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- पुरी। ओडिशा में कोविड-19 मामलों में वृद्धि को देखते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने 12वीं शताब्दी के इस मंदिर में भक्तों का प्रवेश 15 मई तक रोकने का शनिवार को फैसला किया। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा कि हालांकि, इस दौरान भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा, और भगवान जगन्नाथ के दैनिक अनुष्ठान सेवादारों और मंदिर प्राधिकारियों की मदद से जारी रहेंगे। इस बैठक में मंदिर के सेवादारों के प्रतिनिधियों ने अलावा, पुरी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। यह भी तय किया गया कि रथों के निर्माण के लिए सभी तैयारियां परंपराओं के अनुसार जारी रहेंगी। एसजेटीए चंदन यात्रा, स्नान यात्रा और रथयात्रा के दौरान उपयोग के लिए मास्क और सेनिटाइज़र की खरीद के लिए कदम उठाएगा। वार्षिक रथयात्रा इस वर्ष 12 जुलाई को होगी।कुमार ने कहा, ‘‘कोविड-19 के चलते उत्पन्न गंभीर चुनौती पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी इस बात पर एकमत थे कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ की निति-कांति (अनुष्ठान) की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।'' सेवादारों और मंदिर के प्राधिकारियों के परिवारों की नियमित स्क्रीनिंग और जांच करने का भी निर्णय लिया गया। रथयात्रा से संबंधित अनुष्ठान अक्षय तृतीया (15 मई) से शुरू होंगे।उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार नीलांचल यात्री निवास में एक कोविड-19 देखभाल केंद्र को मजबूत किया जाएगा। मंदिर में दैनिक अनुष्ठानों में शामिल होने वाले व्यक्तियों और रथयात्रा के लिए रथ के निर्माण में लगे लोगों के के टीकाकरण ध्यान दिया जाएगा। बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि फेस मास्क, सेनिटेशन और हाथ धोने के उपयोग और सामाजिक दूरी बनाये रखने पर जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेगा। एसजेटीए ने कहा कि वह छह मई को स्थिति की समीक्षा करेगा।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारत केवल 99 दिन में कोविड रोधी टीके की 14 करोड़ खुराक दे चुका है और यह गति दुनिया में सबसे तेज है। मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को रात आठ बजे तक टीके की 24 लाख से अधिक खुराक दी गईं। रात आठ बजे तक के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार देश में कोविड रोधी टीके की अब तक कुल 14,08,02,794 खुराक दी गई हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत केवल 99 दिन में कोविड-19 रोधी टीके की 14 करोड़ खुराक देकर दुनिया में सबसे तेज गति से ऐसा करने वाला देश बन गया है।
- चंडीगढ़। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कई अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन की कमी की जानकारी दिए जाने के चलते पंजाब सरकार ने शनिवार को राज्य के लौह एवं इस्पात उद्योग को बंद करके इसकी ऑक्सीजन के चिकित्सीय इस्तेमाल के आदेश दिए। पंजाब में लौह और इस्पात उद्योग की अधिकतर इकाइयां लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ में स्थित हैं।पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य और जिला स्तर पर तत्काल ऑक्सीजन निंयत्रण कक्ष बनाने के भी आदेश दिए हैं। यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने लौह व इस्पात संयंत्रों में औद्योगिक संचालन को बंद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार अपने इस निर्णय से केंद्र सरकार को अवगत कराएगी। अमृतसर में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से एक निजी अस्पताल में छह मरीजों की मौत के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।
- नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों (डीपीएसयू) और आयुध कारखाना बोर्ड (ओएफबी) के सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों को कोरोना वायरस से संक्रमित आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की अनुमति दे दी गई है। सिंह ने यह भी कहा कि सशस्त्र बल और रक्षा मंत्रालय महामारी से निपटने के लिये नागरिक प्रशासनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।रक्षा मंत्री ने भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के विरूद्ध लड़ाई में सहयोग कर रहीं मंत्रालय की विभिन्न इकाइयों के प्रयासों की शनिवार को समीक्षा करने के बाद ये बातें कहीं। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिये चिकित्सीय ऑक्सीजन की कमी के मद्देनजर भारतीय नौसेना के कई जहाजों को ऑक्सीजन टैंकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिये तैयार रखा गया है। इससे पहले सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक की, जिसमें प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और रक्षा एवं अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने ट्वीट किया, ''कोविड-19 महामारी की मौजूदा लहर से निपटने के लिये रक्षा मंत्रालय और सेना के तीनों अंगों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये समीक्षा की। सशस्त्र बल और रक्षा मंत्रालय नागरिक प्रशासन को हरसंभव मदद मुहैया कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।'' उन्होंने कहा कि डीआरडीओ दिल्ली हवाई अड्डे के निकट स्थित अपने सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में शनिवार शाम तक 250 और बिस्तरों का प्रबंध करेगा। इसके बाद अस्पताल में बिस्तरों की कुल संख्या बढ़कर 500 हो जाएगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि गुजरात में 1,000 बिस्तरों वाले अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है।
- नयी दिल्ली । ‘भारत बायोटेक' कंपनी ने शनिवार को बताया कि वह अपने कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सीन' को राज्य सरकारों को प्रति खुराक 600 रुपये और निजी अस्पतालों को प्रति खुराक 1,200 रुपए में उपलब्ध करायेगी। हैदराबाद की इस कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एम एल्ला ने कहा कि उनकी कंपनी केन्द्र सरकार को 150 रुपये प्रति खुराक की दर से कोवैक्सीन की आपूर्ति कर रही है। एल्ला ने कहा, ‘‘हम यह बताना चाहते हैं कि कंपनी की आधी से अधिक उत्पादन क्षमता केन्द्र सरकार को आपूर्ति के लिए आरक्षित की गई है।'' उन्होंने कहा कि कोविड-19, चिकनगुनिया, जीका, हैजा और अन्य संक्रमणों के लिए टीका विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि इस टीके की लागत वसूल हो। कंपनी ने निर्यात के लिए बाजार में इसकी कीमत 15 से 20 डॉलर के बीच तय की है।इससे पहले, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने अपने कोविड-19 टीके कोविशील्ड को राज्य सरकारों को 400 रुपए प्रति खुराक और निजी अस्पतालों को 600 रुपए प्रति खुराक के दर से देने की घोषणा की थी। एसआईआई ने यह भी कहा था कि वह अगले दो महीने में टीके का उत्पादन बढ़ाकर सीमित क्षमता की समस्या का समाधान करेगी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा था, ‘‘हमारी क्षमता का 50 प्रतिशत भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए होगा और बाकी 50 प्रतिशत क्षमता राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के लिए होगी।'' उसने कहा था कि अमेरिकी टीके की कीमत 1,500 रुपये प्रति खुराक है जबकि रूस और चीन में टीके की कीमत 750 रुपये प्रति खुराक से अधिक है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक लगाए कोविड-19 के 12.76 करोड़ टीकों में से 90 प्रतिशत टीके ऑक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड के लगाए गए हैं।
- नयी दिल्ली । केंद्र ने शनिवार को राज्यों से कहा कि देश में एक मई से 18 से 45 साल तक के लोगों का कोविड रोधी टीकाकरण शुरू होने से पहले और अधिक निजी केंद्रों का पंजीकरण किया जाए और संबंधित स्थलों पर प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। केंद्र ने इस बात पर जोर दिया कि संबंधित आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण ‘‘केवल ऑनलाइन पंजीकरण'' के माध्यम से किया जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और कोविड-19 से निपटने संबंधी प्रौद्योगिकी एवं आंकड़ा प्रबंधन अधिकारप्राप्त समूह के अध्यक्ष आर एस शर्मा ने नई टीका रणनीति (तीसरा चरण) के प्रभावी क्रियान्वयन पर राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मार्गदर्शन के लिए शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की और रोगियों के लिए मौजूदा अस्पताल एवं चिकित्सीय उपचार अवसंरचना संबंधी उनकी योजना की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक मई से शुरू हो रहे तीसरे चरण के टीकाकरण संबंधी रणनीति को लेकर राज्यों को सुझाव दिया गया कि वे निजी अस्पतालों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अस्पतालों, औद्योगिक संगठनों आदि की मदद से मिशन मोड में अतिरिक्त निजी कोविड-19 टीकाकरण केंद्र स्थापित करें। मंत्रालय के अनुसार उनसे यह भी कहा गया कि वे टीका प्राप्त कर चुके अस्पतालों, कोविन पोर्टल पर भंडार तथा कीमत की घोषणा और योग्य लाभार्थियों के लिए निर्धारित टीकाकरण के वास्ते कोविन पर पर्याप्त टीकाकरण स्लॉट उपलब्ध कराने संबंधी चीजों पर नजर रखें। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 18-45 आयु समूह के टीकाकरण के लिए ‘केवल ऑनलाइन पंजीकरण' को प्राथमिकता देने को कहा गया है।-file photo
- नयी दिल्ली । वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने अपने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जीवन रक्षक दवाओं और ऑक्सीजन उपकरणों सहित कोविड-19 के उपचार में इस्तेमाल होने वाली सभी आयातित खेपों की सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर रास्ता दें। गौरतलब है कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों के तेजी से बढ़ने के कारण जीवन रक्षक दवाओं और अन्य उपकरणों की भारी किल्लत हो गई है। बोर्ड ने ट्वीट किया, ‘‘सीबीआईसी ने अपने सभी फील्ड अधिकारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ इन खेपों की निकासी के निर्देश दिए हैं।'' सीबीआईसी ने कहा कि इन दिशानिर्देशों का मकसद इन सामानों को जरुरतमंदों तक जल्द से जल्द पहुंचाने में मदद करना है। इसके साथ ही ऑक्सीजन और संबंधित वस्तुओं की निकासी के लिए सीमा शुल्क संबंधित मुद्दों के लिए राजस्व विभाग में नोडल अधिकारी गौरव मसलदन को नियुक्त किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘‘बंदरगाहों में विशेष रूप से ऑक्सीजन और संबंधित वस्तुओं की निकासी के संबंध में सीमा शुल्क से जुड़ी किसी भी कठिनाई में मदद के लिए सीबीआईसी द्वारा एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया गया है।'' वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी एक ट्वीट में कहा कि कोविड-19 से लड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तहत आयातित उपकरणों और दवाओं को समय से पहुंचाने के लिए सीमा शुल्क निकासी में तेजी लाई जाएगी। देश में एक दिन में कोविड-19 के 3,46,786 नए मामले सामने आने के साथ संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,66,10,481 पर पहुंच गए जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 25 लाख से अधिक हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। इन आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में 2,624 संक्रमितों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,89,544 हो गई है।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 की जिस वर्तमान चुनौती का देश सामना कर रहा है वह पिछले वर्ष के मुकाबले बड़ी है। उन्होंने किसी भी सूरत में इस महामारी को गांवों तक पहुंचने से रोकने के हरसंभव प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान किया। पंचायती राज दिवस के मौके पर डिजिटल माध्यम से आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की। इसके तहत चार लाख से अधिक लोगों के बीच उनकी सम्पत्ति के ई-प्रापर्टी कार्ड वितरित किए। साथ ही वर्ष 2021 के लिए राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार पिछले वर्ष कोविड-19 के संक्रमण को गांवों में फैलने से रोकने में सफलता मिली थी, उसी प्रकार इस बार भी इसमें सफलता मिलेगी। उन्होंने पंचायतों से आग्रह किया कि कोरोना को गांव में पहुंचने से, रोकने में वे अपनी भूमिका निभाएं।उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल भी आपने इस संक्रमण को गांवों में फैलने से रोका था। पंचायतों ने गांव में जागरूकता पहुंचाने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। इस वर्ष भी हमारे सामने जो चुनौती है, वह पहले से जरा ज्यादा है। गांवों तक इस संक्रमण को किसी भी हालत में पहुंचने नहीं देना है, उसे रोकना ही है।'' उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पंचायतों का मंत्र दवाई भी और कड़ाई भी का होना चाहिए।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कोरोना की जंग में सबसे पहले हिंदुस्तान के गांव विजयी होने वाले हैं। देश और दुनिया को रास्ता भी आप गांव वाले इस सफलता के साथ दिखाने वाले हैं, यह मुझे भरोसा है।'' इस समारोह में डिजीटल माध्यम से केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, आठ राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़ी संख्या में स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कोविड-19 के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी से बचाव के उपायों का पालन करने का आग्रह किया और कहा, ‘‘जो भी दिशा-निर्देश समय-समय पर जारी होते हैं, उनका पूरा पालन गांव में हो, हमें ये सुनिश्चित करना होगा। इस बार हमारे पास टीके का एक सुरक्षा कवच भी है। इसलिए हमें सारी सावधानियों का पालन भी करना है और ये भी सुनिश्चित करना है कि गांव के हर एक व्यक्ति को टीके की दोनों खुराक लगे।'
- गोपेश्वर। उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत चीन सीमा से सटे इलाके में हुए हिमस्खलन में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के आठ कर्मियों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि शुक्रवार रात को नीति घाटी के सुमना इलाके में हिमस्खलन स्थल से दो व्यक्तियों के शव मिले जबकि शनिवार को छह और शव बरामद किये गये। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जोशीमठ में संवाददाताओं को बताया कि चार घायलों को घटनास्थल से बचाया गया और बचाव अभियान जारी है। रावत ने बताया कि शुक्रवार को जब हिमस्खलन हुआ तब बीआरओ के 400 कर्मी काम पर लगे थे, बताया जाता है कि इनमें से करीब 391 कर्मी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के शिविरों पर सुरक्षित पहुंच गये। मुख्यमंत्री ने नुकसान के आकलन के लिए इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया।सुमना, जहां हिमस्खलन हुआ, मलारी गांव से करीब 25 किलोमीटर दूर है और यह धौली गंगा की दो धाराओं-- गिर्थिगाड और कियोगाड के संगम के समीप है। धौली गंगा में फरवरी में आपदाकारी हिमस्खलन हुआ और 80 लोगों की जान चली गयी थी एवं 126 लापता हो गये थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाके में भारी वर्षा होने की वजह से बचाव अभियान में अड़चनें आ रही हैं । आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ बचाव अभियान चला रहे हैं। रावत के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बचाव अभियान में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
- भोपाल । तेजी से बढ़ रहे कोविड-19 के नये मामलों के मद्देनजर अस्पतालों में बिस्तरों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर 20 कोविड देखभाल कोच की व्यवस्था की है, जो रविवार से पूरी तरह कार्य करना आरंभ कर देंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार सुबह ट्वीट किया, ‘‘भोपाल, मध्य प्रदेश में भारतीय रेल द्वारा, 20 कोविड देखभाल डिब्बों की व्यवस्था की गयी है, जिसमें 320 बेड (बिस्तर) होंगे। ये डिब्बे 25 अप्रैल से पूरी तरह कार्य करना आरंभ कर देंगे।'' पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के एक अधिकारी ने बताया कि भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर इन पृथक-वास कोच को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों के स्वास्थ्य लाभ के लिए भोपाल स्टेशन पर रेलवे द्वारा पृथक-वास कोच उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही भीषण गर्मी में मरीजों को बेहतर सुविधाओं के अलावा ठंडक के लिए कोच की खिड़कियों में कूलर की व्यवस्था की गई है। हालांकि अधिकारी ने बताया कि इन कोच में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं है। इसलिए गंभीर मरीजों को इनमें नहीं रखा जा सकता है।-file photo
- त्रिशूर (केरल)। त्रिशूर में पूरम उत्सव के लिए निकाले जा रहे जुलूस पर शुक्रवार देर रात बरगद का एक पेड़ गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना देर रात 12 बजकर 20 मिनट पर हुई जब त्रिशूर पूरम उत्सव से संबंधित समारोह, तिरुवम्बादी देवस्वओम मदातिल वरावू पंचायवादयम का जुलूस पेड़ के नीचे से गुजर रहा था। पुलिस ने बताया कि बरगद के पेड़ की एक बड़ी सी डाल लोगों पर गिर गई जब वाद्य यंत्र कलाकार उसके नीचे अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। घटना में दो लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस ने बताया कि भगदड़ के दौरान जुलूस में शामिल हाथी भी आपे से बाहर हो गया लेकिन महावत ने उसे नियंत्रित कर लिया। घटना के बाद, उत्सव के तहत पटाखे छोड़े जाने के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया।त्रिशूर पूरम केरल के करीब 200 वर्ष पुराने सबसे प्रसिद्ध मंदिर उत्सवों में से एक है।कोचिन के शासक, राजा राम वर्मा ने 1798 में एक आदेश जारी किया था जिसके बाद इस उत्सव की शुरुआत हुई थी। पिछले साल की ही तरह, इस बार भी कोविड-19 संबंधी पाबंदियों के चलते उत्सव को सीमित रखा गया था।
- भदोही (उप्र)। वाराणसी जिले के कपसेठी इलाके में शनिवार को बारात से वापस लौट रहे दो चचेरे भाइयों की मोटरसाइकिल को सामने से आ रहे तेज रफ्तार छोटे ट्रक ने टक्कर मार दी जिसके बाद दोनों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह घटना सुबह नौ बजे उस वक़्त हुई जब भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र के खानपुर गाँव के अजय बिन्द (21) और उसके चचेरा भाई संदीप बिन्द (26) अपनी बुआ के लड़के की बारात में शामिल होकर वाराणसी जिले के मिर्जामुराद से बाइक से वापस लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार वाराणसी जिले के कपसेठी -बाबतपुर मार्ग पर सामने से आ रहे एक छोटे ट्रक ने सीधे टक्कर मार दी ,जिससे दोनों घायल हो गये। लगभग एक घंटे तक कथित रूप से उपचार की कोई व्यवस्था नहीं होने पर दोनों की मौत हो गई। दूल्हा -दुल्हन सहित बारातियों द्वारा सड़क जाम किये जाने की सूचना पर भदोही की चौरी थाना और वाराणसी की कपसेठी थाना की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम ख़त्म कराया। पुलिस दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए ले गयी। उसने छोटे ट्रक को कब्ज़े में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।
- लखनऊ। रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस शनिवार की सुबह करीब 6.30 बजे लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुंची। आधिकारिक जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर बोकारो से रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस 30 हजार लीटर तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन लेकर लखनऊ आई है।अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस मेडिकल ऑक्सीजन के दो टैंकर लेकर सुबह साढ़े छह बजे लखनऊ पहुंची। प्रत्येक टैंकर 15 हजार लीटर क्षमता का है। जानकारी के अनुसार बोकारो से ऑक्सीजन एक्सप्रेस तीन टैंकर ऑक्सीजन लेकर रवाना हुई थी जिसमें से एक टैंकर शुक्रवार/ शनिवार की दरमियानी रात वाराणसी में उतारा गया। अवस्थी ने कहा कि इस ऑक्सीजन से लखनऊ की आधी मांग आज पूरी हो जाएगी और मरीजों को राहत मिलेगी। शनिवार को रेलवे की दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस सुबह 5.30 बजे लखनऊ से बोकारो के लिए चार खाली टैंकरों के साथ रवाना हुई। बुधवार को रेलवे ने कहा था कि राज्य सरकार से अनुरोध मिलने के बाद वह उत्तर प्रदेश में अपनी दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाएगा। उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए राज्य सरकार कई मोर्चे पर कार्य रही है।एक सरकारी बयान में अवस्थी ने बताया कि ऑक्सीजन के लिए डिजिटल प्लेटफार्म की व्यवस्था शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। अवस्थी ने बताया कि यह प्लेटफार्म प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, परिवहन एवं गृह विभाग के सहयोग से रोडिक कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है।----
- नई दिल्ली। देश में कोविड-19 की गंभीर स्थिति के बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चार क्रायोजेनिक (कम तापमान बनाए रखने में सक्षम) टैंकर सिंगापुर से विमान से मंगाए जा रहे हैं।गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि चार खाली टैंकों को भारतीय वायुसेना के एक मालवाहक विमान से लाया जा रहा है। वायुसेना के सी-17 विमान ने दिल्ली के बाहरी इलाके में हिंडन हवाईअड्डे से शनिवार सुबह सिंगापुर के चांगी हवाईअड्डे के लिए उड़ान भरी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि टैंकों को लादने के बाद, विमान आज शाम पश्चिम बंगाल के पानागढ़ हवाईअड्डे पर उतरेगा। शुक्रवार को, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा था कि वह सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से उच्च क्षमता वाले ऑक्सीजन टैंकरों के आयात के लिए बातचीत कर रहा है। यह कदम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश में कोरोना वायरस स्थिति की समीक्षा करने के बाद उठाया गया।
- नई दिल्ली। न्यायमूर्ति एन वेंकट रमण ने देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शनिवार को शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति रमण ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में शपथ ग्रहण की।समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद उपस्थित थे। न्यायमूर्ति रमण ने ईश्वर को साक्षी मानकर अंग्रेजी में पद की शपथ ली।--
- नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को अपने डिजिटल चैनल -आईएनसी टीवी का प्रसारण आरंभ कर दिया।राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर पार्टी के डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में इस चैनल के प्रसारण की शुरुआत की गई। इस मौके पर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, कोषाध्यक्ष पवन कुमार बंसल, महासचिव अजय माकन, प्रवक्ता पवन खेड़ा, सोशल मीडिया विभाग के प्रमुख रोहन गुप्ता और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. मौजूद थे। वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र नारायण सिंह इस चैनल के प्रमुख बनाए गए हैं। यह चैनल सोशल मीडिया के सभी प्रमुख मंचों पर उपलब्ध होगा।वेणुगोपाल ने कहा कि इस चैनल के माध्यम से आम लोगों की आवाज को उठाना है और सरकार को जनहित के मुद्दों को लेकर सजग बनाए रखना है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यधारा के मीडिया में कई ऐसे मुद्दों पर बात नहीं हो रही है जो आम लोगों से जुड़े हैं तथा इस चैनल पर ऐसे ही मुद्दों को उठाया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल ने कहा कि यह चैनल उन मुद्दों को उठायेगा जो इस सरकार के तहत दबा दिए जाते हैं। कुछ दिन पहले इस चैनल को शुरू करने के बारे में घोषणा की गई थी।--
- नयी दिल्ली। ऑक्सीजन के गंभीर संकट के बीच दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 अत्यंत बीमार मरीजों की रात भर में मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ.डी. के. बलूजा ने बताया, "भंडार कम होने की वजह से ऑक्सीजन का दबाब घट गया है।" उन्होंने कहा कि अस्पताल में करीब 200 मरीज भर्ती हैं और उनके पास 10 बजकर 45 मिनट पर केवल आधे घंटे की ऑक्सीजन शेष थी। कई घंटों की देरी के बाद अस्पताल को ऑक्सीजन की अंतिम रिफिल मध्यरात्रि में प्राप्त हुई थी। डॉ बलूजा ने कहा कि अस्पताल में भर्ती करीब 200 मरीजों में से 80 प्रतिशत मरीज ऑक्सीजन पर हैं। करीब 35 मरीज आईसीयू में हैं।
- आजमगढ़ (उप्र)। आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र के सुहवल गांव के समीप एक ट्रक ने सड़क किनारे खड़े तीन वाहनों में टक्कर मार दी जिससे चार लोगों की मौत हो गई और सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि सुहवल गांव के समीप एक अनियंत्रित ट्रक ने शुक्रवार की रात सड़क किनारे खड़े तीन वाहनों में टक्कर मार दी, इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों को देर रात जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था लेकिन उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र के लहुरापुर गांव से कुछ लोग तीन वाहनों से जिले के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के टेकईपुर मऊ गांव में तिलक कार्यक्रम में गए थे। वापसी में ये तीनों वाहन आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र के सुहावल गांव के समीप सड़क किनारे खड़े हुए थे। इसी दौरान चिरैयाकोट की तरफ से तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने तीनों वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ग्रामीणों की मदद से घायलों को जिला चिकित्सालय ले जाया गया जहां चार लोगों की मौत हो गयी। मृतकों की पहचान रामजीत सिंह, देवेश शर्मा उर्फ मल्लू, सच्चिता सिंह और जनार्दन चौहान के रूप में की गयी, जबकि अजय तिवारी, रवि पांडेय, रमाकांत पांडेय, सन्नी पांडेय, हीरा शर्मा, हरिकेश पांडेय, आगमक खान गंभीर रूप से घायल हो गये।
- आलीराजपुर(मध्यप्रदेश)। आलीराजपुर जिले के जोबट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया का कोरोना संक्रमण से इंदौर में इलाज के दौरान निधन हो गया। 15 अप्रैल को उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। निधन की सूचना मिलने के बाद उनके क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है।वे 2018 में पहली बार विधानसभा सदस्य बनीं थीं। इसके पहले वे झाबुआ और आलीराजपुर जिले के विभिन्न सामाजिक, स्वास्थ्य और अन्य समितियों में सदस्य रहीं। कलावती भूरिया 1990 में सरपंच बनीं थी। इसके बाद 2000-2018 तक झाबुआ जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं।विधायक जीतू पटवारी ने ट्वीट कर लिखा, जांबाज जनसेवक और जोबट विधायक बहन कलावती भूरिया हमारे बीच नहीं रहीं। झाबुआ-आलीराजपुर जिले से कांग्रेस का यह प्रतिनिधि चेहरा, अपनी निष्ठा-प्रतिष्ठा के लिए हमेशा याद किया जाएगा। ईश्वर से प्रार्थना है, उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। नमन।छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा मध्यप्रदेश की जोबट विधानसभा से विधायक कलावती भूरिया जी के निधन का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिवार को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
- छिन्दवाड़ा (मप्र)। मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के पांढुर्णा इलाके में शुक्रवार को एक फैक्टरी का बॉयलर फटने से 11 मजदूर झुलस गये, जिनमें से चार की हालत गंभीर बनी हुई है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है।पांढुर्णा के तहसीलदार रत्नेश ने बताया की पांढुर्णा स्थित ड्राइटेक प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में कार्य के दौरान अचानक गर्म पानी से भरा बॉयलर फटने के चलते 11 मजदूर झुलस गए, जिसमें चार की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक उपचार के बाद इनमें से छह मजदूरों को नागपुर और बाकी पांच मजदूरों को छिन्दवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया है। रत्नेश ने बताया, मामले की जांच की जा रही है और जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फैक्टरी में फलों का पाउडर बनाने का कार्य होता है जोकि देश-विदेश में सप्लाई किया जाता है।
- देहरादून। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात और निचले इलाकों में बारिश होने से अप्रैल माह में ठंड का अहसास हो रहा है।मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री तथा मुनस्यारी की ऊंची पहाडिय़ों पर हिमपात हुआ जबकि देहरादून सहित अधिकांश निचले इलाकों में बृहस्पतिवार रात से ही रूक-रूक कर हो रही बारिश से तापमान में काफी गिरावट आ गयी जिससे ठंड का अहसास होने लगा।तापमान में गिरावट होने से पहाड़ी इलाकों में तो लोगों ने स्वेटर आदि गर्म कपड़े निकाल लिये हैं। इस बीच, बारिश होने से प्रदेश के वनों में आग लगने की घटनाओं में काफी कमी आ गयी जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली। वन विभाग द्ववारा यहां जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 12 घंटे में प्रदेश के जंगलों में आग लगने की 26 घटनाएं सामने आईं जिनमें 4.67 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ।
- पटना। बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में प्रदेश की राजधानी पटना स्थित एम्स सहित छह प्रमुख अस्पतालों के 750 से अधिक चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं । पटना एम्स के अधीक्षक डाक्टर चंद्रमणि सिंह ने बताया कि कोरोना की इस दूसरी लहर में उनके अस्पताल में अबतक 384 चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं और वर्तमान में 220 चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मचारी संक्रमित हैं ।पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) के 125 चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मचारी कोरोना की इस दूसरी लहर में अबतक संक्रमित हो चुके हैं । पीएमसीएच के अधीक्षक इंदू शेखर ठाकुर ने बताया कि उनके अस्पताल के संक्रमित चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मचारियों के लिए अलग से बेड की व्यवस्था की गयी है । पटना शहर स्थित कोविड निर्दिष्ट नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल (एनएमसीएच) के करीब 100 चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं । एनएमसीएच के नोडल अधिकारी डॉक्टर मुकुल कुमार सिंह ने बताया कि उनके अस्पताल में करीब 100 चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं ।
- नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र के उपक्रम राष्ट्रीय इस्पात निगम लि . (आरआईएनएल) ने गुरुवार को कहा कि उसके विशाखापत्तपनम कारखाने से चिकित्सकीय उपयोग लायक 100 टन आक्सीजन महाराष्ट्र के लिए प्रस्थान कर चुकी है।कंपनी ने ट्वीटर पर कहा, 'आरआईएनएल के विशाखापत्तनम कारखाने से पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस महाराष्ट्र के लिए छूट चुकी है। इसमें 100 टन तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन लदा है जो वहां कोविड 19 के मरीजों की जरूरत के लिए है।' आरआईएनएल अब तक हर रोज 100 टन तरल ऑक्सीजन आंध्र प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों को भेज रहा था। एक सप्ताह में कंपनी ने उपचार के काम के लिए करीब 800 टन आक्सीजन की आपूर्ति की है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा , 'हम मांग आने पर प्रतिदिन 100 से 150 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कर सकते हैं।
- सिलचर। अनिवार्य कोविड-19 जांच से बचने के लिए बुधवार को असम के सिलचर हवाई अड्डे पर 385 यात्रियों ने हंगामा किया और वहां से भाग गए। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी और कहा कि इन लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।कछार जिले के अतिरिक्त उपायुक्त सुमित सत्तवान ने बताया कि छह विमानों से देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 690 यात्री सिलचर हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जांच के लिए हवाई अड्डे पर तथा पास में तिकाल स्थित महात्मा गांधी मॉडल अस्पताल में इन यात्रियों के नमूने लिए जाने थे। अधिकारी ने कहा कि जांच शुल्क के लिए 500 रुपये के भुगतान को लेकर सैकड़ों यात्रियों ने इन दोनों स्थानों पर हंगामा किया। असम सरकार ने राज्य में हवाई मार्ग से पहुंचने वाले सभी यात्रियों के लिए कोविड-19 जांच अनिवार्य कर दी है जिसके तहत रैपिड एंटीजन जांच नि:शुल्क की जाती है और फिर आरटी-पीसीआर जांच की जाती है जिसके लिए 500 रुपये का भुगतान करना होता है। रैपिड एंटीजन जांच में संक्रमणमुक्त पाए जाने वाले यात्रियों को भी आरटी-पीसीआर जांच से गुजरना होता है। यह उल्लेख करते हुए कि यात्रियों ने नियमों का उल्लंघन किया, अधिकारी ने कहा, ''हमारे पास उन लोगों का ब्योरा है और हम उनका पता लगाएंगे। हम भादंसं की धारा 188 (लोकसेवक द्वारा लागू आदेश की अवज्ञा करना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक कार्रवाई शुरू करेंगे।'' बाद में, अतिरिक्त जिला उपायुक्त ने कछार पुलिस अधीक्षक के समक्ष इन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।उन्होंने शिकायत में कहा, ''आवश्यक जांच (कोविड-19 संबंधी) से बचने के लिए सिलचर हवाई अड्डे से कुल 385 यात्री भाग गए।'' शिकायत में इन लोगों के नाम और मोबाइल फोन नंबर भी दिए गए हैं।
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नई दिल्ली। भारत में गुरुवार को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 3.14 लाख से ज्यादा मामले आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1 करोड़ 59 लाख 30 हजार 965 हो गई। दुनिया के किसी भी देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण का यह सर्वाधिक आंकड़ा है। दूसरी ओर, अनेक अस्पतालों के ऑक्सीजन की कमी का सामना करने के बीच केंद्र ने चिकित्सीय ऑक्सीजन का निर्बाध उत्पादन और आपूर्ति तथा निर्बाध परिवहन का राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कड़ा आदेश निर्देश दिया।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में ऑक्सीजन आपूर्ति की समीक्षा करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की और अधिकारियों से 'प्राणवायु' का उत्पादन बढ़ाने, इसके वितरण की गति तेज करने और स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए नए तरीके अपनाने को कहा।इस बीच, केन्द्र ने आज राज्यों को निर्देश दिया कि वे चिकित्सकीय ऑक्सीजन का निर्बाध उत्पादन-आपूर्ति और उसका अंतरराज्यीय परिवहन सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस आदेश की अवहेलना होने पर संबंधित जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जवाबदेह होंगे।




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