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माले. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मालदीव की राजधानी के प्रतिष्ठित ‘रिपब्लिक स्क्वायर' पर मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री शुक्रवार को दो दिवसीय यात्रा पर माले पहुंचे थे। उनका मुख्य उद्देश्य मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेना था।
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माले. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदीव के उपराष्ट्रपति उज हुसैन मोहम्मद लतीफ सहित देश के प्रमुख नेताओं से मुलाकात के दौरान शनिवार को कहा कि भारत मालदीव के साथ अपनी साझेदारी को और गहरा करने के लिए उत्सुक है। मोदी दो दिवसीय यात्रा के तहत मालदीव में हैं। उन्होंने लतीफ के साथ भारत-मालदीव संबंधों के प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' लिखा, ‘‘हमारे देश बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा आदि जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। यह हमारे देशों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है। हम आगामी वर्षों में इस साझेदारी को और गहरा करने के लिए उत्सुक हैं।'' प्रधानमंत्री ने मालदीव के स्वतंत्रता दिवस की 60वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने गहरे और विशेष संबंधों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उपराष्ट्रपति लतीफ ने जरूरत के समय मालदीव को भारत की निरंतर सहायता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।'' लतीफ ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाकात करना सम्मान की बात है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष भारत के साथ औपचारिक राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं, इसलिए प्रधानमंत्री और मैंने हमारे देशों की मित्रता और पारस्परिक सहयोग की यात्रा पर विचार-विमर्श किया। मुझे उम्मीद है कि भारत के साथ हमारा मज़बूत सहयोग बढ़ने के साथ और मजबूत होता रहेगा।'' मोदी ने ‘पीपुल्स मजलिस' (मालदीव की संसद) के अध्यक्ष अब्दुल रहीम अब्दुल्ला से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा, हमने हमारी संसदों के बीच घनिष्ठ संबंधों समेत भारत-मालदीव की गहरी मित्रता पर चर्चा की।'' प्रधानमंत्री ने 20वीं मजलिस में भारत-मालदीव संसदीय मैत्री समूह के गठन का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, भारत मालदीव में क्षमता निर्माण में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद से भी मुलाकात की।
मोदी ने कहा, वह (नशीद) भारत एवं मालदीव की गहरी मित्रता के हमेशा से प्रबल समर्थक रहे हैं। उनसे इस बारे में बात की कि मालदीव हमारी ‘पड़ोसी प्रथम' नीति और महासागर दृष्टिकोण का कैसे हमेशा एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहेगा।'' ग्यारह नवंबर, 2008 से सात फरवरी, 2012 तक मालदीव के राष्ट्रपति रहे नशीद ने भारत-मालदीव संबंधों को मजबूत बनाने के लिए भारत के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने दोनों देशों के लोगों के बीच उत्कृष्ट संबंधों पर ध्यान दिया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत क्षमता निर्माण और विकास में मालदीव को सहयोग देना जारी रखेगा।
मोदी ने मालदीव के विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों के साथ भी एक ‘‘सार्थक'' बैठक की। प्रधानमंत्री ने कहा, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी मजबूत और समय पर खरी उतरी भारत-मालदीव मित्रता के प्रति द्विदलीय समर्थन को रेखांकित करती है। हमारे साझा मूल्य इस महत्वपूर्ण साझेदारी का मार्गदर्शन करते रहेंगे।'' जायसवाल ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने भारत-मालदीव संबंधों को और मजबूत बनाने, दोनों लोकतंत्रों के लोगों के बीच जीवंत संबंधों और साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मालदीव के नेताओं ने मालदीव के लोगों के कल्याण के लिए विकासपरक सहायता के प्रति भारत के निरंतर समर्थन के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।'' प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ शुक्रवार को व्यापक वार्ता की। उन्होंने मालदीव के लिए 4,850 करोड़ रुपये की ऋण सुविधा देने की घोषणा की। -
केंद्रपाड़ा (ओडिशा). ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के निकट एक गांव के तालाब से वन कर्मियों ने शनिवार को खारे पानी के 6.3 फुट लंबे मादा मगरमच्छ को जाल से पकड़ा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने एन्दुलालापुर गांव के तालाब में सरीसृप को देखकर वन विभाग को सूचित किया। स्थानीय लोगों की मौजूदगी में वन कर्मियों को मगरमच्छ को पकड़ने में तीन घंटे लगे।
अधिकारियों ने बताया कि सरीसृप को बचाए जाने के बाद पशु चिकित्सकों ने उसके स्वास्थ्य की जांच की। बाद में स्वस्थ पाए जाने पर उसे जंगल में छोड़ दिया गया। एक वन अधिकारी ने बताया कि मगरमच्छ गांव में भटक गया था, लेकिन उसने किसी मनुष्य पर हमला नहीं किया। हो सकता है कि वह पानी का जल स्तर बढ़ने के दौरान तालाब में घुस गया हो। नवीनतम गणना के अनुसार भितरकनिका में मगरमच्छों की संख्या 1,826 हो गई है। 1974 में यह संख्या लगभग 96 थी।
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नयी दिल्ली. सरकार ने उर्वरक विनिर्माताओं को चेतावनी दी है कि यूरिया और डीएपी जैसे सब्सिडी वाले मृदा पोषक तत्व बेचते समय किसानों को कीटनाशकों, नैनो-आधारित फसल पोषक तत्वों जैसे गैर-सब्सिडी वाले उत्पादों को जबरन बेचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत आने वाले उर्वरक विभाग ने 21 जुलाई को इस मुद्दे पर सभी उर्वरक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को एक पत्र लिखा। पत्र में कहा गया, ''विभाग को पता चला कि कुछ गैर-सब्सिडी वाले उत्पाद जैसे कीटनाशक, नैनो उर्वरक, जैव-उत्तेजक और अन्य उत्पादों को यूरिया और डीएपी/एनपीके जैसे सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ जोड़कर किसानों को बेचा जा रहा है।'' विभाग ने कहा कि उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आवश्यक वस्तुएं हैं और इसलिए, अन्य उत्पादों को सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ गलत तरीके से जोड़ना इस कानून के साथ ही उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 का भी उल्लंघन होगा। विभाग ने कहा कि वह ऐसी प्रथाओं को हतोत्साहित करने के लिए परामर्श जारी कर रहा है।
बयान के मुताबिक, ''हालांकि, यह देखा गया है कि कुछ कंपनियों के डीलर और खुदरा विक्रेता किसानों को सब्सिडी वाले उर्वरक बेचते समय गैर-सब्सिडी वाले उत्पादों को जोड़ने की भी कोशिश करते हैं।'' विभाग ने कहा कि इस तरह की गलत प्रथाओं से किसानों पर अनुचित वित्तीय बोझ पड़ता है। विभाग को शिकायतें मिल रही हैं, जिससे पता चलता है कि यह गलत प्रथा व्यापक तौर से लगातार जारी है, और इससे सरकार के उर्वरक सब्सिडी ढांचे के लक्ष्य को नुकसान पहुंच रहा है। विभाग ने शीर्ष प्रबंधन को यह सख्ती से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसानों के लिए गैर-सब्सिडी वाले उत्पादों को सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ न जोड़ा जाए। -
नई दिल्ली। देश में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अब तक 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र की 10.18 करोड़ महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर के लिए जांच पूरी की जा चुकी है। यह काम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AAMs) के माध्यम से किया गया है। यह पहल गैर-संचारी रोगों (NCDs) की समय पर पहचान, रोकथाम और प्रबंधन के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
यह जांच 30 से 65 वर्ष की महिलाओं को लक्षित करती है, जिसमें मुख्य रूप से “विजुअल इंस्पेक्शन विथ एसीटिक एसिड” (VIA) तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह जांच प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा सब-हेल्थ सेंटर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में की जाती है। VIA पॉजिटिव पाए गए मामलों को आगे की जांच के लिए उच्च केंद्रों पर भेजा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता इस कार्यक्रम की रीढ़ हैं। वे ‘कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट’ (CBAC) का उपयोग कर जोखिम वाले लोगों की पहचान करती हैं और उन्हें नियमित जांच के लिए प्रेरित करती हैं। इसके साथ ही वे महिलाओं को समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक भी करती हैं।स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संचार अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जैसे कि राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस और विश्व कैंसर दिवस। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को लगातार जानकारी दी जाती है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके कार्यक्रम क्रियान्वयन योजनाओं (PIPs) के अनुसार जागरूकता गतिविधियों के लिए NHM के अंतर्गत विशेष फंड भी प्रदान किए जाते हैं।मंत्रालय ने 20 फरवरी से 31 मार्च 2025 तक एक समयबद्ध एनसीडी जांच अभियान भी चलाया था, जिससे स्क्रीनिंग की गति तेज हुई और इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान मिला। राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल के अनुसार 20 जुलाई 2025 तक देश की कुल 25.42 करोड़ पात्र महिलाओं में से 10.18 करोड़ महिलाओं की जांच हो चुकी है। यह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से सरकार की व्यापक और रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह जानकारी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। - बेंगलुरु। बेंगलुरु में ट्रैफिक की समस्या खासकर आउटर रिंग रोड (ORR) पर हर दिन जाम जैसी स्थिति बन जाती है। इसी को देखते हुए बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने हफ्ते के बीच यानी हर बुधवार को वर्क फ्रॉम होम (WFH) का सुझाव दिया है। इस प्रस्ताव का मकसद खासकर आईटी कंपनियों के कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि सुबह-शाम के व्यस्त समय में ट्रैफिक कुछ कम हो सके।यह योजना सिर्फ ट्रैफिक पुलिस की नहीं है, बल्कि इसे BBMP (बृहत्तर बेंगलुरु महानगर पालिका), BMTC (बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) और आईटी सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधियों ने मिलकर तैयार किया है।क्या-क्या उपाय सुझाए गए हैं?– ऑफिस की टाइमिंग को बदला जाए ताकि सभी कर्मचारी एक ही समय पर बाहर न निकलें– कंपनियों को 7:30 बजे से शिफ्ट शुरू करने के लिए कहा गया है– कर्मचारियों के आने-जाने के लिए शटल सर्विस और BMTC की बसों का बेहतर उपयोग किया जाए– कंपनियों को कहा गया है कि वे मीटिंग का समय तय करते समय कर्मचारियों के ट्रैवल टाइम का ध्यान रखेंट्रैफिक ज्वाइंट कमिश्नर कार्तिक रेड्डी ने बताया कि सुबह 9 से 10 बजे के बीच ORR पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है। इसे कम करने के लिए कंपनियों से सहयोग की अपील की गई है। साथ ही, BMTC ने एयर-कंडीशंड बसों की संख्या बढ़ाने की बात कही है, जिससे आईटी कॉरिडोर में सफर आसान हो सके।बेंगलुरु का टेक कॉरिडोर दबाव में, सड़क निर्माण और अवैध पार्किंग बनीं मुसीबतबेंगलुरु में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच कई जगहों पर सड़क मरम्मत का काम अब भी अधूरा है, खासकर आउटर रिंग रोड (ORR) के कई हिस्सों में। संकरे चौराहों पर अवैध पार्किंग और गलत लेन में गाड़ियों के चलने से जाम की स्थिति और बिगड़ रही है।इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने टेक पार्क और अहम चौराहों के पास पार्किंग नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी है। अब नियम तोड़ने पर तुरंत गाड़ी उठाने की कार्रवाई की जा रही है। कंपनियों से कहा गया है कि वे ट्रैफिक कंट्रोल में मदद करें और अपने स्तर पर ट्रैफिक मार्शल या वॉलंटियर्स तैनात करें।आईटी सेक्टर का सुझावबेंगलुरु की आईटी कंपनियों और ग्रेटर बेंगलुरु आईटी एंड कंपनीज़ एसोसिएशन ने वर्क फ्रॉम होम (WFH) की योजना का समर्थन किया है, लेकिन शर्त रखी है कि इसे ठीक से लागू किया जाए और पहले से जानकारी दी जाए।आईटी सेक्टर की ओर से कुछ और सुझाव भी दिए गए:-सभी कंपनियों में अलग-अलग समय पर काम शुरू करने की व्यवस्था हो-कार पूलिंग को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन-भीड़भाड़ के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोकबेंगलुरु में क्यों बढ़ रहे हैं ट्रैफिक जाम?बेंगलुरु में ट्रैफिक की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 के पहले छह महीनों में शहर में तीन लाख से ज्यादा नए प्राइवेट वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सिर्फ जून महीने में ही करीब 49,620 नए वाहन जुड़े। पहले से ही यहां 1.23 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां पंजीकृत हैं।ट्रैफिक की परेशानी तब और बढ़ गई जब जून 2025 में कर्नाटक सरकार ने पूरे राज्य में बाइक टैक्सी पर रोक लगा दी। यह सुविधा हजारों लोगों के लिए आखिरी मील की यात्रा का आसान विकल्प थी। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट बताती है कि बाइक टैक्सी बंद होने के एक हफ्ते के भीतर ही पीक ऑवर के दौरान ट्रैफिक जाम में 18 से 22 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। लगभग छह लाख लोग इस फैसले से प्रभावित हुए हैं और अब ऑटो और टैक्सी का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे सड़कों पर भीड़ और बढ़ गई है।सरकार को उम्मीद है कि हफ्ते के बीच में वर्क फ्रॉम होम (WFH) का मॉडल अपनाने, ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने और कंपनियों के साथ बेहतर तालमेल से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल कोशिश यही है कि जब तक मेट्रो विस्तार और सड़क चौड़ीकरण जैसे दीर्घकालिक समाधान पूरे नहीं होते, तब तक ट्रैफिक को कुछ हद तक संभाला जा सके।
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नई दिल्ली। भारत और मालदीव ने 25 जुलाई को मछली पालन और जलकृषि (एक्वाकल्चर) के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान हुआ और यह दोनों देशों के बीच छह समझौतों में से एक था।
यह समझौता भारत के मत्स्य पालन विभाग (जो मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आता है) और मालदीव के मत्स्य पालन व महासागर संसाधन मंत्रालय के बीच हुआ। इसका उद्देश्य टिकाऊ ट्यूना और गहरे समुद्री मछली पालन, जलकृषि (एक्वाकल्चर), और ईको-पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना है। इसके तहत नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया गया है, जिससे मछली पालन क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित किया जा सके।समझौते में कई प्रमुख पहलें शामिल हैं, जैसे कि मत्स्य मूल्य शृंखला को मजबूत करना, समुद्री कृषि को आगे बढ़ाना, व्यापार को सुविधाजनक बनाना, और समुद्री संसाधनों के सतत प्रबंधन को बढ़ावा देना। मालदीव सरकार अपने मत्स्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए कोल्ड स्टोरेज जैसी आधारभूत संरचनाओं में निवेश करेगी। साथ ही, हैचरी विकास, उत्पादन दक्षता में सुधार और विविध प्रकार की मत्स्य प्रजातियों के पालन के माध्यम से जलकृषि क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।इसके अलावा, समझौता प्रशिक्षण और ज्ञान आदान-प्रदान कार्यक्रमों को भी समर्थन देगा। इसमें जलचर स्वास्थ्य, जैव सुरक्षा स्क्रीनिंग, जलकृषि फार्म प्रबंधन, यांत्रिक इंजीनियरिंग तथा समुद्री इंजीनियरिंग में तकनीकी कौशल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण शामिल है। इन प्रयासों का उद्देश्य एक कुशल कार्यबल तैयार करना और मत्स्य उद्योग में सतत विकास सुनिश्चित करना है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी वैश्विक लोकप्रियता साबित करते हुए दुनिया के सबसे पसंदीदा नेता का स्थान हासिल किया है। बिजनेस इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स फर्म मॉर्निंग कंसल्ट के मुताबिक जुलाई 2025 में कराए गए एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में पीएम मोदी को 75 प्रतिशत ‘अप्रूवल रेटिंग’ मिली है। यह रेटिंग उन्हें 20 देशों के शीर्ष नेताओं की सूची में सबसे ऊपर रखती है। इस सर्वे में पीएम मोदी के बाद दूसरे स्थान पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-मयोंग रहे जिन्हें 59 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। तीसरे नंबर पर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली को 57 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली। चौथे स्थान पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (56 प्रतिशत) और पांचवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज (54 प्रतिशत) रहे।
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को केवल 44 प्रतिशत लोगों ने समर्थन दिया जबकि 50 प्रतिशत लोगों ने असहमति जताई। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को 54 प्रतिशत नकारात्मक रेटिंग मिली। पोलैंड, बेल्जियम और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में नेताओं की लोकप्रियता 50 प्रतिशत से भी कम रही। सबसे निचले स्थान पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे रहे, जिन्हें 60 प्रतिशत से अधिक लोगों ने खारिज कर दिया। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पीएम मोदी के नेतृत्व को केवल 18 प्रतिशत लोगों ने नकारा और 7 प्रतिशत ने कोई राय नहीं दी।विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी की लोकप्रियता का कारण उनकी मजबूत अंतरराष्ट्रीय छवि, निर्णय लेने की क्षमता और भारत के घरेलू और वैश्विक हितों पर आधारित स्पष्ट नीतियां हैं। यह रिपोर्ट इस बात का संकेत है कि भारत न केवल वैश्विक राजनीति में तेजी से उभर रहा है बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी स्वीकृति मिल रही है। -
नई दिल्ली। संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चल रहे हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के दौरान सरकार की ओर से कौन बोलेगा? यह विपक्ष तय नहीं कर सकता है और विपक्ष की ओर से कौन बोलेगा? यह सरकार तय नहीं कर सकती है।
किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सभी मुद्दों पर एक साथ चर्चा नहीं की जा सकती। विपक्ष ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान और अन्य जैसे कई मुद्दे उठाए हैं। हमने उन्हें बताया कि पहले ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की जाएगी। उसके बाद हम तय करेंगे कि किन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। ऑपरेशन सिंदूर पर सोमवार (28 जुलाई) को लोकसभा में 16 घंटे और मंगलवार (29 जुलाई) को राज्यसभा में 16 घंटे बहस होगी।उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह जैसा रहा, आप सबने देखा। संसद सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस समेत कई दलों ने अनुरोध किया था कि पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होनी चाहिए। इसे लेकर सरकार की ओर से साफ शब्दों में कहा गया कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष ने पहले दिन ही हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने पोस्टर बैनर लेकर संसद के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया और संसद नहीं चलने दी। कांग्रेस और कुछ दलों ने संसद की कार्यवाही को बाधित किया।किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि हम सोमवार से पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करेंगे। सभी दलों ने स्वीकार किया है कि संसद सोमवार से सुचारू रूप से चलेगी। उन्होंने कहा कि एक-एक सवाल का जवाब तैयार करने में काफी समय लगता है। ऐसे में अगर जवाब नहीं सुनते हैं तो लोगों का काफी नुकसान होता है। एक साथ सारे मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकती है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात हुई। इस दौरान क्या बातचीत हुई? ये जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं। संसद में सभी पार्टी को बोलने का पर्याप्त मौका मिलेगा। किरेन रिरिजू ने कहा कि जस्टिस यशवंत वर्मा पर सरकार का प्रयास है। सरकार और विपक्ष एकजुट होकर मोशन लाएंगे। -
नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
28 तारीख तक वर्षा जारी रहने का जताया गया अनुमानआईएमडी ने इस महीने की 28 तारीख तक मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने का अनुमान जताया है।कोंकण और गोवा में भी इस महीने के अंत तक यही स्थिति बनी रहेगीहिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कोंकण और गोवा में भी इस महीने के अंत तक यही स्थिति बनी रहेगी।देश के दक्षिणी हिस्से में भी भारी से बहुत भारी बारिश की स्थितिदेश के दक्षिणी हिस्से में, अगले 5 दिनों के दौरान केरल, माहे और तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली-एनसीआर में आज गरज और बिजली के साथ बहुत हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि नया इनकम टैक्स बिल, 2025 सरल और आम भाषा में तैयार किया गया है, जिससे कर के नियमों को समझना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। यह बदलाव करदाताओं के अनुकूल किया गया है, जिससे गलतफहमी की गुंजाइश घटेगी और टैक्स नियमों के पालन में आसानी होगी। इनकम टैक्स विभाग के 166वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए सीतारमण ने विभाग से अपील की कि लंबित टैक्स विवादों को तेजी से निपटाया जाए, खासकर उन मामलों को जो “फेसलेस अपीलेट अथॉरिटीज” के पास विचाराधीन हैं। उन्होंने विभाग से कहा कि वे बजट 2024-25 में घोषित नई मौद्रिक सीमा के तहत आने वाले पुराने मामलों में की गई अपीलों को तीन महीने के भीतर वापस लें।
वहीं वित्त मंत्री ने टैक्स रिफंड को समय पर प्रोसेस करने और करदाताओं की शिकायतों को समय रहते सुलझाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग को शिकायतों की जड़ तक जाकर उनके समाधान के लिए रणनीतियां बनानी चाहिए, ताकि आगे ऐसी समस्याएं दोबारा न हों। सीतारमण ने क्षेत्रीय स्तर पर विभाग के कामकाज की समीक्षा करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत निपटान, “ऑर्डर गिविंग इफेक्ट (OGE)” जारी करने, रेक्टिफिकेशन और सेक्शन 119 के तहत क्षमा याचना के मामलों की प्रक्रिया जैसे सूचकांकों के आधार पर प्रदर्शन को जांचा जाए और सुधार किया जाए।वित्त मंत्री ने नया इनकम टैक्स बिल, 2025 निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार करने के लिए विभाग की सराहना की और बताया कि सेलेक्ट कमेटी की सिफारिशों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी का उपयोग और बढ़ाया जाएगा, ताकि टैक्स सेवाएं और अधिक तेज, आसान और भरोसेमंद बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इनकम टैक्स विभाग को करदाताओं के साथ निष्पक्षता, सहानुभूति और व्यावसायिकता के साथ व्यवहार करना चाहिए ताकि सिर्फ नीति नहीं, बल्कि आचरण के जरिए भी जनता का विश्वास जीता जा सके।सीतारमण ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और राजस्व विभाग से यह भी कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर कार्यस्थल और आवासीय सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने जोर दिया कि इन अधिकारियों को कठिन परिस्थितियों में यात्रा न करनी पड़े, इसके लिए पारिवारिक आवास और कार्यालयों को जल्द विकसित किया जाए।- -
नई दिल्ली। राजस्थान के झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में आज शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में कुछ बच्चों की मौत और 20 से ज्यादा बच्चों के घायल होने की खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “झालावाड़ के एक स्कूल में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रशासन पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हादसे को बेहद पीड़ादायक बताया और दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म एक्स पर लिखा, “ईश्वर शोक-संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति दें।” पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इस हादसे को हृदयविदारक बताया और घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि जनहानि की यह खबर बेहद दुखद है और इससे पूरा प्रदेश शोक में डूबा है।कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने हादसे की गहराई से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल भवन में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है, तो दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राज्य सरकार और जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। - नई दिल्ली। शुक्रवार सुबह राजस्थान के झालावाड़ में एक बड़ा हादसा हो गया। जिले में एक सरकारी स्कूल की छत गिर गई। इस हादसे में सात बच्चों की मौत की खबर है। वहीं, कई बच्चे घायल हुए हैं।जानकारी के अनुसार, ये घटना झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र के पीपलोदी की है। जहां पर शुक्रवार सुबह राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत अचानक गिर गई, जिसके कारण कक्षा में मौजूद कई छात्र मलबे में दब गए। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है।इस हादसे को लेकर झालावाड़ के एसपी अमित कुमार ने बताया कि पिपलौदी प्राइमरी स्कूल की छत गिरने से सात छात्रों की मौत हो गई है। इस हादसे में 10 से अधिक बच्चों के घायल होने की भी खबर है।पुलिस के अनुसार, यह घटना जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी सरकारी स्कूल में उस समय हुई जब बच्चे कक्षा में थे। पुलिस ने बताया कि घटना के तुरंत बाद शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ब्रिटेन यात्रा के समापन के बाद शुक्रवार को मालदीव पहुंचे। इस दौरान मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू समेत मालदीव के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और गृह सुरक्षा मंत्री ने वेलाना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
एयरपोर्ट पर बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किएप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए माले में एयरपोर्ट पर बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने ताली बजाते हुए बाल कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। बाद में प्रधानमंत्री मोदी इन बाल कलाकारों से मिलने उनके बीच पहुंचे।प्रवासी भारतीय नागरिकों ने भी किया गर्मजोशी से स्वागतप्रधानमंत्री मोदी के मालदीव पहुंचने पर प्रवासी भारतीय नागरिकों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी ने एयरपोर्ट के बाहर मौजूद इन प्रवासी नागरिकों से मुलाकात की। हाथ में तिरंगा झंडा लेकर घंटे भारतीय नागरिकों ने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।25 से 26 जुलाई तक मालदीव की यात्रा पर पीएम मोदीबताना चाहेंगे, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के निमंत्रण पर मालदीव पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। यह उनका तीसरा मालदीव दौरा है।भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठइससे पहले पीएम मोदी साल 2018 और 2019 में मालदीव गए थे। उनकी उपस्थिति भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक है।वहीं यह प्रधानमंत्री मोदी की दो देशों की यात्रा का दूसरा चरण है। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने यूनाइटेड किंगडम की अपनी सफल यात्रा पूरी की, जहां उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास चेकर्स में अपने ब्रिटिश समकक्ष, प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिससे द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रोजगार सृजन में वृद्धि होने की उम्मीद है। -
नई दिल्ली। भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की तैयारियां तेज कर दी हैं। आज शुक्रवार को आयोग ने चुनाव से जुड़ी अहम प्रक्रिया शुरू करते हुए रिटर्निंग अधिकारी और दो सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। निर्वाचन आयोग ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर बताया कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत उपराष्ट्रपति पद का चुनाव कराना आयोग की जिम्मेदारी है। यह चुनाव “राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति निर्वाचन अधिनियम, 1952” और “राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति निर्वाचन नियम, 1974” के मुताबिक होगा।
इस नियम के तहत, केंद्र सरकार से परामर्श कर आयोग एक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त करता है, जिसका कार्यालय नई दिल्ली में होता है। परंपरा के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा के महासचिवों को बारी-बारी से यह जिम्मेदारी दी जाती है। चूंकि पिछली बार लोकसभा महासचिव को यह जिम्मेदारी दी गई थी,इसलिए इस बार राज्यसभा के महासचिव को रिटर्निंग अधिकारी बनाया गया है।इसके साथ ही राज्यसभा सचिवालय की संयुक्त सचिव गरिमा जैन और निदेशक विजय कुमार को सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में सहयोग मिल सके। आयोग ने बताया कि इस संबंध में आवश्यक राजपत्र अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी।गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 22 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे पत्र में कहा था कि वे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं। अगले दिन राष्ट्रपति मुर्मु ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। अब नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है और जल्द ही निर्वाचन तिथि की घोषणा भी की संभावना है। - मुंबई। मस्कट से बृहस्पतिवार को मुंबई आ रहे एअर इंडिया एक्सप्रेस के विमान में थाईलैंड की एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है। विज्ञप्ति के अनुसार, एयरलाइन के चालक दल के सदस्यों और विमान में मौजूद एक नर्स ने उड़ान के दौरान प्रसव में मदद की। एयरलाइन ने एक बयान में कहा, ‘‘जिस क्षण थाई नागरिक को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, चालक दल ने तुरंत कदम उठाया- जन्म के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए अपने कठोर प्रशिक्षण के दौरान बतायी गयी बातों का इस्तेमाल किया।..पायलटों ने तुरंत विमान यातायात नियंत्रण कक्ष को सूचित किया और मुंबई में प्राथमिकता के आधार पर उड़ान को उतरने देने का अनुरोध किया, जहां मेडिकल टीम और एक एम्बुलेंस आगमन पर तैयार थे।'' एयरलाइन ने कहा, ‘‘मुंबई हवाई अड्डे पर उतरने के बाद, मां और बच्चे को देखभाल के लिए तुरंत पास के एक अस्पताल में ले जाया गया। साथ ही निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए एक महिला एयरलाइन स्टाफ सदस्य भी मौजूद थी।'' विमान में यात्रियों की संख्या के बारे में तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
- नयी दिल्ली । शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश भर के केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों के 12 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति में शिक्षकों के पदों में रिक्तियां विभिन्न कारणों से होती हैं, जिनमें नये केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय की स्थापना, सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र, पदोन्नति, स्थानांतरण, कर्मचारियों का अन्य विभागों में स्थानांतरण और विद्यालयों का उन्नयन शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज की तारीख तक देश भर में केंद्रीय विद्यालय संगठन में शिक्षकों के कुल 7,765 पद और नवोदय विद्यालय समिति में शिक्षकों के 4,323 पद रिक्त हैं।'' मंत्री ने कहा कि इन रिक्तियों को भरना एक सतत प्रक्रिया है और संबंधित भर्ती नियमों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। निर्बाध शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी अवधि के लिए संविदा शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर को ‘ऐतिहासिक' और प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व और अवसर का क्षण बताया। भारत और ब्रिटेन ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 112 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ बृहस्पतिवार को एफटीए पर हस्ताक्षर किए। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, “भारत ने वैश्विक व्यापार में एक और मील का पत्थर स्थापित किया है। यह प्रत्येक नागरिक के लिए गौरव का क्षण है।''इस ऐतिहासिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह संधि मोदी की जन-केंद्रित व्यापार कूटनीति के रूप में सामने आई है, जो 95 प्रतिशत कृषि निर्यात पर शुल्क माफ करके देश के किसानों के लिए समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत करेगी। शाह ने कहा कि इससे मछुआरों को भी लाभ होगा क्योंकि 99 प्रतिशत समुद्री निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। उन्होंने कहा, “यह समझौता ‘मेक इन इंडिया' (भारत में विनिर्माण करो) के संकल्प को बढ़ावा देगा और हमारे कारीगरों, बुनकरों, कपड़ा, चमड़ा, जूते-चप्पल, रत्न और आभूषणों तथा खिलौनों के लिए व्यापक बाज़ार खोलकर हमारे स्थानीय उत्पादों का वैश्वीकरण करेगा, जिससे उनकी क्षमता एक नई ऊंचाई पर पहुंचेगी।”
- नयी दिल्ली / केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रमुख रवि अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयकर विभाग नए आयकर विधेयक, 2025 के नियमों और प्रक्रियाओं को स्वरूप देने पर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य छह दशक पुराने प्रत्यक्ष कर कानून को सरल बनाना है। अग्रवाल ने यहां 166वें आयकर दिवस समारोह में यह भी कहा कि विभाग ‘सहानुभूति के साथ नियमों के क्रियान्वयन' के सिद्धांत का पालन कर रहा है। इसके तहत वह करदाताओं को अपने रिटर्न की समीक्षा करने और स्वेच्छा से उसे अद्यतन करने का मौका दे रहा है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘नियमों, प्रपत्रों और प्रक्रियाओं को आकार देने का काम पहले से ही चल रहा है।यह एक महत्वपूर्ण कदम है... ये परिभाषित करेंगे कि कानून कैसे काम करता है और कैसे व्यवहार करता है। और मुझे विश्वास है कि विधेयक की तरह, ये भी स्पष्टता, सरलता और करदाताओं की सुविधा के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाएंगे।''नया आयकर विधेयक, 2025, 13 फरवरी, 2025 को संसद में पेश किया गया था और इसपर विचार के लिए इसे एक संसदीय समिति को भेजा गया था। समिति ने 21 जुलाई को संसद को अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें आयकर विधेयक में कुछ बदलावों का सुझाव दिया गया है। अग्रवाल ने कहा कि आयकर विभाग निष्पक्ष कर संग्रह, स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा कि हमारी प्रणालियां नागरिकों के भरोसे के योग्य हों। उन्होंने कहा कि विभाग स्वैच्छिक अनुपालन के लिए आंकड़ा विश्लेषण का उपयोग कर रहा है।अग्रवाल ने कहा, ‘‘हमारा ‘नज अभियान' यानी करदाताओं को मार्गदर्शन और सक्षम बनाने के लिए आंकड़ों का गैर-हस्तक्षेपकारी उपयोग के तहत आज विसंगतियों का पता लगाने के लिए लेन-देन स्तर के आंकड़ों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे वह खुलासा की गई आय हो, गलत कटौती हो, या उच्च जोखिम वाले दावे हों। अनुपालन उपायों को तुरंत शुरू करने के बजाय, अब हम करदाताओं को अपनी रिटर्न फाइलिंग की समीक्षा करने और स्वेच्छा से उसे अद्यतन करने का मौका दे रहे हैं। यह सहानुभूति के साथ नियमों को लागू करना है और यह व्यक्तियों पर भरोसा करने के लिए विभाग की विकसित होती मानसिकता को दर्शाता है।''
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी को निजी नियोजन के आधार पर गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी कर 18,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि विशेष प्रस्ताव पारित होने की तिथि से लेकर एक वर्ष पूरा होने तक की अवधि के दौरान निजी नियोजन के माध्यम से 12 किस्तों में यह धनराशि जुटाई जाएगी। एनटीपीसी ने 23 जून, 2025 को डाक मतपत्र की सूचना जारी की थी। इसका उद्देश्य 18,000 करोड़ रुपये तक के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी करके धन जुटाने के संबंध में ई-वोटिंग के माध्यम से विशेष प्रस्ताव के जरिये सदस्यों की मंजूरी लेना था। कंपनी ने सूचना में कहा कि उक्त प्रस्ताव को अपेक्षित बहुमत से मंजूरी मिल गयी है।
- बांकुड़ा/बर्धमान। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा और पूर्व बर्धमान जिलों में बृहस्पतिवार को आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वैभव तिवारी ने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि ओंडा में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कोटुलपुर, जॉयपुर, पतरासेयर और इंदास पुलिस थाना क्षेत्रों में एक-एक व्यक्ति की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हुई। आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि पूर्व बर्धमान जिले में आकाशीय बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि माधवडीही में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि जिले के औसग्राम, मंगलकोट और रैना पुलिस थाना क्षेत्रों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। अधिकारी ने बताया कि झुलसे लोगों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।
- नयी दिल्ली। भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' वर्ष 2027 की पहली तिमाही में प्रक्षेपित किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक अवसंरचना जैसे ऑर्बिटल मॉड्यूल प्रिपरेशन फैसिलिटी, गगनयान कंट्रोल सेंटर, क्रू प्रशिक्षण सुविधा और लॉन्च पैड में आवश्यक संशोधन पूरे कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री तथा कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गगनयान कार्यक्रम के तहत ह्यूमन रेटेड लॉन्च व्हीकल (एचएलवीएम3) का विकास और ग्राउंड परीक्षण पूरा हो चुका है। इसके अलावा चालक दल और सर्विस मॉड्यूल की प्रणोदन प्रणाली, ईसीएलएसएस इंजीनियरिंग मॉडल, तथा क्रू एस्केप सिस्टम (सीईएस) के पांच प्रकार के मोटर्स का विकास और स्थैतिक परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि गगनयान के लिए आवश्यक अवसंरचना जैसे ऑर्बिटल मॉड्यूल प्रिपरेशन फैसिलिटी, गगनयान कंट्रोल सेंटर, क्रू प्रशिक्षण सुविधा और लॉन्च पैड में आवश्यक संशोधन पूरे कर लिए गए हैं।उन्होंने कहा ‘‘इसके साथ ही प्रीकर्सर मिशन के तहत टेस्ट व्हीकल (टीवी-डी1) के माध्यम से क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया, जबकि आगामी टीवी-डी2 और आईएडीटी-01 मिशनों पर कार्य प्रगति पर है। सिंह ने बताया कि पहले मानवरहित मिशन (जी1) के तहत लॉन्च स्टेज, मोटर्स, क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल की संरचनाएँ तैयार हो चुकी हैं और उनका प्रारंभिक परीक्षण किया जा चुका है। उनहोंने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्रमा पर मानव मिशन के बारे में बताया कि गगनयान कार्यक्रम भारत को एक पूर्ण अंतरिक्ष कौशल संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ‘‘इसके बाद अगला लक्ष्य पृथ्वी की निचली कक्षा में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना करना है, ताकि दीर्घकालिक मानव अंतरिक्ष मिशन संभव हो सकें।'' सिंह ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का पहला मॉड्यूल जून 2028 तक प्रक्षेपित किया जाएगा और फिर दिसंबर 2028 तक उस मॉड्यूल से एक डॉकिंग मिशन भी भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि 2035 तक सभी पाँच मॉड्यूल मिलाकर एक पूर्ण रूप से कार्यशील भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित किया जाएगा। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि 2040 तक भारत का लक्ष्य एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर उतारने का है जिसके लिए इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के केंद्रों में आवश्यक प्रौद्योगिकी, लॉन्च यान और ऑर्बिटल मॉड्यूल के विन्यास को लेकर कार्य प्रगति पर है।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आयकर अधिकारियों से नीतियों के समय पर क्रियान्वयन में मानकों को ऊंचा करने और अपने व्यवहार से करदाताओं का भरोसा अर्जित करने को कहा। सीतारमण ने आयकर अधिकारियों की नई प्रौद्योगिकी को अपनाने और केवल छह महीनों के भीतर नए आयकर विधेयक का मसौदा तैयार करने में उनकी तत्परता की सराहना की। उन्होंने जल्द से जल्द ओजीई के लंबित मामलों को निपटाने के लिए प्रेरित किया। ओजीई (या प्रभावी आदेश) एक ऐसा आदेश है जो एक आयकर अधिकारी को तब पारित करना होता है जब कोई करदाता कर निर्धारण के विरुद्ध अपील में विभाग के खिलाफ मामला जीत जाता है।उन्होंने यहां 166वें आयकर दिवस समारोह में कहा, ‘‘अच्छी नीतियां ही पर्याप्त नहीं हैं। वास्तव में जो मायने रखता है वह है समय पर क्रियान्वयन... मुझे लगता है कि इतने वर्षों में आपने (कर अधिकारी) अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। अब मानकों को ऊंचा करने का समय आ गया है।'' वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘आप और भी बेहतर हो सकते हैं। आप अपने व्यवहार से करदाताओं का विश्वास अर्जित कीजिए।'' उन्होंने कहा कि आयकर दिवस राज्य और करदाता के बीच अघोषित सामाजिक अनुबंध की फिर से पुष्टि करने का अवसर है। सीतारमण ने नए आयकर विधेयक, 2025 का मसौदा तैयार करने वाले अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि आयकर कानून 1961 को सरल बनाने वाले प्रस्तावित कानून का मसौदा तैयार करने में 60,000 मानव घंटे लगे। उन्होंने कहा, ‘‘1961 से इसे छुआ तक नहीं गया। इसमें कई संशोधन जुड़ते गये। व्यापक समीक्षा नहीं हुई। इसलिए, जो काम शुरू किया गया, उसमें इतने घंटे लगे।''
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परि वहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार अगस्त के अंत तक पेट्रोल में 27 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण के मानदंड लागू कर देगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2023 में 20 प्रतिशत एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल की शुरुआत की थी।गडकरी ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “भारत पहले ही 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का अपना लक्ष्य हासिल कर चुका है। ब्राजील में, गैसोलीन में एथनॉल मिश्रण 27 प्रतिशत है।” वर्तमान में, वाहन इंजन मामूली संशोधन के साथ ई20 (ईंधन में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण) पर चल सकते हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा, “वर्तमान में, भारत में ई27 ईंधन के लिए मानक मानदंड नहीं हैं...ई27 के मानदंडों को अगस्त के अंत से पहले अंतिम रूप दे दिया जाएगा।” भारत अपनी 85 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरतों को आयात से पूरा करता है।उन्होंने कहा, “हम 22 लाख करोड़ रुपये मूल्य के जीवाश्म ईंधन का आयात करते हैं, जिससे प्रदूषण भी बढ़ रहा है।'' गडकरी ने कहा कि 11 वाहन कंपनियों ने ‘फ्लेक्स-फ्यूल' इंजन से चलने वाले वाहन बनाए हैं।फ्लेक्स फ्यूल इंजन वाले वाहनों को पारंपरिक ईंधन के साथ एथनॉल के मिश्रण पर, या यहां तक कि 100 प्रतिशत एथनॉल पर भी चलने के लिए डिजायन किया गया है। उन्होंने कहा, “भारत खाद्यान्न अधिशेष वाला देश है और किसानों के हितों की रक्षा करने की आवश्यकता है।” गन्ने के साथ-साथ टूटे हुए चावल और अन्य कृषि उत्पादों से निकाले गए एथनॉल के उपयोग से भारत को विदेशी आयात पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है। औसतन 10 प्रतिशत मिश्रण प्राप्त करने का लक्ष्य जून, 2022 में ही प्राप्त कर लिया गया, जो नवंबर, 2022 की निर्धारित तिथि से काफी पहले था।
- नयी दिल्ली। ब्रिटेन के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत शून्य शुल्क पर सहमति के बाद भारत के जेनेरिक दवाओं और चिकित्सकीय उपकरणों जैसे एक्स-रे सिस्टम और सर्जिकल उपकरणों के निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर की उपस्थिति में बृहस्पतिवार को लंदन में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते का यह हिस्सा है।वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ सर्जिकल उपकरण, जांच में उपयोग (डायग्नोस्टिक) वाले उपकरण, ईसीजी मशीन, एक्स-रे सिस्टम जैसे चिकित्सकीय उपकरणों के एक बड़े हिस्से पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।'' उन्होंने कहा कि इससे भारतीय चिकित्सकीय-प्रौद्योगिकी कंपनियों की लागत कम होगी और उनके उत्पाद ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘‘ यूरोपीय संघ छोड़ने (ब्रेक्जिट) और कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद ब्रिटेन के चीनी आयात पर निर्भरता से दूर होने के मद्देनजर भारतीय विनिर्माता एक पसंदीदा, लागत प्रभावी विकल्प बनने के लिए तैयार हैं खासकर चिकित्सकीय उपकरणों के लिए शून्य-शुल्क मूल्य निर्धारण के साथ...'' मंत्रालय ने कहा कि एफटीए के तहत शून्य शुल्क प्रावधानों से ब्रिटेन के बाजार में भारतीय जेनेरिक दवाओं की प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जो यूरोप में भारत का सबसे बड़ा दवा निर्यात गंतव्य बना हुआ है।भारत वैश्विक स्तर पर दवा क्षेत्र के तहत 23.31 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात करता है और ब्रिटेन करीब 30 अरब अमेरिकी डॉलर का आयात करता है। हालांकि, ब्रिटेन के आयात में भारतीय दवा क्षेत्र का योगदान एक अरब डॉलर से कम है, जो विकास की पर्याप्त गुंजाइश दर्शाता है। दस्तावेज के अनुसार, दवा क्षेत्र में केवल 56 शुल्क श्रेणियां हैं, जो कुल शुल्क श्रेणियों का केवल 0.6 प्रतिशत है। इसके बावजूद दवा क्षेत्र आमतौर पर खासकर वैश्विक व्यापार में उच्च मूल्य और रणनीतिक महत्व रखता है।भारतीय दवा उद्योग मात्रा के हिसाब से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा और मूल्य के मामले में 14वां सबसे बड़ा उद्योग है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय दवा निर्यात सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 30.5 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। यह उद्योग पिछले 30 वर्षों में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं बनाने में अग्रणी बन गया है। भारत जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। इसकी वैश्विक आपूर्ति में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है और यह 60 चिकित्सीय श्रेणियों में 60,000 विभिन्न जेनेरिक ब्रांड पर काम कर रहा है। भारतीय उत्पाद दुनियाभर के 200 से अधिक देशों में भेजे जाते हैं, जिनमें जापान, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिमी यूरोप और अमेरिका मुख्य गंतव्य हैं। भारत में चिकित्सकीय उपकरण क्षेत्र का वर्तमान बाजार आकार 11 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है और 2030 तक इसके 50 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।













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