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- मुजफ्फरनगर। दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर एक ट्रक और ट्रैक्टर की टक्कर होने से एक किसान की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि मृतक की पहचान सुमित के तौर पर हुई है और घटना में घायल नरेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि वे लोग ट्रैक्टर पर गन्ने लादकर उन्हें टिकोला में एक मिल में पहुंचाने जा रहे थे, तभी एक ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी। इससे गन्नों से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली उन पर गिर गई। हादसा, बृहस्पतिवार शाम को रामराज थाना क्षेत्र में हुआ। पुलिस ने बताया कि सुमित का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की वजह से कुछ देर के लिए राजमार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
- मुंबई। प्रवासी भारतीयों में से ज्यादातर भारत में निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, इसके साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद वे जीवन की बेहतर गुणवत्ता के लिए अपने मौजूदा निवास वाले देश में ही बसना चाहते हैं। एक सर्वेक्षण में बृहस्पतिवार को यह निष्कर्ष निकाला गया है। विदेशी बैंक एचएसबीसी द्वारा यह सर्वे किया गया है। इसमें दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय मूल के 4,152 लोगों के विचार लिए गए हैं। सर्वे में शामिल 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे भारत में निवेश कर रहे हैं, जबकि 59 प्रतिशत अगले तीन साल में भारत में अपना निवेश बढ़ा सकते हैं। सर्वे में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की वजह से पिछले तीन साल के दौरान अल्पांश प्रवासी भारतीयों ने देश में अपना निवेश कम किया है। सर्वे में शामिल लोगों ने कहा कि उनके मित्र और परिवार भारत में रहते हैं, जो उनके लिए यहां निवेश करने की सबसे बड़ी प्रेरणा है। हालांकि, जब सेवानिवृत्ति के बाद बसने की बात आती है, तो सर्वेक्षण में शामिल 71 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अपने निवास के देश में रहना पसंद करेंगे और भारत नहीं आना चाहेंगे। सर्वे में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया और अमेरिका के प्रवासी भारतीयों के सेवानिवृत्ति के बाद अपने निवास वाले देश में बसने की अधिक संभावना है। वहीं हांगकांग, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रवासियों के लिए यह संभावना कम है।-
- जींद । हरियाणा के जींद में शाहपुर गांव के निकट तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी जिससे उसपर सवार युवक की मौत हो गई जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस के अनुसार कैथल के राम नगर निवासी विजय (25) अपनी मां बिंदर देवी (54) को बाइक से रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने के लिए खोखरी गांव ले जा रहा था, उसी बीच गांव शाहपुर के निकट तेज रफ्तार कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार इस हादसे में विजय तथा उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना को अंजाम देकर कार चालक फरार हो गया। राहगीरों ने दोनों को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने विजय को मृत घोषित कर दिया। सदर थाना पुलिस ने मृतक विजय के भाई सन्नी की शिकायत पर फरार कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।-
- नयी दिल्ली। नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सामान्य तरीके से परिचालन के लिए अभी प्रक्रिया का आकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के अन्य हिस्सों में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को ध्यान में रखकर ही उड़ानों को सामान्य करने के पक्ष में है। सिंधिया ने निकट भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का पूरी तरह सामान्य परिचालन संभव नहीं होने का संकेत देते हुए कहा कि लोगों को अपनी सुरक्षा नहीं छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम दुनिया में नागर विमानन क्षेत्र का अपना मुकाम फिर हासिल करने और भारत में हब बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आप भरोसा रखें, मैं आपके साथ हूं। हम मिलकर काम करेंगे, लेकिन सुरक्षित वातावरण में।'' पिछले साल मार्च से ही कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से भारत से और भारत के लिए अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन बंद है। हालांकि भारत 25 देशों के साथ एयर बबल व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन कर रहा है। यह पूछे जाने पर कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन कब तक सामान्य हो पाएगा, सिंधिया ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘अभी हम प्रक्रिया का आकलन कर रहे हैं।'' सिंधिया ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘वैश्विक आर्थिक नीति शिखर बैठक 2021-अर्थव्यवस्थाओं का पुनर्निर्माण' सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को महामारी को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। एयर बबल व्यवस्था के तहत दो देशों की एयरलाइंस एक दूसरे के क्षेत्र में कुछ शर्तों के साथ अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों का परिचालन कर सकती हैं। सिंधिया ने कहा कि इसके लिए एक प्रक्रिया होती है और अन्य मंत्रालयों से बातचीत करनी पड़ती है। इसके बाद ही हम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन पर फैसला करेंगे। घरेलू उड़ानों को इस साल अक्टूबर से पूर्ण क्षमता से परिचालन की अनुमति मिल गई है।
- इरोड । तमिलनाडु के इरोड जिले में बृहस्पतिवार को एक सड़क दुर्घटना में चार महिलाओं सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाओं सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, डिंडिगुल जिले के पलानी से आ रहे एक वैन की लॉरी से आमने-सामने की टक्कर हो गई। दुर्घटना में वैन में सवार चार महिलाओं और चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शवों को क्षतिग्रस्त वैन से बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
- नोएडा। ग्रेटर नोएडा में गुरुवार को प्रदूषण फैलाने के आरोप में ठेकेदारों और बिल्डरों पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि नोएडा में निर्माण मानदंडों के उल्लंघन पर 2.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) ने कुल 13 ठेकेदारों और बिल्डरों पर जुर्माना लगाया। जीएनआईडीए ने बताया, ‘‘ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण चार दिनों तक सभी प्रकार के निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगा है, जिसका उल्लंघन करने के कारण यह जुर्माना लगाया गया है। ऐसे कुल 13 दोषियों पर बुधवार और गुरुवार को कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।'' जीएनआईडीए के सीईओ नरेंद्र भूषण ने लोगों से अपील की है कि वे कचरा नहीं जलाकर, वृक्षारोपण कर और उचित अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित कर प्रदूषण से निपटने में सहयोग करें। नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि उसने शहर में इसी तरह के 22 मामलों में 2.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण संबंधी दिशानिर्देशों के उल्लंघन के आरोप में यह जुर्माना लगाया गया है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से दिल्ली में भारी वाहनों की गैर जरूरी आवाजाही पर रोक लगाई है। पुलिस उपायुक्त, यातायात गणेश पी शाह ने बताया कि दिल्ली-नोएडा सीमा पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। वाहनों की आवाजाही पर रोक के कारण दिल्ली-नोएडा सीमा पर जाम की स्थिति बनी हुई है। नोएडा यातायात पुलिस यातायात को सामान्य करवाने में लगी हुई है। यातायात पुलिस ने दिल्ली होकर जाने वाले भारी वाहनों के मार्ग में परिवर्तन कर उन्हें विभिन्न एक्सप्रेस वे के माध्यम से अन्य जगहों के लिए भेजा है।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 महामारी ने दिखाया है कि भारत सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रालयों को अपने क्षेत्रवादी रूख को छोड़ देना चाहिए और सिंगल विंडो प्रणाली की तरफ बढ़ना चाहिए जो विभिन्न समितियों की अनुशंसाओं का हिस्सा है। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कही। उन्होंने गुरुवार को ‘ग्लोबल इनोवेशन समिट 2021' को संबोधित करते हुए कहा कि नियामक, स्थानीय मंत्रालयों, विभागों और उस क्षेत्र के बीच नियमित बातचीत होनी चाहिए जो अन्वेषण एवं उत्पादन करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले डेढ़ वर्षों में हमने सीखा है कि विभिन्न विभागों और मंत्रालयों को अपने क्षेत्रवादी रुख को छोड़ देना चाहिए और सिंगल विंडो प्रणाली की तरफ बढ़ना चाहिए जो विभिन्न समितियों की अनुशसांओं का हिस्सा है।'' बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सचिव राजेश गोखले ने कहा कि जब तक नियामक प्रक्रिया को नहीं खोला जाता है, ‘‘हम काफी पिछड़ जाएंगे...इसलिए मेरा मानना है कि हमें कुशलता बढ़ाने पर ध्यान देने की जरूरत है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस के चार आईपीएस और दो दानिक्स अधिकारियों का गुरुवार को तबादला किया गया। एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गई है। आदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1996 बैच के अधिकारी जसपाल सिंह का स्थानांतरण नई दिल्ली रेंज के विशेष पुलिस आयुक्त के पद से दिल्ली पुलिस भवन निगम के प्रबंधक निदेशक पद किया गया है। उसमें कहा गया है कि अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त आलोक कुमार का तबादला विशेष पुलिस आयुक्त (रसद और साजोसमान) पद पर किया गया है। आदेश में कहा गया है कि विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात मुख्यालय) मनीष कुमार अग्रवाल का स्थानांतरण विशेष आयुक्त (रक्षात्मक सुरक्षा प्रभाग के) पद पर और विशेष आयुक्त (मुख्यालय) शालिनी सिंह का तबादला विशेष आयुक्त (मानव संसाधन प्रभाग के तहत कल्याण के) पद पर किया गया है। उसमें कहा गया है कि दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप पुलिस सेवा (दानिक्स) के 2008 बैच के अधिकारी शुखराज कटेवा का तबादला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सुरक्षा) से द्वारका जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) द्वितीय के पद पर किया गया है। वहीं दानिक्स के 2010 बैच के अधिकारी सतीश कुमार का स्थानांतरण द्वारका के अतिरिक्त डीसीपी द्वितीय के पद से अतिरिक्त डीसीपी (मुख्यालय-1) पद पर किया गया है।
- राष्ट्र के नाम सम्बोधन में श्री मोदी ने घोषणा कीनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया है। आज सवेरे राष्ट्र के नाम सम्बोधन में श्री मोदी ने घोषणा की कि संसद के आगामी सत्र में ये कृषि कानून निरस्त कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में थे लेकिन सरकार अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद किसानों के एक वर्ग को समझा नहीं पायी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा तीनों कृषि कानूनों का उद्देश्य किसानों और विशेषकर छोटे किसानों को अधिकार सम्पन्न बनाना था। उन्होंने किसानों से आंदोलन समाप्त कर घर लौट जाने की अपील की।श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने जो भी किया किसानों के लिए किया और जो भी कर रहे हैं देश के लिए कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों के आशीर्वाद से उन्होंने कड़ी मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्री मोदी ने हर एक को भरोसा दिलाया कि वे अब और कड़ी मेहनत करेंगे ताकि देशवासियों और देश के सपनों को साकार किया जा सके।प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की भी घोषणा की। उन्होंने शून्य बजट आधारित कृषि को बढावा देने, देश की बदलती जरूरतों के अनुसार फसल पद्धति बदलने और न्यूनतम समर्थन मूल्य-एमएसपी को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति बनाये जाने की भी घोषणा की। इस समिति में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि अर्थशास्त्री शामिल होंगे।राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन में श्री मोदी ने छोटे किसानों के फायदे के लिए अपनी सरकार के उपायों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृषि बजट में पांच गुना की बढोतरी की गई है और हर वर्ष सवा लाख करोड़ से अधिक खर्च किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने पांच दशक के सार्वजनिक जीवन में किसानों कि कठिनाइयों और चुनौतियों का नजदीकी से अनुभव किया है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ग्रामीण बाज़ार की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि न केवल सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की बल्कि खरीद केन्द्रों में भी रिकॉर्ड बढोतरी की है।प्रधानमंत्री ने कहा सरकार ने किसानों को उचित दर पर बीज उपलब्ध कराए, सूक्ष्म सिंचाई की सुविधाएं दी तथा 22 करोड़ मृदा स्वास्थ कार्ड प्रदान किए।श्री मोदी ने कहा कि इन सभी उपायों से कृषि उत्पादन बढा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फसल बीमा योजना को मजबूत कर अधिक से अधिक किसानों को इसके दायरे में लाया गया है। श्री मोदी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने पर उनकी सरकार ने किसानों के कल्याण और विकास को प्राथमिकता पर रखा था।प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की दशा सुधारने के लिए बीज, बीमा, बाजार और बचत के चार आयामी उपाय किए हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों के साथ-साथ सरकार ने किसानों को नीम लेपित यूरिया, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और सूक्ष्म सिंचाई जैसी सुविधाओं से भी जोडा है।श्री मोदी ने देव- दीपावली और प्रकाश परब के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि डेढ साल बाद करतारपुर गलियारा फिर से खोला जा रहा है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र के नाम अपना संदेश दिया । कोरोना काल के 20 महीने में प्रधानमंत्री श्री मोदी 10 बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं। यह इस साल का उनका चौथा संबोधन है।अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों आज देव दीपावली का पावन पर्व है। आज गुरुनानक देव जी का भी पावन प्रकाश पर्व है। मैं विश्व में सभी लोगों और सभी देशवासियों को बधाई देता हूं। यह भी बेहद सुखद है कि डेढ़ साल बात करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिर से खुल गया है। गुरुनानक देव जी ने कहा है कि संसार में सेवा का मार्ग अपनाने से ही जीवन सफल होता है। हमारी सरकार इसी सेवा भावना के साथ देशवासियों का जीवन आसान बनाने में जुटी है। न जाने कितनी पीढिय़ां जिन सपनों को सच होते देखना चाहती थीं, भारत उन्हें साकार करने की कोशिश कर रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा- मैंने किसानों की परेशानियों और चुनौतियों को बहुत करीब से देखा है। जब देश ने मुझे 2014 में प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा का मौका दिया तो हमने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बहुत लोग अनजान हैं कि देश के 100 में से 80 किसान छोटे किसान हैं। उनके पास 2 हैक्टेयर से भी कम जमीन है। इनकी संख्या 10 करोड़ से भी ज्यादा है। उनकी जिंदगी का आधार यही छोटी सी जमीन का टुकड़ा है।श्री मोदी ने कहा कि ये किसान इसी जमीन से अपने परिवार का गुजारा करते हैं, इसलिए देश के छोटे किसानों की परेशानियों को दूर करने के लिए बाजार, बीमा, बीज और बचत पर चौतरफा काम किया। हमने किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज के साथ नीम कोटेड यूरिया और स्वाइल हेल्थ कार्ड जैसी सुविधा दी। इन प्रयासों से प्रोडक्शन बढ़ा। हमने फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ा। बीते चार साल में एक लाख करोड़ से अधिक का मुआवजा किसान भाई-बहनों को मिला है।उन्होंने आगे कहा हम छोटे किसानों के लिए बीमा और पेंशन की सुविधा भी लाए। हम उनकी सुविधाओं को ध्यान रखते हुए उनके खातों में सीधे एक लाख बासठ हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। उन्हें उनकी उपज की सही कीमत मिले, इसके लिए भी कई कदम उठाए। इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर किया, एमएसपी बढ़ाई। इससे उपज कि पिछले कई रिकॉर्ड टूट गए है। देश की मंडियों को ईनाम योजना से जोड़कर किसानेां को अपनी उपज कहीं भी बेचने का प्लेटफॉर्म दिया। कृषि मंडियों पर करोड़ों रुपए खर्च किए। पहले के मुकाबले देश का कृषि बजट 5 गुना बढ़ गया है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि किसानों की ताकत बढ़ाने के लिए दस हजार एफपीओ किसान उद्पादक संगठन बनाने की भी प्लनिंग है, इस पर सात हजार करोड़ रुपए का फंड खर्च किए जा रहे हैं। हमने क्रॉप लोन बढ़ा दिया। यानी हमारी सरकार किसानों के हित में लगातार एक के बाद एक कदम उठाती जा रही है। पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। साथियों किसानों की इसी अभियान में देश में तीन कृषि कानून लाए गए थे। देश के किसानों को खासकर छोटे किसानों को फायदा हो। यह मांग देश में लंबे समय से होती रही थी। पहले भी कई सरकारों ने इस पर मंथन किया था। इस बार भी संसद में चर्चा हुई मंथन हुआ और यह कानून लाए गए। देश में अनेक किसान संगठनों ने इसका संमर्थन किया। मैं आज उन सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं। धन्यवाद करता हूं।प्रधानमंत्री ने कहा-हमारी सरकार किसानों के लिए खासकर छोटे किसानों के हित में पूरी सत्य निष्ठा से किसानों के प्रति पूर्ण समर्पण भाव से यह कानून लेकर आई थी, लेकिन यह हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए। हम पूरी विनम्रता से किसानों को समझाते रहे। बातचीत भी होती रही। हमने किसानों की बातों को समझने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कानून के जिन प्रावधानों पर उन्हें एतराज था उन्हें सरकार बदलने को तैयार हो गई। साथियों मैं आज गुरु नानक देवजी का पवित्र पर्व है यह समय किसी को दोष देने का नही है। मैं आज यह पूरे देश को यह बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला लेने का फैसला करता हूं। इसी महीने हम इसे वापस लेने की प्रक्रिया पूरी कर देंगे।
- नोएडा(उप्र)। नोएडा थाना सेक्टर 20 क्षेत्र की गोल चक्कर चौकी के पास दो कार के बीच टक्कर में एक महिला चिकित्सक की 11 माह की बच्ची की मौत हो गई। थाना सेक्टर 20 के प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि चिकित्सक सफा खान अपनी 11 माह की बेटी को लेकर कैब से जा रहीं थीं तभी एक कार चालक ने तेजी व लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी कैब में टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में बच्ची को गंभीर चोटें आईं और उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां तड़के उपचार के दौरान बच्ची की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- जयपुर। राजस्थान के चुरू जिले में एक युवक और युवती के शव एक तालाब में मिले। पुलिस के अनुसार युवक-युवती मंगलवार की रात चुरू जिले के रत्नदेसर गांव से अपने घर से गायब हो गए थे। इस बारे में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों के दल से तालाब में तलाश करवाई। गोताखोरों को बुधवार को जलाशय में काफी खोजबीन के बाद शव मिले। रतनगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक सालेह मोहम्मद ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह असफल प्रेम संबंध के कारण आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- बैतूल (मप्र) । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले स्थित एक बांध में गुरुवार को दो लड़कियों सहित चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई। शाहपुर अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) महेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर शाहपुर थानांतर्गत आने वाले आमागोहान ग्राम में घटित हुई। उन्होंने कहा कि कशिश लाहोरिया (18), आयशा खोखर (14), निखिल धौलपुरिया (18) एवं प्रतीक धौलपुरिया (16) आमागोहान स्थित बांध पर नहाते समय गहरे पानी में चले गये, जिससे चारों बच्चे एक-एक कर डूब गए। मीणा ने बताया कि चारों शवों को बांध के पानी से बाहर निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतकों की उम्र 14 से 18 साल के बीच थी और उनमें से दो लड़के चचेरे भाई थे।
- सहारनपुर। उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में बृहस्पतिवार सुबह दो भाइयों पर धारदार हथियारों से हमला करने के बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई । सहारनपुर के पुलिस अधीक्षक पी आकाश तोमर ने बताया कि थाना गंगोह के अन्तर्गत मैनपुरा गांव में दो भाई पून्नू और लिल्लू प्रतिदिन भौजी माजरा गांव स्थित अपने खेत पर जाकर पूर्वजों की समाधि स्थल पर पूजा पाठ करते थे । तोमर ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे दोनों भाई अपने पूर्वजों की समाधि स्थल पर गये और काफी देर तक घर नहीं लौटे,इस पर परिजन जब इनकी तलाश करते हुए खेत पर पहुंचे तो वहां दोनों को खून से लथपथ पाया। मामले की सूचना मिलने पर गंगोह थाने की पुलिस भी मौके पर पहुचीं।उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों पर धारदार हथियारों से हमला करने के बाद दोनों को गोली मारी गई है। एक के सीने में गोली लगी है जबकि दूसरे को कमर में गोली लगी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 20-21 नवंबर को लखनऊ में आयोजित होने वाले पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षकों (आईजीपी) के 56वें सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को एक बयान में यह जानकारी दी। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन संयुक्त प्रारूप में होगा। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख लखनऊ में कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होकर भाग लेंगे जबकि शेष आमंत्रित व्यक्ति 37 विभिन्न स्थानों से डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगे। पीएमओ ने कहा कि सम्मेलन में साइबर अपराध, डाटा प्रबंधन, आतंकवाद विरोधी चुनौतियों, वामपंथी उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी में उभरते रुझान, जेल सुधार सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी। पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2014 से डीजीपी सम्मेलन में गहरी रुचि दिखाई है। पहले की प्रतीकात्मक उपस्थिति के विपरीत, वह सम्मेलन के सभी सत्रों में भाग लेकर स्वतंत्र और अनौपचारिक चर्चाओं को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे शीर्ष पुलिस अधिकारियों को देश को प्रभावित करने वाले प्रमुख नीति-निर्धारण और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे प्रधानमंत्री को जानकारी देने का अवसर मिलता है। प्रधानमंत्री की पहल पर 2014 से इस वार्षिक सम्मेलन को दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है। पहले यह परंपरागत रूप से दिल्ली में आयोजित किया जाता था। वर्ष 2020 के डीजीपी सम्मेलन को डिजिटल माध्यम से आयोजित किया गया था जबकि 2014 में यह गुवाहाटी, 2015 में कच्छ के धोर्डो, 2016 में हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, 2017 में मध्य प्रदेश स्थित टेकनपुर की बीएसएफ अकादमी, 2018 में गुजरात के केवड़िया और 2019 में पुणे स्थित आईआईएसईआर में आयोजित किया गया था।
- जयपुर। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गयी जबकि तीन अन्य घायल हुए। पुलिस के अनुसार यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर आरा पुलिया के पास हुआ जब एक एसयूवी गाड़ी अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। बिछीवाड़ा थाने के हेड कांस्टेबल तुलसीराम मीणा ने बताया कि हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ये लोग एसयूवी वाहन उदयपुर से अहमदाबाद जा रहे थे। उन्होंने कहा कि शवों को अस्पताल में रखा गया है और परिवार के सदस्यों के आने पर पोस्टमार्टम किया जाएगा।
- उमरिया (मप्र)। मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य में गुरुवार को 10 वर्षीय एक मृत बाघ मिला। उप संचालक बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य लवित भारती ने बताया कि बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य के धमोखर बफर परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक पी-145 में गश्ती के दौरान नर बाघ (टी-37) मृत पाया गया। उन्होंने कहा कि गश्ती दल द्वारा घटनास्थल पर अन्य बाघ को भागते हुये देखा गया। भारती ने बताया कि घटनास्थल पर उपलब्ध साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया इस बाघ का बाघों के आपसी संघर्ष में मारा जाना प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इस बाघ की उम्र लगभग 10 वर्ष है। मृत बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाये गये।
- मेलबर्न। चिकित्सा अध्ययन पत्रिका ‘द बीएमजे' में गुरुवार को प्रकाशित एक समीक्षा में कहा गया है कि हाथ धोना, मास्क पहनना और सामाजिक दूरी कायम रखने जैसे कोविड-19 प्रोटोकॉल इस वायरल रोग के मामलों में कमी के लिहाज से कारगर हैं और टीकाकरण के साथ ही इनका पालन करना भी जारी रहना चाहिए। इस समीक्षा में बताया गया कि मास्क पहनने से कोविड-19 के मामलों में 53 फीसदी की कमी आई और सामाजिक दूरी का पालन करने पर मामलों में 25 फीसदी की कमी आई। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इनसे भी कड़े उपाय, मसलन लॉकडाउन या सीमाओं, स्कूलों और कार्यस्थलों को बंद करना आदि के आम लोगों पर नकारात्मक प्रभाव की आशंकाओं के लिहाज से इनका और आकलन करना आवश्यक है। ऑस्ट्रेलिया में मोनाश विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ताओं समेत अन्य अध्ययनकर्ताओं के एक दल ने उन अध्ययनों के डेटाबेस को खंगाला जिनमें कोविड-19, सार्स-सीओवी-2 संक्रमण और मृत्युदर की घटनाओं में कमी लाने में सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के प्रभावी होने की जांच की गयी। इनमें कुल 72 अध्ययनों को खंगाला गया जिनमें से 35 का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इसमें पता चला कि मास्क पहनने से कोविड-19 की घटनाओं में 53 फीसदी तक की कमी आई और सामाजिक दूरी का नियम पालन करने से संक्रमण की घटनाओं में 25 फीसदी की कमी आई। हाथ धोने से भी रोग के मामलों में 53 फीसदी की कमी पायी गयी।
- प्रयागराज (उप्र)। देव दीपावली पर शुक्रवार को यहां गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम क्षेत्र में पांच लाख दिये जलाए जाएंगे। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने देव दीपावली पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए गुरुवार को संगम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि संगम क्षेत्र को इस पर्व के लिए 20 ब्लाकों में बांटा गया है तथा इस बार पांच लाख दीपों से संगम क्षेत्र को सजाया जायेगा और प्रयागराज वासी इस अद्भूत दृश्य का लुफ्त उठा सकेंगे। उनके अनुसार इस पूरे कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए एडीएम प्रशासन हर्ष देव पांडेय को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए पांच मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगायी गयी है। उनके अनुसार यातायात और सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किये गये है, तथा गहरे पानी में कोई न जाने पाये, इसके लिए बैरिकेडिंग के अलावा जेटी की भी व्यवस्था की गयी है। खत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन ने प्रयागराज के सम्मानित लोगो को भी आमंत्रित किया है। कार्यक्रम के आयोजन में कोविड-19 प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जायेगा। पार्किंग की व्यवस्था इस प्रकार की गई है कि आम लोगों को कोई समस्या न हो। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन को दिशा-निर्देश दिये गये है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 20 नवंबर को ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2021' के विजेताओं को सम्मानित करेंगे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत भारत को कचरा-मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टकोण की तर्ज पर कचरा-मुक्त शहरों की श्रेणी के तहत प्रमाणित शहरों को इस समारोह में भी पुरस्कृत किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि शनिवार को ‘स्वच्छ अमृत महोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है और इसमें मंत्रालय की पहल ‘सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज' के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देते हुए सफाई कर्मचारियों के योगदान को सराहा जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों-नगरों को शामिल किया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है। साल 2016 में इस कदम की शुरुआत पर सिर्फ 73 प्रमुख शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था। उसने कहा, ‘‘इस साल के सर्वेक्षण की सफलता इस बार नागरिकों से मिले फीडबैक की संख्या के आधार पर आंकी जाती है। इस बार पांच करोड़ से अधिक फीडबैक आए। यह संख्या पिछले साल 1.87 करोड़ थी।'' मंत्रालय ने ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' के बारे में कहा कि जमीनी स्तर पर राज्यों एवं शहरों के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है। उसने कहा कि मिसाल के तौर पर छह राज्यों और छह केंद्रशासित प्रदेशों ने जमीनी स्तर पर अपने प्रदर्शन में पांच से 25 प्रतिशत तक सुधार किया है।
- बलिया (उप्र)। बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र में भुवाल गांव के एक पोखर (छोटे तालाब) में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई । पुलिस ने बताया कि भुवाल गांव में बुधवार दोपहर सत्यम (पांच) और उसका चचेरा भाई शिवम (छह) पोखर के किनारे खेल रहे थे, तभी दोनों असंतुलित होकर उसमें गिर गए। उसने बताया कि बच्चे जब देर तक नहीं दिखे, तो उनके परिजन ने उन्हें ढूंढना शुरू किया। कुछ देर बाद दोनों के शव पोखर में मिले। पुलिस मामले की जांच कर रही हैं।-file photo
- नयी दिल्ली। कृषि एवं ग्रामीण कामगारों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई में सितंबर की तुलना में अक्टूबर में थोड़ी राहत देखी गई। श्रम मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि अक्टूबर में कृषि क्षेत्र के कामगारों के लिए खुदरा मु्द्रास्फीति 2.76 प्रतिशत रही, जबकि सितंबर में यह 2.89 फीसदी थी। इसी तरह ग्रामीण कामगारों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति की दर अक्टूबर में 3.12 प्रतिशत रही जो एक महीने पहले 3.16 प्रतिशत पर थी। इस तरह दोनों ही वर्गों के लिए खुदरा महंगाई में अक्टूबर का महीना थोड़ी राहत लेकर आया। अगर अक्टूबर, 2020 से तुलना करें, तो अक्टूबर, 2021 में स्थिति काफी सुधरी है। अक्टूबर, 2020 में कृषि कामगारों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 6.59 प्रतिशत और ग्रामीण कामगारों के लिए 6.45 प्रतिशत रही थी। अगर खाद्य महंगाई की बात करें, तो सितंबर की तुलना में अक्टूबर, 2021 में कृषि एवं ग्रामीण कामगारों के लिए यह क्रमशः 0.39 प्रतिशत और 0.59 प्रतिशत रही थी। सितंबर में यह आंकड़ा क्रमशः 0.50 प्रतिशत और 0.70 प्रतिशत था। अक्टूबर में कृषि एवं ग्रामीण कामगारों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 14 अंक की बढ़त के साथ क्रमशः 1081 और 1090 अंक पर पहुंच गया। इसके पीछे खाद्य उत्पादों की बढ़ी कीमतों का हाथ रहा। इस महीने सब्जियों एवं फल, गेहूं-आटा, दाल, प्याज, मांस-मछली, सरसों तेल, चीनी, गुड़ और मिर्च के भाव में तेजी देखी गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सबसे ज्यादा वृद्धि जम्मू- कश्मीर में देखी गई, जबकि सबसे ज्यादा गिरावट मणिपुर में रही।
- नयी दिल्ली। पांच राज्यों के 7,287 गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी के प्रावधान के लिए कैबिनेट की मंजूरी डिजिटल अंतर को पाटने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन प्रदान करने में मदद करेगी। उद्योग निकाय सीओएआई ने गुरुवार को यह राय जताई। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक एस पी कोचर ने कहा कि यह कदम देशभर में सार्वभौमिक और समान ब्रॉडबैंड सेवाओं को प्राप्त करने के राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है। सीओएआई ने एक बयान में कहा, ‘‘यह डिजिटल अंतर को पाटने और भारत के डिजिटल मानचित्र के तहत दूरदराज के गांवों को निर्बाध कवरेज बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा।'' गौरतलब है कि मंत्रिमंडल ने बुधवार को 6,466 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पांच राज्यों के 7,287 गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी के प्रावधान के लिए यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) के उपयोग को मंजूरी दे दी। पांच राज्यों.... आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के 44 आकांक्षी जिलों के इन दूरदराज गांवों को 4जी-आधारित मोबाइल सेवाएं मिलेंगी।-
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सभी लोकतांत्रिक देशों से, साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि क्रिप्टो-करेंसी गलत हाथों में ना जाए,अन्यथा युवाओं का भविष्य बर्बाद हो सकता है। प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से आयोजित ‘‘सिडनी संवाद’’ को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए डाटा को इस युग के लिए सबसे महत्वपूर्ण बताया और कहा कि भारत ने इसकी सुरक्षा एवं निजता की रक्षा के लिए मजबूत ढांचा विकसित किया है और वह इसका इस्तेमाल लोगों के सशक्तीकरण के स्रोत के रूप में करता है।उन्होंने कहा कि डिजिटल युग ने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज को पुनर्भाषित किया है और यह सार्वभौमिकता, शासन, नीति, कानूनों, अधिकारों और सुरक्षा को लेकर नए सवाल भी खड़े कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा, ताकत और नेतृत्व को भी पुनर्भाषित कर रहा है। इसने प्रगति और समृद्धि के नए अवसर भी पैदा किये हैं।’’प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को क्षेत्र एवं दुनिया के लिए एक कल्याणकारी ताकत बताया।उन्होंने डिजिटल युग में डाटा को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, ‘‘भारत में हमने डाटा सुरक्षा, निजता और सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। साथ ही साथ हम इसका उपयोग लोगों के सशक्तीकरण के स्रोत के रूप में कर रहे हैं।’’मोदी ने कहा कि कोई देश प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कैसे करता है, यह उसके मूल्यों और दृष्टि पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पुरानी हैं, इसकी आधुनिक संस्थाएं मजबूत हैं। हमने हमेशा से पूरे विश्व को एक परिवार माना है। भारत की आईटी प्रतिभा ने वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था निर्मित करने में भूमिका निभाई है। इसने वाई2के (कंप्यूटर संचार तंत्र को प्रभावित करने वाला एक तरह का वायरस) समस्या के समाधान में मदद की है। दैनिक जीवन में प्रौद्योगिकी और सेवा के अभ्युदय में भी योगदान दिया है। आज हम कोविन प्लेटफार्म दुनिया को मुफ्त में मुहैया करा रहे हैं और इसके सॉफ्टवेयर को सबके लिए हमने उपलब्ध कराया है।’’उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से जनहित के लिए नीति, समावेशी विकास और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में भारत के व्यापक अनुभव का लाभ विकासशील विश्व को मिल सकता है।प्रधानमंत्री ने लोकतांत्रिक आदर्शों और मूल्यों को परिलक्षित करने वाली दुनिया के निर्माण तथा देशों की सुरक्षा व समृद्धि के लिए इसे अहम बताया और सुझाव दिया कि भारत के इस अनुभव से विश्व के देशों व उसके लोगों को सशक्त करने तथा उन्हें इस शताब्दी के अवसरों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से, एक साथ काम किया जा सकता है।उन्होंने कहा, ‘‘यह जरूरी है कि लोकतांत्रिक देश एक साथ काम करें। भविष्य की प्रौद्योगिकी में शोध व विकास के लिए साथ-साथ निवेश करें, विनिर्माण और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला विकसित करें, साइबर सुरक्षा को लेकर खुफिया जानकारी और जमीनी सहयोग को गहरा करें, अपने लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप तकनीक और शासन के मानक नियम कायदे विकसित करें, डाटा की सुरक्षा और उसके सीमापार प्रवाह को रोकने के लिए एक मानक तय करें।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि देशों के राष्ट्रीय अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इसके जरिए व्यापक जनहित में व्यापार और निवेश को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।उन्होंने क्रिप्टो-करेंसी या बिटकॉइन का उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि सभी लोकतांत्रिक देश साथ काम करें और यह सुनिश्चित करें कि यह गलत हाथों में ना जाए, जो हमारे युवाओं को बर्बाद कर सकता है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का डिजिटल युग देशों की पसंद और नापसंद का ऐतिहासिक अवसर है और यह उन पर निर्भर करता है कि वे इसका उपयोग कैसे करते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘हमें तय करना है कि हमारे युग के, प्रौद्योगिकी के सभी शानदार साधन सहयोग के लिए हैं या संघर्ष के लिए, बल द्वारा शासन के लिए हैं या पसंद के अनुरूप, प्रभुत्व के लिए हैं या विकास के लिए, दबाने के लिए हैं या अवसर के रूप में ?’’ उन्होंने कहा कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में या उससे परे सहयोगियों को समय की इस मांग को सुनना चाहिए और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के निर्वाह के लिए तैयार रहना चाहिए।प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि सिडनी डायलॉग का यह मंच इस युग में ‘‘हमारी साझेदारी को आकार देने और विश्व व हमारे देशों के भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी को पूरा करने में सहायता करेगा।’’नयी प्रौद्योगिकी को लेकर भारत के रुख का खाका पेश करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब दूरसंचार के क्षेत्र में 5जी और 6जी सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमताओं को विकसित करने के लिए निवेश कर रहा है।उन्होंने कहा कि आज भारत की 130 करोड़ आबादी की डिजिटल पहचान है, आज छह लाख गांवों को ब्रॉडबैंड संपर्क से जोड़ा जा रहा है, भुगतान के लिए दुनिया की सबसे प्रभावी तकनीक यूपीआई देश के पास है, 80 करोड़ भारतीय इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और 75 करोड़ लोग स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘आज हम प्रति व्यक्ति डाटा के सबसे बड़े ग्राहक हैं और हमारे यहां यह दुनिया में सबसे सस्ती दरों में से एक है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल और लोकतांत्रिक नेता के रूप में भारत साझा समृद्धि और सुरक्षा के लिए सभी के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की डिजिटल क्रांति हमारे लोकतंत्र, जनसांख्यिकीय और हमारी अर्थव्यवस्था के आकार में निहित है। इसे हमारे युवाओं का नवोन्मेष और उनकी उद्यमिता मजबूत कर रहे हैं।’’
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धन-संपत्ति एवं रोजगार के अवसर पैदा करने वालों का समर्थन करने के लिए गुरुवार को बैंकों को प्रेरित करते हुए कहा कि देश की बैलेंस शीट सुधारने के लिए उन्हें सक्रियता से काम करना होगा। प्रधानमंत्री ने 'निर्बाध ऋण प्रवाह एवं आर्थिक वृद्धि के लिए सिनर्जी का निर्माण' विषय पर आयोजित एक परिचर्चा को संबोधित करते हुए कहा कि बैंकों को कारोबारों के फलने-फूलने में मदद के लिए अब एक भागीदारी मॉडल अपनाना होगा और कर्ज की 'मंजूरी देने वाले' की सोच से खुद को दूर करना होगा।प्रधानमंत्री ने बैंकरों का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘बैंकों को धन-संपत्ति का सृजन करने वालों और नौकरियां पैदा करने वालों का समर्थन करना है। वक्त आ गया है कि अब बैंक अपनी बैलेंस शीट के साथ ही देश की बैलेंस शीट भी सुधारने में मदद करें।’’उन्होंने बैंकरों को कारोबारों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए उनकी जरूरत के हिसाब से समाधान मुहैया कराने को भी कहा। उन्होंने कहा, ‘‘आप ग्राहकों के बैंक आने का इंतजार न करें। आपको उनके पास जाना होगा।’’ प्रधानमंत्री ने पिछले पांच वर्षों में बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) सबसे कम होने और बैंकों के पास समुचित तरलता होने का जिक्र करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद बैंकिंग क्षेत्र चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में मजबूत बना रहा। इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इस क्षेत्र का परिदृश्य भी सुधारा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गठित राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनी (एनएआरसीएल) से दो लाख करोड़ रुपये मूल्य की दबावग्रस्त परिसंपत्ति के समाधान में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पिछले छह-सात वर्षों में हुए सुधारों ने बैंकिंग क्षेत्र को आज मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। हमने बैंकों की एनपीए समस्या का समाधान निकाला है, बैंकों में नई पूंजी डाली है, दिवालियापन संहिता लेकर आए और ऋण वसूली न्यायाधिकरण को सशक्त किया है।’’






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