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नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ‘कार्डियो न्यूरोसाइंसेस सेंटर' (सीएनसी) ने अस्पताल से छुट्टी पाने वाले मरीज़ों को उनके घर तक छोड़ने की निशुल्क सुविधा शुरू कर दी है। पिछले हफ्ते जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत यह सुविधा सीएनसी वार्ड से छुट्टी पाने वाले मरीज़ों के लिए ही उपलब्ध होगी और निजी वार्ड तथा ‘डे केयर' (एक ही दिन में दाखिल होने और छुट्टी पाने वाले)मरीज़ पर लागू नहीं होगी। सुविधा की शर्तों के तहत, मरीज़ों को दिल्ली में जहां भी जाना होगा, वहां तक उन्हें पहुंचाया जाएगा। फिलहाल सेवा एनसीआर के लिए उपलब्ध नहीं है। यह सुविधा सोमवार से शनिवार सुबह 10 से शाम छह बजे तक पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी। एसओपी के तहत, यह एंबुलेंस सेवा नहीं है। लिहाज़ा जिन मरीज़ों को लिटाकर जाने की जरूरत है उनके लिए इस सेवा की अनुमति नहीं है। एक मरीज़ के साथ अधिकतम एक तिमारदार को जाने की अनुमति होगी।” मरीज़ बुकिंग के समय उल्लेखित स्थान को बाद में बदल नहीं सकते हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि मरीज़ गाड़ी के सहायक व चालक को बख्शीश न दें।
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नयी दिल्ली। पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव और विभिन्न उपचुनावों से पहले निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को चुनाव में राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक संस्थाओं के इस्तेमाल पर रोक लगाने संबंधी कानून की याद दिलाई है। आयोग ने राजनीतिक दलों को उस कानून और आचार संहिता के प्रावधानों से अवगत कराया है जो धार्मिक संस्थाओं को ‘किसी भी तरह से चुनाव संबंधी दुष्प्रचार का मंच बनाने पर रोक लगाता है।'
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को 19 जनवरी को भेजे गये एक पत्र में निर्वाचन आयोग ने उन्हें अपने वर्ष 2012 के उन निर्देशों की याद दिलाई जिनमें कहा गया है कि आदर्श आचार संहिता के मौजूदा प्रावधान धार्मिक स्थलों का ‘किसी भी तरह से चुनाव दुष्प्रचार का मंच बनाने पर रोक लगाता है।'
पत्र में लिखा गया है कि धार्मिक संस्थान (दुरुपयोग की रोकथाम) अधिनियम-1988 की धाराओं 3, 5 और 6 किसी भी राजनीतिक गतिविधि के प्रचार-प्रसार के लिए या किसी राजनीतिक दल के लाभ के वास्ते धार्मिक संस्थानों के इस्तेमाल पर रोक लगाती है। इसमें कहा गया कि इन धाराओं का उल्लंघन दंडनीय अपराध है और पांच साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
इस पत्र की प्रति सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तर के दलों के नेताओं का भेजी गई है। त्रिपुरा विधानसभा 16 फरवरी को और नगालैंड एवं मेघालय विधानसभा के लिए चुनाव 27 फरवरी को होगा जबकि मतगणना दो मार्च को होगी। -
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े अनाम द्वीपों के नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखने के समारोह में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि 23 जनवरी का दिन ‘पराक्रम दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
इस संबंध में जारी एक बयान के अनुसार, मोदी इस कार्यक्रम में नेताजी के नाम वाले द्वीप पर बनाए जाने वाले सुभाष चंद्र बोस को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक के एक मॉडल का भी अनावरण करेंगे। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए और नेताजी की स्मृति का सम्मान करने के लिए, 2018 में द्वीप की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप कर दिया गया था। नील द्वीप और हैवलॉक द्वीप का नाम बदलकर क्रमशः शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप कर दिया गया था।
बयान के अनुसार, यह निर्णय लिया गया कि अनाम द्वीपों का नाम मेजर सोमनाथ शर्मा, सूबेदार और मानद कैप्टन करम सिंह, सेकंड लेफ्टिनेंट रामा राघोबा राणे, नायक जदुनाथ सिंह, कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह, कैप्टन जीएस सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा, सूबेदार जोगिंदर सिंह, मेजर शैतान सिंह, कंपनी क्वार्टरमास्टर हवलदार अब्दुल हमीद और लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर बुर्जोरजी तारापोर के नाम पर रखा जाएगा। अन्य परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं में, जिनके नाम पर द्वीपों का नाम रखा जा रहा है, उनमें लांस नायक अल्बर्ट एक्का, मेजर होशियार सिंह, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, नायब सूबेदार बाना सिंह, कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर संजय कुमार और सूबेदार मेजर (सेवानिवृत्त) ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि देश के वास्तविक जीवन के नायकों को उचित सम्मान देना हमेशा प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
इसने कहा कि इसी भावना के साथ आगे बढ़ते हुए द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े अनाम द्वीपों का नामकरण 21 परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर करने का निर्णय लिया गया। सबसे बड़े अनाम द्वीप का नाम प्रथम परमवीर चक्र विजेता के नाम पर रखा जाएगा, दूसरे सबसे बड़े अनाम द्वीप का नाम दूसरे परमवीर चक्र विजेता के नाम पर रखा जाएगा, और इसी तरह का क्रम आगे चलेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह पहल देश के नायकों के प्रति एक शाश्वत श्रद्धांजलि होगी, जिनमें से कई ने देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। -
शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। जिले में शनिवार को एक गोदाम की दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गयी जबकि छह अन्य घायल हो गये। करेरा थाने के प्रभारी सतीश चौहान ने बताया कि घटना शाम को झांसी रोड के समीप श्योपुरा गांव में हुई।
उन्होंने बताया, ‘‘30-35 साल आयुवर्ग की तीन महिलाओं और एक 32 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। महिलाएं गोदाम में काम करती थीं, जिसमें मूंगफली रखी हुई थी। जबकि मृतक व्यक्ति वाहन चालक था।'' उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि गोदाम में क्षमता से अधिक स्टॉक था, जिसके कारण हो सकता है कि दीवार गिर गई। -
शांतिनिकेतन। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित बल्लवपुर वन्य अभयारण्य में इस साल प्रवासी पक्षियों की संख्या में आई काफी कमी पर प्रकृति प्रेमियों और पक्षी निरीक्षकों ने चिंता जताई है। इनका दावा है कि वर्ष 2022 तक इस अभ्यारण्य में हजारों मेहमान पक्षी देखे जाते थे, लेकिन इस साल इन प्रवासी पक्षियों की संख्या में काफी कमी आई है।
दो वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैले इस अभ्यारण्य में तीन बड़ी झीलें (जल निकाय-एक, जल निकाय-दो और जल निकाय-तीन) हैं जिसे स्थानीय और प्रवासी पक्षी अपना ठिकाना बनाते हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ विदेशी प्रजाति के पक्षी जल निकाय-दो में आए हैं, लेकिन इस साल जल निकाय-तीन में प्रवासी पक्षियों की संख्या में काफी कमी आई है। कोलकाता निवासी पक्षी प्रेमी और एक ‘न्यूरो सर्जन' संदीप चटर्जी अक्सर शांतिनिकेतन का दौरा करते हैं। चटर्जी ने कहा, ‘‘पिछले साल तक मेहमान पक्षी जल निकाय-एक में आते रहते थे, लेकिन इस साल मैंने वहां एक भी प्रवासी पक्षी नहीं देखा।''
पिछले साल की पक्षी गणना के मुताबिक जल निकाय-एक में 47, जल निकाय-दो में 15765 और जल निकाय-तीन में 5311 प्रवासी पक्षी देखे गये थे। इस साल के पक्षियों की गणना की कवायद 23 जनवरी से शुरू की जाएगी। चटर्जी ने प्रवासी पक्षियों की संख्या में कमी को ‘चिंताजनक' बताया और इसके लिए झील में पानी के स्तर में कमी और अधिक संख्या में उगे खरपतवार पर ठीकरा फोड़ा। बीरभूम स्थित सरकार से मान्यताप्राप्त वन्यजीव स्वयंसेवक दीनबंधु बिस्वास ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में मौजूदा साल के दौरान कम संख्या में प्रवासी पक्षियों के दिखने की बात सच है।
आगंतुकों की आवाजाही, उनके वाहनों से उपजा शोरगुल और फोटो खींचने की आदत समेत अन्य कारणों से पक्षियों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है।'' हालांकि, बोलपुर के वन क्षेत्र अधिकारी प्रदीप हल्दर ने झील में पानी के स्तर में कमी आने की बात से इनकार किया। हल्दर ने माना कि वाहनों के कारण उत्पन्न होने वाले ध्वनि प्रदूषण और यहां वाद्य यंत्रों के वादन ने पक्षियों को डराने का काम किया है। यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों में ‘लेजर व्हिस्टलिंग्स', ‘पिंटेल' और ‘टील्स' शामिल हैं। इस अभ्यारण्य में हिरण, काले मृग और सियार भी रहते हैं। -
पटना। बिहार में मूर्ति चोरी के मामलों में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की कथित संलिप्तता ने पुलिस को परेशान कर रखा है। बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि पिछले चार महीनों में मंदिरों और अन्य स्थानों से 20 से अधिक कीमती मूर्तियां चोरी हो गई हैं। अधिकारी ने कहा, "ऐसा संदेह है कि चोरी की गई अधिकांश मूर्तियां बिहार और अन्य उत्तरी राज्यों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के सदस्यों की मिलीभगत से पड़ोसी देशों में पहुंची होंगी।"
हाल ही में, यहां के दतियाना में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के मूर्तिकला शेड से भगवान विष्णु की 1,200 साल पुरानी मूर्ति चोरी हो गई थी। प्राचीन मूर्ति की चोरी 25-26 दिसंबर, 2022 की दरम्यानी रात को हुई थी। अधिकारी ने कहा, ‘‘इसी तरह, पिछले साल 28 दिसंबर को सीतामढ़ी जिले के एक मंदिर से भगवान विष्णु की 300 साल पुरानी मूर्ति चोरी हो गई थी।
पिछले साल सितंबर में सारण जिले के एक मंदिर से ‘अष्टधातु' से बनी दस कीमती मूर्तियां भी चोरी हो गईं।'' अधिकारी ने कहा कि पूर्णिया और गया जिलों से भी ऐसी ही घटनाओं की खबरें आई हैं। बिहार पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, 2022 (20 दिसंबर तक) में राज्य के विभिन्न मंदिरों और स्थानों से कुल 48 कीमती मूर्तियों की चोरी हुई, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 44 था।
आंकड़े के अनुसार सुरक्षाकर्मी 2021 में चोरी की 22 मूर्तियों को बरामद कर सके, वहीं राज्य पुलिस 2022 में केवल 7 मूर्तियां बरामद कर सकी। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) अन्य जिलों या राज्यों में अपने समकक्षों के साथ समन्वय में अंतर-जिला, अंतरराज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े मूर्ति चोरी के मामलों की जांच करती है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) नय्यर हसनैन खान ने शनिवार को बताया, ‘‘कई मामलों में हमारी जांच से पता चला है कि बिहार में सक्रिय अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े संचालक मुख्य रूप से कीमती मूर्तियों या प्राचीन कलाकृतियों की चोरी के मामलों में शामिल हैं।
हम पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं और मूर्ति चोरी के मामले हमेशा हमारी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर हैं।'' राज्य सरकार ने पहले ही संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण मंदिरों और वहां संरक्षित कलाकृतियों की जिलेवार सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें विशेष रूप से मंदिरों की चल और अचल संपत्तियां, वहां स्थापित देवताओं के नाम और मूर्तियों की अनुमानित लागत का उल्लेख होना चाहिए। सूची में देखभाल करने वाले के नाम और उनके फोटो भी शामिल होने चाहिए। file photo -
कटिहार। बिहार में एक बार फिर वंदे भारत एक्सप्रेस पर कटिहार जिले से गुजरने के दौरान पथराव करने की घटना सामने आयी है। यह जानकारी रेलवे के एक अधिकारी ने शनिवार को दी। कटिहार रेल मंडल के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त कमल सिंह ने बताया कि ताजा घटना की सूचना न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा जा रही ट्रेन संख्या 22302 के एक यात्री ने शुक्रवार शाम को दी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘यात्री ने ट्रेन सुरक्षा दल से शिकायत की कि शाम चार बजकर 25 मिनट पर कोच पर एक पत्थर लगा है। घटना की जगह जिले के बलरामपुर थानाक्षेत्र में डलखोला और टेल्टा स्टेशनों के बीच थी।'' डलखोला में रेल अधिकारियों ने बोगी का निरीक्षण किया और खिड़की के शीशे में दरारें पाईं। बाद में संबंधित थाने को घटना की जांच के अनुरोध के साथ सूचित किया गया।
एक महीने से भी कम समय में राज्य में सेमी हाई-स्पीड ट्रेन से जुड़ी इस तरह की यह दूसरी घटना है। गत तीन जनवरी को किशनगंज जिले में ट्रेन पर पथराव किया गया था और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचाने गए तीन लड़कों को पुलिस ने पकड़ लिया था और किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया था।
फाइल फोटो -
हैदराबाद। तेलंगाना में अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (ईएफएलयू) की 22 वर्षीय छात्रा ने यहां छात्रावास की इमारत से कथित रूप से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शनिवार को बताया कि हरियाणा की रहने वाली युवती शुक्रवार देर रात 12 बजकर 40 मिनट पर इमारत की चौथी मंजिल से कूद गई। वह एमए (अंग्रेजी) की छात्रा थी। छात्रा को एक अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को बाद में सूचित किया गया। file photo
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को यहां हुए विस्फोटों की कड़ी निंदा की और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया। नरवाल के परिवहन यार्ड में हुए दो धमाकों में सात लोग घायल हो गए।
उपराज्यपाल ने सुरक्षा बलों के अधिकारियों से कहा, ‘‘ इस तरह के कायरतापूर्ण कृत्य, हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों की हताशा और कायरता को उजागर करते हैं। दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करें। विस्फोट के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए। '' एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराज्यपाल सिन्हा को विस्फोटों और जांच की स्थिति के बारे में जानकारी दी है।
उपराज्यपाल ने विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया है। प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने इस घटना में घायल हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की मदद देने की भी घोषणा की। मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि घायलों का बेहतर इलाज हो और उनके परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। -
नयी दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में पहली जी-20 पर्यावरण बैठक नौ फरवरी से 11 फरवरी तक बेंगलुरु में होगी। इस बैठक में पारिस्थितिक तंत्र की बहाली, जैव विविधता में वृद्धि और चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकॉनामी) को मजबूत करने समेत तटीय स्थिरता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में जी-20 सदस्य देश, अतिथि देश और भारत द्वारा आमंत्रित कई अंतरराष्ट्रीय संगठन एक मंच पर नजर आएंगे। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय पर्यावरण एवं जलवायु स्थिरता कार्य समूह की चार बैठकों की मेजबानी करेगा।
बयान के मुताबिक, शनिवार को एक बैठक में पर्यावरण मंत्रालय की सचिव लीना नंदन और कर्नाटक की मुख्य सचिव वंदिता शर्मा ने ‘ब्रांडिंग', सुरक्षा, स्थल प्रबंधन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित पहलुओं पर चर्चा की। -
अहमदाबाद। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने शनिवार को कहा कि भारत में 'गैर-मेट्रो' शहरों का विस्तार करने की आवश्यकता है और राज्य सरकारों को यदि निवेश और प्रतिभा को आकर्षित करना है तो उन्हें "रहने योग्य" शहर प्रदान करने का प्रयास करना होगा। अहलूवालिया ने अहमदाबाद स्थित सीईपीटी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस विश्वविद्यालय में आवासों के डिजाइन, योजना, निर्माण और प्रबंधन की पढ़ाई होती है।
पूर्ववर्ती योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अहलूवालिया ने कहा कि भविष्य के लिए भवन डिजाइन करते समय जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखना होगा। मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, ‘‘शहर नियोजन बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है क्योंकि हम महानगरों की आबादी अब और नहीं बढ़ाना चाहते हैं। यदि आप आबादी को देखें, तो दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों का जनसंख्या घनत्व देश के पश्चिमी क्षेत्र के अधिकांश शहरों की तुलना में अब बहुत अधिक है, और यह विचार कि ये सभी नए शहरी लोग मौजूदा महानगरों में जा रहे हैं, बहुत गलत है।''
उन्होंने कहा कि भारत में शहरीकरण की गति लोगों की तेजी से बढ़ती हुई आय के स्तर के साथ और तेज हो रही है और देश में आवास की गुणवत्ता के निर्माण की आवश्यकता "शायद दुनिया में किसी भी जगह से अधिक है" उन्होंने कहा, ‘‘ भारत में अगली पीढ़ी के शहरों को बड़े पैमाने पर विस्तार करने की जरूरत है।''
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी ने लोगों को अपने कार्यालयों को अलग-बलग जगहों पर बनाने का विकल्प दिया है जो निर्बाध रूप से जुड़े हो सकते हैं। सीईपीटी विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए अहलूवालिया ने कहा, ‘‘हमें भारत में गैर-महानगरीय और दूसरी श्रेणी के शहरों के और अधिक विस्तार पर ध्यान देने की जरूरत है, जो पूरी तरह से राज्य सरकारों के हाथों में है।''
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार कुछ धनराशि देकर इस दिशा में मदद कर सकती है, लेकिन इसे वास्तविक प्रोत्साहन राज्य सरकारों से मिलना चाहिए। '' अहलूवालिया ने कहा कि लोगों को शहरों के बारे में सोचने का समाधान अधिक राज्यों के होने में है, क्योंकि "लोग शहर के बारे में बड़ा सोचने के लिए तभी तैयार होते हैं जब किसी नए राज्य की राजधानी बनाई जाती है"। - श्रीनगर। कश्मीर घाटी के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कमी के बीच शनिवार तड़के कुछ इलाकों में रुक-रुककर हल्की बर्फबारी हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के चलते श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कश्मीर घाटी के कुछ इलाकों, खासकर ऊपरी इलाकों में शनिवार तड़के हल्की बर्फबारी हुई। उन्होंने कहा कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में पिछले 24 घंटे में 13 इंच, कोकेरनाग में 8 इंच, काजीगुंड में छह इंच और शोपियां में 4 इंच बर्फबारी दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर, गांदरबल और कुछ अन्य मैदानी इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कुछ अन्य इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई।खराब मौसम के कारण घाटी से आने-जाने वाली उड़ानों पर भी असर पड़ा है और कई उड़ानें विलंबित हुई हैं। अधिकारियों ने कहा कि घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को पंथ्याल में पत्थर गिरने के कारण यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क साफ किए जाने के बाद इस पर यातायात बहाल किया जाएगा। श्रीनगर और काजीगुंड को छोड़कर, शुक्रवार की रात हर जगह न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।श्रीनगर में पारा एक रात पहले शून्य से 0.1 डिग्री नीचे से घटकर शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे हो गया। घाटी के प्रवेश द्वार काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस नीचे, जबकि कुपवाड़ा में शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए आधार शिविर पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।वहीं, बारामूला जिले के गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया। प्रसिद्ध स्की-रिसॉर्ट टाउन (गुलमर्ग) जम्मू-कश्मीर में सबसे ठंडा स्थान रहा। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर में शनिवार तक बारिश होने का अनुमान जताया है। शनिवार को केंद्र-शासित प्रदेश के काफी व्यापक स्थानों पर हल्की बारिश या हिमपात की संभावना है।
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नई दिल्ली। सरकार ने बैंकरों का आह्वान किया है कि वे आकांक्षी जिलों में आबादी वाले सभी गांवों के पांच किलोमीटर के दायरे में कम से कम एक बैंक उपलब्ध करायें। वित्त विभाग में सचिव डॉ. विवेक जोशी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आकांक्षी जिलों के जिला प्रबंधकों और राज्य स्तरीय बैंकरों की समिति के संयोजकों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैंकों से यह भी कहा कि वे 112 आकांक्षी जिलों में ऋण सुलभ कराने के लिए काम करें।
बैठक के दौरान बैंकों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे वित्तीय समावेशन योजना को और सफल बनाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से गांवों में वित्तीय साक्षरता शिविर चलाये। डॉ. जोशी ने देश में वित्तीय समावेशन अभियान को आगे बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय बैंकरों की समिति के प्रयासों की सराहना की और उनसे आग्रह किया कि वे अगले छह महीने का इस्तेमाल निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए करें। -
नई दिल्ली।. नवंबर 2022 में कर्मचारी राज्य बीमा योजना-ई.एस.आई के अंतर्गत 18 लाख 86 हजार नये कर्मचारियों को जोड़ा गया है। आज जारी हुए अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर 2021 की तुलना में नवंबर 2022 में ई.एस.आई. योजना की कुल सदस्यता में पांच लाख 24 हजार की बढ़ोतरी हुई है। नवंबर 2022 में ई.एस.आई. योजना से जुड़े कुल कर्मचारियों में आठ लाख 78 हजार कर्मचारी 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के थे।
आंकड़ों के मुताबिक नवंबर 2022 में तीन लाख 51 हजार महिलाओं ने ई.एस.आई. योजना में नामांकन कराया जबकि कुल 63 ट्रांस-जेंडर कर्मचारियों के नाम भी ई.एस.आई. योजना के तहत दर्ज हुए। आंकड़ों के मुताबिक अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवर प्रदान करने के लिए नवंबर 2022 में लगभग 22 हजार नये संस्थान कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत दर्ज हुए। -
नई दिल्ली।. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां अपना मजबूत वर्चस्व स्थापित करने में सफल रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षित, स्वस्थ और अच्छी स्थिति में है। गृह मंत्री ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पुलिस महानिदेशकों के अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आज उस स्थिति में है जहां कोई भी इसकी अपेक्षा नहीं कर सकता। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी जवानों को श्रद्धांजलि दी।सम्मेलन के पहले दिन नेपाल और म्यांमार के साथ भूमि सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों, भारत में लंबे समय तक रहने वाले विदेशियों की पहचान करने की रणनीति बनाने और माओवादी के गढ़ को लक्षित करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अगले दो दिनों देश के शीर्ष पुलिस नेतृत्व उभरती सुरक्षा चुनौतियों और अवसरों पर विशेषज्ञों, क्षेत्र के अधिकारियों और शिक्षाविदों के साथ विचार-विमर्श करेंगे।इस अवसर पर गृह मंत्री ने सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक वितरित किये और देश के शीर्ष तीन थानों को ट्रॉफी प्रदान किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नई दिल्ली में पुलिस के महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लेंगे। तीन दिन का ये सम्मलेन हाइब्रिड प्रारूप में आज से शुरू हुआ। आज पहले दिन गृहमंत्री अमित शाह ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन में एक सौ आमंत्रित अधिकारी हिस्सा ले रहे है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक तथा केंद्रीय सशस्त्र बल और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख सम्मेलन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो रहे हैं जबकि शेष आमंत्रित अधिकारी देशभर से वर्चुअल माध्यम से इसमें भाग ले रहे है।सम्मलेन में साइबर अपराध, पुलिस व्यवस्था में टेक्नोलॉजी, आंतकवाद से निपटने की चुनौतियां, वामपंथी उग्रवाद, क्षमता निर्माण और जेलों में सुधार जैसे मुद्दों सहित अनेक विषयों पर चर्चा होगी। प्रत्येक विषय पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अपनाए गए सर्वश्रेष्ठ तरीकों को सम्मेलन में दर्शाया जाएगा ताकि राज्य एक-दूसरे से सीख सकें।2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुलिस महानिदेशकों के सम्मलेन में गहरी रूचि लेते रहे है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से निर्देशित सम्मेलन में पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा में भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा प्रारंभ हो गई है। - नई दिल्ली। अभिनेत्री संभावना सेठ और मध्य प्रदेश की भाजपा नेता उषा कोल शुक्रवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गईं। दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) और राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक की उपस्थिति में दोनों ‘आप' में शामिल हुईं।सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नीतियों से प्रभावित होकर अभिनेत्री सेठ और भाजपा नेता कोल आम आदमी पार्टी में शामिल हुईं। पाठक ने बताया कि पार्टी का सभी राज्यों में विस्तार हो रहा है। सेठ और कोल के आने से पार्टी को पूरे देश में मजबूती मिलेगी।भोजपुरी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री सेठ ने कहा, “आप' सरकार दिल्ली में बहुत अच्छा काम कर रही है। मैं लोगों के लिए कुछ अच्छा करने के लिए इसमें शामिल हुई हूं।” मध्य प्रदेश भाजपा की महिला इकाई की उपाध्यक्ष रहीं कोल ने कहा, “हमारे क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित हैं। मैं आम आदमी पार्टी के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं।”
- हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट तीन और डेटा केंद्र स्थापित करने के लिए 16,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी जिससे कुल प्रस्तावित केंद्रों की संख्या छह हो जाएंगी। इस प्रमुख आईटी फर्म ने पहले ही वर्ष 2022 की शुरुआत में 16,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ तीन परिसरों में अपने पहले निजी इस्तेमाल वाले ‘डेटा सेंटर' निवेश की घोषणा की थी। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि नई घोषणा के साथ माइक्रोसॉफ्ट द्वारा यहां स्थापित किये जाने वाले डेटा केंद्रों की कुल संख्या छह हो जाएगी। तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री के टी रामाराव ने कहा कि आने वाली परियोजनाओं के बारे में आईटी और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव जयेश रंजन और माइक्रोसॉफ्ट के लिए एशिया के अध्यक्ष अहमद मझारी की उपस्थिति में स्विट्जरलैंड के दावोस में माइक्रोसॉफ्ट कैफे में चर्चा की गई थी।
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नयी दिल्ली। देश में पिछले एक दशक से अधिक अवधि में ऐसे सरकारी स्कूलों की संख्या हर वर्ष बढ़ी है जहां पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 60 से कम है। वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (एएसईआर) से यह जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ऐसे छोटे स्कूलों की संख्या सबसे अधिक मिली है। एएसईआर रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक से अधिक अवधि में ऐसे सरकारी स्कूलों की संख्या हर वर्ष बढ़ी है जहां दाखिल छात्रों की संख्या 60 से कम है। राष्ट्रीय स्तर पर 2010 में ऐसे छोटे स्कूलों की संख्या 17.3 प्रतिशत, 2014 में 24 प्रतिशत, 2018 में 29.4 प्रतिशत और 2022 में 29.9 प्रतिशत दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ राज्यों में छोटे स्कूलों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश में ऐसे छोटे स्कूल 2010 में 10.4 प्रतिशत थे जो 2022 में घटकर 7.9 प्रतिशत रह गए हैं। वहीं केरल में ऐसे छोटे स्कूल 2010 में 24.1 प्रतिशत थे जो 2022 में 16.2 प्रतिशत रह गए। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर छात्र एवं शिक्षकों की उपस्थिति में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा गया। औसत शिक्षक उपस्थिति 2018 में 85.4 प्रतिशत दर्ज की गई थी जो 2022 में मामूली रूप से बढ़कर 87.1 प्रतिशत हो गई। वहीं, पिछले कुछ वर्षो में औसत छात्र उपस्थिति करीब 72 प्रतिशत के आसपास बनी रही।
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गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)। जनपद के टीलामोड़ इलाके में कथित रूप से थूक लगाकर रोटी बनाने वाले एक रसोइए को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। सहायक पुलिस आयुक्त पूनम मिश्रा ने यह बताया कि टीलामोड़ थाना क्षेत्र में मोहन नगर-वजीराबाद मार्ग पर स्थित पसौंडा गांव के एक होटल पर थूक लगाकर रोटी बनाने के आरोप में बिहार के किशनगंज निवासी नसीरुद्दीन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद उसपर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने यह कार्यवाही की है। मिश्रा ने बताया कि इस मामले में नसीरुद्दीन के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 269 (जीवन को खतरा पैदा करने वाली बीमारी फैलाने का कृत्य) और 270 (संक्रमण फैलाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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जयपुर। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में बृहस्पतिवार तड़के हेरोइन तस्करी में कथित तौर पर लिप्त दो व्यक्तियों द्वारा एक परिवार के कमरे में सोते समय पेट्रोल डालकर आग लगाने का मामला प्रकाश में आया है। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस के अनुसार हेरोइन खरीद के रुपयों के विवाद को लेकर हुई इस घटना में पति-पत्नी झुलस गए जबकि उनके सात साल के बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार तड़के पीलीबंगा के वार्ड नंबर 9 कस्बा निवासी जसवीर दास (36), उनकी पत्नी मनप्रीत कौर (34) और बेटा एकमजीत सिंह (7) पर आरोपियों ने सोते समय पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि इस घटना में गंभीर रूप से झुलसे सात साल के एकमजीत सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई जबकि जसवीर दास और उनकी पत्नी मनप्रीत कौर को उपचार के लिये बीकानेर भेजा गया है। हनुमानगढ़ के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में पंजाब के अबोहर से आरोपी बाजसिंह (53) और उसके पुत्र शारज (27) को भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 326 (ए), 436, 34, 302 के तहत गिरफ्तार किया गया है। सिंह ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि जसवीर दास से उनका हेरोइन खरीद के रुपयों का विवाद था और जसवीर उन्हें रुपये नहीं दे रहा था। सिंह ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल से पेट्रोल एक छोटी बाल्टी में निकाला और उसे दरवाजे के नीचे से उनके कमरे में डालकर आग लगा दी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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जोशीमठ (उत्तराखंड)। जोशीमठ में जमीन धंसने से आयी इस आपदा ने शहर में होटल, रेस्तरां, लांड्री, कपड़े की दुकानें चलाने वालों के साथ-साथ रेहड़ी-पटरी वालों के कमाने-खाने के सपने को चकनाचूर कर दिया है। मुंबई में अच्छी कमाई वाली नौकरी छोड़कर कुछ साल पहले ही 'लांड्री' का काम करने के लिए जोशीमठ लौटे होटल मैनेजमेंट स्नातक सूरज कपरूवान का व्यवसाय का ख्वाब भूधंसाव के कारण साकार होने से पहले ही चकनाचूर हो गया है। जोशीमठ में दो जनवरी को जमीन धंसने की घटना के कारण कई जगह धरती में और इमारतों में दरारें पड़ने लगीं और धीरे-धीरे दरारें चौड़ी होने लगीं और करीब 23,000 लोगों की आबादी वाले शहर के निवासियों के लिए यह घटना भयावह सपने के तौर पर सामने आई है।
बेहद भावुक कपरूवान ने कहा, ‘‘इस आपदा ने मेरे सपने को चकनाचूर कर दिया। पर्यटक आने बंद हो गए हैं। बुकिंग रद्द हो रही है। मुझे अपने नौ लोगों को काम से हटाना पड़ा है।'' ट्रेकिंग और बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब तथा फूलों की घाटी तक जाने के लिए आने वाले पर्यटकों के कारण शहर में धंधा बहुत अच्छा चलता है और कपरूवान भी अच्छी कमायी करने का सपना लेकर ही मुंबई से यहां आए थे। संभवत: घर लौटने के अपने फैसले पर अफसोस करते हुए कपरूवान ने कहा, ‘‘हम पहाड़ी हैं। अवसरों के अभाव में जोशीमठ से तमाम लोग मैदानी क्षेत्रों में चले जाते हैं। मुझे लगा कि अगर मैं लौटा तो, मैं कुछ लोगों को यहीं रोक सकूंगा और और अपने शहर की बेहतरी में मदद कर पाउंगा।'' कपरूवान (38) ने बताया कि उन्होंने लांड्री का धंधा शुरू करने में करीब 35 लाख रुपये निवेश किए हैं जिनमें से 20 लाख रुपये वाशिंग मशीनें खरीदने में लगे। उन्होंने कहा, ‘‘लांड्री की इमारत, बेसमेंट में चौड़ी दरारें पड़ गई है और उसे खतरनाक जगह चिन्हित किया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ साल में मैंने जो कुछ भी जोड़ा था, वह सब बिखर गया है।''व्यापार मंडल संघ के अध्यक्ष नैनी सिंह भंडारी के अनुसार, जोशीमठ में करीब 600 अलग-अलग व्यवसाय हैं, जिनमें से कुछ लोग घरों में मेहमानों को रखते हैं (होमस्टे), होटल, कपड़ों की दुकानें और रेस्तरां आदि शामिल हैं। इनमें से 50 इमारतों (व्यवसाय की जगहों) को रेड जोन (खतरनाक) घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया, ‘‘ये सभी व्यवसाय पूरी तरह से पर्यटन पर आधारित हैं। हमसे क्षतिग्रस्त हुई दुकानें खाली करने को कहा जा रहा है, लेकिन हम सारा साजो-सामान लेकर कहां जाएंगे? पक्की बात है कि धंधों को बहुत नुकसान पहुंचा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने साजो-सामान के लिए समुचित मुआवजा और व्यापारियों के लिए उचित पुनर्वास पैकेज की मांग कर रहे हें ताकि वे अपना व्यापार फिर से शुरू कर सकें... या फिर उन्हें नौकरियां दी जानी चाहिए।'' उन्होंने बताया कि तमाम ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने अपना धंधा शुरू करने के लिए रिश्तेदारों सहित अन्य लोगों से कर्ज भी लिया हुआ है। उन्होंने पूछा, ‘‘उन्हें काम शुरू करने के लिए पगड़ी (एकमुश्त राशि) देनी होती है। ऐसे अनिश्चित हालात में वे अब क्या करें।'' जोशीमठ से करीब 30 किलोमीटर दूरी स्थित अपने गांव से बच्चों की अच्छी शिक्षा का सपना लेकर शहर आए सूरज सिंह जोशीमठ-औली रोपवे पर ट्रेकिंग जूते, जैकेट और बाकी चीजों की दुकान चलाते थे। लेकिन जमीन धंसने, रोपवे के पास मोटी-मोटी दरारें पड़ने के कारण इस साल पर्यटकों नहीं आ रहे हैं। जमीन धंसने के कारण रोपवे का संचालन पिछले सप्ताह रोक दिया गया। सिंह ने बताया, ‘‘मेरा धंधा रोपवे पर निर्भर है। मेरी दुकान, मेरा मकान, सबमें मोटी-मोटी दरारें पड़ गई हैं और उसे खतरनाक की श्रेणी में रखा गया है। मैं अपना सारा सामान सुरक्षित जगह ले जाने का प्रयास कर रहा हूं, लेकिन अभी तक कोई जगह नहीं मिली है।'' हालांकि सिंह का परिवार वापस अपने गांव चला गया है लेकिन उन्हें अभी भी अपने मकान पर बैंक से लिया गया कर्ज चुकाना है। सरकार से व्यापारियों को मुआवजा देने का अनुरोध करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मकान 2016 में बना है। मुझ पर बैंक का कर्ज है। ऐसा लगता है कि इस आपदा से चीजें और मुश्किल ही होंगी।'' जमीन धंसने के कारण एक-दूसरे की ओर झुक गए दो होटलों के पास ही स्थित एक रेस्तरां के मालिक विवेक रावत ने कहा कि आपदा की खबर फैलने के बाद से पर्यटक आने बंद हो गए हैं। दोनों होटलों ‘मलारी इन' और ‘माउंट व्यू' को खतरनाक घोषित कर दिया गया है, और उन्हें गिराने का आदेश भी जारी हो गया है। रावत ने कहा, ‘‘औली और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने से हमें ज्यादा संख्या में पर्यटकों के आने की अपेक्षा थी, लेकिन जमीन धंसने से हमारी कमाई बहुत घट गयी है।'' हालांकि, रावत का रेस्तरां अभी तक बंद नहीं हुआ है लेकिन उनका कहना है कि उन्हें कभी भी ‘शटर डाउन' करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘दरारें रोज-ब-रोज चौड़ी होती जा रही हैं। मुझे नहीं पता कि मेरी दुकान कब इसकी जद में आएगी। -
जयपुर। राजस्थान के सीकर के राधाकिशनपुरा निवासी अशोक सैनी की मृत्यु के बाद उनके अंगों के दान से चार व्यक्तियों को नया जीवन मिला है। सड़क दुर्घटना में घायल हुए अशोक सैनी को चिकित्सकों द्वारा ‘ब्रेनडेड' घोषित किए जाने के बाद उनके परिजनों ने उनके अंग दान करके दूसरों को जीवनदान देने का निर्णय लिया। सीकर जिले के कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने एक बयान में बताया कि अशोक सैनी को 11 जनवरी को सड़क दुर्घटना में घायल होने पर सीकर के श्री कल्याण अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और उसके बाद मणिपाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। यादव ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा अशोक सैनी को ‘ब्रेन डेड' घोषित किये जाने के बाद उनके परिजन भाई चन्द्रप्रकाश सैनी, बहन संजू चरणप्यारी, पिंकी एवं उनकी माता बनारसी देवी ने अशोक सैनी के अंग दान करने का निर्णय लेते हुए इसके लिए सहमति प्रदान की। यादव ने बयान में बताया कि चिकित्सकों के दल ने अशोक सैनी की मृत्यु के बाद उनके हृदय, लीवर एवं दोनों किडनी अन्य लोगों में प्रतिरोपित की जिससे चार व्यक्तियों को नया जीवन प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि इन चार व्यक्तियों में से तीन व्यक्तियों में अंग प्रतिरोपण मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) और मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना के माध्यम से निःशुल्क किया गया। उन्होंने बताया कि अंगदान से प्राप्त एक किडनी मणिपाल अस्पताल में भर्ती नीलम अग्रवाल (29 वर्ष), निवासी विद्याधर नगर, जयपुर, दूसरी किडनी एसएमएस में भर्ती रमेश कुमारी (37 वर्ष), निवासी श्यामपुरा, बुहाना, झुंझुंनू में प्रतिरोपित किया गया। उन्होंने बताया कि साथ ही लीवर मणिपाल अस्पताल में भर्ती राजेन्द्र सिंह चौहान (51) निवासी- सीकर तथा हृदय एसएमएस अस्पताल में भर्ती कानाराम (28 वर्ष), निवासी वार्ड नम्बर 25, सुजानगढ़ में प्रतिरोपित किया गया। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कानाराम में अशोक सैनी के अंगदान से प्राप्त हृदय का सफल प्रतिरोपित किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन थिएटर में लगभग 6 घंटे चले इस जटिल शल्यक्रिया को चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। जिला कलेक्टर एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, सीकर के अध्यक्ष डॉ. अमित यादव ने अंगदान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने तथा अंगदान करने के अशोक सैनी के परिवार के निर्णय की प्रशंसा करते हुए परिवार को इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से 51,000 रुपये की सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की आजीवन सदस्यता देने की घोषणा की। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा गणतंत्र दिवस पर अशोक सैनी के परिजनों को सम्मानित किये जाने का निर्णय भी लिया गया। - नयी दिल्ली । विदेश मंत्रालय 23 जनवरी को तृतीय अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान का आयोजन कर रहा है। यह व्याख्यान सिंगापुर के विदेश मंत्रालय के पूर्व स्थायी सचिव बिल्हारी कौशिकन देंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने संवाददाताओं को बताया कि इस व्याख्यान का विषय ‘वैश्विक अनिश्चितता का भविष्य' है और इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में किया जाता है जिन्होंने विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में भारत की विदेश नीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सरकारी विभागों और संगठनों में नव-नियुक्त 71 हजार कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह तीसरा रोजगार मेला था, इससे पहले प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष अक्तूबर में 75 हजार और नवंबर में 71 हजार नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए थे।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कुछ नवनियुक्त कर्मचारियों से बातचीत की। नवनियुक्त कर्मचारियों ने रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की सराहना की और नवनियुक्तियों के कौशल को विकसित करने के लिए कर्मयोगी प्रारंभ माड्यूल के महत्व को रेखांकित किया।नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष यह पहला रोजगार मेला है तथा विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियों से हजारों परिवारों के जीवन में आशा की एक नई किरण जागेगी। उन्होंने कहा कि रोजगार मेला देश के युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार का प्रयास है तथा आने वाले वर्षों में और भी भर्तियां की जाएंगी।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने नवनियुक्तों से कहा कि वे नागरिक सेवा के मंत्र के साथ अपना कार्य निष्पादित किया करें। श्री मोदी ने नवनियुक्तों से नए कौशल विकसित करने का प्रयास करने को कहा जिससे देश के नागरिकों को प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में आधारभूत संरचना में विकास से लोगों को स्व-रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार गांवों में भारत नेट के माध्यम से ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है जिससे अधिक रोजगार सृजन के अवसर पैदा होंगे। श्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स की सफलता से वैश्विक स्तर पर देश के युवाओं की खास पहचान बन रही है।कार्मिक और प्रशिक्षण राज्य मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी विभागों में दस लाख पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 71 हजार नवनियुक्तों को नियुक्ति पत्र वितरित करना इस दिशा में एक और कदम है। डॉक्टर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप तंत्र बन गया है।नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद इन लोगों को देशभर में विभिन्न सरकारी विभागों में कनिष्ठ अभियंता, लोको-पायलट, तकनीशियन, निरीक्षक, उप निरीक्षक, कांस्टेबल, आशुलिपिक और कनिष्ठ लेखाकार, ग्रामीण डाक सेवक, आयकर निरीक्षक, अध्यापक, नर्स, डॉक्टर और सुरक्षा अधिकारी के पद में नियुक्त किया जाएगा।कर्मयोगी प्रारंभ मॉड्यूल के जरिये शुरूआती प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नवनियुक्तों ने रोजगार मेले में अपने अनुभव भी साझा किए। कर्मयोगी प्रारंभ मॉड्यूल विभिन्न सरकारी विभागों में सभी नवनियुक्तों के लिए ऑनलाइन अनुकूलन पाठ्यक्रम है। इस मॉड्यूल में सरकारी सेवकों की आचार संहिता, कार्यस्थलों पर आचरण, सत्यनिष्ठा और मानव संसाधन नीतियों को शामिल किया गया है। -
नयी दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने बैंकों से चालू वित्त वर्ष के लिए प्रमुख वित्तीय समायोजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत दिए गए लक्ष्यों को हासिल करने को कहा है। यहां वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों को यह दिशानिर्देश दिए गए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘बैठक में सामाजिक सुरक्षा (जन सुरक्षा) की विभिन्न योजनाओं- प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), प्रधानमंत्री मुद्रा और प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी) आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) और कृषि क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा की गई।'' बयान के अनुसार, ‘‘वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने वाली सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के अलावा पीएसबी को 2022-23 के अंतर्गत उन्हें दिए गए लक्ष्यों को प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।'' बयान के अनुसार, बैठक में यह भी चर्चा की गई कि बैंकों को वित्तीय शिक्षण शिविर आयोजित करने चाहिए, जिससे सूक्ष्म बीमा योजनाओं समेत वित्तीय समावेशन की विभिन्न योजनाओं और यूपीआई लाइट जैसे डिजिटल वित्तीय लेन-देन को बढ़ावा दिया जा सके। बयान के अनुसार, ‘‘इसकी प्रशंसा की गई कि बैंकिंग सेवाओं तक लोगों की आसान पहुंच पिछले 7-8 साल में मजबूत हुई है।'' बयान के अनुसार, बैठक में सभी पीएसबी से देश के सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध कराने के लिए पीएम किसान की मदद लेने का आग्रह किया गया। कृषि अवसंरचना राशि (एआईएफ) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कृषि ऋण से संबंधित समीक्षा के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केसीसी प्राप्त करने की प्रक्रिया का डिजिटलीकरण करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। पीएसबी को नियत समय में इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए कहा गया।

















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