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- -सेनानी रामकृष्ण तिवारी के विरासत को सहेजने पर जोररायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्वतंत्रता सेनानियों और देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व सैनिकों की स्मृति को संरक्षित करने के लिए ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।राज्यपाल श्री डेका ने आज लोकभवन में राजधानी रायपुर के कलेक्टर श्री गौरव सिंह से इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से स्वतंत्रता सेनानी श्री रामकृष्ण तिवारी का उल्लेख किया जिन्होंने आजादी के आंदोलन में परिवार सहित अपना सब कुछ बलिदान कर दिया। उन्होंने जेल, त्याग और संघर्ष की कठिन यातनाएं झेलीं। उनसे जुड़े अभिलेख, विरासत को संरक्षित रखने के लिए निर्देश दिया।श्री डेका ने रायपुर में ऐसी पहचान योग्य जगहों की पहचान करने तथा वहां स्मारक, सूचना पट्ट या मेमोरियल गैलरी के रूप में संरक्षित करने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि यह कार्य प्रशासन की पहल और समाज के सहयोग से मिलकर किया जाना चाहिए, तभी उनकी स्मृतियां अविस्मरणीय बन पाएंगी।
- रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की भूमि पर अवैध कब्जा और अन्य निर्माण कार्य किए जाने को गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल कार्रवाई करने और भूमि को यथावत रखने के निर्देश दिए हैं।राज्यपाल श्री डेका ने आज लोकभवन में मुख्य सचिव श्री विकास शील से इस संबंध में चर्चा की और स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की जमीन पर कब्जा और अनाधिकृत निर्माण हटाया जाए और भूमि को यथावत विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में सुरक्षित रखा जाए।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय की भूमि पर किसी भी तरह के अतिक्रमण, बाहरी निर्माण या अन्य गतिविधि शिक्षा के अधिकार, संस्थागत विकास और भविष्य की पीढ़ियों के हितों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र का यह विश्वविद्यालय अध्ययन, अनुसंधान और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए स्थापित किया गया है। इस पर अतिक्रमण या राजनीतिक-प्रशासनिक हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होगा।
- -सुदूर ग्राम कुर्रा के रतिराम को मिला सपनों का पक्का आशियाना-सम्मान और सुरक्षित जीवन की ओर बढ़ते कदमरायपुर / किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक महत्व तभी सिद्ध होता है, जब उसका लाभ जमीनी स्तर पर आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाए। ऐसी ही एक सशक्त योजना है प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन), जिसका प्रभाव रायगढ़ जिले में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इस योजना के अंतर्गत लैलूंगा विकासखंड के सुदूर ग्राम कुर्रा के निवासी श्री रतिराम बिरहोर को उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना-पक्का और सुरक्षित आवास-साकार हुआ।वर्षों तक कच्चे मकान में रहकर बरसात, ठंड और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच जीवन-यापन करने वाले रतिराम और उनका परिवार जब पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत आवास में प्रवेश किया, तो वह क्षण उनके लिए अविस्मरणीय बन गया। आवास स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और निर्धारित समय में पूर्ण भी हुआ। नया पक्का घर न केवल उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और सम्मान भी लेकर आया है।रतिराम का कहना है कि पहले जिस घर में रहना मजबूरी था, वहीं अब पक्के मकान में रहना गर्व की अनुभूति देता है। उल्लेखनीय है कि पीएम-जनमन योजना, जिसकी शुरुआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 में की गई, विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्त्वाकांक्षी मिशन है। इस अभियान का उद्देश्य आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, बिजली, आजीविका और संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। गौरतलब है कि पीएम जनमन योजना आज केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों के लिए न्याय, समानता और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन चुकी है। ग्राम कुर्रा के रतिराम की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं सही ढंग से लागू होती हैं, तो वे लोगों की तस्वीर ही नहीं, तकदीर भी बदल देती हैं।
- रबी क्षेत्र विस्तार एवं दलहन-तिलहन उत्पादकता बढ़ाने कृषि विभाग करेगा जागरूकता शिविरों का आयोजनरायपुर /प्रधानमंत्री धन.धान्य कृषि योजना (PMDDKY) 2025.26 से शुरू की गई एक सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है, जिसके लिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को समन्वित किया गया है। इसमें सिंचाई, भंडारण, आसान ऋण तथा फसल विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया हैए, ताकि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और देश को दालों सहित विभिन्न फसलों में आत्मनिर्भर बनाने के मिशन का समर्थन किया जा सके। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषकों को रबी फसल की आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा मत्स्यपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि-संबद्ध व्यवसायों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक समिति में विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।किसानों आधुनिक खेती से जोडकर लाभान्वित करना हैशिविरों में जशपुर जिले के ऐसे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कृषकों को प्रशिक्षक के रूप में जोड़ा गया है, जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। ये प्रशिक्षक कृषक अपने अनुभव, कठिनाईयों तथा विभागीय योजनाओं से प्राप्त लाभों को अन्य कृषकों के साथ साझा करेंगे, जिससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाकर लाभान्वित हो सकें। साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान प्राप्ति की प्रक्रिया, तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के मार्गदर्शन की जानकारी प्रदान करेंगे। इन शिविरों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक भी शामिल रहेंगे, जो आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर किसानों को उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
दलहन-तिलहन उत्पादक कृषकों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की सुविधा*जशपुर जिले में कुल 09 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का पंजीयन किया गया है, जहाँ दलहन-तिलहन फसलें उगाने वाले कृषक अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली को बाजार मूल्य कम होने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं। कृषकों के हित में प्रशासन ने अपील की है कि वे एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन अवश्य कराएँ। पंजीयन कराने में किसी भी प्रकार की सहायता हेतु संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आय कृषक उत्पादक संगठन से जुड़करशिविर के दौरान जिले के जशपुर जिले के प्रत्येक विकासखंड के कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिन कृषकों ने अभी तक किसी कृषक उत्पादक संगठन की सदस्यता नहीं ली है, वे शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सदस्यता हेतु आवेदन कर सकते हैं। कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान न केवल आधुनिक कृषि तकनीक, समूह विपणन और सामूहिक क्रय-बिक्री का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं। - -कुनकुरी नगर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिया बड़ा तोहफ़ारायपुर / कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है। जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है।निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठातेे हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।
- -इंक्रीमेंटल प्रणाली समाप्त, मूल्यांकन प्रक्रिया हुई सरल-जिला मूल्यांकन समितियाँ 31 दिसंबर तक भेजेंगी नए प्रस्तावरायपुर /राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और आपत्तियों पर विचार करने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक 07 दिसंबर को आयोजित की गई। बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कई व्यापक निर्णय लिए गए, जो 08 दिसंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।बैठक में नगरीय क्षेत्रों में भूमि मूल्यांकन के लिए लागू इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय लिया गया। अब पुनः पूर्व प्रचलित स्लैब आधारित प्रणाली ही लागू रहेगी, जिसके अनुसार नगर निगम में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इससे नगरीय क्षेत्रों में मूल्यांकन की जटिलता कम होगी और नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी।बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान अथवा कार्यालय के अंतरण के समय अब मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के बजाय बिल्ट-अप एरिया के आधार पर होगा। यह प्रावधान लंबे समय से मांग में था, जिससे वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। साथ ही बहुमंजिला एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की छूट के साथ मूल्यांकन करने का निर्णय लिया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयाँ उपलब्ध होंगी।कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए भूखंड की गाइडलाइन दर में 25 प्रतिशत की कमी करने का भी निर्णय लिया गया है। यह दूरी कॉम्प्लेक्स के मुख्य सड़क की ओर स्थित निर्मित हिस्से से मापी जाएगी, जिससे वास्तविक बाज़ार स्थिति के अनुरूप मूल्यांकन संभव होगा।केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने यह भी निर्देश दिए कि हाल ही में बढ़ाई गई दरों पर प्राप्त सभी ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर जिला मूल्यांकन समितियाँ 31 दिसंबर 2025 तक अपने संशोधित प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों के आधार पर राज्य में आगे की गाइडलाइन दरों की संरचना तैयार की जाएगी।इस बैठक के साथ ही राज्य सरकार द्वारा गाइडलाइन दरों में किए गए कई जनहितैषी सुधार भी लागू हो चुके हैं। नजूल, आबादी और परिवर्तित भूमि पर पहले वर्गमीटर दर लागू होती थी, जिसे अब कृषि भूमि की तरह हेक्टेयर दर पर लागू किया जाएगा। इससे भूमि मूल्य में भारी कमी आई है और नागरिकों को वास्तविक राहत मिली है। उदाहरणस्वरूप रायपुर के वार्ड 28 में एक एकड़ भूमि का मूल्य पहले 78 करोड़ रुपये आंका जाता था, जो अब नए प्रावधानों के अनुसार केवल 2.4 करोड़ रुपये होगा।ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। परिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि के ढाई गुना मूल्य जोड़ने का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। दो फसली भूमि पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत मूल्य जोड़ने, ट्यूबवेल, कुएं, वाणिज्यिक फसलों तथा वृक्षों के मूल्य को भूमि मूल्य में जोड़ने की व्यवस्था भी हटा दी गई है। कांकेर में दर्ज एक उदाहरण में 600 वृक्षों के 78 लाख रुपये मूल्य को अब रजिस्ट्री में शामिल नहीं किया गया, जिससे खरीदार को लगभग 8.58 लाख रुपये की सीधी राहत मिली और पेड़ों की कटाई रोकने में भी यह कदम सहायक सिद्ध होगा।शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में अब 25 से 37.5 डिसमिल तक की कृषि भूमि का मूल्यांकन वर्गमीटर के बजाय हेक्टेयर दर से किया जाएगा। बरौदा (रायपुर) में 37.5 डिसमिल भूमि का मूल्य पहले 26.75 लाख रुपये था, जो अब नए प्रावधानों के अनुसार मात्र 6.30 लाख रुपये होगा। तालाब अथवा मछली टैंक वाली भूमि पर 1.5 गुना दर लगाने का प्रावधान तथा बाउंड्री वॉल और प्लिंथ लेवल के मूल्य जोड़ने की व्यवस्था भी हटा दी गई है।नगरीय निकाय क्षेत्रों में पहले निर्मित संपत्तियों के लिए 21 प्रकार की दरें लागू थीं, जिन्हें घटाकर अब केवल दो प्रकार की दरें कर दिया गया है, जिससे मकानों का मूल्यांकन करना अब आम नागरिकों के लिए अत्यंत आसान हो गया है।केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के इन निर्णयों एवं व्यापक सुधारों से राज्य में पंजीयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिकों के हितों के अनुरूप बन गई है। सरकार का उद्देश्य आम जन पर आर्थिक बोझ कम करते हुए रियल एस्टेट सेक्टर में संतुलन और विश्वास बहाल करना है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है।उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं।उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।”मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।
- -इंक्रीमेंटल प्रणाली की समाप्ति और मूल्यांकन प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए जताया आभाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम उनके निवास कार्यालय में क्रेडाई,रियल एस्टेट और बस्तर चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जगदलपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और आपत्तियों पर विचार करने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक कल 07 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कई व्यापक निर्णय लिए गए, जो 08 दिसंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। प्रतिनिधि मंडल ने सरकार द्वारा लिए गए उक्त महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और विधायक श्री किरण देव उपस्थित थे।
- उत्तर बस्तर कांकेर/कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपीएटी वेयर हाउस का आज आंतरिक निरीक्षण किया। इस अवसर पर राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी से श्री राजेन्द्र सिंह गौर और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से श्री पुरुषोत्तम पाटिल तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जितेन्द्र कुर्रे एवं वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी अनिभा रेणु सोनबेर भी मौजूद थे।
- ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपालरायपुर/महालेखाकार कार्यालय के आवासीय परिसर स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि लेखा परीक्षा केवल सरकारी व्यय और राजस्व की जांच तक सीमित नहीं है, यह प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, और जनसेवा में उत्तरदायित्व का एक सशक्त माध्यम है। हमारे लोकतांत्रिक ढांचे मे भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की सर्वाेच्च भूमिका है।लेखा परीक्षा को संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जाराज्यपाल श्री रमेन डेका आज प्रधान महालेखाकार कार्यालय में ऑडिट पखवाड़ा 2025 के समापन समारोह में शामिल हुए। लेखा परीक्षा दिवस के अवसर पर 20 नवम्बर से 8 दिसंबर 2025 तक यह सप्ताह आयोजित किया गया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग का इतिहास गौरवशाली रहा है। इसकी नीव ब्रिटिश शासन के दौरान 1858 में प्रारंभ हुई लेखा परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई है। स्वतंत्रता के बाद हमारे संविधान निर्माताओं ने इस संस्था की महत्ता को समझते हुए इसे संवैधानिक प्राधिकरण का दर्जा प्रदान किया। कैग की भूमिका प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करना है ।ऑडिट पखवाड़ा के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपालश्री डेका ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल प्रशासन के दौर में कैग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्था केवल कमियों को उजागर नहीं करती, बल्कि प्रशासनिक सुधार, नवाचार एवं पारदर्शिता को प्रोत्साहित करती है। यह न केवल सरकारी कार्यों में वित्तीय अनुशासन लाने का कार्य करता है, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाता है। इस विभाग के अधिकारियों की निष्पक्षता और कर्मठता ने इसे एक सशक्त संस्थान के रूप में स्थापित किया है।अधिकारियों की मेहनत और ईमानदारी से जनता का भरोसा मजबूत होगाराज्यपाल ने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस प्रतिष्ठित संस्था की परंपराओं को बनाए रखते हुए निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उनकी मेहनत और ईमानदारी से ही जनता का भरोसा और मजबूत होगा। जीवन में एक कार्य ऐसा करें जिसमें लेने का नहीं बल्कि देने का हो, जिससे हमारा देश 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रधान महालेखाकार श्री यशवंत कुमार ने दिया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन महालेखाकार (लेखा परीक्षा) श्री मोहम्मद फैजान ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने सामुदायिक भवन परिसर में वृक्षारोपण किया। कार्यक्रम में महालेखाकार कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- एमसीबी/ प्राकृतिक आपदा में पीड़ितों के परिजनों को सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के परिशिष्ट-1 की कंडिका-6(ग)(1) के अंतर्गत तहसील मनेंद्रगढ़ के ग्राम पंचायत हर्रा, निवासी ललित कुमार साहू की आकाशीय बिजली गाज गिरने से हुई दुर्घटना के पश्चात उनके वारिस श्री उर्दयाली को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह सहायता राशि पीड़ित परिवार को आपदा की कठिन घड़ी में संबल प्रदान करने हेतु शासन द्वारा प्रदत्त राहत उपायों के अंतर्गत दी गई है। स्वीकृत राशि का व्यय मांग संख्या-58 के मुख्य शीर्ष-2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकलनीय होगा।
- रायपुर/प्रदेश में गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और प्रस्तावों पर व्यापक परीक्षण करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।बैठक में निर्णय लिया गया कि नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली को समाप्त कर दिया जाए। अब पुनः पूर्व प्रचलित उपबंध लागू होंगे, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी।बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान एवं कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान भी हटा दिया गया है। अब मूल्यांकन बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। यह प्रावधान मध्यप्रदेश शासन के समय से लागू था, जिसे बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। नए प्रावधान से वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा।केंद्रीय बोर्ड ने बहुमंजिला भवनों एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान भी लागू किए हैं। अब बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान मिलने में मदद मिलेगी।कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए 25 प्रतिशत कमी के साथ भूखंड की दरों का मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर की दूरी का आकलन मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित हिस्से से किया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति के आधार पर अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन संभव होगा।केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही मंय दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों का विश्लेषण कर बोर्ड आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा।इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू घोषित किया गया है, जिससे राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता, पारदर्शिता और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।
- कुनकुरी नगर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिया बड़ा तोहफ़ारायपुर। कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है। जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है।निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी।स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाई को छूता जशपुरमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।
- 0भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 60 एमएलडी क्षमता के अतिरिक्त सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना किये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को प्रेषित किया गया है0रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा कुल 4 स्थानों कमशः ग्राम चन्दनीडीह (क्षमता 75 एमएलडी), ग्राम-कारा (क्षमता- 55 एमएलडी), ग्राम निमोरा (क्षमता- 90 एमएलडी) एवं भांठागांव (क्षमता 06 एमएलडी) इस प्रकार कुल 206 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कर सतत रूप से संचालन किया जा रहा है।इन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से रायपुर शहर से निकल रहे कुल 17 नालों, जो कि 6 मुख्य नालों में मिलते हैं, के दूषित जल को एकत्रित कर निरंतर उपचार किया जा रहा है। इसके तहत चिन्गरी नाला, गोवर्धन नाला, सरोना वंडर पार्क नाला एवं अटारी नाला के दूषित जल को चन्दनीडीह में स्थापित 75 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में, छोकरा नाला के दूषित जल को निमोरा में स्थापित 90 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में तथा तेंदुआ नाला के दूषित जल को कारा में स्थापित 35 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित किया जाता है।वर्तमान में चन्दनीडीह एसटीपी अपनी कुल क्षमता के 65% क्षमता पर तथा कारा एवं निमोरा अपनी कुल क्षमता के 100% क्षमता पर संचालित हो रहे हैं। निमोरा में औद्योगिक क्षेत्रों से आ रहे अतिरिक्त मात्रा में दूषित जल के उपचार हेतु तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 60 एमएलडी क्षमता के अतिरिक्त सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना किये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को प्रेषित किया गया है। उक्त सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण उपरांत कारा और निमोरा में हो रहे अतिरिक्त दूषित जल के दबाव को कम किया जा सकता है. रायपुर शहर से निकल रहे दूषित जल को पूर्ण रूप से उपचारित किये जाने हेतु सतत कार्य किये जा रहे हैँ।
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टी सहदेवभिलाई नगर। तेलुगु सिनेमा के गणगंधर्व के नाम से जाना जाने वाले सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायक पद्मश्री घंटसाला की 103 वीं जयंती पर रविवार को उनके अमर एवं मधुर गीतों की सुरमयी प्रस्तुति दी गई। पद्मश्री घंटसाला चैतन्य वेदिका के अध्यक्ष एएस शर्मा और महासचिव के लक्ष्मीनारायण की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में घंटसाला की हूबहू आवाज में गाने वाले उनके मानसपुत्र स्वर सम्राट डॉ शरतचंद्र ने अपनी गायकी से ऐसा समां बांधा कि श्रोताओं ने स्पंदित होकर फरमाइशों की झड़ी लगा दी। एसएनजी ऑडिटोरियम, सेक्टर 04 में घंटसाला की विरासत को आगे बढ़ाते हुए डॉ शरतचंद्र ने तीन भक्ति गीत और लगातार दस रोमांटिक गाने गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।सुर और ताल का अनूठा संगमइस अलौकिक संगीत यात्रा में शरतचंद्र के सुर और वैजाग के संगीतकारों सोमेश, पीवी रमणमूर्ति, बाबूराव और बी रमण मूर्ति के ताल का अनूठा संगम देखने को मिला। इनके अलावा स्थानीय गायकों चंद्रशेखर, लता, के राजू, उमा, विजयशंकर, दिलीप, ज्योत्सना, लक्ष्मीरानी, प्रकाश, टी लक्ष्मणमूर्ति, रानी नायडु, बी रामू, कुसुमा, सुब्रमण्यम, श्रुति, जी वेंकट, हरिता, जी वेणुगोपाल, गौरीनाथ, प्रवीणा और राधा ने भी अपनी गायकी से खूब तालियां बटोरीं। इन गायकों ने नए और पुराने दौर की फिल्मों राक्षसुडु, कुली नंबर वन, सागर संगम, चंटी, आराधना, सीताकोक चिलुका, अभिलाषा, प्रेमा, आखिरी पोराटम, शिवा एवं जगदीका वीरुडु अतिलोक सुंदरी के सदाबहार गीत पेश किए।समाज की विभूतियों का सम्मानकार्यक्रम का आरंभ वेदिका के डायरेक्टर जी वेणुगोपाल ने गणेश भगवान के मंत्र एकदंताय, वक्रतुंडाय गाकर किया, वहीं हरिता ने संचालन किया। कार्यक्रम में मौजूद विधायक रिकेश सेन ने चैतन्य वेदिका की सराहना करते हुए कहा कि मुझे तेलुगु भाषा की समझ नहीं है, लेकिन सुर और संगीत की धुनें मन को तरंगित और मंत्रमुग्ध कर देती हैं। इस अवसर पर जहां डॉ शरतचंद्र को सम्मानपत्र दिया गया, वहीं वेदिका के संस्थापक दिवंगत आर गणपति राव की धर्मपत्नी पुष्पाराव, पुत्री कविता राव, आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव, सचिव पीएस राव, कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर उप कोषाध्यक्ष एन एस राव, तेलुगु सेना के प्रदेशाध्यक्ष नीलम चन्ना केशवलु, जिलाध्यक्ष डी मोहनराव, पंकज पाल, के राधा, समाजसेवी एनएन राव सहित समाज के प्रमुख व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया। - -मुख्यमंत्री श्री साय सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह में शामिलरायपुर। सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है।उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा।कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कांवरे, श्री दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भोपाल प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की।
- जशपुर. जिले में रविवार को एक कार और ट्रक की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना दुलदुला थाना क्षेत्र के पतराटोली गांव के पास तड़के उस समय हुई जब कार सवार लोग जशपुर की ओर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कार सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को इस दुर्घटना की सूचना दी।\अधिकारी ने बताया कि दुलदुला थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन से शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार सवार लोग चराइडांड इलाके के निवासी थे, शवों की शिनाख्त की जा रही है।--
- रायपुर. प्रदेश की राजधानी रायपुर शहर में शीतलहर से आमजनों को सुरक्षा और त्वरित राहत देने नगर पालिक निगम के जोन कार्यालयों के माध्यम से जयस्तम्भ चौक के समीप, रेल्वे स्टेशन के पास, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी, महोबा बाजार हॉट बाजार सहित राजधानी शहर में विभिन्न लगभग 25 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नरों द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से महादेवघाट रायपुरा और महोबा बाजार हॉट बाजार, मेकाहारा परिसर, पुराना बस स्टेण्ड पंडरी चंगोराभाठा बाजार, ब्रम्हदेईपारा,शिक्षक कॉलोनी डंगनिया, खमतराई चौक के पास, जयस्तम्भ चौक के पास, रायपुर जिलाधीश परिसर के सामने डॉ भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल चौक के पास, नेताजी सुभाष स्टेडियम परिसर के पास, मोतीबाग, डंगनिया पानी टंकी स्कूल के समीप, शंकर नगर चौपाटी, तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव, अंतर राज्यीय बस स्टैण्ड भाठागांव, कुकरीपारा दूधाधारी मठ मार्ग, नगर निगम जोन 9 कार्यालय परिसर के समीप मोवा और अन्य विभिन्न लगभग 25 से अधिक प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में आमजनों को शीतलहर से रायपुर शहर क्षेत्र में सुरक्षा और त्वरित राहत देने सार्वजनिक अलाव जलाने की व्यवस्था दी गयी है. शीतलहर की सम्पूर्ण अवधि के दौरान आमजनों को राहत देने जोन कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन नियमित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में अलाव जलाने की प्रतिदिन नियमित व्यवस्था दी जा रही है.
- 0- स्मार्ट सिटी अधिकारियों को बुलवाकर जमकर नाराजगी व्यक्त की0- फाउंटेन सम्बंधित ठेकेदार को तत्काल नोटिस दे कर सिक्योरिटी डिपासिट राजसात करने कहा0- फ़ाउंटेन चालू करें अन्यथा हटाये, ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने दिए निर्देश0- महापौर ने कहा सभी लोकहितकारी योजनाओं में सम्पूर्ण शासकीय राशि का पूर्ण सदुपयोग होना चाहियेरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों को ऐतिहासिक बूढ़ातालाब स्वामी विवेकानंद सरोवर में स्मार्ट सिटी द्वारा 5 करोड़ रूपये की लागत से लगवाए गए फाउंटेन के विगत अत्यंत लम्बी अवधि से बन्द होने का कारण पूछा..वहाँ प्रतिदिन नियमित मार्निंग और इवनिंग वाक के लिए जाने वाले आमजनों से जानकारी मिलने पर तत्काल स्थल पर पहुंचीं और फाउंटेन को बन्द देखकर तत्काल स्थल से रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों को वहाँ बुलवाया और उप् अभियंता श्री शुभम तिवारी और श्री योगेन्द्र साहू को फाउंटेन लम्बे समय से बन्द होने और इसे नागरिकों की सुविधा हेतु दोबारा चालू नहीं किये जाने पर गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सम्बंधित ठेकेदार को नोटिस देकर उनके रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के पास जमा 5 प्रतिशत 25 लाख रूपये की अमानती राशि को अविलम्ब राजसात करने की कड़ी कार्यवाही करवाने निर्देशित किया है. ठेकेदार की ठेका अनुबंध अवधि का एक माह शेष बचा है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने तत्काल कार्यवाही कर जनहित में जनसुविधा हेतु 5 करोड़ रूपये की लागत का फाउंटेन चालू करवाने निर्देश दिए हैँ. महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि सभी लोक हितकारी योजनाओं में लगी सम्पूर्ण शासकीय राशि का शत - प्रतिशत पूर्ण सदुपयोग प्राथमिकता से करवाया जाना जनहित में जनसुविधा हेतु सुनिश्चित करवाया जायेगा.
- 0- अब तक 22.25 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी0- 4.39 लाख से अधिक किसानों ने बेचा धान0- धान खरीदी के एवज में किसानों को 5277 करोड़ रूपए का भुगतान0- इस वर्ष 27.30 लाख किसान पंजीकृत0- किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गएरायपुर. राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला तेजी के साथ जारी हैं। पिछले माह के 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान में पांच दिसम्बर को सवेरे 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 लाख 39 हजार 433 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान की खरीदी हो चुकी है। अब तक 4 लाख 39 हजार 511 पंजीकृत किसानों ने धान बेचा है। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा 5277 करोड़ रूपए जारी किए गए है। चालू खरीफ सीजन के लिए इस वर्ष 27 लाख 30 हजार 96 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें 31 लाख 51 हजार 771 हेक्टेयर रकबा शामिल है।राज्य में सभी जिलों में धान खरीदी जारी है। धान खरीदी से अब तक महासमुंद जिला सर्वाधिक 15 लाख 19 हजार 650 क्विंटल धान खरीदकर पहले पायदान पर है। वहीं गरियाबंद जिले 6 लाख 73 हजार 495 क्विंटल धान खरीदकार दूसरे नम्बर पर है। इसी तरह बिलासपुर जिले 6 लाख 73 हजार 65 क्विंटल धान खरीदकर तीसरे स्थान हासिल की है। हांलाकि कांकेर जिला 6 लाख 15 हजार 431 क्विंटल धान खरीदी कर चौथे पायदान पर बने हुए है। पांच लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी वाले जिले में धमतरी और मुंगेली जिले शामिल हैं, वहीं चार लाख क्विंटल से अधिक खरीदी वाले जिले सूरजपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेंतरा, बालोद और कोण्डागांव शामिल हैं। किसानों को अब तक 8 लाख 97 हजार 779 टोकन जारी किए गए हैं। वहीं आगामी दिवस 8 दिसम्बर को धान खरीदी के लिए किसानों को 50 हजार 234 टोकन जारी हुए हैं। इस वर्ष शुरू किए गऐ टोकन तुहर एप्प ऑनलाईन व्यवस्था से किसानों को काफी सहुलियत मिल रही है। किसान समितियों द्वारा की जा रही सभी आवश्यक व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। राज्य शासन गठित राज्य और जिला स्तरीय दलों द्वारा प्रदेश सहित राज्य के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन, भंडारण तथा विक्रय पर कड़ी निगरानी की जा रही है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है।किसानों का मानना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में सहुलियत हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और किसान हितैषी नीतियों के चलते किसानों को जहां उनकी मेहनत का वाजिम दाम मिला हैं, वहीं किसानों का सम्मान भी बढ़ा है। बता दें कि सरकार अपने घोषणा के अनुरूप प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य एवं कृषि उन्नति योजना के तहत 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीदी कर रही है।--
- रायपुर। बलरामपुर जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की ओर से एक ट्रक में अवैध रूप से धान लाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई। प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध धान से भरे ट्रक को पकड़ा गया।जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक नंबर सीजी 29 एएफ 0480 में लगभग 400 बोरी अवैध धान लोड था, जिसे बिना वैध दस्तावेजों के जिले की सीमा में लाया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को रोका, सामग्री की जांच की और धान को कब्जे में लेकर वाहन को संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया है।अनुविभागीय अधिकारी श्री नीर नंदेहा ने बताया कि जिले में धान खरीदी सीजन के दौरान प्रत्येक स्तर पर अवैध गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। चेक पोस्टों पर निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा है कि आगे भी अवैध परिवहन , भंडारण गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से धान का परिवहन या खरीद-बिक्री दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।--
- 0- तीरंदाजी से जीवन के हर प्रकार की परिस्थितियों से लडऩे की मिलती है ताकत0- उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर राजनांदगांव में एक दिवसीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में हुए शामिलराजनांदगांव। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर राजनांदगांव में संस्कारधानी तीरंदाजी संघ द्वारा आयोजित एक दिवसीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के भावी तीरंदाजों से मिलने का अवसर मिला है, यह मेरे लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल एवं खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। खेलो इंडिया के माध्यम से देश में खेल और खिलाडिय़ों के लिए एक सकारात्मक वातावरण बना है। प्रधानमंत्री सभी खेलों और खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के खिलाडिय़ों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर खिलडिय़ों के साथ खुशियां साझा करते है और असफलता मिलने पर खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाने के साथ प्रोत्साहित भी करते है। शासन द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत निर्माण के लिए संकल्प को पूरा करने तथा खेल के क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने के लिए योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि तीरंदाजी प्राचीनकाल से ही देश का गौरव रहा है। भारत की धरती से अर्जुन, अभिमन्यु सहित अन्य प्रसिद्ध तीरंदाज हुए। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी का खेल ध्यान, धैर्य, एकाग्रता और अनुशासन का खेल है और यह व्यक्ति को मजबूत बनाता है। हमारे ऋषि, मुनि, संतों ने कहा है कि ध्यान से जो आंतरिक ताकत और ऊर्जा मिलती है, उसकी कल्पना करना कठिन है। एक अच्छा एवं बड़ा तीरंदाज बनने के लिए ध्यान, धैर्य, एकाग्रता और अनुशासन आवश्यक है। तीरंदाजी से जीवन के हर प्रकार की परिस्थितियों से लडऩे की ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जूनियर तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाली छत्तीसगढ़ की चांदनी साहू को राज्य सरकार द्वारा महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान से सम्मानित किया गया है। उन्होंने प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और सभी खिलाडिय़ों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही तीरंदाजी के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए अभिभावकों की प्रशंसा की। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी के क्षेत्र में यह बच्चे देश का नाम रौशन करेंगे। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा राजनांदगांव जिले में तीरंदाजी खेल को प्रोत्साहित करने एवं आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, पूर्व विधायक श्री रामजी भारती, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्रीमती गीता साहू, श्री सौरभ कोठारी, श्री रमेश पटेल, तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष श्री राजेंद्र गोलछा, संरक्षक श्री कमल किशोर साहू, श्री राधेश्याम गुप्ता, श्री राहुल साहू, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ हॉकी संघ श्री फिरोज अंसारी, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, तीरंदाजी संघ के पदाधिकारी, खिलाड़ी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- 0- उप मुख्यमंत्री अरूण साव अस्मिता हॉकी लीग प्रतियोगिता में हुए शामिलराजनांदगां। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव आज अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर राजनांदगांव में आयोजित अस्मिता हॉकी लीग प्रतियोगिता में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विजेता टीम को पुरस्कार वितरण किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि अस्मिता हॉकी लीग के प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के यादगार पल में आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हॉकी देश के महत्वपूर्ण खेल विधाओं में शामिल है और हॉकी खेल में देश की बेटियां बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही है। शासन द्वारा खेल के क्षेत्र में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष आयोजन किए जा रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।खेल मंत्रालय सभी राज्यों के साथ मिलकर वर्ष 2047 तक खेलों के क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने एवं खेल और खिलाडिय़ों के विकास करने के लिए योजना बनाकर कार्य कर ही है। उन्होंने प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने प्रशिक्षकों द्वारा बालिकाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, पूर्व विधायक श्री रामजी भारती, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्रीमती गीता साहू, श्री सौरभ कोठारी, श्री रमेश पटेल, श्री राजेंद्र गोलछा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ हॉकी संघ श्री फिरोज अंसारी, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल, श्री मृणाल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, तीरंदाजी संघ के पदाधिकारी, खिलाड़ी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।--
- 0- 40.44 करोड़ की मंजूरी, 8762 हे. भूमि होगी सिंचित0- जगमड़वा और बरोदा खुर्द जलाशय के कार्यों को मिली रफ्तार, सूतियापाट नहर का विस्तारीकरण जोरों पर0- नई परियोजनाओं के लिए बन रही कार्ययोजना,जलाशयों और बैराजों का होगा विस्ताररायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के कृषक हितैषी पहल और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से बीते दो वर्षों में कवर्धा विधानसभा में सिंचाई सुविधा में तेजी से विस्तार हुआ है। उनके प्रयासों से इन दो सालों में 11 कार्यों के लिए 40.44 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। विभिन्न प्रगतिशील सिंचाई परियोजनाओं के पूरे होने से 8762 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा मिलेगी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में सिंचाई के लिहाज से महत्वपूर्ण कई परियोजनाओं के कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। ताकि किसानों तक इन सुविधाओं का लाभ पहुंच सके। गत दो वर्षों में सिंचाई क्षमता विस्तार को देखें तो अलग अलग प्रोजेक्ट्स से 2834 हेक्टेयर क्षेत्र की वृद्धि दर्ज की गई है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने लगातार कवर्धा में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रयास किए। उन्होंने सूखेग्रस्त क्षेत्रों का स्वयं दौरा कर किसानों से संवाद भी किया है। साथ ही लगातार बैठकों में भू-अर्जन और वन स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण प्रकरणों की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं से जिले में सिंचाई क्षमता में व्यापक वृद्धि होगी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का लक्ष्य है कि कवर्धा जिला सिंचाई सुविधाओं के मामले में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से दिनांक 1 दिसंबर 2025 तक जिले में सिंचाई विस्तार के 11 महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 40.44 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिससे 1977 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों से कवर्धा के प्रमुख महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, इनसे संबंधित भू-अर्जन प्रकरणों, वन प्रकरणों की स्वीकृति आदि को गति प्रदान की जा रही है। जिनमें बरोदा खुर्द जलाशय, जगमडवा जलाशय, घटोला परियोजना और सुतियापाट नहर विस्तारीकरण योजना शामिल है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुतियापाट नहर विस्तारीकरण कार्य को प्राथमिकता देते हुए इसे तेजी से प्रारंभ करवाया। किसानों की मांग के अनुरूप नहरों का समावेश योजना में किया गया है। इन प्रगतिशील परियोजनाओं के पूर्ण होने पर जिले में कुल 8,762 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।कबीरधाम जिले में अनेक नाले और नदियां प्रवाहित होती हैं, जिनमें अब तक कई जलधाराओं पर योजनाएं विकसित नहीं हुई थीं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन्हें बजट में शामिल करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जिनमें करीयामा जलाशय (सकरी नदी), नीर जलाशय, बोडला, कर्रनाला बैराज से फीडर नहर, टाटावाही जलाशय निर्माण, मिन्मिनिया जलाशय (छिपिआमा पालक नाला), मुडघुसरी जलाशय से संबंधित कार्य सम्मिलित है।--




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