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- वाराणसी . केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कहा कि आध्यात्मिक संस्थाओं को 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा' बनाने में अग्रणी भूमिका निभाते हुए नशा मुक्ति अभियान का आधार बनना चाहिए। मांडविया वाराणसी में 'विकासशील भारत के लिए नशा मुक्त युवा' विषय पर आयोजित युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में 'काशी घोषणापत्र' को औपचारिक रूप से अंगीकार किया गया। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 600 से अधिक युवा नेता, 120 से अधिक आध्यात्मिक और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और क्षेत्र विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने इस अवसर पर कहा, "भारत की आध्यात्मिक शक्ति ने हमेशा संकट के समय में भारत का मार्गदर्शन किया है। इसलिए आध्यात्मिक संस्थाओं को अब विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा बनाने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। वे इस महाअभियान का आधार बनेंगे।" उन्होंने कहा, "हमने पिछले तीन दिनों में विविध विषयगत सत्रों में गहन चिंतन किया है। इस सामूहिक चर्चा के आधार पर काशी घोषणापत्र का जन्म हुआ है, जो न केवल एक दस्तावेज़ के रूप में, बल्कि भारत की युवा शक्ति के लिए एक साझा संकल्प के रूप में भी है।" बयान के मुताबिक, औपचारिक रूप से स्वीकृत काशी घोषणापत्र इस बात की पुष्टि करता है कि मादक द्रव्यों का सेवन एक बहुआयामी जन स्वास्थ्य और सामाजिक चुनौती है, जिसे लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सहमति बन चुकी है। साथ ही समग्र सरकार और समग्र समाज दृष्टिकोण का आह्वान करता है। यह व्यसन निवारण, पुनर्वास में सहायता और राष्ट्रीय स्तर पर संयम की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और तकनीकी प्रयासों के एकजुटता पर ज़ोर देता है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने इस आयोजन स्थल की सांस्कृतिक पवित्रता पर प्रकाश डालते हुए कहा, "काशी की यह पावन भूमि सनातन चेतना का उद्गम स्थल है, जहां अनुशासन और मूल्य जीवन को मोक्ष की ओर ले जाते हैं। हम केवल एकत्रित नहीं हो रहे हैं; हम ऐसे बीज बो रहे हैं जो एक दिन राष्ट्रीय परिवर्तन के एक सशक्त वृक्ष के रूप में विकसित होंगे।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ''अगर एक ऐसा राष्ट्र जहां 65 प्रतिशत युवा आबादी मादक पदार्थों का शिकार हो जाती है, उसमें जो नौजवान इससे मुक्त होंगे केवल वे ही भविष्य का निर्माण कर पाएंगे।'' काशी घोषणापत्र एक मार्गदर्शक चार्टर के रूप में काम करेगा और इसकी प्रगति की समीक्षा विकासशील भारत युवा नेता संवाद 2026 के दौरान की जाएगी, जिससे निरंतरता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
- पुरी. ओडिशा के पुरी जिले में कुछ लोगों द्वारा अपहृत और आग के हवाले की गई 15 वर्षीय लड़की की जान बचाने वाले व्यक्ति ने रविवार को उन पलों को याद किया जब लड़की ने "मुझे बचाओ, मुझे बचाओ" चिल्लाते हुए उसका दरवाजा खटखटाया था। बलंगा गांव के निवासी दुक्षिष्यम सेनापति ने बताया कि जब उन्होंने दस्तक और चीखें सुनकर दरवाज़ा खोला तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। सेनापति ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया को बताया, "लड़की जल रही थी और दर्द से चीख रही थी।" डीजीपी शनिवार सुबह इस गांव में घटी घटना को समझने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे। सेनापति ने बताया, "सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह लड़की चिल्लाती हुई मेरे घर आई। मैंने अपनी पत्नी की मदद से आग बुझाई और उसे पानी दिया क्योंकि वह बहुत प्यासी थी। बाद में मेरे परिवार की महिलाओं ने उसके कपड़े बदले।" सेनापति ने बताया कि उन्होंने लड़की से पूछा कि क्या हुआ था, और उन्हें बताया गया कि तीन अज्ञात लोगों ने उसे आग लगा दी थी। सेनापति ने कहा, "उसने बताया कि वह एक दोस्त से मिलने के बाद घर लौट रही थी, तभी मोटरसाइकिल पर आए तीन लोगों ने उसे उठा लिया। इन लोगों के चेहरे आधे ढके हुए थे, और वे उसे भार्गवी नदी के किनारे एक जगह ले गए। वह उनके नाम नहीं बता सकी। वह सिर्फ़ इतना बता सकी कि उन्होंने उसके चेहरे को रूमाल से ढक दिया और आग लगाने से पहले उस पर कोई पदार्थ डाल दिया।" उन्होंने डीजीपी को बताया, "मैंने ज़्यादा ज़ोर नहीं दिया क्योंकि वह कांप रही थी।"सेनापति ने बताया कि आरोपियों ने लड़की का अपहरण करते समय उसके हाथ बांध दिए थे। उन्होंने कहा, "लेकिन, जब वह मेरे घर पहुंची, तो उसके हाथ खुले थे।" सेनापति ने बताया कि वह भी अपराध में शामिल लोगों की तलाश में अपने घर से बाहर भागे, लेकिन वे नहीं मिले। उन्होंने कहा, "लड़की ने मुझे बताया कि उसे आग लगाने के तुरंत बाद वे भाग गए। हमलावरों ने सोचा होगा कि वह मौके पर ही मर जाएगी, लेकिन बहादुर लड़की भागकर हमारे घर पहुंच गई।" उन्होंने डीजीपी को यह भी बताया कि 108 एम्बुलेंस उनके घर देर से पहुंची, जिससे उन्हें लड़की को अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो रिक्शा ढूंढना पड़ा। सेनापति ने कहा, "जब हम उसे ऑटो रिक्शा में ले जा रहे थे, उसी समय एम्बुलेंस आ गई। लड़की हमारे घर लगभग 90 मिनट तक रुकी।" लड़की 70 प्रतिशत तक जल चुकी थी। उसे बेहतर इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नयी दिल्ली ले जाया गया।
- गुरुग्राम. हरियाणा के नूंह जिले के एक गांव के पास रविवार को सात वर्षीय एक लड़के की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामला तब प्रकाश में आया जब कलवाड़ी गांव के कुछ निवासियों ने कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर बच्चे का खून से लथपथ शव देखा और पुलिस को सूचित किया। शव के पास एक चाकू भी मिला। संदेह है कि हत्या में इसी चाकू का इस्तेमाल किया गया था।मृतक बच्चे की पहचान एक निजी कंपनी में काम करने वाले कमल के बेटे आशीष के रूप में हुई है।परिवार में बच्चे की मां, एक बड़ा भाई और बहन है। परिवार मूल रूप से राजस्थान के अलवर के पालकरी गांव का रहने वाला था, लेकिन पिछले तीन महीनों से फतेहपुर गांव में किराए के मकान में रह रहा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के हर मंडल में 'आदर्श गोशाला' बनाने का फैसला किया है। राज्य सरकार द्वारा रविवार को यहां जारी एक बयान के मुताबिक इसके तहत प्रथम चरण में आठ मंडलों में एक गोशाला को आत्मनिर्भर और एक ब्लॉक को प्राकृतिक खेती के लिये चयनित कर मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। यह योजना गौ-संवर्द्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बयान के अनुसार प्रथम चरण में प्रदेश के आठ मंडलों की आठ गोशालाओं को 'आदर्श गोशाला' के रूप में चुना जा रहा है। इनमें अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर, चित्रकूट, बरेली, आगरा, कानपुर और झांसी शामिल हैं। इन गोशालाओं को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बरेली मंडल के मझगवां ब्लॉक स्थित 'खंगवा श्याम सृष्टि मंगलम् गोशाला' को प्रदेश की पहली आदर्श गोशाला घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें ‘इंटर-लॉक्ड वेस्ट-फ्री शेड डिजाइन' अपनाया जाएगा, जिससे चारे की बर्बादी में कमी आएगी। यहां से मंडल-स्तरीय आत्मनिर्भर गोशाला मॉडल की शुरुआत हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'ग्राम-ऊर्जा मॉडल' के तहत गोशालाओं को ग्रामीण विकास का केंद्र बनाया जाएगा। मझगवां ब्लॉक को पूरी तरह गो-आधारित प्राकृतिक कृषि क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे किसानों को रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। सरकार की योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को गोशालाओं से जोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के विशेष कार्याधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि गोशालाओं के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गोशालाओं को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा और इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गो-संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन हो और गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार से ब्रिटेन और मालदीव की चार दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के पहले चरण में, मोदी लंदन जाएंगे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। रविवार को दोनों देशों की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी, स्टॉर्मर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। मोदी की 23-24 जुलाई की ब्रिटेन यात्रा, इस देश की उनकी चौथी यात्रा होगी।विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के महाराजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यात्रा के दौरान दोनों पक्ष व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।" लंदन से मोदी मालदीव जाएंगे। वह मुख्य रूप से 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में शामिल होने मालदीव जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर 25 से 26 जुलाई तक मालदीव की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और 'व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का जायजा लेंगे। यह संयुक्त दृष्टिकोण पिछले साल अक्टूबर में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान अपनाया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, "यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी, मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति और विजन महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) में एक विशेष स्थान रखता है।" मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।
- मुजफ्फरनगर/हरिद्वार/ कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण के दौरान रविवार को कांवड़ यात्रा मार्गों, विशेषकर दिल्ली-देहरादून राजमार्ग और गंग नहर मार्ग पर अलग-अलग सड़क हादसों में छह तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और लगभग 20 अन्य घायल हो गए। उत्तराखंड के हरिद्वार से गंगाजल लेकर वापस लौट रहे हजारों कांवड़ियों (भगवान शिव के भक्तों) का मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा मार्गों पर कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। यात्रा 23 जुलाई को समाप्त होगी, जब तीर्थयात्री रास्ते में पड़ने वाले शिव मंदिरों में गंगाजल चढ़ाने के बाद घर लौटेंगे। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हुए दावा किया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रत्येक कांवड़ संघ से ऐसे उपद्रवियों को बेनकाब करने का आग्रह किया। योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘उपद्रवियों ने इस पवित्र तीर्थ को बदनाम करने का सहारा लिया है... हमारे पास उन सभी की सीसीटीवी फुटेज है। हम इसके (कांवड़ यात्रा) समाप्त होने के बाद उनके पोस्टर चस्पा करने जा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह ध्यान रखना है कि जहां उत्साह और उमंग है, जहां आस्था और भक्ति है, कुछ तत्व उस उत्साह को भंग करने और इस भक्ति और आस्था को बदनाम करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।'' मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 12 बजे शोभित विश्वविद्यालय परिसर में उतरा, जिसके बाद उन्होंने मोदीपुरम क्षेत्र में दुल्हेड़ा चौकी के पास बनाए गए मंच से कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कल से देश के विभिन्न राज्यों से लाखों शिवभक्त कांवड़ के रूप में जल लेकर विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। इस अवसर पर मैं हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आ रहे सभी शिवभक्तों का हार्दिक स्वागत करता हूं।'' इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी और उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा किया। इस बीच, एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन टिकट को लेकर हुए विवाद के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान पर हमला करने के आरोप में तीन कांवड़ियों को गिरफ्तार किया गया है। सीआरपीएफ का जवान ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस पर सवार होने जा रहा था, जबकि कांवड़िये भी झारखंड के बैद्यनाथ धाम जाने के लिए उसी ट्रेन का टिकट खरीदना चाहते थे। काउंटर पर पहले टिकट खरीदने को लेकर उनके बीच बहस हो गई थी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर तैनात जीआरपी जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और बाद में सीआरपीएफ जवान की मदद के लिए और बल भेजा गया। जीआरपी ने बताया कि सीआरपीएफ जवान अपनी ड्यूटी के लिए मणिपुर जा रहा था और उसने ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस में उसकी यात्रा की व्यवस्था की। जीआरपी ने कांवड़ियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। जीआरपी ने बताया कि बाद में कांवड़ियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो कांवड़ियों की मौत हो गई और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार देर रात छपार थाना अंतर्गत बरला पुल के पास दो मोटरसाइकिल की टक्कर में कैराना निवासी कावंड़िये अभिषेक (28) की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना उस समय हुई जब अभिषेक और उनके दोस्त मनीष कटारिया गंगा नदी से जल लेने के लिए कैराना से हरिद्वार जा रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में सलीमपुर बाईपास के निकट दो मोटरसाइकिल की टक्कर में अनिल (23) नामक एक अन्य कांवड़िये की मौत हो गई तथा चार अन्य घायल हो गए। थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि अनिल और उनका दोस्त घनश्याम गंगा जल लेने के लिए नोएडा से हरिद्वार जा रहे थे, तभी उनकी बाइक एक अन्य मोटरसाइकिल से टकरा गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि गाजियाबाद में एक तेज रफ्तार एम्बुलेंस ने एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे तीन कांवड़ियों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि दुर्घटना शनिवार रात करीब 11:45 बजे कादराबाद के पास दिल्ली-मेरठ रोड पर एक रेस्तरां के सामने हुई। उन्होंने बताया कि चारों कांवड़िये हरिद्वार जा रहे थे, जबकि एम्बुलेंस मेरठ के एक अस्पताल में मरीज को छोड़कर विपरीत दिशा से आ रही थी। तिवारी ने बताया कि मृतकों की पहचान गाजियाबाद निवासी ऋतिक (23), अभिनव (25) और सचिन (38) के रूप में हुई है। घायल व्यक्ति की पहचान अजय (30) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि एम्बुलेंस को जब्त कर लिया गया है और चालक को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस ने बताया कि उत्तराखंड के नयी टिहरी में गंगोत्री से लौटते समय ट्रक पलटने से 14 कांवड़िये घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, कांवड़िये हरियाणा से आये थे और गंगा जल लेकर लौट रहे थे।छाम थाना प्रमुख सुखपाल मान ने बताया कि यह दुर्घटना ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर वैलधार के पास हुई। घायलों में से चार की हालत गंभीर है। पुलिस के मुताबिक, ओडिशा के नयागढ़ जिले में दारापाड़ा के पास रविवार सुबह एक पिकअप वैन कांवड़ियों से भरे एक ऑटोरिक्शा से टकरा गई। हादसे में एक महिला कांवड़िये की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। नयागढ़ जिला मुख्यालय अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया, ‘‘ऑटोरिक्शा दुर्घटना में घायल हुए सात लोगों को हमारे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिनमें से एक की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल छह लोगों को भुवनेश्वर रेफर कर दिया गया है।'' इस बीच, उत्तर प्रदेश के मेरठ में कुछ महिला स्वयंसेवकों ने सरधना क्षेत्र में गंगा नहर पुल पर एक कांवड़ सेवा शिविर में तीन पुलिसकर्मियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मेरठ के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राकेश कुमार मिश्रा ने आरोपों पर कहा कि घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज की जांच में कोई आपत्तिजनक गतिविधि सामने नहीं आई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इन तीनों पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया और मोबाइल से वीडियो भी बनाई तथा विरोध करने पर उनके साथ कथित रूप से गाली-गलौज भी की। सेवा शिविर में मौजूद स्वयंसेवकों ने तत्काल तीनों पुलिसकर्मियों को पकड़कर निकटवर्ती पुलिस चौकी को सौंप दिया। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी ने बिना विधिक कार्रवाई के तीनों को वहां से जाने दिया, जिससे गुस्साए लोगों ने चौकी परिसर में धरना दिया और दोषियों के निलंबन की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है । सत्र की शुरुआत से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से सदन को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सभी सदस्य लोकतंत्र की गरिमा और जनहित को ध्यान में रखते हुए रचनात्मक चर्चा करें।
ओम बिरला ने लिखा, “18वीं लोकसभा का पांचवां सत्र (मानसून सत्र) प्रारंभ हो रहा है। लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर में जनाकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हम सभी प्रतिनिधियों की सामूहिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने सभी दलों के नेताओं और सांसदों से आग्रह किया कि वे स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद, समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक प्रगति के लिए रचनात्मक विमर्श में सहयोग करें। लोकसभा अध्यक्ष को उम्मीद है कि यह सत्र लोकतंत्र, विविधता में एकता और संविधान के मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में सार्थक योगदान देगा।मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा और कुल 32 दिनों में 21 बैठकें होंगी। वहीं स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते संसद के दोनों सदन 12 अगस्त से 17 अगस्त तक स्थगित रहेंगे। इसके बाद 18 अगस्त को सत्र दोबारा शुरू होगा। सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद को संबोधित करेंगे। इस बार सत्र में कई अहम मुद्दों पर बहस और कानून पेश किए जाएंगे। इसके अलावा विपक्ष ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान शांति वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर भी बहस की संभावना है। विपक्ष ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और समय को लेकर सवाल उठाए हैं। सरकार इस सत्र के दौरान 8 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिनमें जीएसटी सुधार, टैक्स कानूनों में संशोधन, सार्वजनिक विश्वास नियमन, खेल प्रशासन सुधार, बंदरगाह नीति, खनिज कानून, और भू-विरासत स्थलों के संरक्षण से संबंधित विधेयक शामिल हैं।- -
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सदन की कार्यवाही से पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस सत्र को विजयोत्सव का नाम दिया। उन्होंने कहा- मानसून नवीनता और नवसर्जन का प्रतीक है। अब तक जो खबरें मिलीं हैं। देश में मौसम बहुत अच्छे ढंग से आगे बढ़ रहा है। कृषि को लाभदायक की खबरें हैं।
मानसून नया कुछ करने और नई शुरुआत का प्रतीकउन्होंने कहा कि मानसून नवीनता और सृजन का प्रतीक है, और इस बार देश में बारिश ने किसानों और अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक योगदान दिया है। पीएम ने बताया कि पिछले दस वर्षों की तुलना में इस बार जल भंडारण तीन गुना बढ़ा है, जिसका लाभ देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा। प्रधानमंत्री ने इस सत्र को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा लहराकर विश्व में अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों का परचम लहराया है। यह उपलब्धि देशवासियों के लिए गर्व का क्षण है और विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करेगी।लोकसभा और राज्यसभा- से इस गौरवमयी पल को एक स्वर में गौरवान्वित करने का किया आह्वानउन्होंने संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा- से इस गौरवमयी पल को एक स्वर में गौरवान्वित करने का आह्वान किया, ताकि भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में और ऊंचाइयों को छू सके।पीएम मोदी ने भारतीय सेना की ताकत की भी सराहना की।‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सेना ने जो लक्ष्य तय किया था, उसे 100% हासिल कियाउन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों को 22 मिनट के भीतर नष्ट कर अपनी सैन्य क्षमता का परिचय दिया। यह ऑपरेशन पूरी तरह से स्वदेशी सैन्य उपकरणों के साथ किया गया, जिसने विश्व का ध्यान आकर्षित किया।देश में शांति और प्रगति के एक साथ बढ़ने पर दिया जोरप्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र सैन्य शक्ति के इस विजय उत्सव को समर्पित है, जो देशवासियों और सशस्त्र बलों को प्रेरित करेगा। स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने देश में शांति और प्रगति के एक साथ बढ़ने पर जोर दिया।देश ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सामना कियाउन्होंने कहा कि देश ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन आज नक्सलवाद का दायरा तेजी से सिकुड़ रहा है। सैकड़ों जिले नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं, और सुरक्षाबलों की तत्परता से यह समस्या जड़ से खत्म होने की दिशा में बढ़ रही है।बम, बंदूक और पिस्तौल के सामने भारत का संविधान हो रहा है विजयीपीएम ने गर्व से कहा कि बम, बंदूक और पिस्तौल के सामने भारत का संविधान विजयी हो रहा है। पहले जो क्षेत्र ‘रेड कॉरिडोर’ के नाम से जाने जाते थे, वे अब ‘ग्रीन ग्रोथ जोन’ में बदल रहे हैं, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।आज भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाआर्थिक प्रगति पर बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, लेकिन आज यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने इस प्रगति को देश की मेहनत और नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सत्र केवल कानून बनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की प्रगति और गौरव को विश्व पटल पर स्थापित करने का उत्सव है। -
नई दिल्ली। सावन की दूसरी सोमवारी पर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भक्तों का तांता लगा हुआ है। सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए लाखों कांवड़िये बाबा की नगरी पहुंच चुके हैं।
सोमवार सुबह 4:07 बजे पारंपरिक पूजा के बाद मंदिर के कपाट खुलते ही जल चढ़ाने की प्रक्रिया शुरूसोमवार सुबह 4:07 बजे पारंपरिक पूजा के बाद मंदिर के कपाट खुलते ही जल चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सुबह आठ बजे तक श्रद्धालुओं की लाइन 10 किलोमीटर तक लंबी हो चुकी थी। दूसरी सोमवारी पर तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु जल चढ़ा सकते हैं।धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु ने स्वयं बाबा बैद्यनाथ पर जल चढ़ाकर दुनिया के कल्याण की प्रार्थना की थीबाबा धाम के तीर्थ पुरोहित लंबोहर परिहस्त ने बताया कि इस बार सावन की दूसरी सोमवारी के साथ कामदा एकादशी का संयोग है, जिससे आज जल चढ़ाने का महत्व और बढ़ गया है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु ने स्वयं बाबा बैद्यनाथ पर जल चढ़ाकर दुनिया के कल्याण की प्रार्थना की थी। इसलिए आज जल चढ़ाना विशेष रूप से पुण्य देने वाला माना जाता है।कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा- व्यवस्था को और पुख्ता कर दिया हैसोमवार रात 10 बजे विशेष बेलपत्र पूजा होगी, जिसमें मंदिर के पुजारी बेलपत्र चढ़ाकर बाबा का रुद्राभिषेक करेंगे। कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा- व्यवस्था को और पुख्ता कर लिया है।श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस बार वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया हैदेवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने सोमवार सुबह राजकीय श्रावणी मेले को लेकर कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ काम करने का निर्देश दिया। भीड़ प्रबंधन के लिए इस बार वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर रोक, आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पाबंदी और स्पर्श दर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है। सभी श्रद्धालुओं के लिए अरघा के माध्यम से ही जलार्पण की व्यवस्था की गई है। बता दें कि वैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। -
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। मानसून सत्र प्रारंभ होने से पहले रविवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बारे में मीडिया को जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही अच्छे से चले, इसके लिए पक्ष और विपक्ष को मिलकर काम करना होगा। राजनीतिक दल अलग-अलग विचारधाराओं के हो सकते हैं, मगर सदन का अच्छी तरह चलना सभी की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा को तैयार है।किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों के फ्लोर नेताओं की एक बैठक हुई। इस सत्र में कुल 51 राजनीतिक दल और निर्दलीय सांसद भाग लेंगे। इन 51 दलों के 54 सदस्य आज बैठक शामिल हुए। 40 लोगों ने अपनी पार्टियों की ओर से अपनी राय रखी। बहुत सकारात्मक बैठक हुई । सभी राजनीतिक नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी की स्थिति बताई और इस सत्र में लाने वाले मुद्दे उठाए। हमने सरकार की ओर से सभी प्वाइंट लिखे हैं। हमने कहा है कि सदन अच्छे से चले, इसके लिए पक्ष और विपक्ष को मिलकर अच्छे से काम करना होगा। राजनीतिक दल अलग-अलग विचारधाराओं के हो सकते हैं, मगर सदन का अच्छी तरह चलना सभी की जिम्मेदारी है। यह सरकार के साथ विपक्ष की भी जिम्मेदारी है।”उन्होंने आगे बताया कि छोटे-छोटे दल है, विशेषकर जिस पार्टी के एक या दो सदस्य होते है, उनको सदन में बोलने का कम समय मिलता है, क्योंकि संख्या के हिसाब से संसद का सिस्टम चलता है। इसको हमने संज्ञान में लिया है। छोटी पार्टियों के नेता को बोलने का पर्याप्त समय कैसे दें, इसको सुनिश्चित करने पर भी हमने सहमति जताई है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कई अहम मुद्दे है, जिस पर सभी दलों ने अपने विचार रखे हैं कि इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। हम तो खुले दिल से इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। हम नियम और परंपरा के तहत चलते है और इन चीजों को बहुत अहमियत देते हैं।किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद विभिन्न दलों के साथ सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की बैठकें बहुत अच्छी और प्रभावी रहीं और उन सभी अच्छे अनुभवों को राष्ट्र के सामने शेयर किया जाना चाहिए। हमें इसका स्वागत करना चाहिए। - भुवनेश्वर. ओडिशा के पुरी जिले में तीन बदमाशों द्वारा आग के हवाले की गई 15 वर्षीय लड़की को रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भुनवेश्वर से विमान के जरिए दिल्ली ले जाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लड़की को दिल्ली ले जाए जाने के तुरंत बाद, ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया पुरी जिले के बलंगा इलाके में भार्गवी नदी के किनारे स्थित घटनास्थल का दौरा करने गए। खुरानिया ने बलंगा में संवाददाताओं से कहा, "जांच एक संवेदनशील चरण में पहुंच गई है और हम जल्द ही घटना का ब्यौरा दे पाएंगे।" विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) द्वारा 48 घंटे के भीतर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए बलंगा थाने का घेराव करने तथा भुवनेश्वर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने की चेतावनी देने के बाद डीजीपी ने घटनास्थल का दौरा किया। महिला बीजद नेता और पूर्व मंत्री तुकुनी साहू ने आरोप लगाया कि घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा पाई है। इससे पहले, लड़की को एम्स भुवनेश्वर से बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ले जाने के लिए हरित गलियारा बनाया गया और पुलिस बल की एक प्लाटून तैनात की गई थी। भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जगमोहन मीणा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘एम्बुलेंस एम्स भुवनेश्वर से मरीज को लेकर 12 मिनट में हवाई अड्डे पहुंच गई। उसे एक विशेष मेडिकल टीम के साथ उन्नत उपकरणों से लैस एक एम्बुलेंस में ले जाया गया।'' स्वास्थ्य सेवा के संदर्भ में हरित गलियारे का मतलब प्रतिरोपण के लिए अंगों या गंभीर रूप से बीमार मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस के मार्ग से वाहनों एवं अन्य अवराधकों को हटाना है ताकि ये एम्बुलेंस कम से कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। नाबालिग लड़की 70 प्रतिशत तक झुलस गई थी। उसे एम्स भुवनेश्वर के ‘बर्न सेंटर' विभाग के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में कृत्रिम तरीके से ऑक्सीजन दी जा रही थी। एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मरीज की हालत स्थिर है और उसका रक्तचाप, जो कल कम था, उसमें सुधार हुआ है। उसे अस्पताल में स्थानांतरित करना सुरक्षित है।'' मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को कहा था कि राज्य सरकार नाबालिग लड़की को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की योजना बना रही है। हालांकि, माझी ने कहा कि एम्स भुवनेश्वर के अधिकारी उसकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए निर्णय लेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के शनिवार को बोलने की स्थिति में आने के बाद पुलिस ने एम्स भुवनेश्वर के आईसीयू में एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उसका बयान दर्ज किया। उन्होंने कहा कि उसका बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण है। सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एस प्रवीण कुमार और पुरी के पुलिस अधीक्षक पिनाक मिश्रा के साथ घटनास्थल का दौरा करने के बाद, डीजीपी भार्गवी नदी के तट पर गए और उस स्थान का मुआइना किया जहां तीन आरोपियों ने लड़की पर ज्वलनशील पदार्थ डाला था और उसे आग लगा दी थी। डीजीपी ने कहा, "पुलिस के अलावा, दो वैज्ञानिक टीम, एक राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से और दूसरी एम्स फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी से, ने घटनास्थल का दौरा किया है और अपराध से संबंधित कई साक्ष्य एकत्र किए हैं। जांच जारी है और पुलिस को जल्द ही विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।" सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने पिछले 36 घंटों के दौरान कम से कम 10 लोगों से पूछताछ की है, जिनमें कुछ महिलाएं और पीड़िता के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने लड़की को रोका, उसे जबरन भार्गवी नदी के किनारे ले गए और उस पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि लड़की को आग लगाने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। इसने बताया कि स्थानीय लोग आग बुझाकर उसे पिपिली सरकारी अस्पताल ले गए जहां से उसे एम्स भुवनेश्वर भेज दिया गया। बाद में उसे एम्स दिल्ली भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लड़की की मां ने बलंगा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने आठवीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ दी थी और उसके पिता एक मोटर गैराज में काम करते हैं।
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नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा और 21 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान केंद्र सरकार 8 नए विधेयक पेश करेगी और अन्य लंबित विधेयकों पर भी चर्चा होगी। सरकार का मुख्य ध्यान आयकर विधेयक 2025 पर है, जिसे बजट सत्र में 13 फरवरी को लोकसभा में पेश किया गया था।
आयकर विधेयक को भाजपा सांसद बैजयंत जय पांडा की अध्यक्षता वाली संसद की चयन समिति ने संशोधनों के साथ स्वीकार कर लिया है। अब इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद संसद में पारित करने के लिए लाया जाएगा।अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों में मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल है। इसके अलावा, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को हर छह महीने में संसद की मंजूरी की आवश्यकता होगी, इसलिए इसके विस्तार के लिए भी एक विधेयक लाया जाएगा।जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2025 भी इस सत्र में पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कारोबारी सुगमता और नियामक अनुपालन में सुधार करना है। इसके अलावा, अन्य सात विधेयकों पर भी चर्चा होगी, जो पहले पेश किए जा चुके हैं।मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों में लदान विधेयक 2024, समुद्री माल ढुलाई विधेयक 2024, तटीय नौवहन विधेयक 2024, गोवा राज्य के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिनिधित्व विधेयक 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, आयकर विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक 2025, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और नेशनल एंटी-डोपिंग संशोधन विधेयक 2025 शामिल हैं। यह सत्र सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा का केंद्र होगा। विपक्ष ने भी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग की है। -
नई दिल्ली। छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने वाले “Income Tax Bill, 2025” पर गठित संसद की चयन समिति की रिपोर्ट सोमवार को लोकसभा में पेश की जाएगी। यह समिति लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा गठित की गई थी और इसकी अध्यक्षता भाजपा नेता बैजयंत पांडा कर रहे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को लोकसभा में यह नया आयकर विधेयक पेश किया था, जिसके बाद इसे 31 सदस्यीय चयन समिति को सौंपा गया था। समिति ने विधेयक में 285 सुझाव दिए हैं और 16 जुलाई को हुई बैठक में रिपोर्ट को मंजूरी दी।सरलीकृत ढांचा: नया आयकर विधेयक पुराने अधिनियम की तुलना में काफी सरल और संक्षिप्त है। इसका उद्देश्य कर निर्धारण में पारदर्शिता और निश्चितता लाना है, जिससे मुकदमेबाजी और अस्पष्ट व्याख्याओं की गुंजाइश कम हो।-आकार में आधा: नए बिल में शब्दों की संख्या 2.6 लाख है, जबकि पुराने अधिनियम में 5.12 लाख शब्द थे।-अनुभागों में कटौती: पुराने कानून में जहां 819 प्रभावी अनुभाग थे, वहीं नए बिल में केवल 536 अनुभाग हैं।-अध्यायों की संख्या घटाकर 23: पहले 47 अध्याय थे, अब केवल 23 होंगे।-सरल भाषा का उपयोग: गैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए अध्याय को आम समझ वाली भाषा में विस्तृत किया गया है।-1,200 उपवाक्यों (provisos) और 900 स्पष्टीकरणों को हटाया गया है जिससे शब्द संख्या में 34,547 की कमी आई है।नया कर वर्ष:नए विधेयक में “पिछला वर्ष” (Previous Year) और “मूल्यांकन वर्ष” (Assessment Year) की जगह केवल “कर वर्ष” (Tax Year) की अवधारणा लागू की गई है। अब आयकर उसी वर्ष के लिए देय होगा जिसमें आय अर्जित की गई हो, जिससे करदाताओं के लिए प्रक्रिया और अधिक सहज हो जाएगी।टैक्स दर, छूट और टीडीएस/टीसीएस:छूट और TDS/TCS से जुड़े प्रावधानों को सारणीबद्ध (tabular format) कर अधिक स्पष्ट और संक्षिप्त बनाया गया है।तालिकाओं की संख्या बढ़ाकर 57 कर दी गई है, जो कि वर्तमान कानून में मात्र 18 थी।वित्त मंत्री सीतारमण ने विधेयक पेश करते समय कहा था कि यह एक “सारगर्भित और ऐतिहासिक परिवर्तन” है। समिति की रिपोर्ट अब मानसून सत्र के पहले दिन, 21 जुलाई 2025 को लोकसभा में पेश की जाएगी। मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा।नया आयकर विधेयक न केवल कर प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह करदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता को भी प्राथमिकता देता है। अब नजर लोकसभा की कार्यवाही पर टिकी है, जहां विधेयक पर चर्चा के बाद इसे पारित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। -
नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 से 24 जुलाई तक यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की यूके की चौथी यात्रा होगी। यात्रा के दौरान, पीएम मोदी भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर प्रधानमंत्री स्टारमर के साथ व्यापक चर्चा करेंगे।वह क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी मालदीव गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर 25-26 जुलाई तक मालदीव की राजकीय यात्रा करेंगे।
पीएम मोदी के दो देशों की राजकीय यात्रा की जानकारी देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के राजा चार्ल्स तृतीय से भी मिलने की उम्मीद है। इस यात्रा के दौरान, दोनों पक्ष व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे, जिसमें व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री मोदी मालदीव 25 से 26 जुलाई तक मालदीव की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह पीएम मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी। वहीं, डॉ. मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपतित्व काल में यह किसी राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष की मालदीव की पहली यात्रा होगी।आपको बता दें, प्रधानमंत्री मोदी 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के समारोह में ‘मुख्य अतिथि’ होंगे। इस यात्रा के दौरान, पीएम मोदी राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू से मुलाकात करेंगे और आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता अक्टूबर 2024 में मालदीव के राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान अपनाए गए ‘व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी’ के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का भी जायजा लेंगे।विदेश मंत्रालय ने कहा, यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और विजन ‘महासागर’ में विशेष स्थान रखता है। यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक गहरा एवं मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। - जूनागढ़ (गुजरात). केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि भारत में 1.5 करोड़ महिलाएं पहले ही लखपति दीदी बन चुकी हैं और उनके मंत्रालय का लक्ष्य 15 अगस्त तक इस संख्या को दो करोड़ तक ले जाने का है। ‘लखपति दीदी' से तात्पर्य स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की उस महिला सदस्य से है, जो प्रतिवर्ष एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित करती है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने एक विज्ञप्ति में कहा कि चौहान ने गुजरात के जूनागढ़ शहर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- मूंगफली अनुसंधान निदेशालय का दौरा किया, जहां उन्होंने इसकी गतिविधियों की समीक्षा की और किसानों और स्वयं सहायता समूहों की लखपति दीदियों के साथ बातचीत की। चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर महिला को ‘लखपति दीदी' बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी महिला गरीब क्यों रहे? यह अभियान पूरे भारत में चलाया जा रहा है।अब तक 1.5 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और मेरा विभाग 15 अगस्त तक दो करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है।'' उन्होंने कहा कि जूनागढ़ में ऐसी महिलाएं हैं जो पहले से ही प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये से अधिक कमा रही हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं ने साबित कर दिया है कि अगर उन्हें कुछ अवसर और प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, तो वे चमत्कार कर सकती हैं। ये महिलाएं 'वोकल फॉर लोकल' की सच्ची पथप्रदर्शक हैं। मुझे विश्वास है कि ये महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित भारत का निर्माण करेंगी।'' चौहान ने महिलाओं के योगदान की सराहना की।उन्होंने कहा, ‘‘साहस के साथ आगे बढ़ते रहिए। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करने के लिए आपके साथ खड़े हैं। औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की योजनाएं जारी हैं। महिलाओं की कड़ी मेहनत प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण में सहायक होगी।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि अब भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उनके लिए किसानों की सेवा करना भगवान की पूजा करने के समान है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ अपने दिल्ली कार्यालय में नहीं बैठता। इसके बजाय, मैं कृषि क्षेत्रों का दौरा करता हूं, किसानों से बातचीत करता हूं और उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करता हूं। हमारे प्रधानमंत्री भी कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।'' इससे पहले दिन में चौहान ने गिर सोमनाथ जिले में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर सासन में गिर राष्ट्रीय उद्यान के पास देवलिया सफारी उद्यान का दौरा किया।
- ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना जाने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस पर पंजाब में रूपनगर के निकट पत्थरबाजी की गई, जिससे ट्रेन की एक खिड़की का शीशा टूट गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना शुक्रवार को तब प्रकाश में आई जब ट्रेन के एक यात्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में इसकी शिकायत की और आरपीएफ, अंबाला के मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) तथा उत्तर रेलवे को टैग किया। अधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के निवासी हार्दिक शर्मा खरड़ से ट्रेन में सवार हुए थे और शुक्रवार रात जब ट्रेन रूपनगर पहुंची तो कुछ लोगों ने उसपर पथराव किया, जिससे कोच डी9 की सीट संख्या 48 की खिड़की का शीशा टूट गया।शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि वह सीट 48 पर बैठे थे, लेकिन सौभाग्य से घटना से कुछ मिनट पहले ही उन्होंने सीट बदल ली थी। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। शर्मा के ‘एक्स' पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। ऊना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा कि रेलवे को इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
- नयी दिल्ली/ उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर सबसे ज्यादा रहा और यहां बारिश से संबंधित घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गई। भारत मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की। राजस्थान के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जबकि अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और यातायात बाधित हुआ। उत्तर प्रदेश में 18 जुलाई को रात आठ बजे तक 24 घंटे से अधिक की अवधि में 18 लोगों की मौत हो गई। कुल मौतों में से आठ की मौत अत्यधिक बारिश के कारण डूबने से हुई, जबकि दो की मौत सांप के काटने से हुई। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, चित्रकूट में 17 और 18 जुलाई को डूबने से दो मौतें हुईं, मुरादाबाद में 17 जुलाई को तीन और गाजीपुर में 18 जुलाई को एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई।बयान में कहा गया है कि 18 जुलाई को भारी बारिश के बाद हुई घटनाओं में बांदा में तीन, महोबा और चित्रकूट में दो-दो तथा ललितपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। राजस्थान में पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के कारण अजमेर, पुष्कर, बूंदी, सवाई माधोपुर और पाली सहित कई शहरों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भारी बारिश के कारण नदी-नाले और बांध उफान पर होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। शुक्रवार रात टोंक के टोडारायसिंह क्षेत्र के गोलेरा गांव के पास बनास नदी में 17 लोग फंस गए थे, जिन्हें बाद में एसडीआरएफ ने बचा लिया। अजमेर के दरगाह क्षेत्र में कई लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर उन्हें बचाया। लगातार बारिश के कारण अजमेर की आना सागर झील उफान पर है तथा स्थानीय लोग पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए रेत की बोरियों का उपयोग कर रहे हैं। सबसे अधिक बारिश बूंदी जिले के नैनवा में 234.0 मिमी, नागौर के मेड़ता सिटी में 230 मिमी, अजमेर के मांगलियावास में 190 मिमी, अजमेर के नसीराबाद में 180 मिमी और प्रतापगढ़ में 160 मिमी दर्ज की गई। जयपुर मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि शनिवार को जोधपुर संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। शनिवार से भरतपुर, जयपुर, कोटा और बीकानेर संभाग में भी भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।उन्होंने कहा कि रविवार से राज्य भर में बारिश की गतिविधियों में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 27-28 जुलाई के आसपास पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की एक नई लहर संभावित रूप से लौट सकती है। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने कुमाऊं क्षेत्र के कुछ हिस्सों में रविवार को भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। कुमाऊं क्षेत्र के नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में रविवार को भारी बारिश होने की संभावना है।विभाग ने गढ़वाल क्षेत्र के देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों के साथ-साथ कुमाऊं के बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी किया है। बारिश की चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन को लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने सहित अन्य एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के उप सचिव शिवशंकर मिश्रा द्वारा जिलाधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक थाने और चौकी पर आपदा संबंधी उपकरण और वायरलेस सेट तैयार रखे जाएं। पत्र में कहा गया है कि असामान्य मौसम या भारी बारिश के बीच हिमालय के ऊपरी इलाकों में पर्यटकों को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हिमाचल प्रदेश में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने नौ जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, राज्य में कुल 141 सड़कें अभी भी बंद हैं, जबकि शनिवार शाम तक 58 जलापूर्ति योजनाएं और 28 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रभावित मंडी जिले में 94 सड़कें बंद हैं, जबकि कुल्लू जिले में 33 सड़कें बंद हैं। रविवार तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा के लिए 'येलो अलर्ट' भी जारी किया गया है।मौसम विभाग ने कहा कि सोमवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में और मंगलवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली चमकने की भी आशंका है। केरल में आईएमडी ने पांच उत्तरी जिलों (मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड) में भारी बारिश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जहां लगातार बारिश से कई शहरों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है और यातायात बाधित हो गया है। एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों को भारी वर्षा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' के तहत रखा गया है।बारिश की चेतावनी के मद्देनजर केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने भी आपात स्थिति के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं। वायनाड और कोझिकोड दोनों जगहों पर शुक्रवार रात भर भारी बारिश हुई, हालांकि शनिवार सुबह थोड़ी राहत मिली। कोझिकोड में जिलाधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों और जल निकायों के निकट रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार हैं। अरुणाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोअर सियांग जिले के विभिन्न स्थानों पर सड़क संपर्क टूट गया है।पश्चिम बंगाल के सेवोके और सिक्किम के रंगपो को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के एक हिस्से पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। भारत मौसम विभाग ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में गरज के साथ बूंदाबांदी या बारिश होने का अनुमान जताया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। आईएमडी के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 0.9 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 25.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। शाम 5:30 बजे सापेक्ष आर्द्रता 83 प्रतिशत दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शाम छह बजे दिल्ली की वायु गुणवत्ता "संतोषजनक" श्रेणी में दर्ज की गई, जिसमें वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 56 रहा।
- चेन्नई, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को तमिलनाडु के वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) का दौरा किया और 81वें स्टाफ पाठ्यक्रम के छात्र अधिकारियों, कॉलेज के स्थायी कर्मचारियों और स्टेशन अधिकारियों को संबोधित किया। जनरल अनिल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सफल अभियानों के दौरान सेना के तीनों अंगों के बीच प्रदर्शित तालमेल के महत्व पर जोर दिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि बाद में कॉलेज के संकाय सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए जनरल अनिल चौहान ने एकीकरण और संयुक्तता की अनिवार्यता, क्षमता विकास, आत्मनिर्भरता और सेना में किए जा रहे परिवर्तनकारी बदलावों की गहन समझ पर जोर दिया। डीएसएससी कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने कॉलेज में चल रही प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में सीडीएस को जानकारी दी, जहां संयुक्तता और अंतर-सेवा जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, ‘‘विशेष रूप से डीप पर्पल डिवीजन के संस्थानीकरण के साथ।'' विज्ञप्ति में कहा गया है कि कॉलेज में वर्तमान में 45 सप्ताह का 81वां स्टाफ पाठ्यक्रम चल रहा है और जिसमें 500 छात्र अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 45 छात्र 35 मित्र देशों के हैं।
- बांदा/प्रतापगढ/ उत्तर प्रदेश के बांदा और प्रतापगढ़ जिलों में शनिवार को सड़क हादसों में चार युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार बांदा जिले की देहात कोतवाली क्षेत्र के करहिया गांव के मोड़ के पास शनिवार को एक तेज रफ्तार डीसीएम (छोटा ट्रक) ने साइकिल सवार दो युवकों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनूप दुबे ने बताया कि शनिवार दोपहर करहिया गांव के मोड़ के पास कानपुर से मिर्च लादकर महाराष्ट्र जा रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने एक ही साइकिल पर सवार दो युवकों नंदकिशोर कोरी (25) और समर सिंह (18) को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि वाहन मालिक दीपनारायण और चालक को पकड़ लिया गया है और दोनों युवकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रतापगढ़ ज़िला मुख्यालय से पचास किलोमीटर दूर शनिवार की भोर में थाना आसपुर क्षेत्र के धरौली नहर के निकट बाइक के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा जाने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रतापगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) शैलेन्द्र लाल ने शनिवार को बताया कि हादसे में युवकों की पहचान राहुल गौतम (28) और अखिलेश गौतम (24) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घायल युवक विशाल गौतम (18) को जौनपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का यह फैसला पाकिस्तान पर दबाव बनाएगा ताकि वह अपनी जमीन से संचालित आतंकी संगठनों पर सख्ती करे। अमेरिका ने यह कदम 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को टीआरएफ को “विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO)” और “विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT)” घोषित किया। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और पहलगाम हमले में न्याय की मांग को दर्शाता है।शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “मैं अमेरिकी विदेश विभाग के इस फैसले का स्वागत करता हूं कि उसने लश्कर के प्रतिनिधि संगठन टीआरएफ को आतंकवादी घोषित किया है। इससे पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा कि वह इन संगठनों की गतिविधियों को नियंत्रित करे।”थरूर ने वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ अपनी बैठकों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा, “जब मैंने अमेरिका में निजी बातचीत में पूछा कि पाकिस्तान को अब भी आतंकी संगठनों को पनाह देने की छूट क्यों दी जा रही है, तो बताया गया कि पाकिस्तान का कुछ हद तक अमेरिका के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग है। उदाहरण के लिए, हाल ही में काबुल एयरपोर्ट हमले के आरोपी को पाकिस्तान ने अमेरिका को सौंपा है।”थरूर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की नीयत और गुणवत्ता पर भारत को संदेह है, क्योंकि उसका रवैया उन संगठनों के प्रति अलग होता है जो भारत के खिलाफ हैं और उन संगठनों के प्रति अलग जो अमेरिका के खिलाफ माने जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका का यह फैसला टीआरएफ को संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी सूची में शामिल कराने की भारत की कोशिशों को भी मजबूत करेगा।इससे पहले , जब पहलगाम आतंकी हमला हुआ था, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर संवेदना व्यक्त की थी और दोषियों को सजा दिलाने में अमेरिका का समर्थन जताया था।वहीं भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अमेरिका में हाल ही में हुई क्वाड बैठक और मार्को रुबियो के साथ बातचीत में टीआरएफ जैसे संगठनों के खिलाफ वैश्विक समन्वय की मांग उठाई थी। इसी कड़ी में, शशि थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने जून में वाशिंगटन का दौरा किया था और अमेरिकी सांसदों को टीआरएफ की भूमिका और पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को दिए जा रहे समर्थन की जानकारी दी थी। टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया जाना भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयास का हिस्सा है। यह उन देशों और संगठनों को जवाबदेह ठहराने की दिशा में एक बड़ा कदम है जो आतंकवाद को समर्थन देते हैं।
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में शनिवार को रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव-2025 में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने, उत्तराखंड में दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद निवेश के रूप में हुए, एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग का उत्सव मनाया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अटल जी देश की अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर पर छोड़ गए थे, पीएम मोदी इसे चौथे नंबर पर ले आए हैं। अब 2027 में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार के प्रयासों की भी जमकर तारीफ की और केंद्र सरकार से भरपूर सहायता का आश्वासन दिया।स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर में आयोजित, उत्तराखंड निवेश उत्सव – 2025 को संबोधित करते हुए, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वो जब भी चार धामों और गंगा यमुना की भूमि उत्तराखंड आते हैं तो नई चेतना लेकर लौटते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने पूरी दुनिया को आध्यात्मिक ऊंचाई पर ले जाने का काम किया है। यहां की नदियां आधे भारत की पेयजल, सिंचाई की जरूरतों को पूरा करती हैं।गृह मंत्री अमित शाह ने दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के समापन समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि तब उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कहा था कि, राज्य सरकार का असल पराक्रम समिट में हुए तीन लाख 56 हजार करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारने का होगा, लेकिन अब उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की टीम ने तमाम चुनौतियों के बावजूद, आज एक लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट धरातल पर उतार दिया है। इससे 81 हजार नए रोजगार सृजन का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही सहायक उद्योगों के जरिए भी ढाई लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जगी है।उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड के दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में भी उद्योग लग रहे हैं। राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए, नीति में पारदर्शिता, क्रियान्वयन में तीव्रता और विजन में दूरदर्शिता के साथ विकास का नया खाका खींचने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ के रूप में तीन नए राज्य बनाने का काम किया। आज ये तीनों राज्य अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। 2014 के बाद केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से उत्तराखंड में तो लगातार डबल इंजन की सरकार चल रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में विकास का खाका खींचते हुए हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई दस साल में 60 प्रतिशत बढ़ी है, इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आठ लाख किमी सड़कें बनी हैं। 333 जिलों में सुविधाजनक वंदे भारत ट्रेन पहुंच चुकी है। दस सालों में 45 हजार किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया, 88 नए हवाई अड्डे बने साथ ही इनलैंड वाटर वे कारगो में 11 गुना बढ़ोतरी हुई है।उन्होंने कहा कि एक समय में कहा जाता था कि आधारभूत सुविधाएं विकसित करते हुए, देश के गरीबों का कल्याण संभव नहीं है। लेकिन पीएम मोदी ने इस मिथक को तोड़ते हुए 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर पहुंचा दिया है। मोदी सरकार गरीबों को पांच किलो मुफ्त अनाज देकर खाद्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, साथ ही 55 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान कर रही है। इस दौरान 16 करोड़ घरों में पहली बार नल से जल पहुंचा, 12 करोड़ घरों में शौचालय, 13 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर की सुविधा प्रदान की गई। मोदी सरकार के कार्यकाल में तीन करोड़ घरों में पहली बार बिजली पहुंची, चार करोड़ लोगों को पक्के मकान दिए गए।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत की कल्पना की है, लेकिन विकसित उत्तराखंड के बिना विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। देश के समग्र विकास के लिए, छोटे राज्यों सहित उत्तर पूर्व के राज्यों का विकास भी जरूरी है। इस पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उत्तराखंड तो वैसे भी ज्योर्तिलिंग, शक्तीपीठ, पंचब्रदी, पंच केदार और पंच प्रयाग की भूमि है, इस राज्य का विकास कोई नहीं रोक सकता। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ दिन रात काम कर रही है। राज्य में वर्ष भर पर्यटक आएं, इसके लिए 360 डिग्री पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, यही कारण है कि जब कुछ लोगों ने ऑलवेदर रोड का विरोध किया तो केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी कर ऑलवेदर रोड को चार धामों तक पहुंचाने का काम किया। इसी तरह सरकार हेमकुंड साहिब के साथ ही केदारनाथ के लिए रोपवे परियोजना पर काम कर रही है।उन्होंने पुष्कर सिंह धामी सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा किस तरह इस छोटे से राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्टअप, फिल्म नीति सहित कई प्रयास किए गए, जिससे राज्य में निवेश का वातावरण बना है। आने वाले समय में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक उपचार और जैविक खेती उत्तराखंड के विकास का आधार बनेंगे।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल में उत्तराखंड को साढ़े तीन गुना से अधिक एक लाख 86 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए गए। इसके अलावा 31 हजार करोड़ सड़कों के लिए, चालीस हजार रेलवे प्रोजेक्ट के लिए, सौ करोड़ एयरपोर्ट के लिए प्रदान किए, इस तरह कुल केंद्रीय सहायता, पिछली सरकार के मुकाबले चार गुना अधिक हो जाती है। उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए की सफल ग्राउंडिंग के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि शेष निवेश लक्ष्य को बिना थे जमीन पर उतारने का काम किया जाए, केंद्र सरकार इस काम में पूरा सहयोग देने को तैयार है।
- हैदराबाद. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पिछले 11 वर्षों में आठ गुना वृद्धि के साथ 40 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़ गया है। आईआईटी हैदराबाद के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, वैष्णव ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की तेज प्रगति का जिक्र भी किया, जिसके अगस्त या सितंबर 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। वैष्णव ने कहा कि इस साल व्यावसायिक स्तर पर पहली भारत में बनी सेमीकंडक्टर चिप आएगी।उन्होंने भरोसा जताया कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया के शीर्ष पांच सेमीकंडक्टर उत्पादक देशों में एक बनने की राह पर है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा, ''महज 11 वर्षों में, हमने अपने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को छह गुना बढ़ा दिया है। यह दोहरे अंकों की वृद्धि है। हमने अपने निर्यात को आठ गुना बढ़ाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में 40 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात को पार कर लिया है।'' उन्होंने कहा कि यह वृद्धि की अभूतपूर्व गति है, जो बहुत कम देशों ने पहले कभी देखी है।उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया और कहा कि लगभग साढ़े तीन वर्षों में, भारत एक संपूर्ण 4जी दूरसंचार स्टैक डिजाइन कर सकता है। आज, यह लगभग 90,000 दूरसंचार टावरों पर स्थापित है, जो दुनिया के कई देशों के नेटवर्क से भी अधिक है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के पुरी जिले में शनिवार को बदमाशों ने 15 वर्षीय लड़की को आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि लड़की को गंभीर हालत में एम्स-भुवनेश्वर ले जाया गया है।उपमुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रवती परीदा ने एक पोस्ट में घटना की पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘मैं यह खबर सुनकर दुखी और स्तब्ध हूं कि पुरी जिले के बलंगा में कुछ बदमाशों ने सड़क पर 15 वर्षीय लड़की पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।'' उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लड़की को तुरंत एम्स भुवनेश्वर भेज दिया गया है और उसके इलाज की सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इलाज का सारा खर्च सरकार वहन करेगी। पुलिस प्रशासन को दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।'' प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बयाबर गांव में तीन बदमाशों ने एक लड़की को उस समय आग लगा दी जब वह अपनी सहेली के घर जा रही थी। घटना के बाद वे फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाकर लड़की को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस गांव पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
- शिलांग. मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले के एक गांव में दिनदहाड़े एक स्कूली छात्रा की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को विलियमनगर के पास सामगोंग गांव में हुई।पुलिस ने कहा कि हमलावर की तलाश जारी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमलावर ने किशोरी पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला किया। उन्होंने बताया कि हत्या के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए विलियमनगर सिविल अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा, "जांच जारी है। पुलिस ने हमलावर के बारे में कोई भी जानकारी देने पर इनाम की भी घोषणा की है।"
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नयी दिल्ली. भारत और अमेरिका की टीमों ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए 17 जुलाई को वाशिंगटन में पांचवें दौर की वार्ता पूरी कर ली है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह वार्ता वाशिंगटन में चार दिन (14-17 जुलाई) तक चली। अधिकारी ने कहा, “भारतीय टीम वापस आ रही है।” भारत के मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल वार्ता दल का नेतृत्व कर रहे हैं। ये विचार-विमर्श इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दोनों पक्ष एक अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं, जब भारत सहित दर्जनों देशों पर लगाए गए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुल्क (26 प्रतिशत) की निलंबन अवधि का अंतिम दिन है। इस साल दो अप्रैल को, ट्रंप ने इन उच्च जवाबी शुल्कों की घोषणा की थी। उच्च शुल्कों के कार्यान्वयन को तुरंत 90 दिनों के लिए नौ जुलाई तक और फिर एक अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया था क्योंकि अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। पांचवें दौर की वार्ता में कृषि और वाहन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। गैर-बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं और ‘स्कॉमेट' (विशेष रसायन, जीव, सामग्री, उपकरण और प्रौद्योगिकी) से निपटने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। कृषि और डेयरी उत्पादों पर शुल्क में रियायत की अमेरिकी मांग पर भारत ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। कुछ किसान संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि व्यापार समझौते में कृषि से जुड़े किसी भी मुद्दे को शामिल न किया जाए। भारत इस अतिरिक्त शुल्क (26 प्रतिशत) को हटाने की मांग कर रहा है। वह इस्पात और एल्युमीनियम (50 प्रतिशत) और वाहन (25 प्रतिशत) क्षेत्रों पर शुल्क में ढील की भी मांग कर रहा है। इनके विरुद्ध, भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मानदंडों के तहत प्रतिशोधात्मक शुल्क लगाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखा है। प्रस्तावित व्यापार समझौते में देश श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, चमड़े के सामान, परिधान, प्लास्टिक, रसायन, झींगा, तिलहन, अंगूर और केले के लिए शुल्क रियायत की भी मांग कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका कुछ औद्योगिक वस्तुओं, वाहन, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहनों, वाइन, पेट्रोकेमिकल उत्पादों, कृषि वस्तुओं, डेयरी उत्पादों, सेब, मेवे और आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों पर शुल्क रियायत चाहता है।













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