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- भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लाऊखेड़ी इलाके में सोमवार को एक सीवेज लाइन के मैनहोल के अंदर इसकी गहराई नापने गये एक निजी कंपनी के एक इंजीनियर सहित दो कर्मचारियों की मौत हो गई। गांधी नगर थाने के प्रभारी अरुण शर्मा ने बताया कि इंजीनियर दीपक कुमार सिंह (28) एवं उनके सहायक भरत सिंह (22) की मौत हो गयी, दीपक उत्तरप्रदेश के कुशीनगर का था, जबकि भरत मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले का निवासी था। उन्होंने कहा कि ये दोनों इस सीवेज लाइन के मैनहोल के अंदर इसकी गहराई नापने उतरे थे।ये दोनों गुजरात की अंकिता कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी थे। इस कंपनी ने 2018 में सीवेज लाइन को बिछाने के लिए भोपाल नगर निगम से अनुबंध किया था। शर्मा ने कहा कि कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि एक आदमी खुले मैनहोल में पड़ा है और जवाब नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम तुरंत वहां पहुंचे और दीपक को आसपास के लोगों की मदद से 20 फीट गहरे गड्ढे से निकाला।'' उन्होंने कहा,‘‘ लेकिन मैनहोल की किनारे हमने दो जोड़ी जूते देखे, जिससे हमें शक हुआ कि इसमें एक व्यक्ति और हो सकता है। इसलिए हमने मैनहोल के अंदर जाकर तलाशी की और भरत को भी वहां मृत पाया और उसे बाहर निकाला।'' उन्होंने कहा कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उनके मौत का सही कारण पता चलेगा।शर्मा ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। कुछ पुलिस कर्मिया का अनुमान है कि मैनहोल में जहरीली गैस से दम घुटने से दोनों की मौत हुई होगी। इसी बीच, मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने संभागायुक्त एवं प्रशासक नगर निगम भोपाल को अमृत योजना में भोपाल निगम की स्वीकृत सीवेज परियोजना के लाऊखेड़ी क्षेत्र में हुए हादसे की जाँच कराने के निर्देश दिये हैं। सिंह ने कहा, ‘‘प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए हादसा/दुर्घटना के कारणों की जाँच आयुक्त नगर निगम भोपाल से करवा कर 24 घंटे के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
- बेरहामपुर (ओडिशा)। ओडिशा के गंजम जिले में तारा तारिणी मंदिर में सोमवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जब लगभग नौ महीने बाद जनता के लिए इस मंदिर को फिर से खोला गया। रुशिकुल्या नदी के तट पर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस मंदिर को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा दर्शन करने के एक दिन बाद खोला गया था। पुजारियों में से एक बापूजी राणा ने कहा कि पहले दिन, देवी तारा और तारिणी की एक झलक पाने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ेगी।” देश के चार आदि शक्ति पीठों में से एक, इस मंदिर को कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर आने के तुरंद बाद, अप्रैल के मध्य में अन्य पूजा स्थलों के साथ सार्वजनिक प्रवेश के लिए बंद कर दिया गया था। बाद में वर्ष के अंतिम महीनों में, प्रशासन ने अन्य धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने की अनुमति दी, लेकिन मंदिर परिसर में चल रहे काम के कारण लोगों को तारा तारिणी मंदिर में जाने से रोक दिया गया था। जिलाधिकारी विजय कुलंगे ने कहा कि आगंतुकों के वाहनों को अभी भी एक खास स्थान से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है क्योंकि "मंदिर के चारों ओर बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए तीसरे चरण का काम प्रगति पर है।” कुलांगे ने बताया, “आगंतुकों को मुख्य द्वार से मंदिर तक ले जाने के लिए कम से कम तीन बसों को सेवा में लगाया जाएगा। उन्हें मंदिर तक ले जाने के लिए उड़न खटौलों का संचालन भी किया जा रहा है।
- वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ गलियारे के निर्माण कार्य में शामिल रहे श्रमिकों के एक समूह पर सोमवार को फूल बरसाए और यहां काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रमिकों, इंजीनियरों और शिल्पकारों ने काशी गलियारे के निर्माण और प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर को नया रूप देने में योगदान दिया है, जिस पूरे क्षेत्र को अब काशी विश्वनाथ धाम के नाम से जाना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा में डुबकी लगाने और मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में गलियारे का लोकार्पण किया। मोदी ने पूजा अर्चना के बाद श्रमिकों के एक समूह से मुलाकात की जो मंदिर के नजदीक एक बरामदानुमा गैलरी में बैठे हुए थे। उनके बीच से फूलों की एक टोकरी लेकर गुजरते हुए प्रधानमंत्री ने उन पर फूल बरसाये। वे लोग निर्माण स्थल के जैकेट पहने हुए थे, उन्होंने तालियां बजाई और हाथ जोड़ कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री उनके साथ बैठे भी। वहां लाल कालीन बिछाई हुई थी। उन्होंने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाई। इसकी पृष्ठभूमि में मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाला एक विशाल पोस्टर लगा हुआ था और काशी के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया गया था। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि काशी (वाराणसी का पुराना नाम) आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘और अब भव्य स्वरूप में काशी इस चेतना में ऊर्जा का संचार करेगा। '' उन्होंने यह भी कहा कि वाराणसी कई महान हस्तियों की कर्मभूमि और जन्मभूमि रहा है तथा उन्होंने करीब 1780 में मंदिर का निर्माण कराने को लेकर महारानी अहिल्याबाई होल्कर की सराहना की। बिहार के रहने वाले राजमिस्त्री और परियोजना स्थल पर पांच-छह महीने से काम कर रहे रामचंद कुमार ने प्रधानमंत्री के हाव-भाव की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘हम, आम लोगों से उनका मिलना, महत्व देना अच्छा लग रहा है।''करीब 339 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित श्री काशी विश्वनाथ धाम परियोजना के प्रथम चरण में सोमवार को कुल 23 भवनों का उद्घाटन किया गया। इनमें श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं होंगी, जैसे कि यात्री सुविधा केंद्र, वेद केंद्र, भोगशाला, नगर संग्रहालय, दर्शक दीर्घा, फूड कोर्ट आदि। प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद परियोजना का कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया गया।
- मदुरई । तमिलनाडु के प्रसिद्ध मदुरई मीनाक्षी मंदिर आज से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। राज्य के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग ने कल अपनी घोषणा में कोविड टीकाकरण प्रमाण पत्र के साथ मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी है।मीनाक्षी मंदिर में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करते हैं। राज्य सरकार ने कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए विभिन्न स्थानों पर जागरूकता संदेश लगाए हैं।
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मध्य कोलकाता में ओज़ोन का स्तर 60 फीसदी हो गया जो सुरक्षित स्तर से ज्यादा है। इसके बाद जन स्वास्थ्य और विक्टोरिया मेमोरियल को इसके खतरे को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि विक्टोरिया मेमोरियल क्षेत्र में रविवार को ओज़ोन का आठ घंटे का औसत स्तर 160 मिलीग्राम/घन मीटर था ।विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, आठ घंटे का ओज़ोन का औसत स्तर 100 मिलीग्राम/घन मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि ओज़ोन के उच्च स्तर का कारण सर्दी की स्थिति और निचले वातावरण में वाहनों के उत्सर्जन कणों का जमा होना है। उन्होंने कहा कि कोहरे की स्थिति में सुधार होने पर ओज़ोन का स्तर भी कम हो जाएगा। पर्यावरणविद सोमेंद्रनाथ घोष ने कहा कि शहर के पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र में ओज़ोन के स्तर में वृद्धि के कारणों का पता लगाने के लिए उचित निगरानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि रविवार दोपहर को ओज़ोन का स्तर, पीएम 2.5 के स्तर (144) से भी अधिक हो गया। उन्होंने चेताया, “ डीजल से संचालित अनेक पुराने वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। इस प्रदूषण के कारण विक्टोरिया मेमोरियल के सफेद मार्बल पीले हो सकते हैं और भविष्य में कई दीवारों से प्लास्टर गिर सकता है।”
- वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का लोकार्पण किया। इस अवसर पर तीन हजार से अधिक संत और पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री पहले काल भैरव मंदिर पहुंचे, जिसे काशी का रक्षक माना जाता है। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उसके बाद प्रधानमंत्री गंगा जल लेकर काशी विश्वनाथ गलियारे से होते हुए काशी विश्वनाथ धाम गए।श्री काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का निर्माण कार्य तीन अरब 39 करोड रुपये की लागत से पूरा किया गया है। यह परियोजना पांच लाख वर्ग फुट के व्यापक क्षेत्र में फैली हुई है। इससे पहले यह परिसर मात्र तीन हजार वर्ग फुट में था।काशी विश्वनाथ धाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री ने मार्च 2019 में काशी विश्वनाथ धाम परियोजना की आधारशिला रखी थी। इस परियोजना से काशी विश्वनाथ मंदिर को सीधे गंगा घाट से जोड़ा गया है। परियोजना के पहले चरण में 23 भवनों का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना के तहत यात्री सुविधा केन्द्र, पर्यटक सुविधा केन्द्र, वैदिक केन्द्र, संग्रहालय, दर्शक दीर्घा, फूडकॉर्ट इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां रैंप, एस्कलेटर, और अन्य सुविधओं का भी प्रावधान किया गया है, ताकि दिव्यांगजन और बुजुर्ग भी आसानी से बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें।उद्धाटन समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्ममंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और प्रेरणा के तहत यह पावन दिन आया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण महारानी अहिल्या बाई होल्कर ने कराया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी जब वाराणसी आए, तो उन्होंने भी काशी को स्वच्छ बनाने का सपना देखा था और अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह सपना साकार किया है।
- वाराणसी (उप्र)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहाँ अगर औरंगजेब आता है, तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं। इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है।प्रधानमंत्री ने वाराणसी की सभ्यता और विरासत की प्रशंसा की और कहा कि कई सल्तनतों का उदय और पतन हुआ, लेकिन बनारस बना रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ आतातायियों ने इस नगरी पर आक्रमण किए, इसे ध्वस्त करने के प्रयास किए! औरंगजेब के अत्याचार, उसके आतंक का इतिहास साक्षी है, जिसने सभ्यता को तलवार के बल पर बदलने की कोशिश की, जिसने संस्कृति को कट्टरता से कुचलने की कोशिश की, लेकिन इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यहाँ अगर औरंगजेब आता है, तो (मराठा शासक छत्रपति) शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं ! अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है, तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं और अंग्रेजों के दौर में भी, हेस्टिंग का क्या हश्र काशी के लोगों ने किया था, ये तो काशी के लोग जानते ही हैं। ’’धानमंत्री मोदी ने कहा, ‘विश्वनाथ धाम का ये पूरा नया परिसर एक भव्य भवन भर नहीं है, ये प्रतीक है, हमारे भारत की सनातन संस्कृति का! ये प्रतीक है, हमारी आध्यात्मिक आत्मा का! ये प्रतीक है, भारत की प्राचीनता का, परम्पराओं का! भारत की ऊर्जा का, गतिशीलता का।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि मंदिर परिसर जो पहले मात्र 3,000 वर्ग फुट का था, वह बढ़कर अब करीब पांच लाख वर्ग फुट हो गया है। अब 50 से 70 हजार श्रद्धालु मंदिर परिसर में आ सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ नया इतिहास बना है और हमारा सौभाग्य है कि हम इसके गवाह बने हैं।’’प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान स्थानीय बोली का भी इस्तेमाल किया। अपने निर्वाचन क्षेत्र आने के बाद प्रधानमंत्री ने काल भैरव मंदिर में पूजा अर्चना की और गंगा नदी में डुबकी लगाई। वह वहां से पवित्र गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर आए। प्रधानमंत्री मोदी का काफिला जब शहर से गुजर रहा था, तब लोग मंत्रोच्चार कर रहे थे। प्रधानमंत्री भी कुछ स्थानों पर रुके और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन से पहले मोदी ने एक प्रार्थना समारोह में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने इस परियोजना में कार्य करने वाले मजदूरों पर उनके कार्य के लिए आभार व्यक्त करने के लिए गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं। उन्होंने उनके साथ तस्वीर भी खिंचवाई। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और देशभर से आए साधु संत भी मौजूद थे।
- देहरादून। देहरादून के कैंट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हरबंस कपूर का सोमवार को निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश ईकाई के उपाध्यक्ष देवेंद्र भसीन ने बताया कि कपूर की पत्नी जब सुबह उन्हें जगाने गयीं तो वह नहीं उठे। उसके बाद चिकित्सक को बुलाया गया जिसने उन्हें मृत घोषित कर दिया।आठ बार के विधायक कपूर उत्तराखंड विधानसभा के वरिष्ठतम सदस्य थे। वह 2001-02 में भगत सिंह कोश्यारी मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री रहे। कपूर 2007—2012 के दौरान भुवन चंद्र खंडूरी के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे थे। वह 1985 में पहली बार विधानसभा चुनाव हारने के बाद देहरा खास और बाद में देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र से लगातार आठ बार चुनाव जीते। विधायक के निधन का समाचार मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। धामी ने उनके शोकसंतप्त परिजनों को दुख की घडी में ढांढस बंधाया। उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए धामी ने कहा कि वह राजनीतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा मुखर रहे। उन्होंने कहा कि लगातार आठ बार चुनाव जीतना उनकी लोकप्रियता को साबित करता है।राज्य सरकार ने कपूर की अंत्येष्टि पुलिस सम्मान के साथ किए जाने तथा सोमवार को देहरादून जिले के सभी सरकारी कार्यालय बंद रखे जाने का आदेश दिया है।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी कपूर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके निधन को पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया । प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि कौशिक के निर्देश पर पार्टी के राज्यभर में सोमवार को होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
- जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि हिमालय में अमरनाथ के 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर की वार्षिक यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए ‘आरामदायक, आधुनिक और सुरक्षित' बनाने के वास्ते निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन पवित्र गुफा की यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के अलावा ‘लंगरों और भंडारों (सामुदायिक रसोई सेवा प्रदाता) की सुविधा के लिए भी प्रतिबद्ध है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि उपराज्यपाल ‘लंगरों और भंडारों' के विभिन्न संघों के सदस्यों के साथ बातचीत कर रहे थे, जो यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सेवा करते हैं। यात्रा गर्मियों में दक्षिण कश्मीर में पहलगाम और मध्य कश्मीर के गंदेरबल जिले के बालटाल के मार्गों से होती है। अधिकारी ने बताया कि श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर संगठन (एसएबीएलओ) और श्री अमरनाथ यात्रा भंडारा संगठन (एसएवाईबीओ) का प्रतिनिधित्व करने वाले 20 सदस्यों ने दिल्ली में उपराज्यपाल से मुलाकात की और यात्रा के सुचारू संचालन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘पवित्र यात्रा करुणा, आध्यात्मिकता, सेवा और शांति का प्रतीक है। यात्रा को अधिक आरामदायक, आधुनिक और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।'' प्रवक्ता ने बताया कि सिन्हा ने पिछले दो वर्षों में यात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में संघों के प्रतिनिधियों को सूचित किया। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने इस बात पर गौर किया कि तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर में जाने के लिए बेहतर भोजन और ठहरने की सुविधा प्रदान करने के लिए तीन यात्री निवास बनाए जा रहे हैं।
- श्रीनगर। कश्मीर में शीत लहर का प्रकोप बढ़ने से तापमान जमाव बिंदु के कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि श्रीनगर में रविवार रात तापमान शून्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। यह घाटी का दूसरे सबसे ठंडा क्षेत्र था। वहीं, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग रिजॉर्ट में न्यूनतम तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम में तापमान शून्य से 5.3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, जो घाटी का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में तापमान शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में तापमान शून्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस नीचे और कोकरनाग में तापमान शून्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों ने जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में मंगलवार को हल्की बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान लगाया है।
- जयपुर। राजस्थान के भीलवाडा जिले के बीगोद थाना क्षेत्र में रविवार को दो अलग-अलग कमरों में पति पत्नी के शव पंखे से लटके पाये गये। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । थानाधिकारी ठक्कर राम ने बताया कि दशहरा मैदान क्षेत्र में रहने वाले दीपक नागौरी (33) और उसकी पत्नी कविता नागौरी (30) के शव अलग अलग कमरों में पंखें से लटके पाये गये। उन्होंने बताया कि मृतक एक बीड़ी कंपनी का मालिक था और उसने दूसरी शादी की थी और पहली पत्नी से उसके दो बच्चे हैं जो घटना के समय घर में मौजूद नहीं थे । उन्होंने बताया कि मरने वाली महिला के पिता की ओर से ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि रविवार को शवों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिये गये। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नई दिल्ली। भारत आगामी गणतंत्र दिवस समारोह में मध्य एशियाई देशों के शीर्ष नेताओं को आमंत्रित करने पर विचार कर रहा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब भारत क्षेत्र के साथ अपने संबंधों को विस्तार दे रहा है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने रविवार को बताया कि उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिज गणराज्य और ताजिकिस्तान के नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।उन्होंने अन्य विकल्पों के चयन की संभावना से इनकार नहीं किया और कहा कि मेहमानों की सूची को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। भारत ने 2018 में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए 10 राष्ट्रों के प्रभावशाली क्षेत्रीय ब्लॉक आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन) के नेताओं को आमंत्रित किया था और उन सभी ने इसमें भाग लिया था। भारत पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा समृद्ध मध्य एशियाई देशों के साथ समग्र सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। वह इन देशों को अपने विस्तारित पड़ोस के तौर पर देखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जुलाई 2015 में किए गए पांच देशों के दौरे के बाद क्षेत्र के साथ भारत के संबंध और मजबूत हुए, जिसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार हुआ। इसके अलावा अफगानिस्तान में हालिया घटनाक्रमों ने भी मध्य एशियाई देशों की महत्ता की पुन: पुष्टि की, जिनमें से तीन देश ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान की सीमाएं अफगानिस्तान से लगती हैं। इन पांचों मध्य एशियाई देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) ने 10 नवंबर को अफगानिस्तान के विषय पर भारत की मेजबानी में आयोजित क्षेत्रीय संवाद में भी हिस्सा लिया था। इस संवाद में रूस और ईरान के एनएसए ने भी भाग लिया था। भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में इस साल किसी ने मुख्य अतिथि के तौर पर भाग नहीं लिया था। भारत ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था और उन्होंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया था, लेकिन ब्रिटेन में कोविड-19 के मामले बढऩे के कारण उन्होंने समारोह से तीन सप्ताह पहले नयी दिल्ली का अपना दौरा रद्द कर दिया था। इससे पहले, 2020 में गणतंत्र दिवस समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो मुख्य अतिथि थे और वह इस समारोह की शोभा बढ़ाने वाले ब्राजील के तीसरे राष्ट्रपति थे।दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा 2019 में गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे, जबकि 2018 में आसियान देशों के नेता समारोह में शामिल हुए थे। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 2017 में समारोह के मुख्य अतिथि थे, जबकि तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने 2016 में इस अवसर की शोभा बढ़ाई थी। इससे पहले 2015 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि थे।
- सहारनपुर (उप्र)। सहारनपुर जिले की सरसावा थाना पुलिस और अपराध शाखा के संयुक्त दल ने सरकारी कंपनी भारतीय तेल निगम की पाइपलाइन से पेट्रोल एवं डीजल चुराने के आरोप में एक अंतरराज्यीय गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस. एस. पी. आकाश तोमर ने को बताया कि गिरफ्तार किये गये लोगों की पहचान शुभम, संदीप, गुरमीत, अजय, भूपेन्द्र, शुभम, जनेश्वर और अजीत के रूप में की गयी है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से चोरी किया गया तेल, चोरी में प्रयुक्त की गईं दो कार एवं एक ट्रैक्टर, तीन तमंचे, पाइप लाइन खोलने वाले उपकरण और छह कारतूस बरामद किये गये हैं। अधिकारी ने बताया कि इन आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
- धर्मपुरी (तमिलनाडु)। यहां एक राज्य संचालित मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र की चार वरिष्ठ छात्रों ने रैगिंग की और इससे आहत छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि पीडि़त, एक युवक अब मानसिक रूप से परेशान है और उसके हाथ (कलाई के आसपास) में चोटों का इलाज किया जा रहा है। शिकायत के बाद, धर्मपुरी सरकारी मेडिकल कॉलेज (डीजीएमसी) द्वारा एक समिति का गठन किया गया था और जांच में पाया गया कि मौखिक दुव्र्यवहार सहित रैगिंग का आरोप सही था। समिति की रिपोर्ट के कारण आरोपी चार छात्रों को कॉलेज से तीसरे वर्ष में निलंबित कर दिया गया और छात्रावास से स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद, रैगिंग विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत उनमें से चार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। एक पुलिस अधिकारी ने यहां कहा, ''हम इन आरोपी चार छात्रों की तलाश कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि कॉलेज के डीन द्वारा लिखित शिकायत दर्ज करने के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। सूत्रों ने बताया कि पीडि़त ने पिछले हफ्ते आत्महत्या करने की कोशिश की और उससे पहले भी कई मौकों पर उसकी रैगिंग की गई। file photo----
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि उनकी सरकार समस्याओं के समाधान में यकीन करती है, उन्हें टालने में नहीं। प्रधानमंत्री ने यहां ‘जमाकर्ता प्रथम: पांच लाख रुपये तक का गारंटीशुदा समयबद्ध जमा बीमा भुगतान' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी देश समस्याओं के अधिक जटिल होने से पहले ही समय रहते हल निकालकर उनसे निजात पा सकता है। उन्होंने कहा, "पहले वर्षों तक समस्याओं को टालने की प्रवृत्ति थी। वहीं आज का नया भारत समस्याओं के समाधान की दिशा में अग्रसर है, वह उन्हें टालता नहीं है।" गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल को याद करते हुए मोदी ने कहा कि तब उनके सामने अनेक परेशान जमाकर्ताओं की समस्याएं आई थीं लेकिन वह उनके लिए ज्यादा कुछ कर नहीं सके। मोदी ने कहा कि उन्होंने तत्कालीन केंद्र सरकार को अनेक पत्र लिखकर ऐसे बेबस जमाकर्ताओं की स्थिति से अवगत कराया था और जमा बीमा कवर एक लाख रूपये से बढ़ाकर पांच लाख रूपये करने का अनुरोध किया था। हालांकि उस समय की सरकार ने इसकी अनदेखी की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘तत्कालीन सरकार ने लोगों की नहीं सुनी इसलिए जनता ने सरकार ही बदल दी और मुझे प्रधानमंत्री बनाया। मैंने जनता के हित में जमा बीमा कवर को बढ़ा दिया।
- मुंबई। महानगर के मलाड उपनगर में मालवानी गेट नंबर एक पर रविवार को तेज रफ्तार डंपर से कुचलकर 13 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान आकाश कुमार के रूप में हुई है, जो एक स्कूटर पर पीछे बैठा था। उन्होंने कहा कि आरोपी डंपर चालक नागेश राम कासले को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, "टक्कर के कारण स्कूटर सवार ने संतुलन खो दिया क्योंकि डंपर तेज रफ्तार में था। इस कारण आकाश गिर गया और डंपर के पिछले के पहिये के नीचे आ गया। स्कूटर चला रहे व्यक्ति को मामूली चोट आई है। आरोपी डंपर चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- मुंबई। ऑलकार्गो समूह की फर्म गति लिमिटेड अगले तीन वर्षों में 3,000 करोड़ रुपये की कंपनी बनने की योजना बना रही है। गति लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पिरोजशा सरकारी ने कहा कि कंपनी को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और खुदरा व्यापार-से-व्यापार (बी2बी) क्षेत्रों से मिलने वाले समर्थन के दम पर आगे बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने कारोबार बढ़ाने के लिए तीन क्षेत्रों की पहचान की है। इसमें प्रतिभा अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है। उन्होंने स्वीकार किया कि ऑलकार्गो समूह के अधीन आने से पहले गति लिमिटेड ने पिछले पांच-सात वर्षों में एक्सप्रेस लॉजिस्टिक कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अन्य व्यवसायों में हाथ आजमाया जिससे कंपनी 'रास्ता भटक गई' थी। उन्होंने कहा कि कंपनी की भले ही अतीत में सेवा बाधित हो गई हो लेकिन एक विशाल नेटवर्क उसकी ताकत बना रहा।
- ठाणे (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शनिवार देर रात को एक टैंकर की चपेट में आने से एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना देर रात करीब एक बजे मुंबई-नासिक राजमार्ग पर साहापुर तालुका के चेरपोली गांव के पास हुई। साहापुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों सड़क पर पैदल ही जा रहे थे तभी विपरीत दिशा से आ रहा टैंकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराया और उछल कर विपरीत लेन पर चला गया जिससे दोनों टैंकर की चपेट में आ गए। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि टैंकर में क्या था। दोनों को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि उनकी पहचान विक्रांत वारे (26) और पूजा हिरवे (29) के रूप में हुई है, दोनों इलाके के एक आवासीय परिसर के निवासी हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए साहापुर के एक सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने बाद में टैंकर के चालक और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया, अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक कैदी पर दो अन्य कैदियों ने अपने वार्ड में बाल कटवाते समय कथित तौर पर कैंची से हमला किया। जेल अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। जेल के अधिकारियों के अनुसार, घटना 10 दिसंबर को तिहाड़ के केंद्रीय कारागार संख्या आठ के भीतर हुई, जब दो कैदियों ने अपने वार्ड में बाल कटवाने के दौरान अचानक कैंची से दूसरे कैदी पर हमला कर दिया। जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘खींचतान के दौरान पीड़ित और एक हमलावर घायल हो गए और जेल कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत अलग कर दिया। दोनों कैदियों की चोट गंभीर नहीं थी।'' अधिकारी ने कहा कि घायल कैदियों को इलाज के लिए दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया, जहां से उन्हें उसी दिन छुट्टी दे दी गई और वे वापस जेल लाए गए।
- नयी दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), गुवाहाटी ने पूर्वोत्तर में अपनी तरह के पहले नैनो प्रौद्योगिकी केंद्र में उन्नत सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक्स और नैनो ऊर्जा सुविधाएं स्थापित की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और नैनो प्रौद्योगिकी में उद्योग के साथ अकादमिक साझेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र, स्वास्थ्य देखभाल, नैनो जैव सामग्री, सूक्ष्म और नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स, नैनो-ऊर्जा उपकरणों और सेंसर के क्षेत्र में बहुआयामी अनुसंधान करेगा। अधिकारियों के अनुसार, संस्थान 2000 की शुरुआत से नैनो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम कर रहा है और नैनो विज्ञान और नैनो प्रौद्योगिकी के कई क्षेत्रों में इसका प्रमाणित रिकॉर्ड है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले महीने नए भवन का उद्घाटन किया था, जिसका निर्माण संस्थान में नैनो प्रौद्योगिकी पर मौजूदा काम से होने वाली आय से वित्त पोषित किया गया था। आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक टी.जी. सीताराम ने कहा, ‘‘इस केंद्र के शिक्षकों और विद्वानों ने अनुसंधान क्षमता का प्रदर्शन किया है, जिसके परिणामस्वरूप कई प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हुए हैं और उत्कृष्टता के लिए कुछ केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
- नयी दिल्ली। निर्वाचन कानून में संशोधन करके लोगों को मतदाता के रूप में नामांकित करने के लिए हर साल चार ‘कट-ऑफ' तारीखें रखने की योजना है। इस कदम से लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए एक आम मतदाता सूची बनाने में मदद मिलेगी और यह भी सुनिश्चित हो सकेगा कि अधिक पात्र युवा मतदाता बनें। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) अधिक पात्र लोगों को मतदाता के रूप में पंजीकरण करने की अनुमति देने के लिए कई ‘कट-ऑफ' तारीखों पर जोर दे रहा है। अब तक, किसी विशेष वर्ष में होने वाले चुनाव के लिए, केवल वही व्यक्ति मतदाता सूची में नामांकित होने के लिए पात्र है, जो उस वर्ष की एक जनवरी या उससे पहले की स्थिति में 18 वर्ष की आयु का हो चुका है। ईसीआई ने सरकार को बताया था कि इस उद्देश्य के लिए निर्धारित एक जनवरी की ‘कट-ऑफ' तारीख कई युवाओं को एक विशेष वर्ष में होने वाले चुनाव में भाग लेने से वंचित करती है। केवल पात्रता या ‘कट-ऑफ' तिथि के कारण, दो जनवरी को 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले व्यक्ति को पंजीकृत नहीं किया जा सकता है। इसलिए जो व्यक्ति एक जनवरी के बाद 18 साल का हो जाता है, उसे पंजीकरण के लिए अगले साल का इंतजार करना पड़ता है। कानून मंत्रालय ने एक संसदीय समिति को बताया है कि ‘‘लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 14 (बी) में संशोधन करने का प्रस्ताव है, जिसमें हर साल चार तिथियां (या कट-ऑफ तिथियां) एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि एक व्यापक मसौदा कैबिनेट नोट ‘‘इस प्रस्ताव (चार तिथियों के संबंध में) के साथ-साथ निर्वाचन आयोग द्वारा उठाए गए कुछ अन्य महत्वपूर्ण चुनावी सुधार प्रस्तावों को तैयार किया जा रहा है।'' कानून और कार्मिक संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने शुक्रवार को लोकसभा में ‘कानून और न्याय मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों (2021-22) पर समिति की 107वीं रिपोर्ट पर की गई कार्यवाही'' पर अपनी 109वीं रिपोर्ट पेश की। समिति ने अपने पहले के अवलोकन का उल्लेख किया जहां उसने देश में एक आम मतदाता सूची के कार्यान्वयन के लिए अपनी सिफारिश दोहराई थी और इच्छा व्यक्त की थी कि इस संबंध में ‘सभी प्रयास' किए जाने चाहिए। मंत्रालय ने कहा, ‘इसलिए, अब तक लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों दोनों के लिए एक समान मतदाता सूची है।
- पुणे। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में करवीर तहसील में एक गौर के हमले में 21 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। गौर को भारतीय भैंसा भी कहा जाता है, जो मुख्यत: दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता है। वन विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भुईवाडी इलाके में शनिवार शाम करीब सात बजे यह घटना हुई। मृतक की पहचान सौरभ खोट के रूप में हुई है। उन्होंने बताया, भुईवाडी गांव में यह जानवर घूम रहा था और इसे परेशान न करने की घोषणाओं के बाद भी कुछ लोग घबरा गए और उसे खदेड़ने के लिए कुछ उसका पीछा करने लगे। इसके बाद इस जानवर ने लोगों पर हमला कर दिया और खोट की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि गौर को जंगल में छोड़ने के प्रयास जारी हैं।
- पणजी। गोवा के एक भाजपा विधायक ने रविवार को राज्य की अपनी ही पार्टी की सरकार के मंत्री पर प्रति उम्मीदवार 25 से 30 लाख रुपये की दर से रिश्वत लेकर राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अभियंता के पदों को भरने का आरोप लगाया। आरोप लगाने वाले विधायक ए. मॉन्सरेट ने शनिवार शाम को एंटोनियो फर्नांडिज के साथ मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि पीडब्लयूडी इंजीनियर पद के लिए अधिसूचित नामों को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए और नए सिरे से परीक्षा कराई जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि पीडब्ल्यूडी विभाग में कनिष्ठ अभियंताओं के 150 पदों पर भर्ती के लिए पिछले महीने परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके नतीजे शनिवार को घोषित किए गए। मॉन्सरेट ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री दीपक पुष्कर ने इन पदों के लिए 25 से 30 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार रिश्वत ली है। मैंने मुख्यमंत्री से इस पूरी सूची को वापस लेने और नए सिरे से परीक्षा कराने को कहा है।'' उन्होंने कहा कि वह उन उम्मीदवारों को ला सकते हैं, जिनसे रिश्वत की मांग की गई।भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए पुष्कर ने कहा, ‘‘परीक्षा पणजी स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के विशेषज्ञों द्वारा कराई गई। इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है।'' इससे पहले आम आदमी पार्टी नेता अमित पालेकर ने दावा किया था , ‘‘राज्य स्वास्थ्य विभाग के लिए चुने गए 95 प्रतिशत उम्मीदवार सत्तारी तालुका और सनखालिम विधानसभा क्षेत्र के हैं।'' सत्तारी का प्रतिनिधित्व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे करते हैं, जबकि सनखालिम मुख्यमंत्री की सीट है।
- वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी के मध्य में स्थित महत्वाकांक्षी काशी विश्वनाथ गलियारे को सोमवार को लोगों को समर्पित करेंगे। इस विशाल परियोजना से वाराणसी में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रतिष्ठित दशाश्वमेध घाट के पास ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास के अत्याधुनिक ढांचे का उद्घाटन अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले 13 दिसंबर को होने वाला है।पत्थरों और अन्य सामग्री के साथ पारंपरिक शिल्प कौशल का उपयोग कर प्रवेश द्वार और अन्य संरचनाएं बनाई गई हैं। इस कार्यक्रम के मद्देनजर यहां के अधिकांश निवासियों और घरेलू पर्यटकों में उत्साह है, जिसे देखते हुए वाराणसी में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रतिष्ठित मंदिर के पास सड़कों पर नक्काशीदार लैम्पपोस्ट पर पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें ''इस परियोजना के दृष्टिकोण को साकार करने'' के लिए मोदी की प्रशंसा की गई है।काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट के अनुसार प्रसिद्ध धार्मिक स्थल को 'स्वर्ण मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है। कई पुराने नक्शों में इस नाम का उल्लेख देखा जा सकता है। पुलिसकर्मियों की एक टुकड़ी अतिरिक्त बलों की सहायता से मंदिर परिसर, सार्वजनिक चौराहों पर तैनात है और सब कुछ सुचारू रूप से हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सड़कों पर गश्त कर रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''कार्यक्रम के महत्व को देखते हुए शहरभर में विशेष रूप से मंदिर और गलियारे के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विशिष्ट मेहमानों और लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।''इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि मोदी अपराह्न लगभग एक बजे मंदिर जाएंगे और लगभग 339 करोड़ रुपये की लागत से बने श्री काशी विश्वनाथ धाम के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। बयान में कहा गया है कि भगवान शिव के तीर्थयात्रियों और भक्तों की सुविधा के लिए लंबे समय से मोदी का एक दृष्टिकोण था। इसमें कहा गया है, ''इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए, श्री काशी विश्वनाथ धाम को गंगा नदी के किनारे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को जोडऩे के लिए आसानी से सुलभ मार्ग बनाने के वास्ते एक परियोजना के रूप में अवधारणा की गई थी।'' इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने परियोजना के सभी चरणों में गहरी और सक्रिय रुचि ली। बयान में कहा गया है कि उनके द्वारा नियमित ब्रीफिंग, समीक्षा और निगरानी की जाती थी क्योंकि उन्होंने परियोजना को बेहतर बनाने और दिव्यांगों सहित तीर्थयात्रियों के लिए इसे और अधिक सुलभ बनाने के लिए लगातार सुझाव और विचार दिये थे।वर्ष 2014 से मोदी के संसदीय क्षेत्र रहे शहर में विशेष रूप से गोदौलिया चौक और उसके आसपास मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों को 'दिव्य काशी, भव्य काशी' के नाम से हो रहे विशाल कार्यक्रम से पहले सजाया गया है। यहां के निवासी प्रधानमंत्री के आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 के चलते स्कूल बंद होने से छात्रों की वर्तमान पीढ़ी को आज के हिसाब से 17 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई का नुकसान होने का खतरा है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा है। यूनेस्को और यूनिसेफ के सहयोग से विश्व बैंक द्वारा तैयार एक नयी रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट से पता चलता है कि प्रभाव पहले की तुलना में अधिक गंभीर है, और 2020 में जारी 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुमान से कहीं अधिक है। ''स्टेट ऑफ द ग्लोबल एजुकेशन क्राइसिस: ए पाथ टू रिकवरी'' शीर्षक वाली रिपोर्ट से पता चलता है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों का हिस्सा 53 प्रतिशत था, जो महामारी के कारण लंबे समय तक स्कूल बंद होने के चलते 70 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। विश्व बैंक के वैश्विक शिक्षा निदेशक जैम सावेद्रा ने कहा, ''कोविड -19 संकट ने दुनिया भर में शिक्षा प्रणालियों पर विराम लगा दिया। अब 21 महीने बाद भी लाखों बच्चों के लिए स्कूल बंद हैं और अनेक बच्चे ऐसे भी हैं जो अब कभी स्कूल नहीं लौट सकते। बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नैतिक रूप से अस्वीकार्य है। पढाई में कमजोर बच्चों की संख्या में संभावित वृद्धि से इस पीढ़ी के बच्चों और युवाओं की भविष्य की उत्पादकता, कमाई और जीवन पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है।'' रिपोर्ट के अनुसार अनुमान है कि स्कूल बंद होने से पढ़ाई में महत्वपूर्ण नुकसान हुआ है, अब वास्तविक आंकड़ों द्वारा इसकी पुष्टि की जा रही है।



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