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- नयी दिल्ली। श्याम-श्वेत युग में दूरदर्शन के साथ अपना करियर शुरू करने और बाद के दशकों में डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले मशहूर पत्रकार विनोद दुआ का शनिवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। उनकी बेटी एवं अभिनेत्री-हास्य कलाकार मल्लिका दुआ ने बताया कि प्रसिद्ध पत्रकार का अंतिम संस्कार रविवार को यहां लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा। इस साल की शुरुआत में कोविड के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कोरोना वायरस से संक्रमित होने के चलते इसी साल जून में उन्होंने अपनी पत्नी, रेडियोलॉजिस्ट पद्मावती 'चिन्ना' दुआ को खो दिया था। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि अपोलो अस्पताल के गहन देखभाल कक्ष में भर्ती विनोद दुआ जिगर की पुरानी बीमारी से पीड़ित थे। मल्लिका दुआ ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, “हमारे निर्भीक, निडर और असाधारण पिता विनोद दुआ का निधन हो गया है। उन्होंने एक अद्वितीय जीवन जिया, दिल्ली की शरणार्थी कॉलोनियों से शुरु करते हुए 42 वर्षों तक पत्रकारिता की उत्कृष्टता के शिखर तक बढ़ते हुए, हमेशा सच के साथ खड़े रहे।” उन्होंने लिखा, “वह अब हमारी मां, उनकी प्यारी पत्नी चिन्ना के साथ स्वर्ग में हैं, जहां वे गीत गाना, खाना बनाना, यात्रा करना और एक दूसरे से लड़ना-झगड़ना जारी रखेंगे।” विनोद दुआ ने दूरदर्शन और एनडीटीवी जैसे चैनल में काम किया और वह हिंदी टीवी पत्रकारिता में अग्रणी थे। उनकी राजनीति से लेकर खाना पकाने तक में व्यापक दिलचस्पी थी। उन्होंने एनडीटीवी के लिए लोकप्रिय पाक कार्यक्रम "ज़ायका इंडिया का" को प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने भारत के विभिन्न शहरों और कस्बों की अलग-अलग खाद्य संस्कृतियों की खोज की। उन्होंने ‘द वायर' (हिंदी) के लिए ‘जन गण मन की बात' कार्यक्रम की एंकरिंग भी की।कोविड की दूसरी लहर के चरम पर रहने के दौरान विनोद दुआ और उनकी पत्नी गुड़गांव के एक अस्पताल में भर्ती थे। पत्रकार का स्वास्थ्य तब से खराब था और उन्हें बार-बार अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा था। इस हफ्ते की शुरुआत में, सोमवार को, मल्लिका दुआ ने कहा कि उनके पिता की हालत "बहुत गंभीर" है।उन्होंने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “उन्हें कल रात अपोलो अस्पताल के आईसीयू में ले जाया गया, जहां उनकी बेहतर देखभाल की जा सकती है। वह बेहद नाजुक और गंभीर हालत में हैं। वह जीवन भर एक योद्धा रहे हैं। अडिग और अथक। उनका परिवार हमेशा उनके साथ है।” विनोद दुआ ने हंस राज कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में डिग्री प्राप्त की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। उन्होंने बीते वर्षों में कई पुरस्कार जीते। साल 2008 में विनोद दुआ को पत्रकारिता के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। दुआ दंपति की बड़ी बेटी बकुल दुआ हैं, जो क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट हैं।वह पत्रकारिता में रामनाथ गोयनका उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करने वाले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पहले पत्रकार भी थे।
- नयी दिल्लीl कोविड-19 के नये स्वरूप ‘ओमीक्रोन' पर बढ़ती चिंताओं के बीच संसदीय समिति ने कोविड-रोधी टीकों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किये जाने तथा कोरोना के नये स्वरूप पर काबू पाने के लिए बूस्टर खुराक की आवश्यकता की जांच के लिए अधिक अनुसंधान करने की सिफारिश की है। स्वास्थ्य पर संसदीय स्थायी समिति ने शुक्रवार को पेश अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि ‘इम्यूनोस्केप' तंत्र विकसित कर रहे नए स्वरूप से गंभीरता से निपटा जाना चाहिए। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान हुई जानमाल की क्षति के मद्देनजर समिति ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सार्स-कोव-2 के प्रसार पर अंकुश लगाने या रोकने के लिए किए गए उपाय पूरी तरह से अपर्याप्त साबित हुए हैं। समिति ने स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, बिस्तरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ऑक्सीजन सिलेंडर और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर सरकार को इस समय का इस्तेमाल सार्वजनिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में करना चाहिए। समिति ने पाया कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षण सुविधाओं में सुधार की सख्त आवश्यकता है। इसने राज्यों में वीआरडीएल के साथ पीएचसी/सीएचसी के बीच समन्वय स्थापित करने की भी सिफारिश की है। पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘‘समिति का मानना है कि महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए संभावित संक्रामक लोगों का समय पर पता लगाना और उन्हें अलग-थलग करना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए निदान संबंधी परीक्षण के महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।'' इसके अलावा, समिति ने अपनी अन्य सिफारिशों में सरकार को अधिक टीकों को मंजूरी देना, वैक्सीन उत्पादन में तेजी लाना, वितरण क्षमता बढ़ाने और टीकाकरण दर में वृद्धि के साथ इस कार्यक्रम को आक्रामक रूप से आगे बढ़ाना शामिल है। समिति ने कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर के चरम के लगभग छह महीने बाद आई, लेकिन भारत का जांच संबधी बुनियादी ढांचा “बेहद कमजोर और अत्यधिक अपर्याप्त” रहा। समिति ने महामारी की तैयारियों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के वास्ते आवंटित 64,179.55 करोड़ रुपये के इस्तेमाल के संबंध में 'कार्य योजना' से भी अवगत कराने की मांग की है।
- भोपाल।मध्य प्रदेश सरकार ने नक्सलवाद से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए नक्सल प्रभावित तीन जिलों को बालाघाट पुलिस जोन में शामिल किया है। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ राजेश राजोरा ने शनिवार को कहा कि माओवादी विरोधी प्रभावी अभियानों के लिए प्रदेश के नक्सल प्रभावित सभी तीन जिलों को एक पुलिस जोन में मिला दिया गया है। ये तीन जिले डिंडोरी, बालाघाट और मंडला हैं। उन्होंने कहा कि अब तक डिंडोरी जिला शहडोल पुलिस जोन में था लेकिन अब यह बालाघाट पुलिस जोन का हिस्सा बन गया है। इससे तीनों नक्सल प्रभावित जिलों को एक ही-बालाघाट पुलिस जोन में मिला लिया गया है। उन्होंने कहा कि बालाघाट पुलिस जोन में अब डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जिले शामिल रहेंगे।राजोरा ने बताया कि इस आशय का गजट नोटिफिकेशन एक दिसंबर को जारी कर दिया गया है। इससे पहले, 29 नवंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में सात कट्टर माओवादी (एसीएम के एरिया कमेटी के सदस्य) पुलिस मुठभेड़ में मारे गए और तीन को गिरफ्तार किया गया। इससे हथियार और गोला बारूद की बरामदगी तो हुई ही, तेंदूपत्ता ठेकेदारों से जबरन वसूली की गतिविधियों पर भी अंकुश लगा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस दौरान माओवादियों को हथियार आपूर्ति करने के आरोप में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- नयी दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने कुछ अन्य देशों की तरह कोई यात्रा प्रतिबंध नहीं लगाया है, जिन्होंने उन क्षेत्रों या देशों से उड़ानें रोक दी हैं जहां कोविड-19 के नये स्वरूप ओमीक्रोन के मामले सामने आये हैं। मंत्रालय ने कहा कि लेकिन उन लोगों के लिए निगरानी तंत्र और प्रोटोकॉल को बढ़ा दिया गया है जो ‘जोखिम वाले देशों' से आ रहे हैं। भारत की 'जोखिम वाले देशों' की सूची और ओमीक्रोन खतरे के बारे में पूछे जाने पर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह एक उभरती स्थिति है। उन्होंने कहा कि ‘जोखिम वाली देशों' सूची में 11 प्रविष्टियां थीं और पहली ब्रिटेन सहित यूरोपीय देशों की थीं और इसलिए, सूची में देशों की कुल संख्या बहुत अधिक थी। बागची ने कहा कि सूची भारत के स्वास्थ्य नियामक अधिकारियों के साक्ष्य के आधार पर ‘‘तकनीकी निर्णय'' का नतीजा थी। ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजराइल 'जोखिम वाले देशों' की सूची में शामिल हैं। बागची ने कहा कि सूची ओमीक्रोन से पहले मौजूद थी इसलिए इसे ‘‘एक ओमीक्रोन सूची'' नहीं कहा जा सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी देश ने भारत के साथ उस सूची में होने का मामला उठाया था, तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि किसी देश ने इस तथ्य को उठाया है ।
- झांसी। सड़क हादसे में युवक व उसके मौसेरे भाई की मौत हो गई। दोनों अपने तीसरे साथी के साथ बाइक से तेरहवीं में शामिल होने के लिए जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा शुक्रवार रात मऊरानीपुर हाइवे पर बंगरा व घुपसी के बीच हुआ। शनिवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए।पुलिस ने बताया कि हीरापुर निवासी सचिन (21) दूधिया का काम करता था। कुछ समय पहले उसके फूफा की मौत हो गई थी। शुक्रवार को उनकी तेरहवीं थी। इसलिए सचिन, उसके चाचा का बेटा अशीष (20) और मौसा का बेटा अरुण (25) पुत्र मन्नू शुक्रवार रात को बाइक से तेरहवीं में शामिल होने के लिए मैलोनी गांव जा रहे थे। बंगरा व घुपसी के बीच सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में अरुण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल सचिन को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। परिजन देर रात करीब 12 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टर ने सचिन को मृत घोषित कर दिया।
- बीकानेर बीकानेर में सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। देर रात एक बाइक पर दंपती अपने दो बच्चों के साथ जा रहे थे। इसी दौरान पिकअप ने टक्कर मार दी। हादसे में पति-पत्नी और उनकी बेटी की माैत हो गई, सिर्फ चार साल का बेटा जिंदा बचा है।पुलिस ने बताया कि चूरू के पास परसनेऊ के एक ही परिवार के चार सदस्य रात 10 बजे बाइक पर राजलदेसर से वापस परसनेऊ लौट रहे थे। इसी दौरान पिकअप ने बाइक को टक्कर मारी। एक्सीडेंट में मंगलाराम नायक, उसकी पत्नी मंजू देवी, 2 वर्षीय पुत्री प्रियंका व 4 वर्षीय पुत्र अनिल घायल हो गए। जिस पिकअप ने बाइक सवारों को टक्कर मारी। वही उन्हें बीकानेर के पीबीएम अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां चिकित्सकों ने मंगलाराम व उसकी पुत्री प्रियंका को मृत घोषित कर दिया। इलाज के दौरान मंजू देवी की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में अनिल बचा है, जिसका इलाज पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
- नई दिल्ली। ओडिसा सरकार ने चक्रवात जवाद को देखते हुए राज्य के सभी तटीय जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव का केन्द्र ओडिसा में गोपालपुर के करीब 850 किलोमीटर दक्षिण -दक्षिण पूर्व में केन्द्रित है। इसके अगले 24 घंटे में उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने और चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। मौसम विभाग ने राज्य के तटीय जिलों में आज शाम से भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान व्यक्त किया है। तूफान को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, ओडिसा आपदा मोचन कार्यबल और अग्निशमन सेवा दल के 3 सौ कार्मिक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, सभी तटीय जिलों में तूफान से बचने के लिए आश्रय स्थलों को सभी आवश्यक वस्तुओं के साथ तैयार रहने के लिए कहा गया है।
- नयी दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि देश के हर नागरिक के लिए वित्तीय सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की खातिर वित्त प्रौद्योगिकी पहल को वित्त प्रौद्योगिकी क्रांति में बदलने की जरूरत है।प्रधानमंत्री ने 'इन्फिनिटी मंच' का उद्घाटन करते हुए कहा कि वित्त प्रौद्योगिकी (फिनटेक) उद्योग का स्तर व्यापक हो गया है और इसने जनता के बीच स्वीकार्यता पायी है।उन्होंने कहा, "अब, इन वित्त प्रौद्योगिकी (फिनटेक) पहल को वित्त प्रौद्योगिकी क्रांति में बदलने का समय आ गया है। वह क्रांति जो देश के हर एक नागरिक के वित्तीय सशक्तिकरण में मदद करेगी।"मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी वित्त में एक बड़ा बदलाव ला रही है, और पिछले साल मोबाइल से किया जाने वाला भुगतान, एटीएम कार्ड से की जाने वाली पैसों की निकासी से अधिक था।उन्होंने एक और उदाहरण देते हुए कहा कि प्रत्यक्ष शाखा कार्यालयों के बिना काम करने वाले डिजिटल बैंक पहले से ही एक वास्तविकता हैं तथा एक दशक से भी कम समय में ये आम हो सकते हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, “जैसे-जैसे इंसान ने प्रगति की, वैसे-वैसे हमारे लेनदेन का रूप भी बदला। वस्तु विनिमय प्रणाली से धातु तक, सिक्कों से नोटों तक, चेक से लेकर कार्ड तक, आज हम यहां पहुंच गए हैं।”यह देखते हुए कि भारत ने दुनिया के सामने यह साबित कर दिया है कि प्रौद्योगिकी अपनाने के मामले में वह किसी से पीछे नहीं है, उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत परिवर्तनकारी पहल ने शासन में लागू होने वाले नवोन्मेषी वित्त प्रौद्योगिकी समाधानों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं।प्रधानमंत्री ने प्रौद्योगिकी के नेतृत्व में भारत के वित्तीय समावेशन अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि 2014 में 50 प्रतिशत से कम भारतीयों के पास बैंक खाते थे, भारत ने पिछले सात वर्षों में 43 करोड़ जन धन खातों के साथ इसे लगभग सार्वभौमिक बना दिया है।उन्होंने 69 करोड़ रुपे कार्ड जैसी पहल का भी उल्लेख किया जिसमें पिछले साल 1.3 अरब लेनदेन हुए थे।प्रधानमंत्री ने इसके अलावा यूपीआई की भी बात की और कहा कि यूपीआई के जरिए पिछले महीने लगभग 4.2 अरब लेनदेन हुए। उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी (माल एवं सेवा कर) पोर्टल पर हर महीने 30 करोड़ बिल अपलोड किए जा रहे हैं।उन्होंने वित्तीय समावेशन को वित्तीय प्रौद्योगिकी क्रांति का चालक बताते हुए कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी चार स्तंभों - आय, निवेश, बीमा और संस्थागत ऋण पर टिकी हुई है।प्रधानमंत्री ने कहा, “जब आय बढ़ती है, तो निवेश संभव हो जाता है। बीमा कवरेज अधिक जोखिम लेने की क्षमता और निवेश को सक्षम बनाता है। संस्थागत ऋण विस्तार का मौका देता है। और हमने इनमें से हर स्तंभ पर काम किया है। जब ये सभी कारक एक साथ आते हैं, तो आप अचानक देखते हैं कि और भी लोग वित्तीय क्षेत्र से जुड़ चुके हैं।"उन्होंने जनता के बीच इन नवोन्मेषों की व्यापक स्वीकृति के आलोक में वित्त प्रौद्योगिकी में विश्वास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आम भारतीय ने डिजिटल भुगतान और ऐसी तकनीकों को अपनाकर पारिस्थितिकी तंत्र में काफी विश्वास दिखाया है।प्रधानमंत्री ने कहा, "यह विश्वास एक जिम्मेदारी है। विश्वास का मतलब है कि आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि लोगों के हित सुरक्षित हैं। वित्त प्रौद्योगिकी नवोन्मेष, वित्त प्रौद्योगिकी सुरक्षा संबंधी नवोन्मेष के बिना अधूरा होगा।"उन्होंने कहा कि भारत अपने अनुभवों और विशेषज्ञता को दुनिया के साथ साझा करने और उनसे सीखने में भी विश्वास रखता है।प्रधानमंत्री ने कहा, "सार्वजनिक बुनियादी ढांचे संबंधी हमारे डिजिटल समाधान दुनिया भर के लोगों के जीवन में सुधार कर सकते हैं। यूपीआई और रुपे जैसे साधन हर देश के लिए एक असाधारण अवसर प्रदान करते हैं। यह अवसर एक किफायती और विश्वसनीय 'रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली' के साथ-साथ घरेलू कार्ड योजना और धन प्रेषण प्रणाली प्रदान करने से जुड़ा है।"प्रधानमंत्री ने कहा कि वित्त एक अर्थव्यवस्था की जान है और प्रौद्योगिकी उसका वाहक है, मोदी ने कहा कि दोनों ही 'अंत्योदय और सर्वोदय' हासिल करने के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।उन्होंने कहा, "हमारा प्रमुख इन्फिनिटी मंच, उद्योग के असीम भविष्य का पता लगाने के लिए वैश्विक फिनटेक उद्योग के सभी प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाने के हमारे प्रयास का हिस्सा है।"
- नयी दिल्ली। आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक सर्बदीप सिंह विर्क सहित कई जानीमानी हस्तियों ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया।केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के पंजाब चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने यहां संवाददाता सम्मेलन कर पार्टी में शामिल हुए नेताओं का स्वागत किया और कहा कि इनके आने से पंजाब में भाजपा की स्थिति और मजबूत होगी। विर्क के अलावा उद्योगपति हरचरण सिंह रनौता, पंजाब सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अवतार सिंह जीरा, शिरोमणि अकाली दल के पूर्व नेता सरबजीत सिंह मक्कड़ और पंजाब की कुछ अन्य हस्तियां भाजपा में शामिल हुई हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा भाजपा में शामिल हुए थे। कांग्रेस शासित पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
- चंडीगढ़। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की उपस्थिति में शुक्रवार को यहां कांग्रेस में शामिल हो गए। सिद्धू ने मूसेवाला को युवा प्रतीक और एक “अंतरराष्ट्रीय हस्ती’’ बताया। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “सिद्धू मूसेवाला हमारे परिवार में शामिल हो रहे हैं। मैं कांग्रेस में उनका स्वागत करता हूं।” चन्नी ने पार्टी में गायक का स्वागत करते हुए कहा कि मूसेवाला "अपनी कड़ी मेहनत से एक बड़े कलाकार बने और अपने गीतों से लाखों लोगों का दिल जीता।” मूसेवाला का असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू है और वह मानसा जिले के मूसा गांव के रहने वाले हैं। उनकी मां एक गांव की मुखिया हैं। गायक को इससे पहले अपने गानों में हिंसा और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था।
- नयी दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर के बीच राष्ट्रीय राजधानी में अगले आदेश तक सभी स्कूलों को बंद करने की गुरुवार को घोषणा की। दिल्ली सरकार ने कहा कि हालांकि, बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित समय के अनुसार जारी रहेंगी और पठन-पाठन की गतिविधियां ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बीच स्कूलों में प्रत्यक्ष कक्षाएं शुरू करने को लेकर दिल्ली सरकार को गुरुवार को फटकार लगाई, जिसके बाद सरकार ने यह फैसला किया। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में आगामी आदेश आने तक स्कूल शुक्रवार से बंद रहेंगे। बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित समय के अनुसार जारी रहेंगी और पठन-पाठन की गतिविधियां ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। राय ने कहा कि दिल्ली में प्रत्यक्ष कक्षाएं अगले आदेश तक शुक्रवार से बंद रहेंगी। राय ने कहा, ‘‘हमने वायु गुणवत्ता में सुधार का पूर्वानुमान जताए जाने के कारण स्कूल फिर से खोल दिए थे, लेकिन वायु प्रदूषण फिर से बढ़ गया है और हमने आगामी आदेश आने तक शुक्रवार से स्कूल बंद करने का फैसला किया है।'' दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘‘सभी बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित समय पर जारी रहेंगी।'' दिल्ली में स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान 13 नवंबर से बंद थे, लेकिन उन्हें सोमवार से खोल दिया गया था। कोविड-19 के नए स्वरूप से उत्पन्न चुनौतियों का हवाला देते हुए राय ने कहा कि बैठने की पूरी क्षमता के साथ मेट्रो ट्रेनों और बसों को चलाने के लिए स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘सम-विषम (सड़कों पर कार की संख्या सीमित करने की योजना) पर कोई चर्चा नहीं हुई है। दिल्ली सरकार ने पूर्व में आवश्यक सेवाओं में लगे ट्रकों को छोड़कर बाकी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध सात दिसंबर तक बढ़ा दिया था। सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति है। उच्च वायु प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली में निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर भी अगले आदेश तक प्रतिबंध जारी रहेगा। राय ने कहा कि सेंट्रल विस्टा के बारे में केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि यह काम राष्ट्रीय महत्व का है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उन रिपोर्टों की प्रतीक्षा है जिनके आधार पर दिल्ली सरकार आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार निर्माण स्थलों पर भी धूल-रोधी मानदंडों के उल्लंघन के संबंध में रिपोर्ट को लेकर जांच करेगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार पिछले सात साल में नवंबर के दौरान इस बार दिल्ली की वायु गुणवत्ता सबसे खराब रही। राष्ट्रीय राजधानी में 11 दिन ‘गंभीर' प्रदूषण रहा और एक भी दिन हवा की गुणवत्ता ‘‘अच्छी'' नहीं रही। विशेषज्ञों ने इसके लिए लंबे समय तक मॉनसून के मौसम के कारण पराली जलाने की सबसे ज्यादा घटनाओं वाली अवधि करीब एक सप्ताह आगे बढ़ने को जिम्मेदार ठहराया है।
- भोपाल। दुनिया की भीषण औद्योगिक आपदा, भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल गुजर जाने के बाद पीड़ितों के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन ने कहा है कि पीड़ित और उनके परिजन अभी भी उचित मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संगठन ने दावा किया कि प्रत्येक पीड़ित को अब तक जो सहायता (निपटान) राशि दी गई वह आवंटित राशि के पांचवें हिस्से से भी कम है और यह एक दिखावा है। भोपाल में दो और तीन दिसंबर 1984 की दरम्यानी रात को यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक संयंत्र से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट के रिसाव से तीन हजार से अधिक लोग मारे गए थे और 1.02 लाख लोग अन्य प्रभावित हुए थे। हालांकि बाद में प्रभावितों की संख्या बढ़कर 5.70 लाख से अधिक हो गई। मध्य प्रदेश के भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, ‘‘ 1984 में मध्य प्रदेश और केंद्र में कांग्रेस सत्ता में थी। दोनों सरकारों ने पीड़ितों के मामले को सही तरीके से नहीं रखा ताकि उन्हें अधिक मुआवजा मिल सके।'' भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति (बीजीपीएसएसएस) के सह-संयोजक एनडी जयप्रकाश ने कहा, ‘‘ उच्चतम न्यायालय ने 14-15 फरवरी, 1989 को 705 करोड़ रुपऐ की राशि के निपटान इस आधार पर किया कि केवल लगभग 3000 पीड़ितों की मृत्यु हुई थी और अन्य 102,000 लोगो को अलग-अलग तरह के अस्वस्थता के परिणाम भुगतने पड़े। उन प्रत्येक गैस पीड़ित को जो सहायता (निपटान) राशि दी गई वह आवंटित राशि के पांचवें हिस्से से भी कम है जो एक दिखावा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन पीड़ितों की संख्या बढ़कर 5.73 लाख हो गई और यह राशि उनके बीच बांट दी गई। इसलिए, प्रत्येक पीड़ित को मुआवजे का पांचवां हिस्सा मिला।'' उन्होंने कहा कि 14 -15 फरवरी, 1989 के अन्यायपूर्ण निपटारे के खिलाफ लंबे समय से लंबित पुनरीक्षा याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की विफलता का गैस पीड़ितों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। जयप्रकाश ने कहा कि पुनरीक्षा याचिका भारत सरकार द्वारा तीन दिसंबर 2010 को मुआवजे के रुप में कम से कम 7,724 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की मांग करने के लिए दायर किया गया था और 29 जनवरी, 2020 को अदालत की संविधान पीठ के समक्ष अंतिम बार मुआवजे के रूप में 7,724 करोड़ रुपये सूचीबद्ध किए गए थे। हालांकि, सुनवाई 11 फरवरी, 2020 तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। अफसोस की बात है कि इस मामले को उस तारीख पर या उसके बाद से कभी सूचीबद्ध नहीं किया गया था। एक स्थानीय अदालत ने सात जून 2010 को यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के सात अधिकारियों को घटना के सिलसिले में दो साल की कारावास की सजा सुनाई थी। तत्कालीन यूसीसी अध्यक्ष वारेन एंडरसन मामले में मुख्य आरोपी था, लेकिन मुकदमे के लिए उपस्थित नहीं हुआ और एक फरवरी 1992 को भोपाल सीजेएम कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। वर्ष 2014 में अमेरिका में उसका निधन हो गया।
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नयी दिल्ली। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की परीक्षा में गुजरात दंगों पर सवाल के संबंध में विशेषज्ञों ने मिलीजुली राय व्यक्त की है। बोर्ड ने इस सवाल को एक त्रुटि करार दिया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान किया है। पूर्व में प्रश्नपत्र बनाने में शामिल रहे एक स्कूल शिक्षक ने कहा, ‘‘यदि एक ही विषय को पाठ्यक्रम में पढ़ाया जा सकता है, तो उससे एक प्रश्न क्यों नहीं पूछा जा सकता है। प्रश्न पाठ्यक्रम से था।'' रामजस कॉलेज में राजनीति विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर तनवीर एजाज ने कहा, ‘‘यदि पाठ्यपुस्तक में स्पष्ट रूप से कहा गया है, तो कोलाहल किस बारे में है? यदि छात्रों को इसके बारे में पढ़ाया जा रहा है, तो प्रश्नपत्र बनाने वाले को प्रश्न पूछने का अधिकार है। शिक्षा तथ्यों पर आधारित है।'' बुधवार को आयोजित सीबीएसई कक्षा 12वीं के समाजशास्त्र के पेपर में छात्रों से उस पार्टी का नाम बताने के लिए कहा गया जिसके कार्यकाल में ‘‘2002 में गुजरात में मुस्लिम विरोधी हिंसा'' हुई थी। इस सवाल को बोर्ड ने बाद में ‘‘अनुचित'' और उसके दिशानिर्देशों के खिलाफ बताया था। सीबीएसई ने भी कहा कि ‘‘जिम्मेदार व्यक्तियों'' के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 2002 में गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बे जलाने के बाद राज्य में दंगे भड़क उठे थे, जिसमें 59 हिंदू ‘कारसेवक' मारे गए थे। दंगों में एक हजार से अधिक लोग मारे गए थे। ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र, जेएनयू के प्रोफेसर उमेश अशोक कदम ने कहा, ‘‘एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करने की आवश्यकता है। यह सही समय है कि इस काम को किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों के लिए जो विचाराधीन हैं, सीबीएसई और एनसीईआरटी को संवेदनशील होने की जरूरत है।'' कदम इतिहास की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा के लिए एनसीईआरटी की समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।जामिया मिलिया इस्लामिया में राजनीति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर नावेद जमाल ने कहा, ‘‘इस तरह का सवाल अच्छा नहीं है। आप दंगों पर अलग-अलग विचार रख सकते हैं। आपको वास्तव में समग्र रूप से समझना होगा। दंगों पर सवाल पूछने से राजनीति होगी। जब हम दंगों की ऐतिहासिकता के बारे में बात करते हैं, तो हमें यह समझना होगा कि वे अच्छे ढंग में नहीं हैं और राष्ट्रीय एकता तथा राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के खिलाफ हैं।' - नयी दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देहरादून और टिहरी के बीच 30 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने को लेकर परियोजना की व्यवहार्यता का पता लगाने के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए बोलियां आमंत्रित की है। एनएचएआई ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘‘एनएचएआई ने देहरादून और टिहरी के बीच सुरंग बनाने को लेकर परियोजना के व्यावहारिक होने का पता लगाने के साथ ही इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं।'' प्राधिकरण के मुताबिक, इस परियोजना में करीब 30 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण शामिल है। यह सुरंग दुनिया की लंबी सुरंगों में से एक होगी।
- नयी दिल्ली। इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) ने गुरुवार को कहा कि कचरा जमा होने वाली जगहों पर आने वाले कचरे को अगले तीन वर्षों में करीब 50 प्रतिशत करने में बायोगैस उद्योग मदद कर सकता है। बायोगैस परिचालकों, विनिर्माताओं एवं योजनाकारों के राष्ट्रीय संगठन आईबीए ने अपने एक बयान में कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति कचरा उत्पादन 0.4 किलोग्राम है। इस कचरे का करीब आधा हिस्सा ऑर्गेनिक होता है जिसे बायोगैस संयंत्रों में भेजा जा सकता है। आईबीए के मुताबिक भारत में प्रति दिन करीब 2.5 लख टन कचरा पैदा होता है और कुल ऑर्गेनिक कचरे का 85 फीसदी हिस्सा कचरे के ढेर तक पहुंचता है। ऑर्गेनिक कचरा अधिक होने से मीथेन, कार्बन डाई ऑक्साइड और अमोनिया जैसी खतरनाक गैसें पैदा होती हैं जो मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए बड़ी चिंता का विषय है। आईबीए के मुताबिक, कई शोधों से पता चलता है कि कचरे के इन ठिकानों के आसपास रहने वाले लोगों को अस्थमा, डायरिया, पेट-दर्द, फ्लू, हैजा, मलेरिया, कफ और त्वचा संबंधी समस्याएं अधिक होती हैं। आईबीए ने कहा कि विभिन्न राज्यों में कंपोस्ट लायक कचरे को कम करने में बायोगैस उद्योग मददगार हो सकता है। उसने कहा कि अभी बायोगैस संयंत्रों में ऑर्गेनिक कचरे की कम मात्रा का ही इस्तेमाल हो रहा है। अगर देश भर में बायोगैस संयंत्रों की मंजूरी समय पर दी जाती है तो बायोगैस उद्योग इस कचरे को कम करने में अहम योगदान दे सकता है। फिलहाल देश भर में करीब 200 बायोगैस संयंत्रों की ऑर्गेनिक कचरे की कुल निपटान क्षमता 20,000 टन प्रतिदिन है। आईबीए के अध्यक्ष ए आर शुक्ला ने कहा, "अगर कचरे के ढेर तक पहुंचने वाले इस कचरे का सही ढंग से इस्तेमाल हो तो यह भारत को ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी की प्रतिबद्धताएं पूरी करने में मदद कर सकता है।" डॉ शुक्ला ने कहा कि महानगरों में कचरे के निपटान में बायोगैस उद्योग बहुत मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा, "महानगरों का करीब आधा कचरा कंपोस्ट हो सकता है और इसका इस्तेमाल बायोगैस उद्योग में किया जा सकता है। सरकार भी उद्योग को सब्सिडी देकर जरूरी समर्थन दे सकती है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को कहा कि केंद्र के घर-घर कोविड टीकाकरण अभियान 'हर घर दस्तक' के चलते 30 नवंबर तक पहली खुराक लेने के मामले में 5.9 प्रतिशत जबकि दूसरी खुराक लेने के मामले में 11.7 प्रतिशत वृद्धि हुई। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और एनएचएम मिशन निदेशकों के साथ अभियान के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की। तीन नवंबर को शुरू किए गए 'हर घर दस्तक' अभियान का उद्देश्य सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में घर-घर जाकर सभी पात्र लाभार्थियों को जागरुक करना, एकत्रित करना तथा टीका लगाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार इस बात पर प्रकाश डाला गया कि अभियान ने टीकाकरण की गति को बढ़ा दिया है, लेकिन लगभग 12 करोड़ लाभार्थियों ने अब भी दूसरी खुराक नहीं ली है। एक अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार देश में अब तक कोविड-19 की 125 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। इसमें से 79.13 करोड़ (84.3 प्रतिशत) लाभार्थियों को पहली खुराक और 45.82 करोड़ (49 प्रतिशत) को दूसरी खुराक दी गई है। बयान में कहा गया है, ''राज्यों को सभी पात्र लाभार्थियों को पहली खुराक देने, अगस्त और सितंबर में दी गई खुराक के संदर्भ में लक्षित योजना तैयार करने की सलाह दी गई ताकि टीकाकरण की गति में तेजी से वृद्धि करके सभी लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी जा सके।'' उन्हें यह सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई कि राज्यों के पास उपलब्ध टीके की खुराक का समय पर इस्तेमाल किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि शुरू में जायकोव-डी टीके का इस्तेमाल करने वाले बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ऐसे जिलों की पहचान कर सकते हैं, जहां अभी तक बड़ी संख्या में लोगों ने टीके की पहली खुराक नहीं ली है।-
- कोटा। राजस्थान के डिगोड थाने में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल की मोटरससाइकिल ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को यहां यह जानकारी दी। घटना बुधवार देर रात एनएच-52 पर इटावा-खतोली मार्ग पर हुई। मृतक की पहचान कोटा के सकतपुरा निवासी भरत सिंह (28) के रूप में हुई है। वह जिले के डिगोड थाने में तैनात था। पुलिस ने कहा कि गुरुवार की सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। वह अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसे बाद में जब्त कर लिया गया। डिगोड थाने के एसएचओ रमेश सिंह ने बताया कि भरत सिंह बुधवार की रात सुल्तानपुर थाने से कुछ रिकॉर्ड लेने सुल्तानपुर जा रहे थे, तभी रात करीब नौ बजे उनकी बाइक एक ट्रक से जा टकराई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आगे जा रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके चलते मोटरबाइक उससे टकरा गई। उन्होंने कहा कि भरत सिंह लगभग पांच साल पहले राजस्थान पुलिस में शामिल हुए थे और करीब एक साल से दिगोड पुलिस थाने में अपनी सेवाएं दे रहे थे।-
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की खाड़ी में आसन्न चक्रवात ‘जवाद' से निपटने की राज्यों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की और अधिकारियों को जान व माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के लिए हरसंभव कदम उठाने, बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य और पेय जल जैसी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करने व इनमें किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होने पर उन्हें तत्काल बहाल करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के साथ ही चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रमुख सलाहकार पी के मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक और भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक सहित कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में प्रधानमंत्री के समक्ष चक्रवात की वर्तमान स्थिति और इसके संभावित असर के बारे में एक प्रस्तुति के जरिए जानकारी दी गई। ऐसी आशंका जताई गई है कि चक्रवात आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि एक चक्रवाती तूफान शनिवार की सुबह आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंच सकता है। ओड़िशा सरकार ने राज्य के 13 जिलों के जिलाधिकारियों को लोगों को तटीय इलाकों से बाहर निकालने और राहत व बचाव कार्य के लिए तैयार रहने को कहा है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के लागू होने के बाद 23 महीनों में पूरे देश में यातायात उल्लंघन के लिए 7.67 करोड़ से अधिक चालान जारी किये गये हैं। गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के लागू होने से पहले 23 महीने की अवधि में जारी यातायात चालान की संख्या 1,96,58,897 थी और कानून लागू होने के बाद 23 महीने की अवधि में यातायात चालान की संख्या 7,67,81,726 रही।'' उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह यातायात चालान की संख्या 291 प्रतिशत बढ़ गयी है।''सड़क सुरक्षा में सुधार और यातायात नियमों को सख्त करने के लिहाज से संसद ने पांच अगस्त, 2019 को मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया था जिसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नौ अगस्त, 2019 को स्वीकृति दे दी थी।
- नयी दिल्ली। आयकर विभाग ने डेयरी फार्मिंग एवं दुग्ध उत्पाद बनाने में लगी पुणे की एक कंपनी पर छापा मारने के बाद 400 करोड़ रूपये की बिना लेखा-जोखा वाली आय का पता लगाया है। सीबीडीटी ने गुरुवार को यह जानकारी । विभाग ने 24 नवंबर को छह शहरों में 30 परिसरों की तलाशी ली थी।केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा, ‘‘ तलाशी अभियान से बिना लेखा-जोखा वाले नकद की जब्ती हुई तथा ढाई करोड़ रूपये के गहने भी मिले जिनके बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला। कुछ बैंक लॉकर भी हैं जो अबतक क्रियाशील नहीं किये गये हैं। '' उसने कहा, ‘‘ अबतक 400 करोड़ रूपये से अधिक की बिना लेखा जोखा वाली आय का पता चला है।''विभाग की नीतियां तय करने वाले सीबीडीटी ने कहा, ‘‘कर चोरी से जुड़े कई अभियोजनकारी दस्तावेज एवं सबूत मिले हैं एवं जब्त किये गये हैं। इन सबूतों के प्राथमिक विश्लेषण से फर्जी खरीददारी के दावे, बिना लेखा-जोखा वाली बिक्री, नकद ऋण विनियम तथा उनके भुगतान, बिना स्पष्टीकरण वाले नकद साख जैसे गलत तरीकों से कर योग्य आय पर कर चोरी का पता चलता है।
- नयी दिल्ली। जायडस कैडिला का कोविड-19 रोधी टीके ‘जायकोव-डी' का इस्तेमाल प्रारंभ में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत सात राज्यों में किया जाएगा। राज्यों को उन जिलों की पहचान करने की सिफारिश की गई है, जहां वैसे पात्र लोगों की संख्या ज्यादा है, जिन्हें टीके की अब तक एक भी खुराक नहीं मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशकों के साथ ‘हर घर दस्तक'अभियान की समीक्षा की। उन्होंने सात राज्यों को उन जिलों की पहचान करने को कहा है, जहां पहली खुराक भी नहीं लेने वाले पात्र लोगों की संख्या ज्यादा है ताकि उन्हें जायकोव-डी की खुराक दी जा सके। ये सात राज्य बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल हैं।सूत्रों ने बताया कि जायकोव-डी को फिलहाल सात राज्यों के वयस्कों को लगाया जाएगा। यह पहला ऐसा टीका है, जिसे भारत के औषधि नियामक ने 12 वर्ष और इससे अधिक आयु के लोगों को लगाने की मंजूरी दी है। बयान में बताया गया कि जायकोव-डी लगाने के लिए प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। देश में अब तक टीके की 125 करोड़ से ज्यादा खुराक दी गई है। कुल 79.13 करोड़ (84.3 फीसदी) को टीके की पहली खुराक और 45.82 करोड़ (49 फीसदी) लाभार्थियों को टीके की दूसरी खुराक दी गई है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक निजामुद्दीन बस्ती समुदाय के समग्र शहरी पुनरुद्धार की एक परियोजना को इस साल यूनेस्को द्वारा ‘धरोहर संरक्षण के लिए एशिया-प्रशांत पुरस्कार' की दो श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की ओर से कहा गया कि इस परियोजना को प्रतिष्ठित ‘एवार्ड ऑफ एक्सीलेंस' और ‘स्पेशल रिकग्निशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' श्रेणी में एक अन्य पुरस्कार दिया गया है। छह देशों- बांग्लादेश, चीन, भारत, जापान, मलेशिया और थाईलैंड की नौ परियोजनाओं को धरोहर विशेषज्ञों की एक समिति ने सम्मानित किया। यूनेस्को बैंकाक की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया कि एशिया प्रशांत के 12 देशों से प्राप्त कुल 39 आवेदनों की समीक्षा के लिए विशेषज्ञों ने नवंबर में ऑनलाइन माध्यम से बैठक की। चीन के जियांग शी में स्थित ‘जिंगडेझेन पेंगजिया ऐली कम्पाउंड' और जापान के मियागी में केसेनुमा ऐतिहासिक सिटीस्केप को ‘एवार्ड ऑफ डिस्टिंक्शन' दिया गया है। इसके अलावा बांग्लादेश के ढाका में स्थित डोलेश्वर हनफिया जामे मस्जिद, मलेशिया के पेनांग में स्थित थाई पाक कूंग मंदिर और थाईलैंड के पत्तनी में बान खुन फिथक राया को ‘एवार्ड ऑफ मेरिट' प्रदान किया गया। बयान में कहा गया, “निर्णायक मंडल ने सतत विकास के एजेंडे में धरोहर को उल्लेखनीय स्थान देने के लिए निजामुद्दीन बस्ती की सराहना की और कहा कि नवाचार युक्त लोक-जन-निजी भागीदारी वाले मॉडल के जरिये परियोजना ने सामाजिक आर्थिक चुनौतियों से मुकाबला किया और विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा देखभाल में सुधार किया।” इस परियोजना की शुरआत दिल्ली में 2007 में की गई थी।
- भिवानी। हरियाणा में चरखी दादरी स्थित बौंदकलां गांव के पास गुरुवार को एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सडक किनारे पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने बताया कि तीन दोस्त गुरुवार की सुबह कार से रोहतक जा रहे थे। वे जैसे ही दादरी-रोहतक रोड पर बौंद कलां गांव के पास पहुंचे चालक ने कार पर से नियंत्रण खो दिया। उन्होंने बताया कि कार सड़क किनारे सफेदे के पेड़ से टकरा गई। हादसे में रोहतक के गांव बोहर खेड़ी निवासी राहुल (24), रोहतक शहर के सेक्टर दो निवासी अतुल (25) और सोनीपत के कथुरा निवासी विकास (26) घायल हो गए जिन्हें राहगीरों ने पुलिस की मदद से पीजीआई रोहतक पहुंचाया। लेकिन इलाज के दौरान राहुल और विकास की मौत हो गई जबकि अतुल का इलाज चल रहा है।==
- नयी दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ ने अपतटीय पवन, हरित हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा पर जोर देते हुए स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके अलावा, ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया। बुधवार को भारत-यूरोपीय संघ ऊर्जा पैनल की बैठक में स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को प्रगाढ़ करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि पैनल ने 2023 तक स्वच्छ ऊर्जा व जलवायु साझेदारी को लागू करने के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम पर सहमति व्यक्त की, जिस पर 2016 में सहमति बनी थी। मंत्रालय के अनुसार बैठक में दोनों पक्षों ने हरित हाइड्रोजन, ग्रिड एकीकरण के क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने पर भी सहमति व्यक्त की, जिसमें स्मार्ट ग्रिड, भंडारण, बिजली बाजार डिजाइन और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए स्थायी वित्तपोषण शामिल है। मंत्रालय ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ ने अपतटीय पवन, हरित हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा पर बल देते हुए स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लेने के अलावा ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया।
- नोएडा (उत्तर प्रदेश। गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर थाना क्षेत्र के रामनेर गांव में रहने वाली एक विवाहिता ने परिवारिक विवाद के चलते पंखे से फंदा लगाकर कथित आत्महत्या कर ली। जेवर थाना के प्रभारी निरीक्षक उमेश बहादुर सिंह ने बताया कि गांव रामनेर में रहने वाले जय चौहान की शादी प्रिया से कुछ वर्ष पूर्व हुई थी। उन्होंने बताया कि प्रिया ने बीती रात को अपने घर पर पंखे से फंदा लगाकर कथित आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस मृतका के ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। अगर वे इस मामले में कुछ शिकायत करते हैं, तो घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच करेगी।












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