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- नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार को यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को तत्काल बाहर निकालना चाहिए।उन्होंने यूक्रेन में फंसी दो भारतीय छात्राओं का एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘बंकर में मौजूद भारतीय छात्रों का दृष्य परेशान करने वाला है। बहुत सारे छात्र पूर्वी यूक्रेन में फंसे हुए हैं जहां भीषण हमला हो रहा है। मैं उनके चिंतित परिजन के साथ हूं।’’राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैं फिर से भारत सरकार से आग्रह करता हूं कि भारतीय छात्रों को तत्काल बाहर निकाला जाए।’’ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ‘‘जान बचाने के लिए बंकरों और अंडरग्राउंड मेट्रो में बैठे हजारों लोगों का दम घुट रहा है। बच्चे भूखे-प्यासे और डरे हुए हैं। बाहर निकलने की भी हालत में नहीं और उन्हें कभी इधर कभी उधर में उलझाया जा रहा है। लोगों की सांस अटकी है मग़र प्रचारजीवी चुनाव और वेबिनार में वयस्त हैं?’’
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारतीय छात्र भाषायी बाध्यताओं के बावजूद चिकित्सा शिक्षा के लिए कई सारे छोटे देशों का रुख कर रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की सुविधाएं देश में ही उपलब्ध कराने के लिए निजी क्षेत्र को व्यापक स्तर पर सामने आकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। आम बजट-2022 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों पर केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से आयोजित एक वेबिनार का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने को ध्यान में रखते हुए जमीन आवंटन के लिए राज्य सरकारें भी अच्छी नीतियों का निर्माण कर सकती हैं ताकि भारत बड़ी संख्या में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की फौज तैयार कर वैश्विक मांग को भी पूरी कर सके।प्रधानमंत्री की यह बात बहुत मायने रखती है क्योंकि रूस की सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर युद्धग्रस्त यूक्रेन में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र फंसे हुए हैं और उन्हें स्वदेश वापस लेने के लिए सरकार को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।ज्ञात हो कि यूक्रेन में फंसे अधिकतर छात्र चिकित्सा क्षेत्र में शिक्षा हासिल करने के लिए वहां हैं।मोदी ने अपने संबोधन के दौरान यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों का कोई सीधा उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि विदेशों में जाकर चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई के लिए विदेश जाने के कारण देश का पैसा बड़ी संख्या में बाहर भी जाता है।उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा, खासकर चिकित्सा शिक्षा के लिए हमारे बच्चों को छोटे देशों मे जाना पडता है। वहां उन्हों भाषयी समस्याओं से भी दो-चार होना पड़ता है। इसके बावजूदवह जा रहे हैं...क्या हमारा निजी क्षेत्र बड़े स्तर पर इसमें प्रवेश नहीं कर सकता है? क्या हमारी राज्य सरकारें इसके लिए भूमि आवंटन करने को अच्छी नीतियों का निर्माण नहीं कर सकती?’’प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में कमियों को पूरा करने के लिए भारत को अपने संसाधनों का उपयोग करना चाहिए।उन्होंने कहा कि पिछले सात सालों में केंद्र सरकार ने देश के स्वास्थ्य ढांचे में सुधार और बदलाव किए हैं और अब उसकी कोशिश गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधाएं ब्लॉक स्तर पर पहुंचाने की है।उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार का प्रयास आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश के हर व्यक्ति तक किफायती इलाज पहुंचाने का है।स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट प्रावधानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह बजट पिछले साल से स्वास्थ्य देखभाल तंत्र में सुधार और व्यापक बदलाव करने के हमारे प्रयासों को विस्तार देता है। हमने अपने स्वास्थ्य देखभाल तंत्र में एक सर्वसमावेशी रुख अपनाया है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान स्वास्थ्य पर तो है ही, इसके साथ ही उसकी कोशिश आयुष जैसी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति में शोध को प्रोत्साहन देकर स्वास्थ्य देखभाल तंत्र में उसकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी है।उन्होंने कहा, ‘‘आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश के हर व्यक्ति, हर हिस्से तक बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। हमारा प्रयास है कि गंभीर बीमारियों के इलाज की स्वास्थ्य सुविधाएं ब्लॉक स्तर पर हों, जिला स्तर पर हों, गांवों के नजदीक हों।’’उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से जुड़ी अवसंरचना की देखभाल और समय-समय पर उसमें सुधार भी जरूरी है और इसके लिए निजी और दूसरे क्षेत्र को भी ज्यादा ऊर्जा के साथ आगे आना होगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नेटवर्क को सशक्त करने के लिए डेढ़ लाख ‘हेल्थ एंड वेलनेस’ केंद्रों के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है और अभी तक 85,000 से अधिक केंद्रों में नियमित जांच, टीकाकरण और जांच जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा चुकी हैं।उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ रही है, उसके अनुसार सरकार कौशल संपन्न स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करने का भी प्रयास कर रही है और इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े मानव संसाधन तैयार करने के लिए बजट में पिछले साल की तुलना में बड़ी वृद्धि की गई है।आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ग्राहक और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता के बीच एक आसान इंटरफेस उपलब्ध कराता है।उन्होंने कहा, ‘‘इससे देश में उपचार पाना और देना, दोनों बहुत आसान हो जाएंगे। इतना ही नहीं, यह भारत के गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य तंत्र की वैश्विक पहुंच को भी आसान बनाएगा।’’
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा देश में प्रत्येक जिले और ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है।
श्री मोदी ने आज आम बजट-2022 में हेल्थ सेक्टर के लिए किए गए प्रावधानों पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार हेल्थ केयर सेक्टर के लिए बजट प्रावधान में काफी वृद्धि की गई है तथा गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा प्रत्येक जिला और ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।उन्होंने कहा कि इस बार का बजट पिछले सात साल से हेल्थ केयर का कायाकल्प करने और उसका विस्तार करने के हमारे प्रयासों को बढ़ावा देता है।हमने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है और रोग से बचाने के लिए जनता को जागृत करने का अभियान चलाया है और बीमारी होने पर उसके इलाज की व्यवस्था करने पर ध्यान दिया है।
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में आधुनिक प्रौद्योगिकी पर बल देते हुए कहा कि वह इसमें एक बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने हेल्थ सेक्टर में निजी कंपनियों को आगे आने का आह्वान किया।
उन्हाेंने कहा कि भारत विश्व में अकेला देश है जो परंपरागत औषधियों और चिकित्सा प्रणालियों के लिए वैश्विक केंद्र स्थापित करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के लिए हमारे बच्चे छोटे-छोटे देशों में जाते हैं , जहां भाषा की समस्या है। बहुत से बच्चे मेडिकल स्कूल में नहीं आ सकते । क्या हमारी सरकारें चिकित्सा संस्थानो को जमीन आदि की सुविधा देने की उदार नीतियां नहीं बना सकते। -
नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उनके साथ ऋण संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रमुख भी शामिल हुए।
वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, "वित्त मंत्री के साथ बैठक में वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड, वित्त सचिव, वित्तीय सेवाओं के सचिव, आर्थिक मामलों के सचिव और राजस्व सचिव के साथ ही पीएसबी और आईबीए के प्रमुखों तथा वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।"
गौरतलब है कि आम बजट 2022-23 में आतिथ्य और संबंधित सेवा क्षेत्र का समर्थन करने के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव किया गया है।
वित्त मंत्री ने आम बजट में ईसीएलजीएस योजना को मार्च 2023 तक बढ़ाने और गारंटी कवर को 50,000 रुपये बढ़ाकर पांच लाख करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा था।
आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज के तहत मई 2020 में घोषित इस योजना का मकसद महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को राहत देना था। - नई दिल्ली। भारत ने यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों के लिए एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की है। भारत की ओर से अपील की गई है कि कोई भी भारतीय नागरिक, दूतावास के अधिकारियों के समन्वय के बिना सीमा चौकियों पर न जाए। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि रूस यूक्रेन पर चारों ओर से हमला कर रहा है। इसलिए सीमा चौकियों के पास भी काफी खतरा है। इसलिए अधिकारियों के समन्वय के बाद ही वे किसी जगह के लिए निकलें।दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि, यूक्रेन के पश्चिम शहरों में खाने-पीने की चीजों के साथ आप वहीं पर महफूज बनें रहें। क्योंकि, पूर्वी शहरों में हमले का ज्यादा खतरा है। कहा गया है कि, बिना किसी सरकारी निर्देश के कोई भी किसी जगह पर न जाए और घरों के अंदर ही रहें।यूक्रेन में भारतीय दूतावास की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया था, कि सीमा चौकियों पर स्थिति संवेदनशील है। इसलिए हमारा दूतावास अन्य देशों के दूतावासों के साथ मिलकर काम कर रहा है और नागरिकों को निकालने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
- नई दिल्ली। देश में अब तक 177 करोड़ 17 लाख से अधिक कोविड रोधी टीके लगाये जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कल 28 लाख 29 हजार से अधिक टीके लगाये गये। स्वस्थ होने की दर इस समय 98 दशमलव 5-2 प्रतिशत है। कल लगभग 23 हजार लोग संक्रमण मुक्त हुए जबकि 11 हजार लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई।देश में इस समय एक लाख 21 हजार 881 लोगों का कोविड उपचार चल रहा है।अब तक 76 करोड़ 57 लाख परीक्षण कराये जा चुके हैं। File Pic
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नई दिल्ली ।एयर इंडिया, यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए दिल्ली और मुंबई से आज दो विमान, रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट और हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट भेजेगी। ये भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से यूक्रेन की सीमा तक पहुंच चुके हैं। नागरिक विमानों के लिए यूक्रेन का वायुक्षेत्र बंद होने के कारण भारतीय नागरिक विशेष सरकारी चार्टर्ड विमानों से स्वदेश लौटेंगे।
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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज सुबह यूक्रेन पर रूस के हमले के निंदा -प्रस्ताव पर मतदान हुआ। इसमें यूक्रेन से रूसी सेनाओं की तुरंत, पूरी तरह और बिना शर्त वापसी की मांग की गई है।
अमरीका और अलबानिया ने मसौदा प्रस्ताव प्रायोजित किया था तथा पॉलैंड, इटली, जर्मनी, एस्टोनिया, लग्जमबर्ग और न्यूजीलैंड सहित कई अन्य देशों ने इसका समर्थन किया।ग्यारह देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया जबकि भारत, चीन, संयुक्त अरब अमारात ने मतदान में भाग नहीं लिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी. एस. तिरूमूर्ति ने कहा कि भारत, यूक्रेन के घटनाक्रम से बेहद चिंतित है। भारत ने आग्रह किया कि हिंसा और युद्ध तत्काल रोकने के सभी उपाय किये जायें। उन्होंने कहा कि लोगों की जान की कीमत पर कोई समाधान नहीं हो सकता। श्री तिरूमूर्ति ने कहा कि इन कारणों से ही भारत ने मतदान से अलग रहने का फैसला किया।सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य रूस ने प्रस्ताव को रोकने के लिए वीटो का इस्तेमाल किया। लेकिन पश्चिमी देशों ने कहा कि प्रस्ताव, यूक्रेन पर हमले के लिए वैश्विक स्तर पर रूस को अलग-थलग किये जाने की मांग करता है।चीन, यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लाए गए निंदा प्रस्ताव पर मतदान से अलग रहा। भारत और संयुक्त अरब अमारात ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया जबकि रूस ने प्रस्ताव पर वीटो कर दिया। मतदान के पक्ष में ग्यारह वोट पड़े। सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के लिये सर्वसम्मति होनी चाहिए। चीन ने रूस, अमरीका और नेटो के साथ अपने मतभेदों को अलग रखते हुए कूटनीतिक रास्ता अपनाया है।इस बीच, चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग ने कल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की और यूक्रेन स्थिति पर चर्चा की। श्री पुतिन ने कहा कि रूस, यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए तैयार है। इसके बाद, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी देर शाम यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों के साथ यूक्रेन के मुद्दे पर बातचीत की और चीन का रूख स्पष्ट किया। -
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया कि केंद्र सरकार की सामरिक गलतियों की देश को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने चीन और पाकिस्तान के संदर्भ में अपने एक बयान तथा सरकार की कुछ टिप्पणियों का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘इस सरकार की सामरिक गलतियों की भारी कीमत देश को चुकानी होगी।’’ राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों के दौरान सीमा पर चीन के साथ तनाव को लेकर सरकार पर लगातार हमले करते रहे हैं। संसद के इस साल के बजट सत्र के पहले चरण के दौरान उन्होंने लोकसभा में आरोप लगाया था कि नरेंद्र मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण चीन और पाकिस्तान एक साथ आ गए हैं।
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- वर्ष 2021-22 में शहरी स्थानीय निकायों के लिए अब तक कुल 10,699.33 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया जा चुका है
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने शहरी स्थानीय निकायों को अनुदान प्रदान करने के लिए शुक्रवार को 6 राज्यों को 1348.10 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। शुक्रवार को जिन राज्यों को अनुदान जारी किया गया उनमें झारखंड (112.20 करोड़ रुपये), कर्नाटक (375 करोड़ रुपये), केरल (168 करोड़ रुपये), ओडिशा (411 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (267.90 करोड़ रुपये) और त्रिपुरा (14 करोड़ रुपये) शामिल हैं। जारी की गई यह अनुदान राशि छावनी बोर्डों सहित दस लाख से कम आबादी वाले शहरों (नॉन मिलियन प्लस सिटीज-एनएमपीसी) के लिए हैं।15वें वित्त आयोग ने 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट में शहरी स्थानीय निकायों को दो श्रेणियों में बांटा है-(ए) 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरी समुदायों/शहरों (दिल्ली और श्रीनगर को छोड़कर) और (बी) दस लाख से कम आबादी वाले अन्य शहर और कस्बे (नॉन मिलियन प्लस सिटीज)। 15वें वित्त आयोग ने इन शहरों के लिए अलग से अनुदान देने की सिफारिश की है। दस लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए आयोग द्वारा सिफारिश किए गए कुल अनुदानों में 40% मूल (शर्त रहित) अनुदान है और शेष 60% सशर्त अनुदान के रूप में है। मूल अनुदान का उपयोग वेतन भुगतान और अन्य स्थापना व्यय को छोड़कर, स्थान विशिष्ट में अनुभव की जा रही जरूरतों के लिए किया जाता है।दूसरी ओर दस लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए सशर्त अनुदान, मूल सुविधाओं की आपूर्ति में मदद करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए जारी किया जाता है। कुल सशर्त अनुदान में से 50% राशि स्वच्छता व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आवासन तथा शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा विकसित स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए निर्धारित की गई है। बकाया 50% राशि 'पेय जल, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्शोधन (रिसाइक्लिंग)' के लिए निर्धारित है।सशर्त अनुदान राशि शहरी स्थानीय निकायों को केंद्र और राज्य द्वारा विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वच्छता और पेयजल के लिए आवंटित धन के अलावा अतिरिक्त धन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और नागरिकों को गुणवत्तायुक्त सेवाएं प्रदान करने के लिए है। भारत सरकार ने चालू वित्त वर्ष में दस लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए अनुदान के रूप में अब तक राज्यों को कुल 10,699.33 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। यह अनुदान आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय की सिफारिशों पर वित्त मंत्रालय ने जारी किए हैं। -
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विविधता तथा बहुभाषा पर जोर देने के लिए भाषा सर्टिफिकेट सेल्फी अभियान शुरू किया है। इससे शिक्षा मंत्रालय और माई-गोव इंडिया द्वारा विकसित किए गए भाषा संगम मोबाइल ऐप को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस ऐप के इस्तेमाल से प्रतिदिन देश की 22 भाषाओं के इस्तेमाल से एक सौ से अधिक वाक्यों की जानकारी मिल सकती है।
शिक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत इस पहल से लोगों के बीच बुनियादी तौर पर भारतीय भाषाओं में वार्ता कौशल को बढ़ावा मिलेगा। इससे 75 लाख लोगों में वार्ता कौशल को बढ़ावा देने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए हैश टेग भाषा सर्टिफिकेट सेल्फी का इस्तेमाल करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी सेल्फी अपलोड कर के शिक्षा मंत्रालय से आधिकारिक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए मोबाइल ऐप डाउनलोड कर के 22 आधिकारिक भाषाओं में से किसी एक चयन करके सभी स्तरों को पार करते हुए परीक्षा देनी होगी। -
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण का प्रचार अभियान शुक्रवार शाम समाप्त हो गया। 12 जिलों की 61 सीटों के लिए 27 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। इस चरण में बाराबंकी, रायबरेली, प्रतापगढ, कौशाम्बी, प्रयागराज, अयोध्या, श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा, सुल्तानपुर, अमेठी और चित्रकूट में मतदान होगा। राज्य में दस फरवरी से सात मार्च तक सात चरणों में चुनाव हो रहे हैं।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य आक्रमण को तुरंत रोकने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाने को लेकर शुक्रवार को सरकार से अन्य देशों से हाथ मिलाने की अपील की। इंद्रेश कुमार ने इस बात को रेखांकित किया कि युद्ध से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता है, बल्कि इससे मानवता को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने वैश्विक नेताओं, राजनयिकों और नागरिक समाज के लोगों से समस्या का बातचीत के जरिये समाधान निकालने के लिये पुतिन को मनाने की अपील की।आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक ने अपने एक संदेश में कहा, ‘‘ भारत सहित दुनिया के सभी देशों की सरकारों, राजनीतिज्ञों, राजनयिकों, रक्षा विशेषज्ञों, नागरिक समाज के लोगों को साथ आना चाहिए और बातचीत का रास्ता अपनाकर युद्ध को तत्काल रोकने के लिये रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन पर दबाव बनाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ भारत शांति चाहता है। ऐसी कोई स्थिति नहीं बननी चाहिए जो युद्ध को बढ़ावा देती हो। युद्ध की विभीषिका काफी भयावह, दर्दनाक और असहनीय होती है।’’ राष्ट्रीय मुस्लिम मंच और राष्ट्रीय क्रिश्चियन मंच के संस्थापक कुमार ने मुस्लिम और ईसाई समुदाय के नेताओं से अपील की कि वे रूस को शांति, सौहार्द और भाइचारे का मार्ग अपनाने का सुझाव दें।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन पर रूस के हमले से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की थी। प्रधानमंत्री ने तत्काल हिंसा रोकने की अपील करते हुए सभी पक्षों से कूटनीतिक बातचीत और संवाद की राह पर लौटने के ठोस प्रयास करने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान ‘‘अपने इस दीर्घकालिक दृढ़ विश्वास’’ को दोहराया था कि रूस और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) समूह के बीच मतभेदों को सिर्फ ‘‘ईमानदार और गंभीर वार्ता’’ से ही सुलझाया जा सकता है।
- नयी दिल्ली। केन्द्र ने आव्रजन वीजा विदेशी पंजीकरण ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) योजना को और पांच साल की अवधि के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है।केंद्र ने 1,364.88 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ आईवीएफआरटी योजना को 31 मार्च, 2026 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।यह योजना आव्रजन, वीजा जारी करने, विदेशियों के पंजीकरण और भारत में उनकी गतिविधियों पर नजर रखने से संबंधित कार्यों को आपस में जोड़ने प्रावधान करती है।एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 1,364.88 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक, पांच साल की अवधि के लिए आईवीएफआरटी योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है।’’इसमें कहा गया है कि योजना का जारी रहना आईवीएफआरटी के मूल उद्देश्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो आव्रजन और वीजा सेवाओं का आधुनिकीकरण और उन्नयन है। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय का उद्देश्य एक सुरक्षित और एकीकृत सेवा वितरण ढांचा प्रदान करना है। साथ ही, इस योजना के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करते हुए वैध यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है।
- शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि शिमला जिले में शुक्रवार को हुई भूस्खलन की घटना में एक महिला की मौत हो गई है।शिमला जिला आपात अभियान केन्द्र (डीईओसी) ने मृत महिला की पहचान थियोग तहसील के चेयोग गांव निवासी रमला देवी के रूप में की है। उन्होंने बताया कि शिमला जिले के नेरवा उपसंभाग में दुंडी माता मंदिर के पास हुए भूस्खलन में चट्टान के टुकड़ों की चपेट में आकर महिला की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि महिला को तत्काल नेरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
- जयपुर। राजस्थान के पाली जिले के सदर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक विवाहिता ने गुरुवार की देर रात को केरला स्टेशन पर सूर्यनगरी एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूद कर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । थानाधिकारी रविन्द्र सिंह ने बताया कि मरने वाली महिला की पहचान महिमा राठौड़ (35) के रूप में की गयी है । उन्होंने बताया कि आत्महत्या से पूर्व फेसबुक लाइव होकर उसने अपनी परेशानी भी बताई, जिसमें उसने बेटे के ब्लड कैंसर और संपत्ति विवाद को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल स्टोर चलाने वाले मृतका के पति के अनुसार इससे पूर्व भी वह दो बार आत्महत्या करने का प्रयास कर चुकी है। उन्होंने बताया कि पति की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत मृग दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। (प्रतीकात्मक फोटो)
- नयी दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित रिश्वतखोरी के एक मामले में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के एक सहायक निदेशक को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सीबीआई ने एक शिकायत के आधार पर डीडीए के सहायक निदेशक पंकज कुमार पर मामला दर्ज किया था । पंकज कुमार पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की पत्नी के नाम पर संपत्ति के हस्तांतरण विलेख जारी करने से संबंधित दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के लिए कथित तौर पर 50,000 रुपये की मांग की थी। सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा, ‘‘पंकज कुमार पर यह भी आरोप लगाया गया है कि बातचीत के बाद वह 30,000 रुपये की रिश्वत लेने के लिए तैयार हो गए थे।’’ प्रारंभिक जांच के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने जाल बिछाया और आरोपी पंकज कुमार को शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आर सी जोशी ने कहा, ‘‘आरोपी के परिसरों में तीन स्थानों पर तलाशी ली गई। गिरफ्तार आरोपी को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जाएगा।’’
- नयी दिल्ली,। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने राष्ट्रीय राजधानी में रात्रिकालीन कर्फ्यू सहित कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियां हटाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के स्कूलों में अब ‘हाइब्रिड’ माध्यम (ऑनलाइन और ऑफलाइन) से पढ़ाई नहीं होगी और सभी स्कूल एक अप्रैल से पूरी तरह खुलेंगे। वहीं, मास्क नहीं पहनने पर लगने वाला जुर्माना दो हजार रुपये से घटा कर 500 रुपये कर दिया गया है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की शुक्रवार को हुई बैठक में ये फैसले किए गए। केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 के मामले कम होने और पाबंदियों से लोगों को हो रही परेशानी के मद्देनजर ये फैसले किए गए हैं।मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘ दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी पाबंदियों को हटा लिया है, क्योंकि स्थिति में सुधार हुआ है और लोगों को नौकरियां जाने की वजह से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ स्कूल एक अप्रैल से पूरी तरह खुल जाएंगे। मास्क ना पहनने पर अब 500 रुपये का जुर्माना होगा। सभी लोग अब भी संक्रमण को लेकर सतर्क रहें। सरकार कड़ी नजर रखेगी।’’उप राज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में इस संबंध में हुई बैठक में सावधानियां बरतने के साथ ही टीकाकरण पर भी चर्चा हुई।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि रक्षा प्रणालियों में अनोखेपन और विशिष्टता का बहुत महत्त्व है तथा दुश्मनों को सहसा चौंका देने वाले यह तत्व रक्षा उपकरणों में तभी संभव है, जब इन्हें अपने देश में विकसित किया जाए।आम बजट-2022 में रक्षा क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने साइबर जगत की चुनौतियों का भी उल्लेख किया और कहा कि साइबर सुरक्षा अब सिर्फ डिजिटल दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्र की सुरक्षा का विषय बन चुकी है।उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों से हथियार मंगाने की प्रक्रिया बहुत लंबी है, जिसकी वजह से हथियार भी समय की मांग के अनुकूल नहीं रहते और इसमें (हथियार सौदे में) भ्रष्टाचार तथा विवाद भी होते हैं, लिहाजा इसका समाधान ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ और ‘‘मेक इन इंडिया’’ में ही निहित है।उन्होंने कहा कि वेबिनार का विषय ‘‘रक्षा में आत्मनिर्भरता, कॉल टू एक्शन’’ है और यह देश के इरादों को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि इस बार के आम बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों में से 70 प्रतिशत घरेलू उद्योगों के लिए रखा जाना सरकार की इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा प्रणालियों में अनोखेपन और विशिष्टता का बहुत महत्त्व है क्योंकि यह दुश्मनों को सहसा चौंका देने वाले तत्त्व होते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘अनोखापन और चौंकाने वाले तत्त्व तभी आ सकते हैं, जब उपकरण को आपके अपने देश में विकसित किया जाये।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बीते कुछ वर्षों से भारत अपने रक्षा क्षेत्र में जिस आत्मनिर्भरता पर बल दे रहा है, उसकी प्रतिबद्धता इस बार के बजट में भी दिखी। इस साल के बजट में देश के भीतर ही शोध, डिजाइन और तैयारी से लेकर निर्माण तक का एक जीवंत माहौल बनाने का खाका है।’’उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा बजट में लगभग 70 प्रतिशत सिर्फ घरेलू उद्योगों के लिए रखा गया है।’’मोदी ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने अब तक 200 से अधिक रक्षा प्लेटफॉर्म और उपकरणों की सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी की हैं तथा इसके बाद स्वदेशी खरीद के लिये 54 हजार करोड़ रुपये की संविदाओं पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की उपकरण खरीद प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि जब बाहर से हथियार मंगाये जाते हैं तो इसकी प्रक्रिया इतनी लंबी होती है कि सुरक्षाबलों तक पहुंचने तक उनमें से कई हथियार समय की मांग के अनुरूप नहीं रहते। उन्होंने कहा, ‘‘इसका समाधान भी 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' और 'मेक इन इंडिया' में ही है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले पांच-छह सालों में रक्षा निर्यात में छह गुणा की वृद्धि हुई है और आज भारत 75 से भी ज्यादा देशों को ‘‘मेड इन इंडिया’’ रक्षा उपकरण और सेवाएं मुहैया करा रहा है।उन्होंने कहा, ‘‘मेक इन इंडिया को यह सरकार के प्रोत्साहन का परिणाम है कि पिछले सात सालों में रक्षा निर्माण के लिए 350 से भी अधिक नए औद्योगिक लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। जबकि 2001 से 2014 तक, चौदह वर्षों में सिर्फ 200 लाइसेंस जारी हुए थे।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी से पहले और उसके बाद भी भारत की रक्षा निर्माण की ताकत बहुत ज्यादा थी और द्वितीय विश्व युद्ध में भारत में बने हथियारों ने बड़ी भूमिका भी निभाई थी।उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि बाद के वर्षों में हमारी यह ताकत कमजोर होती चली गई, लेकिन यह प्रदर्शित करता है कि भारत में क्षमता की कमी ना तब थी, और ना अब है।’’प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा, “अपनी अदम्य आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) शक्ति को हम अपने रक्षा क्षेत्र में जितना ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, उतनी ही अधिक सुरक्षा के प्रति हम आश्वस्त होंगे।”प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारों और उपकरणों के मामलों में जवानों के गौरव एवं उनकी भावना को ध्यान में रखने की जरूरत है और यह तभी संभव होगा, जब हम इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनेंगे।
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नई दिल्ली। कीव में भारतीय दूतावास ने यूक्रेन सरकार को भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षा के बारे में पत्र लिखा है। 15 हजार से अधिक भारतीय विद्यार्थी यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में फंसे हैं। पत्र में भारतीय दूतावास ने कहा कि भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और वे जहां हैं, वहां बने रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। भारतीय दूतावास ने यूक्रेन सरकार से वहां फसे लोगों को भोजन- पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का पर्याप्त प्रबंध करने को कहा।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से टेलीफोन पर बात की। राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन को लेकर ताजा घटनाक्रम के बारे में बताया। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्री मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि रूस और नैटो समूह के बीच मतभेदों का समाधान केवल निष्ठापूर्ण बातचीत से ही हो सकता है। प्रधानमंत्री ने तुरंत हिंसा रोके जाने की अपील की और सभी पक्षों से तनाव में कमी लाने के उद्देश्य से राजनयिक बातचीत के लिये प्रयास करने को कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन में भारतीय नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों, की सुरक्षा से संबंधित भारत की चिंता से भी रूस के राष्ट्रपति को अवगत कराया। उन्होंने श्री पुतिन से कहा कि भारत अपने नागरिकों के सुरक्षित लौटने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि क्षेत्रीय हित के मुद्दों पर दोनों देशों के राजनयिक और अधिकारी स्तर पर नियमित संपर्क बना रहना चाहिए। File Pic - नयी दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के कारण बड़े संघर्ष के खतरे के बीच भारत, यूक्रेन से अपने नागरिकों को निकालने के लिये वैकल्पिक वायु मार्ग सक्रिय करने सहित आकस्मिक योजना पर काम कर रहा है।यूक्रेन में तेजी से बदलती स्थिति के मद्देनजर विदेश मंत्रालय ने आकस्मिक योजना पर अमल के लिये कई उच्च स्तरीय बैठकें की ।अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नागरिक विमानों के लिये यूक्रेन का वायु क्षेत्र बंद होने के मद्देनजर भारतीयों खासकर छात्रों को वापस लाने के लिये वैकल्पिक मार्गो को सक्रिय किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास में रूसी भाषा बोलने वाले अतिरिक्त अधिकारी भेजे जा रहे हैं, और पड़ोसी देशों में इन्हें तैनात किया जा रहा है।यूक्रेन में भारतीय दूतावास काम कर रहा है और उसके परामर्शों पर ध्यानपूर्वक अमल किया जाना चाहिए । आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत, यूक्रेन में ‘तेजी से बदलती’ स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और इस बात पर ध्यान केंद्रित किये हुए है कि किस प्रकार से भारतीयों की मदद की जा सकती है।उन्होंने कहा, ‘‘ हम तेजी से बदल रहे हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं । हमारा पूरा ध्यान भारतीय नागरिकों ,खासतौर पर छात्रों की रक्षा और सुरक्षा पर केन्द्रित है । ’’ सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले विदेश मंत्रालय द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष का विस्तार किया जा रहा है और इसे 24 घंटे काम करने के आधार पर परिचालित किया जा रहा है।भारतीय दूतावास के कर्मचारियों सहित भारतीयों को वापस लाने के लिये विशेष विमान भेजने की संभावना नहीं है क्योंकि यूक्रेन का वायु क्षेत्र बंद कर दिया गया है।अनुमान के मुताबिक, यूक्रेन में अभी 15 हजार भारतीय हैं ।यूक्रेन में स्थिति उस समय काफी खराब हो गई जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान की घोषणा कर दी । इसके कारण दोनों देशों के बीच पूर्ण सैन्य संघर्ष की संभावना को लेकर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं । वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लोदीमिर जेलेनस्की ने कहा कि इस हमले से यूरोप में बड़ा युद्ध शुरू हो सकता है।
- बागपत (उत्तर प्रदेश) । बागपत में गुरुवार सुबह बाजार से घर लौटते समय बीए की एक छात्रा की सरेआम गर्दन रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि आरोपी युवक वारदात को अंजाम देने के बाद खुद कोतवाली पहुंच गया और घटना में प्रयुक्त चाकू पुलिस को सौंप दिया।पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 11 बजे आरोपी रिंकू बागपत कोतवाली पहुंचा और बताया कि उसने दीपा (20) नाम की एक लड़की, जिसके साथ उसके कथित तौर पर आठ साल से प्रेम संबंध हैं, की गर्दन पर वार किया है। जादौन के मुताबिक, घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने लड़की को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतका के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।बागपत कोतवाली पुलिस के अनुसार, बागपत के झंकार गली निवासी नैन सिंह की बेटी दीपा बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी और बाजार से सामान खरीदकर घर लौट रही थी। अधिकारियों ने बताया कि गुरुद्वारे वाली गली में पहुंचने पर नगर के ही आरोपी रिंकू ने चाकू से उसकी गर्दन रेत दी। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल दीपा को फौरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने बताया कि आरोपी युवक ने 22 फरवरी को घर पर पहुंचकर धमकी दी थी कि दीपा की उसके साथ शादी नहीं की तो वह उसे जान से मार देगा।
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नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक कार्यमंत्री नवाब मलिक को तीन मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले उन्हें कल भगोडे आतंकवादी दाऊद इ्ब्राहिम से जुडे मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में मलिक को विशेष न्यायाधीश राहुल रोकाडे के समक्ष पेश किया गया जहां जांच एजेंसी ने उन्हें 15 दिन हिरासत में रखने की मांग की थी।
इस बीच नवाब मलिक की उम्र को ध्यान में रखते हुए बचाव पक्ष ने उन्हें घर का भोजन और दवाइयां देने तथा पूछताछ के दौरान वकीलों के मौजूद रहने के बारे में आवेदन किया। विशेष अदालत इन मामलों पर आज सुनवाई करेगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सम्पर्क सुविधाएं कोई महत्वाकांक्षा नहीं बल्कि समय की जरूरत बन गई हैं। केन्द्रीय बजट 2022 के बारे में वेबिनार को सम्बोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि ब्रॉड बैंड सम्पर्क से न केवल गांव में सुविधाएं पैदा होंगी, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं का एक बडा पूल तैयार करने में भी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव में ब्रॉड बैंड संचार के साथ सेवा क्षेत्र का विस्तार होने से देश की क्षमता में और बढ़ोतरी होगी। श्री मोदी ने कहा कि ग्रामीण आबादी को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के समुचित उपयोग की जानकारी देने की आवश्यकता है और इस कार्य में देश के युवा योगदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए हमें नई प्रौद्योगिकी पर ध्यान केन्द्रित करना होगा ताकि परियोजनाएं तेजी से पूरी हों और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न करना पडे। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में चालीस लाख से अधिक सम्पत्ति कार्ड प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विशिष्ट भूमि पहचान पिन और भूमि रिकॉर्ड पंजीकरण जैसे उपायों से प्रक्रिया को बाधा रहित बनाने में और मदद मिलेगी।





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