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- बीजिंग। दक्षिण-पश्चिम चीन के गुइझोउ प्रांत की एक नदी में एक नौका पलटने से उसमें सवार कम से कम नौ लोगों की मौत हो गयी और छह अन्य लापता हैं। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ' ने रविवार को खबर दी कि यह दुर्घटना शनिवार को लियुपनशुई शहर की जांग्के नदी में स्थानीय समयानुसार शाम चार बजकर 50 मिनट पर हुई। इस नौका में 40 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी। प्राधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि नौका में कितने लोग सवार थे जिनमें से अधिकतर विद्यार्थी थे। अभी तक नौ शव बरामद किए गए हैं। नवीनतम प्राप्त जानकारी के मुताबिक नदी से 40 लोगों को बचाया गया। शिन्हुआ के मुताबिक बचाव अभियान में 17 टीमों और 50 नौकाओं को लगाया गया है। इसके साथ ही हादसे की वजहों का भी पता लगाया जा रहा है।
- मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कहा कि उनकी आगामी फिल्म “मिशन मजनूं” में रॉ एजेंट की उनकी भूमिका में पारंपरिक एक्शन के अलावा भी दर्शकों के लिये बहुत कुछ है। यह फिल्म विज्ञापन फिल्म निर्माता शांतनु बागची के निर्देशन में पहली फिल्म है और इसका निर्माण आरएसवीपी के रोनी स्क्रूवाला और अमर बुटाला व गरिमा मेहता (एसोसिएशन मीडिया द्वारा दोषी) ने किया है। निर्माताओं के मुताबिक, “मिशन मजनूं” 1970 के दशक में हुई वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है और पाकिस्तान के अंदर भारत के सबसे साहसिक मिशन की कहानी है जिसने दोनों राष्ट्रों के बीच रिश्तों को बदल कर रख दिया था। ‘शेरशाह' में अपने अभिनय के लिए आलोचकों की सराहना बटोरने वाले कलाकार ने कहा कि इस फिल्म ने उनके किरदार के कई आयाम नजर आएंगे। मल्होत्रा ने बताया, “यह फिल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। यह रॉ के महत्वपूर्ण मिशन के बारे में है। यह एक्शन से ज्यादा थ्रिलर फिल्म है। यह पहली बार है जब मैं जासूसी एजेंट का किरदार निभा रहा हूं लेकिन यह जेम्स बॉन्ड के पात्र जैसा नहीं है।” दक्षिण फिल्मों की अभिनेत्री रश्मिका मंदाना भी इस फिल्म से बॉलीवुड में कदम रख रही हैं।
- पुरी। ओडिशा में पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के दक्षिण-पूर्वी कोने में स्थित एमार मठ में खजाने की तलाश शुरू कर दी गयी है। मेटल डिटेक्टर से लैस पुरातत्वविदों की टीम 12वीं शताब्दी के मंदिर में दबे हुए खजाने की खोज कर रही हैं। मंदिर के उत्तर-पार्श्व मठ के महंत (प्रमुख) नारायण रामानुज दास के अनुरोध के बाद बृहस्पतिवार से ही खजाने की तलाश शुरू हो गयी है। रामानुज दास एमार मठ के प्रभारी भी हैं। मठ के अधिकारियों के साथ-साथ इतिहासकारों का भी यह मानना है कि मंदिर परिसर की जमीन के भीतर कीमती सामान का एक संग्रह दबा हुआ है। यह विश्वास कि एक गुप्त कोष को भूमिगत रूप से दबाया गया है, पहले मिले दो खजानों की खोज से और भी मजबूत हुआ है। गौरतलब है कि 2011 में पुलिस को मठ के अंदर 18 टन वजनी चांदी की 522 सिल्लियों का खजाना मिला था, जिसकी कीमत उस समय लगभग 90 करोड़ रुपये थी। इससे पहले इस साल अप्रैल में मठ के अंदर लगभग 35 किलोग्राम वजन की चांदी की 45 और सिल्लियां मिली थीं। एमार मठ से चांदी की सिल्लियों के अलावा चांदी का पेड़ और चांदी के फूल, लगभग 16 प्राचीन तलवारें और गाय की कांसे की एक मूर्ति भी बरामद की गई थी। इस मठ की स्थापना रामानुजाचार्य ने 1050 ईसवीं में की थी, जब वह पुरी आए थे। राज्य पुरातत्व विभाग की एक विशेष टीम ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के अधिकारियों, पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा, पुरी के पुलिस अधीक्षक के वी सिंह और एमार मठ के ट्रस्ट के सदस्यों की मौजूदगी में छिपे हुए खजाने का पता लगाने के लिए बृहस्पतिवार को एमार मठ के परिसर के अंदर तलाशी शुरू की। पुरी के उप-जिलाधिकारी भाबतरन साहू ने कहा, ‘‘अभी तक बृहस्पतिवार के निरीक्षण के दौरान कोई सामग्री नहीं मिली है। परिसर को स्कैन करने वाली तकनीकी टीम की रिपोर्ट पर हम उचित कार्रवाई करेंगे।'' मठ से पहले बरामद किए गए खजाने को अब पुरी में राज्य के खजाने में रखा गया है और सशस्त्र पुलिस द्वारा उसकी सुरक्षा की जाती है। रामानुजाचार्य द्वारा पुरी में रामानुज संप्रदाय से संबंधित 18 मठों की स्थापना की गई थी। ये सभी मठ श्री जगन्नाथ मंदिर से जुड़े हुए हैं और मंदिर से जुड़े अनुष्ठानों में शामिल होते हैं। उत्तर-पार्श्व मठ के महंत नारायण रामानुज दास की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एक ट्रस्ट निकाय ने शुक्रवार को एमार मठ को अपने कब्जे में ले लिया था, और सभी क़ीमती सामान की सूची एक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बनाई गई थी। नारायण रामानुज दास ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार की मेटल डिटेक्टर खोज ने कुछ संकेत दिया है। लेकिन, हम यह नहीं कह सकते कि वे मूल्यवान धातु हैं या लोहा या कोई अन्य धातु। चूंकि मेटल डिटेक्टर जमीन की सतह के नीचे केवल डेढ़ फुट से दो फुट तक की सामग्री का ही पता लगा सकते हैं, इसलिए अब हमें एक बेहतर सर्वेक्षण की आवश्यकता है जोकि अधिक गहराई पर धातुओं का पता लगा सके।'
- बेंगलुरु। अंतरिक्ष विभाग ने भारतीय औद्योगिक साझेदारों के साथ मिलकर पीएसएलवी के अलावा दो और रॉकेटों जीएसएलवी-एमके III और एसएसएलवी के संपूर्ण उत्पादन की योजना बनाई है। विभाग के वाणिज्यिक अंग एनएसआईएल के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) को पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) के संपूर्ण निर्माण के लिये जारी उसके प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी) के जवाब में तीन आवेदन मिले हैं। ये आवेदन एचएएल-एलएंडटी, बीईएल-अडानी-बीईएमएल और बीएचईएल ने दाखिल किये हैं। एनएसआईएल के अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक राधाकृष्णन डी ने यहां बताया, ''अभी हम (तीनों आवेदनों के संबंध में) तकनीकी-वाणिज्यिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में हैं।'' उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अगले दो महीनों के भीतर पूरी हो जाएगी, जिसमें किसी एक बोली लगाने वाले को अनुबंध मिल जाएगा। राधाकृष्णन ने कहा , ''संपूर्ण पीएसएलवी का उत्पादन करने के लिए बोलीदाता के चयन के तुरंत बाद, एनएसआईएल एक अन्य परिचालन रॉकेट जीएसएलवी-एमके III (जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) के संपूर्ण उत्पादन के लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) जारी करेगा।'' उन्होंने कहा, ''मैं इस साल के अंत से पहले (जीएसएलवी-एमके III के लिए ईओआई जारी होने की) उम्मीद कर रहा हूं।'' एनएसआईएल ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा विकसित किए जा रहे एसएसएलवी (लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान) को इस साल के अंत तक भारतीय उद्योग भागीदारों के माध्यम से जारी करने की भी योजना बनाई है।
- नयी दिल्ली। देशभर में 3.7 लाख से अधिक साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) में अब राशन कार्ड से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इन सेवाओं में नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करना, ब्योरे का अद्यतन करना और उसे आधार से जोड़ना शामिल है। इस कदम से देशभर के 23.64 करोड़ राशन कार्डधारकों को लाभ होगा। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की अधीनस्थ विशेष इकाई सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लि. के साथ करार किया है। इस करार का मकसद अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की आपूर्ति को सुसंगत करना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करना है।देश में 3.7 लाख सीएससी के जरिये राशन कार्ड सेवाओं के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा सीएससी ने सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। बयान में कहा गया है कि इस भागीदारी से देशभर के 23.64 करोड़ राशन कार्डधारकों को फायदा होगा। अब वे नजदीकी सीएससी केंद्र जाकर अपने कार्ड ब्योरे का अद्यतन कर सकेंगे, कार्ड की डुप्लिकेट प्रति हासिल कर सकेंगे, कार्ड को आधार से जोड़ सकेंगे, राशन की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।इसके अलावा मौजूदा राशन कार्डधारक यदि नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो वे भी नजदीकी सीएससी में जाकर आवेदन कर सकेंगे। सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया के प्रबंध निदेशक दिनेश त्यागी ने कहा, ‘‘खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के साथ हमारी भागदारी के बाद सीएससी का संचालन करने वाले हमारे ग्राम स्तर के उद्यमी (वीएलई) ऐसे लोगों तक पहुंच सकेंगे जिनके पास राशन कार्ड नहीं र्है। वे उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मुफ्त राशन की विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में मदद करेंगे।’’
- रामेश्वरम (तमिलनाडु)। तमिलनाडु वन विभाग और तटरक्षक ने लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य का समुद्री जीव (सी कुकंबर) बरामद किया है, जिसे तस्करी कर श्रीलंका ले जाये जाने की आशंका थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, गश्त लगाने के दौरान, यहां पम्बन के पास संदिग्ध रूप से जाती हुई एक नौका दिखाई पड़ी, जिसकी जानकारी तटरक्षक को दी गई।उन्होंने कहा कि जब तटरक्षक कर्मियों ने नाव की जांच की तो उस पर कोई व्यक्ति नहीं था और डेढ़ किलोग्राम का ‘सी कुकंबर’ बरामद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि आगे की जांच जारी है। कीड़े की तरह दिखने वाले समुद्री जीव सी कुकुंबर की दक्षिण पूर्वी एशिया के साथ चीन में भी काफी डिमांड है। इनका इस्तेमाल भोजन और पारंपरिक दवाएं बनाने में किया जाता है। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के शेडयूल 1 के तहत सी कुकुंबर का व्यापार प्रतिबंधित है। पर्यावरण मंत्रालय ने 2001 में सी कुकुंबर के शिकार और निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। file photo
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा संबंधी पुस्तिका का विमोचन किया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूबे की अर्थव्यवस्था में हुए सुधारों को लेकर टिप्पणी की है। मोदी ने कहा है, "आज उत्तर प्रदेश पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है, इसके पीछे साढ़े चार वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वह परिश्रम है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर लाने के लिए दिन-रात मेहनत की और वह ‘रिफॉर्म के जरिए परफॉर्म करते हुए उत्तर प्रदेश को ट्रांसफ़ॉर्म’ करने के अपने मिशन में सफल रहे।"उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार के साढ़े चार वर्ष पूरे होने पर रविवार को लोकभवन में योगी ने सरकार की उपलब्धियों को दर्शाती 50 पृष्ठ की एक पुस्तिका और 16 पृष्ठ के फोल्डर का विमोचन किया।पुस्तिका में एक अन्य संदेश में मोदी ने कहा 'गत साढे चार वर्षों में राष्ट्रीय पटल पर एक नया, सक्षम और समर्थ उत्तर प्रदेश उभरकर सामने आया है। कभी देश में पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था का दंश झेलने वाला उत्तर प्रदेश आज लगातार प्रयासों से दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया है।'इसी पुस्तिका में प्रधानमंत्री के प्रति योगी ने एक संदेश लिखा है 'आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में भारत वर्ष में 75 करोड़ से अधिक टीकाकरण हो चुका है। यह आत्मनिर्भर भारत के सामर्थ्य की एक झांकी है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि सशक्त नेतृत्व के महत्व को प्रकट करती है, निश्चित ही कोरोना हारेगा-भारत जीतेगा।'पुस्तिका के प्रारंभ में 'उत्तर प्रदेश को शून्य से शिखर तक ले जाने की गाथा' शीर्षक से राज्य सरकार के 54 महीनों के कार्यकाल की चर्चा की गई है। इसके बाद भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं में उत्तर प्रदेश की प्रगति, देश में अग्रणी योजनाओं का ब्यौरा, माफिया पर केंद्रित कानून-व्यवस्था की उपलब्धियों समेत बिंदुवार अलग-अलग उपलब्धियां गिनाई गई हैं।सरकार की उपलब्धियों से संबंधित जिस पुस्तिका का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया, उसमें लिखा गया है, ‘‘प्रदेश सरकार ने दूरदर्शी योजनाएं तैयार कर उन्हें धरातल पर उतारा। इससे उत्तर प्रदेश कुचक्रों के जाल से उबरकर विकास की ओर अग्रसर हो गया। फलस्वरूप बीते 54 माह में राज्य के माथे से बीमारू राज्य का धब्बा हट गया और समृद्धिशीलता का टीका लग गया है। इस पुस्तिका में आंकड़ों के जरिए सरकार ने उप्र की ताजा अर्थव्यवस्था की तस्वीर सामने रखी हैं।’’इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार के इस प्रयास पर तंज किया है।सपा प्रमुख ने रविवार को ट्वीट किया 'उप्र की भाजपा सरकार ने प्रकाशित किया ‘16 पेज का 16 आने झूठ’ , लगता है कि भाजपा ने अपने ‘अंतरराष्ट्रीय झूठ प्रशिक्षण केंद्र’ की पाठ्यपुस्तिका प्रकाशित की है ।’’उन्होंने लिखा है, ‘‘परंतु भाजपा के ‘झूठ के दूत’ इसे ऑनलाइन कक्षाओं में ही चला पायेंगे क्योंकि जनता के बीच वो जा नहीं पा रहे हैं।'
- चंडीगढ़ । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह ने पार्टी विधायक दल का नया नेता चुने जाने पर चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वह सीमान्त राज्य पंजाब और लोगों की सुरक्षा कर सकेंगे । सिंह के मीडिया सलाहकार के मुताबिक, अमरिंदर ने कहा, ‘‘चरणजीत सिंह चन्नी को मेरी शुभकामनाएं। मैं आशा करता हूं कि वह सीमांत राज्य पंजाब को सुरक्षित और सीमा पार से बढ़ते सुरक्षा खतरे से हमारे लोगों की रक्षा कर सकेंगे ।’’ कांग्रेस की पंजाब इकाई के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी को रविवार को पार्टी विधायक दल का नया नेता चुना गया और अब वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने बताया कि चन्नी को कांग्रेस विधायक दल का नया नेता चुना गया।
- चंडीगढ़। पंजाब में नए सीएम के रूप में रविवार शाम को चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर मुहर लग गई। पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस के विधायक दल का नेता चुने जाने का ऐलान किया।पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने ट्वीट कर बताया कि मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि चरणजीत सिंह चन्नी को सर्वसम्मति से पंजाब के कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया है। दरअसल अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि विधायकों की बार-बार बैठक बुलाए जाने से उन्होंने अपमानित महसूस किया, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया।चन्नी के कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत उन्हें लेकर राज्यपाल से मिलने पहुंचे। नवजोत सिंह सिद्धू और सुखजिंदर सिंह रंधावा भी उनके साथ गए। इस मुलाकात के बाद चरणजीत चन्नी ने कहा कि सोमवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण होगा।आइए जानते हैं पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कौन हैं-चरणजीत सिंह चन्नी दलित सिख समुदाय से आते हैं । उन्हें पंजाब के दोआबा क्षेत्र का कद्दावर कांग्रेस नेता माना जाता है। चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब से लगातार 3 बार विधायक बने। 2007 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीता था। इसके बाद 2 बार कांग्रेस की टिकट पर विधायक बने। 2015 से 2016 तक पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में उन्हें टेक्निकल एजुकेशन और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग मंत्री बनाया गया था। अमरिंदर सिंह के खिलाफ अगस्त में हुई बगावत की अगुआई करने वालों में चन्नी प्रमुख थे। उन्होंने कहा था कि पंजाब के मुद्दों को हल करने के लिए हमें अमरिंदर पर भरोसा नहीं रहा।
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कार में सवार चार लोगों को सामने से आ रहे ट्रेलर ने मारी टक्कर, चकनाचूर गाड़ी के अंदर फंसे रह गए चारों, मौके पर तोड़ा दम
हनुमानगढ़। रावतसर कस्बे के पास हनुमानगढ़-जयपुर हाईवे पर रविवार सुबह ट्रेलर व कार की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में कार सवार चार लड़कों की मौत हो गई। मृतकों में तीन भाई हैं और चौथा कॉलोनी में रहने वाला दोस्त है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस ने ट्रेलर व क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हादसे में रावतसर के वार्ड 21 निवासी नीरज (17) पुत्र पवन, हेमंत (17) पुत्र राकेश, रुद्राक्ष (18) पुत्र सुभाष गोदारा और बजावा हुडा झुंझुनूं निवासी रजत (20) की मौत हो गई। हेमत और नीरज 11 वीं क्लास में पढ़ते थे। दोनों के पिता हेयर ड्रेसर है। रुद्राक्ष 12 वीं क्लास में पढ़ता है, जिसके पिता मजदूरी का काम करते है। नीरज और हेमंत के मामा का लड़का रजत झुंझुनू से रावतसर आया हुआ था। पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब साढ़े पांच बजे नीरज व हेमंत को ड्राइविंग सिखाने के लिए रजत कार लेकर घर से निकला। तीनों भाइयों ने पड़ोस में रहने वाले दोस्त रुद्राक्ष को भी साथ ले लिया। चारों मेगा हाईवे पर आई-10 गाड़ी लेकर निकल गए। लिंक रोड के पास दोनों भाई नीरज और हेमंत को ड्राइविंग सिखाई। करीब एक घंटे बाद रजत तीनों को कार में बैठाकर वापस घर आ रहा था। इसी दौरान हनुमानगढ़-जयपुर हाइवे पर सामने से आ रहे ट्रेलर और कार में भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर मौके पर ट्रेलर छोड़कर फरार हो गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से चकनाचूर हुई कार में फंसे चारों लड़कों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। एम्बुलेंस से हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने चारों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करवाकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाइवे पर बाधित यातायात को सुचारू करवाया। हॉस्पिटल में शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। -
दरवाजा बंद कर शव पर चादर डाला और पास बैठा रहा...!
होशंगाबाद। होशंगाबाद के पिपरिया में घर चलाने के लिए खर्च मांगने पर महिला की कथित रूप से बेहरमी से हत्या कर दी। पति ने सिर दीवार और जमीन पटक-पटककर मार डाला। हत्या के बाद घर का दरवाजा बंद कर दिया और पत्नी के शव पर चादर डाल दो घंटे तक बैठा रहा। साथी के आने पर वह भाग निकला। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
थाना निरीक्षक निकिता विलस्न ने बताया कि वारदात शनिवार रात की है। आरोपी हीराचंद मर्सकोले छिंदवाड़ा जिले के तामिया के ग्राम कुंडारी गांव का रहने वाला है। उसकी तीन बेटियां है, जो गांव में ही रहती है। पिपरिया के वीवीगिरी वार्ड में आरोपी हीराचंद अपने साथी मजदूरों के साथ किराये के मकान में रहता है। सभी पिपरिया में मजदूरी करते हैं। 10 दिन पहले ही पत्नी सनियाबाई छिंदवाड़ा से पिपरिया आई। पत्नी ने छिंदवाड़ा वापस जाने वाली थी। उसने घर खर्च के लिए पति से रुपए मांगे। पति गुस्सा हो गया और पत्नी से झगड़ा करने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी हीराचंद ने पत्नी पर पहले हाथ-मुक्कों से मारा। फिर सिर दीवार और जमीन पर बार-बार पटका। चोटें ज्यादा होने से कुछ देर बाद तड़प-तड़पकर उसने दम तोड़ दिया। आरोपी हीराचंद ने पत्नी के ऊपर चादर डाल दिया और दरवाजा बंद कर दिया। करीब दो घंटे तक वह घर में ही डरकर बैठे रहा। रात 9 बजे सहकर्मी विक्रम इरपाचे घर आकर दरवाजा खटखटाया। कुछ देर बाद आरोपी हीराचंद ने दरवाजा खोलते हुए हाथ में थैली लेकर घर से बाहर निकल गया। विक्रम इरपाचे ने घर के दूसरे कमरे में जाकर देखा तो महिला जमीन पर पड़ी और कमरे में खून पड़ा था। उसने जोर से चिल्लाया। आवाज सुनकर पड़ोसी मकान में पहुंचे। फिर पुलिस को सूचना दी। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची। भाग रहे आरोपी पति को पुलिस ने रास्ते में पकड़ लिया।
थाना निरीक्षक निकिता विलस्न ने बताया कि मर्ग कायम कर महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया। शार्ट पीएम रिपेार्ट में महिला के सिर पर चोट लगने से मृत्यु की पुष्टि हुई। रात में पति हीराचंद के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया। घर खर्च के लिए रुपए मांगने पर विवाद हुआ था। गुस्से में उसने पत्नी का सिर दीवार, जमीन पर पटककर मार दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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देवघर। कोरोना वायरस महामारी के कारण लगातार लगभग पांच माह तक बंद देवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा वैद्यनाथ धाम मंदिर को शनिवार शाम को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया जिससे श्रद्धालुओं तथा पुजारियों में भारी उत्साह है। कोविड-19 के चलते पिछले लगभग पांच माह से बाबा वैद्यनाथ धाम श्रद्धालुओं के लिए बंद था जिसे खोल दिया गया। हालांकि पहले दिन आज अपेक्षाकृत भीड़ कम थी लेकिन जो श्रद्धालु बाहर से पूजा करने आए थे उनमें भारी उत्साह दिखाई दिया। जिन श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन के लिए ई- पास बना रखा था उन्हें ही मंदिर प्रवेश की अनुमति मिली। मानसरोवर के निकट ई-पास की जांच के बाद श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया जा रहा था। मंदिर परिसर में मजिस्ट्रेट और पुलिस की व्यापक व्यवस्था थी। दूसरी ओर मंदिर खुलने से तीर्थ पुरोहितों, दुकानदारों, फूल माला बेचने वालों समेत मंदिर पर आश्रित अन्य लोगों में खुशी का माहौल देखा गया। हालांकि लोगों की मांग थी कि धीरे-धीरे पूरा मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाए जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। आज सुबह-सुबह देवघर के पुलिस अधीक्षक धनंजय कुमार सिंह ने बाबा मंदिर जाकर पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया और विधि व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस अधिकारी एवं अन्य अधिकारी भी मंदिर व्यवस्था की देखरेख में लगे थे। इसी सप्ताह 14 सितंबर को झारखंड सरकार ने कोविड-19 के मामलों में कमी को देखते हुए पूजा स्थलों में भक्तों को प्रवेश की अनुमति देने का फैसला किया था। फिलहाल देवघर के बाबा धाम में प्रति घंटे सिर्फ 100 भक्तों को ई-पास के आधार पर दर्शन की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन ने मंदिर में सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक ही श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी है। -
कटक। प्रख्यात उड़िया साहित्यकार एवं पत्रकार मनोरमा महापात्र का शनिवार को यहां निधन हो गया । वह 87 साल की थी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उनके निधन पर शोक जताया है । ओडिया दैनिक ‘समाज' की संपादक रह चुकीं मनोरमा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया । अस्पताल के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी । पद्मभूषण से सम्मानित राधानाथ रथ की पुत्री मनोरमा ओडिशा में महिला सशक्तिकरण का चेहरा थीं। उन्हें 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1988 में सोवियत नेहरू पुरस्कार, 1990 में क्रिटिक सर्किल ऑफ इंडिया पुरस्कार, 1991 में ईश्वरचंद्र विद्यासागर सम्मान और 1994 में रूपमबारा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनोरमा के निधन पर शोक जताते हुये कहा कि वह विभिन्न मुद्दों पर अपने लेखन के लिये याद की जायेंगी । मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘प्रसिद्ध साहित्यकार मनोरमा महापात्र जी के निधन की खबर से दुखी हूं । वह विभिन्न मुद्दों पर अपने लेखन के लिये याद की जायेंगी । मीडिया में भी उन्होंने महती योगदान किया और और व्यापक सामुदायिक सेवा की। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति ।'' मुख्यमंत्री नवीन पटनायक एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत अनेक गणमान्य लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया है। पटनायक ने कहा कि उनके निधन से प्रदेश ने एक विद्वान हस्ती को खो दिया है। -
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों के साथ लंबी बैठक की और कहा कि उन्हें इस बात पर आश्चर्य है कि विकास का दृष्टिकोण होने के बाद भी नौकरशाह उन्हें अमलीजामा पहनाने में पिछड़ क्यों जाते हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में एक बड़े फेरबदल के कुछ महीनों बाद यह बैठक हुई जो चार घंटे से अधिक समय तक चली। सूत्रों के मुताबिक कई सचिवों ने विभिन्न नीतिगत मामलों पर अपना दृष्टकोण साझा किया तथा शासन में सुधार एवं जमीनी स्तर पर योजनाओं एवं कार्यक्रमों को उतारने के बारे में सुझाव दिये। सूत्रों के अनुसार सचिवों की बातें सुनने के बाद मोदी ने कहा कि यह काबिलेतारीफ है कि उन सभी के पास दृष्टिकोण तो है लेकिन इस बात पर आश्चर्य है कि उस दृष्टिकोण को अमलीजामा क्यों नहीं पहनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने सचिवों से कहा कि उन्हें अपने विभाग के सचिव के रूप में बर्ताव करने के बजाय अपनी अपनी टीमों के नेता के रूप में काम करना चाहिए। सूत्रों के अनुसार कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बाद प्रधानमंत्री मंत्रियों एवं शीर्ष अधिकारियों के साथ उनमें नयी ऊर्जा भरने तथा सरकार के कामकाज में उत्साह का संचार करने के लिए बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सचिवों के साथ यह बैठक उसी का हिस्सा था। सूत्रों का कहना है कि कुछ नौकरशाह महसूस करते हैं कि यह बैठक मंत्रिपरिषद के बाद अब नौकरशाही में फेरबदल का संकेत हो सकती है। -
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने जिलाधिकारियों को निजी बैंकों के खिलाफ छात्रों की शिकायतों का समाधान करने के लिए कहा है, जो एक सरकारी योजना के तहत ऋण देने की एवज में उनके माता-पिता से कथित तौर पर संपार्श्विक (कोलैटरल) की मांग कर रहे हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव एच के द्विवेदी ने शुक्रवार को जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे उन छात्रों की शिकायतों पर गौर करने को कहा, जिन्हें जमानत-मुक्त ऋण सुविधा का लाभ उठाने में कठिनाई हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने ‘‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड'' योजना शुरू की थी, ताकि लाभार्थी बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई कर सकें। मुख्यमंत्री कार्यालय के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें इस योजना के तहत ऋण देने के लिए भूमि दस्तावेज सहित माता-पिता से सुरक्षा के विभिन्न दस्तावेज मांगने के लिए निजी बैंकों के खिलाफ छात्रों से कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ऋणदाताओं ने उन्हें ऋण राशि के बराबर पैसा सावधि जमा के रूप में रखने के लिए कहा।'' उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को इस मसले का समाधान करने का भी निर्देश दिया।
- कोडरमा। झारखंड के कोडरमा में जयनगर थानाक्षेत्र के गड़गी में शनिवार को अपराधियों ने कथित रूप से आपसी दुश्मनी के चलते दिनदहाड़े घर में घुसकर एक व्यक्ति को गोली मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। कोडरमा के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली है कि पुरानी दुश्मनी में अपराधियों ने गोली व्यक्ति के सीधे मुंह में मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि छह अपराधी तीन मोटरसाइकिलों से आये थे। उनमें कुख्यात अपराधी सुरेश साव भी शामिल था। घायल गड़गी निवासी 55 वर्षीय लोचन साव की पत्नी बबीता देवी ने बताया कि सुरेश साव के साथ वीरेंद्र साव, विजय साव समेत छह व्यक्ति तीन मोटरसाइकिल से आए और सीधे अंदर घुस कर उसके पति के साथ मारपीट करने लगे। इसी दौरान सुरेश साव ने उसके पति के मुंह में गोली मार दी। घटना की जानकारी परिजनों ने जयनगर पुलिस को दी। पुलिस ने लोचन साव को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया जहां घायल की गंभीर स्थित को देखते हुए उसे रिम्स रेफर कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को कहा कि युवाओं को ‘जंक फूड' की लत से बचाने के लिए मंत्रालय को पूरे देश में ‘आयुष आहार' को बढ़ावा देना चाहिए। सोनोवाल ने नयी दिल्ली के जनकपुरी में स्थित सेंट्रल काउंसिल्स कॉमन बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स (सीसीसीबीसी) का दौरा किया, जहां उन्होंने परिसर में स्थित मंत्रालय के तहत सभी पांच अनुसंधान परिषदों और दो राष्ट्रीय आयोगों के अधिकारियों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। सोनोवाल ने कहा कि मंत्रालय को पूरे देश में आयुष आहार को बढ़ावा देना चाहिए। इससे युवाओं को ‘जंक फूड' की लत से बचाने में भी मदद मिलेगी। आयुष मंत्रालय आयुष आधारित आहार और जीवन शैली को बढ़ावा दे रहा है और ‘सुपोषित भारत' के अंतिम लक्ष्य को साकार करने के लिए पोषण अभियान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर आयुष आहार पर दिशा-निर्देशों का मसौदा भी जारी किया है, जो मानक आधारित आयुष आहार की सुविधा प्रदान करेगा।
- मुंबई । मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से मिली सूचना के आधार पर कोणार्क एक्सप्रेस से 20 किलोग्राम गांजा जब्त किया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेन के एक डिब्बे में एक लावारिस थैले से गांजे की यह खेप जब्त की गई। अधिकारी ने बताया कि एनसीबी की एक टीम कल्याण स्टेशन पर पहुंची और आरपीएफ की मदद से थैला जब्त कर लिया। आगे की जांच जारी है। file photo
- नयी दिल्ली। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने शनिवार को कहा कि राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेश कोविड-19 स्थिति का गहन आकलन करने के साथ ही स्वास्थ्य अवसंरचना को मजूबत करें तथा आवश्यक दवाओं का भंडार रखें और मानव संसाधन में वृद्धि करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आत्मसंतोष के लिए कोई जगह नहीं है। गौबा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोविड प्रबंधन और रणनीति की समीक्षा करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गौबा ने राज्यों से कहा कि आत्मसंतोष के लिए कोई जगह नहीं है और कोविड उपयुक्त व्यवहार का कड़ाई से पालन किए जाने की आवश्यकता है। अन्य देशों में कोविड-19 के कई बार चरम पर पहुंचने संबंधी उदाहरण देते हुए गौबा ने देश के कुछ हिस्सों में उच्च संक्रमण दर पर चिंता जताई। उन्होंने महामारी के मामलों में किसी भी संभावित वृद्धि से निटपने के लिए राज्यों के स्वास्थ्य प्रशासकों से जल्द से जल्द कोविड ग्राफ का विश्लेषण करने, स्वास्थ्य अवसंरचनाओं को मजबूत बनाने, आवश्यक दवाओं का भंडार रखने और मानव संसाधन बढ़ाने को कहा। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 11 राज्यों में सीरोटाइप-2 डेंगू संबंधी चुनौती को रेखांकित किया, जो बीमारी के अन्य स्वरूपों के मुकाबले अधिक मामलों और जटिलताओं वाला स्वरूप है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्यों को मामलों का शुरू में ही पता लगाने, बुखार हेल्पलाइन स्थापित करने, पर्याप्त मात्रा में जांच किट, लार्वानाशक और दवाओं का भंडार रखने तथा त्वरित जांच के लिए टीमों की तैनाती करने जैसे कदम उठाए जाने चाहिए। भूषण ने यह सुझाव भी दिया कि बुखार सर्वेक्षण, संपर्कों का पता लगाने, रोगवाहकों पर नियंत्रण, रक्त और रक्त तत्वों, खासकर प्लेटलेट का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए रक्त बैंकों को तैयार रखने जैसी आवश्यक जनस्वास्थ्य कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि 15 राज्यों के 70 जिलों में स्थिति चिंता का कारण है तथा इनमें से 34 जिलों में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक तथा 36 जिलों में संक्रमण दर 5-10 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए राज्यों को निर्देश दिया जाता है कि वे सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें और अधिक संख्या में लोगों को एकत्र न होने देने के लिए कदम उठाएं। इसने कहा कि मॉल, स्थानीय बाजारों और पूजा स्थलों के संबंध में मौजूदा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए तथा कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि आपात कोविड प्रतिक्रिया पैकेज के तहत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को धन जारी किया जा चुका है, जो त्वरित एवं इष्टतम ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि इसने राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को डेंगू एवं रोगवाहक जनित अन्य बीमारियों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश भी दिया है।
- नयी दिल्ली। सरकार की मानव तस्करी रोधी इकाइयों ने 2020 में मानव तस्करी के करीब 1,714 मामले दर्ज किये हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। एनसीआरबी के अनुसार मानव तस्करी के इन मामलों में वेश्यावृत्ति के लिए यौन शोषण करना, जबरन श्रम करना और घरेलू दास रखना शामिल हैं। आंकड़ों से यह भी प्रदर्शित हुआ है कि मानव तस्करी के मामलों में दोषसिद्धि की दर 10.6 प्रतिशत है।महाराष्ट्र और तेलंगाना में सर्वाधिक संख्या में मामले दर्ज किये गये, इनमें से प्रत्येक राज्य में 184 मामले दर्ज किये गये। वहीं, आंध्र प्रदेश में 171, केरल में 166, झारखंड में 140 और राजस्थान में 128 मामले दर्ज किये गये। मानव तस्करी के मामलों में दोषसिद्धि सात राज्यों में शून्य दर्ज की गई, जबकि इस तरह के मामलों में सर्वाधिक दोषसिद्धि तमिलनाडु में (66 प्रतिशत) दर्ज की गई। इसके बाद दिल्ली (40 प्रतिशत) का स्थान है। एनसीआरबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसने देश भर में मानव तस्करी रोधी इकाइयों (एएचटीयू)से मानव तस्करी के मामलों पर आंकड़े एकत्र किये। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में एएचटीयू द्वारा 1714 मानव तस्करी के मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में 2,278 और 2019 में 2,260 मामले दर्ज किये गये।इसमें कहा गया है कि 2020 में देश भर में 4,709 पीड़ितों की तस्करी की गई, जिनमें 18 वर्ष से कम आयु के 2,222 पीड़ित शामिल हैं। तस्करी में सर्वाधिक 1466 मामले वेश्यावृत्ति के लिए यौन उत्पीड़न के दर्ज किए गए। इसके बाद जबरन श्रम के 1452 मामले और घरेलू दासता के 846 मामले दर्ज किए गए। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार फिलहाल 696 एएचटीयू काम कर रहे हैं और 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने सभी जिलों में एएचटीयू की स्थापना के अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया है।तस्करी के खिलाफ कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठन संजोग के संस्थापक सदस्य रूप सेन ने कहा कि देश 23 मार्च से लॉकडाउन में चला गया और इस दौरान रेल और बस समेत परिवहन की अधिकांश प्रणाली बंद रही साथ ही अंतराज्यीय यात्रा को लेकर निगरानी भी बेहद कड़ी रही। उन्होंने कहा कि यह सवाल पूछा जा सकता है कि तस्करी के आंकड़े ज्यादा क्यों हैं।उन्होंने कहा, "... यहां तक कि यौन कर्मियों ने धंधे में कमी की बात कही और ईंट भट्ठे पूरी तरह बंद थे इसलिए तर्क यह कि इस अवधि में तस्करी वाले श्रम की कोई मांग नहीं होती।
- बस्ती (उप्र) । उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के श्रृंगीनारी-बेदीपुर चौराहे पर एक मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि सात अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि श्रृंगीनारी-बेदीपुर चौराहे पर मोहम्मद अली का मकान शुक्रवार देर रात ढह गया जिससे घर में सो रहे सभी लोग मलबे में दब गए। उन्होंने बताया कि मलबे में दबने से सना फातिमा (19) की मौके पर मौत हो गयी जबकि तरन्नुम फातिमा (22) की इलाज के दौरान मौत हो गयी। परिवार के सात अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज अयोध्या में हो रहा है। कहा जा रहा है कि मकान काफी पुराना था और कई दिनों से हो रही बारिश से शायद मकान को नुकसान पहुंचा था।
- पणजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनके 71वें जन्मदिन पर शुक्रवार को देश में लोगों को कोविड-19 टीके की 2.50 करोड़ से अधिक खुराक दी गईं, जो उनके लिए एक अविस्मरणीय और भावुक करने देने वाला क्षण है। मोदी ने तटीय राज्य में स्वास्थ्य सेवा कर्मियों और टीकाकरण लाभार्थियों के साथ वीडियो लिंक के जरिए संवाद के दौरान कहा, ‘‘आपके प्रयासों से भारत ने एक दिन में 2.5 करोड़ से अधिक खुराक देकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह एक ऐसी उपलब्धि है, जिसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश भी हासिल नहीं कर पाए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने देखा कि देश कल किस प्रकार कोविन डैशबोर्ड को देखता रहा। कल प्रति घंटे 15 लाख और प्रति मिनट 26,000 से अधिक लोगों को टीके लगाए गए। प्रति सेकंड 425 से अधिक लोगों को टीके लगाए गए।'' मोदी ने कहा कि वह इस प्रयास के लिए देश के सभी चिकित्सकों, चिकित्साकर्मियों और प्रशासन के लोगों की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत को दर्शाने वाले इस कार्य को पूरा करने के लिए अत्यधिक प्रयास और कुशल जनशक्ति की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, ‘‘“जन्मदिन आते हैं और चले जाते हैं और मैं ऐसी चीजों से दूर रहा हूं, लेकिन कल मेरे लिए भावुक कर देना वाला दिन था। यह मेरे लिए एक अविस्मरणीय अवसर बन गया है।'' मोदी ने किसी पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि उनके जन्मदिन पर टीकों की 2.5 करोड़ से अधिक खुराक दिए जाने के बाद ‘‘एक राजनीतिक दल'' को बुखार हो गया। उन्होंने कहा,“लोग कहते हैं कि टीकों के दुष्प्रभाव के रूप में बुखार आता है, लेकिन मेरे जन्मदिन पर 2.5 करोड़ टीके लगाए जाने के बाद एक राजनीतिक दल को बुखार आ गया।'' मोदी ने तटीय राज्य में शत प्रतिशत आबादी को कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक दिये जाने के मार्ग में आई चुनौतियों से पार पाने के लिए गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और उनकी सरकार की सराहना की। मोदी ने कहा कि गोवा टीकाकरण के मामले में भारत में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा, ‘‘गोवा दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज टीकाकरण अभियान ‘सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन' की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गोवा ने पिछले कुछ महीनों में सावंत के नेतृत्व में भारी बारिश, चक्रवात और बाढ़ के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी।” उन्होंने कहा कि जब पर्यटकों को पता चलेगा कि राज्य में सभी लोगों को टीका लगाया जा चुका है, तो वे भी यहां सुरक्षित महसूस करेंगे और बड़ी संख्या में यहां आएंगे।
- बेंगलुरु। बेंगलुरु के थिगालारापल्या इलाके में स्थित एक घर से शुक्रवार रात को पुलिस को एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव मिले जिनमें नौ माह का एक बच्चा भी शामिल है। परिवार की ढाई साल की बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना का पता तब चला जब चार दिन से बाहर गए हुए परिवार के मुखिया हल्लेगेरे शंकर घर लौटे। उन्होंने परिजनों को बार-बार आवाज दी लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। पुलिस को संदेह है कि इन सभी की मौत चार दिन पहले ही हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या का कृत्य प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में शंकर की पत्नी भारती (51), बेटियां सिनचाना (34), सिंधुरानी (31), बेटा मधुसागर (25) और नौ माह का पोता शामिल है। चारों वयस्क अलग-अलग कमरों में छत से लगे फंदे से लटके पाए गए जबकि नवजात बिस्तर पर मिला जिसकी मौत संभवत: भूखमरी के कारण हुई। उन्होंने बताया कि शव बुरी तरह सड़ चुके थे। पुलिस को वहां सिनचाना की ढाई साल की बच्ची मिली जो संभवत: खाने-पीने को कुछ नहीं मिल पाने के कारण बेहोश थी। पुलिस ने कहा कि बच्ची का जिंदा मिलना ‘चमत्कार' ही है। उसे नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उसका उपचार चल रहा है। बच्ची को होश आ गया है और चिकित्सकों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है। सूत्रों ने बताया कि शंकर की बड़ी बेटी अपने पति से अलग हो चुकी थी और अपने मायके में रह रही थी। छोटी बेटी यहां प्रसव के लिए आई हुई थी। पुलिस शंकर से पूछताछ कर रही है। शंकर ने पुलिस को बताया है कि परिवार में कुछ दिक्कतें थीं और उनकी एक बेटी अपने पति से अलग रह रही थी। पुलिस ने इस संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है तथा जांच की जा रही है। पुलिस पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है।
- सुलतानपुर (उप्र)। उत्तर प्रदेश में सुलतानपुर जिले के धनपतगंज थाना क्षेत्र के सुख बड़ेरी गांव में आग लगने से मां-बेटे की मौत गई। धनपतगंज थाने के उप निरीक्षक विकास गौतम ने बताया कि सुख बड़ेरी गांव में शुक्रवार देर रात लगभग तीन बजे कन्हैया लाल के घर में आग लग गई,जिससे घर में सो रहे मां-बेटे आग की चपेट में आ गए और दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की शिनाख्त कन्हैया लाल की पत्नी सुब्रता (50) व पुत्र सूरज (25) के तौर पर की गई है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है,मामले की जांच की जा रही है।
- बेंगलुरु। अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) ने अंतरिक्ष प्रक्षेपण यानों की उप-प्रणालियों/प्रणालियों के विकास और परीक्षण की दिशा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सुविधाओं और विशेषज्ञता तक पहुंच के लिए एयरोस्पेस स्टार्टअप ‘अग्निकुल कॉसमॉस' के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा विभाग ने अंतरिक्ष प्रक्षेपण यानों की उप-प्रणालियों/प्रणालियों के विकास और परीक्षण की दिशा में इसरो सुविधाओं और विशेषज्ञता तक पहुंच मुहैया कराने के लिए हैदराबाद स्थित ‘स्काईरूट एरोस्पेस' के साथ भी पिछले सप्ताह इसी प्रकार के समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता पत्र ‘अग्निकुल कॉसमॉस' कंपनी को अपने एकल थ्री-डी प्रिंटेड सेमी क्रायो इंजन और अन्य प्रणालियों के परीक्षण और सफलता के लिए विभिन्न इसरो केंद्रों पर कई परीक्षण करने और पहुंच सुविधाएं हासिल करने में सक्षम बनाएगा। यह चेन्नई में आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान)-मद्रास के राष्ट्रीय ज्वलन अनुसंधान एवं विकास केंद्र में स्थित अग्निकुल को अपनी अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान प्रणालियों और उप प्रणालियों के परीक्षण और सफलता के लिए इसरो की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाने में भी सक्षम बनाएगा। कंपनी ने ट्वीट किया, ‘‘इस तरह के सरकारी समर्थन के साथ, पृथ्वी की निचली कक्षा करीब दिखती है।''अग्निकुल के शीर्ष अधिकारियों ने विभाग के सचिव और इसरो के अध्यक्ष के सिवन से मुलाकात की, जिन्होंने अग्निकुल प्रक्षेपण यान प्रणालियों को और उपयोगी बनाने के लिए विभाग की तरफ से हर प्रकार के समर्थन का आश्वासन दिया।





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