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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिहार में ‘जंगलराज' पर अगले 100 साल तक चर्चा होगी और विपक्ष अपने कुकृत्यों को छिपाने की कितनी भी कोशिश कर ले, जनता उसे माफ नहीं करेगी। तेजस्वी यादव को बिहार चुनाव के लिए महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने के बीच राजद-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘गठबंधन' नहीं, बल्कि ‘लठबंधन' (अपराधियों का गठबंधन) है क्योंकि दिल्ली और बिहार के इसके सभी नेता जमानत पर बाहर हैं। मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने को कहा कि बुजुर्ग लोग युवाओं को ‘‘जंगलराज'' के दौरान हुए अत्याचारों के बारे में जानकारी दें। मोदी का इशारा उस समय की ओर था जब बिहार में राजद प्रमुख लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे।
ऑडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत: युवा संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में ‘जंगलराज' को लोग अगले 100 साल तक नहीं भूलेंगे और विपक्ष अपनी करतूतों को छिपाने की कितनी भी कोशिश कर ले, जनता उसे माफ नहीं करेगी। मोदी ने कहा, ‘‘मैं बिहार के सभी युवाओं से कहूंगा कि वे हर बूथ पर युवाओं को इकट्ठा करें और उस क्षेत्र के बुजुर्गों को बुलाकर ‘जंगलराज' की पुरानी कहानियां सबको बताएं।'' उन्होंने एक भाजपा कार्यकर्ता से बातचीत करते हुए कहा कि देश में विकास का एक ‘महायज्ञ' चल रहा है, तथा केंद्र और बिहार में स्थिर सरकार के कारण चौतरफा काम हो रहा है। मोदी ने कहा, ‘‘बिहार में हर क्षेत्र में, हर दिशा में काम हो रहा है। अस्पताल बन रहे हैं, अच्छे स्कूल स्थापित हो रहे हैं और नए रेल मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि देश और बिहार में एक स्थिर सरकार है। जब स्थिरता होती है, तो विकास तेज होता है। यही बिहार की राजग सरकार की ताकत भी है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यही कारण है कि बिहार के युवा उत्साह से कह रहे हैं - ‘रफ्तार पकड़ चुका बिहार, फिर से एनडीए सरकार'।'' उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव राज्य के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने के लिए है और युवा इसमें अहम भूमिका निभाएंगे। मोदी ने कहा कि बिहार के भाइयों और बहनों से बेहतर जनता के वोट की ताकत कोई नहीं समझता। उन्होंने राज्य के युवाओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अनुरोध करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि 14 नवंबर को बिहार में महिला सशक्तीकरण का एक नया युग शुरू होगा, जब भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) फिर से सत्ता में आएगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से उन महिलाओं की सूची बनाने को कहा जिन्हें अभी तक ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' का लाभ नहीं मिला है और उन्हें योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया। मोदी ने कहा कि राजग के सभी घटक दलों के कार्यकर्ताओं को मिलकर मतदाताओं में सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता केवल आपस में लड़ना और अपने हित साधना जानते हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार बिहार में नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद के उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मोदी ने कहा कि बिहार को प्रौद्योगिकी और ‘स्टार्ट-अप' हब बनाने की जरूरत है, ताकि युवा अन्य राज्यों का रुख न करें और राज्य में ही अपनी आजीविका कमा सकें। मोदी ने कहा, ‘‘नीतीश जी और राजग ने बिहार को ‘जंगलराज' से बाहर निकालने और कानून का राज स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत की।'' उन्होंने कहा कि बिहारवासियों को अब अपनी पहचान पर गर्व है।
कार्यकर्ताओं से प्रचार अभियान तेज करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को अगले 20 दिन तक चौबीसों घंटे लोगों के बीच रहना होगा।'' मोदी ने युवा भाजपा कार्यकर्ताओं से बिहार के पहली बार के मतदाताओं से जुड़ने और उन्हें उनके वोट की ताकत के बारे में बताने को कहा। बिहार में छह और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी। - रुद्रप्रयाग/उत्तरकाशी । उत्तराखंड में स्थित विश्वप्रसिद्ध उच्च गढ़वाल हिमालयी धामों केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट बृहस्पतिवार को भैयादूज के पावन पर्व पर परंपरागत पूजा पाठ और विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए । रुद्रप्रयाग जिले में स्थित भगवान शिव के धाम और ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ के कपाट सुबह साढ़े आठ बजे बंद किए गए । बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सूत्रों ने बताया कि विशेष पूजा-अर्चना के बाद बाबा केदार के कपाट कार्तिक शुक्ल सप्तमी में अनुराधा नक्षत्र में सुबह साढ़े आठ बजे श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए । ठंड के बावजूद कपाट बंद होने के मौके पर लगभग दस हजार श्रद्धालु मौजूद थे जो ‘हर हर महादेव', 'जय बाबा केदार' और ‘बम बम भोले' का जयघोष कर रहे थे । इस पल का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालुओं के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे । इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित भी उपस्थित थे। अब सर्दियों में अगले छह माह तक भगवान केदारनाथ की पूजा उनके शीतकालीन प्रवास स्थल उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में की जाएगी। कपाट बंद होने के मौके पर मंदिर को पुष्पों से भव्य रूप में सजाया गया था । सेना के बैंड की भक्ति धुनों और श्रद्धालुओं के जयकारे के बीच जब भगवान केदारनाथ की उत्सव डोली बाहर लायी गयी तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा । उत्सव डोली बृहस्पतिवार को रात्रि प्रवास रामपुर में करेगी जबकि शुक्रवार को यह गुप्तकाशी पहुंचेगी जहां से 25 अक्टूबर को डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी। केदारनाथ मंदिर के कपाट अब अगले वर्ष अप्रैल–मई में श्रद्धालुओं के लिए फिर से खुलेंगे। इसकी तिथि और मुहूर्त महाशिवरात्रि के पर्व पर तय किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश—विदेश से आए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप केदारपुरी का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण कार्य हुआ है । उन्होंने कहा कि सरकार शीतकालीन चारधाम यात्रा को भी प्रोत्साहित कर रही है । उन्होंने श्रद्धालुओं से शीतकाल के दौरान भी चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों में पूजा—अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लेने का आग्रह किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष कुल 17,68,795 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए जो पिछले साल आए श्रद्धालुओं की संख्या से करीब सवा लाख अधिक है । इस वर्ष मानसून के दौरान आपदाओं के कारण यात्रा के बार—बार बाधित होने के बावजूद चारधाम तथा हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए करीब 50 लाख श्रद्धालु आ चुके हैं । गढ़वाल हिमालय के चार धामों में शामिल एक अन्य धाम यमुनोत्री के कपाट भी बृहस्पतिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा अर्चना के बाद विशाखा नक्षत्र में दोपहर 12:30 पर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए । यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरूषोत्तम उनियाल ने बताया कि अब सर्दियों के दौरान छह माह तक मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थल खुशीमठ (खरसाली) गांव में होंगे। इस वर्ष की चारधाम यात्रा अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है जहां गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो चुके हैं । अब बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होना शेष हैं जो 25 नवंबर को होंगे और इसी के साथ इस वर्ष की चारधाम यात्रा का समापन हो जाएगा । सर्दियों में बर्फबारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण चारधामों के कपाट हर साल अक्टूबर—नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल अप्रैल—मई में फिर खोल दिए जाते हैं ।
- नयी दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अगले सप्ताह मलेशिया में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे। मोदी ने बृहस्पतिवार को फोन पर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को यह सूचना दी।प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मेरे प्रिय मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। उन्हें मलेशिया की आसियान की अध्यक्षता के लिए बधाई दी और आगामी शिखर सम्मेलनों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से शामिल होने और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए उत्सुक हूं।'' दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) की बैठकें 26 से 28 अक्टूबर को होनी है।मलेशिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ आसियान समूह के वार्ता साझेदार कई देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है। ट्रंप 26 अक्टूबर को दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर जाएंगे।आसियान-भारत वार्ता संबंध 1992 में क्षेत्रीय साझेदारी की स्थापना के साथ शुरू हुए। यह दिसंबर 1995 में पूर्ण वार्ता साझेदारी और 2002 में शिखर सम्मेलन स्तरीय साझेदारी में परिवर्तित हो गया। दोनों देशों के बीच संबंध 2012 में रणनीतिक साझेदारी स्तर तक बढ़ गए। आसियान के 10 सदस्य देशों में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमा और कंबोडिया शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें व्यापार और निवेश के साथ-साथ सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों की आपूर्ति शृंखला को जुझारू बनाने के लिए काम कर रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त खर्च करने के लिए भी तैयार है। गोयल ने यह बात ‘संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन' (अंकटाड) की मंत्री-स्तरीय बैठक में कही। इस बैठक में ‘जुझारू, टिकाऊ और समावेशी आपूर्ति शृंखला और व्यापार लॉजिस्टिक' पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश की खुदरा और औद्योगिक क्षमता बढ़ाने के इरादे से ‘आत्मनिर्भर भारत' पहल शुरू की है। गोयल ने कहा, ‘‘हम प्रत्येक आपूर्ति शृंखला को उद्योग के हिसाब से देख रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हम कहां कमजोर हैं और हमें कहां क्षमता विस्तार की जरूरत है। हम अपनी आपूर्ति शृंखलाओं में जुझारू बनाने के लिए अतिरिक्त खर्च करने को तैयार हैं।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन' (पीएलआई) योजना और सेमीकंडक्टर उत्पादन बढ़ाने की नीति शुरू की है। साथ ही, ढांचागत विकास के लिए एक लाख करोड़ डॉलर का राष्ट्रीय मास्टर प्लान भी शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में भारत ने बंदरगाह क्षमता दोगुनी की है। इसके साथ हवाई अड्डों की संख्या 74 से 158 तक बढ़ाई और अगले 7-8 साल में इसे 225 तक ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि रेल, सड़क और अंतर्देशीय जलमार्ग नेटवर्क के विकास में भी बड़े निवेश किए जा रहे हैं।गोयल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र से उत्पादन या आपूर्ति पर निर्भरता ज्यादा होने पर आत्मनिर्भरता की तरफ ध्यान दिया जाता है। मसलन, इजराइल-हमास संघर्ष ने लाल सागर मार्ग से समुद्री व्यापार को प्रभावित किया, जिससे विविध स्रोतों की जरूरत महसूस हुई। गोयल ने कहा कि जब भी भारत दुनिया के बाकी देशों के साथ व्यापार करता है, तो वह विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदारों की तलाश करता है। उन्होंने बताया कि भारत को उपकरण और विभिन्न कलपुर्जों की जरूरत अभी भी विदेशों से पड़ती है। इसलिए सरकार ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और मित्र देशों के साथ व्यापार संबंधों का विस्तार किया है। इनका उद्देश्य केवल सस्ता सौदा करना नहीं, बल्कि भरोसा और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करना है। गोयल ने यह भी कहा कि कम विकसित और विकासशील देशों को मिलकर वैश्विक समस्याओं का समाधान करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत यूपीआई जैसी भुगतान प्रणाली अन्य देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है, जिससे लेन-देन एवं भुगतान की लागत कम हो सकती है।
- नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र का यूको बैंक अपनी उपस्थिति और कारोबार का विस्तार करने के लिए अगले पांच माह में 150 और शाखाएं खोलने की योजना बना रहा है। वर्तमान में, कोलकाता स्थित इस ऋणदाता की देश भर में 3,322 शाखाएं हैं और 150 शाखाओं के जुड़ने से, चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसका नेटवर्क बढ़कर 3,472 हो जाएगा। यूको बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अश्विनी कुमार ने दूसरी तिमाही के आंकड़ों की मंजूरी के बाद एक कॉल के दौरान कहा कि बोर्ड ने मार्च तक 150 और शाखाएं खोलने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि बैंक, शाखाओं के माहौल को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आईटी, डिजिटल और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में और अधिक कुशल कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। सितंबर, 2025 तक, बैंक के कुल कर्मचारियों की संख्या 21,266 है।30 सितंबर, 2025 को समाप्त दूसरी तिमाही में, यूको बैंक ने शुद्ध लाभ में तीन प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही के 603 करोड़ रुपये के मुकाबले 620 करोड़ रुपये रहा। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की कुल आय 7,071 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,421 करोड़ रुपये हो गई। बैंक की ब्याज आय भी बढ़कर 6,537 करोड़ रुपये हो गई, जो एक वर्ष पहले इसी तिमाही में 6,078 करोड़ रुपये थी।
- नयी दिल्ली. मुधोल हाउंड और रामपुर हाउंड जैसे भारतीय नस्ल के कुत्तों को पहली बार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रशिक्षकों द्वारा हेलीकॉप्टर से नीचे उतरने और ‘रिवर राफ्टिंग' जैसे उच्च जोखिम वाले कमांडो अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह पहला अभ्यास सीमा बल के टेकनपुर (मध्यप्रदेश) स्थित ‘नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स' (एनटीसीडी) द्वारा शुरू किया गया। पिछले कुछ वर्ष में सूंघने और चीजों का पता लगाने के काम में इन कुत्तों की उपयोगिता को लेकर ‘बहुत सकारात्मक' प्रतिक्रिया और परिणाम मिले हैं, जिसके बाद यह अभ्यास किया गया।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “भारतीय नस्ल के लगभग एक दर्जन कुत्तों को पहली बार उनके संचालकों के साथ खतरनाक कमांडो अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जब कमांडो हवाई मार्ग से युद्ध क्षेत्र में तैनात किए जाएंगे, तो वे हेलीकॉप्टर से नीचे उतरेंगे।” उन्होंने बताया, “इन कुत्तों को रिवर राफ्टिंग और विशेष अभियान इकाई के जवानों के साथ आतंकवादियों को ठिकाने से खदेड़ने के लिए हमले करने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।” अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड के देहरादून में बीएसएफ का एक विशेष संस्थान राज्य से होकर बहने वाली गंगा नदी के उफनते पानी में ‘रिवर राफ्टिंग' के लिए कुत्तों को प्रशिक्षित कर रहा है जबकि एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को भी इस अभियान के लिए तैनात किया गया है, जहां कमांडो एक मजबूत रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर से नीचे जमीन पर उतरते हैं। कुत्ते को सुरक्षा उपकरणों की मदद से कमांडो की पीठ पर सुरक्षित रूप से बांधा जाता है और जैसे ही ‘हैंडलर' उसे हमला करने का निर्देश देता है, कुत्ता तुरंत हरकत में आ जाता है। अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) एकमात्र ऐसा सुरक्षा संगठन है, जिसने हेलीकॉप्टर से उतरने वाले कुत्तों को प्रशिक्षित किया है लेकिन ये भारतीय नस्ल के नहीं बल्कि बेल्जियन मालिनोइस नस्ल के हैं।
- मुंबई. सीमा शुल्क अधिकारियों ने यहां छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो अलग-अलग मामलों में लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त कर तीन यात्रियों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि ये बरामदगी सोमवार और मंगलवार को की गई।अधिकारी ने बताया कि बैंकॉक से आए एक यात्री को 11.922 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया, जिसकी कीमत लगभग 11.92 करोड़ रुपये है। एक अन्य अभियान में, सीमा शुल्क अधिकारियों ने हांगकांग से आ रहे दो यात्रियों को रोका। उनके सामान की जांच के दौरान, उनके पास से 7.864 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 7.86 करोड़ रुपये आंकी गई। हाइड्रोपोनिक गांजा उस गांजे को कहते हैं जिसे मिट्टी की बजाय पोषक घोल वाले जल में, हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाया गया हो।
- फरीदाबाद. राष्ट्रीय राजधानी से सटे फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में साइबर ठगों द्वारा प्रवर्तन अधिकारी बनकर 68 वर्षीय एक बुजुर्ग को पांच दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट' रखे जाने और फिर 81 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि सेक्टर 7डी निवासी विष्णुपद चटर्जी द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, ठगों ने उन पर धनशोधन और मानव तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगाया और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट' कर ठगी की। चटर्जी ने पांच दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट' रखने का ब्योरा देते हुए दावा किया कि 14 अक्टूबर को अपराह्न 2.29 बजे उन्हें एक फोन आया जिसमें फोन करने वाले ने खुद को पुलिस और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी बताते हुए कहा कि कुछ अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।शिकायतकर्ता ने कहा, ‘‘फोन करने वालों ने दावा किया कि मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और मुझे डिजिटल रूप से गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने मुझे पांच दिन तक वीडियो कॉल पर रखा, धमकाया और भुगतान करने के लिए मजबूर किया। 16 अक्टूबर को 51 लाख रुपये का भुगतान कराया गया जबकि 17 अक्टूबर को आरटीजीएस के माध्यम से 30 लाख रुपये का एक और भुगतान कराया गया।'' फरीदाबाद पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद बल्लभगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- नयी दिल्ली. दिल्ली में 27 वर्षीय सुमित के परिवार को बुधवार तड़के एक अजनबी के फोन कॉल ने झकझोर कर रख दिया। इस अजनबी व्यक्ति ने फोन पर सुमित के परिवार को उसकी मौत की सूचना दी। दिल्ली के लिबासपुर फ्लाईओवर पर एक क्षतिग्रस्त रॉयल एनफील्ड (बुलेट) मोटरसाइकिल के पास सुमित अपने दो दोस्तों के साथ खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस के अनुसार तीनों दोस्त अक्सर साथ में बाहर जाते थे और रात का खाना खाकर हरियाणा के मुरथल से लौट रहे थे, तभी उनकी मोटरसाइकिल एक अचिह्नित कंक्रीट के अवरोधक से टकरा गई। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था।''अन्य दो मृतकों की पहचान मोहित (26) और उसके चचेरे भाई अनुराग (23) के रूप में हुई है। सुमित की जल्द ही शादी होने वाली थी और वह अपने परिवार का मुख्य कमाने वाला था। सुमित के चाचा अंकित शर्मा (37) ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि बुधवार तड़के एक अजनबी के फोन से उनकी नींद खुल गई। अंकित शर्मा ने कहा, ‘‘ उस व्यक्ति ने उन्हें सड़क पर पड़ा देखा और अपने फोन से हमें फोन करके बताया कि वह (सुमित) खून से लथपथ सड़क पर पड़ा है। एक पल के लिए तो उसके माता-पिता को लगा कि यह कोई बुरा सपना है। लेकिन जल्द ही हम सबको एहसास हुआ कि हमारी जिंदगी में एक तूफान आ गया है।'' उन्होंने बताया कि सुमित ने बी.कॉम की पढ़ाई की थी और वह प्राइवेट नौकरी करता था, उसकी जल्द ही शादी होने वाली थी। सब कुछ करीब-करीब तय हो चुका था। सुमित के चाचा ने कहा, ‘‘हमें क्या पता था कि वह हमें इतनी जल्दी छोड़ कर चला जाएगा।''सुमित के परिवार में उसकी मां, पिता और दो छोटी बहनें और एक छोटा भाई है। सुमित के रिश्तेदार ने कहा, ‘‘वह परिवार का मुख्य कमाने वाला था और उनके पालन-पोषण के लिए कड़ी मेहनत करता था। परिवार आर्थिक रूप से उस पर निर्भर था, और उसका छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। अब परिवार का भविष्य बहुत अनिश्चित लग रहा है।'' पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) हरेश्वर स्वामी ने एक बयान में कहा, ‘‘ प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पीड़ित हरियाणा के मुरथल से रात्रि भोजन के बाद लौट रहे थे, तभी उनकी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल फ्लाईओवर पर रखे कंक्रीट के अवरोधक से टकरा गई। दुर्घटना के समय तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। '' पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस दुर्घटना के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (तेज गति से वाहन चलाना) और 106(1) (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- मुंबई. देश में कृत्रिम मेधा (एआई) कौशल से जुड़ी नौकरियों की लगातार बढ़ती मांग के बीच सितंबर महीने में एआई-संबंधित नौकरियों में 11.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 8.2 प्रतिशत थी। वैश्विक ऑनलाइन भर्ती मंच ‘इनडीड' ने बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, तीन महीने पहले एआई कौशल वाली नौकरियों में 10.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। इनडीड के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के वरिष्ठ अर्थशास्त्री कैलम पिकरिंग ने कहा, “भारत अन्य बाजारों की तुलना में ऐसी नौकरियों के मामले में उच्च स्थान पर है। भारत को छोड़कर केवल सिंगापुर में ही एआई से जुड़ी नौकरियों की मांग का प्रतिशत इतना अधिक है। यह साफ है कि भारत में कई नियोक्ता एआई पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं।” यह रिपोर्ट इनडीड के मंच पर पोस्ट की गई भर्तियों के ब्योरे पर आधारित है।रिपोर्ट कहती है कि एआई से जुड़ी नौकरियां मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी क्षेत्र में केंद्रित हैं लेकिन अब इनका विस्तार धीरे-धीरे अन्य क्षेत्रों में भी हो रहा है। डेटा और एनालिटिक्स क्षेत्र में लगभग 39 प्रतिशत, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में 23 प्रतिशत, बीमा क्षेत्र में 18 प्रतिशत और वैज्ञानिक अनुसंधान में 17 प्रतिशत नौकरियों के आवेदनों में एआई का उल्लेख है। एआई कौशल की मांग इंजीनियरिंग के सभी क्षेत्रों में देखी जा रही है। इनमें औद्योगिक इंजीनियरिंग (17 प्रतिशत), मैकेनिकल इंजीनियरिंग (11 प्रतिशत) और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (9.2 प्रतिशत) का स्थान प्रमुख है। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में भर्ती के कुल विज्ञापनों में 0.8 प्रतिशत गिरावट आई, जो भर्तियां कम होने का लगातार छठा महीना है। हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि देश में संगठित क्षेत्र मजबूत बना हुआ है और पर्याप्त नौकरियां भी उपलब्ध हैं। इनडीड ने कहा कि एआई के बढ़ते प्रभाव के कारण नियोक्ताओं को विशेषज्ञ और उच्च-कुशल कर्मचारियों की तलाश है, जो डेटा एनालिटिक्स और स्वचालन जैसे एआई कौशल में दक्ष हों। हालांकि, मौजूदा समय में ऐसे कुशल कर्मचारियों की संख्या कम है।
- वाराणसी (उप्र). वाराणसी के रामनगर इलाके में बुधवार को एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दम्पति और उनकी एक साल की बेटी की मौत हो गयी। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि यह हादसा दोपहर करीब 12 बजे रामनगर थाना क्षेत्र के भीटी इलाके के पास हुआ। उन्होंने बताया कि ओम प्रकाश सिंह (31) अपनी पत्नी ममता (27) और एक साल की बच्ची को साथ लेकर मोटरसाइकिल से जा रहे थे और रास्ते में भीटी क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी और वे सड़क पर गिर गये तथा ट्रक की चपेट में आ गये। तीनों की मौके पर ही मौत हो गयी। त्रिपाठी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रक के चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।
- नयी दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक का स्वर्ण भंडार वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 880 टन के स्तर को पार कर गया। इस भंडार में केंद्रीय बैंक ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में 0.2 टन सोना जोड़ा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 26 सितंबर, 2025 तक सोने का कुल मूल्य 95 अरब डॉलर था। बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, हाल के महीनों में सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग में वृद्धि हुई है। सितंबर में समाप्त छमाही में, रिजर्व बैंक ने 0.6 टन (600 किलोग्राम) सोना खरीदा। रिजर्व बैंक के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, सितंबर और जून में क्रमशः कुल 0.2 टन (200 किलोग्राम) और 0.4 टन (400 किलोग्राम) सोना खरीदा गया। रिजर्व बैंक के पास कुल स्वर्ण भंडार सितंबर के अंत तक बढ़कर 880.18 टन हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत तक 879.58 टन था। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, रिजर्व बैंक ने 54.13 टन सोना जोड़ा था।बुलेटिन में कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसने सुरक्षित निवेश के लिए खरीदारी को प्रोत्साहित किया और केंद्रीय बैंकों और निवेशकों द्वारा वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में सोने की निरंतर मांग ने घरेलू कीमतों में वृद्धि को बढ़ावा दिया। बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर, केंद्रीय बैंकों ने आधिकारिक भंडार में 166 टन सोना जोड़ा, जिससे इसकी मांग में और वृद्धि हुई। तीसरी तिमाही में सोने की कीमतें ऊंची रहीं, सितंबर में सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गईं।
- नयी दिल्ली. खाद्य सुरक्षा से जुड़े अहम क्षेत्र खाद्य तेल उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार ने बुधवार को कहा कि वह नए नियामकीय आदेशों के अनुपालन की जांच के लिए देशभर में निरीक्षण अभियान शुरू करेगी। खाद्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि ये निरीक्षण जांच हाल ही में संशोधित एक आदेश के तहत की जाएंगी, जिसमें खाद्य तेल बनाने, प्रसंस्करण करने और बेचने वाली सभी इकाइयों को पंजीकरण कराना और हर महीने उत्पादन का ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह कदम नियमों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों पर कार्रवाई के लिए है। इसका उद्देश्य अनुपालन की गंभीरता को सुदृढ़ करना और खाद्य तेल क्षेत्र के राष्ट्रीय डेटा तंत्र की विश्वसनीयता को बनाए रखना है।संशोधित ‘वनस्पति तेल उत्पाद, उत्पादन एवं उपलब्धता (नियमन) आदेश, 2025' के तहत खाद्य तेल कंपनियों को राष्ट्रीय एकल खिड़की व्यवस्था (एनएसडब्ल्यूएस) पर अपना पंजीकरण कराना होगा और उन्हें एडिबलऑयलइंडिया.इन के पोर्टल पर मासिक रिपोर्ट भी जमा करनी होगी। खाद्य मंत्रालय ने कहा कि इन प्रावधानों का पालन नहीं करने वाली खाद्य तेल कंपनियों के खिलाफ संशोधित आदेश और सांख्यिकी संकलन अधिनियम, 2008 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब भारत खाद्य तेल की अपनी घरेलू मांग पूरी करने के लिए आयात पर बहुत निर्भर है। देश हर साल 1.4 करोड़ टन से अधिक खाद्य तेल का आयात करता है, जिनमें प्रमुख रूप से इंडोनेशिया एवं मलेशिया से पाम तेल और अर्जेंटीना एवं ब्राजील से सोया तेल मंगाया जाता है। मंत्रालय ने बताया कि बड़ी संख्या में खाद्य तेल इकाइयों ने पहले ही पोर्टल पर पंजीकरण करा लिया है जिससे यह संकेत मिलता है कि उद्योग इस नियामकीय बदलाव में सहयोग कर रहा है। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था खाद्य तेल क्षेत्र में वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित करेगी और नीतिगत हस्तक्षेप की क्षमता को बेहतर बनाएगी। मंत्रालय ने इसे भारत की खाद्य सुरक्षा अवसंरचना में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
- भोपाल. मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बुधवार को इन दावों को खारिज कर दिया कि वह राजनीति में हाशिए पर हैं और एक बार फिर दोहराया कि वह साल 2029 के लोकसभा चुनाव में झांसी संसदीय सीट से ही चुनाव लड़ना चाहती हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘मैं राजनीति में हाशिए पर रत्ती बराबर भी नहीं हूं...मैंने पार्टी को सूचना दे दी है कि मैं 2029 में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। पार्टी अगर चाहेगी तो मैं 2029 का चुनाव जरूर लडूंगी। लेकिन मैं लोकसभा का चुनाव सिर्फ झांसी से लडूंगी। अगर पार्टी कहेगी तो मैं ना नहीं कहूंगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘बाकी मुझे और किसी प्रकार की राजनीति में रुचि नहीं है।''भारती ने कहा कि उनकी राजनीति में मुख्य रुचि गाय और गंगा से जुड़े कार्यों में है और इस सिलसिले में वह 29 अक्टूबर को गोपाष्टमी के अवसर पर 'गौ-संवर्धन अभियान' शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान डेढ़ साल तक चलेगा और इसमें ग्राम पंचायतों के सहयोग से किसानों को जोड़ा जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को लाडली बहना योजना की लाभार्थियों को दो गायें देनी चाहिए, जिससे वह उन्हें पाल भी सकेंगी और आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। भारती ने पिछले दिनों सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा था कि यदि पार्टी कहेगी तो वह सिर्फ झांसी लोकसभा सीट से 2029 में चुनाव जरूर लड़ेंगी। भारती 2014 के लोकसभा चुनाव में झांसी संसदीय क्षेत्र से सांसद चुनी गई थीं। उन्होंने इसी साल अगस्त में कहा था कि वह अभी राजनीति से दूर नहीं हुई हैं और समय आने पर चुनावी मैदान में उतरेंगी। भाजपा पिछले तीन लोकसभा चुनावों से लगातार झांसी सीट से विजयी रही है। वर्तमान में भाजपा के अनुराग शर्मा इस सीट से लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं।भारती ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव' की परिकल्पना की पुरजोर वकालत की और कहा कि इससे विकास से जुड़ी कई सारी अड़चनें दूर हो जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी इच्छा है कि 45 दिन में लोकसभा, विधानसभा, नगर पालिका, नगर निगम और नगर पंचायत के चुनाव सब निपटा दिए जाएं।'' भाजपा की वरिष्ठ नेता ने भगवान कृष्ण को ‘गोपाल' बोलने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा जताई गई आपत्ति के बारे में कहा कि राजनीतिक नेताओं को धर्मशास्त्र का ‘मर्मज्ञ' नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान का गोपाल नाम हजारों साल पहले रखा गया है और उनका नाम गोपाल है तथा यह सभी की जुबान पर है। भारती ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘‘नेताओं को धर्मशास्त्र के सवाल से परहेज करना चाहिए। गोपाल नाम बहुत पुराना है।... और मोहन (मुख्यमंत्री मोहन यादव) तो गोपाल ही है एक प्रकार से। वह सहज भाव से बोलने वाला व्यक्ति है। बहुत सरल व्यक्ति है। यह तो... लोगों का काम है कि भगवान को कौन किस नाम से पुकारता है।'' मुख्यमंत्री यादव ने पिछले दिनों गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम के मौके पर कहा था कि ‘उन्हें (भगवान कृष्ण को) गलती से गोपाल बोलते हैं, ये उनसे थोड़ी जुड़ता है, जो गाय पाले वो गोपाल होता है।' भारती ने कहा कि राजनीतिक नेता शास्त्र के विशेषज्ञ नहीं हैं और उन्हें अपने मनोभाव सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं करने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘संतों पर छोड़ दो। भगवान कृष्ण, गोपाल हैं या माखन चोर हैं यह लोगों के व्यक्तिगत आनंद और भक्ति का विषय है। मुझे लगता है कि थोड़ा भोला भंडारी है हमारा मुख्यमंत्री मोहन यादव।'' भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री के मुंह से यह बात निकल गई होगी और जब उनको बताया जाएगा तो उनको लगेगा कि उन्हें यह नहीं बोलना चाहिए था।
- नयी दिल्ली. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने संशोधित आईटी नियमों के तहत यह स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया मंच से ‘अवैध सूचना' वाली सामग्री को हटवाने के लिए नोटिस केवल वरिष्ठ अधिकारी ही जारी कर सकेंगे और उसमें स्पष्ट विवरण एवं कारणों का भी उल्लेख करना होगा। मंत्रालय ने कहा कि आईटी नियम 3(1)(डी) के तहत दिए जाने वाले सभी आदेशों की मासिक समीक्षा भी सचिव या समकक्ष स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये कार्रवाइयां आवश्यक, आनुपातिक और कानून के अनुरूप हों।नियम 3(1)(डी) के तहत सोशल मीडिया मंचों को अवैध सूचना के बारे में जानकारी होते ही उसे हटाना जरूरी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस बदलाव से सरकार की जवाबदेही बढ़ेगी और जब भी ऐसा आदेश पारित होगा, उसका कारण स्पष्ट रूप से बताया जाएगा। आदेश अब संयुक्त सचिव या उसके ऊपर और पुलिस मामलों में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) या उसके ऊपर के अधिकारी द्वारा ही पारित किए जाएंगे।'' आईटी मंत्रालय ने एक नोट में कहा कि सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए आईटी नियम, 2021 के नियम 3(1)(डी) में संशोधनों को अधिसूचित कर दिया है। इस नोट में कहा गया है कि इस संशोधन का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करना है। इसके तहत नोटिस में कानूनी आधार, संबंधित सांविधिक प्रावधान, अवैध कृत्य का प्रकार और हटाई जाने वाली सामग्री का यूआरएल या पहचान संकेत स्पष्ट रूप से बताना होगा। इस संशोधन के जरिये यह संतुलन स्थापित करने की कोशिश की गई है कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन न हो और सरकार की वैध निगरानी एवं नियम लागू करने की क्षमता भी सुनिश्चित हो। मंत्रालय ने कहा कि विस्तृत और कारण सहित नोटिस देने से ऑनलाइन मंचों को कानूनी अनुपालन में मार्गदर्शन मिलेगा और कानून के तहत लागू प्रतिबंधों में संतुलन और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखा जाएगा।खास खबर
- नयी दिल्ली. देश में ऑनलाइन खरीदारी की आदतें अब धीरे-धीरे त्योहारी मौसम पर कम निर्भर होती जा रही हैं लेकिन इस दौरान मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स श्रेणियों में बिक्री अब भी सबसे अधिक हुई है। एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष पेश किया गया है। परामर्शदाता कंपनी रेडसीर की तरफ से जारी रिपोर्ट कहती है कि भारत का ऑनलाइन खुदरा क्षेत्र अब पूरे वर्ष में अधिक संतुलित मांग की राह पर बढ़ रहा है। इसके बावजूद मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी श्रेणियां अब भी वार्षिक त्योहारी उछाल पर निर्भर हैं।रेडसीर ने कहा, ‘‘भारत का ऑनलाइन खुदरा परिदृश्य धीरे-धीरे संतुलित मांग वक्र की ओर बढ़ रहा है। लेकिन त्योहारों के दौरान अब भी मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स ही बिक्री की रफ्तार तय करते हैं।'' रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल खंड में त्योहारी मौसम से जुड़ा उतार-चढ़ाव सबसे अधिक है, जिसका ‘मौसमी सूचकांक अंतराल' 1.7 रहा। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद 1.3 के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इन दोनों श्रेणियों की मांग सितंबर-अक्तूबर के महीनों में सबसे अधिक रहती है। मोबाइल फोन का मासिक सूचकांक 2.3 के करीब है जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स का 2.0 के आसपास पहुंचता है। रिपोर्ट कहती है कि विभिन्न ब्रांड को त्योहारी समय पर अपनी निर्भरता घटाने के लिए कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही जैसे सुस्त बिक्री समय में विशेष उत्पादों की पेशकश या प्रचार अभियान शुरू करने पर ध्यान देना चाहिए।राशन के सामान, सौंदर्य उत्पाद और व्यक्तिगत देखभाल वाली श्रेणियों को ऑनलाइन बिक्री के लिहाज से सबसे स्थिर बताया गया है क्योंकि इनमें सालभर मांग लगभग समान रहती है। यह कम मूल्य वाले, बार-बार खरीदे जाने वाले उत्पादों की विशेषता है। वहीं, घरेलू साज-सज्जा एवं फर्नीचर के साथ फैशन श्रेणियां मध्यम मौसमी प्रवृत्ति दिखाती हैं, जिनमें त्योहारी महीनों में उछाल तो आता है, पर इनमें उतार-चढ़ाव उतना अधिक नहीं होता है। रेडसीर ने कहा कि भारत में ऑनलाइन खुदरा कारोबार धीरे-धीरे त्योहारों के समय की चरम स्थिति से बाहर निकल रहा है। भविष्य में वही कंपनियां बाजार की अग्रणी होंगी जो न केवल त्योहारी उच्च मांग को कुशलता से संभाल सकेंगी, बल्कि सुस्त महीनों में भी मांग पैदा कर सकेंगी। रिपोर्ट कहती है, ‘‘ऑनलाइन खुदरा मंचों को जरूरी क्षेत्रों की स्थिरता का उपयोग करके लगातार मांग बनाए रखनी चाहिए ताकि अचानक चरम की स्थिति में परिचालन दबाव कम हो सके।''रिपोर्ट
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को 61 वर्ष के हो गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू सहित कई अन्य प्रमुख नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने एक संदेश में कहा कि शाह ने भारत के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं कि प्रत्येक भारतीय सुरक्षा एवं सम्मान का जीवन जी सके। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “गृह मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। जनसेवा के प्रति समर्पण की भावना और मेहनती होने के कारण उन्हें व्यापक रूप से सराहा जाता है।... ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ एवं दीर्घायु रहें।” शाह लगभग चार दशकों से प्रधानमंत्री के विश्वसनीय सहयोगी रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने बधाई देते हुए कहा कि शाह का सार्वजनिक जीवन समर्पण और संगठनात्मक कौशल का अद्वितीय उदाहरण है। नड्डा ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने के गृह मंत्री के अटूट संकल्प के कारण देश को नक्सल मुक्त बनाने की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। उन्होंने ‘हैप्पी बर्थडे अमित शाह' टैगलाइन के साथ ‘एक्स' पर लिखा, “(भाजपा) संगठन के विस्तार से लेकर विचारधारा के सशक्तीकरण तक, आपने नयी ऊंचाइयां प्रदान की हैं। मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना करता हूं।” नड्डा से पहले शाह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में शाह को अत्यंत परिश्रमी और दृढ़ निश्चयी बताया।
सिंह ने कहा कि शाह भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और देश में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पूरे जोश के साथ काम कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने ‘एक्स' पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, “मैं ईश्वर से उनके दीर्घायु होने की, उत्तम स्वास्थ्य की और राष्ट्र सेवा में निरंतर सफलता की कामना करता हूं।” राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक जदयू के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी गृह मंत्री को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना है।” तेदेपा प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और हमारे महान राष्ट्र की सेवा में उनके लंबे जीवन की प्रार्थना करता हूं।” चतुर राजनीतिज्ञ और कुशल रणनीतिकार के रूप में प्रसिद्ध शाह का जन्म 1964 में मुंबई में एक संपन्न गुजराती परिवार में हुआ था। वह पहली बार 2002 में गुजरात में मंत्री बने थे जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उस समय, वह राज्य सरकार में सबसे युवा मंत्री थे। एक समय में उनके पास 12 विभाग थे - गृह, कानून एवं न्याय, जेल, सीमा सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा, आबकारी, परिवहन और निषेध, आदि। शाह को 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा महासचिव नियुक्त किया गया और उन्हें राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश का प्रभार दिया गया। उनके नेतृत्व में भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 73 पर जीत हासिल की।
जुलाई 2014 में, शाह को भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनके कार्यकाल के दौरान, भाजपा ने पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में अपने संगठनात्मक आधार का विस्तार किया। शाह को भाजपा के विकास और उसकी चुनावी रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला माना जाता है, जिससे पार्टी को 2014 से अच्छा लाभ मिला है। वह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में शामिल हुए। -
नयी दिल्ली. पवित्र ‘जोड़े साहिब' (गुरु गोबिंद सिंह और उनकी धर्मपत्नी माता साहिब कौर की पादुकाएं) को बृहस्पतिवार को एक धार्मिक शोभायात्रा के साथ पटना स्थित ‘तख्त पटना साहिब' ले जाया जाएगा, जहां इन अवशेषों को स्थायी रूप से रखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से ‘जोड़े साहिब' के ‘दर्शन' करने का आग्रह किया क्योंकि ‘गुरु चरण यात्रा' हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर दसवें सिख गुरु (गुरु गोबिंद सिंह) के जन्मस्थान तख्त पटना साहिब पहुंचने वाली है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह गुरु चरण यात्रा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और माता साहिब कौर जी के महान आदर्शों के साथ हमारे जुड़ाव को और गहरा बनाए। जहां-जहां से यह यात्रा गुजरेगी उन क्षेत्रों के लोगों से मैं आग्रह करता हूं कि वे पवित्र ‘जोड़े साहिब' के दर्शन करें। ये पवित्र अवशेष 300 से अधिक वर्षों से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के परिवार के पास हैं। बुधवार को यहां गुरुद्वारा मोती बाग में एक विशेष ‘कीर्तन समागम' आयोजित किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र अवशेषों के ‘दर्शन' किए। पुरी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज मुझे बेहद खुशी है कि मेरा परिवार पवित्र अवशेषों की अभिरक्षा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सौंप देगा।'' उन्होंने कहा कि पवित्र ‘जोड़े साहिब' को ‘गुरु चरण यात्रा' के साथ ले जाया जाएगा और तख्त श्री पटना साहिब में ‘दशम पिता' के जन्मस्थान पर स्थायी रूप से स्थापित किया जाएगा, जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे और ‘दर्शन' कर सकेंगे। पुरी ने कहा, ‘‘गुरु चरण यात्रा 23 अक्टूबर को गुरुद्वारा मोती बाग से शुरू होगी और रात तक फरीदाबाद पहुंचेगी।'' उन्होंने कहा कि 24 अक्टूबर को पवित्र अवशेष फरीदाबाद से आगरा, फिर बरेली (25 अक्टूबर), महंगापुर (26 अक्टूबर), लखनऊ (27 अक्टूबर), कानपुर (28 अक्टूबर) और प्रयागराज (29 अक्टूबर) पहुंचेंगे। पवित्र अवशेषों को वाराणसी होते हुए सासाराम ले जाया जाएगा और 30 अक्टूबर को गुरुद्वारा गुरु का बाग,पटना साहिब पहुंचाया जाएगा। ‘जोड़े साहिब' को एक नवंबर को तख्त श्री पटना साहिब लाया जाएगा जिसके साथ इस यात्रा का समापन होगा।
पुरी के एक पूर्वज, जिन्होंने गुरु गोविंद सिंह की सेवा की थी, को उनकी सराहनीय ‘सेवा' के बदले में ये पादुकाएं दी गई थीं। एक किंवदंती के अनुसार, जब गुरु ने उन्हें कोई इनाम मांगने के लिए कहा, तो उन्होंने यह अनुरोध किया और अनुमति प्राप्त की कि वह पवित्र ‘जोड़े साहिब' को अपने पास रख सकें, ताकि गुरु और माता के आशीर्वाद को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचा सकें। ‘जोड़े साहिब' के अंतिम संरक्षक मंत्री के दिवंगत चचेरे भाई जसमीत सिंह पुरी थे, जो दिल्ली में करोल बाग में एक सड़क किनारे स्थित मकान में रहते थे। इस सड़क को बाद में बहुमूल्य पवित्र अवशेषों की पवित्रता के सम्मान में गुरु गोबिंद सिंह मार्ग नाम दिया गया। -
पथनमथिट्टा (केरल). राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सबरीमला ले जा रहे हेलीकॉप्टर के पहिये बुधवार सुबह यहां प्रमदम स्थित राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम में उतरते समय कंक्रीट के नवनिर्मित हेलीपैड में धंस गए। राष्ट्रपति के सड़क मार्ग से पंबा के लिए रवाना होने के बाद टीवी चैनलों पर दिखाए गए दृश्यों में कई पुलिसकर्मी और अग्निशमन बल के जवान हेलीकॉप्टर के पहियों को छोटे-छोटे गड्ढों से धक्के देकर बाहर निकालते हुए दिखाई दिए। हेलीकॉप्टर के हेलीपैड पर उतरने के बाद ये गड्ढे बन गए। घटना के बाद पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने इसे ‘‘सुरक्षा चूक'' करार दिया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह घटना दिखाती है कि केरल सरकार राष्ट्रपति की सुरक्षा के प्रति ‘लापरवाह' है। मुरलीधरन ने कहा कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता और उन्होंने कथित सुरक्षा चूक की जांच की मांग की। पूर्व मंत्री ने कहा कि भगवान अयप्पा की कृपा से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।
जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आखिरी समय में हेलीकॉप्टर उतारने के लिए स्टेडियम को चुना गया था और इसलिए मंगलवार देर रात वहां हेलीपैड बनाया गया। उन्होंने बताया कि पहले हेलीकॉप्टर को पंबा के समीप निलक्कल में उतारने की योजना बनायी गयी थी लेकिन खराब मौसम के कारण इसे प्रमदम में उतारने का फैसला किया गया। अधिकारी ने बताया, ‘‘कंक्रीट पूरी तरह से जम नहीं पाया था इसलिए जब हेलीकॉप्टर उतरा तो वह उसका भार नहीं संभाल सका और जहां पहिए जमीन को छू रहे थे, वहां गड्ढे बन गए।'' राष्ट्रपति मुर्मू केरल के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मंगलवार शाम को तिरुवनंतपुरम पहुंचीं और आज सुबह पथनमथिट्टा जिले के लिए रवाना हुईं, जहां एक पहाड़ी पर सबरीमला मंदिर स्थित है। मुर्मू प्रमदम से सड़क मार्ग से पंबा पहुंची जो सबरीमला की तलहटी में स्थित है। -
नयी दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत की और उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप आपके फोन करने और दिवाली की शुभकामनाएं देने के लिए धन्यवाद।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ रोशनी के इस पर्व पर दोनों महान लोकतंत्र दुनिया को आशा की किरण दिखाते रहें और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एकजुट रहें।'' दोनों नेताओं के बीच फोन पर यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब व्यापार शुल्क और अन्य मुद्दों को लेकर अमेरिका-भारत संबंधों में तल्खी है।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बताया कि देशभर में 6,06,374 नागरिकों को जीवनरक्षक कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) तकनीक की ट्रेनिंग दी गई है। यह प्रशिक्षण 13 से 17 अक्टूबर तक आयोजित सीपीआर जागरूकता सप्ताह के दौरान दिया गया।कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीक है जो हृदयगति रुकने जैसी आपात स्थितियों में मरीज के बचने की संभावना बढ़ाती है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इस सप्ताह के दौरान कुल 7.47 लाख से अधिक नागरिकों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। इनमें से 6.06 लाख से अधिक लोगों को व्यावहारिक प्रशिक्षण (physical training) दिया गया।भारत में सीपीआर का ज्ञान और उसका उपयोग अब भी वैश्विक मानकों की तुलना में कम है। इसी अंतर को पाटने के लिए मंत्रालय ने यह अभियान शुरू किया, ताकि देश के हर वर्ग तक सीपीआर की जानकारी और अभ्यास पहुंचाया जा सके।कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर 14,701 प्रतिभागियों ने ECHO प्लेटफॉर्म और यूट्यूब लाइव के माध्यम से प्रशिक्षण और प्रतिज्ञा कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं MyGov प्लेटफॉर्म पर 79,870 नागरिकों ने सीपीआर जागरूकता की डिजिटल प्रतिज्ञा ली।सीपीआर प्रशिक्षण सत्र राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों, केंद्रीय अस्पतालों, एम्स, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और अन्य पेशेवर संस्थानों द्वारा आयोजित किए गए। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों, CISF कर्मियों, हाउसकीपिंग स्टाफ और विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों को भी ट्रेनिंग दी गई।स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि “हैंड्स-ओनली सीपीआर” जैसी साधारण क्रिया मरीज के महत्वपूर्ण अंगों में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रखती है, जिससे जीवन बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर घर, स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थान पर कम से कम एक व्यक्ति ऐसा हो जो इस जीवनरक्षक तकनीक में प्रशिक्षित हो। -
नई दिल्ली।दीपावली के पावन पर्व के बाद दिल्ली पंजाब और हरियाणा के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो गई। मंगलवार को हवा की हालत इतनी खराब हो गई कि उसे ‘गंभीर’ और ‘खतरनाक’ माना गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के मुताबिक, चंडीगढ़ में हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ रही, जहां एक्यूआई 146 दर्ज किया गया। एक्यूआई का स्तर 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’, 401-450 ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर ‘गंभीर प्लस’ माना जाता है।
पंजाब के लुधियाना में एक्यूआई 209, अमृतसर में 225, जालंधर में 198, बठिंडा में 242 और पटियाला में 233 रहापंजाब के लुधियाना में एक्यूआई 209, अमृतसर में 225, जालंधर में 198, बठिंडा में 242 और पटियाला में 233 रहा। वहीं, हरियाणा में जो एक खेती वाला राज्य है, वहां फरीदाबाद में 247, सोनीपत में 343, करनाल में 201, भिवानी में 328, जींद में 247 और चरखी दादरी में 279 दर्ज किया गया।पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना प्रदूषण बढ़ने का प्रमुख कारण माना जाता है, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर तक भी पहुंचता हैपंजाब और हरियाणा में पराली जलाना प्रदूषण बढ़ने का प्रमुख कारण माना जाता है, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर तक भी पहुंचता है। हालांकि, इस साल दोनों राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई हैं। बता दें, पंजाब में सोमवार को 45 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं, जो इस सीजन में 19 अक्टूबर को दर्ज 67 घटनाओं से कम हैं।पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, तरनतारन और अमृतसर जिलों में सबसे अधिक मामले सामने आए हैंपंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, तरनतारन और अमृतसर जिलों में सबसे अधिक मामले सामने आए।हरियाणा में 17 अक्टूबर तक 30 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज हुईं, जो पिछले साल की समान अवधि में 601 थीं। साल 2023 में 546, 2022 में 330 और 2021 में 1,026 मामले थे, जो दर्शाता है कि पराली जलाने की प्रथा में लगातार कमी आई है। जिला-वार आंकड़ों में जींद में सबसे अधिक नौ मामले, सिरसा और सोनीपत में चार, फरीदाबाद में तीन और कैथल, पानीपत, यमुनानगर में दो मामले दर्ज हुए।प्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि चंडीगढ़ में एक्यूआई बढ़ने का कारण पंजाब और हरियाणा से आने वाली हवाएं हैं, जो इन क्षेत्रों में प्रदूषण साथ लाती हैंप्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि चंडीगढ़ में एक्यूआई बढ़ने का कारण पंजाब और हरियाणा से आने वाली हवाएं हैं, जो इन क्षेत्रों में प्रदूषण साथ लाती हैं। दिल्ली-एनसीआर में भी पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ना अब आम हो गया हैं। -
नई दिल्ली। दिवाली के जश्न के बाद चेन्नई शहर में वायु प्रदूषण के स्तर में तेजी से इजाफा हुआ। दिवाली के मौके पर रात भर शहर में पटाखों की गूंज सुनाई दी, जिसका असर हवा की गुणवत्ता पर साफ दिखा। सोमवार शाम तक स्थिति सामान्य थी, लेकिन मंगलवार सुबह आते-आते शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 154 तक पहुंच गया, जो ‘मध्यम से खराब’ श्रेणी में आता है। इसकी तुलना में दिवाली से एक दिन पहले यह 80 दर्ज किया गया था।
तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) के मुताबिक, सबसे खराब स्थिति पेरुंगुडी इलाके में देखी गई, जहां एक्यूआई 217 दर्ज किया गयातमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) के मुताबिक, सबसे खराब स्थिति पेरुंगुडी इलाके में देखी गई, जहां एक्यूआई 217 दर्ज किया गया। यह ‘खराब’ श्रेणी में आता है और सांस संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक माना जाता है।इसके अलावा, मनाली और वेलाचेरी में एक्यूआई 151, अरुंबकम् में 145 और अलंदूर में 128 रिकॉर्ड किया गयाइसके अलावा, मनाली और वेलाचेरी में एक्यूआई 151, अरुंबकम् में 145 और अलंदूर में 128 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि इस बार का प्रदूषण स्तर पिछले साल की तुलना में कम रहा, जब 2024 में दिवाली पर वालासरवक्कम में एक्यूआई 287 तक पहुंच गया था।पर्यावरण अधिकारियों का कहना है कि इस बार त्योहार के दौरान हुई रुक-रुक कर बारिश ने प्रदूषण को कुछ हद तक नियंत्रित कियापर्यावरण अधिकारियों का कहना है कि इस बार त्योहार के दौरान हुई रुक-रुक कर बारिश ने प्रदूषण को कुछ हद तक नियंत्रित किया। बारिश की वजह से हवा में मौजूद धूल और धुएं के कण नीचे बैठ गए, जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला।सोमवार शाम 6 बजे तक करीब 60 मीट्रिक टन पटाखों का कचरा साफ किया गया, सबसे ज्यादा कचरा अलंदूर जोन से इकट्ठा हुआ, जहां से 6.89 मीट्रिक टन कचरा निकलादिवाली के बाद पूरे शहर में धुंध और हल्की धुएं की चादर देखी गई। इसके बीच ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने तुरंत सफाई अभियान शुरू कर दिया। सोमवार शाम 6 बजे तक करीब 60 मीट्रिक टन पटाखों का कचरा साफ किया गया। सबसे ज्यादा कचरा अलंदूर जोन से इकट्ठा हुआ, जहां से 6.89 मीट्रिक टन कचरा निकला। इसके बाद पेरुंगुडी में 6.03 मीट्रिक टन कचरा एकत्रित किया गया।नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे पटाखों के कचरे को अलग से जमा करके सफाईकर्मियों को सौंपें, जिससे इसका सुरक्षित तरीके से निपटान हो सकेसफाई के लिए रातभर 6,000 से ज्यादा सफाईकर्मी तैनात किए गए, जिन्होंने पटाखों के कचरे को साफ कर उन्हें गुम्मीडिपुंडी, कोडुंगैयूर और पेरुंगुडी स्थित कचरा प्रबंधन केंद्रों में भेजा। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे पटाखों के कचरे को अलग से जमा करके सफाईकर्मियों को सौंपें, जिससे इसका सुरक्षित तरीके से निपटान हो सके।सोमवार शाम तक 4,635 कॉल्स रिकॉर्ड किए गए, जिनमें से 135 मामले पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से जलने के थेदूसरी ओर, दिवाली के दिन तमिलनाडु की 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को आम दिनों के मुकाबले 61 प्रतिशत अधिक कॉल्स प्राप्त हुईं। सोमवार शाम तक 4,635 कॉल्स रिकॉर्ड किए गए, जिनमें से 135 मामले पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से जलने के थे।बारिश के बावजूद त्योहार का उल्लास कम नहीं हुआ और देर रात तक आतिशबाजी का सिलसिला जारी रहादिवाली का जश्न पूरे राज्य में पारंपरिक जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। लोगों ने नए कपड़े पहने, मिठाइयां बांटीं और अपने घरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया। बारिश के बावजूद त्योहार का उल्लास कम नहीं हुआ और देर रात तक आतिशबाजी का सिलसिला जारी रहा। -
नई दिल्ली।केंद्रीय न्यू और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान तेजी से इनोवेशन और क्लीन एनर्जी को अपना रहे हैं। इसके साथ केंद्रीय मंत्री ने एक सक्सेस स्टोरी भी साझा की और बताया कि कैसे एक किसान खेत में सोलर पैनल लगाकर 25,000 यूनिट्स बिजली का प्रतिदिन उत्पादन कर रहा है। इसके साथ ही, इन पैनल्स के नीचे खेती को भी जारी रखा है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स पर लिखा, “ऊपर लगे सौर पैनलों से प्रतिदिन 25,000 यूनिट बिजली पैदा होती है, जबकि नीचे उन्हीं खेतों में हरी-भरी फसलें लहलहाती है। यह इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि कैसे भारत के किसान प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में इनोवेशन और स्वच्छ ऊर्जा को अपना रहे हैं।”इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने इस वर्ष अप्रैल-सितंबर की अवधि में रिकॉर्ड 25 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है और लगभग 125 गीगावाट सौर क्षमता के साथ, भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक है।केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भारत ने अप्रैल-सितंबर 2025 (वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही) में रिकॉर्ड 25 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़कर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्जवल और टिकाऊ भविष्य के दृष्टिकोण को दर्शाती है और इसके जरिए देश रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अपनी यात्रा को गति दे रहा है।”वर्तमान में देश में स्थापित कुल बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जिससे भारत ने अपने रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले ही पूरा कर लिया है।अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के 8वें सत्र के उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सफलता की कहानी केवल संख्या की नहीं, बल्कि लोगों की है। यह आयोजन 27 से 30 अक्टूबर तक राष्ट्रीय राजधानी में होने वाला है। -
नयी दिल्ली/ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने अभिनेता गोवर्धन असरानी के निधन पर मंगलवार को शोक व्यक्त किया और कहा कि उनके निधन से सिनेमा जगत में एक खालीपन पैदा हो गया है।असरानी ने सोमवार को 84 वर्ष की आयु में मुंबई में अंतिम सांस ली।


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