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- जयपुर। राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले के रणथम्भौर राष्ट्रीय पार्क में मंगलवार को एक नर बाघ का शव मिला। सवाईमाधोपुर के मुख्य वन संरक्षक टी सी वर्मा ने मंगलवार को बताया कि बाघ टी-65 का शव एक पानी के कुंड में मिला था। पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों का पता चल पायेगा। उन्होंने बताया कि बाघ की उम्र करीब 10 साल थी। वर्मा ने बताया कि टी-65 बाघ की मौत के बाद राष्ट्रीय अभयारण में अब 68 बाघ बचे हैं।
- सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)। सिद्धार्थनगर जिले के बांसी इलाके में यात्रियों को लेकर जा रही एक जीप के खड़े ट्रक से जा टकराने से तीन लोगों की मौत हो गई तथा छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि बांसी कोतवाली क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 233 पर स्थित करही मस्जिदिया गांव के पास सड़क के किनारे एक ट्रक, तकनीकी खराबी की वजह से खड़ा था। सोमवार को देर रात बस्ती से आ रही एक जीप बेकाबू होकर उस ट्रक के पीछे से जा टकराई। उन्होंने बताया कि इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि हादसे में घायल हुए छह लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
- नयी दिल्ली। देश के 17 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 73 जिलों में 29 जून से पांच जुलाई तक लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने की दर 10 प्रतिशत से अधिक रही। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से आठ देश के पूर्वोत्तर हिस्से से हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन 73 जिलों में अरुणाचल प्रदेश (18), राजस्थान (10), मणिपुर (नौ), केरल (सात), मेघालय (छह), त्रिपुरा (चार), सिक्किम (चार), ओडिशा (तीन), नगालैंड (तीन), असम (दो) और मिजोरम (एक) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन जिलों में 29 जून से पांच जुलाई तक के सप्ताह में लोगों के संक्रमित पाए जाने की दर 10 प्रतिशत से अधिक रही। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने पूर्वोत्तर में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि को लेकर कहा, “हम पूर्वोत्तर राज्यों को अधिक जांच करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।'' सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय उन राज्यों को पत्र लिखेगा, जिनमें लोगों के संक्रमित पाए जाने की दर अधिक रही है। भार्गव ने कहा कि इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में जांच ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और ‘‘अत्यधिक उच्च स्तर पर'' जांच जारी रखनी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘आज लगभग 73 ऐसे जिले हैं, जिनमें लोगों के संक्रमित पाए जाने की दर 10 प्रतिशत से अधिक है। लगभग 65 जिले ऐसे हैं, जहां लोगों के संक्रमित पाए जाने की दर लगभग पांच से 10 प्रतिशत है और 595 जिले ऐसे हैं, जहां यह दर पांच प्रतिशत से कम है।
- मुंबई। महाराष्ट्र में कथित तौर पर रेल यात्रियों का कीमती सामान चुराने के आरोप में पालघर जिले के बोईसर से 22 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि आरोपी लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा करने वाले लोगों को निशाना बनाता था। उसके पास से 2.81 लाख रुपये के आभूषण और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। रेलवे पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, उसे एक महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया, जिसका अप्रैल में अवध एक्सप्रेस में 2.81 लाख रुपये मूल्य के आभूषणों से भरा बैग चोरी हो गया था।
- नयी दिल्ली। सरकार आदिवासी समुदाय के विकास और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन समुदायों को वन संसाधनों के प्रबंधन में और अधिक शक्तियां देने के लिए आदिवासी मामलों के मंत्रालय के साथ गठबंधन करते हुए मंगलवार को यह बात कही। एक कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्रालय और आदिवासी मामलों के मंत्रालय ने संयुक्त रूप से निर्णय किया कि वन अधिकार कानून (एफआरए), 2006 को लागू करना सुनिश्चित किया जाए और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की जाए। जावड़ेकर ने कहा, ‘‘(नरेंद्र) मोदी सरकार आदिवासी समुदायों के विकास और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। आज का कदम आदिवासियों के सर्वांगीण विकास और वन अधिकार कानून को सही मायने में लागू करने के लिए ऐतिहासिक है।'' उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के सात वर्षों के शासनकाल में आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए गए हैं और वन कोष से लाखों आदिवासियों को फायदा मिला। केंद्रीय पर्यावरण सचिव आर पी गुप्ता और आदिवासी मामलों के सचिव अनिल कुमार झा ने आदिवासी जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकार कानून को मान्यता) कानून, 2006 को प्रभावी तरीके से लागू करने पर संयुक्त बयान जारी किया। इस कानून को आम तौर पर एफआरए के नाम से जाना जाता है।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल की खनन विस्तार योजना की बैठक की अध्यक्षता की। सेल वर्ष 2030 तक अपनी इस्पात विनिर्माण क्षमता को दोगुने से भी अधिक बढ़ाकर पांच करोड़ टन वार्षिक तक पहुंचाना चाहती है। इस्पात मंत्रालय के तहत आने वाली भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) देश की सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी है जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 2.10 करोड़ टन है। कंपनी को अपनी क्षमता विस्तार के लिये अतिरिक्त कच्चे माल की आवश्यकता होगी। इस्पात मंत्रालय ने एक ट्वीट जारी कर कहा है, ‘‘माननीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राज्य मंत्री एफएस कुलस्ते और इस्पात मंत्रालय तथा सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कंपनी की खनन विस्तार योजना को लेकर बैठक की।'' मंत्रालय ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि इससे खुले बाजार में कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी साथ ही इसका कच्चे माल के दाम पर भी सकारात्मक असर होगा। मंत्रालय के ट्वीट में कहा गया है कि अधिकारियों को कच्चे माल का उत्पादन बढ़ाने, उसे उपयोग स्थल तक ले जाने और लौह अयस्क फाइन्स बिक्री के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। एक अलग ट्वीट में इस्पात मंत्रालय ने कहा है कि इस्पात मंत्री ने सेल को निर्देश दिया है कि उसे खनन नीति में किये गये सुधार का लाभ उठाने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिये। खनन मंत्रालय की नीति में लौह अयस्क के ‘डंप एण्ड फाइन्स' को खुले बाजार में बेचने की अनुमति दी गई है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल और उनकी टीम को "बेहतरीन काम" के मद्देनजर एक और कार्यकाल की मंजूरी दे दी। आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, आयोग का कार्यकाल तीन साल का होता है और यह मालीवाल का तीसरा कार्यकाल होगा। केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, “दिल्ली महिला आयोग बेहतरीन काम कर रहा है। उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। मैंने आज मौजूदा आयोग को एक और कार्यकाल की मंजूरी दे दी। स्वातिजी और उनकी टीम को शुभकामनाएं। अच्छा काम करते रहें।” मालीवाल ने कहा कि केजरीवाल के निरंतर समर्थन के कारण ही आयोग को दिल्ली में लाखों महिलाओं और लड़कियों के जीवन को बदलने में सफलता मिली है। केजरीवाल के ट्वीट पर मालीवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “"हम माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी को हमें यह मौका देने के लिए धन्यवाद देते हैं। उनके निरंतर समर्थन के कारण ही आयोग को दिल्ली में लाखों महिलाओं और लड़कियों के जीवन को बदलने में कामयाबी हासिल हुई है। आयोग की टीम पूरी ईमानदारी से दिल्ली के लोगों की सेवा करना जारी रखेगी। ” उन्होंने कहा, “हमने आयोग के कामकाज में क्रांति ला दी है और आज आयोग देश भर में अपने अच्छे कामों के लिए जाना जाता है। हमने हजारों लड़कियों को तस्करी और वेश्यावृत्ति के रैकेट से छुड़ाया है।“ उन्होंने कहा कि आयोग के हस्तक्षेप से सैकड़ों बलात्कार पीड़िताओं के पुनर्वास में मदद मिली है। ” मालीवाल ने केजरीवाल को आश्वासन दिया, "हम अगले तीन वर्षों में आयोग को और भी अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।” मालीवाल का नव गठित दिल्ली महिला आयोग में पहला कार्यकाल 2015 से 2018 तक था। इसके बाद उन्हें 2018-2021 तक दूसरा कार्यकाल मिला। यह दूसरी बार है कि मालीवाल के कार्यकाल को विस्तार दिया गया है। जुलाई 2018 में भी उनके कार्यकाल को समाप्त होने से पूर्व विस्तार दिया गया था।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) अगले साल की शुरुआत से पूरे देश में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नौकरियों में भर्ती के लिए उम्मीदवारों की ‘स्क्रीनिंग' और ‘शॉर्टलिस्ट' करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप से शुरू की गई सीईटी की यह अनूठी पहल इस साल के अंत से शुरू होने वाली थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसमें देरी होने की संभावना है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की ‘ई-बुक सिविल लिस्ट-2021' के विमोचन के बाद सिंह ने कहा कि सीईटी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा किया गया महत्वपूर्ण सुधार है। यह नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले युवाओं के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा। मंत्री ने आगे बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी से सीईटी आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) का गठन किया गया है। बयान में कहा गया, ‘‘एनआरए सरकारी क्षेत्र में नौकरियों के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग, शॉर्टलिस्ट करने के लिए सीईटी आयोजित करेगी, जिसके लिए वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनेल सिलेक्शन (आईबीपीएस) के माध्यम से भर्ती की जाती है।'' सिंह ने कहा कि एनआरए एक बहु-एजेंसी निकाय होगा, जो समूह 'बी' और 'सी' (गैर-तकनीकी) पदों के संबंध में उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्ट करने के लिए सामान्य परीक्षा आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि इस सुधार की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र होगा, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले उम्मीदवारों को काफी सहूलियत होगी।
- नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण स्थगित तीसरे और चौथे चरण की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेंस क्रमश: 20 से 25 जुलाई तथा 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान होगी । केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को यह घोषणा की ।आईआईटी, एनआईटी जैसी संस्थाओं में दाखिले के लिए अप्रैल और मई में होने वाली जेईई मेंस की तीसरे और चौथे चरण की परीक्षा कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी । निशंक ने डिजिटल माध्यम से बताया, '' जेईई मेंस की तीसरे और चौथे चरण की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेंस क्रमश: 20 से 25 जुलाई तथा 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच होगी । '' उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या दोगुनी कर दी गई है ताकि कोविड दिशा निर्देशों का पालन किया जा सके। इन दो चरणों की परीक्षा का परिणाम अगस्त में जारी हो सकता है ।गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कोविड-19 के कारण जेईई (मेंस) की अप्रैल और मई सत्र की परीक्षा स्थगित कर दी थी । इस वर्ष से जेईई मेंस परीक्षा साल में चार बार आयोजित की जा रही है । फरवरी में प्रथम सत्र और मार्च में दूसरे सत्र की प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था । कोरोना वायरस महामारी के कारण जेईई एडवांस परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया है । जेईई मेंस में उत्तीर्ण होने वाले छात्र जेईई एडवांस्ड में आवेदन करने के पात्र होते हैं । आईआईटी में दाखिले के लिये आईआईटी (एडवांस्ड) में उत्तीर्ण होने के साथ 12वीं कक्षा में या तो न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक या प्रवेश परीक्षा में शीर्ष 20 पर्सेंटाइल में स्थान हासिल करने की जरूरत होती है । कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 12वीं कक्षा में अंक संबंधी पात्रता में छूट दी गई है ।
- नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने कहा है कि विभिन्न गैर-तकनीकी पॉपुलर श्रेणियों - एनटीपीसी के ग्रेजुएट और अंडरग्रेजुएट पदों के लिए रेलवे भर्ती परीक्षा का सातवां और अंतिम चरण 23 जुलाई से शुरू होगा।मंत्रालय ने कहा है कि शेष दो लाख 78 हजार उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा - सीबीटी अब 23, 24, 26 और 31 जुलाई को आयोजित की जाएगी। कोविड महामारी की दूसरी लहर के कारण इन परीक्षाओं को टाल दिया गया था। कम्प्यूटर आधारित पहले स्तर की परीक्षा छह चरणों में 28 दिसंबर 2020 से इस वर्ष 8 अप्रैल तक कराई गई थी।मंत्रालय ने कहा कि यह परीक्षा देश भर के 76 शहरों में लगभग 260 केंद्रों में कड़े कोविड नियमों के तहत आयोजित की जा रही है। अधिकांश उम्मीदवारों को उनके गृह राज्य में केंद्र आवंटित किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि जिन उम्मीदवारों अपने राज्य के अंदर केन्द्र आवंटन करना संभव नहीं हो पाया है, उन उम्मीदवारों को रेल संपर्क वाले पड़ोसी राज्य में केन्द्र आवंटित किया गया है।इस चरण के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केन्द्र और तिथि देखने तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए मुफ्त यात्रा प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए एक लिंक परीक्षा से दस दिन पहले सभी रेलवे भर्ती बोर्ड की वेबसाइटों पर उपलब्ध होगी ।ई-कॉल लेटर डाउनलोड करने की प्रक्रिया परीक्षा तिथि से चार दिन पहले शुरू हो जाएगी।मंत्रालय ने कहा है कि सातवें चरण के सभी उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन में दिए गए उनके ई-मेल और मोबाइल नंबरों पर भी आवश्यक सूचना भेजी जा रही है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती प्रक्रिया पर नवीनतम अपडेट के लिए केवल आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइटों को ही देखें। मंत्रालय ने कहा है कि उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी गई है कि वे कॉल लेटर के साथ जारी किए गए कोविड से संबंधित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। फेस मास्क का उपयोग अनिवार्य बनाया गया है और उम्मीदवारों को केवल फेस मास्क पहनने पर ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति होगी और हर समय फेस मास्क पहनना होगा।
- नई दिल्ली। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय ने आज वन संसाधनों के प्रबंधन में जनजातीय समुदायों को ज्यादा अधिकार उपलब्ध कराने की संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किेए। यह संयुक्त घोषणा वन अधिकार अधिनियम से संबंधित है जो जनजातीय समुदायों के वन अधिकारों को मान्यता देता है और ऐसे अधिकार उपलब्ध कराता है।पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावडेकर तथा जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा की उपस्थिति में इस संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए। संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर को ऐतिहासिक बताते हुए श्री जावडेकर ने कहा कि केन्द्र सरकार जनजातीय समुदायों और वनवासियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस घोषणा से जनजातीय समुदाय सक्षम होंगे और वनाधिकार अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन में मदद मिलेगी।श्री जावडेकर ने कहा कि पिछले सात वर्ष में पांच लाख जनजातीय लोगों को जमीन के अधिकार दिए गए हैं और ग्राम सभा की 25 हजार से अधिक समितियां बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय बजट को दोगुना कर दिया गया है। वन धन योजना से चार लाख वनवासियों को लाभ हुआ है। उन्होंने वन और जनजातीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वन संबंधी योजना बनाने और प्रबंधन में ग्राम सभा को शामिल किया जायेगा।
- नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान 45 लाख 82 हजार से अधिक कोविड रोधी टीके लगाये गये। इसके साथ ही राष्ट्रव्यापी टीकाकरण के तहत अब तक 35 करोड़ 75 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि साोमवार को एक दिन में 34 हजार 703 नये कोविड मामलों की पुष्टि हुई। एक सौ 11 दिन में यह सबसे कम आंकड़ा है।देश में सक्रिय मामलों की संख्या घटकर चार लाख 64 हजार 357 रह गई है जो कि 101 दिन में सबसे कम है। सक्रिय मामलों की दर 1.52 प्रतिशत रह गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान 51 हजार 864 रोगी संक्रमण से ठीक हुए। अब तक दो करोड 97 लाख 52 हजार से अधिक लोग स्वस्थ हो चुके हैं। मंत्रालय ने बताया है कि दैनिक मामलों से स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक है।देश में स्वस्थ होने की दर में वृद्धि हो रही है और यह 97.17 प्रतिशत हो गई है। कल एक दिन में 553 रोगियों की इस संक्रमण से मृत्यु हुई।
- आगरा। फतेहपुरसीकरी के स्मारक की दीवारों, महल और खंभों को पर्यटक अब छू नहीं सकेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने पर्यटकों को इनसे दूर रखने के लिए लकड़ी की रेलिंग लगा दी है। एएसआई का कहना है कि इससे स्मारकों की पच्चीकारी के पत्थर सुरक्षित रहेंगे, वहीं यहां आने वाले पर्यटकों का कोरोना वायरस से बचाव भी होगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने फतेहपुरसीकरी में स्मारकों की दीवार के आगे लकड़ी की रेलिंग लगा दी है, ताकि पर्यटक दीवारों को स्पर्श न कर सकें। उल्लेखनीय है कि पंचमहल परिसर में दीवान-ए-खास के बेहतरीन नक्काशीदार खंभों को पर्यटक छूने के साथ ही उससे लगकर फोटो खिंचवाते हैं। इसी तरह का आलम अनूप तालाब, टर्की सुल्ताना महल और दीवान-ए-खास में देखने को मिलता है। इसी वजह से एएसआई ने यहां चारों तरफ लकड़ी की रेलिंग लगवा दी है जिस पर करीब 16 लाख रुपये खर्च किये गये हैं। इस संबंध में अधीक्षण पुरातत्वविद् बसंत कुमार स्वर्णकार का कहना है कि यहां कई ऐसे भी पर्यटक आते हैं जो खुरचकर स्मारकों को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि अब रेलिंग होने से वे दीवार से दूर रहेंगे और बगैर नुकसान पहुंचाये स्मारक का दीदार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्मारक को स्पर्श करने से अन्य पर्यटक भी कोरोना वायरस के संक्रमण से भी बचे रहेंगे।
- भिवानी। हरियाणा में भिवानी के गांव कैरू स्थित जलघर में डूबने से 2 सगी बहनाें समेत 3 बच्चियाें की माैत हाे गई। इन बच्चियों की उम्र 8 से 10 वर्ष के बीच थी। परिजनों ने बताया, घटना रविवार शाम करीब 6:30 बजे की है। बच्चियां खेलते-खेलते जलघर में चली गईं, वहां एक बच्ची का पैर फिसला और वह टैंक में डूबने लगी। बचाने के चक्कर में दो भी डूब गईं।-file photo
- नयी दिल्ली। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल के चिकित्सकों ने रीढ की हड्डी की एक चुनौतीपूर्ण सर्जरी कर 12 साल के लड़के को नया जीवन दिया है। जन्म से ही रीढ की हड्डी संबंधी गंभीर और दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे का यदि ऑपरेशन नहीं किया जाता तो उसकी जान जा सकती थी। अस्पताल के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। चिकित्सकों के मुताबिक बाल रोग विभाग का मामला होने के कारण छह घंटे तक चला ऑपरेशन बेहद जटिल था, क्योंकि इसमें मैलाइनेंट हाइपरथर्मिया (बेहोश करने के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं का प्रतिकूल प्रभाव) बढ़ने के खतरे के अलावा, सर्जरी के दौरान अधिक रक्त बहने और उसके बाद गहन चिकित्सा देखभाल की जरुरत पड़ती है। मैलाइनेंट हाइपरथर्मिया भारत में बेहद दुर्लभ बीमारी है और एक लाख लोगों में से केवल एक व्यक्ति को ही यह बीमारी होने की आशंका होती है। इसके कारण सर्जरी के दौरान मांसपेशियों की कठोरता और पाचन संबंधी समस्या बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। यहां इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर (आईएसआईसी) के चिकित्सकों ने इस ऑपरेशन में रीढ़ की बाईं ओर 140 डिग्री के स्कोलियोटिक वक्र को ठीक किया है। यह ऑपरेशन इस वर्ष मार्च में किया गया। उसके बाद बच्चे को निगरानी में रखा गया था। बच्चे का ऑपरेशन करने वाली टीम में शामिल चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक आपातकालीन स्थिति में मैलाइनेंट हाइपरथर्मिया को स्थिर रखने के लिए डेंट्रोलीन नामक जिस दवा की जरुरत होती है वह आसानी से भारत में उपलब्ध नहीं है। इससे पहले 2015 में एक अन्य अस्पताल में एक बालक के इसी तरह के ऑपरेशन को टालना पड़ा था, क्योंकि उसके शरीर का तापमान 108 डिग्री फॉरेनहाइट तक बढ़ गया था। बालक को 13 दिनों तक गहन चिकित्सा सुविधा केन्द्र में रखने के बाद बचाया गया था। बालक को पहले जनवरी में आईएसआईसी में लाया गया था, लेकिन डेंट्रोलीन दवा आने का इंतजार किया गया। इस दवा को जर्मनी से मंगवाया जाता है। आईएसआईसी में स्पाइन सर्जन डॉ रजत महाजन ने कहा, ‘‘ आपातकालीन स्थिति में डेंट्रोलीन दवा के इस्तेमाल से मृत्यु दर की आशंका को कम कर दो प्रतिशत तक लाया जा सकता है।
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नयी दिल्ली। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 10वीं और 12वीं की अगले साल की बोर्ड परीक्षा के लिए विशेष मूल्यांकन योजना की सोमवार को घोषणा की और शिक्षण सत्र को दो हिस्सों में बांट दिया। बोर्ड ने 2021-22 शिक्षण सत्र के पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाने और आंतरिक मूल्यांकन और प्रोजेक्ट आदि को अधिक ‘‘विश्वसनीय'' और ‘वैध' बनाने संबंधी योजना की भी घोषणा की है। सीबीएसई के निदेशक (शिक्षण) जोसेफ इमैनुएल द्वारा जारी सरकारी आदेश के अनुसार, पहले टर्म की परीक्षा नवंबर-दिसंबर, 2021 में होगी जबकि दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल, 2022 में होगी। उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षण सत्र 2021-22 के लिए पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत तरीके से दो टर्म में बांटा जाएगा, इसके लिए विषयों के विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘पाठ्य्रकम को दो हिस्सों में बांटे जाने के आधार पर प्रत्येक टर्म के अंत में बोर्ड परीक्षाएं कराएगा। शिक्षण सत्र के अंत में बोर्ड द्वारा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराने की संभावनाओं को बढ़ाने के लक्ष्य से ऐसा किया गया है।'' बोर्ड परीक्षा 2021-22 के पाठ्यक्रम को जुलाई 2021 में अधिसूचित अंतिम शिक्षण सत्र के लिहाज से युक्तिसंगत बनाया जाएगा। इमैनुएल ने कहा, ‘‘आंतरिक मूल्यांकन, प्रायोगिक, परियोजना कार्यों को अधिक विश्वासनीय और दिशा-निर्देशों के अनुसार वैध बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे और निष्पक्ष तरीके से अंक दिए जाने के लिए बोर्ड द्वारा नीति की घोषणा की जाएगी।'' बोर्ड द्वारा यह योजना कोविड महामारी की वजह से लाई गई है जिसके कारण पिछले साल कुछ विषयों की बोर्ड परीक्षा और इस वर्ष संपूर्ण बोर्ड परीक्षा को रद्द करना पड़ा है।
- उधगमंडलम (तमिलनाडु) ।तमिलनाडु के नीलगिरि जिले के गुडालुर शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें सरकारी दुकान में रखी शराब की 12 बोतलों को चूहों ने खाली कर दिया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह मामला सोमवार को उस समय सामने आया जब तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) के कर्मचारियों ने कदमपुझा इलाके में लॉकडाउन के समय से ही बंद पड़ी शराब की दुकान को खोला। दुकान के कर्मचारियों ने देखा कि शराब की 12 बोतलों के ढक्कन खुले हुए हैं और बोतलें पूरी तरह से खाली हो चुकी हैं। बोतलों पर चूहों के काटने के निशान मौजूद हैं। इस घटना की जानकारी मिलने पर टीएएसएमएसी के अधिकारियों ने जांच की, जिसमें पता चला कि दुकान में मौजूद चूहों ने यह कारनामा किया है। शराब की बोतलों की कीमत करीब 1500 रुपये बताई जा रही है।-file photo
- नयी दिल्ली। केंद्र ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के चौथे चरण के तहत सात राज्यों में मुफ्त खाद्यान्न वितरण शुरू हो चुका है और लाभार्थियों को अब तक करीब 14,700 टन खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका। केंद्र ने बताया कि मई और जून में योजना के तीसरे चरण के तहत करीब 70.6 लाख टन खाद्यान्न का वितरण किया गया। सरकार ने राशन कार्ड की सुवाह्यता (पोर्टबिलिटी) सुविधा को लेकर कहा कि बाकी चार राज्यों - असम, छत्तीगढ़, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में जल्द ही इसका कार्यान्वयन होने की उम्मीद है। इसके तहत किसी एक राज्य का कार्डधारी दूसरे राज्य में होने पर वहीं से अपने हिस्से का राशन ले सकता है। पीएमजीकेएवाई सबसे पहले मार्च 2020 में शुरू की गई थी। कोविड से पैदा हुई आर्थिक मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे में आने वाले 80 करोड़ लाभार्थियों को राहत प्रदान करने के लिए पिछले साल शुरू किया गया था। पिछले साल योजना को दो चरणों में नवंबर तक के लिये बढ़ा दिया गया। तीसरे चरण में इस साल योजना को पहले दो महीने के लिये -मई और जून- में लागू किया गया। इसके बाद चौथे चरण के तहत इसे नवंबर 2021 तक के लिये बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाभार्थियों को उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिलने वाली सस्ती राशन के अतिरिक्त प्रति व्यक्ति पांच किलो खाद्यान्न प्रति माह उपलब्ध कराया जाता है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने आभासी संवाददाता सम्मेलन में बताया कि योजना के तीसरे चरण में, ‘‘आवंटित खाद्यान्न में से 89 प्रतिशत लाभार्थियों को वितरण किया गया। मई में यह आवंटन 94 प्रतिशत तक रहा और एक सप्ताह के समय में यह इस स्तर तक पहुंच सकता है।'' पांडे ने कहा कि अलग अलग राज्य राशन वितरण का अलग अलग चक्र अपनाते हैं इसलिये आवंटन में कुछ देरी हुई। बहरहाल, तमिलनाडु, राजस्थान और झारखंड में राशन वितरण में तेजी आ रही है। ‘‘हम राज्यों से कह रहे हैं कि एनएफएसए का राशन कोटा और पीएमजीकेएवाई के तहत दिये जाने वाले खाद्यान्न का अलग अलग वितरण करें।'' खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्यान्न वितरण का चौथा चरण शुरू हो चुका है। पांच जुलाई तक करीब 14,700 टन खाद्यान्न वितरण कर लिया गया है।" केंद्र सरकार पहले ही योजना के तहत जुलाई-नवंबर 2021 अवधि के लिए सभी राज्यों के लिये 198.78 लाख टन खाद्यान्न आवंटित कर चुकी है। करीब 16 राज्यों और संघ शासित प्रदेशें ने अनाज उठाना शुरू कर दिया है। इन राज्यों ने पांच जुलाई तक करीब चार लाख टन खाद्यान्न का उठाव किया है। अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर राज्यों ने आश्वासन दिया है कि खाद्यान्न वितरण सुनियोजित तरीके से किया जायेगा। पांडे ने बताया कि पिछले साल योजना को आठ महीने चलाया गया था और इस साल यह अवधि सात महीने की होगी। कुल 15 महीनों के लिए योजना के कार्यान्वयन में 2,28,000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। पांडे ने राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सुविधा 'एक देश एक राशन कार्ड' (ओएनओआरसी) के कार्यान्वयन में प्रगति को लेकर कहा कि सरकार को उम्मीद है कि बाकी चार राज्य जल्द ही इसका कार्यान्वयन कर लेंगे। ‘‘दिल्ली और पश्चिम बंगाल सरकारें इसे जल्द लागू करने जा रही हैं। क्योंकि इन राज्यों में सभी इलेक्ट्रानिक पाइंट आफ सेल (ईपीओएस) मशीनें लग चुकी हैं, उनका परीक्षण किया जा चुका है। दोनों टीमें आपसी समन्वय से काम कर रही हैं।'' छत्तीसगढ़ में ईपीओएस मशीनों की खरीद शुरू हो चुकी है। वहीं असम में आधार कम लोगों के पास होने की वजह से देरी हो रही है। देश के 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में यह सुविधा लागू हो चुकी है जिसके तहत लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में राशन कार्ड के जरिए अपने कोटे का खाद्यान्न हासिल कर सकता है। मंत्रालय के मुताबिक औसत रूप से करीब 69 लाख लाभार्थी मासिक रूप से 1.5 करोड़ पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत लेन-देन कर रहे हैं।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीकाकरण के लिए भारत के प्रौद्योगिकी मंच कोविन को ‘‘डिजिटल जनकल्याण'' के रूप में जल्द ही सभी देशों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत महामारी से निपटने में अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों को वैश्विक समुदाय के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविन वैश्विक सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी मंच कोविन को खुला स्रोत बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि यह सभी देशों में उपलब्ध हो। टीकाकरण से मानवता के महामारी से सफलतापूर्वक उबरने की उम्मीद जताते हुए मोदी ने कहा ‘‘हमने भारत में अपनी टीकाकरण रणनीति की योजना बनाते समय पूरी तरह से डिजिटल दृष्टिकोण को अपनाने का फैसला किया।'' उन्होंने कहा कि इससे लोगों को यह साबित करने में मदद मिली है कि उन्हें महामारी के बाद भी वैश्विक दुनिया में तेजी से सामान्य स्थिति कायम करते हुए टीका लगाया गया है। सुरक्षित और भरोसेमंद सबूत लोगों को यह स्थापित करने में मदद करते हैं कि उन्हें कब, कहां और किसके द्वारा टीका लगाया गया है। डिजिटल दृष्टिकोण टीकाकरण के उपयोग का पता लगाने और टीके की बर्बादी को कम से कम करने में भी मदद करता है। मोदी ने कहा कि अनुभव बताता है कि कोई भी राष्ट्र, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, इस महामारी जैसी चुनौती को अलग-थलग रहके हल नहीं कर सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘महामारी की शुरुआत से ही भारत इस लड़ाई में अपने सभी अनुभवों, विशेषज्ञता और संसाधनों को वैश्विक समुदाय के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी से यह सबसे बड़ा सबक मिलता है कि मानवता और मानव कल्याण के लिए हमें मिलकर काम करना होगा और साथ-साथ आगे बढ़ना होगा। हमें एक-दूसरे से सीखना होगा और अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में एक-दूसरे का मार्गदर्शन भी करना होगा।'' यह उल्लेख करते हुए कि प्रौद्योगिकी कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई का अभिन्न अंग है, मोदी ने कहा कि सौभाग्य से सॉफ्टवेयर एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कोई संसाधन की कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, हमने तकनीकी रूप से संभव होते ही अपने कोविड ट्रेसिंग और ट्रैकिंग ऐप को ओपन सोर्स बना दिया।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारतीय सभ्यता पूरे विश्व को एक परिवार मानती है और इस महामारी ने कई लोगों को इस दर्शन के मौलिक सत्य का अहसास कराया है।'' मोदी ने कहा, ‘‘इसलिए, कोविड टीकाकरण के लिए हमारे प्रौद्योगिकी मंच कोविन को खुला स्रोत बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है ताकि सभी देशों में उपलब्ध हो।'' राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ आर एस शर्मा ने हाल में कहा था कि कनाडा, मेक्सिको, नाइजीरिया, पनामा और युगांडा समेत लगभग 50 देशों ने अपने टीकाकरण अभियान चलाने के लिए कोविन को अपनाने में रुचि दिखाई है। साथ ही कहा था कि भारत मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर साझा करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में कोविड-19 रोधी टीकों की 35 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। इनमें कुछ दिन पहले एक दिन में दी गई 90 लाख खुराक भी शामिल हैं। इसके अलावा टीका लगवाने वाले लोगों को कुछ भी साबित करने के लिए कागज का टुकड़ा ले जाने की भी जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सब डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ 'आरोग्य सेतु' ऐप डेवलपर्स के लिए आसानी से उपलब्ध पैकेज हो गया है। प्रधानमंत्री ने इच्छुक देशों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर की अनुकूलन क्षमता पर भी प्रकाश डाला। मोदी ने उम्मीद जतायी कि 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य' के दृष्टिकोण से निर्देशित होकर ही मानवता निश्चित रूप से इस महामारी पर विजय प्राप्त करेगी।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीकाकरण को गति देना समय की आवश्यकता है। ऐसे में भारत कोविन प्लेटफॉर्म को दुनिया के समक्ष एक ऐसे प्रौद्योगिकी उपकरण के रूप में पेशकश कर रहा है जिसका सार्वजनिक भलाई के कामों में व्यापक रूप से उपयोग किया जा सकता है। डिजिटल माध्यम से वैश्विक कोविन सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 36 करोड़ कोविड टीके लगाने के करीब पहुंच रहा है, जो कि टीकाकरण अभियान शुरू होने के छह महीने से भी कम समय में हासिल की गई उपलब्धि है। इस दौरान हमने यह भी कहा है कि दिसंबर तक ''हम अपनी पूरी वयस्क आबादी को टीका लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' सम्मेलन में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, गुयाना, एंटीगुआ और बारबुडा, सेंट किट्स एंड नेविस और जाम्बिया सहित 142 देशों के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। हर्षवर्धन ने कहा कि वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट जैसी साझा चुनौतियों से केवल साझा कार्यों और संसाधनों के माध्यम से निपटा जा सकता है। सभी को टीका लगना महामारी को रोकने और समाप्त करने की कुंजी है, इस बात पर और अधिक जोर नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, ''दुनिया भर में टीकाकरण की गति को तेज करना समय की मांग है। इसके लिए, हम कोविन प्लेटफॉर्म को एक प्रौद्योगिकी उपकरण के रूप में पेश करने को लेकर उत्साहित हैं, जिसका सार्वजनिक भलाई के कामों में अधिक से अधिक उपयोग किया जा सकता है। मुझे आशा है कि आप सभी देश हमारी पेशकश से मूल्य और लाभ प्राप्त करने में सक्षम हैं।'' हर्षवर्धन ने कहा, ''हमारा कोविन प्लेटफॉर्म डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की सफलता का दर्पण है, जिसने लगातार विकास पथ पर कदम बढ़ाए हैं तथा कई मील के पत्थर हासिल किए हैं।'' सम्मेलन का आयोजन संयुक्त रूप से स्वास्थ्य और विदेश मंत्रालय व राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा किया गया था।
- मुंबई ।रिजर्व बैंक ने सोमवार को कहा कि दूसरे चरण के सरकारी प्रतिभूति अधिग्रहण कार्यक्रम (जी- सैप 2.0) के तहत 20 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की पहली खरीद आठ जुलाई को की जायेगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 4 जून को घोषणा की थी कि बाजार को समर्थन देने के जी-सैप 2.0 कार्यक्रम के तहत 2021- 22 की दूसरी तिमाही में 1.2 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खुले बाजार से खरीद करेगा। आरबीआई बृहस्पतिवार को (आठ जुलाई को) बहु-प्रतिभूति नीलामी के जरिये विभिन्न परिपक्वता वाली पांच सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा। इसके लिये बहुआयामी मूल्य प्रणाली को अपनाया जायेगा। आरबीआई ने कहा कि अलग अलग प्रतिभूतियों की खरीद मात्रा के बारे में तय करने का अधिकार उसके पास आरक्षित होगा। कुल राशि के मुकाबले कम अथवा अधिक प्रतिभूतियों की खरीद का भी उसके पास अधिकार आरक्षित होगा। राशि को पूर्णांक में रखने के लिये ऐसा किया जा सकता है। नीलामी प्रक्रिया का परिणाम उसी दिन घोषित कर दिया जायेगा।जी- सैप 2.0 के तहत 20,000 करोड़ रुपये की अगली खरीद 22 जुलाई को होगी।रिजर्व बैंक ने इससे पहले 2021- 22 वित्त वर्ष में जी- सैप 1.0 के तहत एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खुले बाजार से खरीदारी की थी।
- देहरादून। पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनने के एक दिन बाद सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव ओम प्रकाश को हटाकर उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एस एस संधू को नियुक्त कर दिया गया। वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी संधू भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष के तौर पर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर थे। उनकी छवि एक सक्षम अधिकारी की है। ओम प्रकाश को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है और दिल्ली में रेजीडेंट कमिश्नर बनाया गया है।
- नयी दिल्ली। रेलवे ने गैर तकनीकी वर्ग की 35,281 रिक्तियों को भरने के लिए पिछले साल 28 दिसंबर से लेकर नौ अप्रैल तक 1.23 करोड़ उम्मीदवारों की छह चरण में कम्प्यूटर आधारित परीक्षा करवाई है। भारतीय रेलवे की ओर से सोमवार को यह जानकारी दी गई। रेलवे ने यह भी कहा कि बाकी बचे 2.78 लाख उम्मीदवारों के लिए कम्प्यूटर आधारित परीक्षा का सातवां और अंतिम चरण अब 23, 24, 26 और 31 जुलाई को आयोजित होगा। कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण इस चरण की परीक्षा नहीं हो पाई थी। इसके साथ ही सभी उम्मीदवारों के लिए कम्प्यूटर आधारित परीक्षा का पहला चरण पूरा होगा। रेलवे ने बताया कि 76 शहरों में लगभग 260 केंद्रों पर कोविड-19 नियमों के तहत और सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों पर पचास प्रतिशत क्षमता के साथ परीक्षा आयोजित की जा रही है।
- संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शादी समारोह में जा रहे बाइक सवारों को ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। हादसे में दो मासूम समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दो मासूम समेत चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। एक मासूम और महिला गंभीर रूप से घायल हैं। सोमवार की सुबह करीब 11.30 बजे असमोली थाना इलाके के सैदनगली-पाकबड़ा रोड़ स्थित हसनगढ़ में हादसा हुआ।
- इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में शादियों के दौरान कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन रोकने के लिए प्रशासन ने सोमवार को होटलों और मैरिज गार्डन संचालकों पर भी नियमों की नकेल कस दी। जिलाधिकारी मनीष सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "अगर शादियों में 50 मेहमानों की तय तादाद से ज्यादा लोग शामिल हुए और इन आयोजनों में कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देश टूटे, तो वर-वधू पक्ष के साथ ही संबंधित होटलों और मैरिज गार्डन संचालकों के खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने बताया, "हमें जानकारी मिली है कि पिछले तीन-चार दिनों के दौरान इंदौर में कई शादियों और बारातों में महामारी से बचाव के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया है।" जिलाधिकारी ने बताया कि होटलों और मैरिज गार्डन संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने परिसरों में आयोजित विवाह समारोहों के सीसीटीवी फुटेज हर रोज क्षेत्रीय पुलिस थानों को सौंपें। उन्होंने कहा, "अगर इन सीसीटीवी फुटेज में कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया गया, तो उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।" मीडिया के साथ बातचीत से पहले, जिलाधिकारी की अगुवाई में प्रशासन ने होटलों और मैरिज गार्डन संचालकों के साथ बैठक की और उन्हें ताकीद की कि शादियों में कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाए। गौरतलब है कि इंदौर, राज्य में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में अब तक महामारी के कुल 1.52 लाख मरीज मिले हैं। इनमें से 1,391 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।













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