- Home
- देश
-
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को पूर्ण अंतरिक्ष गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति देने के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को उदार बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. सिंह ने बताया कि एनजीई गतिविधियों को बढ़ावा देने, सक्षम बनाने, अधिकृत करने और पर्यवेक्षण करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (आईएन-स्पेस) की स्थापना की गई है। नियामक स्पष्टता सुनिश्चित करने और एक संपन्न अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष नीति – 2023, मानदंड, दिशानिर्देश और प्रक्रिया (एनजीपी) और एफडीआई नीति की स्थापना की गई। अंतरिक्ष में स्टार्टअप्स और एनजीई को समर्थन देने के लिए प्रौद्योगिकी अपनाने निधि (टीएएफ), सीड फंड, मूल्य निर्धारण समर्थन, मेंटरशिप और तकनीकी प्रयोगशाला जैसी विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं, एनजीई के साथ 78 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं और 31 दिसंबर 2024 तक 72 प्राधिकरण जारी किए गए हैं।आईएन-स्पेस पीपीपी के माध्यम से पृथ्वी अवलोकन (ईओ) प्रणाली स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। भारतीय कंपनियों को लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) का प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रगति पर है। भारतीय संस्थाओं के लिए कक्षीय संसाधनों तक पहुंचने के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में 1000 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। कुल मिलाकर लगभग 330 उद्योग/स्टार्टअप/एमएसएमई अपनी गतिविधियों को सक्षम करने के लिए आईएन-स्पेस से जुड़े हैं। अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए प्राधिकरण, डेटा प्रसार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, प्रचार गतिविधि, आईएन-स्पेस तकनीकी केंद्र और इसरो परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच आदि को उदार बनाया गया है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि अमेरिका से अब तक 588 पुरावशेष वापस लाए गए हैं जिनमें से 297 पुरावशेष वर्ष 2024 में प्राप्त हुए। संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय पुरावशेषों की तस्करी को रोकने के लिए अमेरिका के साथ सांस्कृतिक संपदा करार (सीपीए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि करार के निवारक प्रकृति के होने के कारण ऐसी कोई समय समयसीमा या संख्या निर्धारित नहीं की गई है। शेखावत ने कहा, ‘‘अभी तक 588 पुरावशेष अमेरिका से वापस लाए गए हैं जिनमें से 297 पुरावशेष वर्ष 2024 में प्राप्त हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संपदा करार में तकनीकी सहायता, अवैध व्यापार और सांस्कृतिक संपदा के लूट के मामलों में सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देने का प्रावधान है। शेखावत ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, ‘‘कुंभ मेला एक महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थ उत्सव है और विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां लाखों भक्त पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए एकत्र होते हैं। इस आयोजन के दौरान, अनेक प्राचीन संप्रदाय, आध्यात्मिक संगठन और धर्म गुरु एकजुट होते हैं, जो अकसर ही सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे रीति-रिवाजों और प्रथाओं को प्रदर्शित करते हैं।'' उनसे सवाल किया गया था कि क्या सरकार ने, विशेष रूप से कुंभ मेले जैसे आयोजनों के दौरान प्राचीन संप्रदायों के पुनरुत्थान का अवलोकन किया है। इसके जवाब में शेखावत ने कहा, ‘‘भारत में प्राचीन संप्रदायों का पुनरुत्थान आधुनिक धार्मिक चुनौतियों के मद्देनजर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर में बढ़ती रुचि और गूढ़ अर्थ की खोज जैसे कारकों से प्रेरित है। सोशल मीडिया और धार्मिक पर्यटन ने भी इन संप्रदायों के बारे में जानकारी का प्रसार करने में भूमिका निभाई है।''
-
जयपुर. बीकानेर जिले के देशनोक में एक भीषण सड़क हादसे में छह व्यक्तियों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। देशनोक थाने की उपनिरीक्षक सुमन शेखावत ने बताया कि देशनोक में यह हादसा बुधवार देर रात उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पास से गुजर रही कार पर पलट गया। कार ट्रक के नीचे दबने से पिचक गई और उसमें सवार एक ही परिवार के सभी छह लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कार सवार नोखा के रहने वाले थे और देशनोक में एक शादी समारोह में भाग लेने आए थे। इनमें दो सगे भाई भी थे। मृतकों की पहचान अशोक, मूलचंद्र, पप्पूराम, श्याम सुंदर, द्वारका प्रसाद व करणीराम के रूप में हुई है।
-
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में बताया कि प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार को राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘महाराष्ट्र भूषण' के लिए चुना गया है। पिछले महीने अपना 100वां जन्म दिन मनाने वाले सुतार को पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है और उन्होंने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का डिजाइन तैयार किया है, जो 182 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। फडणवीस ने कहा, ‘‘वह (सुतार) शतायु हो चुके हैं, लेकिन अभी भी मुंबई में इंदु मिल स्मारक परियोजना में आंबेडकर प्रतिमा पर काम कर रहे हैं।'' ‘महाराष्ट्र भूषण' के तहत 25 लाख रुपये और एक स्मृति चिह्न प्रदान किया जाता है।
अपने बेटे अनिल के साथ काम करने वाले सुतार कई प्रमुख परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं, जैसे कि ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी', अयोध्या में भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा, बेंगलुरु में भगवान शिव की 153 फुट ऊंची प्रतिमा और पुणे के मोशी में छत्रपति संभाजी महाराज की 100 फुट ऊंची प्रतिमा। पिछले साल, महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिला स्थित मालवण के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा गिरने के बाद, राज्य में इसे लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला था। महाराष्ट्र सरकार ने किले में शिवाजी की 60 फुट ऊंची नयी प्रतिमा बनाने का अनुबंध सुतार की फर्म राम सुतार आर्ट क्रिएशन्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया है, जिसने गुजरात में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का निर्माण किया था।
- -
नयी दिल्ली । केंद्र ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि वह अपने और कई खनिज संपन्न राज्यों के बीच खनिज युक्त भूमि एवं खनिज अधिकारों पर रॉयल्टी और कर बकाया की वसूली के मुद्दे को सुलझाने का प्रयास कर रहा है। इस बीच, शीर्ष अदालत ने झारखंड जैसे कई खनिज संपन्न राज्यों की उन याचिकाओं पर सुनवाई 24 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी जो केंद्र और खनन कंपनियों से खनिज अधिकारों और खनिज संपन्न भूमि पर रॉयल्टी और कर बकाया वसूलने से जुड़ी हैं। न्यायमूर्ति अभय एस ओका, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने कहा कि वह कई खनिज संपन्न राज्यों की याचिकाओं पर सुनवाई के क्रम को लेकर फैसला करेगी। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान खोजने के प्रयास जारी हैं और याचिकाओं को मई के पहले सप्ताह में सूचीबद्ध किया जा सकता है। झारखंड की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि किसी भी स्तर पर समाधान निकाला जा सकता है और सुनवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ (अब सेवानिवृत्त) की अगुवाई वाली नौ न्यायाधीशों की पीठ ने 25 जुलाई, 2024 को एक के मुकाबले आठ के बहुमत से फैसला सुनाया था कि खनिज अधिकारों पर कर लगाने की विधायी शक्ति राज्यों के पास है, संसद के पास नहीं। इसके बाद, उच्चतम न्यायालय ने 14 अगस्त को खनिज संपन्न राज्यों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें खनिजों और खनिज-युक्त भूमि पर केंद्र सरकार से 12 वर्ष में क्रमबद्ध तरीके से रॉयल्टी तथा कर पर एक अप्रैल 2005 से बकाया लेने की अनुमति दे दी थी। पीठ ने कहा था कि 25 जुलाई के आदेश को आगामी प्रभाव से लागू करने की दलील खारिज की जाती है। बाद में, कई राज्यों और केंद्र के बीच विवाद को सुलझाने के लिए न्यायमूर्ति ओका की अगुवाई में एक विशेष पीठ का गठन किया गया।
- -
नई दिल्ली। भारतीय पुरावशेषों की तस्करी को रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सांस्कृतिक संपदा करार (सीपीए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। करार के निवारक प्रकृति के होने के कारण ऐसी कोई समय समय सीमा या संख्या निर्धारित नहीं की गई है। अभी तक 588 पुरावशेष संयुक्त राज्य अमेरिका से वापस लाए गए हैं जिनमें से 297 पुरावशेष वर्ष 2024 में प्राप्त हुए हैं।केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में जानकारी दी है।
भारत आवश्यकता अनुसार यूनेस्को और इंटरपोल सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग करता है।सांस्कृतिक संपदा करार (सीपीए) में तकनीकी सहायता, अवैध व्यापार और सांस्कृतिक संपदा के लूट के मामलों में सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देने का प्रावधान है। भारत आवश्यकतानुसार यूनेस्को और इंटरपोल सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग करता है। सीपीए में तकनीकी सहायता, अवैध व्यापार और सांस्कृतिक संपत्ति की लूट के मामलों में सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देने का प्रावधान है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI ) ने टोल प्लाजा शुल्क संग्रह में अनियमिताओं के लिए 14 एजेंसियों को प्रतिबंधित कर दिया है। इस बारे में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि राजमार्गों के टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह व्यवस्थित और सुदृढ़ करने के प्रयासों तहत अभूतपूर्व कदम उठाते हुए फैसला लिया गया है।14 टोल प्लाजा शुल्क संग्रह एजेंसियों को अनियमित गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा पर उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने छापेमारी की। प्राथमिकता के आधार पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनियमितता बरतने वाली शुल्क संग्रह एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इन एजेंसियों के उत्तर संतोषजनक न पाए जाने और अनुबंध समझौते के प्रावधानों के उल्लंघन पर उन्हें दो साल की अवधि के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया। अनुबंध उल्लंघन के लिए इन एजेंसियों की 100 करोड़ रुपये से अधिक की प्रदर्शन प्रतिभूतियां जब्त कर ली गई हैं और उन्हें भुनाया जा रहा है।अब इन टोल प्लाजाओं पर निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई प्रतिबंधित एजेंसियों को सूचित करेगा कि वे अपना कामकाज प्राधिकरण द्वारा नियुक्त नई एजेंसी को सौंपें। बता दें कि एनएचएआई राजमार्ग संचालन में उच्च मानकों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी अनियमितता सहन नहीं की जाएगी। ऐसी टोल एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कठोर दंड के साथ एनएचएआई परियोजनाओं से वंचित किया जाएगा। - नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन जहां आज से शुरू हो गए हैं। वहीं इस यात्रा के लिए आधार कार्ड आधारित ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू हो रहा है। यह खास यात्रा आगामी 30 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू होगी। वहीं आगामी 2 मई को केदारनाथ व 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगें। जबकि, हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 25 मई को खोले जाएंगे।इसके साथ ही इन धामों के साथ श्री हेमकुंड साहिब के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए हैं। विभाग ने पहली बार आधार प्रमाणित रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है। इससे हर श्रद्धालु का पूरा ब्योरा अपडेट रहेगा।जानकारी दें कि, इस यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य रहता है। इसके चलते आज से यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं। वेबसाइट व मोबाइल ऐप से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की भी व्यवस्था है। रजिस्ट्रेशन के बाद धामों में पहुंचने पर श्रद्धालु टोकन प्राप्त कर समयानुसार दर्शन कर सकेंगे। इससे श्रद्धालु लाइन में घंटों इंतजार करने से भी बच सकेंगे।श्रद्धालु को रखना होगा इन बातों का ध्यान-रजिस्ट्रेशन के दौरान सही मोबाइल नंबर दर्ज करें।-धामों में दर्शन टोकन अवश्य प्राप्त करने होंगे।-यात्रा के दौरान ऊनी कपड़े, छतरी, रेनकोट आदि जरुर साथ रखें।-वरिष्ठ नागरिक यात्रा से पहले मेडीकल जांच जरुर कराएं।-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सटीक जानकारी दर्ज करें।-दर्शन कराने वाले अनाधिकृत व्यक्तियों से बचें।-यात्रा के दौरान जरूरी दवाएं अपने पास जरुर रखें।-यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाएं।-वाहनों की गति पर नियंत्रण रखे और उचित स्थान पर ही अपना गाड़ी पार्क करें।-अस्वस्थता लगने पर अपनी यात्रा टाल दें।-हेली यात्रा के लिए टिकट आप वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in पर ही बुक करें।-हेली टिकट प्रदान करने वाले अनाधिकृत व्यक्तियों से जरुर बचें।जानकारी दें कि, उत्तराखंड के हरसिल में बीते 6 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य में बारहमासी पर्यटन की पुरजोर वकालत करते हुए कहा था कि इस खूबसूरत पहाड़ी राज्य में कोई ‘ऑफ़ सीजन’ नहीं होना चाहिए और हर सीजन ‘ऑन सीज़न’ रहे जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर मजबूती मिलेगी।वहीं बारहमासी या 365 दिनों के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा तब कहा था कि साल भर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से ‘पर्यटन के 360-डिग्री दृष्टिकोण’ की जरूरत है । प्रधानमंत्री ने कहा था कि भी पहाड़ों में मार्च, अप्रैल और जून में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन उसके बाद इनकी संख्या कम हो जाती है। हालांकि उत्तराखंड सरकार शीतकालीन चारधाम यात्रा तथा सर्दियों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है जिससे क्षेत्र में स्थानीय अर्थव्यवस्था, होमस्टे तथा अन्य प्रकार के रोजगार बढ़ें ।
-
नई दिल्ली। ‘ छत्तीसगढ़ में 22 नक्सलियों के मारे जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘नक्सल मुक्त भारत अभियान’ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सल मुक्त हो जाएगा।
बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों ने अलग-अलग मुठभेड़ में 22 नक्सलियों को ढेर कियाछत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों को गुरुवार को बड़ी सफलता मिली। बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों ने अलग-अलग मुठभेड़ में 22 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान एक जवान शहीद हो गया। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर कहागृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”नक्सल मुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के दो अलग-अलग ऑपरेशन में 22 नक्सली मारे गए। मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सल मुक्त होने वाला है।”विष्णु देव साय ने कहा-हमारे जवान लगातार बहुत मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैंछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज दो नक्सली मुठभेड़ में एक जगह 18 नक्सलियों की डेड बॉडी मिली है और दूसरी जगह चार। हम अपने सुरक्षाबल के जवानों के साहस को नमन करते हैं। हमारे जवान लगातार बहुत मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि हमारे गृह मंत्री का संकल्प है कि मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करना है। उसमें अब ज्यादा समय नहीं लगने वाला है। उस पर बहुत तेजी के साथ काम हो रहा है। गृह मंत्री का संकल्प पूरा होगा और हमारे बस्तर को देश-दुनिया में जाना जाएगा। - नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत “बहुध्रुवीय दुनिया” में व्याप्त अनिश्चितताओं के बीच अपनी सैन्य शक्ति और सौम्य शक्ति के बीच संतुलन बनाए रख रहा है। राजनाथ ने मेजर बॉब खाथिंग की याद में नयी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि भारत ने अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत की है। रक्षा मंत्री ने मेजर खाथिंग को “भारत का महान सपूत” करार दिया, जिन्होंने युद्ध के मैदान में अपनी बहादुरी और कूटनीतिक कौशल के जरिये देश के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी। राजनाथ ने कहा कि ऐसी महान हस्तियों के आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाना लोगों की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा, “आज भारत बहुध्रुवीय दुनिया में व्याप्त अनिश्चितताओं के बीच अपनी सैन्य शक्ति और सौम्य शक्ति के बीच संतुलन बनाए हुए है। यह बहुत गर्व की बात है कि भारत ने अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है। दुनिया के सामने एक नया, सशक्त और संगठित भारत उभरा है। एक दौर था, जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज जब हम बोलते हैं, तो दुनिया सुनती है। यह मेजर खाथिंग के आदर्शों का नतीजा है।” राजनाथ ने याद किया कि उन्होंने पिछले साल अरुणाचल प्रदेश के तवांग में मेजर रालेंगनाओ ‘बॉब' खाथिंग वीरता संग्रहालय का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन किया था। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार की विदेश नीति भी मेजर खाथिंग जैसी हस्तियों के कूटनीतिक कौशल से आकार लेती है। राजनाथ ने लोगों से राष्ट्र को हमेशा सर्वोपरि रखने, एकजुट रहने, ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निडरता से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये सब मेजर खाथिंग के मूल सिद्धांत थे, जो एक असाधारण व्यक्ति थे, जिन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा में अमूल्य योगदान दिया था। राजनाथ ने मेजर खाथिंग को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत का सौभाग्य है कि वह ऐसी दिग्गज हस्तियों का देश है, जिनके लिए राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि है। भारतीय सेना, असम राइफल्स और थिंकटैंक ‘यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टिट्यूशन ऑफ इंडिया (यूएसआई)' की ओर से दिल्ली छावनी में संयुक्त रूप से आयोजित मेजर बॉब खाथिंग स्मारक समारोह के पांचवें संस्करण में उनके जीवन और विरासत का जश्न मनाया गया। समारोह में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, सांसद अल्फ्रेड कन्नगम आर्थर, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा और यूएसआई के महानिदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीके शर्मा भी मौजूद थे। रक्षा मंत्री ने न केवल तवांग, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के एकीकरण, विकास और पुनर्निर्माण में मेजर खाथिंग की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “मेजर बॉब खाथिंग ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। पूर्वोत्तर के लिए उन्होंने जो काम किया, वह सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किए गए कार्यों के समान है।
- भुवनेश्वर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 24 मार्च से ओडिशा की दो दिवसीय यात्रा पर आएंगी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। यात्रा के दौरान मुर्मू नयागढ़ के कालियापल्ली में भारतीय विश्वबासु सबर समाज के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगी। मुर्मू 24 मार्च को रायपुर से भुवनेश्वर पहुंचेंगी और हेलीकॉप्टर से नयागढ़ के कांटिलो जाएंगी। वह कांतिलो नीलामाधब में दर्शन करेंगी और फिर मुख्य अतिथि के तौर पर कलियापल्ली में आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति शाम को भुवनेश्वर लौट आएंगी और राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगी। बयान में कहा गया है कि वह 25 मार्च को नयी दिल्ली के लिए रवाना होंगी। मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने राष्ट्रपति की यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए यहां एक बैठक की अध्यक्षता की।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि संशोधित राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) को मंजूरी दिए जाने के केन्द्रीय मंत्रिमंडल के फैसले से इस क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा, किसानों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करेगा और साथ ही रोजगार सृजन भी करेगा। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के डेयरी क्षेत्र को बड़ी मजबूती! संशोधित राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी इस क्षेत्र के परिवर्तन में योगदान देगी, जिससे किसानों के लिए बेहतर मूल्य निर्धारण, रोजगार सृजन और बहुत कुछ सुनिश्चित होगा।'' प्रधानमंत्री ने पशुधन क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए संशोधित राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, स्वदेशी नस्लों में सुधार होगा और कई डेयरी किसानों को सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने इसे पशुधन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया।
प्रधानमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ‘व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) तक कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रोत्साहन योजना' को मंजूरी दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करेगा और 'जीवन की सुगमता' को बढ़ावा देगा। मोदी ने महाराष्ट्र में जेएनपीए पोर्ट (पगोटे) से चौक (29.219 किमी) तक 6-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण संबंधी केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को ‘पीएम गतिशक्ति' के दृष्टिकोण के अनुरूप बताया और कहा कि यह परियोजना मुंबई और पुणे के आसपास के क्षेत्रों के विकास को गति देगी। ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीवीएफसीएल), नामरूप असम के मौजूदा परिसर में 12.7 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) वार्षिक यूरिया उत्पादन क्षमता का एक नया ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के फैसले को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे घरेलू यूरिया उत्पादन में वृद्धि होगी, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में किसानों को लाभ होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, यह उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करके और ऊर्जा कुशल उत्पादन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के हमारे दृष्टिकोण को भी मजबूत करेगा। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में छह महीनों के भीतर पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के दाम एकसमान हो जाएंगे। गडकरी ने बुधवार को 32वें कन्वर्जेंस इंडिया और 10वें स्मार्ट सिटीज इंडिया एक्सपो को संबोधित करते हुए कहा कि 212 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अगले तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘छह महीने के भीतर ईवी की कीमत पेट्रोल वाहनों के बराबर हो जाएगी।''
मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति आयात विकल्प, लागत दक्षता, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी उत्पादन की है। उन्होंने कहा कि देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी सड़कें बनाकर हम अपनी लॉजिस्टिक लागत को कम कर सकते हैं। गडकरी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का भविष्य बहुत अच्छा है और सरकार स्मार्ट शहरों और स्मार्ट परिवहन के प्रति प्रतिबद्ध है। गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण की लागत कम करने के लिए नई प्रौद्योगिकी और नवोन्मेषण को बढ़ावा देने की जरूरत है। -
नयी दिल्ली। सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा स्थिरता सहित कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह इस बात से प्रभावित हैं कि भारत में किस तरह नवाचार ‘‘स्थानीय और वैश्विक स्तर पर प्रगति'' को गति दे रहा है। गेट्स ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से भी मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सरकार और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के बीच सहयोग की समीक्षा की गई। उन्होंने ‘रायसीना डायलॉग' से इतर विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की और इस दौरान उनके बीच विस्तृत बातचीत हुई। जयशंकर ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘विकास चुनौतियों, नवाचार की संभावना और भारत की प्रासंगिकता पर चर्चा हुई।'' गेट्स ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ भी बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सेवा वितरण में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और पूर्वानुमान विश्लेषण का लाभ उठाने पर चर्चा की। मोदी से मुलाकात के बाद गेट्स ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मेरी भारत के विकास, 2047 तक विकसित भारत के मार्ग और स्वास्थ्य, कृषि, एआई और अन्य क्षेत्रों में रोमांचक प्रगति के बारे में बहुत अच्छी चर्चा हुई, जो आज प्रभाव पैदा कर रही है। यह देखना प्रभावशाली है कि भारत में नवाचार किस तरह स्थानीय और वैश्विक स्तर पर प्रगति को गति दे रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘हमेशा की तरह, बिल गेट्स के साथ एक शानदार बैठक हुई। हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में तकनीक, नवाचार और स्थिरता सहित विविध मुद्दों पर चर्चा की।'' नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में भारत द्वारा की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने सहयोग ज्ञापन को नवीनीकृत करने तथा सभी नागरिकों के लिए किफायती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।'' गेट्स के साथ अपनी बैठक के बाद नायडू ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य ‘स्वर्ण आंध्र प्रदेश 2047' के दृष्टिकोण को साकार करने में गेट्स फाउंडेशन की भूमिका की सराहना की। नायडू ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि गेट्स फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी हमारे लोगों को सशक्त बनाने और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।'' गेट्स ने बुधवार को संसद परिसर का भी दौरा किया जहां वर्तमान में बजट सत्र चल रहा है।
गेट्स ने सोमवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी। बैठक के बाद एक बयान में चौहान ने कहा था, ‘‘बिल फाउंडेशन पहले से ही कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से भारत सरकार के साथ काम कर रहा है और आज फिर हमने चर्चा की कि हम किन क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को मशहूर हस्तियों, राजनेताओं, वैज्ञानिकों और अन्य लोगों के साथ नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के नौ महीने बाद पृथ्वी पर लौटने पर प्रसन्नता जाहिर की और उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया तथा उनके दृढ़ संकल्प की सराहना की। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के विलियम्स, बुच विल्मोर और निक हेग, तथा रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ‘रोस्कोस्मोस' के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव, स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर वापस लौटे, जो अमेरिका में फ्लोरिडा के तल्हासी तट के पास समुद्र में उतरा। विलियम्स और विल्मोर नौ महीने पहले बोइंग की एक परीक्षण उड़ान के जरिये अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे। दोनों अंतरिक्षयात्री पांच जून 2024 को बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू यान में सवार होकर अंतरिक्ष में गए थे और उनके एक सप्ताह बाद ही लौटने की उम्मीद थी। अंतरिक्ष स्टेशन के रास्ते में इतनी सारी समस्याएं आईं कि नासा को अंततः स्टारलाइनर को खाली वापस धरती पर लाना पड़ा और अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी में देरी हुई। राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नासा के ‘क्रू9' मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी को सफल बनाने वाली पूरी टीम को बधाई। भारत की बेटी सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्षयात्रियों ने अपनी दृढ़ता, समर्पण और कभी हार न मानने की भावना से सभी को प्रेरित किया है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा थी। सुनीता विलियम्स और ‘क्रू़9' अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया कि दृढ़ता का असली मतलब क्या है। विशाल अज्ञात के सामने उनका अडिग दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा।'' उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष अन्वेषण का मतलब मानवीय क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पथप्रदर्शक और आदर्श सुनीता विलियम्स ने अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण पेश किया है। हमें उन सभी पर गर्व है, जिन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता जुनून से मिलती है और प्रौद्योगिकी दृढ़ता से मिलती है, तो क्या होता है।'' भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि विलियम्स की सुरक्षित वापसी एक उल्लेखनीय उपलब्धि है और यह नासा, स्पेसएक्स तथा अंतरिक्ष अभियान के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए नासा और स्पेसएक्स की सार्वजनिक-निजी साझेदारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह अभियान देख रहा था, यह बहुत बढ़िया था। निजी भागीदारी के साथ, हम इस अनुभव से सीख सकते हैं... इस तरह का अभियान केवल निजी भागीदारी से ही सफल हो सकता है।'' भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान (आईआईए) के प्रोफेसर रमेश कपूर ने कहा कि उन्हें अंतरिक्ष यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा है। उन्होंने कहा, ‘‘वे अंतरिक्ष में हानिकारक विकिरणों के संपर्क में रहे हैं और उनकी मांसपेशियों में दिक्कतें हुई हैं तथा हड्डियों का घनत्व भी कम हुआ है। सामान्यतः उन्हें ठीक होने में कई महीने लगते हैं, लेकिन हम सभी को आशा है कि वे शीघ्र स्वस्थ हो जाएंगे। उन्हें बहुत प्रसन्न देखकर तथा आस-पास मौजूद सभी लोगों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन करते देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा।'' केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी विलियम्स को बधाई दी। शाह ने कहा, ‘‘एक चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष अभियान को पूरा करते हुए क्रू9 का सफल प्रक्षेपण, मानवीय जीवटता का प्रमाण है। यह इस बात का प्रेरक प्रदर्शन है कि किस तरह साहस, धैर्य और समर्पण के साथ सबसे कठिन बाधाओं को भी पार किया जा सकता है।'' सिंह ने सुनीता विलियम्स और क्रू-9 के उनके सहयोगी सदस्यों की वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उन्होंने अंतरिक्ष में मानवीय जीवटता और दृढ़ता का इतिहास फिर से लिख दिया है। गोयल ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय क्षण मानवीय दृढ़ता की जीत के रूप में हमारे मन में हमेशा के लिए अंकित रहेगा...।'' खरगे ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘पृथ्वी पर पुनः आपका स्वागत है, सुनीता विलियम्स! कांग्रेस की ओर से, मैं नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ आपकी सुरक्षित और सफल वापसी पर हार्दिक बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आपके विस्तारित मिशन के सुरक्षित समापन से भारत के 1.4 अरब नागरिकों को राहत और प्रसन्नता की अनुभूति हुई है, जो आपकी उपलब्धियों पर बेहद गर्व महसूस करते हैं।'' तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने कहा कि विलियम्स की अंतरिक्ष स्टेशन में वैज्ञानिक मिशन के समापन पर धरती पर वापसी महत्वपूर्ण है लेकिन यह इससे भी आगे, दृढ़ता की ऐतिहासिक जीत है जिसने साबित किया कि दृढ़ संकल्प और साहस प्रतिकूल परिस्थितियों को उपलब्धि में बदल देते हैं। विलियम्स और बुच विल्मोर की तारीफ करते हुए झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि उनके धैर्य, साहस और आत्मविश्वास ने प्रेरणा का एक नया उदाहरण स्थापित किया है। विलियम्स को ‘‘भारत की बेटी'' बताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी की सराहना की। बनर्जी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर का इतने दिनों के बाद धरती पर वापस आने पर स्वागत है। भारत की हमारी बेटी हमारे पास वापस आ गई है और हम बेहद खुश और उत्साहित हैं। हम बुच विल्मोर के लिए भी बेहद खुश हैं। उनके साहस, उनकी वापसी, मानवीय जीवटता की सराहना करती हूं।'' मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं टीम को उनके जबरदस्त सहयोग और सफलता के लिए बधाई देती हूं।''
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि विलियम्स के देश से जुड़ाव पर सभी भारतीय को बहुत गर्व है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी को मानवीय दृढ़ संकल्प का उदाहरण बताया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने अंतरिक्ष यात्रियों के जज्बे की प्रशंसा की। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विलियम्स की अंतरिक्ष में नौ महीने की अविश्वसनीय यात्रा वास्तव में प्रेरणादायक रही है। केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए एन शमसीर ने कहा कि विलियम्स की उपलब्धि भारतीय मूल के व्यक्ति के साहस और समर्पण का एक ‘‘शानदार उदाहरण'' है, इसलिए यह देश के लिए भी गौरव का क्षण है। शमसीर ने कहा, ‘‘यह मिशन दर्शाता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। हम (विधानसभा) सुनीता विलियम्स और यात्रा में उनकी मदद करने वाले सभी को हार्दिक बधाई देते हैं।'' पुडुचेरी विधानसभा के अध्यक्ष आर सेल्वम ने सदन में विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अंतरिक्ष यात्री की बहादुरी की सराहना का उल्लेख किया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती पर सुरक्षित वापसी पर खुशी जताई। विधानसभा में स्टालिन ने अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स के लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहने और उनके सामने आई समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षित वापसी से ‘‘हम सभी खुश हैं।'' उन्होंने सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्री को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की सराहना और आभार व्यक्त किया। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक महासचिव के पलानीस्वामी ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘अनिश्चितता और चुनौतियों का सामना करते हुए अंतरिक्ष में नौ महीने तक रहने के लिए सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की जीवटता को सलाम।'' ओडिशा के राज्यपाल हरी बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने विलियम्स और बुच विल्मोर की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ महीने रहने के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर शुभकामनाएं दीं। माझी ने कहा, ‘‘सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को विस्तारित मिशन के बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर बधाई। उनका समर्पण और जज्बा हम सभी को प्रेरित करता है।'' पटनायक ने कहा कि सुनीता और बुच की वापसी के बारे में जानकर उन्हें बहुत खुशी मिली है। उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘बाहरी अंतरिक्ष में अनिश्चितता का सामना करने में आपका धैर्य और उल्लेखनीय धैर्य मानवीय भावना की जीत है। आपका ऐतिहासिक प्रवास लाखों लोगों को प्रेरित करता रहेगा।'' महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने कहा कि विलियम्स की धरती पर वापसी से उन्हें ‘‘बहुत राहत'' मिली है। महिंद्रा ने विलियम्स के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘वह साहस की प्रतिमूर्ति हैं और उनका हमारे बीच वापस आना अच्छा है। स्वागतम, सुनीता।'' अभिनेता चिरंजीवी और आर माधवन ने विलियम्स को पृथ्वी पर लौटने पर बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में चिरंजीवी ने दोनों की पृथ्वी पर वापसी को ‘‘ऐतिहासिक'' और ‘‘साहसपूर्ण'' बताया। अभिनेता जैकी श्रॉफ ने पोस्ट किया, ‘‘अंतरिक्ष में नौ महीने तक टिके रहने के लिए असाधारण धैर्य, अटूट लचीलापन और खोज की अदम्य भावना की आवश्यकता होती है।
-
-
नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण करने का स्तर, फरवरी में 19.68 प्रतिशत पर पहुंच गया। राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री निमूबेन जयंतीभाई बंभानिया ने कहा कि वर्तमान में, पेट्रोल में मिश्रण के लिए इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना रस, चीनी, चीनी उप-उत्पाद (शीरा) और अनाजों से उत्पादित होता है।'' पेट्रोल और अन्य औद्योगिक उपयोगों में मिश्रण के लिए इथेनॉल का उपयोग किया जा रहा है। इथेनॉल आपूर्ति वर्ष नवंबर से अक्टूबर तक चलता है। मंत्री ने कहा, ‘‘फरवरी 2025 के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा 19.68 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण हासिल किया गया।
-
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को लोअर बर्थ (निचली बर्थ) पर यात्रा की विशेष सुविधा दे रहा है। रेलवे ने इन यात्रियों की सुविधा के लिए कोटा तय किया है, जिससे उन्हें यात्रा में अधिक आराम मिले।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को टिकट बुकिंग के समय, उपलब्धता के अनुसार, स्वचालित रूप से लोअर बर्थ दी जाती है, भले ही उन्होंने बुकिंग के दौरान इसका विकल्प न चुना हो।रेलवे ने सभी ट्रेनों में विशेष कोटा तय किया है। स्लीपर क्लास में प्रति कोच 6-7 लोअर बर्थ, एसी 3 टियर (3AC) में 4-5 लोअर बर्थ, और एसी 2 टियर (2AC) में 3-4 लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित होती हैं। इसके अलावा, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष कोटा उपलब्ध है, चाहे वे रियायत का लाभ लें या नहीं। इसके अलावा, स्लीपर क्लास में 4 बर्थ (जिसमें 2 लोअर बर्थ शामिल), 3AC/3E में 4 बर्थ (जिसमें 2 लोअर बर्थ शामिल), और आरक्षित सेकंड सिटिंग (2S) या एसी चेयर कार (CC) में 4 सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित होती हैं।यात्रा के दौरान यदि लोअर बर्थ खाली रहती है, तो इसे पहले वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों और गर्भवती महिलाओं को दी जाती है, भले ही उन्हें शुरुआत में मिडिल या अपर बर्थ आवंटित की गई हो। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य सभी यात्रियों को सुविधाजनक और आरामदायक सफर कराना है। उन्होंने यात्रियों से इन सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सुखद हो सके। -
नई दिल्ली। गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष और बोर्ड सदस्य बिल गेट्स ने बुधवार को कहा कि भारत न केवल अपने नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल इनोवेशन का निर्माण कर रहा है, बल्कि ऐसे समाधान भी बना रहा है, जिनमें ग्लोबल हेल्थ और विकास को बदलने की क्षमता है।
बिल गेट्स ने हेल्थ और सस्टेनेबिलिटी में भारत के लीडरशिप की सराहना कीगेट्स फाउंडेशन और महिला सामूहिक मंच के सहयोग से सीआईआई द्वारा आयोजित एक वैश्विक मंच पर बोलते हुए, बिल गेट्स ने इनोवेशन, हेल्थ और सस्टेनेबिलिटी में भारत के लीडरशिप की सराहना की। इस मंच के साथ वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए स्केलेबल, सस्टेनेबल और टेक-ड्रिवन सॉल्यूशन को आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती भूमिका के मद्देनजर ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर, पॉलिसी मेकर्स और इन्वेस्टर्स एक साथ आए।वैश्विक स्तर पर भारत के इनोवेटिव सॉल्यूशन को बढ़ाने पर दिया जोरगेट्स ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत किफायती स्वास्थ्य सेवा, एआई-संचालित निदान और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी लीडिंग भूमिका के साथ भविष्य का निर्माण कर रहा है। उन्होंने उभरती अर्थव्यवस्थाओं में दबाव वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए वैश्विक स्तर पर भारत के इनोवेटिव सॉल्यूशन को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।भारत ने कम लागत वाले इनोवेशन के जरिए स्वास्थ्य और विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की हैगेट्स ने भारत की तीव्र प्रगति पर भी प्रकाश डालते हुए देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंक्लूसिव आर्थिक विकास और तकनीकी सफलताओं को दुनिया के लिए एक मॉडल बताया। उन्होंने कहा, “भारत ने कम लागत वाले इनोवेशन के जरिए स्वास्थ्य और विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है।” भविष्य की ओर देखते हुए, गेट्स ने वैश्विक स्तर पर एआई, स्वास्थ्य सेवा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में सफलताओं को बढ़ाने के लिए भारतीय इनोवेटर्स, पॉलिसी मेकर्स और उद्यमियों के साथ मिलकर काम करने के लिए अपने फाउंडेशन के कमिटमेंट की पुष्टि की।स्मृति ईरानी ने फाउंडेशन और गेट्स के नेतृत्व की सराहना कीअलायंस फॉर ग्लोबल गुड जेंडर इक्विटी एंड इक्वालिटी की अध्यक्ष स्मृति ईरानी ने फाउंडेशन और गेट्स के नेतृत्व की सराहना की। साथ ही सोशल इनोवेशन के लिए निवेश की भी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। ईरानी ने कम लागत वाले, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन समाधान लाने में भारत की शक्ति के बारे में बात की, जो स्वास्थ्य, पोषण और खाद्य सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं।सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की लीडिंग भूमिका पर जोर दियासीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की लीडिंग भूमिका पर जोर दिया और इसे ग्लोबल साउथ के लिए एक ब्लू प्रिंट बताया। सीआईआई के अध्यक्ष संजीव पुरी ने कहा, “आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्यक्रम और डिजिटल फाइनेंशियल इंक्लूजन, एआई-पावर्ड कृषि समाधान जैसी पहलों की सफलता यह साबित करती है कि जब नीति और टेक्नोलॉजी एक साथ आती है तो हम ऐसे स्केलेबल, सस्टेनेबल सॉल्यूशन बना सकते हैं जो ग्लोबल बेंचमार्क के रूप में काम करते हैं।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने महाराष्ट्र में जेएनपीए पोर्ट (पागोटे) से चौक तक एक छह-लेन हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है। 29.219 किमी लंबी सड़क को बिल्ड,ऑपरेट और ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत बनाया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 4,500.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह हाईवे, मुंबई के पास स्थित जेएनपीए पोर्ट और जल्द शुरू होने वाले नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। बढ़ते कंटेनर यातायात और नए एयरपोर्ट के कारण इस क्षेत्र में तेज और सीधा कनेक्शन की जरूरत महसूस की जा रही थी।
फिलहाल, जेएनपीए पोर्ट से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और NH-48 (गोल्डन क्वाड्रिलैटरल सेक्शन) तक पहुंचने में 2-3 घंटे लगते हैं, क्योंकि मार्ग में पलासपे फाटा, डी-पॉइंट, कलंबोली जंक्शन और पनवेल जैसे शहरी इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम रहता है। इस रूट पर रोजाना करीब 1.8 लाख वाहन (पैसेंजर कार यूनिट्स – PCU) गुजरते हैं। इसी साल जब नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट चालू होगा, तो इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ेगा। ऐसे में नया हाईवे इस भीड़भाड़ को कम करेगा और जेएनपीए पोर्ट से एयरपोर्ट तक तेज और सीधा संपर्क प्रदान करेगा।इस हाईवे को और सुगम बनाने के लिए सह्याद्री पहाड़ियों में दो सुरंग मार्ग बनाए जाएंगे। इससे गाड़ियों को घाट सेक्शन पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे भारी कंटेनर ट्रकों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही तेज और सुगम हो जाएगी।यह 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे कॉरिडोर महाराष्ट्र में बंदरगाहों से माल ढुलाई को तेज और सुरक्षित बनाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स प्रणाली मजबूत होगी, माल परिवहन का समय कम होगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को संशोधित राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) को मंजूरी दे दी। इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया है, जिससे इसकी कुल लागत बढ़कर 2,790 करोड़ रुपये हो गई है। यह बजट 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए तय किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देश में डेयरी सेक्टर का आधुनिकीकरण और विस्तार करना है, जिससे दूध की खरीद, प्रसंस्करण क्षमता और गुणवत्ता नियंत्रण में सुधार होगा। इसके जरिए किसानों को बेहतर बाजार पहुंच और उचित दाम मिलेंगे जिससे ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस कार्यक्रम में दो प्रमुख घटक शामिल हैं। घटक A के तहत डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा, जिसमें दूध ठंडा करने वाले संयंत्र, उन्नत दूध परीक्षण प्रयोगशालाएं और प्रमाणन प्रणाली बनाई जाएंगी। साथ ही, उत्तर-पूर्व, पहाड़ी क्षेत्रों और केंद्र शासित प्रदेशों में नई गांव स्तरीय डेयरी सहकारी समितियों का गठन होगा। इसके अलावा, इस घटक के तहत दो मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों (MPC) का निर्माण किया जाएगा, जिन्हें सरकार वित्तीय सहायता देगी।घटक B को “डेयरी थ्रू कोऑपरेटिव्स (DTC)” नाम दिया गया है, जो जापान सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से संचालित होगा। इसका उद्देश्य 9 राज्यों (आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) में डेयरी सहकारी समितियों का विकास और दूध उत्पादन, प्रसंस्करण और खरीद-बिक्री ढांचे को मजबूत करना है।अब तक, इस कार्यक्रम से 18.74 लाख किसान लाभान्वित हो चुके हैं। इससे 30,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा हुई हैं और दूध खरीदने की क्षमता में 100.95 लाख लीटर प्रति दिन की वृद्धि हुई है। देशभर में 51,777 गांव स्तर की दूध परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया गया है। साथ ही, 5,123 बल्क मिल्क कूलर लगाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 123.33 लाख लीटर है। इसके अलावा, 169 लैब्स को फूरियर ट्रांसफॉर्म इंफ्रारेड (FTIR) मिल्क एनालाइजर से लैस किया गया है, जिससे दूध में मिलावट की जांच आसान हो गई है। 232 डेयरी प्लांट्स में भी उन्नत गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लगाई गई है।देशभर में 10,000 नई डेयरी सहकारी समितियों का होगा गठनसंशोधित NPDD के तहत देशभर में 10,000 नई डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा और उत्तर-पूर्व में दूध प्रसंस्करण सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे करीब 3.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। खास बात यह है कि इसमें 70% महिलाएं लाभान्वित होंगी, जो डेयरी क्षेत्र की मुख्य कार्यबल हैं।सरकार का मानना है कि यह कार्यक्रम व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0 को गति देगा और देश में आधुनिक डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और देश का डेयरी क्षेत्र अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगा। -
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ का कहना है कि प्रलोभन तंत्रों पर, तुष्टिकरण पर, जिसे अक्सर ‘फ्रीबीज’ के रूप में जाना जाता है, सदन को विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि देश तभी प्रगति करता है जब पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) उपलब्ध हो।
चुनावी प्रक्रिया “चुनावी प्रलोभन” बन गए हैंराज्यसभा में बुधवार को उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया ऐसी हो गई है कि ये “चुनावी प्रलोभन” बन गए हैं। इसके बाद सत्ता में आई सरकारों को इतनी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा कि वे अपनी सोच पर पुनर्विचार करना चाहती थीं। एक राष्ट्रीय नीति की अत्यंत आवश्यकता है ताकि सरकार के सभी निवेश किसी भी रूप में बड़े हित में उपयोग किए जाएं।इससे पहले राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने सांसद निधि को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये प्रति वर्ष किए जाने की मांग सदन में रखी थी। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद निधि को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए। उनका कहना था कि यदि यह संभव नहीं है तो फिर सांसद निधि के प्रावधान को ही खत्म कर दिया जाना चाहिए। सपा सदस्य का कहना था कि मौजूदा सांसद निधि नाकाफी है, जिसके कारण जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में काम नहीं करवा पाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विधायकों को कुल मिलाकर सांसद से कहीं ज्यादा निधि मिलती है।ये ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें कानून के माध्यम से हल किया जा सकता हैइस वक्तव्य के बाद सभापति ने ‘फ्रीबीज’ के मुद्दे पर सदन को विचार करने की आवश्यकता की बात कही। सभापति ने कहा, “हमारे संविधान में विधायिका, सांसदों, विधायकों के लिए प्रावधान किया गया था, लेकिन एक समान तंत्र नहीं था। इसलिए, आप देखेंगे कि कई राज्यों में विधानसभाएं सदस्यों को सांसदों की तुलना में अधिक भत्ते और वेतन देती हैं, और यहां तक कि पूर्व विधायकों की पेंशन में भी एक से 10 तक का अंतर है। यदि एक राज्य में किसी को एक रुपया मिलता है, तो दूसरे राज्य में पेंशन 10 गुना हो सकती है। ये ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें कानून के माध्यम से हल किया जा सकता है और इससे राजनेताओं, सरकार, कार्यपालिका को लाभ होगा और यह उच्च गुणवत्ता वाले निवेश को भी सुनिश्चित करेगा।”उन्होंने कहा, “यदि कृषि क्षेत्र जैसी आवश्यकताओं के लिए सब्सिडी की जरूरत है, तो इसे सीधे प्रदान किया जाना चाहिए, और यही विकसित देशों में प्रचलित है। मैंने अमेरिकी प्रणाली की जांच की। अमेरिका में हमारे देश की तुलना में 20 प्रतिशत कृषि परिवार हैं, लेकिन वहां कृषि परिवार की औसत आय अमेरिका के सामान्य परिवार की आय से अधिक है। इसका कारण यह है कि वहां किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी सीधी, पारदर्शी और बिना किसी बिचौलिए के दी जाती है।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैंसर पीड़ितों का हुआ इलाज, ग्रामीण क्षेत्रों को हुआ 75 फीसदी से ज्यादा लाभ
भारत के 68 लाख कैंसर मरीजों ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के जरिए इलाज कराया है और इसमें ग्रामीण भारत की हिस्सेदारी 75 फीसदी है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में दी।आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में 68 लाख से अधिक कैंसर मरीजों के उपचार किए जा चुके हैंकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में 68 लाख से अधिक कैंसर मरीजों के उपचार किए जा चुके हैं, जिनकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से 4.5 लाख से अधिक टारगेटेड उपचार हुआ है, जिनकी लागत लगभग 985 करोड़ रुपये है। कुल लाभार्थियों में से 76.32 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से हैं।मधुमेह, हाइपरटेंशन और कैंसर की रोकथाम और प्रबंधन के लिए हाल ही में राष्ट्रव्यापी स्क्रीनिंग अभियान शुरूकेंद्रीय मंत्री ने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) जैसे मधुमेह, हाइपरटेंशन और कैंसर की रोकथाम और प्रबंधन के लिए हाल ही में शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी स्क्रीनिंग अभियान का भी जिक्र किया। यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा और 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से एनपी-एनसीडी फ्रेमवर्क के तहत संचालित किया जा रहा है।पीएमजेएवाई योजना के तहत ब्रेस्ट, माउथ और सर्वाइकल कैंसर सहित विभिन्न कैंसर का उपचार उपलब्धपीएमजेएवाई योजना के तहत ब्रेस्ट, माउथ और सर्वाइकल कैंसर सहित विभिन्न कैंसर का उपचार उपलब्ध है। योजना में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और पैलिएटिव मेडिसिन के 500 से अधिक उपचार प्रक्रियाओं वाले 200 से अधिक पैकेज शामिल हैं। इनमें से 37 पैकेज टारगेटेड इलाज से जुड़े हैं।स्वास्थ्य मंत्री कैंसर रोगी कोष के तहत एक बार की वित्तीय सहायता के रूप में 15 लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैंस्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जो लोग कैंसर से पीड़ित हैं और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) हैं, वे स्वास्थ्य मंत्री कैंसर रोगी कोष (एचएमसीपीएफ) के तहत एक बार की वित्तीय सहायता के रूप में 15 लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनऔषधि स्टोर्स और 217 अमृत फार्मेसी के माध्यम से ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत सस्ती दरों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कुल 289 ऑन्कोलॉजी दवाएं बाजार मूल्य से आधे दाम पर दी जा रही हैं।वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट में 200 डे-केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया हैवित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट में 200 डे-केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत देशभर में 770 जिला एनसीडी क्लीनिक, 233 कार्डियक केयर यूनिट, 372 जिला डे-केयर सेंटर और 6,410 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनसीडी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।देशभर में 19 राज्य कैंसर संस्थान और 20 तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित किए गए हैंबताया गया कि देशभर में 19 राज्य कैंसर संस्थान और 20 तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां एडवांस कैंसर देखभाल सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। देशभर में 372 जिला डे-केयर केंद्रों के माध्यम से कीमोथेरेपी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 7 मार्च 2025 तक कुल 55.02 करोड़ जन-धन खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 36.63 करोड़ खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में हैं। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 7 मार्च 2025 तक कुल 50.30 करोड़ नामांकन हैं। इसके अलावा अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया योजना और अन्य वित्तीय समावेशन योजनाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया, केंद्र सरकार ने अगस्त, 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के नाम से राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन (एनएमएफआई) की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य बैंकिंग सुविधा से वंचित हर वयस्क को बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करना, असुरक्षित को सुरक्षित करना, अवित्तपोषित को वित्तपोषित करना और वंचित व कम सुविधा वाले क्षेत्रों में सेवा प्रदान करना है।उन्होंने पीएमजेडीवाई के अलावा अन्य वित्तीय समावेशन योजनाओं के बारे में बताया। विशेष रूप से हाशिए पर रह रहे और कम सुविधा वाले लोगों को सस्ती वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए निम्नलिखित योजनाएं भी शुरू की गई हैं, जो इस प्रकार हैं।प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई)-यह योजना एक-वर्षीय व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना है, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जा सकता है। इसमें दुर्घटना के कारण मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए 2 लाख रुपये और स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपये का कवरेज 20 रुपये प्रति वर्ष के प्रीमियम पर दिया जाता है। यह योजना 18 से 70 वर्ष की आयु के उन लोगों के लिए है, जिनके पास बैंक खाता है और जो इस योजना में शामिल होने के लिए अपनी सहमति देते हैं। अब तक पीएमएसबीवाई के अंतर्गत कुल नामांकन 50.30 करोड़ हैं।प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई)– यह योजना एक-वर्षीय जीवन बीमा योजना है, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जा सकता है। इसमें किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 436 रुपये प्रति वर्ष के प्रीमियम पर दो लाख रुपये का कवरेज दिया जाता है। यह योजना 18 से 50 वर्ष की आयु के उन लोगों के लिए है, जिनके पास बैंक खाता है और जो इस योजना में शामिल होने के लिए अपनी सहमति देते हैं। अब तक पीएमजेजेबीवाई के अंतर्गत कुल नामांकन 23.21 करोड़ हैं।अटल पेंशन योजना– इस योजना का उद्देश्य 18 से 40 वर्ष की आयु के पात्र ग्राहकों को मासिक पेंशन प्रदान करना है, जो किसी भी संगठित पेंशन योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। इस योजना के अंतर्गत, ग्राहकों को योगदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु में 1000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये और 5000 रुपये प्रति माह की निर्धारित न्यूनतम पेंशन मिलेगी। इस योजना के अंतर्गत अबतक कुल नामांकन 7.49 करोड़ हैं।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई)-यह योजना विनिर्माण, व्यापार, सेवाओं, कृषि से संबंधित गतिविधियों जैसी आय निर्माण गतिविधियों के लिए सूक्ष्म/ लघु व्यवसाय इकाइयों को 20 लाख रुपये तक के संस्थागत वित्त तक पहुंच प्रदान करती है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 28.02.2025 तक 33.19 लाख करोड़ रुपये की राशि के 52.07 करोड़ लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं।स्टैंड अप इंडिया योजना (एसयूपीआई)-इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के लोगों और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना है। यह योजना व्यापार, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की प्रत्येक शाखा से एक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उधारकर्ता और एक महिला उधारकर्ता को 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच बैंक ऋण की सुविधा प्रदान करती है। 7 मार्च 2025 तक, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 60,504 करोड़ रुपये की राशि के 2.67 लाख लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं।पीएम विश्वकर्मा योजना-यह योजना 17 सितम्बर, 2023 को शुरू की गई थी। इस योजना का संचालन लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) तथा कौशल विकास एवं उद्यम मंत्रालय और वित्तीय सेवाएं विभाग की ओर से संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण, संपार्श्विक-मुक्त ऋण, आधुनिक उपकरण, बाजार संपर्क सहायता और डिजिटल लेन-देन के लिए प्रोत्साहन तक पहुंच के जरिए 18 चिह्नित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कलाकारों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहयोग देना है।प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि(पीएमस्वानिधि): इस योजना का संचालन आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) की ओर से किया जा रहा है। इसे 1 जून, 2020 को कोविड-19 लॉकडाउन से प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स को राहत प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य से लॉन्च किया गया था। इस योजना का उद्देश्य न केवल स्ट्रीट वेंडर्स को लोन देकर उन्हें सशक्त बनाना है, बल्कि उनके समग्र आर्थिक विकास के लिए भी काम करना है।वहीं दूसरी ओर समय-समय पर विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इन योजनाओं के तहत अधिक लोगों को नामांकित करने के लिए ग्राम स्तर पर शिविर आयोजित किए जाते हैं। -
नई दिल्ली। नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के गुजरात के मेहसाणा जिले में उनके पैतृक गांव झूलासन में लोगों ने बुधवार को आरती उतारकर और प्रार्थना करके उनके पृथ्वी पर सुरक्षित लौटने का जश्न मनाया। यह उत्सव ड्रैगन अंतरिक्ष यान के सफलतापूर्वक उतरने के बाद शुरू हुआ, जिससे सुनीता विलियम्स, क्रू-9 के सदस्य बुच विल्मोर, निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव के साथ पृथ्वी पर वापस आ गए।
इससे पहले, नासा अंतरिक्ष यात्री के चचेरे भाई दिनेश रावल ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करने हेतु मंगलवार को अहमदाबाद में एक ‘यज्ञ’ का आयोजन किया था। अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के पैतृक गांव में आज बुधवार को सीपी गज्जर हाई स्कूल के छात्रों ने पृथ्वी पर उनकी सुरक्षित वापसी का जश्न मनाने के लिए गरबा प्रदर्शन भी किया गया।अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर, साथ ही नासा के निक हैग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव, नौ महीने के लंबे मिशन के बाद पृथ्वी पर वापस लौटे हैं। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान द्वारा सुरक्षित रूप से फ्लोरिडा के तट पर उतारा गया।धरती पर लौटे अंतरिक्ष यात्रियों को एक सुंदर और अप्रत्याशित अनुभव हुआ। उनका स्वागत डॉल्फिन ने किया। ड्रैगन कैप्सूल के समुद्र में उतरते ही डॉल्फिन कैप्सूल के आसपास तैरते हुए देखे गए। स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष यान के उतरने की पुष्टि की तथा नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग ने बताया कि सुरक्षित वापसी के बाद चालक दल के सदस्य खुश थे।स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ड्रैगन के स्पलैशडाउन की पुष्टि हुई – निक, सुनीता, बुच और एलेक्स, धरती पर स्वागत है!”वहीं, नासा की टिप्पणीकार सैंड्रा जोन्स ने लैंडिंग दृश्य का वर्णन करते हुए कहा, “वहां शांत, कांच जैसे महासागर का अद्भुत दृश्य था।”यह एक लगभग जादुई क्षण था जब डॉल्फिन ने ड्रैगन कैप्सूल के चारों ओर चक्कर लगाया, इससे पहले कि इसे रिकवरी पोत पर रखा जाता। रिकवरी टीम ने कैप्सूल के साइड हैच को सावधानी से खोला, जो सितंबर के बाद से पहली बार खुला था। अंतरिक्ष यात्रियों को कैप्सूल से बाहर निकाला गया और 45 दिनों के पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन ले जाया गया। क्रू-9 की पृथ्वी पर वापसी में अपनी चुनौतियां थीं।वहीं, सुनीता विलियम्स के वापस आने की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है। झुलासन गांव के रहने वाले ग्रामीण भी काफी खुश हैं। सुनीता विलियम्स के इस गांव में उनके स्वागत के लिए तैयारियां की जा रही हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सुनीता गांव में जरूर आएंगी। ग्रामीणों के अनुसार, वह सुनीता का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वह तीन बार गांव आ चुकी हैं, पहली बार साल 2006 और इसके बाद साल 2012 में आई थीं। अन्य ग्रामीणों ने बताया है कि वह सुनीता विलियम्स का भव्य स्वागत करेंगे। -
नई दिल्ली। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) से संबद्ध भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतरिक्ष से धरती पर वापस लौट आए हैं। अंतरिक्ष से उनकी सुरक्षित वापसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी व्यक्त की है। इस संबंध में राष्ट्रपति मुर्मु ने नासा के क्रू 9 मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी के लिए पूरी टीम को बधाई दी है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने लिखा- नासा के क्रू 9 मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी के लिए पूरी टीम को बधाई!राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स पर लिखा कि ”नासा के क्रू 9 मिशन की धरती पर सुरक्षित वापसी के लिए पूरी टीम को बधाई! भारत की बेटी सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने अपनी दृढ़ता, समर्पण और कभी हार न मानने की भावना से सभी को प्रेरित किया है। उनकी ऐतिहासिक यात्रा दृढ़ संकल्प, टीम वर्क और असाधारण साहस की कहानी है। मैं उनके दृढ़ संकल्प को सलाम करती हूं और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हूं!”पीएम मोदी ने कहा- सुनीता विलियम्स, एक पथ प्रदर्शक और एक आइकनवहीं प्रधानमंत्री मोदी ने खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुनिता विलियम्स के साथ की एक तस्वीर साझा कर लिखा- आपका स्वागत है, क्रू-9! धरती ने आपको मिस किया। यह धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा रही है। सुनीता विलियम्स और क्रू-9 अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया है कि दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है। विशाल अज्ञात के सामने उनका अटूट दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा।अंतरिक्ष अन्वेषण का मतलब है मानवीय क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना। सुनीता विलियम्स ने एक पथप्रदर्शक और एक आइकन के तौर पर अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण दिया है।हमें उन सभी पर बहुत गर्व है जिन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता जुनून से मिलती है और तकनीक दृढ़ता से मिलती है तो क्या होता है।ज्ञात हो, अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की फ्लोरिडा के तट पर सफल लैंडिंग हुई। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेसएक्स क्रू-9 वापस धरती पर आ गया। नासा के ये दोनों अंतरिक्ष यात्री मात्र आठ दिन के मिशन पर गए थे। लेकिन तकनीकी खराबी के कारण दोनों नौ माह और 13 दिन तक अंतरिक्ष में फंसे रहे। इस संबंध में नासा ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है-”घर में आपका स्वागत है! नासा का स्पेसएक्स क्रू-9 विज्ञान मिशन के बाद धरती पर वापस आ गया है।’

















.jpg)










