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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और अंग्रेजी साम्राज्य को चुनौती देने में उनके साहस की सराहना की। मोदी ने कहा कि मंगल पांडे की वीरता की कहानी देश के लोगों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। वह ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देने वाले देश के अग्रणी योद्धा थे। उनके साहस और पराक्रम की कहानी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।'' ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल सेना में सैनिक रहे मंगल पांडेय का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 19 जुलाई 1827 को हुआ था। उन्होंने 1857 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय सैनिकों के विद्रोह में अहम भूमिका निभाई थी। कई इतिहासकार 1857 के विद्रोह को भारत का ‘‘पहला स्वतंत्रता संग्राम'' मानते हैं।
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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार रात तेज रफ्तार एक कार ने फ्लाईओवर के नीचे सो रही तीन महिलाओं को कुचल दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में आंबेडकर चौराहे के पास हुई इस दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई जबकि दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं। सहायक पुलिस आयुक्त (सिविल लाइंस) श्यामजीत प्रमिल सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात आंबेडकर चौराहे के पास तेज रफ्तार एक अनियंत्रित कार ने तीन महिलाओं को कुचल दिया। उन्होंने बताया कि घायल महिलाओं को एसआरएन में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि मृतका की पहचान चमोली देवी (65) के रूप में हुई है।
सिंह ने बताया कि चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया और उसे गिरफ्तार करने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कर कार को जब्त कर लिया गया। -
जम्मू. दक्षिण कश्मीर हिमालय में अमरनाथ गुफा मंदिर के दर्शन के लिए 1,499 महिलाओं और 441 बच्चों सहित 6,365 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था शनिवार को भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 135 साधुओं और साध्वियों सहित तीर्थयात्री आज तड़के कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अलग-अलग काफिलों में अनंतनाग के नुनवान-पहलगाम और गांदरबल के बालटाल आधार शिविरों के लिए रवाना हुए। अधिकारियों ने बताया कि 3,514 तीर्थयात्री 119 वाहनों के काफिले में पहलगाम के लिए रवाना हुए, जबकि 92 वाहनों में यात्रा कर रहे 2,851 तीर्थयात्री बालटाल मार्ग से रवाना हुए। अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 38 दिवसीय वार्षिक यात्रा तीन जुलाई को दोनों मार्गों से शुरू हुई थी और नौ अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। अब तक 2.75 लाख से अधिक तीर्थयात्री इस मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।
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नई दिल्ली।इस वर्ष शांति और सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा जारी है। 3 जुलाई को शुरू हुई इस यात्रा में अब तक 2.73 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए हैं। वहीं आज शनिवार को जम्मू के भगवती नगर से 6,365 श्रद्धालुओं का नया जत्था दो काफिलों में रवाना हुआ। पहले काफिले में 92 वाहन सुबह 3:25 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए, जिनमें 2,851 यात्री थे, जबकि दूसरा काफिला 119 वाहनों के साथ सुबह 3:53 बजे पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना हुआ, जिसमें 3,514 यात्री सवार थे।
इस बीच, 10 जुलाई को ‘छड़ी मुबारक’ (भगवान शिव की पवित्र गदा) का भूमि पूजन पहलगाम के गौरी शंकर मंदिर में हुआ। यह छड़ी श्रीनगर स्थित दशमी अखाड़ा भवन से महंत स्वामी दीपेन्द्र गिरि की अगुवाई में साधुओं के समूह द्वारा पहलगाम लाई गई थी और पूजन के बाद फिर वापस श्रीनगर के दशमी अखाड़ा भवन में रख दी गई। अब छड़ी मुबारक 4 अगस्त को श्रीनगर के दशमी अखाड़ा मंदिर से पवित्र गुफा की ओर अंतिम यात्रा पर रवाना होगी और 9 अगस्त को बाबा बर्फानी की गुफा में पहुंचेगी, जिससे यात्रा का औपचारिक समापन होगा। यह दिन श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन पर्व के साथ भी मेल खाता है।पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ 180 अतिरिक्त कंपनियां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनात की गई हैं। पवित्र गुफा, जो समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, तक पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं-पारंपरिक पहलगाम मार्ग और छोटा बालटाल मार्ग। पहलगाम से यात्रा करने वाले श्रद्धालु चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरिणी होते हुए लगभग 46 किलोमीटर की पदयात्रा कर चार दिनों में गुफा तक पहुंचते हैं। वहीं बालटाल मार्ग से श्रद्धालु 14 किलोमीटर का रास्ता तय कर उसी दिन दर्शन कर वापस लौट सकते हैं।इस साल सुरक्षा कारणों के चलते हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है। पवित्र गुफा में एक बर्फ से बनी शिवलिंग जैसी आकृति बनती है, जिसे श्रद्धालु भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक मानते हैं। यह आकृति चंद्रमा के घटने-बढ़ने के अनुसार आकार बदलती रहती है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ‘युवा आध्यात्मिक सम्मेलन’ को नशा मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने इस सम्मेलन पर आधारित एक लेख को साझा करते हुए इस मुहिम में युवाओं की भागीदारी को जमकर सराहा। यह सम्मेलन ‘माय भारत’ (MY Bharat) पहल के तहत काशी के पावन घाटों पर आयोजित किया गया, जिसका विषय था “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा”। यह आयोजन मोदी सरकार की नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत हुआ, जिसका उद्देश्य युवाओं की अगुवाई में देश को नशे की लत से मुक्त बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय युवा मामलों और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “डॉ. @mansukhmandviya इस बात को विस्तार से बताते हैं कि युवा आध्यात्मिक सम्मेलन कैसे नशा मुक्त भारत के निर्माण में एक बड़ा कदम है। इसे जरूर पढ़ें!”डॉ. मांडविया ने अपने पोस्ट में कहा है कि यह सम्मेलन केवल एक आध्यात्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक राष्ट्रीय युवा आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने लिखा, “यह एक राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए आध्यात्मिक जागरण है। भारत के युवा अब नशे की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए नेतृत्व कर रहे हैं।”इस सम्मेलन में देशभर से आए युवा नेता, आध्यात्मिक गुरु और सामाजिक प्रभावशाली व्यक्तित्व शामिल हुए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, आध्यात्मिक जागरूकता और सामुदायिक सहयोग के जरिए नशा मुक्ति के व्यापक उपायों पर चर्चा की। सम्मेलन के दौरान कई जागरूकता सत्र, संकल्प कार्यक्रम और युवा केंद्रित अभियान शुरू किए गए, ताकि पूरे देश में एकजुटता और सामूहिक भागीदारी के जरिए नशा मुक्त भारत का संदेश फैलाया जा सके।- - नई दिल्ली। जनजातीय कार्य मंत्रालय (एमओटीए) और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य में जनजातीय छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए साझेदारी की है। सीआईएल अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत छत्तीसगढ़ में 68 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) को सहयोग प्रदान करेगा, जिससे 28,000 से अधिक जनजातीय छात्र लाभान्वित होंगे। यह परियोजना राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी) के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जो मंत्रालय के अंतर्गत एक सेक्शन 8 कंपनी है।जनजातीय कार्य मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार ने अनुसूचित जनजाति के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए ईएमआरएस की स्थापना की है, जिससे वे उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों में अवसरों का लाभ उठा सकें और विभिन्न क्षेत्रों में लाभकारी रोजगार प्राप्त कर सकें। ईएमआरएस उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के अलावा उनके पोषण, समग्र स्वास्थ्य एवं विकास का भी ध्यान रखता है। आज देश भर में 479 ईएमआरएस कार्यरत हैं।सीआईएल ने घोषणा की है कि वह जनजातीय मामलों के मंत्रालय को उसके कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहलों के तहत सहयोग देगा। उसने निम्नलिखित कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं-कंप्यूटर लैब की स्थापना करके डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगालगभग 3200 कंप्यूटर और 300 टैबलेट खरीदे जाएंगेछात्राओं की स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए स्कूलों और छात्रावासों में लगभग 1200 सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें और 1200 भस्मक लगाए जाएंगेछात्रों के लिए व्यापक मार्गदर्शन और छात्रों के लिए आवासीय उद्यमशीलता शिविर (आईआईटी/आईआईएम/एनआईटी में)इस व्यापक हस्तक्षेप के माध्यम से जनजातीय कार्य मंत्रालय और सीआईएल की योजना ईएमआरएस में आधुनिक और नवीन शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करने और समाज के वंचित वर्ग के छात्रों को समान अवसर प्रदान करने की है।इस सहयोग का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा, करियर की तैयारी और उद्यमशीलता की मानसिकता के माध्यम से आदिवासी युवाओं के लिए शैक्षिक अंतराल को पाटना और नए रास्ते खोलना है।यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत समाज के सभी वर्गों के लिए समान और समावेशी शैक्षिक अवसर सृजित करने के सरकार के व्यापक प्रयासों को दर्शाता है।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ‘21वें विश्व पुलिस एवं फायर खेल-2025’ में 613 पदक विजेताओं और भारतीय दल को नई दिल्ली में आयोजित अभिनन्दन समारोह को संबोधित किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने भारतीय दल को 613 मेडल जीतने पर प्रसन्नता करते हुए शानदार प्रदर्शन कर भारत को गौरवान्वित करने के लिए भारतीय पुलिस एवं अग्निशमन दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अगला विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल भारत में होगा।अमित शाह ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि अखिल भारतीय पुलिस बल नियंत्रण बोर्ड के अधीन सभी पुलिस बलों से कोई न कोई खिलाड़ी अगले विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल में अवश्य हिस्सा ले। हमारी हिस्सेदारी सर्वसमावेशी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी दलों को कम से कम तीन मेडल जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए। ऐसा लक्ष्य रखने पर 613 मेडल जीतने का रिकॉर्ड स्वयं ही टूट जाएगा।केन्द्रीय गृह मंत्री ने 21वें विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल में भारतीय दल को 613 मेडल जीतने पर प्रसन्नता करते हुए शानदार प्रदर्शन कर भारत को गौरवान्वित करने के लिए भारतीय पुलिस एवं अग्निशमन दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अगला विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल भारत में होगा। अमित शाह ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि अखिल भारतीय पुलिस बल नियंत्रण बोर्ड के अधीन सभी पुलिस बलों से कोई न कोई खिलाड़ी अगले विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल में अवश्य हिस्सा ले। हमारी हिस्सेदारी सर्वसमावेशी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी दलों को कम से कम तीन मेडल जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए। ऐसा लक्ष्य रखने पर 613 मेडल जीतने का रिकॉर्ड स्वयं ही टूट जाएगा।गृह मंत्री शाह ने कहा कि आज भारतीय दल को 4 करोड़ 38 लाख 85 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले कभी पुलिस एवं अग्निशमन खेल को देश में बहुत महत्व नहीं दिया जाता था। लेकिन हिस्सेदारी की दृष्टि से यह ओलंपिक्स और राष्ट्रमंडल खेलों के बाद विश्व का सबसे बड़ा खेल आयोजन है। अमित शाह ने कहा कि इन खेलों में लगभग 10 हजार खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिसकी वजह से इन खेलों में देश का अच्छा प्रदर्शन 140 करोड़ देशवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है।केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विभिन्न पुलिस बलों के खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेकर अच्छा प्रदर्शन किया है, अब हमारा ध्यान 2029 के विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल पर होना चाहिए। गुजरात में वर्ष 2029 में आयोजित होने वाले ‘विश्व पुलिस एवं फायर खेल’ में अर्जुन की तरह ही एक लक्ष्य साधकर हर खिलाड़ी पदक जीतने के लिए आगे बढ़े। गृह मंत्री शाह ने कहा कि विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल 2025 में भारतीय दल के बहुत सारे सदस्यों ने मेडल जीते, लेकिन कई ऐसे भी हैं जिन्हें सफलता नहीं मिली।उन्होंने आगे कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी बात खेलना है, जीत और हार तो जीवन का नित्यक्रम है। जीत का लक्ष्य रखना एवं जीतने के लिए प्रयत्न करना हमारा स्वभाव होना चाहिए और जीतना हमारी आदत होनी चाहिए। जीतने की आदत से हम हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन की ओर बढ़ते हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आगामी विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर और केवडिया में आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने यह भी कहा कि खेल जीवन का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बच्चा खेलता नहीं है वह हार से हताश हो जाता है और जो बच्चा हार कर जीत का संकल्प नहीं लेता, उसे जीतने की आदत नहीं पड़ती। सीखने की एक ही जगह है -मिट्टी, खेल का मैदान और खेल के मैदान से ही हार को स्वीकार करने की आदत और जीत को पाने का जुनून विकसित होता है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे हमारे युवाओं का यह स्वभाव बनना चाहिए।
- नई दिल्ली। बिहार के लोगों को अगस्त महीने से 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। बिहार मंत्रिमंडल की शुक्रवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की शुक्रवार हुई बैठक में सिर्फ इसी एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।बताया गया कि बैठक में राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी घरेलू उपभोक्ताओं को जुलाई 2025 की खपत के आधार पर एक अगस्त से 125 यूनिट प्रति माह खपत तक शत-प्रतिशत अनुदान देने के लिए “मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना” के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त 3797 करोड़ रुपये बिहार स्टेट पावर (हो०) कं० लि० को उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गई।इसके साथ-साथ राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को पूर्ण वित्तीय सहायता एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी स्वीकृति दी गई।उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो दिन पूर्व ही प्रदेश में 125 यूनिट बिजली मुफ्त करने की घोषणा की थी। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर इसकी जानकारी शेयर करते हुए लिखा था, “हमलोग शुरू से ही सस्ती दरों पर सभी को बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। अब हमने तय कर दिया है कि एक अगस्त, 2025 से यानी जुलाई माह के बिजली बिल से ही राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली का कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। इससे राज्य के कुल 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को लाभ होगा।”उन्होंने आगे कहा कि हमने यह भी तय किया है कि अगले तीन वर्षों में इन सभी घरेलू उपभोक्ताओं से सहमति लेकर उनके घर की छतों पर अथवा नजदीकी सार्वजनिक स्थल पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर लाभ दिया जाएगा।
- नई दिल्ली। एक राइफल श्रेष्ठ राइफल’: अमेठी की असॉल्ट राइफल AK-203, दिसंबर 2025 तक बन जाएगी स्वदेशी ‘शेर’ भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्थित इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) दिसंबर 2025 तक AK-203 असॉल्ट राइफल का पूरी तरह स्वदेशी उत्पादन शुरू कर देगी। इस राइफल को भारतीय सेना में ‘शेर’ के नाम से जाना जाएगा, जो भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का एक मजबूत प्रतीक बनने जा रहा है।इस संबंध में मेजर जनरल एस. के. शर्मा, IRRPL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक ने बताया, “पिछले डेढ़ साल में हमने भारतीय सेना को 48,000 AK-203 राइफलें सौंपी हैं। अगले छह महीनों में 70,000 और राइफलें सेना को दी जाएंगी। इसके बाद, हमारा लक्ष्य उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर प्रति वर्ष 1.5 लाख राइफलें करना है, ताकि 2030 तक भारतीय सेना को 6 लाख राइफलें उपलब्ध कराई जा सकें।”अमेठी के कोरवा में स्थापित IRRPL प्लांट, भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग का परिणाम है। यह संयुक्त उद्यम रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस की रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के सहयोग से संचालित है। AK-203, जो विश्व प्रसिद्ध कलाश्निकोव राइफल का आधुनिक संस्करण है, अपनी विश्वसनीयता और कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। दिसंबर 2025 तक इस राइफल के सभी पुर्जे भारत में ही निर्मित होंगे, जिससे यह पूरी तरह स्वदेशी बन जाएगी।AK-203 राइफल भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। यह 7.62×39 मिमी कैलिबर की राइफल है, जो उच्च सटीकता, लंबी रेंज, और कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन प्रदान करती है। यह राइफल भारतीय सेना की पुरानी INSAS राइफल को बदल देगी, जिससे सेना की मारक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।AK-203 का स्वदेशी उत्पादन ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को मजबूत करने वाला कदम है। IRRPL की बढ़ती उत्पादन क्षमता न केवल भारतीय सेना की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भविष्य में निर्यात की संभावनाएं भी खोलेगी। मेजर जनरल शर्मा ने कहा, “हमारा लक्ष्य न केवल भारतीय सेना को सशक्त बनाना है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत को रक्षा उत्पादन का केंद्र बनाना भी है।”IRRPL ने 2030 तक 6 लाख AK-203 राइफलें भारतीय सेना को सौंपने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उत्पादन सुविधाओं का विस्तार और तकनीकी उन्नयन किया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।उल्लेखनीय है कि अमेठी में AK-203 का स्वदेशीकरण भारत की रक्षा नीति में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल भारतीय सेना को विश्वस्तरीय हथियार प्रदान करेगा, बल्कि देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा। ‘शेर’ के रूप में जानी जाने वाली यह राइफल भारत की आत्मनिर्भरता और सैन्य ताकत का प्रतीक बनने के लिए तैयार है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 7,200 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से रेल, सड़क, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री ने बिहार में प्रमुख रेल परियोजनाओं में समस्तीपुर-बछवाड़ा लाइन पर स्वचालित सिग्नलिंग का उद्घाटन कियाप्रधानमंत्री ने बिहार में प्रमुख रेल परियोजनाओं में समस्तीपुर-बछवाड़ा लाइन पर स्वचालित सिग्नलिंग का उद्घाटन किया तथा पाटलिपुत्र में वंदे भारत रखरखाव सुविधा और दरभंगा-नरकटियागंज लाइन के दोहरीकरण सहित 4,080 करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।पीएम मोदी ने राजेन्द्र नगर टर्मिनल (पटना) से नई दिल्ली, बापूधाम मोतिहारी से दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल), दरभंगा से लखनऊ (गोमती नगर), और मालदा टाउन से लखनऊ (गोमती नगर) के बीच भागलपुर के रास्ते चार नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर भी रवाना किया।एनएच-319 पर 4-लेन के आरा बाईपास की आधारशिला रखी, जो आरा-मोहनिया एनएच-319 और पटना-बक्सर एनएच-922 को जोड़ेगाइस क्रम में उन्होंने एनएच-319 पर 4-लेन के आरा बाईपास की आधारशिला रखी, जो आरा-मोहनिया एनएच-319 और पटना-बक्सर एनएच-922 को जोड़ेगा। उन्होंने 820 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले एनएच-319 के परारिया से मोहनिया तक 4-लेन वाले खंड का भी उद्घाटन किया।पीएम ने दरभंगा में नए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया और पटना में एसटीपीआई की अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सुविधा का उद्घाटन कियाइस दौरान उन्होंने दरभंगा में नए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और पटना में एसटीपीआई की अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सुविधा का उद्घाटन किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने बिहार में मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत मंजूर मत्स्य विकास परियोजनाओं की एक श्रृंखला का उद्घाटन किया।महिला-नेतृत्व वाले विकास पर विशेष ध्यान देते हुए 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया हैपीएम मोदी ने अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिहार में लगभग 61,500 स्वयं सहायता समूहों को 400 करोड़ रुपए भी जारी किए। बता दें कि महिला-नेतृत्व वाले विकास पर विशेष ध्यान देते हुए 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।मोतिहारी में प्रधानमंत्री ने 12,000 लाभार्थियों के गृह प्रवेश के तहत पांच लाभार्थियों को चाबियां भी सौंपी और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 40,000 लाभार्थियों को 160 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की।पीएम मोदी खुली गाड़ी पर सवार होकर लोगों के बीच से गुजरते हुए मंच तक पहुंचेइससे पहले, पीएम मोदी खुली गाड़ी पर सवार होकर लोगों के बीच से गुजरते हुए मंच तक पहुंचे। प्रधानमंत्री के अलावा गाड़ी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित रहे। इस दौरान पीएम मोदी पर पुष्प की वर्षा होती रही और सभा में मौजूद लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। पीएम मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया।( - नई दिल्ली। भारत सरकार के युवा और खेल मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को नई दिल्ली में ‘खेलो भारत कॉन्क्लेव’ को संबोधित किया। अपने संबोधन में मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नई दिल्ली में ‘खेलो भारत कॉन्क्लेव 2025’ को संबोधित किया, जहां राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ), एथलीट, कोच, कॉर्पोरेट और सरकार भारतीय खेलों के भविष्य को आकार देने के लिए एक साथ आए।”केंद्रीय मंत्री मांडविया ने आगे लिखा, “मोदी सरकार ने हमेशा खेल विकास को बढ़ावा देते हुए खिलाड़ियों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। साहसिक प्रशासनिक सुधारों से लेकर पदक जीतने की रूपरेखा तक, जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की खोज से लेकर कॉर्पोरेट साझेदारी तक, भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है।”‘खेलो इंडिया’ केंद्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य एथलेटिक टूर्नामेंटों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की खोज करना और देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जनवरी 2018 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अखाड़े में ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ के पहले संस्करण का उद्घाटन किया था। खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत तीन प्रकार के आयोजन शुरू किए गए हैं। खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और खेलो इंडिया शीतकालीन गेम्स।खेलो इंडिया स्कूल गेम्स को अब खेलो इंडिया यूथ गेम्स के नाम से जाना जाता है। इसके अंतर्गत 22 खेल और पांच स्वदेशी खेल शामिल किए गए हैं। हर साल 1,000 बच्चों का चयन छात्रवृत्ति कार्यक्रम के लिए किया जाता है और उन्हें पदक विजेता बनने और जमीनी स्तर पर खेलों के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
- नई दिल्ली। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चल रहा है। राज्य में अब तक 89.7 प्रतिशत गणना प्रपत्र एकत्र कर लिए गए हैं। अब सिर्फ 5.8 प्रतिशत मतदाता ही फॉर्म भरने के लिए बचे हैं। एसआईआर के लिए 8 दिन और बाकी हैं। बिहार के 7,89,69,844 मतदाताओं में से 7,08,18,162 यानी 89.7 प्रतिशत ईएफ एकत्र किए जा चुके हैं। अपलोड डिजिटल गणना प्रपत्र 6,70,59,222 या 84.9 प्रतिशत हैं। जहां 35,69,435 या 4.5 प्रतिशत मतदाता अपने पते पर नहीं मिले तो वहीं 12,55,620 या 1.59 प्रतिशत मृत वोटर पाए गए। स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या 17,37,336 या 2.2 प्रतिशत है।अब तक पहचाने गए एक से अधिक स्थानों पर नामांकित मतदाता 5,76,479 या 0.73 प्रतिशत हैं। अब सिर्फ 45,82,247 या 5.8 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त होने हैं। 89.7 प्रतिशत मौजूदा मतदाताओं ने 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित होने वाली मसौदा मतदाता सूची में शामिल होने के लिए अपना गणना फॉर्म जमा कर दिया है। कोई भी मतदाता ईसीआईनेट ऐप या वोटर्स डॉट ईसीआई डॉट गॉव डॉट इन पर अपने गणना फॉर्म की स्थिति भी देख सकता है। गणना फॉर्म उसी लिंक पर हिंदी में ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं।उन मतदाताओं का पुनः सत्यापन करने के लिए जो बीएलओ के तीन बार जाने के बाद भी अपने पते पर नहीं मिले हैं, उन मतदाताओं की जानकारी (जो मृत हैं, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए या कई स्थानों पर पंजीकृत हैं) राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके द्वारा नियुक्त 1.5 लाख बूथ स्तरीय एजेंटों के साथ साझा की जा रही है, ताकि 25 जुलाई से पहले ऐसे मतदाताओं की सटीक स्थिति की पुष्टि की जा सके।बिहार के सभी 261 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के सभी 5,683 वार्डों में विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं। बिहार से अस्थायी रूप से बाहर प्रवास करने वाले लोग भी अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके ईसीआईनेट ऐप या वोटर्स डॉट ईसीआई डॉट गॉव डॉट इन के माध्यम से ऑनलाइन गणना फॉर्म भर सकते हैं। वे पहले से भरे हुए गणना फॉर्म को डाउनलोड भी कर सकते हैं और भरे हुए फॉर्म को सीधे बीएलओ के साथ या अपने परिवार के माध्यम से व्हाट्सऐप या किसी अन्य माध्यम से साझा कर सकते हैं।
- नई दिल्ली। लार्सन एंड टुब्रो द्वारा हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) एमके1ए के लिए निर्मित विंग असेंबली का पहला सेट 17 जुलाई, 2025 को कोयंबटूर, तमिलनाडु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को सौंपा गया। रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार ने कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में एलसीए तेजस डिवीजन के महाप्रबंधक श्री एम अब्दुल सलाम ने एलएंडटी की प्रेसिजन मैन्युफैक्चरिंग एंड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स इकाई से एचएएल की ओर से संयोजन प्राप्त किया।रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार ने आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एचएएल और एलएंडटी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विभिन्न निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने, प्रोत्साहित करने और उन्नत क्षमता सुनिश्चित करने के लिए एचएएल की सराहना की। उन्होंने एलसीए तेजस के उत्पादन लक्ष्य की आवश्यकता को पूर्ण करने का विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्षेत्र का विस्तार करने और अन्य देशों पर निर्भरता कम करने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित एचएएल के सीएमडी डॉ. डीके सुनील इसे एचएएल और एलएंडटी के वर्षों के समर्पित सहयोग और उत्कृष्टता के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, "एचएएल, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक पहल के रूप में, बड़े और लघु और मध्यम उद्यमों दोनों तरह के आपूर्तिकर्ताओं के साथ काम कर रहा है। एचएएल ने निजी क्षेत्र में एक समानांतर विमान संरचनात्मक असेंबली लाइन का प्रभावी ढंग से निर्माण किया है, जो एलसीए तेजस कार्यक्रम की क्षमता वृद्धि में सहायता करेगी।"एलएंडटी प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रमुख श्री अरुण रामचंदानी ने कहा कि एलएंडटी प्रतिवर्ष चार विंग सेट की आपूर्ति करने के लिए तैयार है, तथा उन्नत असेंबली प्रक्रियाओं और स्वचालन के माध्यम से उत्पादन बढ़ाकर 12 सेट प्रतिवर्ष करने की योजना है।अब तक, एलसीए तेजस डिवीजन को लक्ष्मी मशीन वर्क्स से एयर इनटेक असेंबली, अल्फा टोकोल से रियर फ्यूजलेज असेंबली, एम्फेनॉल से लूम असेंबली, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स से फिन और रडर असेंबली, वीईएम टेक्नोलॉजीज से सेंटर फ्यूजलेज असेंबली और एलसीए एमके1ए के लिए लार्सन एंड टुब्रो से विंग असेंबली के संरचनात्मक मॉड्यूल प्राप्त हुए हैं।
- नई दिल्ली। फिल्मकार सत्यजीत रे से जुड़े 200 साल पुराने पुश्तैनी घर को ध्वस्त करने के मामले में भारत सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए बांग्लादेश को एक पत्र भेजा था।अब इस पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का बयान सामने आया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बांग्लादेश में अभिलेखों की विस्तृत जांच से पुष्टि हुई है कि मैमनसिंह जिले में ध्वस्त की जा रही इमारत का प्रतिष्ठित बंगाली फिल्म निर्माता सत्यजीत रे या उनके पूर्वजों से कोई ऐतिहासिक या पारिवारिक संबंध नहीं है।बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के पत्र के अनुसार, ”बांग्लादेश सरकार ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और लेखक सत्यजीत रे की मैमनसिंह स्थित पैतृक संपत्ति, जो मूलरूप से उनके दादा प्रतिष्ठित साहित्यकार उपेंद्र किशोर रे चौधरी की थी, को बांग्लादेशी अधिकारियों द्वारा ध्वस्त किया जा रहा है। अभिलेखों की विस्तृत जांच से पता चला है कि संबंधित घर का सत्यजीत रे के पूर्वजों से कोई संबंध नहीं था। इसे स्थानीय जमींदार शशिकांत आचार्य चौधरी ने अपने कर्मचारियों के लिए अपने बंगले ‘शशि लॉज’ के बगल में बनवाया था। जमींदारी प्रथा के उन्मूलन के बाद यह सरकार के नियंत्रण में आ गया। बाद में सरकार ने इसे बांग्लादेश ‘शिशु अकादमी’ को आवंटित कर दिया। उस समय से इस घर का उपयोग जिला शिशु अकादमी के कार्यालय के रूप में किया जा रहा है।यह जमीन स्वयं एक गैर-कृषि सरकारी (खास) जमीन थी और शिशु अकादमी को दीर्घकालिक आधार पर पट्टे पर दी गई थी।”जिला अधिकारियों ने घर से संबंधित भूमि अभिलेखों की समीक्षा की है और पुष्टि की है कि पिछले अभिलेखों के अनुसार यह जमीन सरकारी है। इसका सत्यजीत रे और उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है। स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न समुदायों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भी पुष्टि की है कि सत्यजीत रे परिवार और शिशु अकादमी को पट्टे पर दिए गए घर और जमीन के बीच कोई ज्ञात ऐतिहासिक संबंध नहीं है। यह घर पुरातात्विक स्मारक के रूप में भी सूचीबद्ध नहीं है।हालांकि, घर के सामने वाली सड़क (हरिकिशोर रे रोड) का नाम सत्यजीत रे के परदादा हरिकिशोर रे के नाम पर रखा गया है, जो सत्यजीत रे के दादा उपेंद्र किशोर रे चौधरी के दत्तक माता-पिता थे। रे परिवार का हरिकिशोर रे रोड पर एक घर था, जिसे उन्होंने बहुत पहले बेच दिया था और अब वह मौजूद नहीं है। नए मालिक ने वहां एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया था।जिस इमारत को अब ध्वस्त किया जा रहा है, वह जीर्ण-शीर्ण, जोखिम भरी और अनुपयोगी थी। 2014 से अकादमी मैमनसिंह शहर में कहीं और किराए पर स्थानांतरित हो गई थी और परित्यक्त घर स्थानीय असामाजिक तत्वों द्वारा गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा बन गया। इसी कारण 2024 की पहली छमाही में साइट पर अर्ध-स्थायी इमारत के निर्माण की पहल की गई थी। बाद में उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए बांग्लादेश शिशु अकादमी ने जिला अधिकारियों को नीलामी के माध्यम से पुरानी, जीर्ण-शीर्ण इमारत को हटाने की अनुमति दी। नीलामी समिति के निर्णय के अनुसार, आम जनता को 7 मार्च 2025 को राष्ट्रीय और स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से व्यापक रूप से सूचित किया गया था।
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नयी दिल्ली. कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के ‘प्रतिभा सेतु' पोर्टल के जरिये बीमा चिकित्सा अधिकारी के पद के लिए 451 उम्मीदवारों की भर्ती की है। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। इन उम्मीदवारों को संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा 2022 और 2023 की गैर-अनुशंसित सूची से चुना गया।
आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार यह सूची उन उम्मीदवारों की होती है जो परीक्षा के सभी चरणों को पार कर जाते हैं लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाते है। यूपीएससी अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा, ‘‘हर साल कई प्रतिभाशाली उम्मीदवार यूपीएससी की कठिन परीक्षा के अंतिम चरण तक पहुंचते हैं लेकिन मेरिट सूची में नहीं आ पाते। ‘प्रतिभा सेतु' पोर्टल से ऐसे उम्मीदवारों को देश की सेवा के लिए अन्य अवसर मिलते हैं।'' -
अमेठी. इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) ने उत्तर प्रदेश के कोरवा में निर्मित एके-203 असॉल्ट राइफल की सभी 6.01 लाख इकाइयों की आपूर्ति निर्धारित समय से करीब 22 महीने पहले ही कर लेने की योजना बनाई है। बृहस्पतिवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। आईआरआरपीएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक मेजर जनरल एस के शर्मा ने कहा कि इन राइफल की आपूर्ति दिसंबर, 2030 तक ही पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी को 5,200 करोड़ रुपये के अनुबंध के तहत अक्टूबर, 2032 तक भारतीय सशस्त्र बलों को एके-203 शृंखला के 6,01,427 राइफल की आपूर्ति करनी हैं। शर्मा ने कहा, ‘‘अबतक लगभग 48,000 राइफल की आपूर्ति हो चुकी है। अगले दो-तीन हफ्तों में 7,000 और दिसंबर तक 15,000 अतिरिक्त राइफलें भी सौंप दी जाएंगी।'' शर्मा ने कहा कि अमेठी के कोरवा में स्थित कारखाना वर्ष 2026 से हर महीने 12,000 राइफल का उत्पादन करेगा जिससे आपूर्ति लक्ष्य को समय से पहले पूरा किया जा सकेगा। कलाश्निकोव शृंखला की आधुनिक राइफल एके-203 का नियंत्रण रेखा (एलओसी) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात सैन्यबलों के लिए मुख्य हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। भारत और रूस के बीच एक अंतर-सरकारी समझौते के तहत आईआरआरपीएल का गठन किया गया है। इस संयुक्त उद्यम में 50.5 प्रतिशत हिस्सेदारी भारत की है जबकि 49.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रूस की है। करीब 8.5 एकड़ के परिसर में संचालित इस उद्यम में फिलहाल 260 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें स्थायी रूसी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। आगे चलकर यह संख्या बढ़ाकर 537 की जाएगी, जिनमें 90 प्रतिशत कर्मचारी स्थानीय होंगे। आईआरआरपीएल अबतक 50 प्रतिशत स्वदेशीकरण हासिल कर चुकी है और इसकी दिसंबर तक पहली पूर्ण स्वदेशी एके-203 राइफल देने की योजना है। इसके बाद वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 1.5 लाख राइफल तक की जाएगी। शर्मा ने बताया कि रूस से 100 प्रतिशत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हो चुका है और सभी परीक्षण अब भारत में ही किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू मांग पूरी होने के बाद मित्र देशों को भी एके-203 राइफल का निर्यात करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। पहला निर्यात आदेश जल्द मिलने की उम्मीद है। आईआरआरपीएल को वर्ष 2019 में रूसी साझेदारों रोसोबोरोनएक्सपोर्ट एवं कंसर्न कलाश्निकोव और भारतीय साझेदार एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआईएल) और म्युनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के बीच संयुक्त उद्यम के रूप में गठित किया गया था।
- नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया (आरओके) के विशेष दूतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की। पीएम मोदी ने भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किम बू क्यूम ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति जेम्यांग ली के साथ अपनी हाल में हुई सकारात्मक बैठक का स्मरण करते हुए, दस वर्ष से जारी भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को ओर प्रगाढ़ करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नवाचार, रक्षा, पोत निर्माण और कुशल गतिशीलता सहित प्रमुख क्षेत्रों में भागीदारी के निरंतर विकास पर प्रकाश डाला।बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “श्री किम बू क्यूम के नेतृत्व में दक्षिण कोरिया के विशेष दूतों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। गत माह राष्ट्रपति श्री जेम्यांग ली के साथ हुई मेरी सकारात्मक भेंट का स्मरण कर रहा हूं। 10 वर्ष पूर्ण कर रही भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक भागीदारी नवाचार और रक्षा से लेकर पोत निर्माण और कुशल गतिशीलता तक निरंतर विकसित हो रही है। दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान कर रहा है।”इससे पहले दिन में, उच्च स्तरीय दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर से मुलाकात की और दोनों पक्षों ने लोगों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।भारत ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए दक्षिण कोरियाई प्रशासन के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने की पुष्टि की। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर कहा कि आज सुबह दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री किम बू क्यूम के नेतृत्व में भारत में कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति जेम्यांग ली के विशेष दूतों के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। आर्थिक, तकनीकी, रक्षा और समुद्री सहयोग पर चर्चा हुई। साथ ही लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।भारत और दक्षिण कोरिया ने 2010 में ‘रणनीतिक साझेदारी’ शुरू की थी, जिसे 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सियोल की राजकीय यात्रा के दौरान ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में उन्नत किया गया था। वहीं, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने रविवार को भारत, यूरोपीय संघ (ईयू), फ्रांस और ब्रिटेन के लिए विशेष दूत नियुक्त किए। राष्ट्रपति कार्यालय ने यह जानकारी व्यापक कूटनीतिक प्रयासों के तहत दी गईं।
- नई दिल्ली। चीन और पश्चिम एशिया से आपूर्ति बाधित होने के कारण घरेलू डाई अमोनिया फॉस्फेट (डीएपी) निर्माता कम प्रभावित हुए हैं। इसका कारण यह है कि डीएपी के लिए कच्चे माल प्लांट में तैयार पोषक तत्त्वों के दाम इस अनुपात में नहीं बढ़े हैं। दरअसल वैश्विक स्तर पर तैयार आयातित डाई अमोनिया फॉस्फेट (डीएपी) के दाम 800 डॉलर प्रति टन से अधिक पहुंच गए हैं और यह ऐतिहासिक करीब 1,000 डॉलर प्रति टन करीब हैं। लिहाजा आयात को बढ़ावा देने के बजाए घरेलू स्तर पर मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की मांग फिर जोर पकड़ने लगी है। आयातित डीएपी के दामों में उछाल और खरीफ की बोआई के दौरान इसके घटते स्टॉक से प्लांट के महत्त्वपूर्ण पोषक तत्त्व की कमी महसूस की जा रही है।आंकड़ों से जानकारी मिलती है कि तैयार डीएपी का मूल्य अगस्त 2024 के 611 डॉलर प्रति टन से बढ़कर मई में 724 डॉलर प्रति टन हो गया। इसकी सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) करीब 2 प्रतिशत है। लेकिन इस अवधि में आयातित रॉक फॉस्फेट का दाम तुलनात्मक रूप से कम 0.39 प्रतिशत बढ़ा है।इसी तरह आयातित फॉस्फोरिक एसिड का मूल्य (रॉक फॉस्फेट से निकाले जाने वाला) का सीएजीआर भी 1.17 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। डीएपी के मुख्य घटक अमोनिया के दाम अगस्त 2024 की तुलना में मई 2025 में 1.49 प्रतिशत गिर गए थे।जुलाई और अगस्त की डिलिवरी के लिए तैयार डीएपी की आयातित कीमत अब 800 डॉलर प्रति टन से अधिक है। इसका मतलब है कि अगस्त 2024 से सीएजीआर की वृद्धि और भी अधिक है। भारत में सालाना लगभग 1 से 1.1 करोड़ टन डीएपी की खपत होती है। देश में यूरिया के बाद सबसे अधिक खपत वाला उर्वरक डीएपी है। भारत ने वित्त वर्ष 25 में लगभग 50 लाख टन डीएपी का आयात किया जबकि शेष का उत्पादन घरेलू स्तर पर किया गया। उद्योग सूत्रों के अनुसार भारत में स्थानीय स्तर पर ज्यादातर निर्मित डीएपी रॉक फॉस्फेट से है जबकि कुछ इकाइयां आयातित फॉस्फोरिक एसिड से भी डीएपी का निर्माण करती हैं।स्थानीय स्तर पर डीएपी बनाने में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर कच्चा माल यानी रॉक फॉस्फेट का आयात किया जाता है। इसका कारण यह है कि देश में उत्पादित रॉक फॉस्फेट की गुणवत्ता उच्च गुणवत्ता वाला डीएपी बनाने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। हालांकि कुछ इकाइयों के पास रॉक फॉस्फेट से फॉस्फोरिक एसिड बनाने की सुविधा है। केंद्रीय खान मंत्रालय ने डीएपी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य अवयव रॉक फॉस्फेट के घरेलू खनन के औसत बिक्री मूल्य को अंतरराष्ट्रीय दरों के साथ जोड़ने का प्रस्ताव किया ताकि स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके। आईपीएल, कृभको और सीआईएल ने कुछ दिन पहले सऊदी अरब के मदीन से तैयार 31 लाख टन तैयार डीएपी की आपूर्ति का दीर्घावधि समझौता किया।
- नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विप्रो लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह बर्खास्तगी पत्र में अपमानजनक टिप्पणी करके बर्खास्त किए गए पूर्व कर्मचारी को दो लाख रुपये का मुआवजा दे।न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने 14 जुलाई को कर्मचारी के पेशेवर चरित्र पर की गई विवादास्पद टिप्पणियों को हटा दिया और कंपनी को उन्हें नया बर्खास्तगी पत्र जारी करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि बर्खास्तगी पत्र में अपमानजनक भाषा है और इससे वादी के भविष्य के रोजगार और पेशेवर सम्मान पर सीधा एवं हानिकारक प्रभाव भी पड़ता है।इसने कहा कि पत्र-व्यवहार के लहजे से यह स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि प्रशासनिक औपचारिकता की आड़ में ‘‘चरित्र हनन’’ करने का इरादा था, जिससे वादी की प्रतिष्ठा को और अधिक नुकसान पहुंचा।पूर्व कर्मचारी ने कंपनी से दो करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा था।विप्रो के वकील ने दलील दी थी कि वादी के व्यवहार से उनके पेशेवर प्रदर्शन में सुधार करने में रुचि की कमी झलकती है, जिसके कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद को देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किए जाने की सराहना की और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'स्वच्छता अभियान' के दृष्टिकोण की सफलता का प्रमाण बताया। शाह ने कहा कि अहमदाबाद के लोगों के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि शहर को ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25' में भारत के सबसे स्वच्छ बड़े शहरों में शीर्ष स्थान मिला है।उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, "यह सम्मान स्वच्छता अभियान के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दृष्टिकोण की सफलता का प्रमाण है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की कुंजी के रूप में स्वच्छता के सिद्धांत को आगे बढ़ाता है और इस लक्ष्य के प्रति लोगों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” गृह मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि स्वच्छता की संस्कृति को नयी ऊंचाइयों तक ले जाकर इस क्षेत्र में नयी सफलताओं की आधारशिला बनेगी। उन्होंने कहा, "अहमदाबाद के लोगों और सभी सफाईकर्मियों को उनके अथक योगदान के लिए मेरी हार्दिक बधाई।”
- नयी दिल्ली. सरकार ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पूर्व चेयरमैन और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी नितिन गुप्ता को राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। एक सूत्र के अनुसार, स्मिता झिंगरन, पी. डैनियल और सुशील कुमार जायसवाल को नियामक का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। एनएफआरए चेयरपर्सन का पद अजय भूषण प्रसाद पांडेय का तीन साल का कार्यकाल 31 मार्च को पूरा होने के बाद से रिक्त पड़ा है।अप्रैल में, सरकार ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) प्रमुख रवनीत कौर को एनएफआरए चेयरपर्सन के रूप में अतिरिक्त प्रभार दिया था। सूत्र के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने बृहस्पतिवार को गुप्ता को एनएफआरए के चेयरपर्सन और तीन लोगों को पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी। आईआरएस अधिकारी झिंगरन पहले नियामक की पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्य कर चुकी हैं, जबकि डैनियल केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के पूर्व सचिव हैं। जायसवाल पूर्व लेखा महानिदेशक (केंद्रीय प्राप्ति) हैं। ये नियुक्तियां तीन वर्ष की अवधि के लिए या अधिकारी के 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक या अगले आदेश तक के लिए हैं। एनएफआरए की स्थापना अक्टूबर, 2018 में कंपनी कानून के तहत की गई थी।
- नयी दिल्ली, दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी खतरों के खिलाफ तैयारियों और अंतर-एजेंसी समन्वय का आकलन करने के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में 10 से अधिक प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा अभ्यास किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पूर्ण सुरक्षा अभ्यास में दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, विशेष प्रकोष्ठ और अन्य हितधारक एजेंसियों की कई टीमें शामिल हुईं। अधिकारी ने कहा, "अभ्यास का उद्देश्य बम विस्फोट, बंधक स्थितियों और बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित निकालने में प्रतिक्रिया की जांच करना था।" कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पर एजेंसियों ने बम विस्फोट जैसा परिदृश्य बनाया तथा एक आपातकालीन कॉल के माध्यम से सतर्क किया गया।दिल्ली पुलिस के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी और लाउडस्पीकर से घोषणा करके यात्रियों और कर्मचारियों को टर्मिनल खाली करने का निर्देश दिया। पुलिस के वाहन और त्वरित प्रतिक्रिया दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारी ने कहा कि यह परिदृश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया के हर पहलू की जांच करने के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा, "मॉक ड्रिल में बंधक संकट होने पर इससे निपटना और किसी भी खतरे को बेअसर करते हुए नागरिकों को बचाने के लिए विभिन्न इकाइयों के साथ समन्वय करना भी शामिल था।" मॉक ड्रिल में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्वाभ्यास किया जाता है।इन मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी संभावित आतंकी हमले जैसी आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया तंत्र का मूल्यांकन करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ बनाना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान शांत रहें, सहयोग करें और अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें।
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नासिक. महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक कार और एक मोटरसाइकिल की टक्कर में तीन दंपति और दो-वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई तथा दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बुधवार देर रात जिले के डिंडोरी कस्बे के निकट वाणी-डिंडोरी मार्ग पर एक नर्सरी (पौधशाला) के पास हुई जिसकी सूचना पुलिस को रात 11 बजकर 57 मिनट पर मिली। अधिकारी ने बताया कि ये सभी रिश्तेदार थे और एक अन्य रिश्तेदार के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद कार से सारसाले लौट रहे थे। सूचना मिलने के बाद, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया।
अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों वाहन सड़क किनारे एक छोटी नहर में गिरे मिले।
पुलिस ने बताया कि कार सवार तीन पुरुष, इतनी ही महिलाएं और एक बच्चे की मौत हो गई और मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि कार नासिक से वाणी जा रही थी, तभी उसका आगे का एक टायर फट गया। अधिकारी ने बताया कि चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रही मोटरसाइकिल से टकराने के बाद दोनों वाहन सड़क किनारे नहर में गिर गए। उन्होंने बताया कि कार में सवार लोग गाड़ी से बाहर नहीं निकल पाए और नहर में डूबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार दोनों घायलों को नासिक के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान देवीदास पंडित गांगुर्डे (28), उनकी पत्नी मनीषा देवीदास गांगुर्डे (23), उनके बेटा भावेश देवीदास गांगुर्डे (2), उत्तम एकनाथ जाधव (42), उनकी पत्नी अलका उत्तम जाधव (38), दत्तात्रेय नामदेव वाघमारे (45) और उनकी पत्नी अनुसया दत्तात्रेय वाघमारे (40) के रूप में हुई है। ये सभी डिंडोरी तालुका के अलग-अलग गांवों के निवासी थे। उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल सवार दोनों युवकों को नासिक के सातपुर स्थित पिंपलगाव के निवासी थे। डिंडोरी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच कर रही है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने एनटीपीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में गुरदीप सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। सिंह 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे। अब जुलाई 2026 के अंत तक कंपनी का नेतृत्व करेंगे। एनटीपीसी विद्युत मंत्रालय के तहत भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक इकाई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने अधिसूचना में कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गुरदीप सिंह को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए अर्थात एक अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2026 तक अनुबंध के आधार पर एनटीपीसी (इंडिया) लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में पुनः नियुक्ति के लिए विद्युत मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकारी पब्लिक एंटरप्राइजेज सिलेक्शन बोर्ड (पीईएसबी) भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण निकाय है। इसे अक्सर ‘‘सरकारी हेडहंटर'' कहा जाता है। पीईएसबी को भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक की भूमिका के लिए 12 उम्मीदवारों में से कोई भी उपयुक्त नहीं मिला क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) में शीर्ष पद के लिए सही उम्मीदवार खोजने में संघर्ष जारी रहा। सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) ने 12 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जिनमें से आधे एनटीपीसी एवं अन्य सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के निदेशक मंडल में शामिल थे। कोई भी उम्मीदवार सीएमडी के पद के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया।
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जयपुर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सशस्त्र बलों के ‘ऑपरेशन सिंदूर' की ओर इशारा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इसने पूरी दुनिया को यह मजबूत संदेश दिया कि किसी को भी भारत के नागरिक, उसकी सीमा या उसकी सेना से छेड़खानी नहीं करनी चाहिए वरना नतीजे भुगतने पड़ते हैं। शाह ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को सुरक्षित करने का सबसे बड़ा काम किया है।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के राज में देश आए दिन आतंकवादी हमलों से त्रस्त था," लेकिन अब ऐसा नहीं होता। शाह ने कहा, ‘‘पहले उरी में हमला हुआ तो मोदी ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक' की। पुलवामा में हमला हुआ ‘एयर स्ट्राइक' की और पहलगाम में हमला किया गया तो ‘ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से पाकिस्तान के घर में जाकर आतंकवादियों के परखच्चे उड़ा दिए और एक मजबूत संदेश पूरी दुनिया को भेजा कि भारत के नागरिक, भारत की सेना और भारत की सीमा... इनके साथ छेड़खानी नहीं करनी, वरना नतीजे भुगतने पड़ते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी ने यह संदेश देकर एक समृद्ध, सुरक्षित और विकसित भारत के स्वप्न को सच्चाई में बदलने का, जमीन पर उतारने का काम किया है।'' गृह मंत्रालय के साथ-साथ सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे शाह अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के अवसर पर जयपुर के दादिया गांव में ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और 27 करोड़ गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने का काम किया गया है। राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि इस सरकार ने कम समय में ढेर सारे काम किए हैं। उन्होंने कहा, "राजस्थान पेपर लीक से त्रस्त था, लेकिन भजनलाल सरकार ने एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन करके पेपर लीक माफिया को कठोर संदेश दिया है।" शाह ने कहा कि राज्य निवेश शिखर सम्मेलन के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए और तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर काम शुरू हो चुका है। गृह मंत्री ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वैट कम किया और कई अन्य पहल कीं।
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए भी राज्य सरकार की प्रशंसा की। शाह ने देश के विकास में सहकारिता आंदोलन के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि विगत सौ साल के अंदर सहकारिता ने देश के विकास में बड़ा योगदान दिया मगर आने वाले 100 साल सहकारिता के हैं। उनके मुताबिक, हर गांव, हर गरीब, हर किसान तक सहकारिता को पहुंचाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने पिछले चार साल में इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 61 पहल की हैं।
शाह ने कहा, " दो लाख नई पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियां) बनाने का काम शुरू हो चुका है, जिनमें से 40,000 पैक्स बना ली गई हैं।” उन्होंने राजस्थान के कृषि योगदान का भी जिक्र किया।
मंत्री ने कहा, “हमने सहकारिता का उपयोग करके ऊंटों की नस्ल संरक्षण और ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों के परीक्षण पर शोध शुरू किया है, जिससे आने वाले दिनों में ऊंटों के अस्तित्व पर कोई खतरा नहीं आएगा।” इससे पहले मुख्यमंत्री शर्मा ने अपनी सरकार के कार्यों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि सहकारी समितियों का लाभ कतार में खड़े अंतिम लोगों तक पहुंचे।" इस दौरान शाह ने 24 खाद्यान्न भंडारण गोदामों और 64 बाजरा दुकानों का ऑनलाइन उद्घाटन किया और सहकारी उत्पादों की एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा एवं दीया कुमारी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अन्य नेता भी मौजूद थे।















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