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नयी दिल्ली. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया 21 अक्टूबर यानी सोमवार को ‘ईश्रम -वन स्टॉप सॉल्यूशन' का शुभारंभ करेंगे। सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक स्थान पर हर तरह का समाधान देने की घोषणा की थी। इसके तहत ही यह पहल की गई है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने बयान में कहा कि ‘ईश्रम - वन स्टॉप सॉल्यूशन' असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने में मदद करेगा। विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की 12 योजनाओं को ईश्रम के साथ जोड़ दिया गया है।
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भोपाल. मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में एक मादा चीता जल्द ही शावकों को जन्म देने वाली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि यह 'चीता परियोजना' के लिए एक बड़ी उपलब्धि का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों (पांच मादा और तीन नर) को कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी)में छोड़ने का कार्य किया। यह लगभग आठ दशकों बाद हुआ, जब भारत में चीते शिकार के कारण विलुप्त हो गए थे। यह दुनिया के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण का हिस्सा था। फरवरी 2023 में देश में चीतों को फिर से लाने की भारत सरकार की परियोजना के हिस्से के रूप में दक्षिण अफ्रीका से 12 अन्य चीतों को मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित किया गया। यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "कूनो में खुशियां आने वाली हैं। देश के 'चीता स्टेट' मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता जल्द ही नए शावकों को जन्म देने वाली है।" अधिकारियों के अनुसार, भारत में अब तक 17 शावकों का जन्म हो चुका है, जिनमें से 12 जीवित बचे हैं। इस प्रकार कूनो में शावकों सहित कुल चीतों की संख्या वर्तमान में 24 हो गई है।
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वाराणसी .प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे और यहां आरजे शंकरा नेत्र अस्पताल का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां आरजे शंकरा नेत्र चिकित्सालय में प्रवेश किया जो कांची मठ से संचालित होता है। उन्होंने कांची के शंकराचार्य से मुलाकात की। इसके पहले प्रधानमंत्री ने पूर्व शंकराचार्य की प्रतिमा के समक्ष जाकर दर्शन-पूजन किया जिसके बाद फीता काटकर नेत्र अस्पताल का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने यहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। संस्था से जुड़े लोगों के अनुसार इस नेत्र अस्पताल से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के अलावा बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों के मरीजों को सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। कांची मठ से संचालित यह देश में 14वां अस्पताल है। संस्था के लोगों के अनुसार यहां प्रतिवर्ष 30 हजार मरीजों की आंखों के नि:शुल्क ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले, प्रधानमंत्री यहां लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर पहुंचे और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित गणमान्य लोगों ने उनका स्वागत किया। काशीवासियों ने प्रधानमंत्री मोदी का ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से स्वागत किया। प्रधानमंत्री रविवार को अपने दौरे के दौरान 6,100 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे जिनमें कई हवाई अड्डों से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे के विस्तार, एक नए टर्मिनल भवन के निर्माण और अन्य संबद्ध कार्यों की आधारशिला रखेंगे।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि उसे उर्वरक की खेप आने में देरी के बावजूद रबी सत्र 2024-25 में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन होने का भरोसा है। इस उम्मीद की वजह अनुकूल मृदा नमी की स्थिति और जलाशयों में पर्याप्त जल स्तर का होना बताया गया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भू-राजनीतिक तनाव के कारण आयात खेप में देरी के बावजूद यूरिया और डाय अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) जैसे प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। चौहान ने कहा, ‘‘आयात खेप में देरी हो रही है... हालांकि, उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। हमने व्यवस्था की हुई है और रबी सत्र के लिए पर्याप्त आपूर्ति है।'' मंत्रालय ने रबी सत्र 2024-25 के लिए 164.55 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें 115 लाख टन गेहूं और 18.15 लाख टन दालें शामिल हैं। रबी (सर्दियों) की फसलों की बुवाई शुरू हो गई है और दिवाली के बाद इसमें तेजी आएगी।
उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा ने कहा कि लाल सागर मार्ग बाधित होने के बाद भारत मोरक्को से दक्षिण अफ्रीका के रास्ते डीएपी शिपमेंट का मार्ग बदल रहा है, जिससे पश्चिमी बंदरगाहों तक आपूर्ति के समय में 21 दिन का इजाफा हो गया है। मिश्रा ने कहा कि भारत रबी सत्र के लिए अपनी 55 लाख टन डीएपी मांग का लगभग 60 प्रतिशत रूस, मोरक्को, सऊदी अरब और चीन से आयात करता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक हिमांशु पाठक ने आगामी सत्र को लेकर आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘जलाशयों में जल स्तर, आईएमडी के पूर्वानुमान और मिट्टी की नमी को देखते हुए, इस साल रबी सत्र में रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद है।'' पाठक ने जलवायु-अनुकूल और जैव-फोर्टिफाइड बीजों को अपनाने की वकालत की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले साल लगभग 70 प्रतिशत गेहूं की खेती में ऐसी किस्मों का उपयोग किया गया था, जिसने बंपर फसल में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने चने की खेती के तहत क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में उत्पादन कम रहा, जिससे आयात की आवश्यकता पड़ी। अधिकारियों ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में रबी फसलों के तहत औसत क्षेत्र 668 लाख हेक्टेयर था, जिसमें गेहूं का हिस्सा 312 लाख हेक्टेयर था। सरकार ने रोपण को प्रोत्साहित करने के लिए गेहूं और अन्य सर्दियों में बोई जाने वाली फसलों के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की है। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भगीरथ चौधरी के साथ छह राज्य कृषि मंत्रियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने किसान डेटा पंजीकरण सहित डिजिटल पहलों पर भी चर्चा की, जिसमें दो राज्यों में वर्तमान में चल रहे फसल सर्वेक्षण अगले साल पूरे देश में लागू होने वाले हैं। - नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार इरा झा का राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शुक्रवार को निधन हो गया। यह जानकारी उनके नजदीकी सूत्रों ने दी। उनके परिवार में पति अनन्त मित्तल और बेटा ईशान मित्तल और पुत्रबधू हैं। सूत्रों ने बताया कि इरा झा 62 वर्ष की थीं और पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं।उन्हें पहले राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और तबियत बिगड़ने पर उन्हें गुरुवार को एम्स में स्थानांतरित कराया गया, जहां आज दोपहर में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इरा झा छत्तीसगढ़ के जिला बस्तर जिले से निकलकर पत्रकारिता के लिए दिल्ली आयी थीं। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित अखबरों में काम किया। उन्होंने पत्रकारिता के अपने लंबे कार्यकाल में नक्सलवाद से जुड़े मुद्दों पर भी काम किया। महिला प्रेस क्लब की सक्रिय सदस्य थीं और महिला पत्रकारों के हितों के प्रति सक्रिय थीं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि कार्य-आधारित भुगतान पर काम करने वाले ‘गिग' कामगारों को पेंशन और स्वास्थ्य सेवा जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभ देने की नीति प्रक्रियाधीन है। मांडविया ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि नीति आयोग ने देश में गिग गतिविधियों और ऑनलाइन मंचों से जुड़े 65 लाख कामगार होने का अनुमान लगाया है। लेकिन इस खंड में हो रही तीव्र वृद्धि को देखते हुए यह संख्या दो करोड़ से अधिक हो जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सेवा क्षेत्र उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए ऑनलाइन माध्यम की तरफ तेजी से रुख कर रहा है और अपने परिचालन का विस्तार कर रहा है। इसे देखते हुए सरकार गिग और ऑनलाइन मंचों से जुड़े कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा संहिता को तैयार करने में लगी है। श्रम मंत्री ने कहा, ‘‘हम संहिता के कार्यान्वयन तक गिग कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं कर सकते। हमें उससे पहले एक नीति लानी होगी।'' उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय जल्द से जल्द यह नीति लाना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अगले बजट से पहले बहुत कुछ करना चाहता हूं।'' इससे पहले मांडविया ने गिग और ऑनलाइन मंचों से जुड़े कामगारों के विभिन्न संगठनों एवं समूहों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। इसमें उन्होंने बताया कि फिलहाल मंत्रालय नई नीति के जरिये इन कामगारों को सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं या बीमा मुहैया कराने पर काम कर रहा है। मांडविया ने यह भी आश्वासन दिया कि नई नीति पूरे देश में कानूनी रूप से बाध्यकारी होगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभ देने के लिए विशिष्ट पहचान संख्या बनाने जैसे कई सुझाव आए हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय सभी सुझावों पर विचार कर रहा है।
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम को ‘पर्सनल लॉ’ प्रभावित नहीं कर सकते और बचपन में कराए गए विवाह अपनी पसंद का जीवन साथी चुनने का विकल्प छीन लेते हैं। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने देश में बाल विवाह रोकथाम कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई दिशानिर्देश भी जारी किए.। प्रधान न्यायाधीश ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के कानून को ‘पर्सनल लॉ’ के जरिए प्रभावित नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि इस तरह की शादियां नाबालिगों की जीवन साथी चुनने की स्वतंत्र इच्छा का उल्लंघन हैं।
पीठ ने कहा कि अधिकारियों को बाल विवाह की रोकथाम और नाबालिगों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और उल्लंघनकर्ताओं को अंतिम उपाय के रूप में दंडित करना चाहिए । पीठ ने यह भी कहा कि बाल विवाह निषेध कानून में कुछ खामियां हैं.। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 बाल विवाह को रोकने और इसका उन्मूलन सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया था। इस अधिनियम ने 1929 के बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का स्थान लिया। पीठ ने कहा, ‘‘निवारक रणनीति अलग-अलग समुदायों के हिसाब से बनाई जानी चाहिए. यह कानून तभी सफल होगा जब बहु-क्षेत्रीय समन्वय होगा. कानून प्रवर्तन अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की आवश्यकता है। हम इस बात पर जोर देते हैं कि इस मामले में समुदाय आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता है। ’’ -
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने व्यवसायी अमनदीप सिंह ढल की उस याचिका पर सुनवाई 25 अक्टूबर तक के लिए शुक्रवार को स्थगित कर दी जिसमें कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा समय मांगे जाने के बाद मामले की सुनवाई को स्थगित कर दिया।न्यायालय ने 17 सितंबर को ढल की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा था।ढल ने उच्च न्यायालय के चार जून के उस फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है, जिसमें उन्हें मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।सीबीआई ने ढल को इस मामले में पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार किया था।ढल कथित घोटाले से जुड़े उन अलग-अलग मामलों में आरोपी हैं जिनकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।जांच एजेंसियों के अनुसार, ढल ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कथित तौर पर साजिश रची और वह आबकारी नीति तैयार करने तथा आम आदमी पार्टी (आप) को रिश्वत देने एवं विभिन्न माध्यमों से ‘साउथ ग्रुप’ द्वारा इसकी पुनर्प्राप्ति में ‘‘सक्रिय रूप से’’ शामिल थे।सीबीआई और ईडी के अनुसार, आबकारी नीति में संशोधन के दौरान अनियमितताएं की गईं और लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की थी और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया था। -
नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए आयकर नियमों में संशोधन किए हैं। इनका उद्देश्य स्रोत पर कर-संग्रह और करों की कटौती के लिए क्रेडिट दावा प्रक्रिया को सरल बनाना है। इसमें नाबालिगों के माता-पिता के लिए स्रोत पर कर-संग्रह क्रेडिट का दावा करना भी शामिल है। वेतनभोगी कर्मचारियों के मामले में, कर कटौती के उद्देश्य से स्रोत पर कर-संग्रह अथवा कर कटौती को शामिल किया गया है। संशोधन के अनुसार, स्रोत पर संग्रहित कर का लाभ नाबालिग के माता-पिता को दिया जा सकेगा।
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नयी दिल्ली. केंद्र ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित एक करोड़ रुपये से कम मूल्य की शत्रु संपत्ति और शहरी क्षेत्रों में स्थित पांच करोड़ रुपये से कम मूल्य की शत्रु संपत्ति के निस्तारण के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन किया है। पाकिस्तान और चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों द्वारा छोड़ी गई संपत्ति - ज्यादातर 1947 और 1962 के बीच - शत्रु संपत्ति कहलाती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में एक करोड़ रुपये से कम और शहरी क्षेत्र में पांच करोड़ रुपये से कम मूल्य की शत्रु संपत्ति का निस्तारण करते समय संरक्षक को पहले अधिभोगी को खरीद का प्रस्ताव देना होगा और यदि वह खरीद के प्रस्ताव को अस्वीकार कर देता है तो शत्रु संपत्ति का निस्तारण पहले से निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाएगा, अर्थात निविदा आमंत्रित करके या सार्वजनिक कार्रवाई करके। गृह मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘ग्रामीण क्षेत्र' का तात्पर्य राज्य के किसी भी क्षेत्र से है, सिवाय उन क्षेत्रों के जो किसी शहरी स्थानीय निकाय या छावनी बोर्ड के अंतर्गत आते हैं। इसी प्रकार, ‘शहरी क्षेत्र' से तात्पर्य किसी नगर निगम या नगर पालिका की सीमा के भीतर के किसी क्षेत्र से है, अथवा केन्द्रीय सरकार जनसंख्या, उद्योगों के संकेन्द्रण, क्षेत्र की समुचित योजना की आवश्यकता तथा अन्य प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा शहरी क्षेत्र घोषित कर सकती है। सरकार ने शत्रु संपत्तियों को भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक, जो कि केन्द्र सरकार के अधीन स्थापित एक कार्यालय है, को सौंप दिया है। शत्रु संपत्ति अधिनियम 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद, 1968 में लागू किया गया, जो ऐसी संपत्तियों को विनियमित करता है और संरक्षक की शक्तियों को सूचीबद्ध करता है। अधिकारियों ने बताया कि देश में कुल 12,611 प्रतिष्ठान शत्रु संपत्ति कहलाते हैं, जिनकी अनुमानित कीमत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
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नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने रेल यात्रा के लिए अग्रिम आरक्षण अवधि को मौजूदा 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया है, तथा लंबे समय पहले आरक्षण कराने पर रद्दीकरण की उच्च दर और बर्थ खाली रहने का हवाला देते हुए अपने निर्णय को उचित ठहराया है। बोर्ड ने 2015 में अग्रिम आरक्षण अवधि को 60 दिन से बढ़ाकर 120 दिन करने का निर्णय लिया था लेकिन बृहस्पतिवार को उसने फैसले को बदल दिया। नयी अवधि एक नवंबर से प्रभाव में आएगी। रेलवे बोर्ड के एक वक्तव्य के अनुसार, ‘‘रेलवे की अग्रिम आरक्षण अवधि में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। अग्रिम आरक्षण अवधि 30 दिन से लेकर 120 दिन तक रही है। विभिन्न अवधियों के अनुभव के आधार पर, यात्रियों की दृष्टि से 60 दिन की अग्रिम आरक्षण अवधि को इष्टतम अवधि माना गया है।'' बोर्ड ने एक तालिका प्रस्तुत करते हुए यह भी बताया कि अप्रैल 1981 से लेकर एक अप्रैल 2015 तक 12 बार अग्रिम आरक्षण अवधि को 120 दिन तथा 30 दिन के बीच बढ़ाने या घटाने के फैसले लिए गए। बोर्ड ने 60 दिन की आरक्षण अवधि का लाभ गिनाते हुए कहा कि किसी यात्रा की योजना के लिहाज से 120 दिन की अवधि बहुत लंबी है जिसकी वजह से बड़ी संख्या में रद्दीकरण होते हैं और यात्रियों के नहीं आने से सीट या बर्थ खाली रह जाती हैं।
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चंडीगढ़. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राष्ट्रीय उन्नति को आगे बढ़ाने तथा गरीबों एवं वंचितों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद की। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमने सुशासन के पहलुओं और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की। हमारा गठबंधन राष्ट्रीय उन्नति को आगे बढ़ाने और गरीबों तथा वंचितों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।'' वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह और जे पी नड्डा इस बैठक में शामिल थे। राजग हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली जीत के सिलसिले को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों में भी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
- नयी दिल्ली. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रवीण वशिष्ठ को गृह मंत्रालय में नया विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गयी है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1991 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी वशिष्ठ अभी गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में काम कर रहे हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने ‘‘एक विशेष मामले'' के तौर पर अतिरिक्त सचिव के रूप में वशिष्ठ के कार्यकाल में कटौती को मंजूरी दे दी और उन्हें गृह मंत्रालय में 31 दिसंबर 2024 तक के लिए विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया है। इसमें कहा गया है कि वह निवर्तमान विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) शिवागामी सुंदरी नंदा के 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त होने के बाद विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) का प्रभार संभालेंगे। वशिष्ठ का कार्यकाल 31 जुलाई 2026 तक का होगा। गृह मंत्रालय का अहम आंतरिक सुरक्षा विभाग पुलिस, कानून-व्यवस्था, खुफिया ब्यूरो (आईबी) से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय मामलों से निपटने के अलावा आतंकवादियों तथा माओवादियों से पैदा होने वाले खतरों का आकलन करता है।
- पुरी (ओडिशा) .कार्तिक माह के अवसर पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने बुधवार को 18 अक्टूबर से मंदिर में प्रवेश पर कुछ पाबंदी लगाने की घोषणा की। उस दिन से भक्तों को केवल सिंह द्वार और पश्चिमी द्वार से ही प्रवेश की अनुमति होगी। वर्तमान में, भक्त मंदिर के सभी चार द्वारों से मंदिर में प्रवेश करते हैं। यह प्रतिबंध मंदिर के सेवादारों और उनके परिवार के सदस्यों पर लागू नहीं होगा। मंदिर प्रशासन ने सभी से इन नियमों का पालन करने का आग्रह किया है ताकि दर्शन सुचारु और व्यवस्थित हो सके। पुलिस ने कार्तिक महीने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। इस महीने के लिए शहर में पुलिस बल की 20 प्लाटून (एक प्लाटून में 30 जवान होते हैं) तैनात की गई हैं।
- जयपुर. राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार देर रात एक ट्रक ने ओवरटेक करते समय एक कार को टक्कर मार दी, जिससे तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान सीकर के लक्ष्मणगढ के रहने वाले अनीश (22), विकास (25) और धीरज (26) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये और मामले की जांच की जा रही है।
- भोपाल. मध्यप्रदेश के दतिया शहर में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सरकारी जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में पहली बार 'पिंक अलार्म' लगाए गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या की घटना के बाद हाल ही में सरकारी अस्पतालों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा सामने उठाया गया था। राज्य के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अलार्म सिस्टम जिला कलेक्टर संदीप माकिन की पहल पर लगाया गया है। उन्होंने कहा, "यह राज्य का पहला सरकारी अस्पताल है, जहां यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अधिकारी ने बताया कि अलार्म दबाने पर सायरन बजेगा और पांच मिनट के अंदर सुरक्षाकर्मी मुसीबत में फंसे व्यक्ति तक पहुंच जाएंगे। सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षक डॉ. के सी राठौर ने बताया कि प्रसूति वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और नए ओपीडी ब्लॉक की तीनों मंजिलों पर स्टाफ ड्यूटी रूम में अलार्म लगाए गए हैं।
- गुवाहाटी. असम में एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में तितलियों की 446 से अधिक प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जिसके बाद यह अरुणाचल प्रदेश के नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान के बाद देश में तितलियों का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। केएनपी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। काजीरंगा के वैज्ञानिक डॉ. मानसून ज्योति गोगोई ने वर्षों के दीर्घकालिक अवलोकन और रिकॉर्ड के आधार पर ये आंकड़े तैयार किए हैं। सर्वेक्षण विशेष रूप से पनबाड़ी आरक्षित वनक्षेत्र समेत काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग के विभिन्न भागों में किया गया था, जो तितलियों की विभिन्न प्रजातियों का केंद्र है। तितलियों पर लिखी गोगोई की एक नयी सचित्र मार्गदर्शिका में काजीरंगा में दर्ज तितलियों की 446 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है, जिनमें से 18 देश में नयी हैं। नयी प्रजातियों में बर्मीज थ्रीरिंग, ग्लासी सेरुलीन, डार्क-बॉर्डर हेज ब्लू, अंडमान येलो बैंडेड फ्लैट, फेरार सेरुलीन, ग्रेट रेड-वेन लांसर, पीकॉक ओकब्लू, सिंगल्ड-लाइन्ड फ्लैश, येलो-टेल्ड ऑलकिंग, व्हाइट पाम बॉब, डार्क-डस्टेड पाम डार्ट, क्लैवेट बैंडेड डेमन, पेल-मार्क्ड ऐस, येलो ओनिक्स, लॉन्ग-विंग्ड हेज ब्लू, एस एसपी, हिल एस और ड्वार्फ बैंडेड डेमन शामिल हैं। गोगोई 2007 से इस क्षेत्र में तितलियों पर अध्ययन कर रहे हैं।गोगोई ने कहा कि नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान के बाद अब काजीरंगा तितली की प्रजातियों का देश का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि काजीरंगा क्षेत्र हिमालय और पटकाई पर्वत श्रृंखलाओं से भी आगे है। इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने गोगोई को बधाई दी।सीएमओ ने पोस्ट किया, "काजीरंगा के एक युवा वैज्ञानिक डॉ. मानसून ज्योति गोगोई ने तितली की 446 से अधिक प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया है, जो नमदाफा के बाद देश में तितलियों का दूसरा बड़ा केंद्र है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने डॉ. गोगोई को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
- नयी दिल्ली। जलवायु और अधिक गर्म हो गई है और लोग स्थान बदलने के लिए मजबूर हैं, ऐसे में सूखा विस्थापन की मुख्य वजह बन सकता है और उम्मीद है कि शहरों की आबादी और बढ़ जाएगी। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है जिसमें 72 देशों में 50 साल के दौरान हुए आंतरिक विस्थापन की प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया गया है। यद्यपि देश के भीतर के विस्थापन या सीमा पार के पलायन को पारंपरिक रूप से आर्थिक या संघर्ष से संबंधित परिणाम के रूप में देखा जाता रहा है लेकिन हाल के वर्षों में लोगों के विस्थापन के लिहाज से पर्यावरणीय कारक अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि जैसे-जैसे सूखे के हालात बढ़ते हैं और क्षेत्र अधिक शुष्क होते जाते हैं, लोगों की आवाजाही तेज होती जाती है, जिससे अक्सर शहरी क्षेत्रों की ओर विस्थापन होता है। शहरों में अवसर कम हो सकते हैं लेकिन उन्हें अधिक स्थिर माना जाता है। इटली के बोकोनी विश्वविद्यालय में ‘ग्रीन रिसर्च सेंटर' के निदेशक और लेखक मार्को पेरकोको ने कहा, ‘‘जब लंबे समय तक सूखा जैसे पर्यावरणीय दबावों का सामना करना पड़ता है, तो कई लोग विस्थापन को अपना सबसे कम बुरा विकल्प मानते हैं।'' जनगणना आधारित आंकड़ों का उपयोग करते हुए शोधकर्ताओं ने 1960 और 2016 के बीच 72 देशों में 1,07,840 लोगों के विस्थापन का विश्लेषण किया। ‘नेचर क्लाइमेट चेंज' नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में लेखकों ने लिखा है, ‘‘हमने पाया है कि सूखे और शुष्कता में वृद्धि का आंतरिक विस्थापन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से दक्षिणी यूरोप, दक्षिण एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया तथा दक्षिण अमेरिका के अति-शुष्क और शुष्क क्षेत्रों में।'' ग्रामीण क्षेत्र, विशेष रूप से कृषि पर निर्भर क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन के कारण सबसे अधिक प्रभावित पाए गए। शोधकर्ताओं ने कहा कि इन क्षेत्रों के समुदायों को भीषण होती सूखे की स्थिति के प्रभावों से जूझने की सबसे अधिक संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कृषि आय का मुख्य स्रोत है वहां मिट्टी का सूखना और पानी की घटती आपूर्ति सीधे तौर पर आजीविका के साधन खत्म होने का कारण बनती है, जिससे लोग शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन करते हैं। लेखकों ने जलवायु-प्रेरित विस्थापन के मूल कारणों पर ध्यान देने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया, जिसमें शहरी क्षेत्रों में सहायता प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रणनीतियों को अपनाना शामिल है। उन्होंने उन नीतियों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला जो ग्रामीण समुदायों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने में मदद करें जिससे विस्थापन की जरूरत संभवत: कम हो जाएगी।
- नयी दिल्ली. केंद्र ने अपने सभी विभागों से पेंशनभोगियों की शिकायतों का 21 दिनों के भीतर निवारण करने का प्रयास करने को कहा है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शिकायतों के निवारण में अधिक समय लगता है, वहां अंतरिम जवाब दिया जा सकता है। केंद्र सरकार ने अपने पेंशनभोगियों की शिकायत निवारण प्रणाली, यानी केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीईएनजीआरएएमएस), पोर्टल की समीक्षा के बाद व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि दिशानिर्देशों में शिकायतों के शीघ्र और कुशल निवारण की परिकल्पना की गई है। केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की शिकायतों से निपटने के लिए व्यापक दिशा-निर्देशों में से एक मुख्य अंश के मुताबिक, “मंत्रालयों/विभागों को पेंशनभोगियों की शिकायतों का 21 दिनों के भीतर निवारण करने का प्रयास करना चाहिए। जिन मामलों में शिकायतों के निवारण में अधिक समय लगता है, वहां पोर्टल पर अंतरिम उत्तर दिया जा सकता है।” इसमें कहा गया है कि शिकायत का निवारण ‘संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण' के तहत किया जाएगा।बयान में कहा गया है कि किसी भी मामले में शिकायत को यह कहकर बंद नहीं किया जाएगा कि “यह इस कार्यालय से संबंधित नहीं है”। इसमें कहा गया है कि शिकायत को उसके निर्णायक निवारण के बिना बंद नहीं किया जाएगा और शिकायत को बंद करते समय कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) को सहायक सूचना और दस्तावेज के साथ भरा जाना चाहिए। बयान में कहा, “मंत्रालय/विभाग पोर्टल पर लंबित पेंशन संबंधी शिकायतों की मासिक समीक्षा करेंगे ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित किया जा सके।” इसमें कहा गया है कि नोडल लोक शिकायत अधिकारियों को शिकायतों की प्रवृत्ति का विश्लेषण करने तथा शिकायतों की घटनाओं की जांच के लिए मूल कारण विश्लेषण करने के लिए कहा गया है। दिशानिर्देशों के अनुसार, आवेदक अपनी शिकायत के निवारण के विरुद्ध शिकायत बंद होने के 30 दिनों के भीतर अपील दायर कर सकता है और अपीलीय प्राधिकारी द्वारा 30 दिनों के भीतर उसका निपटारा किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि यदि कोई प्रासंगिक दस्तावेज हों तो उन्हें संलग्न करते हुए एक आदेश पारित किया जाएगा।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) में तीन प्रतिशत की वृद्धि की बुधवार को घोषणा की। यह एक जुलाई, 2024 से प्रभावी होगी। इससे दिवाली त्योहार से पहले एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
मंत्रिमंडल ने दिवाली से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में उनके मूल वेतन/पेंशन पर तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने ने बताया कि डीए/डीआर बढ़ोतरी एक जुलाई, 2024 से प्रभावी होगी।इससे पहले मार्च में सरकार ने एक जनवरी, 2024 से डीए/डीआर को चार प्रतिशत अंक बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। मंत्री ने कहा कि डीए बढ़ोतरी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-औद्योगिक श्रमिकों के 12 महीने के औसत पर आधारित है। उन्होंने बताया कि डीए/डीआर में वृद्धि से सरकारी खजाने पर 9,448 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह वृद्धि स्वीकृत सूत्र के तहत है जो सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।इससे करीब 49.18 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 64.89 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा। - आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले चार लड़कों ने कक्षा की ही एक लड़की का आपत्तिजनक वीडियो बनाने के बाद ब्लैकमेल कर उससे सात लाख रुपये कथित रूप से ऐंठ लिये। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मदन मोहन गेट थानाक्षेत्र की रहने वाली लड़की एक कारोबारी की बेटी है।उन्होंने बताया कि आरोपी लड़कों ने पीड़िता को वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते थे और लड़की डर के कारण घर से रुपये चोरी कर उन्हें दे रही थी। अधिकारी ने बताया कि लड़की के परिजनों को जब अचानक से रुपये चोरी होने पर शक हुआ तो उन्होंने अपनी बेटी से इस बारे में पूछा, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। मदन मोहन गेट थाना प्रभारी अजब सिंह ने बताया कि मामले की जांच में पाया गया कि पीड़िता और आरोपी लड़के सहपाठी और बच्चे हैं इसलिए उन पर कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है।
- अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मंगलवार देर शाम एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर लगने से बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, घटना जगदीशपुर थानाक्षेत्र के जगदीशपुर-मोहनगंज मार्ग पर नौडाढ़ के निकट हुई।पुलिस ने बताया कि सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों युवकों को जगदीशपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान रानीगंज के रहने वाले राज कुमार (26), अमित कुमार (23) और मोहनगंज के रहने वाले आकाश (25) के रूप में हुई है। जगदीशपुर थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) धीरेन्द्र यादव ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और ट्रक को कब्जे में ले लिया गया।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार पहचान छिपाकर खाद्य व पेय पदार्थों में मिलावट करने और उत्पादों में मानव मल, अखाद्य तथा गंदी चीजें मिलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही नया कानून लाएगी। अधिकारियों ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई मिलावट की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए यहां आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह बात कही। योगी ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कारावास और जुर्माना सुनिश्चित किया जाना चाहिए और ऐसे अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती मानते हुए कार्रवाई की जानी चाहिए। देश के विभिन्न हिस्सों में जूस, दाल और रोटी जैसे खाद्य पदार्थों में मानव मल, अखाद्य, गंदी चीजों की मिलावट की घटनाएं देखी गई हैं। योगी ने कहा कि ऐसी घटनाएं भयावह हैं और आम आदमी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इस तरह के नापाक प्रयासों को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के महत्व को ध्यान में रखते हुए सख्त कानून बनाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे होटल, रेस्तरां, ढाबा, रेहड़ी-पटरी वालों से संबंधित इन गतिविधियों के संबंध में स्पष्ट कानून बनाएं। योगी ने कहा कि ऐसी असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को खाद्य व पेय पदार्थों के विक्रेता और सेवा प्रदाताओं के बारे में आवश्यक जानकारी रखने का अधिकार होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक खाद्य प्रतिष्ठान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी दुकान में कोई भी खाद्य पदार्थ दूषित न हो। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों के रसोईघर और भोजन कक्ष में सतत निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होना चाहिए, जिनकी कम से कम एक महीने की फुटेज जिला प्रशासन द्वारा मांगे जाने पर हर समय उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित एक समारोह में भाग लेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।पीएमओ ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 अक्टूबर को सुबह लगभग 10 बजे विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित एक समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे।" अभिधम्म दिवस असल में बौद्ध भिक्षुओं के लिये तीन महीने की वर्षा वापसी (वर्षावास या वासा की समाप्ति का प्रतीक) है, जिसके दौरान वे एक स्थान पर रहते हैं और प्रार्थना करते हैं। मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान बुद्ध स्वर्ग से पृथ्वी पर वापस आए थे। पीएमओ ने कहा कि चार अन्य भाषाओं के साथ एक शास्त्रीय भाषा के रूप में पाली की हालिया मान्यता, इस वर्ष के अभिधम्म दिवस समारोहों के महत्व को बढ़ाती है क्योंकि अभिधम्म पर भगवान बुद्ध की शिक्षाएं मूल रूप से पाली भाषा में उपलब्ध हैं। पीएमओ ने कहा कि भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय अभिधम्म दिवस समारोह में 14 देशों के शिक्षाविदों और भिक्षुओं तथा भारत भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से बुद्ध धम्म पर युवा विशेषज्ञों की भागीदारी इस समारोह में देखी जाएगी।
- जम्मू-कश्मीर की नई सरकारजम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में अब्दुल्ला और उनके मंत्रियों को शपथ दिलाई।मेंढर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जावेद अहमद राणा, रफियाबाद से जावेद अहमद डार, डीएच पोरा से सकीना इट्टू और नौशेरा से सुरिंदर कुमार चौधरी को भी एलजी सिन्हा ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। छंब विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में जगह दी गई।शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। वहीं, प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, महबूबा मुफ्ती, संजय सिंह, डी राजा सहित INDIA गठबंधन के अन्य नेता यहां मौजूद रहे।





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