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- नई दिल्ली। पूर्व एटॉर्नी जनरल और पद्मविभूषण से सम्मानित सोली सोराबजी का आज निधन हो गया। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उन्हें दक्षिण दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 91 वर्षीय सोली सोराबजी विधि क्षेत्र में अपने लंबे और उल्लेखनीय कॅरिअर में कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जाने-माने न्यायविद् सोली सोराबजी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। श्री कोविंद ने एक ट्वीट में कहा कि हमने भारतीय न्यायिक प्रणाली की एक विलक्षण प्रतिभा को खो दिया है। उन्होंने कहा कि सोली सोराबजी उन गिने चुने लोगों में थे जिन्होंने संवैधानिक कानून और न्यायिक प्रणाली पर गहरा असर डाला। राष्ट्रपति कोविंद ने सोली सोराबजी के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने पूर्व एटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। एक ट्वीट में उपराष्ट्रपति ने कहा कि सोली सोराबजी मानवाधिकारों के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने अपने कार्यो से देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई। उन्होंने कहा कि सोली सोराबजी स्वयं में ही एक संस्था और समर्थ विधिवेत्ता थे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके निधन से न्यायिक प्रणाली की अपूरणीय क्षति हुई है। श्री नायडू ने उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जाने-माने न्यायविद सोली सोराबजी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा है कि सोली सोराबजी एक उत्कृष्ट अधिवक्ता और बुद्धिजीवी थे। उन्होंने कहा कि सोली सोराबजी ने कानून के जरिए गरीबों और वंचित लोगों की मदद की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के अटार्नी जनरल के रूप में उनके विशेष कार्यकाल को याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की।
- नई दिल्ली। केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को को आदेश दिया कि जिन जिलों में कोविड-19 के ज्यादा मामले हैं, वहां वायरस के प्रचार को रोकने के लिये गहन और स्थानीय निरूद्ध क्षेत्र बनाने जैसे उपाय किए जाएं । गृह मंत्रालय ने महामारी को देखते हुए मई महीने के लिए जारी नए दिशा-निर्देश में देश में कहीं भी लॉकडाउन लगाने के बारे में कुछ नहीं कहा है। इसने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि उन जिलों की पहचान करें जहां या तो कोविड-19 संक्रमण की दर दस फीसदी से अधिक है या जहां पिछले एक हफ्ते में बिस्तर भरने की दर 60 फीसदी से अधिक है।गृह मंत्रालय ने कहा कि इनमें से किसी भी मानक को पूरा करने वाले जिले को गहन और स्थानीय निरूद्ध क्षेत्र बनाने के उपायों के लिए विचार किया जा सकता है। गृह मंत्रालय के आदेश के साथ सामुदायिक निरूद्ध क्षेत्र और बड़े निरूद्ध क्षेत्र जैसे इलाके बनाने की रूपरेखा लागू करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सलाह को भी इसमें जोड़ा गया है। बयान में कहा गया कि कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश पूरे देश में कड़ाई से लागू रहेगा। गृह मंत्रालय का आदेश 31 मई तक प्रभावी रहेगा।
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नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य पद पर नियुक्ति के लिये आवेदन देने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 14 मई कर दी है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड में चार पूर्णकालिक सदस्य होते हैं।
वित्त मंत्रालय ने मार्च में पद के लिये विज्ञापन दिया था। इसके लिये आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी। मंत्रालय ने गुरुवार को एक अधिसूचना में कहा कि सेबी के पूर्णकालिक सदस्य पद के लिये 24 मार्च, 2021 के जारी परिपत्र के तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 14 मई, 2021 कर दी गयी है। - जयपुर। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। देश के तकरीबन हर राज्य इस समय ऑक्सीजन की कमी, अस्पतालों में बेड्स की कमी और कोरोना से हो रही मौत का सामना कर रहे हैं। हालांकि, इस भयावह माहौल में एक गांव ऐसा भी है, जहां आजतक कोरोना के एक भी केस नहीं आए हैं। यह गांव कोरोना महामारी से पूरी तरह से सुरक्षित है। आइए जानते हैं इस गांव के बारे में...दरअसल, हम राजस्थान के सीकर जिले में पडऩे वाले सुखपुरा गांव की बात कर रहे हैं। राजस्थान का यह गांव खुद को महामारी से बिल्कुल सुरक्षित रखा है, जिसके पीछे सबसे बड़ी वजह है यहां के रहने वाले लोगों का अनुशासन और सावधानी। पिछले साल जब कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लगा था, तो गांव के लोगों ने सभी मुख्य रास्तों को बंद कर दिया था। इसके साथ ही बाहर से आने वाले लोगों की जांच भी शुरू कर दी थी।एक ओर दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण को झेल रही है, तो दूसरी ओर अरावली की पहाडिय़ों की तलहटी में बसे करीब 3 हजार की आबादी वाले सुखपुरा गांव में अब तक संक्रमण के एक भी केस सामने नहीं आए हैं। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान गांव के लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर सभी रास्तों को बंद कर दिया था और गांव के बाहर ही आइसोलेशन और क्वारंटाइन सेंटर बना दिया था।आइसोलेशन और क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले लोगों के लिए ग्रामीणों ने खाने-पीने का भी प्रबंध किया था। इसके साथ ही गांव में साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया। इन्हीं सब वजहों से गांव के सभी लोग कोरोना को लेकर आज भी सुरक्षित हैं। कोरोना के कारण राजस्थान में भी हालात काफी खराब हो गए हैं। लेकिन सुखपुरा गांव ना केवल राजस्थान में बल्कि पूरे देश में सुरक्षित रहने का मिसाल पेश कर रहा है।--
- भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक मई से 18 से 44 वर्ष के आयु वाले व्यक्तियों का कोरोना टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जाना था, लेकिन टीका निर्माता कंपनियों से टीका प्राप्त नहीं होने के कारण यह अभियान एक मई से प्रारंभ नहीं किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन मई को टीकों की खुराक मिलने की संभावना है और उसके बाद इस आयु वर्ग का टीकाकरण का कार्य किया जाएगा। हालांकि, चौहान ने कहा कि 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों के टीकाकरण का कार्य निरंतर जारी रहेगा। चौहान ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में कोरोना टीकाकरण कार्य की समीक्षा करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ''कोरोना का टीका 18 वर्ष से 44 वर्ष तक के उम्र वाले व्यक्तियों को भी नि:शुल्क लगाया जाएगा। जैसे-जैसे निर्माता कंपनियों से टीकों की खुरका प्राप्त होंगे, वैसे-वैसे टीकाकरण किया जाएगा।'' चौहान ने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर टीकाकरण के लिए नए केंद्र स्थापित किए जायें, अस्पतालों में टीकाकरण कार्य नहीं किया जाए। मध्य प्रदेश में 28 अप्रैल तक कोविड-19 टीके की 80 लाख 66 हजार 980 खुराक दी गईं, जिनमें से 70 लाख 19 हजार 763 पहली खुराक तथा 10 लाख 47 हजार 217 दूसरी खुराक दी गईं हैं।---
- नई दिल्ली/चंडीगढ़। कोरोना वायरस से गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज में काम आ रही एंटी वायरल दवा रेमडेसिवीर की कालाबाजारी के आरोप में गुरुवार को दिल्ली से एक डॉक्टर और प्रयोगशाला तकनीशियन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अधिकारी ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस के नारकॉटिक्स प्रकोष्ठ ने दो संदिग्धों 32 वर्षीय डॉक्टर विष्णु अग्रवाल और प्रयोगशाला तकनीशियन निखिल गर्ग (22) को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से आठ इंजेक्शन बरामद किये गये हैं। पुलिस ने बताया कि वे 45 हजार रुपये में इंजेक्शन बेच रहे थे।इस बीच चंडीगढ़ में हरियाणा पुलिस ने बताया कि उसने इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में पानीपत जिले से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक बयान में बताया कि एक आरोपी प्रमुख नैदानिक प्रयोगशाला का प्रबंधक है जबकि दूसरा एक अस्पताल में दवा की दुकान चलाता है। उन्होंने बताया कि आरोपी रेमडेसिवीर की एक शीशी 20,000 रुपये में बेच रहे थे और शुरुआती जांच में पता चला है कि वे अबतक 12 इंजेक्शन बेच चुके हैं।
- भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम के लिए लोकहित में मध्य प्रदेश में उत्तरप्रदेश राज्य से आने तथा जाने वाले बस परिवहन संचालन को सात मई तक स्थगित कर दिया है। मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ''सचिव, राज्य परिवहन प्राधिकारी एवं अपर परिवहन आयुक्त ने 29 अप्रैल से 7 मई 2021 तक मध्य प्रदेश की समस्त यात्री बस वाहनों का उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश तथा उत्तर प्रदेश की समस्त यात्री बस वाहनों का मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश स्थगित करने का गुरुवार को आदेश जारी किया है।
- चंडीगढ़ । चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में इलाज करा रहे 42 वर्षीय मरीज ने गुरुवार को कथित तौर पर अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस का कहना है वे मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं, स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) ने एक बयान में कहा कि पंचकुला निवासी कोविड मरीज को 11 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। बयान में कहा गया कि उपचार के बाद मरीज को 28 अप्रैल को निजी वार्ड में स्थानांतरित किया गया था।इसके मुताबिक, मरीज बृहस्पतिवार दोपहर को अपने कमरे की खिड़की से कूद गया। बयान में कहा गया, ''मरीज को तत्काल अस्पताल की आपातकालीन सेवा में ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मरीज का अवसाद को लेकर भी उपचार जारी था।
- नयी दिल्ली। श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के न्यासी बोर्ड ने कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना, (ईडीएलआई) 1976 के तहत दी जाने वाली अधिकतम बीमा राशि 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी है। श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता वाला ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने नौ सितंबर, 2020 को डिजिटल तरीके से आयोजित बैठक में ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर 7 लाख रुपये करने का निर्णय किया था। सीबीटी ने 14 फरवरी, 2020 के बाद न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपये बरकरार रखने का भी निर्णय किया था।गंगवार ने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बुधवार (28 अप्रैल) को ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर 7 लाख रुपये करने के फैसले को लागू करने के लिये अधिसूचना जारी कर दी। श्रम सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि अधिकतम बीमा राशि अधिसूचना की तारीख से लागू होगी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपये पूर्व की तिथि 15 फरवरी, 2020 से लागू होगी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 15 फरवरी, 2018 को एक अधिसूचना के जरिये ईडीएलआई के तहत न्यूनतम बीमा राशि बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया था। यह वृद्धि दो साल के लिये की गयी थी। इसकी अवधि 15 फरवरी, 2020 को समाप्त हो गयी। इसीलिए, उक्त लाभ को 15 फरवरी से आगे जारी रखने और पूर्व की तिथि से प्रभाव में रखने के लिये संशोधन को फिर से अधिसूचित किया गया है। मंत्रालय के अनुसार इससे किसी व्यक्ति का हित प्रभावित नहीं होगा। सीबीटी ने अधिकतम बीमा राशि 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये करने के लिये सितंबर 2020 में ईडीएलआई, 1976 के पैराग्राफ 22 (3) में संशोधन को मंजूरी दी थी। इस संशोधन का मकसद योजना से जुड़े उन सदस्यों के परिवार और आश्रितों को राहत प्रदान करना है जिनका सेवा में रहते दुर्भाग्यपूर्ण निधन हो जाता है। सीबीटी की मार्च 2020 में हुई बैठक में ईपीएफओ न्यासियों ने न्यूनतम 2.5 लाख रुपये का निश्चित लाभ उस मृतक कर्मचारी के परिवार के सदस्यों को देने की सिफारिश की, जिनका निधन सेवा के दौरान हो जाता है। पूर्व में यह व्यवस्था थी कि न्यूनतम 2.5 लाख रुपये और अधिकतम 6 लाख रुपये की बीमा राशि उस स्थिति में नहीं मिलेगी जहां सदस्य ने मृत्यु वाले महीने के पहले 12 महीने की अवधि में एक से अधिक प्रतिष्ठान में काम किया है। बोर्ड की मार्च 2020 में 226वीं बैठक में सदस्य के कई प्रतिष्ठानों में काम करने की स्थिति में ये ये लाभ देने को मंजूरी दी गयी।
- नई दिल्ली। भारत में पूरी वयस्क आबादी को कोविड वायरस का टीका लगाने का अभियान शुरू होने से पहले हैदाराबाद की कंपनी भारत बॉयोटेक ने कोविड-19 के टीके कोवैक्सीन का मूल्य राज्यों के लिए 600 रुपये प्रति डोज से एक तिहाई घटा कर 400 रुपये करने की को घोषणा की।यह देश की दूसरी वैक्सीन विनिर्माता है जिसने अपने टीके की दर कम की है। इससे पहले पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अपनी वैक्सीन का दाम राज्यों के लिए एक चौथाई कम किया था।भारत बॉयोटेक ने शनिवार को राज्यों और निजी क्षेत्र के लिए अपने टीके की कीमत कम्रश: 600 और 1200 रुपये प्रति डोज (खुराक) रखने की घोषणा की थी। कंपनी ने ताजा घोषणा में कहा है, ''स्वास्थ्य प्रणाली के समक्ष विशाल चुनौती को देखते हुए, हमने राज्य सरकारों को टीका 400 रुपये प्रति डोज की दर से उपलब्ध कराने का निर्णय किया है।'' कंपनी ने देश में इस समय महामारी की गंभीर स्थिति को लेकर चिंता जतायी है।
- नयी दिल्ली । राष्ट्रीय महिला आयोग ने देश भर में गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सहायता मुहैया करने के मकसद से एक व्हाट्सऐप हेल्प्लाइन नंबर की शुरुआत की है। आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा गया है कि उसके संज्ञान में यह बात आई है कि गभर्वती महिलाओं को चिकित्सा सहायता मिलने में कठिनाई पेश आ रही है और ऐसे में यह हेल्पलाइन नंबर आरंभ करने का फैसला हुआ। महिला आयोग ने कहा, ‘‘गर्भवती महिलाएं इस हेल्पलाइन नंबर- 9354954224 के माध्यम से आयोग से संपर्क साध सकती हैं। यह नंबर 24 घंटे चालू रहेगा।'' उसने बताया कि इस नंबर पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक टीम मौजूद रहेगी। गर्भवती महिलाएं ‘हेल्पएटएनसीडब्ल्यू@जीमेल डॉट कॉम‘ के जरिए भी संपर्क कर सकती हैं।
- नयी दिल्ली। भारतीय वायुसेना बृहस्पतिवार को बैंकॉक, सिंगापुर और दुबई से 13 खाली क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर स्वदेश लाई। भारत कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है और कई राज्यों के अस्पतालों में चिकित्सीय ऑक्सीजन तथा बिस्तरों की कमी है। एक आधिकारिक बयान में बताया गया, ‘‘भारतीय वायुसेना फिलहाल खाली क्रायोजेनिक कंटेनर का तीन स्थानों से परिवहन कर रही है। तीन कंटेनर बैंकॉक से, चार सिंगापुर से और छह कंटेनर दुबई से लाए गए हैं।'' वायुसेना देश के अंदर ऑक्सीजन टैंकर और सिलेंडर के परिवहन के लिए कई घरेलू उड़ानों का संचालन कर रही है। इसने कहा कि बृहस्पतिवार को तीन ऑक्सीजन टैंकर हिंडन से रांची ले जाए गए, दो चंडीगढ़ से रांची, दो चंडीगढ़ से भुवनेश्वर, चार मुंबई से भुवनेश्वर, दो लखनऊ से रांची और दो जोधपुर से जामनगर ले जाए गए। वायुसेना ने कहा कि सी-17 विमान की मदद से इन टैंकरों का परिवहन किया गया। भारतीय वायुसेना शुक्रवार से खाली ऑक्सीजन टैंकर और कंटेनर देश के विभिन्न फिलिंग स्टेशनों पर पहुंचा रही है ताकि कोविड-19 रोगियों को मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके।
- मुंबई । कोविड-19 मरीजों के इलाज में चिकित्सीय ऑक्सीजन की कमी के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बंबई ने एक नाइट्रोजन इकाई को ऑक्सीजन उत्पादन इकाई में बदल कर समस्या के समाधान का तरीका खोजा है। संस्थान की तरफ से बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रायोगिक आधार पर किये गए एक सफल प्रयोग के तहत प्रेशर स्विंग एडसॉर्प्शन (पीएसए) नाइट्रोजन इकाई को साधारण तकनीकी बदलाव कर पीएसए ऑक्सीजन इकाई में बदल दिया गया। इसमें दावा किया गया कि आईआईटी-बंबई द्वारा किये गए शुरुआती परीक्षणों के आशानुकूल परिणाम आए हैं।बयान में कहा गया कि इसके जरिये “3.5 वायुमंडलीय दबाव पर 93 से 96 प्रतिशत शुद्धता के साथ” ऑक्सीजन उत्पादन हासिल किया जा सकता है। इसमें कहा गया कि इस गैसीय ऑक्सीजन का इस्तेमाल कोविड-19 की जरूरतों के मद्देनजर मौजूदा अस्पतालों या आगे बनने वाले अस्पतालों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिये किया जा सकता है। बयान में संस्थान के डीन (आर एंड डी) प्रोफेसर मिलिंद अत्रे को उद्धृत करते हुए कहा गया, “यह (नाइट्रोजन इकाई को ऑक्सीजन इकाई में बदलना) मौजूदा नाइट्रोजन संयंत्र की व्यवस्था में हल्का बदलाव और कार्बन से जियोलाइट अणुओं को पृथक कर किया गया।” अत्रे ने कहा कि वायुमंडल में मौजूद हवा को कच्चे माल के तौर पर लेने वाले ऐसे नाइट्रोजन संयंत्र भारत भर में विभिन्न औद्योगिक संयंत्रों में मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “इस तरह, उनमें से प्रत्येक को संभवत: ऑक्सीजन उत्पादक में बदला जा सकता है और इससे मौजूदा जन स्वास्थ्य की आपात स्थिति पर काबू पाने में मदद मिलेगी।-file photo
- नोएडा । साहित्य जगत के सशक्त हस्ताक्षर एवं देश दुनिया में उत्तर प्रदेश को पहचान दिलाने वाले लेखक व कवि डॉ कुंवर बेचैन की बृहस्पतिवार को नोएडा के कैलाश अस्पताल में कोविड-19 के संक्रमण की वजह से उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। करीब 2 सप्ताह पहले कोरोना संक्रमित होने के बाद डॉ कुंवर बेचैन को नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत धीरे-धीरे सुधर रही थी, लेकिन बुधवार रात को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, तथा उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। बृहस्पतिवार दोपहर को उनका निधन हो गया। युवा कवि डॉक्टर कुमार विश्वास ने डॉ बेचैन के निधन की जानकारी ट्वीट करके दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘ मेरे कक्षागुरु, मेरे शोधआचार्य, मेरे चाचा जी, हिंदी गीत के राजकुमार और अनगिनत शिष्यों के जीवन में प्रकाश भरने वाले डॉ कुंवर बेचैन ने ईश्वर के सुरलोक की ओर प्रस्थान किया। कोरोना ने मेरे मन का एक कोना मार दिया।'' डॉ बेचैन कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे। उन्हें नोएडा व गाजियाबाद में कहीं पर अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा था। तब प्रखर कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट करके लोगों से मदद मांगी थी। गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ महेश शर्मा ने उनके ट्वीट का संज्ञान लिया, उन्हें सेक्टर 27 स्थित अपने अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉ कुंवर बेचैन गाजियाबाद के नेहरू नगर में रहते थे। उनकी पत्नी भी कोविड-19 से संक्रमित हैं, उनका उपचार सूर्या अस्पताल में चल रहा है।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के साथ कोविड-19 प्रबंधन को लेकर सेना की ओर से उठाए गए कदमों और अन्य तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सेना प्रमुख नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि सेना ने अपने चिकित्सा कर्मचारियों को राज्य सरकारों की सेवा में तैनात किया है और साथ ही वह देश के विभिन्न भागों में अस्थायी अस्पताल बना रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘कोविड-19 के खिलाफ जंग में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।'' इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक नरवणे ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर कोविड प्रबंधन के लिए सेना की तैयारियों और पहलों की जानकारी दी और उन्हें बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सेना की ओर से अस्थायी अस्पतालों का भी निर्माण किया जा रहा है। नरवणे ने प्रधानमंत्री को बताया कि जहां संभव हो रहा है वहां सेना के अस्पतालों को आम जनता की सेवा में इस्तेमाल किया जा रहा है और इसके लिए आम नागरिक चाहें तो पास के सेना के अस्पताल से संपर्क साध सकते हैं। सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को इस बात से भी अवगत कराया कि आयात किए गए ऑक्सीजन टैंकरों और गाड़ियों के प्रबंधन में जहां विशेषज्ञ कौशल की जरूरत पड़ रही है वहां सेना के श्रमबल की ओर से मदद पहुंचाई जा रही है। देश में तेजी से बढ़ते कोविड-19 के मामलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और वायुसेना अध्यक्ष आर के एस भदौरिया से मुलाकात कर सेना के विभिन्न अंगों द्वारा इस महामारी से लड़ने के मद्देनजर उठाए गए कदमों की तैयारियों का जायजा लिया था।
- नयी दिल्ली । पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को, कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से छुट्टी मिल गई। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।गत 19 अप्रैल को 88 साल के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को हल्का बुखार होने के बाद जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता चला था। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री ने चार मार्च और तीन अप्रैल को कोरोना के टीकों की दो खुराक ली थी।पिछले साल एक नई दवा के कारण रिएक्शन और बुखार होने के बाद मनमोहन सिंह को एम्स में भर्ती कराया गया था। कई दिनों के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी। डॉक्टर मनमोहन सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और फिलहाल राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं।
- औरंगाबाद । भाजपा नेता और महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई हैं और पृथक-वास में हैं। भाजपा की राष्ट्रीय सचिव ने ट्विटर पर कहा, “ मेरी कोरोना वायरस जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। मैं पृथक-वास में हूं और सभी ऐहतियात बरत रही हूं। मैं बहुत से कोरोना पीड़ितों और उनके परिवारों से मिली थी, मुझे वहीं से संक्रमण हुआ होगा।” मुंडे ने उनके संपर्क में आने वाले लोगों से जांच कराने की अपील की है।पूर्व में दो बार कोविड-19 से ग्रस्त हो चुके सामाजिक न्यायमंत्री धनंजय मुंडे ने अपनी चचेरी बहन के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया, “मैंने दो बार इस वायरस का सामना किया है। चिकित्सक के परामर्श पर उपचार शुरू करें और परिवार के अन्य लोगों की भी जांच कराएं।
- नई दिल्ली। विभिन्न चैनलों व एजेंसियों द्वारा गुरुवार को जारी किए गए एक्जिट पोल के नतीजों में पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का पूर्वानुमान जताया गया है जबकि केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चे और असम में भाजपा के फिर से सत्ता में लौटने का अनुमान व्यक्त किया गया है।एक्जिट पोल के अनुमानों के मुताबिक, तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्नाद्रमुक मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सत्ता से बाहर जा सकती है और एक दशक के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सत्ता में वापसी कर सकती है। कुछ चुनावी सर्वेक्षणों के मुताबिक पुडुचेरी में कांग्रेस के हाथ से सत्ता जा सकती है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के तहत आठवें और आखिरी चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही चैनलों और एजेंसियों के एक्जिट पोल सामने आने लगे। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। रिपब्लिक-सीएनएक्स के सर्वेक्षण में भाजपा को तृणमूल कांग्रेस पर थोड़ी बढ़त दिखायी गई है। उसके मुताबिक राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 138 से 148 सीटें मिल सकती है जबकि तृणमूल कांग्रेस 128 से 138 सीटों के बीच सिमट सकती है। हालांकि, टाइम्स नाउ-सी वोटर के सर्वेक्षण में तृणमूल कांग्रेस को 162 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है जबकि भाजपा को 115 सीटें मिल सकती हैं। इंडिया टुडे-एक्सिस के सर्वेक्षण के मुताबिक 126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा 75 से 85 सीटें जीतकर एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 40 से 50 सीटें मिल सकती हैं। टुडेज चाणक्या के सर्वेक्षण के मुताबिक असम में भाजपा को 70 सीटें जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 56 सीटें मिल सकती हैं। केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार के फिर से सत्ता में लौटने का अनुमान जताया गया है और तमिलनाडु में द्रमुक के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन सत्ता में वापसी कर सकता है। जन की बात ने अपने सर्वेक्षण में पश्चिम बंगाल में भाजपा को 162 से 185 सीटें मिलने का अनुमान जताया है जबकि उसके मुताबिक तृणमूल कांग्रेस 104 से 121 सीटों पर सिमट सकती है।
- -‘रैंडमाइज्ड क्लीनिकल’ अध्ययन के दौरान हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण में दवा का सुरक्षित होना और इसकी प्रभावकारिता साबित हुई: डॉ. अरविंद चोपड़ा-लक्षणविहीन संक्रमण, हल्के तथा मध्यम संक्रमण के लिए इसे अनुशंसित किया जा सकता है: डॉ. वी.एम. कटोच-"राज्य लाइसेंसिंग अधिकारियों के लिए भी अनुशंसित"-आयुष-सीएसआईआर का साझा अध्ययन बहुत उत्साहजनक: डॉ. पटवर्धननई दिल्ली । कोविड-19 महामारी के विश्वव्यापी कहर के बीच ‘आयुष 64’ दवा हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के रोगियों के लिए आशा की एक किरण के रूप में उभरी है। देश के प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने पाया है कि आयुष मंत्रालय की केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा विकसित एक पॉली हर्बल फॉर्मूला आयुष 64, लक्षणविहीन, हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के लिए मानक उपचार की सहयोगी (adjunct to standard care) के तौर पर लाभकारी है। उल्लेखनीय है कि आयुष 64 मूल रूप से मलेरिया की दवा के रूप में वर्ष 1980 में विकसित की गई थी तथा कोविड 19 संक्रमण हेतु पुनरुद्देशित (repurpose) की गई है। हाल ही में आयुष मंत्रालय तथा-सीएसआईआर द्वारा हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन में आयुष 64 की प्रभावकारिता और इसके सुरक्षित होने का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक और गहन बहु-केंद्र नैदानिक (क्लीनिकल) परीक्षण पूरा किया गया है।आयुष 64, सप्तपर्ण (Alstonia scholaris), कुटकी (Picrorhiza kurroa), चिरायता (Swertia chirata) एवं कुबेराक्ष (Caesalpinia crista) औषधियों से बनी है। यह व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर बनाई गयी है और सुरक्षित तथा प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है। इस दवाई को लेने की सलाह आयुर्वेद एवं योग आधारित नेशनल क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल (National Clinical Management Protocol based on Ayurveda and Yoga)’ द्वारा भी दी गयी है जोकि आईसीएमआर की कोविड प्रबंधन पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स (National Task Force on COVID Management) के निरीक्षण के बाद जारी किया गया था।पुणे के सेंटर फॉर रूमेटिक डिसीज के निदेशक और आयुष मंत्रालय के ‘आयुष मंत्रालय-सीएसआईआर सहयोग’ के मानद मुख्य नैदानिक समन्वयक डॉ. अरविंद चोपड़ा ने बताया कि परीक्षण तीन केंद्रों पर आयोजित किया गया था। इसमें KGMU, लखनऊ; DMIMS, वर्धा और BMC कोविड केंद्र, मुंबई शामिल रहे तथा प्रत्येक केंद्र में 70 प्रतिभागी शामिल रहे। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि आयुष 64 ने मानक चिकित्सा (Standard of Care यानी एसओसी) के एक सहायक के रूप में महत्वपूर्ण सुधार प्रदर्शित किया। और इस तरह इसे एसओसी के साथ लेने पर अकेले एसओसी की तुलना में अस्पताल में भर्ती होने की अवधि भी कम देखी गई। उन्होंने यह भी साझा किया कि सामान्य स्वास्थ्य, थकान, चिंता, तनाव, भूख, सामान्य हर्ष और नींद पर आयुष 64 के कई महत्वपूर्ण, लाभकारी प्रभाव भी देखे गए। निष्कर्ष रूप में डॉ. चोपड़ा ने कहा कि इस तरह के ‘नियंत्रित दवा परीक्षण अध्ययन’ ने स्पष्ट सबूत दिए हैं कि आयुष 64 को कोविड -19 के हल्के से मध्यम मामलों का उपचार करने के लिए मानक चिकित्सा के सहायक के रूप में प्रभावी और सुरक्षित दवा के रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो रोगी आयुष 64 ले रहे हैं, उनकी निगरानी की अभी भी आवश्यकता होगी ताकि अगर बीमारी और बिगड़ने की स्थिति हो तो उसमें अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ऑक्सीजन और अन्य उपचार उपायों के साथ अधिक गहन चिकित्सा की आवश्यकता की पहचान की जा सके।आयुष नेशनल रिसर्च प्रोफेसर तथा कोविड-19 पर अंतर-विषयक आयुष अनुसंधान और विकास कार्य बल (Inter-disciplinary Ayush Research and Development Task Force on COVID-19) के अध्यक्ष डॉ. भूषण पटवर्धन ने कहा कि आयुष 64 पर हुए इस अध्ययन के परिणाम अत्यधिक उत्साहजनक हैं और आपदा की इस कठिन घड़ी में ज़रूरतमंद मरीज़ों आयुष 64 का फायदा मिलना ही चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आयुष-सीएसआईआर संयुक्त निगरानी समिति (Ayush-CSIR Joint Monitoring Committee) ने इस बहु-केंद्रीय परीक्षण की निगरानी की थी। स्वास्थ्य शोध विभाग के पूर्व सचिव तथा आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी एम कटोच इस समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष 64 पर हुए इन नैदानिक अध्ययनों (clinical studies) की समय-समय पर एक स्वतंत्र संस्था 'डेटा और सुरक्षा प्रबंधन बोर्ड' (Data and Safety Management Board यानी डीएसएमबी) द्वारा समीक्षा की जाती थी।डॉ. पटवर्धन के दावे की पुष्टि करते हुए आयुष-सीएसआईआर संयुक्त निगरानी समिति के अध्यक्ष डॉ वीएम कटोच ने बताया कि समिति ने आयुष 64 के अध्ययन के परिणामों की गहन समीक्षा की है। उन्होंने कोविड-19 के लक्षणविहीन संक्रमण, हल्के तथा मध्यम संक्रमण के प्रबंधन के लिए इसके उपयोग की संस्तुति की। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इस निगरानी समिति ने आयुष मंत्रालय से सिफारिश की है कि वह राज्यों के लाइसेंसिंग अधिकारियों / नियामकों (Regulators) को आयुष 64 के इस नये उपयोग (Repurposing) के अनुरूप इसे हल्के और मध्यम स्तर के कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन में उपयोगी के तौर पर सूचित करे। केंद्रीय आयुर्वेदीय अनुसन्धान संस्थान (CCRAS) के महानिदेशक डॉ. एन. श्रीकांत ने विस्तार से बताया कि CSIR-IIIM, DBT-THSTI, ICMR-NIN, AIIMS जोधपुर और मेडिकल कॉलेजों सहित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़; किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ; गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नागपुर; दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नागपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आयुष 64 पर अध्ययन जारी हैं। अब तक मिले परिणामों ने हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमणों से निबटने में इसकी भूमिका स्पष्ट तौर पर जाहिर की है। उन्होंने यह भी बताया कि सात नैदानिक (क्लीनिकल) अध्ययनों के परिणाम से पता चला है कि आयुष 64 के उपयोग से संक्रमण के जल्दी ठीक होने (Early clinical recovery) और बीमारी के गंभीर होने से बचने के संकेत मिले हैं।
- जयपुर। राजस्थान मानवाधिकार आयोग के सदस्य न्यायाधीश महेश चंद्र शर्मा का आज दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। वे 64 साल के थे। बेचैनी होने पर शर्मा को एसएमएस अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में पत्नी, पुत्र व अन्य सदस्य हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, आयोग के अध्यक्ष जी के व्यास ने शर्मा के निधन पर शोक जताया है।
- नई दिल्ली। तीसरे चरण के कोविड टीकाकरण के लिए कल से अब तक एक करोड़ 70 लाख लोग कोविन पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं। 18 वर्ष और इससे अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण शनिवार से शुरू होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविन डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कल बिना किसी तकनीकी बाधा के काम किया।मंत्रालय ने बताया कि शाम चार बजे से शाम 7 बजे तक के पहले तीन घंटे में 80 लाख से जयादा लोगों ने पंजीकरण कराया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोविन प्लेटफॉर्म के क्रैश हो जाने की मीडिया में आ रही खबरें निराधार हैं।मंत्रालय ने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि प्रणाली बिना किसी व्यवधान के काम कर रही है। मंत्रालय ने कहा कि कोविन सॉफ्टवेयर मजबूत, विश्वसनीय और कुशल तकनीक है और इससे किसी भी स्थान से किसी भी समय टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा कि इस विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म को डिजाइन करते समय इसकी गति और बड़े पैमाने पर कार्यक्षमता को ध्यान में रखा गया है।
- नई दिल्ली। सरकार ने 17 चिकित्सा उपकरणों के आयात की तीन माह के लिये मंजूरी दे दी। यह मंजूरी कुछ शर्तों के साथ दी गई है। आयातकों को सीमा शुल्क से माल की मंजूरी और घरेलू बाजार में ऐसे उत्पादों की बिक्री से पहले जरूरी जानकारी देनी होगी।सरकार ने नेबुलाइजर, आक्सीजन, कंस्ट्रेटर्स, आक्सीजन कैनिस्टर, आक्सीजन सिलेंडर, आक्सीजन जनरेटर और वेंटीलेटर्स सहित कुल 17 चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति दी है। इस संबंध में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है।खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में सरकार ने चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति दी है जिसमें सीमा शुल्क मंजूरी मिलने के बाद और घरेलू बाजार में बिक्री से पहले वैध माप- पद्धति नियम 2011 के तहत ऐसे उत्पादों के बारे में जरूरी घोषणा करनी होगी। सरकार के इस कदम से कोविड- 19 के तहत आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने 28 अप्रैल को जारी आदेश में इसकी जानकारी देते हुये कहा कि मौजूदा महामारी की स्थिति को देखते हुये चिकित्सा उपकरणों की मांग काफी बढ़ी है। ऐसे में मौजूदा स्वास्थ्य चिंतओं को ध्यान में रखते हुये चिकत्सा उद्वोग को इनकी तुरंत आवश्यकता है।
- देहरादून ।कोविड मामलों में जबरदस्त उछाल के चलते अगले माह शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है । यहां बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि महामारी की स्थिति के बीच यात्रा का संचालन संभव नहीं है । उन्होंने हालांकि, कहा कि चारधाम के नाम से मशहूर चारों हिमालयी धामों के कपाट अपने नियत समय पर ही खुलेंगे लेकिन वहां केवल तीर्थ पुरोहित ही नियमित पूजा करेंगे । रावत ने कहा, ' ‘तेजी से बढ रहे कोविड मामलों को देखते हुए चारधाम यात्रा को फिलहाल स्थगित किया जाता है । वहां केवल पुजारी ही पूजा पाठ करेंगे, बाकी लोगों के लिए यात्रा बंद रहेगी । देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तराखंड में भी कोविड मामलों में जबरदस्त वृद्धि हुई है । बुधवार को भी उत्तराखंड में रिकार्ड 6054 मरीजों में कोविड की पुष्टि हुई जबकि 108 अन्य ने महामारी से अपनी जान गंवा दी । चौदह मई को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे । रूद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ के कपाट 17 मई को जबकि चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ के कपाट उसके एक दिन बाद 18 मई को खोले जाएंगे ।
- नयी दिल्ली। दिल्लीवासियों के लिए बृहस्पतिवार की सुबह गर्म रही जहां न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में सुबह साढ़े आठ बजे हवा में नमी का स्तर 38 प्रतिशत दर्ज किया गया। आज अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आस-पास रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने आसमान पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। बुधवार को, राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- प्रतापगढ़ ।प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आ कर मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बृहस्पतिवार को बताया कि आसपुर देवसरा क्षेत्र के पट्टी-ढखवा मार्ग पर तेलियानी गांव के निकट 28/29 अप्रैल की दरमियानी रात ट्रक की चपेट में आ कर एक मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि मरने वालों में दीपक गौतम (19), सूरज (20) और साहिल (19) शामिल हैं। घटना के बाद ट्रक चालक अपना वाहन छोड़कर भाग गया। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।


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