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- नयी दिल्ली । इस साल के अंत तक 60 प्रतिशत संभावना है कि ला नीना स्थितियां और मजबूत हो जाएगी जिससे देश के उत्तरी भागों में सामान्य से अधिक ठंडी पड़ सकती है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के दीर्घावधि पूर्वानुमानों के वैश्विक वेधशालाओं की ओर से बुधवार को जारी नवीनतम पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि सितंबर-नवंबर 2024 के दौरान वर्तमान तटस्थ स्थितियों (न तो अल नीनो और न ही ला नीना) से ला नीना स्थितियों में परिवर्तित होने की 55 प्रतिशत संभावना है।डब्ल्यूएमओ ने कहा, ‘‘अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 तक यह संभावना है की ला नीना की प्रबलता 60 प्रतिशत तक बढ़ जाए तथा इस दौरान अल नीनो के पुनः मजबूत होने की संभावना शून्य है।'' ला नीना का तात्पर्य मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में बड़े पैमाने पर होने वाली गिरावट से है, जो उष्णकटिबंधीय वायुमंडलीय परिसंचरण, जैसे हवा, दबाव और वर्षा में परिवर्तन से जुड़ा हुआ है। यह आमतौर पर भारत में मानसून के मौसम के दौरान तीव्र और लंबे समय तक होने वाली बारिश और विशेष रूप से उत्तरी भारत में सामान्य से अधिक सर्दियों से संबंधित है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि ला नीना की स्थिति के कारण इस बार सामान्य से अधिक सर्दी पड़ेगी या नहीं। प्रत्येक ला नीना घटना के प्रभाव इसकी तीव्रता, अवधि, वर्ष के समय और अन्य जलवायु कारकों के आधार पर अलग-अलग होते हैं। आम तौर पर, ला नीना एल नीनो के विपरीत जलवायु प्रभाव पैदा करता है, खासकर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में। डब्ल्यूएमओ ने हालांकि,कहा कि ला नीना और एल नीनो जैसी प्राकृतिक रूप से घटित होने वाली जलवायु घटनाओं पर मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन का व्यापक असर हो रहा है। उसने कहा कि मानवीय गतिविधियों से वैश्विक तापमान में वृद्धि हो रही है, चरम मौसम और जलवायु में वृद्धि हो रही है, तथा मौसमी वर्षा और तापमान की प्रवृत्ति पर असर हो रहा है। डब्ल्यूएमओ के महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा, ‘‘जून 2023 से, हमने असाधारण वैश्विक स्थल और समुद्री सतह के तापमान में वृद्धि की परिपाटी देखी है। भले ही ला नीना अल्पकालिक रूप से ठंडा करने की घटना हो लेकिन यह वायुमंडल में उष्मा सोखने वाली ग्रीनहाउस गैसों के कारण बढ़ते वैश्विक तापमान के दीर्घकालिक असर को कम नहीं कर सकती।'' उन्होंने कहा कि 2020 से 2023 के प्रारम्भ तक बहुवर्षीय ला नीना के समुद्री सतह को ठंडा करने के प्रभाव के बावजूद पिछले नौ वर्ष अब तक के सबसे गर्म वर्ष रहे हैं। पिछले तीन महीनों से तटस्थ स्थितियां बनी हुई हैं इसका अभिप्राय है कि न तो अल नीनो और न ही ला नीना ने प्रभुत्व स्थापित किया है।
- मुंबई, । भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी बुधवार को मुंबई की श्री सार्वजनिक गणेशोत्सव संस्था पहुंचे और वहां भगवान गणेश की पूजा अर्चना की। लोकमान्य गंगाधर तिलक ने यहीं से गणेश उत्सव को सार्वजनिक कार्यक्रम का रूप दिया था। अपने संदेश में गार्सेटी ने कहा ‘‘लॉस एंजिलिस के मेयर और भारत के राजदूत के तौर पर मैंने हमेशा से अपने कार्यालय और घर में भगवान गणेश की एक मूर्ति रखी है, जिनसे मुझे प्रेरणा मिलती है।'' उन्होंने कहा कि अमेरिका में कई समुदायों के लोगों के दिलों में भगवान गणेश के लिए विशेष स्थान है और अमेरिकी लोग विघ्नहर्ता, सुख समृद्धिदायक गणेश की पूजा करते हैं। मुंबई के गिरगांव इलाके में श्री सार्वजनिक गणेशोत्सव संस्था ने 1901 में केशवजी नायक चॉल में गणेश उत्सव का आयोजन शुरू किया और इसे जन-जन तक पहुंचाया।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ऊर्जा के नए क्षेत्रों जैसे हरित हाइड्रोजन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए बुधवार को कहा कि यह भविष्य का मामला नहीं है बल्कि अब इस दिशा में कार्रवाई की आवश्यकता है। ‘ग्रीन हाइड्रोजन इंडिया 2024' पर दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को एक वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा, ‘‘दुनिया एक महत्वपूर्ण बदलाव से गुजर रही है। जलवायु परिवर्तन केवल भविष्य का मामला नहीं है बल्कि इसका प्रभाव अभी से महसूस किया जा सकता है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से बचने के लिए प्रयास करने का समय यही और अभी है।'' उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन और स्थिरता वैश्विक नीतिगत चर्चा का केंद्र बन गए हैं।प्रधानमंत्री ने स्वच्छ और हरित धरती बनाने की दिशा में राष्ट्र की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि भारत हरित ऊर्जा पर अपने पेरिस संकल्पों को पूरा करने वाले पहले जी20 देशों में से एक है। उन्होंने कहा, ‘‘ये संकल्प 2030 के लक्ष्य से 9 साल पहले ही पूरी हो गए।''पिछले 10 वर्षों में इस क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में लगभग 300 प्रतिशत और सौर ऊर्जा क्षमता में 3,000 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘‘हम इन उपलब्धियों पर आराम नहीं कर रहे हैं बल्कि राष्ट्र मौजूदा समाधानों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और साथ ही नए तथा अभिनव क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रहा है।'' उन्होंने कहा कि ऐसे ही हरित हाइड्रोजन की तस्वीर सामने आती है।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हरित हाइड्रोजन दुनिया के ऊर्जा परिदृश्य में आशाजनक विकल्प के रूप में उभर रहा है। हरित हाइड्रोजन उन उद्योगों को वातावरण से कार्बन डाय-ऑक्साइड और अन्य ग्रीन हाउस गैसों को हटाने (डीकार्बोनाइज़ेशन) में मदद कर सकता है, जिनका विद्युतीकरण करना मुश्किल है।'' उन्होंने रिफाइनरियों, उर्वरकों, इस्पात, भारी शुल्क वाले परिवहन और कई अन्य क्षेत्रों का उदाहरण दिया, जिन्हें इससे लाभ होगा। मोदी ने यह सुझाव भी दिया कि हरित हाइड्रोजन का उपयोग अधिशेष अक्षय ऊर्जा के भंडारण समाधान के रूप में किया जा सकता है। साल 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के लक्ष्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन नवाचार, बुनियादी ढांचे, उद्योग और निवेश को बढ़ावा दे रहा है।'' उन्होंने अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास में निवेश, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच साझेदारी और इस क्षेत्र के स्टार्ट-अप एवं उद्यमियों को प्रोत्साहन पर भी प्रकाश डाला और साथ ही हरित नौकरियों के परितंत्र के विकास की बड़ी संभावनाओं पर भी बात की। उन्होंने इस क्षेत्र में देश के युवाओं के लिए कौशल विकास की दिशा में सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया।प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण की वैश्विक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए कहा कि वैश्विक चिंताओं का जवाब भी वैश्विक होना चाहिए। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन में कमी पर हरित हाइड्रोजन के प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि उत्पादन को बढ़ाना, लागत को कम करना और सहयोग के माध्यम से बुनियादी ढांचे का निर्माण तेजी से हो सकता है। उन्होंने प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए अनुसंधान और नवाचार में संयुक्त रूप से निवेश करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिकागो में स्वामी विवेकानंद की ओर से 1893 में दिए गए उत्कृष्ट भाषण को बुधवार को याद किया और कहा कि उनके शब्द आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं और एकजुटता व सद्भाव की शक्ति की याद दिलाते हैं। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में विश्व धर्म संसद में भाषण दिया था और यह भारत के प्राचीन मूल्यों और सांस्कृतिक लोकाचार के प्रतिपादन के लिए प्रसिद्ध है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, ‘‘आज ही के दिन 1893 में स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में अपना प्रतिष्ठित भाषण दिया था। उन्होंने दुनिया को एकता, शांति और भाईचारे के भारत के सदियों पुराने संदेश से परिचित कराया।'' मोदी ने कहा, ‘‘उनके शब्द आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं, हमें एकजुटता और सद्भाव की शक्ति की याद दिलाते हैं।''
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नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विज़न को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय देश में सुरक्षित साइबर स्पेस निर्माण के लिए कृत संकल्प है।
X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में श्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) ने इस दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। गृह मंत्री ने एक साइबर-सुरक्षित भारत के निर्माण के मिशन को गति प्रदान करने में प्रसिद्ध अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन के सक्रिय योगदान के लिए उनका आभार प्रकट किया। मेगा स्टार श्री अमिताभ बच्चन ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा कि देश और दुनिया में बढ़ रहा साइबर अपराध चिंता का विषय है। गृह मंत्रालय का भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र इसके नियंत्रण की दिशा में कार्य कर रहा है। श्री बच्चन ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के आग्रह पर वे इस अभियान से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हम सब साथ मिलकर देश को इस समस्या से मुक्त कराएं। हमारी थोड़ी सी समझदारी और सावधानी हमें साइबर अपराधियों से बचा सकती है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (11 सितंबर, 2024) राष्ट्रपति भवन में नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए।
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार की स्थापना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने उत्कृष्ट नर्सिंग कर्मियों द्वारा प्रदान की गई सराहनीय सेवाओं को मान्यता देने और सम्मानित करने के लिए की थी।पुरस्कार प्राप्त करने वालों की पूरी सूची-
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नई दिल्ली। आवासन एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज निर्माण भवन, नई दिल्ली में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत एक केंद्रीय स्वायत्त निकाय, राष्ट्रीय शहरी मामले संस्थान (NIUA) के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
आज की चर्चा में CITIIS 2.0 कार्यक्रम शामिल था, जिसमें छत्तीसगढ़ का बिलासपुर शहर 18 चयनित शहरों में से एक है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिस्पर्धात्मक रूप से चुनी गई पहलों को वित्त पोषण प्रदान करना और एक परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। परियोजनाएँ मुख्य रूप से नगरपालिका स्तर पर एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन, राज्य स्तर पर जलवायु- उन्मुख सुधार गतिविधियों, राष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत विकास और राष्ट्रीय स्तर पर जान प्रसार पर ध्यान केंद्रित करेंगी। इस क्रम में, मंत्रीजी द्वारा शहर के प्रस्ताव की जाँच की गई, जो बिलासपुर की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मंत्री साहू ने चुने गए अठारह शहरों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों की भी गहन समीक्षा की और कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए योजना और रणनीति को भी समझा। मंत्री ने एनआईयूए द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं की विविधता की भी जांच की। एनआईयूए की निदेशक डॉ. देबोलिना कुंडू ने मंत्रालय को एनआईयूए की रणनीतिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया और स्मार्ट सिटी मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) और पीएम स्वनिधि जैसे प्रमुख मिशनों में इसके योगदान पर जोर दिया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे एनआईयूए के शोध, तकनीकी विशेषज्ञता, शहर नियोजन और क्षमता निर्माण कार्यक्रम इन राष्ट्रीय शहरी विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहायक रहे हैं।सीआईटीआईआईएस 2.0 की पृष्ठभूमिःसीआईटीआईआईएस कार्यक्रम के दूसरे चरण सीआईटीआईआईएस 2.0 की परिकल्पना एएफडी, केएफडब्ल्यू, ईयू और एनआईयूए के सहयोग से एमओएचयूए द्वारा अपने अनूठे मॉडल के माध्यम से भारत सरकार और एमओएचयूए की जलवायु पहलों को पूरक बनाने के लिए की गई है। यह कार्यक्रम CITIIS 1.0 की सीखों और सफलताओं पर आधारित है और इसे नवाचार, समावेशन और स्थिरता के मूल्यों को गहरा करते हुए, चल रहे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के माध्यम से MOHUA द्वारा किए गए कार्यों को पूरक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।CITIIS 2.0 के उद्देश्यःजलवायु-संवेदनशील नियोजन और कार्रवाई को बढ़ावा देना यह कार्यक्रम साक्ष्य-संचालित दृष्टिकोणों के माध्यम से राज्यों और शहरों में जलवायु नियोजन और कार्रवाई को बढ़ावा देगा।शहरी जलवायु कार्रवाई में निवेश को बढ़ावा देना यह कार्यक्रम एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली प्रतिस्पर्धात्मक रूप से चयनित परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।संस्थागत तंत्र का निर्माण, भागीदारी का लाभ उठाना और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना - यह कार्यक्रम राज्य और शहर के स्तर पर जलवायु शासन फ्रेमवर्क को लागू करने में मदद करेगा और साथ ही शहरों और राज्यों में जलवायु कार्रवाई के लिए क्षमता विकास का समर्थन करने के लिए घरेलू, अंतर्राष्ट्रीय और ट्रांसवर्सल विशेषज्ञों के साथ एक त्रि-स्तरीय तकनीकी सहायता संरचना प्रदान करेगा। -
नई दिल्ली। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज निर्माण भवन, नई दिल्ली में हुई बैठक में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ओएसडी (शहरी परिवहन) श्री जयदीप कुमार को छत्तीसगढ़ राज्य में मास रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर विकसित करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिये। बैठक के दौरान, मंत्री ने मेट्रो, मोनोरेल, रैपिड रेल और केबल कारों सहित विभिन्न परिवहन विकल्पों का पता लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख औद्योगिक शहरों दुर्ग, भिलाई और रायपुर के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना है। मंत्री ने इन तीन शहरों के लिए व्यापक गतिशीलता योजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मास रैपिड ट्रैज़िट कॉरिडोर की स्थापना से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, इन शहरों और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आगे के मूल्यांकन और विचार के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने और प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाएगा। - - “भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र एक क्रांति के कगार पर है, जहां अभूतपूर्व प्रगति उद्योग को बदलने वाली है”-- “आज का भारत दुनिया में विश्वास जगाता है… जब हालात कठिन हो तो भारत पर निर्भर किया जा सकता हैं”नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में सेमीकॉन इंडिया 2024 का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने इस अवसर पर प्रदर्शनी का दौरा किया। 11 से 13 सितंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति और नीति को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है।प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए सेमी के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि भारत दुनिया का आठवां देश है जो वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग से संबंधित एक कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। “यह सही समय है भारत में रहने का। आप सही जगह पर सही समय पर हैं”, प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “21वीं सदी के भारत में, हालात कभी कठिन नहीं होते।” उन्होंने आगे कहा कि आज का भारत दुनिया को आश्वस्त करता है, जब हालात कठिन हो तो भारत पर निर्भर किया जा सकता हैं।”सेमीकंडक्टर उद्योग और डायोड के बीच संबंध को उजागर करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर उद्योग विशेष डायोड्स से सुसज्जित है जहां ऊर्जा दोनों दिशाओं में बहती है। उन्होंने समझाया कि जबकि उद्योग निवेश करते हैं और मूल्य निर्माण करते हैं, सरकार दूसरी ओर स्थिर नीतियों और व्यवसाय करने में आसान हालत प्रदान करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है जो सेमीकंडक्टर उद्योग में प्रयुक्त एकीकृत सर्किट के समान है। उन्होंने भारत के डिज़ाइनरों की चर्चित प्रतिभा को उजागर किया। उन्होंने बताया कि भारत का डिजाइनिंग के क्षेत्र में योगदान 20 प्रतिशत है और लगातार बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत 85,000 तकनीशियनों, इंजीनियरों और अनुसंधान और विकास विशेषज्ञों की एक सेमीकंडक्टर कार्यबल तैयार कर रहा है। “भारत अपने छात्रों और पेशेवरों को उद्योग के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है”, अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की पहली बैठक को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, कि फाउंडेशन भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा और ऊर्जा देने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपये के विशेष अनुसंधान फंड का भी उल्लेख किया।प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इस प्रकार की पहल से सेमीकंडक्टर और विज्ञान क्षेत्र में नवाचार की संभावना बढ़ेगी। उन्होंने सरकार के सेमीकंडक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत के पास तीन-आयामी शक्ति है, अर्थात् वर्तमान सुधारक सरकार, देश की बढ़ती निर्माण क्षमता और राष्ट्र का महत्वाकांक्षी बाजार जो तकनीकी प्रवृत्तियों से अवगत है, यह तीन-आयामी शक्ति का आधार कहीं और मिलना मुश्किल है।भारत के महत्वाकांक्षी और तकनीक-उन्मुख समाज की विशिष्टता को उजागर करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में चिप्स का अर्थ केवल तकनीक तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने का एक माध्यम है। यह छोटी चिप भारत में हर जगह डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बड़े काम कर रही है, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा। कोरोना संकट को याद करते हुए जब दुनिया के सबसे मजबूत बैंकिंग सिस्टम ध्वस्त हो गए, श्री मोदी ने कहा कि भारत में बैंक निरंतर चल रहे थे। “चाहे भारत का UPI हो, Rupay कार्ड हो, Digi Locker हो या Digi Yatra हो, कई डिजिटल प्लेटफार्म भारतीय लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं”, उन्होंने कहा। आत्मनिर्भर बनने के लिए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में निर्माण बढ़ा रहा है, बड़े पैमाने पर हरित संक्रमण कर रहा है और डेटा केंद्रों की मांग भी बढ़ रही है। “भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग को चलाने में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है”, उन्होंने कहा।प्रधानमंत्री ने कहा कि एक पुरानी कहावत है - ‘चिप्स जहां गिरें, वहां गिरें’, जिसका अर्थ है जो हो रहा है उसे वैसे ही होने दो लेकिन आज की युवा और महत्वाकांक्षी भारत इस भावना का अनुसरण नहीं करता, उन्होंने कहा, “भारत का नया मंत्र भारत में उत्पादित चिप्स की संख्या बढ़ाना है।” सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों को उजागर करते हुए, श्री मोदी ने बताया कि सरकार सेमीकंडक्टर निर्माण सुविधाओं की स्थापना के लिए 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, और राज्य सरकारें भी इस प्रयास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन नीतियों के कारण, उन्होंने कहा कि भारत ने बहुत ही कम समय में 1.5 ट्रिलियन रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है और कई और परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। श्री मोदी ने सेमीकंडक्टर इंडिया प्रोग्राम की समग्र दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला जो फ्रंट-एंड फैब्स, डिस्प्ले फैब्स, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और आपूर्ति श्रृंखला के अन्य महत्वपूर्ण घटकों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। “हमारा सपना है कि दुनिया के हर डिवाइस में एक भारतीय-निर्मित चिप हो,” उन्होंने इस साल लाल किले से की गई घोषणा को याद करते हुए कहा। उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को दोहराया।प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों को सुरक्षित करने पर सरकार की फोकस की भी चर्चा की और घरेलू उत्पादन और विदेशी अधिग्रहण को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में घोषित महत्वपूर्ण खनिज मिशन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से कस्टम ड्यूटी छूट और महत्वपूर्ण खनिजों के खनन नीलामी पर काम कर रहा है। श्री मोदी ने IITs के साथ सहयोग में भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान संस्थान में एक सेमीकंडक्टर अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की योजनाओं का भी खुलासा किया, ताकि केवल आज के उच्च-तकनीकी चिप्स ही नहीं बल्कि अगले पीढ़ी के चिप्स भी उत्पादित किए जा सकें। अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘तेल कूटनीति’ का संदर्भ दिया और कहा कि दुनिया आज ‘सिलिकॉन कूटनीति’ के युग में आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने सूचित किया कि भारत को इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क की आपूर्ति श्रृंखला परिषद का उपाध्यक्ष चुना गया है और यह QUAD सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला पहल में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। इसके अतिरिक्त, जापान और सिंगापुर जैसे देशों के साथ समझौते किए गए हैं, और भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अमेरिका के साथ अपने सहयोग को गहरा कर रहा है, उन्होंने जोड़ा।प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर पर भारत के ध्यान की आलोचना करने वाले लोगों से डिजिटल इंडिया मिशन की सफलता का अध्ययन करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया मिशन का उद्देश्य देश को पारदर्शी, प्रभावी और लीक-रहित शासन प्रदान करना था और इसका गुणात्मक प्रभाव आज अनुभव किया जा सकता है। डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए, प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल हैंडसेट और डेटा को भारत में सस्ता बनाने के लिए आवश्यक सुधार और बुनियादी ढांचा शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले भारत मोबाइल फोन का सबसे बड़ा आयातक था जबकि आज, यह मोबाइल फोन का विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। उन्होंने भारत की 5G हैंडसेट बाजार में तेज प्रगति का हवाला देते हुए कहा कि भारत अब 5G हैंडसेट के वैश्विक बाजार में दूसरी सबसे बड़ी जगह पर है।भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की वर्तमान मूल्यांकन 150 बिलियन डॉलर से अधिक है, प्रधानमंत्री ने देश के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को 500 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने और इस दशक के अंत तक 6 मिलियन नौकरियों का सृजन करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि सीधे तौर पर भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लाभान्वित करेगी। “हमारा लक्ष्य है कि 100 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक निर्माण भारत में ही हो। भारत सेमीकंडक्टर चिप्स और तैयार उत्पाद दोनों बनाएगा”, उन्होंने जोड़ा।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत की सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र केवल भारत की चुनौतियों के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक चुनौतियों के लिए भी एक समाधान है।” डिज़ाइन के क्षेत्र से एक उपमा का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने ‘सिंगल पॉइंट ऑफ फेलियर’ की बात की और समझाया कि डिज़ाइन के छात्रों को इस दोष से बचने के लिए सिखाया जाता है, मुख्यतः सिस्टम की केवल एक घटक पर निर्भरता के कारण। उन्होंने कहा कि यह सिद्धांत आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी समान रूप से लागू होता है। “चाहे कोविड हो या युद्ध, कोई भी उद्योग आपूर्ति श्रृंखला के विघटन से अप्रभावित नहीं रहा है,” उन्होंने कहा। एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के महत्व को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत की भूमिका पर गर्व व्यक्त किया, जिसने विभिन्न क्षेत्रों में लचीलापन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और देश को वैश्विक मिशन में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।प्रौद्योगिकी और लोकतांत्रिक मूल्यों के बीच संबंध के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जब प्रौद्योगिकी को लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ जोड़ा जाता है तो उसकी सकारात्मक शक्ति बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि प्रौद्योगिकी से लोकतांत्रिक मूल्यों को हटाना जल्दी ही नुकसान पहुंचा सकता है। श्री मोदी ने भारत के ध्यान को दोहराते हुए कहा कि हम ऐसी दुनिया बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो संकट के समय भी कार्यात्मक रहती है, कहकर, “चाहे वह मोबाइल निर्माण हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हो या सेमीकंडक्टर हो, हमारा ध्यान स्पष्ट है—हम ऐसी दुनिया बनाना चाहते हैं जो संकट के समय भी रुकती या ठहरती नहीं बल्कि आगे बढ़ती रहती है।” अपने संबोधन को समाप्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया और इस मिशन में शामिल सभी हिस्सेदारों को अपनी शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, श्री योगी आदित्यनाथ, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, श्री जितिन प्रसाद, सेमी के अध्यक्ष और सीईओ, श्री अजित मनोचा, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष और सीईओ, डॉ. रंधीर ठाकुर, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर के सीईओ, श्री कर्ट सिवर्स, रेनिसास के सीईओ, श्री हिदेतोषी शिबाटा और आईएमईसी के सीईओ, श्री लुक वान डेन होवे मौजूद थे।पृष्ठभूमिप्रधानमंत्री का दृष्टिकोण रहा है कि भारत को सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, निर्माण और प्रौद्योगिकी विकास के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। इसी के तहत, “शेपिंग द सेमीकंडक्टर फ्यूचर” विषय पर 11 से 13 सितंबर तक सेमीकॉन इंडिया 2024 का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति और नीति को प्रदर्शित करेगा, जिसका उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है। इसमें वैश्विक सेमीकंडक्टर दिग्गजों की शीर्ष नेतृत्व की भागीदारी होगी और यह वैश्विक नेताओं, कंपनियों और सेमीकंडक्टर उद्योग के विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा। सम्मेलन में 250 से अधिक प्रदर्शक और 150 वक्ता भाग ले रहे हैं।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान शुरू किए जाने के बाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता महज आठ दिन में दो करोड़ से अधिक हो गई है। पार्टी के सदस्यता अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के बाद मंगलवार को यह जानकारी दी गई। बैठक में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी एल संतोष समेत अन्य ने हिस्सा लिया। मोदी ने दो सितंबर को भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी और पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने राजनाथ सिंह तथा अमित शाह जैसे केंद्रीय मंत्रियों समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्हें इस अभियान का पहला सदस्य बनाया था। पार्टी अपने मौजूदा सदस्यों की सदस्यता को नवीनीकृत करने और अपने संविधान के अनुरूप हर छह साल में नए सदस्यों को नामांकित करने के लिए अभियान चलाती है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व के तहत प्रधानमंत्री ने दो सितंबर को पार्टी का राष्ट्रीय सदस्यता अभियान शुरू किया और इसके प्रथम सदस्य बने। केवल 8 दिन में, सदस्यता अभियान के तहत भाजपा की सदस्यता संख्या दो करोड़ को पार कर गई है।'' नड्डा, शाह और संतोष सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने नौ राज्यों के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक कर पार्टी के सदस्यता अभियान की समीक्षा की। तावड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान के अध्यक्षों, महासचिवों, सदस्यता प्रमुखों और अन्य पदाधिकारियों ने इन बैठकों में भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘‘आज की बैठक में चर्चा हुई कि आने वाले दिनों में सदस्यता अभियान कैसे अधिक व्यापक और सर्व-समावेशी हो सकता है तथा प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त की गई अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए क्या प्रयास किए जाने चाहिए।'' तावड़े ने कहा कि आने वाले दिनों में अन्य राज्यों के पदाधिकारियों के साथ भी इसी तरह की चर्चा की जाएगी।
- बांका/पटना. बिहार के बांका जिले के आनंदपुर इलाके में मंगलवार को एक तालाब में नहाते समय गहरे पानी में चले जाने से चार नाबालिग लड़कियों की डूबने से मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शवों को तालाब से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने मृतकों की पहचान उजागर नहीं की।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
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नयी दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय रॉक बैंड ग्रीन डे और अमेरिकी गायक शॉन मेंडेस अगले साल मार्च में मुंबई में आयोजित संगीत महोत्सव लोलापालूजा इंडिया के तीसरे संस्करण में प्रस्तुति देंगे। आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आयोजकों ने आठ और नौ मार्च को होने वाले इस संगीत महोत्सव के लिए विश्वभर और भारत के प्रसिद्ध कलाकारों की सूची जारी कर दी है। इस संगीत समारोह में लुइस टॉमलिंसन, 'हिट वेव्स' गाने के लिए प्रसिद्ध ग्लास एनिमल्स समूह, अमेरिकी गायक जॉन समिट, रॉक बैंड नथिंग बट थीव्स, प्रसिद्ध रैप जोड़ी आउटकास्ट के सदस्य भी प्रस्तुति देंगे। भारत से, हनुमानकाइंड, रफ्तार, कृष्णा, प्रतिष्ठित सितार वादक नीलाद्री कुमार, लीसा मिश्रा, रमन नेगी, सिड वाशी, राघव मीटल, सुदान जैसे कलाकार महोत्सव में अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
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नई दिल्ली। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी की हालत ‘गंभीर’ है और उन्हें यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कृत्रिम श्वसन प्रणाली पर रखा गया है। उनकी पार्टी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि 72 वर्षीय येचुरी का एम्स की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में तीव्र श्वसन नली संक्रमण का उपचार किया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि चिकित्सकों की एक टीम येचुरी के स्वास्थ्य पर बारीकी से नजर रख रही है और येचुरी की हालत इस समय गंभीर है। येचुरी को निमोनिया जैसे सीने के संक्रमण के उपचार के लिए 19 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था।
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नई दिल्ली। नेशनल हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों को केंद्र की मोदी सरकार ने टोल टैक्स को लेकर बड़ी राहत दी हैं. अब 20 किलोमीटर के दायरे में आने और जाने लिए उन्हें कोई टोल टैक्स नहीं देना होगा. लेकिन यात्रा की दूरी उससे अधिक होगी तो तभी वाहन चालक से शुल्क लिया जाएगा. सरकार की तरफ से लिए गए फैसले के बाद सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने की तरफ से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि नेशनल हाईवे शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रहण) नियम, 2008 में हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं. इन संशोधनों का उद्देश्य टोल संग्रहण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है.
सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि "राष्ट्रीय परमिट वाहन के अलावा किसी यांत्रिक वाहन का चालक, स्वामी या प्रभारी व्यक्ति जो राष्ट्रीय राजमार्ग, स्थायी पुल, बाइपास या सुरंग का उपयोग करता है, तब उससे ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम आधारित उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण प्रणाली के तहत एक दिन में प्रत्येक दिशा में बीस किलोमीटर की यात्रा तक शून्य-उपयोगकर्ता शुल्क लिया जाएगा. - नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 सितंबर को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में सेमीकॉन इंडिया 2024 सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी। पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर एक सभा को संबोधित भी करेंगे। पीएमओ ने कहा कि मोदी 11 सितंबर को सुबह करीब साढ़े 10 बजे इंडिया एक्सपो मार्ट में सेमीकॉन इंडिया 2024 का उद्घाटन करेंगे। उसके मुताबिक प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी विकास के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना रहा है। इस दृष्टि के अनुसार, सेमीकॉन इंडिया 2024 का आयोजन 11 से 13 सितंबर तक "शेपिंग द सेमीकंडक्टर फ्यूचर" थीम के साथ किया जा रहा है। बयान में कहा गया कि 11 से 13 सितंबर तक होने वाले तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत की सेमीकंडक्टर संबंधी रणनीति और नीति का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें भारत को सेमीकंडक्टर के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने की परिकल्पना की गई है। इसमें वैश्विक सेमीकंडक्टर दिग्गजों के शीर्ष नेतृत्व की भागीदारी देखने को मिलेगी और सेमीकंडक्टर उद्योग के वैश्विक स्तर के दिग्गजों, कंपनियों, विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान किया जाएगा। पीएमओ के मुताबिक इस सम्मेलन में 250 से अधिक प्रदर्शक और 150 वक्ता भाग लेंगे।
- नर्मदापुरम. मध्य प्रदेश में नर्मदापुरम जिले में सोमवार को एक ट्रैक्टर रेलवे पटरी पर फंस गयी जिसके बाद ट्रेन के चालक ने समय रहते ब्रेक लगा दिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गयी । पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। पिपरिया आरपीएफ थाने के प्रभारी गोपाल मीणा ने बताया कि यह घटना सुबह 10 बजे जबलपुर-इटारसी रेल मार्ग पर गुरमखेड़ी में हुई। मीना ने बताया, ‘‘ट्रैक पर ट्रैक्टर को देखकर सोमनाथ एक्सप्रेस के ड्राइवर ने ब्रेक लगा दिए। उनकी सतर्कता से दुर्घटना टल गई। आरपीएफ की एक टीम ने ट्रैक्टर को मौके से हटाया। ट्रैक्टर चालक को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
- जम्मू. जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 सीट के लिए कुल 239 उम्मीदवार मैदान में हैं। सोमवार को 27 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिये। सोमवार को दूसरे चरण के लिए नामांकन पत्र वापस लेने का अंतिम दिन था। इस चरण में मध्य कश्मीर के बडगाम, श्रीनगर और गंदेरबल जिलों तथा जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी जिलों के विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन सीट के लिए मैदान में उतरे प्रमुख उम्मीदवारों में नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना और जेल में बंद अलगाववादी नेता सरजन अहमद वागेय उर्फ बरकती शामिल हैं। उमर अब्दुल्ला दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, छह जिलों के संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालय से 27 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया, जिससे चुनाव मैदान में 239 उम्मीदवार रह गए। बयान में कहा गया है कि इसके साथ ही श्रीनगर जिले में चुनावी मैदान में 93 उम्मीदवार, बडगाम जिले में 46, राजौरी जिले में 34, पुंछ जिले में 25, गंदेरबल जिले में 21 और रियासी जिले में 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि पांच सितंबर तक 26 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 309 उम्मीदवारों ने संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इनमें से छह सितंबर को हुई जांच के दौरान 266 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाए गए। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर होने वाले हैं। मतगणना आठ अक्टूबर को होगी।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि किसी अन्य भारतीय भाषा के साथ प्रतिस्पर्धा किए बिना देश में हिंदी की स्वीकार्यता बढ़ाने की जरूरत है। राजभाषा पर नवगठित संसदीय समिति को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति में प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में दिए जाने पर जोर दिया गया है क्योंकि मातृभाषा में बुनियादी शिक्षा मिलने पर बच्चे कई भाषाओं से जुड़ते हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शाह ने कहा, “किसी भी भारतीय भाषा के साथ प्रतिस्पर्धा किए बिना, हमें हिंदी की स्वीकार्यता बढ़ाने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि हिंदी अब एक तरह से रोजगार और तकनीक से जुड़ गई है और भारत सरकार भी आधुनिक तकनीक को हिंदी भाषा के साथ जोड़ने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। शाह ने कहा कि नई शिक्षा नीति में सभी भारतीय भाषाओं को महत्व देने का संकल्प लिया गया है और संसदीय समिति इसे और आगे ले जाएगी। गृह मंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में, मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, संसदीय समिति ने लगातार प्रयास किया है कि हिंदी सभी स्थानीय भाषाओं की सहेली बने और उसकी किसी से प्रतिस्पर्धा न हो। उन्होंने कहा, “हमें इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि किसी भी स्थानीय भाषा के बोलने वालों के मन में हीनभावना न आए और हिंदी सामान्य रूप से सर्वसम्मति व सहमति से कामकाज की भाषा के रूप में स्वीकृत हो।” गृह मंत्री ने कहा कि आज़ादी के 75 वर्षों के बाद ये बहुत ज़रूरी है कि देश का शासन देश की भाषा में चले और इसके लिए कई प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा, “हमें 1000 साल पुरानी हिंदी भाषा को एक लंबे समय तक नया आयुष्य देना, स्वीकृत बनाना और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा हमारे सामने छोड़े गए कार्य को पूरा करने का प्रयास करना है।” गृह मंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस, लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय, राजगोपालाचारी, केएम मुंशी और सरदार पटेल आदि में से कोई भी हिंदी भाषी क्षेत्र से नहीं आते थे, लेकिन इन सभी ने इस बात को महसूस किया था कि देश की एक ऐसी भाषा होनी चाहिए जो राज्यों के बीच संवाद का काम करे। शाह ने कहा कि पिछले 75 वर्षों से राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पिछले 10 वर्षों में इसके तरीके में थोड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के एम मुंशी और एन जी आयंगर ने बहुत सारे लोगों से विचार-विमर्श करके ये तय किया था कि हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार करने और इसे सरकारी कामकाज में आगे बढ़ाने के क्रम में किसी भी स्थानीय भाषा के साथ हिंदी की स्पर्धा न हो। शाह ने कहा कि राजभाषा विभाग इस प्रकार का सॉफ्टवेयर बना रहा है जिससे आठवी अनुसूची की सभी भाषाओं का अपने आप तकनीकी आधार पर अनुवाद हो जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के पूरा हो जाने पर कामकाज में हिंदी की बहुत तेज़ गति से स्वीकृति होगी और विकास होगा।
- नयी दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र की एयरोस्पेस कंपनी ‘हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड' (एचएएल) के साथ सुखोई-30एमकेआई विमान के लिए 240 एयरो-इंजन की खरीद के वास्ते 26,000 करोड़ रुपये का समझौता किया। एयरो-इंजन का निर्माण एचएएल की कोरापुट डिवीजन द्वारा किया जाएगा। उम्मीद है कि यह सुखोई-30 बेड़े की परिचालन क्षमता को बनाए रखने के लिए भारतीय वायुसेना की जरूरत को पूरा करेगा। आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘आत्मनिर्भर भारत' पहल को बढ़ावा देते हुए, रक्षा मंत्रालय ने सुखोई-30 एमकेआई विमान के लिए 240 एल-31एफपी एयरो इंजन के वास्ते एचएएल के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इसमें कहा गया है कि यह अनुबंध 26 हजार करोड़ रुपये का है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे ‘मेक इन इंडिया' अभियान में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, “यह भारत में एयरो-इंजन निर्माण को मजबूत करेगा और हमारे आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को गति देगा।” रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी की उपस्थिति में मंत्रालय और एचएएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। अनुबंध के तहत आपूर्ति कार्यक्रम के मुताबिक, एचएएल प्रति वर्ष 30 एयरो इंजन की आपूर्ति करेगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सभी 240 इंजनों की आपूर्ति अगले आठ वर्षों में पूरी हो जाएगी।बयान में कहा गया, “इंजनों के विनिर्माण के दौरान, एचएएल देश के रक्षा विनिर्माण परितंत्र से सहायता लेने की योजना बना रहा है, जिसमें एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) और सार्वजनिक एवं निजी उद्योग शामिल हैं।” मंत्रालय ने कहा, “आपूर्ति कार्यक्रम के अंत तक एचएएल स्वदेशीकरण सामग्री को 63 प्रतिशत तक बढ़ा देगा, जिससे इसका औसत 54 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा।” इसने कहा कि इससे एयरो इंजन के मरम्मत कार्यों में स्वदेशी सामग्री को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।इंजनों के लिए यह सौदा वायुसेना के लड़ाकू विमानों की स्क्वाड्रन में कमी आने और एचएएल द्वारा तेजस विमान की आपूर्ति में देरी संबंधी चिंताओं के बीच हुआ है। वायुसेना के लड़ाकू विमानों की स्क्वाड्रन की संख्या घटकर लगभग 30 रह गई है जबकि इनकी आधिकारिक स्वीकृत संख्या कम से कम 42 है।
- नयी दिल्ली. जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 2026 एशियाई खेलों में खेल गांव नहीं होगा और खिलाड़ियों को होटलों तथा क्रूज जहाजों में ठहराया जाएगा। एशियाई खेलों में यह पहली बार होगा जब खिलाड़ियों के लिए कोई खेल गांव नहीं होगा।एशिया ओलंपिक परिषद की 44वीं आम सभा के दौरान जापान ओलंपिक समिति के पूर्व अध्यक्ष त्सुनेकाजू ताकेदा ने रविवार को यहां बताया कि आइची प्रांत और नागोया शहर द्वारा सह-मेजबानी की जाने वाली महाद्वीपीय आयोजन में कोई ओलंपिक गांव नहीं होगा। ताकेडा ने खेलों की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘‘हमारे पास खेल गांव नहीं होगा क्योंकि खेल दो प्रांतों में आयोजित किए जाएंगे। इसके बजाय हम एथलीटों और गणमान्य व्यक्तियों को होटलों और क्रूज जहाजों में ठहराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।'' 2026 एशियाई खेलों के उपाध्यक्ष ताकेडा ने कहा, ‘‘हमने होटल के कमरों के अलावा 4,000 एथलीटों और अधिकारियों के लिए क्रूज जहाजों की व्यवस्था की है।'' ताकेडा का यह विचार हालांकि कुवैत और फलस्तीन जैसे कई ओसीए सदस्यों को पसंद नहीं आया, जिन्होंने चिंता जताई और कहा कि ऐसा कदम खेलों की भावना के अनुरूप नहीं होगा। नवनिर्वाचित ओसीए अध्यक्ष रणधीर सिंह भी इस विचार से खुश नहीं हैं।उन्होंने कहा, ‘‘ हमें एक जगह रहना चाहिए इसलिए युवाओं को एक साथ रखने के लिए खेल गांव सबसे महत्वपूर्ण है। इस तरह के आयोजन में खेल गांव का जीवन सबसे महत्वपूर्ण है।'' रणधीर ने संकेत दिया कि ओसीए टीम के साथ-साथ व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भागीदारी की संख्या कम करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार 40 खेलों में 15,0000 एथलीटों ने भाग लिया था, पिछली बार फुटबॉल में 32 टीमें थीं लेकिन इस बार हम इस संख्या को शीर्ष आठ टीमों की तरह सीमित करना चाहेंगे।'' उन्होंने कहा, व्यक्तिगत आयोजनों में भी ऐसा होगा। हमें संख्याओं को सीमित करने की आवश्यकता है। दो या तीन अधिक प्रतिनिधित्व नहीं हो सकते।
- गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रविवार को हुए दो सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार विजय नगर थाना क्षेत्र में मेरठ रोड चौराहे के पास न्यू लिंक रोड पर दो लोग स्कूटी पर सवार होकर विजय नगर की ओर जा रहे थे। जल निगम के टी-प्वाइंट के पास जब चालक ने स्कूटी को मोड़ा तभी विपरीत दिशा से आ रही एक बस ने स्कूटी को टक्कर मार दी। इस हादसे में खोड़ा के सुशील कुमार (45) और पीछे बैठे दिल्ली के न्यू कोंडली एक्सटेंशन कॉलोनी निवासी चंदर (46) की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठे व्यक्ति ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। यातायात पुलिस के अपर उपायुक्त पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि बस को विजय नगर पुलिस ने जब्त कर लिया है। उन्होंने बताया कि हादसे के तुरंत बाद बस चालक मौके से भाग गया। पुलिस के अनुसार एक अन्य दुर्घटना में रविवार सुबह मसूरी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर दो लोगों की मौत हो गई। सुनील कुमार (40) अपना मालवाहक वाहन डीएमई पर खड़ा कर एयर प्रेशर चेक कर रहा था। इसी बीच, मेरठ से गाजियाबाद जा रहे एक कैंटर ने खड़े ट्रक में टक्कर मार दी, जिससे सुनील की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में ट्रक चालक को भी गंभीर चोट आयी। ट्रक के चालक की पहचान मेरठ के किठौर कस्बे के सचिन (29) के रूप में हुई, जिसे इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय संजय नगर ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अधिकारी के अनुसार ट्रक को यातायात नियमों के विरुद्ध खड़ा किया गया था क्योंकि डीएमई पर पार्किंग निषिद्ध है। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- चंडीगढ़. पंजाब के जालंधर जिले में मोटरसाइकिल सवार तीन झपटमारों से बचने की कोशिश कर रही 18 वर्षीय एक लड़की को करीब 200 मीटर तक घसीटा गया। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जालंधर के ग्रीन मॉडल टाउन इलाके में शुक्रवार को हुई इस घटना में लक्ष्मी को चोटें आईं हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लड़की अपने घर के पास थी, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात लोग आए और उसका मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की। जब लड़की ने विरोध किया, तो उसे मोटरसाइकिल से करीब 150 से 200 मीटर तक घसीटा गया। अधिकारियों ने बताया कि झपटमार मोबाइल फोन छीनने में कामयाब हो गए। यह घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
- भरतपुर (राजस्थान) .मिस्र और भारतीय प्रजाति के गिद्धों के लिए प्रसिद्ध अरावली की बयाना पहाड़ियों में विश्व वन्यजीव कोष (डल्ब्यूडब्ल्यूएफ) ने लगभग 20 गिद्ध देखे हैं। पक्षी की यह प्रजाति विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रही है। परियोजना के सदस्यों द्वारा देखे गए गिद्धों में ‘व्हाइट-रम्प्ड' या ‘बंगालेंसिस' गिद्ध भी शामिल हैं।डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने इस साल 31 अगस्त को गिद्धों की गिनती की पहल शुरू की थी, जो एक राष्ट्रव्यापी नागरिक-विज्ञान पहल है जिसे देश में गिद्धों की तेजी से घटती संख्याकी निगरानी और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम ‘बर्ड काउंट इंडिया' के सहयोग से चलाया जा रहा है। चूहों और सांपों का सफाया करके गिद्ध पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में योगदान देते हैं।भारतीय गिद्ध भूरे रंग के शरीर, काले पंख और पीले रंग की चोंच के लिए जाने जाते हैं। भोजन की उपलब्धता में कमी, घोंसले के स्थानों के नष्ट होने और खाई के नजदीक हलचल की वजह से इन्हें देखना दुर्लभ हो गया है। पिछले तीन वर्षों से बयाना अरावली पहाड़ में इन पक्षियों का अध्ययन कर रहे एक स्थानीय संरक्षणकर्ता के अनुसार यह क्षेत्र मिस्र और भारतीय गिद्धों के लिए जाना जाता है तथा सर्दियों में हिमालयी गिद्धों के भी देखे जाने की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में गिद्धों का प्रजनन का समय अक्टूबर में शुरू होता है तथा जोड़ा बनाने की गतिविधियां नवंबर में होती हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के परियोजना अधिकारी हेमेन्द्र कुमार ने बताया, ‘‘प्रत्येक जोड़ा आमतौर पर इस अवधि के दौरान केवल एक अंडा ही देता है।'' संरक्षणकर्ता ने बताया कि गिद्धों को यहां वर्षों से देखा जा रहा है, ज्यादातर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय। उन्होंने बताया कि गिद्धों की गिनती सूर्योदय के समय की जाती है, क्योंकि कुछ गिद्ध भोजन के लिए आस-पास के क्षेत्रों में चले जाते हैं तथा कई दिनों तक वापस नहीं आते।
- मुंबई. एयर कंडीशनर के 'आउटडोर यूनिट' में विस्फोट के कारण घायल हुए 50 वर्षीय व्यक्ति की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गयी जबकि उसके सहयोगी की हालत गंभीर है। नगर निगम के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना बृहस्पतिवार तड़के समय हुई। इस दौरान तारानाथ और सुजीत पाल (33) बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में 20 मंजिला कॉरपोरेट इमारत के एक रेस्तरां में एसी की 'आउटडोर यूनिट' की मरम्मत कर रहे थे। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि तारानाथ 70 प्रतिशत जल गया है, जबकि पाल 80 प्रतिशत जल गया है।रविवार को तारानाथ ने कुर्ला के सरकारी भाभा अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि पाल को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उसकी हालत गंभीर है।
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पटना. बिहार के बक्सर जिले में त्रिवेणीगंज और रघुनाथपुर रेलवे स्टेशनों के बीच रविवार सुबह नयी दिल्ली से इस्लामपुर जा रही मगध एक्सप्रेस (20802) की ‘कपलिंग' अचानक टूट गई, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्रा ने बताया, "यह घटना सुबह करीब 11.08 बजे तुरीगंज और रघुनाथपुर रेलवे स्टेशनों के बीच हुई।" उन्होंने बताया कि डाउन लाइन में त्रिवेणीगंज-रघुनाथपुर के बीच ट्रेन के इंजन से 13वें नंबर के डिब्बा ‘एस-7' और इंजन से 14वें नंबर के डिब्बा ‘एस-6' के बीच का ‘कपलिंग' अचानक टूट गया। सीपीआरओ ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। बचाव दल के साथ-साथ तकनीकी दल भी मौके पर पहुंच गए हैं और अधिकारी इसे जल्द से जल्द ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डाउन लाइन पर ट्रेन यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ है, इसे एक घंटे में बहाल कर दिया जाएगा। सीपीआरओ ने कहा कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच कराई जाएगी।

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