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नयी दिल्ली. केंद्र ने सोमवार को निजी समाचार चैनलों को एक परामर्श जारी कर कहा कि वे प्राकृतिक आपदाओं और बड़ी दुर्घटनाओं के दृश्य दिखाते समय उन पर तारीख और समय दर्शाएं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि टेलीविजन चैनल प्राकृतिक आपदाओं और बड़ी दुर्घटनाओं का कई दिनों तक निरंतर कवरेज करते हैं लेकिन घटना वाले दिन के फुटेज ही लगातार प्रसारित करते रहते हैं। मंत्रालय ने तर्क दिया कि दुर्घटना या आपदा के कई दिनों बाद टेलीविजन चैनलों द्वारा दिखाए जाने वाले फुटेज वास्तविक समय की जमीनी स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं, जिससे ‘‘दर्शकों में अनावश्यक भ्रम और घबराहट'' पैदा होती है। परामर्श में कहा गया, ‘‘इसलिए, दर्शकों के बीच किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए, सभी निजी टीवी चैनलों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है कि प्राकृतिक आपदाओं या बड़ी दुर्घटनाओं के दृश्यों में फुटेज के शीर्ष पर ‘तारीख और समय' प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने चाहिए।'' सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के परामर्श में निजी समाचार चैनलों को ऐसी घटनाओं का प्रसारण करते समय कार्यक्रम संहिता का भी पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। यह परामर्श केरल के वायनाड और हिमाचल प्रदेश में हुए भूस्खलन की व्यापक कवरेज के मद्देनजर जारी किया गया है, जिनमें हाल में कई लोगों की जान चली गई थी।
- कोलकाता. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मेघालय में पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक विशेष अभियान के दौरान भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश को लेकर 11 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। बीएसएफ ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि 11 बांग्लादेशियों में से दो-दो पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से पकड़े गए जबकि सात अन्य मेघालय से लगती सीमा से पकड़े गए। बयान में कहा गया है, "उनसे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें पुलिस को सौंप दिया जाएगा।" अगले सप्ताह स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, पूर्वी कमान के एडीजी, बीएसएफ की अध्यक्षता में बल के कोलकाता कार्यालय में एक सम्मेलन आयोजित किया गया। बयान में कहा गया है, "सीमा नियंत्रण, सुरक्षा और प्रबंधन को और बढ़ाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, समकक्ष बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ घनिष्ठ सहयोग जारी रखने का निर्णय लिया गया।
- जयपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना सदर थाना क्षेत्र में रविवार को बाणगंगा नदी में नहाते समय सात युवकों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि श्रीनगर गांव के आठ युवक गांव के पास से बह रही बाणगंगा नदी में नहाने गए थे तथा नदी में एक गहरा गड्ढे में सात युवक फंस गये और डूब गए जबकि एक युवक सुरक्षित बच निकला। उसने गांव में जाकर घटना की जानकारी दी तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी सात शवों को बाहर निकाला गया। थानाधिकारी बलराम यादव ने बताया कि मृतक युवकों की पहचान पवन सिंह जाटव (20), सौरभ जाटव (18), भूपेंद्र जाटव (18), शांतनु जाटव (18), लक्खी जाटव (20), पवन जाटव (22) और गौरव जाटव (16) के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि सभी मृतक युवक आपस में रिश्तेदार हैं और एक ही गांव के रहने वाले हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये हैं।
- मुंबई.फिल्म फोटो-पत्रकार प्रदीप बांदेकर (70) का दिल का दौरा पड़ने से शनिवार देर रात उनके आवास पर निधन हो गया। बांदेकर अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, शाहरुख खान और संजय दत्त सहित कई बॉलीवुड हस्तियों के बेहद पसंदीदा फोटो पत्रकार थे। परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया कि शनिवार रात दो बजकर 30 मिनट पर उनका निधन हो गया।उन्होंने कहा, '' शनिवार आधी रात के बाद परिवार के साथ रात्रि भोजन कर पवई स्थित अपने आवास पर लौटे बांदेकर ने बेचैनी की शिकायत की थी। उनके पुत्र प्रथमेश उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।'' उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार किया जा रहा है।मुंबई मीडिया जगत में बेहद सम्मानित बांदेकर ने अपने चार दशक के करियर में शहर के कई प्रमुख समाचार पत्रों में काम किया था। अभिनेता अजय देवगन, बिपाशा बसु और नील नितिन मुकेश ने सोशल मीडिया पर वरिष्ठ फोटो-पत्रकार को श्रद्धांजलि दी। अजय देवगन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि प्रदीप बांदेकर जी का निधन निजी क्षति है...उनका हमारे परिवार के साथ दशकों पुराना रिश्ता रहा... वह बहुत याद आएंगे। बिपाशा बसु ने अपनी ‘इंस्टाग्राम स्टोरीज' में कहा, ‘‘प्रदीप जी आपकी आत्मा को शांति मिले। (ईश्वर) परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।'' नील नितिन मुकेश ने ‘इंस्टाग्राम' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘प्रदीप जी आप बहुत याद आएंगे। आत्मा को शांति मिले।
- आरा/पटना. बिहार के भोजपुर जिले के मझौआ हवाई अड्डे के पास पानी भरे एक गहरे खड्ड में नहाने के दौरान डूबकर तीन युवकों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर रविवार को गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नीतीश ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि अविलम्ब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
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नयी दिल्ली। दंगल फिल्म में अभिनय के लिए प्रसिद्ध पूर्व अभिनेत्री जायरा वसीम ने एक भोजनालय में पाई में फंफूद लगे होने दावा करते हुए प्रशंसकों से बेकरियों से खाने का सामान खरीदते समय दो बार पड़ताल करने की अपील की। वसीम (23) ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक प्लेट का वीडियो साझा की, जिसमें पाई (एक प्रकार का बेक किया हुआ खाद्य पदार्थ) का रंग कुछ बदला हुआ लग रहा था। हालांकि वसीम ने बेकरी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके ‘जियोटैग' के अनुसार उन्होंने श्रीनगर में किसी जगह से यह वीडियो पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “स्थानीय बेकरियों से खाने की चीज लेने से पहले दो बार पड़ताल करें। पाई में फफूंद निकली।” वसीम को 2016 में बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म "दंगल" से प्रसिद्धि मिली थी, जिसमें आमिर खान मुख्य भूमिका में थे। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने प्रसिद्ध पहलवान गीता फोगाट के बचपन का किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसके अलावा उन्होंने “सीक्रेट सुपरस्टार” और “द स्काई इज पिंक” में भी अभिनय किया था।
साल 2019 में उन्होंने अभिनय से नाता तोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वह इस काम से खुश नहीं हैं क्योंकि यह उनकी आस्था और धर्म में हस्तक्षेप करता है। - शिलांग। बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और उनके देश छोड़ने के बाद फैली अशांति से मेघालय में अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ मीटर दूरी पर बसे एक गांव के लोग सीमा पार से घुसैपठ की आशंका को लेकर काफी चिंचित हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिले के लिंगखॉन्ग गांव के लोग बांग्लादेश को उनके गांव से अलग करने वाली बांस की बाड़ को मजबूत करने में लगे हैं और रात भर जागकर निगरानी तक कर रहे हैं। इस गांव में 90 से अधिक लोग रहते हैं जिन्होंने सीमा पार से होने वाले मामूली अपराधों को रोकने के लिए कोविड महामारी के दौरान सीमा पर बांस की एक पतली बाड़ लगा दी थी। लिंगखॉन्ग, मेघालय के उन क्षेत्रों में से एक है जहां भूमि सीमांकन संबंधी मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ या जीरो लाइन के 150 गज के भीतर बस्तियों के होने के कारण सीमा बाड़ का निर्माण नहीं किया जा सका। गांव पर नजर डालें तो पता चलेगा कि यहां अधिकतर घर अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब हैं और यहां का एकमात्र फुटबॉल मैदान जीरो लाइन पर है, जहां बच्चे हर समय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की निगरानी में खेलते हैं। इस गांव की निवासी 42 वर्षीय डेरिया खोंग्सदिर ने चिंता जाहिर करते हुए ‘ कहा, ‘‘पांच अगस्त को जब बांग्लादेश में हिंसा की घटनाएं बढ़ीं तो उस समय हम काफी चिंतित थे और रातभर सो नहीं पाए। हमें डर था कि बांग्लादेश में हमारे पड़ोसी हिंसक हो सकते हैं। राहत की बात रही कि बीएसएफ ने अपनी चौकसी बढ़ा दी तथा गांव में स्थित अपनी चौकी में और अधिक जवानों को तैनात कर दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही गांव के रक्षा दल और हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी रात जागने वाले लोगों को भी तैनात कर दिया गया।'' डेरिया ने कहा, ‘‘हमारी सुरक्षा के लिए एकमात्र यह बांस की बाड़ है। इससे गांव के स्तर पर छोटे-मोटे अपराधों को रोकने में मदद मिली है, लेकिन गंभीर स्थिति में यह कारगर होगी या नहीं, इसका कुछ नहीं कह सकते।'' ग्रामीणों ने अब बाड़ को मजबूत करने के लिए नए बांस लगाने शुरू कर दिए हैं।लिंगखॉन्ग जीरो लाइन से 150 गज के दायरे में आता है और नियमों के अनुसार 150 गज के बाद ही कांटेदार तार की बाड़ लगाई जा सकती है। इसलिए, जब 2021 में बाड़ के लिए नींव रखी गई तो गांव बाड़ सुरक्षा दायरे से बाहर हो गया। ग्रामीणों के विरोध के कारण काम रोकना पड़ा। उन्होंने जीरो लाइन पर बांस की बाड़ भी लगा दी और अधिकारियों से उस लाइन के साथ कांटेदार तार की बाड़ लगाने का आग्रह किया। मेघालय में 443 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से पर बाड़ लगा दी गई है। उन क्षेत्रों में बाड़ नहीं लगाई जा सकी है जहां बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) इसका विरोध करता आ रहा है या जहां निर्माण के लिए जमीन ही नहीं है। बीएसएफ के मेघालय फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘समझौते के अनुसार, बाड़ को जीरो लाइन से कम से कम 150 गज की दूरी पर बनाया जाना चाहिए, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता। बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश कभी-कभी आबादी के आधार पर जीरो लाइन पर बाड़ लगाने देता है, जैसा कि लिंगखॉन्ग में देखने को मिलता है।'' बांग्लादेश सरकार ने मेघालय में सीमा पर कम से कम सात स्थानों पर इस व्यवस्था पर समझौता किया है तथा इसे लिंगखॉन्ग तक विस्तारित करने के लिए चर्चा जारी है। हालांकि, कम से कम 13 ऐसे क्षेत्रों के लिए मंजूरी अभी भी लंबित है तथा मंजूरी हासिल करना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है। अधिकारी ने विस्तृत जानकारी दिए बिना कहा, ‘‘हमने 2011 में भी इसी तरह का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन कुछ क्षेत्रों के लिए 2020 में जाकर सहमति बनी।'' लिंगखॉन्ग निवासी डबलिंग खोंग्सदिर ने बाड़ मुद्दे पर भारत सरकार के रवैये पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह सही नहीं है कि बाड़ लगने के बाद हमारा गांव भारतीय क्षेत्र से बाहर चला जाए। हम सुरक्षित महसूस नहीं करते। हम सुरक्षा दायरे में रहना चाहते हैं। हम यहां अनादि काल से रह रहे हैं। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश की नयी सरकार और भारत सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान करेंगी।''
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कृषि और बागवानी फसलों की उच्च उपज वाली, जलवायु अनुकूल और जैव-सुदृढ़ीकृत बीजों की 109 किस्मों को जारी किया। इस पहल का उद्देश्य कृषि उत्पादकता और किसानों की आय को बढ़ाना है। इन किस्मों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने विकसित किया है और ये कुल 61 फसलों से संबंधित हैं। इनमें 34 खेतों में लगाई जाने वाली और 27 बागवानी की फसलें हैं। मोदी ने दिल्ली के पूसा परिसर में तीन प्रायोगिक कृषि भूखंडों पर बीजों को पेश किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत भी की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने किसानों के साथ इन नई किस्मों के महत्व पर चर्चा करते हुए कृषि में मूल्य संवर्धन के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर मौजूद किसानों ने कहा कि 61 फसलों से संबंधित ये नई किस्में कम लागत के कारण उनके लिए अत्यधिक लाभकारी होंगी। प्रधानमंत्री ने बाजरे के महत्व पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि लोग किस तरह पौष्टिक भोजन का रुख कर रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभों और जैविक खेती के प्रति आम लोगों की बढ़ती रुचि के बारे में भी बात की। मोदी ने कहा कि लोगों ने जैविक खाद्य पदार्थों का उपभोग और मांग करना शुरू कर दिया है।बयान के मुताबिक, किसानों ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में सरकार के प्रयासों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की भूमिका की भी सराहना की। मोदी ने सुझाव दिया कि केवीके को हर महीने विकसित की जा रही नई किस्मों के लाभों के बारे में किसानों को सक्रिय रूप से बताना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इन नई फसल किस्मों के विकास के लिए वैज्ञानिकों की भी सराहना की।केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि आज का दिन किसानों के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि 61 फसलों की बीजों की 109 किस्में जारी की गई हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी। चौहान ने कहा कि इन फसलों के बीज जलवायु के अनुकूल हैं और प्रतिकूल मौसम में भी अच्छी फसल दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये किस्में पोषण से भरपूर हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि वे अप्रचलित फसलों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रधानमंत्री के सुझाव के अनुरूप काम कर रहे हैं। खेती की फसलों में अनाज, बाजरा, चारा, तिलहन, दलहन, गन्ना, कपास और फाइबर फसलें शामिल हैं। वहीं बागवानी की फसलों में फलों, सब्जियों, मसालों, फूलों और औषधीय पौधों की नई किस्में शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2014 से ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए टिकाऊ खेती के तरीकों और जलवायु अनुकूल तरीकों की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने लगातार 'जैव-सुदृढ़' किस्मों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, और कुपोषण से निपटने के लिए उन्हें मध्याह्न भोजन योजना और आंगनवाड़ी सेवाओं जैसी सरकारी पहलों से जोड़ा है।
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शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में रविवार सुबह पंजाब से आ रही एक ट्रेन में आग लगने की अफवाह पर यात्री ट्रेन से कूदने लगे, जिससे दो महिलाओं समेत छह यात्री घायल हो गए। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रविवार को यह जानकारी दी। जीआरपी ने बताया कि सभी घायलों को शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
जीआरपी के थाना प्रभारी रेहान खान ने बताया कि पंजाब से चलकर हावड़ा जाने वाली (पंजाब मेल) ट्रेन सुबह जब बरेली के बिलपुर स्टेशन पर पहुंची, तब जनरल कोच में भीड़ के चलते आग बुझाने वाले सिलेंडर का स्विच दब गया, जिससे कोच में अफवाह फैल गई की ट्रेन में आग लग गई है। खान के मुताबिक, इसी बीच किसी ने ट्रेन को रोकने के लिए जंजीर खींच दी, जिसके बाद ट्रेन रुक भी नहीं पाई और यात्री ट्रेन से कूदने लगे। उन्होंने बताया कि इस घटना में दो महिलाओं समेत छह यात्री घायल हो गए। खान के अनुसार, घटना के आधे घंटे बाद ट्रेन को हावड़ा के लिए रवाना किया गया, जबकि घायलों को वहीं रोककर दूसरी ट्रेन से शाहजहांपुर लाया गया। उन्होंने बताया कि घटना में अनवरी (26), अख्तरी (45), कुलदीप (26), रूबी लाल (50) शिव शरण (40) और चंद्रपाल (35) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। - जालौन (उप्र)। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोच पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार तड़के एक मकान की छत गिर जाने से उसके नीचे सो रहे मां-बेटे की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि पिता-पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह हादसा कोतवाली कोच के महलुबा गांव में तड़के करीब साढ़े पांच बजे हुआ, जब अखिलेश नामक व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर में सो रहा था। पुलिस अधीक्षक डॉ. देवेश कुमार के अनुसार, प्रथम दृष्टतया ऐसा प्रतीत होता है कि अधिक बारिश के कारण मकान की पुरानी छत में नमी आ गई और वह भरभराकर गिर पड़ी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में छत के नीचे सो रहा अखिलेश (35), उसकी पत्नी मोहिनी (32), बेटा देबू (सात) और बेटी अदिति (10) मलबे में दब गए। कुमार के मुताबिक, ग्रामीणों से मिली सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस चारों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोच ले गई, जहां चिकित्सकों ने देबू और मोहिनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल अखिलेश और अदिति को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। कुमार ने बताया कि मकान की छत गिरने से कमरे में रखा फ्रिज का कंप्रेसर भी फट गया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पर जिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार पांडे और अधीक्षक डॉ. देवेश कुमार ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ित परिवार को नियम अनुसार आर्थिक मदद दी जाएगी तथा पूरी घटना की जांच भी की जाएगी।
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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को तिमोर-लेस्ते के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते' से सम्मानित किए जाने को देश के लिए ‘गर्व का क्षण' करार दिया और कहा कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों व आपसी सम्मान को दर्शाता है। मुर्मू (66) को सामाजिक सेवा में उनकी उपलब्धियों और शिक्षा, सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तीकरण के प्रति उनके समर्पण के लिए तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्ता ने अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते' से सम्मानित किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति जी को तिमोर-लेस्ते के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते से सम्मानित होते देखना हमारे लिए गर्व का क्षण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों और आपसी सम्मान को दर्शाता है। यह कई वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में उनके स्मारकीय योगदान को भी मान्यता है।'' मुर्मू तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव के तहत शनिवार को दक्षिण-एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में थीं। इससे पहले, उन्होंने न्यूजीलैंड और फिजी की यात्रा की थी। मुर्मू तिमोर-लेस्ते की यात्रा करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने हर घर की छत पर सौर पैनल लगाने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए 30,000 युवाओं को "सूर्य मित्र" के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। राज्य में पिछले साल फरवरी में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' की शुरुआत की गई। इस योजना का लक्ष्य देशभर में एक करोड़ सौर छतें स्थापित करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में 25 लाख से अधिक सौर छतें स्थापित की हैं। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (यूपीएनईडीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के हर घर में सौर पैनल लगाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की जरूरत होगी। अधिकारी ने कहा कि इसके लिए राज्य एजेंसी ने जिला केंद्रों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 30,000 "सूर्य मित्रों" को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, "इस कुशल जनशक्ति को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन ने एक योजना की रूपरेखा तैयार की है। उत्तर प्रदेश में 3,000 से अधिक युवाओं ने सौर परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है।यह प्रशिक्षण राज्य के हर घर में सौर पैनल लगाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को तेजी से हासिल करने के लिए एक ठोस प्रयास है।" तीन महीने के "सूर्य मित्र" कार्यक्रम में 600 घंटे का व्यापक प्रशिक्षण शामिल है, जिसमें कक्षा निर्देश, व्यावहारिक प्रयोगशाला कार्य, सौर फोटोवोल्टिक प्रौद्योगिकी संयंत्रों का अनुभव, नौकरी पर प्रशिक्षण और सॉफ्ट कौशल एवं उद्यमिता विकास शामिल है। कार्यक्रम के लिए अर्हता प्राप्त करने के वास्ते उम्मीदवारों को 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए और उनके पास इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, फिटर या शीट मेटल वर्कर के रूप में आईटीआई प्रमाणन होना चाहिए। प्रशिक्षण पूरा करने पर उन्हें रोजगार हासिल करने में सहायता प्रदान की जाती है। यूपीनेडा के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 18 लाख से अधिक घरों की छत पर सौर पैनल लगाने के लिए पंजीकरण पूरा हो चुका है और लगभग दो लाख अतिरिक्त घरों के लिए आवेदन जमा किए गए हैं। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने "नेट बिलिंग/नेट मीटरिंग" प्रणाली शुरू की है। इसके अलावा, यूपीएनईडीए ने पूरे उत्तर प्रदेश में 10 लाख घरों की छत पर सौर पैनल स्थापित करने के लिए टाटा समूह के साथ साझेदारी की है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के निधन पर शोक जताया और कूटनीति व विदेश नीति में उनके योगदान की सराहना की। लंबे समय से बीमार नटवर सिंह का शनिवार देर रात निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "नटवर सिंह के निधन से दुखी हूं। उन्होंने कूटनीति और विदेश नीति की दुनिया में समृद्ध योगदान दिया। वह अपनी बुद्धिमत्ता के साथ-साथ बेहतरीन लेखन के लिए भी जाने जाते थे। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।" कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे नटवर सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वह पिछले कुछ हफ्तों से भर्ती थे। राजस्थान के भरतपुर जिले में जन्मे नटवर सिंह 2004-05 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में विदेश मंत्री थे। उन्होंने पाकिस्तान में भारत के राजदूत के रूप में भी सेवाएं दी थीं और 1966 से 1971 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय से जुड़े हुए थे। -
नयी दिल्ली. लंबे समय से बीमार पूर्व विदेश मंत्री के नटवर सिंह का शनिवार देर रात निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। एक पारिवारिक सूत्र ने बताया कि नटवर सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वह पिछले कुछ हफ्तों से भर्ती थे। सूत्र ने कहा, "नटवर सिंह का शनिवार देर रात निधन हो गया। उनके पुत्र अस्पताल में हैं। परिवार के कई अन्य सदस्य भी दिल्ली आ रहे हैं, जहां रविवार को नटवर सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी।" कांग्रेस के पूर्व सांसद नटवर सिंह का जन्म 1931 में राजस्थान के भरतपुर जिले में हुआ था। वह 2004-05 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में विदेश मंत्री पद थे। उन्होंने पाकिस्तान में भारत के राजदूत के रूप में भी सेवाएं दी थीं और 1966 से 1971 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय से जुड़े हुए थे। नटवर सिंह को 1984 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कई चर्चित किताबें भी लिखी थीं l
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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए आठ जिलाधिकारियों समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 26 अधिकारियों और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 21 अधिकारियों के तबादले कर दिये। शनिवार देर रात जारी आदेश के अनुसार, आठ जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के भी तबादले किए गए हैं।
आठ जिलों को नए जिलाधिकारी मिले हैं। केदार सिंह को शहडोल, सोमेश मिश्रा को मंडला, गिरीश कुमार मिश्रा को राजगढ़, रोशन कुमार सिंह को विदिशा, मृणाल मीना को बालाघाट, हर्ष सिंह को डिंडोरी, हर्षल पंचोली को अनूपपुर और हिमांशु चंद्र को नीमच का जिलाधिकारी बनाया गया है। आठ जिलों के नए एसपी में रसना ठाकुर (मऊगंज), नागेंद्र सिंह (बालाघाट), समीर सौरभ (मुरैना), वीरेंद्र जैन (श्योपुर), सुंदर सिंह कनेश (पांढुर्ना), पंकज कुमार पांडे (रायसेन), मोती-उर-रहमान शामिल हैं। (अनूपपुर) और अभिषेक आनंद (मंदसौर) शामिल हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2005 बैच के अधिकारी संजीव सिंह को भोपाल का नया मंडलीय आयुक्त नियुक्त किया गया है। अंशुल गुप्ता (2016 बैच) को मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया है।
श्रम एवं सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव सचिन सिन्हा को राजस्व बोर्ड का प्रशासनिक सदस्य बनाया गया है। चंबल के मंडलीय आयुक्त संजीव कुमार झा को राजस्व बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है।
आदेश के मुताबिक, राजस्व बोर्ड के सदस्य उमाकांत उमराव को श्रम विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है जबकि सोनाली वायंगंकर को सामाजिक न्याय विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों में से अनुराग शर्मा को शहडोल क्षेत्र का अतिरिक्त महानिदेशक नियुक्त किया गया है। अमित सांघी और सिद्धार्थ बहुगुणा को क्रमशः ग्वालियर और खरगोन क्षेत्र का उप महानिरीक्षक बनाया गया है।\ -
जम्मू. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और मुख्य भवन में एक नई ‘यज्ञशाला' का उद्घाटन भी किया। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उपराज्यपाल श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना के दौरान जम्मू-कश्मीर की शांति, समृद्धि और प्रगति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यज्ञशाला भवन का निर्माण धार्मिक रीति विवाजों को बढ़ाने के लिए किया गया है।
उन्होंने कहा कि नवनिर्मित यज्ञशाला मुख्य भवन के अटका क्षेत्र के नीचे पुराने स्नान घाट के पास स्थित है जिसमें 1600 वर्ग फुट में फैले पांच हवन कुंड हैं। प्रवक्ता ने कहा कि यज्ञशाला के निर्माण से श्रद्धालुओं के 10 समूह एक साथ ‘हवन पूजन' कर सकेंगे जबकि पहले तीन समूह ही हवन कर पाते थे। -
होशियारपुर. पंजाब के होशियारपुर से लगभग 34 किलोमीटर दूर जैजों में रविवार को पानी से लबालब छोटी बरसाती नदी में एक वाहन के बह जाने से एक परिवार के आठ सदस्यों समेत नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लापता हो गए। पंजाब में हुई भारी बारिश के कारण नदी उफान पर है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिवार के 11 सदस्य स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) चालक के साथ हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के मेहतपुर के निकट देहरा से विवाह समारोह में शामिल होने पंजाब के एसबीएस नगर जिले के मेहरोवाल गांव जा रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि जब वाहन जैजों में भारी बारिश के कारण पानी से लबालब भरी छोटी नदी से गुजरा, तो वह बह गया। पुलिस ने कहा कि कुछ स्थानीय लोगों ने पानी की तेज लहरों के कारण वाहन चालक को नदी पार करने को लेकर आगाह भी किया, लेकिन वह उनकी बात अनसुनी कर आगे बढ़ गया। हालांकि, स्थानीय निवासी वाहन में सवार दीपक भाटिया को किसी तरह बचाकर जैजों में सरकारी चिकित्सालय ले गए। घटना के एक वीडियो में वाहन पानी से भरी नदी में फंसा हुआ दिख रहा है।
होशियारपुर की उपायुक्त कोमल मित्तल ने कहा कि बचाव और लापता व्यक्तियों की तलाश से संबंधित अभियान में सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम तैनात की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र लांबा ने बताया कि नदी से पांच महिलाओं समेत नौ लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि दो लापता लोगों की तलाश जारी है। मृतकों के परिजन ने पुलिस को बताया कि वाहन में 12 लोग सवार थे। जैजों में नदी के दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश से लाए गए करीब पांच वाहन और एक जेसीबी मशीन तैनात है, और पानी कम होने की प्रतीक्षा की जा रही है। लांबा ने बताया कि इन वाहनों में सवार लोगों ने चालक को रुकने के लिए कहा, लेकिन वह वाहन को आगे ले गया, जिससे यह दुखद घटना हुई। पुलिस उपाधीक्षक जागीर सिंह ने बताया कि वाहन तेज पानी में बहकर लगभग 200 मीटर नीचे चला गया।
पुलिस ने कहा कि मृतकों की पहचान सुरजीत भाटिया, उनकी पत्नी परमजीत कौर, भाई स्वरूप चंद, भाभी बिंदर, भतीजियों भावना और अनु, भतीजे हर्षित और वाहन चालक बिंदु के रूप में हुई है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान समुदाय के भीतर आरक्षण के उप-वर्गीकरण की अनुमति देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने से पहले समर्थन जुटाने के लिए विभिन्न दलों के अनुसूचित जाति के सांसदों की बैठक बुलाने की योजना बना रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता पहले ही फैसले से अपनी असहमति जता चुके हैं और कह चुके हैं कि उनकी पार्टी शीर्ष अदालत के समक्ष पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। सूत्रों ने कहा कि पासवान ने फैसले पर अनुसूचित जाति के सांसदों के विचार जानने के लिए उनसे संपर्क किया है। अदालत के इस फैसले का दूरगामी राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है। कई प्रमुख राष्ट्रीय दलों ने इस मसले पर चुप्पी साध रखी है। पासवान जल्द ही इस पर चर्चा के लिए अनुसूचित जाति के सांसदों की एक औपचारिक बैठक बुला सकते हैं।
हालांकि, यह देखा जाना बाकी है कि विभिन्न दलों के अनुसूचित जाति के सांसदों की प्रतिक्रिया क्या होती है। इनमें से कई ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग रुख अपनाया है। पासवान या मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसी पार्टियां अदालत के इस फैसले के खिलाफ खुलकर सामने आ गई हैं। भाजपा के एक अन्य सहयोगी दल हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने फैसले की सराहना करते हुए कहा कि मांझी समुदाय को आरक्षण से मिलने वाले लाभों में 'बहुत कम प्रतिनिधित्व' मिला है क्योंकि नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में ज्यादातर पदों पर संपन्न अनुसूचित जाति के समुदाय का कब्जा है। - चंडीगढ़। भारत के प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को युवा डॉक्टरों में अपने मरीजों के प्रति सहानुभूति और करुणा की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए प्रसिद्ध फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस' के एक दृश्य का हवाला देते हुए कहा कि चिकित्सा का अंतिम उद्देश्य मानवता का भला करना है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि भारत नवाचार के क्षेत्र के अग्रणी देशों में से एक है, लेकिन इसके लाभ बहुत कम लोगों तक ही सीमित हैं। उन्होंने डॉक्टरों से स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति को सभी के लिए सुलभ बनाने का आग्रह किया। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ यहां स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) के 37वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर युवा चिकित्सकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पीजीआईएमईआर भारत में कई चिकित्सा प्रगति और नवाचारों की आधारशिला रहा है और पिछले 62 वर्षों से उत्कृष्टता का प्रतीक बना हुआ है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आज जब आप स्नातक हो रहे हैं तो आप उन दिग्गजों का अनुसरण कर रहे हैं, जो चिकित्सा विज्ञान के विकास में अग्रणी रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि चिकित्सा और कानून दोनों ही पेशे एक समान लक्ष्य रखते हैं, जोकि समर्पित सेवा के माध्यम से लोगों और समुदायों की भलाई करना है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने चिकित्सकों के बीच करुणा और सहानुभूति की आवश्यकता को रेखांकित करने के लिए संजय दत्त अभिनीत फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस' के एक दृश्य का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म में ‘मुन्ना भाई' ने एक युवा रोगी को गर्मजोशी से गले लगाया, जिसे उन्होंने ‘जादू की झप्पी' कहा क्योंकि रोगी एक चिकित्सा प्रक्रिया से बहुत व्यथित था। सीजेआई ने कहा कि दयालुता का यह कदम वास्तविक स्नेह से भरा हुआ था, जो एक अस्पताल में उपचार के वातावरण के विपरीत था।
- राजकोट। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि गुजरात के राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक बनाने के लिए सर्वोत्तम संकाय सदस्य और चिकित्सकों की नियुक्ति सहित सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने एम्स राजकोट में वायरस अनुसंधान एवं निदान (वीआरडी) लैब का भी उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र के पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) पर राज्य की निर्भरता को समाप्त करना है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "कोरोना महामारी के कारण देरी के बावजूद एम्स राजकोट सबसे तेजी से बढ़ते संस्थानों में से एक के रूप में उभरा है। इसके ओपीडी, आईपीडी और ट्रॉमा (विभाग) में रोगियों की संख्या में तीव्र वृद्धि देखी गई है। सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि इसे सर्वश्रेष्ठ संकाय सदस्य और चिकित्सक मिलें ताकि राजकोट एम्स मानवता और सौराष्ट्र के लोगों की सेवा करने वाला एक उच्च श्रेणी का संस्थान बन सके।" नड्डा ने कहा कि उन्होंने जिस वीआरडी लैब का उद्घाटन किया वह 'बायोलॉजिकल सेफ्टी लेवल' (बीएसएल) 2 श्रेणी की लैब है जिसे जल्द ही बीएसएल 3 में अद्यतन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे एनआईवी पुणे पर निर्भरता खत्म होगी। नड्डा ने कहा, "1960 से 1998 तक कांग्रेस के शासन के दौरान देश में केवल एक एम्स था। 1998-2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में देश को छह नए एम्स मिले। इसके बाद संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के शासन में रायबरेली में केवल एक एम्स खोला गया। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों में देश को 22 एम्स समर्पित किए, जिनमें से 18 चालू हैं और चार अन्य पर काम चल रहा है।" नड्डा ने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि एम्स राजकोट को सर्वश्रेष्ठ एम्स में से एक के रूप में विकसित किया जाएगा और संस्थान में उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।"
- शिलांग। मेघालय स्कूल शिक्षा बोर्ड अगले साल से कक्षा 10 की दो बार परीक्षाएं आयोजित करेगा। राज्य के शिक्षा मंत्री रक्कम ए संगमा ने शनिवार को यह जानकारी दी। संगमा ने बताया कि शिक्षा बोर्ड 2025 से हर साल कक्षा 10 की दो परीक्षाएं आयोजित करेगा।उन्होंने कहा कि इसके लिए मेघालय स्कूल शिक्षा बोर्ड के विनियमन में संशोधन के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी। साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित करने का यह कदम बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण न होने वाले छात्रों को दूसरा अवसर प्रदान करने के लिए है। संगमा ने कहा कि इससे संबंधित पहली परीक्षा फरवरी या मार्च की शुरुआत में होगी और दूसरी परीक्षा मई में होगी जिसमें सभी या कुछ विषयों में फेल होने वाले छात्रों को मौका मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन के अनुरूप है और इसे प्रयासों के बीच बर्बाद होने वाले समय को कम करके छात्रों की सहायता करने के लिए बनाया गया है। मंत्रिमंडल ने 2026-2027 शैक्षणिक वर्ष से वैकल्पिक पेपर या ‘बेस्ट ऑफ फाइव पेपर्स' को समाप्त करने के निर्णय को भी मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि 2026-2027 से सभी छात्रों को बोर्ड परीक्षा में सभी छह विषयों को पास करना होगा। मंत्रिमंडल ने मेघालय पब्लिक स्कूल सेवा नियम, मेघालय अधीनस्थ जल संसाधन इंजीनियरिंग सेवा नियम, 2024 और किसान सशक्तीकरण आयोग (संशोधन) विधेयक, 2024 को भी मंजूरी दे दी।
- वायनाड (केरल) ।वायनाड के मुंडक्कई गांव में आए विनाशकारी भूस्खलन में जीवित बचे अयप्पन के पास अब कुछ भी नहीं बचा है-न घर, न परिवार और न ही कोई भविष्य। लेकिन शनिवार को राहत शिविर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हुई मुलाकात ने इस बुजुर्ग व्यक्ति में नई उम्मीद जगा दी है। इस आपदा में अपने नौ रिश्तेदारों को खोने वाले इस बुजुर्ग व्यक्ति को अब एक नया आश्रय मिलने की उम्मीद है। अयप्पन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘शिविर से हम 12 लोगों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। बच्चे भी थे। वहां एक व्यक्ति था जो हर चीज का अनुवाद कर रहा था। मैंने बस एक घर मांगा। उन्होंने हर तरह की मदद का आश्वासन दिया।'' भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान मोदी ने राहत शिविरों में रह रहे चुनिंदा लोगों और चिकित्सकों से मुलाकात की और मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मोदी से बातचीत करने वाले अयप्पन ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को सारी बातें बताईं। अयप्पन ने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि मेरे परिवार के नौ सदस्य मारे गए हैं। हमने अपनी जमीन खो दी, लेकिन जमीन मुद्दा नहीं है-मैंने अपना परिवार खो दिया।'' अयप्पन ने कहा, ‘‘जब मैंने अपने नुकसान के बारे में बताया तो प्रधानमंत्री ने मुझे गले लगा लिया।'' अयप्पन ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि शिविर छोड़ने के बाद क्या करना है, क्योंकि भूस्खलन में उनका मकान भी नष्ट हो गया। इस बीच, प्रधानमंत्री से मिलने वाली मेडिकल टीम में शामिल डॉ. चार्ली ने उन्हें शिविर में रहने वालों की स्थिति और उनके सामने आने वाली मनोवैज्ञानिक समस्याओं और सदमे के बारे में जानकारी दी। चार्ली ने कहा, ‘‘उन्होंने (प्रधानमंत्री ने) शिविर में रहने वालों की स्थिति, ठीक होने वालों की संख्या, उन्नत उपचार और लोगों के समक्ष आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली।'' इससे पहले, मोदी ने भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला में पैदल चलकर आपदा से हुए नुकसान का आकलन किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से भी चूरलमाला, मुंडक्कई और पुंचिरीमट्टम का हवाई सर्वेक्षण किया। केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 226 लोगों की मौत हो गई। क्षेत्र में 130 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं।
- गुरुग्राम.। हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने सड़क पर दो कारों द्वारा खतरनाक स्टंट करने के मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।अधिकारियों ने बताया कि 27 सेकंड के इस वीडियो में एक थार और एक स्कॉर्पियो के चालकों को गुरुग्राम-सोहना रोड पर खतरनाक तरीके से चलाते हुए देखे जा सकते हैं । वीडियो में एक साइकिल सवार व्यक्ति एसयूवी से टकराने से बचने के लिए ब्रेक लगाता हुआ दिख रहा है।वहीं थार चालक ने भी दुर्घटना से बचने के लिए ब्रेक लगाया। यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर संज्ञान लिया गया है। हम वाहनों की नंबर प्लेट के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं। गाड़ियों की पहचान करने के बाद चालान जारी किए जाएंगे।”
- नयी दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने पाठ्येतर गतिविधियां (ईसीए) कोटा के माध्यम से 2024-2025 स्नातक शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए शनिवार को ‘ट्रायल' कार्यक्रम जारी किया। जानकारी के अनुसार, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, हिंदी वाद-विवाद, भारतीय शास्त्रीय एवं सुगम संगीत और रंगमंच जैसी गतिविधियों के लिए ‘ट्रायल' 12 अगस्त से शुरू होंगे। खेल कोटा के अभ्यर्थियों के लिए ‘ट्रायल' 20 अगस्त से शुरू होंगे और 22 अगस्त तक जारी रहेंगे।ईसीए कोटे के माध्यम से प्रवेश पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने संबंधित परीक्षण केंद्रों पर जाकर अपना ‘ट्रायल' देना होगा। ‘ट्रायल' में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को विशिष्ट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उनकी शैक्षणिक योग्यता में छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों को ‘ट्रायल' में शामिल होने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी देखनी होगी। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस वर्ष प्रत्येक कॉलेज में कुल सीट का पांच प्रतिशत ईसीए और खेल श्रेणियों के लिए आवंटित की है।
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नयी दिल्ली। केंद्र ने कैबिनेट सचिव पद के लिए वित्त सचिव टी वी सोमनाथन के नाम को शनिवार को मंजूरी दे दी। सोमनाथन का इस पद पर कार्यकाल दो वर्ष का होगा। वह वर्तमान कैबिनेट सचिव राजीव गौबा का स्थान लेंगे, जिनका इस पद पर पांच वर्ष का कार्यकाल इस महीने के अंत में पूरा होगा। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने सोमनाथन की कैबिनेट सचिव के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी है तथा 30 अगस्त, 2024 से उनका दो साल का कार्यकाल होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली एसीसी ने कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में भी उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है और ‘‘यह नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से कैबिनेट सचिव का पद संभालने तक रहेगी।'' तमिलनाडु कैडर के 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी सोमनाथन ने 2015 से 2017 के बीच दो साल से अधिक समय तक मोदी के अधीन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य किया। बाद में, उन्होंने दिसंबर 2019 में व्यय सचिव के रूप में नियुक्त होने से पहले अपने कैडर राज्य में कार्य किया। सोमनाथन (अब 59 वर्ष) को अप्रैल 2021 में वित्त सचिव नियुक्त किया गया था। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वह एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) हैं, तथा उन्हें पांच भाषाएं आती हैं - अंग्रेजी, फ्रेंच, हौसा (अफ्रीका के चुनिंदा हिस्सों में बोली जाने वाली), हिंदी और तमिल। अनुभवी नौकरशाह के पास कलकत्ता विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री भी है। सोमनाथन सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन प्रणाली की समीक्षा के लिए पिछले साल अप्रैल में गठित एक समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अपने कैडर राज्य, केंद्र और विदेश में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। सोमनाथन ने विश्व बैंक (अमेरिका), कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव और चेन्नई मेट्रो निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया है। इस बीच, सरकार द्वारा जल्द ही नए केंद्रीय गृह सचिव की भी नियुक्ति किए जाने की संभावना है, क्योंकि मौजूदा केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला (1984 बैच के आईएएस अधिकारी) 22 अगस्त को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। गौबा को देश में सबसे लंबे समय तक कैबिनेट सचिव होने का गौरव प्राप्त होगा। अब तक, बी डी पांडे का शीर्ष पद पर सबसे लंबा कार्यकाल दो नवंबर, 1972 से 31 मार्च, 1977 तक रहा है। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव गौबा को 2019 में दो साल के लिए देश के शीर्ष नौकरशाह के पद पर नियुक्त किया गया था। उन्हें तीन बार एक-एक साल का विस्तार दिया गया - 2021, 2022 में और सबसे हालिया विस्तार पिछले साल अगस्त में दिया गया था। झारखंड कैडर के 1982 बैच के आईएएस अधिकारी को जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 का मसौदा बनाने में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। इसके जरिए संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को निरस्त करने के बाद तत्कालीन राज्य को जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था।







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