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नई दिल्ली। ‘अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस’ की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई नेताओं ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि गर्व है कि हम इस लोकतांत्रिक यात्रा का हिस्सा हैं।
अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस’ पर समस्त सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों को हार्दिक शुभकामनाएंलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर लिखा, “‘अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस’ पर समस्त सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों को हार्दिक शुभकामनाएं। जनता की आकांक्षाओं को स्वर देने, सरकारों को जवाबदेह बनाने और मानवाधिकारों की रक्षा में विश्व भर में संसदों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। भारत में संसद न केवल विधायी कार्यों की सर्वोच्च संस्था है, अपितु यह हमारी लोकतांत्रिक चेतना, विविधता में एकता तथा संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था के रूप में भारतीय संसद ने अपनी समृद्ध संवैधानिक परंपराओं, पारदर्शिता व उत्तरदायित्व के सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्प्रभुता को सदैव सुदृढ़ रखा है। इस विशेष अवसर पर हम राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए, लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि के शासन तथा जनता के प्रति संसद की उत्तरदायित्वशीलता को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराते हैं।”केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा गर्व है कि हम इस लोकतांत्रिक यात्रा का हिस्सा हैं, जहां जवाबदेही और जन-आकांक्षाएं साथ चलती हैंकेंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “‘अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस’ हमें यह याद दिलाता है कि हर सवाल जो पूछा जाता है, हर जवाब जो दिया जाता है, और हर कानून जो पास होता है, उसमें हमारे लोगों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं। गर्व है कि हम इस लोकतांत्रिक यात्रा का हिस्सा हैं, जहां जवाबदेही और जन-आकांक्षाएं साथ चलती हैं।”संसदीय प्रणाली न केवल शासन का माध्यम है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं और विश्वास की बुनियाद भी हैउत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने इस दिवस को जनता की आकांक्षाओं और विश्वास की बुनियाद बताते हुए लिखा, “‘अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस’ के अवसर पर समस्त जनप्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह दिन लोकतंत्र की उस भावना को सजीव करता है, जिसमें जनता सर्वोपरि होती है और जनहित सबसे बड़ा कर्तव्य। संसदीय प्रणाली न केवल शासन का माध्यम है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं और विश्वास की बुनियाद भी है। आइए, इस अवसर पर जन-सेवा, जवाबदेही और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सशक्त करें।”जन सुलभ व जनसेवा को समर्पित देश व प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों, देवतुल्य जनमानस को अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएंराजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने एक्स पर लिखा, “जन सुलभ व जनसेवा को समर्पित देश व प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों, देवतुल्य जनमानस को अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह अवसर जनप्रतिनिधियों को उनके जनसरोकारों के प्रति संकल्पबद्ध करता है तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के केंद्र में विधायी निकायों की सक्रिय व सकारात्मक भूमिका का स्मरण दिलाता है।”समस्त जनप्रतिनिधियों एवं देश-प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएंबिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने भी ‘अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस’ की बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “समस्त जनप्रतिनिधियों एवं देश-प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। लोकतंत्र के इस स्तंभ को सशक्त बनाने में आपका योगदान सराहनीय है।” राजस्थान से भाजपा सांसद सीपी जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “‘अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस’ पर संसदीय कार्य प्रणाली से जुड़े सभी जन सेवकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। -
नई दिल्ली। प्रौद्योगिकी से पशु चिकित्सा और देखभाल में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है। जीनोम एडिटिंग, भ्रूण स्थानांतरण तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों का उपयोग इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
सोमवार को उत्तर प्रदेश के बरेली में भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने पहुंची राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि मनुष्य का वनों और वन्य जीवों के साथ सह-अस्तित्व का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि कई प्रजातियां या तो विलुप्त हो चुकी हैं या विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रजातियों का संरक्षण जैव विविधता और पृथ्वी के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। कोरोना महामारी ने मानव जाति को चेतावनी दी है कि उपभोग पर आधारित संस्कृति न केवल मानव जाति को बल्कि अन्य जीवों और पर्यावरण को भी अकल्पनीय नुकसान पहुंचा सकती है।राष्ट्रपति ने कहा कि आज दुनिया भर में ‘वन हेल्थ’ की अवधारणा को महत्व मिल रहा है। मनुष्य, पालतू और जंगली जानवर, वनस्पतियां और व्यापक पर्यावरण सभी एक दूसरे पर निर्भर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रमुख पशु चिकित्सा संस्थान के रूप में आईवीआरआई इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण में। उन्होंने आईवीआरआई जैसे संस्थानों से पशुओं के लिए स्वदेशी और कम लागत वाले उपचार और पोषण खोजने की अपील की।दीक्षांत समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के प्रत्येक जिले में वैज्ञानिकों की 2,000 टीमें भेजी जाएंगी। वह स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि, उन्नत नस्लों, तकनीकी खेती और बागवानी के विषय में जानकारी देंगी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अब सिर्फ लैब में सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि खेत और खलिहान तक जाकर किसानों से जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि देश में 300 से अधिक अभिनव कृषि प्रयोग किसानों ने खुद किए हैं, जिनमें वैज्ञानिकों के सहयोग से और अधिक परिष्कृत करने की आवश्यकता है।दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आईवीआरआई द्वारा विकसित टीके ने उत्तर प्रदेश को लंपी स्किन डिज़ीज से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी की दूसरी लहर के दौरान जब गोवंश बुरी तरह प्रभावित हुआ, तब आईवीआरआई द्वारा विकसित टीके ने उत्तर प्रदेश को संक्रमण से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। -
नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बिहार की 2003 की मतदाता सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। इस सूची में 4.96 करोड़ मतदाताओं के नाम हैं। इससे विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में काफी आसानी होगी, क्योंकि अब करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं को कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा नहीं करना पड़ेगा। चुनाव आयोग के 24 जून 2025 के निर्देशों के अनुसार, 2003 की मतदाता सूची को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को हार्ड कॉपी में उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, यह सूची ऑनलाइन भी उपलब्ध होगी, ताकि कोई भी व्यक्ति इसे डाउनलोड कर सके और मतदाता सूची में नाम जोड़ने या संशोधन के लिए फॉर्म के साथ इसका उपयोग कर सके।
जिन मतदाताओं के नाम 2003 की सूची में हैं, उन्हें केवल अपने विवरण सत्यापित करने और फॉर्म जमा करने की जरूरत होगीइस सुविधा से मतदाताओं और बीएलओ दोनों को फायदा होगा। जिन मतदाताओं के नाम 2003 की सूची में हैं, उन्हें केवल अपने विवरण सत्यापित करने और फॉर्म जमा करने की जरूरत होगी। इसके अलावा, जिन लोगों का नाम इस सूची में नहीं हैं, लेकिन उनके माता-पिता के नाम हैं, उन्हें अपने माता-पिता के लिए कोई अतिरिक्त दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मतदाताओं को केवल अपने लिए दस्तावेज जमा करने होंगे।चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के तहत हर चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन जरूरी हैचुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के तहत हर चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन जरूरी है। पिछले 75 वर्षों से आयोग वार्षिक आधार पर गहन और संक्षिप्त संशोधन करता रहा है। यह प्रक्रिया इसलिए जरूरी है, क्योंकि मतदाता सूची में लगातार बदलाव अपरिहार्य है। मृत्यु, प्रवास, शादी, नौकरी, शिक्षा या 18 वर्ष की आयु पूरी करने जैसे कारणों से इसमें बदलाव होते रहते हैं। संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, 18 वर्ष से अधिक उम्र के भारतीय नागरिक, जो उस निर्वाचन क्षेत्र के निवासी हों, मतदाता के रूप में पंजीकरण के पात्र हैं। यह कदम मतदाता सूची को पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज सोमवार को उत्तर प्रदेश के बरेली में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ‘ईशावास्यम् इदं सर्वम्’ के जीवन मूल्य पर आधारित है, जो सभी जीवों में ईश्वर की उपस्थिति को देखती है। हमारे देवताओं और ऋषियों द्वारा पशुओं से संवाद करने की मान्यता भी इसी सोच पर आधारित है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने आईवीआरआई दीक्षांत समारोह में छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य का वनों और वन्य जीवों के साथ सह-अस्तित्व का रिश्ता है। कई प्रजातियां या तो विलुप्त हो चुकी हैं या विलुप्त होने की कगार पर हैं।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन प्रजातियों का संरक्षण जैव विविधता और पृथ्वी के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सोचने-समझने की शक्ति दी है, उसका उपयोग सभी जीवों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। कोरोना महामारी ने मानव जाति को चेताया है कि उपभोग पर आधारित संस्कृति न केवल मानव जाति को बल्कि अन्य जीव-जंतुओं और पर्यावरण को भी अकल्पनीय क्षति पहुंचा सकती है।उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में ‘एक स्वास्थ्य’ की अवधारणा को महत्व मिल रहा है। यह अवधारणा मानती है कि मनुष्य, पालतू और जंगली जानवर, वनस्पतियां और व्यापक पर्यावरण सभी एक-दूसरे पर निर्भर हैं। हमें पशु कल्याण के लिए प्रयास करना चाहिए। एक प्रमुख पशु चिकित्सा संस्थान के रूप में आईवीआरआई इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण में।राष्ट्रपति ने कहा कि अन्य क्षेत्रों की तरह प्रौद्योगिकी में पशु चिकित्सा और देखभाल में भी क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है। प्रौद्योगिकी के उपयोग से देश भर के पशु चिकित्सालयों को सशक्त बनाया जा सकता है। जीनोम एडिटिंग, भ्रूण स्थानांतरण तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों का उपयोग इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।उन्होंने आईवीआरआई जैसे संस्थानों से पशुओं के लिए स्वदेशी और कम लागत वाले उपचार और पोषण खोजने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें उन दवाओं के विकल्प भी तलाशने चाहिए, जिनके दुष्प्रभाव न केवल पशुओं, बल्कि मनुष्यों और पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं।राष्ट्रपति मुर्मु ने आईवीआरआई के छात्रों की इस बात के लिए सराहना की कि उन्होंने बेजुबान जानवरों के इलाज और उनके कल्याण को अपना करियर चुना है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने जीवन और करियर में किसी दुविधा की स्थिति में उन जानवरों के बारे में सोचें। इससे उन्हें सही रास्ता मिलेगा।उन्होंने छात्रों से उद्यमी बनने और पशु विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्ट-अप स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से वे न केवल जरूरतमंदों को रोजगार दे पाएंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे पाएंगे। -
नई दिल्ली। चार धाम यात्रा पर रविवार को 24 घंटे का प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे अब हटा लिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि चार धाम यात्रा पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया गया है और यात्रा एक बार फिर शुरू हो गई है।
यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले जिलों के जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति के अनुसार वाहनों को रोकने या आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैंगढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि चार धाम यात्रा पर लगाया गया 24 घंटे का प्रतिबंध अब हटा लिया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले जिलों के जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति के अनुसार वाहनों को रोकने या आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।संबंधित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बचाव और राहत दल सक्रिय कर दिए गए हैंबता दें कि उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए रविवार को चार धाम यात्रा एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। यात्रा स्थगित करने की जानकारी देते हुए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने रविवार को बताया कि लगातार भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए चारधाम यात्रा एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई है।लोगों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया हैलोगों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। उन्होंने तीर्थयात्रियों से आग्रह किया कि वे जहां हैं, वहीं रहें और स्थिति में सुधार होने तक केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा करने से बचें। संबंधित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बचाव और राहत दल सक्रिय कर दिए गए हैं।श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थलों के लिए रवाना न होंउन्होंने कहा, “मौसम की स्थिति और मार्गों की समीक्षा के बाद आगे की यात्रा के बारे में निर्णय लिया जाएगा। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थलों के लिए रवाना न हों।”चार धाम यात्रा करने आए श्रद्धालुओं को मौसम संबंधी जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई हैगौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण कई जगह मार्ग अवरुद्ध हैं। चार धाम यात्रा करने आए श्रद्धालुओं को मौसम संबंधी जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव ने भी लोगों को बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। -
नई दिल्ली। देश में मानसून की जारी बारिश ने कई राज्यों की मुश्किलें बढ़ा दी है। भारी बारिश के कारण कई राज्यों को बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, ओडिशा सरकार बाढ़ की स्थिति को लेकर अलर्ट मोड पर काम कर रही है। मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि उत्तरी ओडिशा में बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार उत्तर ओडिशा, खासकर बालासोर और मयूरभंज जिलों में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं, मंत्री सुरेश पुजारी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “बालासोर और मयूरभंज जिलों में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयारी की गई है। सरकार ने सभी विभागों को सक्रिय कर दिया है और प्रभावी ढंग से स्थिति को संभालने के लिए समन्वय बनाया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता बढ़ते जल स्तर से प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”उन्होंने बताया कि 1,100 से अधिक लोगों को निचले और जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। अस्थायी आश्रय स्थलों में भोजन, साफ पानी, चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।मंत्री ने कहा, “स्वर्णरेखा और बुधबलंगा जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किए गए हैं। हमें झारखंड और आसपास के क्षेत्रों से पानी आने की संभावना है और इसके लिए जरूरी सावधानियां बरती गई हैं। ओडीआरएएफ और अग्निशमन सेवाओं सहित बचाव और राहत टीमें तैयार हैं।”सुरेश पुजारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और हर घंटे अपडेट ले रहे हैं। हम जिला कलेक्टरों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त एनडीआरएफ टीमें तैनात की जाएंगी।उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा, “घबराने की जरूरत नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों के लोग स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। राज्य सरकार इस संकट में हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।” - बारीपदा (ओडिशा). ओडिशा का सिमिलिपाल बाघ संरक्षित क्षेत्र (एसटीआर) मानसून के कारण एक जुलाई से पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। रविवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में यह कहा गया। एसटीआर के क्षेत्रीय निदेशक प्रकाश चंद गोगिनेनी ने एक अधिसूचना में कहा कि राष्ट्रीय उद्यान को पुनः खोलने की सही तारीख बाद में घोषित की जाएगी और समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि जमुआनी, गुरगुडिया, कुमारी, बरेहीपानी और रामतीर्थ स्थित इकोटूरिज्म परिसर पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे।
- त्रिशूर. केरल पुलिस ने रविवार को 23 वर्षीय एक अविवाहित महिला को अपने दो नवजात शिशुओं की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने आरोपी महिला के 25 वर्षीय पुरुष साथी को भी गिरफ्तार कर लिया, जो दो बेटों का पिता था। पुलिस ने बताया कि जोड़े की शादी नहीं हुई थी और दोनों को रविवार को हिरासत में ले लिया गया।यह चौंकाने वाली घटना तब प्रकाश में आई जब पुरुष एक बैग लेकर पुडुक्कड़ पुलिस थाने पहुंचा और दावा किया कि उसमें दो शिशुओं के कंकाल हैं। पुलिस ने बताया कि शनिवार देर रात करीब 12.30 बजे जब पुरुष थाने पहुंचा तब वह नशे की हालत में था। उसने बताया कि अलग-अलग घटनाओं में शिशुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और जल्द ही महिला को हिरासत में ले लिया।अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि पहले बच्चे के जन्म के दौरान गर्भनाल उसके गले में लिपट जाने के कारण स्वाभाविक रूप से उसकी मृत्यु हो गई थी। ऐसा माना जाता है कि बच्चे का जन्म 2022 में हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक महिला ने बाद में स्वीकार किया कि जन्म के तुरंत बाद ही बच्चे का गला घोंट दिया गया और शव को घर के पास एक भूखंड में दफना दिया था। पुलिस के मुताबिक आठ महीने बाद महिला ने कथित तौर पर अवशेषों को खोदकर निकाला और उन्हें अनुष्ठान के लिए पुरुष को सौंप दिया। पुरुष गर्भ में पल रहे बच्चे को आवश्यक उपचार और देखभाल प्रदान करने में विफल रहा तथा हत्या की बात छिपाई। पुलिस ने इसलिए उसे मामले में सह-अभियुक्त बनाया है। पुलिस ने बताया कि महिला ने 2024 में अपने रिश्ते से पैदा हुए दूसरे बच्चे की हत्या करने की बात भी कबूल कर ली है। महिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने नवजात शिशु के रोने पर उसका गला घोंट दिया और शव दफनाने के लिए अपने पुरुष साथी को दे दिया। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में पुष्टि हुई है कि ये अवशेष दो शिशुओं के हैं।जानकारी के मुताबिक, महिला और पुरुष कथित तौर पर 2020 में फेसबुक के जरिये एक दूसरे के संपर्क में आए और इसके तुरंत बाद उनके बीच संबंध बन गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या महिला के परिवार को उसके गर्भवती होने और प्रसव की जानकारी थी।पुलिस के मुताबिक, यह मामला जोड़े के बीच तनाव के बाद सामने आया। उसने बताया कि पुरुष को संदेह था कि महिला किसी और से विवाह कर सकती है, तथा उसके पास मिले दूसरे मोबाइल फोन को लेकर वह चिंतित था। इसके बाद पुरुष ने बच्चों के अवशेषों के साथ पुलिस से संपर्क किया और मामला खुला।
- ठाणे. महाराष्ट्र के लोनावाला स्थित प्रसिद्ध आई एकविरा मंदिर के प्रबंधन ने सात जुलाई से श्रद्धालुओं के लिए ‘ड्रेसकोड'लागू करने का फैसला किया है। मंदिर प्रबंधन न्यास के मुताबिक मंदिर में पश्चिमी परिधान और शरीर को पूरी तरह न ढकने वाले कपड़े पहनकर जाने पर रोक रहेगी। कार्ला एकविरा आई न्यास के मुख्य न्यासी एवं सांसद सुरेश म्हात्रे के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक शुक्रवार को मंदिर के न्यासी बोर्ड की बैठक के दौरान पोशाक संबंधी नियम लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। लोनावला में कार्ला गुफाओं के पास स्थित आई एकविरा मंदिर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। विज्ञप्ति में म्हात्रे के हवाले से कहा गया, ‘‘कार्ला में आई एकविरा मंदिर लाखों लोगों, विशेषकर आगरी और कोली समुदायों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। हालांकि मंदिर में खुले और अनुचित कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों के कारण मंदिर की पवित्रता से समझौता हो रहा है।'' उन्होंने कहा कि न्यासी बोर्ड ने इस मुद्दे के समाधान के लिए पोशाक संबंधी नियम लागू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है, जो सात जुलाई से लागू होगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि नए नियमों में शॉर्ट्स, मिनी स्कर्ट, पश्चिमी परिधान और खुले कपड़े तथा फटी जींस पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र के कई मंदिरों में आगंतुकों के लिए पोशाक संबंधी नियम लागू किए गए हैं।
- श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा की व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए रविवार को नुनवान और चंदनवारी स्थित आधार शिविरों का दौरा किया। नुनवान आधार शिविर में उपराज्यपाल ने तीर्थयात्रियों की सुचारु आवाजाही के लिए एक ‘फुट ओवरब्रिज' का उद्घाटन किया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि नई सुविधा सुरक्षा जांच में दक्षता सुनिश्चित करेगी और श्रद्धालुओं के प्रतीक्षा समय को कम करेगी। प्रवक्ता ने कहा कि सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा के लिए प्रतिनियुक्त प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के साथ बातचीत की और सुरक्षा व्यवस्था तथा हितधारक विभागों की तैयारियों का जायजा लिया। उपराज्यपाल ने नुनवान में आपदा प्रबंधन केंद्र और यात्री निवास से जुड़ी प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने तीर्थयात्रियों के लिए विभिन्न सेवाओं की समीक्षा की जिनमें आवास, लंगर, बिजली और पानी की आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन, अग्निशमन, आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती शामिल है। उन्होंने दूरसंचार कंपनियों को निर्बाध दूरसंचार कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने का निर्देश दिया। उपराज्यपाल ने चंदनवाड़ी आधार शिविर अस्पताल के चिकित्सकों और मेडिकल टीम के साथ बातचीत की और तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था की समीक्षा की। सिन्हा ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि श्री अमरनाथजी के भक्त अपनी तीर्थयात्रा आसानी से पूरी करें तथा उनका प्रवास सुरक्षित और आरामदायक हो।''
- गंगटोक .पुलिस ने रविवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने खुद को ओडिशा का मुख्यमंत्री बताकर ‘सिक्किम स्टेट को-ऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड' (सिमफेड) के अध्यक्ष तेनजिंग दोरजी को फोन कर एक जरूरतमंद व्यक्ति के लिए पैसे मांगे थे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि दोरजी ने सदर पुलिस थाना में फोन कर मौखिक शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को ओडिशा का मुख्यमंत्री बताते हुए एक जरूरतमंद व्यक्ति के लिए पैसे की मांग की। अधिकारी ने बताया कि दोरजी ने फोन करने वाले को राज्य की राजधानी में मिलने के लिए कहा और जैसे ही वह पहुंचा, पुलिस की एक टीम ने उसे पकड़ लिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के हावड़ा निवासी अभिजीत मंडल (25) के रूप में हुई है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहित (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी मंडल से पूछताछ की जा रही है।
- कोटा. कोटा में रविवार दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मोटरसाइकिल सवार को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे 32 वर्षीय व्यक्ति और उसके दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी घायल हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना उद्योग नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत श्री राम फैक्ट्री के सामने दोपहर करीब 2:30 बजे हुई, जब परिवार कांसवा क्षेत्र में एक समारोह में शामिल होने जा रहा था। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान कोटा शहर के रानपुर थाना क्षेत्र के निवासी करिशन कहार (32), उनकी तीन वर्षीय बेटी यशस्वी और चार महीने के बेटे पार्थ के रूप में हुई है। करिशन की पत्नी ज्योति गंभीर रूप से घायल हो गई है और वह उपचाराधीन है। पुलिस के अनुसार, ट्रक ने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गयी। अस्पताल ले जाने के कुछ समय बाद ही कहार की मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में रख दिया गया है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। हालांकि, वाहन को जब्त कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।
- नवसारी. गुजरात के नवसारी जिले में साइबर धोखाधड़ी के 10 मामलों के सिलसिले में तीन राज्यों से 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। नवसारी के पुलिस अधीक्षक सुशील अग्रवाल ने बताया कि नवसारी पुलिस ने तीन करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के 10 मामलों में 'ऑपरेशन साइबर स्टॉर्म' के तहत आरोपियों को पकड़ने के लिए एक एकीकृत जांच पद्धति का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को हाल ही में गुजरात के विभिन्न हिस्सों, राजस्थान के जयपुर और मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि ये गिरफ्तारियां मोबाइल लिंक, फर्जी फेसबुक आईडी, शेयर बाजार में निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़े मामलों में उनकी संलिप्तता के चलते की गई हैं। अग्रवाल ने कहा, "ऐसे अपराधों की त्वरित और सुसंगत जांच के लिए 10 मामलों का चयन किया गया। इस जांच के तहत पुलिस ने गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के सात जिलों में अभियान चलाया।" उन्होंने बताया कि सूरत, भरूच, भावनगर, राजकोट, अहमदाबाद, जयपुर और मुंबई से 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- मथुरा (उप्र) .मथुरा जिले के गोवर्धन में 'मुड़िया पूनों' मेले का आयोजन चार से 11 जुलाई तक किया जाएगा। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि गौड़ीय संप्रदाय के प्रवर्तक चैतन्य महाप्रभु के शिष्य सनातन गोस्वामी के तिरोभाव (निधन) दिवस पर आयोजित होने वाले इस मेले में इस बार लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। जिला प्रशासन ने मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। उनके मुताबिक, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे मेला परिसर को नौ सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इन क्षेत्रों में चार हजार से अधिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। जानकारों के मुताबिक, आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास के जन्मोत्सव के कारण व्यास पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि, ब्रज में यह दिन 'मुड़िया पूर्णिमा' या 'मुड़िया पूनों' मेले के नाम से जाना जाता है। जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि मेले की व्यवस्था के लिए अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी को मेलाधिकारी नियुक्त किया गया है, और जोन तथा सेक्टरों में उप जिलाधिकारी एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य के कई जनपदों से कुल 1100 सरकारी बसें चलाई जाएंगी। उनके अनुसार, चिकित्सा सुविधाओं के लिए एक स्थाई अस्पताल के साथ-साथ कई अस्थाई अस्पताल और मेडिकल पोस्ट भी बनाए गए हैं। मार्गों की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली, पेयजल और सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिनमें पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, वाच टॉवर, बैरियर, पार्किंग स्थल और खोया-पाया केंद्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान गोवर्धन और उसकी ओर जाने वाले सभी मार्ग 'नो-व्हीकल जोन' रहेंगे, और बिना अनुमति कोई भी वाहन प्रवेश नहीं कर पाएगा। कुमार के मुताबिक, सरकारी बसें भी वन-वे रूट के हिसाब से ही संचालित होंगी।उन्होंने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को नोडल अधिकारी नामित किया गया है, और मेला क्षेत्र की व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारियों सहित लगभग चार हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
- नोएडा (उप्र) .उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में साइबर अपराधियों ने धनशोधन मामले में फंसाने की धमकी देकर वायरलेस विभाग से एक सेवानिवृत्त अधिकारी को छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और उनसे साढ़े चौबीस लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-82 निवासी सुखदास ने बताया कि वह वायरलेस विभाग से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में अकेले रहते हैं। जून के दूसरे सप्ताह में उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया और फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कई सिम निकलवाई गई हैं। शिकायत के अनुसार सुखदास को यह कह कर डराया गया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल बैंक खातों को खुलवाने में भी किया गया है। संबंधित सिम और खातों का धनशोधन में इस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने अनुसार ठगों ने 12 जून से 18 जून तक सेवानिवृत्त अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट करके रखा और पांच से अधिक बार में 24 लाख 50 हजार रुपये अपने खातों में जमा करा लिए। साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि जिन खातों में ठगी की रकम भेजी गई है उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। ठगी की रकम को जब्त करने के लिए संबंधित बैंक अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है।
- नयी दिल्ली. दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सागरपुर इलाके में रविवार अपराह्न को बारिश में खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद 10 वर्षीय लड़के की उसके पिता द्वारा कथित तौर पर चाकू गोदकर हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी दिहाड़ी मजदूर (40) को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि अपराह्न करीब डेढ़ बजे दादा देव अस्पताल से एक पीसीआर कॉल में जानकारी दी गई कि एक बच्चे को भर्ती कराया गया है, जिसे उसके पिता ने ही कथित तौर पर चाकू मार दिया है। उसने बताया कि चिकित्सकों ने लड़के को मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने एक बयान में कहा कि लड़का अपने पिता और तीन भाई-बहनों के साथ सागरपुर के मोहन ब्लॉक में एक किराए के कमरे में रहता था। इसमें कहा गया, ‘‘ उनकी मां का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था और बच्चों की देखभाल केवल उनका पिता ही करता था।'' पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि यह घटना तब हुई जब लड़का बारिश में खेलने के लिए बाहर जाने पर जोर दे रहा था। बयान में कहा गया है, ‘‘उसके पिता ने विरोध किया, लेकिन बच्चे ने उनकी बात नहीं मानी। गुस्से में आकर उस व्यक्ति ने रसोई का चाकू उठाया और लड़के की छाती में घोंप दिया।'' हमले के बाद आरोपी बेटे को अस्पताल ले गया, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।पुलिस ने बताया कि चिकित्सकों ने घटना की सूचना पुलिस को दी जिसके बाद जांच शुरू की गई। उसने बताया कि अपराध में प्रयुक्त चाकू को घर से बरामद कर लिया गया है तथा आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम और अपराध से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है। पीड़िता की बहन ने अपने पिता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बहन ने बताया कि उसके पिता शराब पीकर सभी को पीटते थे। पीड़ित के भाई ने बताया कि उसने भाई को बचाने की भी कोशिश की थी।
- झांसी (उप्र) .भुसावल से मथुरा जा रही एक ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला ने प्रसव पीड़ा होने के बाद रविवार को झांसी रेलवे स्टेशन पर एक बच्ची को जन्म दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। झांसी रेल मंडल के सहायक जनसंपर्क अधिकारी प्रदीप सुडेले ने रविवार को बताया कि सचखंड एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार मोनिका भोंसले नामक महिला को झांसी स्टेशन से पहले प्रसव पीड़ा होने लगी। सूचना मिलने पर रेलवे अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने रेलवे सुरक्षा बल की महिला कांस्टेबल के साथ प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची ट्रेन से महिला को सुरक्षित नीचे उतारा और उसने प्लेटफार्म पर ही बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने बताया कि इस बीच महिला अपनी यात्रा पूरी करने की जिद कर रही थी लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे समझाकर एहतियात के तौर पर झांसी रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मां और उसकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
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हैदराबाद. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने माओवादियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार करते हुए रविवार को कहा कि प्रतिबंधित संगठन के कार्यकर्ताओं को हथियार छोड़ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर देना चाहिए और मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए। तेलंगाना के निजामाबाद में हल्दी बोर्ड के राष्ट्रीय मुख्यालय का उद्घाटन करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' पर सवाल उठा रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ऑपरेशन के प्रभाव को समझने के लिए पाकिस्तान की कमजोर छवि देखनी चाहिए। शाह ने कहा, ‘‘कांग्रेस (केंद्र से) इन लोगों (माओवादियों) से बातचीत करने को कहती है। हमारी सरकार की हथियार रखने वालों से 'बात नहीं करने' की नीति है। हथियार छोड़ दें, आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में शामिल हों।'' उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर में करीब 10,000 लोगों ने हथियार छोड़ दिए और मुख्यधारा में शामिल हो गए। शाह ने कहा कि इन लोगों ने तालुक स्तर से लेकर राज्य विधानसभाओं तक के पदों के लिए हुए चुनावों में भी हिस्सा लिया। इसी तरह पिछले डेढ़ साल में 2,000 से ज़्यादा माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। गृह मंत्री ने कहा, "हथियार छोड़ो और आत्मसमर्पण करो। अगर आप आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो हमने तय किया है कि 31 मार्च 2026 से पहले इस देश से नक्सलवाद को मिटा दिया जाएगा।
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इंदौर. मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने रविवार को दावा किया कि सूबे में केवल एक जिले में सीमित नक्सल समस्या भी अब खात्मे की ओर है और राज्य पुलिस ने पिछले छह महीने के भीतर मुठभेड़ों में 10 नक्सलियों का सफाया करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार ने देश भर में नक्सलवाद को मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है।
मकवाना ने इंदौर जोन के पुलिस अधिकारियों की बैठक के दौरान संवाददाताओं को बताया,‘‘नक्सल समस्या कई वर्षों से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि, मध्यप्रदेश में मोटे तौर पर नक्सल समस्या से केवल बालाघाट जिला प्रभावित है।'' उन्होंने बताया कि प्रदेश पुलिस ने पिछले छह महीने के दौरान मुठभेड़ों में 10 नक्सलियों का खात्मा किया है और यह एक 'रिकॉर्ड' है। मकवाना ने कहा,‘‘हमारे अनुमान के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में 40-45 नक्सली होंगे। हम नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मानसून में भी हमारा नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा।'' उन्होंने बताया कि सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में हर महीने बैठक लेकर नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा की जा रही है और नक्सल समस्या के खात्मे के लिए पुलिस की विशेष इकाई ‘हॉक फोर्स' के 325 नये पद स्वीकृत किए गए हैं। बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम पड़ोसी उत्तर प्रदेश में गिरफ्तारी से पहले अपने गृहनगर इंदौर के एक फ्लैट में कई दिन तक छिपी थी। इससे स्थानीय पुलिस के खुफिया तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर डीजीपी ने कहा,‘‘इंदौर बड़ा शहर है। व्यावहारिक रूप से पता लगाना काफी मुश्किल है कि शहर में कोई व्यक्ति अचानक कहां से आकर रात-बिरात कहां रुका। हालांकि, पुलिस को किसी व्यक्ति के बारे में कोई विशिष्ट सुराग या सूचना मिलती है, तो हम इस बारे में पता करने की कोशिश करते हैं।'' उन्होंने कहा,‘‘कई बार आप इस पर भी नजर नहीं रख पाते कि आपके खुद के घर के एक हिस्से में रहने वाले किरायेदार से मिलने कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, तो इतने बड़े शहर पर नजर रखना कैसे संभव है?'' मकवाना ने माना कि सूबे के पुलिस विभाग में बड़ी तादाद में पद खाली पड़े हैं।
उन्होंने बताया,‘‘पूरे प्रदेश में करीब 25,000 का पुलिस बल स्वीकृत है। इनमें अलग-अलग वर्गों के खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधिकारियों की समयबद्ध पदोन्नति की प्रक्रिया भी जारी है। -
गुवाहाटी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि असम का बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) जो कभी संघर्षों के लिए जाना जाता था, अब वहां के युवाओं के फुटबॉल कौशल से पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवा फुटबॉल खिलाड़ी, जिन्होंने कठिनाइयों और चुनौतियों को हराकर मैदान पर चमक दिखाई है, देश भर में अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के दौरान बीटीआर में शांति बहाल होने का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘बोडोलैंड देश के सामने एक नयी पहचान के साथ खड़ा है। युवाओं में ऊर्जा और उनका आत्मविश्वास सबसे ज्यादा फुटबॉल के मैदान पर दिखता है।" बीटीआर में बोडोलैंड सीईएम कप का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह महज एक टूर्नामेंट नहीं है "यह एकता और आशा का उत्सव बन गया है।" उन्होंने बताया कि इसमें 3,700 से अधिक टीम और लगभग 70,000 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लड़कियां हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ये आंकड़े बोडोलैंड में आए बदलाव की कहानी बयां करते हैं। बोडोलैंड अब देश के खेल मानचित्र पर और भी चमक रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था जब संघर्ष ही बोडोलैंड की पहचान थी। तब यहां के युवाओं के लिए रास्ते सीमित थे। लेकिन आज उनकी आंखों में नए सपने हैं और दिलों में आत्मनिर्भरता का हौसला है।'' प्रधानमंत्री ने हालीचरण नारजारी, दुर्गा बोरो, अपूर्वा नारजारी, मनबीर बसुमतारी जैसे खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बोडोलैंड के फुटबॉल खिलाड़ी अब उच्च स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ फुटबॉल खिलाड़ियों के नाम नहीं हैं- ये उस नयी पीढ़ी की पहचान है जिन्होंने बोडोलैंड को मैदान से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। मोदी ने कहा, ‘‘इनमें से कई ने सीमित संसाधनों में अभ्यास किया, कई ने कठिन परिस्थितियों में अपने रास्ते बनाए, और आज इनका नाम लेकर देश के कितने ही नन्हें बच्चे अपने सपनों की शुरुआत करते हैं।'' मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने प्रधानमंत्री के प्रसारित क्लिप को ‘एक्स' पर साझा करते हुए कहा, ‘‘बोडोलैंड सीईएम कप- जो इस क्षेत्र में पहले अकल्पनीय था - इस बात का उदाहरण है कि कैसे सही नेतृत्व के साथ, हमारे युवाओं की शक्ति का इस्तेमाल आतंक के बजाय प्रतिभाओं को उभारने के लिए किया जा सकता है।" मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वास्तव में, पिछले पांच वर्षों में उग्रवाद के केंद्र से बीटीआर का शांति के केंद्र में परिवर्तन, पूर्वोत्तर के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता का सबसे अच्छा उदाहरण है।" बोडोलैंड सीईएम कप 1.0 की शुरुआत 15 जून को बीटीआर के सभी पांच जिलों में हुई। इसमें 420 ग्राम परिषद विकास समितियां (वीसीडीसी) शामिल होंगी और यह चार चरणों में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का कुल बजट 6.44 करोड़ रुपये है, तथा कुल पुरस्कार राशि 72.55 लाख रुपये है।
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हैदराबाद. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केंद्र ने 2030 तक एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के हल्दी निर्यात का लक्ष्य रखा है। निजामाबाद में हल्दी बोर्ड के राष्ट्रीय मुख्यालय के उद्घाटन के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड पैकिंग, ब्रांडिंग, विपणन और हल्दी के निर्यात पर ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने कहा कि हल्दी बोर्ड किसानों के लिये लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने, उनके उत्पाद के निर्यात, साथ ही अनुसंधान और विकास के लिए कार्य करेगा। शाह ने कहा, ‘‘आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत सरकार ने 2030 तक एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के हल्दी निर्यात करने का लक्ष्य रखा है। हमने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के (हल्दी) निर्यात के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तैयारी भी कर ली है। जो (हल्दी) बोर्ड बनेगा, वह यह सुनिश्चित करने के लिये कार्य करेगा कि हल्दी का उच्चतम मूल्य किसानों तक पहुंचे।'' शाह ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलंगाना में हल्दी बोर्ड स्थापित करने का वादा किया था और इस संबंध में आदेश बाद में जारी किए गए थे। इससे पहले, हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर अमित शाह के पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और अन्य नेताओं ने उनकी अगवानी की। भाजपा की तेलंगाना इकाई ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले हल्दी बोर्ड की स्थापना की घोषणा की थी और अब उन्होंने किसानों के सपने को पूरा किया है। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हल्दी की फसल की गुणवत्ता में सुधार, अनुसंधान और किसानों की आय में सुधार के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। हल्दी बोर्ड की स्थापना निजामाबाद के हल्दी किसानों की एक प्रमुख मांग रही है और यह एक प्रमुख चुनावी मुद्दा भी था। निजामाबाद से भाजपा के लोकसभा सदस्य डी. अरविंद ने हल्दी बोर्ड स्थापित करने का वादा किया था। अरविंद ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधानपरिषद सदस्य (एमएलसी) और तत्कालीन मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता को हराया था। वह 2024 में फिर से चुने गए।
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पिडुगुराल्ला/ सिकंदराबाद से भुवनेश्वर के बीच चलने वाली विशाखा एक्सप्रेस में रविवार तड़के पालनाडु जिले के तुम्माला चेरुवु के पास डकैती की कोशिश नाकाम कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, रविवार को तड़के 3:30 से 3:45 बजे के बीच दो अज्ञात संदिग्धों ने अलार्म चेन खींची। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सुरक्षा पुलिस जांच के लिए ट्रेन से उतरी लेकिन तब तक अपराधी खेतों की तरफ भाग गए। चेतावनी के बावजूद उन्होंने पुलिस पर पत्थर फेंके। उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों ने 9 एमएम पिस्तौल से पांच राउंड और .303 राइफल से चार राउंड गोलियां हवा में चलायीं। गुंटूर रेलवे डीएसपी बी अक्केश्वर राव ने बताया, "घटना के दौरान कोई घायल नहीं हुआ और न ही किसी यात्री को कोई नुकसान पहुंचा।" उन्होंने कहा कि ट्रेन 10 मिनट रुकने के बाद फिर से रवाना हो गई। संदेह है कि नाडिकुडी के निकट हुई चोरियों की पिछली घटनाओं में भी यही गिरोह शामिल था।
पुलिस को संदेह है कि बिहार-महाराष्ट्र का सात सदस्यीय समूह इस संवेदनशील क्षेत्र में गतिविधियां चलाता है। राव ने कहा, "हम अपराधियों को जल्द ही पकड़ लेंगे। घटना के संबंध में भारतीय न्याय संहिता 126(2), रेलवे अधिनियम 141 और पुलिस फायरिंग प्रोटोकॉल के तहत मामला दर्ज किया गया। -
पुरी. ओडिशा के पुरी में श्री गुंडिचा मंदिर के निकट रविवार को मची भगदड़ में कम से कम तीन व्यक्तियों की मौत हो गई और करीब 50 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ एस. स्वैन ने बताया कि यह घटना तड़के करीब चार बजे हुई, जब सैकड़ों श्रद्धालु रथयात्रा उत्सव देखने के लिए मंदिर के पास एकत्रित हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि अनुष्ठान के लिए सामग्री ले जा रहे दो ट्रकों के भगवान जगन्नाथ और उनके भाई भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के रथों के पास भीड़भाड़ वाले स्थान पर घुसने के बाद अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने बताया कि घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और छह लोगों की हालत गंभीर है।
मृतकों की पहचान बोलागढ़ निवासी बसंती साहू और बालीपटना निवासी प्रेमकांत मोहंती व प्रवती दास के रूप में हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई. बी. खुरानिया और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। इस बीच, ओडिशा के विधि मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को घटना से अवगत करा दिया है। हरिचंदन ने कहा, ‘‘हम हर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।'' पुरी में रथयात्रा शुरू होने के एक दिन बाद शनिवार को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचे। श्री गुंडिचा मंदिर को देवताओं का मौसी का घर माना जाता है, यह मंदिर 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर से 2.6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हर साल भगवान जगन्नाथ मंदिर से अपनी मौसी के घर यानी श्री गुंडिचा मंदिर जाते हैं। भगवान की वापसी की यात्रा को ‘बहुदा यात्रा' के नाम से जाना जाता है जो इस साल पांच जुलाई को होगी। -
नई दिल्ली। भारत में हर साल एक जुलाई को ‘जीएसटी डे’ मानाया जाता है। इसी दिन आठ साल पहले 2017 में देश के सबसे बड़े टैक्स सुधारों में एक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को लागू किया गया था।
जीएसटी को मोदी सरकार ने देश में व्यापार करने में सुविधा हो इसके तहत लागू किया थाजीएसटी को मोदी सरकार ने देश में व्यापार करने में सुविधा हो इसके तहत लागू किया था। इसमें राज्य सरकारों और केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने विभिन्न टैक्सों को जीएसटी के तहत लगाया गया, जिससे कि नियमों का अनुपालन आसानी से हो और व्यापारी अलग-अलग टैक्स की जगह एक टैक्स चुकाकर आसानी से अपने बिजनेस को चला पाए।जीएसटी लागू तो 2017 में हुआ था, लेकिन इसे लाने का विचार पहली बार वर्ष 2000 में आया थाजीएसटी लागू तो 2017 में हुआ था, लेकिन इसे लाने का विचार पहली बार वर्ष 2000 में आया था। उस समय एक समिति का गठन जीएसटी कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए किया गया था। 2004 में समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। इसके दो साल बाद 2006 के अपने बजट भाषण में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 2010 में जीएसटी को देश भर में लागू करने का ऐलान किया था, लेकिन इसके प्रावधानों को लेकर राज्यों और केंद्र सरकार के बीच मतभेदों के कारण यह लागू नहीं हो पाया था।फिर 2014 में मोदी सरकार आने के बाद इस बिल पर तेजी से काम हुआ और मई 2015 में जीएसटी बिल को संसद से मंजूरी मिल गईफिर 2014 में मोदी सरकार आने के बाद इस बिल पर तेजी से काम हुआ और मई 2015 में जीएसटी बिल को संसद से मंजूरी मिल गई। इसके बाद सितंबर 2016 में जीएसटी काउंसिल की पहली बैठक हुई है और 1 जुलाई 2017 में इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया।जीएसटी लागू करने का उद्देश्य देश में ‘एक देश-एक मार्केट-एक टैक्स’ के विचार को अमली जामा पहनाना थाजीएसटी लागू करने का उद्देश्य देश में ‘एक देश-एक मार्केट-एक टैक्स’ के विचार को अमली जामा पहनाना था। जीएसटी लागू होने से सर्विस टैक्स, वैट, परचेस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी, एंटरटेनमेंट टैक्स जैसे अन्य कई टैक्स समाप्त हो गए। हालांकि, अभी भी शराब, पेट्रोलियम पदार्थ और स्टाम्प ड्यूटी को जीएसटी से मुक्त रखा गया है और इन पर पुरानी टैक्स व्यवस्था ही लागू होती है।जीएसटी लागू होने के बाद देश का टैक्स कलेक्शन भी तेजी से आगे बढ़ा हैजीएसटी लागू होने के बाद देश का टैक्स कलेक्शन भी तेजी से आगे बढ़ा है। वित्त वर्ष 24 में कुल 20.18 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्ट किया गया था और इस दौरान औसत जीएसटी कलेक्शन 1.68 लाख करोड़ रुपए था। वहीं, वित्त वर्ष 21 में यह आंकड़ा 11.37 लाख करोड़ रुपए था और इस दौरान औसत जीएसटी कलेक्शन 0.94 लाख करोड़ रुपए रहा था। मई 2025 में जीएसटी कलेक्शन 2.01 लाख करोड़ रुपए रहा था, जो मई 2024 के 1.72 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 16.4 प्रतिशत अधिक था। - अवैध प्लाटिंगकर्त्ता डेवलपर के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने नामजद एफआईआर दर्ज करवाने कार्यवाहीरायपुर/ शनिवार को रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और कार्यपालन अभियंता श्री अभिषेक गुप्ता सहित रायपुर नगर निगम जोन 8 के नगर निवेश विभाग के अन्य सम्बंधित निगम अधिकारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत वीर सावरकर नगर वार्ड क्रमांक 1 हीरापुर जरवाय क्षेत्र अंतर्गत बिना कॉलोनी विकास अनुज्ञा लिए तथा बिना नगर पालिक निगम रायपुर से कॉलोनी विकास अनुमति के लगभग 60 एकड़ भूमि में खसरा नंबर 2/24-39-45-46-66-74, 4/3, 5/2, 6/4, 7/4, 10/2-3-4, 12/1-3, 15/6-11, 16/2 पर अवैध प्लाटिंग की गयी थी, जिसे रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 की नगर निवेश विभाग की टीम ने जेसीबी ,पोकलेन मशीन की सहायता से स्थल पर किये गए अवैध सी सी रोड को तोड़ने की कार्यवाही की गयी एवं अवैध मुरूम रोड को काटा एवं एवं बिना अनुमति के निर्मित 10 बॉउंड्रीवाल सहित अवैध प्लॉटिंग कर बना रहे अवैध भवनो को हटाने की कार्यवाही की गयी गया। अवैध प्लॉटिंग करने वाले के विरुद्ध प्रक्रिया के अंतर्गत नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्यवाही करने सम्बंधित क्षेत्र के पुलिस थाना में नामजद एफआईआर दर्ज करने हेतु निर्देशानुसार पत्र लिखा गया है।


























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