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- 0- सोक पिट निर्माण, भू-जल रिचार्ज को मिलेगी मजबूतीदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में “मोर गांव मोर पानी” जल संरक्षण अभियान के तहत विभिन्न गांवों में स्व-प्रेरणा से बड़ी संख्या में सोक पिट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। ग्राम पंचायत कातरों में “एकेच गोठ एकेच बानी, बचाना है बूंद-बूंद पानी” थीम पर जल संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री ललित चंद्राकर, जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे और जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री रूपेश पांडे शामिल हुए। अभियान के तहत प्रधानमंत्री आवासों, स्कूल परिसरों और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं ने अपने घरों व ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए सोक पिट बनाए। स्व-सहायता समूहों ने जल संरक्षण अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने घरों व परिसरों में सोक पिट निर्माण किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही भी आगे आए।जिले में जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के 4312 आवासों में सोक पिट निर्माण जारी है, जिसमें जनपद धमधा में 2115, जनपद दुर्ग में 942 और जनपद पाटन में 1255 सोक पिट बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा 1105 ग्रामीण विद्यालय परिसरों में सोक पिट तैयार किए जा चुके हैं। स्व सहायता महिला सदस्यों द्वारा 5000 से अधिक सोक पिट अपने घरों एवं परिसरों में निर्मित किए गए हैं। ये संरचनाएँ वर्षा जल को धरातल में समाहित कर भू-जल स्तर बढ़ाने में सहायक साबित हो रही हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के संयुक्त प्रयासों से जल संरक्षण अभियान को नई गति मिली है। जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने बताया कि सभी जनपद पंचायतों में कार्य तेजी से जारी है और इससे जिले में जल उपलब्धता तथा भू-जल रिचार्ज में सकारात्मक सुधार होने की उम्मीद है। अभियान के चलते स्थानीय जल संकट कम करने, कृषि में मिट्टी की नमी बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। “मोर गांव मोर पानी” भविष्य की जल सुरक्षा की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।--
- दुर्ग. मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा अनुमोदित निर्धारित लागत दर अनुसार जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत अधोसंरचना निर्माण कार्य के लिए 47.79 लाख रूपए की अनुशंसा प्राप्त हुई है। अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग पाटन द्वारा प्रेषित तकनीकी स्वीकृति के आधार पर अनुशंसित कार्य को संपादित कराए जाने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्याे की संपादन कार्यकारी एजेंसी संबंधित ग्राम पंचायत होगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बीके दुबे से प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखण्ड पाटन के ग्राम सांतरा में मुक्तिधाम सह प्रतिक्षालय शेड निर्माण हेतु 4.79 लाख रूपए, ग्राम डिडगा के वार्ड न. 10 में तथा जामगांव एम सतनाम भवन से मुख्य मार्ग की ओर सीसी रोड निर्माण हेतु 2.60-2.60 लाख रूपए तथा ग्राम सोनपुर में चिंता साहू के घर से सनत कुम्भकार के घर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 7.80 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार ग्राम पंदर में, ग्राम बटंग में रामायण मंच के पास तथा ग्राम चुनकट्टा में कला मंच के पास शेड निर्माण हेतु 10-10 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। उक्त निर्माण कार्य हेतु मानक मानचित्र एवं प्राक्कलन ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की वेबसाईट http://www.cg.nic.in/resworks में उपलब्ध है।
- 0- ग्रामीण किसान की बदल गई किस्मत, आय में हुई कई गुना वृद्धिदुर्ग. महात्मा गांधी नरेगा योजना ने एक बार फिर ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाया। ग्राम पंचायत महमरा में मनरेगा के तहत निर्मित निजी तालाब (डबरी) ने किसान मूलचंद निषाद और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया है। लगभग 6 किमी दूर स्थित इस गांव में रहने वाला 4 सदस्यीय परिवार पहले केवल द्विफसलीय खेती पर निर्भर था, जिससे आय सीमित थी और जीवनयापन चुनौतीपूर्ण बना रहता था। लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। मनरेगा से बने इस तालाब ने मूलचंद निषाद के जीवन में नई रोशनी लेकर आयी। तालाब को उन्होंने दो हिस्सों में विकसित किया। पहले हिस्से में मछली पालन और दूसरे हिस्से में ढेस कांदा उत्पादन। इतना ही नहीं तालाब की मेड़ पर उन्होंने मौसमी सब्जियों की खेती भी शुरू की, जिससे नियमित आय का स्रोत बन गया है।सब्जी उत्पादन से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 हजार से 12 हजार की आय हो रही है। मछली पालन ने उनकी वार्षिक आय में और अधिक इजाफा करते हुए हर वर्ष लगभग ढेड लाख तक की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, परिवार द्वारा किए जा रहे मुर्गी पालन से भी अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। एक किसान के लिए यह आय उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। बारिश का पानी सीधे तालाब में संग्रहित होने से उनके खेतों को भरपूर सिंचाई मिलने लगी। अब वे टमाटर, मिर्च, धनिया और अन्य सब्जियों की अतिरिक्त फसल लेकर बाजार में बेच पा रहे हैं। इस निर्माण कार्य से मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को भी अच्छा रोजगार मिला। आज यह डबरी न सिर्फ जल संरक्षण का साधन है, बल्कि ग्रामीण परिवार की आजीविका का माध्यम भी है।
- 0- जिला स्तरीय संयुक्त सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्नदुर्ग. जिले में यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और सड़क दुर्घटनाओं पर रोकथाम हेतु आवश्यक व्यवस्था के संबंध में आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय संयुक्त सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी शामिल हुए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने सहित सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, प्रभावी उपाय किया जाए। कलेक्टर ने एनएचआई के अधिकारियों को नेहरू नगर चौक से अंजोरा तक सड़कों में विचरण करने वाले पशुओं को हटाने की कार्यवाही निरंतर जारी रखने और नेहरू नगर चौक से कुम्हारी टोल प्लाजा तक सर्विस रोड डामरीकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को एनएचआई के रोड में जहां मिडिल कट बंद किया गया है, उसको तोड़ने वालों पर निगरानी कर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। इसी प्रकार एसडीएम भिलाई को भिलाई नगर के सूर्या मॉल के पास और सुपेला मार्केट के पास पार्किंग ठेकेदार द्वारा सड़क पर वाहन पार्किंग कराने पर वाहन जब्ती करने के कार्यवाही के निर्देश दिये। उन्होंने पशुओं के सड़कों में विचरण करते पाये जाने पर पशुपालकों को पूर्व में जारी बॉण्ड के आधार पर कार्यवाही करने तथा सड़क किनारे के सभी प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने अधिकारियों को निर्देशित किया।कलेक्टर ने मॉलवाहक वाहनों का उपयोग यात्री बिठाने में लायी जाने पर यातायात नियमों के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार दुर्ग भिलाई नगर में रात्रि में भारी वाहनों के प्रवेश प्रतिबंधित करने एएसपी यातायात को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देशित किया है। इससे पूर्व विगत बैठक की पालन प्रतिवेदन पर विभागवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने कार्य पूर्णतः/अद्यतन प्रगति/विभागीय कार्यवाही आदि से अवगत कराया। बैठक में जिले की सड़कों में यातायात सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार विमर्श कर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिये गये।बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे, एएसपी यातायात सुश्री ऋचा मिश्रा, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री डी. राजपूत, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम पाटन श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम भिलाई-03 श्री महेश राजपूत, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, एसडीएम दुर्ग शहर श्री उत्तम ध्रुव, आरटीओ श्री एस.एल. लकड़ा, एनएचएआई के परियोजना निदेशक श्री दिग्विजय सिंह, एनएचआई के कार्यपालन अभियंता श्री गोविंद अहिवार, विद्युत मंडल दुर्ग शहर के कार्यपालन अभियंता श्री आर.के. दानी, सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी, तांदुला जल संसाधन संभाग दुर्ग के श्री कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सारश्वत, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष भट्टाचार्य, ई एण्ड एम के एसडीओ श्री चन्द्राकर, ट्रेफिक डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और बीएसपी के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- 21 हजार 313 शिशुवती महिलाओं को मिला योजना का लाभ0- बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने में बना नया कीर्तिमानरायपुर. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में रायपुर जिला पूरे छत्तीसगढ़ में शीर्ष पर पहुंच गया है। जिले की 21 हजार 313 शिशुवती महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान कर प्रशासन ने मातृ-स्वास्थ्य और बेटियों के सुरक्षित भविष्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।\मां बनना हर स्त्री के जीवन का सबसे सुखद क्षण माना जाता है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान शारीरिक चुनौतियां और आर्थिक दबाव अक्सर उनके स्वास्थ्य व पोषण पर असर डालते हैं। इसी महत्वपूर्ण परिस्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आज महिलाओं के लिए मजबूती का आधार बन गई है।रायपुर के आमानाका निवासी श्रीमती चांदनी कौर योजना से मिली सहायता को अपने जीवन में बड़ा सहारा बताती हैं। उनके पति श्री राजेन्द्र सिंह मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। श्रीमती कौर ने बताया कि पहली बेटी के जन्म पर उन्हें 5 हजार रुपए की तीन किस्तों में सहायता मिली, जबकि दूसरी बेटी होने पर 6 हजार रुपए की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई।उन्होंने योजना से मिली राशि को अपनी दोनों बेटियों के सुकन्या समृद्धि खाता में जमा कर उनका भविष्य सुरक्षित करने की पहल की है। श्रीमती कौर बताती हैं कि बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित करने के कारण उन्हें मानसिक एवं आत्मिक संतोष हुआ जिसके बाद वे अपने स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल रख सकी। आज वे और उनका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। वे अन्य महिलाओं को भी योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिलें को मिले 16822 के लक्ष्य के विरुद्ध 15741 शिशुवती महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। योजना के तहत पहले जीवित बच्चे पर 5 हजार रुपए, और दूसरे बच्चे के रूप में बेटी होने पर 6 हजार रुपए की राशि दी जाती है।उल्लेखनीय है कि इस योजना का उद्देश्य माताओं को पोषण, आराम और सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराना है। राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध लाभ सुनिश्चित हो सके। रायपुर जिला प्रशासन की यह उपलब्धि महिलाओं के स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और बेटियों के बेहतर भविष्य निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।--
- 0- प्रकृति संरक्षण और आर्थिक राहत का नया जरिया बनी सूर्यघर योजना0- चार महीने के भीतर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी मिल गई हैरायपुर. केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना आज आम जनजीवन के लिए न सिर्फ आर्थिक राहत का माध्यम बन रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के प्रचार-प्रसार में भी अहम भूमिका निभा रही है। रायपुर जिले के अग्रोहा कॉलोनी निवासी श्रीमती रिचा पांडेय की कहानी प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना की सफलता को बयां करती है। श्रीमती पांडेय ने अगस्त 2025 में अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया। इस पर उन्हें केंद्र सरकार से 78,000 और राज्य सरकार से 30,000 रुपए की अनुदान राशि प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से मिली। इसके बाद उन्होंने स्वयं ऑनलाइन आवेदन किया तथा बिना किसी भागदौड़ और परेशानी के छत पर पैनल लग गया।उन्होंने बताया कि पहले जहाँ हर महीने 5000-6000 रूपये तक का बिजली बिल आता था, वहीं अब पिछले तीन महीनों में उनका बिजली बिल महज 1500 से 2000 रुपए आता है। यह योजना सिर्फ पैसों की बचत नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। अब मैं अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहा हूँ।श्रीमती रिचा पांडेय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना सचमुच "घर-घर उजाला" ला रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा।
- 0- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप 8 से 12 दिसंबर तक चलेगा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमरायपुर. माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Suo Motu Writ Petition में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में राजधानी रायपुर में आज से पशु चिकित्सकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर पशु जन्म नियंत्रण नियम-2023 के तहत संचालित किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड (पशुधन विकास विभाग) द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनिमल बर्थ कंट्रोल केंद्र, बैरन बाजार में 8 दिसंबर से 12 दिसंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।प्रशिक्षण शिविर में पशुओं के आश्रय, देखरेख, स्थापना, व्यवस्था एवं संचालन से संबंधित विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि शहरी क्षेत्रों में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में आवारा पशुओं के प्रबंधन को वैज्ञानिक, मानवीय एवं सुव्यवस्थित बनाना है।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज रोजगार विभाग के उप संचालक ऐ.ओ लॉरी ने मिडिल स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र कुहेरा, आरंग में अपने नाती का जन्मदिन स्कूली बच्चों के साथ मनाया । इस अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- दानदाताओं ने अब तक दी 6000 से अधिक पुस्तकेंरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना शिक्षा के क्षेत्र में नया संबल प्रदान कर रही है। इसी क्रम में शासकीय प्राथमिक शाला सखाराम दुबे की प्रधान पाठिका सुश्री ममता अहार ने 20 पुस्तक दान की जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की जीवनी, नोवेल, सुभद्राक्ष कुमारी चौहान द्वारा लिखित पुस्तक शामिल है एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकर (धरसीवां) की शिक्षिका श्रीमती चंचल विजय शुक्ला ने चार स्वरचित पुस्तक दान की जिसका नाम नारी अस्मिता की आवाज, पहली महिला, भारत के लाल व कवियों पर कविता सहित अन्य पुस्तकें भी दान की गईं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इन पुस्तकों को ग्रहण करते हुए इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता का आभार व्यक्त किया। जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत अब तक लगभग 6000 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं। ये पुस्तकें जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना अथवा रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।--
- 0- प्रोजेक्ट धड़कन को और प्रभावी बनाने डॉक्टर्स को डिजिटल स्टेथेस्कोप एवं टैबलेट सौंपारायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय सभागार में जिले में चल रहे विभिन्न महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं एवं नवाचारों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, संस्कृति, पर्यटन एवं सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रोजेक्ट दक्ष, हर घर मुनगा, मिशन उत्कर्ष, प्रोजेक्ट घंटी, प्रोजेक्ट U-शेप, प्रोजेक्ट अलर्ट और प्रोजेक्ट राहत, प्रोजेक्ट विजय भव, पढ़ेगा रायपुर, बढ़ेगा रायपुर, कैरियर गुरु, प्रोजेक्ट दिव्य धुन, प्रोजेक्ट अनुभव, प्रोजेक्ट श्रेष्ठ, प्रोजेक्ट क्लीन इत्यादि के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी नवाचारों के क्रियान्वयन में गति लाने, समय-सीमा आधारित मॉनिटरिंग, नियमित फील्ड समीक्षा तथा लाभार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।इस दौरान कलेक्टर डॉ. सिंह ने प्रोजेक्ट धड़कन को और प्रभावी बनाने हेतु RBSK एवं चिरायु टीम के डॉक्टर्स—डॉ. आशा कुजूर, डॉ. प्रियंका तिर्की, डॉ. आशीष खरसन, डॉ. रवि चंद्राकर, डॉ. अबरार आलम, डॉ. बुद्धेश पटेल एवं डॉ. प्रीति—को 7 डिजिटल स्टेथेस्कोप एवं टैबलेट प्रदान किए।इन अत्याधुनिक उपकरणों के उपयोग से जिले के सभी शासकीय स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों में बच्चों के हृदय की जांच अब और तेज़, सटीक एवं व्यवस्थित रूप से हो सकेगी। इससे अधिक संख्या में बच्चों का हृदय स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सकेगा तथा लक्षणयुक्त बच्चों को शीघ्र मेडिकल सहायता उपलब्ध कराना संभव होगा।कलेक्टर ने कहा कि प्रोजेक्ट धड़कन बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण पहल है, और इन डिजिटल उपकरणों के माध्यम से इसके क्रियान्वयन में और तेजी आएगी। बैठक में निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन संबंधित विभागों के अधिकारी, प्रोजेक्ट प्रभारी एवं जिला स्तरीय टीम उपस्थित रही।--
- बिलासपुर. बाबा गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय लोक कला महोत्सव के लिए 16 दिसम्बर तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। इच्छुक कलाकार उक्त तिथि तक सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय बिलासपुर में पंजीयन करा सकते हैं। इसकेे लिए कार्यालय के कर्मचारी श्रीमती दमयंती सिंह (मो. 93292-58721) को अधिकृत किया गया है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि इस साल 18 दिसम्बर को जरहाभांठा स्थित विभागीय छात्रावास परिसर में जिला स्तरीय गुरू घासीदास लोक कला महोत्सव का आयोजन किया गया है। जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की पारम्परिक लोक कला यथा लोकगीत, लोक गायन, लोक नृत्य ( पंथी नृत्य, पण्डवानी, भरथरी, परम्परागत लोक वाद्य ) आदि से जुड़े कलाकार अथवा नर्तक दल हिस्सा ले सकते हैं। प्रतिभागियों में से निर्णायक मण्डल द्वारा चयनित प्रथम स्थान प्रतिभागी राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए पंजीयन निःशुल्क रखा गया है। प्रतिभागियों को कार्यक्रम की प्रस्तुति हेतु वाद्य यंत्र आदि स्वयं लेकर आना होगा।
- बिलासपुर. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरण के निराकरण के क्रम में आमजनों से दावा-आपत्ति आमंत्रित किये गये हैं। इच्छुक व्यक्ति 7 दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर अथवा बंद लिफाफे में पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जानकारी दे सकते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बिल्हा के खैरा डगनिया निवासी ज्योतिश कुमार ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया है। उनके पिता स्वर्गीय संतोष कुमार मोहिते शिक्षक एलबी के पद पर मिडिल स्कूल डंगनिया में कार्यरत थे। यदि आवेदक परिवार के कोई सदस्य शासकीय सेवा में हों अथवा उनके विरूद्ध कोई आपराधिक मामला न्यायालय में विचाराधीन हों या अन्य कोई आपत्ति या जानकारी इस दौरान दे सकते हैं।
- फाइल फोटोबिलासपुर. राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर 21 दिसम्बर को बूथों में पल्स पोलियों की दवा पिलाई जायेगी। शून्य से 5 बरस तक के सभी बच्चों को यह पोलियों ड्राप्स पिलाया जाना है। इसके बाद भी यदि कुछ बच्चे छूट जाएं तो उन्हें 22 एवं 23 दिसम्बर को उनके घर पहुंचकर पोलियो की खुराक दी जायेगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में अभियान की तैयारी हेतु टीएल मीटिंग के बाद मंथन सभाकक्ष में टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई है। सीएमएचओ ने सभी संबंधित अधिकारियों, एनजीओ, आईएमए, मितानिन समन्वयकों को बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का आग्रह किया है।
- बिलासपुर. स्पाईन सर्जरी की तैयारी के लिए 11 दिसम्बर को दोपहर 2 बजे कोनी स्थित स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव स्मृति सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल में समन्वय बैठक आयोजित की गई है। मालूम हो कि स्पाईन फाउण्डेशन ऑफ इण्डिया एवं सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल के बीच स्पाईन रोगों के इलाज में सहयोग के लिए अनुबंध हुआ है। जिसके अनुसार प्रति वर्ष 3-4 माह की अवधि में स्पाईन रोगों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्र के रोगियों के लिए विशेष उपचार शिविर का आयोजन प्रस्तावित किया गया है।इसमें संस्थान के विश्व प्रसिद्ध स्पाईन सर्जन डॉ0 शेखर भोजराज के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम शल्य क्रिया करेंगे। इस उपचार एवं शल्यक्रिया में सिम्स बिलासपुर के अस्थि रोग विभाग की सक्रिय भागीदारी रहेगी। इस उद्देश्य से सिम्स द्वारा सप्ताह में एक दिन स्पाईन क्लिनिक का संचालन किया जायेगा। स्पाईन फाउण्डेशन के चिकित्सकों से मोबाईल अथवा दूरसंचार माध्यमों से परामर्श प्राप्त कर उपचार एवं शल्य क्रिया से संबंधित दिशा-निर्देश के अनुसार आगे की कार्यवाही की जायेगी। स्पाईन फाउण्डेशन के साथ किया गया अनुबंध पूर्णतः सामाजिक सरोकार एवं जनहितकारी उद्देश्यों से प्रेरित है जो आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण अंचल के पीड़ितों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा।
- बिलासपुर. अवैध धान भण्डारण एवं परिवहन के विरूद्ध अभियान जारी है। कलेक्टर के निर्देश पर दो स्थानों पर छापामार कार्रवाई कर करीब डेढ़ लाख रूपए का अवैध धान जब्त किया गया। अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी एसएस दुबे ने बताया कि कृषि उपज मण्डी समिति जयराम नगर के अंतर्गत ग्राम पचपेड़ी हेमंत नारजे के गोदाम से 67 बोरी धान (27 क्विंटल) एवं कृषि उपज मण्डी समिति बिलासपुर के अंतर्गत ग्राम बसहा, बेलतरा से 50 बोरी (20 क्विंटल) धान बरामद किया गया। मण्डी अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। राजस्व, खाद्य एवं मण्डी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। कलेक्टर के निर्देश पर धान खरीदी की सम्पूर्ण अवधि तक इस तरह की छापेमार कार्रवाई जारी रहेगी।
- बिलासपुर. जिला कोषालय अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी बसंत गुलेरी ने सैदा स्थित धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बारीकी से खरीदी व्यवस्था देखी एवं शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश समिति प्रबंधन को दिए। उन्होंने केन्द्र में बेचने आये कुछ किसानों से चर्चा कर उनसे फिडबेक भी लिया। निरीक्षण में प्रमुख रूप से उन्हांेने खरीदे गये धान की स्टेकिंग, बारदानों की उपलब्धता, तौल मशीन, कम्पयूटर सेट एवं इन्टरनेट की व्यवस्था, किसानों को भुगतान, हमाल, डनेज, बैनर पोस्टर, किसानों के लिए की गई सुविधाएं, एफएक्यू आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने शासन की नीति के अनुरूप व्यवस्था एवं खरीदी किये जाने के कड़े निर्देश दिए।
- 0- बिलासपुर जिला के 63 स्काउट-गाइड प्रतिभागी होंगे शामिलबिलासपुर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़, जिला संघ बिलासपुर के तत्वाधान में राज्य स्तरीय पर्वतारोहण व्यक्तित्व विकास एवं आपदा प्रबंधन शिविर का आयोजन पचमढ़ी में 08 से 12 दिसम्बर 2025 तक किया जा रहा है। आज 07 दिसम्बर 2025 को रेल्वे स्टेशन बिलासपुर से पिपरिया रवाना हुए शिविर में जिले से 28 स्काउट एवं 31 गाइड कुल 63 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।प्रतिभागियों के साथ प्रभारी के रूप में स्काउट मास्टर श्री सुरेश साहू एवं श्री राजेन्द्र कौशिक, तथा गाइड प्रभारी श्रीमती रश्मि तिवारी एवं श्रीमती आराधना लिंकन सहभागिता निभाएंगे। शिविर में शामिल सभी प्रतिभागियों को राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव श्री जितेन्द्र कुमार साहू, जिला मुख्य आयुक्त स्काउट श्री चन्द्र प्रकाश बाजपेयी एवं जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला आयुक्त स्काउट श्री विजय टांडे ने सफल सहभागिता हेतु शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। कार्यक्रम के अवसर पर जिला सचिव सुश्री लता यादव,डीओसी स्काउट श्री महेन्द्र बाबू टंडन, डीओसी गाइड डॉ. पूनम सिंह, डीटीसी स्काउट श्री संतोष त्रिपाठी, डीटीसी गाइड श्रीमती माधुरी यादव , श्री मुरली मोहन दास(रेल्वे ट्राफिक कंट्रोलर)सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सदस्य उपस्थित रहे।--
- बिलासपुर. कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार एंव उप संचालक महोदय के मार्गदर्शन मे जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एंव भण्डारण पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 01/12/2025 को मटियारी क्षेत्र से खनिज मुरुम का अवैध परिवहन करते पाये गए हाइवा वाहन को जप्त कर पुलिस थाना सीपत की अभिरक्षा मे रखा गया। दिनांक 03/12/2025 को लमेर क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 01 हाइवा वाहन को जप्त कर थाना कोनी की अभिरक्षा मे रखा गया हैं तथा आमागोहान क्षेत्र मे खनिज मुरुम का अवैध उतखनन व परिवहन करते पाये गए 01 चैन माउंटेन व 02 हाइवा वाहनों को जप्त कर यथा स्थान सील बंद कर चालकों को को सुपुर्दगी मे दिया गया। दिनांक 06/12/2025 को लमेर क्षेत्र से 03 ट्रेक्टर ट्राली द्वारा खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जप्त कर थाना कोनी की सुपुर्दगी मे दिया गया। दिनांक 07/12/2025 को निरतु क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 01 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त कर थाना सकरी की अभिरक्षा मे रखा गया हैं।इसके साथ ही खनिज रेत के अवैध उतखनन के रोकथाम हेतु निरतु, लोखड़ी, पाठबाबा, धुरिपारा क्षेत्र से अवैध उतखनन हेतु निर्मित किये गए रैंप को भी काटा गया।किया गया।खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है।
- 0- किसान मिलऊराम साहू बोले— सरकार की नीतियों से मिल रहा मेहनत का सही दाम*बिलासपुर. जिले में जारी धान खरीदी अभियान किसानों के लिए आत्मविश्वास और राहत का कारण बन रहा है। समर्थन मूल्य पर हो रही धान खरीदी और कृषक उन्नति योजना के बेहतर क्रियान्वयन से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से की जा रही खरीदी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।धान उपार्जन केन्द्र सैदा पहुंचे ग्राम चिचिरदा के किसान श्री मिलऊराम साहू ने बताया कि वे 2 एकड़ भूमि पर खेती करते हैं। इस वर्ष उन्हें अच्छी पैदावार प्राप्त हुई और उन्होंने एक ही दिन में 46 क्विंटल 80 किलो धान विक्रय किया। उन्होंने बताया कि समय पर भुगतान और सरल प्रक्रिया के कारण किसानों का भरोसा व्यवस्था पर और भी मजबूत हुआ है।श्री मिलऊराम साहू ने उपार्जन केन्द्र में उपलब्ध पेयजल, छांव, इलेक्ट्रॉनिक तौलाई मशीन, बैठने की सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन लेने से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समय बचाने वाली हो गई है।उन्होंने कहा कि शासन की कृषक हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष लाभ अब किसानों को जमीन पर दिखाई दे रहा है। बेहतर मूल्य मिलने से न केवल घर-परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि अगली फसल की तैयारी के लिए भी आर्थिक मजबूती मिल रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।उन्होंने यह भी बताया कि विगत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उन्होंने कृषि उपकरण, बीज-खाद और घरेलू आवश्यकताओं में सदुपयोग किया था, जिसका लाभ उन्हें इस वर्ष अच्छी पैदावार के रूप में मिला। उल्लेखनीय है कि धान उपार्जन केन्द्र सैदा के अंतर्गत सैदा, घुरु, अमेरी, उसलापुर, मेंड़्रा एवं चिचिरदा सहित आसपास के गांवों के किसान बड़ी संख्या में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने पहुंच रहे हैं।
- 0- स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने किया कार्यक्रम स्थल का भूमिपूजन एवं शुभंकर का अनावरणबालोद. प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आयोजन बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम दुधली में 09 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज ग्राम दुधली स्थित कार्यक्रम स्थल का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। उन्होंने इस दौरान प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 हेतु राजकीय पशु वन भैंसा पर आधारित शुभंकर तथा ’विकसित युवा, विकसित भारत’ थीम पर आधारित लोगो का अनावरण किया। इस दौरान जंबूरी डायरेक्टर श्री अमर क्षेत्री, भारत स्काउट गाउड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, डीपीआई डायरेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, राज्य एथेलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया और बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी तथा स्काउट-गाइड के सदस्य उपस्थित थे।स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आयोजन 09 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से 15 हजार से अधिक रोवर और रेंजर शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस विशाल कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री एवं राज्य के मुख्यमंत्री सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। श्री यादव ने कहा कि इस तरह का आयोजन हमें सहयोग, अनुशासन और आपसी भाईचारे के महत्व को सिखाता है। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा ने शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के नेतृत्व में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 के आयोजन का सौभाग्य मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन ने इस वृहद आयोजन की मेजबानी का मौका देने के लिए शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव का धन्यवाद किया और इस आयोजन को सफल बनाने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन करते हुए जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि मातृभूमि बालोद में इस तरह का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने शिक्षा मंत्री श्री यादव का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित कर इस आयोजन को सफल एवं स्मरणीय बनाने का विश्वास दिलाया। इस अवसर पर नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के अध्यक्ष श्री लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, श्रीमती कुसुम शर्मा, श्री जसराज शर्मा, नेहा उपाध्याय, सुरेन्द्र देशमुख, मालीघोरी के उपसरपंच श्री मोहित देशमुख सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- 0-विश्वविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का कुलपति ने खेल ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभरायपुर. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा है कि हर खिलाडी में एक चैम्पियन होता है, बस उस चैम्पियन का प्रोत्साहित करने और उसे बाहर लाने की जरूरत होती है। उन्होने कहा कि खेल-कूद प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में छिपे चैम्पियन को बाहर लाने में मददगार होती हैं। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में अंतर्निहित खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। डॉ. चंदेल आज यहां कृषि विश्वविद्यालय के स्पोर्टस काम्प्लेक्स में विश्वविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ कर रहे थे। कुलपति डॉ. चंदेल ने खेल ज्योति प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले चारों जोन की टीमों में शामिल खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ भी दिलाई।विश्वविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता - 2025 में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण जोन के अंतर्गत आने वाले समस्त महाविद्यालयों के 160 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। 08 से 11 दिसम्बर, 2025 तक आयोजित होने वाली इस तीन दिवसीय विश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न क्रीड़ा स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत व्यक्तिगत स्पर्धाओं में लम्बी कूद, ऊंची कूद, ट्रिपल जंप, भाला फेंक, गोला फेंक, डिस्क थ्रो, 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, हर्डल दौड़ तथा 4ग्100 मीटर एवं 4ग्400 मीटर रिले दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। सामूहिक स्पर्धाओं के अंतर्गत वॉलीबाल, खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन तथा टेबल टेनिस स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है।विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि विद्यार्थी जीवन में खेलों का बहुत महत्व है। इससे शरीर स्वस्थ एवं मजबूत बनता है एवं बच्चों में टीम स्पिरिट तथा खिलाड़ी भावना का विकास होता है जो भविष्य में उन्हें सफल एवं अनुशासित नागरिक बनने में योगदान देते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आव्हान किया कि वे अपनी पूरी क्षमता तथा मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लें तथा सफलता अर्जित करें।शुभारंभ समारोह में आयोजन समिति के अध्यक्ष अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन की रूप-रेखा प्रतिपादित की। उन्हांने विद्यार्थियों से कहा कि वे ईमानदारी, निष्ठा और खेल भावना के साथ इस चार दिवसीय खेल-कूद प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करें। शुभारंभ समारोह में कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. सेंगर, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा, निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. दवे, संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार डॉ. एस.एस. टूटेजा भी मौजूद थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल होने वाले समस्त चार जोन के टीम मैनेजर, रैफरी एवं रायपुर स्थित तीनों महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. आर.के. ठाकुर ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।
- रायपुर। लोकसभा में चर्चा के दौरान बस्तर सांसद महेश कश्यप ने बस्तर क्षेत्र के युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय सदन में उठाया। उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे से प्रश्न करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) जैसी राष्ट्र निर्माण से जुड़ी योजनाओं को बस्तर के दूरस्थ, वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए, ताकि वहां के युवा भटकाव से बचकर मुख्यधारा में लौट सकें और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।बस्तर सांसद श्री कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, किंतु बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे एनएसएस के माध्यम से स्थानीय युवाओं को शिक्षा, कौशल और स्वयंसेवा से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय युवा कोर (एनवाईसी) योजना के क्रियान्वयन को लेकर भी केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में वर्तमान में कार्यरत राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों की संख्या, उनके प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण तथा निगरानी व्यवस्था से संबंधित विवरण मांगा। साथ ही इस योजना को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे ठोस कदमों की जानकारी भी सदन में मांगी।उन्होंने सदन में चर्चा के दौरान कहा कि विशेष रूप से ओडिशा के भद्रक एवं बालासोर जिलों में राष्ट्रीय युवा कोर के स्वयंसेवकों की तैनाती, प्रशिक्षण, सहायता और कार्यक्रम गतिविधियों में वृद्धि के संबंध में भी जानकारी मांगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने ओडिशा के बालासोर लोकसभा क्षेत्र में वर्ष 2020 से अब तक विभिन्न विभागों द्वारा कौशल विकास हेतु स्वीकृत एवं उपयोग की गई धनराशि का वर्षवार विवरण प्रस्तुत करने की मांग की, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और उनके वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन हो सके।
- रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में समग्र छत्तीसगढ़ के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे है। इसी दिशा में राज्य में लागू नवीन गाइडलाइन दरों के संबंध में विभिन्न हितधारकों से सुझाव, ज्ञापन एवं प्रस्ताव प्राप्त हुए। जिन पर विचार कर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए है।प्रदेश के वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में 1400 वर्ग मीटर तक भूखंडों के इंक्रीमेंटल आधार पर गणना के प्रावधान को समाप्त करते हुए पूर्व प्रचलित उपबंध अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल तक, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल तक, और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन के प्रावधान को यथावत लागू किए जाने का निर्णय लिया गया। वहीं बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान, कार्यालय अंतरण होने पर सुपर बिल्ट अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना के प्रावधान को विलोपित किए जाने का निर्णय लिया गया। अब इनमें बिल्ट अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। यह प्रावधान मध्य प्रदेश के समय से चला आ रहा था और राज्य में वर्टिकल डेवलपमेंट के लिए इसकी मांग लंबे समय से आ रही थी। इससे नगर योजना में भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि बहुमंजिला भवन एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट एवं प्रथम तल पर 10 प्रतिशत कमी, द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इससे मध्यम वर्ग को किफायती दर पर फ्लैट मिल पाएंगे।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में 20 मीटर पश्चात् स्थित संपति के लिए भूखंड की दर में 25 प्रतिशत कमी कर मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर दूरी की गणना कॉम्प्लेक्स के मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित भाग से की जाएगी। जिला मूल्यांकन समिति द्वारा गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जाते हैं जिनका विश्लेषण कर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड नवीन गाइडलाइन दरें जारी करता है। जिला मूल्यांकन समिति को यह निर्देशित करने का निर्णय लिया गया कि हाल ही में हुई दरों में वृद्धि के पश्चात् प्राप्त ज्ञापनों, आपत्तियों एवं सुझावों का परिशीलन कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनः पुनरीक्षण प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के ये निर्णय दिनांक 8 दिसंबर से प्रभावशील हो गए हैं।इस दौरान पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी, शताब्दी पांडेय, किरण बघेल, उज्ज्वल दीपक मौजूद रहे।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पंजीयन प्रक्रिया को सरल एवं जन हितैषी बनाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 20 नवंबर को लागू गाइडलाइन दरों में कई महत्त्वपूर्ण जन हितैषी सुधार किए गए हैं।कुछ महत्वपूर्ण फैसले1. नगरीय क्षेत्र में पहले नजूल, आबादी एवं परिवर्तित भूमि पर पूरी तरह वर्गमीटर दर लागू थी। अब कृषि भूमि के लिए लागू प्रावधान नजूल, आबादी एवं परिवर्तित भूमि पर भी लागू होंगे।लाभः रायपुर में वार्ड क्रमांक 28 शहीद हेमू कल्याणी वार्ड में वर्ग मीटर दर रुपए 1,95,000 प्रति वर्ग मीटर एवं हेक्टेयर रेट रुपये 6 करोड़ प्रति हेक्टेयर निर्धारित है, इस क्षेत्र में 0.405 हेक्टेयर अर्थात एक एकड़ अथवा 4048 वर्ग मीटर भूमि का मूल्य पूर्व में रू 78 करोड़ रुपये होता अब नए उपबंध के अनुसार मूल्य रु 2.4 करोड़ रुपये होगा।2. पहले ग्रामीण क्षेत्र में परिवर्तित भूमि के लिए सिंचित भूमि का ढाई गुना मूल्य लगता था, यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। लाभः बिलासपुर के सेंदरी ग्राम में रु 1.60 करोड़ रुपए प्रति एकड़ दर निर्धारित है, इस ग्राम में एक एकड़ भूमि विक्रय होने पर पहले मूल्य रु 4 करोड़ रुपये होता अब नए प्रावधान अनुसार रु 1.60 करोड़ ही होगा।3. दो फसली भूमि पर बाजार मूल्य पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़ने का प्रावधान हटाया गया। लाभः मोतीपुर में 1 हेक्टेयर जमीन की दर 2 करोड़ 44 लाख रुपये है, जो दो फसली होने पर वास्तविक गाडलाइन मूल्य 3 करोड़ 5 लाख होता। नए प्रावधान अनुसार बाजार मूल्य 2 करोड़ 44 लाख रुपए ही होगा.4. ट्यूबवेल, बोरवेल पर 85,000 रुपए और कुएं पर 70,000 रुपए अतिरिक्त जोड़ने की व्यवस्था समाप्त।5. वाणिज्यिक फसलें जैसे केला, पपीता, गन्ना जैसी फसलों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य जोड़ने का प्रावधान हटाया गया।6. भूमि पर वृक्षों का मूल्य भूमि मूल्य में जोड़कर गणना करने की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया गया।लाभः उप पंजीयक कार्यालय कांकेर में 26/12/2024 को विक्रय पत्र का पंजीयन किया गया है जिसके विक्रय भूमि में लगभग 600 वृक्ष थे जिनका मूल्य 78 लाख रुपये था। नए प्रावधान अनुसार इस मूल्य को भूमि के मूल्य में नहीं जोड़ा गया है जिससे क्रेता को 78 लाख रुपये पर लगने वाले रजिस्ट्री शुल्क लगभग 8.58 लाख रुपये की राहत मिली। प्रायः शुल्क बचाने हेतु वृक्षों की कटाई की जाती थी, अब भूमि के दाम पेड़ों की संख्या से प्रभावित नहीं होंगे। जिससे पेड़ काटकर मूल्यांकन कम कराने की प्रवृत्ति समाप्त हुआ और पर्यावरण संरक्षण को सीधा प्रोत्साहन मिला।7. शहर से लगे हुए गांवों में पहले 25-37.5 डिसमिल तक कृषि भूमि का मूल्यांकन वर्गमीटर दर से होता था, अब हेक्टेयर दर से ही मूल्यांकन होगा।लाभः ग्राम बरौदा (रायपुर) में पूर्व प्रावधान अनुसार 37.5 डिसमिल कृषि भूमि विक्रय होने पर उसका मूल्य 26.75 लाख रुपये होता जो नए प्रावधान से इसका मूल्य सिर्फ 6.30 लाख रुपये होगा।8. भूमि पर तालाब, मछली टैंक होने की स्थिति में भूमि दर का 1.5 गुना लेकर मूल्यांकन करने के नियम को हटाया गया।9. ग्रामीण कृषि भूमि पर पहले तीन दर (मुख्य मार्ग, सिंचित, असिंचित) लगती थी । अब केवल दरें (मुख्य मार्ग और सिंचित) लागू साथ ही अब असिंचित भूमि का मूल्यांकन सिंचित दर से 20 प्रतिशत कम पर होगा।10. बाउंड्री वॉल पर 400 रुपए रनिंग फुट और प्लिंथ लेवल पर 300 रुपए प्रति वर्गफुट जोड़ने का प्रावधान भी पूरी तरह से समाप्त किया गया।11. पहले नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत में निर्मित संपत्तियों के लिए अलग-अलग 21 प्रकार की दरें लागू थी, अब केवल दो प्रकार की दरें ही लागू होंगी। अनेक दर होने के कारण आम जनों को अपने मकान की बाजार मूल्य की गणना करने में कठिनाई होती थी, अब केवल दो प्रकार की दर होने से गणना करना सरल व सहज हुआ है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, श्री रामेन डेका, ने आज रायपुर में प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित ऑडिट पखवाड़ा के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह कार्यक्रम 20 नवंबर से शुरू होकर आज छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रामेन डेका की उपस्थिति में समाप्त हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) संस्था की स्थापना का स्मरण करना और सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने में लेखापरीक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना था।इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रामेन डेका ने कहा कि “लेखापरीक्षा हर एक चीज और हर एक जगह की बहुत महत्वपूर्ण जीवन रेखा है, हमारे रोजमर्रा के जीवन से लेकर मौद्रिक स्वास्थ्य तक हर जगह लेखापरीक्षा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।” उन्होंने आगे कहा कि हालाँकि नई तकनीक के आगमन से अब CAG कर्मचारियों का काम कम हो गया है, फिर भी इसमें अपनी कठिनाई है क्योंकि यह कंप्यूटर के पीछे का व्यक्ति और दिमाग है जो परिणाम की ओर ले जाता है। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) का कार्यालय, जो हमारे देश की सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्था है, का एक विशिष्ट और गौरवशाली इतिहास रहा है। इसकी नींव ब्रिटिश प्रशासन के दौरान 1858 में स्थापित प्रारंभिक लेखापरीक्षा कार्यालय से जुड़ी है, और हमारे संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रीय शासन में इसके अपार महत्व को पहचाना था।उन्होंने सभी से परिश्रम से काम करने और संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने का आग्रह किया जो इस विभाग या किसी भी सरकारी संस्थान का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “काम नीचे से लेकर ऊपर तक हर व्यक्ति का कर्तव्य है और यह देखा जाना चाहिए कि सिस्टम में कोई व्यक्ति किसी विशेष कार्य को नहीं छू रहा है, इस कारण जनता को असुविधा न हो।प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), श्री यशवंत कुमार, ने ऑडिट पखवाड़ा के सफल समापन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि CAG संस्था, जिसे 1950 में अनुच्छेद 148-151 के तहत एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया था, यह सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है कि जनता का प्रत्येक रुपया नियमों के अनुसार और जनहित में खर्च किया जाए। छत्तीसगढ़ में CAG की विकसित भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि कार्यालय ने स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और खनन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभावी रिपोर्ट दी हैं। श्री कुमार ने विशेष रूप से ऑडिट मैनेजमेंट सिस्टम (AMS), आईटी ऑडिट और डेटा-आधारित विश्लेषण जैसी नई प्रणालियों को अपनाने की सराहना की है, जिसने दक्षता बढ़ाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों के बीच सक्रिय भागीदारी और सीखने की भावना ही पखवाड़े की सच्ची सफलता थी, और यह ऊर्जा पूरे वर्ष के काम का मार्गदर्शन करके वित्तीय अनुशासन और सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा ई-कुबेर, ई-कोश और पीएफएमएस जैसी आधुनिक डिजिटल प्रणालियों को अपनाने से लेखांकन और लेखापरीक्षा तंत्र एक अधिक सक्षम, वैज्ञानिक और उत्तरदायी प्रणाली में परिवर्तित हो रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ में बेहतर सुशासन को बढ़ावा मिल रहा है।इस कार्यक्रम में मोहम्मद फैज़ान नय्यर, महालेखाकार ( लेखापरीक्षा ) ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। साथ ही श्री एम.एस. डहरिया, वरिष्ठ उपमहालेखाकार एवंश्रीमती जी. एजिलरसी, उपमहालेखाकार तथा प्रधान महालेखाकार कार्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।
- रायपुर ।राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में 8 दिसंबर 2025 से 12 दिसम्बर 2025 तक पीएम-श्री स्कूल्स टीचर्स’ ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा | 8 दिसम्बर को इसका उदघाटन समारोह आयोजित किया गया जिसके मुख्य अतिथि डॉ. एन. वी. रमना राव रहे | इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. एन डी लोंढे, डीन (कॉर्पोरेट रिलेशंस एंड रिसोर्स मोबिलाइजेशन) डॉ. एस. सन्याल, डीन (एकेडमिक) डॉ. शुभ्रता गुप्ता, तथा सीईसी (कंटीन्यूइंग एजुकेशन सेल) चेयरमैन डॉ. एस. घोष, फैकल्टी मेम्बर्स और प्रतिभाग उपस्थित रहे। कार्यक्रम समन्वयकों में भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. आयुष खरे, रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. एस. पी. महापात्रा और डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन की प्रोफेसर डॉ. प्रियंका त्रिपाठी शामिल हैं।कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. आयुष खरे के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने पीएम-श्री प्रशिक्षण पहल का परिचय देते हुए बताया कि आईआईटी, एनआईटी और आईआईएसईआर जैसे संस्थानों में से एनआईटी रायपुर को इस प्रशिक्षण हेतु चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्थान का शैक्षणिक स्तर नवोदय विद्यालयों के समकक्ष है और यह प्रशिक्षण स्कूल से कॉलेज तक छात्रों द्वारा अनुभव किए जाने वाले ज्ञान-अंतर को कम करने में सहायक होगा।डीन (एकेडमिक) डॉ. शुभ्रता गुप्ता ने शिक्षण को सबसे पवित्र पेशा बताते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों के ज्ञान और अध्यापन कौशल को और समृद्ध करेगा। डीन (सीआरआरएम) डॉ. सन्याल ने प्रतिभागी शिक्षकों की प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, सावित्रीबाई फुले, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, विनोबा भावे और डॉ. होमी भाभा के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षकों को ऐसे वातावरण का निर्माण करना चाहिए जहाँ विद्यार्थी बिना किसी भय के प्रश्न पूछ सकें, गलतियाँ कर सकें और सीख सकें। रजिस्ट्रार डॉ लोंढे ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के लिए दूसरे अभिभावक की तरह होते हैं और सामाजिक-भावनात्मक सीख तथा समग्र विकास के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।मुख्य अतिथि निदेशक एन. वी. रमना राव ने प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम हेतु चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि नवोदय विद्यालय जैसे उत्कृष्ट संस्थान, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए थे। उन्होंने सुदृढ़ सरंचना , 21वीं सदी के कौशल, पर्यावरणीय स्थिरता तथा प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रभावी नेटवर्क निर्माण के महत्व पर बल दिया।कार्यक्रम का समापन डॉ. एस. पी. महापात्रा द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रतिभागियों को सफल एवं समृद्ध प्रशिक्षण अनुभव की शुभकामनाएँ दीं।



























