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नर्ई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर कल दिल्ली मेट्रो सेवा सुबह 4 बजे शुरू हो जाएगी ताकि लोग गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए कर्तव्य पथ पर आसानी से पहुंच सके। दिल्ली मेट्रो रेल निगम के अनुसार मेट्रो सेवा सुबह 6 बजे तक 30 मिनट के अंतराल पर और इसके बाद नियमित समय पर उपलब्ध रहेगी। गणतंत्र दिवस परेड के लिए निमंत्रण पत्र और ई-टिकट रखने वाले लोगों को मेट्रो स्टेशन पर वैध फोटो पहचान पत्र दिखाने पर कूपन दिया जाएगा। ये कूपन केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन से निकलने के लिए वैध होंगे। यही कूपन इन दोनों मेट्रो स्टेशनों से वापसी के लिए भी मान्य रहेंगे।
डीएमआरसी ने एनक्लोजर 1 से 9 और वी-1 से वी-2 वाले निमंत्रण पत्र या ई-टिकट वाले यात्रियों को उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन से निकलने की सलाह दी है। एनक्लोजर 10 से 24 और वी एन को केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से निकलने का परामर्श दिया गया है। -
नर्ई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन हिन्दी और अंग्रेजी में आकाशवाणी के समूचे राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर शाम 7 बजे से प्रसारित किया जाएगा। दूरदर्शन के सभी चैनलों पर हिंदी और उसके बाद अंग्रेजी में प्रसारित होने के बाद राष्ट्रपति का संबोधन दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा। आकाशवाणी अपने क्षेत्रीय नेटवर्क पर रात साढे नौ बजे से क्षेत्रीय भाषा संस्करण प्रसारित करेगा।
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अमरेली. गुजरात के अमरेली जिले के एक जंगल में चार दिन पहले ट्रेन की चपेट में आकर घायल हुई शेरनी की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस माह जिले में ट्रेन की चपेट में आने से शेरनी की मौत का यह तीसरा मामला है।
अमरेली जिले के राजुला तालुका के डोलिया गांव के पास 20 जनवरी को एक यात्री ट्रेन की चपेट में आने से शेरनी घायल हो गई थी। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसे जूनागढ़ जिले के सक्करबाग चिड़ियाघर में भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान बुधवार को इसकी मौत हो गई।- file photo
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नई दिल्ली । नई दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में श्री राम मंदिर अयोध्या धाम प्राण प्रतिष्ठा पर एक प्रस्ताव पारित किया। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बुधवार को मोदी कैबिनेट की पहली बैठक का नजारा काफी भावुक रहा.। जब मंत्रियों ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया तो पीएम मोदी समेत सभी मंत्री भावुक हो गए।
प्रस्ताव का मूल पाठ निम्नवत हैप्रधानमंत्री जी सबसे पहले हम सभी आपके नेतृत्व के मंत्रिमंडल के सदस्य आपको रामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा पर हार्दिक बधाई देते हैं।भारतीय सभ्यता बीते पांच शताब्दियों से जो स्वप्न देख रही थी, आपने वह सदियों पुराना स्वप्न पूरा किया।प्रधानमंत्री जी, आज की कैबिनेट ऐतिहासिक है।ऐतिहासिक कार्य तो कई बार हुए होंगे, परन्तु जब से यह कैबिनेट व्यवस्था बनी है और यदि ब्रिटिश टाइम से वायसराय की Executive Council का कालखण्ड भी जोड़ लें, तो ऐसा अवसर कभी नहीं आया होगा।क्योंकि 22 जनवरी, 2024 को आपके माध्यम से जो कार्य हुआ है, वह इतिहास में अद्वितीय है।वह इसलिए अद्वितीय है, क्योंकि यह अवसर शताब्दियों बाद आया है। हम कह सकते हैं कि 1947 में इस देश का शरीर स्वतंत्र हुआ था और अब इसमें आत्मा की प्राण-प्रतिष्ठा हुई है। इससे सभी को आत्मिक आनंद की अनुभूति हुई है।आपने अपने उद्बोधन में कहा था कि भगवान राम भारत के प्रभाव भी हैं, और प्रवाह भी हैं, नीति भी हैं और नियति भी हैं।और आज हम राजनैतिक दृष्टि से नहीं, आध्यात्मिक दृष्टि से कह सकते हैं कि भारत के सनातनी प्रवाह और वैश्विक प्रभाव के आधार स्तंभ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नियति ने आपको चुना है।वास्तव में, प्रभु श्रीराम भारत की नियति हैं और नियति के साथ, वास्तविक मिलन अब हुआ है।वास्तविकता में देखें तो कैबिनेट के सदस्यों के लिए यह अवसर जीवन में एक बार का अवसर नहीं, बल्कि अनेकों जन्मों में एक बार का अवसर कहा जा सकता है।हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि देश की सर्वोच्च समिति, कैबिनेट में इस अवसर पर हम सब विद्यमान हैं।प्रधानमंत्री जी, आपने अपने कार्यों से इस राष्ट्र का मनोबल ऊंचा किया है और सांस्कृतिक आत्मविश्वास मजबूत किया है।प्राण-प्रतिष्ठा में जिस तरह का भावनात्मक जन-सैलाब हमने देशभर में देखा, भावनाओं का ऐसा ज्वार हमने पहले कभी नहीं देखा।हालांकि, जन-आंदोलन के रूप में हमने इमरजेंसी के समय भी लोगों के बीच में एकता देखी थी, लेकिन वह एकता तानाशाही के विरुद्ध, एक प्रतिरोधी आंदोलन के रूप में उभरी थी।भगवान राम के लिए जो जन-आंदोलन हमें देखने को मिला, वह एक नए युग का प्रवर्तन है।देशवासियों ने शताब्दियों तक इसकी प्रतीक्षा की और आज भव्य राम मंदिर में भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ एक नए युग का प्रवर्तन हुआ है। आज यह एक नया नरेटिव सेट करने वाला जन-आंदोलन भी बन चुका है।प्रधानमंत्री जी, इतना बड़ा अनुष्ठान तभी संपन्न हो सकता है, जब अनुष्ठान के कारक पर प्रभु की कृपा हो।जैसा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि ‘जा पर कृपा राम की होई। ता पर कृपा करै सब कोई।।’ यानि कि जिस पर स्वयं श्रीराम जी की कृपा हो, उस पर सभी की कृपा होती है।प्रधानमंत्री जी, श्रीराम जन्मभूमि का आंदोलन स्वतंत्र भारत का एकमात्र आंदोलन था, जिसमें पूरे देश के लोग एकजुट हुए थे। इससे करोड़ों भारतीयों की वर्षों की प्रतीक्षा और भावनाएं जुड़ी थीं।आपने 11 दिनों का अनुष्ठान रखा और भारत में भगवान श्रीराम से जुड़े तीर्थों में तपस्या भाव से उपासना करके भारत की राष्ट्रीय एकात्मता को ऊर्जा प्रदान की। इस हेतु हम केवल कैबिनेट सदस्य के नाते ही नहीं, बल्कि एक सामान्य नागरिक के रूप में भी आपका अभिनन्दन करते हैं।माननीय प्रधानमंत्री जी जनता का जितना स्नेह आपको मिला है उसे देखते हुए आप जननायक तो हैं ही, परन्तु अब इस नए युग के प्रवर्तन के बाद, आप नवयुग प्रवर्तक के रूप में भी सामने आए हैं।आपका कोटिशः साधुवाद, और भविष्य के भारत में हम सब आपके नेतृत्व में आगे बढ़ें, हमारा देश आगे बढ़े, इसके लिए आपको ढेर सारी शुभकामनाएं।चूंकि यह मंदिर हजारों सालों के लिए बना है, और आपने अपने संबोधन में कहा है, ‘’22 जनवरी का सूरज एक अद्भुत आभा लेकर आया है। यह कैलेण्डर पर लिखी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक नए कालचक्र का उद्गम है। गुलामी की मानसिकता को तोड़कर उठ खड़ा हो रहा राष्ट्र, अतीत के हर दंश से हौसला लेता हुआ राष्ट्र, ऐसे ही नव इतिहास का सृजन करता है। आज से हजार साल बाद भी लोग आज के इस तारीख को, आज के इस पल को याद करेंगे और चर्चा करेंगे। और यह कितनी बड़ी राम कृपा है कि हम इस पल को जी रहे हैं, इसे साक्षात् घटित होते देख रहे हैं। आज दिन-दिशाएं, दिग-दिगंत... सब दिव्यता से परिपूर्ण हैं। ये समय सामान्य समय नहीं है। ये काल के चक्र पर सर्वकालिक स्याही से अंकित हो रही अमिट स्मृति रेखाएं हैं।’’और इसीलिए आज की इस कैबिनेट को यदि सहस्त्राब्दि की कैबिनेट, यानि कैबिनेट ऑफ मिलेनियम भी कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।इस हेतु हम सब आपका अभिनंदन करते हैं व एक-दूसरे को बधाई देते हैं। -
अयोध्या . अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद मंगलवार को एक वानर गर्भगृह में प्रवेश कर उत्सव मूर्ति तक पहुंच गया । दर्शनार्थियों के बीच यह वानर कौतुहल का विषय बना रहा। मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने इस संबंध में अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगा कि मानो हनुमान जी रामलला के दर्शन को आए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा मंगलवार रात सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर 'श्री राम जन्मभूमि मंदिर में हुई इस कौतुहलपूर्ण घटना का वर्णन' किया गया। ट्रस्ट द्वारा किये गये पोस्ट में कहा गया, ''आज सायंकाल लगभग 5:50 बजे एक बंदर दक्षिणी द्वार से गूढ़ मंडप से होते हुए गर्भगृह में प्रवेश करके उत्सव मूर्ति के पास तक जा पहुंचा। बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने वानर को वहां पहुंचते हुए देखा।'' पोस्ट में आगे कहा गया,‘‘ सुरक्षाकर्मी बंदर की ओर यह सोच कर भागे कि कहीं वह उत्सव मूर्ति को जमीन पर न गिरा दे। परन्तु जैसे ही पुलिसकर्मी बंदर की ओर दौड़े, वैसे ही बंदर शांतभाव से उत्तरी द्वार की ओर चला गया। द्वार बंद होने के कारण वह पूर्व दिशा की ओर बढ़ा और दर्शनार्थियों के बीच में से होता हुआ बिना किसी को कष्ट पहुंचाए पूर्वी द्वार से बाहर निकल गया।'' इस पोस्ट में आगे कहा गया, ''सुरक्षाकर्मी कहते हैं कि ये हमारे लिए ऐसा ही है, मानो स्वयं हनुमान जी रामलला के दर्शन करने आये हों।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में अयोध्या में गत 22 जनवरी को रामलला के बाल रूप के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा की गयी थी। उसके बाद मंगलवार से मंदिर को आम लोगों के दर्शनार्थ खोल दिया गया है, जहां दर्शन करने के लिये भक्तों का लगातार तांता लगा हुए है।
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अयोध्या. अयोध्या में कुबेर टीले के ऊपर स्थापित पौराणिक पक्षी जटायु की 3.5 टन की मूर्ति को बनाने में तीन महीने लगे। इसके लिए दो महीने तक व्यापक शोध किया गया। प्रसिद्ध कलाकार राम सुतार द्वारा बनाई गई यह मूर्ति राम मंदिर परिसर में एक टीले पर आठ फीट के आधार पर भव्य रूप से स्थापित है। सुतार के बेटे अनिल सुतार ने यहां ' बताया, "यह 20 फुट ऊंची है और इसकी लंबाई आठ फुट और चौड़ाई आठ फुट है। इसका वजन 3.5 टन है। यह बहुत खुशी की बात है कि इसे अब अयोध्या में जगह मिल गई है।" मूर्तिकार पिता-पुत्र की जोड़ी 22 जनवरी को राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुई थी।
राम सुतार अगली फरवरी में 99 वर्ष के हो जाएंगे। उन्होंने गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' सहित भारत की कुछ सबसे प्रतिष्ठित मूर्तियां बनाई हैं। अनिल सुतार ने कहा कि उन्होंने नोएडा में अपने स्टूडियो में रामायण के यादगार पात्र जटायु की मूर्ति बनाने में अपने पिता की सहायता की थी तथा वहां से इसे एक ट्रक में अयोध्या लाया गया। उन्होंने बताया, "यह 85 प्रतिशत तांबा, पांच प्रतिशत टिन, इतने ही प्रतिशत जस्ता और सीसा के साथ मिश्रित धातु से बनाई गई है।" रामायण के मुताबिक जटायु को रावण ने तब मार डाला था जब वह देवी सीता को बचाने की कोशिश कर रहा था।
अनिल ने कहा कि प्रतिमा के लिए व्यापक शोध के तहत ग्रंथों में पक्षी का संदर्भ खोजने में दो महीने लगे।
उन्होंने कहा, "हमने गिद्ध की शारीरिक रचना का अध्ययन किया और पहले छोटे मॉडल तैयार किए और आखिरकार पिछले महीने इस काम को अंजाम दिया।" अनिल ने कहा कि अयोध्या भेजे जाने से पहले मूर्तिकला के विभिन्न टुकड़ों को "एक साथ वेल्ड" किया गया था। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने 26 दिसंबर को पत्रकारों को बताया था कि अयोध्या में राम मंदिर परिसर में कुबेर टीला पर जटायु की मूर्ति स्थापित की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अनुष्ठानों में भाग लेने के बाद कुबेर टीले का दौरा किया और वहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। मोदी ने कहा कि जटायु का कर्तव्य भाव ही समर्थ और दिव्य भारत का आधार है। अनिल ने कहा, "जब प्रधानमंत्री ने जटायु की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए तो हमें बहुत अच्छा लगा।"
उन्होंने कहा कि महान अहोम जनरल लाचित बरफुकन की 85 फीट की प्रतिमा भी उनके पिता द्वारा "पूरी" की गई है, और अगले महीने असम में इसका अनावरण होने की उम्मीद है। बरफुकन पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य में एक कमांडर थे और उन्हें 1671 में सरायघाट की लड़ाई में उनके नेतृत्व के लिए जाना जाता है। उन्होंने मुगलों के असम पर कब्जा करने के प्रयास को विफल कर दिया था। 'सरायघाट का युद्ध' गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र के तट पर लड़ा गया था। -
नई दिल्ली। . सरकार ने वर्ष 2030 तक सौ मीट्रिक टन कोयला गैसीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड को, दो कोयला गैसीकरण संयंत्र की स्थापना की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सोनपुर बाजारी क्षेत्र में कोयले से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस बनाने संबंधी परियोजना पर 13 हजार 52 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह कोल इंडिया लिमिटेड और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। श्री जोशी ने बताया कि ओडिसा के झारसुगडा जिले में महानदी कोलफील्डस लिमिटेड में अमोनियम नाइट्रेट बनाने संबंधी परियोजना पर 11 हजार 782 करोड रुपये का निवेश होगा। यह कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। उन्होंने कहा कि 2028-29 तक यह परियोजनाएं चालू हो जाएंगी। सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के जरिए कोयले से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस बनाने संबंधी परियोजना की स्थापना के लिए इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है। कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के जरिए कोयले से अमोनियम नाइट्रेट बनाने संबंधी परियोजना की स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई है।श्री जोशी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने सरकारी उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कोयला तथा लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की संवर्धन योजना को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन के रूप में इस योजना का परिव्यय आठ हजार पांच सौ करोड़ रुपये रखा गया है। -
श्रीनगर। श्रीनगर के बख्शी मैदान सहित समूची कश्मीर घाटी में बुधवार को गणतंत्र दिवस परेड के लिए ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' आयोजित की गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बख्शी मैदान में ही मुख्य समारोह होगा।अधिकारियों ने बताया कि समूची घाटी के जिला मुख्यालयों पर ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' आयोजित की गई।
बख्शी स्टेडियम में मुख्य समारोह के परेड की ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' मंडलायुक्त (कश्मीर) वी.के. बिधूड़ी की देखरेख में हुई और इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) वी.के. बिरदी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि उपायुक्तों ने अपने-अपने जिला मुख्यालयों में ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि रिहर्सल के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और बख्शी स्टेडियम को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया था। मंडलायुक्त बिधूड़ी ने जनता से समारोह में भाग लेने की अपील की और कहा, ‘‘लोगों ने इस समारोह के लिए बहुत मेहनत की है और हम आप सभी से इसमें शामिल होने का अनुरोध करते हैं।'' बिरदी ने रिहर्सल से इतर संवाददताओं से कहा कि श्रीनगर और अन्य जिलों में सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस अन्य बलों के साथ भी समन्वय स्थापित कर रही है। सुरक्षा बल सतर्क और सक्रिय हैं।'' उन्होंने कहा कि यद्यपि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है, लेकिन सुरक्षा बलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि समारोह में आने वाले आम लोगों को कोई असुविधा न हो। यह पूछे जाने पर कि क्या मोबाइल इंटरनेट पर या कोई अन्य प्रतिबंध होगा, घाटी के पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि ऐसे हालात बनेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह 26 जनवरी है, इसलिए सभी को आमंत्रित किया गया है और लोग स्वतंत्र रूप से समारोह में भाग लेने आ सकते हैं।'' समारोहों को बाधित करने की कोशिश कर रहे देश-विरोधी तत्वों के बारे में किसी विशेष जानकारी होने के एक सवाल पर बिरदी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां हमेशा ऐसी स्थितियों की बारीकी से जांच करती रहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर पुलिस ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। -
मुंबई। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के सदस्य फरवरी के पहले हफ्ते में अयोध्या की यात्रा करेंगे और वहां के नव निर्मित राम मंदिर में प्रार्थना करेंगे। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पांच फरवरी को होने की संभावना है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिपरिषद में कुल मंत्रियों की संख्या 29 है जिनमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार शामिल हैं। अयोध्या स्थित मंदिर में श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा गत सोमवार को की गई थी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का नेतृत्व खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। प्राण प्रतिष्ठा के एक दिन बाद भव्य मंदिर के कपाट जनता के लिए खोल दिये गये।
इसके पहले शिंदे ने रविवार को कहा था कि उनकी योजना अपने मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों, राज्य के विधायकों और लोकसभा सांसदों को दर्शन के लिए अयोध्या स्थित राम मंदिर ले जाने की है। उन्होंने कहा था कि इसलिए वह 22 जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होंगे। फडणवीस ने भी संवाददाताओं से कहा था कि वह फरवरी में राम मंदिर में दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे।
- लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को केंद्र सरकार द्वारा ‘भारत रत्न’ दिए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए बसपा संस्थापक काशीराम को भी इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजने की मांग की है।मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किये गये सिलसिलेवार पोस्ट में यह मांग रखी।उन्होंने कहा, ‘देश में खासकर अति-पिछड़ों को उनके संवैधानिक हक के लिए आजीवन कड़ा संघर्ष करके उन्हें सामाजिक न्याय एवं समानता का जीवन दिलाने वाले जननायक श्री कर्पूरी ठाकुर जी को आज उनकी 100 वीं जयंती पर अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।’बसपा प्रमुख ने इसी सिलसिले में एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे देश के ऐसे महान व्यक्तित्व श्री कर्पूरी ठाकुर जी को देर से ही सही, अब भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करने के केन्द्र सरकार के फैसले का स्वागत है।’उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम को भी भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते हुए एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘इसी प्रकार, दलितों एवं अन्य उपेक्षितों को आत्म-सम्मान के साथ जीने एवं उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए बसपा के संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी का योगदान ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय है, जिन्हें करोड़ों लोगों की चाहत अनुसार भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करना जरूरी है।’ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने बिहार के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
- भोपाल । केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबियाई मादा चीता ‘ज्वाला’ ने चार शावकों को जन्म दिया है। पहले तीन शावकों के जन्म की जानकारी दी गयी थी। यादव ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि ज्वाला ने तीन शावकों को जन्म दिया है।केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को एक पोस्ट में कहा, ‘‘वन्यजीवन का अचरज! अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले वन्यजीव योद्धा किसी तरह ज्वाला के करीब पहुंच पाए, उन्होंने पाया कि उसने तीन के बजाय चार शावकों को जन्म दिया है। इसने हमारी खुशी कई गुना बढ़ा दी है। सभी को बधाई!’’उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रार्थना करते हैं कि ये शावक भारत में अपने घर में फले-फूले और समृद्ध हों।’’अधिकारियों के अनुसार, ज्वाला ने 20 जनवरी को इन शावकों को जन्म दिया था। यह 10 महीने के अंतराल के बाद दूसरी बार है जब ज्वाला ने शावकों को जन्म दिया है।ज्वाला (नामीबियाई नाम सियाया) ने पिछले साल मार्च में भी चार शावकों को जन्म दिया था। हालांकि, उनमें से केवल एक शावक ही जीवित बचा।यादव ने तीन जनवरी को नामीबियाई मादा चीता आशा के तीन शावकों के जन्म की सूचना दी थी।इसके साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शावकों की संख्या अब सात हो गयी है जिनमें से छह का जन्म इसी महीने हुआ है।भारत की चीता परियोजना के लिए यह मिला-जुला महीना है जब सात शावकों का जन्म हुआ। नामीबियाई चीता शौर्या की 16 जनवरी को मौत हो गयी थी।मार्च 2023 से लेकर अब तक विभिन्न वजहों से कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में शौर्या समेत सात वयस्क चीतों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही केएनपी में तीन शावकों समेत 10 चीतों की मौत हो चुकी है।केएनपी में मरने वाले सात वयस्क चीतों – तीन मादा और चार नर में साशा, उदय, दक्ष, तेजस, सूरज, धात्री और शौर्या शामिल हैं। पहले छह चीतों की मौत पिछले साल मार्च से अगस्त के दौरान छह महीने में हुई जबकि शौर्या की मौत पिछले सप्ताह हुई।नामीबियाई चीता ज्वाला के चार में से एक शावक की मौत 23 मई 2023 को और दो अन्य की मौत दो दिन बाद हुई थी।अब केएनपी में कुल चीतों की संख्या 21 है जिसमें छह नर, सात मादा और आठ शावक हैं।ज्वाला और आशा वे चीता हैं जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत नामीबिया से भारत लाया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य स्वतंत्र भारत में विलुप्त हुई इस बड़ी मांसाहारी प्रजाति की संख्या में वृद्धि करना है। भारत में सितंबर 2022 को आठ चीतों का पहला समूह और पिछले साल फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों का दूसरा समूह लाया गया था।
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कटक. ओडिशा के पुनर्विकसित कटक रेलवे स्टेशन पर शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और 'बाली जात्रा' की झलक दर्शायी जाएगी। पूर्व तट रेलवे ने यह जानकारी दी। स्टेशन का पुनर्विकास पिछले साल अप्रैल में शुरू हुआ था और यह अगले वर्ष तक पूरा हो जाएगा।
पूर्व तट रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) के मुख्य अभियंता (निर्माण) अजय कुमार सामल ने कहा, " 'बाली जात्रा' शहर की एक समृद्ध प्राचीन परंपरा है और हमने इसे मुख्य स्टेशन की इमारत में प्रमुख स्थान देने का फैसला किया है।'' ओडिशा के लोग पुराने समय में व्यापार के लिए महानदी के किनारे से बाली, जावा, सुमात्रा और श्रीलंका जैसे स्थानों की ओर जाते थे। शहर से जुड़े इस समुद्री इतिहास का जश्न मनाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर एक मेले का आयोजन कर 'बाली जात्रा' आयोजित की जाती है। सामल ने कहा, "एक बड़ी नाव, जिसे स्थानीय रूप से 'बोइता' कहा जाता है, को महानदी में उतारा जाता है और यह परंपरा का प्रतीक है। मुख्य स्टेशन की इमारत इसकी (बाली जात्रा की) झलक को संजोएगी।'' अधिकारी ने कहा, "इसके अलावा, स्टेशन की भीतरी दीवारों जैसे प्रतीक्षालय आदि में स्थानीय आदिवासी पेंटिंग होंगी जो शहर की परंपरा को दर्शाती है।" कटक स्टेशन का पुनर्विकास भारतीय रेलवे की 'अमृत स्टेशन योजना' के तहत किया जा रहा है। - केंद्रपाड़ा. ओडिशा के केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में कई माता-पिता ने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन पैदा हुए अपने बच्चों का नाम राम और सीता रखा है। केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के सरकारी और निजी अस्पतालों में 22 जनवरी को पैदा हुए कम से कम छह शिशुओं का नाम उनके माता-पिता ने भगवान राम और देवी सीता के नाम पर रखा था। शिशुओं में पुत्र और पुत्री दोनों शामिल है। हालांकि ओडिशा में परंपरा और प्रथा है कि जन्म के 21वें दिन पूजा के बाद बच्चे का नाम रखा जाता है लेकिन सोमवार को राम मंदिर 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह से अभिभूत माता-पिता ने नवजात शिशुओं का नाम राम और सीता रख दिया। बेटी को जन्म देनी वाली प्रियंका मलिक (24) ने कहा, "यह सनातन धर्म के सभी अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन हमारे परिवार में एक नए मेहमान के आगमन के कारण हमारी खुशी दोगुनी हो गई।'' केंद्रपाड़ा शहर के एक निजी नर्सिंग होम में सोमवार को एक बेटे को जन्म देने के बाद रेनूबाला राउत (24) बहुत खुश है। रेनूबाला के पति अजय ने कहा, "मैं राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन एक बेटे का पिता बन गया हूं। पुत्र के शुभ दिन पर जन्म लेने से हम बहुत प्रसन्न हैं। हमने अपने बेटे का नाम राम रखने का फैसला किया है।" राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी माता-पिता ने इस दिन जन्मे शिशुओं के नाम राम और सीता रखे हैं।
- गाजियाबाद (उप्र) .दिल्ली मेरठ राजमार्ग पर मोटरसाइकिल से जा रहे एक पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) को ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसआई रविंदर सिंह बालियान दिल्ली-मेरठ राजमार्ग पर मुरादनगर में आईटीएस इंस्टीट्यूट के पास एक पुलिस चौकी के प्रभारी थे। अधिकारियों ने बताया कि वह आधिकारिक काम के लिए जिला अदालत जा रहे थे, पुलिस चौकी से एक किलोमीटर दूर उनकी मोटरसाइकिल को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) विवेक चंद्र यादव ने बताया कि ट्रक का चालक मौके से भाग गया लेकिन उसके सहायक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया गया है। यादव ने कहा, ‘शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।''
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नयी दिल्ली. शुक्रवार को 75वीं गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय टुकड़ियों के साथ कर्तव्य पथ पर मार्च करने वाले फ्रांसीसी दल में छह भारतीय भी शामिल होंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत परेड में मिसाइलों, ड्रोन जैमर, निगरानी प्रणाली, वाहन पर लगे मोर्टार और पैदल सेना के बीएमपी-2 लड़ाकू वाहनों जैसे घरेलू हथियारों और सैन्य उपकरणों की एक श्रृंखला प्रदर्शित करेगा, जो काफी हद तक “महिला केंद्रित” होगी। अधिकारियों ने कहा कि पहली बार सेना के तीनों अंगों की महिलाओं की टुकड़ी देश के सबसे बड़े समारोह का हिस्सा होगी। सेना के दिल्ली क्षेत्र मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल सुमित मेहता ने कहा, “परेड में 80 प्रतिशत गतिविधियां महिलाओं द्वारा की जाएंगी।” फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। वह इस प्रतिष्ठित वार्षिक कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले फ्रांस के छठे नेता बनेंगे। परेड में फ्रांस से 95 सदस्यीय मार्चिंग दस्ता और 33 सदस्यीय बैंड दस्ता हिस्सा लेगा। समारोह में दो राफेल लड़ाकू विमान और फ्रांसीसी वायुसेना से एक एयरबस ए330 मल्टी-रोल टैंकर परिवहन विमान भी शामिल होंगे। फ्रांसीसी विदेशी सेना कोर से संबंधित फ्रांसीसी मार्चिंग दल के कमांडर कैप्टन नोएल लुईस ने कहा, “छह भारतीय फ्रांसीसी टीम का हिस्सा होंगे।” विदेशी सेना कोर फ्रांस की एक विशिष्ट सैन्य कोर है जो कुछ शर्तों के साथ फ्रांसीसी सेना में सेवा करने के लिए विदेशियों के लिए खुली है।
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फरीदाबाद (हरियाणा). फरीदाबाद के कल्याणपुरी इलाके में पिछले डेढ़ साल से एक महिला के साथ ‘लिव इन रिलेशन' में रह रहे 30 वर्षीय एक युवक की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। वहीं, मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मृतक धर्मेंद्र के भाई रविंद्र ने सूचित किया कि उसे पड़ोसियों से घटना की जानकारी मिली और जब वह मौके पर पहुंचा तो धर्मेंद्र का शव जमीन पर पड़ा था और शरीर से कपड़े उतरे हुए थे। रविंद्र ने बताया कि उसके भाई की शादी 2010 में फरीदाबाद की ही रहने वाली निशा से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र एक कंपनी मे काम करता था और डेढ़ साल से एक अन्य महिला के साथ ‘लिव इन रिलेशन' में रह रहा था और उनका एक बेटा भी है। रविंद्र ने धर्मेंद्र की हत्या की आशंका जताई है और पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि धर्मेंद्र के साथ रह रही महिला से पूछताछ की जा रही है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। - नयी दिल्ली. सरकार पर्वतमाला परियोजना के तहत परियोजनाओं की संख्या अगले पांच साल में बढ़ाकर कम-से-कम 400 करने की योजना बना रही है। पर्वतमाला परियोजना या राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम बुनियादी ढांचा विकास का हिस्सा है।सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमने पर्वतमाला परियोजना शुरू की है। यह परियोजना देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमने इसके तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की पहचान की है और ऐसी परियोजनाओं की संख्या 400 या उससे अधिक हो सकती है।'' पिछले साल सरकार ने कहा था कि वह इस कार्यक्रम के तहत पांच साल में 1,200 किलोमीटर से अधिक की लंबाई वाले रापवे के लिए 250 से अधिक परियोजनाएं विकसित करने की योजना बना रही है। सरकार ‘मेक इन इंडिया' पहल के तहत रोपवे उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दे रही है।उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसको देखते हुए देश में एक बहुत अच्छा बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत है। मंत्री ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के लिहाज से आज हम पांचवें स्थान पर है...और अगले पांच साल में हम तीसरे स्थान पर होंगे...यही कारण है कि हम देश में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित कर रहे हैं।'' गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में धौला कुआं-मानेसर खंड पर यातायात की भीड़-भाड़ पर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि यदि स्काई बस को चलाया जाता है या फिर इस खंड पर डबल डेकर बस सेवा शुरू की जाती है, तो न केवल यातायात कम होगा बल्कि लोग भी समय पर अपने गंतव्य पर भी पहुंच सकेंगे।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से उन दंपतियों और एकल तथा अविविवाहित महिलाओं का आंकड़ा मांगा है जिन्होंने सरोगेसी अधिनियम-2021 लागू होने के बाद से सरोगेसी का सफलतापूर्वक लाभ उठाया है। कानून के कामकाज का आकलन करने के लिए केंद्र ने यह कदम उठाया है। सरोगेसी से आशय किसी दंपति या महिला के बच्चे का किसी अन्य महिला की कोख में पलने से है। सरोगेसी को आम बोलचाल में ‘किराये की कोख' की भी कहा जाता है। पिछले महीने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य)/ सचिव (स्वास्थ्य) को भेजे गए एक पत्र में मंत्रालय ने उन दंपतियों और एकल महिलाओं (तलाकशुदा/विधवाओं) की कुल संख्या पर श्रेणी-वार आंकड़ा मांगा था, जिन्होंने एआरटी अधिनियम, 2021 के अस्तित्व में आने के बाद सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) के विकल्प का सफलतापूर्वक लाभ उठाया। पत्र में कहा गया है कि सरोगेसी अधिनियम, 2021 और एआरटी अधिनियम 2021 के उचित कामकाज के संबंध में निष्कर्ष निकालने के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उपर्युक्त आंकड़ों का भेजा जाना अनिवार्य है। भारत में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) क्लीनिकों को विनियमित करने और वाणिज्यिक सरोगेसी पर रोक लगाने के लिए सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 और सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम, 2021 दो साल पहले पारित किए गए थे। केवल संतान सुख पाने में असमर्थ विवाहित दंपत्ति और महिलाओं की कुछ श्रेणियों (एकल और अविवाहित) को ही एआरटी और सरोगेसी का लाभ उठाने की अनुमति है। सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम के तहत सरोगेसी को केवल परोपकारी कारणों से अनुमति दी गई है। देश में वर्ष 2015 से वाणिज्यिक सरोगेसी पर प्रतिबंध है। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेज करने के मकसद से 25 जनवरी से देश भर में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बूथ से लेकर राज्य स्तर तक कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों में जोश भरने का प्रयास करेंगे। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
वेणुगोपाल ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘हमारे कार्यकर्ता हमारी पार्टी की रीढ़ हैं। 2024 के चुनावों के लिए कांग्रेस आने वाले कुछ हफ्तों में विभिन्न राज्यों में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करेगी, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी बूथ से लेकर राज्य स्तर तक पदाधिकारियों की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे और हमारे समर्पित कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे।'' वेणुगोपाल के मुताबिक, 25 जनवरी को तेलंगाना, 28 जनवरी को उत्तराखंड, 29 जनवरी को ओडिशा, तीन फरवरी को दिल्ली, चार फरवरी को केरल, 10 फरवरी को हिमाचल प्रदेश, 11 फरवरी को पंजाब, 13 फरवरी को तमिलनाडु, 15 फरवरी को झारखण्ड में यह सम्मेलन आयोजित होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस बूथ स्तर तक एक जोरदार अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है!'' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इस साल के राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की और इस दौरान उन्होंने संगीत के बारे में अपनी रुचि से उन्हें अवगत कराया तथा बताया कि कैसे इससे उन्हें ध्यान लगाने में मदद मिलती है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने प्रत्येक पुरस्कार विजेता को स्मृति चिह्न भेंट किए और उनके साथ बातचीत की। बच्चों ने अपनी उपलब्धियों का विवरण भी प्रधानमंत्री से साझा किया, जिसके कारण उन्हें पुरस्कार के लिए चुना गया है। पीएमओ ने कहा, ‘‘संगीत, संस्कृति, सौर ऊर्जा, बैडमिंटन, शतरंज जैसे खेलों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।'' बच्चों ने प्रधानमंत्री से कई सवाल भी पूछे, जिनमें से एक का जवाब देते हुए उन्होंने सभी प्रकार के संगीत में अपनी रुचि के बारे में बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि यह कैसे ध्यान में उनकी मदद करता है। ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना' की शुरुआत की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों को याद किया। उन्होंने बच्चों को यह भी बताया कि इस योजना से लोगों को कैसे लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने बच्चों के साथ 23 जनवरी के दिन के महत्व के बारे में भी चर्चा की और उन्हें पराक्रम दिवस के बारे में बताया। पीएमओ के मुताबिक, ‘‘प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत का सम्मान कर रही है।'' भारत सरकार सात श्रेणियों-कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, खेल और पर्यावरण में असाधारण उपलब्धि के लिए बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती रही है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाणपत्र और प्रशस्ति पत्र पुस्तिका दी जाती है। इस वर्ष, विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर के 19 बच्चों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। पुरस्कार पाने वालों में 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के नौ लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं। -
चंडीगढ़. रामलीला में भगवान हनुमान का किरदार निभा रहा व्यक्ति जब भगवान राम का किरदार निभा रहे व्यक्ति के चरणों में गिरा तो माहौल तालियों से गूंज उठा। दर्शकों को लगा बहुत बढ़िया दृश्य प्रस्तुत किया गया लेकिन जब व्यक्ति को गिरे-गिरे बहुत लंबा समय हो गया तो मालूम हुआ कि 62 वर्षीय कलाकार की मौत हो चुकी है। रामलीला कलाकार हरीश के बेटे सुमांश ने बताया कि हरियाणा के भिवानी जिले में सोमवार को रामलीला मंचन के दौरान उनके पिता की मंच पर मौत हो गयी। अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को राज्य भर में कई जगहों पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिसका हिस्सा रामलीला का मंचन भी था। हरीश को अपनी प्रस्तुति के दौरान, भगवान राम का किरदार निभा रहे व्यक्ति के चरणों में झुकना था। इस दृश्य का मंचन करते समय हरीश भगवान राम का किरदार निभा रहे व्यक्ति के पैरों पर गिर पड़े। प्रस्तुति के हिस्से के रूप में एक गाना बजा और हरीश गिरते हुए दिखाई दिये।
सभी को लगा हरीश भगवान राम का आशीर्वाद ले रहे हैं और दर्शकों ने तालियां बजानी शुरू कर दीं। लेकिन कुछ क्षण बाद लोगों को अहसास हुआ कि हरीश को दिल का दौरा पड़ा है। हरीश पिछले 25 वर्षों से हनुमान का किरदार निभाते आ रहे थे।
उन्हें हनुमान की वेशभूषा में ही एक नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। न्यू बासुकीनाथ रामलीला समिति के प्रमुख संजय पंवार ने कहा कि इस घटना ने सभी को सदमे में डाल दिया।
हरीश का मंगलवार को भिवानी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर भिवानी से पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक घनश्याम सर्राफ व पार्षद प्रतिनिधि विनोद चावला सहित शहर के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंवार ने बताया कि हरीश हरियाणा सरकार के बिजली विभाग से सेवानिवृत हो चुके थे। - पटना। देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘‘भारत रत्न'' के लिए मनोनीत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रसिद्ध समाजवादी नेता दिवंगत कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक न्याय के लिए अथक संघर्ष करने वाले और भारतीय राजनीति में एक प्रेरणादायक शख्सियत के रूप में याद किया जाता है। अत्यंत पिछड़े वर्ग ‘‘नाई'' समुदाय से आने वाले ठाकुर का जन्म समस्तीपुर जिले के एक गरीब परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल किया जिससे उन्हें ‘‘जननायक'' की उपाधि मिली। ठाकुर की जयंती से एक दिन पहले देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा में समाजवादी नेता के “समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन समर्पण और सामाजिक न्याय के लिए उनके अथक संघर्ष” की सराहना की गई। वर्ष 1924 में जन्मे ठाकुर 1970 के दशक में बिहार के मुख्यमंत्री बने और उनके कार्यकाल को पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू करने के अलावा राज्य में पहली बार शराबबंदी लागू करने के लिए याद किया जाता है। वर्ष 1988 में उनका निधन हो गया। वर्तमान युग के नेताओं में शामिल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद ठाकुर को अपना मार्गदर्शक मानते हैं और दोन दल ‘‘जननायक'' कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर बुधवार को समारोह आयोजित करने जा रहे हैं।
- -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की "सहकार से समृद्धि" की परिकल्पना को साकार करने के लिए गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय ने बहुत ही कम समय में ही 54 से अधिक महत्वपूर्ण पहल की हैं- प्राथमिक कृषि ऋण समितियों ("PACS) का कम्प्यूटरीकरण" इनमें से एक प्रमुख पहल है जिसके तहत 2,516 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ 63,000 PACS को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है-गणतंत्र दिवस परेड देखने के बाद शाम को विशेष अतिथि "भारत पर्व" में शामिल होंगेनई दिल्ली। देशभर के 24 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 250 लाभार्थी प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के अध्यक्ष और उनके परिजन भारत सरकार के "विशेष अतिथि" के रूप में इस बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड 2024 के साक्षी बनेंगे। रक्षा मंत्रालय के सहयोग से सहकारिता मंत्रालय गणतंत्र दिवस परेड 2024 में विशेष अतिथियों की मेजबानी कर रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की "सहकार से समृद्धि" की परिकल्पना को साकार करने के लिए गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय ने बहुत ही कम समय में 54 से अधिक महत्वपूर्ण पहल की हैं। "PACS का कम्प्यूटरीकरण" इनमें से एक प्रमुख पहल है, जिसके तहत 2,516 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ 63,000 PACS को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है। अब तक, 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 12,000 से अधिक पैक्स को कम्प्यूटरीकृत किया जा चुका है और वे राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा विकसित ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) सॉफ्टवेयर पर ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं।राजधानी दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान विशेष अतिथि 25 जनवरी को सहकारिता राज्य मंत्री श्री बी एल वर्मा के साथ मुलाक़ात और रात्रि भोज करेंगे। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड देखने के बाद शाम को वे "भारत पर्व" में शामिल होंगे।सहकारिता मंत्रालय गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित इन विशेष अतिथियों के दिल्ली प्रवास को एक यादगार अनुभव बनाने और PACS कम्प्यूटरीकरण परियोजना की सफलता को प्रदर्शित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह आयोजन सहभागी पैक्स को 'सहकार से समृद्धि' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक नए जोश के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगा।file photo
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नयी दिल्ली. भारत में प्रौद्योगिकी उद्योग नई पीढ़ी के छात्रों का पसंदीदा क्षेत्र बनकर उभर रहा है और करीब 77 प्रतिशत युवा इस क्षेत्र के प्रति रुचि दिखा रहे हैं। सोमवार को एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया। सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नैसकॉम ने इनडीड के साथ संयुक्त रूप से तैयार इस रिपोर्ट में कहा है कि भारत में तकनीकी कार्यबल में 'मिलेनियल्स' और 'जेन जेड' वाली पीढ़ी का योगदान लगभग 90 प्रतिशत है। यह उच्च पीढ़ीगत विविधता को सक्षम बनाता है और प्राथमिकताओं को भी बदलता है। 'जेन जेड' का संबोधन 1990 के दशक के अंतिम और 2000 के दशक के अंतिम वर्षों में जन्म लेने वाली पीढ़ी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं 'मिलेनियल्स' की श्रेणी में 1980 के दशक के शुरुआती और 1990 के दशक के मध्य तक पैदा होने वाले युवा रखे जाते हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, "सीखना एवं वृद्धि के साथ संस्कृति एवं नैतिकता किसी भी संगठन का चयन करते समय मिलेनियल्स और जेन जेड दोनों के लिए शीर्ष मानदंड हैं। यह मौजूदा कामकाजी माहौल से निपटने और अपने वांछित करियर राह तैयार करने के लिए कौशल एवं क्षमता विकास पर नियोक्ताओं की सतत अहमियत को रेखांकित करता है।" रिपोर्ट कहती है कि भारत में प्रौद्योगिकी उद्योग जेन जेड छात्रों के लिए पसंदीदा उद्योग बना हुआ है और 77 प्रतिशत छात्र इस उद्योग को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।" नैसकॉम और इनडीड के इस संयुक्त सर्वेक्षण में 185 नियोक्ताओं के साथ वर्तमान और भावी कार्यबल के 2,500 से अधिक सदस्य शामिल थे। इस रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 84 प्रतिशत नियोक्ता ‘गिग मॉडल' की तलाश में हैं या उसके लिए तैयार हैं। इसमें स्टार्टअप और व्यवसाय प्रक्रिया प्रबंधन (बीपीएम) क्षेत्र इस खंड में नियुक्ति में आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा संगठनों के नई प्रौद्योगिकियां अपनाने से कृत्रिम मेधा (एआई) एवं मशीन लर्निंग (एमएल) वैज्ञानिक, क्वांटम कंप्यूटिंग शोधकर्ता, क्वांटम एआई डेवलपर और ब्लॉकचेन विशेषज्ञ जैसी विशेषज्ञ भूमिकाओं की मांग बढ़ रही है। सबसे अधिक मांग वाली नौकरियों में डेटा और एनालिटिक्स में भूमिकाएं अग्रणी हैं। इसके बाद ग्राहक अनुभव, स्वचालन और दक्षता को बढ़ाने वाले काम आते हैं। नैसकॉम की वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मुख्य रणनीति अधिकारी संगीता गुप्ता ने कहा, "स्वचालन से दक्षता में सुधार और निरंतर नवाचार से उत्पन्न रचनात्मकता की व्यापक क्षमता के बीच संतुलन से काम के भविष्य को परिभाषित किया जाएगा।"
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नयी दिल्ली.उत्तरी दिल्ली के शास्त्री नगर इलाके के एक सरकारी स्कूल में वरिष्ठ छात्रों द्वारा कथित तौर पर पिटाई किये जाने के कुछ दिन बाद 12 वर्षीय एक लड़के की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना 11 जनवरी को हुई थी और इलाज के दौरान 20 जनवरी को बच्चे की मौत हो गई।
मृतक के पिता राहुल शर्मा ने बताया कि उनके बेटे के साथ स्कूल में वरिष्ठ छात्रों ने मारपीट की थी, जिससे उसके पैर में चोटें आई थीं। शर्मा ने कहा, ‘‘कक्षा छठी में पढ़ने वाला मेरा बेटा 11 जनवरी को जब सरकारी स्कूल से घर लौटा तो वह लंगड़ा रहा था और उसे काफी दर्द भी हो रहा था। मैंने उससे इस बारे में पूछा, लेकिन वह चुप रहा।'' शर्मा ने कहा, ‘‘हम उसे एक अस्पताल ले गए जहां उसे कुछ दवाएं दी गईं और कुछ दिन तक आराम करने के लिए कहा गया। लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई और फिर हम उसे रोहिणी के एक अस्पताल में ले गए।'' शर्मा ने बताया कि 20 जनवरी को अस्पताल में इलाज के दौरान उनके बेटे की मौत हो गई।पिता ने कहा, ‘‘हमें नहीं पता कि उसके साथ मारपीट क्यों की गई। वह सेना में भर्ती होना चाहता था। उसके सारे सपने टूट गये।'' संपर्क करने पर पुलिस उपायुक्त (उत्तर) मनोज कुमार मीणा ने घटना की पुष्टि की और कहा, ‘‘हम चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करा रहे हैं। उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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