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नई दिल्ली। भारत ने श्रीलंका को स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर 50 और बसों की आपूर्ति की है। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को ये बसें सौंपी। श्रीलंका ने कल अपनी स्वतंत्रता की प्लैटिनम जयंती मनाई थी। व्यावसायिक वाहन निर्माता अशोक लीलैंड को श्रीलंका परिवहन बोर्ड से 500 बसों की आपूर्ति का अनुबंध मिला है। इनमें से 75 बसें इस वर्ष पहले ही श्रीलंका को सौंपी जा चुकी है। इन बसों के लिए भारतीय आयात-निर्यात बैंक ऋण उपलब्ध करा रहा है।
- नयी दिल्ली । उच्चतम न्यायालय में सोमवार को पांच नए न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। इनमें से तीन क्रमश: राजस्थान, पटना और मणिपुर के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश – न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायमूर्ति संजय करोल और पी वी संजय कुमार हैं। पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शपथ लेंगे।न्यायमूर्ति पंकज मिथलन्यायमूर्ति मिथल का मूल कैडर इलाहाबाद उच्च न्यायालय है। वह पिछले साल 14 अक्टूबर से राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।न्यायमूर्ति मिथल का जन्म 17 जून, 1961 को हुआ। वह 1982 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक हैं। उन्होंने 1985 में मेरठ कॉलेज से एलएलबी पूरी की और उसी वर्ष उत्तर प्रदेश की बार काउंसिल में एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया। उन्होंने 1985 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के स्थायी वकील के रूप में कार्य किया। वह 1990 और फरवरी 2006 के बीच डॉ बी आर आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के स्थायी वकील भी थे।न्यायमूर्ति मिथल को 7 जुलाई, 2006 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था, और 2 जुलाई, 2008 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। उन्होंने 4 जनवरी, 2021 को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए साझा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।न्यायमूर्ति संजय करोलसोमवार को शपथ लेने जा रहे दूसरे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति करोल हैं, जिनका मूल उच्च न्यायालय कैडर हिमाचल प्रदेश है। पदोन्नति के समय वे पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। न्यायमूर्ति करोल का जन्म 23 अगस्त, 1961 को हुआ। शिमला के प्रतिष्ठित सेंट एडवर्ड स्कूल से पढ़ाई के बाद उन्होंने गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, शिमला से इतिहास में ऑनर्स के साथ स्नातक किया। न्यायमूर्ति करोल कांगड़ा जिले के निवासी हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून में डिग्री प्राप्त की और 1986 में एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया। न्यायमूर्ति करोल ने उच्चतम न्यायालय सहित विभिन्न अदालतों में वकालत की। उन्हें संविधान, कराधान, कॉरपोरेट, आपराधिक और दीवानी से संबंधित मामलों में विशेषज्ञता हासिल है। उन्हें 1999 में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था।न्यायमूर्ति करोल 1998 से 2003 तक हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता भी रहे और 8 मार्च, 2007 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए थे। उन्हें 25 अप्रैल, 2017 से अदालत के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें 9 नवंबर, 2018 को त्रिपुरा उच्च न्यायालय और 11 नवंबर, 2019 को पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।न्यायमूर्ति पी वी संजय कुमारन्यायमूर्ति कुमार मूल रूप से तेलंगाना उच्च न्यायालय से जुड़े हैं। वह पांच न्यायाधीशों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं और पिछले साल 13 दिसंबर को कॉलेजियम द्वारा सिफारिश के समय और बाद में केंद्र द्वारा मंजूरी के समय मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे।उनका जन्म 14 अगस्त, 1963 को हुआ। उन्होंने निजाम कॉलेज, हैदराबाद से वाणिज्य में स्नातक किया और 1988 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की। न्यायमूर्ति कुमार ने अगस्त 1988 में आंध्र प्रदेश की बार काउंसिल के सदस्य के रूप में पंजीकरण कराया और 2000 से 2003 तक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में एक सरकारी वकील के रूप में कार्य किया।उन्हें 8 अगस्त, 2008 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के एक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पीठ में पदोन्नत किया गया और 20 जनवरी, 2010 को अदालत के स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण किया। न्यायमूर्ति कुमार ने 14 अक्टूबर, 2019 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने 14 फरवरी, 2021 को मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाहपटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अमानुल्लाह चौथे न्यायाधीश हैं, जिन्हें शीर्ष अदालत में नियुक्त किया गया है। उनका जन्म 11 मई, 1963 को हुआ। उन्होंने 27 सितंबर, 1991 को बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकरण कराया और मार्च 2006 से अगस्त 2010 तक राज्य सरकार के स्थायी वकील रहे।वह पटना उच्च न्यायालय में एक सरकारी वकील थे। उसी अदालत में 20 जून, 2011 को न्यायाधीश के रूप में उनकी पदोन्नति हुई। उन्हें 10 अक्टूबर, 2021 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में और 20 जून 2022 को पटना उच्च न्यायालय में वापस स्थानांतरित कर दिया गया था।न्यायमूर्ति मनोज मिश्रान्यायमूर्ति मिश्रा का जन्म 2 जून, 1965 को हुआ। उन्होंने 12 दिसंबर, 1988 को एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया और 21 नवंबर, 2011 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए। उन्होंने 6 अगस्त, 2013 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ ली।
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चेन्नई .केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि केंद्र ने हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए तमिलनाडु सरकार से अन्य राज्यों की तरह विमान ईंधन (एटीएफ) पर मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाने का आग्रह किया है। राज्य के दौरे पर आए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मंत्रालय का लक्ष्य देश में हवाईअड्डों का जाल बिछाने का है। सिंधिया ने संवाददाताओं से कहा, “हवाई संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से हम राज्य सरकार से विमान ईंधन पर वैट घटाने का आग्रह कर रहे हैं। तमिलनाडु 29 प्रतिशत वैट लगाने वाले चुनिंदा राज्यों में शामिल है।” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु बहुत ज्यादा कर लगा रहा है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पहले देश के 12 राज्यों में विमानन ईंधन पर वैट एक से चार प्रतिशत के बीच था जबकि 24 राज्यों में 20-30 प्रतिशत तक था। सिंधिया ने कहा, “मैं उन सभी राज्य सरकारों के मुख्यमंत्रियों का धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने हमारी अपील पर वैट कम किए हैं। 24 राज्यों में से 16 राज्य सरकारों ने वैट 20-30 प्रतिशत से घटाकर एक-चार प्रतिशत कर दिया।” उन्होंने कहा कि इस समय देश के 28 राज्यों में विमानन टरबाइन ईंधन पर वैट एक से चार प्रतिशत के बीच लग रहा है, जबकि आठ राज्यों में 20-30 प्रतिशत वैट लग रहा है। उन्होंने कहा, “अगर आप वैट कम कर देंगे तो आपके यहां हवाई संपर्क बढ़ जाएगा, आपके यहां अच्छे आर्थिक अवसर आएंगे।” मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि तमिलनाडु सरकार हमारी मदद करेगी, जिससे हम बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध करा सकें।”
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लॉकहीड मार्टिन ‘एयरो-इंडिया 2023' में एफ-21 लड़ाकू विमान का प्रदर्शन करेगी
नयी दिल्ली. रक्षा क्षेत्र की प्रमुख अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन बेंगलुरु में आगामी ‘एयरो-इंडिया' प्रदर्शनी में अपने एफ-21 लड़ाकू विमान, एस-92 मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर, एमएच-60आर रोमियो मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर और टैंक विध्वंसक अस्त्र जेवलिन का प्रदर्शन करेगी। एशिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस प्रदर्शनी के रूप में जानी जाने वाली ‘एयरो-इंडिया' प्रदर्शनी का 14वां संस्करण 13 से 17 फरवरी तक कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा। दुनियाभर की लगभग सभी प्रमुख एयरोस्पेस कंपनियों के वायुसेना स्टेशन, येलहंका में लगभग 35,000 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्र में होने वाले इस कार्यक्रम में भाग लेने की उम्मीद है। कंपनी ने कहा कि वह एयरो-इंडिया में अपनी उन्नत रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी और प्रदर्शनी में एफ-21 लड़ाकू विमान, सी-130जे परिवहन विमान, एमएच-60आर ‘रोमियो' मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर, एस-92 मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर आदि शामिल होंगे। लॉकहीड मार्टिन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम ब्लेयर ने कहा, ‘‘हम अपनी उन्नत क्षमताओं का प्रदर्शन करने और 21वीं सदी के लिए अपने ग्राहकों की सबसे बड़ी चुनौतियों का समाधान करने के लिए एयरो-इंडिया 2023 में भाग लेने को लेकर उत्साहित हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम रणनीतिक सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भरता के लिए भारत में अपनी साझेदारी को मजबूत और विकसित करना जारी रखेंगे।'' ब्लेयर ने कहा, ‘‘हमें भारतीय उद्योग की विनिर्माण और तकनीकी क्षमताओं में पूरा विश्वास है।''कंपनी ने कहा कि लॉकहीड मार्टिन बूथ पर मुख्य आकर्षण एफ-21 लड़ाकू विमान होंगे।इसने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘कार्यक्रम में लॉकहीड मार्टिन की उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान और एस-92 मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर होंगे, जो दोनों भारतीय रक्षा उद्योग के साथ साझेदारी की एक मजबूत विरासत को दर्शाते हैं।'' -
मामी से अवैध संबंध के चलते भांजे ने मामा की गोली मारकर हत्या की....!, दोनों हिरासत में
मेरठ (उप्र) .मेरठ जिले के सरूरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में कथित तौर पर मामी से अवैध संबंधों के चलते भांजे ने शनिवार को अपने मामा की गोली मारकर हत्या कर दी। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में महिला और आरोपी युवक को हिरासत में लिया गया है।मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रोहित सिंह सजवान ने बताया कि थाना सरूरपुर के अंतर्गत डहार गांव से पुलिस को सूचना मिली कि संदीप (32) नाम के व्यक्ति की उसके भांजे आरोपी जॉनी (28) ने गोली मारकर हत्या कर दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदीप के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और छानबीन शुरू कर दी। सजवान ने बताया कि आरोपी जॉनी और मृतक की पत्नी प्रीति (27) को हिरासत में लिया गया है। एसएसपी के अनुसार पूछताछ में प्रीति ने बताया कि उसका जॉनी के साथ संबंध था, इस वजह से आरोपी जॉनी ने साजिश कर संदीप की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि मामले में तहरीर लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। -
बेटे ने चाकू मारकर मां की हत्या की...!, पुलिस कर रही पूछताछ
बागपत (उप्र) .बागपत जिले के छपरौली थानाक्षेत्र में शनिवार को एक बेटे द्वारा अपनी मां की कथित रूप से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। बागपत के पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने बताया कि तुगाना गांव में महक देवी (60) की शनिवार शाम उसके आरोपी बेटे ने चाकू मारकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि आरोपी राहुल (26) को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है, वह मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। श्री जादौन ने बताया कि आज शाम चार बजे महक देवी का अपने छोटे बेटे आरोपी राहुल से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और आरोपी राहुल ने चाकू मारकर अपनी मां की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार घटना के वक्त महक देवी का पति ओमवीर अपने बड़े बेटे धर्मेंद्र के साथ खेत में गया हुआ था। निरीक्षक रत्नवीर सिंह के अनुसार घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है और आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। -
शाह ने झारखंड में 450 करोड़ रुपये के नैनो यूरिया संयंत्र की आधारशिला रखी
देवघर. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को झारखंड के देवघर में भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) के 450 करोड़ रुपये के नैनो यूरिया संयंत्र और टाउनशिप की आधारशिला रखी। शाह ने कहा कि इससे यूरिया के आयात पर निर्भरता घटाने तथा पूर्वी क्षेत्र खासकर संथाल परगना के विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘नैनो यूरिया से किसानों को फायदा होगा और यह पहले से ही पांच देशों को निर्यात किया जा रहा है।'' इफको के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल गुजरात में दुनिया के पहले नैनो यूरिया संयंत्र का उद्घाटन किया था। यह भारत का पांचवां नैनो यूरिया संयंत्र होगा। शाह ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में भूमि संरक्षण से संबंधित सभी कामों को प्राथमिकता दी है। कई यूरिया कारखाने मोदी द्वारा फिर से शुरू किये गए हैं और 30 एकड़ क्षेत्र में बनने जा रही यह छोटी तरल यूरिया फैक्टरी हर साल करीब छह करोड़ बोतलों का उत्पादन करेगी जो इस क्षेत्र में आयात घटाकर भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी।'' उन्होंने कहा कि यह कारखाना न केवल झारखंड बल्कि बिहार, ओडिशा और बंगाल में उत्पादन बढ़ाने में उपयोगी साबित होगा। इफको ने कहा कि नैनो यूरिया फसल की उत्पादकता, मिट्टी के स्वास्थ्य और उपज की पोषण गुणवत्ता में सुधार करता है । इफको के प्रबंध निदेशक यू एस अवस्थी ने कहा कि संयंत्र अगले साल दिसंबर में शुरू होने वाला है। अवस्थी ने बताया कि 300 करोड़ रुपये की लागत से संयंत्र और 150 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा। झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जेआईएडीए) ने इफको को देवघर जिले के जसीडीह क्षेत्र में परिसर के लिए 30 एकड़ जमीन आवंटित की है। - गुरुग्राम. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि 2023-24 के केंद्रीय बजट में अगले 25 वर्षों के लिए देश के विकास का खाका पेश किया गया है। हरियाणा के गुरुग्राम में ‘बजट पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने बुद्धिजीवियों और व्यापारियों सहित लोगों के एक समूह के साथ संवाद किया और बजट पर अपने विचार साझा किए। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को संसद में 2023-24 का केंद्रीय बजट पेश किया था।मांडविया ने कहा कि बजट समाज के सभी वर्गों की उम्मीदों पर खरा उतरा है और इसमें कमजोर वर्गों पर विशेष जोर दिया गया है।
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चेतावनी सूचक अस्वास्थ्यकर भोजन विकल्पों को कर सकते हैं हतोत्साहित: आईसीएमआर-एनआईएन अध्ययन
नयी दिल्ली. एक अध्ययन में कहा गया है कि ‘चेतावनी सूचक' मामूली रूप से अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के उपभोग पर रोक लगा सकते हैं। भोज्य पदार्थों के बारे में सुविचारित निर्णय लेने को बढ़ावा देने में डिब्बों/पैकेटों पर पोषण विवरण के विभिन्न प्रारूपों की स्वीकार्यता एवं संभावित उपयोग पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)- राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) द्वारा कराये गये अध्ययन में यह बात कही गयी है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि “हेल्थ स्टार” या “न्यूट्री-स्कोर” जैसी “सारांश रेटिंग” उपलब्ध खाद्य पदार्थों के बीच स्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थोंन की पहचान करने में मदद कर सकती है। “सारांश सूचक” उत्पाद की प्रमुख विशेषताओं और लाभों का एक संक्षिप्त अवलोकन प्रदान करते हैं, जिसमें अक्सर सकारात्मक और नकारात्मक पोषक तत्वों के बारे में जानकारी शामिल होती है। दूसरी ओर, “चेतावनी सूचक” किसी उत्पाद से जुड़े संभावित खतरों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं क्योंकि वे शर्करा, वसा और नमक जैसे पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हैं। फ्रंट-ऑफ-पैकेज लेबलिंग (एफओपीएल) को आमतौर पर स्वास्थ्य के बारे में सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार के एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में देखा जाता है। एफओपीएल के विभिन्न प्रारूप विभिन्न देशों में स्वेच्छा से या अनिवार्य तौर पर उपयोग में हैं। -
सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी, सरोगेसी विधेयक से बेहतर चिकित्सा देखभाल में मिली मदद : मांडविया
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा कि सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) में नयी तकनीक को शामिल करने से मरीजों को काफी फायदा हुआ है और बांझपन के कारण तथा उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ी है। वह मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल की उपस्थिति में भोपाल में आयोजित 27वें वार्षिक इंडियन सोसाइटी ऑफ असिस्टेड रिप्रोडक्शन (आईएसएआर) सम्मेलन को डिजिटल तरीके से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी और सरोगेसी (विनियमन) विधेयक में रोगियों को बेहतर चिकित्सा देखभाल और सुरक्षा प्रदान करने की परिकल्पना की गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण मातृत्व की सुविधा के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई स्वास्थ्य पहल के लाभ मिले हैं और इसके परिणामस्वरूप मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) कम हुई है। उन्होंने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि एआरटी में नए विकास को समाहित करने के लिए निरंतर प्रयासों से, भारत देश में दंपतियों के लिए प्रजनन क्षमता की सर्वोत्तम सुविधाएं तथा देखभाल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण प्रगति करेगा। मांडविया ने दंपतियों के बीच संतानहीनता में योगदान देने वाले एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कारक के रूप में मासिक धर्म के समय स्वच्छता की कमी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता की सुविधा के लिए जन औषधि केंद्र एक रुपये में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मांडविया ने दोहराया कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। - कोझिकोड (केरल) । केरल में एक ट्रांसजेंडर दंपति ने घोषणा की है कि वे अगले महीने दुनिया में अपने पहले बच्चे का स्वागत करेंगे। देश में किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति के गर्भधारण का संभवत: यह पहला मामला है। पेशे से नर्तकी जिया पावल ने इंस्टाग्राम पर घोषणा की कि उनके पार्टनर जहाद के गर्भ में आठ महीने का शिशु पल रहा है।पावल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया, ‘‘मेरा मां बनने और उसका पिता बनने का सपना अब पूरा होने वाला है। जहाद के गर्भ में आठ महीने का भ्रूण है... हमें यह पता चला है कि भारत में किसी ट्रांसजेंडर व्यक्ति के गर्भधारण का यह पहला मामला है।’’ यह जोड़ा बीते तीन साल से साथ रह रहा है और हॉरमोन थेरेपी करा रहा था। हालांकि, जहाद पुरुष बनने वाले थे, लेकिन बच्चे की चाह में उन्होंने इस प्रक्रिया को रोक दिया। जहाद स्तन हटाने के लिए सर्जरी कराने वाले थे, लेकिन उन्होंने गर्भधारण के कारण इसे टालने का फैसला किया। पावल ने गर्भावस्था के विभिन्न चरणों में सहयोग करने के लिए अपने परिवार और डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार अपने एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए मंहगाई भत्ते (डीए) को मौजूदा के 38 प्रतिशत से चार प्रतिशत अंक बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर सकती है। इस उद्देश्य के लिए एक फॉर्मूला पर सहमति बनी है।कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की गणना हर महीने श्रम ब्यूरो द्वारा जारी औद्योगिकी श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) के आधार पर की जाती है। श्रम ब्यूरो श्रम मंत्रालय का अंग है।ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, ‘‘दिसंबर, 2022 के लिए सीपीआई-आईडब्ल्यू 31 जनवरी, 2023 को जारी की गई थी। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 4.23 प्रतिशत बैठती है। लेकिन सरकार डीए में दशमलव को नहीं लेती। ऐसे में डीए में चार प्रतिशत अंक की वृद्धि हो सकती है। इसे 38 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग डीए में वृद्धि का एक प्रस्ताव बनाएगा। इसमें इसके राजस्व प्रभाव के बारे में भी बताया जाएगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि एक जनवरी, 2023 से लागू होगी।
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शहडोल. मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक ओझा द्वारा उपचार के नाम पर 50 से अधिक बार गर्म लोहे की छड़ से दागे जाने के चलते ढाई माह की बच्ची की मौत होने के मामले में प्रशासन ने जांच के लिए बालिका का शव कब्र से खोदकर बाहर निकलवाया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। जिला कलेक्टर वंदना वैद्य ने कहा कि बच्ची के शव को शुक्रवार को कब्र से निकाला गया और शनिवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बच्ची की मौत निमोनिया के कारण हुई, लेकिन मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद चल पाएगा। आदिवासी बहुल जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के कठौतिया की रहने वाली बच्ची की मां ने कहा कि परिवार वाले पहले बीमार बेटी को झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में परिवार ने एक महिला से संपर्क किया, जिसने बच्ची के इलाज के लिए 51 बार गर्म लोहे की छड़ से उसके शरीर को दागा। मां ने कहा कि बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बुधवार को इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गयी। इसके बाद परिजनों ने बच्ची के शव को दफना दिया। स्थानीय मीडिया से घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने शव को बाहर निकालने का निर्णय लिया। -
नयी दिल्ली. भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि ई-न्यायालय परियोजना के तीसरे चरण के लिए 2023-24 के बजट में 7,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजटीय आवंटन से न्यायिक संस्थानों और उनकी दक्षता में वृद्धि होगी तथा प्रत्येक नागरिक तक अदालतों की पहुंच सुनिश्चित होगी। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने उच्चतम न्यायालय की स्थापना की 73वीं वर्षगांठ को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौर में शीर्ष अदालत ने लोगों तक पहुंचने के लिए वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अदालती कार्यवाही की पहल की। उन्होंने कहा, "हाल के बजट में, भारत सरकार ने ई-न्यायालय परियोजना के तीसरे चरण के लिए 7,000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। इससे भारत में न्यायिक संस्थानों तक पहुंच और न्यायिक प्रणालियों की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस तरह का प्रयास यह सुनिश्चित करेगा कि अदालत भारत के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।" उन्होंने कहा कि 23 मार्च 2020 से 30 अक्टूबर 2022 के बीच शीर्ष अदालत ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये 3.37 लाख मामलों की सुनवाई की। सीजेआई ने कहा, "हमने वीडियो कांफ्रेंस के बुनियादी ढांचे को मेटा स्केल पर अपडेट किया है। हम सुनवाई के हाइब्रिड मोड के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे का उपयोग करना जारी रख रहे हैं, जो देश के किसी भी हिस्से से पक्षकारों को अदालती कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति देता है।" इस कार्यक्रम में सिंगापुर के प्रधान न्यायाधीश सुंदरेश मेनन ने भी शिरकत की, जिन्होंने 'बदलती दुनिया में न्यायपालिका की भूमिका' विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छब्बीस जनवरी 1950 को भारत के गणतंत्र बनने के दो दिन बाद यानी 28 जनवरी 1950 को उच्चतम न्यायालय अस्तित्व में आया था।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने नगालैंड विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 21 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। पार्टी की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची के अनुसार, नगालैंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. थेरी को दिमापुर-1 से उम्मीदवार बनाया गया है। उम्मीदवारों की सूची जारी किए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी, जिसमें प्रत्याशियों के नामों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। दिमापुर-2 से एस अमेंटो चिस्ती, दिमापुर-3 से वी लासुह और टेनिंग से रोजी थॉमस को उम्मीदवार बनाया गया है। नगालैंड की सभी 60 सीट के लिए 27 फरवरी को मतदान होगा और मतगणना दो मार्च को होगी। -
हैदराबाद. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेल मंत्रालय से वंदे भारत ट्रेनों के समान, “वंदे मेट्रो” लाने के लिए कहा है। “वंदे मेट्रो” पास के दो बड़े स्टेशनों के बीच चलने वाली ट्रेन की अवधारणा की तरह है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रेलवे ने पिछले साल खाद्यान्न, उर्वरक और कई अन्य वस्तुओं के परिवहन में 59,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है जो प्रत्येक यात्री के लिए 55 प्रतिशत रियायत के बराबर है। उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री ने इस वर्ष लक्ष्य दिया है। वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद, (उन्होंने) एक नई विश्व स्तरीय क्षेत्रीय ट्रेन विकसित करने के लिए कहा, जो वंदे मेट्रो होगी।” “वंदे मेट्रो” की अवधारणा के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेनों को दो शहरों के बीच उच्च आवृत्ति के साथ चलाया जाएगा जो प्रत्येक 100 किलोमीटर से कम के करीब हैं। -
नयी दिल्ली। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर शनिवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने का आह्वान किया ताकि कैंसर के मामलों को रोका जा सके और समय रहते बीमारी का पता लगाया जा सके। डब्ल्यूएचओ ने रेफरल सेवा मुहैया कराने, देखभाल का विस्तार करने और गुणवत्तापूर्ण कैंसर सेवा तक पहुंच के अंतर को भी पाटने पर जोर दिया।
वैश्विक स्वास्थ्य निकाय की दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र की निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि कैंसर वैश्विक स्तर पर दूसरी बीमारी है जिससे सबसे अधिक मौत होती हैं और एक आकलन के मुताबिक वर्ष 2020 में करीब 99 लाख लोगों ने कैंसर से जान गंवाई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से 2019 के बीच कैंसर के मरीजों की संख्या में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि इस बीमारी से जान गंवाने वालों की संख्या में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सिंह ने कहा कि एक आकलन के मुताबिक दुनिया में कैंसर से होने वाली कुल मौतों में एक तिहाई मौतों का कारण तंबाकू का इस्तेमाल, अधिक वजन, शराब का इस्तेमाल, फल एवं सब्जियों का कम सेवन और शरीरिक गतिविधि की कमी है। उन्होंने कहा, ‘‘डब्ल्यूएचओ, दक्षिण-पूर्वी एशिया क्षेत्र का आकलन है कि वर्ष 2020 में करीब 23 लाख लोग कैंसर के शिकार हुए अैर 14 लाख लोगों की इस बीमारी से मौत हुई।'' सिंह ने कहा, ‘‘आकलन के मुताबिक क्षेत्र में गैर संचारी बीमारियों से समय पूर्व होने वाली मौतों में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी कैंसर की है जिसका हर साल का आंकड़ा करीब 47 लाख का है।''
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में फेफड़े, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से चार लाख लोगों की मौत हुई। सिंह ने कहा कि कैंसर से पीड़ित होने वाले करीब दो तिहाई लोगों की मौत हो जाती है जो तत्काल समय रहते जांच और इलाज की आवश्यकता को रेखांकित करता है। डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि वर्ष 2014 से कैंसर की बीमारी की रोकथाम, पहचान, इलाज और नियंत्रण करने के कार्यों में तेजी आई है और सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने पर ध्यान बढ़ा है।
उन्होंने एचपीवी टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया जिसके तहत कम से कम 90 प्रतिशत युवा लड़कियों को शामिल किया जाए। सिंह ने कहा, ‘‘विश्व कैंसर दिवस पर डब्ल्यूएचओ क्षेत्र के सभी देशों को कैंसर की रोकथाम, इसका पता लगाने, इलाज और नियंत्रण करने एवं गुणवत्तापूर्ण कैंसर सेवा सभी के लिए तथा सभी जगह सुलभ कराने में हर तरह के सहयोग देने की प्रतिबद्धता को दोहराता है।'' -
नयी दिल्ली। सरकार की पहल के अनुरूप यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक मार्च तक मोटा अनाज (मिलेट) आधारित कैंटीन शुरू हो जाएगी। कैंटीन केंद्रीय कैफेटेरिया की दूसरी मंजिल पर स्थापित की जाएगी और हर रोज मोटे अनाज के व्यंजन पेश करेगी। एम्स के निदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास द्वारा शनिवार को जारी एक परिपत्र के अनुसार, इसे एक मार्च तक शुरू कर दिया जाएगा।
परिपत्र में कहा गया है कि सरकार ने 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष' के रूप में मनाने का फैसला किया है ताकि यह लोगों का आंदोलन बन सके और भारतीय मोटा अनाज, व्यंजनों एवं मूल्य वर्धित उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दिया जा सके। इसमें कहा गया, "भारत सरकार के प्रोत्साहन के अनुरूप, केंद्रीय कैफेटेरिया की दूसरी मंजिल पर एम्स, नयी दिल्ली में एक 'मिलेट कैंटीन' शुरू की जाएगी।" -
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि राज्य पुलिस द्वारा पिछले दिन से शुरू किया गया बाल विवाह के खिलाफ अभियान 2026 में अगले विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगा। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई के लिए शनिवार तक राज्य में 2,250 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बयान के अनुसार राज्यभर में बाल विवाह के खिलाफ दर्ज 4,074 प्राथमिकी के आधार पर अब तक कुल 2,258 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के बयान में कहा गया है कि विश्वनाथ में अब तक कम से कम 139 लोगों को, इसके बाद बारपेटा में 128 और धुबरी में 127 लोगों को पकड़ा गया है। शर्मा ने कहा कि नाबालिग की शादी में शामिल माता-पिता को फिलहाल नोटिस देकर छोड़ा जा रहा है और गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा अभियान 2026 तक जारी रहेगा। हमें उम्मीद है कि तब तक राज्य में बाल विवाह का कोई मामला सामने नहीं आयेगा।'' बाल विवाह के 4,000 से अधिक मामलों में आठ हजार से अधिक आरोपी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम माता-पिता को छोड़ दें, तो गिरफ्तारी का सामना करने वाले आरोपियों की संख्या लगभग 3,500 हो जाती है।'' -
जयपुर। जयपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर गैंगस्टर का अनुसरण करने वाले लोगों की धरपकड़ शुरू की है और ऐसे 48 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) परिस देशमुख ने शनिवार को बताया कि आदतन अपराधियों को सोशल मीडिया पर ‘फॉलो-लाइक' करने वाले 37 लोगों को जयपुर आयुक्तालय पुलिस ने व 11 लोगों को जिला जयपुर (उत्तर) द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन युवाओं से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, जिला स्तर पर गठित परामर्श प्रकोष्ठ द्वारा ऐसे युवाओं के परिजनों को भी इनकी गतिविधियों की जानकारी के साथ अपराधियों से दूर रहने तथा किसी भी आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने का परामर्श दिया जा रहा है। देशमुख ने एक बयान में बताया कि पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि गंभीर वारदात करवाने वाले बदमाशों का शहर के युवा सोशल मीडिया पर अनुसरण कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन अपराधियों का अनुसरण करने और ‘लाइक' करने वालों पर शिकंजा कसने हेतु विशेष टीमें बनाई गई हैं। देशमुख ने बताया कि ये टीमें अपराधियों के नाम चल रहे सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है और उन्हें अनुसरण करने वाले लोगों को चिन्हित कर रही है। -
रांची। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट से झारखंड के आदिवासियों को लाभ होगा। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सिंह रांची में एक स्कूल में बजट पर चर्चा में हिस्सा लेने के लिए आये थे। बाद में, भाजपा पार्टी कार्यालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि आदिवासी छात्रों के लिए एकलव्य स्कूलों के लिए 38,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘इस भर्ती से झारखंड के आदिवासियों को फायदा होगा।'' उन्होंने कहा कि झारखंड के आदिवासियों को पीवीटीजी के लिए एक योजना का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) परिवारों के लिए आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने के अभियान के लिए 15,000 करोड़ रुपये के परिव्यय की घोषणा की गई है।'' -
नयी दिल्ली। खुले बाजार में बिक्री के तहत आटा चक्की जैसे थोक उपभोक्ताओं को एफसीआई गेहूं की बिक्री के लिए अगली ई-नीलामी 15 फरवरी को होगी। खाद्य मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। सरकारी उपक्रम, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को देश में गेहूं और गेहूं उत्पादों की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए खुले बाजार में बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत थोक उपभोक्ताओं को अपने बफर स्टॉक से 25 लाख टन गेहूं बेचने की जिम्मेदारी दी गयी है।
ई-नीलामी के जरिए गेहूं की पहली बिक्री 1-2 फरवरी को हुई थी। 23 राज्यों में एफसीआई के डिपो से करीब 9.2 लाख टन गेहूं की बिक्री हुई। प्रत्येक बुधवार को साप्ताहिक ई-नीलामी आयोजित करने की योजना थी। खाद्य मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ई-नीलामी के जरिए गेहूं की दूसरी बिक्री पूरे देश में 15 फरवरी बुधवार को होगी।''
इसका मतलब यह है कि एफसीआई अगले हफ्ते गेहूं की ई-नीलामी नहीं करेगा और मंत्रालय ने नीलामी नहीं कराने के कारणों के बारे में जानकारी नहीं दी है। इस बीच, एफसीआई ने पहली ई-नीलामी के सभी विजेता बोलीदाताओं को निर्देश दिया है कि वे लागत को कम करें और देश भर के संबंधित डिपो से तुरंत स्टॉक उठा लें तथा कीमतों को काबू में लाने के लिए इसे संबंधित बाजारों में उपलब्ध कराएं।
इसमें कहा गया है, ‘‘ई-नीलामी में बेचे जाने वाले गेहूं को उठाने और आटा बाजार में उपलब्ध कराने के बाद कीमतों में और गिरावट आना तय है।'' गेहूं की पेशकश 2,350 रुपये प्रति क्विंटल के आरक्षित मूल्य और भाड़ा शुल्क के साथ किया जा रहा है।
पिछले महीने, सरकार ने गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतों की लगाम लगाने के लिए ओएमएसएस के तहत अपने बफर स्टॉक से खुले बाजार में 30 लाख टन गेहूं बेचने की योजना की घोषणा की थी। इस 30 लाख टन गेहूं में से, एफसीआई, 25 लाख टन आटा ई-नीलामी के माध्यम से चक्की जैसे थोक उपभोक्ताओं को और 2 लाख टन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को बेचेगी।
लगभग तीन लाख टन गेहूं ई-नीलामी के बिना राज्य-सार्वजनिक उपक्रमों, केंद्रीय भंडार, एनसीसीएफ और नेफेड संघों, सहकारी समितियों और संघों को 2,350 रुपये प्रति क्विंटल की रियायती दर पर दिया जाएगा ताकि गेहूं को आटे में परिवर्तित किया जा सके और इसे 29.50 रुपये प्रति किलो के अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) पर जनता को दिया जा सके। ओएमएसएस नीति के तहत, सरकार एफसीआई को थोक उपभोक्ताओं और निजी व्यापारियों को समय-समय पर खुले बाजार में पूर्व निर्धारित कीमतों पर खाद्यान्न, विशेष रूप से गेहूं और चावल बेचने की अनुमति देती है।
इसका उद्देश्य मांग अधिक होने पर आपूर्ति को बढ़ाना तथा सामान्य खुले बाजार की कीमतों को कम करना है। देश में गेहूं उत्पादन, फसल वर्ष 2021-22 (जुलाई-जून) में पिछले वर्ष के 10 करोड़ 95.9 लाख टन से घटकर 10 करोड़ 68.4 लाख टन रह गया था। उत्पादन में कमी कुछ उत्पादक राज्यों में अचानक से गर्मी बढ़ने और लू चलने के कारण हुई। पिछले साल के लगभग 4.3 करोड़ टन के खरीद के मुकाबले इस साल खरीद तेज गिरावट के साथ 1.9 करोड़ टन रह गई। चालू रबी (सर्दियों में बोई जाने वाली) मौसम में गेहूँ की फसल का रकबा थोड़ा अधिक है। नई गेहूं की फसल की खरीद 15 मार्च से शुरू होगी। -
शिलांग। मेघालय में सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने वादा किया है कि यदि वह राज्य में एक बार फिर सत्ता में आती है, तो अगले पांच साल में पांच लाख रोजगार सृजित करेगी। मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने शुक्रवार को जोवई में पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि पर्यटन, कृषि प्रसंस्करण और डिजिटल क्षेत्र में रोजगार सृजित किए जाएंगे। पार्टी के एक बयान में कहा, ‘‘घोषणा पत्र युवाओं के लिए पांच लाख रोजगार और रोजगार के अवसर पैदा करने के एनपीपी के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।
राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उद्यमिता, पर्यटन, कृषि-प्रसंस्करण और ज्ञान/डिजिटल क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है।'' एनपीपी ने कहा, ‘‘बहु-क्षेत्रीय कौशल पार्क की स्थापना, उद्योगों की यात्रा और आजीविका क्षेत्र के निर्माण के माध्यम से युवाओं में कौशल विकास की योजना बनाई गई है।'' पार्टी ने कहा कि जमीनी स्तर पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करके राज्य में खेल क्षमताओं की ‘‘पहचान और उपयोग करना'' उसकी प्राथमिकता होगा।
इसके अलावा, एनपीपी के घोषणापत्र में 1,000 मुख्यमंत्री सुविधा केंद्रों के निर्माण की भी परिकल्पना की गई है, ताकि अंतिम मील तक सेवाएं पहुंचाने के लिए ग्राम समुदाय सुविधादाताओं (वीसीएफ) के एक कैडर को शामिल कर हर गांव तक सरकारी सेवाएं पहुंचाई जा सकें। एनपीपी ने कहा कि वह प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के किसानों को समर्थन देना जारी रखेगी। उसने बताया कि 13,000 किसान ‘मिशन लाकाडोंग' से लाभान्वित हुए हैं।
पार्टी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना के तहत नयी सड़कों का निर्माण करेगी और गांवों को जोड़ेगी। उसने दावा किया कि सरकार ने पिछले 20 वर्षों की पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों में अधिक सड़कों का निर्माण किया है। एनपीपी ने कहा कि लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री किफायती दवा केंद्रों के निर्माण की योजना बनाई गई है। -
मुंबई। वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को कहा कि भारत अपनी शर्तों पर वैश्विक बांड सूचकांकों में शामिल होगा और इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार नहीं है। वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा कि सूचकांक एक ‘विशेष क्लब' या ‘जिमखाना' हैं, जो केवल टाई पहनने वालों को प्रवेश का मौका देने पर जोर देते हैं।
उन्होंने आम बजट के बाद यहां उद्योग जगत को संबोधित करते हुए कहा, ''...अगर हम इस क्लब में आते हैं, तो ऐसा हमारी धोती और साड़ी के साथ होगा। हम अपनी घरेलू नीतियों को विदेशी निवेशकों के हिसाब से नहीं बदलेंगे।'' वित्त सचिव ने कहा कि इस तरह के समावेशन के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं, जिसके बारे में पिछले बजट में घोषणा की गई थी।
उन्होंने कहा कि भारत इस क्लब में प्रवेश पाने के लिए ''किसी भी हद तक नहीं जाएगा।" सोमनाथन ने कहा कि भारत की नीतियां घरेलू जरूरतों पर आधारित होंगी और वैश्विक बांड निवेशकों की इच्छा के अनुसार इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक सूचकांकों को भारत के प्रवेश की अनुमति तभी देनी चाहिए, जब उन्हें ऐसा रुख मंजूर हो।
सोमनाथन ने कुछ पूर्व-एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में अस्थिरता के अनुभव की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनके आने से कोष की आवक तेजी से बढ़ती है, लेकिन इसके साथ अस्थिरता और निकासी के जोखिम भी जुड़े हुए हैं। आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने संकेत दिया कि वैश्विक सूचकांकों में शामिल होने की तत्काल कोई योजना नहीं है। -
जयपुर। राजस्थान की चूरू जिला पुलिस ने पेट्रोल के एक टैंक में छिपाकर ले जायी जा रही 610 पेटी (कार्टन) अवैध शराब शनिवार को जब्त की।इस मामले में दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब्त शराब की बाजार में कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है।
चूरू के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस अवैध शराब को पंजाब के लुधियाना से तस्करी कर गुजरात ले जाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शनिवार को गुजरात नंबर के एक टैंकर को रोककर तलाशी ली गई, तो उसमें पंजाब निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब की विभिन्न ब्रांड के कुल 610 कार्टन मिले।
एक बयान के अनुसार पुलिस ने टैंकर सवार दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया और टैंकर समेत शराब जब्त कर ली। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।




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