- Home
- देश
- अहमदाबाद। गुजरात में चक्रवात ताउते की वजह से खड़ी फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने कहा कि मुख्य रूप से गिर सोमनाथ और जूनागढ़ जैसे तटीय इलाकों में उगाए जाने वाले केसर प्रजाति के आम की फसल तथा राज्य के दूसरे इलाकों में नारियल और केले की फसल को भी खासा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जूनागढ़, गिर सोमनाथ तथा अमरेली और भावनगर के कुछ हिस्सों में नारियल तथा भरूच, तापी, वडोदरा, आणंद और खेड़ा के कुछ इलाकों समेत अन्य जिलों में केले की फसल को नुकसान के साथ ही गर्मियों की अन्य खड़ी फसलों को भी नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि जूनागढ़, गिर सोमनाथ और वलसाड जिलों में आम के सैकड़ों पेड़ उखड़ गए तथा उनमें लगे लगभग सभी आम चक्रवाती हवाओं की वजह से पेड़ से टूट कर जमीन पर गिर गए। गिर सोमनाथ जिले के तलाला में 75 एकड़ के आम के बगीचे के मालिक किरीट पटेल ने कहा कि आम की केसर प्रजाति के लिये जाने जाने वाले जूनागढ़ व गिर सोमनाथ जिलों में चक्रवात की वजह से काफी नुकसान हुआ है। इन आमों को यहां से न सिर्फ बड़ी संख्या में देश के दूसरे हिस्सों में भेजा जाता था बल्कि विदेशों में भी निर्यात किया जाता था। पटेल भाजपा नेता और तलाला कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा, “केसर आम के करीब 40 प्रतिशत पेड़ उखड़ गए हैं, जो बड़ा नुकसान है क्योंकि फसल के लिये एक पेड़ को तैयार करने में करीब 15 सालों का वक्त लगता है। लगभग सभी आम पेड़ों से टूटकर जमीन पर गिर गए हैं और इन कच्चे आमों से उत्पादकों को कोई खास फायदा नहीं होने वाला।” जूनागढ़ जिले के विसावदर के एक अन्य आम उत्पादक ने बताया, “पेड़ पर एक भी आम नहीं बचा है। कई पेड़ उखड़ गए हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार हमें कुछ सहायता उपलब्ध कराएगी।” ये इलाका भी आम की केसर प्रजाति के लिये प्रसिद्ध है। उत्पादकों ने कहा कि आम की केसर और अलफांसो प्रजाति के लिये चर्चित वलसाड जिले में भी फसल को काफी नुकसान हुआ है। केले की खेती करने वालों की हालत भी ज्यादा जुदा नहीं है। तेज हवाओं ने इस फल की पूरी फसल को बर्बाद कर दिया है। राजकोट के उपलेटा में एक किसान ने कहा, “यहां केले के 14000 पौधे थे जिनमें से नौ हजार पूरी तरह से उखड़कर बर्बाद हो गए हैं।” एक अन्य किसान ने कहा कि उसके यहां 21 हजार पौधे थे जिनमें से 10 हजार चक्रवात के कारण पूरी तरह गिर गए। उसका कहना है कि यह चक्रवात ऐसे समय आया जब फसल लगभग तैयार थी। उसने कहा कि पिछले साल भी कोरोना वायरस महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण उन्हें नुकसान हुआ था।किसान नेता और गुजरात खेड़ुत समाज के अध्यक्ष सागर रबारी ने कहा, “राज्य ने पिछले काफी समय में ऐसा चक्रवात नहीं देखा था जिसके कारण फसलों को इतना नुकसान हुआ हो।” मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मंगलवार को किसानों को आश्वासन दिया था कि सरकार चक्रवात के कारण गर्मियों की फसलों, आम, नारियल और केलों के पौधों को हुए नुकसान के लिये तत्काल सर्वे कराएगी और उसके अनुरूप सहायता प्रदान की जाएगी। ग्रीष्मकालीन फसलों जैसे बाजरा, मूंग, उड़द, तिल तथा सब्जियां मुख्य रूप से सौराष्ट्र क्षेत्र में उगाई जाती हैं जबकि उत्तरी गुजरात के जिलों में बाजरा और मूंगफली उगाई जाती है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने दिव्यांग लोगों के पुनर्वास के लिए बुधवार को छह महीने के एक पाठ्यक्रम की शुरुआत की। समुदाय आधारित समावेशी विकास (सीबीआईडी) कार्यक्रम सामुदायिक स्तर पर जमीनी पुनर्वास कार्यकर्ताओं का एक समूह बनाने पर केंद्रित है जो दिव्यांगता से जुड़े मुद्दों से निपटने और दिव्यांग व्यक्तियों के समाज में समावेश के लिए आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों के साथ काम कर सकते हैं। पाठ्यक्रम की विषयवस्तु भारत और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों की एक समिति ने विकसित की है।दायित्व निभाने में इन कार्यकर्ताओं की क्षमता को मजबूत करने के लिए यह पाठ्यक्रम क्षमता आधारित ज्ञान एवं कौशल के आधार पर तैयार किया गया है। इन कार्यकर्ताओं को ‘‘दिव्यांग मित्र'' के नाम से जाना जाएगा।इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय पुनर्वास परिषद शुरू में पाठ्यक्रम को दो बैच में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के सात राष्ट्रीय संस्थानों और समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रमों में अनुभव रखने वाले 7-9 स्वयंसेवी संगठनों में पायलट आधार पर शुरू करना चाहती है। अधिकारी ने कहा कि शुरू में पाठ्यक्रम हिन्दी, अंग्रेजी और सात क्षेत्रीय भाषाओं-गुजराती, मराठी, उडिया, बंगाली, तेलुगु, तमिल और गारो में होगा। 600 विद्यार्थियों के पहले बैच के लिए कक्षाएं अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने पाठ्यक्रम की शुरुआत ऑनलाइन की।
- नयी दिल्ली।राष्ट्रीय महिला आयोग के पास पिछले 20 दिनों में गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए 648 फोन कॉल आए। लोगों ने वेंटिलेंटर बेड से लेकर प्लाज्मा की जरूरत के लिए फोन किए। गत 29 अप्रैल को महिला आयोग ने ‘हैपी टू हेल्प' अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए एक हेल्पलाइन की शुरुआत की थी। इस हेल्पलाइन की शुरुआत के बाद से 40 लोगों का एक समूह गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए सक्रिय है और अलग अलग जरूरत के मुताबिक लोगों की मदद कर रहा है। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि इस हेल्पलाइन की शुरुआत के बाद से 648 गर्भवती महिलाओं और उनके शिशुओं की मदद के लिए फोन आए तथा इसके बाद उनकी मदद भी की गई । उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बढ़ने के साथ प्लाज्मा की जरूरत बढ़ गई थी।रेखा शर्मा ने कहा, ‘‘इस हेल्पलाइन के शुरुआती दिनों में प्लाज्मा की जरूरत से जुड़े कई फोन कॉल आए। इसके बाद हमने कई ऐसे लोगों को फोन कर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का आग्रह किया जो कोरोना संक्रमण से उबरे थे।'' महिला आयोग की अध्यक्ष ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि बेंगलुरू की 29 वर्षीय एक गर्भवती महिला को वेंटिलेटर बेड की जरूरत थी। इस हेल्पलाइन पर फोन कॉल आने के बाद प्रयास किया गया और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। महिला आयोग ने फोन पर परामर्श की सुविधा देने के लिए कई चिकित्सकों की सेवा भी ली है।
- नयी दिल्ली । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने अपने 'कोविड-19 घोषणा' के लिये तैयार साधन का भारत में विस्तार किया है ताकि लोगों तक कोरोना संक्रमण से संबंधित सही जानकारी पहुंच सके। अमेरिका के बाद भारत दूसरा देश है जहां इस फीचर को जारी किया गया है। फेसबुक ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘इस फीचर को जारी करने के लिए 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझेदारी की गई है। कोविड-19 घोषणा फीचर स्वास्थ्य विभाग को लोगों तक कोरोना से संबंधित सही जानकारी पहुंचाने और टीकाकरण की सूचना देने में मदद करेगा। राज्य इस फीचर का इस्तेमाल राज्य स्तर या किसी विशेष शहर के लिए भी कर सकेंगे।'' उसने कहा कि यह फीचर कोरोना संकट के दौरान लोगों को सुरक्षित और सूचित करने को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों के काम का समर्थन करने के लिए कंपनी के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। फेसबुक ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण से संबंधित फेसबुक पर साझा की गई किसी भी जानकारी को अधिक लोगों तक पहुंचाने में हम पूरी मदद करेंगे। हम लोगों को प्रभावित इलाकों और कोविड जानकारी केंद्रों के बारे में सूचित भी करेंगे।'' उसने कहा कि कोविड-19 घोषणा फीचर का इस्तेमाल अस्पताल में बेड उपलब्धता की स्थिति के बारे में पता लगाने और कोरोना से संबंधित दिशा-निर्देशों को लोगों तक पहुंचाने में किया जाएगा। इससे पहले फेसबुक ने कहा था कि वह वैक्सीन की उपलब्धता की जानकारी के लिए अपनी एप में फीचर जोड़ेगा ताकि लोग आसानी से टीका लगवा सकें। फेसबुक ने भारत की मदद करने के लिए एक करोड़ डॉलर की मदद की घोषणा भी की थी।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि भारत इस साल के अंत तक कोविड-19 रोधी टीके की 267 करोड़ खुराक हासिल कर लेगा और वह इस स्थिति में होगा कि कम से कम देश की पूरी वयस्क आबादी को यह टीका लगा दिया जाए। आधिकारिक बयान के अनुसार टीके की 51 करोड़ खुराक जुलाई तक तथा 216 करोड़ अन्य खुराक अगस्त और दिसंबर के बीच में उपलब्ध होंगी। उन्होंने राज्यों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का पूरी तरह टीकाकरण हो क्योंकि वे संवेदनशील श्रेणी से जुड़े लोग हैं। पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और प्रधान सचिवों/अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ वार्ता में हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘अगस्त से दिसंबर 2021 के बीच भारत 216 करोड़ खुराक हासिल कर लेगा, जबकि इस साल एक जुलाई तक 51 करोड़ खुराक हासिल कर ली जाएंगी।'' स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार हर्षवर्धन ने कहा कि साल के अंत तक देश इस स्थिति में होगा कि कम से कम इसकी वयस्क आबादी का टीकाकरण (कोविड रोधी) हो जाए। बयान में कहा गया कि पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में संक्रमण के दैनिक मामलों में और मौत के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है तथा संक्रमण दर भी बढ़ रही है। हर्षवर्धन ने कहा कि अब छोटे राज्यों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है और इस बारे में सतर्क होने की आवश्यकता है। इस दौरान, उन्होंने महामारी की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया।बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘हमने अपनी क्षमता में वृद्धि कर इसे हर रोज 25 लाख लोगों की जांच तक कर लिया है। कल, भारत ने एक दिन में ऐतिहासिक रूप से पहली बार 20 लाख से अधिक लोगों की जांच की। यह एक वैश्विक रिकॉर्ड भी है।'' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नगरों के आसपास स्थित क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में जांच केंद्रों को मजबूत करने पर जोर दिया। कोविड रोधी टीकाकरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत 18 करोड़ से अधिक खुराक दिए जाने के साथ ही हाल में एक और उपलब्धि प्राप्त कर चुका है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकारों के पास अब भी टीके की एक करोड़ से अधिक खुराकों का भंडार है। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने दोहराया कि जांच संख्या, खासकर आरटी-पीसीआर में वृद्धि की जानी चाहिए।
- सहारनपुर ।जिले के अम्बेहटा कस्बे में लापता हुए चिकित्सक का शव हरियाणा की करनाल नहर से बरामद किया गया है। इससे तीन दिन पूर्व चिकित्सक की कार भी इस नहर के पास से बरामद हुई थी ।सहारनपुर के पुलिस अधीक्षक (देहात) अतुल शर्मा ने बुधवार को बताया कि जिले के थाना अम्बेहटा के ग्राम बलालखेडी निवासी सतीश शर्मा के पुत्र डॉ अभिषेक शर्मा (23) पिछले डेढ वर्ष से हरियाणा के करनाल मे एक निजी अस्पताल मे नौकरी करते थे ओर गंगोह, सहारनपुर निवासी अपने साथी तुशार के साथ एक कमरा लेकर वहीं रहते थे । शर्मा ने बताया ‘‘ करीब छह दिन पूर्व अपने दादा के निधन पर अभिषेक गांव आये थे और अगले दिन वापस अपनी ड्यूटी के लिए रवाना हुए। लेकिन वे लापता हो गये । परिजन का उनसे कोई सम्पर्क नहीं हो सका और न ही वे अपनी ड्यूटी पर पहुंच पाये ।'' शर्मा का कहना है कि अगले दिन करनाल पुलिस ने अभिषेक के परिजन को फोन कर बताया कि उनकी गाडी नहर के किनारे लावारिस हालत में खड़ी मिली है जिसके अन्दर से अभिषेक का मोबाइल , टी शर्ट और मास्क बरामद हुआ है । तब परिजन ने अभिषेक की हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी। हरियाणा पुलिस ने गोताखोरों की मदद से अभिषेक की तलाश नहर में शुरू की । दो दिन बाद अभिषेक का शव नहर से बरामद हो गया ।-file photo
- रामबन/जम्मू । उत्तर प्रदेश के नौ यात्रियों को ले जा रही एक कैब के जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से फिसलकर चनाब नदी में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो अन्य को घायल अवस्था में बचाया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस, सैन्य और असैन्य त्वरित प्रतिक्रिया दल द्वारा बचाव अभियान जारी है, जबकि लापता छह यात्रियों का पता लगाने के लिए सेना के गोताखोरों की एक टीम को भी बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि जम्मू जाने वाला वाहन रामबन जिले के चंदरकोट इलाके में डौगीपल्ली-करोल के पास तेज बहने वाली चिनाब नदी में सुबह करीब साढ़े पांच बजे गिर गया जब उसके चालक मोहम्मद आसिफ (28) ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल तुरंत हरकत में आया और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के कोतवाली के दो यात्रियों बिलाल अहमद (25) और राशिद (21) के साथ चालक को बचाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल ले जाने के दौरान राशिद ने दम तोड़ दिया।अधिकारी ने बताया कि विशेष रूप से प्रशिक्षित सेना के गोताखोर बचाव अभियान में शामिल हो गए हैं और छह लापता यात्रियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।-File photo
- नोएडा। थाना सेक्टर 39 क्षेत्र में एमिटी यूनिवर्सिटी के पास एक अज्ञात कार चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए, पैदल जा रहे तीन सिक्योरिटी गार्ड को कुचल दिया। गंभीर हालत में तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर एक की मौत हो गई। थाना सेक्टर 39 के प्रभारी निरीक्षक आजाद सिंह तोमर ने बुधवार को बताया कि सेक्टर 45 स्थित सदरपुर कॉलोनी में रहने वाले सिक्योरिटी गार्ड ओमपाल (55 वर्ष), जगन्नाथ (51 वर्ष) तथा कृष्णपाल (38 वर्ष) बीती रात को सेक्टर 125 स्थित एक कंपनी में काम करने के लिए जा रहे थे। ये लोग नोएडा एक्सप्रेस-वे को पैदल पार कर रहे थे, तभी एक अज्ञात कार चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए तीनों को कुचल दिया। उन्होंने बताया कि गंभीर हालत में तीनों को एक अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां पर डॉक्टरों ने ओमपाल को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे की शिकायत पर इस मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि घायल 2 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। उनका उपचार चल रहा है।
- नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप को नोटिस भेजकर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को अपनी अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी वापस लेने को कहा है। नोटिस में मंत्रालय ने कहा है कि नई गोपनीयता नीति, सूचनात्मक गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के मूल्यों को कमजोर करती है। सरकार ने व्हाट्सएप को 25 मई तक नोटिस का जवाब देने को कहा है।
- जयपुर। राजस्थान में ब्लैक फंगस यानी म्यूकोर्मिकोसिस को महामारी घोषित किया गया है। राज्य में इस बीमारी के मामलों की संख्या बढ़ रही है। यह मुख्य रूप से कोविड संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों को प्रभावित करती है।प्रमुख स्वास्थ्य सचिव अखिल अरोड़ा ने इस बारे में बुधवार को अधिसूचना जारी की है। राजस्थान महामारी अधिनियम-2020 के तहत ब्लैक फंगस को एक महामारी और गंभीर बीमारी के रूप में अधिसूचित किया गया है।
- -रायपुर एम्स में 19 मई तक कोविड-19 के 9,664 मरीजों का इलाज किया गयानई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह से लेकर अभी तक कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए 12 नए एम्स में 1300 से अधिक ऑक्सीजन के बेड (बिस्तर) और 530 आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई और अब यहां करीब 1900 ऑक्सीजन बेड और 900 आईसीयू बेड हैं।मंत्रालय के अनुसार, एम्स भुवनेश्वर, एम्स भोपाल, एम्स जोधपुर, एम्स पटना, एम्स रायपुर, एम्स ऋषिकेश, एम्स मंगलगिरी, एम्स नागपुर, एम्स रायबरेली, एम्स बठिंडा, एम्स बीबीनगर और एम्स गोरखपुर में अभी कुल 1925 बिना आईसीयू वाले ऑक्सीजन बेड और 908 आईसीयू बेड हैं।प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत अभी तक 22 नए एम्स को मंजूरी दी गई है। बयान के अनुसार, इनमें से छह भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश में पहले से ही पूरी तरह शुरू हो चुके हैं। अन्य सात एम्स में ओपीडी सेवा और एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू की गई हैं और पांच अन्य एम्स में केवल एमबीबीएस की कक्षाएं हो रही हैं।मंत्रालय ने बयान में कहा, इन क्षेत्रीय एम्स, जिनकी स्थापना पीएमएसएसवाई के तहत की गई है या की जा रही है, इन्होंने पिछले साल वैश्विक महामारी की शुरुआत से ही कोविड-19 के प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई है। यह योगदान और महत्वपूर्ण हो जाता, जब इस तथ्य पर गौर किया जाए कि इन्होंने उन इलाके में काफी मदद की जहां स्वास्थ्य तंत्र का ढांचा कमजोर है। मध्यम और गंभीर कोविड रोगियों के इलाज के लिए बिस्तर क्षमता का विस्तार करके दूसरी लहर की चुनौती को एक कड़ा जवाब दिया है। बयान में कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अप्रैल-मई में रायबरेली और गोरखपुर में एम्स की शुरुआत की गई, जिसने उत्तर प्रदेश के दूर-दराज जिलों फतेहपुर, बाराबंकी, कौशांबी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, बस्ती, संत कबीर नगर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, मऊ और आजमगढ़ के कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने में मदद की ।बयान के अनुसार, केवल रायपुर में एम्स में ही 19 मई तक कोविड-19 के 9,664 मरीजों का इलाज किया गया। मंत्रालय ने कहा कि रायपुर, जोधपुर, पटना, ऋषिकेश, भुवनेश्वर और भोपाल एम्स पुरी तरह शुरू हो गए हैं वहीं बाकी पूरी तरह अभी शुरू नहीं हुए हैं।
- प्रतापगढ़, उप्र। जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर थाना कोतवाली लालगंज क्षेत्र के निकट मंगलवार की रात ट्रक और स्कार्पियो जीप के बीच हुई टक्कर में पिता पुत्र सहित तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि दो लोग घायल हैं पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बुधवार को बताया कि थाना कोतवाली लालगंज क्षेत्र के लखनऊ वाराणसी राजमार्ग पर स्थित लीलापुर बाज़ार के निकट मंगलवार की रात ट्रक और स्कार्पियो जीप के बीच आमने सामने की टक्कर हो गई। हादसे में स्कार्पियो सवार चन्द्रिका प्रसाद यादव (68) और उसके बेटे कपिलदेव यादव (33) तथा सुरेश चन्द्र यादव (38) की मौके पर मौत हो गयी, जबकि जय प्रकाश यादव (22) और अनुग्रह नारायण यादव (32) गंभीर रूप से घायल हो गए। तोमर ने बताया कि घायलों को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय लाया गया। उन्हें चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद प्रयागराज भेज दिया। मृतक और घायल जिला प्रयागराज के थाना सराय मामरेज क्षेत्र के बजती नेदुला के निवासी हैं।हादसे के बाद ट्रक चालक ट्रक छोड़ कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर तीनो शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है । घटना के संबंध में कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
- नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि ताउते चक्रवात के और कमजोर पडऩे के साथ अगले दो दिन में दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है। विभाग के स्थानीय केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि ताउते के उत्तर भारत की ओर बढऩे पर दक्षिणी राजस्थान में बारिश हुई है। श्रीवास्तव ने कहा, '' आज यह राजस्थान और हरियाणा के हिस्से में पहुंचेगा। इसके कारण पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में मध्यम स्तर की बारिश होगी। दिल्ली के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।'' विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिये आज 'ऑरेंज' चेतावनी जारी की है। साथ ही उसने बारिश तथा 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का भी प्रभाव है और दोनों मौसमी गतिविधियों के चलते बारिश होने का अनुमान है। ताउते चक्रवात के सोमवार रात गुजरात के तट पर दस्तक देने के बाद राज्य में भारी बारिश हुई है। इससे पहले यह चक्रवात पूरे पश्चिमी तट को प्रभावित कर चुका था।---
- अमेठी। अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र के गांव फूला में वकील लल्लन सिंह की सोमवार रात को गोली मार कर हत्या कर दी गयी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लल्लन सिंह (60) नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान सूरज प्रसाद के यहां से सोमवार रात करीब 10 बजे घर वापस आ रहे थे तभी गांव के निकट ही कुछ लोगों ने उनसे मारपीट की तथा उन्हें गोली मार दी। उन्होंने बताया कि लल्लन सिंह को गंभीर अवस्था में परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलोई ले गये जहां पर प्राथमिक उपचार के उपरांत डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। लखनऊ ले जाते समय इन्हौना के निकट उनकी मौत हो गयी। पुलिस उपाधीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। जिला प्रशासन ने घटनास्थल पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए हैं।-file photo
- संभल (उप्र)। जिले के हयात नगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात को एक कार की एक बस से टक्कर हो गई जिसमे कार में सवार नौ लोग घायल हो गए। इस हादसे में जख्मी एक व्यक्ति और उसकी बेटी की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी संभल अरुण कुमार सिंह ने बताया की सोमवार रात्रि हयात नगर थाना क्षेत्र में चुंगी के पास एक कार की बस से टक्कर हो गई, जिसमें कार में सवार सभी नौ लोग घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए संभल के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को इलाज के दौरान रविंद्र (35) व उनकी बेटी छवि (5) की मौत हो गई। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को टीकाकरण को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में एक सशक्त माध्यम बताया और कहा कि बड़े पैमाने पर इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयास निरंतर जारी हैं। राज्यों और जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों पर बहुत ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जब जिला कोरोना को हराएगा तभी देश कोरोना से जंग जीतेगा। उन्होंने कहा, ‘‘टीकाकरण कोविड से लड़ाई का एक सशक्त माध्यम है, इसलिए इससे जुड़े हर भ्रम को हमें मिलकर दूर करना है। कोरोना के टीके की आपूर्ति को बहुत बड़े स्तर पर बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने टीकों की बर्बादी को रोकने पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम केयर्स के माध्यम से देश के हर जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्र लगाने पर तेजी से काम किया जा रहा है और कई अस्पतालों में इन संयंत्रों ने काम शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में इस समय कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं तो कुछ राज्यों में बढ़ भी रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कम होते आंकड़ों के बीच हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। हमारी लड़ाई एक-एक जीवन बचाने की है।'' मोदी ने स्थानीय निषिद्ध क्षेत्र, व्यापक जांच और लोगों तक उचित जानकारी पहुंचाने को कोरोना के खिलाफ हथियार बताते हुए अधिकारियों से कहा कि महामारी के खिलाफ इस युद्ध में उनकी एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, ‘‘आप एक तरह से इस युद्ध के फील्ड कमांडर हैं। हमारे देश में जितने जिले हैं, उतनी ही अलग-अलग चुनौतियां हैं। आप अपने जिले की चुनौतियों को बहुत बेहतर तरीके से समझते हैं। इसलिए जब आपका जिला जीतता है, तो देश जीतता है। जब आपका जिला कोरोना को हराता है, तो देश कोरोना को हराता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जिलों में चिकित्सा के साथ ही हर चीज की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना भी जरूरी है और अपनी जरूरतों को तेजी से रेखांकित करके, उनका प्रबंध भी करना है। उन्होंने कहा, ‘‘चुनौती जरूर बड़ी है, लेकिन हमारा हौसला उससे भी बड़ा है।''उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोविड के अलावा उन्हें अपने जिले के हर एक नागरिक की जीवन की सुगमता का भी ध्यान रखना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें संक्रमण को भी रोकना है और दैनिक जीवन से जुड़ी जरूरी आपूर्ति को भी बेरोकटोक चलाना है।'' मोदी ने कहा कि स्वयं कोरोना से संक्रमित होने और अपने रिश्तेदारों को खोने के बावजूद कई अधिकारियों ने लोगों की सेवा जारी रखी। प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारियों से कोरोना महामारी से निपटने के लिए अपने सुझाव देने को कहा ताकि उन्हें महामारी से निपटने की योजना में शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों का काम अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का मनोबल बढ़ाना है और साथ ही दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना भी। उन्होंने जिलाधिकारियों को आश्वस्त किया कि संक्रमण को रोकने के लिए केन्द्र उन्हें बिना किसी हिचक के मदद करेगा। उन्होंने राज्यों और जिलों से ऑक्सीजन आपूर्ति के समुचित उपयोग और निगरानी रखने को कहा। साथ ही उन्होंने जिलों में ऑक्सीजन की समुचित आपूर्ति और उपयोग के लिए एक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने के लिए भी कहा। प्रधानमंत्री के साथ संवाद में अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और ग्रामीण इलाकों में कोविड महामारी से निपटने के लिए अपने सुझाव भी दिए। इस संवाद कार्यक्रम में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के अलावा दिल्ली, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने कर्नाटक, बिहार, असम, चंडीगढ़, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के अधिकारियों से संवाद किया।
- इंदौर।मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने यहां एक सरकारी अस्पताल में चूहों द्वारा नवजात बच्चे की एड़ी कुतरे जाने के मामले का मंगलवार को संज्ञान लिया और प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों से 15 दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इस निकाय के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने मीडिया की खबरों के आधार पर इंदौर संभाग के आयुक्त (राजस्व) और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक से 15 दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है। अधिकारी के मुताबिक रिपोर्ट इस बारे में मांगी गई है कि शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) की नर्सरी (वह स्थान जहां नवजात बच्चों को देख-भाल के लिए रखा जाता है) में सोमवार को चूहों ने नवजात बच्चे की एड़ी आखिर किन हालात में कुतर दी। एमवायएच के अधीक्षक प्रमेंद्र ठाकुर ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है जिसमें अस्पताल के दो डॉक्टर और एक प्रशासकीय अधिकारी शामिल हैं।_file photo
- नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे 675 टैंकरों के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में 11,030 टन से ज्यादा तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है। रेलवे ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में करीब 800 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की रोज आपूर्ति की जा रही है। रेलवे 19 अप्रैल से लेकर अबतक 13 राज्यों में 11,030 टन से अधिक चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है। 19 अप्रैल को ही सबसे पहले मुंबई से खाली ट्रक ऑक्सीजन लेने के लिए रवाना हुए थे और इसी के साथ ऑक्सीजन एक्सप्रेस सेवा की शुरुआत हुई थी। भारतीय रेलवे पश्चिम में हापा और मुंद्रा और पूर्व में राउरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर, अंगुल जैसी जगहों से ऑक्सीजन ले रहे हैं और इसकी आपूर्ति उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कर रहे हैं। रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “ यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऑक्सीजन राहत तेजी से पहुंचे, रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ियों के संचालन में नए मानक और अभूतपूर्व कीर्तिमान बना रहा है। इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति लंबी दूरी पर ज्यादातर मामलों में 55 (किलोमीटर प्रतिघंटे) से ज्यादा है।” अब तक करीब 175 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने अपनी यात्रा पूरी कर ली है और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई है।
- अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में दो लुटेरों ने मंगलवार को एक व्यक्ति का हाथ काट लिया और उसका बैग लेकर मौके से फरार हो गये । पुलिस ने यह जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पहचान अंकित के रूप में की गयी है और उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका कटा हाथ जोड़ने के लिये सर्जरी चल रही है । उन्होंने बताया कि अमृतसर के बाहरी इलाके में स्थित नंगाली गांव में यह घटना हुयी । उन्होंने बताया कि निहंग की पोशाक में एक आरोपी ने हाथापाई में अंकित का हाथ तलवार से काट दिया। पुलिस ने बताया कि बैग में 1500 रुपये नकद थे, और पीड़ित एक निजी फाइनांस कंपनी में काम करता था । उन्होंने बताया कि यह घटना कैमरे में कैद हो गयी है।
- पुडुचेरी। जाने-माने तमिल लेखक, उपन्यासकार और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित के. राजनारायणन का निधन हो गया। उनके परिवार के लोगों ने इस बारे में जानकारी दी । राजनारायणन 98 साल के थे और वह ‘की रा' के नाम से लोकप्रिय थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं।पिछले कुछ समय से राजनारायणन उम्र संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे और सोमवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली। पुडुचेरी की उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने मंगलवार को लेखक के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बाद में उपराज्यपाल ने पत्रकारों से कहा कि तमिल लेखकों ने मांग की है कि राजनारायणन जिस मकान में रहते थे, उसे स्मारक पुस्तकालय में बदला जाए। उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘इस अनुरोध पर विचार किया जाएगा।''पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने लेखक के निधन पर शोक जताया है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि की रा के निधन से साहित्य की दुनिया ने एक बड़ा विचारक, लेखक और निबंधकार खो दिया। राजनारायणन 1980 के दशक में पांडिचेरी विश्वविद्यालय में लोक-साहित्य विभाग के प्रोफेसर थे। वह लघु कथाओं, उपन्यासों, लोककथाओं और निबंधों के प्रख्यात लेखक थे। उन्हें 1991 में अपने उपन्यास ‘गोपालापुरातु मक्कल' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। उन्हें ‘कारीसाल भूमि' (दक्षिणी तमिलनाडु की गर्म और शुष्क भूमि) के लोगों और उनकी संस्कृति के चित्रण के लिए जाना जाता था । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने भी लेखक के निधन पर शोक जताया और कहा कि राजनारायणन का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। स्टालिन ने कहा, ‘‘हमने तमिल के सबसे बड़े कथाकार को खो दिया...कारीसाल साहित्य में उनके योगदान के लिए हमेशा उन्हें याद किया जाएगा।'' द्रमुक नेता ने लेखक को श्रद्धांजलि देते हुये कहा कि उनके निधन से ‘‘कारीसाल साहित्य पर पूर्ण विराम लग गया है ।'' राजनारायणन का जन्म 1923 में तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में कोविलपट्टी के पास इदाईसेवल गांव में हुआ। अन्नाद्रमुक के संयुक्त समन्वयक के पलानीस्वामी, पीएमके संस्थापक रामदास और एमडीएमके प्रमुख और राज्यसभा सदस्य वाइको ने भी राजनारायणन के निधन पर शोक प्रकट किया।
- नयी दिल्ली। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के बीच फंगल संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा अम्फोटेरिसिन- बी की उपलब्धता बढ़ाने के लिये एक योजना तैयार की है। रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडिविया ने मंगलवार एक ट्वीट में कहा, ‘‘मुकोरमाईसिस (फंगल) के इलाज में काम आने वाली दवा अम्फोटेरिसिनबी की आवश्यकता और आपूर्ति स्थिति की समीक्षा की। हमने इसका घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ दुनियाभर से इसका आयात करने के लिये विनिर्माताओं के साथ मिलकर एक रणनीति तैयार की है।'' मंत्री ने इस दौरान यह देखा की देश में अम्फोटेरिसिन-बी की आपूर्ति में कई गुणा वृद्धि हुई है।एक अन्य ट्वीट में मंत्री ने कहा, ‘‘हमने अम्फोटेरिसिन-बी की आपूर्ति पहले ही कई गुणा बढ़ा दी है। लेकिन वर्तमान में इसकी मांग अचानक बढ़ गई है। मैं आपको आश्वास्त करना चाहता हूं कि इस दवा को जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिये हम जमीन आसमान जहां भी जाना होगा वहां जाने को प्रतिबद्ध हैं।'' मंत्री ने कहा कि दवा की कमी को जल्द से जल्द दूर कर लिया जायेगा। ‘‘हमने दवा वितरण के लिये सक्षम वितरण और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन की पूरी प्रणाली तैयार की है। कमी को जल्द दूर कर लिया जायेगा। मैं राज्यों से भी आग्रह करता हूं कि दवा का पूरी किफायत के साथ दिशानिर्देशों के अनुरूप इस्तेमाल करें।'' रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति की व्यवस्था पर राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) नजर रखेगा।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को गुजरात और केंद्र शासित दमन और दीव का दौरा करेंगे व चक्रवात ‘‘ताउते'' से उत्पन्न हुई परस्थिति और नुकसान का जायजा लेंगे। वह अहमदाबाद में एक समीक्षा बैठक भी करेंगे। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री सुबह साढ़े नौ बजे दिल्ली से रवाना होंगे और सीधे भावनगर पहुंचेंगे। यहां से वह हेलीकॉप्टर के जरिए उना, दीव, जाफराबाद और महुवा इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और नुकसान का जायजा लेंगे। अधिकारियों के मुताबिक वह अहमदाबाद में एक समीक्षा बैठक भी करेंगे।केन्द्र शासित प्रदेश दमन और दीव दो जिलों (दमन और दीव) से मिलकर बना है। दोनों जिले भारत के पश्चिमी घाट पर लगभग 700 किमी की दूरी पर स्थित हैं। दमन इस केन्द्र शासित क्षेत्र का मुख्यालय है। दमन मुख्य भूमि पर स्थित है जबकि दीव एक द्वीप है। ज्ञात हो कि चक्रवात ‘‘ताउते'' से जुड़ी घटनाओं में गुजरात में कम से कम सात लोगों की जान चली गई जबकि इसकी वजह से तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ, बिजली के खंभे तथा पेड़ उखड़ गए तथा कई घरों व सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि ताउते अब कमजोर होकर “चक्रवाती तूफान” में तब्दील हो गया है और जैसे-जैसे उत्तर की तरफ बढ़ेगा यह “गहरे दबाव” में बदल जाएगा। चक्रवाती तूफान के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और करीब 35 तालुका में एक इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण अहमदाबाद के कई इलाकों में दिन में घुटनों तक पानी भर गया।
- नयी दिल्ली । दुनिया भर से प्राप्त सहायता में से 19 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 11,325 ऑक्सीजन सांद्रक, 15,801 ऑक्सीजन सिलेंडर और करीब 6.1 लाख रेमडेसिविर की शीशियां विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 27 अप्रैल से 17 मई के बीच वितरित की गईं। यह जानकारी मंगलवार को केंद्र सरकार ने दी। सरकार को विभिन्न देशों और संगठनों से 27 अप्रैल से ही कोविड-19 राहत चिकित्सीय आपूर्ति एवं उपकरण के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सड़क एवं वायु मार्ग से 11,325 ऑक्सीजन सांद्रक, 15,801 ऑक्सीजन सिलेंडर, 19 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 8526 वेंटिलेटर या बाईपैप और करीब 6.1 लाख रेमडेसिविर की शीशियां 27 अप्रैल से 17 मई के बीच रवाना की गई हैं। मंत्रालय ने बताया कि बड़ी खेप 16-17 मई को ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, भारत-स्विट्जरलैंड चैंबर ऑफ कॉमर्स से वेंटिलेटर बाईपैप और सीपैप (1056), रेमडेसिविर की शीशियां (57,893) के तौर पर प्राप्त हुई हैं।
- नयी दिल्ली ।सरकार द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन पर संपर्क कर 1000 से ज्यादा बच्चे और अभिभावक अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर चुके हैं जिनमें कोविड-19 पृथकवास वार्ड में अकेलापन और माता-पिता के संक्रमित होने के बाद उपजी आक्रामकता जैसी समस्याएं भी शामिल थीं। महामारी के दौरान प्रभावित बच्चों को मनोवैज्ञानिक प्राथमिक चिकित्सा और भावनात्मक समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) बच्चों को संवेदना (सेंसिटाइजिंग एक्शन ऑन मेंटल हेल्थ वल्नरेबिलिटी थ्रू इमोशनल डेवलपमेंट एंड नसेसरी एक्सेप्टेंस) के जरिये टेली काउंसिलिंग उपलब्ध करा रहा है। ‘संवेदना' एक टोल-फ्री हेल्पलाइन है, जिसे प्रभावित बच्चों के मनो-सामाजिक मानसिक सहयोग के लिये शुरू किया गया था। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक सितंबर 2020 से सात मई 2021 के बीच 1009 शिकायतों का समाधान किया गया। औरंगाबाद में एक कोविड-19 पृथकवास केंद्र के एक मामले में, 15 वर्षीय लड़की ने हेल्पलाइन पर बताया कि ज्यादा भाई-बहन होने की वजह से उसे माता-पिता से ज्यादा प्यार नहीं मिला जिससे वह व्यथित है और उसने माता-पिता के उसकी जल्दी शादी के दबाव के बारे में भी बताया। परामर्शदाताओं ने लड़की और उसके माता-पिता से बात की और उन्हें बच्ची की पढ़ाई को बढ़ावा देने को कहा।एक अन्य मामले में छह वर्षीय बच्चे के माता-पिता ने कानपुर से फोन किया और बच्चे के आक्रामक व्यवहार के बारे में चर्चा की, जो संक्रमित होने की वजह से एक पृथकवास केंद्र में था। परामर्शदाताओं ने बच्चे को कहानी सुनाने और खिलौनों से खेलने जैसी विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने के सुझाव दिये। यह सेवा टोल-फ्री नंबर 1800-121-2830 पर सोमवार से शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 8 बजे तक उपलब्ध है। इस नंबर पर फोन करके वो बच्चे परामर्श ले सकते हैं, जो बात करने के इच्छुक हों। जब कोई बच्चा/देखभाल करने वाला/माता-पिता ‘संवेदना' पर संपर्क करते हैं तो उनकी बात सुरक्षित माहौल में पेशेवर परामर्शदाता से कराई जाती है। यह टोल-फ्री टेली-परामर्श सुविधा देशभर के बच्चों को तमिल, तेलुगू, कन्नड़, उड़िया, मराठी, गुजराती, बंगाली आदि जैसी विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में सहायता प्रदान करती है। इस सेवा की शुरुआत सितंबर 2020 में की गई थी।
- बैतूल। बैतूल शहर में 800 रुपये लेकर कोविड-19 टीकाकरण स्लॉट बुक करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गंज पुलिस थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे ने बताया कि 800 रुपये लेकर 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिये कोविड-19 टीकाकरण स्लॉट बुक करने के आरोप में नरेंद्र यादव एवं दिनेश कलमे को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों ने ‘वैक्सीन स्लॉट्स एवलेबल' नाम से एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था और 800 रुपए लेकर ऑनलाइन स्लॉट बुक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ अरविंद भट्ट ने शिकायत की थी।कुमरे ने बताया कि इन दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गये हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों आरोपियों को भादंवि की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोविन पोर्टल के माध्यम से पहले से बुक किए गए स्लॉट के आधार पर मध्य प्रदेश में 18-44 आयु वर्ग के लोगों को मुफ्त में टीका दिया जा रहा है।


























.jpg)
