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आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में अलग-अलग स्थानों पर अलग अलग घटनाक्रमों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी । पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि आगरा के धनौली में नाला निर्माण और विकास कार्यों की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन पर बैठी एक वृद्धा की रविवार को मौत हो गयी, जिससे ग्रामीण गुस्से में हैं। महिला की मौत के बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा । उन्होंने बताया कि मरने वाली महिला की पहचान रानी अम्मा (60) के रूप में की गयी है । आंदोलन स्थल पर तनाव और भीड़ को देखते हुए फोर्स तैनात है। पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में आगरा में रविवार को लोहे की सिल्ली से भरा ट्रेलर अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया जिससे इस हादसे में चालक और क्लीनर की मौत हो गयी । हालांकि, दस्तावेजों के आधार पर दोनों की शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि दूसरी ओर, आगरा के थाना सदर अंतर्गत मधुनगर में एक नवविवाहिता की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि मायके वालों ने ससुरालियों पर दहेज उत्पीडऩ का आरोप लगाया है जिसके बाद सास, ससुर और पति को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि नवविवाहिता की पहचान निशा कुशवाहा के रूप में की गयी है। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने संक्रमण के मामलों में भारी वृद्धि के चलते सोमवार से सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने और कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत तक सीमित करने के आदेश के साथ कोविड संबंधी प्रतिबंधों को फिर लागू कर दिया है। साथ ही मुंबई और नयी दिल्ली से उड़ानें सप्ताह में केवल दो बार (सोमवार और शुक्रवार) चलेंगी। मुख्य सचिव एच के द्विवेदी ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि राज्य में 15 जनवरी तक रात 10 बजे से सुबह पांच बजे के बीच केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति होगी। पश्चिम बंगाल में पिछले सात दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में 12 गुना इजाफा होने के बीच राज्य सरकार ने प्रतिबंध लगाना शुरू किया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में रविवार को संक्रमण के 6,153 नए मामले दर्ज किए गए। मुख्य सचिव ने कहा, '' कल से सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय में अकादमिक गतिविधियां बंद रहेंगी। 50 फीसदी क्षमता के साथ केवल प्रशासनिक गतिविधियों की अनुमति रहेगी।'' उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा को लेकर संबंधित बोर्ड द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
द्विवेदी ने कहा कि मुंबई और नयी दिल्ली से उड़ानें सप्ताह में केवल दो बार (सोमवार और शुक्रवार) चलेंगी और ब्रिटेन से किसी भी उड़ान की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दोनों शहरों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के मद्देनजर उड़ानों को सीमित किया गया है। द्विवेदी ने कहा कि पांच जनवरी से दिल्ली और मुंबई से आने वाली उड़ानों को सिर्फ सोमवार और शुक्रवार को ही अनुमति रहेगी और महामारी के हालात की समीक्षा किए जाने तक यह आदेश लागू रहेगा। द्विवेदी ने कहा, '' हमने अस्थायी तौर पर ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगायी है। गैर-जोखिम वाली श्रेणी के देशों से आने वाले यात्रियों की रैपिड एंटीजन जांच अनिवार्य की गई है। अगर वे संक्रमित पाए जाते हैं तो आरटी-पीसीआर जांच से गुजरना होगा।'' हालांकि, मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन से आने वाले यात्री किसी अन्य शहर में उतरकर घरेलू उड़ान या ट्रेन के जरिए पश्चिम बंगाल आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के चार शहरों में 22 जनवरी को प्रस्तावित निकाय चुनाव के संबंध में फैसला राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा। द्विवेदी ने कहा कि लोकल रेलगाड़ियों को शाम सात बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलने की अनुमति होगी, जबकि सभी शॉपिंग मॉल और बाजारों को रात 10 बजे तक खुले रहने की अनुमति होगी, लेकिन उनकी आधी क्षमता के साथ। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की ट्रेन अपने सामान्य समय के अनुसार चलेंगी। कोलकाता में मेट्रो ट्रेन भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अपने सामान्य समय के अनुसार चलेंगी। उन्होंने कहा कि चिड़ियाघर सहित पर्यटक आकर्षण के सभी स्थल बंद रहेंगे तथा स्विमिंग पूल, पार्लर, स्पा, वेलनेस सेंटर और जिम को भी बंद करने के लिए कहा गया है। सिनेमा हॉल और थिएटर को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित रखने की अनुमति दी गई है। एक बार में अधिकतम 200 लोगों या हॉल की 50 प्रतिशत क्षमता, जो भी कम हो, के साथ बैठक और सम्मेलन की अनुमति दी गई है। बार और रेस्तरां को रात 10 बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुले रहने की अनुमति दी गई है, जबकि भोजन एवं अन्य आवश्यक उत्पादों की होम डिलीवरी की अनुमति सामान्य परिचालन समय के अनुसार ही होगी। मुख्य सचिव ने कहा कि शादियों में 50 से अधिक व्यक्तियों को अनुमति नहीं दी जाएगी, और अंतिम संस्कार के दौरान केवल 20 व्यक्तियों को अनुमति दी जाएगी। राज्य सरकार ने उद्योगों, कारखानों, मिल, चाय बागानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन से दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। -
गोड्डा। झारखंड के गोड्डा जिले में हनवारा थाना क्षेत्र के संग्रामपुर गांव में संपत्ति बंटवारे से असंतुष्ट एक बेटे ने 31 दिसम्बर की रात्रि अपने साठ वर्षीय पिता चुन्नी यादव की कथित रूप से हत्या कर दी। रविवार को पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी सुबोध यादव मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे के अंदर उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि हत्या में उपयोग किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है । उन्होंने बताया कि 60 वर्षीय चुन्नी यादव खाना खाकर रात को गौशाला गए जहां उसके आरोपी बेटे सुबोध यादव ने ही गड़ासे से उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि भाइयों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर पिता से मनमुटाव चल रहा था। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच कर रही है और कानून सम्मत कदम उठायेगी। -
होशियारपुर (पंजाब)। पंजाब के होशियारपुर जिले के समीप जाजा गांव में बहू ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर 56 वर्षीय भूतपूर्व सैनिक और उनकी पत्नी की कथित तौर पर हत्या कर दी तथा उनके शवों को जला दिया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
टांडा के पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार ने बताया कि पूर्व सैन्यकर्मी मंजीत सिंह और उनकी पत्नी गुरमीत कौर के आंशिक रूप से जले शव शनिवार रात को जाजा में उनके आवास में मिले। उनके बेटे रविंदर सिंह ने पिछले साल फरवरी में आरोपी मनदीप कौर से शादी की थी। शादी के बाद रविंदर काम करने पुर्तगाल चला गया। जुलाई में जब रविंदर भारत आया तो उसने देखा कि उसकी पत्नी (आरोपी) मनदीप कौर मोबाइल फोन पर किसी और से बात करती रहती है। इसके बाद रविंदर सिंह ने अपनी पत्नी का मोबाइल फोन ले लिया और पुर्तगाल चला गया। बाद में पूर्व सैन्यकर्मी और उनकी पत्नी ने रविंदर को बहू (आरोपी) मनदीप के दुव्र्यवहार के बारे में बताया जिसके बाद वह पिछले महीने घर लौटा। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी मनदीप कौर को पता था कि उसका पति शनिवार को गुरदासपुर गया है। इसके बाद उसने अपने प्रेमी जसमीत सिंह को बुलाया और उन्होंने गुरमीत कौर की गला घोंटकर हत्या कर दी और मंजीत सिंह की किसी धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी मनदीप और उसके आरोपी प्रेमी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। - पटना। शीतलहर के प्रकोप और कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के कारण बिहार की राजधानी पटना में विद्यालयों को हफ्ते भर के लिए बंद रखने का आदेश रविवार को जारी किया गया। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने 15 वर्ष और इससे अधिक उम्र के किशोरों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू होने से एक दिन पहले यह आदेश जारी किया। आदेश के दायरे से नौवीं और इससे उपर की कक्षाओं को बाहर रखा गया है। सिंह ने आदेश में कहा कि सभी निजी एवं सरकारी विद्यालयों में आठवीं कक्षा तक, आठ जनवरी तक पठन-पाठन गतिविधियां स्थगित रहेंगी। पटना जिले में राज्य के अन्य जिलों की तरह शीत लहर का प्रकोप जारी है। वहीं, शहर में पिछले हफ्ते कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप का राज्य में पहला मामला सामने आया था। जिलाधिकारी ने 790 निजी और सरकारी उच्च विद्यालयों के नौवीं से 12वीं कक्षाओं के छात्रों का टीकाकरण शुरू करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की।
- शामली । उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक युवक को जन्मदिन की पार्टी में कहासुनी के बाद उसके दोस्त ने कथित तौर पर गोली मार दी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित युवक अंकुर को अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित के भाई की ओर से पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी अंकित और उसके दोस्तों का शनिवार शाम जन्मदिन की पार्टी के दौरान किसी मामूली बात पर अंकुर के साथ झगड़ा हो गया था। उन्होंने बताया कि कहासुनी के बीच आरोपी अंकित ने अंकुर पर गोली चला दी। पुलिस ने बताया कि अंकित और उसके दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वे फिलहाल फरार हैं।
- लखीमपुर खीरी (उप्र) । जिले के ईसानगर क्षेत्र में एक मिनी बस के सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा जाने से तीन लोगों की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि शनिवार की रात ईसानगर क्षेत्र के लुधौनी गांव के पास लखीमपुर-सिसैया मार्ग पर एक मिनी बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। उन्होंने कहा कि इस हादसे में धामन खटका (15) और रोहित बोहरा (14) नामक लड़कों तथा बस के कंडक्टर की मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल छह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों ने बताया कि मिनी बस 14 लोगों को लेकर जा रही थी जिनमें ज्यादातर नेपाल के निवासी थे और यह बस हिमाचल प्रदेश से नेपाल जा रही थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है।
- गोलाघाट (असम)। असम के गोलाघाट जिले के एक सुदूरवर्ती गांव में तीन लोगों ने बकरी चुराने के संदेह में 45 वर्षीय व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। डेरगांव थाना क्षेत्र के ममरानी गांव में शनिवार रात स्थानीय लोगों की मौजूदगी में हुई इस घटना के सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। डेरगांव पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी प्रदीप चौधरी ने बताया, ‘‘मृतक की पहचान संजय दास के रूप में हुई है। उनके परिवार के सदस्य कुछ समय पहले थाने गए थे। शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर लिया गया है।'' पुलिस के मुताबिक दास पर तीन लोगों ने हमला किया था, जो उसी गांव के निवासी हैं। हमले के बाद दास को पहले डेरगांव सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां के चिकित्सकों ने उसे जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जेएमसीएच) स्थानांतरित कर दिया। दास की रविवार तड़के मौत हो गई। पुलिस ने जिन दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, उनसे मामले की विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए पूछताछ की जा रही है। चौधरी ने बताया, ‘‘हमारी जानकारी के अनुसार आरोपियों में से एक व्यक्ति की बकरी गायब हो गई थी और दास पर इसे चोरी करने का संदेह था। बकरी के मालिक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर दास की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
- नयी दिल्ली। सरकार ‘एयर स्पोर्ट्स' के लिए राष्ट्रीय खेल नीति तैयार करने के साथ इस तरह के खेलों के लिए एक शीर्ष निकाय के गठन की योजना बना रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राष्ट्रीय एयर स्पोर्ट्स नीति (एनएएसपी 2022) के मसौदे पर 31 जनवरी तक जनता से टिप्पणी मांगी है। मंत्रालय के अनुसार उसकी योजना ‘एयर स्पोर्ट्स' को ‘सुरक्षित, सस्ता, सुलभ, आनंददायक और टिकाऊ' बनाकर बढ़ावा देना है। नीति में ‘एरोबेटिक्स', ‘एरोमॉडलिंग', 'अमेच्योर बिल्ट' और प्रायोगिक विमान के साथ ‘बैलूनिंग', ‘ड्रोन', ‘स्काईडाइविंग' और ‘विंटेज विमान' जैसे खेल शामिल होंगे। इस नीति के तहत, एक भारतीय ‘एयर स्पोर्ट्स' महासंघ (एएसएफआई) को सर्वोच्च शासी निकाय के रूप में स्थापित किया जाएगा, जबकि प्रत्येक ‘एयर स्पोर्ट्स' के लिए अलग-अलग संघ दैनिक गतिविधियों को संभालेंगे। सभी ‘एयर स्पोर्ट्स' संघ एएसएफआई के प्रति जवाबदेह होंगे।इसके अलावा, एएसएफआई इस खेल की अंतरराष्ट्रीय निकाय एफएआई (फेडरेशन एरोनॉटिक इंटरनेशनेल यानी अंतरराष्ट्रीय एरोनॉटिक महासंघ) और एयर स्पोर्ट्स से संबंधित अन्य वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। एफएआई का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लुसाने में है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘ उसका दृष्टिकोण 2030 तक भारत को शीर्ष ‘एयर स्पोर्ट्स' देशों में से एक बनाना है।'' इस मसौदे को एक समिति द्वारा तैयार किया गया है जिसमें केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय सशस्त्र बल, ‘एयरो क्लब ऑफ इंडिया', राष्ट्रीय कैडेट कोर और ‘एयर स्पोर्ट्स' के विशेषज्ञ शामिल हैं।
- नयी दिल्ली।रेलवे ने 2020-21 के दौरान तत्काल टिकट शुल्क से 403 करोड़ रुपये, प्रीमियम तत्काल टिकटों से अतिरिक्त 119 करोड़ रुपये और ‘डायनामिक' किराये से 511 करोड़ रुपये कमाये जबकि कोरोना वायरस महामारी के चलते वर्ष के अधिकांश समय इसका अधिकांश संचालन निलंबित रहा। यह जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) जवाब से मिली है। रेलवे में ‘डायनामिक' किराया प्रणाली वह प्रणाली है जिसमें किराया मांग के मुताबिक तय होता है। यह किराया प्रणाली ट्रेन, राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी ट्रेनों में लागू है। इन तीनों श्रेणियों के यात्री आमतौर पर अंतिम समय में यात्रा करने वाले होते हैं जो प्रीमियम शुल्क का भुगतान करके इन सेवाओं का लाभ उठाते हैं। मध्य प्रदेश के रहने वाले चंद्रशेखर गौर द्वारा दायर एक आरटीआई के जवाब में, रेलवे ने कहा कि उसने वित्तीय वर्ष 2021-22 में सितंबर तक ‘डायनामिक' किराये से 240 करोड़ रुपये, तत्काल टिकट से 353 करोड़ रुपये और प्रीमियम तत्काल शुल्क से 89 करोड़ रुपये कमाए। वित्तीय वर्ष 2019-20 में, जब ट्रेन संचालन पर कोई प्रतिबंध नहीं था, रेलवे ने ‘डायनामिक' किराए से 1,313 करोड़ रुपये, तत्काल टिकट से 1,669 करोड़ रुपये और प्रीमियम तत्काल टिकट से 603 करोड़ रुपये कमाए। रेल मंत्रालय का यह आंकड़ा रेलवे संबंधी संसद की स्थायी समिति की टिप्पणी के एक महीने बाद आया है। समिति ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि तत्काल टिकट पर लगाए गए शुल्क ‘‘कुछ अनुचित'' हैं और विशेष रूप से उन यात्रियों पर बड़ा बोझ डालते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपने परिजनों एवं रिश्तेदारों से मिलने के लिए तत्काल यात्रा करने के लिए मजबूर होते हैं। समिति की इच्छा थी कि मंत्रालय यात्रा की गई दूरी के लिए आनुपातिक किराए के वास्ते उपाय करे।
- जम्मू।जम्मू-कश्मीर के रियासी में श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के 13 छात्रों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद अधिकारियों ने अगले आदेश तक विश्वविद्यालय बंद करने का आदेश दिया है। रियासी के जिलाधिकारी चरणदीप सिंह द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि छात्रों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय को बंद करने का निर्णय लिया गया है। यह विश्वविद्यालय वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के आधार शिविर कटरा शहर के पास काकरियाल में स्थित है। आदेश में कहा गया है कि 31 दिसंबर, 2021 और एक जनवरी को विश्वविद्यालय में कोविड-19 संबंधी जांच की गई थी। इस दौरान कुल 13 छात्रों में संक्रमण की पुष्टि हुई। सिंह ने अगले आदेश तक विश्वविद्यालय को तत्काल बंद करने का निर्देश देते हुए कहा, ‘‘आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188, महामारी रोग अधिनियम, 1897 और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की अन्य संबंधित धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।'' सिंह जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं। जम्मू-कश्मीर में शनिवार को कोविड-19 के 169 नए मामले आए, जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,41,459 हो गई, जबकि संक्रमण से दो और लोगों की मृत्यु होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,530 हो गई।
- नयी दिल्ली। कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन के लिए सरकार आगामी 2022-23 के बजट में कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर 18 लाख करोड़ रुपये कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। चालू वित्त वर्ष के लिए कृषि ऋण का लक्ष्य 16.5 लाख करोड़ रुपये है। सरकार हर साल कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ा रही है। सूत्रों ने बताया कि इस बार भी लक्ष्य को बढ़ाकर 18 से 18.5 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि इस महीने के आखिरी सप्ताह में बजट आंकड़ों को अंतिम रूप देते समय यह लक्ष्य तय किया जा सकता है। सरकार बैंकिंग क्षेत्र के लिए सालाना कृषि कर्ज का लक्ष्य तय करती है। इसमें फसल ऋण का लक्ष्य भी शामिल होता है। हाल के बरसों में कृषि ऋण का प्रवाह लगातार बढ़ा है और प्रत्येक वित्त वर्ष में कृषि कर्ज का आंकड़ा लक्ष्य से अधिक रहा है। उदाहरण के लिए 2017-18 के लिए कृषि ऋण का लक्ष्य 10 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन उस साल किसानों को 11.68 लाख रुपये का कर्ज दिया गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2016-17 में नौ लाख करोड़ रुपये के फसल ऋण के लक्ष्य पर 10.66 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। सूत्रों ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऊंचे उत्पादन के लिए कर्ज की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। संस्थागत ऋण की वजह से किसान गैर-संस्थागत स्रोतों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने से भी बच पाते हैं। आमतौर पर खेती से जुड़े कार्यों के लिए कर्ज नौ प्रतिशत ब्याज पर दिया जाता है। लेकिन सरकार किसानों को सस्ता कर्ज उपलब्ध कराने के लिए लघु अवधि के फसल ऋण पर ब्याज सहायता देती है। सरकार तीन लाख रुपये तक के लघु अवधि के फसल ऋण पर दो प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी देती है। इससे किसानों को कर्ज सात प्रतिशत के आकर्षक ब्याज पर उपलब्ध होता है। इसके अलावा कर्ज का समय पर भुगतान करने वाले किसानों को तीन प्रतिशत का प्रोत्साहन भी दिया जाता है। ऐसे में उनके लिए कर्ज पर ब्याज दर चार प्रतिशत बैठती है।
- नयी दिल्ली। काशी विश्वनाथ धाम में नए साल के पहले दिन पांच लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। इस पुनर्निर्मित मंदिर परिसर का हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। सूत्रों ने बताया कि वाराणसी में मंदिर के दर्शन के लिए सबसे शुभ दिन माने जाने वाले महाशिवरात्रि पर भी भक्तों की संख्या कभी 2.5 लाख से अधिक नहीं हुई। इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, “स्थानीय प्रशासन एक जनवरी को तब अचंभित हो गया जब पांच लाख से अधिक लोग काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। उनके लिए, यह संख्या अभूतपूर्व थी। वे ज्यादा से ज्यादा एक लाख लोगों के आने की उम्मीद कर रहे थे।” सूत्रों ने कहा कि मंदिर में बिना त्योहार वाले दिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों का काशी विश्वनाथ धाम आना इसके उद्घाटन के बाद देश भर के लोगों के बीच अपार उत्साह को दर्शाता है। वाराणसी में स्थानीय प्रशासन अब भक्तों, विशेष रूप से अति विशिष्ट लोगों (वीआईपी) से अनुरोध कर रहा है कि वे धाम की अपनी यात्रा को रोक दें ताकि उचित भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। प्रधानमंत्री ने पिछले महीने काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का उद्घाटन किया था। यह परियोजना, जो पांच लाख वर्ग फुट में फैली हुई है, मंदिर परिसर को गंगा नदी से जोड़ती है और श्रद्धालुओं को कई सुविधाएं प्रदान करती है।
- नयी दिल्ली। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमीक्रोन को प्राकृतिक टीका समझने की धारणा ‘‘खतरनाक विचार'' है, जिसे ऐसे गैरजिम्मेदार लोग फैला रहे हैं, जो कोविड-19 के बाद होने वाली स्वास्थ्य संबंधी दीर्घकालीन परेशानियों पर गौर नहीं करते। कोरोना वायरस के अन्य स्वरूपों की तुलना में अधिक संक्रामक समझे जाने वाले ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमण के अपेक्षाकृत कम गंभीर मामले सामने आ रहे हैं, इससे संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता कम पड़ती है और इससे लोगों की मौत की संख्या भी अपेक्षाकृत कम है। इन्हीं वजहों से इस धारणा को जन्म मिला है कि यह स्वरूप एक प्राकृतिक टीके की तरह काम कर सकता है। महाराष्ट्र के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने भी हाल में दावा किया था कि ओमीक्रोन एक प्राकृतिक टीके की तरह काम करेगा और इससे कोविड-19 को स्थानीय महामारी (एन्डेमिक) के चरण में जाने में मदद मिल सकती है। जाने माने विषाणु वैज्ञानिक शाहिद जमील ने कहा कि ओमीक्रोन को एक प्राकृतिक टीका मानने वाली धारणा एक खतरनाक विचार है, जिसे गैरजिम्मेदार लोग फैला रहे हैं। उन्होंने ‘ एक न्यूज़ एजेंसी से कहा, ‘‘इस धारणा से बस एक संतुष्टि मिलती है, लेकिन इसका कारण इस समय उपलब्ध सबूतों के बजाय वैश्विक महामारी के कारण पैदा हुई थकान तथा और कदम उठाने की अक्षमता है।'' जमील ने कहा कि जो लोग इस धारणा की वकालत करते हैं, वे कोरोना वायरस संक्रमण के बाद स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दीर्घकालीन प्रभावों पर गौर नहीं करते और उन्हें इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है। ‘पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया' में लाइफकोर्स महामारी विज्ञान के प्रमुख गिरिधर आर बाबू ने कहा कि ओमीक्रोन के लक्षण कितने भी मामूली क्यों न हो, यह टीका नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इस स्वरूप के कारण लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है और उनकी मौत भी हो रही है। गलत सूचना से दूर रहें। कोई भी प्राकृतिक संक्रमण टीकाकरण की तरह किसी भी स्वरूप (अल्फा, बीटा, गामा या डेल्टा) से लोगों की (मौत या गंभीर संक्रमण से) रक्षा नहीं कर सकता। सबूत मायने रखते हैं, राय नहीं।'' ‘उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स' के संस्थापक निदेशक शुचिन बजाज ने कहा कि इस बीमारी के दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं और लोगों को इससे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसे टीके की तरह नहीं समझना चाहिए। यह टीका नहीं है। ओमीक्रोन से लोगों की मौत हुई है। ओमीक्रोन के कारण लोग आईसीयू में भर्ती हुए हैं। यह डेल्टा की तुलना में कम गंभीर संक्रमण है, इसके बावजूद यह एक वायरस है और हमें सावधान रहने की आवश्यकता है।'' वहीं लखनऊ के रीजेंसी हेल्थ में क्रिटिकल केयर विभाग प्रमुख जय जावेरी ने कहा कि ओमीक्रोन के अधिक संक्रामक और कम गंभीर होने के कारण यह स्वरूप महामारी की रोकथाम में मददगार हो सकता है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि कोविड-19 के खिलाफ भारत का टीकाकरण अभियान दुनिया के सबसे सफल और सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रमों में से एक है। इसके साथ ही उसने उन कुछ मीडिया रिपोर्टों को भ्रामक बताया जिनमें दावा किया गया था कि देश अपने टीकाकरण लक्ष्यों को पूरा करने में नाकाम रहा है। भारत में पिछले साल 16 जनवरी को राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुयी थी और अब तक 90 प्रतिशत से अधिक पात्र नागरिकों को पहली खुराक और 65 प्रतिशत लोगों को दूसरी खुराक दी गयी है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी द्वारा हाल ही में प्रकाशित एक समाचार में दावा किया गया है कि भारत अपने टीकाकरण लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया है। यह जानकारी भ्रामक है और सही तस्वीर पेश नहीं करती।'' बयान के अनुसार वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में, भारत का राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम कई विकसित व पश्चिमी देशों की तुलना में सबसे सफल और सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक रहा है। मंत्रालय ने कहा कि टीकाकरण अभियान में अब तक, देश ने कई मील के पत्थर हासिल किए हैं जिनकी दुनिया में कोई मिसाल नहीं है। इनमें नौ महीने से भी कम समय में 100 करोड़ से अधिक खुराक देना, एक ही दिन में 2.51 करोड़ खुराक देना और कई बार एक दिन में एक करोड़ खुराक देना शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि अन्य विकसित देशों की तुलना में, भारत ने अपने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 93.7 करोड़ (भारत के महापंजीयक के अनुसार) पात्र वयस्क नागरिकों का टीकाकरण कर बेहतर प्रदर्शन किया है। इसमें कहा गया है कि पात्र आबादी के लिए पहली खुराक के मामले में, अमेरिका ने अपनी आबादी का केवल 73.2 प्रतिशत, ब्रिटेन ने 75.9 प्रतिशत, फ्रांस ने 78.3 प्रतिशत और स्पेन ने 84.7 प्रतिशत को कवर किया है। भारत पहले ही अपनी 90 प्रतिशत पात्र आबादी को टीके की पहली खुराक दे चुका है। मंत्रालय ने कहा कि इसी तरह अमेरिका ने अपनी 61.5 प्रतिशत आबादी को दूसरी खुराक दी है जबकि ब्रिटेन ने 69.5 प्रतिशत, फ्रांस ने 73.2 प्रतिशत और स्पेन ने 81 प्रतिशत आबादी को दूसरी खुराक दी है। भारत में पात्र आबादी के 65 प्रतिशत से अधिक को टीके की दूसरी खुराक दी गयी है। बयान के अनुसार 11 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही 100 प्रतिशत पहली खुराक टीकाकरण हासिल कर लिया है, जबकि तीन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 100 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण हासिल कर लिया है। इसके अलावा कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के जल्द ही 100 प्रतिशत टीकाकरण हासिल करने की उम्मीद है।
- अलीराजपुर/ग्वालियर। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर एवं ग्वालियर जिलों में रविवार को दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक बच्चे सहित छह लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गये। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अलीराजपुर जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर गुजरात सीमा से सटे चांदपुर में रविवार सुबह एक बस के नदी में गिर जाने से एक बच्चे सहित तीन यात्रियों की मौत हो गई और 28 अन्य घायल हो गये। उन्होंने कहा कि यह निजी बस गुजरात के छोटा उदयपुर से अलीराजपुर आ रही थी, तभी वह रास्ते में पुल से मेलखोदरा नदी में जा गिरी। उनके अनुसार इस हादसे में कैलास मैडा (48), उनकी पत्नी मीराबाई (46) एवं एक साल के बच्चे की मौत हो गयी जबकि घायल 28 लोगों को जिला चिकित्सालय अलीराजपुर में भर्ती कराया गया है। चांदपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक के साथ मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी मनोज पुष्प ने बताया कि घायलों के उचित इलाज के आदेश चिकित्सकों को दिये गये हैं। इसी बीच, घाटीगांव के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) प्रवीण अष्ठाना ने बताया कि एक अन्य हादसे में ग्वालियर जिले के घाटीगांव इलाके में सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में रविवार सुबह एक कार के घुसने से तीन यात्रियों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गये। उन्होंने कहा कि कार में सवार लोग उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के निवासी थे और मृतकों की पहचान रमेश चंद्र शर्मा (50), उनके पोते आठ वर्षीय सोहम शर्मा और पड़ोसी रोहित गुप्ता (22) के रूप में की गई है। अष्ठाना ने बताया कि कार चालक शिवाजी शर्मा और एक महिला ओमवती शर्मा घायल हुई हैं, जिन्हें ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा किये लोग उज्जैन से आ रहे थे।
- शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के एक गांव में 22 वर्षीय एक युवक अपने बड़े भाई की मौत का सदमा न सह सका और उसने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । सोहागपुर पुलिस थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि यह घटना कोटमा गांव में शनिवार रात को हुई। उन्होंने कहा कि सोहागपुर पुलिस थाना अंतर्गत कोटमा गांव निवासी दिवंगत ओम प्रकाश मिश्रा के दो बेटे उपेंद्र मिश्रा (27) और शिवेंद्र मिश्रा (22) अपने कुछ दोस्तों के साथ 31 दिसंबर को पिकनिक मनाने गये थे। उन्होंने कहा कि इसी बीच नहाने के दौरान उपेंद्र मिश्र गहरे पानी में चला गया जहां पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। परिहार ने बताया कि दोनों भाइयों में बहुत ही गहरी दोस्ती थी जिससे चलते शिवेंद्र अपने भाई की मौत को सह न सका और शनिवार रात उसने अपनी बहन को मोबाइल पर फोन करके कहा कि अपना ख्याल रखना और इसके बाद उसने घर के पीछे खेत के एक पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है।
- नई दिल्ली। श्री माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा कड़े दिशानिर्देशों के साथ शुरू हो गई है। शनिवार से तकरीबन 27 हजार तीर्थयात्री श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन कर चुके हैं। तीर्थयात्रा सुचारू रूप से चल रही है। एक जनवरी की सुबह मंदिर परिसर में हुई भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद कुछ समय के लिए यात्रा स्थगित कर दी गई थी।हादसे में घायल हुए तीन लोगों का इलाज कटरा के नारायण अस्पताल में चल रहा है जबकि 13 लोगों को छुट्टी दे दी गई है।इस बीच, जम्मू के मंडल आयुक्त ने मंदिर परिसर में हुई भगदड़ के संबंध में जानकारी देने के लिए एक नोटिस जारी किया है। भगदड़ की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। कोई भी व्यक्ति इस संबंध में पांच जनवरी से पहले ई-मेल [email protected] या वाट्सअप नम्बर- 0-9-4-1-9-2-0 2-7-2-3 या फोन नम्बर - 0-1-9-1-2-4-7-8-9-9-6 पर जानकारी भेज जा सकता है।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ कोविड से निपटने और राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण में प्रगति के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की। यह समीक्षा बैठक कोविड के नये रूप ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों और हाल ही में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग तथा वरिष्ठ नागरिकों को एहतियाती खुराक दिये जाने के फैसले के मद्देनजर आयोजित की गई थी।डॉ. मांडविया ने कहा कि दुनिया के कई देशों में कोविड के मामलों में 3 से 4 गुना की वृद्धि देखी जा रही है। ओमिक्रोन अत्याधिक संक्रामक होने की वजह से इससे संक्रमण बहुत ज्यादा फैलने का खतरा है जिससे चिकित्सा प्रणाली पर बहुत ज्यादा दबाव आ सकता है। उन्होंने राज्यों को सुझाव दिया कि वे ऐसी स्थिति से बचने के लिए पहले से ही अपनी सभी तैयारियां पूरी कर लें।केन्द्रीय मंत्री ने कोविड के बढते मामलों को देखते हुए रोकथाम उपायों पर नए सिरे से और कड़ाई से ध्यान देने तथा कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। टीकाकरण अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, हमें 15 से 18 आयु वर्ग के टीकाकरण तथा बुजुर्गों को एहतियाती खुराक देने पर ध्यान देना चाहिए।श्री मांडविया ने सभी पात्र वयस्कों में से 90 प्रतिशत को कोविड टीके की पहली खुराक देने का लक्ष्य हासिल करने के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया, जिनके यहां टीकाकरण राष्ट्रीय औसत से कम है, उन्हें इसमें तेजी लानी चाहिए। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे के विकास और टीकों के उत्पादन में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का ध्यान इस तथ्य की ओर दिलाया कि सामूहिक रूप से, उन्होंने आपातकालीन कोविड प्रतिक्रिया पैकेज के तहत उपलब्ध स्वीकृत धन का केवल 17 प्रतिशत से अधिक का ही उपयोग किया है।
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नई दिल्ली। 15 से 18 वर्ष के बच्चों को कल से को-वैक्सीन की डोज लगायी जाएगी। इसके लिए उन्हें को-विन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए स्कूल का पहचान पत्र या आधार कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। इस आयुवर्ग के 6 से 7 करोड़ बच्चे को-वैक्सीन की डोज लेने के पात्र होंगे। स्वास्थ्य देखभाल और अग्रिमपंक्ति के कार्यकर्ता तथा अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त साठ या अधिक आयु के नागरिक अपने मौजूदा को-विन अकाउंट के माध्यम से एहतियाती डोज लगवा सकेंगे। को-विन प्रणाली से नियत समय पर एहतियाती डोज लेने के पात्र लोगों के पास एसएमएस भेजा जाएगा। इन लोगों को दस जनवरी से एहतियाती डोज लगायी जायेगी। करीब तीन करोड़ स्वास्थ्य देखभाल और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के कोविड वैक्सीन की एहतियाती डोज के लिए जनवरी में पात्र होने की आशा है। यह डोज कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के नौ महीने के बाद लगायी जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.एस. शर्मा ने बताया है कि साठ और उससे अधिक आयु के लोगों को पंजीकरण कराते समय अपनी बीमारी की जानकारी देनी होगी और उन्हें इस बारे में टीकाकरण केंद्र पर पंजीकृत डॉक्टर का प्रमाणपत्र देना होगा।
- नई दिल्ली। मौसम विभाग ने तमिलनाडु के तटवर्ती क्षेत्रों में और अधिक वर्षा तथा अगले चार दिन तक देश के पश्चिमोत्तर हिस्से में शीत लहर जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। विभाग ने कहा है कि तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईकल में बंगाल की खाड़ी से लगे तटीय क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि कल से पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात का देश के पश्चिमोत्तर भागों में असर पड़ सकता है। अगले चार दिन के दौरान इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी वर्षा होने की संभावना है।
- मेरठ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। इस विश्वविद्यालय की स्थापना सर्धाना कस्बे के सलावा और कैली गांव में की जा रही है। इस पर लगभग सात सौ करोड रूपये की लागत आएगी। देश के सभी भागों में विश्वस्तरीय खेलकूद बुनियादी ढांचा स्थापित करने और खेल संस्कृति को बढावा देने पर प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ध्यान दिया है। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना इसी परिकल्पना को साकार करने की दिशा में बडा कदम है। यह खेल विश्वविद्यालय सिंथेटिक हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबाल, हैंडबॉल, कबड्डी मैदान, लॉंन टेनिस कोर्ट, जिमनेजि़यम हॉल, सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, तरणताल, बहुउद्देशीय हॉल और साइकिल वेलोड्रोमोम सहित आधुनिक बुनियादी ढांचा सुविधाओं से लैस होगा। इसमें अन्य खेलों के अलावा निशानेबाजी, स्क्वैश, भारोत्तोलन, तीरंदाजी, कैनोइंग, कयाकिंग के लिये भी सुविधाएं रहेंगी। विश्वविद्यालय में समान संख्या में महिला और पुरुष खिलाडि़यों सहित एक हजार अस्सी खेलकूद प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने की क्षमता होगी।खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखने के बाद प्रधानमंत्री ने प्रदेश भर से आए खिलाड़ियों के साथ संवाद किया। प्रधानमंत्री से मिलने वालों में ओलंपियन और पैरा ओलंपियन खिलाड़ी शामिल थे। इसमें नोएडा के जिलाधिकारी और पैरा ओलंपियन सुहास एलवाई भी शामिल थे। पीएमओ की ओर से जारी बयान के मुताबिक यह खेल विश्वविद्यालय मेरठ के सरधना शहर के सलावा और कैली गांवों में 700 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया जाएगा। पीएमओ की ओर से कहा गया है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में खेलों की संस्कृति को बढ़ावा देने और खेल संसाधनों को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं. मेरठ में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का कदम उनके इसी दृष्टिकोण के तहत उठाया जा रहा है।- मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में क्या होगा खास- मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की लागत 700 करोड़ रुपए है- यूनिवर्सिटी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी-एक सात 1080 खिलाड़ियों को दी जा सकेगी ट्रेनिंग-एथलेटिक्स जैसे आउटडोर गेम्स के लिए 25 से 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी-कुश्ती, खो-खो और कबड्डी जैसे खेलों के लिए 5 हजार की क्षमता वाला हॉल बनेगा-यूनिवर्सिटी में सिंथेंटिक हॉकी मैदान, फुटबॉल मैदान होगा-बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, लॉन टेनिस कोर्ट भी होगा-निशानेबाजी और तीरंदाजी के लिए शूटिंग रेंज भी होगा-सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं भी होंगी
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नयी दिल्ली। कोविड-19 मामलों के बढ़ने की आशंका के बीच केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन मामलों से निपटने के वास्ते अस्थायी अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू करने और घरों में पृथक-वास (होम आइसोलेशन) में मरीजों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन करने की सलाह दी। सभी मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में समय पर और तेजी से सुधार के महत्व पर फिर से जोर देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब मामलों में अचानक वृद्धि हो रही है। तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए मामलों में संभावित वृद्धि से निपटने के लिए, केंद्र ने राज्यों से स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की उपलब्धता बढ़ाने के वास्ते अस्थायी अस्पतालों का निर्माण शुरू करने को कहा है। भूषण ने कहा, ‘‘यह डीआरडीओ और सीएसआईआर के साथ-साथ निजी क्षेत्र, निगमों, गैर सरकारी संगठनों आदि के समन्वय के साथ किया जा सकता है। इससे अस्थायी अस्पतालों के तेजी से निर्माण की प्रक्रिया में मदद मिलेगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी संख्या में सकारात्मक मामलों में मरीजों को घरों पर पृथक-वास में रखने की स्थिति वाले हो सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि सभी राज्य अपने ‘गृह पृथकवास' प्रोटोकॉल और जमीनी स्तर पर इसके वास्तविक कार्यान्वयन की निगरानी करें। उन्होंने कहा, ‘‘सभी होम आइसोलेशन मामलों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाना चाहिए, कॉल सेंटर / नियंत्रण कक्ष को ऐसे रोगियों की निगरानी के वास्ते सहायता करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे सभी मामलों को समर्पित एम्बुलेंस के माध्यम से एक उपयुक्त स्वास्थ्य केन्द्र में स्थानांतरित किया जा सके।'' भूषण ने कहा कि राज्यों से यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि मौजूदा कोविड समर्पित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर दोबारा गौर किया जाए और इसकी परिचालन क्षमता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘ग्रामीण क्षेत्रों और बाल चिकित्सा मामलों पर भी स्पष्ट ध्यान दिया जाना चाहिए। राज्यों को राज्य में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में आवश्यक रसद, ऑक्सीजन की उपलब्धता और दवाओं के भंडार की नियमित रूप से समीक्षा करने की आवश्यकता है।' -
नयी दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार कोविड-19 रोगियों को उनकी प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए मुफ्त और व्यक्तिगत ऑनलाइन योग कक्षाएं प्रदान करेगी। दिल्ली सरकार द्वारा प्रशिक्षित शिक्षकों के मार्गदर्शन में दिल्ली के निवासियों को नियमित रूप से योग करने में मदद करने के लिए 'दिल्ली की योगशाला' कार्यक्रम शुरू करने के कुछ सप्ताह बाद यह कदम आया है। सिसोदिया ने कहा कि कोविड-19 का कोई मामला सामने आने के बाद, मरीज को दिल्ली सरकार से एक एसएमएस प्राप्त होगा, जिसमें योग कक्षा के लिए पंजीकरण के लिए एक लिंक होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा में लगभग 25-35 व्यक्ति होंगे जिन्हें प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों द्वारा योग की शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने 'दिल्ली की योगशाला' के योग प्रशिक्षकों के साथ एक संवाद के दौरान कहा, ‘‘दिल्ली में कोविड रोगियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उनमें से अधिकतर में लक्षण नहीं हैं और उन्हें घर पर पृथक रहने की सलाह दी जा रही है। चिकित्सा उपचार के साथ, हम ऑनलाइन योग सत्रों के माध्यम से उनकी प्रतिरक्षा को बढ़ाने में मदद करेंगे।'' एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं के लिए स्लॉट जल्द ही जारी किए जाएंगे और अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया। लोग अपना स्लॉट चुन सकते हैं और वे अपनी सुविधा के अनुसार कक्षाओं में हिस्सा ले सकते हैं। 'दिल्ली की योगशाला' की प्रायोगिक परियोजना के तहत, योग शिक्षक पहले से ही राष्ट्रीय राजधानी में 65 स्थानों पर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार की दृष्टि योग को हर दिल्लीवासी के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। -
फरीदाबाद (हरियाणा) । जिले के गांव शाहपुर खुर्द और पियाला की सीमा पर रजवाहे के किनारे सात मोरों के शव मिले हैं। वन्य प्राणी विभाग ने मोरों के नमूनों को जांच के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय भेजा है। गांव पियाला के सरपंच टेकचंद डबास ने बताया कि मोरों के मरने की सूचना पाकर वह को मौके पर पहुंचे, जहां कुछ अनाज के दाने पड़े हुए थे। सरपंच ने इन मोरों के मरने की सूचना वन्य प्राणी विभाग को दी। वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर जयदेव मौके पर पहुंचे और मोरों को पोस्टमार्टम के लिए ले कर गए। पशु पालन विभाग के डॉक्टर विनोद दहिया का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मोरों के मरने का कारण स्पष्ट हो सकेगा। इंस्पेक्टर जयदेव का कहना है कि मोरों के मरने की की वजह पता लगाने के लिए उनके नमूने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय भेजे गए हैं।





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