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- जींद । हरियाणा में उचाना हलके के अलीपुरा गांव में सोमवार सुबह एक निजी स्कूल के संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गांव अलेवा निवासी सुरेश (48) ने अलीपुरा गांव में एक विद्यालय खोला हुआ है और पिछले लगभग 20-22 साल से वह यहीं पर रह रहे थे। सोमवार अल सुबह सुरेश सैर के लिए निकले थे कि तभी कार सवार दो-तीन अज्ञात लोगों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि सुरेश के भाई की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उचाना थाना प्रभारी रविंद्र ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची । उन्होंने बताया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए आसपास के क्षेत्रों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार करीब दो साल पहले सुरेश के बेटे साहिल की भी रोहतक के नेकीराम कॉलेज में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी और इस मामले में 12 युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था और सुरेश इस मामले में मुख्य गवाह था।--file photo
- नयी दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मंडी के शोधार्थियों के एक दल ने अत्यधिक शर्करा के उपभोग से यकृत (लीवर) में वसा जमा होने की बीमारी से जुड़े कारणों का पता लगाया है। इस बीमारी को फैटी लीवर के नाम से भी जाना जाता है। शोधार्थियों के मुताबिक इस नयी जानकारी से लोगों को यकृत संबंधी गैर-अल्कोहोलिक रोग (एनएएफएलडी) के शुरूआती चरणों में शर्करा की मात्रा घटाने के लिए जागरूक करने में मदद मिलेगी। यह अध्ययन जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्री में प्रकाशित हुआ है। यह अध्ययन ऐसे समय में हुआ है, जब सरकार ने एनएएफएलडी को कैंसर, मधुमेह, हृदय संबंधी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल किया है। एनएएफएलडी, एक ऐसी मेडिकल स्थिति है जिसमें यकृत में अतिरिक्त वसा जमा होता है। इस रोग के लक्षण करीब दो दशक तक भी नजर नहीं आते हैं। यदि इस रोग का समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो अतिरिक्त वसा यकृत की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। यह रोग बढ़ने पर यकृत कैंसर का रूप भी धारण कर सकता है। आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर प्रसेनजीत मंडल ने बताया, ‘‘एनएएफएलडी का एक कारण शर्करा का अधिक मात्रा में उपभोग है। शर्करा और कार्बोहाइड्रेड के अधिक मात्रा में उपभोग के चलते यकृत उन्हें एक प्रक्रिया के जरिए वसा में तब्दील कर देता है, इससे वसा यकृत में जमा होने लग जाता है। ‘‘ मंडल ने बताया कि भारत में एनएएफएलडी आबादी के करीब नौ से 32 प्रतिशत हिस्से में पाया जाता है।अध्ययन दल ने दावा किया है कि शर्करा और यकृत में वसा के जमा होने के बीच आणविक संबंध का खुलासा होने से इस रोग का उपचार ईजाद करने में मदद मिलेगी। अध्ययन दल में जामिया हमदर्द इंस्टीट्यूट और एसजीपीजीआई, लखनऊ के शोधार्थी भी शामिल थे।
- देहरादून । वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का सोमवार को उनके गृहनगर हल्द्वानी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। हल्द्वानी की विधायक हृदयेश का रविवार को दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था जहां वह शनिवार को पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुई थीं। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि हल्द्वानी में रानीबाग क्षेत्र के चित्रशिला घाट पर हृदयेश का अंतिम संस्कार किया गया जहां उनकी पार्थिव देह को उनके पुत्र सुमित ने मुखाग्नि दी। इस दौरान, परिवार के लोगों के अलावा प्रदेश के मंत्रियों समेत कांग्रेस और भाजपा के अनेक नेता मौजूद रहे जिनमें विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, प्रदेश के मंत्री सुबोध उनियाल, हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, बंशीधर भगत, कांग्रेस महासचिव हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी देवेंद यादव शामिल थे । इससे पहले, दिल्ली दौरे के बीच में ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत दिवंगत नेता को अपनी श्रद्धांजलि देने उनके हल्द्वानी स्थित आवास पहुंचे। हृदयेश की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने हृदयेश को याद करते हुए कहा कि प्रदेश हित के मुद्दों को सर्वोपरि रखने वाली जनप्रिय नेता के अधूरे कार्यों को उनकी सरकार आगे बढ़ाएगी।
- नयी दिल्ली । सार्वजनिक क्षेत्र की पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन (पोस्को) ने सोमवार को कहा कि अंशुल भार्गव ने मानव संसाधन निदेशक का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने मीनाक्षी डावर का स्थान लिया है जो 31 दिसंबर, 2020 को सेवानिवृत्त हुईं।कंपनी ने एक बयान में कहा कि भार्गव संगठन में मानव संसाधन नीतियों, प्रतिभा प्रबंधन, मानव संसाधन विकास, औद्योगिक संबंधों और अन्य रणनीतिक मानव संसाधन कार्यों के समन्वय और कार्यान्वयन के प्रभारी होंगे। बयान के अनुसार, ‘‘अंशुल भार्गव ने पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन के निदेशक (मानव संसाधन) का पदभार संभाल लिया।'' इससे पहले, वह पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लि. में मुख्य कार्मिक अधिकारी और प्रमुख (मानव संसाधन और प्रशासन) थे।
- पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले के मरंगा थाने के पॉलिटेक्निक चौक के निकट स्थित एक कोरियर कंपनी के दफ्तर से रविवार की रात हथियारबंद अपराधियों ने करीब 30 लाख रुपए लूट लिए । पुलिस ने इसकी जानकारी दी । सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आनंद कुमार पांडे ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने इस मामले को लेकर कई जगहों पर छापेमारी की है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है । मरंगा थानाध्यक्ष राजीव कुमार आजाद ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी अनुसंधान के जरिए जल्द ही लुटेरों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। पूछताछ के क्रम में उक्त कोरियर कंपनी के कर्मचारी विकास कुमार वर्मा ने पांडे को बताया कि अपराधी सात की संख्या में थे और सभी के हाथ में पिस्तौल और देसी कट्टा था। सभी अपराधी मास्क लगाने के साथ हेलमेट भी पहने हुए थे।
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नयी दिल्ली । आयकर विभाग ने सोमवार को कुछ फॉर्म हाथ से भरने की अनुमति दे दी। कर फाइल करने के नये पोर्टल के शुरू होने के एक सप्ताह बाद भी तकनीकी खामियां जारी रहने के बीच यह मंजूरी दी गयी है। आयकर विभाग ने परिपत्र जारी कर बैंक के पास 30 जून तक फॉर्म 15सीए/15सीबी (विदेशों में पैसा भेजने के लिये जरूरी) हाथ से भरने की अनुमति दी है ताकि कामकाज को लेकर लेन-देन सुचारू चलता रहे। इन फार्मों को बाद में ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
नया पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.इंकमटैक्स.गॉव़ इन (www.incometax.gov.in) सात जून को चालू किया गया। आयकर विभाग और सरकार ने कहा कि इसका मकसद अनुपालन को करदाताओं के लिये और सुगम बनाना है। पोर्टल पर काम में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें पहले दिन से ही आनी शुरू हो गयीं। एक सप्ताह के बाद भी शिकायतें बनी हुई हैं। चार्टर्ड एकाउंटेंट के अनुसार करदाता पिछली बार ई-फाइल किए गए अपने रिटर्न नहीं देख पा रहे हैं। कई सुविधाएं अभी शुरू नहीं हुई है। उस पर यह लिखा आ रहा है ‘कमिंग सून' यानी जल्द शुरू होगी। आयकर विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘करदाताओं ने आयकर फार्म 15सीए/15सीबी को पोर्टल पर भरने में समस्या की बात कही है, इसको देखते हुए यह निर्णय किया गया है कि करदाता ये फार्म 30 जून तक अधिकृत डीलरों के पास ‘मैनुअल' प्रारूप में भर सकते हैं।'' आयकर विभाग ने यह भी सलाह दी है कि अधिकृत डीलर विदेशों में पैसा भेजने के लिये 30 जून, 2021 तक ये फॉर्म स्वीकार करेंगे। बयान के अनुसार, ‘‘दस्तावेज पहचान संख्या सृजित करने के मकसद से इन फार्मों को अपलोड करने के लिये सुविधा बाद में दी जाएगी।'' किसी भी व्यक्ति को विदेशों में पैसा भेजने के लिये फॉर्म 15सीए ‘ऑनलाइन' फार्म/घोषणा पत्र देने की जरूरत होती है। उन्हें सौदे की प्राकृति और भेजी जा रही राशि पर काटे गये आयकर के बारे में जानकारी देनी होती है। कुछ मामलों में फॉर्म 15सीए को चार्टर्ड एकाउंटेंट के प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ती है जो फॉर्म 15सीबी के जरिये दिया जाता है। नांगिया एंड कंपनी एलएलपी भागीदार शैलेश कुमार ने कहा कि पुराने ई-फाइलिंग पोर्टल के 31 मई, 2021 को बंद होने तथा नये पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण 15सीए और 15सीबी फॉर्म ‘ऑनलाइन' भरना अबतक संभव नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे उन कंपनियों के लिये समस्याएं पैदा हुई हैं, जिन्हें आर्डर देने या लाइसेंस लेने अथवा वाणिज्यिक बाधाओं को पूरा करने के लिये दूसरे देशों में भुगतान करने की जरूरत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘बैंक फॉर्म 15सीए/15सीबी के अभाव में विदेशों में पैसा भेजने की अनुमति नहीं दे रहे। इससे कई कंपनियों के सौदे थम गये हैं।'' कुमार ने कहा कि कंपनियों की कठिनाइयों को समझते हुए, सरकार ने यह परिपत्र जारी किया है और फॉर्म 15सीए/15सीबी हाथ से भरने की अनुमति दे दी है ताकि सौदा नये ई-फाइलिंग पोर्ट पर तकनीकी खामियों के बाद भी जारी रहे।'' वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं पोर्टल तैयार करने वाली आईटी कंपनी इन्फोसिस और उसके चेयरमैन नंदन निलेकणि से आयकर विभाग की नई ई-फाइलिंग वेबसाइट में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने को कहा था। पोर्टल शुरू होने के दूसरे ही दिन सीतारमण के ट्विटर टाइमलाइन पर भारी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने पोर्टल के सही तरीके से काम नहीं करने की शिकायत की थी। उसके बाद वित्त मंत्री ने ट्वीट कर इन्फोसिस और उसके चेयरमैन से समस्याओं को दूर करने को कहा था।सीतारमण के ट्वीट का जवाब देते हुए निलेकणि ने कहा था कि इन्फोसिस तकनीकी दिक्कतें दूर कर रही है। इन्फोसिस को 2019 में अगली पीढ़ी की आयकर फाइलिंग प्रणाली तैयार करने का अनुबंध दिया गया था। इसका मकसद रिटर्न की प्रसंस्करण प्रक्रिया में लगने वाले 63 दिन के समय को कम कर एक दिन करने और ‘रिफंड' प्रकिया को तेज करना है। कुमार ने कहा कि पोर्टल में ‘लॉग इन' करने में होने वाली समस्याओं के साथ महत्वपूर्ण सुविधाएं अभी शुरू नहीं हुई है। जैसे 'ई-कार्यवाही' टैब पर ‘जल्द शुरू होने' का संदेश आ रहा है। इससे करदाताओं और कर पेशेवरों के बीच आदेशों के संबंध में चिंता बढ़ रही है। आदेश पारित किये जा रहे हैं और संबंधित मामले में अपना पक्ष रखने के लिये पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा है क्योंकि नोटिस के अनुपालन में समस्या आ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘करदाताओं को उन कारणों से दंड भुगतना पड़ सकता है, जो उनके नियंत्रण में ही नहीं है। साथ ही, करदाताओं को विदेशों में धन भेजने के लिए एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वे फॉर्म 15सीए/सीबी जारी करने में असमर्थ हैं।'' कुमार ने कहा, ‘‘पोर्टल शुरू होने के सात दिन बाद भी ये समस्याएं हैं। ये छोटी-मोटी गड़बड़ियां नहीं हैं और इस पर तत्काल ध्यान देने और समाधान करने की आवश्यकता है।'' एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि पिछले सप्ताह से पोर्टल पर जिन सामान्य मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है, उनमें ‘लॉग इन' में 10-15 मिनट का समय लगना, आकलन नोटिस के जवाब दाखिल करने में समस्या, पिछले फाइलिंग से संबंधित आंकड़े पोर्टल पर दिखाई नहीं देना और ई-कार्यवाही प्रणाली का पूरी तरह चालू नहीं होना शामिल हैं।'' मोहन ने कहा, ‘‘नये आयकर पोर्टल की समस्याओं को जल्द-से-जल्द दूर करने की जरूरत है। तकनीकी खामियों से करदाताओं और कर पेशेवरों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।'' डेलॉयट इंडिया की भागीदार आरती राउत ने कहा कि नए आयकर पोर्टल ने सभी के लिये उम्मीदें जगाई हैं। उन्होंने कहा कि नये पोर्टल का लाभ तभी दिखेगा, जब तकनीकी खामियां दूर हो जाएंगी। ध्रुव एडवाइजर्स एलएलपी भागीदार संदीप भल्ला ने भी कहा कि वेबसाइट उपयोग करने वालों के लिये अनुकूल जान पड़ती है लेकिन यह काफी धीमी चल रही है। - बेंगलुरु। सड़क दुर्घटना में घायल हुए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कन्नड़ अभिनेता संचारी विजय का सोमवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। सूत्रों ने इस बारे में बताया। अभिनेता का उपचार करने वाले एक डॉक्टर ने पत्रकारों को बताया, ‘‘उनके परिवार को फैसला करना है कि वे उनका अंगदान करेंगे या नहीं।'' विजय के निधन पर शोक जताते हुए मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि यह खबर सुनकर वह व्यथित हैं।अभिनेता की मोटरसाइकिल शनिवार रात शहर के जेपी नगर में फिसल गयी थी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आयी थी। विजय को फिल्म ‘नानु अवानल्ला अवलु' में अभिनय के लिए 2015 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।
- जयपुर। केन्द्र सरकार के वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भरतपुर के बंशी पहाड़पुर में खनिज बलुआ पत्थर के खनन के लिए वन भूमि के परिवर्तन (डायवर्जन) की प्रथम स्तरीय स्वीकृति जारी कर दी है। इससे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए इस महत्वपूर्ण पत्थर के वैध तरीके से खनन का मार्ग प्रश्स्त होगा।अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान) सुबोध अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार की स्वीकृति के साथ ही बंशी पहाड़पुर में खनन ब्लॉक तैयार कर इनकी नीलामी की राह प्रशस्त हो गई है। उन्होंने बताया कि इससे राम मंदिर के लिए बलुआ पत्थर वैध तरीके से खनन के माध्यम से उपलब्ध हो सकेगा। अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अथक प्रयासों से पिछले दिनों मार्च में बंशी पहाड़पुर खनन क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से बाहर करवाया गया है। मुख्यमंत्री गहलोत ने देश भर में बंशी पहाड़पुर के गुलाबी और लाल पत्थर की मांग को देखते हुए यहां हो रहे अवैध खनन को रोककर वैध खनन की अनुमति के लिए सभी संभावित प्रयास करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि बंशी पहाड़पुर के पत्थर की राम मंदिर निर्माण में भी मांग को देखते हुए यह राज्य सरकार के लिए संवेदनशील रहा है। अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से केन्द्र सरकार के वन, पर्यावरण और जलवायु मंत्रालय द्वारा दो दिन पहले 11 जून को जारी आदेश में बंशी पहाड़पुर क्षेत्र के 398 हैक्टेयर क्षेत्र के डायवर्जन की प्रथम स्तरीय अनुमति जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब विभाग द्वारा जल्दी ही नीलामी हेतु ब्लॉक तैयार किए जाएंगे और उन्हें ई-ऑक्शन के माध्यम से नीलाम किया जा सकेगा।एक मोटे अनुमान के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 70 ब्लॉक विकसित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा डेलिमेनेशन की तैयारी शुरु कर दी गई है और यह कार्यवाही इस माह के अंत तक पूरी करने की कोशिश की जा रही है, ताकि भारत सरकार के ई-पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से जल्द से जल्द ई-ऑक्शन किया जा सके। बंशी पहाड़पुर में ई-ऑक्शन से खनन पट्टे जारी होने पर राज्य सरकार को करीब 500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
- आगरा (उप्र)। कोविड-19 महामारी के कारण करीब दो महीने से बंद ताजमहल और केंद्र द्वारा संरक्षित अन्य स्मारकों को 16 जून को फिर से खोल दिया जाएगा।भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगुंतक प्रवेश के लिए टिकट ऑनलाइन ले सकेंगे और स्मारकों पर टिकट नहीं मिलेगी।
- निहारिका अपने ससुर को नहीं बचा सकीं और खुद भी कोरोना पॉजिटिव हो गइगुवाहाटी। असम के नगांव की रहने वाली निहारिका दास समाज के लिए मिसाल पेश की। बेटे का फर्ज निभाकर वह आदर्श बहू बन गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि बहू हो तो निहारिका दास जैसी, जिसने अपने कोरोना पॉजिटिव ससुर को पीठ पर उठाकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाई है। वह भी दो किलोमीटर पैदल चलकर। इस दौरान लोग फोटो खींचते रहे, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया।निहारिका दास की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें वे अपने कोरोना पॉजिटिव ससुर को पीठ पर उठाए दिख रही हैं। तस्वीर वायरल होने के बाद अब लोग निहारिका को आदर्श बहू कह रहे हैं। हालांकि इतनी मेहनत के बाद भी निहारिका अपने ससुर को नहीं बचा सकीं और खुद भी कोरोना पॉजिटिव हो गई।मदद के लिए कोई नहीं आया आगेदरअसल, निहारिका के ससुर थुलेश्वर दास राहा क्षेत्र के भाटिगांव में सुपारी विक्रेता थे। 2 जून को थुलेश्वर दास में कोरोना के लक्षण दिखे थे। तबीयत खराब होने पर उन्हें 2 किमी दूर राहा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए बहू निहारिका ने रिक्शे का इंतजाम किया, लेकिन उनके घर तक ऑटो रिक्शा नहीं आ सकता था और ससुर की हालत बिगड़ती जा रही थी। उस वक्त घर में कोई और मौजूद नहीं था। निहारिका का पति सिलीगुड़ी में काम करते हैं। निहारिका ने कहा कि उनके ससुर बहुत कमजोर पड़ गए थे ऐसे में उनके पास ससुर को पीठ पर ले जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। निहारिका ने ससुर को पीठ पर लादकर ऑटो स्टैंड तक ले गई और फिर स्वास्थ्य केंद्र पर वाहन से निकालकर अस्पताल के अंदर ले गई। इस दौरान किसी ने मदद नहीं की। निहारिका के एक 6 साल का बेटा भी है।
- कन्नूर । केरल के कन्नूर में डेढ वर्षीय बच्ची की पिटाई कर उसे घायल करने के आरोप में उसकी मां और सौतेले पिता को रविवार को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया, ‘‘घायल बच्ची को यहां के चिकित्सा महाविद्यालय में भर्ती कराया गया है। हमने उसकी मां और सौतेले पिता को हिरासत में ले लिया है।'' उन्होंने बताया कि डेढ़ साल की बच्ची की नानी की शिकायत पर किशोर न्याय (बच्चे की देखभाल एवं सुरक्षा) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- रांची। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले स्थित पिपला क्षेत्र में हाई टेंशन बिजली के तार टूट कर गिरने और उसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । अधिकारी ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब पीड़ित बांध के नजदीक नहा रहे थे तभी उन पर हाई टेंशन तार टूटकर गिर गया। उन्होंने बताया कि मृतकों में एक 70 वर्षीय महिला और तीन नाबालिग लड़के शामिल हैं जिनकी उम्र आठ से 12 साल के बीच है। अधिकारी ने बताया कि चारों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भाजपा सांसद विद्यृत बरन महतो ने प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए 10-10 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की है और राज्य सरकार से प्रत्येक परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। file photo
- अहमदाबाद। गुजरात में खाद्य और औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) ने करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के 24,363 गर्भपात किट के अलावा मादक पदार्थ जब्त किया है,जिसे गैर कानूनी तरीके से बेचा जा रहा था। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को एफडीसीए ने शुक्रवार और शनिवार को चलाए गए अभियान के तहत अहमदाबाद और सूरत सहित राज्य के विभिन्न स्थानों से पकड़ा है।एफडीसीए आयुक्त हेमंत कोशिया ने बताया कि सात आरोपियों पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है जबकि एक आरोपी को गुजरात पुलिस ने उसके पास से ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की तीन लाख शीशियों सहित मादक पदार्थ मिलने के बाद एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय गर्भपात अधिनियम के तहत गर्भपात किट स्त्रीरोग विशेषज्ञ की अनुशंसा पर ही बेची जा सकती है। एफडीसीए ने एक विज्ञप्ति में बताया कि आरोपियों में से एक आरोपी अहमदाबाद निवासी पिंटू शाह गर्भपात किट, एक अन्य आरोपी व बनासकांठा के दीसा में वितरक आरोपी विनोद माहेश्वरी और आरोपी लोकेश माहेश्वरी से गैर कानूनी तरीके से खरीदता था और उन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के ऑनलाइन बेचता था। शाह ने गत डेढ़ साल में करीब 800 ऐसे किट की बिक्री ऑनलाइन की है। विज्ञप्ति के मुताबिक दीसा के रहने वालेआरोपी माहेश्वरी को ये किट फर्जी चिकित्सा पर्ची के आधार पर सूरत के जावेरी सांगला से मिलते थे। सांगला को ये किट आरोपी राजेश यादव से मिलते थे, जो मुंबई की विपणन कंपनी में रीजनल सेल्स मैनेजर है। एफडीसीए के मुताबिक अन्य आरोपी की पहचान निलय वोरा के तौर पर की गई है जो मुंबई स्थित कंपनी में विपणन प्रतिनिधि है। उसके अलावा अन्य आरोपियों में विपुल पटेल और मोनीश पंचाल भी शामिल हैं, जिनके पास से ऐसे 700 किट मिले हैं। बयान में कहा गया कि अन्य आरोपी तुषार ठक्कर के पास से मादक पदार्थ मिले हैं जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है । उसे एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ठक्कर के पास से ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की तीन लाख शीशियां, बिना लेबल वाले अन्य इंजेक्शन के साथ अन्य दवाओं एवं मादक पदार्थ को जब्त किया गया है। विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन को जांच के लिए वडोदरा स्थित एफडीसीए प्रयोगशाला भेजा गया है। आरोपी ठक्कर के पास से इसके अलावा एल्प्रासेन 0.5 टैबलेट (इसमें अल्प्राजोलम होती है), इडीटैक्स एन-2 टैबलेट (ब्रूप्रेनॉरफीन और नैलोक्सोन) और एसपीएएस-ट्रानकैन टैबलेट (ट्रामाडोल) जब्त की गई है, जिन्हें आरोपी बिना लाइसेंस बेच रहा था।'' विज्ञप्ति के मुताबिक आरोपी ठक्कर से जब्त दवाएं राजस्थान से लाई गई थीं और इस कोण से भी जांच की जा रही है। एफडीसीए ने बताया कि आरोपी ठक्कर को पुलिस के नार्कोटिक प्रकोष्ठ को सौंप दिया गया है, जिसने उसे अपनी हिरासत में ले लिया है। file photo
- रंगिया (असम) । असम पुलिस ने एक घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा करते हुये प्रदेश के कामरूप जिले के एक निजी गोदाम से भारतीय खाद्य निगम की मेघालय इकाई का एक लाख बोरा चावल उस वक्त जब्त कर लिया, जब उसे बेचने के लिये दोबारा पैक किया जा रहा था । एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस एवं जिला प्रशासन ने संयुक्त अभियान चला कर अनाज की इन बोरियों को बोको पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी कंपनी के गोदाम से जब्त कर लिया । वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नदियार पार के ग्रामीणों ने चावल के बोरे से लदे एक ट्रक की संदिग्ध गतिविधि देखी और पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद इन अनियमितताओं का पता चला। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''हमने गोदाम से भारतीय खाद्य निगम के चावल की एक लाख बोरियां जब्त की हैं, प्रत्येक का वजन 50 किलो था । निजी कंपनी अपने ब्रांड नाम से इन चावलों की दोबारा पैकिंग कर रही थी और इसके बाद उसे मेघालय भेजा रहा था । पुलिस एवं प्रशासन की टीम ने गोदाम और स्थाानीय इलाकों से 13 ट्रकों को भी जब्त कर लिया, जिनका इस्तेमाल खाद्य सामग्री के परिवहन के लिये किया जा रहा था । असम में अधिकारियों ने बताया, ''हमारी प्रारंभिक जांच में हमने यह पाया है कि कंपनी इन चावलों की दोबारा पैकिंग करने के बाद इसे मेघालय में असम राइफल्स को भेज रही थी । वे इसे अन्य स्थानों पर भी भेज रहे थे ।'' उन्होंने कहा, ''इसमें निश्चित तौर पर एक कड़ी मौजूद है और अधिकारियों समेत कई लोगों के इस घोटाले में शामिल होने की आशंका है।' file photo
- नयी दिल्ली। कोविड-19 टीकों की न्यायसंगत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए टीके के पेटेंट में अस्थायी ढील देने से जुड़े भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव को जी7 शिखर सम्मेलन में व्यापक समर्थन मिला। विदेश मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन में आयोजित शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र को वीडियो काफ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए समूह से टीकों के लिए पेटेंट संरक्षण हटाने की खातिर समर्थन मांगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि मोदी की अपील को दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मोरिसन, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक एन्गोजी ओकोंजो इवेला और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस का समर्थन मिला। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (आर्थिक संबंध) पी हरीश ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में ट्रिप्स संबंधी छूट के भारत-दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव को चर्चाओं में व्यापक समर्थन मिला।" डब्ल्यूटीओ की ट्रिप्स (बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधित पहलू) परिषद में प्रस्ताव पर पाठ आधारित बातचीत शुरू होने की उम्मीद है। अतिरिक्त सचिव ने बताया कि मोदी ने विकसित देशों के समूह से नेतृत्व का प्रदर्शन करने की अपील करते हुए डब्ल्यूटीओ में ट्रिप्स संबंधी छूट के लिए प्रस्ताव पर मजबूत समर्थन की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने शनिवार को 'ज्यादा मजबूत स्वास्थ्य का पुनर्निर्माण' सत्र को संबोधित करते हुए यह अपील की थी। हरीश ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने भी अफ्रीका में टीके की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया और भारत से एक महत्वपूर्ण वैश्विक उत्पादन केंद्र के तौर पर अपनी विशेषज्ञता प्रदान करने की अपील की। जी7 देशों ने एक साल के भीतर कोविड-19 टीकों की अतिरिक्त एक अरब खुराक दान करने का प्रण लिया है।टीके के उत्पादन को बढ़ाने के लिए वित्तपोषण करने पर जी7 के रुख के बारे में पूछे जाने पर अतिरिक्त सचिव ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रीय विनिर्माण केंद्रों में क्षमता बढ़ाने और इन क्षेत्रों को वित्त, तकनीक हस्तांतरण एवं कौशल प्रदान करने पर आम सहमति थी। यह पूछे जाने पर कि क्या शिखर सम्मेलन में इस विषय पर चर्चा हुई कि कोविड-19 की चीन में किस तरह उत्पत्ति हुई, हरीश ने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, "जी7 देशों और मेहमान देशों के नेताओं ने वैश्विक स्वास्थ्य शासन में सुधार की जरूरत पर गहन और विस्तृत चर्चा की।" हरीश ने साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महामारी की मुश्किल दूसरी लहर के दौरान भारत की मदद करने के लिए जी7 और मेहमान देशों का आभार जताया और स्थिति के बेहतर होने के बावजूद महामारी को लेकर सतर्क बने रहने की अपील की। जी7 के सदस्य देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, इटली और जापान शामिल हैं। समूह का अध्यक्ष होने के नाते ब्रिटेन ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण कोरिया को मेहमान देशों के तौर पर आमंत्रित किया था। तीन दिनों का यह सम्मेलन आज समाप्त हो गया।-
- नयी दिल्ली। सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने रविवार को कहा कि जियोलाइट्स जैसे अहम कच्चे माल की आपूर्ति, छोटे ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना और कंप्रेसर का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रोजेक्ट ओ2 फॉर इंडिया' पहल शुरू की गयी है। कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में चिकित्सीय ऑक्सीजन की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। चिकित्सीय ऑक्सीजन की मौजूदा मांग को पूरा करते हुए भविष्य में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसका उत्पादन काफी महत्वपूर्ण हो गया है। बयान के मुताबिक, ‘‘प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय की परियोजना 'प्रोजेक्ट ओ2 फॉर इंडिया' चिकित्सीय ऑक्सीजन की मांग में हुई इस वृद्धि को पूरा करने के लिए देश की क्षमता को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हितधारकों को समर्थ बनाने के लिये है।'' बयान में कहा गया, ‘‘प्रोजेक्ट ओ2 फॉर इंडिया' के तहत ऑक्सीजन को लेकर एक राष्ट्रीय कंसोर्टियम, जिओलाइट्स जैसे महत्वपूर्ण कच्चे माल की राष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति, छोटे ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना, कंप्रेसर का विनिर्माण, अंतिम उत्पाद यानी ऑक्सीजन संयंत्र, सांद्रक एवं वेंटिलेटर आदि को सुनिश्चित करता है।''-
- नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में कोविड-19 के कारण मां की मौत के बाद अवसाद में चले गए 23 साल के युवक ने रविवार को कथित तौर पर अपने घर में आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आत्महत्या करने वाला युवक इंजीनियर था जबकि उसकी मां अपने घर से ही एक मेस चलाती थी और दो कमरे किराए पर भी दिए हुए थे। नागपुर के एमआईडीसी पुलिस थाना के एक अधिकारी ने बताया, '' कोविड-19 के कारण पिछले महीने मां की मौत होने के बाद युवक अवसाद में चला गया था और रविवार अपराह्न उसने अपने घर में पंखे से लटककर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से एक पत्र भी बरामद हुआ है जिसमें युवक ने कहा है कि वह अपनी मां की सेवा करना चाहता था ।' file photo
- भवानीपटना।ओडिशा के कालाहांडी जिले में करलापत वन्यजीव अभयारण्य के परिसर में एक मादा हाथी का सड़ा हुआ शव मिला है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इसके साथ इलाके में मरने वाले हाथियों की संख्या नौ हो गयी है। वन विभाग के कर्मचारियों ने शनिवार को करलापत वन्यजीव अभयारण्य में मादा हाथी का शव देखा। हथिनी के शव से दांतों को काट कर निकाल लिया गया था। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पिछले साढ़े चार महीनों में अब तक नौ हाथियों की मौत हो चुकी है। कालाहांडी दक्षिण संभाग के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) टी अशोक कुमार ने बताया कि थुआमूल रामपुर प्रखंड में साइलेट ग्राम पंचायत में रानीबहल राजस्व वन क्षेत्र से बरामद किया गया शव एक मादा हाथी का था, जिसकी उम्र करीब 30 से 35 साल तक थी। उन्होंने बताया कि जांच में यह पता चला है कि सुरुमुंडी गांव के आरोपी दाना माझी ने ही हाथी के दांतों को काटा। वन विभाग के कर्मचारियों ने आरोपी दाना के घर से हाथी के दांत बरामद भी किए हैं। आरोपी दाना फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
- आइजोल (मिजोरम) । दुनिया में सबसे बड़े परिवार के मुखिया जियोंघाका उर्फ जियोन-आ का रविवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी। जियोजन-आ 76 साल के थे। उनके परिवार में 39 पत्नियां, 94 संतानें तथा 33 पोते-पोतियां तथा नाती-नातिन हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. लालरिंटलुंगा जहाउ ने कहा, ‘‘ जियोन-आ को मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप था। उनका तीन दिनों से बक्तावंग गांव में उनके घर पर इलाज चल रहा था। लेकिन उनकी स्थिति बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।'' जियोन-आ चना पॉल या छुआंथर संप्रदाय के नेता था, जिसे उनके दादा खुआंगतुआहा ने 1942 में मावंगकावन गांव से निष्कासन के बाद स्थापित किया था। तब से उनका (जियोन-आ)परिवार बक्तावंग गांव में रहता है, जो मिजोरम की राजधानी आइजोल से 55 किलोमीटर दूर है। खुआंगतुआहा के बेटे चना थे और उनके बेटे जियोन-आ हैं। मुख्यमंत्री जोरामथांगा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लाल थनहावला, जोराम पीपुल्स मूवमेंट के नेता लालदुहोमा ने जियोन-आ के निधन पर शोक प्रकट किया है।
- चंडीगढ़। भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान एवं महान धावक मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर का मोहाली के एक अस्पताल में कोविड-19 संक्रमण से संबंधित जटिलताओं के कारण निधन हो गया। वह पिछले महीने इस बीमारी की चपेट में आयी थीं। वह 85 वर्ष की थीं और उनके परिवार में पति, एक बेटा और तीन बेटियां हैं। मिल्खा सिंह के परिवार के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘ हमें आपको यह सूचित करते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि श्रीमती निर्मल मिल्खा सिंह का कोविड-19 के खिलाफ बहादुरी से लड़ने के बाद आज शाम चार बजे निधन हो गया।'' उन्होंने बताया, ‘‘ वह मिल्खा परिवार की रीढ़ की हड्डी की तरह थी। वह 85 वर्ष की थीं। यह दुखद है कि फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह जी आज शाम ही हुए दाह संस्कार में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वे अभी भी आईसीयू (चंडीगढ़ में पीजीआईएमईआर) में हैं।'' मिल्खा को कोविड-निमोनिया के कारण मोहली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया या था। उसी अस्पताल में दो दिन बाद 26 मई को निर्मल को भी भर्ती कराया गया था। एक हफ्ते बाद परिवार के अनुरोध पर मिल्खा सिंह को छुट्टी दे दी गई लेकिन निर्मल खतरनाक संक्रमण के कारण अस्पताल में ही रही। घर में स्थिति बिगड़ने के बाद मिल्खा सिंह को यहां के पीजीआईएमईआर की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया। उनकी स्थिति अभी ‘स्थिर है और इसमें सुधार जारी है‘। परिवार के प्रवक्ता ने कहा कि निर्मल ने आखिर तक एक बहादुर लड़ाई लड़ी। उन्होने कहा, ‘‘परिवार ने इस संघर्ष के दौरान एकजुटता और प्रार्थना के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है, जिसने उन्हें बहादुरी से इसका सामना करने की ताकत दी।
- गाजियाबाद । गाजियाबाद के लोनी इलाके में बुजुर्ग माता-पिता की गला दबाकर हत्या करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने रविवार को आरोपी रवि ढाका को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से अपराध में इस्तेमाल की गई नाइलॉन की रस्सी, तौलिया, 15 हजार रुपये की नकदी और पांच लाख रुपये के सावधि जमा का प्रमाण पत्र बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) इराज राजा ने कहा कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। एसपी ने कहा कि आरोपी रवि ने पुलिस को बताया कि उसने जिले के लोनी इलाके के बलराम नगर में अपने घर में शुक्रवार को अपने पिता सुरेन्द्र धाका (70) और मां संतोष (63) की हत्या की । एसपी ने बताया कि आरोपी इस बात को लेकर चिंतित था कि पूरी पारिवारिक संपत्ति छोटे भाई के परिवार को दे दी जाएगी।आरोपी रवि ने घटनास्थल पर लूट की कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह किया। इसके लिये आरोपी ने घर का सामान और कपड़े इधर- उधर फेंक दिये और अलमारी खुली छोड़ दी। एसपी ने बताया कि आरोपी रवि अपने छोटे भाई गौरव की पत्नी और बच्चों को वित्तीय मदद प्रदान करने के लिये अपने माता-पिता से जलता था। गौरव की ढाई साल पहले दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसके पिता सुरेन्द्र, गौरव की पत्नी को उसकी संपत्ति भी देना चाहते थे। पुलिस ने कहा कि आरोपी रवि ने अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ एक महिला से शादी की है। पुलिस ने कहा कि कथित भेदभाव से नाराज आरोपी रवि और उसके पिता के बीच घर पर अक्सर कहासुनी होती थी। इसके चलते आरोपी ने अपने माता-पिता को खत्म करने की योजना बनाई। आरोपी रवि ने माता-पिता को जान से मारने के बाद नाटक करते हुए पड़ोसियों से कहा कि लूट के बाद उनकी हत्या की गई है। पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया, जो फॉरेंसिक विशेषज्ञ और खोजी कुत्ते के दस्ते के साथ वहां पहुंची। आरोपी रवि ने मौत को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोरोना वायरस रोधी टीके की 1.53 करोड़ से अधिक खुराकें हैं तथा चार लाख और खुराकें उन्हें अगले तीन दिनों में दी जाएंगी। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक भारत सरकार द्वारा (निशुल्क) और सीधे खरीद श्रेणी में 26 करोड़ से ज्यादा (26,64,84,350) खुराकें मुहैया कराई गई हैं। मंत्रालय के मुताबिक, इनमें से (रविवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार) बर्बादी समेत 25,12,66,637 खुराकों का इस्तेमाल किया जा चुका है। उसने कहा, “ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के पास टीकाकरण के लिए अब भी 1.53 करोड़ से अधिक (1,53,79,233) खुराकें मौजूद हैं। इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की 4,48,460 खुराकें अगले तीन दिनों में मिलेंगी।” राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत, केंद्र निशुल्क टीका मुहैया कराकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सहायता कर रहा है। इसके अलावा, केंद्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा टीकों की सीधी खरीद में भी मदद कर रहा है।-File photo
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जम्मू। जम्मू में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के ‘भूमि पूजन' कार्यक्रम को जम्मू कश्मीर के लिए ‘ ऐतिहासिक और गौररवपूर्ण दिन' करार देते हुए जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि 33.22 करोड़ रुपये की लागत से इस मंदिर के दो चरणों में डेढ साल में बन जाने की संभावना है। सिन्हा ने कहा कि इस मंदिर के निर्माण से विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों के द्वार खुलेंगे तथा निश्चित ही इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदलेगी। जम्मू कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के एक बड़े कदम के तहत तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा श्री वेंकेटेश्वर स्वामी मंदिर के निर्माण के लिए यहां माजीन गांव में भूमि पूजन कार्यक्रम किया गया। सिन्हा इस समारोह में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी और प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह, टीटीडी बोर्ड के अध्यक्ष वाई बी सुब्बा रेड्डी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य वी राम माधव एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ शामिल हुए। इस कार्यक्रम में शिलान्यास पट्टिका भी लगायी गयी। उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा, जब यह विशाल मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा, तब यह आस्था के केंद्र के साथ-साथ अध्यात्मिकता का स्थल होगा। '' उन्होंने कहा कि टीटीडी बोर्ड संस्कृत भाषा एवं पठन-पाठन की प्राचीन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गुरुकुल/वेद पाठशाला स्थापित करेगा। उनके अनुसार बोर्ड आंध्र प्रदेश की तर्ज पर यहां स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगा। सिन्हा ने श्री माता वैष्णो देवी की भूमि पर भगवान बालाजी का मंदिर स्थापित करने की जम्मू कश्मीर एवं उत्तर भारत के लोगों की पुरानी मांग पूरी करने के लिए टीटीडी बोर्ड और केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे का निर्माण जम्मू के पास मजीन गांव में 62.06 एकड़ भूमि पर किया जाएगा। मंदिर का प्रशासन टीटीडी के अधीन होगा, जो आंध्र प्रदेश में तिरुमला-तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन भी करता है। उपराज्यपाल की अगुवाई वाली जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक परिषद ने एक अप्रैल को टीटीडी को 40 साल की अवधि के लिए पट्टे के आधार पर मंदिर और उसके संबद्ध बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर में टीटीडी के आगमन से आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन क्षमता, विशेष रूप से जम्मू में तीर्थ पर्यटन में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी मंदिर और अमरनाथ मंदिर के अलावा भी यहां तीर्थ यात्री और पर्यटक आकर्षित होंगे और यह क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। कार्यक्रम में शिरकत करने वाले जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रवींदर रैना ने कहा, "जम्मू मंदिरों का शहर है और शहर में सबसे श्रद्धेय बालाजी मंदिर के जुड़ने से लोगों को फायदा होगा।" उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश और उससे सटे राज्यों के लोगों को प्रार्थना के लिए आंध्र प्रदेश जाने के बजाय यहां प्रार्थना करने का मौका मिलेगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के क्षेत्रीय प्रमुख देवेंद्र सिंह राणा ने आशा व्यक्त की कि स्थानीय लोगों को मंदिर निर्माण की गतिविधियों में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “ हमें उम्मीद है कि यह उत्तर भारत के लोगों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन जाएगा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। -
- आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर मशहूर हुए 'कांजी बड़ा वाले बाबा' का कैंसर से निधन हो गया। वह इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। इस संबंध में बाबा के बेटे पिंकी ने बताया कि वे कैंसर से पीड़ित थे और चार माह से ठेला लगाना भी बंद कर दिया था। उनकी तबियत बिगड़ती चली गयी और शनिवार को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। कोविड-19 की पहली लहर के बाद दिल्ली के 'बाबा का ढाबा' के बाद अक्टूबर में आगरा की प्रोफेसर कॉलोनी में कांजी बड़ा की ठेली लगाने वाले 90 साल के नारायण सिंह सोशल मीडिया पर मशहूर हुए थे। कांजी बड़ा वाले बाबा की ठेली का वीडियो वायरल होने के बाद उनके पास लोग कांजी बड़ा खाने के लिए पहुंचने लगे थे। बाबा नारायण सिंह के घर में एक बेटा और बड़े बेटे की विधवा बहू है। बाबा को कैंसर था। कांजी बड़े की ठेली से ही उनका घर चलता था और अपना इलाज भी करा रहे थे। कोरोना की दूसरी लहर में चार महीने से ठेला लगाना बंद हो गया और बाबा की तबीयत बिगड़ती चली गई। नारायण सिंह का वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह बिना बताए पहुंच गए थे और बाबा के कांजी बड़े खाए थे। उन्होंने बाबा को 500 रुपये दिए थे। महापौर नवीन जैन भी अपने समर्थकों के साथ बाबा के कांजी बड़े खाने पहुंचे थे। लेकिन बाबा की आर्थिक स्थित में सुधार नहीं हुआ और कैंसर का इलाज सही तरह से नहीं होने से बीमारी बढ़ती गई। जानकारी के अनुसार, यूट्यूब पर वीडियो डालने वाले ने बाद में आर्थिक मदद मिलने पर बाबा को 18 हजार रुपये दिए थे। उनका बेटा पिंकी मजदूरी करता है और विधवा बहू बबली कांजी बड़े तैयार करती थी और बाबा ठेला लगाते थे।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि तानाशाही, आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, झूठी सूचनाओं और आर्थिक जोर-जबरदस्ती से उत्पन्न विभिन्न खतरों से साझा मूल्यों की रक्षा करने में भारत जी-7 का एक स्वाभाविक साझेदार है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जी-7 शिखर सम्मेलन के ‘मुक्त समाज एवं मुक्त अर्थव्यवस्थाएं' सत्र में मोदी ने अपने डिजिटल संबोधन में लोकतंत्र, वैचारिक स्वतंत्रता और स्वाधीनता के प्रति भारत की सभ्यतागत प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। मोदी ने आधार, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और जेएएम (जन धन-आधार-मोबाइल) तीनों के माध्यम से भारत में सामाजिक समावेश और सशक्तीकरण पर डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्रांतिकारी प्रभाव को भी रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (आर्थिक संबंध) पी हरीश ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मुक्त समाजों में निहित संवेदनशीलताओं का जिक्र किया और प्रौद्योगिकी कंपनियों तथा सोशल मीडिया मंचों का आह्वान किया कि वे अपने उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित साइबर परिवेश सुनिश्चित करें। अतिरिक्त सचिव ने कहा, ‘‘सम्मेलन में मौजूद अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों की सराहना की।''हरीश ने कहा कि जी-7 नेताओं ने स्वतंत्र, मुक्त और नियम आधारित हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया और क्षेत्र में साझेदारों का सहयोग करने का संकल्प लिया। कोविड-19 महामारी का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि जी-7 सत्रों में भारत की भागीदारी से समूह की यह सोच प्रतिबिंबित होती है कि ‘‘हमारे समय की सबसे बड़ी समस्या'' का समाधान भारत की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य सहित सभी बड़े मुद्दों पर जी-7 और अतिथि साझेदारों के साथ गहराई से जुड़ा रहेगा। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जी-7 शिखर सम्मेलन में कोविड रोधी टीकों पर पेटेंट छूट संबंधी भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव पर विषय वस्तु आधारित चर्चा के लिए व्यापक समर्थन था। सात देशों के समूह जी-7 में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल हैं।जी-7 के अध्यक्ष के रूप में ब्रिटेन ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका को शिखर सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। यह सम्मेलन ब्रिटेन के कॉर्नवाल में 11 से 13 तक हुआ। कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से यह पहली बार था जब समूह के नेता व्यक्तिगत रूप से मिले।









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