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- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच शनिवार को वार्ता हुई। मोदी और हसीना के बीच हुई वार्ता के प्रमुख परिणामों में तीस्ता नदी के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए एक बड़ी परियोजना के वास्ते भारत द्वारा एक तकनीकी दल को शीघ्र ही बांग्लादेश भेजना, एक व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ना और रक्षा संबंधों को बढ़ावा देना शामिल है। दोनों पक्षों ने डिजिटल क्षेत्र, समुद्री क्षेत्र, समुद्री अर्थव्यवस्था, रेलवे, अंतरिक्ष, हरित प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने के लिए 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों पक्षों ने दो "विश्वसनीय" पड़ोसियों के बीच कई नए क्षेत्रों में परिवर्तनकारी सहयोग के लिए एक "भविष्यवादी दृष्टिकोण" पर भी सहमति जताई। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच वार्ता का मुख्य जोर डिजिटल और ऊर्जा संपर्क में भारत-बांग्लादेश सहयोग को बढ़ाने के तरीकों का पता लगाना था। साथ ही दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच सीमाओं के शांतिपूर्ण प्रबंधन की दिशा में काम करने का संकल्प लिया। मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए लोगों के बीच आपसी संपर्क को दोनों देशों के बीच संबंधों का आधार बताया और कहा कि बांग्लादेश से इलाज के लिए भारत आने वाले लोगों के लिए भारत ई-मेडिकल वीजा सुविधा शुरू करेगा। भारत ने रंगपुर में एक नया सहायक उच्चायोग खोलने का भी फैसला किया है।वार्ता में मोदी और हसीना ने रक्षा उत्पादन और बांग्लादेशी सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया तथा आतंकवाद एवं कट्टरपंथ का मुकाबला करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे के साथ-साथ म्यांमा की स्थिति और बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल) समूह के ढांचे के तहत क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर भी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने 1996 की गंगा जल संधि के नवीनीकरण के लिए तकनीकी स्तर पर बातचीत शुरू करने का निर्णय लिया है।" उन्होंने अपने मीडिया वक्तव्य में कहा, "बांग्लादेश में तीस्ता नदी के संरक्षण और प्रबंधन पर, एक तकनीकी दल जल्द ही बातचीत के लिए बांग्लादेश का दौरा करेगा।" इस बड़ी परियोजना का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि चीन ने भी परोक्ष तौर पर इसमें रुचि दिखाई है। इस परियोजना के तहत तीस्ता नदी के पानी के प्रबंधन और संरक्षण के लिए बड़े जलाशय और संबंधित बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की परिकल्पना की गई है। परियोजना पर यह कदम दोनों देशों के बीच तीस्ता जल बंटवारे पर एक समझौता होने के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव के बीच उठाया गया है। इस समझौते पर सितंबर 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बांग्लादेश यात्रा के दौरान हस्ताक्षर होने थे, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आपत्तियों के कारण इसे अंतिम समय में स्थगित कर दिया गया था। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत उपयुक्त भारतीय सहायता से बांग्लादेश के अंदर तीस्ता नदी के संरक्षण और प्रबंधन की योजना बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बांग्लादेश, भारत का सबसे बड़ा विकास साझेदार है और नयी दिल्ली उसके साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश हमारी पड़ोसी प्रथम नीति, ‘एक्ट ईस्ट' नीति, दृष्टि ‘सागर' और हिंद-प्रशांत दृष्टि के संगम पर स्थित है। भारत ‘सागर' या क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास के व्यापक नीति ढांचे के तहत हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग कर रहा है। मोदी ने कहा, "हमने कनेक्टिविटी, वाणिज्य और सहयोग पर अपना ध्यान केंद्रित रखा है। पिछले 10 वर्षों में, हमने 1965 से पहले मौजूद कनेक्टिविटी को बहाल किया है।" उन्होंने कहा, "अब हम डिजिटल और ऊर्जा कनेक्टिविटी पर अधिक जोर देंगे। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को गति मिलेगी।" मोदी ने कहा, "हमारे आर्थिक संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए, दोनों पक्ष सीईपीए (व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते) पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग का विस्तार करने का भी फैसला किया है।उन्होंने कहा, "हमने रक्षा उत्पादन से लेकर सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण तक रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। हमने आतंकवाद का मुकाबला करने, कट्टरपंथ को खत्म करने और सीमाओं के शांतिपूर्ण प्रबंधन पर अपने जुड़ाव को मजबूत करने का फैसला किया है।" मोदी ने कहा, "हम हिंद महासागर क्षेत्र के लिए एक समान दृष्टिकोण साझा करते हैं। हम हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने के बांग्लादेश के फैसले का स्वागत करते हैं।" हसीना ने अपनी टिप्पणी में, भारत को बांग्लादेश का प्रमुख पड़ोसी और एक भरोसेमंद दोस्त बताया।उन्होंने कहा, "भारत हमारा प्रमुख पड़ोसी, विश्वसनीय मित्र और क्षेत्रीय साझेदार है। बांग्लादेश, भारत के साथ हमारे संबंधों को बहुत महत्व देता है, जिसकी शुरुआत 1971 के मुक्ति संग्राम से हुई थी।'' हसीना ने कहा, "मैं बांग्लादेश की मुक्ति में भारत सरकार और भारत के लोगों के योगदान को कृतज्ञता के साथ याद करती हूं।" उन्होंने 1971 के युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले "भारत के वीर शहीदों" को भी श्रद्धांजलि दी। हसीना ने कहा, "आज हमारी बहुत ही उपयोगी बैठकें हुईं, जिसमें हमने सुरक्षा, व्यापार, संपर्क, साझा नदियों के जल के बंटवारे, बिजली एवं ऊर्जा तथा क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।" बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को भारत की अपनी दो दिवसीय यात्रा शुरू की थी।लोकसभा चुनाव के बाद भारत में नयी सरकार के गठन के बाद यह किसी विदेशी नेता की पहली द्विपक्षीय राजकीय यात्रा है। हसीना ने सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।वार्ता से पहले, हसीना का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया।हसीना भारत के पड़ोस और हिंद महासागर क्षेत्र के उन सात शीर्ष नेताओं में शामिल थीं, जिन्होंने नौ जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के शपथग्रहण समारोह में भाग लिया था।
- नयी दिल्ली,। प्रतियोगी परीक्षाओं नीट और नेट में अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से परीक्षाओं का पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘‘पारदर्शी, छेड़छाड़ मुक्त और त्रुटि रहित परीक्षाएं एक प्रतिबद्धता है। विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति का गठन परीक्षा प्रक्रिया की दक्षता में सुधार लाने, सभी संभावित कदाचारों को समाप्त करने, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने और एनटीए में सुधार लाने के लिए उठाए गए कदमों की श्रृंखला में पहला कदम है।'' उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य सदैव हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।'' समिति परीक्षा प्रक्रिया के तंत्र में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और एनटीए की संरचना और कार्यप्रणाली को लेकर सिफारिशें करेगी। समिति दो महीने के भीतर मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। समिति में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के पूर्व निदेशक रणदीप गुलेरिया, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी जे राव, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एमेरिटस के राममूर्ति शामिल हैं। ‘पीपल स्ट्रॉन्ग' के सह-संस्थापक और कर्मयोगी भारत के बोर्ड सदस्य पंकज बंसल, आईआईटी दिल्ली के छात्र मामलों के डीन आदित्य मित्तल और शिक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल भी समिति में शामिल हैं।शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि समिति एनटीए की मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा करना तथा प्रत्येक स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र के साथ-साथ इन प्रक्रियाओं को मजबूत करने के उपाय सुझाएगी। समिति एनटीए की मौजूदा डेटा सुरक्षा प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का मूल्यांकन करना तथा इसके सुधार के लिए उपाय का सुझाव देगी। राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) के आयोजन में गड़बड़ी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही एनटीए रविवार को छह केंद्रों पर उन 1,563 अभ्यर्थियों के लिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा की दोबारा परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रही है, जिन्हें समय की बर्बादी की भरपाई के लिए पहले कृपांक दिए गए थे। मेडिकल में प्रवेश की परीक्षा नीट कथित लीक सहित कई अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में है, वहीं यूजीसी-नेट को आयोजित होने के एक दिन बाद ही रद्द कर दिया गया क्योंकि मंत्रालय को सूचना मिली थी कि परीक्षा की शुचिता से समझौता किया गया।
- जम्मू,।' जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शनिवार को कहा कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यहां भगवती नगर आधार शिविर में व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। जम्मू क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) आनंद जैन के साथ डुल्लू ने वार्षिक तीर्थयात्रा से पहले व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए भारी सुरक्षा वाले आधार शिविर का दौरा किया। अमरनाथ के लिए 52 दिवसीय तीर्थयात्रा 29 जून को अनंतनाग में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल में 14 किलोमीटर के छोटे लेकिन खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल मार्ग से शुरू होगी। मुख्य सचिव ने आधार शिविर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को 28 जून को यहां (भगवती नगर) से रवाना किया जाएगा और अगले दिन (कश्मीर में) यात्रा शुरू होगी। हम व्यवस्था का निरीक्षण करने आए हैं और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की है।'' उन्होंने कहा, ‘‘लगभग सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और हम तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने को लेकर काम कर रहे हैं, ताकि उनकी यात्रा आरामदायक हो सके।'' डुल्लू ने कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए ठहरने के केंद्रों और अन्य सुविधाओं की क्षमता में कई गुना वृद्धि की गई है और तीर्थयात्रा पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं। जो भी करना होगा, किया जाएगा, क्योंकि यात्रा सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।''
- पुरी (ओडिशा),। ओडिशा के पुरी शहर में शनिवार को 12वीं सदी के मंदिर में हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ की 'स्नान यात्रा' के लिए एकत्रित हुए। चक्रराज सुदर्शन के साथ भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ की मूर्तियों को मंदिर परिसर में स्थित स्नान मंडप में लाया गया, जहां उन पर 108 घड़ों का पवित्र जल डाला गया। भगवान जगन्नाथ को 35 घड़ों के जल से स्नान कराया गया, जबकि भगवान बलभद्र को 33 घड़ों, देवी सुभद्रा को 22 घड़ों और चक्रराज सुदर्शन को 18 घड़ों के जल से स्नान कराया गया। जल मंदिर स्थित 'सुना कुआं' या स्वर्ण कुएं से लाया गया। पानी में जड़ी-बूटी और सुगंधित तत्व मिलाए गए और उसके बाद उस जल से स्नान बेदी' में देवताओं का स्नान कराया गया। यह अनुष्ठान वार्षिक रथयात्रा उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। जगन्नाथ संस्कृति के शोधकर्ता पंडित सूर्यनारायण रथशर्मा ने बताया कि गजपति महाराजा राजा दिब्यसिंह देब ने स्नान अनुष्ठान के तुरंत बाद 'स्नान मंडप' में 'चेरा पन्हरा' (झाडू लगाने) की रस्म निभायी। 'चेरा पन्हरा' के पूरा होने के बाद, देवताओं को 'स्नान बेदी' में 'हाथी बेसा' (हाथी की पोशाक) पहनाई गई। हाथी की पोशाक और इस अवसर पर विशेष वेशभूषा पारंपरिक रूप से राघबा दास मठ और गोपाल तीर्थ मठ के कारीगरों द्वारा तैयार की जाती है। मान्यता के अनुसार, अत्यधिक स्नान के कारण देवता बीमार पड़ जाते हैं और उन्हें 'अनासर गृह' में ले जाया जाता है। देवताओं को अब 'अनासर गृह' में 14 दिनों के लिए पृथकवास किया जाएगा। इस अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को देवताओं के दर्शन करने की अनुमति नहीं होती है। ठीक होने पर, देवता 'नबजौबन दर्शन' के अवसर पर श्रद्धालुओं के सामने आते हैं। पुलिस की लगभग 68 प्लाटून (एक प्लाटून में 30 जवान होते हैं) तैनात की गई थीं और सुचारू 'दर्शन' के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। अधिकांश श्रद्धालुओं ने मंदिर के सामने स्थित सड़क 'बड़ा डंडा' से देवताओं के दर्शन किए।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय ने आज सुबह 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य लोगों ने योग सत्र में सहभागिता की।\प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कियाः "आज सुबह प्रधानमंत्री कार्यालय में 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य लोगों ने योग सत्र में सहभागिता की।
- अमरावती। आंध्र प्रदेश में 16वीं विधानसभा का पहला सत्र शुक्रवार को नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के साथ शुरू हुआ।तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के विधायक जी बुचैया चौधरी ने अस्थाई अध्यक्ष के तौर पर सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता की।अमरावती के वेलागापुडी स्थित विधानसभा कक्ष में सुबह नौ बज कर 45 मिनट पर सत्र शुरू हुआ। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ढाई साल से अधिक समय के बाद सत्र में शामिल हुए।अभिनेता-राजनेता और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने अपने 16 साल के राजनीतिक जीवन में पहली बार पीथापुरम विधानसभा सीट से विधायक और उपमुख्यमंत्री के तौर पर सदन में प्रवेश किया।इस सत्र में विधानसभा के नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।तेदेपा के सूत्रों के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेता और नरसीपट्टनम के विधायक सी अय्यन्नापतरुदू को विधानसभा अध्यक्ष चुना जा सकता है। सबसे पहले मुख्यमंत्री एवं कुप्पम से विधायक चंद्रबाबू नायडू ने शपथ ली, उनके बाद उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शपथ ली।शपथ लेने के बाद नायडू अस्थाई अध्यक्ष के आसन के समीप गए और दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया। आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 175 सदस्यीय सदन में 164 सीटें जीती हैं।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुजरात के अहमदाबाद में योगाभ्यास किया और देश और दुनिया के सभी योगप्रेमियों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व योग दिवस मना रहा है और ये दिन एक विशेष महत्व इसीलिए रखता है क्योंकि ये 10वां योग दिवस है। उन्होंने कहा कि 2014 में देश ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए श्री नरेन्द्र मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री नरेन्द्र मोदी जी जब पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में गए तब उन्होंने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने ना सिर्फ प्रस्ताव रखा बल्कि हमारे चिरपुरातन विज्ञान और हमारे ऋषि,-मुनियों की एक अनुपम भेंट का परिचय भी विश्व के नेताओं को कराया। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन में 170 से अधिक देशों ने योग दिवस मनाने को सहमति दी और वहीं से पूरा विश्व योग के रास्ते पर चल पड़ा।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत ने पूरे विश्व और मानवता को काफी कुछ दिया है लेकिन अगर कोई सबसे बड़ा उपकार और उपहार दिया है तो वह योग को विश्व को देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मन, शरीर और आत्मा के बीच में एकात्मता लाने का योग से बड़ा कोई और विज्ञान नहीं है और मन के अंदर की अगाध शक्तियों के महासागर में गोता लगाने का एकमात्र माध्यम योग ही है। श्री शाह ने कहा कि अपने मन के अंदर की शक्तियों को आत्मा के साथ जोड़कर विश्व कल्याण के रास्ते पर ले जाने का योग से बड़ा कोई और माध्यम नहीं हो सकता। इसके साथ ही, आज के ज़माने में प्रचलित कई रोगों का उपाय भी योग ही है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के इस प्रयास से पूरी मानवता के लिए योग को एक बड़ा मंच मिला है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व योग को स्वीकार रहा है, सीख रहा है और सिखा रहा है। उन्होंने कहा कि ना सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में लाखों लोगों ने योग को मन से स्वीकार कर आगे बढ़ाने का काम किया है।श्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात सरकार और सभी के सहयोग से लगभग सवा करोड़ से ज़्यादा लोगों ने आज सुबह गुजरात में योगाभ्यास किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने योग को बढ़ावा देने और इसे खेल के रूप में भी मान्यता देने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि हमारे वेदों द्वारा दिए गए वसुधैव कुटुंबकम के सूत्र को चरितार्थ करने का काम योग कर रहा है। उन्होंने कहा कि 21 जून के दिन पूरी दुनिया में अलग-अलग समय पर कहीं ना कहीं योग हो रहा है। श्री शाह ने कहा कि योग के माध्यम से हम निष्काम कर्म की कल्पना को निरंतर प्रयास से सिद्ध कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व के कल्याण के मंत्र को ज़मीन पर उतारने के लिए भी निरंतर योगाभ्यास ज़रूरी है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हमारे ऋषियों का दिया गया ज्ञान ही हमें आगे बढ़ा सकता है। हमारे शारीरिक सामर्थ्य, मन की शांति और कल्पनाओं के विस्तार, चेतना शक्ति के केन्द्रीकरण औऱ पूरे देश की सामूहिक ऊर्जा की जागृति के लिए योग से बड़ा कोई साधन हो नहीं सकती। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने योग दिवस की भेंट देकर पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और ज्ञान का ध्वज फहराने का काम किया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष के योग दिवस कार्यक्रम की झलकियां साझा की हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा:"श्रीनगर में डल झील पर इस वर्ष के योग दिवस कार्यक्रम में एक मनोरम वातावरण की अनुभूति हुई, यह प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य को दर्शाता है। बारिश के बावजूद वहां एकत्र हुए असंख्य लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। इसकी कुछ झलकियां प्रस्तुत हैं।" - -“योग के प्रति जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा आज दिखा उत्साह और प्रतिबद्धता का दृश्य जीवंत बना रहेगा”-“योग स्वाभाविक रूप से आना चाहिए और जीवन का सहज हिस्सा बनना चाहिए”-“ध्यान आत्म-सुधार का एक उत्कृष्ट साधन है”-“योग स्वयं के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण, अनिवार्य और सक्षम है जितना समाज के लिए”नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डल झील पर श्रीनगर के नागरिकों को संबोधित किया।प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के लोगों द्वारा योग के प्रति दिखाए गए उत्साह और प्रतिबद्धता का नजारा लोगों के मन में हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण तापमान में हुई गिरावट के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ, जबकि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में विलंब हुआ और इसे 2-3 सत्रों में बांटना पड़ा। श्री मोदी ने स्वयं और समाज के लिए जीवन की एक सहज प्रवृत्ति बनने में योग के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि योग के लाभ तभी प्राप्त किए जा सकते हैं जबकि इसे दैनिक जीवन के साथ जोड़ते हुए सरल रूप से अपनाया जाए।प्रधानमंत्री ने कहा कि योग का एक अहम अंग ध्यान अपने आध्यात्मिक पहलुओं के कारण आम लोगों के लिए अनूठा हो सकता है, हालांकि, इसे सरलता से एकाग्रता और लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के रूप में समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस एकाग्रता और ध्यान को अभ्यास और तकनीकों के साथ बढ़ाया जा सकता है। मन की इस योगपूर्ण स्थिति में थकान कम होने के साथ-साथ शानदार परिणाम भी मिलते हैं और यह ध्यान भटकाने से बचने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक यात्रा के अलावा, जिसे अंततः जीवन में आना ही है, ध्यान आत्म-सुधार और प्रशिक्षण का एक साधन भी है।प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि योग समाज के लिए जितना महत्वपूर्ण, उपयोगी और शक्तिशाली है, उतना ही स्वयं के लिए भी है। उन्होंने कहा कि जब समाज को योग से लाभ मिलता है तो पूरी मानवता को लाभ होता है। उन्होंने मिस्र में आयोजित एक प्रतियोगिता के बारे में एक वीडियो का उल्लेख किया जिसमें देश के प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों पर योग के साथ फोटो खींचने या वीडियो बनाने के बारे में जानकारी दी गई थी और उन्होंने इसमें भाग लेने वालों के प्रयासों की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी तरह, योग और पर्यटन जम्मू और कश्मीर में रोजगार का एक बड़ा स्रोत बन सकते हैं।अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की विपरीत मौसम परिस्थितियों के बावजूद इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थिति और श्रीनगर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 2024 के आयोजन के लिए अपना समर्थन दिखाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
- -कोयला मंत्रालय ने 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनायानई दिल्ली। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी किशन रेड्डी ने हैदराबाद के बशीरबाग में एबीवी फाउंडेशन और निजाम कॉलेज द्वारा आयोजित 10 वें अंतर्राष्ट्रीय योग समारोह में भाग लिया।श्री रेड्डी ने कहा, "मुझे यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि लोग, विशेषकर युवा अपने जीवन में योग को अपना रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी के विजन से योग का हमारा प्राचीन अभ्यास समग्र आरोग्य प्राप्त करने के लिए विश्व भर में एक शक्तिशाली साधन बन गया है।कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने नई दिल्ली के शास्त्री भवन में 'स्वयं और समाज के लिए योग' विषय के साथ 10 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में अपर सचिव सुश्री विस्मिता तेज, अपर सचिव सुश्री रुपिंदर बराड़, संयुक्त सचिव श्री बीपी पति, संयुक्त सचिव श्री संजीव कुमार कस्सी के साथ अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। अपर सचिव सुश्री विस्मिता तेज ने दैनिक जीवन में योग के महत्व के बारे में अपने विचार व्यक्त किए और प्रतिभागियों को योग को नियमित अभ्यास बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर ब्रम्हा कुमारीज के योग प्रशिक्षक सामान्य योग प्रोटोकॉल और ध्यान अभ्यासों को दिखाने के लिए उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 2014 में इसकी शुरुआत के बाद से 2015 से 21 जून को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
- बालासोर। ओडिशा के बालासोर शहर में शुक्रवार को छह घंटों के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई, ताकि लोग अपनी जरूरत का सामान खरीद सकें। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उत्तरी ओडिशा के इस शहर में सोमवार रात को दो समूहों मे हुई झड़प के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था।दो समूहों में हुई इन पथराव की घटनाओं में 10 लोग घायल हो गए थे। बालासोर शहर में इंटरनेट सेवा अभी बंद है। एक अधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि शहर में इंटरनेट सेवा 22 जून को सुबह 10 बजे तक बंद रहेगी। सूबे के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।अधिकारी ने कहा, “शहर में लगे कर्फ्यू में सुबह छह बजे से 12 बजे अपराह्न तक ढील दी गई। सभी दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी गई, ताकि लोग अपनी दैनिक जरुरतों का सामान खरीद सकें।”उन्होंने कहा कि बुधवार और गुरुवार को लगातार दो रात कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। कर्फ्यू में ढील लेकर लोगों को बाजार जाने की अनुमति दी गई, लेकिन पुलिस ने लोगों की आवाजाही और सार्वाजनिक समारोह पर नजर रखी।अधिकारी ने बताया, “शहर में 21 जून को मध्यरात्रि तक कर्फ्यू लागू रहेगा। प्रशासन ने गुरुवार को कर्फ्यू में चार घंटे और शुक्रवार को छह घंटे की ढील दी, ताकि लोग अपनी जरुरत का सामान खरीद सकें।” अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय बलों की छह कंपनियों को बालासोर के संवेदनशीन इलाकों में तैनात किया गया है। बालासोर की पुलिस अधीक्षक सागरिका नाथ ने बताया कि केंद्रीय बलों के अलावा, राज्य सशस्त्र बल की लगभग 40 प्लाटून को शहर में तैनात किया गया है। एक प्लाटून में 30 जवान होते हैं। दंगा करने या कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 54 लोगों को मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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नयी दिल्ली. इस वर्ष एक मार्च से लेकर 18 जून के बीच में देश के बड़े हिस्से में जारी भीषण गर्मी ने कम से कम 110 लोगों की जान ले ली और 40,000 से अधिक लोगों को संदिग्ध तापघात से जूझना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) द्वारा राष्ट्रीय गर्मी से संबंधित बीमारी और मृत्यु निगरानी के तहत जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित है। यहां लू और तापघात से करीब 36 लोगों की मौत हई है। उसके बाद बिहार, राजस्थान और ओडिशा में लोगों की जान गई हैं। एक अधिकारिक सूत्र ने बताया, "उपलब्ध आंकड़े राज्यों की ओर से दिए गए अंतिम आंकडें नहीं हैं। इसलिए यह संख्या बढ़ भी सकती है।" जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ 18 जून को ही तापघात से छह लोगों की मौत हुई है।
उत्तर और पूर्वी भारत के अधिकांश इलाके लंबे समय से भीषण लू की चपेट में है, जिससे तापघात से होने वाली मौतों में वृद्धि हुई है और केंद्र को ऐसे मरीजों की देखभाल के लिए अस्पतालों में विशेष इकाईयां स्थापित करने का परामर्श जारी करना पड़ा है। स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बुधवार को निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में 'विशेष लू इकाई' शुरू की जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए की अस्पताल गर्मी से प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवा प्रदान करें। उन्होंने लू और तापघात से निपटने के लिए अस्पतालों की तैयारी की समीक्षा की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लू के मद्देनजर राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के लिए एक परामर्श जारी किया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनपीसीसीएचएच) के अंतर्गत राज्य नोडल अधिकारियों से कहा गया है कि वे एक मार्च से तापघात के मामलों और मौतों तथा कुल मौतों के आंकड़ों को प्रतिदिन जारी करना शुरू करें, साथ ही गर्मी से संबंधित बीमारी और मृत्यु निगरानी के तहत उनकी जानकारी भी उपलब्ध कराएं। परामर्श में कहा गया है कि सभी जिलों में तापजनित बीमारियों (एचआरआई) पर राष्ट्रीय कार्य योजना का प्रसार सुनिश्चित करें तथा एचआरआई के लिए स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारी को सुदृढ़ करें। परामर्श में रोकथाम और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य सुविधा तैयार करने लिए पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पैक, आवश्यक दवाएं, आईवी तरल पदार्थ, बर्फ (आइस पैक) और उपकरणों की खरीद और आपूर्ति के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं में पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता, प्रतीक्षा और रोगी उपचार क्षेत्र में ठंडक बनाए रखने के लिए उपकरणों को लगाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ अस्पतालों में लू और तापघात के मामलों की जल्द से जल्द जांच की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। -
अहमदाबाद. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 21 जून (शुक्रवार) को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अहमदाबाद में एक योग कार्यक्रम में भाग लेंगे। राज्य के मंत्री हर्ष सांघवी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सांघवी ने बताया कि शाह अन्य प्रतिभागियों के साथ शहर के सिंधु भवन रोड स्थित एक सार्वजनिक उद्यान में योग करेंगे। गुजरात के खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधियां मामलों के मंत्री ने घोषणा की कि 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में बनासकांठा जिले के नाडाबेट में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जाएगा। नाडाबेट में होने वाले इस कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब नाडाबेट में योग दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन राज्य योग बोर्ड और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा किया गया है। अन्य मंत्री, विधायक, सांसद और भाजपा पदाधिकारी राज्य भर में योग कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, गुजरात के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों में 312 स्थानों पर योग दिवस मनाया जाएगा।
- चेन्नई, । तमिलनाडु के कल्लाकुरिचि जिले में कथित तौर पर अवैध देशी शराब पीने से 20 से अधिक लोग बीमार पड़ गये और कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सरकार ने कहा कि इस सिलसिले में 49 वर्षीय (अवैध शराब विक्रेता) के. कन्नुकुट्टी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा उसके पास से जब्त की गयी करीब 200 लीटर अवैध शराब की जांच में सामने आया कि उसमें घातक 'मेथनॉल' मौजूद था। एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस घटना की समग्र विवेचना के लिए सीबी-सीआईडी जांच का आदेश दिया है। बयान के अनुसार, सरकार ने घटना के बाद कल्लाकुरिची के जिलाधिकारी श्रवण कुमार जातावथ का तबादला कर दिया, जबकि पुलिस अधीक्षक समय सिंह मीणा को निलंबित कर दिया। नौ अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है जिनमें कल्लाकुरिचि जिले की मद्यनिषेध शाखा के भी पुलिसकर्मी शामिल हैं। विपक्ष के नेता इडापड्डी के पलानीस्वामी ने स्थानीय समाचारों का हवाला देते हुए संवाददाताओं से कहा कि अवैध शराब पीने के बाद करीब 40 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा, ‘‘ जब से द्रमुक सरकार सत्ता में आयी है तब से अवैध शराब से मौतें हो रही हैं। मैं विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाता रहा हूं और कार्रवाई की मांग करता रहा हूं।'' उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर कठोर कार्रवाई करे।सरकार के अनुसार, 20 से अधिक लोगों को को कल्लाकुरिचि मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है जिन्होंने उल्टी आने और पेटदर्द होने की शिकायत की थी। सरकार के मुताबिक पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की जांच के आधार पर संदेह है कि उन्होंने अवैध शराब (ताड़ी) पी होगी। उनमें जी प्रवीण कुमार (26), डी सुरेश(40), के शेकर (59) और दो अन्य की जान चली गयी। शव अंत्यपरीक्षण के लिए भेजे गये हैं और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह का पता चल सकेगा। विल्लुपुरम, तिरुवनमलाई और सलेम से जरूरी दवाइयां और सरकारी डॉक्टरों के विशेष दलों को इलाज में मदद के लिए कल्लाकुरिचि भेजा गया है । स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी इस काम में लगाया गया है। कम से कम 18 लोगों को विशेष उपचार के लिए पुडुचेरी जिपमर अस्पताल और छह अन्य को सलेम सरकारी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गयी । कल्लाकुरिची सरकारी अस्पताल में 12 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। स्टालिन ने प्रभावित परिवारों को सभी सहायता प्रदान करने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों --ई वी वेलु और मा सुब्रमण्यम को कल्लाकुरिची भेजा। एम एस प्रशांत और रजत चतुर्वेदी को क्रमश: कल्लाकुरिची जिले के नए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने जनहानि पर दुख व्यक्त किया और "गंभीर चिंता" व्यक्त की।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश में फॉरेंसिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर 2,254.43 करोड़ रुपये की योजना से न केवल श्रमबल का प्रशिक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि न्याय मुहैया कराने में तेजी आएगी। शाह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में देश भर में सिलसिलेवार अत्याधुनिक फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) परिसर खोलकर भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘2,254.43 करोड़ रुपये की यह परियोजना न केवल फॉरेंसिक विज्ञान में श्रमबल का प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगी, बल्कि सभी को त्वरित और त्रुटिहीन न्याय प्रदान करने में भी मदद करेगी। हमारी सरकार समावेशी विकास और न्याय प्रदान करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है, ताकि कोई भी पीछे न छूटे।'' प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024-25 से 2028-29 की अवधि के दौरान 2254.43 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ केंद्रीय योजना ‘नेशनल फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर एन्हांसमेंट स्कीम' (एनएफआईईएस) के लिए गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत फॉरेंसिक परिसर और प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी तथा अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
- चंडीगढ़,। हरियाणा के कैथल में अंतर-जातीय विवाह को लेकर अपनी बहन की हत्या करने के आरोप में 17 वर्षीय एक किशोर को बुधवार को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, घटना पीड़िता कोमल रानी के ससुराल में हुई।महिला के ससुर ने पत्रकारों को बताया कि कोमल रानी और उनके बेटे अनिल कुमार की फरवरी में शादी हुई थी। इसके बाद से उन्हें उसके परिवार से धमकियां मिल रही हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इस बात से नाराज था कि रानी ने अंतर-जातीय शादी की थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी अपनी बहन के घर गया और गोली चला दी, जिससे रानी की मौके पर ही मौत हो गई।उसने बताया कि रानी की सास और ननद को गंभीर चोटें आईं हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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श्रावस्ती (उप्र)। श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर क्षेत्र में राप्ती नदी के मधवापुर घाट पर बुधवार दोपहर विद्युत आपूर्ति में आई खराबी ठीक करने के बाद राप्ती नदी में नहाने गए दो विद्युतकर्मियों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मल्हीपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव के निवासी कुछ युवक बिजली विभाग के एक ठेकेदार के साथ निजी तौर पर लाइनमैन का काम करते हैं। बुधवार को उनमें से छह लाइनमैन विद्युत तार की मरम्मत करने गए थे। दोपहर को गर्मी अधिक होने के कारण काम से लौटते समय सभी राप्ती नदी के मधवापुर घाट पर नहाने गए। नहाते समय अचानक वे डूबने लगे। उन्होंने बताया कि शोर सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने डूब रहे युवकों कुलदीप, गोलू, देवीदीन व संदीप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय गोताखोरों के सहयोग से संगमलाल (22) व मनोहर लाल (21) के शवों को नदी से खोज कर बाहर निकलवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों शवों को श्रावस्ती जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि संदीप नामक एक लाइनमैन को बेहतर इलाज के लिए बहराइच मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। (सांकेतिक फोटो)
- अहमदाबाद।' गुजरात सरकार ने शिक्षक योग्यता परीक्षा (टीएटी) उत्तीर्ण कर चुके 7,500 अध्यापकों को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक सरकारी एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में स्थायी शिक्षक के रूप में भर्ती करने का निर्णय लिया है। इससे पहले, पात्र उम्मीदवारों ने प्रदर्शन किया था।सरकार के प्रवक्ता और मंत्री ऋषिकेश पटेल ने शिक्षक भर्ती से संबंधित निर्णय की बुधवार को घोषणा की, जिसका लक्ष्य अगले तीन महीने में रिक्तियों को भरना है। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के लिए टीएटी उत्तीर्ण करना जरूरी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अगुवाई में राज्य मंत्रिपरिषद ने यह निर्णय लिया। पटेल ने कहा, ‘‘अगले तीन महीनों में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में 7,500 शिक्षकों की स्थायी भर्ती की जाएगी।'
- नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने धनशोधन के आरोप में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसकी कंपनी ने कथित तौर पर 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी बेची है। मणिदीप मागो को धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत हिरासत में लेने के बाद मंगलवार को दिल्ली की एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अदालत ने उसे 23 जून तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।ईडी ने कहा कि उसने शुरू में कंपनी के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत मामला दर्ज किया था और इस जानकारी के आधार पर उसके परिसर में छापा मारा कि दिल्ली स्थित एक कंपनी ने 1,858 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की क्रिप्टो करेंसी बेची हैं। शुरुआती जांच में पता चला कि कंपनी और उससे जुड़ी इकाइयों ने 3,500 करोड़ रुपये से अधिक का विदेशी धन भेजा गया।
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नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय ने पटना में नीट-यूजी परीक्षा, 2024 के आयोजन में कथित अनियमितताओं पर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि ग्रेस मार्क्स से संबंधित मुद्दे को पहले ही पूरी तरह से निपटाया जा चुका है। मंत्रालय ने कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति/संगठन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस महीने की शुरुआत में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया था कि नीट-यूजी 2024 के 1563 उम्मीदवारों के अंक, जिन्हें परीक्षा में बैठने के दौरान हुए समय के नुकसान की भरपाई के एवज में ग्रेस मार्क्स मिले थे, रद्द कर दिए जाएंगे और उन छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए एक मौका और दिया जाएगा। -
नई दिल्ली। सरकार ने इस जून 2024 यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा बाद में नए सिरे से आयोजित की जाएगी जिसकी जानकारी अलग से दी जाएगी।भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र द्वारा दी गई जानकारी के बाद यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द की गई है क्योंकि परीक्षा की सत्यनिष्ठा से समझौता नहीं हो सकता। यह मामला गहन जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपा जा रहा है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 18 जून को देश के विभिन्न शहरों में दो पालियों में यूजीसी-नेट परीक्षा आयोजित की थी। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की राष्ट्रीय साइबर अपराध विश्लेषण इकाई को कल परीक्षा में गड़बड़ी की कुछ जानकारी मिली थी जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह केंद्र शासित प्रदेश में 1500 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 84 प्रमुख विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। श्री मोदी आज श्रीनगर में “इम्पावरिंग यूथ, ट्रांसफॉर्मिंग जम्मू-कश्मीर” कार्यक्रम में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री दो हजार से अधिक लोगों को सरकारी सेवा के लिए नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। वह 1800 करोड़ रुपये की कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता सुधार परियोजना का भी शुभारंभ करेंगे। श्री मोदी कल श्रीनगर में दसवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेंगे और इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करेंगे। -
तीन से चार दिन के अंदर छत्तीसगढ़ में मानसून
नयी दिल्ली. भारत में एक जून से मानसून अवधि की शुरुआत के बाद से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून आने की स्थिति बन रही हैं। मौसम विभाग ने बताया कि भारत में एक से 18 जून के बीच 64.5 मिमी बारिश हुई, जो लंबी अवधि के 80.6 मिमी के औसत (एलपीए) से 20 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग ने बताया कि एक जून से अब तक उत्तर-पश्चिम भारत में 10.2 मिमी बारिश (सामान्य से 70 प्रतिशत कम), मध्य भारत में 50.5 मिमी (सामान्य से 31 प्रतिशत कम), दक्षिण प्रायद्वीप में 106.6 मिमी (सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक) तथा पूर्व एवं उत्तर-पूर्व भारत में 146.7 मिमी (सामान्य से 15 प्रतिशत कम) बारिश हुई। दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 मई को निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में पहुंच गया था। इसके बाद 26 मई को चक्रवात रेमल के साथ ही मानसून दक्षिण के अधिकांश हिस्सों और बंगाल की खाड़ी के मध्य के कुछ हिस्सों तक पहुंचा था। केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य से क्रमशः दो और छह दिन पहले 30 मई को मानसून ने दस्तक दे दी थी। केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सभी हिस्सों, दक्षिणी महाराष्ट्र के अधिकतर क्षेत्रों, दक्षिणी छत्तीसगढ़, दक्षिणी ओडिशा के कुछ भागों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के अधिकतर हिस्सों, सिक्किम और सभी पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश हिस्सों में 12 जून तक मानसून दस्तक दे चुका था। आईएमडी ने कहा, ‘‘उपरोक्त क्षेत्रों तक पहुंचने के बाद मानसून आगे नहीं बढ़ा...।''
आईएमडी ने बताया कि देश के 11 मौसम उप-प्रभागों में एक से 18 जून के बीच सामान्य से लेकर बहुत अधिक बारिश हुई है, जबकि 25 उप-प्रभागों में बहुत कम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, देश भर में जून में औसत बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है। -
भदोही (उप्र) जिले में बारात के दौरान दो अज्ञात लोगों ने दूल्हे पर कथित रूप से तेजाब फेंक दिया जिससे दूल्हे के अलावा दो बच्चे भी गंभीर रूप से झुलस गये। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक तेजवीर सिंह ने बताया कि शहर कोतवाली स्थित मोढ़ पुलिस चौकी इलाके से सुदामा गौतम (24) की बारात मंगलवार रात जिले के सुरयावा इलाके के तुलापुर बहादुरान गांव में सभाजीत गौतम के यहां गई थी। बारात में बग्गी पर दूल्हे सुदामा के साथ आर.के. बौद्ध (पांच) और जे.के. बौद्ध (आठ) भी बैठे थे।
उन्होंने बताया कि एक मोटरसाइकिल से आये दो युवक बग्गी पर चढ़े और दूल्हे पर तेजाब फेंक दिया। सिंह ने बताया कि घटना में दूल्हा और उसके पास बैठे दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गये। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तीनों को आधी रात को ही वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां से बुधवार दोपहर सभी को वाराणसी में ही दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। -
राजगीर (बिहार) .प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल प्राचीन नालंदा के खंडहरों का बुधवार को दौरा किया। प्राचीन नालंदा के खंडहरों में मठ और शिक्षण संस्थान के पुरातात्विक अवशेष शामिल हैं। इसमें स्तूप, मंदिर, विहार (आवासीय और शैक्षणिक भवन) तथा प्लास्टर, पत्थर और धातु से बनी महत्वपूर्ण कलाकृतियां शामिल हैं। नालंदा भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय है। प्रधानमंत्री आज यहां नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री के नालंदा दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना सर्किल की अधीक्षण पुरातत्वविद् गौतमी भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री को प्राचीन खंडहरों के बारे में जानकारी दी। मोदी ने नालंदा दौरे से पहले सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘ यह हमारे शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत खास दिन है। आज राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन किया जाएगा। नालंदा का हमारे गौरवशाली अतीत से गहरा नाता है। यह विश्वविद्यालय निश्चित रूप से युवाओं की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत मददगार साबित होगा।'' विश्वविद्यालय का नया परिसर नालंदा के प्राचीन खंडहरों के स्थल के करीब है। इस परिसर की स्थापना नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2010 के माध्यम से की गई थी। इस अधिनियम में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 2007 में फिलीपीन में आयोजित दूसरे पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में लिए गए एक निर्णय को लागू करने का प्रावधान किया गया था। नालन्दा विश्वविद्यालय की स्थापना पाँचवीं शताब्दी में हुई थी जिसने दुनिया भर से छात्रों को आकर्षित किया था। विशेषज्ञों के अनुसार, 12वीं शताब्दी में आक्रमणकारियों द्वारा नष्ट किए जाने से पहले यह प्राचीन विश्वविद्यालय 800 वर्षों तक फलता-फूलता रहा। नए विश्वविद्यालय ने 2014 में 14 छात्रों के साथ एक अस्थायी स्थान पर काम करना शुरू किया। विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य 2017 में शुरू हुआ। इस विश्वविद्यालय में भारत के अलावा 17 अन्य देशों.. ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, ब्रुनेई, दारुस्सलाम, कंबोडिया, चीन, इंडोनेशिया, लाओस, मॉरीशस, म्यांमा, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, वियतनाम और थाईलैंड की भागीदारी है। इन देशों ने विश्वविद्यालय के समर्थन में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 137 छात्रवृत्तियाँ प्रदान करता है।
शैक्षणिक वर्ष 2022-24, 2023-25 के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और 2023-27 के पीएचडी पाठ्यक्रम के लिए नामांकित अंतरराष्ट्रीय छात्रों में अर्जेंटीना, बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, घाना, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, लाइबेरिया, म्यांमा, मोजाम्बिक, नेपाल, नाइजीरिया, कांगो गणराज्य, दक्षिण सूडान, श्रीलंका, सर्बिया, सिएरा लियोन, थाईलैंड, तुर्किये, युगांडा, अमेरिका, वियतनाम और जिम्बाब्वे के विद्यार्थी शामिल हैं। विश्वविद्यालय में छह अध्ययन केंद्र हैं जिनमें बौद्ध अध्ययन, दर्शन और तुलनात्मक धर्म स्कूल; ऐतिहासिक अध्ययन स्कूल; पारिस्थितिकी और पर्यावरण अध्ययन स्कूल; और सतत विकास और प्रबंधन स्कूल शामिल हैं।

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