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- देहरादून। उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 84 अधिकारियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। देहरादून के मुख्य चिकित्साधिकारी मनोज उप्रेती ने बताया कि संक्रमण की पुष्टि होने के बाद सभी बीमार अधिकारियों को पृथकवास में रखा गया है। उन्होंने बताया कि 480 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों का एक दल रविवार को गुजरात से यहां पहुंचा था। देहरादून रेलवे स्टेशन पर उनकी आरटी-पीसीआर जांच की गयी थी जिसमें 84 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इस बीच, यहां राज्य पुलिस मुख्यालय में भी 25 कर्मियों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने संक्रमित कर्मियों से एहतियात बरतने और उनके संपर्क में आए लोगों से तत्काल जांच करवाने और स्वयं को पृथकवास में रखने का अनुरोध किया है। उप्रेती ने बताया कि पुलिस विभाग के सभी कर्मियों को कोविड टीके की दोनों खुराके लगी हुई हैं और इसलिए उनमें बहुत हल्के लक्षण हैं। उत्तराखंड में मंगलवार को कोविड-19 के 4,482 नये मामले सामने आए थे, जो पिछले आठ महीनों में 24 घंटे में मिले सबसे ज्यादा नये मामले हैं।
- नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के लिए 973.74 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की स्वीकृति दी। यह राशि कोविड-19 महामारी के बीच 2020 में कर्ज की किस्त के भुगतान के लिए दी गई मोहलत से संबंधित है। मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने संवाददाताओं से कहा कि निर्दिष्ट ऋण खातों में कर्ज लेने वाले लोगों को छह महीने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच अंतर के बराबर अनुग्रह भुगतान के लिए बजट में 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि इसमें से 4,626 करोड़ रुपये का भुगतान 2020-21 में किया गया। अतिरिक्त 1,846 करोड़ रुपये का दावा लंबित है। मंत्री ने कहा कि इसके निपटान के लिये केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बकाया भुगतान को लेकर शेष राशि 973.74 करोड़ रुपये एसबीआई को देने को मंजूरी दी है। उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने कोविड संकट को देखते हुए 27 मार्च, 2020 को विभिन्न अवधि के कर्ज की किस्त लौटाने को लेकर मोहलत दी थी। यह मोहलत उन किस्तों के लिये दी गयी थी, जो एक मार्च से 31 मई, 2020 के चुकाई जानी थी। बाद में इसे बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया गया था। वित्तीय और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों से मोहलत अवधि के दौरान 30 नवंबर, 2020 तक दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर लिये गये चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच अंतर के बराबर राशि संबंधित खातों में जमा करने को कहा गया था। वित्त मंत्रालय ने कहा था कि इस राशि को संबंधित खातों में डालने के बाद वित्तीय संस्थान केंद्र सरकार के समक्ष उसके भुगतान के लिये दावा करेंगे। दावा राशि के भुगतान के लिये एसबीआई को नोडल एजेंसी बनाया गया था।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जनवरी को डिजिटल माध्यम से पहली भारत-मध्य एशिया शिखर बैठक की मेजबानी करेंगे जिस दौरान रिश्तों को नयी ऊंचाई पर लाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों और क्षेत्रीय सुरक्षा के मौजूदा हालात पर चर्चा हो सकती है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, इस शिखर बैठक में कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जुमरात तोकायेव, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव, ताजकिस्तान के राष्ट्रपति इमामअली रहमान, तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति गुरबांगुली बर्दीमुहम्मदेवो और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सद्र जापारोप भाग लेंगे। बयान में कहा गया है कि भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच शीर्ष नेताओं के स्तर पर इस तरह का यह पहला संवाद होगा। यह शिखर बैठक गणतंत्र दिवस के एक दिन बाद हो रही है। सूत्रों का कहना है कि 2021 की तरह इस साल भी कोविड माहामारी और संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर गणतंत्र दिवस पर कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित नहीं होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पहली भारत-मध्य एशिया शिखर बैठक मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के बढ़ते संपर्क को प्रतिबिंबित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में मध्य एशियाई देशों का पहला ऐतिहासिक दौरा किया था। इसके बाद द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर संवाद होता रहा है। बयान के अनुसार, पिछले साल 18 से 20 दिसंबर तक विदेश मंत्रियों के स्तर पर भारत-मध्य एशिया संवाद का आयोजन नयी दिल्ली में हुआ जिससे भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच संबंधों को गति मिली। इससे पहले, 10 नवंबर, 2021 को नयी दिल्ली में अफगानिस्तान के संदर्भ में क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद का आयोजन हुआ जिसमें मध्य एशियाई देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदों के सचिवों ने भाग लिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पहली भारत-मध्य एशिया शिखर बैठक में भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच रिश्तों को नयी ऊंचाई पर ले जाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हो सकती है।
- अहमदाबाद। गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले, अपने संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी बृहस्पतिवार को राज्यभर में एक साथ 579 स्थानों पर बैठकें आयोजित करेगी। पार्टी के एक पदाधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। गुजरात में इस साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश भाजपा के मीडिया संयोजक यग्नेश दवे ने कहा कि भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई पार्टी राज्यभर में एक साथ 500 से ज्यादा स्थानों पर भौतिक रूप से बैठक का आयोजन करेगी। भाजपा ने गुजरात में तालुका या शहर के स्तर पर, अपने संगठन को 579 ब्लॉक या मंडल में विभाजित किया है। दवे ने कहा, कोरोना वायरस महामारी और सरकार के दिशा निर्देशों के मद्देनजर, इन 579 बैठकों में से प्रत्येक में केवल 50-100 पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक बृहस्पतिवार को अपराह्न 12 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगी और लगभग दो घंटे तक चलेगी। एक साथ बैठकें कराने का विचार गुजरात भाजपा अध्यक्ष सी आर पाटिल का था ताकि सभी मंडल एक साथ कवर हो जाएं।” उन्होंने कहा कि इन बैठकों का उद्देश्य चुनाव से पहले बूथ समितियों को मजबूत करना और गुजरात तथा केंद्र की भाजपा सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को अवगत कराना है।
- नयी दिल्ली । भारत विरोधी दुष्प्रचार और फर्जी खबरें फैलाने के लिए 20 यूट्यूब चैनल और दो वेबसाइट को अवरुद्ध (ब्लॉक) किए जाने के कुछ दिनों बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को चेतावनी दी कि सरकार देश के खिलाफ ‘‘साजिश रचने'' वालों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई जारी रखेगी। इस मुद्दे पर सवालों के जवाब में ठाकुर ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। ... मुझे खुशी है कि दुनियाभर के कई बड़े देशों ने इसका संज्ञान लिया। यूट्यूब भी आगे आया और उन्हें ब्लॉक करने के लिए कार्रवाई की।'' सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में खुफिया एजेंसियों के साथ एक समन्वित प्रयास में 20 यूट्यूब चैनल और दो वेबसाइट को अवरुद्ध (ब्लॉक) करने का आदेश दिया था, क्योंकि वे भारत विरोधी दुष्प्रचार और फर्जी खबरें फैला रहे थे। मंत्री ने कहा, "और भविष्य में भी, भारत के खिलाफ साजिश रचने, झूठ फैलाने और समाज को विभाजित करने वाले ऐसे किसी भी अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए कार्रवाई की जाएगी।" मंत्रालय ने दिसंबर में एक बयान में कहा था, "ये 20 यूट्यूब चैनल और वेबसाइट पाकिस्तान से संचालित एक समन्वित दुष्प्रचार नेटवर्क से संबंधित हैं तथा भारत से संबंधित विभिन्न संवेदनशील विषयों के बारे में फर्जी खबरें फैला रहे थे।" इसने कहा था इन चैनल का इस्तेमाल "कश्मीर, भारतीय सेना, भारत में अल्पसंख्यक समुदायों, राम मंदिर, जनरल बिपिन रावत आदि" जैसे विषयों पर समन्वित तरीके से विभाजनकारी सामग्री पोस्ट करने के लिए किया जा रहा था।
- नयी दिल्ली । केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड में डेढ हजार करोड़ रूपए के निवेश को मंजूरी दी है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने नई दिल्ली में मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि इससे आईआरईडीए द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए 12 हजार करोड् रूपए का ऋण उपलब्ध की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे आईआरइडीए की सकल संपत्ति में भी वृद्धि होगी जिससे इसे अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को अतिरिक्त वित्तपोषण करने में मदद मिलेगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इससे आईआरइडीए की वित्तीय जोखिम उठाने की क्षमता भी बढेगी जिससे उसे कर्ज देने और बाजार से पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।इस फैसले से इस क्षेत्र में हर साल दस हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग -एनसीएसके के कार्यकाल को 31 मार्च 2022 के बाद तीन साल और बढ़ाने की भी मंजूरी दे दी है। इससे सरकारी खजाने पर लगभग 43. 68 करोड़ रूपये का भार आयेगा। एनसीएसके की स्थापना 1993 में हुई थी। यह सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए विशिष्ट कार्यक्रमों के संबंध में सरकार को अपनी सिफारिशें देता रहता है। सफाई कर्मचारियों के लिए मौजूदा कल्याणकारी कार्यक्रमों का अध्ययन और मूल्यांकन भी करता है और विशिष्ट शिकायतों के मामलों की जांच करता है।मंत्रिमंडल ने निर्दिष्ट ऋण खातों में उधारकर्ताओं को छह महीने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच के अंतर की अनुग्रह राशि के भुगतान की योजना को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत उधार देने वाली संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत शेष दावों से संबंधित 973 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह राशि के भुगतान को मंजूरी दी गई है। कोविड-19 महामारी के संदर्भ में, अक्टूबर, 2020 में मंत्रिमंडल द्वारा अनुग्रह राशि के भुगतान की योजना को मंजूरी दी गई थी।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने की 30 तारीख को सुबह ग्यारह बजे आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम में देश-विदेश में लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे। श्री मोदी ने आज एक ट्वीट में कहा कि 30 जनवरी का मन की बात इस वर्ष का पहला कार्यक्रम होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोगों के पास कई प्रेरक संस्मरण और विषय हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने संस्मरण @mygovindia अथवा the NaMo App. पर साझा करने का अनुरोध किया।मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की यह 85वीं कडी होगी। लोग अपने सुझाव नमो ऐप या माई जी ओ वी ओपन फोरम पर साझा कर सकते हैं। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के लिए टोल फ्री नम्बर 1800-11-7800 पर डायल करके हिंदी या अंग्रेजी में सुझाव रिकॉर्ड कराए जा सकते हैं। फोन लाइन इस महीने की 28 तारीख तक खुली रहेंगी। 1922 पर मिस कॉल देकर या प्राप्त लिंक का अनुसरण करते हुए एस एम एस संदेश भेजकर सीधे ही अपने सुझाव भेज जा सकते हैं। इनमें से रिकॉर्ड कराये गये कुछ संदेश मन की बात कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।
- नयी दिल्ली। इस साल कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि नहीं होंगे। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। कोविड-19 महामारी के जारी रहने और बढ़ते मामलों के बीच लगातार दूसरे वर्ष कोई विदेशी नेता गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि नहीं होंगे।एक सूत्र ने कहा, 'इस साल कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि नहीं होंगे।'गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी नेता मुख्य अतिथि नहीं होंगे, लेकिन एक दिन बाद 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल माध्यम से पहले भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। शिखर सम्मेलन में कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान के राष्ट्रपति शामिल होंगे।
- नयी दिल्ली/लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के संरक्षक और वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परिवार की बहू को इसके लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं।भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी अनिल बलूनी की मौजूदगी में अपर्णा यादव ने भाजपा का दामन थामा। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से भी मुलाकात की।योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, ‘‘अपर्णा जी का भाजपा परिवार में स्वागत हैं।’’ मुख्यमंत्री ने अपर्णा के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी एक तस्वीर भी ट्वीट की । यादव ने इस अवसर पर कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों से हमेशा से प्रभावित रही हैं और अब वह भाजपा की सदस्यता लेकर राष्ट्र की आराधना करने निकल पड़ी हैं।उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा से प्रधानमंत्री जी से प्रभावित रही हूं। मेरे चिंतन में हमेशा राष्ट्र सबसे पहले है। राष्ट्र धर्म मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। मैं बस, यही बोलना चाहती हूं कि अब मैं राष्ट्र की आराधना करने निकली हूं।’’उन्होंने कहा कि वह अपनी क्षमता के अनुरूप जो भी कर सकती हैं, भाजपा के लिए करेंगी।उप-मुख्यमंत्री मौर्य ने अपर्णा यादव का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा कि वह हमेशा से ही भाजपा की विचारधारा की समर्थक रही हैं और समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से उन्होंने यह जाहिर भी किया है।उप-मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह अपने परिवार में ही असफल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अखिलेश यादव अपने परिवार में ही सफल नहीं हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में भी असफल रहे हैं। सांसद के रूप में भी असफल हैं।’’अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों के मद्देनजर मौर्य ने चुटकी लेते कहा कि वह सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से तथा उनके सिराथू से लड़ने की घोषणा की जा चुकी है लेकिन अभी तक अखिलेश अपनी सीट का फैसला नहीं कर सके हैं।मौर्य ने कहा ‘‘ अखिलेश यादव अक्सर दावा करते रहते हैं कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बहुत विकास कार्य किए हैं। ऐसा ही है तो वह क्यों नहीं उस क्षेत्र से चुनाव लड़ लेते हैं जिन्हें वह विकसित करने का दावा करते हैं। लेकिन आश्चर्य यह हो रहा है कि वह अपने लिए एक सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं।’’ऐसी चर्चा है कि अखिलेश आजमगढ़ से चुनाव लड़ सकते हैं। अखिलेश ने भी लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत में इस बात के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि वह कोई भी फैसला आजमगढ़ की जनता से पूछ कर करेंगे। ज्ञात हो कि अखिलेश आजमगढ़ से सांसद हैं।स्वतंत्र देव सिंह ने भी भाजपा परिवार में अपर्णा यादव का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी का कद और सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सपा के शासन में गुंडागर्दी को इतना महत्व दिया जाता है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शाम होते ही लोग अपने घरों के दरवाजे बंद कर देते थे।उन्होंने कहा, ‘‘यदि पुलिस किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लेती थी तो मियां जान का फोन आ जाता था। यानी सपा के शासन में अखिलेश यादव की नहीं चलती थी, केवल आजम खान की चलती थी। तब आतंक का माहौल था।’’अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने को हाल में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और दारा सिंह चौहान सहित अन्य नेताओं के भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल होने के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।हालांकि अखिलेश यादव ने अपर्णा यादव को भाजपा में शामिल होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।उल्लेखनीय है कि अपर्णा यादव 2017 के विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि उन्हें भाजपा नेता रीता बहुगुणा जोशी के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था। अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी के पुत्र हैं।अपर्णा यादव ने कुछ समाचार चैनलों से बातचीत में विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई लेकिन यह पूछे जाने पर कि वह कहां से चुनाव लड़ना पसंद करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में कोई भी फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व लेगा।’’
- अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गुजरात इकाई के कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद करेंगे। पार्टी के एक पदाधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।गुजरात भाजपा के मीडिया संयोजक यग्नेश दवे ने कहा कि इस संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राज्य की सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। गुजरात में 2022 के अंत में विधानसभा चुनाव होना है।दवे ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के साथ 25 जनवरी को होने वाले इस संवाद कार्यक्रम से पूरे राज्य के कार्यकर्ता जुड़ेंगे। नमो ऐप के जरिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद चयनित कार्यकर्ताओं को संवाद से जुड़ने का मौका मिलेगा।'' नामांकन के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा सुझाए गए विचारों में प्रधानमंत्री सभी का मार्गदर्शन करेंगे।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ नमो ऐप के माध्यम से संवाद किया था। गुजरात प्रधानमंत्री मोदी का गृह राज्य है। पिछले दो दशकों से भाजपा यहां की सत्ता पर काबिज है।
- सूरत। गुजरात में सूरत जिले के चलथाण क्षेत्र स्थित एक रिहायशी इमारत के सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई। दोनों कर्मी आपस में रिश्तेदार थे। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने मृतकों की पहचान प्रमोद तेजी (30) और उसके रिशतेदार विशाल पोल (38) के रूप में की है, जो राजस्थान के मूल निवासी थे और वर्तमान में सूरत शहर के पास पलसाणा में रह रहे थे। सूरत ग्रामीण के कडोदरा-जीआईडीसी थाने के पुलिस उपनिरीक्षक एस एम पटेल ने बताया कि सोमवार को भूमिगत सीवर लाइन की सफाई के लिए चलथाण में एक आवासीय भवन के प्रबंधन ने दोनों को काम पर रखा था। पटेल ने कहा, ‘‘शाम को सीवर में प्रवेश करने के कुछ मिनट बाद, जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश हो गए। घटना के बारे में जानने पर, स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और एम्बुलेंस बुलायी। उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।'' अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- नयी दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने अंतरराष्ट्रीय रोमिंग कार्ड की बिक्री के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) संबंधी नियमों में संशोधन किया है। विभाग ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह कदम उपभोक्ता संरक्षण को बेहतर करने के लिए उठाया गया है। विभाग ने कहा कि इस कदम से विदेश जाने वाले भारतीयों को फायदा होगा। साथ ही इससे प्रक्रियाओं को अन्य लाइसेंस की तर्ज पर सुसंगत किया जा सकेगा। संशोधित नीति के तहत एनओसी धारकों को ग्राहक सेवा, संपर्क ब्योरे, शुल्क प्लान और सेवाओं की पेशकश आदि के बारे में सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रावधान करने होंगे। इसके अलावा बिलिंग और उपभोक्ता शिकायत निपटान को मजबूत करने के लिए भी इसमें प्रावधान किए गए हैं।
- भोपाल। सामाजिक उद्यमिता और कौशल विकास के क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय संस्थान आईसेक्ट से संबंधित एक शोध पत्र को इंडियन स्कूल आफ बिजनेस के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। आईसेक्ट ने मंगलवार को यहां एक बयान में कहा कि इंडियन स्कूल आफ बिजनेस (आईएसबी) हैदराबाद का शोध पत्र हार्वर्ड पत्रिका में भी प्रकाशित हुआ है। इसके साथ ही शोध पत्र को अब ग्रामीण विकास के छात्रों को पढ़ाने के लिए इंडियन स्कूल आफ बिजनेस के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। मिसौरी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एमेरिटस रॉबर्ट जे ट्रुलस्के और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रो. मुरली मंत्रला, एस. अरूणाचलम और लोपमुद्रा रॉय ने इस शोध पत्र को लिखा है। शोध पत्र में ऑल इंडिया सोसाइटी फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर टेक्नोलॉजी (आईसेक्ट) की 20 साल की यात्रा का भी विवरण है। आईसेक्ट का उद्देश्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का ज्ञान, सेवाओं और समाधानों का प्रसार करना और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
- बहराइच (उत्तर प्रदेश) ।बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग स्थित मोतीपुर रेंज के दो अलग-अलग इलाकों में तेंदुए के हमले में दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चों के क्षत-विक्षत शव मंगलवार को बरामद किए। वन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मोतीपुर रेंज का रिक्खा पकड़िया दीवान गांव निवासी रामतेज (नौ) अपने घर के आंगन में खेल रहा था, तभी तेंदुआ उसे उठाकर जंगल में ले गया। ग्रामीणों एवं वन कर्मियों ने बच्चे की तलाश की, जिसके बाद मंगलवार को रामतेज के शरीर का निचला हिस्सा बरामद हुआ। उन्होंने कहा कि दूसरी घटना मोतीपुर रेंज के मंगलपुरवा गांव की है, जहां चार वर्षीय आदित्य अपने मामा के घर आया था। वह सोमवार देर रात घर के बाहर खेल रहा था, तभी तेंदुआ उसे उठाकर ले गया। काफी तलाश करने के बाद मंगलवार को जंगल के बीच उसका सिर बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने बताया कि मृत बच्चों के परिजनों को 10-10 हजार रूपए की तात्कालिक सहायता दी गयी है। प्रशासन से पांच-पांच लाख रूपए मुआवजा दिलाने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से चार दल तेंदुए की तलाश कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर ड्रोन कैमरे की मदद ली जाएगी।
- नयी दिल्ली/ दावोस। भारत की अशरफ पटेल को वर्ष 2022 के वैश्विक सामाजिक नवाचारी शख्सियतों में शामिल किया गया है। ये सभी लोग अनूठे तरीकों से सामाजिक असमानता एवं युवा बेरोजगारी को दूर करने की कोशिश में लगे हुए हैं। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सहयोगी संस्था 'द श्वाब फाउंडेशन' ने मंगलवार को ऑनलाइन दावोस शिखर सम्मेलन के दौरान इन 15 लोगों के नाम घोषित किए। उसने कहा कि ये सभी लोग असमानता, बेरोजगारी, कुपोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल जैसी समस्याओं से दुनिया को निजात दिलाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल अशरफ प्रवाह और कॉमम्यूटिनी यूथ कलेक्टिव (सीयूसी) संस्था की सह-संस्थापक हैं। वह करीब तीन दशकों से देश में युवाओं के विकास के लिए काम कर रही हैं। अशरफ अब तक 1.5 करोड़ से अधिक युवाओं की मदद कर चुकी हैं। अशरफ ने इस पुरस्कार को युवा नेतृत्व का जश्न बताते हुए कहा कि यह समाज को व्यापक फलक पर प्रभावित करने वाली पारिस्थितिकी में निवेश की जरूरत को भी रेखांकित करता है। उन्होंने कहा, ‘‘युवा आने वाले कल के नहीं, आज के नेता हैं और उनमें निवेश अभी करना होगा।'' इस सूची में यूएनऐड्स के नवाचार निदेशक प्रदीप कक्कातिल और ओपन गवर्नमेंट पार्टनरशिप (ओजीपी) के मुख्य कार्यकारी संजय प्रधान भी शामिल हैं।
- नोएडा। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लागू आचार संहिता का अनुपालन कराने के लिए बनाई गई विशेष टीम ने मंगलवार को नोएडा स्टेडियम के पास एक फॉर्च्यूनर कार में रखी 99 लाख 30 हजार 500 रूपए की नकदी जब्त की। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिए कई विशेष टीम बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव में धन का दुरुपयोग नहीं हो, इसके लिए जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में नोएडा स्टेडियम के पास एक फॉर्च्यूनर कार को जांच के लिए रोका गया। कार के अंदर 99 लाख 30 हजार 500 रुपए नकद थे। उन्होंने बताया कि कार चालक इस राशि के बारे में कोई दस्तावेज पेश करने में विफल रहा। पुलिस के अनुसार आयकर विभाग को इसकी सूचना दे दी गयी है और पैसे को जप्त कर लिया गया है। पुलिस ने वाहन को भी जब्त कर लिया है।
- नयी दिल्ली/दावोस । कोविड-19 रोधी टीकों के दुनिया के सभी हिस्सों, विशेष रूप से गरीब देशों तक नहीं पहुंचने के बारे में चिंताओं के बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि टीकाकरण महामारी से लड़ने के लिए किसी भी रणनीति का मुख्य हिस्सा होना चाहिए और समान वितरण बहुत जरूरी है। ऐसे में जब कुछ विकसित देश टीके की चौथी खुराक के बारे में बात कर रहे हैं, अफ्रीका और कुछ अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को अभी पहली खुराक भी नहीं मिली है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के ऑनलाइन दावोस एजेंडा 2022 शिखर सम्मेलन में ‘मीटिंग द चैलेंजेंज ऑफ वैक्सीन इक्विटी' पर एक पैनल चर्चा में नेताओं ने कहा कि कोविड-19 रोधी टीकों का तेजी से विकास एक वैज्ञानिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हालांकि सार्वभौमिक वैश्विक वितरण करने में विफलता से न केवल खराब स्वास्थ्य स्थिति उत्पन्न होती है, बल्कि यह आर्थिक उथल-पुथल और भू-राजनीतिक तनाव का भी कारण बनती है। डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य आपातकाल कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक माइकल रयान ने कहा कि इस महामारी को टीके के बिना समाप्त करने का कोई तरीका नहीं है, टीका इसके खिलाफ लड़ाई की मुख्य केंद्रीय रणनीति है। रयान ने भविष्य में आने वाली महामारियों सहित ऐसी महामारियों से लड़ने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी सहित बहुपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय समाधान का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम अस्तित्व के संकट का सामना कर रहे हैं, यह बहुत स्पष्ट है कि मौजूदा तंत्र टीकों का समान वितरण नहीं करता है।'' गावी वैक्सीन एलायंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सेठ एफ बर्कले ने कहा, ‘‘दुनिया के सभी हिस्सों में टीकाकरण अभियान का विस्तार करने के रास्ते में कई बाधाएं आयी हैं और हमारे रास्ते में आने वाली चुनौतियों से निपटना बहुत महत्वपूर्ण है।'' कार्यकारी निदेशक, ऑक्सफैम इंटरनेशनल, गैब्रिएला बुचर ने कहा कि देशों के बीच मतभेद इस हद तक बढ़ गए हैं जो इस पीढ़ी ने अब तक नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि शुरू में निर्णय में कुछ त्रुटियां थीं, विशेष रूप से विकसित दुनिया के नेताओं द्वारा, जिसके कारण आज हम टीके में असमानता देख रहे हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अदार पूनावाला ने कहा कि उनकी कंपनी को वास्तव में पाबंदियों के कारण टीके के उत्पादन में कटौती करनी पड़ी और जब भारत ने पिछले साल निर्यात प्रतिबंध हटा दिए तो वह बहुत खुश हुए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीकों की अप्रतिबंधित आपूर्ति के संबंध में दुनिया आज बेहतर स्थिति में है और उन्हें टीके की असमानता के मुद्दे से निपटने में बड़े पैमाने पर योगदान देने की उम्मीद है।
- नयी दिल्ली। कार्मिक मंत्रालय ने मौजूदा सेवा नियमों में बदलाव का फैसला किया है ताकि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पर्याप्त संख्या में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की उपलब्धता रहे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। केंद्र को अधिक प्रतिनिधित्व देने वाला यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब मंत्रालय द्वारा अनेक बार इस विषय को उठाये जाने के बाद भी अनेक राज्य/संयुक्त कैडर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व के तहत पर्याप्त संख्या में आईएएस अधिकारियों को भेजते नहीं दिखे। कार्मिक मंत्रालय ने आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में बदलाव वाले प्रस्ताव में कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उपलब्ध अधिकारियों की संख्या केंद्र में जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।'' इस कदम की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी आलोचना की है जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे प्रस्ताव को वापस लेने का अनुरोध किया और दावा किया कि इससे राज्यों के प्रशासन पर असर पड़ेगा। बनर्जी ने मंगलवार शाम को मोदी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं कैडर नियमों में इस तरह के संशोधन का प्रस्ताव करने में केंद्र सरकार द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण पर अपना कड़ा विरोध व्यक्त करती हूं, जो एकतरफा रूप से राज्य सरकार के लिये प्रतिनियुक्ति के वास्ते केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व के तहत निर्धारित संख्या में अधिकारियों को उपलब्ध कराना अनिवार्य करता है।'' नियमों में बदलाव के लिए केंद्र ने प्रस्ताव दिया है कि प्रत्येक राज्य सरकार मौजूदा नियमों के तहत निर्धारित केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व की सीमा तक विभिन्न स्तरों के पात्र अधिकारियों को केंद्र सरकार को प्रतिनियुक्ति के लिए उपलब्ध कराएगी। नये नियम संबंधी प्रस्ताव के अनुसार केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति में भेजे जाने वाले अधिकारियों की वास्तविक संख्या केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकार के साथ परामर्श से तय करेगी। इसमें कहा गया है कि किसी तरह की असहमति की स्थिति में निर्णय केंद्र सरकार करेगी और संबंधित राज्य सरकारें निश्चित समय में केंद्र सरकार के निर्णय को लागू करेंगी। मौजूदा नियमों में इस तरह की असहमतियों की स्थिति में फैसले के लिए कोई समयसीमा का उल्लेख नहीं है।नियमों में बदलाव का प्रस्ताव 20 दिसंबर, 2021 को सभी राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों को भेजा गया था। उन्हें पांच जनवरी, 2022 तक अपनी टिप्पणी देने को कहा गया। केंद्र सरकार ने पिछले साल जून में उप सचिव, निदेशक और संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों की कमी का हवाला देते हुए राज्य सरकारों से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए और अधिक अधिकारियों को भेजने को कहा था।
- मुंबई । प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को बम्बई उच्च न्यायालय को बताया कि पीएम केयर्स फंड के लिए प्रधानमंत्री के नाम और तस्वीर के साथ-साथ राष्ट्रीय ध्वज और प्रतीक चिन्ह की छवि के उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम. एस. कार्णिक की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत एक हलफनामे में, पीएमओ में अवर सचिव प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) में प्रधानमंत्री की तस्वीर, नाम और राष्ट्रीय प्रतीक का भी इस्तेमाल किया गया था। हलफनामा कांग्रेस कार्यकर्ता विक्रांत चव्हाण की याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है। इस याचिका में 'पीएम केयर्स फंड' से प्रधानमंत्री का नाम और तस्वीर हटाने का अनुरोध किया गया है। याचिका में आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड) की आधिकारिक वेबसाइट से राष्ट्रीय ध्वज और प्रतीक की छवियों को हटाने का भी अनुरोध किया गया है। पीएमओ ने हलफनामे में कहा, ''पीएम केयर्स फंड और पीएमएनआरएफ दोनों की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। जैसा कि नाम के रूप में, प्रधानमंत्री की तस्वीर और राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग पीएमएनआरएफ के लिए किया जा रहा है, इनका इस्तेमाल पीएम केयर्स फंड के लिए भी किया जा रहा है।'' हलफनामे के अनुसार, प्रधानमंत्री पीएम केयर्स फंड के अध्यक्ष (पदेन) होते हैं और रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री पदेन न्यासी होते हैं। पीएमओ के हलफनामे में कहा गया है, ''पीएम केयर्स फंड के सभी न्यासी नि:स्वार्थ भाव से कार्य करते हैं।'' हफलनामे में चव्हाण की याचिका खारिज किये जाने का अनुरोध किया गया है। पीठ ने मंगलवार को तीन सप्ताह के बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। गौरतलब है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल या किसी अन्य प्रकार की आपात स्थिति या आपदा में राहत देने के लिए 27 मार्च, 2020 को एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पीएम केयर्स फंड की स्थापना की गई थी।
- जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में 27 वर्षीय एक व्यक्ति को अपने ही चाचा और चाची की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को शक था कि चाचा-चाची ने उस पर कथित काला जादू किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जिले के चौराई गांव के पास एक झोंपड़ी में कुछ दिन पहले एक वृद्ध दंपति के शव के जले हुए अवशेष पुलिस को मिले थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शिवेंद्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि आरोपी दयाराम कुलस्ते को सोमवार को बरेला थाना क्षेत्र के हिनोतिया गांव से गिरफ्तार किया गया है जो कि मृतक सुमेर सिंह कुलस्ते (60) और उसकी पत्नी सिया बाई (55) का भतीजा है। उन्होंने कहा कि घटना नौ व दस जनवरी की मध्य रात चौराई गांव के पास हुई थी। अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि आरोपी ने सुमेर सिंह और उसकी पत्नी की धारदार हथियार से हत्या कर दी और बाद में उनकी झोंपड़ी में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी को शक था कि मृतक दंपति द्वारा उस पर काला जादू किया जा रहा है जिसके कारण आरोपी के भाई ने पूर्व में आत्महत्या की थी। एएसपी ने कहा कि आरोपी दयाराम ने सुमेर सिंह पर अपने पिता की जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि जांच के अनुसार आरोपी दयाराम नौ जनवरी की रात को चौरई गांव में मौजूद था और घटना के बाद वह वहां से फरार हो गया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।
- बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सात लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक बाघ और एक चीतल की खाल जब्त की गई है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समृद्ध और धनी बनने की कामना के साथ आरोपी कुछ तांत्रिक अनुष्ठान कर रहे थे।उपमंडल वन अधिकारी (एसडीओएफ) अमित पाटोदी ने पत्रकारों से कहा, सूचना मिलने पर वन दल ने चंगुटोला गांव से तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक बाघ और एक चीतल की खाल को बरामद किया। आरोपियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर बाद में चार और लोगों को छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया गया।'' उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे जांच की जा रही है।
- मुजफ्फरनगर (उप्र)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव में ठंड से बचने के लिए कोयले की अंगीठी जलाकर सो रहे भाई और बहन की कथित तौर पर दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि जिले के चरथावल थाना क्षेत्र के दधेरू गांव में नेहा (15) और अंश (14) सोमवार को अपने बिस्तर पर मृत मिले। नेहा और अंश के पिता राजेंद्र प्रजापति के अनुसार, दोनों बच्चे एक कमरे में सो रहे थे और ठंड से बचने के लिए उन्होंने बिस्तर के पास कोयले की अंगीठी जला रखी थी।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि 10 जनवरी से 50 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों और 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के नागरिकों को कोविड-19 टीके की एहतियाती खुराक दी गई है। सुबह सात बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे की अवधि में टीके की लगभग 80 लाख खुराक दिये जाने के साथ ही देश में दी गई खुराकों की संख्या 158.04 करोड़ से अधिक हो गई है। मांडविया ने ट्वीट किया, ‘‘एक और दिन, एक और मील का पत्थर 50 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को 10 जनवरी से एहतियाती खुराक मिली है। मैं उन सभी लोगों से जल्द से जल्द अपनी खुराक लेने का अनुरोध करता हूं जो एहतियाती खुराक प्राप्त करने के योग्य हैं।'' भारत में स्वास्थ्यकर्मियों, चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात कर्मियों सहित अग्रिम पंक्ति के कर्मियों और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए कोविड-19 टीके की एहतियाती खुराक देना शुरू किया गया था। देश में वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के कारण संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। हालांकि देशभर में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी, 2021 को शुरू किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों को पहले चरण में टीका लगाया गया था। अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के लिए टीकाकरण अभियान दो फरवरी से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए शुरू हुआ था। देश में एक अप्रैल, 2021 से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया गया था।सरकार ने तब एक मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का निर्णय लिया था। इस वर्ष तीन जनवरी से 15-18 वर्ष की आयु के किशोरों के लिए कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण शुरू किया गया।
- कोलकाता। कार्टूनिस्ट और बंगाली कॉमिक किरदार ‘ बंतुल द ग्रेट' , ‘ हांडा-भोंदा' और ‘नोंते फोंते' के सृजक नारायण देबनाथ का मंगलवार की सुबह कोलकाता के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। देबनाथ को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह 97 साल के थे। उनके परिवार ने बताया कि इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती पद्म श्री से सम्मानित देबनाथ ने पूर्वाह्न 10 बजकर करीब 15 मिनट पर आखिरी सांस ली। उन्हें स्वास्थ्य खराब होने पर 24 दिसंबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह जीवनरक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर थे। देबनाथ ने अपने करीब छह दशक के करियर में कॉमिक पात्र जैसे ‘ बंतुल द ग्रेट', हांडा-भोंदा' और ‘नोंते फोंते' गढ़े थे जो बांगली घरों में जाना पहचाना नाम है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देबनाथ ने अपने काम, कार्टून और चित्रों से कई लोगों की जिंदगी रोशन की। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘उनका काम उनकी बौद्धिक ताकत को प्रतिबिंबित करता है। उनके द्वारा गढ़े गए पात्र हमेशा लोकप्रिय रहेंगे। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।'' उल्लेखनीय है कि देब साहित्य कुटीर द्वारा प्रकाशित बच्चों की बंगाली पत्रिका ‘सुकतारा' में उनकी पहली कॉमिक स्ट्रीप ‘ हांडा-भोंदा' वर्ष1962 में छपी थी।इसके बाद वर्ष 1965 में ‘ बंतुल द ग्रेट' और वर्ष 1969 में ‘ नोंते-फोंते' का प्रकाशन हुआ। देबनाथ 93 साल की उम्र तक काम करते रहे और वर्ष 2017 में सुकतारा के दुर्गा पूजा संस्करण में उनका आखिरी कॉमिक स्ट्रीप ‘नोंते-फोंते' प्रकाशित हुआ।
- नयी दिल्ली। केन्द्र ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 जांच की संख्या में गिरावट को चिह्नित करते हुए सोमवार को उन्हें जांच बढ़ाने को कहा ताकि महामारी के प्रसार पर प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सके और तत्काल नागरिक केंद्रित कार्रवाई शुरू की जा सके। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने उन्हें इस पहलू पर तुरंत ध्यान देने और विशिष्ट क्षेत्रों में मामले की सकारात्मकता के रुझान को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक तरीके से जांच बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ओमीक्रोन वर्तमान में पूरे देश में फैल रहा है। मंत्रालय के पहले के पत्रों और पिछले साल 27 दिसंबर को ओमीक्रोन के संदर्भ में महामारी प्रबंधन की व्यापक रूपरेखा तैयार करने की गृह मंत्रालय की सलाह का उल्लेख करते हुए, आहूजा ने कहा कि जांच कराना एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘हालांकि, आईसीएमआर पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से यह देखा गया है कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जांच में गिरावट आई है।'' उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा जारी सभी परामर्शों में मूल उद्देश्य त्वरित पृथकवास और मामलों का शीघ्र पता लगाना है। आहूजा ने कहा, ‘‘बीमारी को उन लोगों में गंभीर श्रेणी में बढ़ने से रणनीतिक जांच के जरिये रोका जा सकता है, जिनमें उच्च जोखिम हैं और जो संवेदनशील हैं, साथ ही उन क्षेत्रों में जहां प्रसार अधिक होने की आशंका है।'' उन्होंने कहा कि परामर्श को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पहले के दिशा-निर्देशों और सलाह के साथ पढ़ने की जरूरत है, जिसमें यह सिफारिश की गई है कि उन लोगों की रणनीतिक और केंद्रित जांच की जानी चाहिए, जो कमजोर हैं और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहते हैं।


























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