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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शहर फुजैरा पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। फुजैरा के एक प्रमुख तेल उद्योग क्षेत्र में ड्रोन हमलों के कारण लगी आग में भारतीयों के घायल होने के एक दिन बाद मोदी ने इन हमलों की कड़ी निंदा की। यूएई ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ''यूएई पर हुए हमलों की मैं कड़ी निंदा करता हूं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।'' उन्होंने कहा, ''भारत यूएई के साथ पूरी तरह एकजुट है और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है।'' प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ''होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।'' फुजैरा शहर पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के लगभग बीस फीसदी तेल और गैस का परिवहन होता है जो दोनों देशों के बीच वार्ता में एक प्रमुख अड़चन बना हुआ है। संघर्ष के कारण जलडमरूमध्य के इस संकरे जलमार्ग से होकर गुजरने वाले जहाजों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और कई देशों में ऊर्जा की कमी हो गई है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने ईरान से दागी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलों, तीन क्रूज मिसाइलों और चार ड्रोन को नाकाम कर दिया। मंत्रालय ने पुष्टि की कि वह ''किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और देश की सुरक्षा को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए किसी भी प्रयास का दृढ़ता से मुकाबला करेगा।
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जनादेश केवल सत्ता परिवर्तन का संकेत नहीं है, बल्कि यह उस राजनीतिक व्यवस्था में संरचनात्मक दरार को दर्शाता है जिसे ममता बनर्जी ने पिछले डेढ़ दशक में खड़ा किया था। इस चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। वर्ष 2011 से राज्य की राजनीति की मुख्य धुरी बनी तृणमूल कांग्रेस के लिए यह हार महज चुनावी नहीं, बल्कि प्रणालीगत है। भाजपा ने उस व्यवस्था में निर्णायक सेंध लगाई है, जो केंद्रीकृत नेतृत्व, कल्याणकारी योजनाओं और मजबूत संगठनात्मक ढांचे पर आधारित थी। राजनीतिक विश्लेषक बिस्वनाथ चक्रवर्ती ने कहा, "तृणमूल का मॉडल सत्ता तक पहुंच पर आधारित था। जैसे ही यह धुरी बदलती है, पूरी संरचना को फिर से गढ़ना पड़ता है।" आंकड़े इस बदलाव की गहराई को दर्शाते हैं। भाजपा का वोट शेयर 2021 के 38 प्रतिशत से बढ़कर करीब 44.8 प्रतिशत हो गया है, जो उसके आधार के विस्तार और मजबूती दोनों को दिखाता है। वहीं तृणमूल का वोट शेयर 48 प्रतिशत से घटकर लगभग 41.7 प्रतिशत रह गया, जो उसके सामाजिक आधार में लगातार क्षरण को दर्शाता है, खासकर अर्ध-शहरी क्षेत्रों में। एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि 177 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या पिछली जीत के अंतर से अधिक थी। इन सीटों पर भाजपा ने न केवल अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी, बल्कि तृणमूल के गढ़ों में भी उल्लेखनीय सेंध लगाई। एक अन्य राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, "यह पारंपरिक अर्थों में लहर नहीं है, बल्कि राजनीतिक जमीन का पुनर्वितरण है। भाजपा अब चुनौतीदाता से व्यवस्था बदलने वाली ताकत बन गई है।" तृणमूल की सबसे बड़ी ताकत रहा केंद्रीकरण ही अब उसकी प्रमुख कमजोरी के रूप में उभरा है। शीर्ष नेतृत्व पर अत्यधिक निर्भरता के कारण जब यह परत कमजोर होती है, तो पार्टी के पास संस्थागत सुरक्षा तंत्र सीमित रह जाता है। इसके अलावा, आम आदमी पार्टी के विपरीत अन्य राज्यों में विस्तार न कर पाने के कारण तृणमूल का आधार लगभग पूरी तरह बंगाल तक सीमित रहा है, जिससे इस हार का प्रभाव और गहरा हो गया है। पार्टी के भीतर इसके असर तत्काल और संभावित रूप से अस्थिर करने वाले हो सकते हैं। प्रशासनिक नियंत्रण, संरक्षण तंत्र और चुनावी वर्चस्व पर आधारित संगठन को अब इन साधनों के बिना खुद को संभालने की चुनौती है। वैचारिक एकजुटता की कमी के बीच कुछ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के दल बदलने की आशंका भी जताई जा रही है। यह स्थिति तृणमूल के लिए अस्तित्व के संकट जैसी हो सकती है।
ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव उनके राजनीतिक जीवन की निर्णायक लड़ाइयों में से एक माना जा रहा था। तीन कार्यकाल और लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद यह मुकाबला केवल सरकार बचाने का नहीं, बल्कि उनके बनाए राजनीतिक ढांचे को बचाने का भी था। 71 वर्ष की उम्र में और तीन कार्यकाल पूरे करने के बाद ममता की वापसी की राह पहले से अधिक कठिन नजर आती है। हालांकि सिंगूर और नंदीग्राम जैसे आंदोलनों से उभरने की उनकी क्षमता पहले देखी जा चुकी है, लेकिन इस बार चुनौती का पैमाना अलग है, जहां समय, संगठनात्मक कमजोरी और मजबूत प्रतिद्वंद्वी एक साथ मौजूद हैं। फिर भी, उनका राजनीतिक सफर अक्सर संघर्ष की राजनीति से मजबूत हुआ है। सत्ता से बाहर होने पर वह पार्टी को फिर से विपक्षी ताकत के रूप में ढालने की कोशिश कर सकती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी इसके असर दिखाई देंगे। बंगाल में हार से विपक्षी गठबंधन में उनकी तत्काल प्रभावशीलता कमजोर हो सकती है, हालांकि उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता पूरी तरह खत्म नहीं होती। आने वाले समय में अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर भी नजर रहेगी, जिनकी संगठनात्मक जिम्मेदारी बढ़ सकती है। हालांकि बिना सत्ता के सहारे आंतरिक चुनौतियों को संभालना आसान नहीं होगा। तृणमूल की हार के मूल में सत्ता विरोधी लहर का बढ़ता प्रभाव भी रहा। भ्रष्टाचार के आरोप, भर्ती घोटाले और विपक्ष की संगठित रणनीति ने पार्टी की स्थिति को कमजोर किया। भाजपा के लिए यह परिणाम लंबे समय से प्रतीक्षित सफलता है, लेकिन इसके साथ ही एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में शासन करने की चुनौती भी जुड़ी है, जहां उसका प्रमुख प्रतिद्वंद्वी अभी भी मजबूत बना हुआ है। इतना स्पष्ट है कि बंगाल अब एक नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर चुका है।
तृणमूल के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सत्ता में वापसी नहीं, बल्कि बिना सत्ता के खुद को नए सिरे से परिभाषित करना है। यह परिणाम उस राजनीतिक चक्र के अंत का संकेत भी है, जिसकी शुरुआत ममता बनर्जी ने 34 साल पुराने वाम मोर्चा शासन को समाप्त कर की थी। - नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रदर्शन को ''ऐतिहासिक'' बताया और दावा किया कि विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन अब ''ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा।'' उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की राज्य चुनावों में मिली हार के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया। पश्चिम बंगाल में पार्टी के शानदार प्रदर्शन और असम और पुडुचेरी में राजग की सफलता का जश्न मनाने के लिए यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, नवीन ने कहा कि चुनाव परिणाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लोगों के निरंतर विश्वास को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने भाजपा और उसके सहयोगियों को चुनाव में जनादेश देकर ''विभाजनकारी ताकतों'' और उनके ''हिंदू विरोधी एजेंडे'' को परास्त कर दिया है। राज्य चुनावों में टीएमसी और द्रमुक की हार का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''यह विफलता किसी और की नहीं बल्कि 'इंडी' गठबंधन के नेता राहुल गांधी की है।'' उन्होंने कहा, ''मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इन चुनावी नतीजों के बाद 'इंडी' गठबंधन ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा।''
- मुख्यमंत्री ने जताया शोकपटना. बिहार में राजधानी पटना समेत कई हिस्सों में सोमवार शाम अचानक मौसम बदल गया और बिजली गिरने, आंधी चलने तथा तेज बारिश के कारण होने वाली अप्रिय घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार दोपहर की भीषण गर्मी के बाद शाम करीब चार बजे आसमान में घने बादल छा गए, जिससे अधिकांश इलाकों में अंधेरा हो गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार पूर्वी चंपारण में पांच, गया जिले में चार और औरंगाबाद जिले में तीन लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने हालांकि पटना समेत आसपास के जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है। साथ ही लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
- नयी दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से दशकों से आयोजित होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नेपाल की आपत्ति को रविवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि क्षेत्रीय दावों का ऐसा ''एकतरफा कृत्रिम विस्तार'' अस्वीकार्य है। नेपाल ने रविवार को भारत और चीन द्वारा लिपुलेख दर्रे के रास्ते आगामी कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित करने की योजना पर आपत्ति जताई और दावा किया कि यह उसका क्षेत्र है। नेपाल ने कहा कि तीर्थयात्रा के मार्ग को अंतिम रूप देने से पहले उससे परामर्श नहीं किया गया। नेपाल की इस आपत्ति के बाद भारत की कड़ी प्रतिक्रिया आई है।विदेश मंत्रालय ने 30 अप्रैल को घोषणा की थी कि वार्षिक कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष जून से अगस्त तक दो मार्गों - उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा और सिक्किम में नाथू ला दर्रा - के रास्ते होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ''इस संबंध में भारत का रुख हमेशा एक जैसा और स्पष्ट रहा है। लिपुलेख दर्रा 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा का एक प्रमुख मार्ग रहा है और इस मार्ग से यात्रा दशकों से होती रही है।'' उन्होंने कहा, ''यह कोई नया घटनाक्रम नहीं है। क्षेत्रीय दावों के संबंध में, भारत लगातार यह कहता रहा है कि ऐसे दावे न तो न्यायसंगत हैं और न ही ऐतिहासिक तथ्यों एवं साक्ष्यों पर आधारित हैं।'' जायसवाल ने कहा कि क्षेत्रीय दावों का इस तरह का ''एकतरफा कृत्रिम विस्तार अस्वीकार्य'' है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत द्विपक्षीय संबंधों के सभी मुद्दों पर नेपाल के साथ ''रचनात्मक वार्ता'' के लिए तैयार है, जिसमें लंबित सीमा मुद्दों का संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान भी शामिल है।
- श्री विजय पुरम. अंडमान निकोबार द्वीपसमूह ने रविवार को स्वराज द्वीप (पूर्व में हैवलॉक द्वीप) पर पानी के अंदर सबसे ऊंचा मानव पिरामिड बनाया गया। इसके साथ ही, लगातार दूसरे दिन दूसरा 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, उपराज्यपाल डीके जोशी सहित 14 लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और उन्होंने 22.3 मीटर ऊंचा मानव पिरामिड बनाया तथा वे तीन मिनट तक पानी के अंदर रहे। इससे एक दिन पहले, केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने इसी द्वीप के पास समन्वित अभियान के तहत समुद्र के अंदर विश्व के सबसे बड़े राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। इस ध्वज का आकार लगभग 60 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा था। द्वीप विकास एजेंसी के उपाध्यक्ष उपराज्यपाल ने शनिवार के कार्यक्रम में भी भाग लिया था।अधिकारियों ने बताया कि लगातार हासिल की जा रही ये उपलब्धियां इन द्वीपों को एक प्रमुख वैश्विक गोताखोरी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की पहल का हिस्सा हैं।
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विधान चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्टी के मजबूत प्रदर्शन और जनसमर्थन पर प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं सभी पांच राज्यों के मतदाताओं को हार्दिक बधाई और आभार व्यक्त करता हूं। अपना वोट डालकर उन्होंने अपनी पसंद व्यक्त की है और अपनी पसंदीदा सरकारें चुनी हैं। यही लोकतंत्र का सार और हमारी संवैधानिक व्यवस्था का मूल सिद्धांत है।”
पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन पर न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “मैं इसे उपलब्धि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी मानता हूं। लोकतंत्र में जब लोग बार-बार अपना विश्वास जताते हैं तो वह पार्टी पर भरोसा करते हुए जिम्मेदारी देते हैं। आज 22 से अधिक राज्यों में एनडीए और भाजपा की सरकारें हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार तीन कार्यकालों से हम राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।”मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “यह हताशा और हार की भाषा है। अगर ममता बनर्जी को नैतिकता और संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास है तो उन्हें हार को शालीनता से स्वीकार कर लेना चाहिए। जनता उन्हें पहले ही नकार चुकी है।”केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा, “आज भारतीय जनता पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार कहा था, “बादल छटेंगे, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा। आज पूरे देश में कमल खिल रहा है। पश्चिम बंगाल में पहली बार हमारी सरकार बनने जा रही है। सचमुच, यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकतंत्र की है।”वहीं, भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, “पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत अचानक नहीं हुई है। पिछले 15 वर्षों में लोगों ने ममता बनर्जी के बढ़ते निरंकुश व्यवहार को देखा है। जिस तरह ममता ने एक मेडिकल छात्रा से जुड़े मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं होने दी, उससे वहां की महिलाओं और युवाओं में आक्रोश फैल गया। ऐसे कई मुद्दों को लेकर पश्चिम बंगाल की जनता नाराज थी और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास के लिए भाजपा को मतदान किया है।” -
नई दिल्ली।‘ असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में आने की हैट्रिक लगाने जा रही है। इस बीच असम में भाजपा और सहयोगी दलों के शानदार प्रदर्शन पर हिमंता बिस्वा सरमा की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जनता का आशीर्वाद, तीसरी बार, विकास और विरासत के लिए, असम की जनता ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व पर लगातार तीसरी बार अपना विश्वास जताया है। यह हमारे कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों, जिनका नेतृत्व अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के बिना संभव नहीं हो पाता।”उन्होंने आगे लिखा, ”यह जीत विकास, नारी शक्ति, अस्मिता और एक ‘विकसित असम’ की परिकल्पना के पक्ष में दिया गया जनादेश है। यह विशाल जनादेश जनता के मिजाज को दर्शाता है, बराक से लेकर ब्रह्मपुत्र तक और ऊपरी असम से लेकर निचले असम तक, जिन्होंने विकास और अस्मिता के विमर्श के साथ पूरी दृढ़ता से खड़े रहने का निर्णय लिया है। अत्यंत विनम्रता के साथ, हम जनता के आशीर्वाद के समक्ष नतमस्तक हैं और ‘विकसित एवं सुरक्षित असम’ के हमारे आह्वान पर उन्होंने जो जोरदार समर्थन दिया है, उसके लिए हम उनके आभारी हैं। असम को भारत के शीर्ष 5 राज्यों में शुमार करने के हमारे अथक प्रयास, आज से और भी अधिक जोर-शोर से जारी रहेंगे।”इससे पहले सीएम सरमा ने एक्स पर लिखा, ”शतक के साथ हैट्रिक।”चुनाव आयोग के अनुसार, असम में 126 विधानसभा सीटों में से एनडीए 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 82 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिसमें 51 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, वहीं 31 सीटों पर आगे चल रही है। एनडीए में शामिल अन्य दल, एजीपी को 10 सीटों पर आगे है, जिसमें 3 पर जीत और 7 सीट पर आगे चल रही है। वहीं बीपीएफ 10 सीट पर आगे चल रही है, जिसमें 6 सीट पर उसे जीत और 4 सीट पर आगे है। इसके अलावा कांग्रेस 19 सीटों पर आगे है, जिसमें एक सीट पर पार्टी को जीत मिली है, जबकि 18 सीटों पर आगे है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि विकसित भारत के निर्माण का एक और महत्वपूर्ण स्तंभ भारत की नारी शक्ति है। नारी शक्ति अब विकसित भारत के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन नारी शक्ति की इस रफ्तार को कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने कुछ दिन पहले रोकने का काम किया है। इन नारी विरोधी दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन को पास नहीं होने दिया और इसलिए मैंने कुछ दिन पहले कहा भी था कि महिलाओं के आरक्षण का विरोध करने वाले ऐसा दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा। आज कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके को बहनों और बेटियों ने सजा दी है।
पीएम मोदी ने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी ने संसद में महिला आरक्षण को रोका है, उसे भी उत्तर प्रदेश की महिलाओं का आक्रोश सहना पड़ेगा। महिला विरोधी समाजवादी पार्टी कुछ भी करके अपने पाप को धूल नहीं पाएगी।सोमवार को दिल्ली भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के भविष्य की एक ऐसी यात्रा शुरू हो रही है जहां विकास, अटूट विश्वास और नई उम्मीदें कदम से कदम मिलाकर चलेंगी। मैं आज हर बंगालवासी को भरोसा देता हूं, बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए, भाजपा दिन-रात एक कर देगी। बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा, पलायन रुकेगा। पहली कैबिनेट में ही आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी और घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।पीएम मोदी ने कहा, “बंगाल के ये चुनाव एक और वजह से बहुत खास रहे हैं। आप याद कीजिए, बंगाल चुनाव के समय कैसी खबरें आती थीं। हिंसा, डर और निर्दोष लोगों की मौतें। लेकिन इस बार पूरे देश ने एक नई खबर सुनी। पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं जनता जनार्धन की आवाज गूंजी। पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है।”उन्होंने कहा कि आज देश का हर राज्य भी एक-दूसरे से लड़कर नहीं, एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है। इन चुनावों ने इस संदेश को भी बहुत स्पष्ट किया है। बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में जिन तीन सरकारों को जनता ने सत्ता से बाहर किया उनकी एक समान पहचान थी, विभाजन की राजनीति। यही उनकी पहचान थी। उनकी राजनीति जोड़ने की नहीं, तोड़ने की थी। कभी भाषा के नाम पर विवाद खड़ा किया गया, कभी खाने-पीने की आदतों को लेकर समाज को बांटने की कोशिशें हुईं, कभी अपने ही देश के लोगों को तक बाहरी कहा गया लेकिन भारत की जनता ने इस राजनीति को साफ जवाब दिया है। देश ने बता दिया है कि उसे विवाद नहीं विकास चाहिए, विभाजन नहीं विश्वास चाहिए।”पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैं बंगाल के हर राजनीतिक दल से एक आग्रह भी करना चाहता हूं। बंगाल में बीते दशकों में राजनीतिक हिंसा की वजह से न जाने कितनी जिंदगियां बर्बाद हो चुकी हैं। मेरा स्पष्ट मानना है कि आज से बंगाल की जो चुनावी आदतें फैली हुई हैं, उसमें बदलाव आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज जब भाजपा जीती है, बदला नहीं बदलाव की बात होनी चाहिए। भय नहीं भविष्य की बात होनी चाहिए।प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि हिंसा के इस अंत हीन चक्र को हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसने किसे वोट दिया, किसे नहीं दिया, उससे ऊपर उठकर बंगाल की सेवा के लिए काम करना चाहिए। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के पांच राज्यों में मिले जनादेश को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने देश के करीब-करीब हर राज्य में सरकारें बनाई हैं। आजादी के आंदोलन का जो भाव था, उसका उन्हें लाभ मिला था, उसमें से उपजा हुआ जनादेश था। जैसे-जैसे आजादी के आंदोलन के भावों से आगे निकलकर देश धरातल के कामों पर लौटा, वैसे-वैसे कांग्रेस, जनता का भरोसा खोती चली गई।
उन्होंने कहा कि बीते दशकों में देश ने युवाओं की अनेक पीढ़ियां जोड़ी हैं लेकिन कांग्रेस घटती ही चली गई। कांग्रेस देश की संस्कृति को नहीं समझ पाई, देश की संवेदनाओं को नहीं समझ पाई। कांग्रेस आकांक्षाओं की राजनीति जानती ही नहीं।पीएम मोदी ने कहा, “आज हम भारत की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देख रहे हैं। आज पूरे देश में एक भी ऐसा राज्य नहीं है जहां कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार हो। यह सिर्फ सियासत का बदलाव नहीं है, यह सोच का बदलाव है। यह बताता है कि विकसित होता हुआ भारत किस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। आज का भारत अवसर चाहता है, विकास चाहता है, विश्वास चाहता है, आज का भारत प्रगति चाहता है, स्थिरता चाहता है, आज का भारत ऐसी राजनीति चाहता है जो देश को आगे बढ़ाए लेकिन दुर्भाग्य से आज की कांग्रेस बिल्कुल विपरीत दिशा में चल पड़ी है। ऐसे समय में जब पूरा देश कम्युनिज्म से किनारा कर चुका है तब कांग्रेस उसी विचारधारा को अपनाने में लगी है जिसे देश ने ठुकरा दिया है।”प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा के लिए भारत और भारतीयता के भाव से बड़ा और कुछ नहीं है। हमारे लिए भारत सब कुछ है, भारतीयता सब कुछ है। भाजपा क्षेत्रीय आकांक्षाओं से राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा को पूरा करने वाली पार्टी है। इसलिए भाजपा देश की पसंद बन रही है, जनता के आशीर्वाद प्राप्त कर रही है। भाजपा परिवार की नहीं, ज़मीन से जुड़ी राजनीति करती है इसलिए आज पूर्वोत्तर भाजपा से जुड़ता है, आज पूरा आदिवासी अंचल भाजपा को इतना प्रचंड जनादेश दे रहा है, इसलिए देश के मछुआरों का अभूतपूर्व समर्थन भाजपा के साथ है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं भाजपा के कोटि-कोटि कार्यकर्ताओं का हृदय से अभिनंदन करता हूं। भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता ने एक बार फिर से कमाल कर दिया है, कमल खिला दिया है। आपने नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि मैं बंगाल की जनता को, असम की जनता को, पुडुचेरी की जनता को, तमिलनाडु और केरलम की जनता को आज आदरपूर्वक नमन करता हूं।
पीएम मोदी सोमवार शाम को असम और पश्चिम बंगाल चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन का जश्न मनाने के लिए पार्टी मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन का जश्न मनाने के लिए पार्टी मुख्यालय में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई दी। जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पीएम मोदी को माला पहनाने के लिए आगे बढ़े, तो उन्होंने माला ली और नितिन नवीन को पहनाई। वहीं मोदी-मोदी के नारों से भाजपा मुख्यालय गूंज उठा।इसके बाद, अपने संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने कहा कि आज का ये दिन ऐतिहासिक है, अभूतपूर्व है। जब वर्षों की साधना सिद्धी में बदलती है तो चेहरे पर जो खुशी होती है वो खुशी आज मैं देश भर के भाजपा के कार्यकर्ताओं के चेहरे पर देख रहा हूं।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि एक कार्यकर्ता होने के नाते मैं भाजपा के हर कार्यकर्ता की खुशी में शामिल हूं। आज का यह दिवस कई मायनों में खास है, विशेष है, यह देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। यह भरोसे का दिन है। भरोसा भारत के महान लोकतंत्र पर, भरोसा परफॉर्मेंस की राजनीति पर, भरोसा स्थिरता के संकल्प पर, भरोसा एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना पर।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज विभिन्न उपचुनावों के परिणाम भी अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में जो उपचुनाव हुए हैं, उसमें हमारे उम्मीदवारों को जनता-जनार्धन ने आशीर्वाद दिया और इन राज्यों में भी जीत गए हैं। NDA की नेता, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री, सुनेत्रा पवार जी ने भी बड़ी जीत दर्ज की है। मैं इन सभी राज्यों की जनता का उनके समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा अध्यक्ष पद संभालने के बाद यह पहले विधानसभा चुनाव थे। इन चुनाव में पार्टी के हर कार्यकर्ता को उनका जो मार्गदर्शन मिला, वह मार्गदर्शन इस जीत में बहुमूल्य रहा है।”वहीं, इससे पहले पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि आज 4 मई का दिन है और नतीजे आए हैं लेकिन मैं 4 जून 2024 को भी आपको याद करवाना चाहता हूं। जनता ने हमारे नेतृत्वकर्ता को जो समर्थन दिया था, जो विश्वास जताया था, उसमें कहीं न कहीं एक कसक रह गई थी और आज जब 4 मई को जनता ने हमें प्रचंड जीत दिलाई है तो 2024 की उस कसक को पूरा किया है और उसके बाद जब-जब चुनाव हुए हर राज्य में भाजपा को प्रचंड जीत देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दक्षिण भारत में भी भाजपा का कमल खिलेगा। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने वर्तमान राज्य सचिवालय नबन्ना सहित सरकारी कार्यालयों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है। सोमवार को अधिकारियों ने बताया कि सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी दस्तावेजों को नष्ट होने से बचाने के लिए दोपहर में राज्य के कई सरकारी कार्यालयों में सीआरपीएफ की टीमें तैनात की गई। राज्य सचिवालय नबन्ना, राइटर्स बिल्डिंग, विकास भवन, जल संपद भवन और खाद्य भवन में त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) तैनात किए गए। इसका उद्देश्य सभी सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा करना है।राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि भाजपा के सत्ता में आने पर सभी फाइलें खोली जाएंगी। माना जा रहा है कि इसलिए सभी दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए यह पहल की गई है।फिलहाल, हावड़ा के मंदिरतला स्थित शरत चटर्जी रोड पर स्थित नबन्ना राज्य सरकार का मुख्य प्रशासनिक भवन है, जहां मुख्यमंत्री कार्यालय स्थित है।वाम मोर्चा के शासनकाल में राइटर्स बिल्डिंग आधिकारिक सचिवालय भवन था। ऐसी अटकलें हैं कि भाजपा राइटर्स बिल्डिंग को महत्व दे सकती है। इस उद्देश्य से इन भवनों के जीर्णोद्धार की योजना पहले ही बनाई जा चुकी है।हालांकि, सरकारी दस्तावेजों की उचित सुरक्षा इस समय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा को आशंका है कि कुछ दस्तावेज गुम हो सकते हैं। इसी कारण महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में क्यूआरटी टीमें तुरंत भेजी गई हैं।अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा कारणों से इन कार्यालयों के आसपास केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। राज्य सरकार के कर्मचारियों के बैग की जांच की जा रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी रखी जा रही है कि कोई भी कर्मचारी राज्य सचिवालय से बाहर कोई फाइल न ले जाए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए थे। उन्होंने बार-बार चेतावनी दी थी कि भाजपा के सत्ता में आने पर सभी फाइलें खोली जाएंगी। चुनाव आयोग के नवीनतम अपडेट के अनुसार, भाजपा 203 सीटों पर आगे चल रही थी और उसने नौ सीटें जीती थीं, जबकि तृणमूल 84 सीटों पर आगे चल रही है। - पुडुचेरी. पुडुचेरी में एआईएनआरसी नीत राजग ने नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और यहां लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार है। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एवं ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) नेता एन. रंगासामी ने सोमवार को थट्टनचावडी और मंगलम सीट पर जीत हासिल की। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, एआईएनआरसी ने 11 सीट जीत ली हैं और एक पर बढ़त बनाए हुए है। पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को मतदान हुआ था।राजग के घटक भाजपा ने चार सीटों पर जीत हासिल की, जबकि गठबंधन के अन्य सहयोगियों -- अन्नाद्रमुक और एलजेके ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। विपक्षी द्रमुक ने पांच सीटें जीतीं और कांग्रेस एक सीट पर विजयी हुई।
- नयी दिल्ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि ''आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है'' और यह बदलाव का समय है, बदले का नहीं। उन्होंने सभी दलों से राजनीतिक हिंसा की संस्कृति को त्यागने और राज्य के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की भी अपील की। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक का विरोध की कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों को कड़ी सजा मिली है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) को भी जल्द ही महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उनका इशारा उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की ओर था। करीब 50 मिनट के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस साल के चुनाव खास रहे हैं, क्योंकि इससे पहले के चुनावों में हिंसा, भय और निर्दोष लोगों की मौत होती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन इस बार खबर अलग थी, क्योंकि पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ और ऐसा पहली बार हुआ कि मतदान के दौरान किसी की जान नहीं गई। मोदी ने कहा, ''बंगाल बदलाव के एक नये दौर में प्रवेश कर रहा है, मैं बंगाल की हर राजनीतिक पार्टी से एक अपील करना चाहता हूं। पिछले कई दशकों में बंगाल में राजनीतिक हिंसा के कारण अनगिनत लोग प्रभावित हुए हैं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि बंगाल की यह चुनावी संस्कृति आज से ही बदलनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''आज जब भाजपा जीती है, तो बदला नहीं, बदलाव की बात होनी चाहिए। भय नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह भरोसे का दिन है। यह भारत के महान लोकतंत्र पर भरोसे का दिन है, (जनता के लिए) काम करने की राजनीति पर भरोसे का दिन है, स्थिरता के संकल्प पर भरोसे का दिन है, और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना पर भरोसे का दिन है।'' उन्होंने विजय समारोह में कहा, ''मैं पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल की जनता को नमन करता हूं।'' समारोह में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह सहित पार्टी के अन्य नेता उपस्थित थे। पिछले साल 14 नवंबर को, जब बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे, मोदी ने इसी स्थान से भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि गंगा बिहार से पश्चिम बंगाल के गंगा सागर तक बहती है। उन्होंने कहा, ''और आज, पश्चिम बंगाल में जीत के साथ, गंगोत्री (उत्तराखंड) से गंगा सागर (पश्चिम बंगाल) तक कमल ही कमल खिला हुआ है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल -- मां गंगा के किनारे बसे इन सभी राज्यों में अब भाजपा-राजग की सरकारें हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जीत और हार लोकतंत्र और राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन इन पांच राज्यों की जनता ने दुनिया को दिखा दिया है कि क्यों ''हमारा देश लोकतंत्र की जननी'' है। उन्होंने कहा, ''नारी शक्ति अब तेजी से एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, कुछ दिन पहले कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिला शक्ति की इस गति को अवरुद्ध कर दिया।'' मोदी ने कहा, ''इन महिला विरोधी दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन को पारित होने नहीं दिया। इसीलिए मैंने कुछ दिन पहले कहा था कि इस (संशोधन) विधेयक का विरोध करने वाले दलों को महिलाओं के प्रकोप का सामना करना पड़ेगा। आज बहनों और बेटियों ने कांग्रेस, तृणमूल और द्रमुक को सबक सिखा दिया है।'' मोदी ने कहा कि केरल में वामपंथियों के 10 साल के कुशासन से कांग्रेस को निश्चित रूप से फायदा हुआ है, लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ''केरल की माताएं-बहनें भी अगले चुनावों में कांग्रेस को सबक जरूर सिखाएंगी।'' उन्होंने कहा, ''संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण को रोकने वाली समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश की महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ेगा। महिला विरोधी समाजवादी पार्टी चाहे कुछ भी कर ले, वह अपने पापों को कभी नहीं धो पाएगी।'' असम का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मां गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी ने भाजपा को आशीर्वाद दिया है और मां कामाख्या का आशीर्वाद भी पार्टी के साथ है। उन्होंने कहा, ''असम की जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा-राजग पर भरोसा जताया है।''प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 20 से अधिक राज्यों में भाजपा-राजग की सरकारें हैं।मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के साथ, जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को अब शांति मिल गई होगी। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यह देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। उन्होंने कहा, ''आज मैं बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल के लोगों को नमन करता हूं। आज मैं भाजपा के अनगिनत कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई भी देता हूं।'' अपने भाषण के बाद, प्रधानमंत्री ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक की।
- कोलकाता. भाजपा नेता कौस्तुव बागची ने सोमवार को कहा कि ममता बनर्जी सरकार की हार के बाद वह अपना सिर मुंडवा कर रखने का तीन साल पुराना प्रण अब तोड़ देंगे। बागची ने अपने पहले ही चुनाव में उत्तर 24 परगना जिले की बैरकपुर सीट जीती थी। उन्होंने निवर्तमान मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने को लेकर कोलकाता पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद मार्च 2023 में अपना सिर मुंडवा लिया था। उस समय वह कांग्रेस में थे, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने कसम खाई थी कि बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने तक वह अपने बाल नहीं बढ़ाएंगे। तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार राज चक्रवर्ती को 15,822 मतों से हराने के बाद बागची ने कहा, ''मैंने तीन साल से सिर मुंडवाये रखने का अपना प्रण तोड़ दिया है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ''ममता बनर्जी के 'पूर्व मुख्यमंत्री' बनने के बाद से ही मेरे बाल उगने लगे हैं। मैं जल्द ही अपने पुराने रूप में लौट आऊंगा।
- नयी दिल्ली. विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रचंड जीत पर पश्चिम बंगाल के लोगों को बधाई देते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि राज्य की जनता ने घुसपैठियों और उनके समर्थकों को एक कड़ा संदेश दिया है। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले दल इस सबक को नहीं भूलेंगे। भवानीपुर से हारने वाली निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना, शाह ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, ''भवानीपुर की जनता को सलाम। उनके जनादेश ने स्पष्ट कर दिया है कि एक अराजक शासक का क्या हश्र होता है।'' शाह ने 'एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट में टिप्पणी की कि भारी जनादेश उन लोगों के प्रति जनता की प्रतिक्रिया है जो भय का माहौल बनाते हैं और घुसपैठियों को संरक्षण देने व तुष्टीकरण की राजनीति करने में लगे रहते हैं। गृह मंत्री ने कहा, ''बंगाल की जनता को लाखों सलाम...यह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भय पर नरेन्द्र मोदी जी के भरोसे की जीत है। मेरे जैसे भाजपा के हर कार्यकर्ता के लिए यह गर्व का क्षण है कि गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक, आज भाजपा का भगवा झंडा हर जगह शान से लहरा रहा है।'' उन्होंने बंगाल में भाजपा की ''ऐतिहासिक जीत'' को अनगिनत कार्यकर्ताओं के बलिदानों, संघर्ष और शहादत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, ''यह उन परिवारों के धैर्य की जीत है, जिन्होंने हिंसा सहते हुए भी भगवा झंडा नहीं छोड़ा। भाजपा की इस कठिन यात्रा में मैं उन सभी कार्यकर्ताओं, साथ ही उनके परिवारों को भी नमन करता हूं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी, हिंसा और यातनाएं सहीं, लेकिन अपनी विचारधारा के मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए।'' शाह ने कहा, ''बंगाल की जनता ने इस शानदार जनादेश के माध्यम से उन सभी शहीद भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की है।" गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बंगाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर जो भरोसा दिखाया है, उससे व्यक्त हुई उम्मीदें और आकांक्षाएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा, ''बंगाल की जनता ने घुसपैठियों और उनके समर्थकों को ऐसा सबक सिखाया है कि तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त पार्टियां इसे कभी नहीं भूल पाएंगी।'' शाह ने यह भी कहा कि भाजपा बंगाल की खोई हुई गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए अथक प्रयास करेगी, जहां चैतन्य महाप्रभु, स्वामी विवेकानंद, कवि गुरु (रवींद्रनाथ) टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों ने जन्म लिया। उन्होंने 'सोनार बांग्ला' के सपने को साकार करने का संकल्प भी दोहराया।
- कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के साथ ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और उनके कई मंत्री चुनाव हार गए। ममता बनर्जी अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15,105 मतों से हार गईं। हालांकि, तृणमूल के वरिष्ठ मंत्री शोवनदेब चट्टोपाध्याय, फिरहाद हकीम और जावेद खान चुनाव जीत गए।खान ने दक्षिण कोलकाता के कस्बा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चौथी बार जीत हासिल की, उन्होंने भाजपा के संदीप मुखर्जी को 20,974 मतों से हराया। दक्षिण कोलकाता के प्रतिष्ठित बॉलीगंज निर्वाचन क्षेत्र में शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने भाजपा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सतरूप को 61,476 मतों से हराया। कोलकाता के महापौर और निवर्तमान ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री रहे फिरहाद हकीम ने कोलकाता पोर्ट सीट पर भाजपा के राकेश सिंह को 56,000 से अधिक मतों से हराया। बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी हकीम ने लगातार चौथी बार यह सीट जीती है। तृणमूल सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की पत्नी नयना बंदोपाध्याय ने चौरंगी सीट पर भाजपा प्रत्याशी एवं अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी संतोष पाठक को 22,002 मतों से हराया। तृणमूल के मंत्री उदय गुहा दिन्हाटा सीट पर भाजपा के अजय राय से 17,000 से अधिक मतों से हार गए। महिला एवं बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा को श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 14,633 मतों से हरा दिया। तृणमूल के आसनसोल उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार और मंत्री मलय घटक भाजपा के कृष्णेंदु मुखर्जी से 11,615 मतों से हार गए। मलय ने तीन बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी।
- कोलकाता/ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 206 सीटें जीत लीं हैं जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 81 सीट पर जीत दर्ज की है । वर्ष 2011 में लगभग चार प्रतिशत के मामूली वोट शेयर से, भाजपा 2019 में लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई और फिर 2021 के विधानसभा चुनावों में 77 सीटें हासिल करके वामपंथी और कांग्रेस को पछाड़ते हुए टीएमसी के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के साथ अब ''गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है'' और उन्होंने सभी दलों से ''बदले के बजाय बदलाव के लिए'' काम करने का आह्वान किया। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यह देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह भरोसे का दिन है। यह भारत के महान लोकतंत्र पर भरोसे का दिन है, (जनता के लिए) काम करने की राजनीति पर भरोसे का दिन है, स्थिरता के संकल्प पर भरोसे का दिन है, और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना पर भरोसे का दिन है।'' उन्होंने विजय समारोह में कहा, ''मैं पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल की जनता को नमन करता हूं।'' समारोह में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह सहित पार्टी के अन्य नेता उपस्थित थे। पिछले साल 14 नवंबर को, जब बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे, मोदी ने इसी स्थान से भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि गंगा बिहार से पश्चिम बंगाल के गंगा सागर तक बहती है। उन्होंने कहा, ''और आज, पश्चिम बंगाल में जीत के साथ, गंगोत्री (उत्तराखंड) से गंगा सागर (पश्चिम बंगाल) तक कमल ही कमल खिला हुआ है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल -- मां गंगा के किनारे बसे इन सभी राज्यों में अब भाजपा-राजग की सरकारें हैं।'' मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र के इस उत्सव में भय नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीत हुई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने बंगाल में जीत हासिल की है, ऐसे में 'बदले' की नहीं, बल्कि 'बदलाव' की और 'भय' के बजाय 'भविष्य' की बात होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि जीत और हार लोकतंत्र और राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन इन पांच राज्यों की जनता ने दुनिया को दिखा दिया है कि क्यों ''हमारा देश लोकतंत्र की जननी'' है। उन्होंने कहा, ''हमारे लिए लोकतंत्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है, यह हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है। आज भारत का संविधान भी जीता है। हमारी संवैधानिक संस्थाएं जीती हैं। हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं।'' मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 93 प्रतिशत मतदान अपने आप में ऐतिहासिक है तथा असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी मतदान के नये रिकॉर्ड बने हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी असाधारण रूप से अधिक रही और यह भारतीय लोकतंत्र की सबसे उज्ज्वल तस्वीर के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा, ''आज का दिन ऐतिहासिक है, अभूतपूर्व है। जब वर्षों की तपस्या उपलब्धि में तब्दील होती है, तो चेहरे पर जो खुशी झलकती है, वही खुशी आज मैं देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरों पर देख रहा हूं।'' प्रधानमंत्री ने विधानसभा चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग, उसके सभी कर्मचारियों, मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मियों, विशेष रूप से सुरक्षा बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा, ''भारत के लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने में आपके योगदान को इतिहास हमेशा याद रखेगा।'' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में जनशक्ति की जीत हुई है और भाजपा की सुशासन की राजनीति विजयी हुई, जबकि असम में राजग की जीत विकास और जन-कल्याण की राजनीति के प्रति जनता-जनार्दन के अटूट विश्वास का प्रतीक है। मोदी ने 'एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि बंगाल में जनता-जनार्दन ने भाजपा को अभूतपूर्व जनादेश दिया है। उन्होंने कहा, ''मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि हमारी पार्टी पश्चिम बंगाल के लोगों के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। हमारी डबल इंजन सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करेगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''पश्चिम बंगाल में कमल खिल उठा है! वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अविस्मरणीय रहेंगे। जनशक्ति की जीत हुई है और भाजपा के सुशासन की राजनीति को यहां (बंगाल) के लोगों का भरपूर आशीर्वाद मिला है। इस ऐतिहासिक विजय के लिए बंगाल के अपने भाई-बहनों का हृदय से आभारी हूं।'' उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह रिकॉर्ड जीत हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं के दशकों के अथक प्रयास और संघर्षों का परिणाम है। मैं उन सभी को नमन करता हूं। उन्होंने जमीनी स्तर पर निरंतर कड़ी मेहनत की है और अनेक चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने हमारे विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। वे हमारी पार्टी की असली ताकत हैं।'' असम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मिली जीत पर प्रधानमंत्री ने कहा, ''असम ने एक बार फिर भाजपा-राजग को अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है!'' उन्होंने कहा कि असम विधानसभा चुनावों में भाजपा-राजग की यह जीत विकास और जन-कल्याण की राजनीति के प्रति जनता-जनार्दन के अटूट विश्वास का प्रतीक है। मोदी ने कहा, ''मैं इस प्रचंड जनादेश के लिए असम के अपने परिवारजनों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि हम राज्य के चौतरफा विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।'' उन्होंने कहा, ''मैं भाजपा-राजग के सभी कार्यकर्ताओं को हृदय से बधाई देता हूं, जिन्होंने असम की भीषण गर्मी के बीच भी दिन-रात कड़ी मेहनत की। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि पिछले एक दशक में हमारी पार्टी और गठबंधन राज्य में काफी सशक्त हुआ है। उनके प्रयासों ने सुनिश्चित किया है कि हमारा सकारात्मक एजेंडा असम के लोगों के दिलों तक पहुंचे।'' प्रधानमंत्री ने राजग को एक और जीत दिलाने के लिए पुडुचेरी की जनता को भी धन्यवाद दिया।
केरल विधानसभा चुनावों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दक्षिणी राज्य में भाजपा-राजग को वोट देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''हम केरल की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते रहेंगे और 'विकासशील केरल' के सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। मैं केरल विधानसभा चुनावों में यूडीएफ की जीत पर उसे बधाई देता हूं। केंद्र सरकार केरल के लोगों की विकास संबंधी आकांक्षाओं का हमेशा समर्थन करती रहेगी।'' तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में राजग का समर्थन करने वाले राज्य के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि (राज्य में अन्नाद्रमुक नीत राजग) गठबंधन हमेशा लोगों की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अग्रणी रहेगा। उन्होंने कहा, ''टीवीके को उसके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई। केंद्र सरकार तमिलनाडु की प्रगति और यहां के लोगों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेगी।'' -
नयी दिल्ली. तमिल फिल्मों के सुपरस्टार विजय ने अपनी सियासी पारी के आगाज से न सिर्फ सबको हैरान कर दिया, बल्कि उनकी पार्टी तमिलागा वेट्री कषगम (टीवीके) अपने गठन के दो साल के भीतर ही देश के उन चंद सियासी 'स्टार्टअप' में शामिल हो गई जो अपने पहले ही चुनाव में सत्ता तक पहुंचने में सफल रहे। टीवीके अब आम आदमी पार्टी, असम गण परिषद और तेलुगु देशम पार्टी जैसी पार्टियों की जमात में शामिल हो गयी है जो अपने पहले चुनाव में ही सत्तासीन हो गए। आम आदमी पार्टी ने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी सियासी पारी की शुरुआत की थी और 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में 28 सीटें जीती थीं और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी। असम गण परिषद 1985 में अपने गठन के तुरंत बाद सत्ता पर काबिज हुयी थी। तेदेपा ने अपने गठन के एक साल बाद 1983 में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में 201 सीटें जीतकर भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की थी। कुछ राजनीतिक दल अपने आगाज के साथ ही कामयाबी के शिखर पर पहुंच गए, लेकिन कई ऐसे दल भी रहे जिन्होंने अस्तित्व में आने के बाद अपने पहले चुनाव में शानदार दस्तक दी, लेकिन सत्ता में आने के लिए इंतजार करना पड़ा। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' चौतरफा चर्चा के बावजूद सफलता हासिल नहीं कर सकी। इसी तरह अभिनेता कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम 2021 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली। टीवीके ने शुरू से ही जोरदार चर्चा पैदा की और अतीत में फिल्मी सितारों द्वारा बनाए गए कई राजनीतिक 'स्टार्टअप' के दक्षिण में अच्छे प्रदर्शन की तर्ज पर तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में इससे काफी उम्मीदें थीं। टीवीके ने तमिलनाडु के दो मुख्य दलों द्रमुक और अन्नाद्रमुक को पछाड़कर सब को हतप्रभ कर दिया।
बिहार और उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई राजनीतिक दल सियासी 'स्टार्टअप' के रूप में सामने आए, जिनमें कुछ नाकाम हुए और कुछ सीमित दायरे में कायम हैं। बिहार में पुष्पम प्रिया चौधरी की 'प्लूरल्स पार्टी' भी एक ऐसा दल है जो चर्चा के बावजूद कुछ सफलता हासिल नहीं कर सकी। जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार में सीमित दायरे में अपना अस्तित्व बनाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी, पीस पार्टी, अपना दल (सोनेलाल) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) जैसी कुछ ऐसे ही दल हैं। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को जारी मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पार्टी की सरकार बनने का भरोसा जताते हुए सोमवार को कहा कि राज्य की जनता ने परिवर्तन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पक्ष में मतदान किया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, रुझानों के अनुसार भाजपा 208 सीट पर आगे है जबकि तृणमूल कांग्रेस 79 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। यह रुझान राज्य में राजनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है। राज्य में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि भाजपा राज्य में अगली सरकार बनाएगी।
अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव जीत चुके हैं । अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ''भाजपा सरकार बनाएगी। लोगों ने भाजपा को स्पष्ट जनादेश दिया है।''
उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में मुस्लिम मतदाता पूरी तरह तृणमूल के साथ नहीं गए और हिंदू मत भाजपा के पक्ष में एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा, ''हिंदुओं को भाषा, धर्म और जाति के नाम पर बांटा नहीं जा सका।''
अधिकारी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की जीत होगी, जिन्होंने राज्य में भाजपा के प्रचार अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, ''सभी हिंदू प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में एकजुट हुए हैं।''
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने पार्टी की प्रचंड जीत का विश्वास जताया।
भट्टाचार्य ने कोलकाता में एक मतगणना केंद्र के बाहर कहा, ''राज्य की जनता ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को पहले ही खारिज कर दिया है और कुछ घंटों में अधिकतर सीट के नतीजे इसकी पुष्टि कर देंगे कि ममता बनर्जी और लोगों के बीच की लड़ाई में जनता ने ममता बनर्जी को खारिज कर दिया है।'' खड़गपुर सदर से भाजपा के उम्मीदवार दिलीप घोष ने दावा किया कि लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया है।
उन्होंने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, ''मतगणना उसी तरह कराई जाएगी जिस तरह मतदान हुआ था। लोगों ने नयी सरकार लाने के लिए मतदान किया है।'' नोआपाड़ा से भाजपा के उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने कहा कि यह चुनाव बदलाव की राह प्रशस्त करेगा।
उन्होंने कहा, ''हमें पूरा विश्वास है कि बदलाव होगा और भाजपा चुनाव जीतेगी।''
गायघाटा से भाजपा के उम्मीदवार सुब्रत ठाकुर ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी 180 से अधिक सीट जीतेगी।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली से हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं और हम 'डबल इंजन' सरकार बनाएंगे। पिछले चुनावों में दबंगई देखने को मिली थी। इस साल निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया। लोगों ने 'परिवर्तन' के लिए मतदान किया है।'' भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने भी दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करेगी।
उन्होंने कहा, ''क्या आपने दीदी यानी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से कुछ सुना है? वे चुप हो गए हैं।'' दार्जिलिंग से सांसद एवं भाजपा नेता राजू बिष्ट ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा कि जनादेश से पता चलता है कि घुसपैठियों और भ्रष्टाचार का समर्थन करने वालों तथा महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने में विफल रहने वालों को जनता ने खारिज कर दिया है। -
भुवनेश्वर/क्योंझर. ओडिशा के क्योंझर में बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए अपनी बहन का कंकाल ले जाने को मजबूर हुए 50-वर्षीय जीतू मुंडा ने रविवार को कहा कि वह बैंक अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें परेशान किया था। मुंडा अपनी बहन की मृत्यु के प्रमाण के रूप में उसका कंकाल लेकर क्योंझर जिले के ओडिशा ग्रामीण बैंक में उसके खाते से पैसे निकालने गए थे। इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मच गया था। क्योंझर जिले के पटना ब्लॉक के डियानाली गांव के निवासी मुंडा ने कहा, ''अपनी बहन के कंकाल को बैंक ले जाने के बाद मुझे उसके नाम पर जमा की गई रकम मिल गई है। बैंक को मेरी बहन की मृत्यु का प्रमाण मिल गया और उन्होंने तुरंत रकम जारी कर दी। यह सच है कि उन्होंने मुझे परेशान किया, लेकिन राशि मिलने के बाद मैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता। उन्होंने मेरे घर आकर मुझे नकद राशि दी।'' उन्होंने कहा, ''पैसा मिलने के बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का क्या फायदा? अगर मैं कंकाल बैंक में नहीं लाता, तो वे मेरी मृत बहन के नाम पर जमा हमारे परिवार का पैसा नहीं देते। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।'' मुंडा ने कहा, ''अब लोग कहते हैं कि मृत व्यक्ति के अवशेषों को खोदकर निकालना एक गलती थी, लेकिन मेरे पास ऐसा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि बैंक अधिकारियों को मेरी बहन के अंगूठे का निशान चाहिए था, जिसकी तीन महीने पहले मृत्यु हो गई थी।
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नयी दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई. तमिलनाडु, असम, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान रोमांचक मुकाबले के बाद सोमवार को मतों की गिनती होगी। मतगणना के परिणाम तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) जैसे प्रमुख सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और वाम के लिए भी महत्वपूर्ण होंगे। मतगणना प्रक्रिया सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों के साथ शुरू होगी, जिसके लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था वाले मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पहली बार ईसीआईएनईटी के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है। पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीट के लिए 77 केंद्रों पर मतों की गिनती की जाएगी, जहां इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतगणना दिवस से पहले राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ने वोट में हेरफेर की आशंका व्यक्त की है। राज्य में दो चरणों का चुनाव 29 अप्रैल को समाप्त हुआ, जिसमें स्वतंत्रता के बाद से अब तक का सबसे अधिक 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ। दक्षिण 24 परगना जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र - फाल्टा - में "गंभीर चुनावी अनियमितताओं" के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया और वहां 21 मई को नये सिरे से चुनाव होगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल भाजपा की कड़ी चुनौती का सामना करते हुए लगातार चौथी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है, वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस 2021 के चुनाव में मिली करारी हार के बाद अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही हैं। हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) जैसी छोटी पार्टियां भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष मतगणना केंद्रों की संख्या पहले घोषित 87 से घटाकर 77 कर दी है, जबकि 2021 में यह संख्या 108 थी। इसके साथ ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी लागू की गई है। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "मतगणना शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, इसके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।" निर्वाचन आयोग ने 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। मतगणना केंद्रों पर सख्त नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं, जिनमें रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को छोड़कर सभी के लिए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध शामिल है। भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की उम्मीद कर रहा है। राज्य की 126 विधानसभा सीट से 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य को समेटे हुए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर खोली जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि मतगणना केंद्रों और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) वाले स्ट्रांगरूम की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की पच्चीस कंपनियों (प्रत्येक में लगभग 100 जवान) को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सीएपीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियों को स्थिर ड्यूटीपर रखा जाएगा, जबकि राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियों को जिलों में तैनात किया गया है। राज्य में मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 85.96 प्रतिशत मतदान हुआ था।
राज्य में 722 उम्मीदवारों में से कांग्रेस के सबसे अधिक 99 उम्मीदवार हैं, उसके बाद भाजपा के 90, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के 30, राजग के सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) के 26 और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के 11 उम्मीदवार हैं। विपक्षी गठबंधन में, रायजोर दल ने 13 सीट पर, असम जातीय परिषद ने 10 सीट पर, माकपा ने तीन सीट पर और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने दो सीट पर चुनाव लड़ा। प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दाइमरी और रायजोर दल के प्रमुख और सांसद अखिल गोगोई शामिल हैं। केरल में, 2024 के लोकसभा चुनाव और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में अपने प्रदर्शन से उत्साहित कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ), दो कार्यकालों से सत्ता में रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को सत्ता से बाहर करने की उम्मीद कर रहा है। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाला राजग द्विध्रुवीय राजनीति वाले राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। एलडीएफ की हार के साथ 1960 के दशक के बाद पहली बार ऐसा होगा कि वामपंथी दल किसी भी भारतीय राज्य में सत्ता में नहीं होंगे। राज्य में 140 सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 रिटर्निंग ऑफिसर, 1,340 अतिरिक्त रिटर्निंग ऑफिसर, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना पर्यवेक्षक और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं। मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। भाजपा के नेतृत्व वाला राजग, हालांकि सरकार बनाने की दौड़ में नहीं है, लेकिन 2021 में एक भी सीट जीतने में विफल रहने के बाद केरल में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए इस चुनाव को महत्वपूर्ण मान रहा है। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) एक बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में चुनाव लड़ रही है, जहां उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के अलावा, अभिनेता एवं नेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और सीमान की एनटीके जैसी नयी पार्टियां भी मैदान में हैं। द्रमुक राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है। तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि राज्य भर में 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए एक व्यापक त्रिस्तरीय सुरक्षा योजना सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। मतगणना ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और सूक्ष्म पर्यवेक्षकों और पुलिस सहित लगभग 1.25 लाख कर्मियों को तैनात किया गया है। ईवीएम के लिए 234 मतगणना हॉल की व्यवस्था की गई है। डाक मतपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे गए डाक मतपत्रों (ईटीपीबी) की गिनती के लिए अतिरिक्त 240 हॉल निर्धारित किए गए हैं। मतगणना कार्य के लिए कुल 10,545 मतगणना कर्मियों को तैनात किया गया है, जिन्हें 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों का सहयोग प्राप्त है। निर्वाचन आयोग ने मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 234 मतगणना पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है। पुडुचेरी में केंद्र शासित प्रदेश में छह मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं।
अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी), भाजपा, अन्नाद्रमुक और एलजेके से मिलकर बने राजग को कांग्रेस, द्रमुक और वीसीके से मिलकर बने 'इंडिया' गठबंधन से चुनौती मिल रही है। गोवा, कर्नाटक, नगालैंड, गुजरात और महाराष्ट्र की आठ सीट पर भी मतगणना होगी, जहां मौजूदा विधायकों के निधन के बाद पिछले महीने उपचुनाव हुए थे। आठ निर्वाचन क्षेत्र हैं: गोवा में पोंडा, कर्नाटक में बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण, नगालैंड में कोरीडांग, त्रिपुरा में धर्मनगर, गुजरात में उमरेथ और महाराष्ट्र में राहुरी और बारामती। -
मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रविवार को एक कार और एक ट्रक के बीच हुई सीधी टक्कर में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना मोतीपुर पुलिस थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव के नजदीक हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोतिहारी की तरफ से आ रही कार एक मोटरसाइकिल सवार को बचाने की कोशिश में नियंत्रण खो बैठी और सामने से आ रहे एक कंटेनर ट्रक से टकरा गई। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजेश सिंह प्रभाकर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ''आज दोपहर एक ट्रक और कार की टक्कर हो गई। इस हादसे में कार सवार सभी चार लोगों की मौत हो गई।'' प्रभाकर ने बताया कि मृतकों की पहचान कृष्णा, सोनू, मंतोष और कुंदन के रूप में हुई है। सभी मृत व्यक्ति मुजफ्फरपुर के रहने वाले थे। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रकरण की जांच की जा रही है।



























