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- नई दिल्ली। विश्व के सबसे बड़े कोविड टीकाकरण अभियान में भारत महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने के करीब है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया है कि 85 दिन के रिकार्ड समय में करीब 10 करोड़ 16 लाख टीके लगाए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान 35 लाख से ज्यादा टीके लगाये गये। देशभर में आज से 4 दिन का टीका उत्सव अभियान शुरू होने से टीकाकरण की रफ्तार और तेज होगी।स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि कोरोना से ठीक होने वाला प्रतिशत कुछ घटकर 90.44 प्रतिशत हो गया है। चौबीस घंटों में 90 हजार से ज्यादा लोगों को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दी गई है। अभी तक देश में कुल एक करोड़ 20 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमण से उबर चुके हैं।पिछले 24 घंटों में एक लाख 52 हजार 879 नये मरीजों का पता चला है। दस राज्यों - महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, दिल्ली, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्यप्रदेश, गुजरात और केरल में हर दिन संक्रमित लोगों की संख्?या तेजी से बढ़ रही है। 80 प्रतिशत नये संक्रमण इन दस राज्यों में ही हुए हैं। देश में इस समय कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या करीब 11 लाख 8 हजार है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में 839 मरीजों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हुई है।
- हापुड़ (उप्र)। हापुड़ देहात थाना क्षेत्र में गढ़ रोड पर शनिवार को देवनंदनी अस्पताल के निकट बाइक सवार बदमाशों ने एक गुड़ व्यापारी पर हमला कर करीब पांच लाख रुपये लूट लिए।पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोली लगने से घायल हुए पक्का बाग निवासी गुड़ व्यापारी सुनील गर्ग की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजा जा रहा है। व्यापारियों ने इस घटना को लेकर रोष व्यक्त किया और पुलिस से बदमाशों को जल्द पकडऩे तथा व्यापारियों को सुरक्षा देने की मांग की। पुलिस अधीक्षक सर्वेश मिश्र ने बताया कि बदमाशों को पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। file photo
- नयी दिल्ली । देश में कोविड-19 रोधी खुराकों की संख्या 10 करोड़ से अधिक होने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारत ने 85 दिन में 10 करोड़ टीके लगाए हैं और वह दुनिया का सबसे तेज टीकाकरण अभियान चलाने वाला देश बन गया है। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को टीके की 10 करोड़ खुराक देने में 89 दिन लगे जबकि चीन को इस कार्य में 102 दिन लग गए। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर दी जा रही टीके की खुराक के मामले में भारत शीर्ष पर बना हुआ है। देश में रोजाना टीके की औसतन 38,93,288 खुराक दी जा रही हैं। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने 85 दिन में नौ करोड़ 20 लाख से अधिक टीके लगाए जबकि चीन एवं ब्रिटेन ने इसी अवधि में क्रमश: छह करोड़ 10 लाख से अधिक और दो करोड़ 10 लाख से अधिक टीके लगाए। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी भारत में सबसे तेज टीकाकरण को दर्शाने वाला एक चार्ट ट्वीट किया और इसे '' स्वस्थ एवं कोविड मुक्त भारत के लिए मजबूत प्रयास करार दिया।'' मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक किए गए टीकाकरण का 60.62 फीसदी आठ राज्यों में हुआ है जिनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और केरल शामिल हैं। देश भर में 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को जबकि दो फरवरी से एवं अग्रिम मोर्चे के कर्मचारियों को कोविड-19 टीके की खुराक दी गई। इसके बाद एक मार्च से शुरू हुए अगले चरण में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और 45 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के ऐसे लोगों का टीकाकरण किया गया जोकि पहले ही अन्य बीमारियों से ग्रस्त हैं। अब देश में एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को टीके की खुराक दी जा रही है।
- जम्मू । जम्मू-कश्मीर सरकार जम्मू क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोमांचक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) शुरू करने के लिए तैयार है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। जम्मू की सुंदर तलहटी से लेकर किश्तवाड़ के शानदार पहाड़ों और मनोरम स्थलों तथा राजौरी-पुंछ की अल्पाइन झीलों से लेकर भद्रवाह और पटनीटॉप की शांत वादियों तक इस क्षेत्र में कई अद्भुत जगह हैं, जो रोमांच से भरपूर है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू के पर्यटन निदेशक डॉ. नसीम जावेद चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जम्मू-कश्मीर पर्यटन नीति के अनुसार पहले से अधिसूचित क्षेत्रों को विकसित करने के अलावा नए संभावित क्षेत्रों का खाका तैयार करने और पहचान करने सहित अन्य तौर-तरीकों को अंतिम रूप दें। यहां एक सलाहकार बैठक में भारत भर के विभिन्न क्षेत्रों और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने किसी भी साहसिक गतिविधि की शुरुआत से पहले विभिन्न उपायों की शुरुआत करने की बात कही। बैठक में भारतीय स्कीइंग और पर्वतारोहण संस्थान, गुलमर्ग, जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान, पहलगाम, राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा और भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर के विशेषज्ञ शामिल हुए। उन्होंने सुरक्षा उपायों, गुणवत्ता वाले उपकरणों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और स्थानीय युवाओं की भागीदारी और प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि जम्मू पहले से ही एक तीर्थ स्थान के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन इस क्षेत्र के साहसिक पर्यटन स्थलों को अभी भी उजागर नहीं किया गया है।-file photo
- नयी दिल्ली। कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से आंदोलन को वापस लेने की अपील की और कहा कि जब भी वे कोई ठोस प्रस्ताव के साथ आयेंगे तो सरकार चर्चा के लिए तैयार है। केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले लगभग पांच महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। केन्द्र सरकार और आंदोलनकारी किसान यूनियनों के बीच 22 जनवरी को हुई औपचारिक वार्ता के 11वें और अंतिम चरण के बाद भी इस मुद्दे का कोई समाधान नहीं निकल सका था। तोमर ने किसानों के स्वास्थ्य के बारे में चिंता व्यक्त की, क्योंकि भारत में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1.45 लाख से अधिक मामले सामने दर्ज किये गये है। उन्होंने कहा, ‘‘अब महामारी की दूसरी लहर में, पूरा देश और दुनिया कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कर रही है। यहां तक कि विरोध करने वाले किसानों को भी प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। उनका जीवन हमारे लिए महत्वपूर्ण है।'' तोमर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘कोविड-19 की मौजूदा स्थिति में मैं उनसे (आंदोलनकारी किसानों) से अपना विरोध वापस लेने का आग्रह करता हूं। जब भी वे किसी प्रस्ताव के साथ आयेंगे तो सरकार चर्चा के लिए तैयार है।'' मंत्री ने दावा किया कि नए कृषि कानूनों को लेकर देशभर में किसान समुदाय में ‘‘असंतोष'' नहीं है और यहां तक कि कई कृषि निकाय इन कानूनों के पक्ष में है जबकि कुछ उनका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक लोकतांत्रिक देश है, चाहे वह किसान हो या नागरिक, अगर उन्हें कोई संदेह है, तो सरकार का मानना है कि यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह शंकाओं को दूर करे और कोई समाधान निकाले।'' तोमर ने कहा कि तीनों कानूनों को अचानक तैयार नहीं किया गया था, और पूर्व में एक लंबी चर्चा हुई थी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर कोई भी विरोध तब जारी रहता है जब सरकार बातचीत के लिए तैयार नहीं होती है। लेकिन इस सरकार ने आंदोलन कर रहे किसान संघों के प्रतिनिधियों के साथ खुले दिल से 11 दौर की चर्चा की, फिर भी उनका आंदोलन नहीं रुका। मंत्री ने कहा, ‘‘हमने प्रस्ताव दिया कि इन कानूनों और एमएसपी (मुद्दे) पर गौर करने के लिए एक समिति का गठन किया जाए। समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद सरकार चर्चा करेगी। देशभर में इस प्रस्ताव का स्वागत किया गया था, लेकिन आंदोलनकारी किसानों ने किसी कारण का हवाला दिए बिना इसे अस्वीकार कर दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने कृषि यूनियनों को अपने खुद के प्रस्ताव के साथ आने के लिए कहा था और हम उस पर भी चर्चा के लिए तैयार थे।'' उन्होंने कहा कि सरकार आज भी वार्ता के लिए तैयार है। तोमर ने दोहराया कि उन्होंने सभी 11 दौर की बैठकों में किसान यूनियनों से अपील की थी कि वे महामारी के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को विरोध स्थलों से वापस भेजें। मंत्री ने यह भी कहा कि आंदोलनकारी किसानों को समझना चाहिए कि आम नागरिकों को सीमा पर उनके विरोध के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। भारत में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,45,384 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,32,05,926 पर पहुंच गई है।
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- 10 सेकंड से भी कम समय में विस्फोटकों का पता लगाने में सक्षम
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने नैनोस्निफर नामक दुनिया के पहले माइक्रोसेंसर आधारित स्वदेशी एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर (ईटीडी) लांच किया। 10 सेकंड से भी कम समय में विस्फोटकों का पता लगाने में सक्षम इस सस्ते उपकरण से आयातित उपकरणों पर देश की निर्भरता कम होगी। सरकार के मुताबिक इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि नैनोस्निफर की लांचिंग से अन्य संस्थान, स्टार्टअप और मध्यम दर्जे के उद्योग शोध और देश में ही उत्पादों के विकास के लिए प्रोत्साहित होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन की सराहना करते हुए निशंक ने कहा कि यह उपकरण सौ प्रतिशत मेड इन इंडिया है।आईआईटी मुंबई ने किया है विकसितनिशंक ने कहा, आईआईटी मुंबई से जुड़े स्टार्टअप नैनोस्निफ टेक्नोलाजीस ने इसे विकसित किया है और इसकी मार्केटिंग आईआईटी दिल्ली से पूर्व में जुड़े रहे स्टार्टअप क्रिटिकल साल्यूशंस के बाईप्रोडक्ट विहंत टेक्नोलाजीस ने की है। इसकी बुनियादी तकनीक का अमेरिका और यूरोप में पेटेंट कराया गया है। यह उपकरण सभी तरह के विस्फोटकों की पहचान करने के साथ ही उनका वर्गीकरण भी कर सकता है। - गोरखपुर (उप्र) । गोरखपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात कुछ अज्ञात हमलावरों ने 30 वर्षीय एक व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने शनिवार को बताया कि बस्ती जिले के रहने वाले वेदप्रकाश मोबाइल फोन का कारोबार करते थे और चार माह पहले ही उनकी शादी हुई थी। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद परिवार के लोग वेदप्रकाश को बीआरडी मेडिकल कालेज ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि परिवार के सदस्यों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का एक मामला दर्ज किया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले के सिलसिले में चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।-file photo
- किशनगंज/पटना । बिहार के किशनगंज जिला के नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार पर पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के गोवालपोखर थाना क्षेत्र में भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुमार पुलिस बल के साथ मोटरसाइकिल लूट के मामले में पंथापाडा गांव में चिन्हित व्यक्ति के यहां बीती रात पूछताछ करने गये थे। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘पूछताछ के दौरान स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया, जिसमें कुमार की मौत हो गई।'' इसमें कहा गया है कि इस घटना के संबंध में नामजद आरोपियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। घटना में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, विज्ञप्ति में कहा गया है कि दिवंगत पुलिस निरीक्षक कुमार के परिजनों को अनुग्रह अनुदान, सेवान्त लाभ एवं एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने के लिए त्वरित कार्यवाही की जा रही है। कुमार, पूर्णिया जिले के जानकी नगर थाना क्षेत्र के निवासी और 94 बैच के निरीक्षक थे। वह एक वर्ष पूर्व किशनगंज नगर थाना में पदस्थापित हुए थे। किशनगंज जिला से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुमार को किशनगंज पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।-File photo
- पणजी। गोवा में बिचोलिम के पास एक झरने में शनिवार को दो किशोर डूब गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। बिचोलिम के पुलिस निरीक्षक महेश गडेकर ने कहा कि बिहार के रहने वाले गुरुभूषण कुमार (17) और सत्येंद्र कुमार (18) गोवा में मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। दोनों पणजी से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित हरवलम जलप्रपात में तैरने गए थे, जब यह घटना शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। गडेकर ने बताया कि दोनों को स्थानीय लोगों ने पानी में घुसने को लेकर चेतावनी दी थी लेकिन उन्होंने उनकी चेतावनी को नजरअंदाज किया।-File photo
- भोपाल । कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर सहित कई शहरों में लागू लॉकडाउन को 19 अप्रैल तक बढ़ाने का शनिवार को निर्णय लिया। अपर मुख्य सचिव (गृह विभाग) राजेश राजौरा ने यहां पत्रकारों को बताया कि प्रदेश सरकार ने इसके अलावा कुछ अन्य जिलों में लॉकडाउन 22 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। मालूम हो कि प्रदेश के शहरी इलाकों में शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह छह बजे तक लॉकडाउन लागू किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जिला आपदा प्रबंधन समितियों के साथ कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक में इस बारे में निर्णय लिया गया। राजौरा ने बताया कि इंदौर शहर में शुक्रवार शाम से लगाया गया लॉकडाउन अब सोमवार को खत्म नहीं होकर 19 अप्रैल को सुबह छह बजे तक रहेगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा शाजापुर, उज्जैन, बड़वानी, राजगढ़ और विदिशा जिलों में लॉकडाउन बढ़ा कर 19 अप्रैल सुबह छह बजे तक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जबलपुर शहर के अलावा बालाघाट, नरसिंहपुर और सिवनी जिलों में 12 अप्रैल की रात से 22 अप्रैल की सुबह तक लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया है। राजौरा ने कहा कि इस संबंध में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कानूनी आदेश संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा जारी किये जायेंगे।
- इटावा ।उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में नेजा (झंडा) चढ़ाने कालिका देवी मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं से भरे एक ट्रक के शनिवार शाम पलट जाने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों सहित करीब 40 अन्य घायल हो गये। इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि जिले के बढ़पुरा थाना क्षेत्र के उदी चकरनगर मार्ग पर शनिवार शाम चार बजे कसउवा मोड़ के निकट यह दुर्घटना हुई। एसएसपी के मुताबिक पिनाहट वाह आगरा से महिलाओं एवं बच्चों समेत करीब 60 लोग इटावा जिला के कस्बा लखना स्थित कालिका देवी मंदिर नेजा (झंडा) चढ़ाने जा रहे थे, तभी कसउवा मोड़ पर ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और सड़क किनारे 30 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में 10 पुरुषों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों में 13 महिला और 13 बच्चे भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य पूरी तेजी से करने और दुर्घटना में घायल लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु होने पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
- नई दिल्ली। कोविड मरीजों की संख्या में तेज बढ़ोतरी से निपटने के लिए देश भर में रविवार से टीका उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 14 अप्रैल तक लोगों को टीका लगाने का व्यापक कार्यक्रम चलाया जाएगा।इस बीच, देश में कोविड टीकाकरण अभियान में दस करोड़ टीके लगाने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। शुक्रवार को एक दिन में 34 लाख से अधिक टीके लगाये गये। शुक्रवार को एक दिन में रिकार्ड एक लाख 45 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए। इसके साथ ही कुल संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड 32 लाख से अधिक हो गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान 794 रोगियों की इस संकमण से मौत होने से मृतकों की संख्या एक लाख 68 हजार से अधिक हो गई है।उधर, कोविड मरीजों की संख्या लगातार बढ रही है। इस समय दस लाख 46 हजार से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है। कुल कोविड मरीजों में से 72 प्रतिशत से अधिक पांच राज्यों- महाराष्ट्र, छत्तीसगढ, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और केरल में हैं। कुल कोविड मरीजों में से 51 प्रतिशत से अधिक अकेले महाराष्ट्र में हैं। मरीजों की संख्या बढऩे से स्वस्थ होने की दर घटकर 90.79 प्रतिशत रह गई है। शुक्रवार एक दिन में 77 हजार से अधिक लोग संक्रमण से ठीक हुए। अब तक एक करोड़ 19 लाख से अधिक रोगी स्वस्थ हो चुके हैं।
- नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं और उन्हें नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संघ ने शनिवार को बताया कि भागवत (70) में संक्रमण के सामान्य लक्षण हैं। संघ ने ट्वीट किया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उनमें कोविड-19 के सामान्य लक्षण हैं तथा उन्हें सामान्य जांच के लिए और सावधानी के तौर पर नागपुर के किंग्सवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया था कि भागवत को अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने कहा था कि भागवत को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने ट्वीट किया, मैं सरसंघचालक मोहन भागवत के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।
- नोएडा (उप्र)। नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति की उसके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने शराब पीते समय हुए कथित रूप से हुए विवाद में ईंट से हमला करके हत्या कर दी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी अभिनेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि थाना फेस-3 क्षेत्र के सेक्टर 63 में रहने वाले मनवीर (42 वर्ष) पुत्र खजानी राम को उसके पड़ोस में रहने वाले मुकेश उर्फ लंबू नामक व्यक्ति ने बीती रात को ईट से वार करके गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अधिक रक्तस्राव होने की वजह से उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस बाबत मृतक के भाई ने थाना फेज- 3 में मुकेश उर्फ लंबू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी फरार है। उसकी जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी। (फाइल फोटो)
- नयी दिल्ली। सरकार ने मध्य प्रदेश में 726 करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। ये परियोजनाएं राज्य में 291 किलोमीटर राजमार्गों के निर्माण से संबंधित है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। गडकरी ने कहा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मध्य प्रदेश में 291 किलोमीटर की 726 करोड़ रुपये की सड़क विकास परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।'' इन परियोजनाओं में घोषित राष्ट्रीय राजमार्ग (572 किलोमीटर) के अद्यतन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी शामिल है। इसकी लागत 17.72 करोड़ रुपये है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग 86/934 पर सागर-छत्तरपुर में 22.65 करोड़ रुपये की लागत से सड़क मार्ग को मजबूत करने की परियोजना भी शामिल है। गडकरी ने कहा कि सीधी सिंगरौली राजमार्ग के शेष कार्य को भी मंजूरी दी गई है। इसकी लागत 529.44 करोड़ रुपये बैठेगी। मंजूर परियोजनाओं में बमीठा-खजुराहो सड़क भी शामिल है। इस परियोजना की लागत 73.43 करोड़ रुपये है।
- बरेली (उप्र)। पशुओं को खेतों में चराने गये दो बच्चों की यहां नेहरू नगर में तालाब में डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी। बरेली के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राज कुमार अग्रवाल ने बताया कि कस्बा शाही स्थित मोहल्ला ठाकुरद्वारा के रहने वाले सुशील (10), दीक्षा (8) और आरती शुक्रवार दोपहर पशुओं को तालाब से बाहर निकालने के लिए गहरे पानी में उतर गए। उन्होंने बताया कि हालांकि आरती तालाब से बाहर निकलने में कामयाब रही, लेकिन सुशील और दीक्षा डूब गए। उन्होंने बताया कि आसपास मौजूद लोगों ने सुशील और दीक्षा को तालाब से बाहर निकाला, जिसके बाद दोनों बच्चों को अस्पताल ले जा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।-file photo
- नयी दिल्ली। दिल्ली में शनिवार सुबह आसमान साफ रहा और न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 45 प्रतिशत दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की संभावना है और दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। शहर में न्यूनतम और अधिकतम तापमान शुक्रवार को क्रमश: 14.3 डिग्री सेल्सियस और 36 डिग्री सेल्सियस रहा।-file photo
- इटावा (उप्र)। इटावा-मैनपुरी राजमार्ग पर सड़क हादसे में एक व्यक्ति और उसके पुत्र की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गये। घायलों का सैफई के अस्पताल में उपचार चल रहा है। इटावा के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ओमवीर सिंह ने शनिवार को बताया कि इटावा-मैनपुरी मार्ग पर सैफई थाना क्षेत्र के अन्तर्गत दुमीला के निकट शुक्रवार की शाम एक मरीज को सैफई अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस आगे चल रहे ट्रक द्वारा अचानक ब्रेक लगा देने से उससे टकरा गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे में एम्बुलेंस में सवार जीशान (41) निवासी रण गांव थाना भोगांव तथा उसके पुत्र वारिस (14) की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गये। घायलों को सैफई अस्पताल में भर्ती कराया गया एवं शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
- नई दिल्ली। विश्व का तापमान अगर औद्योगिक क्रांति शुरू होने से पहले के स्तर से चार डिग्री अधिक पर पहुंचता है तो अंटार्कटिक में बर्फ की चादर के एक तिहाई हिस्से के टूटकर समुद्र में बहने की आशंका है।जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया है कि अंटार्कटिक में बर्फ की चादर के 34 प्रतिशत हिस्से के ढहने का खतरा है। वैज्ञानिकों ने कहा कि अंटार्कटिक प्रायद्वीप पर बची बर्फ की सबसे बड़ी चादर लार्सन सी बर्फ की उन चार चादरों में से एक है जिसके जलवायु परिवर्तन की चपेट में आने का खतरा है।ब्रिटेन में रीडिंग यूनिवर्सिटी की इला गिलबर्ट ने कहा, बर्फ की चादरें जमीन पर ग्लेशियरों के बहकर समुद्र में गिरने और समुद्र स्तर बढ़ाने से रोकने के लिए महत्वपूर्ण अवरोधक है। गिलबर्ट ने कहा, जब ये ढहती हैं तो ऐसा लगता है जैसे किसी बोतल से बड़ा ढक्कन हटाया गया हो। ऐसा होने पर ग्लेशियरों का काफी पानी समुद्र में बह जाता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि अगर तापमान चार डिग्री के बजाय दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ता है तो इस क्षेत्र पर खतरा आधा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब बर्फ पिघलकर इन चादरों की सतह पर एकत्रित होती है उससे इन चादरों में दरार आ जाती है और फिर ये टूट जाती हैं।
- नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते संकट के बीच टीके की कमी होना बहुत गंभीर समस्या है और केंद्र सरकार को पक्षपात किए बिना सभी राज्यों की मदद करनी चाहिए।उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में कोविड-रोधी टीके की कमी होने की खबरें आई हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, बढ़ते कोरोना संकट में टीके की कमी एक अतिगंभीर समस्या है, उत्सव नहीं है। अपने देशवासियों को ख़तरे में डाल कर वैक्सीन का निर्यात करना क्या सही है? कांग्रेस नेता ने कहा, केंद्र सरकार सभी राज्यों की, बिना पक्षपात के मदद करे। हम सबको मिल कर इस महामारी को हराना होगा।उल्लेखनीय है कि एक दिन में कोविड-19 के 1 लाख 31 हजार 968 नए मामले सामने आने के बाद शुक्रवार को देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1 करोड़ 30 लाख 60 हजार 542 हो गई। वहीं, 780 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1 लाख 67 हजार 642 हो गई है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए रात्रि कर्फ्यू को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य एवं कारगर प्रयोग करार दिया और इसे ''कोरोना कर्फ्यू '' के नाम से प्रचलित करने का आह्वान किया।ज्ञात हो कि राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों ने कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए रात्रि कर्फ्यू लागू किया है। देश में तेजी से कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुख्यमंत्रियों के साथ वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रात्रि कर्फ्यू की प्रासंगिकता पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि इससे जागरूकता फैलाने में मदद मिलती है और यह लोगों को सावधानी बरतने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा, ''जहां पर रात्रि कर्फ्यू का प्रयोग हो रहा है, मेरा आग्रह है कि उसकी जगह हम कोरोना कर्फ्यू शब्द को प्रयोग करें ताकि कोरोना के प्रति एक सजगता बनी रहे।'' उन्होंने कहा, ''कुछ लोग ये बौद्धिक चर्चा करते हैं कि क्या कोरोना रात को ही आता है? हकीकत में दुनिया ने भी रात्रि कर्फ्यू के प्रयोग को स्वीकार किया है। कर्फ्यू का समय होता है तो हर व्यक्ति को याद रहता है कि वह कोरोना काल में जी रहा है। रात में नौ-10 बजे कोरोना कर्फ्यू लगाएं और सुबह पांच-छह बजे हटा दें ताकि बाकी व्यवस्थाओं पर ज्यादा प्रभाव ना हो।'' उल्लेखनीय है कि देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन की ओर से मुंबई, नोएडा, दिल्ली लखनऊ और कुछ शहरों में रात्रि कर्फ्यू लागू किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''रात्रि कर्फ्यू को हमें कोरोना कफ्र्यू के नाम से प्रचलित करना है। इससे लोगों को जागरूक करने में मदद मिलेगी।
- नयी दिल्ली । ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (ओयूपी) की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान पढ़ाई को डिजिटल बनाने में बेहतर कार्य किया । इसने हालांकि यह भी कहा कि डिजिटल शिक्षण उपकरणों तक असमान पहुंच और इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी जैसी चीजें भी बड़े मुद्दों के रूप में रहीं। रिपोर्ट ‘एजुकेशन: द जर्नी टूवार्ड्स ए डिजिटल रिवोल्यूशन' में कहा गया है कि महामारी ने अध्यापन और अध्ययन की डिजिटल तथा पारंपरिक विधियों को जोड़कर शिक्षा में ‘हाइब्रिड' मॉडल का मार्ग प्रशस्त किया है, लेकिन सरकारों को काम करने की जरूरत है, ताकि पिछले साल से मिली प्रगति व्यर्थ न हो पाए। इसमें भारत, ब्रिटेन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, स्पेन और तुर्की के विशेषज्ञों तथा साथ ही विश्वभर से सैकड़ों शिक्षकों की अंतदृर्ष्टि और गहन द्वितीयक अनुसंधान को शामिल किया गया है। महामारी से पिछले 12 महीने से अधिक समय में विश्व में 1.7 अरब से अधिक विद्यार्थियों के प्रभावित होने के बीच रिपोर्ट में यह विश्लेषण किया गया कि शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने शिक्षा प्रदान करने के नए तरीकों को किस तरह अपनाया। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत में अन्य देशों की तुलना में लोगों को लगता है कि ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंचने का काम अपेक्षाकृत ठीक रहा और इसे 3.3/5 नंबर मिले। हालांकि, लोगों ने बड़े मुद्दों के रूप में डिजिटल शिक्षण उपकरणों तक असमान पहुंच और इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी तथा ऑनलाइन शिक्षा से संबंधित उपकरणों के बारे में जानकारी की कमी को चिह्नित किया।'
- नयी दिल्ली । केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोरखरियाल निशंक ने बृहस्पतिवार को राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्श्यों एवं लक्ष्यों को हासिल करने में सहयोग के लिये 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिये छात्रों एवं शिक्षकों का समग्र विकास' (सार्थक) योजना की शुरूआत की । केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 'सार्थक' योजना की रूपरेखा तैयार की है । इसे देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के तहत जारी किया गया है । इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने सभी पक्षकारों से ‘सार्थक' का उपयोग स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनकारी सुधार के अनुपालन की दिशा में मार्गदर्शक के रूप में करने की अपील की । उन्होंने कहा कि सार्थक योजना संवादात्मक, लचीली और समावेशी है ।शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार की है । राज्यों को अपनी स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे अपनाने और परिवर्तन करने की छूट दी गई है । ‘सार्थक' योजना को राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, स्वायत्त निकायों से व्यापक विचार विमर्श और सभी पक्षकारों के सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है । इस संबंध में करीब 7177 सुझाव प्राप्त हुए थे । निशंक ने कहा कि ‘सार्थक' योजना के तहत कार्यो एवं गतिविधियों को इस तरह से परिभाषित किया गया है ताकि लक्ष्य, परिणाम और समयसीमा का उल्लेख हो । इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों को 297 कार्यों के साथ जोड़ा गया और जिम्मेदार एजेंसियां एवं समयसीमा भी तय की गई है । इन कार्यो के लिये 304 परिणाम निर्धारित किये गए हैं ।
- जयपुर । राजस्थान के अजमेर जिले में बृहस्पतिवार को 25 साल के एक युवक ने अपनी मां और छोटे भाई की कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपने पिता और दो भाइयों समेत चार लोगों को हथौड़े से हमला कर घायल कर दिया। पुलिस के अुनसार घटना भिनाय कस्बे की है जहां, आरोपी अमरचंद जांगिड़ ने बृहस्पतिवार तड़के अपनी मां कमला देवी (60) और छोटे भाई शिवराज (22) पर हथौड़े से उस समय प्रहार किया जब वह सो रहे थे। जब उसके पिता, दो भाई और एक पड़ोसी बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपी ने उन्हें भी घायल कर दिया। पुलिस ने कहा, "आरोपी की मां व भाई की मौके पर ही मौत हो गई।" आरोपी को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। आरोपी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। केकड़ी के वृत्ताधिकारी खींव सिंह ने कहा, "हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं।" पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गए।
- नयी दिल्ली। भारत में प्रतिदिन कोविड-19 रोधी टीके की औसतन 34,30,502 खुराकें दी जा रही हैं, जिसके साथ ही देश रोजाना लगाए जाने वाले टीकों की संख्या के मामले में दुनियाभर में पहले स्थान पर पहुंच गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सुबह सात बजे तक की अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार अब तक 13,77,304 सत्रों में कुल 9,01,98,673 टीके लगाए जा चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार इनमें से 89,68,151 स्वास्थ्य कर्मियों और 97,67,538 अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को पहली खुराक जबकि 54,18,084 स्वास्थ्यकर्मियों और 44,11,609 अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को दूसरी खुराक दी गई है। इसे अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु के 3,63,32,851 लाभार्थियों को पहली जबकि 11,39,291 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 45 से 60 वर्ष की आयु के 2,36,94,487 लाभार्थियों को पहली जबकि 4,66,662 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई। मंत्रालय ने कहा, ''एक दिन में कोविड-19 रोधी टीके लगाए जाने के मामले में भारत दुनियाभर में पहले स्थान पर है। देश में रोजाना औसतन 34,30,502 खुराकें दी जा रही हैं। '' अब तक देश में टीके की जितनी खुराकें दी गई हैं उनमें से 60 प्रतिशत महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और केरल में दी गई हैं। मंत्रालय ने बताया कि 24 घंटे के दौरान लगभग 30 लाख खुराकें दी गई हैं।






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