी चलने वाले वाहनों पर नियंत्रण रखना होगा। यदि किसी वाहन को मतदाता को लाने ले जाने के कार्य से लिप्त देखा जाये तो उसे तत्काल जप्त किया जाये। मतदान के दिन अभ्यर्थी, उनके निर्वाचक एजेन्ट तथा उनके कार्यकर्ताओं के उपयोग के लिये दिये जाने वाले वाहनों के लिये एक निर्धारित परमिट संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी /उप पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रदाय किया जायेगा, जो कि वाहन के सामने के शीशा पर लगाना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी या उसका निर्वाचक अभिकर्ता बिना परमिट के वाहन का उपयोग करता है तो उसको जप्त किया जाये। जिन वाहनों को निर्वाचन परमिट दिया जायेगा उनका रजिस्ट्रेशन नंबर आपको मतदान के एक दिन पूर्व अवगत करा दिया जायेगा।*पोस्टर/पाम्पलेट्स आदि के मुद्रण पर नियंत्रण*कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे निर्वाचन पाम्पलेट्स या पोस्टरों को प्रकाशित एवं मुद्रित नहीं करेगा या प्रकाशित नहीं करायेगा जिसके मुख पर उसके मुद्रक और प्रकाशक का नाम पता न दिया हो।*विशाल कट आउट-पट्टा, विज्ञापन, बैनर इत्यादि के प्रदर्शन पर नियंत्रण*राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि कोई राजनैतिक दल या अन्य संघ निकाय या व्यक्ति प्रत्याशी से लिखित रूप से सामान्य या विशेष अधिकार प्राप्त किये बिना कोई कट आउट, विज्ञापन दीवार पेंटिंग, झंडों, बैनरों समाचार पत्रों में विज्ञापन इत्यादि नहीं लगाना है। आयोग के निर्देशानुसार कोई राजनैतिक दल संगठन या व्यक्ति कोई कट आउट, पोस्टर, बैनर, झंडा, आदि किसी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के चौराहे, सरकारी/अर्द्ध सरकारी, स्थानीय निकाय के भवनों, संपत्ति बिजली या टेलीफोन के खंभों पर नहीं लगाना और यदि बिना प्राधिकार के लगाया गया है तो उसे लगाने वाले दल/संघ निकाय की कीमत पर उसे तत्काल हटा दिया जायेगा। इसके पालन में कोई त्रुटि नहीं होना चाहिये।*संपत्ति विरूपण के निराकरण के संबंध में*राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार बिना भवन स्वामी/भूमि स्वामी का विधिवत अनुमति के किसी भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी या उनके निर्वाचन अभिकर्ता/कार्यकर्ता भूमियों आदि में प्रचार सामग्री चिपकाने, नारे लिखने, प्रतीक इत्यादि के चिन्ह बनाकर विकृत करने का कोई अधिकार नहीं है। यदि शासकीय/अर्द्धशासकीय स्थानीय निकायों की संपत्ति पर कोई नारे आदि लिखे है तो इसका जांच करें एवं इन नारों को तत्काल संबंधित व्यक्तियों के खर्चे पर मिटाने की कार्यवाही करें ।*विश्राम गृहों का आरक्षण*जिले में स्थित विश्राम गृह के आरक्षण हेतु अनुविभागीय दंडाधिकारी को अधिकृत किया गया है। विश्राम गृह को आबंटन प्रथम आगमन प्रथम आबंटन के आधार पर बिना किसी द्वेषभाव से किया जाएगा।संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी यह ध्यान रखेंगे कि जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस में तथा तहसील मुख्यालय पर एवं अन्य जगह स्थित रेस्ट हाउस में आवश्यकतानुसार चुनाव पर्यवेक्षकों एवं चुनाव कार्य से जुड़े हुये अधिकारियों के लिये कमरा आरक्षित रखा जाए। शेष कमरों को पहले आये पहले पावे नियम के तहत आबंटित किया जाएगा।*निर्वाचन में कार्यस्त शासकीय सेवकों की निष्पक्षता*निर्वाचन के दौरान ऐसे अधिकारी/कर्मचारी जिनकी ड्यूटी निर्वाचन कार्य हेतु लगाई गई है ये निष्पक्ष एवं निडर होकर अपना निर्वाचन संबंधी कर्तव्यों का पालन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनकी निष्पक्षता उनके कार्यकलापों से भी परिलक्षित हो। अपने क्षेत्र में इस बात पर भी निगरानी रखें कि कोई भी शासकीय कर्मचारी द्वारा किसी राजनैतिक दल या प्रत्याशी के चुनाव प्रचार-प्रसार में भाग तो नहीं लिया जा रहा है। यदि कोई कर्मचारी राजनैतिक गतिविधियों में लिप्त है तो तत्काल उसकी जानकारी इस कार्यालय को दी जाये।*कार्यपालिक अधिकारियों के मध्य आपसी सामंजस्य*निर्वाचन शांतिपूर्वक और निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न हो इसके लिये यह अत्यंत आवश्यक है कि कार्यपालिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के मध्य आपस में संपर्क तथा सामंजस्य बना रहे ताकि निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न किया जा सके। उपरोक्त निर्देशों का तत्परतापूर्वक तथा कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें। इन निर्देशों के पालन में लापरवाही या अनियमितता बरती जाती हैं तो आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
- बिलासपुर/नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 की घोषण के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अवनीश शरण ने राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों द्वारा प्रचार-प्रसार करने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने संबंधी नियमों का पालन करने निर्देशित किया है। निर्वाचन के दौरान राजनैतिक दलों, उनके कार्यकर्ताओं, निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों और उनके सहयोगी व्यक्तियों द्वारा एक स्थान पर या वाहनों में लाउडस्पीकर का उपयोग कर प्रचार-प्रसार किया जाता है। लाउडस्पीकर की उंची आवाज से विद्यार्थियों, वृद्ध जनों एवं दुर्बल व्यक्तियों को काफी परेशानी होती है। जारी आदेश में कहा गया है कि मैं इस बात से पूरी तरह भिज्ञ हूं की निर्वाचन अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग को पूर्ण रूप से रोका नहीं जा सकता है, क्योकि ध्वनि विस्तारक यंत्र निर्वाचन प्रचार-प्रसार एव जन समूह के बीच अपने विचार व्यक्त करने के साधनों में से एक है लेकिन उसके साथ-साथ विषम समय में विषम स्थान पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के अविवेकपूर्ण एवं ऊंचे स्वरों में अवैधानिक प्रयोग, जिससे जनमानष की शांति एवं स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो, कि अनुमति दिया जाना उचित नहीं है।कलेक्टर ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 04 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के सीमा के अंतर्गत आने वाले नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग करने एवं कराये जाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। चुनावी सभाओं एवं चुनाव प्रचार करने के लिये वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने के लिए जिला मुख्यालय के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अनुविभागीय मुख्यालयों पर संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील मुख्यालय में तहसीलदार एवं कार्यपालक दण्डाधिकारी तथा उप तहसील स्तर पर अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी से लिखित में अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिले के नगरीय क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त कर किया जा सकता है। लेकिन शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास, नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत एंव अन्य स्थानीय निकाय कार्यालय, बैंक पोस्ट ऑफिस, दूरभाष केन्द्र आदि से 200 मीटर की दूरी के भीतर पर भी ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सामान्य स्थिति में भी पूर्णतः प्रतिबंधित है। यह प्रतिबंध आदेश जारी होने की तिथि से चुनाव प्रक्रिया समापन तिथि तक जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सीमा मे प्रभावशील रहेगा |
- बिलासपुर/नगर पालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन हेतु निर्वाचन कार्यक्रम जारी किये जाने के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अवनीश शरण ने मुद्रकों एवं प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को चुनाव प्रचार के दौरान प्रकाशित प्रचार सामग्री के संबंध में निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का हरहाल में पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रकाशित सामग्री में प्रकाशक एवं मुद्रक का नाम एवं पता हरहाल में प्रदर्शित किया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन किए जाने पर अधिकतम 06 माह का कारावास एवं 2 हजार रूपये का जुर्माना दण्ड स्वरूप भुगतना पड़ेगा या दोनों से दण्डनीय होगा। नगर पालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के दौरान उपरोक्तानुसार नियमों एवं निर्देशो के पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- रायपुर/ अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने शंकर नगर स्थित नशा मुक्ति केन्द्र संकल्प का निरीक्षण किया। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह, एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह और जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप उपस्थित थे। श्रीमती ऋचा शर्मा ने नशा मुक्ति केन्द्र में भर्ती उपचार्थी से मुलाकात की और कहा कि अपनी ईच्छा शक्ति की सहायता सेे नशा को अवश्य छोड़े। नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहंुचाता है और उसके साथ परिवार के सदस्य भी परेशान होते है। श्रीमती ऋचा शर्मा, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह और जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप ने चखकर भोजन की गुणवत्ता भी जानी।
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रायपुर । समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु अभी 10 दिन बाकी है लेकिन आसन्न 24 जनवरी के बाद की तारीखो के लिये न तो सोसायटी माड्यूल से और न ही आन लाइन टोकन काटा जा सक रहा है । इसे लेकर 24 जनवरी के बाद टोकन मिलने के इंतजार में बैठे किसानों में हड़कंप मचा हुआ है यह जानकारी देते हुए किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व मुख्य सचिव अमिताभ जैन को मेल से ज्ञापन भेज अपने शेष बचे धान को बेचने की तैयारी में बैठे किसानों को खरीदी के अंतिम तिथि तक टोकन जारी करने व आन लाइन सिस्टम में टोकन काटते समय गलती की वजह से धान की कम मात्रा भरने के कारण अपने धान को न बेच पाने वाले किसानों को एक अतिरिक्त टोकन जारी करवाने का आग्रह किया है ।
प्रेषित ज्ञापन में जानकारी दी गई है कि शासन द्वारा धान खरीदी की अंतिम तिथि आगामी 31 जनवरी निर्धारित है लेकिन आसन्न 24 जनवरी के बाद की तिथि के लिये टोकन जारी करना बंद हो गया है । इस तिथि के बाद के लिये न तो आन लाइन टोकन कट पा रहा है और न ही सोसायटी माड्यूल से ही टोकन कट रहा है । उपार्जन केन्द्रों के प्रभारियों द्वारा भी इसकी पुष्टि किये जाने की जानकारी देते हुये उन्होंने लिखा है कि इसकी वजह से पात्रताधारी किसानों को धान बेचने 24 जनवरी की बाद की तिथि के लिये टोकन नहीं मिल रहा है जिसके चलते उनमें हड़कंप मचा हुआ है । इसी तरह आन लाइन टोकन काटने वाले किसानों द्वारा टोकन काटते समय गलती की वजह से धान की कम मात्रा अंकित किये जाने की वजह से निर्धारित टोकनों के समाप्त हो जाने के बाद भी धान बिक्री हेतु शेष रह जाने की जानकारी देते हुये बतलाया गया है कि ऐसे किसानों की सूची किसानों के आग्रह पर सोसायटियों द्वारा कलेक्टर ( खाद्य शाखा ) को भेजा गया है व प्रक्रिया जारी है । ऐसे किसानों को एक अतिरिक्त टोकन जारी करने की मांग की गयी है ताकि किसान अपनी धान निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने तक बेच सके । -
रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज में गणतंत्र दिवस खेल सप्ताह का आगाज आज डंगनिया स्थित मुख्यालय में हुआ। प्रबंध निदेशकगण सर्वश्री एसके कटियार (जेनको), आरके शुक्ला (ट्रांसको) और भीमसिंह कंवर (डिस्कॉम) ने इस अवसर पर सभी कर्मियों से खेल स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया और कहा कि राष्ट्रीय पर्व का यह अवसर हमारे आपसी भाईचारे को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त करता है। खेल हमें स्वस्थ और बेहतर जीवन जीने का तरीका सिखाता है।22 से 25 जनवरी तक चलने वाले इस खेल सप्ताह में पॉवर कंपनीज़ के अधिकारी-कर्मचारी हिस्सा लेंगे। विजेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। खेल सप्ताह के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार ने कहा कि जिन कर्मियों की खेल में रूचि है, वे तो इन स्पर्धाओं में भाग लेंगे ही, परन्तु जिन्हें रूचि नहीं है वे भी किसी एक खेल को अपने जीवन का अहम हिस्सा बनाएं।प्रबंध निदेशक पारेषण श्री आरके शुक्ला ने कहा कि खेल आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखेगा। इससे टीम भावना का विकास होता है। प्रबंध निदेशक वितरण श्री भीम सिंह कंवर ने कहा कि खेल को केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। यह आपको जीना सिखाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी खेलों को भी इस खेल सप्ताह में शामिल करने का सुझाव दिया।इस अवसर पर क्रीड़ा एवं कला परिषद के महासचिव श्री एमएस चौहान, कार्यपालक निदेशक श्री केएस मनोठिया, जी आनंद राव, महाप्रबंधक (वित्त) श्री वाईबी जैन एवं मुख्य अभियंता (मा.सं.) श्री वीके दीक्षित, केबी पात्रे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचएल पंचारी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी विगं कमांडर श्री ए श्रीनिवास राव उपस्थित थे। श्री चौहान ने स्वागत भाषण में बताया कि इस बार टेबल टेनिस, शतरंज, बैडमिंटन, कैरम जैसे इंडोर गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मुख्यालय तथा गुढ़ियारी परिसर के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। मंच संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र ने किया। आभार प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता श्री राजेश सिंह ने किया। -
बिलासपुर/धान के अवैध संग्रहण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर संयुक्त टीम ने आज फिर कार्रवाई की। टीम ने सत्यापन में टोकन के अनुरूप धान की उपलब्धता नहीं होने पर 1222 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया । कलेक्टर ने कहा की धान खरीदी की सीमा अब बहुत कम बची है । इसलिए जांच और सत्यापन संघनता से करें ताकि
दलालों और बिचौलियों को मौका ना मिले।जिले के खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया ने बताया कि तहसील पचपेड़ी स्थित धान उपार्जन केन्द्र जोधरा का भौतिक सत्यापन नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषक के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत कुल 09 कृषकों से 383.20 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील मस्तुरी स्थित धान उपार्जन केन्द्र जैतपुर का भौतिक सत्यापन नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषक के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत कुल 278 क्विंटल धान जिसका लगभग 13.5 एकड़ का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील मस्तुरी स्थित धान उपार्जन केन्द्र विद्याडीह का भौतिक सत्यापन नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषक के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत कुल 91 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील सीपत्त स्थित धान उपार्जन केन्द्र जेवरा से कृषक द्वारा 470 क्विंटल धान का टोकन कटवाया गया था। पटवारी द्वारा उक्त किसान के धान का भौतिक सत्यापन किया गया किन्तु किसान के पास धान उपलब्ध नहीं पाया गया। अतः संबंधित कृषक से रकबा समर्पण कराया गया। - रायपुर / 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरगुजा जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर राज्य के अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण, सांसदगण और विधायकगण मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन करेंगे।केन्दीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू कोरबा, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव रायगढ़, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा बस्तर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह दुर्ग, मंत्री श्री रामविचार नेताम सूरजपुर, मंत्री श्री दयालदास बघेल महासमुंद, मंत्री श्री केदार कश्यप दंतेवाड़ा, मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जशपुर, मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी बिलासपुर, मंत्री श्री टंक राम वर्मा राजनांदगांव एवं मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े बलरामपुर जिला मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगी।इसी तरह सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल धमतरी, सांसद श्री विजय बघेल कबीरधाम, सांसद श्री संतोष पांडेय गरियाबंद, सांसद श्री चिंतामणि महाराज कोरिया, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी बलौदाबाजार, सांसद श्री राधेश्याम राठिया जांजगीर-चांपा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सांसद श्री महेश कश्यप कांकेर, सांसद श्री भोजराज नाग सुकमा, सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह कोंडागांव, विधायक सुश्री लता उसेंडी नारायणपुर, विधायक श्री गुरू खुशवंत साहेब बेमेतरा, विधायक श्रीमती गोमती साय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची सारंगढ़-बिलाईगढ़, विधायक श्री ललित चंद्राकर बालोद, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले सक्ती, विधायक श्री अमर अग्रवाल मुंगेली, विधायक श्री अजय चंद्राकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और विधायक श्री किरण देव बीजापुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण करेंगे।
- रायपुर / भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ के रायपुर आगमन पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल में पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ का विमानतल पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, विधायक सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, गुरु खुशवंत साहेब ने भी स्वागत किया। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उम्मेद सिंह भी उपस्थित थे।
- -शनिवार को अवकाश वाले कार्यालयों में 24 जनवरी को दिलाई जाएगी शपथ-हर वर्ष 25 जनवरी को देशभर में मनाया जाता है राष्ट्रीय मतदाता दिवसरायपुर / राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सभी निर्वाचनों में मताधिकार का प्रयोग करने मतदाताओं को शपथ दिलाई जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हर वर्ष 25 जनवरी को देशभर में राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस बार 15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाएगा। आयोग ने शनिवार को अवकाश वाले राज्यों में अधिकारियों-कर्मचारियों को 24 जनवरी को सवेरे 11 बजे शपथ दिलाने के निर्देश दिए हैं। वहीं जहां शनिवार को अवकाश नहीं है, वहां 25 जनवरी को इसका आयोजन किया जाएगा।राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन के लिए सभी विभागों के सचिवों, राजस्व मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष, सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया है। परिपत्र में शनिवार को अवकाश वाले कार्यालयों में 24 जनवरी को सवेरे 11 बजे अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सभी शासकीय कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में सभी निर्वाचनों में मताधिकार का प्रयोग करने शपथ लेने की कार्यवाही की जाएगी।
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गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक शीर्ष नक्सली नेता सहित कम से कम 12 नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले सोमवार को इसी अभियान के दौरान मुठभेड़ में दो महिला नक्सली मारी गई थीं तथा सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हो गया था। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़-उड़ीसा सीमा पर मैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक जंगल में सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह फिर से मुठभेड़ हुई, जिसमें 12 और नक्सली मारे गए। इसके साथ ही अभियान में मारे गए नक्सलियों की संख्या 14 हो गई है। गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि मृतकों में से एक की पहचान माओवादियों की केंद्रीय समिति के सदस्य जयराम उर्फ चलपति के रूप में हुई है, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। राखेचा ने बताया कि शेष मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि इलाके में अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है तथा मृत माओवादियों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ का कोबरा बटालियन और उड़ीसा से विशेष अभियान दल (एसओजी) के सुरक्षाकर्मियों का एक संयुक्त दल इस अभियान में शामिल है। अधिकारी ने बताया कि उड़ीसा के नुआपाड़ा जिले की सीमा से लगभग पांच किलोमीटर दूर छत्तीसगढ़ के कुल्हाड़ीघाट रिजर्व वन में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर 19 जनवरी की रात को अभियान शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि सोमवार को अभियान के दौरान दो महिला नक्सलियों को मार गिराया गया और मुठभेड़ स्थल से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल सहित बड़ी संख्या में हथियार, गोला-बारूद और बारूदी सुरंग बरामद किए गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार) के तहत छत्तीसगढ़ निश्चित रूप से मार्च 2026 तक इस खतरे से मुक्ति पा लेगा। साय ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा है, ''गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना अंतर्गत कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र में सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ रविवार रात से अब तक जारी मुठभेड़ में 10 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मार्च 2026 तक देश-प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हुए सुरक्षाबल के जवान निरंतर सफलता हासिल कर लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है। उनकी बहादुरी को सलाम करता हूं। हमारी डबल इंजन की सरकार में निश्चित ही हमारा छत्तीसगढ़ मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होकर रहेगा।'' इस मुठभेड़ के साथ ही इस वर्ष अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 40 नक्सली मारे जा चुके हैं। 16 जनवरी को राज्य के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए थे। बाद में माओवादियों ने एक बयान में स्वीकार किया कि 16 जनवरी की मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गए थे। पिछले वर्ष राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 219 नक्सलियों को मार गिराया था। -
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य निवार्चन आयोग के निर्देशानुसार नगरीय निकायों का नामांकन बुधवार 22 जनवरी से प्रारंभ है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले के नगरीय निकायों के आरओं/एआरओं द्वारा नाम निर्देशन प्राप्त करने हेतु कलेक्टोरेट एवं अन्य स्थानों में कक्ष निर्धारित की गई। प्राप्त जानकारी अनुसार नगर पालिक निगम दुर्ग- अपर कलेक्टर दुर्ग श्री अरविंद कुमार एक्का वार्ड 01 से 60 तक न्यायालय कलेक्टर दुर्ग कक्ष क्रमांक 04, संयुक्त कलेक्टर दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी वार्ड 01 से 12 तक न्यायालय कलेक्टर दुर्ग कक्ष क्रमांक 31, संयुक्त कलेक्टर दुर्ग श्रीमती लता युगल उर्वसा वार्ड 13 से 24 तक न्यायालय कलेक्टर दुर्ग कक्ष क्रमांक 32, संयुक्त संचालक श्री दिवाकर सिंह वार्ड 25 से 36 तक न्यायालय कलेक्टर दुर्ग कक्ष क्रमांक 33, प्रबंधक श्री तुषार त्रिपाठी वार्ड 37 से 48 तक न्यायालय कलेक्टर दुर्ग कक्ष क्रमांक 29, तहसीलदार श्री प्रफुल्ल गुप्ता को वार्ड 49 से 60 तक न्यायालय कलेक्टर दुर्ग कक्ष क्रमांक 20। नगर पालिक निगम भिलाई अपर कलेक्टर एवं आयुक्त नगर पालिक निगम दुर्ग श्री सुमीत अग्रवाल वार्ड 24 एवं 35 के लिए न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार कक्ष नगर निगम भिलाई। नगर पालिक निगम रिसाली में अपर कलेक्टर एवं आयुक्त नगर निगम भिलाई श्री राजीव पाण्डेय वार्ड 34 के लिए कार्यालय आयुक्त नगर पालिक निगम रिसाली कक्ष क्रमांक 35। नगर पालिका निगम भिलाई चरोदा -अपर कलेक्टर श्रीमती मोनिका वर्मा वार्ड 32 के लिए नगर निगम कार्यालय चरोदा। नगर पालिका परिषद अहिवारा - संयुक्त कलेक्टर दुर्ग सुश्री सिल्ली थॉमस वार्ड 15, तहसीलदार श्री राधेश्याम वर्मा वार्ड 01 से 08 तक और मुख्य नगर पालिका अधि. श्री अंकुर पाण्डेय को वार्ड 09 से 15 तक तहसील कार्यालय अहिवारा नाम निर्देशन के लिए बैठक व्यवस्था की गई है।
इसी तरह नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में अपर कलेक्टर श्री दशरथ सिंह राजपूत वार्ड 18, तहसीलदार श्री मनोज रस्तोगी वार्ड 01 से 09 तक और मुख्य नगर पालिका अधि. श्रीमती प्रीति गुप्ता नगर पालिका अमलेश्वर कक्ष में नाम निर्देशन के लिए बैठक व्यवस्था की गई है। नगर पालिका परिषद कुम्हारी में संयुक्त कलेक्टर दुर्ग श्री महेश सिंह राजपूत वार्ड 24, तहसीलदार श्री पवन ठाकुर वार्ड 01 से 12 तक और मुख्य नगर पालिका अधि. श्री नेतराम चन्द्राकर 13 से 24 तक के लिए नगर पालिका कुम्हारी में नाम निर्देशन के लिए बैठक व्यवस्था किया गया है। नगर पंचायत धमधा में डिप्टी कलेक्टर सोनाल डेविड वार्ड 15, नायब तहसीलदार श्रीमती कविता पटेल वार्ड 01 से 08 तक और मुख्य नगर पालिका अधि. श्री आंेकार ठाकुर वार्ड 09 से 15 तक के लिए नगर पंचायत भवन में नाम निर्देशन हेतु बैठक व्यवस्था किया गया है। नगर पंचायत पाटन में डिप्टी कलेक्टर श्री लवकेश ध्रुव वार्ड 15, नायब तहसीलदार श्री भूपेन्द्र कुमार साहू वार्ड 01 से 08 तक और मुख्य नगर पालिका अधि. श्री हेमंत कुमार वर्मा 09 से 15 के लिए तहसील कार्यालय पाटन में और नगर पंचायत उतई में डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा वार्ड 15, नायब तहसीलदार सुश्री ज्योत्सना कलिहारी वार्ड 01 से 08 और मुख्य नगर पालिका अधि. श्री राजेन्द्र नायक वार्ड 09 से 15 नाम निर्देशन के लिए शासकीय तुलाराम महाविद्यालय उतई में बैठक व्यवस्था किया गया है। -
दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में नगरीय निकाय/त्रिस्तरीय पंचायतों के लिये शिकायत सेल का गठन किया गया है। कंट्रोल रूम दूरभाष नंबर 0788-2320601 है। कंट्रोल रूम का प्रभारी अधिकारी संयुक्त कलेक्टर श्रीमती लता युगल उर्वशा होंगी। इनके सहायक श्रीमती सुवर्षा राव सहायक ग्रेड-2 और श्रीमती रीतू राजपूत सहायक ग्रेड-2 कार्यालय कलेक्टर दुर्ग तथा सहायक सहायक ग्रेड-3 श्रीमती कृति रामटेके कार्यालय आदिवासी दुर्ग होंगे।
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दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में नगरीय निकायों के आम/उप निर्वाचन के दौरान निर्वाचन से संबंधित जानकारी के संकलन और सम्प्रेषण के लिए जिला कार्यालय में सूचना प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। जिसके प्रभारी अधिकारी सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्रीमती रीना गजभिये मो. 9407770141 होंगे। सहायक प्रभारी अधिकारी श्रीमती नमिता पन्ना सहायक ग्रेड-2 मो.नं 9907840646, श्रीमती शीतल साहू सहायक ग्रेड-3 मो. 7828345816 और श्री झुमुक लाल यादव भृत्य मो. 9754765442 होंगे।
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- रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग निषिद्ध
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के द्वारा नगरीय निकाय/त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के लिए कार्यक्रम जारी किये जाने के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो चुकी है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने नगर पालिका/त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत नगर पालिक निगम दुर्ग एवं भिलाई, रिसाली, भिलाई चरोदा तथा नगर पालिका परिषद कुम्हारी/अम्लेश्वर/अहिवारा के आम/उप निर्वाचन तथा नगर पंचायत धमधा/पाटन/उतई के आम/उप निर्वाचन 2025 एवं जनपद पंचायत दुर्ग/धमधा/पाटन में आम निर्वाचन 2024-25 के मद्देनजर कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-1985 की धारा 4,5,10 एवं 11 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में तीव्र संगीत व ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंध कर दिया है। कोई भी व्यक्ति वाहन से कोई ऐसा विद्युत हार्न नही बजाएगा जिससे सामान्य पैदल चलने वाले व्यक्ति घबरा जाए या जिसे सुनकर क्षोभ या संत्रातकारित हो। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है तथा निर्वाचन कार्य समाप्ति तक प्रभावशील रहेगा।
यह प्रतिबंध धारा 13 के तहत जिन्हें कानून द्वारा छूट प्रदान की गई है उन पर लागू नहीं होगा। यदि किसी व्यक्ति को विशेष प्रयोजन के लिए छूट की आवश्यकता हो तो वह संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी/उप पुलिस अधीक्षक से लिखित अनुमति प्राप्त कर सकेगा। संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी/उप पुलिस अधीक्षक अनुमति देते समय शर्ते तथा समय सीमा तय करते हुए अनुमति प्रदान कर सकेंगे। यदि अनुमति दिए जाने के उपरांत संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी/उप पुलिस अधीक्षक उचित समझे कि शर्ताे का पालन नहीं किया जा रहा है तो अनुमति निरस्त कर सकेंगे। -
- आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के द्वारा निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो चुकी है। नगरीय निकायों में 11 फरवरी 2025 को मतदान एवं त्रिस्तरीय पंचायतों में 17 फरवरी, 20 फरवरी एवं 23 फरवरी 2025 को मतदान होना है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने सभी राजनीतिक दलों और शासकीय अधिकारियों को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए नगर पालिका/त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत नगर पालिक निगम दुर्ग एवं भिलाई, रिसाली, भिलाई चरोदा तथा नगर पालिका परिषद कुम्हारी/अम्लेश्वर/अहिवारा तथा नगर पंचायत धमधा/पाटन/उतई के आम/उप निर्वाचन 2025 एवं जनपद पंचायत दुर्ग/धमधा/पाटन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
दुर्ग जिले के अंदर कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का घातक अस्त्र-शस्त्र यथा बन्दूक, राइफल, भाला, बल्लम, बरछा, लॉठी एवं अन्य प्रकार के घातक हथियार तथा विस्फोटक सामग्री लेकर किसी भी सार्वजनिक स्थान, आम सड़क, रास्ता, सार्वजनिक सभाओं, रैली, जूलूस एवं अन्य स्थानों पर नहीं चलेगा। कोई भी राजनीतिक या अभ्यर्थी सशस्त्र जुलूस नहीं निकालेगा और न ही आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करेगा। दुर्ग जिले के नगर पालिक निगम दुर्ग एवं शेष नगरीय निकायों तथा जनपद पंचायतों के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के न तो कोई सभा करेगा, न कोई रैली या जुलूस निकाल सकेगा और न ही कोई धरना देगा। यह आदेश शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कार्य संपादन के लिए लॉठी या शस्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा, जिन्हें चुनाव व मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा, जिन्हें शारीरिक दुर्बलताएं, वृद्धावस्था, लंगड़ापन होने के कारण सहारे के रूप में लॉठी रखना आवश्यक होता है।
यह आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति/दल, भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय होगा। प्रकरण के तथ्यों एवं परिस्थतियों को देखते हुए इस आदेश के संबंध में संबंधितों को सूचना पत्र जारी कर सुनवाई सम्यक रूप से संभव नहीं है। अतः यह आदेश एक पक्षीय पारित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है। निर्वाचन कार्य संपन्न होने तक दुर्ग जिले में प्रभावशील रहेगा। निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने तक नगर पालिक निगम दुर्ग/भिलाई/रिसाली/भिलाई-चरौदा एवं नगर पालिका परिषद कुम्हारी/अम्लेश्वर/अहिवारा तथा नगर पंचायत धमधा/पाटन/उतई एवं जनपद पंचायत दुर्ग/धमधा/पाटन की भौगोलिक सीमाओं में प्रभावशील रहेगा। -
दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में नगरीय निकाय/त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन-2025 अंतर्गत चुनाव तैयारियों के संबंध में प्रेसवार्ता में मीडिया को अवगत कराया। इस अवसर पर एडीएम श्री अरविन्द एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र और एएसपी श्री अभिषेक झा भी मौजूद थे।
कलेक्टर सुश्री चौधरी ने बताया कि नगरीय निकाय/त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन-2025 के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नामांकन प्रारंभ की तिथि 22 जनवरी 2025, नामांकन की अतिम तिथि 28 जनवरी 2025, नामांकन की जांच 29 जनवरी 2025, नाम वापसी की तिथि 31 जनवरी 2025, मतदान दिवस की तिथि 11 फरवरी 2025 और परिणाम की तिथि 15 फरवरी 2025 को निर्धारित है।
इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत नामांकन प्रारंभ तिथि 27 जनवरी 2025, नामांकन की अंतिम तिथि 03 फरवरी 2025, नामांकन की जांच 04 फरवरी 2025, नाम वापसी 06 फरवरी 2025, मतदान दिवस की तिथि दुर्ग में 17 फरवरी, पाटन में 20 फरवरी और धमधा में 23 फरवरी 2025 को, खंड मुख्यालय पर की जाने वाली मतगणना (यदि आवश्यक हो) दुर्ग में 18 फरवरी, पाटन में 21 फरवरी और धमधा में 24 फरवरी 2025 को निर्धारित है। समय एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा हेतु पंच/सरपंच/जनपद सदस्य के लिए दुर्ग में 19 फरवरी को और जिला सदस्य के लिए 20 फरवरी 2025 को निर्धारित है। पाटन में पंच/सरपंच/जनपद सदस्य के लिए 22 फरवरी को और जिला सदस्य के लिए 23 फरवरी 2025 को निर्धारित है। धमधा में पंच/सरपंच/जनपद सदस्य एवं जिला सदस्य के लिए 25 फरवरी को निर्धारित की गई है।
नगर पालिका निर्वाचन के अंतर्गत मतदाताओं की संख्यात्मक जानकारी- नगर पालिक निगम दुर्ग क्षेत्र में 60 वार्डों के 237955 मतदाता, नगर पालिक निगम भिलाई के 02 वार्ड में मतदाता 11348, नगर पालिक निगम रिसाली के एक वार्ड में 2196 मतदाता, नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा के एक वार्ड में मतदाता 2316, नगर पालिका परिषद अहिवारा के 15 वार्डों में कुल मतदाता 16562, नगर पालिका परिषद अम्लेश्वर के 18 वार्डों में मतदाता 12575, नगर पालिका परिषद कुम्हारी के 24 वार्डों में मतदाता 31304, नगर पंचायत धमधा के 15 वार्डों में 8027, धमधा के 15 वार्डों में 8544 और नगर पंचायत उतई के 15 वार्डों में 8116 मतदाता शामिल है। इसी प्रकार दुर्ग जिले के त्रिस्तरीय पंचायत की संख्यात्मक जानकारी- दुर्ग जनपद क्षेत्र में 73 पंचायतों में 162831, पाटन क्षेत्र में 108 ग्राम पंचायतों में 166149 और धमधा क्षेत्र के 119 ग्राम पंचायतों में 167733 मतदाता शामिल है।
नगर पालिक निर्वाचन वार्ड एवं मतदान केन्द्रों की जानकारी - आम निर्वाचन नगर पालिक निगम दुर्ग में 265 मतदान केन्द्र, उप निर्वाचन नगर पालिक निगम भिलाई में 15 मतदान केन्द्र, उप निर्वाचन नगर पालिक निगम रिसाली में 03 मतदान केन्द्र, उप निर्वाचन नगर पालिक निगम भिलाई चरौदा में 03 मतदान केन्द्र, आम निर्वाचन नगर पालिका परिषद अहिवारा 18 मतदान केन्द्र, आम निर्वाचन नगर पालिका परिषद कुम्हारी में 37 मतदान केन्द्र, आम निर्वाचन नगर पालिका परिषद अम्लेश्वर 18, आम निर्वाचन नगर पंचायत धमधा में 15, पाटन में 15 और उतई में 15 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन मतदान केन्द्र जनपद पंचायत दुर्ग में 257 मतदान केन्द्र, पाटन में 294 और धमधा में 308 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं।
नगरीय निकाय अंतर्गत निक्षेप राशि नगर पालिक निगम पार्षद 20 हजार रूपए, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के लिए 15 हजार रूपए और नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए 10 हजार रूपए निक्षेप राशि शामिल है। इसी प्रकार नगर पालिक निगम पार्षद के लिए 5 हजार रूपए, नगर पालिका परिषद पार्षद 3 हजार रूपए और नगर पंचायत पार्षद के लिए एक हजार रूपए निक्षेप राशि शामिल है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा महिला वर्ग के आवदेकों के लिए निर्धारित निक्षेप राशि में 50 प्रतिशत की छूट आयोग द्वारा प्रदान की गई है। -
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज जिला स्तर पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पोटियाकला में शिशु संरक्षण माह द्वितीय चरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भूमिका वर्मा, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजीव दुबे, अस्पताल के समस्त चिकित्सा अधिकारी, आरएमएनसीएच ए कंसल्टेंट श्रीमती शोभिका गजपाल, एवं अन्य जिला स्तर के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। शासन के द्वारा जारी निर्देशानुसार नियमित टीकाकरण के साथ ही विटामिन ‘ए‘ (09 माह से 05 वर्ष के बच्चों को प्रत्येक 6 माह में 1 बार) एवं प्थ्। सिरप (06 माह से 05 वर्ष के बच्चों को सप्ताह में 2 बार) 1-1 उस लगातार 6 माह तक पिलाया जावेगा। बच्चों व गर्भवती माताओं का टीकाकरण, गर्भवती माताओं की जांच तथा उन्हें पोषण आहार की सलाह के साथ-साथ अति गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) रिफर किया जाएगा व मध्यम कुपोषित बच्चों हेतु माताओं को आहार की सलाह दी जाएगी।
कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिशुवती माताओं को 1000 दिवस तक बच्चों के विशेष देखभाल, आहार व टीकाकरण अनिवार्य करवाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल उनके 5 वर्ष के हो जाने तक अवश्य जारी रखने चाहिये। जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, आरएमएनसीएच ए कंसल्टेंट व ब्लॉक स्तर पर मॉनिटरिंग टीम को जिले में भ्रमण सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिये गये। कलेक्टर द्वारा कार्यक्रम के पश्चात शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पोटियाकला के प्रांगण में बेल का पौधा रोपण किया गया। -
जिले में आदर्श आरचण आचार संहिता प्रभावशील
नगरीय निकायों में एक चरण एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन तीन स्तरों में होगा सम्पन्न
कलेक्टर ने की चुनाव तैयारियों की समीक्षा
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के कार्यक्रम की घोषणा के उपरांत दुर्ग जिले में भी आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गयी है। अधिकारी-कर्मचारी आदर्श आचार संहिता का अक्षरसः पालन करना सुनिश्चित करें। इस दौरान वाट्सएप पर किसी भी पार्टी, व्यक्ति, जाति, धर्म के संबंध में किसी भी प्रकार की पोस्ट करने स्वयं भी बचे और अधिनस्थों को भी ऐसा न करने निर्देशित करे। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही निर्वाचन परिणाम तक अधिकारी-कर्मचारी निर्वाचन आयोग के अधीन रहेंगे। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक में चुनाव तैयारियों की समीक्षा करते हुए उक्त बाते कही। उन्होेंने अवगत कराया कि दुर्ग जिले में नगरीय निकायों का निर्वाचन एक चरण में एवं त्रिस्तरीय पंचायतों का निर्वाचन तीन चरणों में सम्पन्न कराया जाएगा। नगरीय निकायों के लिए नामांकन 22 जनवरी 2025 से प्रारंभ होगा। नामांकन की अंतिम तिथि 28 जनवरी 2025 होगी। 31 जनवरी 2025 को नाम वापसी तथा मतदान 11 फरवरी 2025 को और मतगणना 15 फरवरी 2025 को संपन्न होगी। त्रिस्तरीय पंचायत के लिए नामांकन 27 जनवरी 2025 से 3 फरवरी 2025 तक, 6 फरवरी 2025 को नाम वापसी तथा 17, 20 एवं 23 फरवरी 2025 को तीन चरणों में चुनाव संपन्न होगा। नगरीय निकायों में चुनाव ईव्हीएम से व त्रिस्तरीय पंचायत का मतदान मतपत्र से होना है। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने अधिकारियों की ड्यूटी आदेश अनुसार सभी को कर्तव्य के बेहतर निर्वहन के निर्देश दिए है। उन्होंने ईव्हीएम, मतपत्र व मतपेटी के समुचित प्रबंध, नामांकन की सभी जगह तैयारी और मतदान केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने सभी आरओ, ईआरओ को आयोग के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और चुनाव संबंधित सभी कार्यों पर विशेष ध्यान देने कहा है। इस अवसर पर एडीएम श्री अरविन्द एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, सभी नगरीय निकायों के आयुक्त, नगर पालिका नगर पंचायतों के सीएमओ और समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। -
रायपुर। द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेट्रीज़ ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के पश्चिमी भारत क्षेत्रीय परिषद (डब्लूआईआरसी) के रायपुर चैप्टर के वर्ष - 2025 के लिए नई कार्यकारिणी समिति गठित की गई है, जिसमें सीएस शुभम कांकानी को अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है । चैप्टर के अन्य नवनिर्वाचित पदाधिकारी हैं - सीएस वैभव मोहदीवाले (उपाध्यक्ष), सीएस प्रिंस पाण्डेय (सचिव), सीएस लाची मित्तल (कोषाध्यक्ष), सीएस शरद कांकानी, सीएस तनवीर टुटेजा एवं सीएस रिया थोरानी । आईसीएसआई का रायपुर चैप्टर सन् 1998 में स्थापित किया गया था जो कि छत्तीसगढ़ में एकमात्र चैप्टर है, जहां से पूरे राज्य की गतिविधियां निर्धारित होती है । फिलहाल आईसीएसआई रायपुर में 450 से अधिक सदस्य एवं 3500 से अधिक छात्र हैं।
- रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महान क्रांतिकारी रासबिहारी बोस जी की 21 जनवरी को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रासबिहारी बोस जी देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। आजाद हिंद फौज के गठन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। शुरू से ही अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में रूचि रखने वाले रासबिहारी बोस ने बहुत कम उम्र से अंग्रेजी सत्ता की खिलाफत शुरू कर दी थी।ब्रिटिश शासन के खिलाफ रास बिहारी बोस जी ने आवाज उठाई थी और भारत को आजादी दिलाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी हेमू कालाणी की 21 जनवरी को उनके बलिदान दिवस पर नमन किया है। श्री साय ने कहा कि अमर शहीद हेमू कालाणी जी देश के स्वतंत्रता संग्राम के लिए शहीद होने वाले सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में से एक थे। उनके अदम्य साहस ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंग्रेजी शासन द्वारा भारतीयों पर किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ मात्र 19 साल की उम्र में हेमू कालाणी जी की वीरता पर पूरे देश को गर्व है। मातृभूमि के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणादायक है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अमर शहीद गेंदसिंह के शहादत दिवस पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आजादी के लिए बलिदान देने वाले अमर शहीद गेंदसिंह को याद करते हुए कहा कि परलकोट जमींदारी के जमींदार शहीद गेंद सिंह ने ब्रिटिश अधिकारियों के शोषण के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन का शंखनाद किया था। शहीद गेंद सिंह ने अंग्रेजों से लोहा लिया और अपने क्षेत्र में अंग्रेजी शासन की नीतियों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हम सभी शहीद गेंद सिंह का स्मरण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें।बस्तर के आदिवासी भाई-बहनों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले मुक्ति आंदोलन के नायक शहीद गेंदसिंह का मातृभूमि की मुक्ति के लिए दिया गया अविस्मरणीय बलिदान हम सभी को देशसेवा के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा देते रहेगा। इस अवसर पर अखिल भारतीय हलबा हलबी आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ केंद्रीय महासभा के अध्यक्ष श्री देवेंद्र महला, श्री आई.आर. देहारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
- -पटना में आयोजित भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंहपटना । छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी ने आज बिहार की राजधानी पटना में आयोजित “85वीं अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन” में भाग लिया। सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष जी ने "संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाए रखने में संसद एवं राज्य विधान मंडलों के योगदान" के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए डॉ. रमन सिंह जी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद हमने संसदीय लोकतंत्र को अपनाया। सामान्य तौर पर यही कहा जाता है कि यह व्यवस्था हमने ब्रिटेन से ली है। लेकिन भारत में संविधान के आधार पर शासन भी अंग्रेजों की देन नहीं है, भारत में वैदिक काल से सभा, समिति एवं गण जैसी परामर्शदात्री संस्थाओं का अस्तित्व रहा है।भारत में महाजनपद काल में वज्जिसंघ भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते थे। सभा और नगरम् जैसी पंचायतें और म्युनिसिपल कॉरपोरेशन संस्थाएं भी संचालित रही। जनता ही इन संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करती थी।उन्होंने आगे कहा कि जिस पटना की भूमि पर यह सम्मेलन हो रहा वह पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक भूमि है जहाँ महान मौर्य वंश की शुरुआत हुई। उस समय का शासन प्रबंध कौटिल्य के अर्थशास्त्र पर आधारित था। वह उस काल का संविधान ही था, जिस पर आधारित शासन व्यवस्था 500 वर्षों तक चलता रहा।आगे डॉ रमन सिंह ने कहा कि भारत के संविधान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह जनता के द्वारा संबोधित एवं राष्ट्र को समर्पित उद्देशिका की शुरुआत होती है ‘हम भारत के लोग’ और समाप्त होता है ‘इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मा समर्पित करते हैं।’ इसका अर्थ है कि भारत का संविधान देश की जनता की भावना का प्रतिबिंब है। यह भावना स्वतंत्रता के बाद बनाए गए संविधान की ही नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की भारत की राजनीतिक यात्रा का प्रतीक है।"उन्होंने कहा: "संविधान की सफलता के पीछे भारतीय जनता की शक्ति है। संसद और विधान मंडलों ने संविधान के उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनका प्रमुख दायित्व देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना है। उदाहरण स्वरूप, डॉ रमन सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने भारत की अखंडता को बनाये रखने के लिए अलग विधान से संचालित कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त कर संसद ने भारत की एकता और अखंडता को सशक्त बनाने में बड़ा योगदान दिया है। वहीं देश में RTE (शिक्षा के अधिकार कानून) ने पूरे देश में एकता और शिक्षा के प्रति सभी को अधिकार दिया है। इसी भावना को छत्तीसगढ़ में उतरते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित “भोजन का अधिकार कानून” ने हर ग़रीब की थाली तक भोजन सुनिश्चित किया और “कौशल उन्नयन का अधिकार कानून” लागू कर प्रदेश के युवाओं को अपने कौशल को निखारने का अवसर प्रदान किया है।डॉ. रमन सिंह जी ने अगले 25 वर्षों में संसद और विधान मंडलों के योगदान पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि "भारत के संविधान के 75वें वर्ष में यह संतोषजनक है कि हजारों वर्षों की गुलामी से उबरकर भारत एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बना है। अगले 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु संसद और विधान मंडलों को प्रमुख योगदान देना होगा।”साथ ही "संसद और विधान मंडलों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व डिजिटल तकनीकों से लैस करना, जनप्रतिनिधियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना और जनता तक उनकी पहुँच बढ़ानी होगी। जनता का विश्वास अर्जित कर संसद और विधान मंडलों को अधिक उत्तरदायी बनाना ही देश के समग्र विकास की कुंजी है।"डॉ. रमन सिंह के इस वक्तव्य ने संविधान, संसद और विधान मंडलों के महत्व को उजागर किया और देश के विकास में इनके भविष्य के योगदान की दिशा को रेखांकित किया। साथ ही देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवा और महिलाओं को अधिकाधिक आत्मनिर्भर बनाना पर जोर दिया।पटना में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी, राज्यसभा उप-सभापति श्री हरिवंश सिंह जी, लोकसभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह जी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष श्री नंदकिशोर यादव जी, उप-सभापति श्री नरेंद्र नारायण यादव जी, बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिंह जी व श्री सम्राट चौधरी जी, कैबिनेट मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी जी के साथ नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव जी समेत देश के अन्य गणमान्य सदस्य भी इस सम्मेलन में उपस्थित रहे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने घोषणा कर दी है। नगरीय निकाय चुनाव एक चरण में होंगे। यानी 11 फरवरी को नगरीय निकाय चुनाव होंगे और 15 फरवरी को शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय चुनाव के लिये मतगणना होगी। वहीं पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराये जाएंगे। यानी 17, 20, 23 फरवरी को होंगे पंचायत चुनाव के वोटिंग कराये जाएंगे। नगर निगम, पालिका और नगर पंचायत के चुनाव परिणाम 15 फरवरी को जारी होंगे, जबकि जिला पंचायत के परिणाम चुनाव के तुरंत बाद जारी हो जाएंगे।राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त अजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 22 से 28 जनवरी तक नामांकन शुरू हो जायेगा। 24 फरवरी तक निकाय चुनाव संपन्न हो जायेंगे। इसी के साथ ङी छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लागू हो चुकी है। नगरीय निकाय के लिये दो दिन बाद यानी 22 जनवरी से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी।छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव 2025 कार्यक्रम11 फरवरी को शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय चुनाव के लिये होंगे मतदान15 फरवरी को शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय चुनाव की होगी मतगणनाएक ही चरण में होंगे नगरीय निकाय चुनाव17, 20, 23 फरवरी को होंगे पंचायत चुनाव के वोटिंग18, 21 और 24 फरवरी को पंचायत चुनाव की मतगणना27 जनवरी से 3 फरवरी पंचायत चुनाव के लिये होंगे नामांकनतीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव22 से 28 जनवरी तक नगरीय निकाय चुनाव के होंगे नामांकन31 जनवरी तक होगी नाम वापसी24 फरवरी तक निकाय चुनाव संपन्न हो जायेंगे।जिला पंचायत सदस्यों के 433 पदों के लिये होंगे चुनाव10 नगर निगम, 49 नगर पालिका और 114 नगर पंचायत में होंगे चुनाव18 तरह के पहचान पत्र मान्य किये गये हैंनगरीय निकाय में ईवीएम से होंगे चुनावग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत चुनाव में बैलेट पेपर से होंगे चुनावछत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग ने आज नवा रायपुर स्थित अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की घोषण करते हुए कहा कि चुनाव के ऐलान के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। प्रदेश में नगरीय निकायों के तहत 10 नगर निगम, 49 नगर पालिका परिषद और 114 नगर पंचायतों में आम निर्वाचन होंगे। वहीं दुर्ग और सुकमा जिले के नगरीय निकायों के रिक्त स्थानों की पूर्ति के लिये 5 वार्डों में उप निर्वाचन कराया जायेगा।11 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनावनगर निगम- 10नगर पालिका- 49नगर पंचायत - 114दुर्ग और सुकमा जिले के नगरीय निकायों के रिक्त स्थानों के लिये 5 वार्डों में होगा उप निर्वाचननगर पालिकाओं के आम निर्वाचन में कुल 44,74,269 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें 22,00,525 पुरुष, 22,73,232 महिला और 512 अन्य मतदाता शामिल हैं। उप निर्वाचन में कुल 16,181 वोटर्स मतदान शामिल हैं। आयोग ने मतदाताओं के फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार कराया है। कुल मतदान केन्द्र 5,970 और उप निर्वाचन के लिये कुल 22 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। जिनमें से 1531 संवेदनशील और 132 अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्र हैं।छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव 2025 कार्यक्रम11 फरवरी को शहरी क्षेत्रों में होंगे मतदान15 फरवरी को शहरी क्षेत्रों में होगी मतगणना15 फरवरी को ही जारी होंगे नतीजे22 से 28 जनवरी तक नगरीय निकाय चुनाव के होंगे नामांकननामांकन की जांच- 29 फरवरी 2025नाम वापसी अंतिम तिथि - 31 जनवरी 2025चुनाव चिन्ह का आवंटन- 31 जवनरीएक ही चरण में होंगे नगरीय निकाय चुनाव24 फरवरी तक नगरीय निकाय चुनाव संपन्न हो जायेंगे।जिला पंचायत सदस्यों के 433 पदों के लिये होंगे चुनाव10 नगर निगम, 49 नगर पालिका और 114 नगर पंचायत में होंगे चुनाव18 तरह के पहचान पत्र मान्य किये गये हैंईवीएम से होंगे चुनावइस बार नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम से ही होंगे। इसके अलावा पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। चुनाव को लेकर 18 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया था। हाल ही में प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। 192 नगरीय निकायों के लिए आरक्षण हुआ था। इसमें 14 नगर निगमों के मेयर, 54 नगर पालिकाओं और 124 नगर पंचायतों के अध्यक्षों के लिए आरक्षण प्रक्रिया पूरी हुई थी।1 लाख 75 हजार 258 पदों पर होंगे चुनावत्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के तहत जिला पंचायत सदस्य के 433, जनपद पंचायत सदस्य के 2 हजार 973, ग्राम पंचायत (सरपंच) के 11 हजार 672 एवं वार्ड (पंच) के 1 लाख 60 हजार 180 कुल 1 लाख 75 हजार 258 पदों पर निर्वाचन कराए जायेंगे। जिसमें 78,20,202 पुरुष निर्वाचक 79,92,184 महिला निर्वाचक 194 अन्य निर्वाचक सहित कुल 1,58,12,580 निर्वाचक त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2025 में मतदान करेंगे। आयोग ने मतदाताओं के फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार कराया जा चुका है। पंचायत आम निर्वाचन के मतदान के लिए कुल मतदान केन्द्र 31,041 हैं, जिनमें से 7,128 संवेदनशील और 2,161 अति संवेदनशील हैं।छत्तीसगढ़ पंचायत चुनाव 2025 कार्यक्रमनिर्वाचन सूचना का प्रकाशन- 27 जनवरी 202517, 20, 23 फरवरी को होंगे पंचायत चुनाव के लिये वोटिंग18, 21 और 24 फरवरी को पंचायत चुनाव की मतगणना27 जनवरी से 3 फरवरी तक पंचायत चुनाव के लिये होंगे नामांकननाम वापसी की अंतिम तिथि -6 फरवरी 2025चुनाव चिन्ह का आवंटन- 6 फरवरी 2025कुल तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनावजिला पंचायत सदस्यों के 433 पदों के लिये होंगे चुनावबैलेट पेपर सें होंगे चुनावजानें नगर निगम और नगर पालिका के सीटों पर आरक्षण की स्थितिइस बार पांच नगर निगमों में महिलाओं को आरक्षण दिया गया है। 54 नगर पालिकाओं में से 18 सीटों को महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखा गया है। 3 सीटें अनुसूचित जाति (स्ष्ट), 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (स्ञ्ज), 4 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग (ह्रक्चष्ट) और 9 सीटें सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित रखी गई हैं।यहां जानें 14 नगर निगमों की स्थितिनगर निगम रायपुर - सामान्य (महिला)नगर निगम बिरगांव- सामान्य (महिला)नगर निगम दुर्ग - ओबीसी (महिला)नगर निगम भिलाई - ओबीसीनगर निगम रिसाली- एससी (महिला)नगर निगम चरोदा - ओबीसीनगर निगम राजनांदगांव - सामान्यनगर निगम धमतरी - सामान्यनगर निगम जगदलपुर - सामान्यनगर निगम रायगढ़ - एससी (महिला)नगर निगम कोरबा - सामान्य (महिला)नगर निगम बिलासपुर - ओबीसीनगर निगम अंबिकापुर - एसटीनगर निगम चिरमिरी - सामान्यप्रदेश के नगर पालिका परिषद के लिए आरक्षणअनुसूचित जाति के लिए 8 सीट (3 महिला)अनुसूचित जनजाति के लिए 6 सीट (2 महिला) आरक्षितह्रक्चष्ट के लिए 13 सीटें आरक्षित (4 महिलाओं) के लिए आरक्षित27 अनारक्षित सीटों में से (9 सीटें महिलाओं) के लिए आरक्षितअनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नगर पालिकाअभनपुरबागबहरासारंगढ़डोंगरगढ़जांजगीर नैलाअकलतरापंडरियाअनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नगरपालिकानारायणपुरजशपुर नगरबलरामपुरसुकमादंतेवाड़ाबीजापुरओबीसी के लिए आरक्षित नगर पालिकादल्ली राजहराबड़े बचेलीलोरमीकटघोराबेमेतराकोंडागांवकवर्धाअहिवारामनेंद्रगढ़सूरजपुरकुम्हारीमहिला अनारक्षित घोषित किए गए नगर पालिकाशिवपुर चरचातखतपुरकिरंदुलजामुलखैरागढ़बोदरीबालोदसरायपालीबांकीमोंगराअनारक्षित घोषित हुए नगर पालिकासक्तिखरसियाकांकेरचांपारतनपुरभाटापाराबलोदा बाजारमुंगेलीगरियाबंदआरंगमहासमुंदगौरेलाअमलेश्वरबैकुंठपुररामानुजगंज










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