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- नई दिल्ली। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने जून में 660 और रेलगाडिय़ां चलाने का फैसला किया है। अभी करीब 983 मेल और एक्सप्रेस रेलगाडिय़ां चलाई जा रही हैं। कोरोना संक्रमण के मामले घटने के साथ ही रेलवे ने यात्रियों के लिए विशेष रेलगाडिय़ों की संख्या बढ़ा दी है। कोविड महामारी से पहले रोजाना औसतन एक हजार 768 मेल और एक्सप्रेस गाडिय़ां चलाई जा रही थीं।रेलवे ने कहा है कि जून की पहली तारीख से अब तक 800 मेल और एक्सप्रेस गाडिय़ों का संचालन हो रहा था। रेलवे के सभी जोनल कार्यालयों से कहा गया है कि वे स्थानीय परिस्थितियों और कोविड के मामलों को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से रेलगाडिय़ों की संख्या बढ़ाएं।
- कोच्चि। मशहूर मलयालम कवि और गीतकार एस रामेसन नायर का शुक्रवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे।उनके पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उनके परिवार में पत्नी और एक पुत्र हैं। उन्होंने कहा कि कोविड -19 संबंधी जटिलताओं के उपचार के दौरान नायर की मृत्यु हो गयी। तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में 1948 में पैदा हुए नायर अपने स्कूली दिनों से ही कविताएं लिखने लगे थे। उन्होंने फिल्मों के लिए भी गीत लिखे। उनकी कविताओं के संग्रह 'गुरुपूर्णमी' के लिए उन्हें 2018 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें 2010 में केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। वह आकाशवाणी से भी जुड़े रहे थे। उनका अंतिम संस्कार यहां शनिवार को किया जाएगा।--
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार हर व्यक्ति को मुफ्त कोविड टीका उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 21 जून से टीकाकरण क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा और 18 वर्ष अधिक आयु के लोगों को भी टीकाकरण की वही सुविधा मिलेगी जो 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को मिली है।कोराना वायरस के स्वरूप बदलने और इस संक्रामक रोग से निपटने में देश की सक्षमता का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि कोविड महामारी की वजह से देश में चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ बनाने में मदद मिली है। महामारी ने सरकारों, विज्ञान, समाज, संस्थानों और व्यक्ति विशेष की क्षमताओं का विस्तार करने में मदद की है। प्रधानमंत्री ने देश में वायरस के बदलते स्वरूप के कारण बढती चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत चिकित्सा का बुनियादी ढांचा बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा सुविधाओं का विशाल नेटवर्क तैयार करने और दूर दराज के इलाकों में चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में नये अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, मेडिकल कालेज और नर्सिंग कालेज स्थापित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि चिकत्सिा के बुनियादी ढांचे के लिए विस्तार के लिए लाखों युवाओं की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने आज कोविड-19 का मुकाबला करने में तैनात अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 राज्यों के 111 प्रशिक्षण केन्द्रों में शुरू किया जायेगा। इसका उद्देश्य देश भर में एक लाख से अधिक कोरोना योद्धाओं के कौशल और क्षमता को बढाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम से वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप गैर-चिकित्सा देखभाल कार्यकर्ताओं को कुशल बनाया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं का विशाल पूल बनाने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के साथ ही कोरोना वायरस के खिलाफ महत्वपूर्ण अभियान का अगला चरण शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। प्रशिक्षित स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता अपने बहुमूल्य योगदान से कोविड मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और नर्सों का बोझ कम कर सकेंगे।स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल, पुन: कौशल और अप-कौशल के महत्व के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल का विस्तार करना समय की आवश्यकता है और इसके लिए प्रौद्योगिकियों में तेजी से बदलाव की आवश्यकता है। ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रो में कार्य कर रहे आशा कार्यकर्ताओं, ए एन एम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के काम की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन्होंने संक्रमण से रोकथाम के लिए टीकाकरण के कार्य में अहम योगदान किया है।
- नई दिल्ली। आईटी कंपनियों का शीर्ष निकाय नासकॉम ने कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र कुशल प्रतिभा में सबसे अधिक नियुक्तियां करने वाला क्षेत्र बना हुआ है। आईटी क्षेत्र की शीर्ष पांच कंपनियों की मौजूदा वित्त वर्ष में 96 हजार से अधिक कर्मचारियों को नौकरी देने की योजना है।नासकॉम की तरफ से गुरुवार को यह बयान उस समय आया है, जब बैंक ऑफ़ अमेरिका ने अपनी एक रिपोर्ट में स्वचालन बढऩे से सॉफ्टवेयर कंपनियों द्वारा 2022 तक तीस लाख कर्मचारियों की छंटनी करने का अनुमान जताया है। विशेष कर तकनीक क्षेत्र में। नासकॉम ने एक बयान में कहा, "प्रौद्योगिकी के विकास और स्वचालन में वृद्धि के साथ ही पारंपरिक आईटी नौकरियों और भूमिकाओं की प्रकृति समग्र रूप से विकसित होगी जिससे नई नौकरियों का सृजन होगा। आईटी क्षेत्र ने कुशल प्रतिभा क्षेत्र में सबसे अधिक नियुक्ति की है और वित्त वर्ष 2021 में 1 लाख 38 हजार लोगों को नौकरी दी है।" उसने जोर देते हुए कहा कि आईटी कंपनियों के वित्त वर्ष में 2021-22 में 96 हजार से अधिक नियुक्ति की मजबूत योजना तैयार की है।----
- मुंबई। कोरोना वायरस महामारी की अप्रैल-मई में आई विनाशकारी दूसरी लहर से उत्पादन के संदर्भ में देश को 2 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। रिजर्व बैंक के अधिकारियों के एक लेख में यह कहा गया है। इसमें कहा गया है कि पिछले साल देशव्यापी 'लॉकडाउन' के बाद इस बार दूसरी लहर की रोकथाम के लिये राज्यों के स्तर पर लगाये गये 'लॉकडाउन' की वजह से असर मुख्य रूप से घरेलू मांग के संदर्भ में रहा।आरबीआई की मासिक पत्रिका में प्रकाशित 'अर्थव्यवस्था की स्थिति' पर केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के लेख में कहा गया है, ''इसीलिए दूसरी लहर के कारण 2 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन का नुकसान हुआ है।'' इसके अलावा, इस लहर का असर छोटे शहरों और गांवों पर भी पड़ा। इससे ग्रामीण मांग पर प्रतिकूल असर पड़ा।सरकारी खर्च से पिछले साल जो असाधारण तेजी देखने को मिली थी, इस बार स्थिति वैसी रहने की संभावना नहीं है। लेख में कहा गया है, ''अच्छी बात यह है कि आपूर्ति स्थिति से जुड़े कई मामलों में स्थिति बेहतर है। इसमें कृषि और संपर्क रहित सेवाएं (डिजिटल सेवाएं) शामिल हैं जो महामारी के बीच अपना काम पहले की तरह कर रही हैं। वहीं औद्योगिक उत्पादन और निर्यात बढ़ा है।'' इसमें कहा गया है, ''आने वाले समय में कोविड-19 टीकाकरण की गति और पैमाना आर्थिक पुनरूद्धार के रास्ते को तय करेगा। अर्थव्यवस्था में महामारी तथा पहले से मौजूद चक्रीय और संरचनात्मक बाधाओं से पार पाने की जरूरी क्षमता और मजबूती है।'' इसमें कहा गया है कि टीका स्वयं से महामारी का खात्मा नहीं करेगा। ''हमें वायरस के साथ जीना सीखना होगा, टीके के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, 'लॉजिस्टिक' और अनुसंधान में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।'' लेख के अनुसार, ''महामारी वास्तविक परिणामों के साथ एक वास्तविक झटका है। इसलिए यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि पुनरूद्धार व्यापार निवेश और उत्पादकता वृद्धि की ठोस नींव पर तैयार हो।'' लेख में यह साफ किया गया है कि ये लेखकों के अपने विचार हैं और कोई जरूरी नहीं है कि आरबीआई के विचारों को प्रतिबिंबित करे।
- नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में एक व्यापारिक जहाज के ईंधन टैंक में दरार आ जाने से 10 किलोलीटर तेल का रिसाव हो गया। भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने गुरुवार को यह जानकारी दी।आईसीजी के मुताबिक डिवोन नामक यह जहाज पुर्तगाल का था और श्रीलंका के कोलंबो से पश्चिम बंगाल में हल्दिया जा रहा था। लेकिन बंगाल की खाड़ी में यह हादसा हो गया। आईसीजी की ओर से जारी एक वक्तव्य के मुताबिक जहाज के ईंधन टैंक में करीब 120 किलोलीटर सल्फर ईंधन तेल था। ईंधन टैंक में दरार आने के कारण करीब 10 किलोलीटर तेल का रिसाव हो गया। इसके बाद जहाज के चालक दल के सदस्यों की मदद से ईंधन टैंक में शेष ईंधन को अन्य टैंक में भर दिया गया। इसके बाद यह जहाज हल्दिया के लिए रवाना हो गया। इस हादसे के मद्देनजर आईसीजी के प्रदूषण नियंत्रण दल को चेन्नई में सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।
- सोनीपत। गांव माहरा में खेत के कच्चे रास्ते में आराम कर रही एक महिला की वहां से गुजरने वाले ट्रैक्टर के कल्टीवेटर में उलझने से मौत हो गयी। थाना बरोदा के प्रभारी बदन सिंह ने बताया कि कल्टीवेटर ने महिला को कुछ दूरी तक घसीटा जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। महिला के भतीजे रिंकू ने ट्रैक्टर चालक कुलदीप पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी कुलदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार माहरा निवासी रोशनलाल व उसकी पत्नी सुनीता (45) अपने खेत में काम करने गए थे। सुनीता काम करने के बाद आराम करने के लिए खेतों के कच्चे रास्ते पर एक पेड़ के नीचे जाकर बैठ गई। आरोप है कि कुछ देर बाद गांव रभड़ा निवासी कुलदीप अपना ट्रैक्टर लेकर वहां से गुजरा, जिसमें कल्टीवेटर जुड़ा हुआ था। आरोपी तेज रफ्तार में ट्रैक्टर चला रहा था, जिस कारण कच्चे रास्ते पर बैठी सुनीता उसके कल्टीवेटर में उलझ गई। शिकायत के अनुसार कल्टीवेटर से करीब आधे किलोमीटर तक घिसटने के बाद सुनीता की मृत्यु हो गयी। जब आरोपी कुलदीप को इस बारे में पता चला तो वह ट्रैक्टर को छोड़कर मौके से फरार हो गया। file photo
- आगरा। आगरा में एक युवती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के दफ्तर के बाहर खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश लेकिन वहां मौजूदा पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रकाबगंज थाना क्षेत्र के ईदगाह कटघर की रहने वाली युवती दोपहर में एसएसपी कार्यालय के बाहर पहुंची और आत्मदाह की कोशिश करने लगी तभी पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। जब उससे इसकी वजह पूछी गयी तो प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार युवती ने एक युवक पर शादी का वादा करके शोषण करने का आरोप लगाया है। एसएसपी मुनिराज ने शाहगंज थाना प्रभारी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में थाना रकाबगंज के निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि युवती की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक मनोज कुमार निवासी पृथ्वीनाथ फाटक, शाहगंज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।==
- नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों का मूल्यांकन 10वीं, 11वीं कक्षा में प्राप्त अंकों और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर करने की अपनी नीति गुरुवार को अधिसूचित कर दी। बोर्ड ने 31 जुलाई तक नतीजे घोषित करने की जानकारी दी है। यह नीति उच्चतम न्यायालय की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचित की गई। बता दें कि इस महीने 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा कोविड-19 महामारी के चलते रद्द कर दी गई थी। बोर्ड द्वारा गठित 13 सदस्यीय समिति के फैसले के मुताबिक 30 फीसदी अंक दसवीं बोर्ड परीक्षा के आधार पर, अगले 30 फीसदी अंक 11वीं कक्षा के और 40 फीसदी अंक 12वीं कक्षा के यूनिट, मध्य टर्म और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आधार पर दिए जाएंगे। बोर्ड ने योजना की और विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि 10वीं कक्षा के आधार पर 30 प्रतिशत अंक पांच विषयों में से तीन सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले विषयों के औसत के आधार पर दिए जाएंगे। वहीं, 11वीं कक्षा के आधार पर 30 प्रतिशत अंक वार्षिक परीक्षा के सैद्धांतिक प्रश्नो में प्रदर्शन के आधार पर दिए जाएंगे जबकि 12वीं कक्षा के 40 प्रतिशत अंक मासिक परीक्षा, अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री बोर्ड के आधार पर दिए जाएंगे।बोर्ड ने कहा, ''12वीं कक्षा के प्रायोगिक/ आंतरिक मूल्यांकन के अंक वास्तविक आधार पर दिए जाएंगे जिसे स्कूलों ने सीबीएसई के पोर्टल पर अपलोड किया है।'' इसके साथ ही कहा गया कि 12वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल अंक देने के दौरान पिछले प्रदर्शनों को भी संज्ञान में लिया जाएगा। बोर्ड ने कहा कि अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अर्हता प्राप्त नहीं करता है तो उसे ' आवश्यक पुनरावृत्ति'' या 'कम्पार्टमेंट श्रेणी' में रखा जाएगा। बोर्ड ने कहा कि स्कूलों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विषयवार मूल्यांकन के दौरान अंक संदर्भ वर्ष के दौरान अमुक विषय में प्राप्त अंक से पांच अंक अधिक या कम की सीमा में होनी चाहिए।
- नई दिल्ली। कंपनियों के निदेशक मंडल अब वीडियो कांफ्रेन्स या अन्य दृश्य-श्रव्य माध्यमों से होने वाली बैठकों में सालाना वित्तीय ब्योरा तथा विलय समेत अन्य मामलों में मंजूरी दे सकते हैं।कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) ने कोरोना वायरस महामारी के बीच आमने-सामने के बजाए 'ऑनलाइन' हो रही बैठकों को देखते हुए कंपनी कानून, 2013 के तहत संबंधित नियमों में संशोधन किया है। जो नियम संशोधित किये गये हैं, वे निदेशक मंडल की बैठक और उसकी शक्तियों से संबंधित हैं। नांगिया एंडरसन एलएलपी भागीदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि कंपनी कानून हमेशा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने की अनुमति देता है, लेकिन वित्तीय ब्योरे को मंजूरी देने और बोर्ड की रिपोर्ट को मंजूरी देने जैसे महत्वपूर्ण मामलों में भौतिक यानी आमने-सामने की बैठकों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, ''कोविड महामारी के कारण सामने आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए, एमसीए ने उन मामलों की सूची को समाप्त कर दिया है जो दृश्य-श्रव्य माध्यमों से संचालित किए जा सकते हैं।''उन्होंने कहा, ''इस कदम से यह सुनिश्चित किया गया है कि कंपनियों के सामने आने वाली बाधाएं कम हों और और प्रौद्योगिकी की सहायता से व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाया जा सके।'' इससे पहले, नियमों के तहत उन मामलों की एक सूची का उल्लेख किया गया था जिन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य दृश्य-श्रव्य माध्यमों से कंपनी के निदेशक मंडल नहीं निपटा सकते थे। इसके तहत वार्षिक वित्तीय ब्योरा, निदेशक मंडल की रिपोर्ट, विलय, अधिग्रहण और कंपनी के अलग होने से संबंधित मामले तथा बही-खातों पर विचार के लिए लेखा परीक्षा समिति की बैठकें आयोजित करने की अनुमति नहीं थी। अब ताजा संशोधन के साथ सूची समाप्त कर दी गयी है। इस संदर्भ में मंत्रालय ने 15 जून को कंपनी (निदेशक मंडल की बैठकों और उसकी शक्तियां) संशोधन नियम, 2021 अधिसूचित किया है। झुनझुनवाला के मुताबिक अब सभी मामलों के लिये वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हो सकेगी और कंपनियों का कामकाज तेज गति से आगे बढ़ सकेगा।
- नयी दिल्ली ।भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए ‘वैक्सीन पासपोर्ट' पर जारी वैश्विक चर्चा को टीका समानता के मुद्दे से जोड़े जाने की आवश्यकता है क्योंकि अनेक विकासशील देश अपनी आबादी के बड़े हिस्से का कोविड रोधी टीकाकरण नहीं कर पाए हैं। यह बात भारत ने जापान की इस घोषणा के बाद कही कि वह जापानी लोगों के लिए अगले महीने से ‘वैक्सीन पासपोर्ट' उपलब्ध कराएगा। जापान के निर्णय, इससे संबंधित जटिलताओं के बारे में, तथा यह पूछे जाने पर कि क्या भारत भी इस तरह के पासपोर्ट जारी करेगा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि उनके पास भारत के ‘वैक्सीन पासपोर्ट' जारी करने संबंधी कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘‘तथाकथित वैक्सीन पासपोर्ट'' के मुद्दे पर वैश्विक चर्चा जारी है और भारत को लगता है कि इसे टीका समानता के बड़े मुद्दे से जोड़ा जाना चाहिए क्योंकि अनेक विकासशील देश अपनी आबादी के एक बड़े हिस्से का कोविड रोधी टीकारण नहीं कर पाए हैं। बागची ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम वैक्सीन पासपोर्ट के मुद्दे पर टीका समानता पर अधिक ध्यान देने के साथ चर्चा चाहेंगे।'' सरकार ने पिछले महीने कहा था कि कोविड रोधी पूर्ण टीकाकरण करा चुके लोगों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन को ‘वैक्सीन पासपोर्ट' जारी करने के मुद्दे पर अभी सहमति पर पहुंचना है। इसने उल्लेख किया था कि अभी चर्चा चल रही है।बाहर से आने वाले छात्रों के लिए कुछ विश्वविद्यालयों के विशिष्ट टीकों पर जोर देने के मुद्दे पर बागची ने कहा कि जरूरतों में एकरूपता नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि भारतीय छात्रों के लिए टीकाकरण अनिवार्य शर्त नहीं है। बागची ने कहा, ‘‘मैं भी समझता हूं कि हमारे छात्रों और विश्वविद्यालयों के बीच विभिन्न चर्चाएं चल रही हैं। स्पष्ट तौर पर हम अपने छात्रों का समर्थन करेंगे। मेरा मानना है कि संबद्ध प्रत्येक व्यक्ति की यह सुनिश्चित करने में रुचि है कि छात्र विश्वविद्यालयों तक पहुंचने में सक्षम हों और अपनी नियमित कक्षाएं लें तथा हम कोई रचनात्मक समाधान निकलने की उम्मीद करते हैं।'' अमेरिका द्वारा टीका आपूर्ति का वायदा किए जाने के बारे में पूछे जाने पर बागची ने कहा कि समयसीमा और अमेरिका द्वारा घोषित टीकों की मात्रा के संबंध में आगे के ब्योरे की प्रतीक्षा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए सूचीबद्ध करने के मुद्दे पर बागची ने कहा कि भारत घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखे हुए है और प्रक्रिया के जल्द से जल्द पूरा होने की उम्मीद है। बागची ने कहा, ‘‘विवरण के लिए कंपनी से पूछिए।''सरकार द्वारा गठित टीका समिति से संबंधित एक सवाल के जवाब में बागची ने कहा कि इसका गठन नीति आयोग के तहत हुआ है और इसके बारे में विवरण के लिए आयोग से संपर्क किया जाना चाहिए।
- नयी दिल्ली । सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कई राज्यों में म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) के इलाज में उपयोगी एम्फोटेरिसिन-बी की मांग में अचानक बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए कई कदम उठाये जा रहे है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि उत्पादन बढ़ाने व आयात के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एम्फोटेरिसिन-बी की अबतक 6.67 लाख से अधिक शीशियां मुहैया कराई गईं हैं। मंत्रालय ने कहा, "सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तथा केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के लिए एम्फोटेरिसिन-बी की 6.67 लाख से अधिक शीशियां जुटाने में सक्षम हुई है। इसके अलावा एम्फोटेरिसिन डीऑक्सीकोलेट और पॉसकोनाजोल जैसी अन्य दवाएं इस बीमारी के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।" उसने कहा कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने को लेकर सरकार कच्चे माल से संबंधित दवा निर्माताओं के मुद्दों का समाधान करने के लिए लगातार उनके साथ काम में लगी हुई है। इसके अलावा औषधि विभाग और ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने निर्माताओं की पहचान, वैकल्पिक दवाओं और नई विनिर्माण सुविधाओं के शीघ्र अनुमोदन के लिए उद्योग के साथ सक्रियता से काम कर रहा है। सरकार ने इसके अलावा मौजूदा निर्माताओं से लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन-बी का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कहा है।
- नई दिल्ली। केन्द्र ने टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाली सामग्री के संबंध में मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए वैधानिक तंत्र मुहैया कराने के लक्ष्य से केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों में संशोधन किया है।सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 को गुरुवार को आधिकारिक गजट (परिपत्र) में प्रकाशित किया। मंत्रालय ने कहा कि पारदर्शी वैधानिक तंत्र मुहैया कराने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है और इससे लोगों को लाभ होगा।सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया, ''सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 में संशोधन करके टीवी चैनलों पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों के संबंध में लोगों की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए वैधानिक तंत्र विकसित किया है। मंत्रालय ने सीटीएन नियमों के तहत टीवी चैनलों की वैधानिक संस्था को भी मान्यता देने का निर्णय लिया है।'' फिलहाल, नियमों के तहत कार्यक्रम और विज्ञापन कोड के उल्लंघन के संबंध में लोगों की शिकायतों का निपटारा करने के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति के तहत संस्थागत तंत्र मौजूद है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''इसी प्रकार, विभिन्न प्रसारकों ने भी शिकायतों के निपटारे के लिए आंतरिक स्व-नियामक तंत्र विकसित किया है।'' उसमें कहा गया है कि इसके बावजूद शिकायतों के निपटारे को बेहतर बनाने के लिए वैधानिक तंत्र विकसित करने की जरुरत महसूस हुई। उसमें कहा गया है कि कुछ प्रसारकों ने उनके एसोसिएशन/संस्था को कानूनी मान्यता देने का भी अनुरोध किया है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी के कारण वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए शिकायत करने के एक मंच और राष्ट्रीय हेल्पलाइन 155260 की शुरुआत की है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय हेल्पलाइन और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई के नुकसान को रोकने के लिए ऐसे मामलों की शिकायत करने का एक तंत्र प्रदान करता है।सुरक्षित डिजिटल भुगतान इको-सिस्टम प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय (एमएचए) ने वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 155260 और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म को शुरू किया है। हेल्पलाइन की सीमित स्तर पर एक अप्रैल, 2021 को शुरुआत की गयी थी। हेल्पलाइन 155260 और इसके रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), सभी प्रमुख बैंक, भुगतान बैंक, वॉलेट और ऑनलाइन मर्चेंट के सहयोग और समर्थन से गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) द्वारा चालू किया गया है। नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली, आई4सी द्वारा कानून लागू करने वाली एजेंसियों और बैंकों तथा वित्तीय मध्यवर्ती कंपनियों को एकीकृत करने के लिए आंतरिक रूप से विकसित की गई है।वर्तमान में इसका उपयोग 155260 के साथ सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश) द्वारा किया जा रहा है, जो देश की 35 प्रतिशत से अधिक आबादी को कवर करता है। जालसाजों द्वारा ठगे गए धन के प्रवाह को रोकने के लिए अन्य राज्यों में इसे शुरू किया जा रहा है। बयान में कहा गया कि आरंभ में सीमित स्तर पर शुरुआत के बाद दो महीने की छोटी अवधि में ही हेल्पलाइन 155260 से फर्जीवाड़े की 1.85 करोड़ रुपये की रकम जालसाजों के हाथों में जाने से रोकने में मदद मिली है।
- नयी दिल्ली। रेल मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें बीते 54 दिन में देश में 1,830 से अधिक टैंकरों में 32,017 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन (एलएमओ) की आपूर्ति कर चुकी हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अब तक 443 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें अपनी यात्रा पूरी कर विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचा चुकी हैं। एक और ट्रेन चार टैकरों में 78 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन लेकर रास्ते में है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने देश के दक्षिणी राज्यों में 17,600 टन से अधिक एलएमओ की आपूर्ति की है जिसमें से तमिलनाडु में 5,600 टन से अधिक ऑक्सीजन पहुंचाई गई। वहीं तेलंगाना में 3,200 टन, आंध्र प्रदेश में 4,000 टन और कर्नाटक में 4,100 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने 54 दिन पहले 24 अप्रैल को ऑक्सीजन आपूर्ति की शुरुआत की थी।ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम समेत 15 राज्यों के 39 शहरों तक ऑक्सीजन राहत पहुंचाई गई। अब तक महाराष्ट्र में 614 टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3,797 टन, मध्य प्रदेश में 656 टन, दिल्ली में 5,722 टन, हरियाणा में 2,354 टन, राजस्थान में 98 टन, कर्नाटक में 4,149 टन, उत्तराखंड में 320 टन ऑक्सीजन की ढुलाई की जा चुकी है। तमिलनाडु में 5,674 टन, आंध्र प्रदेश में 4,036 टन, पंजाब में 225 टन, केरल में 513 टन, तेलंगाना में 3,255 टन, झारखंड में 38 टन और असम में 560 टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और इसके क्षेत्रीय कार्यालयों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए देश-विदेश में सप्ताह भर चलने वाली ऑनलाइन गतिवधियां शुरू कर दी है तथा 19 जून को ‘प्रतिरक्षा के लिए योग' वेबिनार आयोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 2015 से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय पत्रकारों, विश्व के विभिन्न हिस्सों से प्रभावशाली व्यक्तियों और टूर ऑपरेटरों की मेजबानी करेगा। मंत्रालय से जारी एक बयान के मुताबिक कोविड-19 महामारी की मौजूदा स्थिति के कारण यात्रा करने की सलाह नहीं दी जा रही है, ऐसे में पर्यटन मंत्रालय और भारत तथा विदेशों में इसके क्षेत्र कार्यालयों ने ‘योग के साथ रहें घर पर रहें' विषय के साथ विभिन्न ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू किये हैं। सप्ताह भर चलने वाले योग दिवस समारोहों में योग के महत्व को दर्शाने वाले पोस्ट, तस्वीरें और वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर मंत्रालय के अकाउंट पर साझा किये जाएंगे। मंत्रालय अनुभवी योग गुरुओं, ब्लॉगर और प्रभाशाली व्यक्तियों के साथ विभिन्न सत्रों का सीधा प्रसारण करने की भी योजना बना रहा है। इसमें यह बताया जाएगा कि योग ने उनके जीवन में क्या परिवर्तन किये हैं। पर्यटन मंत्रालय इशा फाउंडेशन के सहयोग से शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे ‘प्रतिरक्षा के लिए योग' वेबिनार का आयोजन करेगा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘वेबिनार के दौरान, इशा फाउंडेशन के योग गुरु ‘सिंह क्रिया' का प्रदर्शन करेंगे, जो एक आसान लेकिन शक्तिशाली योगासन है और यह प्रतिरक्षा तथा संपूर्ण क्षमता को बढ़ाता है।
- ठाणे। महाराष्ट्र के कल्याण स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने कथित रूप से ट्रेनों में यात्रियों पर हमला करने और मोबाइल फोन चुराने वाले एक गिरोह के सरगना को गिरफ्तार करने का दावा किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। वरिष्ठ निरीक्षक वाल्मीकि शार्दूल ने कहा कि कल्याण रेलवे पुलिस ने बुधवार को ''फाटक'' गिरोह के कथित सरगना और आरोपी राजू केंगर को पकड़ा है। उन्होंने कहा कि एक टीवी अभिनेत्री की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। अभिनेत्री ने शिकायत में कहा था कि इस महीने की शुरुआत में एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा करते समय उनपर हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि आरोपी इसी तरह के सात मामलों में शामिल रहा है।इसी तरह के एक अन्य मामले में, रेलवे पुलिस की अपराध शाखा ने एक यात्री का पर्स छीनने के आरोप में टिटवाला से 26 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ निरीक्षक गजेंद्र पाटिल ने आरोपी के पास से आभूषण और मोबाइल फोन सहित 40,000 रुपये से अधिक का चोरी का सामान बरामद करने का दावा किया है। रेलवे पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 392 के तहत मामला दर्ज किया है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर तैयार योद्धाओं के लिए विशेष रूप से तैयार एक क्रैश कोर्स की शुरुआत करेंगे। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘कल 18 जून को 11 बजे पूर्वाह्न कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे के योद्धाओं के लिए विशेष रूप से तैयार क्रैश कोर्स की शुरुआत करूंगा। इस कार्यक्रम के जरिए एक लाख से अधिक कोरोना योद्धओं को कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।'' प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में बुधवार को कहा गया था कि इसके साथ ही 26 राज्यों में फैले 111 प्रशिक्षण केन्द्रों में इस कार्यक्रम की शुरूआत हो जाएगी। इस अवसर पर केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय भी मौजूद रहेंगे।पीएमओ के मुताबिक इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में एक लाख से अधिक कोविड योद्धाओं को कौशल से लैस करना और उन्हें कुछ नया सिखाना है। इस कार्यक्रम को 276 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तृतीय के केन्द्रीय घटक के तहत एक विशेष कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है। इससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में श्रमशक्ति की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुशल गैर-चिकित्सा स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार किया जाएगा। किसी विषय विशेष की जानकारी देने और कौशल विकसित करने के मकसद से अल्प अवधि के लिए चलाये जाने वाले कार्यक्रम को क्रैश कोर्स कहते हैं।
- मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र में बुधवार की देर रात एक अनियंत्रित कार एक पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए बाया नदी में गिर गयी जिससे उसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि एक अन्य व्यक्ति जख्मी हो गया। मुजफ्फरपुर पश्चिमी अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार दास ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार को मुंगौली गांव एक बारात में शामिल होने के बाद देर रात में कार से लौट रहे प्रीतम कुमार (21), निक्की शर्मा (21) और राजन कुमार (22) की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। तीनों पारू प्रखंड के निवासी थे। इस हादसे में जख्मी रमन कुमार (20) को इलाज के लिए सरैया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। दास ने बताया कि सरकार की ओर से मृतकों के परिजन को कानूनी प्रावधान के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। सरैया थाना थानाध्यक्ष राम विनोद यादव ने बताया कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है।
- फरीदाबाद। सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद कथित रूप से अश्लील फिल्म बनाने और उसे वायरल किये जाने की धमकी के साथ ब्लैकमेल किये जाने के बाद शहर के एक कारोबारी ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार कारोबारी के पुत्र ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया कि एक लड़की ने इंस्टाग्राम पर उसके पिता से दोस्ती कर आर्थिक मदद मांगी और मिलने के लिए दिल्ली बुलाया। उसने बताया कि कारोबारी को नशीला पदार्थ पिलाकर आपत्तिजनक अवस्था में उनका वीडियो बना लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पीड़ित को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और 1.20 लाख रुपये ऐंठ लिये। उन्होंने चार लाख रुपये और मांगे। आरोप हैं कि धमकी से परेशान होकर कारोबारी ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने कारोबारी के बेटे की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उसके पिता को हनी ट्रैप में फंसाने वाले गिरोह की चार महिला सदस्यों तथा एक नामक युवक को दिल्ली से हिरासत में लिया है और जांच शुरू कर दी है।
- बिजनौर । उत्तर प्रदेश के बिजनौर में तीन दिन पूर्व अपने घरों से लापता हुए प्रेमी युगल ने कथित रूप से नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक अनित कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को थाना स्योहारा की सरकड़ी नहर में एक युवक और एक युवती के शव मिले जिनकी शिनाख्त थाना शेरकोट के गांव महमूदाबाद निवासी दीक्षित चौहान(19) और थाना क्षेञ की ही 18 वर्षीय एक युवती के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों में प्रेम-प्रसंग चल रहा था और दोनों 14 जून की शाम से लापता थे। लड़की दलित वर्ग से ताल्लुक रखती है और उसके परिजनों ने शेरकोट थाने में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार प्रथम दृष्टया घटना आत्महत्या की लगती है। पोस्टमार्टम कराकर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
-file photo - नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि सरकार किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रोक लगाने के हक में नहीं है, लेकिन उन्हें नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित करीब आधे सरकारी विभाग अगर ट्वीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह स्पष्ट है कि सरकार कितनी निष्पक्ष है। श्री प्रसाद ने कहा कि जब वाशिंगटन में कैपिटॉल हिल पर अचानक धावा बोला गया था, तब ट्वीटर ने वहां के राष्ट्रपति सहित सभी के खाते बंद कर दिए थे।केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जब लाल किले पर आतंकवादियों के समर्थकों ने धावा बोला था और तलवार लहराते हुए पुलिस कर्मियों को घायल कर रहे थे और उन्हें गढ्डों में धकेल रहे थे, तो क्?या यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता थी। उन्होंने कहा कि अगर कैपिटॉल हिल अमरीका के लिए गौरव की बात है, तो लाल किला, जहां प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं, उसका भी उतना ही महत्व है।उन्होंने लद्दाख के कुछ हिस्से को चीन का बताया जाने को लेकर भी ट्वीटर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इसे ठीक कराने के लिए करीब दो सप्ताह का समय लगा था। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश के रूप में भारत को अपनी डिजिटल संप्रभुता की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है।गाजियाबाद की घटना पर श्री प्रसाद ने कहा कि इसकी जांच करना पुलिस का काम है। उन्होंने कहा कि यदि ट्वीटर पर कुछ संदेशों को तोड़-मरोड़कर डाला गया कहा जा सकता है, तो गाजियाबाद के मामले में ऐसा क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अगर मीडिया मंत्री से कोई सवाल करता है, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन इसकी आड़ में यदि नियमों की अनदेखी की जाती है, तो फिर यह तर्कसंगत नहीं है।
- नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सरकार ने गुरुवार को ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) और परमिट जैसे मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता को 30 सितंबर 2021 तक बढ़ा दिया है।सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों को भेजे एक परामर्श में कहा है कि वह फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य दस्तावेजों की वैधता को बढ़ा रहा है, जिनका लॉकडाउन के कारण विस्तार नहीं किया जा सकता है और जिनकी वैधता एक फरवरी 2020 को खत्म हो गई है या 31 मार्च 2020 को खत्म हो जाएगी। इससे पहले मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम से संबंधित दस्तावेजों की वैधता को कई बार बढ़ाया जा चुका है। मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि यह सलाह दी जाती है कि एक फरवरी से समाप्त हो चुके दस्तावेजों की वैधता 30 सितंबर 2021 तक वैध मानी जा सकती है। परामर्श में कहा गया कि संबंधित अधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे दस्तावेजों को 30 सितंबर 2021 तक वैध माने।
- नयी दिल्ली। प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गूगल ने गुरुवार को कहा कि उसकी परोपकार शाखा गूगल डॉट ऑर्ग विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर देश में 80 ऑक्सीजन संयंत्रों की खरीद और स्थापना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मचारियों के कौशल विकास में मदद के लिए 113 करोड़ रुपये (1.55 करोड़ डॉलर) का अनुदान देगी। गूगल डॉट ऑर्ग इस घोषणा के तहत 80 ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना के लिए गिवइंडिया को करीब 90 करोड़ रुपये और पाथ को करीब 18.5 करोड़ रुपये देगी। इसके साथ ही ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए अपोलो मेडस्किल्स के जरिए कोविड-19 प्रबंधन में 20,000 अग्रणी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए गूगल डॉट ऑर्ग भारत के 15 राज्यों में 180,000 आशा कार्यकर्ताओं और 40,000 एएनएम के कौशल विकास के लिए 3.6 करोड़ रुपये (पांच लाख अमरीकी डॉलर) का अनुदान अरमान को देगा। अरमान इस अनुदान के इस्तेमाल से आशा और एएनएम को अतिरिक्त सहायता और सलाह प्रदान करने के लिए कॉल सेंटर की स्थापना भी करेगा। गूगल इंडिया के कंट्री हेड और उपाध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा, ‘‘गूगल में हमने इस बात पर ध्यान दिया कि लोगों के पास सुरक्षित रहने के लिए जरूरी जानकारी और उपकरण हों।''
- नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-सीबीएसई ने आज उच्चतम न्यायालय को सौंपने के लिए 12 वीं के छात्रों के मूल्यांकन मानदंड के बारे में अपनी रिपोर्ट जारी की। 12 वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम 30-30 प्रतिशत 10वीं और 11वीं कक्षा के प्रदर्शन के आधार पर और 12वीं के घटक 40 प्रतिशत पर आधारित होगा।महामारी के बीच सीबीएसई और सीआईएससीई की कक्षा 12वीं की परीक्षा रद्द करने के निर्देश की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ए.एम. खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी की पीठ को अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने बताया कि सीबीएसई के छात्र जो मूल्यांकन फॉर्मूले से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें महामारी की स्थिति समान होने पर कक्षा 12वीं की परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा।उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में कक्षा 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बोर्ड को दो सप्ताह के भीतर रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया था। सीबीएसई ने मूल्यांकन मानदंडों को अंतिम रूप देने के लिए 12 सदस्यीय समिति का गठन किया था।

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