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- धार । मध्य प्रदेश के धार जिले के एक गांव में कोविड संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर एक विवाह समारोह में जोर से बज रहे संगीत के साथ सैकड़ों की संख्या में लोगों के थिरकने के आरोप के मामले में दूल्हे सहित पांच लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। यह घटना धार जिला मुख्यालय से करीब 130 किलोमीटर दूर कुक्षी तहसील के दही ब्लॉक के ग्राम ठेन्चा में रविवार रात को हुई। इसका घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। इस वीडिया में सैकड़ों की संख्या में लोग थिरकते दिखाई दे रहे हैं। इनमें से कई लोगों ने ना तो मास्क पहने थे और ना ही सामाजिक दूरी के नियमों का पालन कर रहे हैं। कुक्षी के उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) विवेक कुमार ने सोमवार को बताया, ‘‘सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद हमने दूल्हे, उसके पिताजी एवं डीजे संचालक के विरूद्ध रविवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की है।'' उन्होंने कहा कि इनके अलावा, पंचायत के सरपंच सचिव एवं कोटवार के विरूद्ध भी प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है, क्योंकि उनकी भी जिम्मेदारी थी कि प्रशासन को सही समय पर सूचित करें एवं यह सुनिश्चित करें कि कोविड दिशा-निर्देशों की पूरी तरह से पालन करवाया जाए। कुमार ने बताया, ‘‘तहसीलदार एवं पुलिस की संयुक्त टीम को वहां पर भेजा गया और जांच उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है।
- -उपसचिव स्तर, उनके समकक्ष तथा ऊपर के सभी अधिकारियों को नियमित कार्यालय आना होगानयी दिल्ली । केंद्र सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अपने कर्मियों के लिए सरकारी कार्यालयों में अलग-अलग पालियां निर्धारित करने, अवर सचिव और उनके नीचे के स्तर के कर्मियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत तक सीमित करने समेत सोमवार को कई दिशा-निर्देशों की घोषणा की ।कार्मिक मंत्रालय के एक बयान के अनुसार उपसचिव स्तर, उनके समकक्ष तथा ऊपर के सभी अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा। बयान के अनुसार उपसचिव एवं उनके समकक्ष तथा उनसे नीचे स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति 50 फीसद तक सीमित कर दी गयी है। बयान में कहा गया, ''सचिव/विभागाध्यक्ष अधिकारियों की उपस्थिति विनियमित कर सकते हैं या प्रशासनिक आधार पर अधिक अधिकारियों को कार्यालय आने को कह सकते हैं।'' मंत्रालय ने कहा कि दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं को कार्यालय आने से छूट प्राप्त होगी लेकिन उन्हें अगले आदेश तक घर से काम करना होगा। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड-19 के मामले अप्रत्याशित रूप से बढऩे के मद्देजनर जारी किये गये ''ये दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव में आ जायेंगे और 30 अप्रैल, 2021 तक या अगले आदेश तक प्रभाव में बने रहेंगे।'' उन्होंने उम्मीद जतायी कि इन सभी निर्देशों का सभी नागरिकों, सरकारी कर्मियों एवं उनके परिवारों के हित में अक्षरश: पालन किया जाएगा। बयान के अनुसार सिंह ने आशा प्रकट की कि राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश सरकार भी इन दिशा-निर्देशों पर विचार करेंगी। कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि कार्यालयों में भीड़ कम करने के लिए सुबह नौ से अपराह्न पांच बजे, सुबह साढे नौ बजे से शाम छह बजे और पूर्वाह्न दस बजे से शाम साढ़े छह बजे की पालियों का अधिकारी एवं कर्मी पालन करेंगे। इसने कहा, '' जो अधिकारी किसी खास दिन कार्यालय नहीं आते हैं, उन्हें अपने घर पर पूरे वक्त टेलीफोन या अन्य संचार माध्यमों से अपने आप को उपस्थित रखना होगा और घर से काम करना होगा। '' सरकार ने कहा कि जो अधिकारी निषिद्ध क्षेत्र में रहते हैं, उन्हें तब तक कार्यालय आने से छूट प्राप्त होगी जब तक कि उनके क्षेत्र से निषिद्ध क्षेत्र की अधिसूचना हटा नहीं ली जाती है। मंत्रालय ने कहा कि कार्यालय आने वाले सभी अधिकारियों/कर्मियों को मास्क लगाना, आपस में दूरी रखना, सैनिटाइजर का उपयोग करना, बार-बार हाथ धोने समेत कोविड-19 उपयुक्त आचरण का कड़ाई से करना होगा। साथ ही, सीढिय़ों, गलियारे, साझा क्षेत्रों आदि स्थानों पर भीड़ नहीं लगानी होगी। सरकार ने कहा कि बैठकें यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होंगी एवं बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह बंद होगा। मंत्रालय ने कहा कि बायोमीट्रिक उपस्थिति निलंबित रहेगी और उपस्थिति पंजिका अगले आदेश तक उपयोग में लायी जाएगी।
- बेहरामपुर। ओडिशा के गंजाम जिले में सोमवार को एक स्टोन क्रशर इकाई में विस्फोट होने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने कहा कि घटना बेहरामपुर सदर थानांतर्गत कुकुडाखांडी गांव में हुई। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान कुकुडाखांडी निवासी संतोष कुमार (37) और फदरीपल्ली निवासी सुरेश कुमार पात्रा (40) के रूप में हुई।पुलिस ने कहा कि एक घायल को एम्स -भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया है और दो अन्य का यहां एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने कहा कि उनकी हालत नाजुक बताई गई है। उन्होंने कहा कि घायल लोग भी कुकुडाखांडी और इसके आसपास के निवासी हैं। पुलिस ने कहा कि संदेह है कि स्टोन क्रशिंग में इस्तेमाल होने के लिये एक घर की टिन की छत पर रखी जिलेटिन की छड़ों और डेटोनेटरों जैसे विस्फोटकों में धमाका हुआ। पुलिस ने कहा कि धमाके की तीव्रता बहुत अधिक रही होगी क्योंकि घर में रखे दोनों गैस सिलिंडर फट गए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक पिनाक मिश्रा समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया।
- सागर (मध्य प्रदेश)। कोरोना वायरस संक्रमण के अधिक बढ़ने के बाद 40 वर्षीय कोरोना योद्धा चिकित्सक को एयर एंबुलेंस से बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद ले जाया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर प्रदेश सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई गई एयर एंबुलेंस से उन्हें हैदराबाद भेजा गया। डॉ. सत्येंद्र मिश्रा का इलाज कर रहे क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ जैन ने सोमवार को बताया कि हैदराबाद के चिकित्सकों की टीम रविवार आधी रात को सागर पहुंची और उन्होंने डॉ. मिश्रा को वेंटिलेटर पर रखकर संपूर्ण परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इसके कुछ ही घंटे बाद तड़के पांच बजे सड़क मार्ग से 175 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें भोपाल हवाईअड्डे ले जाया गया, जहां से एयर एंबुलेंस से उन्हें हैदराबाद ले जाया गया। जैन ने बताया कि डॉ. सत्येंद्र मिश्रा सोमवार सुबह साढ़े दस बजे हैदराबाद के अस्पताल पहुंचे और उनका इलाज शुरू हो गया है। मालूम हो कि डॉ. सत्येंद्र मिश्रा के फेंफड़ों में संक्रमण बहुत ज्यादा फैलने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें प्रतिरोपण की सलाह देते हुए सर्जरी के लिए हैदराबाद जाने की सलाह दी। हैदराबाद में इलाज को लेकर डॉक्टर की आर्थिक सहायता के लिए सागर के भाजपा विधायक शैलेन्द्र जैन व जिला कलेक्टर दीपक सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अवगत कराया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री की पहल पर उन्हें एयर एंबुलेंस के माध्यम से भेजा गया। डॉ. सत्येंद्र मिश्रा बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर क्षय एवं छाती रोग विभाग में पदस्थ हैं।
- इंदौर (मप्र) ।कोविड-19 की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच यहां रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी पर रोक के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार को अहम फैसला किया। प्रशासन ने तय किया है कि इस अपराध में शामिल लोगों को सख्त प्रावधानों वाले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। जिलाधिकारी मनीष सिंह ने यहां संवाददाताओं को बताया, "ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि खासकर छोटे अस्पतालों के कर्मचारी रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रहे हैं। हम इस दवा की कालाबाजारी में शामिल लोगों को एनएसए के तहत जेल भेजेंगे।" उन्होंने कहा, " हम अस्पतालों में रेमडेसिविर के वितरण पर नजर रख रहे हैं। इस दवा की कालाबाजारी में शामिल पाए जाने पर अस्पताल संचालकों के खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" जिलाधिकारी ने बताया कि राजेंद्र नगर पुलिस द्वारा रविवार को रेमडेसिविर की कथित कालाबाजारी में पकड़े गए आरोपियों में शामिल एक डॉक्टर और एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव पर रासुका लगाया जा रहा है। सिंह के मुताबिक, जिले में रेमडेसिविर की किल्लत का प्रमुख कारण मरीजों की बढ़ती मांग के मुकाबले दवा निर्माता कंपनियों की आपूर्ति घटना है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में इसकी आपूर्ति में इजाफे की उम्मीद है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक महामारी के कुल 91,015 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,054 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।-file photo
- नयी दिल्ली ।कोविड-19 के मामलों में वृद्धि बीच दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अपनी भौतिक ओपीडी सेवा को बंद करने और सामान्य मरीजों को भर्ती करने संबंधी सेवा को स्थगित करने का फैसला किया है, जिससे कि वायरस के प्रसार को रोका जा सके और संसाधनों को कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों के उपचार में लगाया जा सके। एम्स प्रशासन ने सोमवार को एक बयान में कहा कि बृहस्पतिवार, 22 अप्रैल से भौतिक ओपीडी सेवा, विशेषज्ञता क्लिनिक और सभी केंद्रों में रोगियों की भौतिक परामर्श सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर टेली परामर्श सेवा पर जाने का निर्णय किया गया है। इसमें कहा गया, ‘‘कोविड-19 महामारी के सामुदायिक प्रसार की संभावना को कमतर करने की बढ़ती आवश्यकता तथा मौजूदा श्रमशक्ति और संसाधनों को कोविड-19 के संदिग्ध/पुष्ट मामलों के रोगियों के उपचार में इस्तेमाल करने के मद्देनजर तथा दिल्ली सरकार द्वारा घोषित पूर्ण कर्फ्यू संबंधी स्थिति पर विचार करते हुए यह निर्णय किया गया है।'' प्रशासन ने कहा कि इसके अलावा सामान्य रोगियों को भर्ती करने संबंधी बिस्तरों का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार आपातकालीन/अर्ध आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों के उपचार के लिए करने संबंधी आवश्यकता के मद्देनजर एम्स अस्पताल और सभी केंद्रों में सामान्य और निजी वार्ड में सामान्य रोगियों को भर्ती करने की सेवा को तत्काल दो सप्ताह की अवधि के लिए अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय किया गया है। इसने कहा कि इस अवधि के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे रोगियों को भर्ती करने की सेवा जारी रहेगी जो आपातकालीन स्थिति वाले मरीज हैं और जिन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती होने की आवश्यकता है या ऐसे रोगी जिन्हें आपातकालीन/अर्ध आपातकालीन स्थिति के चलते निजी वार्ड में भर्ती होने का परामर्श दिया गया है। इसमें कहा गया, ‘ईएचएस रोगियों को चिकित्सा आवश्यकता के अनुरूप भर्ती करने संबंधी सेवा जारी रहेगी।
- भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि प्रदेश के सभी पात्र निर्धन उपभोक्ताओं को उचित मूल्य की दुकानों से एक साथ तीन माह का राशन मुफ्त मिलेगा। चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के कलेक्टरों से संवाद करते हुए यह घोषणा की।उन्होंने कहा कि शहरों और कस्बों के साथ ही प्रदेश के गांवो में भी संक्रमण बढ़ने से रोकना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां अधिक संक्रमित रोगी हैं, वहां निषिद्ध क्षेत्र बनाकर संक्रमण नियंत्रण सुनिश्चित करें। हर हाल में संक्रमण की चेन को तोड़ना है। उन्होंने कहा कि रहवासी संघ और स्वैच्छिक संगठन सहयोग करें ताकि जो व्यवस्थाएं कम पड़ रही हैं, उन्हें पर्याप्त बनाया जा सके। चौहान ने खंडवा एवं बुरहानपुर प्रशासन के संक्रमण नियंत्रण के प्रयासों को सराहनीय बताया है।उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश के सभी पात्र निर्धन उपभोक्ताओं को उचित मूल्य की दुकानों से एक साथ तीन माह का राशन निःशुल्क मिलेगा।'' चौहान ने कहा कि प्रदेश में संक्रमित रोगियों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए गए हैं। रेमडेसिविर टीके भी लगातार आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि जिन जिलों में ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए गए हैं, वे प्लांट स्थापना का कार्य प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि आगामी 30 अप्रैल तक घर से न निकलें ताकि संक्रमण की चेन टूट सके। चौहान ने कहा कि औषधियों की कालाबाजारी करने वाले के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई करें।
- इंदौर। कोविड-19 की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच यहां दान में मिले करीब पांच करोड़ रुपये के सामान से सूबे का सबसे बड़ा कोविड-19 देखभाल केंद्र बनकर तैयार है। महामारी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार की गठित सलाहकार समिति के एक सदस्य ने सोमवार को यह जानकारी दी। खास बात यह है कि प्रदेश में कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित जिले में कोविड देखभाल केंद्र गत्ते के उन पलंगों से तैयार किया गया है जिन्हें इस्तेमाल के बाद आसानी से नष्ट किया जा सकता है। कोविड-19 सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे ने यहां संवाददाताओं को बताया कि यह केंद्र खंडवा रोड के एक सामुदायिक सत्संग परिसर में गत्ते के पलंगों से पखवाड़े भर के भीतर तैयार किया गया है और यह राज्य भर में अपनी तरह की सबसे बड़ी इकाई होगी। उन्होंने बताया कि इस केंद्र की कुल क्षमता 6,000 बिस्तरों की होगी। हालांकि, पहले चरण में अगले दो-तीन दिन के भीतर 600 बिस्तरों से इसकी शुरुआत की जाएगी। खरे ने बताया, "कोविड देखभाल केंद्र शुरू करने के लिए औद्योगिक समूहों, कारोबारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने करीब पांच करोड़ रुपये का सामान दान में दिया है। इनमें मरीजों के कपड़ों और बिस्तरों से लेकर ऑक्सीजन मशीनें तक शामिल हैं। इस केंद्र में दो ऑक्सीजन संयंत्र भी बनाए जा रहे हैं।" सलाहकार समिति के सदस्य ने बताया कि कोविड देखभाल केंद्र में खासकर हल्के लक्षणों वाले उन मरीजों को रखा जाएगा जिनके घर छोटे होने के कारण वे पृथक-वास में नहीं रह सकते। उन्होंने बताया कि कोविड देखभाल केंद्र में चिकित्सा और नर्सिंग सुविधाओं का जिम्मा शहर के चार निजी अस्पतालों को सौंपा गया है। गौरतलब है कि यह केंद्र ऐसे वक्त शुरू किया जा रहा है, जब संक्रमितों की तादाद में भारी उछाल के चलते इंदौर में अस्पतालों के बिस्तरों, मेडिकल ऑक्सीजन, रेमडेसिविर दवा और अन्य जरूरी संसाधनों की बड़ी कमी महसूस की जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक महामारी के कुल 91,015 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,054 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।-file photo
- नयी दिल्ली/लंदन। कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अगले सप्ताह भारत यात्रा पर नहीं आयेंगे। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह फैसला दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से किया है।उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आपसी सहमति से यह निर्णय किया गया है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अगले सप्ताह भारत यात्रा पर नहीं आयेंगे।'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों पक्ष आने वाले दिनों में डिजिटल बैठक आयोजित करेंगे, जिसमें भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिये योजनाएं पेश की जायेंगी। लंदन में डाउनिंग स्ट्रीट ने भी सोमवार को जानकारी दी कि जॉनसन का दौरा रद्द कर दिया गया है।हालांकि, जॉनसन भविष्य की ब्रिटेन-भारत साझेदारी के लिए अपनी योजनाओं की शुरुआत के लिहाज से इस महीने के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे। उनकी आमने-सामने मुलाकात इस साल के आखिर में होने की संभावना है। डाउनिंग स्ट्रीट ने ब्रिटिश और भारतीय सरकारों की ओर से एक संयुक्त वक्तव्य में कहा, ‘‘कोरोना वायरस के मौजूदा हालात की वजह से प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अगले सप्ताह भारत यात्रा नहीं कर सकेंगे।'' बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉनसन ब्रिटेन और भारत के बीच भविष्य की साझेदारी के लिहाज से अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर सहमति बनाने और उन्हें शुरू करने के लिए इस महीने के आखिर में बातचीत करेंगे।'' भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच जॉनसन पर अपनी यात्रा को रद्द करने का दबाव था। इस सप्ताहांत में ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी ने उनसे आग्रह किया था कि वह यात्रा स्थगित करें और जूम से डिजिटल तरीके से चर्चा करें। इससे पहले इस यात्रा को छोटा करके एक दिन करने की घोषणा की गयी थी।दोनों पक्षों को व्यापार, निवेश और जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्रवाई के क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन के संबंधों में नयी ऊर्जा का संचार करने के लिहाज से ‘रोडमैप 2030' पर सहमति बनानी है। अब इस बारे में इस महीने के आखिर में डिजिटल तरीके से प्रक्रिया को संपन्न किया जा सकता है। इससे पहले जनवरी में गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी जॉनसन की यात्रा रद्द कर दी गयी थी।--
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 से लड़ाई में टीकाकरण को ''सबसे बड़ा हथियार'' बताते हुए सोमवार को देश भर के चिकित्सकों से अधिक से अधिक लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। देश में तेजी से बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के मामलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देश के अग्रणी चिकित्सकों के साथ एक बैठक की और महामारी की मौजूदा स्थिति के साथ ही टीकाकरण अभियान की समीक्षा की।उन्होंने महामारी के समय चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के सेवा भाव को ''अमूल्य'' बताते हुए उनकी सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले साल इसी समय चिकित्सकों के कठिन परिश्रम और देश की रणनीति की वजह से कोरोना संक्रमण के लहर को नियंत्रित किया जा सका था। उन्होंने कहा, ''अब जबकि देश दूसरी लहर का सामना कर रहा है तो सभी चिकित्सक और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मी महामारी से पूरी ताकत के साथ मुकाबला कर रहे हैं और लाखों लोगों का जीवन बचा रहे हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति, इंजेक्शन और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और इनके बारे में राज्य सरकारों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण को ''सबसे बड़ा हथियार'' करार देते हुए मोदी ने चिकित्सकों से अधिक से अधिक मरीजों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने चिकित्सकों से कोविड-19 के उपचार और इससे बचाव के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने और अफवाहों से बचाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन मुश्किल परिस्थितियों में, ''यह बहुत महत्वपूर्ण है कि लोग आतंक के शिकार ना हों। इसके लिए उचित उपचार के साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों को उचित सलाह पर जोर होना चाहिए।'' उन्होंने चिकित्सकों को अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीजों के उपचार के लिए टेली-मेडिसीन का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है। इसके मद्देनजर उन्होंने ऐसे शहरों में संसाधनों के उन्नयन के प्रयासों को तेज करने को कहा। उन्होंने चिकित्सकों से आग्रह किया कि ऐसे शहरों में कार्यरत चिकित्सकों से वह संपर्क करें और डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हुए उन्हें महामारी से लडऩे के उपायों के बारे में सलाह दें।इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, रसायन व उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत में कोविड-19 के एक दिन में रिकॉर्ड 2 लाख 73 हजार 810 नए मामले सामने आए और देश के कई राज्यों से ऑक्सीजन तथा दवाइयों की कमी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को देश में कोविड-19 के एक दिन में रिकॉर्ड 2 लाख 73 हजार 810 नए मामले सामने आने के साथ ही संक्रमण के कुल मामले डेढ़ करोड़ के पार पहुंच गए। इसके साथ ही देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी 19 लाख से अधिक हो गई है।देश में कोविड-19 के कुल 1 करोड़ 50 लाख 61 हजार 919 मामले हैं तथा एक दिन के भीतर 1,619 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 1 लाख 78 हजार 769 पर पहुंच गई। संक्रमण के मामलों में लगातार 40वें दिन वृद्धि हुई है।
- नई दिल्ली। रेमडेसिविर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। राज्यों से कहा गया है कि इसकी निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित बनाया जाये तथा इसकी जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कडी कार्रवाई की जायेगी।केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डी वी सदानन्द गौडा ने आज नई दिल्ली में दवा कम्पनियों के साथ एक बैठक की, जिसमें रेमडेसिविर की उपलब्धता पर विचार-विमर्श किया गया। श्री गौडा ने कहा कि केन्द्र सरकार दवा निर्माताओं के लगातार सम्पर्क में है और उसने उनसे मिलकर साप्ताहिक उत्पादन की योजना तैयार की है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले सप्ताह में रेमडेसिविर का उत्पादन दोगुना हो जायेगा।
- - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल्द स्वस्थ होने की कामना कीनई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और उन्हें सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन की अस्वस्थता पर चिंता जाहिर करते हुए ट्वीट किया-पूर्व प्रधानमंत्री एवं महान अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह जी के कोविड पॉजिटिव होने के समाचार से चिंतित हूँ। हम सभी देशवासी ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। आप हमारी पहचान एवं स्वाभिमान हैं, जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटें।
इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने डॉ. .मनमोहन सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''प्रिय मनमोहन सिंह जी, आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारत को इस मुश्किल समय में आपके मार्गदर्शन और परामर्श की जरूरत है।'' प्रियंका ने कहा, ''मनमोहन सिंह जी और उनके परिवार के साथ मेरी प्रार्थना हैं। कामना है कि वह इस मुश्किल से लड़ेंगे और जल्द स्वस्थ होंगे।''डॉ. मनमोहन सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और फिलहाल राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं। वह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं। - नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सुबह आसमान साफ रहा और न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से तीन डिग्री सेल्सियस कम है। मौसम विज्ञान विभाग ने दिन में बाद में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना जताई है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। विभाग ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे 63 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई।
- नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों और उनके कारण स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ रहे भार के मद्देनजर 19 अप्रैल सोमवार रात को दस बजे से लेकर अगले सोमवार को तड़के पांच बजे तक छह दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है।ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में बीते कुछ दिन से कोविड-19 के दैनिक मामलों की संख्या 25 हजार 500 के लगभग बनी हुई है तथा स्वास्थ्य प्रणाली पर भार बहुत बढ़ गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, यहां दवाओं, बेड, आईसीयू, ऑक्सीजन की गंभीर कमी है ऐसे में स्वास्थ्य प्रणाली को ध्वस्त होने से बचाने के लिए लॉकडाउन की बहुत आवश्यकता है। केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन लगाने का फैसला लेना आसान नहीं थ।, उन्होंने प्रवासियों से अपील की कि वे दिल्ली छोड़कर न जाएं और कहा कि उनका खयाल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाएं चलती रहेंगी, विवाह समारोहों में केवल 50 लोगों के शामिल होने की इजाजत होगी तथा इसके लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे।
- बनिहाल/जम्मू, । रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के मलबे को हटाने के बाद तेल टैंकरों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई कर रहे ट्रकों सहित 1,500 से अधिक फंसे हुए वाहनों को कश्मीर के लिए रविवार को रवाना कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजमार्ग बंद होने के कारण सुबह के वक्त श्रीनगर या जम्मू से अन्य वाहनों के आवागमन की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क से मलबा हटाने का काम पूरा होने के बाद 1,500 से अधिक वाहनों को उधमपुर और रामबन से कश्मीर घाटी की ओर जाने की अनुमति दी गई। यह राष्ट्रीय राजमार्ग कश्मीर को देश के शेष हिस्से से जोड़ने वाला एक मात्र बारहमासी सड़क है। भारी बारिश और इसके चलते हुए भूस्खलन के कारण यह शनिवार को अवरूद्ध हो गया था।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन से जाली भारतीय मुद्रा नोटों की तस्करी करने वाले एक गिरोह के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।पुलिस ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा का निवासी आरोपी अब्दुल रहीम (29) लंबे समय से बांग्लादेश से जाली नोटों की तस्करी कर रहा था। पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) संजीव कुमार यादव ने कहा कि बीते कुछ महीनों से उन्हें मालदा स्थित गिरोह के जरिये भारत-बांग्लादेश सीमा से दिल्ली तथा उससे लगे राज्यों में जाली मुद्रा नोटों की तस्करी किये जाने की जानकारी मिल रही थी। अधिकारी ने कहा, '' हमारी टीम ने गुप्त जानकारी के आधार पर 16 अप्रैल को आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया और आरोपी रहीम को पकड़ लिया। वह दिल्ली में रहने वाले किसी व्यक्ति को भारी मात्रा में जाली मुद्रा पहुंचाने के लिये स्टेशन के निकट इंतजार कर रहा था।'' कुमार ने कहा, ''उसके पास से दो-दो हजार और पांच-पांच सौ रुपये के जाली नोटों में आठ लाख रुपये की राशि बरामद हुई है।'' अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान उसने नसरुद्दीन नामक व्यक्ति के बारे में बताया है, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित तस्करों से बांग्लादेश से तस्करी किये जाली मुद्रा नोट लेता था। flie photo
- पुणे। सेना के ब्रिगेडियर रैंक के 58 वर्षीय एक अधिकारी ने रविवार को पुणे स्टेशन पर कथित रूप से चलती ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। यह अधिकारी शहर के सशस्त्र बल चिकित्सा कॉलेज (एएफएमसी) में तैनात था।पुलिस अधीक्षक (जीआरपी) सदानंद वायसे पाटिल ने कहा, ''अधिकारी अपने वाहन चालक के साथ रेलवे स्टेशन पर आया। वाहन चालक को बाहर छोड़ा और दोपहर करीब सवा 12 बजे प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर उद्यान एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।'' उन्होंने कहा कि उसके पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।अधिकारी ने कहा, ''सीसीटीवी फुटेज के अनुसार सेना के अधिकारी को प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर चेन्नई एक्सप्रेस के सामने कूदने की कोशिश करते हुए भी देखा गया।'' सेना की दक्षिणी कमान के एक प्रवक्ता ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि रेलवे पुलिस ने रक्षा अधिकारियों को पुणे रेलवे स्टेशन पर सेना के एक व्यक्ति की मौक के बारे में जानकारी दी है। बयान में कहा गया है, ''मृतक की पहचान एएफएमसी में तैनात अधिकारी के रूप में हुई है। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।'' file photo
- नयी दिल्ली। हांगकांग ने भारत से पहुंचने वाली उड़ानें मंगलवार से आगामी तीन मई तक के लिए स्थगित कर दी हैं। उड्डयन सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते हांगकांग ने यह कदम उठाया है। हांगकांग की सरकार ने पाकिस्तान और फिलीपीन से पहुंचने वाली उड़ानों को भी इस अवधि के लिए स्थगित कर दिया है। हांगकांग की सरकार का यह फैसला इस महीने विस्तार एयरलाइंस की दो उड़ानों से गए 50 यात्रियों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद आया है। हांगकांग के नियमों के तहत वहां जाने से अधिकतम 72 घंटे पहले सभी यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच कराकर कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट दिखानी अनिवार्य है। इससे पहले रविवार को ही हांगकांग सरकार ने मुंबई से हांगकांग के बीच परिचालित विस्तार एयरलाइंस की सभी उड़ानों को दो मई तक स्थगित करने की घोषणा की थी। यहा फैसला विस्तार की मुंबई-हांगकांग उड़ान से पहुंचे तीन लोगों के रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद लिया गया था।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवैक्सीन' का उत्पादन सितंबर तक 10 गुना बढ़ जाएगा, जबकि रेमडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन मई तक दोगुना होकर प्रति माह 74.1 लाख हो जाएगा। उन्होंने रविवार को सिलसिलेवार ट्वीट में यह भी कहा कि कोविड-19 से निपटने और ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए राज्यों को हर सहायता की जा रही है तथा स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। रेमडेसिविर की जरूरत को पूरा करने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए हर्षवर्धन ने ट्वीट किया, ‘‘उत्पादन दोगुना कर मई तक प्रति माह 74.1 लाख किया जा रहा है, उत्पादन बढ़ाने के लिए 20 उत्पादन संयंत्रों को तीव्र गति से अनुमति दी गई है, निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, किसी भी तरह के कदाचार, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।'' ऑक्सीजन आपूर्ति के मुद्दे पर उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘अत्यधिक मामलों वाले राज्यों को आपूर्ति की अनुमानित मांग का आकलन किया गया है, ऑक्सीजन उत्पादन को अधिकतम किया जा रहा है और इसे औद्योगिक उपयोग से हटाकर चिकित्सा उपयोग के क्षेत्र में लाया जा रहा है....। ''गौरतलब है कि देश में कोविड-19 के मामलों में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण चिकित्सा उपयोग में लाई जाने वाली ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि कोविड के मरीजों के लिए अस्थायी अस्पताल स्थापित कर और केंद्र के अस्पतालों में विशेष वार्ड निर्धारित कर बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। हर्षवर्धन ने कहा कि केंद्र ने महाराष्ट्र को 1,121, उत्तर प्रदेश को 1,700, झारखंड को 1,500, गुजरात को 1,600, मध्य प्रदेश को 152 और छत्तीसगढ़ को 230 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सितंबर 2021 तक कोवैक्सीन का उत्पादन 10 गुना बढ़ जाएगा।
- कोटा (राजस्थान)। राजस्थान में तीन व्यक्तियों की धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई है। यह जानकारी पुलिस ने रविवार को दी। मृतकों की पहचान बूंदी जिले के रीन गांव निवासी शियोजीलाल मोग्या (55) और बूंदी जिले के लबन गांव निवासी गोपाल मोग्या (53) और मुकेश मोग्या (30) के रूप में की गई है।डीएसपी और सीओ (इटावा) विजयशंकर शर्मा ने बताया कि 3-4 आरोपियों में से एक टोंक जिले का निवासी आरोपी बालू मोग्या (30) मृतक शियोजीलाल की बेटी के साथ इस साल होली के आसपास भाग गया था। उन्होंने बताया कि चूंकि आरोपी बालू मोग्या की शादी पहले से ही शियोजीलाल की एक रिश्तेदार से हो रखी थी, इसलिए वह नहीं चाहता था कि उसकी बेटी की शादी बालू से हो। उन्होंने बताया कि चूंकि 'नाता प्रथा' (जिसके जरिये माता-पिता या महिला के अभिभावकों को भुगतान करके एक से अधिक पत्नी रखने की परंपरा) मोग्या जनजाति के बीच प्रचलित है, आरोपी बालू लड़की के पिता शियोजीलाल पर इस समझौते के लिए दबाव बढ़ा रहा था, लेकिन वह इसके लिए सहमत नहीं था। उन्होंने कहा कि विवाद को सुलझाने के लिए, आरोपी बालू मोग्या और शियोजीलाल ने अपने सहयोगियों के साथ शनिवार को खतौली क्षेत्र में एक निर्जन क्षेत्र में एक बैठक की। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने दोपहर के समय शराब पीना शुरू किया और शाम को उनमें झगड़ा शुरू हो गया जिसमें शियोजीलाल और उसके सहयोगियों गोपाल और मुकेश पर आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला किया और उन्हें खून से लथपथ वहीं छोड़ दिया। डीएसपी ने बताया कि शनिवार रात 10 बजे के आसपास राहगीरों द्वारा सूचना दिये जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची जहां से तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं।
- नई दिल्ली। केंद्र ने नौ विशिष्ट उद्योगों को छोड़कर औद्योगिक उद्देश्य के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति रविवार को प्रतिबंधित कर दी ताकि कोविड-19 मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके। यह निर्णय 22 अप्रैल से प्रभावी होगा।सभी राज्यों को भेजे पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी और इस कारण मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के मद्देनजर केंद्र सरकार की तरफ से गठित उच्चाधिकार प्राप्त एक समिति ने औद्योगिक इस्तेमाल के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति की समीक्षा की है ताकि देश में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग पूरी की जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके। इसी के मुताबिक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने 22 अप्रैल से निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं द्वारा औद्योगिक उद्देश्य के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति अगले आदेश तक प्रतिबंधित कर दी है। इसमें नौ विशिष्ट उद्योगों को छूट दी गई है। गृह सचिव ने पत्र में कहा है कि सरकार ने उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अनुशंसाओं को स्वीकार कर लिया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे गए पत्र में कहा गया है, ''इसलिए मैं आपसे अपील करता हूं कि अपने राज्य में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करें ताकि समिति के निर्णयों का पालन कराया जा सके।''
- नयी दिल्ली । उत्तर रेलवे ने दिल्ली के शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन पर 50 पृथक-वास कोच तैयार किए हैं जिनमें से प्रत्येक में दो ऑक्सीजन सिलेंडर लगे हुए हैं। इसी तरह के 25 कोच सोमवार तक आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध होंगे। यह बात महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने रविवार को कही। दिल्ली सरकार ने रेलवे से आग्रह किया था कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पांच हजार बिस्तर की व्यवस्था करे। कोरोना वायरस के रोगियों के लिए तैयार किए गए इन कोच को आठ ‘केबिन' में बांटा गया है और हर केबिन में 16 बिस्तर हैं। हर कोच में तीन शौचालय हैं --एक पश्चिमी शैली का और दो भारतीय शैली के। इनमें एक बाथरूम है जिनमें हैंड शॉवर लगा हुआ है, बाल्टी, मग और बैठने की व्यवस्था भी है। इन कोच में मच्छरदानी, बायो टॉयलेट, पावर सॉकेट और ऑक्सीजन सिलेंडर भी मौजूद हैं। साथ ही बोतल रखने के लिए जगह भी है। गंगल ने कहा, ‘‘हमने अपने पूरे नेटवर्क में इस तरह के 463 कोच तैयार रखे हैं। 50 बिस्तर शकूर बस्ती में उपलब्ध हैं और सोमवार तक 25 बिस्तर आनंद विहार में मौजूद होंगे। हमने ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदे हैं और हर कोच में दो ऑक्सीजन सिलेंडर होंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत होगी तो राज्य सरकार को इसकी व्यवस्था करनी होगी। बहरहाल, ये कोच हल्के लक्षण वाले मामलों के लिए हैं, इसलिए हमें बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन की मांग की उम्मीद नहीं है।'' उन्होंने कहा कि कोच को ढंका जाएगा ताकि अंदर का तापमान कम किया जा सके। यह पूछने पर कि क्या रेलवे इन पृथक-वास कोचों के लिए शुल्क वसूलेगा तो गंगल ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक शुल्क लेने का कोई प्रावधान नहीं है।
- नयी दिल्ली । हॉकी इंडिया ने रविवार को पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनुपमा पंचीमांडा के निधन पर शोक व्यक्त किया। अनुपमा ने कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अंपायरिंग की जिसमें सांटियागो में 2005 बीडीओ जूनियर विश्व कप (महिला), नयी दिल्ली में 2013 में हीरो हॉकी विश्व लीग राउंड-2 और कुआलालुम्पुर में 2013 महिला एशिया कप शामिल हैं। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोम्बाम ने अनुपमा के शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘आज सुबह हम बहुत ही बुरी खबर से साथ उठे, बेंगलुरू में अनुपमा पंचीमांडा के निधन की खबर मिली। '' उन्होंने कहा, ‘‘वह भारत की पहली कुछ महिला अंपायरों में से एक थीं जिन्होंने बहुत प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अंपायरिंग की थी। हम, हॉकी इंडिया उनके परिवार के सदस्यों और दोस्तों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
- नयी दिल्ली। सरकार बिना ई-वे बिल के जा रही वाहनों के मामले में जीएसटी अधिकारियों को वास्तविक समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने जा रही है। इससे टोल प्लाजा पर ट्रकों को पकड़ने और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) चोरी रोकने में मदद मिलेगी। इसके साथ कर अधिकारियों को उन ई-वे बिलों की विश्लेषण रिपोर्ट भी उपलब्ध करायी जाएगी जहां वस्तुओं की ढुलाई नहीं हो रही। इससे अधिकारियों को ‘सर्कुलर ट्रेडिंग' (इनपुट टैक्स क्रेडिट के उपयोग के लिये फर्जी बिक्री सौदा दिखाने की धोखाधड़ी) के मामलों को पहचानने में मदद मिलेगी। इससे कर चोरी के लिए ई-वे बिल के पुनर्चक्रण की भी रिपोर्ट मिलेगी जिससे अधिकारियों को कर चोरी करने वालों का पता लगाने में मदद मिलेगी। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत अप्रैल 2018 से 50,000 रुपये से अधिक मूल्य की वस्तुओं को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने के लिए ई-वे बिल अनिवार्य है। हालांकि सोने को इससे छूट दी गयी है। सरकार अब जीएसटी अधिकारियों के लिये आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन) पर वास्तविक समय और विश्लेषण रिपोर्ट पर काम कर रही है। इससे ई-वे बिल प्रणाली का दुरूपयोग कर रहे लोगों पर शिकंजा चढ़ाया जा सकेगा। ई-वे बिल पर एक रिपोर्ट में सरकार ने कहा है कि मार्च 2021 तक की तीन साल की अवधि में 180 करोड़ ई-वे बिल सृजित किये गये हैं। इसमें से केवल 7 करोड़ बिलों का सत्यापन अधिकारियों ने किया है। ‘ ई-वे बिल-तीन साल की यात्रा' शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2020-21 में 61.68 करोड़ ई-वे बिल सृजित हुए। इनमें से 2.27 करोड़ का सत्यापन किया गया। वहीं वित्त वर्ष 2019-20 में 62.88 करोड़ ई-वे बिल का सृजन हुआ। इसमें से कर अधिकारियों ने 3.01 करोड़ को सत्यापन के लिये चुना। जिन पांच राज्यों ने सर्वाधिक ई-वे बिल सृजित किये, वे गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाण, तमिलनाडु और कर्नाटक हैं। जिन पांच क्षेत्रों में पिछले तीन साल में अधिकतम संख्या में ई-वे बिल सृजित किये गये, वे कपड़ा, इलेक्ट्रिक मशीनरी, मशीनरी और यांत्रिक उपकरण, लोहा और इस्पात तथा वाहन हैं। सरकार ने एक जनवरी, 2021 से आरएफआईडी/फास्टटैग को ई-वे बिल प्रणाली से एकीकृत किया है। इसके तहत ट्रांसपोर्टर के लिये अपने वाहन में आरएफआईडी टैग का होना जरूरी है। साथ ही वस्तुओं की ढुलाई के लिये सृजित ई-वे बिल का ब्योरा आरएफआईडी में अपलोड करना आवश्यक है। इससे जब भी संबंधित वाहन आरएफआईडी टैग को पढ़ने वाले उपकरण से युक्त राजमार्गों से गुजरता है, पूरा ब्योरा सरकारी पोर्टल पर अपलोड हो जाता है। बाद में इस सूचना का उपयोग राजस्व अधिकारी जीएसटी पंजीकृत व्यक्ति द्वारा की गयी आपूर्ति के सत्यापन में करते हैं।
- फिरोजाबाद (उप्र)। फिरोजाबाद जिले में बसई मोहम्मदपुर थानाक्षेत्र के छारबाग में रविवार दोपहर एक पांच वर्षीय बालक का शव बंद बोरे में खून से लथपथ मिला जिसकी कथित तौर पर तंत्र-मंत्र के चक्कर में हत्या करने का आरोप परिजनों ने लगाया है। पुलिस के अनुसार मृत बालक की शिनाख्त दो दिन पूर्व लापता हुए एक बालक के रूप में हुई। परिजनों ने हत्या का शक जताया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। बसई मोहम्मदपुर के थाना प्रभारी महेश यादव ने बताया कि थाना क्षेत्र की नई आबादी छारबाग निवासी श्रीकृष्ण निषाद का पांच वर्षीय पुत्र अमित कुमार 16 अप्रैल की दोपहर घर के सामने खेलते हुए अचानक लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। उन्होंने बताया कि आज गांव की एक महिला ने श्रीकृष्ण निषाद के घर के पास ही सीढ़ियों के नीचे एक बंद बोरे को पड़ा देखा जिसमें से बदबू आ रही थी। जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची बोरे को खोल कर देखा तो उसमें एक बालक का शव मिला, जिसकी शिनाख्त लापता अमित कुमार के रूप में हुई। थाना प्रभारी के मुताबिक परिजनों ने एक व्यक्ति पर तंत्र मंत्र की खातिर अपहरण करने के बाद हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है । शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।









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