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दशहरा पर्व में रावण पुतला दहन के लिए जिला प्रशासन द्वारागाइड लाइन जारी
-पुतला दहन कार्यक्रम में मुख्य पदाधिकारी सहित स्थल की क्षमता के 50 प्रतिशत तक ही व्यक्ति हो सकेंगे शामिल 
-ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग वर्जित 
-सांस्कृतिक कार्यक्रम, भंडारा नहीं किए जा सकेंगे
बिलासपुर।  कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा दशहरा पर्व में रावण पुतला दहन करने वाले आयोजकों की बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार रावण पुतला दहन के संबंध में दिशा निर्देश जारी किया गया है। 
 जारी आदेशानुसार पुतला दहन खुले स्थान पर किया जाए। कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित स्थल की क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होंगे। पुतला दहन के दौरान आयोजक एक रजिस्टर संधारित करेंगे एवं पुतला दहन कार्यक्रम में आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज किया जाएगा ताकि उनमें से कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। प्रत्येक समिति आयोजक समय पूर्व सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से यह जानकारी देंगे की कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम सीमित रूप से किया जाएगा। पुतला दहन में कही भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, भंडारा, पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं सैनेटाईजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। रावण दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में आवश्यकतानुसार बैरिकेटिंग कराया जाए। किसी भी प्रकार की ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे, धुमाल, बैंड पार्टी बजाये जाने की अनुमति नहीं होगी। रावण पुतला दहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। 
 समिति द्वारा सैनेटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आॅक्सीमीटर एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाए जाने पर अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी आयोजक की होगी। आयेाजन के दौरान अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था करना अनिवार्य है। आयोजन के दौरान यातायात नियमों का पालन किया जाए। किसी प्रकार से यातायात बाधित न हो, यह भी सुनिश्चित करना होगा। पार्किंग की व्यवस्था स्वयं के द्वारा की जाएगी। आयोजन के दौरान नेशनल ग्रीन्स ट्रिब्यूनल एवं शासन के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित मानकों, कोलाहल अधिनियम, भारत सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर समिति आयोजक जिम्मेदार होंगे। कंटेनमेंट जोन में पुतला दहन की अनुमति नही होगी। यदि पुतला दहन कार्यक्रम के अनुमति के पश्चात् उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित होता है तो तत्काल कार्यक्रम निरस्त माना जाएगा एवं कंटेनमेंट जोन के समस्त निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। आयेाजन के पूर्व स्थानीय थाना प्रभारी संबंधित जोन कार्यालयों को सूचित करना अनिवार्य होगा। आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र शस्त्र का प्रदर्शन न किया जाए।

 आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अवयव्स्था न हो। पर्याप्त वालेंटियर रखा जाए एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। यह आदेश राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों के अधीन होगा। उपरोक्त शर्ताें का उल्लंघन करने की दशा में इसकी समस्त जवाबदारी आयोजक की होगी तथा नियमानुसार दशात्मक कार्यवाही की जाएगी। सभी शर्ताें के अतिरिक्त भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं प्रशासन तथा जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा समय समय पर जारी निर्देश एवं आदेशों का पालन करना अनिवार्य होगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा आदेश में निहित शर्ताें का उल्लंघन करने पर एपिडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी। file photo

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