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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बुधवार को विभिन्न मंत्रिमंडलीय समितियों का गठन किया, जिनमें सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक मामलों से संबंधित देश की सर्वोच्च निर्णायक समितियां भी शामिल हैं। इन मंत्रिमंडलीय समितियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों-- जनता दल यूनाइटेड (जदयू), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), जनता दल सेक्युलर (जद एस), शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कोटे से बने मंत्रियों को जगह मिली है। एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सुरक्षा मामलों से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस)में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हैं। सीसीएस सुरक्षा एवं सामरिक मामलों से संबंधित सभी मुद्दों पर देश का शीर्ष निर्णायक निकाय है।
आर्थिक मामले संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर, सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी शामिल हैं। इस समिति में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पंचायती राज एवं मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी शामिल हैं। यह समिति अर्थव्यवस्था एवं व्यापार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करती है और निर्णय लेती है।
राजनीतिक मामले से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, नागर विमानन मंत्री किंजारापू राममोहन नायडू, सूक्ष्म, लघु और मध्य उपक्रम मंत्री जीतन राम मांझी, बंदरगाह एवं पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, संसदीय मामलों के मंत्री किरण रीजीजू और कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी शामिल हैं। यह समिति देश के बड़े राजनीतिक मुद्दों को संभालती है।
संसदीय मामले से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नड्डा, सीतारमण, राजीव रंजन सिंह, नायडू, रीजीजू, सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम और जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल शामिल हैं। इस समिति में कानून राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभारी) अर्जुन राम मेघवाल और कानून मंत्री एल मुरूगन विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति संसद सत्र आहूत करने जैसे विषयों पर निर्णय लेती है।
पिछले सालों की भांति इस बार भी नियुक्ति से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में बस दो सदस्य-- मोदी एवं अमित शाह हैं। यह समिति देश में शीर्ष नौकरशाही, सामरिक एवं सुरक्षा संबंधी पदों पर नियुक्तियां करती है। निवेश एवं वृद्धि से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रल्हाद जोशी, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान हैं। इस समिति में सांख्यिकी राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति सभी निवेश एवं वृद्धि संबंधी मुद्दों को संभालती है।
मंत्रिमंडल की आवास संबंधी समिति में शाह, गडकरी, सीतारमण, गोयल और आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल शामिल हैं। इस समिति में केंद्रीय कार्मिक मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति केंद्रीय मंत्रियों, नौकरशाहों, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के आवास संबंधी निर्णय लेती है।
कौशल, रोजगार और आजीविका संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति में प्रधानमंत्री, राजनाथ सिंह, शाह, गडकरी, सीतारमण, वैष्णव, प्रधान, यादव, पुरी, संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया शामिल हैं। इस समिति में केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यह समिति कौशल, रोजगार एवं आजीविका संबंधी मुद्दों को संभालती है। -
पटना. बिहार में बुधवार को कम से कम तीन और पुल ढह गए। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 15 दिनों में बारिश से प्रभावित राज्य में पुल ढहने की ये नौवीं घटना है। अधिकारियों ने बताया कि सारण और सिवान जिलों में ढहे तीन ढांचों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि ये पुल 30 से 80 साल पहले बनाए गए थे। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने हालांकि, आरोप लगाया कि एक ही दिन में चार पुल ढह गए और मुख्यमंत्री व उनके उपमुख्यमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सड़क निर्माण विभाग (आरसीडी) व ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) को राज्य के सभी पुराने पुलों का तुरंत सर्वेक्षण करने और उन पुलों की पहचान करने का निर्देश दिया, जिनकी तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। डब्ल्यूआरडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने एक बयान में बताया, ‘‘बुधवार को सिवान और सारण में ढहे पुलों/पथों के कुछ हिस्से बहुत पुराने थे। '' बयान के मुताबिक, ‘‘ऐसा लगता है कि इन संरचनाओं का निर्माण आवश्यक मापदंडों का पालन करते हुए नहीं किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि नींव पर्याप्त गहरी नहीं थी, जिस कारण बाढ़ के दौरान ये संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।'' बिहार के सिवान जिले में गंडकी नदी पर बने पुल का एक हिस्सा बुधवार सुबह ढह गया। जिले के देवरिया ब्लॉक में स्थित यह छोटा पुल कई गांवों को महाराजगंज से जोड़ता है।
उप विकास आयुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि पुल गिरने के असल कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक के वरिष्ठ अधिकारी पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देवरिया ब्लॉक में आज सुबह पुल का एक हिस्सा गिर गया। इस घटना का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। ब्लॉक के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और मैं भी वहां जा रहा हूं।'' कुमार ने कहा, ‘‘यह घटना तड़के करीब पांच बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुल का निर्माण 1982-83 में हुआ था। पिछले कुछ दिनों से पुल की मरम्मत का काम जारी था।'' ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों में हुई भारी बारिश के कारण पुल ढह गया होगा। उन्होंने कहा कि गंडकी नदी के उफान पर होने के कारण पुल की संरचना संभवत: कमजोर हो गई। इस घटना से मात्र 11 दिन पहले ही सिवान में एक पुल ढहा था। इन घटनाओं ने बिहार में बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। दरौंदा इलाके में 22 जून को पुल का एक हिस्सा ढह गया था। हाल में मधुबनी, अररिया, पूर्वी चंपारण और किशनगंज जैसे जिलों में भी ऐसी ही घटनाएं हुई हैं, जिसके बाद बिहार सरकार ने इन घटनाओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
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बेंगलुरु. भारत के पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान ने मंगलवार को सूर्य-पृथ्वी के एल1 बिंदु के चारों ओर पहली हेलो कक्षा की अपनी परिक्रमा मंगलवार को पूरी की। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यह जानकारी दी। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि मंगलवार को कक्षा में स्थिर रखने के लिए फेरबदल किया गया ताकि यान का दूसरी हेलो कक्षा में निर्बाध संक्रमण सुनिश्चित किया जा सके। आदित्य-एल1 मिशन लैग्रेंजियन बिंदु एल1 पर स्थित एक भारतीय सौर वेधशाला है। इसे दो सितंबर 2023 को प्रक्षेपित किया गया और छह जनवरी 2024 को इसे अपनी लक्षित हेलो कक्षा में स्थापित किया गया। इसरो के अनुसार हेलो कक्षा में आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान को एल1 बिंदु के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में 178 दिन लगते हैं। इसरो ने बताया कि हेलो कक्षा में अपनी यात्रा के दौरान आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान विभिन्न विकर्षणकारी बलों के संपर्क में आएगा, जिसके कारण वह लक्षित कक्षा से बाहर चला जाएगा। एजेंसी ने बताया, ‘‘आदित्य-एल1 को इस कक्षा को बनाए रखने के लिए क्रमशः 22 फरवरी और सात जून को दो बार उसके मार्ग में फेरबदल किया गया। आज के तीसरे अभ्यास ने यह सुनिश्चित किया है कि एल1 के चारों ओर दूसरे हेलो कक्षा में इसकी यात्रा जारी रहे।'' इसरो ने बताया, ‘‘आज के फेरबदल के साथ, आदित्य-एल1 मिशन के लिए यूआरएससी-इसरो में विकसित अत्याधुनिक उड़ान गतिशीलता सॉफ्टवेयर पूरी तरह से स्थापित हो गया है।''
- लखनऊ। हाथरस जिले के सिकंदराराऊ इलाके में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ के मामले में पुलिस ने ‘मुख्य सेवादार’ और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।मंगलवार को हुई भगदड़ की इस घटना में 116 लोगों की मौत हो गई थी।अधिकारी ने बताया कि मंगलवार देर रात सिकंदराराऊ थाने में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर और अन्य सेवादारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 110 (गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास), 126 (2) (गलत तरीके से रोकना), 223 (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा), 238 (साक्ष्यों को मिटाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए राष्ट्रीय साधन सह मेधा छात्रवृत्ति ( एनएमएमएसएस) के लिए पंजीकरण विंडो की शुरूआत की है। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस पोर्टल की शुरूआत एक ही बार के पंजीकरण तथा नए और नवीनीकरण छात्रवृत्तियों के आवेदन के लिए की गई है।
इस वर्ष आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। एक ही बार पंजीकरण एक यूनिक 14 डिजिट का नंबर है जो आधार नम्बर से जुड़ा है। इसकी आवश्यकता छात्रवृत्ति के आवेदन के लिए होती है। मंत्रालय ने बताया कि जिन विद्यार्थियों को एक ही बार- वाली पंजीकरण संख्या मिली है वे राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर छात्रवृत्ति के लिए सीधे आवेदन कर सकते हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। कल लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का ऐतिहासिक लगातार तीसरा कार्यकाल गति और निरंतरता के लिए जनादेश है।
उन्होंने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में तीन गुना गति से काम करेगी और देश को विकास के अगले स्तर पर ले जाएगी तथा 2047 तक विकसित भारत की महत्वाकांक्षा को पूरा करेगी। श्री मोदी ने कहा कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। -
नयी दिल्ली. दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य तिथि से छह दिन पहले ही पूरे देश में पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘दक्षिण-पश्चिम मानसून आज राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष भागों में और आगे बढ़ गया। इस प्रकार इसने दो जुलाई 2024 तक ही पूरे देश को कवर कर लिया, जबकि यह सामान्य रूप से आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंचता। उसने बताया कि मानसून अपने सामान्य समय से छह दिन पहले ही पूरे भारत में पहुंच गया। मानसून केरल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में 30 मई को पहुंचा था जो सामान्य से दो से छह दिन पहले है।
यह महाराष्ट्र तक सामान्य रूप से आगे बढ़ा, लेकिन इसकी गति धीमी हो गई जिसके कारण पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश का इंतजार बढ़ गया तथा उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी का प्रभाव और अधिक बढ़ गया। देश में 11 जून से 27 जून तक 16 दिन सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई, जिसके कारण जून में कुल मिलाकर सामान्य से कम वर्षा हुई। इस महीने में 147.2 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि इस महीने में सामान्य रूप से 165.3 मिलीमीटर वर्षा होती है, जो 2001 के बाद से सातवीं सबसे कम वर्षा है। देश में चार महीने के मानसून के दौरान कुल वर्षा (87 सेंटीमीटर) में से 15 प्रतिशत बारिश जून में होती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि जुलाई में भारत में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है तथा भारी वर्षा के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और देश के मध्य भाग में नदी घाटियों में बाढ़ आने की आशंका है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को सात और आठ जुलाई को रथयात्रा के लिए दो दिवसीय अवकाश की घोषणा की, जो 53 वर्षों के बाद एक विशेष अवसर है। पुरी में भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन की वार्षिक रथयात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए माझी ने इस दो दिवसीय विशेष उत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला, जो पिछली बार 1971 में मनाया गया था। उन्होंने इस आयोजन के शुभ समय पर होने को लेकर जोर दिया जो नवगठित भाजपा सरकार के कार्यकाल के साथ मेल खाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘चूंकि रथयात्रा दो दिन तक चलेगी, इसलिए मैं संबंधित अधिकारियों को इन दो दिनों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्देश देता हूं।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रथ यात्रा समारोह में भाग लेंगी। उनके छह जुलाई की शाम को पुरी पहुंचने और सात जुलाई को उत्सव में भाग लेने की उम्मीद है।
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मुंबई. हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के लिए चर्चा में रहे मुंबई के एक कॉलेज ने अब छात्रों के फटी जींस, टी-शर्ट, ‘‘गरिमाहीन'' कपड़े और जर्सी या ऐसे कपड़े पहनने पर रोक लगा दी है जो धर्म या ‘‘सांस्कृतिक असमानता'' को दर्शाते हों। ‘चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी' के ‘एन जी आचार्य और डी के मराठे कॉलेज' ने 27 जून को जारी नोटिस में कहा कि छात्रों को परिसर में औपचारिक और शालीन पोशाक पहननी चाहिए। नोटिस में कहा गया है कि छात्र आधी या पूरी बाजू की कमीज और पेंट पहन सकते हैं। इसमें कहा गया है कि लड़कियां कोई भी भारतीय या पश्चिमी पोशाक पहन सकती हैं। बंबई उच्च न्यायालय ने 26 जून को कॉलेज द्वारा हिजाब, बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि ऐसे नियम छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते हैं। नोटिस में कहा गया है, ‘‘छात्र कोई भी ऐसा परिधान नहीं पहनें जिससे धर्म या सांस्कृतिक असमानता का पता चले। नकाब, हिजाब, बुर्का, ‘स्टोल', टोपी आदि को भूतल पर बने ‘कॉमन रूम' में जाकर उतारना होगा और उसके बाद ही (छात्र) पूरे कॉलेज परिसर में घूम सकेंगे।'' चेंबूर स्थित इस कॉलेज में शिवाजी नगर, गोवंडी और मानखुर्द इलाकों के मुस्लिम समुदाय के कई छात्र पढ़ते है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। इसमें कहा गया है, अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।
कॉलेज संचालन परिषद के महासचिव सुबोध आचार्य ने इस साल की शुरुआत में संस्थान द्वारा जारी किए गए एक परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि कॉलेज द्वारा नए निर्देशों के साथ कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई नया नोटिस नहीं है। हम छात्रों से केवल ‘ड्रेस कोड' (वर्दी संबंधी नियम) का पालन करने के लिए कह रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि वे भड़काऊ कपड़े न पहनें। हम छात्रों से साड़ी या किसी विशेष रंग की पोशाक पहनने के लिए भी नहीं कह रहे।'' कॉलेज की प्रधानाचार्य विद्यागौरी लेले ने कहा, ‘‘छात्र हिजाब या बुर्का पहनकर कॉलेज आ सकते हैं, कॉलेज के ‘कॉमन रूम' में इसे बदल सकते हैं और फिर अपना काम कर सकते हैं।'' छात्राओं ने इस महीने की शुरुआत में उच्च न्यायालय का रुख कर कॉलेज द्वारा जारी उस निर्देश को चुनौती दी थी, जिसमें हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी पहनने और किसी भी तरह का बिल्ला लगाने पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘ड्रेस कोड' को लागू किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि यह नियम उनके धर्म का पालन करने के मौलिक अधिकार, निजता के अधिकार और ‘‘पसंद के अधिकार'' का उल्लंघन करता है। अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि ‘ड्रेस कोड' का उद्देश्य अनुशासन बनाए रखना है जो शैक्षणिक संस्थान की ‘‘स्थापना और प्रशासन'' के लिए कॉलेज के मौलिक अधिकार का हिस्सा है। - मृतकों को 2-2 लाख का मुआवजाहाथरस (उप्र)। हाथरस जिले के सिकन्दराराऊ क्षेत्र में आयोजित एक सत्संग में मंगलवार को भगदड़ मच गयी जिसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। सिकन्दराराऊ के थानाध्यक्ष आशीष कुमार ने बताया कि इस थाना क्षेत्र के फुलराई गांव में भोलेबाबा के सत्संग के दौरान यह भगदड़ मच गयी जिसमें कई लोगों की मौत हो गयी है तथा अनेक अन्य घायल हो गये हैं।इस बीच, पड़ोस में स्थित एटा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि भगदड़ में मारे गये 27 लोगों के शव एटा के पोस्टमार्टम हाउस भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।न्यूज 18 के अनुसार मरने वालों की संख्या करीब 100 पहुंच चुकी है ्और ये संख्या बढ़ भी सकती है। हाथरस की दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने दु:ख जताते हुए गहन जांच के आदेश दिए हैं। मृतकों को 2-2 लाख तथा घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्यक्रम आयोजकों के विरुद्ध एफआईआर की जाएगी और बड़ी कार्रवाई की तैयारी में शासन में है।एसएसपी एटा राजेश कुमार सिंह द्वारा सबसे पहले दी गई जानकारी में बताया गया कि भगदड़ में लोगों की मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम के लिए 27 डेड बॉडी आई हैं, जिनमें 23 महिलाएं हैं, 3 बच्चे और एक पुरुष है। हाथरस हादसे की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।. एडीजी आगरा जोन के नेतृत्व में कमेटी इस बड़े हादसे की जांच करेगी. अलीगढ़ के कमिश्नर भी इसकी जांच करेंगे?हाथरस डीएम आशीष कुमार ने कहा, "... जिला प्रशासन काम कर रहा है। घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है और लोगों का इलाज जारी है... डॉक्टरों ने मुझे करीब 50-60 लोगों की मौत का आंकड़ा बताया है... कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति एसडीएम ने दी थी और यह एक निजी आयोजन था... मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है... प्रशासन की प्राथमिकता घायलों और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराना है..."उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संदीप सिंह ने कहा, "हमें मुख्यमंत्री द्वारा हाथरस घटना स्थल पर पहुंचने और मामले को देखने और सरकार की ओर से आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है..."
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि देश की जनता ने उनकी सरकार की ‘‘भारत सर्वप्रथम’’ तथा ‘‘तुष्टीकरण नहीं, संतुष्टीकरण की’’ नीति को अपना समर्थन दिया और लगातार झूठ फैलाने के बावजूद विपक्ष की घोर पराजय हुई।
उन्होंने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि यह है कि देश निराशा से बाहर निकला और आत्मविश्वास की बुलंदी पर पहुंचा है।मोदी ने विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच कहा, ‘‘जनता ने हमें चुना है और मैं कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं कि लगातार झूठ चलाने के बावजूद उनकी घोर पराजय हुई…विश्व का सबसे बड़ा चुनाव अभियान था, उसमें देश की जनता ने हमें तीसरी बार देश की सेवा करने का मौका दिया है, यह लोकतांत्रिक विश्व के लिए गौरवपूर्ण घटना है।’’उनका कहना था कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, यह इस चुनाव में उनके लिए आशीर्वाद का एक कारण बना। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देश की जनता ने देखा है कि हमारा एकमात्र लक्ष्य भारत सर्वप्रथम रहा है, हमारी हर नीति, निर्णय और कार्य का एक ही तराजू ‘भारत प्रथम’ रहा है।’’ उनका कहना था, ‘‘हम तुष्टीकरण नहीं, संतुष्टीकरण के विचार को लेकर चले हैं।’’मोदी ने कहा, ‘‘मेरी सरकार की कई सफलाएं और सिद्धि हैं। इनमें एक प्रमुख सिद्धि है कि देश निराशा के गर्त से बाहर निकला और आत्मविश्वास की बुलंदी पर पहुंचा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भर में देश की साख बढ़ी है और दुनिया का नजरिया बदला है। उनका कहना था कि जनता ने उनके 10 साल के कार्यकाल को देखने-परखने के बाद तीसर बार समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘ इस चुनाव ने इस बात को सिद्ध किया है कि भारत की जनता कितनी परिपक्व है।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देश की जनता ने हमारी नीयत को देखा है। हमारी नीयत, नीति और निष्ठा पर भरोसा किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम विकसित भारत के निर्माण के लिए एक प्रतिबद्धता के साथ जनता के पास गए थे। जनता ने विकसित भारत के संकल्प को चार चांद लगाकर, हमें फिर से विजयी बनाकर सेवा करने का मौका दिया है।’’मोदी के अनुसार, जब देश विकसित होता है कोटि कोटि जन के सपने पूरे होते हैं, संकल्प सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि जिस विकसित भारत के संकल्प को लेकर चले हैं उसके लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करेंगे और हमारे समय का पल पल और शरीर का कण-कण इस सपने को पूरा करने के लगाएंगे।’’प्रधानमंत्रीने कहा, ‘‘2014 से हर दिन पहले घोटाले की खबरें पढ़ने को मिलती थीं, रोज नए घोटाले, घोटालों की घोटालों की स्पर्धा का कालखंड था…घोटाला की दुनिया ने देश को निराशा से गर्त में डुबा दिया था।’’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने देश को निराशा के गर्त से बाहर निकाला।मोदी ने 2014 से पहले हुए आतंकी हमलों के बारे में बात करते हुए कहा, ‘‘आज का हिंदुस्तान घर में घुसकर मारता है, सर्जिकल स्ट्राइक करता है, एयर स्ट्राइक करता है, आतंकवाद के आकाओं को सबक सिखाने का सामर्थ्य दिखा दिया है।’’ -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह तीन नए आपराधिक कानूनों पर विपक्ष की चिंता एवं आशंका पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। शाह ने विपक्षी दलों से अपील की वे चाहें तो इस मसले पर उनके साथ बैठकर चर्चा कर सकते हैं। सोमवार को तीन नए आपराधिक कानून लागू होने का विपक्षी दलों ने विरोध किया है।
शाह ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैं सभी से अपील करता हूं कि इन नए कानूनों को लेकर जो भी उनकी चिंता है, सरकार उन्हें दूर करेगी। अगर आपको लगता है कि ये कानून लोगों के हित में नहीं हैं तो आप इस पर मुझसे चर्चा कर सकते हैं। कानूनों का केवल विरोध करने से समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। राजनीति करने के कई और भी तरीके हैं।‘शाह ने इन आलोचनाओं को बेबुनियाद बताया कि नए आपराधिक कानून कठोर एवं दमनकारी हैं। उन्होंने कहा कि ये कानून आधुनिक समाज के अनुरूप हैं और पीड़ितों के हितों की रक्षा करते हैं, साथ ही पुलिस की जवाबदेही भी तय करते हैं। शाह ने कहा कि नए कानून अंग्रेजी हुकूमत के दौरान तैयार कानूनों की तुलना में तर्कसंगत एवं बेहतर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नए कानून लागू करने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर थी और लगभग 22.5 लाख पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया था।देशभर में राज्य पुलिस बलों ने नए कानूनों के तहत कुछ मामले दर्ज किए हैं। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि नए कानूनों के तहत सड़क के किनारे सामान बेचने वाले एक व्यक्ति (स्ट्रीट वेंडर) के खिलाफ अवरोध उत्पन्न करने के लिए प्राथमिकी (एफआईआर) की गई है। रमेश ने दावा किया कि जिसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के निकट एक पैदल पर पुल के नीचे आजीविका चलाने के लिए सामान बेच रहा था।शाह ने स्पष्ट किया कि भारत न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत पहला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आधी रात के थोड़ी देर बाद दर्ज हुआ था। शाह ने कहा कि यह प्राथमिकी मोटरसाइकिल चोरी के मामले में दर्ज हुई है न कि दिल्ली में स्ट्रीट वेंडर के खिलाफ। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समीक्षा के प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली मामले का निपटारा कर दिया है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि नये आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद उच्चतम न्यायालय के स्तर तक सभी मामलों में न्याय प्राथमिकी दर्ज होने के तीन साल के भीतर मिलेगा। शाह ने नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में अपराधों में कमी आएगी और नए कानूनों के तहत 90 प्रतिशत मामलों में दोषसिद्धि होगी। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 सोमवार से पूरे देश में प्रभावी हो गए। इन तीनों कानून ने ब्रिटिश कालीन कानूनों क्रमश: भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है। उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के स्तर तक न्याय प्राथमिकी दर्ज होने के तीन साल के भीतर मिल सकता है।'' गृह मंत्री ने कहा कि तीनों आपराधिक कानूनों के लागू होने से भारत में दुनिया में सबसे आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली स्थापित होगी। उन्होंने कहा, ‘‘नए कानून, आधुनिक न्याय प्रणाली को स्थापित करते हैं जिनमें ‘जीरो एफआईआर', पुलिस शिकायतों का ऑनलाइन पंजीकरण, एसएमएस जैसे इलेक्ट्रॉनिक तरीकों से समन और सभी जघन्य अपराधों के लिए अपराध स्थलों की अनिवार्य वीडियोग्राफी जैसे प्रावधान शामिल हैं।'' शाह ने बताया कि नए कानून के तहत पहला मामला ग्वालियर में रविवार रात 12 बजकर 10 मिनट पर मोटरसाइकिल चोरी का दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि नए कानून न्याय प्रदान करने को प्राथमिकता देंगे, जबकि औपनिवेशिक काल के कानूनों में दंडात्मक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती थी। -
अलीराजपुर/भोपाल. मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में सोमवार को एक दंपति और उनके तीन बच्चों के शव घर में लटके मिले। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘सोंडवा तहसील के रावड़ी गांव में पांच लोगों की मौत की सूचना सोमवार सुबह सात बजे मिली।'' उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए अलीराजपुर के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) की अगुवाई में एक टीम गठित की गई है। अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान राकेश डोडवा (27), उनकी पत्नी ललिता डोडवा (25) और उनके बच्चों लक्ष्मी (9), प्रकाश (7) और अक्षय (5) के रूप में हुई है। -
नयी दिल्ली. अंतरिक्ष अन्वेषण और अनुसंधान एजेंसी (एसईआरए) और ‘ब्लू ओरिजिन' ने सोमवार को अपने मानवयुक्त अंतरिक्षयान कार्यक्रम के लिए भारत को साझेदार राष्ट्र घोषित किया है। यह कार्यक्रम उन देशों के नागरिकों के लिए है जिन्होंने कुछ अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में भेजे हैं या एक भी नहीं भेजे हैं। अमेरिका स्थित एजेंसी एसईआरए ब्लू ओरिजिन के दोबारा इस्तेमाल किए जाने योग्य उपकक्षीय रॉकेट ‘न्यू शेपर्ड' के भावी मिशन पर दुनिया भर के नागरिकों को छह सीट प्रदान करेगी। ‘न्यू शेपर्ड' चुनिंदा अंतरिक्ष यात्रियां को 11 मिनट के लिए क्रेमन रेखा (पृथ्वी के सतह से करीब 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर) के पार भेजेगी जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरिक्ष की सीमा माना जाता है। अंतरिक्ष यात्री जमीन पर उतरने से पहले कई मिनट तक गुरुत्वाकर्षण की अनुपस्थिति में भारहीन होने की अवस्था का अनुभव करेंगे। एसईआरए के सह संस्थापक जोशुआ स्कुर्ला ने कहा, ‘‘हम अपने मानवयुक्त अंतरिक्षयान कार्यक्रम में भारत को लेकर उत्साहित हैं।'' स्कुर्ला ने कहा, ‘‘हम सभी के लिए अंतरिक्ष को वहनीय बनाना चाहते हैं और भारतीय नागरिकों को इस विशेष अवसर की पेशकश करके खुश हैं जो अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं।'' कोई भी भारतीय नागरिक लगभग 2.50 अमेरिकी डॉलर का शुल्क देकर इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण करा सकता है, ताकि सुरक्षित और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन जांच की लागत प्राप्त की जा सके। अंतिम उम्मीदवारों को ‘न्यू शेपर्ड' मिशन पर अंतरिक्ष में उड़ान भरने के अवसर के लिए जनता के वोट से चुना जाएगा। संभावित अंतरिक्ष यात्री को ब्लू ओरिजिन की शारीरिक दक्षता संबंधी मानदंडों को पूरा करना होगा।
- रत्नागिरी (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के तटीय शहर रत्नागिरी में आठ फुट लंबे एक मगरमच्छ के बारिश से भीगी सड़क पर रेंगने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। एक अधिकारी ने बताया कि यह वीडियो रत्नागिरी जिले में चिपलुन शहर के चिंचनाका इलाके में बारिश के बीच एक ऑटोरिक्शा चालक ने बनाया। वीडियो में कुछ अन्य वाहन भी दिखायी दे रहे हैं और एक ऑटोरिक्शा चालक हेडलाइट जलाकर मगरमच्छ का पीछा करने की कोशिश करते दिखायी दे रहा है। अधिकारी ने बताया कि मगरमच्छ संभवत: पास की शिव या वाशिष्ठी नदियों से बहकर शहर में घुसा होगा। आसपास से गुजर रहे कई लोगों ने भी मगरमच्छ की सड़क पर रेंगते हुए वीडियो बनायी और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि यह घटना रविवार रात की है।
- नयी दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) ने टी. आर. शर्मा को अपना नया निदेशक नियुक्त किया है। शर्मा वर्तमान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) में उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें निदेशक पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। फसल विज्ञान और पादप जैव प्रौद्योगिकी में अपने कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले शर्मा के खाद्य सुरक्षा तथा टिकाऊ खेती में चुनौतियों का समाधान करने में आईएआर के प्रयासों का नेतृत्व करने की उम्मीद है। शर्मा ने एक बयान में कहा, ‘‘ कृषि में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोगात्मक अनुसंधान महत्वपूर्ण होगा।'' शर्मा की नियुक्ति को कृषि क्षेत्र को समर्थन देने के लिए कृषि अनुसंधान व नवाचार को बढ़ाने के सरकार के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। कृषि क्षेत्र भारत की 3000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था में करीब 15 प्रतिशत का योगदान देता है।
- नयी दिल्ली। लोकसभा ने टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत पर सोमवार को भारतीय टीम को बधाई दी और भविष्य के मुकाबले के लिए शुभकामनाएं दीं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम की यह विजय युवाओं और सभी खिलाड़ियों को प्रेरणा देगी। भारत ने बारबाडोस के ब्रिजटाउन में फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को सात रन से हराकर अपना दूसरा टी20 विश्व खिताब जीता। बिरला ने सोमवार को लोकसभा में कहा, ‘‘माननीय सदस्य, मुझे आपके साथ यह सूचना साझा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने 29 जून को क्रिकेट टी20 विश्व कप जीतने में सफलता प्राप्त की। पूरे देश में ऊर्जा और उमंग का संचार हुआ है। इस विजय से सभी खिलाड़ियों और युवाओं को प्रेरणा मिलेगी।'' उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मैं अपनी और पूरे सदन की ओर से भारतीय क्रिकेट टीम और कप्तान रोहित शर्मा को बधाई देता हूं। सदन क्रिकेट टीम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता है।'' इस पर सदस्यों ने मेजें थपथपा कर भारतीय टीम की सराहना की।
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अयोध्या. शुरुआती बारिश में ही लगभग एक दर्जन स्थानों पर धंसने की वजह से चर्चा में आये राम पथ के निर्माण में घोर लापरवाही की जांच के लिए अयोध्या प्रशासन ने एक समिति गठित की है। अयोध्या के मंडलायुक्त गौरव दयाल ने रविवार को बताया, ‘‘सभी संबंधित विभागों की एक समिति गठित की गई है, जो जांच करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यह समिति उन सीवेज चैंबर/मैनहोल के निर्माण से संबंधित गड़बड़ियों की जांच करेगी जिनमें गड्ढे हो गये हैं।'' दयाल ने कहा कि राम पथ करीब 14 किलोमीटर लंबा है और इसका निर्माण मानकों के अनुसार गुणवत्ता के साथ किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस पथ में एक क्षेत्र ऐसा है, जहां सीवर लाइन बिछाई गई थी। ऐसे ही छह-सात स्थानों पर गड्ढे हो गये हैं।'' उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में पूरी अयोध्या में करीब 5,500 सीवर चैंबर बनाए गए हैं, जिनमें से केवल आठ या नौ स्थानों पर ही ऐसी समस्या आई है, वह भी अत्यधिक बारिश के कारण ऐसा हुआ है। मंडलायुक्त ने कहा कि जिले में पूरे बरसात के मौसम की लगभग 30 प्रतिशत बारिश सिर्फ दो दिन में हो गई जिसकी वजह से यह समस्या हुई है। राज्य सरकार ने इस मामले के संबंध में अहमदाबाद स्थित ठेकेदार ‘भुवन इंफ्राकॉम प्राइवेट लिमिटेड' को नोटिस भी जारी किया है। सरकार ने अयोध्या में नवनिर्मित राम पथ के कई हिस्सों में सड़क धंसने और जलभराव के बाद घोर लापरवाही के लिए छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस बीच, फैजाबाद से नवनिर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद ने शनिवार को अयोध्या में 14 किलोमीटर लंबे राम पथ और सड़क के नीचे सीवर लाइन के निर्माण में कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। प्रसाद ने कहा था, ‘‘यह एक बड़ा मुद्दा है, राम के नाम पर लूट हो रही है। कितने लोग जिम्मेदार हैं, कौन जिम्मेदार है, सब कुछ स्पष्ट होना चाहिए। कुछ लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। राम पथ निर्माण में अनियमितताओं में और भी लोग शामिल हैं।'' पिछली 23 और 25 जून को हुई बारिश के बाद राम पथ के किनारे लगभग 15 गलियों में पानी भर गया था। यहां तक कि सड़क के किनारे स्थित घरों में भी पानी घुस गया था। राम पथ के कई हिस्से भी धंस गए थे।
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भुवनेश्वर. भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी मनोज आहूजा ने रविवार को ओडिशा के मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला। मनोज को प्रदीप कुमार जेना के स्थान पर मुख्य सचिव का पद दिया गया है, जो आज सेवानिवृत्त हो गए।
जेना ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मैं 1990 बैच के अपने अच्छे मित्रों में से एक (कालाहांडी के दिनों से) मनोज आहूजा का मेरे उत्तराधिकारी उप-जिलाधिकारी धरमगढ़ के तौर पर स्वागत करता हूं और मुझे खुशी है कि आज उन्होंने मेरे स्थान पर मुख्य सचिव का पद संभाला।'' ओडिशा के मुख्य सचिव का कार्यभार संभालने के तुरंत बाद आहूजा ने पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और 'पटिडियन' (भगवान जगन्नाथ की प्रतिकृति) के समक्ष पूजा-अर्चना की। आहूजा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे और उन्होंने एक अप्रैल, 2022 से केंद्र सरकार के कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दी थीं। ओडिशा सरकार के अनुरोध पर मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 25 जून को आहूजा को उनके मूल कैडर में वापस भेजने को मंजूरी दी थी। आहूजा के पास बी.ई. (मैकेनिकल) की डिग्री, पंजाब विश्वविद्यालय से एमबीए और अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन (अंतरराष्ट्रीय विकास) में स्नातकोत्तर की डिग्री है। -
श्रीनगर. वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा के दूसरे दिन रविवार को लगभग 15,000 श्रद्धालुओं ने दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन किए। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। पहले दो दिनों में अमरनाथ गुफा में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या अब 28,000 को पार कर गई है। अधिकारियों ने यहां बताया, ‘‘रविवार को 14,717 तीर्थयात्रियों ने अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन किए।'' उन्होंने बताया कि गुफा मंदिर में दर्शन करने वालों में 9,979 पुरुष तीर्थयात्री और 3,439 महिला तीर्थयात्री शामिल थे। एक हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों, 83 बच्चों और दो ट्रांसजेंडर ने भी तीर्थयात्रा की।
यात्रा शनिवार को दो मार्गों से शुरू हुई - अनंतनाग में 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक नूनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल में 14 किलोमीटर छोटे, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल मार्ग से। बावन दिनों तक चलने वाली यह तीर्थयात्रा 19 अगस्त को समाप्त होगी। पिछले वर्ष 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने गुफा मंदिर में दर्शन किये थे। -
नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने बच्चों को मादक पदार्थ के सेवन से बचाने के लिए एक पोर्टल शुरू किया है, जो विद्यालयों के आसपास प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री को रोकने और छात्रों और शिक्षकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली की सुविधा प्रदान करेगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने युवाओं को मादक पदार्थों की समस्या से बचाने तथा विद्यालयों के आसपास ऐसे पदार्थों की बिक्री पर रोक के लिए निगरानी तंत्र विकसित करने के उद्देश्य से “प्रहरी पोर्टल” की शुरुआत की है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने इस संबंध में एक राष्ट्रीय समीक्षा और परामर्श बैठक का आयोजन किया था। इस बैठक में संयुक्त कार्य योजना के कामों पर चर्चा की गई जिसका उद्देश्य 'नशा मुक्त भारत' के दृष्टिकोण के तहत बच्चों में मादक पदार्थों का सेवन और उनकी अवैध तस्करी को रोकना है। इस संयुक्त कार्य योजना का नाम “नशे के खिलाफ एक युद्ध” दिया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों को मादक पदार्थों का सेवन करने से रोकना है। इस व्यापक योजना में सभी हितधारकों, एजेंसियों, कर्तव्यधारकों, अधिकारियों, मीडिया और अभिभावकों को शामिल किया गया है, जिससे वे बच्चों को मादक पदार्थों का सेवन करने से बचाने में अपनी भूमिका निभा सकें। राय ने एनसीपीसीआर और एनसीबी द्वारा शुरू की गई संयुक्त कार्य योजना की प्रशंसा की और नशा मुक्त राष्ट्र के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि वे विकसित भारत के भावी नेता हैं। साथ ही वे भारत की कुल जनसंख्या का 59 प्रतिशत हैं। अपने संबोधन के दौरान राय ने नशीले पदार्थों और आतंकवाद के प्रति सरकार की 'जीरो-टॉलरेंस' (बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने) नीति के बारे में विस्तार से बताया। नित्यानंद राय ने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और असम राइफल्स को सशक्त बनाने तथा मादक पदार्थों के व्यापार को समाप्त करने के लिए उठाए जा रहे व्यापक उपायों के बारे में भी जानकारी दी।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह पारिवारिक पेंशनभोगियों की शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए सोमवार को यहां एक विशेष अभियान की शुरुआत करेंगे। कार्मिक मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी एक बयान में कहा गया कि वर्तमान में ऑनलाइन केंद्रीयकृत पेंशन शिकायत एवं निवारण प्रणाली (सीपीईएनजीआरएएमएस) पर प्रतिवर्ष लगभग 90,000 मामले पंजीकृत किए जा रहे हैं। बयान में कहा गया है कि कुल शिकायतों में से पारिवारिक पेंशन संबंधी शिकायतों का प्रतिशत लगभग 20-25 प्रतिशत है। बयान में कहा गया है कि पारिवारिक पेंशनभोगियों की शिकायतों का एक बड़ा हिस्सा महिला पेंशनभोगियों का है। बयान में कहा गया है कि अधिकांश शिकायतें रक्षा पेंशनभोगियों, रेलवे पेंशनभोगियों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) पेंशनभोगियों से संबंधित हैं। इसमें कहा गया है कि "बैंक संबंधी मामले भी काफी संख्या में हैं।" बयान में कहा गया है कि पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) अपनी 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत 1-31 जुलाई, 2024 की अवधि के दौरान पारिवारिक पेंशनभोगियों की शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाएगा, जिसमें 46 मंत्रालय/विभाग भाग लेंगे। इस विशेष अभियान का उद्देश्य पारिवारिक पेंशन शिकायतों के लंबित मामलों में पर्याप्त कमी लाना है।
ऐसा इसमें कहा गया है कि पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभागों के सचिव, भूतपूर्व सैनिक कल्याण, सीमा सुरक्षा बल महानिदेशक, लेखा महानियंत्रक, भारतीय स्टेट बैंक के उप प्रबंध निदेशक के साथ-साथ 46 मंत्रालयों/विभागों के नोडल लोक शिकायत अधिकारी, सभी पेंशन संवितरक बैंकों के प्रतिनिधि और पेंशनभोगी कल्याण संघों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। शिकायतें सीधे या आवेदक द्वारा पोर्टल पर या ई-मेल, डाक या टोल-फ्री नंबर के माध्यम से विवरण प्राप्त होने पर डीओपीपीडब्ल्यू द्वारा दर्ज की जा सकती हैं। विशेष अभियान में निपटाए जाने वाले पारिवारिक पेंशन से संबंधित शिकायतों को सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में से चुना गया है। बयान में कहा गया है कि अभियान अवधि के दौरान निवारण के लिए 46 मंत्रालयों/विभागों/संगठनों से संबंधित कुल 1,891 (15 जून, 2024 तक) पारिवारिक पेंशन से संबंधित शिकायतों की पहचान की गई है। डीओपीपीडब्ल्यू मिशन-मोड दृष्टिकोण पर शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग/संगठन की निगरानी करेगा और उन्हें सभी सहायता प्रदान करेगा। -
नई दिल्ली। जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आज नई दिल्ली में नए थल सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। जनरल द्विवेदी ने 15 दिसंबर, 1984 को थल सेना की इन्फैंट्री- जम्मू और कश्मीर राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था। उन्होंने रक्षा और प्रबंधन अध्ययन में एम. फिल और सामरिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है।
- लखनऊ। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) वर्ष 1988 बैच के अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण किया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।वर्तमान में प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के अलावा अपर मुख्य सचिव पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण पदों का दायित्व निर्वहन कर रहे मनोज कुमार सिंह ने दुर्गा शंकर मिश्र के स्थान पर मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण किया है।ललितपुर, गौतमबुद्ध नगर, पीलीभीत, मुरादाबाद और अलीगढ़ जैसे जिलों के जिलाधिकारी और मुरादाबाद के मंडलायुक्त समेत विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके सिंह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम का एक प्रमुख चेहरा माना जाता है।इसके पहले वर्ष 1984 बैच के आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र को 30 दिसंबर 2021 को उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था। दिसंबर 2021 में सेवानिवृत्त होने से पहले केंद्र सरकार ने उन्हें सेवा विस्तार देकर राज्य के मुख्य सचिव का दायित्व सौंपा था और वह तबसे लगातार सेवा विस्तार पर ही यह दायित्व निभा रहे थे।आधिकारिक बयान में कहा गया कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले नौकरशाही में कुछ ऐसे अधिकारियों को चिह्नित किया, जिनमें अनुभव और दक्षता तो हो ही, सत्यनिष्ठा के साथ-साथ कार्य करने के प्रति जीवटता और जुझारूपन भी हो।‘टीम योगी’ के एक ऐसे ही अहम सदस्य हैं आईएएस मनोज कुमार सिंह, जिन्होंने आज उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव पद का कार्यभार ग्रहण किया है। नियुक्ति विभाग की वेबसाइट के अनुसार मनोज कुमार सिंह का जन्म 25 जुलाई 1965 को हुआ है। इस आधार पर सिंह का कार्यकाल 31 जुलाई 2025 तक होगा।




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