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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने आज दिल्ली आबकारी नीति में धनशोधन के मामले की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई स्थानों पर छापे मारे। ये छापे शराब के निजी कंपनियों के डीलरों और वितरकों के परिसरों पर मारे गए। जांच एजेंसी ने इस सिलसिले में अब तक कई स्थानों पर छापे मारे हैं और पिछले महीने कारोबारी समीर महेन्द्रू को भी गिरफ्तार किया था।
मनी लॉंड्रिंग का मामला केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो - सीबीआई की प्राथमिकी से सामने आया था, जिसमें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों के खिलाफ आरोप थे। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने वर्ष 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति को लागू करने में कथित अनियमितताओं की बात सामने आने के बाद इसकी जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। उपराज्यपाल ने इस मामले से जुडे 11 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। - नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान हो गया है। चुनाव आयोग के प्रमुख राजीव कुमार ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस राज्य में 12 नवंबर को मतदान होगा और 8 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि आगामी चुनावों में हर मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर ही होगा। सभी लोगों को उनके घर से दो किलोमीटर के अंदर ही पोलिंग स्टेशन दिए जाने की कोशिश की गई है।चुनाव आयोग प्रमुख ने बताया कि 17 अक्तूबर को गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। वहीं, नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्तूबर है। नामांकन की जांच 27 अक्तूबर तक जारी रहेगी। उम्मीदवार 29 अक्तूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 12 नवंबर को हिमाचल में एक ही चरण में मतदान हो जाएगा। इसके बाद 8 दिसंबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित कर देंगे। राज्य में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर है।चुनाव आयोग ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में 55 लाख वोटर हैं। इनमें 27 लाख 80 हजार पुरुष और 27 लाख 27 हजार महिलाएं हिस्सा लेंगी। चुनाव में शामिल सेवा कर्मियों की संख्या 67 हजार 532 होगी। इसके अलावा 80 साल से ज्यादा उम्र के 1.22 लाख मतदाता हैं। इसके साथ ही 1184 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी उम्र 100 साल से ज्यादा है।हिमाचल प्रदेश में क्या है सीटों का गणित?हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 68 सीटें हैं। 2017 में इतनी ही सीटों पर चुनाव हुए थे। तब राज्य की 17 विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थीं, जबकि तीन सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित थीं। राज्य में 48 विधानसभा सीटें सामान्य वर्ग के लिए थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 44, कांग्रेस ने 21 और अन्य ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी।
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साहिबगंज . झारखंड के साहिबगंज जिले में 60 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उन्हें डायन बताकर निर्वस्त्र किया और पेड़ से बांध दिया। पीड़िता का दावा है कि उन्हें 21 हजार रुपये देने की शर्त पर छोड़ा गया। यह जानकारी देते हुए बरहेट थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि महिला की शिकायत पर साहिबगंज के बरहेट थाने में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी को 21 हजार रुपये देने की शर्त पर उन्हें छोड़ा गया। बरहेट थाना प्रभारी गौरव कुमार के मुताबिक, पीड़िता ने दावा किया है कि यह घटना 20 दिन पहले घटित हुई और इसे ग्राम पंचायत सुलझा रही थी। कुमार ने बताया कि महिला ने बुधवार को तीन लोगों के खिलाफ इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि आरोपी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और कुछ ग्रामीणों से पूछताछ की गयी है।
दूसरी ओर, उन्होंने बताया कि कुछ ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी और पीड़िता पड़ोसी हैं और उनका आपसी विवाद है, जिसके चलते इस तरह के आरोप लगाये गये हैं। पुलिस ने कहा कि मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत रक्षा उपकरणों (हार्डवेयर) के आयात पर निर्भर नहीं रह सकता है और उसे रहना भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य की किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिये तैयार रहने के वास्ते रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘आत्म निर्भरता' का अर्थ दुनिया से अलग-थलग रहना नहीं है, बल्कि आधुनिक सेना के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करना है। रक्षा मंत्री दुनिया भर में भारतीय मिशन में तैनात रक्षा अताशे (देश के राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ काम करने वाले विशेषज्ञ) की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने भी हिस्सा लिया।
सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और मित्र देशों के बीच परस्पर रक्षा सहयोग में रक्षा अताशे सेतु का काम करते हैं। उन्होंने बैठक में शामिल लोगों से कहा कि वे अपनी तैनाती वाले देशों में भारत के रक्षा उद्योग की क्षमताओं का प्रचार-प्रसार भी करें। रक्षा अताशे के कामकाज की तारीफ करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि देश की विदेश नीति के अनुरूप काम करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में वे महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। रक्षा मंत्री ने बैठक में शामित रक्षा अताशे से कहा कि वे रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के सरकार के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा के परिदृश्य में वैश्विक मंच पर भारत को मजबूत और सम्मानित बनाने का यही एक तरीका है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, ‘‘ भारत के आयात पर निर्भर नहीं रहने पर जोर देते हुए सिंह ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी, ताकि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटा जा सके।'' उन्होंने रक्षा अताशे को रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता' का अग्रदूत बताया।सिंह ने कहा, ‘‘भारत विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले और सस्ते हथियारों, उपकरणों और प्लेटफॉर्म का निर्माण कर रहा है, जिसे दुनिया भर में मान्यता मिल रही है। हमारे रक्षा उत्पाद गुणवत्ता के दृष्टिकोण से ना सिर्फ विश्वस्तरीय और विश्वसनीय हैं, बल्कि अपेक्षाकृत सस्ते भी हैं।'' -
तिरुवनंतपुरम. केरल सरकार ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए समाज सेवा और प्रशिक्षण अनिवार्य करने का बृहस्पतिवार को फैसला किया। पालक्काड जिले में एक निजी बस के चालक द्वारा तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुई दुर्घटना में नौ लोगों की मौत के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। पांच अक्टूबर को हुई इस दुर्घटना में निजी बस राज्य द्वारा संचालित केएसआरटीसी बस से टकरा गई थी। परिवहन मंत्री एंटोनी राजू की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में शामिल और नशे की हालत में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों को अनिवार्य रूप से अस्पतालों के ट्रॉमा केंद्रों और अन्य देखभाल इकाइयों में कम से कम तीन दिनों की सेवा में लगाया जाना चाहिए। मंत्री के कार्यालय के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों का लाइसेंस निलंबित करने के अलावा उन्हें ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च' (आईडीटीआर) में तीन दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होगा।
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नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रशासन ने कहा है कि वार्डों मे भर्ती और बाह्य रोगी विभागों (ओपीडी) के मरीजों का सीटी स्कैन संस्थान में ही किया जाना चाहिए ताकि उनके इलाज में अनावश्यक देरी से बचा जा सके। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि इसने सीटी स्कैन प्रक्रियाओं के लिए नियुक्तियों की संख्या बढ़ाने को भी कहा है। एम्स के नए निदेशक डॉ एम श्रीनिवास ने एक समिति गठित की है और उससे कहा है कि वह संस्थान की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘कंप्यूटेड टोमोग्राफी' (सीटी) उपकरण और कर्मचारियों की आवश्यकता पर अपनी सिफारिशें दे। साथ में मोबाइल सीटी स्कैनर के विकल्प की भी पड़ताल करे। समिति को 15 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट देनी है।
ग्यारह अक्टूबर को डॉ श्रीनिवास द्वारा जारी एक कार्यालय ज्ञापन में कई उपायों को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें संस्थान के सभी 10 सीटी स्कैनर को चौबीसों घंटे संचालित करना भी शामिल है तथा स्कैन करने में लगने वाले समय में सुधार करने पर जोर दिया गया है ताकि अधिक रोगियों का सीटी स्कैन किया जा सके। कार्यालय ज्ञापन में ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग इन जेरियाट्रिक ब्लॉक' और ‘सर्जिकल ब्लॉक' में सीटी उपकरण को पूरे दिन चलाने को भी कहा गया है। इसने रेडियो डायग्नोसिस विभाग के प्रमुख को मातृ एवं शिशु ब्लॉक और नए निजी वार्ड के लिए सीटी उपकरण की खरीद में तेजी लाने के लिए कहा गया है। ज्ञापन में कहा गया है, “एम्स में सीटी स्कैन के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची है। इसलिए, मरीज सीटी स्कैन के लिए निजी डाइअग्नास्टिक केंद्रों में जाते हैं। कई रोगियों का एम्स में दोबारा सीटी स्कैन होता है, क्योंकि कुछ निजी डाइअग्नास्टिक केंद्रों में किया गया स्कैन या तो सही नहीं होता है या अधूरा होता है।” उसमें कह गया है, “ वार्ड/ओपीडी के मरीजों का सीटी स्कैन एम्स में ही किया जाना चाहिए, ताकि इलाज में अनावश्यक देरी से बचा जा सके।” -
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर, बस्ती, संत कबीर नगर और सिद्धार्थ नगर जिलों के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। राज्य के 21 जिलों के सैकड़ों गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में गंगा, शारदा, घाघरा, राप्ती और कुआनो समेत अनेक नदियां उफान पर हैं और विभिन्न जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। साथ ही उन्हें राहत सामग्री भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अप्रत्याशित बाढ़ के संकट में केंद्र और राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रभावित परिवारों को युद्धस्तर पर राहत सामग्री वितरित की जाए। साथ ही राहत एवं बचाव कार्य के लिए नाव एवं ‘मोटर बोट' की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए। इसके अलावा बाढ़ या अन्य आपदा से मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाए। मुख्यमंत्री ने संत कबीर नगर में धनघटा तहसील क्षेत्र में नदी तटबंध के उस पार रहने वाले लोगों को हर साल बाढ़ आपदा की स्थिति से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर बसाने की कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पीड़ित लोगों तक राहत सामग्री व अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी हटते ही प्रभावित क्षेत्र में साफ-सफाई का व्यापक कार्यक्रम चलाया जाए। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये विवरण के अनुसार] प्रदेश में विगत 24 घंटों में अतिवृष्टि से दो लोगों की मौत हो गई। वर्तमान में प्रदेश के 21 जनपद बाढ़ प्रभावित हैं। इनमें बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, गोण्डा, बहराइच, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, आजमगढ़, महराजगंज, बरेली, बस्ती, संत कबीर नगर, अयोध्या, मऊ, कुशीनगर, बलिया, अम्बेडकर नगर, पीलीभीत, देवरिया तथा शाहजहांपुर शामिल हैं। गंगा नदी बदायूं (कचला ब्रिज) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, शारदा नदी लखीमपुर खीरी (पलियाकलां एवं शारदानगर) में, घाघरा नदी बाराबंकी (एल्गिन ब्रिज), अयोध्या और बलिया (तुर्तीपार) में, राप्ती नदी बलरामपुर, सिद्धार्थनगर (बांसी) और गोरखपुर (रिगौली व बर्ड घाट) में, बूढ़ी राप्ती नदी सिद्धार्थनगर (ककरही) एवं कुन्हरा नदी सिद्धार्थ नगर (उसका बाजार), रोहिन नदी महराजगंज (त्रिमोहिनीघाट) तथा कुआनो नदी गोण्डा (चन्द्रदीप घाट) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में 36 पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों पर समय-पूर्व सेवानिवृत्ति दे दी गयी है। इनके खिलाफ लोकसेवकों के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुरूप काम नहीं करने और स्थापित आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप हैं। ये कर्मचारी गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए गए, अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहे, विभागीय जांच में दंडित किए गए और कुछ आपराधिक मामलों में भी लिप्त पाए गए। समीक्षा समिति ने कहा कि इन पुलिसकर्मियों का कार्यनिष्पादन असंतोषजनक पाया गया है और सरकारी नौकरी में इनका बना रहना लोकहित में नहीं है।
भष्ट्राचार को कतई बर्दाश्त न करने की नीति के तहत हाल में विभागीय कार्रवाई के बाद कई कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। अनेक कर्मियों की सेवाएं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में समाप्त कर दी गई हैं। - नयी दिल्ली,। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों का शुक्रवार से शुरू हो रहे दो दिन के सम्मेलन में स्मार्ट मीटर, 24 घंटे बिजली और क्षेत्र में सुधार समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। राजस्थान के उदयपुर में हो रहे इस सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह करेंगे। सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विद्युत और भारी उद्योग राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा व रसायन और उर्वरक राज्यमंत्री भगवंत खुबा शामिल होंगे। इसके अलावा, बिजली और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा विद्युत क्षेत्र के उपक्रमों के प्रमुख भी उपस्थित रहेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रियों का दो दिन का सम्मेलन राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार यानी 14 अक्टूबर, 2022 से शुरू होगा। सम्मेलन के एजेंडा में बिजली वितरण कंपनियों को कारोबार के लिहाज से व्यवहारिक बनाना, स्मार्ट मीटर, नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण विद्युत क्षेत्र में सुधार, समय पर निवेश के माध्यम से चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करना, बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार और ऊर्जा सरंक्षण शामिल हैं। सालाना सम्मेलन के दौरान वित्त वर्ष 2020-21 में बिजली वितरण कंपनियों के प्रदर्शन पर रिपोर्ट जारी की जाएगी। यह रिपोर्ट बिजली मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली पावर फाइनेंस कारपोरेशन ने प्रकाशित की है।
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जयपुर. राजस्थान के बीकानेर, टोंक और झुंझुनूं जिले में बुधवार को तीन अलग-अलग सड़क हादसों में दो दंपती सहित आठ लोगों की मौत हो गयी, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । टोंक के सदर थाना क्षेत्र में बाड़ा तिराहा पर एक लोक परिवहन बस ने बाइक को टक्कर मार दी जिससे बाइक पर सवार एक दंपती सहित तीन लोगों की मौत हो गयी। थानाधिकारी हेमराज ने बताया कि बाड़ा तिराहे पर कोटा से जयपुर जा रही एक तेज गति की लोक परिवहन की बस ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार राधाकिशन (70) उनकी पत्नी चाहू देवी (65) और भाई मेहराम (68) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये, इस संबंध में लोक परिवहन बस के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि बीकानेर के गंगाशहर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक अन्य सड़क हादसे में नोखा राजमार्ग पर एक टैंपों और टैंकर की भिडंत में दंपती सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गये। थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बीकानेर से देशनोक जा रहे टैंपो की बीकानेर की तरफ आ रहे एक टैंकर से भिड़ंत हो गई जिससे टैंपो में सवार सुंदरलाल भूरा (58), उनकी पत्नी राजूदेवी (55) और उनके बड़े भाई झंवरलाल भूरा (70) की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गये। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिये राजकीय चिकित्सालय में भेजा गया है । उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह पोस्टमार्टम कराया जायेगा। घायलों को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उन्होंने बताया कि झुंझुनूं जिले सदर थाना क्षेत्र में एक अन्य सड़क हादसे में बुधवार दोपहर बस और कार की भिड़ंत में कार सवार दो लोगो की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि कार सवार मृतकों की पहचान राजकुमार (42) और मनदीप ऊर्फ प्रवीण (28) के रूप में की गई हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -
उज्जैन. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के अगले दिन महाकालेश्वर मंदिर से जुड़े ‘महाकाल लोक' को बुधवार को दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। करीब 900 मीटर लंबे इस गलियारे से जुड़े दो मुख्य द्वार... नंदीद्वार और पिनाकी द्वार.. बनाए गए हैं। पूरा गलियारा हिन्दू धर्म में पवित्र माने जाने वाले अंक... 108 खंभों पर टिका है। इन खंभों पर त्रिशूल और भगवान शिव की अन्य मुद्राओं सहित तमाम नक्कासी की गई हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद महाकाल लोक को दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया है। उज्जैन सहित देश के अन्य भागों से आए श्रद्धालु और अन्य दर्शनार्थियों ने इस नये गलियारे को देखा।' -
उज्जैन. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्जैन में मेगा कॉरिडोर के उद्घाटन के दिन 'महाकाल लोक' के नंदी द्वार की प्रतिकृति भेंट की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। गलियारे की लंबाई 900 मीटर से अधिक है और इसमें दो भव्य प्रवेश द्वार हैं - नंदी द्वार और पिनाकी द्वार। यह एक पंक्ति में बलुआ पत्थर के 108 अलंकृत स्तंभों से युक्त है, जिसके शीर्ष पर एक भव्य 'त्रिशूल' का डिजाइन और भगवान शिव की 'मुद्राएं' हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "प्रधानमंत्री को श्री महाकाल लोक के नंदी द्वार की प्रतिकृति भेंट की गई।"
उद्घाटन के अवसर पर यहां कार्तिक मेला मैदान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उन्हें प्रतिकृति भेंट की गई, जहां मोदी का स्वागत 'मालवी' टोपी, रुद्राक्ष की माला और 'अंगवस्त्र' से किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच, मोदी ने मंगलवार को मेगा कॉरिडोर के उद्घाटन के अवसर पर नंदी द्वार के नीचे पवित्र लाल धागों से ढके एक बड़े 'शिवलिंग' का अनावरण किया था। -
नयी दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक कैलेंडर बुधवार को जारी किया। इसके तहत सेमेस्टर की शुरुआत दो नवंबर से होगी और पहले और दूसरे सेमेस्टर के बीच सिर्फ चार दिन की छुट्टी होगी। पहला सेमेस्टर नवंबर 2022 में शुरू होगा और मार्च 2023 में समाप्त होगा और दूसरा सेमेस्टर मार्च से जुलाई तक होगा। स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया के तीसरे दौर के शुरू होने से पहले ही पहला सेमेस्टर शुरू हो जाएगा। शैक्षणिक कैलेंडर के मुताबिक, पहले सेमेस्टर की लिखित परीक्षा 27 फरवरी से 15 मार्च तक होगी जबकि दूसरे सेमेस्टर की लिखित परीक्षा 17 से 28 जुलाई तक होगी। विश्वविद्यालय ने कहा है कि पहले सेमेस्टर की प्रायोगिकी परीक्षा 17 से 26 फरवरी तक और दूसरे सेमेस्टर की आठ से 16 जुलाई तक होगी। एक सेमेस्टर पूरा होने के बाद आम तौर पर 15 दिन की छुट्टियां होती थी लेकिन अब सिर्फ चार दिन का अवकाश होगा जो 16 से 19 मार्च तक होगा।
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नयी दिल्ली. दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने घोषणा की है कि जन्म के चार साल बाद तक बच्चे का नाम जन्म प्रमाण पत्र में ‘ऑनलाइन' जोड़ा जा सकता है और इसे स्वत: मंजूरी भी मिल जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि इससे पहले ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत नाम जुड़ने में सात से 10 दिन का समय लग जाता था। उन्होंने कहा, ‘‘अब माता-पिता व अभिभावक बच्चे के जन्म के चार साल बाद तक उसका नाम जन्म प्रमाणपत्र में ‘ऑनलाइन' जोड़ सकते हैं और इस प्रक्रिया को स्वत: मंजूरी भी मिल जाएगी।'' अधिकारी के मुताबिक, कई अभिभावकों ने नागरिक निकाय से शिकायत की थी कि उन्हें अपने बच्चों के दाखिले के लिए जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत है और अधिकारियों द्वारा इसे मंजूरी देने में काफी समय लग रहा है। एमसीडी ने एक बयान में कहा, ‘‘दिल्ली नगर निगम ने नागरिकों की सुविधा और व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जन्म के पंजीकरण की प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए बच्चे के जन्म के चार साल बाद तक ऑनलाइन नाम जोड़ने व उसे स्वत: मंजूरी देने का विकल्प लाया गया है।'' बयान के अनुसार, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम-1949 के तहत यदि ‘‘किसी भी बच्चे का जन्म से जुड़ा पंजीकरण बिना नाम के किया गया है तो ऐसे बच्चे के माता-पिता या अभिभावक निर्धारित अवधि के भीतर रजिस्ट्रार को मौखिक या लिखित रूप से बच्चे के नाम के बारे में जानकारी देंगे। उसके बाद रजिस्ट्रार ‘रजिस्टर' में उस नाम को दर्ज करेगा।'' बयान में कहा गया है कि दिल्ली नगर निगम अपने उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करके नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के सभी प्रयास कर रही है। - नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी। इस पहल का मकसद क्षेत्र में पारदर्शिता लाना और चुनाव प्रक्रिया में सुधार करना है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी दे दी है। इसके जरिये बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि कारोबार में सुगमता और सुधार के लिये संशोधन विधेयक लाया गया है।विधेयक में 97वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को शामिल किया जाएगा।यह संशोधन संचालन व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया में सुधार, निगरानी तंत्र को मजबूत करने तथा पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के लिये लाया गया है। विधेयक में बहु-राज्य सहकारी समितियों में धन जुटाने के अलावा, निदेशक मंडल की संरचना में सुधार और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने का भी प्रावधान किया गया है। विधेयक में बहु-राज्य सहकारी समितियों के कामकाज को अधिक लोकतांत्रिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिये सहकारी चुनाव प्राधिकरण, सहकारी सूचना अधिकारी और सहकारी लोकपाल की स्थापना का प्रावधान शामिल है।
- बामुतिया (त्रिपुरा)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को पश्चिम त्रिपुरा जिले के नरसिंहगढ़ में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति मुर्मू त्रिपुरा की अपनी पहली यात्रा पर हैं और उनकी यह यात्रा दो दिनों की है।मुर्मू सुबह 11.15 बजे अगरतला हवाई अड्डा पहुंची, जहां राज्यपाल सत्य नारायण आर्य, मुख्यमंत्री माणिक साहा और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक ने उनकी अगवानी की। हवाई अड्डे पर उन्हें त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया।हवाई अड्डे से वह (एनएलयू के) उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने के लिए नरसिंहगढ़ गई थीं। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहंती भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में कानून और संसदीय कार्य मंत्री रतन लाल नाथ भी मौजूद थे।इसके बाद मुर्मू ने जिले के मोहनपुर अनुमंडल के दुर्गाबाड़ी चाय बागान का दौरा किया और इसके कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने चाय बागान की पांच-छह महिला श्रमिकों में से एक अष्टमी मुंडा से पूछा, ''क्या आप अपने बच्चों को स्कूल भेजती हैं? अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। क्या आपको मुफ्त चावल और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है?'' मुर्मू ने बागान श्रमिकों से यह भी पूछा कि क्या वे मुख्यमंत्री (माणिक) साहा और स्थानीय विधायक कृष्णधन दास को उनके साथ आए लोगों में से पहचान सकते हैं? उन्होंने श्रमिकों से पूछा, ''क्या आप मुख्यमंत्री माणिक साहा और विधायक कृष्णधन दास की पहचान कर सकते हैं?'' इस सवाल का जवाब श्रमिकों ने 'हां' में दिया। उन्होंने बागान श्रमिकों से कहा, ''वे स्थानीय हैं... अगर आपकी कोई मांग या समस्या है तो उनसे संपर्क करें।'' विधायक कृष्णधन दास ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि (राष्ट्रपति की) बातचीत उल्लेखनीय थी।उन्होंने कहा, ''पहली बार किसी राष्ट्रपति ने हमारे चाय बागान का दौरा किया। यह बहुत अच्छा अहसास था।'' राष्ट्रपति के सम्मान में उद्यान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ''उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल'' नाम से एक नयी योजना को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी जिस पर चार वर्ष की अवधि में 6,600 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे । बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने ''उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल'' (पीएम-डिवाइन) योजना को मंजूरी दी । यह वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक के लिये होगी । उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसका शत प्रतिशत वित्त पोषण केंद्र करेगा । इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) द्वारा लागू किया जायेगा । ठाकुर ने बताया कि इसका उद्देश्य उचित ढंग से आधारभूत ढांचे के लिये वित्त पोषण करना है और इस पर पीएम गति शक्ति की भावना के अनुरूप अमल किया जायेगा । इसके माध्यम से सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं को समर्थन दिया जायेगा । उन्होंने बताया कि यह युवाओं एवं महिलाओं के लिए आजीविका गतिविधियों में सहायक होगा । यह विकास में अंतर को पाटने में मददगार होगा ।
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गुना (मप्र) । मध्यप्रदेश के गुना जिले के भानपुरा गांव में पुलिस ने एक ऐसे अवैध शराब के ठिकाने का भंडाफोड़ किया है, जहां शराब निकालने के लिए हैंडपंप का इस्तेमाल किया जाता है और पुलिस ने वहां जमीन में गड़े ड्रमों से हैंडपंप के जरिए निकलने वाली शराब भी भारी मात्रा में जब्त की। पुलिस ने सोमवार को गांव में छापा मारा और तलाशी के दौरान उन्हें कच्ची शराब से भरे कुल आठ ड्रम मिले, जो जमीन में दबे हुए थे या खेतों में चारे के नीचे छिपाये गये थे। चांचौड़ा पुलिस थाना प्रभारी रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि दबिश के दौरान शराब के ड्रम जमीन में गड़े मिले। वहीं एक छोटा हैंडपंप कुछ दूरी पर पड़ा मिला। इसी हैंडपंप से जमीन में गड़े ड्रम से आरोपी शराब निकालते रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें छोटी थैलियों में भरकर बेचते हैं और एक छोटी थैली की कीमत लगभग 40 रुपये की होती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 5-5 लीटर की केन में भी शराब भरकर भेजी जाती है।
गुप्ता ने बताया कि जमीन में गड़े हुए ड्रमों से शराब निकालने के लिए इन आरोपियों द्वारा हैंडपंप का ही इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसमें नीचे 8-10 फुट का पाइप जुड़ा होता है। उन्होंने बताया कि पाइप को जमीन के अंदर गड़े हुए ड्रम में लगा देते हैं और वहीं दूसरे पाइप को बाहर रखे छोटे ड्रम में लगाकर शराब उसमें भर देते हैं। उन्होंने कहा कि पानी निकालने वाले हैंडपंप की तरह ही यह काम करता है। गुप्ता ने बताया कि शराब बनाने वाले इतने शातिर हैं कि उन्होंने शराब से भरे ड्रमों को जमीन में सात फुट तक गड्ढा खोदकर गाड़ दिया था और हैंडपम्प के जरिये वह इन ड्रमों में से शराब निकालते और थैलियों में भरकर बेच देते थे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, भूसे के ढेर में भी कुछ ड्रम गाड़ रखे थे और रोजाना लगभग एक हजार लीटर कच्ची शराब बेची जा रही है। गुप्ता ने बताया कि पुलिस की दबिश के दौरान शराब तो हाथ लग गयी, लेकिन आरोपी भाग गए। पुलिस ने आठ आरोपियों की पहचान कर ली है, साथ ही 8 मामले भी दो थानों में दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि चांचौड़ा इलाके के इस भानपुरा गांव में अधिकतर कंजर समुदाय के लोग रहते हैं और ये ऐसा गांव है, जिसके बारे में माना जाता है कि यहां लगभग हर परिवार कच्ची शराब बनाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि जगह-जगह उन्होंने कच्ची शराब बनाने के लिए उपकरण लगाए हुए हैं और इनका मुख्य धंधा कच्ची शराब बनाने का ही है। - नयी दिल्ली । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिये रेलवे कर्मियों को 78 दिनों के उत्पादकता आधारित बोनस प्रदान करने को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे रेलवे के 11.27 लाख अराजपत्रित कर्मचारियों को लाभ होगा । बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि हर वर्ष दशहरा पूजा के अवसर पर रेलवे कर्मियों को उत्पादकता बोनस प्रदान किया जाता है। वित्त वर्ष 2021-22 के लिये रेलवे कर्मियों को 78 दिनों का उत्पादकता आधारित बोनस प्रदान प्रदान किया जायेगा । उन्होंने बताया कि इसके तहत पात्र रेल कर्मियों को 78 दिन के लिये अधिकतम 17,950 रूपये का भुगतान किया जायेगा । ठाकुर ने बताया कि इससे पटरियों का रखरखाव करने वाले कर्मियों, रेल चालकों, गार्ड, स्टेशन मास्टर, निरीक्षक, तकनीशिन, तकनीकी सहायक, प्वायंट्समैन सहित समूह ‘स' कर्मियों को लाभ होगा । मंत्री ने बताया कि इससे अनुमानित तौर पर 1,832.09 करोड़ रूपये का वित्तीय भार सरकार पर पड़ेगा ।सरकारी बयान के अनुसार, उत्पादकता आधारित बोनस प्रदान करने का फैसला कोविड के बाद चुनौतियों के कारण प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव के बावजूद लिया गया है।
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को रसोई गैस एलपीजी के घाटे की भरपाई के लिए 22,000 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान देगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस अनुदान को मंजूरी दी है। यह अनुदान इन कंपनियों द्वारा पिछले दो साल के दौरान रसोई गैस की रूप में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी को लागत से कम मूल्य पर बेचने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए दिया जाएगा। ठाकुर ने कहा कि पिछले दो साल से घरेलू रसोई गैस को लागत से कम मूल्य पर बेचा जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक बैठक में तीन पेट्रोलियम विपणन कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को एकमुश्त अनुदान देने की मंजूरी दी। अनुदान जून, 2020 से जून, 2022 तक उपभोक्ताओं को लागत से कम मूल्य पर एलपीजी बिक्री पर हुए नुकसान की भरपाई के लिए होगा। तीनों कंपनियां उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा नियंत्रित कीमतों पर घरेलू एलपीजी बेचती हैं।जून, 2020 से जून, 2022 के बीच रसोई गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई।एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए उनपर लागत वृद्धि का पूरा भार नहीं डाला गया। बयान में कहा गया कि इस दौरान घरेलू एलपीजी की कीमतों में केवल 72 प्रतिशत की वृद्धि हुई और ऐसे में इन तीनों कंपनियों को उल्लेखनीय नुकसान हुआ। बयान में आगे कहा गया, ‘‘इस घाटे के बावजूद, सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने देश में रसोई ईंधन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की है। इसलिए सरकार ने इस नुकसान की भरपाई के लिए तीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को एकमुश्त अनुदान देने का निर्णय लिया है।'' सरकार ने कहा कि इस फैसले से पेट्रोलियम क्षेत्र की पीएसयू को आत्मनिर्भर भारत अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखने में मदद मिलेगी और बिना किसी बाधा के घरेलू एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
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नई दिल्ली। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि 1300 से अधिक भारतीय विद्यार्थियों के लिए वीजा जारी करना शुरू कर दिया गया है। यह जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय में एशिया मामलों के महानिदेशक लियू जिनसॉग ने चीन में भारतीय राजदूत प्रदीप रावत के साथ बातचीत में दी। चीन ने वर्ष 2020 में कोविड प्रतिबंधों के कारण दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान पर रोक लगा दी थी।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों शीर्ष अधिकारियों ने द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। हजारों भारतीय विद्यार्थियों के साथ-साथ चीन में काम करने वाले भारतीयों के लिए सीधी उड़ानों का स्थगित होना बड़ी समस्या बन गई थी। चीन ने लगभग तीन वर्ष बाद हाल ही में वीजा प्रतिबंध हटा लिये थे। -
नई दिल्ली। अग्निवीरवायु 2023 बैच में पुरुष और महिला उम्मीदवारों की भर्ती के लिए पंजीकरण इस साल नवम्बर के पहले सप्ताह में शुरू हो जायेगा। भारतीय वायुसेना ने कहा है कि ऑनलाइन परीक्षा अगले साल जनवरी में आयोजित की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार - agnipathvayu.cdac.in पर पंजीकरण कर सकते हैं।
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चंडीगढ़. हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा इलाके में एक ढाबे पर हुए विवाद में दो लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात हुई इस घटना में एक व्यक्ति घायल भी हो गया।
थाना प्रभारी (घरौंडा) निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान मुनीश (28) और नीरज (32) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों व्यक्ति ढाबे पर खाना खा रहे थे तभी दूसरे समूह के कुछ लोगों से उनका विवाद शुरू हो गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ितों पर कांच की बोतल से हमला किया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। -
मुंबई/बीड. महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बीड शहर इकाई के अध्यक्ष भगीरथ बियाणी ने मंगलवार को अपने घर में एक लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बियाणी ने पेठ बीड पुलिस थाना क्षेत्र के मीरा नगर इलाके स्थित अपने घर में अपनी लाइसेंसी बंदूक से सिर में गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। अधिकारी ने बताया कि बियाणी के परिजन को दोपहर को वह मृत मिले और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीड के पुलिस अधीक्षक नंद कुमार ठाकुर ने ‘एक न्यूज़ एजेंसी ' से कहा, ‘‘प्रथमदृष्ट्या यह आत्महत्या का मामला लगता है और पुलिस इसके हर पहलू की जांच कर रही है।'' उन्होंने बताया कि बियाणी के कान के ऊपर गोली लगने का निशान है। मामले की जांच जारी है।
अधिकारी ने बताया कि करीब 50 वर्षीय भाजपा नेता कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।
उन्होंने बताया कि बियाणी सोमवार रात को अपने कमरे में गए थे, लेकिन वह मंगलवार सुबह बाहर नहीं निकले, जिसके बाद उनके परिजन दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। -
पन्ना (मध्य प्रदेश). जिले के एक गांव में 18 वर्षीय युवक और 16 वर्षीय किशोरी की धारदार हथियारों से हमला कर कथित रूप से हत्या कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने मंगलवार को बताया कि सलेहा पुलिस थाना क्षेत्र के लमकुश मार्ग पर इटवा गांव के पास सोमवार को दोनों के शव सड़क पर मिले। उन्होंने कहा कि हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों से पूछताछ कर रही है। मीणा ने बताया कि किशोरी नौवीं कक्षा की छात्रा थी और सोमवार को स्कूली वर्दी पहनकर परीक्षा में शामिल होने के लिए घर से निकली थी। सोमवार सुबह करीब 8 बजे डायल 100 पुलिस को सूचना मिली कि एक लड़का और एक लड़की का शव लमकुश मार्ग पर पड़ा है। उन्होंने बताया, पुलिसकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो करीब दो सौ मीटर की दूरी पर इन दोनों के शव खून से लथपथ स्थिति में पड़े मिले। उन्होंने कहा, शव की हालत को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों की हत्या धारदार हथियार से हमला करके की गई है। मीणा ने बताया कि ये दोनों आसपास के गांव के रहने वाले थे।



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