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दुर्ग / कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अश्वनी देवांगन के मार्गदर्शन में आज विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के 381 ग्रामों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वच्छताग्राही महिला स्व-सहायता समूह, किशोरी बालिकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानीन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, शाला शिक्षक एवं ग्रामीण शामिल हुए।
दुर्ग जिले के ग्रा.पं. कोलिहापुरी, कचांदुर, ज.पं. दुर्ग, ग्राम पंचायत पथरिया (सह), लिटिया, ज.पं. धमधा, ग्राम पंचायत सेलूद, धौराभाठा, ज.पं. पाटन में संकुल स्तरीय माहवारी स्वच्छता प्रबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को सेनेटरी पेड व डायपर को घर के ही आंगन में गड्ढ़ा बनाकर सुरक्षित निपटान करने की जानकारी दी गई। सेनेटरी पेड के सुरक्षित निपटान हेतु समस्त ग्राम पंचायतों में सेग्रीगेशन वर्कशेड के समीप डीप बरियल पीट का निर्माण किया गया है।इसी क्रम में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने हाथ में लाल स्याही लगाकर माहवारी स्वच्छता जागरूकता का संदेश दिया। जिले के विभागीय अधिकारियों ने भी हाथ में लाल स्याही लगाकर माहवारी स्वच्छता के प्रचार-प्रसार हेतु अपना सहयोग प्रदान किया। साथ ही विभाग के समस्त अमलों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर गतिविधियों का आयोजन कर सहयोग प्रदान किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती संध्या कुर्रे द्वारा विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर माहवारी के दौरान महिलाओं व बालिकाओं को होने वाली परेशानियों पर निजात पाने के ऊपर विस्तार से जानकारी दी गई। सरपंच ग्राम पंचायत सेलूद श्रीमती खेमिन साहू ने महिलाओं को माहवारी संबंधी कुप्रथाओं को दूर करते हुए जागरूक होकर कार्य करने व प्रचार प्रसार करने तथा जन जागरण लाने पर जोर दिया गया। अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन श्रीमती श्वेता यादव ने उपस्थित जन समूहों को माहवारी चक्र के ऊपर विश्व माहवारी दिवस 28 मई को ही क्यों मनाया जाता है, इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि जिले के कुल 192 ग्रामों के स्वच्छताग्राही स्व-सहायता समूहों को वर्ल्ड बैंक परफारमेंस ग्रांट से 25 लाख रूपए माहवारी स्वच्छता अंतर्गत सेनेटरी पेड के क्रय-विक्रय हेतु वर्ष 2019-20 में जारी की गई थी। इन समूहों द्वारा विगत 04 वर्षों से सेनेटरी पैड क्रय विक्रय करने के साथ जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है।इस अवसर पर श्री सौरभ कुमार, श्री गिरीश माथुरे, जल जीवन मिशन लोकिता वर्मा, ब्लाक समन्वय श्री मनोज बनिक, सरपंच पतोरा श्रीमती अंजिता साहू, सरपंच चुनकट्टा श्री भूषण सोनवानी, सरपंच घुघुवा श्री लोकेश्वर साहू आयोजन के मुख्य अतिथि थे। श्री ब्लाक अध्यक्ष सचिव संघ श्री प्रदीप चन्द्राकर, सहायक कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती ममता बंजारे, श्री गोपेश साहू, श्रीमती सुनीता सेन, श्री हुपेंद्र साहू, श्री राहुल साहू, श्री जामवंत वर्मा, श्री चन्द्रशेखर यादव, श्री पारख साहू, श्री विष्णु सिन्हा, श्री ताम्रध्वज साहू, श्री कल्याणी बंजारे, श्रीमती चंचल ज्योति, श्रीमती लोकेश्वरी मार्कण्डेय, श्रीमती रेणुका कुर्रे, श्री विकास बारले सहित 20 ग्राम पंचायत के पंचायत पदाधिकारीगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, स्वच्छाग्राही, बिहान समूह, महिला स्व सहायता समूह के अध्यक्ष सचिव व सदस्य उपस्थित थे। - -राज्य के व्यवसायियों को अब 50 हजार रुपए मूल्य से अधिक के गूड्स का परिवहन करने पर ई वे बिल जेनरेट करना होगा आवश्यक-ई वे बिल के प्रावधान लागू होने से सवर्क्युलर ट्रेडिंग और बोगस बिलिंग रोकने में विभाग को मिलेगी मदददुर्ग / वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग द्वारा कर अपवंचन पर निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुये राज्य में ई वे बिल के प्रावधानों में दी गई छूट की समाप्त कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 24 मई को ही अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य में व्यवसायियों के लिए अब 50 हजार रु मूल्य से अधिक के गूड्स का परिवहन करने पर ई वे बिल जेनरेट करना आवश्यक होगा। अभी तक राज्य में एक जिले के भीतर माल के परिवहन करने पर ई वे बिल जारी करना आवश्यक नहीं था। साथ ही 15 वस्तुओं को छोड़ कर राज्य के भीतर किसी भी वस्तु के परिवहन पर ई वे बिल की आवश्यकता नहीं थी।वर्ष 2018 में ई वे बिल के प्रावधानों से छूट इसलिए दी गई थी क्योंकि ये प्रावधान नए थे और व्यवसायियों/ट्रांसर्पोट्स को इन प्रावधानों से अच्छी तरह परिचित होने के लिए समय दिया जाना जरूरी था। देश भर में ई वे बिल के प्रावधान लागू हुये अब 6 साल का समय हो गया है और सभी इससे अच्छी तरह परिचित भी हो चुके हैं, यहाँ यह बात उल्लेखनीय है कि एक दो राज्यों को छोडकर देश के अधिकांश राज्यों में राज्य के भीतर माल के परिवहन पर है वे बिल अनिवार्य है। केंद्रीय कर विभाग द्वारा भी ई वे बिल से छूट को खत्म करने पर सहमति दी गई है।ई वे बिल जारी करने में दिये गए छूट का सबसे अधिक दुरुपयोग सर्क्युलर ट्रेडिंग करने वाले और बोगस बित जारी करने वालों ने किया है। इसलिए इस छूट को समाप्त किए जाने का सबसे अधिक लाभ उन व्यवसायियों को होगा जो ईमानदारी से अपना कर जमा करते हैं परंतु सर्क्युलर ट्रेडिंग या बोगस बिल जारी करने वालों के कारण उन्हें आईटीसी का लाभ नहीं मिल पाता है। ई वे बिल के प्रावधान लागू होने से सवर्क्युलर ट्रेडिंग और बोगस बिलिंग रोकने में विभाग को मदद मिलेगी। ई वे बिल के प्रावधानों में दी गई छूट को समाप्त किए जाने से राज्य में कर अनुपालन के वातावरण में सकारात्मक प्रभाव होगा। इससे बोगस बिल जारी करने कच्चा बिल जारी करके कर अपर्वचन करने की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले में कुपोषण की दर में कमी लाने सम्पूर्ण जिले में कुपोषण मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत कुपोषण के तीनों स्तर कम वजन, बौनापन व दुबलापन के दर में कमी लाने प्रथम चरण में जिले के प्रत्येक सेक्टर के एक ग्राम पंचायत/वार्ड को कुपोषण मुक्त बनाये जाने कुल 32 ग्राम पंचायतों व 27 वार्डों का चयन किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा से मिली जानकारी अनुसार इन चयनित ग्राम पंचायतों/वार्डो में विविध विभाग यथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उद्यानिकी विभाग के समन्वय से कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम को सम्पादित किया जाना है। कार्यक्रम में पूरक पोषण आहार की समुचित व्यवस्था, टीकाकरण, विटामिन-ए, कृमिनाशक गोली की खुराक का उम्र अनुसार सेवन, आयरन सिरप या गोली की खुराक का सेवन की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही नियमित रूप से बच्चों के उम्र, वजन व ऊंचाई का माप कर पोषण टैªकर ऐप से समीक्षा की जाएगी। आंगनबाड़ी केन्द्रों में आधारभूत व्यवस्था के साथ-साथ पोषण बाड़ी, कुपोषित बच्चों, गर्भवती माताओं/शिशुवती माताओं के घर में गृहभेंट, अल्प पोषण से बचाव, स्तनपान-प्रोत्साहन, स्वच्छता पुनर्वास, शिशुवती माताआंें को प्राथमिकता से क्रियान्वित किया जाएगा। अभियान में गर्भावस्था के दौरान एवं बच्चे के प्रथम दो वर्ष को अवधि अर्थात् प्रथम 1000 दिवसों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिला प्रशासन की यह मुहिम कुपोषण की दुष्चक्र को तोड़ने में महती भूमिका निभाएगी।
- -प्रत्येक जनपद क्षेत्र अंतर्गत लगभग 10 अलग-अलग सहकारी समितियों का निरीक्षण किया जा रहा है-अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी का सयुक्त दल निरीक्षण कर रहा है-समितियों के पास ख़रीफ़ सीजन बोनी से पहले खाद, बीज का पर्याप्त भंडारण एवं उनके उठाव की समुचित व्यवस्था का ले रहे हैं जायज़ारायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर रायपुर जिले में अलग अलग सहकारी समितियों का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां खाद, बीज भंडारण एवं उनके उठाव की समुचित व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। सहकारी समितियों के निरीक्षण एवं मानिटरिंग हेतु जिले के प्रत्येक जनपद पंचायत के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी का सयुक्त दल गठित किया गया है। उपरोक्त दल अपने जनपद पंचायत क्षेत्रांतर्गत 10-10 सहकारी समितियों का निरीक्षण कर रही है। आज रायपुर अनुविभाग क्षेत्र, आरंग अनुविभाग क्षेत्र, तिल्दा अनुविभाग क्षेत्र तथा अभनपुर अनुविभाग क्षेत्र में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के सयुक्त दल ने निरीक्षण किया। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगामी ख़रीफ़ मौसम खेती से पहले खाद, बीज का पर्याप्त भंडारण हो एवं किसानों द्वारा अग्रिम 50 प्रतिशत उठाव हो।
- -मौसमी बीमारियों के रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश-समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने मानसून के आगमन को देखते हुए जिले के सभी सहकारी समितियों में समुचित मात्रा में खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि जिले के किसानों को मौजूदा खरीफ सीजन में खाद बीज का प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो सके। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कृषि, सहकारिता एवं संबद्ध विभाग के अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में उन्हांेने स्वास्थ्य एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को वर्तमान में पड़ रहे भीषण गर्मी तथा वर्षा ऋतु के आगमन को देखते हुए इस दौरान होने वाले मौसमी बीमारीयों के रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने जिला अस्पताल बालोद के अलावा जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनांे के पास समुचित मात्रा में दवाइयां आदि की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक सहित संयुक्त कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री डीआर ठाकुर तथा राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने जिले में प्रशासनिक कार्यों की कसावट एवं निर्धारित समयावधि में शासकीय कार्यों का सम्पादन सुनिश्चित करने हेतु जिले के सभी विभाग प्रमुखों को प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित कर अनिवार्य रूप से इसका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने बालोद जिले को दुर्घटना मुक्त जिला बनाने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने तथा मोटर साइकिल के माध्यम से आवागमन करने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने के निर्देश दिए। जिससे कि आम नागरिकों को हेलमेट के उपयोग के लिए पे्ररित किया जा सके। उन्होंने आम नागरिकों तथा खासकर किशोर युवा-युवतियों को हेलमेट के उपयोग के लिए अनिवार्य रूप से समझाईश देने को भी कहा। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिले के सभी शासकीय कार्यालयों मंे रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को आगामी समय-सीमा की बैठक तक सभी शासकीय कार्यालयों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने विभागवार समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए इन सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में कलेक्टर श्री चन्द्रवाल के निर्देशानुसार सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मेनका चन्द्राकर के द्वारा आदिवासी विभाग के द्वारा निर्धारित किए गए लक्ष्य एवं उपलब्धियों के संबंध में पावर प्वाॅइंट पे्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। इस दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के द्वारा जिले में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक वर्गों के कल्याण हेतु निर्धारित किए गए लक्ष्य एवं उपलब्धियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होंने इन वर्गों के विद्यार्थियों के लिए जिले में संचालित छात्रावास एवं आश्रमों के अलावा प्री मेट्रिक एवं पोष्ट मेट्रिक छात्रावासों की कुल संख्या तथा कुल स्वीकृत सीट के अलावा इन संस्थानों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डी में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय तथा क्रीडा परिसर के गतिविधियों एवं इन संस्थाओं में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी दी। बैठक में उन्होंने जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के क्रियान्वयन तथा अंतरजातिय विवाह प्रोत्साहन के अलावा अनुसूचित जाति प्राधिकरण एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण के कार्यों के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
- --ग्रामीण इलाकों में जागरूकता हेतु चलाए जाएं विशेष अभियान: कलेक्टर--खुर्सीपार और सिरसागेट पर यातायात दबाव कम करने बनेंगे फ्लाई ओवर, भेजा गया प्रस्ताव--कोसानाला पुराने टोल की जल्द बदलेगी सूरत, एनएच से जुड़ने वाली सड़कों का सर्विस लेने से जुड़ी तकनीकी खामियां होंगी दूरदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य सड़कों पर हुई दुर्घटनाओं की रोड, थाना तथा सड़कवार रिर्पोट्स की गहन समीक्षा की तथा चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की सड़कों में यातायात सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए विभिन्न सुझावों पर विमर्श कर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। इसमें विशेष रूप से सड़कों से अवैध कब्जे हटाना, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक, रोड मार्किंग व गति नियंत्रक बोर्ड लगाना आदि शामिल है। कलेक्टर ने जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में यातायात जागरूकता बढ़ाने तथा नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जनवरी 2024 से अप्रैल 2024 तक सड़क दुर्घटनाओं की रोड, समय एवं वाहन वार समीक्षा की। डी.एस.पी. यातायात श्री सतीश ठाकुर ने बताया कि जनवरी माह की अपेक्षा लगातार दुर्घटनाओं में कमी हुई है। सड़कों पर सुधार कार्य निरंतर जारी है। इसके अलावा जिले के ग्रामीण थानों में सड़क दुर्घटनाएं अधिक हो रही है। उन्होंने यह भी स्पस्ट किया कि ज्यादातर दुर्घटनाएं शाम 6 बजे से 9 बजे के बीच होती है एवं 3 बजे से 6 बजे तक दुर्घटनाओं की अधिक संभावना होती है। रिपोर्ट्स के अनुसार दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण जागरूकता की कमी और शराब का सेवन एवं लापरवाही कर वाहन चलाना है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़कों पर ब्लैक स्पॉट्स को कम करने कोशिश लगातार जारी है। इस कड़ी में रसमड़ा चौक से राजवाड़ा ढाबा तक में चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट्स के सुधार हेतु संकेतक बोर्ड, गति नियंत्रक बोर्ड, कैट्स आई, रोड मार्किंग, रम्बलर एवं प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही रसमड़ा बस्ती की ओर जाने वाली सड़क पर रम्बलर और संकेतक बोर्ड लगाने का कार्य जारी है। स्मृति नगर बोगदा पुलिया से डी-मार्ट एवं अरोग्यम हॉस्पिटल तक दोनों ओर सर्विस लेन बनाने का प्रस्ताव है। अंजोरा बायपास से नेहरू नगर गुरुद्वारा चौक तक दो स्थानों पर स्पीड वाईलेशन कैमरा डिवाइस लगाया जाना है जिससे गति सीमा तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्यवाही संभव हो पाएं।इस पर कलेक्टर ने जनपद सीईओ को पंचायत स्तर पर जाकर जागरूकता लाने हेतु कार्यक्रम संचालित करने हेतु कहा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी भी सड़क में बनावट के कारण दुर्घटना हो रही है तो जल्द से जल्द उनकी जांच कर ठीक करने कहा। नगरीय क्षेत्रों में प्रमुख सड़कों के किनारे व्यवसायियों द्वारा अवैध निर्माण, अव्यवस्थित पार्किंग और सड़कों पर निर्माण सामग्री रखने से यातायात प्रभावित होता है। कलेक्टर ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने कहा। अधिक यातायात दबाव वाली सड़कों पर यातायात अवरूद्ध करने वाले अवैध निर्माण हटाने तथा सड़कों पर अव्यवस्थित सामग्री रखने वालों पर कार्यवाही करने कहा।कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा को महत्वपूर्ण मुद्दा मानते हुए सभी सदस्यों को उनके सुझावों और विचारों को साझा करने का आह्वान किया। समिति की ओर से विभिन्न निर्णयों की समीक्षा की गई और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने का प्रस्ताव किया गया। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सही दिशा में कदम उठाना है और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूती देने के लिए नवाचारी उपायों का अनुसरण किया जाएगा। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, आयुक्त नगर निगम भिलाई श्री देवेश ध्रुव, एस़डीएम पाटन श्री दीपक निकुंज, एसडीएम दुर्ग श्री मुकेश रावटे, डीएसपी यातायात श्री सतीश ठाकुर, आरटीओ श्री एस.एल. लकड़ा सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- -जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जल सुरक्षा कार्यक्रम अभियान- जिला चिकित्सालय में 18 प्रकार की दिव्यांगता की जांच- जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन 25 जून को- स्कूलों में नेवता भोज की तर्ज पर जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में शिशु भोज का आयोजन- कलेक्टर ने की जनशिकायत एवं जनसमस्याओं के लंबित प्रकरणों की समीक्षादुर्ग / जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जल सुरक्षा कार्यक्रम अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज आयोजित अधिकारियों की बैठक में अभियान की कार्ययोजना से अवगत कराते हुए जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन ने बताया कि इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में जल सुरक्षा चौपाल व शपथ कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। जल सुरक्षा सूत्र में विभिन्न गतिविधियों का संचालन हो रहा है। इसके अंतर्गत समस्त शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग की मरम्मत साफ-सफाई व नवीन निर्माण, ग्राम पंचायतों में जल वाहिनी दीदियों की सभा का आयोजन, ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों में डीसिल्टीन कार्य, वर्षा जल संचित करने हेतु रिचार्ज पिट का निर्माण, सभी ग्राम/नगर वार्डों में निकाय स्तर पर जल स्त्रोत की सफाई का कार्य, पेयजल स्त्रोतों के पास सोख्ता गड्ढों की साफ-सफाई निर्माण एवं प्राकृतिक वर्षा जल, बहाव क्षेत्र (नालों में ) गाद की साफ-सफाई, वर्षा जल संचयन हेतु अवशोषण गड्ढों का निर्माण, मृदा में नमी की मात्रा का परीक्षण एवं नालों में जल बहाव की मात्रा का परीक्षण, कुओं की साफ सफाई एवं मरम्मत, वर्षा जल संरक्षण हेतु समस्त विभागों की कार्यशाला का आयोजन, भूमिगत जल संचयन हेतु डाईक निर्माण, ग्राम पंचायत के युवाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों में जल सुरक्षा की जागरूकता हेतु शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन, ग्राम पंचायतांे में नवीन तालाबों एवं डबरियों का निर्माण, मल्चिंग, फसल चक्र और जैविक खेती तकनीकों जैसी प्रथाओं को बढ़ावा देना जो मिट्टी की नमी को संरक्षित करने और कृषि में पानी की खपत को कम करने हेतु प्रयास इत्यादि कार्य शामिल है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जनशिकायत एवं जनसमस्याओं के लंबित प्रकरणों के साप्ताहिक निराकरण पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को समयावधि के भीतर प्रकरण निराकृत करने के कड़े निर्देश दिये। उन्होंने जिले के समितियों में कृषि आदान सामग्री खरीफ खाद-बीज के भण्डारण एवं वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि समितियों मंे पर्याप्त खाद-बीज की भण्डारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कृषकों को आवश्यकता के मुताबिक खाद-बीज उपलब्ध करायी जाए। कलेक्टर ने कृषि, सीसीबी और बीज प्रसंस्करण केन्द्र के अधिकारियों को किसानों को वितरित खाद-बीज की जानकारी नियमित उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र में समितिवार खाद-बीज भण्डारण का निरीक्षण करने निर्देशित किया है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिला चिकित्सालय के माध्यम से दिव्यांगजनों को जारी प्रमाण पत्रों की जानकारी ली। सीएमएचओ डॉ. मेश्राम ने अवगत कराया कि दिव्यांगजनों के अधिकार अधिनियम के तहत जिला चिकित्सालय दुर्ग में 18 प्रकार के दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किये जा रहे हैं। जिसमें बौद्धिक अक्षमता, मानसिक बीमारी, जीन तंत्रिका अवस्था, दृष्टिबाधित, अल्प दृृष्टि, श्रवण विकलांगता, गतिजनित अक्षमता, मस्तिष्क पक्षपात, कुष्ठ रोग, बौनापन, मांसपेशीय दुर्विकास, एसिड हमला पीड़ित, हिमों फिलिया, थेलेसीमिया, सिकलसेल रोग और बहुविकलांगता शामिल है। तीन विकलांगता क्रमशः स्वलीनता, वॉक एवं भाषा दोष और विशिष्ट अधिगम अक्षमता संबंधी विकलांगता की जांच सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं होने से मेडिकल कालेज से जांच उपरांत प्रकरण का प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। कलेक्टर ने वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से कराने नगर के विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित करने सीएमएचओ को निर्देशित किया।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने बेहतर प्लानिंग के साथ सुपोषण अभियान को क्रियान्वित करने सीडीपीओ को निर्देशित किया। साथ ही स्कूलों में नेवता भोज की तर्ज पर जिले की आंगनबाड़ी केन्द्रों में शिशु भोज के आयोजन के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक पहल करने कहा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी के 05 वर्ष आयु के शत-प्रतिशत बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलायी जाए। जिला शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि आगामी माह 18 जून से स्कूल खुल रहे हैं। इस दौरान स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा। जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 25 जून को आयोजित किया जाएगा।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी नगरीय निकायों में एक जून से नालियों की सघन सफाई अभियान प्रारंभ करने तथा वर्षाजनित बीमारियों एवं मलेरिया, डेंगू के बचाव हेतु कारगर पहल करने अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई-3 चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत सहित सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -छूट समाप्त होने से बोगस और कच्ची बिलिंग पर लगेगा अंकुशरायपुर /वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग द्वारा कर अपवंचन पर निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुये राज्य में ई-वे बिल के प्रावधानों में दी गई छूट को समाप्त कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 24 मई को ही अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य में व्यवसायियों के लिए अब 50 हज़ार रूपए से अधिक के गुड्स का परिवहन करने पर ई-वे बिल जेनरेट करना आवश्यक होगा। अभी तक राज्य में एक जिले के भीतर माल के परिवहन करने पर ई-वे बिल जारी करना आवश्यक नहीं था, साथ ही 15 वस्तुओं को छोड़ कर राज्य के भीतर किसी भी वस्तु के परिवहन पर ई-वे बिल कि आवश्यकता नहीं थी।वर्ष 2018 में ई-वे बिल के प्रावधानों से छूट इसलिए दी गई थी क्योंकि ये प्रावधान नए थे और व्यवसायियों/ट्रांसपोर्टर्स को इन प्रावधानों से अच्छी तरह परिचित होने के लिए समय दिया जाना जरूरी था। देश भर में ई-वे बिल के प्रावधान लागू हुये अब 6 साल का समय हो गया है और सभी इससे अच्छी तरह परिचित भी हो चुके हैं, यहाँ यह बात उल्लेखनीय है कि एक दो राज्यों को छोडकर देश के अधिकांश राज्यों में राज्य के भीतर माल के परिवहन पर ई-वे बिल अनिवार्य है। केंद्रीय कर विभाग द्वारा भी ई-वे बिल से छूट को खत्म करने पर सहमति दी गई है।ई-वे बिल जारी करने में दिये गए छूट का सबसे अधिक दुरुपयोग सर्क्युलर ट्रेडिंग करने वाले और बोगस बिल जारी करने वालों ने किया है, इसलिए इस छूट को समाप्त किए जाने का सबसे अधिक लाभ उन व्यवसायियों को होगा जो ईमानदारी से अपना कर जमा करते हैं परंतु सर्क्युलर ट्रेडिंग या बोगस बिल जारी करने वालों के कारण उन्हें आइ.टी.सी. का लाभ नहीं मिल पाता है। ई-वे बिल के प्रावधान लागू होने से सर्क्युलर ट्रेडिंग और बोगस बिलिंग रोकने मंे विभाग को मदद मिलेगी।ई-वे बिल के प्रावधानों मंे दी गई छूट को समाप्त किए जाने से राज्य में कर अनुपालन के वातावरण में सकारात्मक प्रभाव होगा। इससे बोगस बिल जारी करने, कच्चा बिल जारी करके कर अपवंचन करने की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।
- -*अकुशल श्रमिकों के लिए 10,900 रूपए, अर्द्धकुशल 11,550 रूपए, कुशल 12,330 रूपए और उच्च कुशल के लिए 13,110 रूपए वेतन होगी प्रतिमाहरायपुर। श्रम विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के लिए 01 अप्रैल 2024 से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता निर्धारित की गई है। लेबर ब्यूरों शिमला से प्राप्त औद्योगिक सूचकांक में जुलाई 2023 से दिसम्बर 2023 के मध्य 14 बिन्दु की औसत वृद्धि हुई। जिसके अनुसार प्रति बिन्दु 20 रूपए के मान से 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में प्रतिमाह 280 रूपए की वृद्धि की गई।श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृषि नियेाजन में कार्यरत श्रमिकों हेतु लेबर ब्यूरों शिमला से प्राप्त सूचकांक में 56 बिन्दु की औसत वृद्धि होने से 5 रूपए प्रति बिन्दु के मान से 280 रूपए प्रतिमाह परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई। इसी प्रकार अगरबत्ती उद्योग में नियोजित श्रमिकों हेतु उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 7.08 रूपए प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण में निर्धारित की गई।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत 45 अनुसूचित नियोजनों, कृषि नियोजन एवं अगरबत्ती नियोजन में कार्यरत श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ते का निर्धारण लेबर ब्यूरो शिमला द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार 01 अप्रैल एवं 01 अक्टूबर को किया जाता है।जारी आदेशानुसार श्रमिकों के लिए 01 अप्रैल 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक न्यूनतम वेतन की दरें निर्धारित की गई है। जिसमें अकुशल ‘अ‘ श्रमिक वर्ग के लिए प्रतिमाह 10,900 रूपए, ‘ब‘ वर्ग के लिए 10,640 रूपए तथा ‘स‘ वर्ग के लिए 10,380 रूपए निर्धारित की गई है। अर्द्धकुशल ‘अ‘ वर्ग के लिए 11,550 रूपए, ‘ब‘ वर्ग के लिए 11,290 रूपए तथा ‘स‘ वर्ग के लिए 11,030 रूपए निर्धारित की गई है। कुशल ‘अ‘ वर्ग के लिए 12,330 रूपए, ‘ब‘ के लिए 12,070 रूपए तथा ‘स‘ के लिए 11,810 रूपए निर्धारित की गई है। इसी प्रकार उच्च कुशल ‘अ‘ वर्ग के लिए 13,110 रूपए, ‘ब‘ के लिए 12,850 रूपए तथा ‘स‘ वर्ग के लिए 12,590 रूपए किया गया है। उक्त प्रभावशील न्यूनतम वेतन की दरें छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग की वेबसाईट www.cglabour.nic.in पर भी उपलब्ध है।
- रायपुर | रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की ग्रीष्मकालीन समय में बेहतर यात्रा सुविधा व अधिकाधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने हेतु गाड़ी संख्या 22867 एवं 22868 दुर्ग निजामुद्दीन- दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच की सुविधा दिनांक 28 एवं 31 मई और 04 एवं 07 जून 2024 को अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई जा रही है | इस सुविधा की उपलब्धता से इन गाड़ियों में यात्रा करने वाले अधिकाधिक यात्री लाभान्वित होंगे |
- रायपुर। उप-मुख्यमंत्री व गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रायपुर एम्स पहुंचकर आईईडी ब्लास्ट में घायल भीमापुरम गांव की दोनों महिलाओं का हालचाल जाना। नक्सलियों ने बंदूक के बल पर सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के इस गांव में एक ग्रामीण के घर में आईईडी छिपाकर रख दी थी, जिसमें ब्लास्ट होने से दोनों महिलाएं कल घायल हो गईं थीं। उप-मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने एम्स के डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। एम्स के डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि दोनों खतरे से बाहर हैं और उनका समुचित उपचार किया जा रहा है। श्री शर्मा ने दोनों के बेहतर से बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
- गौरेला । हरा सोना (GREEN GOLD) के नाम से चर्चित तेंदूपत्ता की खरीदी का लक्ष्य मरवाही वन मण्डल को इस वर्ष 22 हजार मानक बोरा का मिला था, जिसमें से लगभग 93 प्रतिशत 20 हजार 545 मानक बोरा की खरीदी 26 मई तक की जा चुकी है। जिसका इस बार 5500 रुपए प्रति मानक बोरा के हिसाब से 11 करोड़ 29 लाख 97 हजार 995 रूपये का भुगतान जल्द ही संग्राहकों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इस वर्ष 5500 रूपये प्रति मानक बोरा खरीदी का रेट होने की वजह से फड़ों में तेंदूपत्ता बेचने वाले संग्राहकों की कतार लगी रहती है। कुछ फड़ों से संग्राहकों से तेंदूपत्ता नहीं खरीदे जाने की जानकारी डीएफओ रौनक गोयल के संज्ञान में लाए जाने के बाद उनके निर्देश पर उन फड़ों में भी रुकी हुई खरीदी शुरु कर दी गई है। बता दें कि संग्राहक परिवार को बीमा, छात्रवृत्ति सहित बहुत सी शासकीय योजनाओं का लाभ न्यूनतम 500 गड्डी तेंदूपत्ता बेचने पर ही मिलता है।पिछले वर्ष 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा के हिसाब से तेंदूपत्ता की खरीदी की जाती थी। लेकिन इस वर्ष से 1500 रुपए कीमत बढ़ाकर 5500 रुपए हो गई है। जिसका सीधा फायदा संग्राहकों को मिल रहा है। इसके अलावा संग्राहकों के परिवार को सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना, 10वीं-12वीं कक्षा में 75% से अधिक अंक पाने पर प्रोत्साहन राशि, व्यवसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई में आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति योजना सहित कई जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है।16 समितियों के माध्यम से हो रही तेंदूपत्ता खरीदी – उप प्रबंध संचालकतेंदूपत्ता खरीदी के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए जिला यूनियन मरवाही वन मण्डल के उप प्रबंध संचालक एसए खान ने बताया कि मरवाही वनमंडल के तहत कुल 16 प्राथमिक लघुवनोपज समितियां हैं। जिनके अंतर्गत आने वाले फड़ों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष 22 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य है, जिसमें से लगभग 93 प्रतिशत 20 हजार 545 मानक बोरा का संग्रहण किया जा चुका है।जिन समितियों में लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है, उन समितियों में संग्रहण शुरु है। जिला यूनियन मरवाही वन मण्डल अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। उन्होंने बताया कि खरीदे जा चुके तेंदूपत्ते का भुगतान राशि 11 करोड़ 29 लाख 97 हजार 995 रूपये संग्राहकों को ओनलाइन उनके खाते में किया जाना है। संग्राहकों के खाते में 1 करोड़ 09 लाख 35 हजार 821 रूपए का भुगतान किया जा चुका है।संग्रहण एवं क्रेता को परिदान देने के बाद 5 दिवस के अंदर संग्राहक को ऑन लाइन पद्धति से भुगतान किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ते एवं अन्य लघु वनोपज संग्रहण में ओनलाइन भुगतान सिस्टम से त्वरित भुगतान होने एवं संग्रहण दर 5500 रुपया प्रति मानक बोरे होने पर संग्राहकों में अपार उत्साह है। उन्होंने यह भी बताया कि तेंदूपत्ते का भंडारण विभिन्न गोदामों में 2016 मानक बोरे का किया जा चुका है।सभी संग्राहकों से खरीदा जा रहा तेंदूपत्ता – डीएफओमरवाही वन मण्डल के डीएफओ रौनक गोयल ने कहा कि इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया था। उसे हम हासिल कर लेंगे। उन्होंने बताया कि कुछ समितियों में परिदान नहीं दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद शिकायत का समाधान कर लिए जाने के बाद सभी संग्राहकों से तेंदूपत्ता खरीदी की जा रही है।
- -3 अन्य प्रकरणों में भी हुई चालानी कार्यवाही, हफ्ते भर में कुल 08 वाहनों पर ठोका गया भारी जुर्मानाकोरिया / सड़क दुर्घटनाओ की मृत्यु में कमी लाने के उद्देश्य से कोरिया पुलिस द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सतत कार्यवाही की जा रही है। एसपी कोरिया ने कवर्धा की घटना के बाद आमजनों से अपील भी की थी वाहन को यातायात नियम के अनुसार चलाये एवं अपना अमूल्य मानव जीवन जोखिम में ना डालें। अपील और चालानी कार्यवाही में तेजी लाने के बाद भी कुछ लोगों द्वारा चोरी छुपे यातायात नियमों को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से वाहन चलाना संज्ञान में आ रहा था।लापरवाही का परिणाम है कि गत दिवस सोंस इलाके से मजदूरों को लेकर जा रही तेज रफ्तार पिकअप वाहन चेर गांव के पास पलट गई। हादसा धौराटिकरा मोड़ पर हुआ, पिकअप वाहन चला रहे ड्राइवर ने गाड़ी के स्टेयरिंग से अपना संतुलन खो दिया और गाड़ी सड़क किनारे जाकर पलट गई। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन में लगभग 20 मजदूर काम पर जाने के लिए सवार थे। जिनमें से एक दो को हल्की खरोंचें आई हैं, हालांकि गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।उक्त पिकप वाहन में सवार पीड़िता संतोषी पति दिलीप कुमार उम्र 23 साल निवासी सोनपुर मनसुख थाना बैकुण्ठपुर जिला कोरिया द्वारा उक्त घटना को लेकर थाना बैकुंठपुर में दिनांक 27 मई 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराया गया था। उक्त रिपोर्ट की जानकारी पुलिस अधीक्षक कोरिया सूरज सिंह परिहार को दी गई, एसपी कोरिया द्वारा तत्काल वाहन चालक को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था।जिस पर थाना बैकुंठपुर की टीम ने उक्त पिकप वाहन के चालक आरोपी प्रेम कुमार पनिका पिता स्व. सुंदर साय पनिका उम्र 32 साल निवासी ग्राम सोस थाना बैकुण्ठपुर जिला कोरिया के विरुद्ध अपराध क्रमांक 179/2024 धारा 279, 337 भा.द.वि., 39/192, 66/92, 146/196, 144/177, 190(2), 104/177,109/77, 183, (1) (ए क) 184 डट ।बज के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है एवं आरोपी की पिकप वाहन जप्त कर दिनांक 28 मई 2024 को आरोपी चालक को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।मालवाहक वाहन में ढो रहे सवारी पर कोरिया पुलिस की सख्त चालानी कार्यवाही जारी, हफ्ते भर में 08 वाहन मालिकों पर ठोका जा चुका है जुर्मानाइसी तारतम्य में पुलिस अधीक्षक कोरिया सूरज सिंह परिहार के निर्देशानुसार ट्रैफिक पुलिस एवं थाना की टीम द्वारा यातायात के नियमों का पालन कराने शहर के विभिन्न मार्गों पर चेक पॉइंट लगाकर निरंतर कार्यवाही कर रही है। सामान्य ट्रैफिक कार्यवाही के अतिरिक्त मालवाहकों पर सवारी ढोने वालों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।इसी कड़ी में सोमवार को ट्रैफिक पुलिस की टीम द्वारा शहर के अलग - अलग स्थानो में चेक पॉइंट लगाकर मालवाहक वाहनो में सवारी ले जाने वाले वाहन चालकों पर कार्यवाही किया गया है। चेक पॉइंट में यातायात की टीम द्वारा 02 प्रकरणों पर चालानी कार्यवाही किया गया है, वहीं थाना चरचा की टीम ने चेक पॉइंट में 01 प्रकरण में चालनी कार्यवाही की गई है। उपरोक्त वाहनो के खिलाफ कार्यवाही कर उचित समन शुल्क वसूल किया गया है। इसके साथ ही उनके लायसेंस एवं वाहन सम्बन्धी अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजो की जांच भी की गई है। इससे पूर्व भी बीते गुरुवार को कोरिया पुलिस द्वारा बैकुंठपुर के विभिन्न स्थानों पर 04 प्रकरणो में चालानी कार्यवाही कर भारी जुर्माना ठोका गया है। एसपी कोरिया ने पुनः सख्त हिदायत दी है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत लगभग 150 उद्यानों में से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 उद्यानों का कार्य योजना तैयार कर मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है। ताकि वर्षाऋतु को ध्यान में रखते हुए सम्पूर्ण उद्यानों का मेटेंनेंस कार्य पूर्ण हो सके।निगम आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत 150 उद्यानों में से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 उद्यानों का कार्य योजना तैयार कर मेंटेनेंस कार्य किया जाना है। उद्यानो की साफ सफाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिसमें मुख्य रूप से राधिका नगर स्थित मैत्री उद्यान, एकता उद्यान, नेहरु नगर पूर्व में स्थित शास्त्री उद्यान, बक्शी उद्यान, मधु कामिनी उद्यान, गणेश उद्यान, खूबचंद बघेल उद्यान, सहस्त्र बाहु उद्यान, नेहरु नगर पश्चिम में स्थित गांधी उद्यान, महाराणा प्रताप उद्यान, नेहरु नगर चौक में स्थित राशि उद्यान, योगा उद्यान, जिम उद्यान, भारत माता उद्यान, सेक्टर 1, 4, 5, 7, 10 स्थित उद्यान, हुडको स्थित उद्यान, कुरूद चौक उद्यान, टाटा लाइन उद्यान, कार्यालय परिसर में स्थित उद्यान, बापूनगर खुर्सीपार उद्यान, हाऊसिंग बोर्ड उद्यान, कोहका स्थित उद्यान एवम शहर के बड़े खुर्सीपार ग्राउंड व रोड डिवाइडर में लगे पौधो का मेंटेनेंस और सिंचाई कार्य कार्य योजना बनाकर कराया जा रहा है।उद्यानो की संख्या और क्षेत्रफल अधिक होने के बावजूद उद्यानों का रखरखाव पहले से बेहतर हुआ है। निगम कर्मियों एवं संसाधन से ही उद्यान में साफ सफाई एवम हरियाली का रखरखाव कार्य कराया जा रहा है। साथ ही नर्सरी में चौकीदारी, उद्यान एवं डिवाइडरो में ट्रैक्टर टैंकर से सिंचाई कार्य, जर्जर और सूखे पेड़ो की कटाई छटाई कार्य एवम मच्छर उन्मूलन हेतु मेलाथियान स्प्रे कार्य कराया जा रहा है
- दुर्ग / भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी मौसमी दृष्टिकोण के अनुसार प्रदेश सहित जिले में भी औसत तापमान अधिक होने की संभावना है। अधिकांश भागों में लू-तापघात की स्थिति निर्मित हो सकती है। मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्य में लू-तापघात से आवश्यक तैयारी एवं बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किये गये हैं। इसमें लू के लक्षण एवं बचाव के कारण बताये गये हैं।लू के लक्षण- सिर से भारीपान और दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना, अधिक प्यास और पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा बेहोश होना।लू से बचाव के उपाय - लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी से ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतया नमक की कमी हो जाना होता है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए- बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाए। धूप से निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी अधिक मात्रा में पीये और अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। इसी प्रकार अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ.आर.एस. घोल पीयें। चक्कर आने, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श लिया जाए और उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह लिया जाए।लू लगने पर किये जाने वाला प्रारंभिक उपचार- बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगावें, अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलावें जैसे कच्चे आम का पना, जल जीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देवें, शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काव करते रहें, पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जाए तथा मितानिन ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. के पैकेट हेतु संपर्क करें।क्या न करें - गर्मी के दौरान बाहर न जाए, यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है तो दिन के शीतलन घंटो के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटो के दौरान बाहर जाने से बचे (विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच), नंगे पैर या बिना चेहरे को ढ़के और बिना सिर ढककर बाहर न जाए। व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचे, खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बाेनेटेड पेय, पीने से बचे जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खाने से बचे, बासी खाना न खाए। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाए, घर पर रहे।हीट वेव क्या करें और क्या न करेंक्या करें- जितना हो सके पर्याप्त पानी पीये, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संबंधित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहने। ओ.आर.एस. (ओरल रिहाइड्रेशन) घोल, घर का बना पेय लस्सी, (तोरानी चावल) का पानी, नींबू का पानी, छांछ आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचे, यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर (कपड़े/टोपी या छाता) और चेहरे को कवर करें। जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें।अन्य सावधानियां- जितना हो सके घर के अंदर रहें। अपने घर को ठंडा रखें-धूप से बचाव के लिए दिन में पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिड़कियां खोलें। निचली मंजिलों पर बने रहने का प्रयास करे। पंखों का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते हैं-उच्च बुखार/लगातार सिरदर्द/चक्कर आना/मतली या भटकाव/लगातार खांसी/सांस की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये। जानवरों को छाया में रखे और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें। इन उपायों का उपयोग कर लू एवं हीटवेव के प्रभाव से बचा जा सकता है।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस 31 मई 2024 को जन सामान्य में धुम्रपान और तम्बाकू सेवन करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न नशामुक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य धूम्रपान से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति समाज में जन चेतना विकसित करना है। उप संचालक समाज कल्याण से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में अंतर्राष्ट्रीय धुम्रपान निषेध दिवस पर नशामुक्ति के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे और लोगों को जागरूक किया जाएगा।नशामुक्ति कार्यक्रमों का आयोजन शहर से लेकर ग्राम स्तर तक किया जाएगा। कार्यक्रमों में तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभाव पर चर्चा एवं उसके दुष्प्रभाव की जानकारी जनसमुदाय को दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया में नशापान के दुष्प्रभावों का प्रचार, नशामुक्ति के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नशामुक्ति हेतु रैली प्रदर्शन तथा साहित्य का वितरण, नशामुक्ति प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही आकाशवाणी एवं दूरदर्शन में विषयांतर्गत प्रेरक नाटक, गीत, परिचर्चा आदि का प्रसारण और योगाचार्यो के मार्गदर्शन में योगाभ्यास का प्रदर्शन तथा इससे होने वाले लाभ पर व्याख्यान दिया जाएगा।इस संबंध में जिले के समस्त विभागों, नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों, अनुदान प्राप्त स्वैच्छिक संस्थाओं एवं भारत माता वाहिनी समिति से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन के जरिए लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया गया है।
- -कलेक्टर ने की राजस्व प्रकरणों की समीक्षादुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर पिछली राजस्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए जमीन से जुड़े सभी अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली, नक्शा बटांकन, डायवर्सन की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय प्रकरणों के निराकरण में लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए लंबित प्रकरणों को त्वरित रूप से निराकृत कर दायित्वों का निर्वहन सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा। सामाजिक संस्थाओं से संबंधित जमीन के मामलों को भी शीघ्रता से समय सीमा के भीतर पूर्ण करने कहा।कलेक्टर ने कहा कि राजस्व से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित नही होने चाहिए। उन्होंने राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों तथा तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों से उनके न्यायालयों में लंबित राजस्व प्रकरणों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों एवं मुआवजा भुगतान, भारतमाला परियोजना, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण करने निर्देश दिए, जिससे प्रभावित लोगों को मुआवजा प्रदान करने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। उन्होंने सभी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख (एएसएलआर) को आबंटित अपने-अपने तहसीलों का निरीक्षण कर उचित कार्यवाही करते हुए एसडीएम को सूचित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बसे फैक्ट्री और उनके भण्डारण स्थानों का निरीक्षण करने को कहा, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बसा है। उन्होंने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बसे फैक्ट्रियों का निरीक्षण करने को कहा जिनका की लाइसेंस और परमिट समाप्त हो गया है। नागरिकों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से ज्वलनशील पदार्थ बारूद व फटाखे की फैक्ट्री व गोडाउन घनी आबादी व बस्ती से दूर स्थापित होना चाहिए, इन्ही शर्तो पर लाइसेंस नवीनीकरण किए जाने के निर्देश दिए।इस अवसर पर ए.डी.एम. श्री अरविंद एक्का, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, एसडीएम पाटन श्री दीपक निकुंज, एसडीएम भिलाई श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम दुर्ग श्री मुकेश रावटे, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, एसडीएम भिलाई-3 श्री महेश राजपूत सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, एलएलआर उपस्थित थे।
- -गृह विभाग द्वारा आदेश जारीरायुपर / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पद्मश्री हेमचंद माझी को वाय श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इस संबंध में गृह विभाग मंत्रालय महानदी भवन से आदेश जारी किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा प्रोटेक्शन रिव्यू गुप की बैठक में श्री हेमचंद माझी (नारायणपुर) को सुरक्षा श्रेणी प्रदान किए जाने की अनुशंसा और प्रदेश में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए, यह आदेश जारी किया गया है।
- -समन्वय के साथ मतगणना दायित्व का करें निर्वहन-कलेक्टर सुश्री चौधरीदुर्ग / लोकसभा निर्वाचन 2024 के तहत मतगणना कार्य के लिए गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक तथा माइक्रो ऑब्जर्वर को आज बी.आई.टी. दुर्ग में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आयोजित प्रशिक्षण में उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत पूरी सतर्कता से मतगणना दायित्व को निर्वहन करने के निर्देश दिए।प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने सभी गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक एवं माइक्रो आब्जर्वर का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मतगणना की प्रत्येक बारीकियों को सीखने-समझने कहा। मतगणना से सम्बंधित सभी जरुरी प्रक्रियाओं तथा महत्वपूर्ण बिंदुओं को अच्छी तरह से समझ लें, ताकि मतगणना करते समय किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो। मतगणना प्रारंभ होने से लेकर संपूर्ण रूप से समाप्ति तक मतगणना कक्ष में गंभीरता और सावधानी बरतनी है।प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मतगणना कार्य की संपूर्ण पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। निष्पक्ष एवं पारदर्शिता पूर्ण मतगणना के लिए उपयोगी सुझाव एवं निर्देश दिए गए। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मतगणना के पूर्व की तैयारी, मानव संसाधन एवं अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था, ईव्हीएम से मतगणना की प्रक्रिया, मतगणना व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि सीलिंग की प्रक्रिया में पहला पैकेट विधिमान्य बड़ा लिफाफा (प्रारूप-13 ग), दूसरा पैकेट विधिमान्य निर्वाचक का घोषणा (प्रारूप-13 क), तीसरा पैकेट विधिमान्य छोटा लिफाफा (प्रारूप-13 ख), चौथा पैकेट प्रतिक्षेपित छोटा लिफाफा (प्रारूप-13 ख) का जो बड़े लिफाफे (प्रारूप-13 ग) में रखकर सील किया जाएगा। पांचवा बड़ा पैकेट डाकमतों के बण्डल का। सीयू एवं वीवीपैट की सीलिंग प्रत्येक विधानसभा से मतगणना के लिए मतगणना स्थल पर केवल सीयू एवं प्रत्येक विधानसभा से निर्धारित वीवीपैट लाया जाएगा बाकी सभी बीयू एवं निर्धारित वीवीपैट को छोड़कर सभी वीवीपैट स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रहेगा। अंतिम परिणाम की घोषणा उपरांत सीलिंग कार्य मतगणना में लगे अधिकारी एवं सहायक द्वारा सम्पन्न कराया जाएगा। प्रशिक्षण में एडीएम श्री अरविंद एक्का, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, एसडीएम पाटन श्री दीपक निकुंज, एसडीएम भिलाई-3 श्री महेश राजपूत, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड भी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार लोकसभा निर्वाचन-2024 के अंतर्गत 04 जून 2024 को श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल विश्वविद्यालय जुनवानी भिलाई में मतगणना कार्य किया जाना है। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार मतगणना स्थल के संपूर्ण व्यवस्था के नोडल अधिकारी श्री अश्वनी कुमार देवांगन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग तथा श्री लोकेश चन्द्राकर आयुक्त नगर पालिका निगम दुर्ग संयुक्त रूप से नियुक्त किये गए है। इसके अलावा मतगणना स्थल में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु नोडल अधिकारी/सहायक नोडल अधिकारी/सहयोगी अधिकारी/कर्मचारी की नियुक्ति की गयी है। उक्त आदेश के अतिरिक्त संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था, मतगणना हेतु पास जारी किये जाने तथा मतगणना उपरांत सिलिंग कार्य हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये गए है। जिसके अंतर्गत मतगणना स्थल में संपूूर्ण सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस अधीक्षक दुर्ग को, मतगणना हेतु समस्त प्रकार के पास जारी किये जाने हेतु श्रीमती योगिता देवांगन अपर कलेक्टर दुर्ग एवं मतगणना उपरांत सिलिंग कार्य हेतु श्रीमती मोनिका वर्मा आयुक्त नगर पालिक निगम रिसाली एवं श्री डी.एस.वर्मा उपसंचालक जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग दुर्ग को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
- -ग्राम पंचायत स्तर पर माहवारी स्वच्छता सप्ताह का होगा आयोजन-माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता लाने स्वच्छताग्राही स्व-सहायता समूह करेंगे कार्य-192 ग्रामों में सेनेटरी पेड के क्रय-विक्रय हेतु वर्ल्ड बैंक परफारमेंस ग्रांट से 25 लाख की चक्रिय निधि जारीदुर्ग, / स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत माहवारी स्वच्छता प्रबंधन मुख्य घटक के रूप में सम्मिलित है। इस हेतु 28 मई को प्रतिवर्ष विश्व माहवारी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी अनुक्रम में जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता लाने हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायतों में महिला स्व-सहायता समूह, किशोरी बालिकाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानीन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, शाला शिक्षक, ग्रामीणों के साथ माहवारी स्वच्छता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अतंर्गत ग्राम पंचायत कोलिहापुरी जनपद पंचायत दुर्ग एवं ग्राम पंचायत ढौर जपनद पंचायत दुर्ग में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दुर्ग द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम पंचायत पथरिया (सह) जनपद पंचायत धमधा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा एवं वाटरएड संस्था, ग्राम पंचायत लिटिया जनपद पंचायत धमधा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा, ग्राम पंचायत सेलूद जनपद पंचायत पाटन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन एवं वाटरएड संस्था तथा ग्राम पंचायत धौराभाठा जनपद पंचायत पाटन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन एवं समर्थन संस्था द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री अश्विनी कुमार देवांगन ने परिपत्र जारी कर जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा एवं पाटन के कार्यपालन अधिकारियों को उनके द्वारा की जा रही कार्यवाही की जानकारी देने कहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर माहवारी स्वच्छता सप्ताह का आयोजन किया जायेगा। जिले के कुल 192 ग्रामों के स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूहों को वर्ल्ड बैंक परफारमेंस ग्रांट से कुल 25 लाख रूपए की राशि चक्रिय निधि माहवारी स्वच्छता अंतर्गत सेनेटरी पेड के क्रय-विक्रय हेतु जारी की गई है। इन समूहों द्वारा विशेष प्रचार-प्रसार एवं प्रत्येक महिला तक माहवारी स्वच्छता की जानकारी प्रसारित करने हेतु निर्देशित किया गया है। मनरेगा अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायतों में डीप बरियल पीट का निर्माण करने कहा गया है। संकुल एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित गतिविधियों की प्रतिवेदन सह फोटोग्राफ्स कार्यालय जिला पंचायत दुर्ग को प्रेषित की जाएगी।
- -अभियान के अंतर्गत 60 ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में की जाएंगी विभिन्न गतिविधियांदुर्ग। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में 27 मई से 15 जून 2024 तक जल सुरक्षा कार्यक्रम अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत् ग्राम पंचायतों में जल सुरक्षा चौपाल व शपथ कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। जल सुरक्षा सूत्र में विभिन्न गतिविधियों का संचालन हो रहा है। जिसके अंतर्गत समस्त शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टींग सिस्टम की मरम्मत साफ सफाई एवं नवीन निर्माण, ग्राम पंचायतों में जल वाहिनी दीदीयों की सभा का आयोजन, ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों में डिसिल्टिंग कार्य, वर्षा जल को संचित करने हेतु रिचार्ज पिट का निर्माण, सभी ग्राम/नगर वार्डों में नगर निकाय स्तर पर जल स्त्रोत की सफाई का कार्य, पेय जल स्त्रोतों के पास सोखता गड्ढों की साफ सफाई एवं निर्माण, प्राकृतिक वर्षा जल बहाव क्षेत्र (नालो) में गाद की साफ सफाई, वर्षा जल संचयन हेतु जल अवशोषण गड्ढो का निर्माण, मृदा में नमी की मात्रा का परीक्षण एवं नालों में जल बहाव की मात्रा का परीक्षण, कुओं की साफ सफाई एवं मरम्मत, वर्षा जल संरक्षण हेतु समस्त विभागों की कार्यशाला का आयोजन, भूमिगत जल संचयन हेतु डाईक निर्माण, ग्राम पंचायत के युवाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों में जल सुरक्षा की जागरूकता हेतु शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन, ग्राम पंचायतो में नवीन तालाबों एवं डबरियों का निर्माण, मल्चिंग, फसल चक्र और जैविक खेती तकनीकों जैसी प्रथाओं को बढ़ावा देना जो मिट्टी की नमी को संरक्षित करने और कृषि में पानी की खपत को कम करने हेतु प्रयास इत्यादि कार्य शामिल है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री अश्विनी देवांगन ने बताया कि 60 ग्राम पंचायतो में जल सुरक्षा चौपाल का आयोजन होगा। विकासखण्ड धमधा अंतर्गत खेरधा, मुड़पार, बरहापुर, देवरी, धौराभाठा, तरकोरी, बिरेभाठ (हिरेतरा), अकोला, नंदिनीखुंदिनी, पिटौरा, मोहलाई, ठेंगाभाट, नवागांव (स), साल्हेखुर्द, पुरदा, घोंठा, ढौर हि., लंहगा, पोटिया (में), बिरेझर ग्रामों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी प्रकार विकाखण्ड दुर्ग अंतर्गत ग्राम पुरई, रिसामा, धनोरा, बोरई, घुघसीडीह, अण्डा, बासीन, अंजांेरा ख, थनौद, चंदखुरी, कोलिहापुरी, नगपुरा, मचांदुर, जेवरा, करंजाभिलाई, मोहलाई, झोला, समोदा, ननकट्ठी, निकुम ग्रामों में एवं विकासखण्ड पाटन के अतर्गत जामगांव (एम), गाड़ाडीह, सेलुद, सांतरा, टेमरी, बेल्हारी, जामगांव (आर), कसही, परसाही, धमना, रानीतराई, लोहरसी, तर्रा, चीचा, सिकोला, दरबारमोखली, बेलौदी, करगा, रवेली, सावनी इत्यादि ग्रामों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
- -ग्राम पंचायत अंजोरा में जल शक्ति मिशन कार्यक्रम का हुआ आयोजन-रंगोली, पेंटिंग जैसी कलाकृतियों के माध्यम से नन्हे बच्चों ने दिया जल संरक्षण का संदेशदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में, जिला पंचायत दुर्ग सीईओं श्री अश्वनी देंवागन के मुख्य आतिथ्य में जल शक्ति मिशन चौपाल का आयोजन ग्राम पंचायत अंजोरा में किया गया। सीईओ श्री देवांगन ने ग्राम पंचायत में जल वाहिनी दीदीयों को सभा के माध्यम से वर्षा के जल को संचित करने हेतु रिचार्ज पिट की उपयोगिता की जानकारी दी। ग्राम पंचायत में जल स्त्रोत की सफाई अभियान, पेय जल स्त्रोतों के पास सोखता गड्ढे की साफ-सफाई एवं निर्माण, ग्राम पंचायत के युवाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों में जल सुरक्षा की जागरूकता हेतु शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिला पंचायत सीईओ श्री देवांगन कहा कि धरती पर बारिश की हर बूंद लोगों के लिये भगवान के आर्शीवाद के समान है। बारिश का पानी जमीन पर मोती के समान गिरता है, इसलिये विकासशील क्षेत्रों और प्राकृतिक जल संसाधनों की कमी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में खासतौर से बारिश के पानी के महत्व को समझाया गया। पानी को बचाने एवं उसके विवेकपूर्ण उपयोग करने में ग्रामीणों की जिम्मेदारी के बारे में बताया गया।कार्यक्रम में जल संरक्षण का संदेश देने के लिए ग्राम पंचायत के स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने रंगोली व पेंटिंग बनाई। बच्चों की कलाकृतियों से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने बूंद-बूंद पानी को सहेजने में जल को बचाने की अपनी जिम्मेदारी को भी माना। वर्षा जल का संग्रहण सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए जरूरी है। बारिश के पानी को इकट्ठा करना बहुत ही असरदार और पारंपरिक तकनीक है। इससे छोटे तालाबों, भूमिगत जल आदि के इस्तेमाल से जल संरक्षण किया जा सकता है। ग्रामीणों को कार्यक्रम के द्वारा भूमिगत पुनर्भरण तकनीक से जल संग्रहण का भी संदेश दिया गया।कार्यक्रम में संरपच श्रीमति संगीता ने मुख्य अतिथि जिला पंचायत सीईओ श्री अश्वनी देवांगन को रूद्र का पौधा भेंट किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत से मनरेगा सहायक परियोजना अधिकारी श्री अरदीप ढीढी, जनपद पंचायत से श्रीमती रूचि वर्मा एडीओ,श्री देवीलाल ध्रुव वरिष्ठ आंतरिक लेख परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी, श्री गौरव मिश्रा कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, श्रीमती वर्षा साहू तकनीकी सहायक मनरेगा एवं ग्रामीण उपस्थित रहें।
- -दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर दो को नोटिस, रेत जब्तबिलासपुर, /कलेक्टर के निर्देश पर खनि अमला बिलासपुर द्वारा गत दिनों ग्राम जोंधरा तहसील मस्तूरी में खनिज रेत के भंडारण का मौका जांच किया गया। मौका जांच में अशोक कर्ष निवासी अकलतरा द्वारा लगभग 120 हाईवा/1440 घन मीटर रेत भंडारित होना पाया गया। इसी डकार मेसर्स सुमन इंटरप्राइजेज केप्रो. जितेंद्र सिंह को स्वीकृत भंडारण अनुज्ञप्ति क्षेत्र में लगभग 200 हाईवा/2400 घन मीटर रेत भंडारित होना पाया गया।खनिकर्म विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उक्त दोनों प्रकरणों में मौके पर रेत भंडारण अनुज्ञप्ति संबंधी दस्तावेज एवं भंडारित रेत की वैधता प्रमाणित करने मौक़े पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के कारण छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71खान एवं खनिज(विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 21छत्तीसगढ़ खनिज(खनन,परिवहन एवं भंडारण) नियम 2009 के तहत प्रकरण दर्ज कर भंडारित खनिज रेत को जप्त कर अवैध भंडारणकर्ता को 03 कार्य दिवस के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया। ज्ञात हो कि भंडारण अनुज्ञा के नियम एवं शर्तों का पालन नहीं करने के कारण अब तक 07 अनुज्ञप्तिधारियों को कारण बताओं नोटिस(SCN ) जारी किया गया है। समाधानकारक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में स्वीकृत खनिज रेत भंडारण अनुज्ञप्ति के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जावेगी।
- -पूरे मनोयोग एवं गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त कर त्रुटिरहित ढंग से कार्य संपदान कराने के दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि मतगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में गणना सुपरवाईजर एवं गणना सहायकों का कार्य एवं दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री चन्द्रवाल ने संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया मंे मतगणना के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी गणना सुपरवाईजर एवं गणना सहायकों का पूरे मनोयोग एवं गंभीरता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर त्रुटिरहित ढंग से अपने कार्यों का संपादन करने को कहा। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल आज जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के अंतर्गत मतगणना कार्य हेतु नियुक्त किए गए जिले के गणना सुपरवाईजर एवं गणना सहायकों प्रशिक्षण में अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस बार जिला निर्वाचन कार्यालय बालोद द्वारा जिले मंे पहली बार अभिनव प्रयोग करते हुए जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए गणना सुपरवाईजर एवं गणना सहायकों के रूप में शत प्रतिशत महिला अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशिक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक, नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर तरूणा साहू एवं प्रशिक्षकों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चन्द्रवाल ने गणना सुपरवाईजर एवं गणना सहायकों को उनके कार्यों एवं दायित्वों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मतगणना कार्य को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु मतगणना के कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने कार्यों का संपादन पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ-साथ त्रुटिरहित ढंग से करना अत्यंत आवश्यक है। श्री चन्द्रवाल ने बताया कि मतगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए विधिवत् पास जारी किया जाएगा। इसके अलावा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गणना अभिकर्ताओं को राईटिंग पेड, पीने का पानी, पेन आदि भी उपलब्ध कराया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु गणना सुपरवाईजर एवं गणना सहायक के रूप में नियुक्त किए गए सभी महिला कर्मियों को अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा गणना सुपरवाईजर एवं गणना सहायकों को उनके कार्यों एवं दायित्वों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।


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